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सरकार दे रही है बिना गारंटी के बिजनेस लोन! जानें क्या आप भी PM विश्वकर्मा योजना के लिए पात्र हैं? देखें पूरी लिस्ट
3 Jan, 2026 04:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Vishwakarma Yojana: देश में कई सरकारी योजनाएं चल रही हैं, जिनका लाभ बड़ी संख्या में लोग उठा रहे हैं. इसी दिशा में केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना’ की शुरुआत की है. इस योजना की शुरुआत सितंबर 2023 में की गई थी और इसका संचालन केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है. आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए कौन लोग पात्र हैं.
पीएम विश्वकर्मा योजना में क्या लाभ मिलते हैं?
पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़ने के बाद लाभार्थियों को सबसे पहले कुछ दिनों की ट्रेनिंग दी जाती है. इस ट्रेनिंग में उनके काम से जुड़ी नई और उन्नत तकनीकें सिखाई जाती हैं, ताकि वे अपना काम और अच्छे तरीके से कर सकें. ट्रेनिंग के दौरान जितने दिन प्रशिक्षण चलता है, हर दिन के लिए लाभार्थी को 500 रुपये की आर्थिक सहायता (स्टाइपेंड) दी जाती है. इसके साथ ही अपने काम के लिए जरूरी औजार खरीदने के लिए सरकार की ओर से 15,000 रुपये की टूलकिट सहायता भी दी जाती है.
कितने महीने में चुकाना होता है लोन?
अगर आप इस योजना से जुड़ते हैं तो आपको कम ब्याज दर पर लोन लेने की सुविधा भी मिलती है. यह लोन आपको अपने काम को शुरू करने या आगे बढ़ाने के लिए दिया जाता है. योजना के तहत सबसे पहले आपको 1 लाख रुपये का लोन मिलता है, जिसे 18 महीनों में चुकाना होता है. जब आप यह लोन समय पर वापस कर देते हैं, तो उसके बाद आप 2 लाख रुपये का अतिरिक्त लोन भी ले सकते हैं, जिसे 30 महीनों की अवधि में चुकाना होता है.
विश्वकर्मा योजना के लिए कौन हैं पात्र
बता दें कि पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ केवल उन कारीगरों को मिलेगा जो सरकार द्वारा तय किए गए 18 चुनिंदा पुश्तैनी धंधों से जुड़े हैं और जिनकी उम्र कम से कम 18 वर्ष हो चुकी है.
नाई यानी बाल काटने वाले
जो अस्त्रकार हैं
जो लोग लोहार का काम करते हैं
जो लोग राजमिस्त्री हैं
टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले
गुड़िया और खिलौना निर्माता
पत्थर तराशने वाले
जो लोग मूर्तिकार हैं
धोबी और दर्जी
जो नाव निर्माता हैं
मोची/जूता बनाने वाले कारीगर
पत्थर तोड़ने वाले
अगर आप मालाकार हैं
फिशिंग नेट निर्माता
हथौड़ा और टूलकिट निर्माता
जो ताला बनाने वाले हैं
TMC कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर भीड़ का हमला, 6 जवान घायल
3 Jan, 2026 04:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) के उत्तर 24 परगना जिले (Parganas District) के संदेशखाली इलाके (Sandeshkhali Area) में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने के बाद भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। इस हमले में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
जानकारी के मुताबिक नजात पुलिस थाने की टीम शुक्रवार रात संदेशखाली ब्लॉक के बोयरमारी गांव में टीएमसी कार्यकर्ता मूसा मोल्लाह को गिरफ्तार करने गई थी। अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों पर गांव के एक समूह ने हमला किया और पुलिस की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया।
घायल छह पुलिसकर्मियों, जिनमें एक अधिकारी भी शामिल है, उनको स्थानीय अस्पताल में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। बताया जा रहा है कि जब पुलिस टीम मोल्लाह को उसके घर से उठाकर पुलिस की गाड़ी में ले जा रहे थे, तो गांव वालों के एक समूह ने टीम पर पत्थर फेंके, जिससे वे घायल हो गए।
एक अधिकारी ने बताया कि मोल्लाह को इलाके में मछली पालन के लिए जबरन तालाबों पर कब्जा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अतिरिक्त पुलिस बल भेजे जाने और भीड़ को खदेड़ने के बाद आखिरकार उसे पुलिस स्टेशन ले जाया जा सका। अधिकारी ने बताया कि उसके अलावा, भीड़ को उकसाने के आरोप में ग्राम पंचायत प्रधान सहित दो स्थानीय टीएमसी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है।
अखिलेश की 'बाटी-चोखा' पार्टी या 2027 की बड़ी घेराबंदी? जानें इस भोज के पीछे का वो सियासी संदेश, जिसने बीजेपी की बढ़ाई टेंशन
3 Jan, 2026 03:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को अब पूरे 2 साल भी नहीं बचे हैं. लेकिन इससे पहले ही यूपी की सियासत ने रफ्तार पकड़ ली है. हाल ही में यूपी के सभी ब्राह्मण विधायक एकजुट हुए तो सियासी पारा हाई हो गया. इसके जवाब में समाजवादी पार्टी ने भी नई चाल चली है. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ब्राह्मण विधायक की बैठक के बाद भाजपा ने एक्शन लेने की बात कही है. सपा का मानना है कि यही सही समय है ब्राह्मणों को मनाने का, इसलिए उसने भी चोखा-बाटी पार्टी रखी और ब्राह्मणों की काफी तारीफ की. हालांकि इस पार्टी में सिर्फ समाजवादी पार्टी के ही नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. फिलहाल, यूपी के सूबे का मुखिया कौन होगा. यह तय करने में अभी बहुत दिन बचे हैं लेकिन लगातार हो रही पार्टियां हलचल जरूर पैदा कर दी हैं.
अखिलेश यादव की चोखा-बाटी पार्टी लखनऊ स्थिति सपा कार्यालय में रखी गई थी. इस दौरान अखिलेश यादव के साथ उनके चाचा शिवपाल यादव भी मौजूद रहे. शिवपाल यादव ने तो साफ कहा कि अगर ब्राह्मण समाज के लोग हमारी पार्टी में आते हैं तो हम उनका सम्मान करेंगे. यानी सपा की चाल यहां साफ नजर आती है कि पार्टी भले चोखा-वाटी की रही हो लेकिन निशाना सिर्फ ब्राह्मण और भाजपा पर ही था. सपा का मानना है कि योगी से ब्राह्मण नेता नाराज हैं, ऐसे में उनका झुकाव सपा की तरफ हो सकता है, इसलिए वे पूरी ताकत के साथ ब्राह्मण वोटरों को साधने में लगे हुए हैं. हालांकि इसका कितना असर पड़ेगा, यह तो चुनाव परिणाम ही तय करेगा.
यूपी में क्या है जाति वर आंकड़ा?
यूपी की राजनीति में हमेशा जाति आधारित वोट निर्णायक भूमिका में रहे हैं. हालांकि जाति वर जनगणना नहीं हुई है लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव के अगर आंकड़ों को देखा जाए तो सवर्ण वोटर यानी कि ब्राह्मण और ठाकुर की सबसे चहेती पार्टी भाजपा रही है. आंकड़ों के अनुसार लगभग 89 प्रतिशत ब्राह्मण वोटर और 87 प्रतिशत ठाकुर वोटर भाजपा के साथ रहे. जबकि सपा के खाते में यादव करीब 83 प्रतिशत और मुस्लिम 79 प्रतिशत वोटिंग किए. भाजपा में सबसे ज्यादा ब्राह्मण नेताओं का प्रतिनिधित्व है.
यूपी भाजपा में कितने ब्राह्मण कर रहे प्रतिनिधित्व?
यूपी में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या लगभग 10 प्रतिशत है लेकिन उनका प्रतिनिधित्व सबसे अधिक है. सत्ता और संगठन में भाजपा के 46 विधायक, 7 मंत्री, एक डिप्टी सीएम, दो उपाध्यक्ष और 19 जिलाध्यक्ष हैं. जबकि आबादी के हिसाब से देखा जाए तो 40-42 प्रतिशत के करीब ओबीसी वोटर और 20-21 प्रतिशत दलित वोटर हैं. इसके बावजूद भी राजनीति में सबसे ज्यादा भागेदारी ब्राह्मणों की ही है. अब तक यूपी को 6 सीएम मिल चुके हैं.
CBSE Board 2026: फिजिक्स के पेपर में बड़ा उलटफेर! बोर्ड ने रातों-रात बदला 12वीं का पैटर्न, जानें अब कैसे पूछे जाएंगे सवाल
3 Jan, 2026 03:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CBSE 12th Physics Exam 2026: बोर्ड ने साफ किया है कि एग्जाम से पहले सही रणनीति और पैटर्न की समझ छात्रों को बेहतर स्कोर करने में मदद करेगी. नए बदलावों के मुताबिक, रटने के बजाय कॉन्सेप्ट और केस स्टडी पर ज्यादा जोर दिया गया है. 2026 की परीक्षा में फिजिक्स के पेपर में कुल 33 प्रश्न होंगे और सभी अनिवार्य हैं. बोर्ड ने प्रश्न पत्र को 5 अलग-अलग सेक्शन (A से E) में बांटा है.
कैसा होगा क्वेश्चन पेपर का पैटर्न?
2026 की परीक्षा में फिजिक्स के पेपर को 5 अलग-अलग सेक्शन (A से E) में विभाजित किया गया है. सेक्शन A में 16 प्रश्न होंगे जिनमें 12 MCQ और 4 एसेरशन-रीजनिंग शामिल हैं और प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा, जबकि सेक्शन B में 2 अंकों के 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे. सेक्शन C में 3 अंकों वाले 7 लघु उत्तरीय प्रश्न दिए गए हैं और सेक्शन D विशेष रूप से केस स्टडी पर केंद्रित होगा जिसमें 4 अंकों वाले 2 प्रश्न शामिल होंगे.
प्रश्न पत्र का समापन सेक्शन E के साथ होगा जिसमें सबसे बड़े यानी 5 अंकों के 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न होंगे और बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन सभी सेक्शनों में ऑप्शन भी दिए जाएंगे ताकि छात्र अपनी पसंद के अनुसार उत्तर लिख सकें. सीबीएसई ने नए पेपर के सैंपल पेपर के साथ-साथ मार्किंग स्कीम भी जारी की है. यह छात्रों को बदलावों को समझने में मदद करेगी.
सैंपल पेपर और मार्किंग स्कीम कैसे डाउनलोड करें?
सबसे पहले cbseacademic.nic.in पर जाएं।
होम पेज पर दिख रहे ‘Sample Question Paper’ लिंक पर क्लिक करें।
नए पेज पर ‘Class XII’ का चुनाव करें।
विषयों की सूची में ‘Physics’ को खोजें।
यहां आपको SQP और मार्किंग स्कीम के दो लिंक दिखेंगे, जहां से आप पीडीएफ सेव कर सकते हैं.
नितिन गडकरी का बड़ा खुलासा: 'सड़क के बीच में आ रहा था ससुर का घर, मैंने बिना सोचे चलवा दिया बुलडोजर
3 Jan, 2026 01:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Nitin Gadkari: भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में यूट्यूबर फराह खान को इंटरव्यू दिया है. इस दौरान उनकी पत्नी कंचन भी साथ रहीं. दोनों ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहानी बताई. गडकरी ने यह भी बताया कि अपने पावर का कहां इस्तेमाल किया. इंटरव्यू काफी मजेदार रहा. यहां जानिए क्या-कुछ कहा?
बता दें, फराह खान जहां भी जाती हैं वो अपने कुक दिलीप को जरूर ले जाती हैं. इस इंटरव्यू के दौरान भी वे दिलीप के साथ ही पहुंची थीं. फराह के सवालों का जवाब देने के लिए नितिन गडकरी के साथ उनकी पत्नी कंचन भी साथ रहीं. इस दौरान फराह के कुक दिलीप ने नितिन गडकरी से अपने गांव में छोटी सी सड़क बनाने को कहा. इससे पहले वह कई बार फराह से भी आग्रह कर चुका है. फराह उसकी बातों को सुनकर थोड़ी नाराजगी के साथ बोलीं कि मंत्री जी दिलीप के घर के बीच से सड़क बना दें.
सड़क बढ़ाने के लिए ससुर का गिराया था घर
फराह की यह बात सुनकर गडकरी की पत्नी कंचन ने उन्हें टोका और कहा कि फिर तो उसके पास कोई घर ही नहीं बचेगा. इस दौरान कंचन ने पुराना किस्सा सुनाया और कहा कि ठीक उसी प्रकार जैसे मेरे पिता का घर गया. यह सुनकर फराह चौंक गईं. तब नितिन गडकरी बोले कि मैने इसके पिता का घर तोड़ा था, क्योंकि मुझे वहां पर सड़क बढ़ानी थी. यह सुनकर जब फराह ने पूछा कि नया घर बनाया कि नहीं तो उन्होंने कहा कि नया घर नहीं दिया.
शादी की सालगिरह भूल गए गडकरी
इसके बाद फराह ने नितिन गडकरी से पर्सनल सवाल पूछे. उन्होंने पहला सवाल किया कि आपकी शादी को कितने साल हो गए. यह सुनकर गडकरी मुस्कुराए और थोडे़ से कन्फ्यूज्ड दिखे और फिर बोले कि आपको ये उत्तर कंचन बता देगी. यह सुनकर फराह ने तंज कसते हुए कहा कि बिल्कुल मर्दों जैसा, शादी की सालगिरह भूल गए. फिर कंचन ने बताया कि शादी को 41 साल हो गए.
सुनाई कोलकाता की कहानी
अंत में उन्होंने एक मजेदार कहानी सुनाई. उन्होंने बताया कि हाल ही में कोलकाता के एक रेस्टोरेंट में खाना खाने गया, जहां मुझे रेस्टोरेंट का चाइनीज फूड बहुत पसंद आया. इसके बाद हमने रेस्टोरेंट में कहा कि हमारे पर्सनल शेफ को भी ट्रेन करो ताकि यह स्वाद हमें घर पर ही मिल सके. यह सुनकर उन्होंने मना कर दिया. बोले कि यह हमारी पॉलिसी के खिलाफ है. फिर हमने पूछ का कि क्या आपको पता है कि यह रेस्टोरेंट किसका है? मेरा है क्योंकि यह कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की जमीन पर है और मैं शिपिंग मिनिस्टर हूं. अगर मेरे शेफ को नहीं सिखाया तो लीज कैंसिल कर दूंगा. यह सुनकर फराह हंस पड़ीं और बोलीं कि आपने पावर का सही जगह इस्तेमाल किया.
मुंबई में वोटिंग से पहले ही बड़ा 'खेला'! चुनाव से पहले ही महायुति के 68 उम्मीदवार जीते; उद्धव गुट का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला
3 Jan, 2026 12:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
BMC Election: महाराष्ट्र की राजनीति में नगर निकाय चुनाव से पहले दो घोर विरोधी दल और ठाकरे परिवार एक साथ आ गए कि इस बार महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में अपना दबदबा बनाएंगे. लेकिन उनको इस चुनाव से पहले ही जोर का झटका लगा है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव से पहले ही भाजपा नेतृव्य वाली महायुति ने 68 नगर निकाय सीटों पर जीत दर्ज कर ली है. यानी महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं. महायुति के निर्विरोध जीतने पर उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने चुनाव आयोग पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया है. फिलहाल, बची हुई सीटों पर 15 जनवरी को चुनाव कराए जाएंगे.
बता दें, जिन 68 सीटों पर महायुति के उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की है, जिसमें एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 22 सीटें, बीजेपी को 44 सीटें और अजित पवार की एनसीपी को 2 सीटें मिली हैं. वहीं इसमें सबसे ज्यादा निर्विरोध जीतने वालों की संख्या ठाणे जिले की कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में है. जीत को लेकर केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि यह जनता का भरोसा और भाजपा के कामकाज का परिणाम है. उन्होंने तो यह भी दावा कि पुणे का अगला मेयर बीजेपी का ही होगा.
चुनाव आयोग पर उठे सवाल
जहां एक ओर भाजपा नेताओं ने सरकार के अच्छे कामों को गिनाते हुए जनता की जीत बताई तो वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने चुनाव आयोग और महायुति पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिवसेना ने कहा कि महायुति विपक्षी उम्मीदवारों को ईडी-सीबीआई की धमकी और सौदेबाजी करके नाम वापस लेने पर मजबूर किया. सासंद प्रियंका चतुर्वेदी ने तो चुनाव आयोग पर ही सवाल खडे़ कर दिए.
15 जनवरी को होंगे चुनाव
प्रियंका चतुर्वेदी ने निर्विरोध प्रत्याशियों की जीत के बाद मुंबई में प्रेसवार्ता किया. जिसमें कहा कि लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है. विपक्षी उम्मीदवारों को सीबाआई और ईडी का डर दिखाकर और रिश्वत देकर उनको खरीदने की कोशिश की जाती है. लेकिन इसमें सबसे बड़ी शर्म की बात यह है कि चुनाव आयोग भी इस पर चुप्पी साधे हुए है. महाराष्ट्र की 29 नगर निगम सीटों का विजेता कौन होगा. यह तो परिणाम आने के बाद ही तय होगा लेकिन अब तक महायुति ने बढ़त बना ली है.
प्रयागराज में ही क्यों लगता है माघ मेला? हरिद्वार-उज्जैन और नासिक में भी तो गिरी थीं अमृत की बूंदें
3 Jan, 2026 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज: माघ मेले (Magh Fair) को आस्था, साधना और पुण्य का विशेष अवसर माना जाता है. साल २०२६(Year 2026) में 3 जनवरी से लेकर 15 फरवरी तक प्रयागराज (Prayagraj) में माघ मेला लगेगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार, माघ मेले के दौरान गंगा स्नान करने से पूर्ण के पूर्ण जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है और सेहत अच्छी रहती है. लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि माघ मेला प्रयागराज में ही क्यों लगता है? यदि नहीं, तो चलिए जानते हैं इसके पीछे के रहस्य के बारे में.
प्रयागराज से जुड़ा रहस्य
मत्स्य पुराण और पद्म पुराण के मुताबिक, सृष्टि के निर्माण के समय ब्रह्मा जी ने प्रयागराज में ‘अश्वमेध यज्ञ’ करवाया था, जो कि धरती पर होने वाला सबसे पहला यज्ञ था. अश्वमेध यज्ञ के कारण ही इस स्थान का नाम प्रयागराज रखा गया. जब हम प्रयागराज का संधि विच्छेद करेंगे तो प्रथम + यज्ञ (प्र- प्रथम, याग- यज्ञ) आएगा.
माघ मेला प्रयागराज में ही क्यों लगता है?
पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन से जब अमृत का कलश निकला था, तो उसे लेने के लिए देवताओं और असुरों के बीच लड़ाई हो रही थी. इसी दौरान अमृत की 4 बूंदें धरती पर गिर गई. ये बूंदें हरिद्वार, उज्जैन, नासिक और प्रयागराज में गिरी थीं. माना जाता है कि माघ के महीने में प्रयागराज के संगम का जल अमृत के समान (Same) हो जाता है, जिसमें स्नान करने से व्यक्ति को विशेष लाभ होता है. इसी वजह से हर बार प्रयागराज में ही माघ मेले का आयोजन किया जाता है.
माघ मेला 2026 के प्रमुख स्नान
पौष पूर्णिमा- 3 जनवरी 2026 (शनिवार)
मकर संक्रांति- 14 जनवरी 2026 (बुधवार)
मौनी अमावस्या- 18 जनवरी 2026 (रविवार)
बसंत पंचमी- 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार)
माघी पूर्णिमा- 01 फरवरी 2026 (रविवार)
महाशिवरात्रि- 15 फरवरी 2026 (रविवार)
कल्पवास का महत्व
प्रयागराज के संगम तट पर माघ मेले के दौरान एक विशेष साधना की जाती है, जिसे कल्पवास कहते हैं. इसमें श्रद्धालु व धर्म गुरु एक निश्चित अवधि तक संगम के समीप रहकर संयमित जीवन जीते हैं.
बिहार के इस जलाशय में रूस-चीन-अमेरिका से पहुंचे प्रवासी पक्षी, अंतरराष्ट्रीय परिंदों का बना सुरक्षित आशियाना
3 Jan, 2026 09:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना : बिहार की राजधानी पटना का शांत और सुंदर राजधानी जलाशय इन दिनों प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार है. यह जलाशय इस समय दुनिया भर के प्रवासी पक्षियों का एक प्रमुख पड़ाव बना हुआ है.
रूस, चीन, अमेरिका और यूरोप के विभिन्न देशों से उड़ान भरकर हजारों मील का सफर तय करने वाले ये खूबसूरत परिंदे यहां अपना अस्थायी ठिकाना बना रहे हैं. जिससे यह जलाशय एक जैवविविधता का एक सुंदर हॉटस्पॉट में तब्दील हो गया है. यह नजारा न केवल प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है बल्कि भ्रमण पर आने वाले स्कूली छात्रों को भी रोमांचित कर रहा है.
सचिवालय परिसर के पास : राजधानी जलाशय पटना में मुख्य सचिवालय परिसर के समीप स्थित है. इसका शांत वातावरण, पर्याप्त जल और आसपास का हरा-भरा क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के लिए आदर्श विश्राम स्थल के रूप में है. यहां मौजूद कीट, छोटी मछलियां और जलीय पौधे इन पक्षियों के लिए प्रचुर मात्रा में भोजन का स्रोत उपलब्ध कराते हैं.
ठंड के मौसम में जब उत्तरी गोलार्ध के देश बर्फ से ढक जाते हैं और भोजन की कमी हो जाती है, तब ये पक्षी गर्म और अनुकूल जलवायु की तलाश में भारत जैसे देशों की ओर रुख करते हैं. यात्रा में बिहार आते हैं तो बिहार में पटना में कई सारे वाटर बॉडीज हैं, यहां तक कि गंगा नदी का एक बड़ा तट है. लेकिन यह पक्षी शहर के बीचों-बीच स्थित राजधानी जलाशय में ही आश्रय लेते हैं.
ठंडे प्रदेशों से आते हैं प्रवासी पक्षी : पटना जिला के डिस्ट्रिक्ट फारेस्ट ऑफिसर राजीव कुमार ने बताया कि ठंड के मौसम में अभी के समय रूस और चीन के क्षेत्र में काफी ठंड पड़ती है. जिसके कारण पक्षी हजारों मील की दूरी तय कर राजधानी जलाशय में पहुंचते हैं. अभी के समय में इस सीजन में जलाशय में जो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवासी पक्षी देखे जा रहे हैं, उनमें कॉम्ब डक, लालसर, गड़वाल, कॉमन कूट, नॉर्दर्न पिनटेल और लेसर विसलिंग डक शामिल हैं. इनमें से कई प्रजातियां मध्य एशिया, साइबेरिया, मंगोलिया और यहां तक कि यूरोप के दूरदराज के इलाकों से यहां तक का सफर तय करती हैं.
पक्षियों के लिए बना है यहां शांत वातावरण : डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि बर्फीले रूस और चीन के झीलों को छोड़कर पटना के इस जलाशय तक पहुंचना इन पक्षियों की अद्भुत उड़ान क्षमता और सहनशक्ति का प्रमाण है. उन्होंने बताया कि पटना में बहुत सारे वाटर बॉडी है लेकिन यहीं पर यह पक्षियां नजर आती हैं. इसके पीछे कारण है की राजधानी जलाशय को मानव गतिविधि से दूर रखा गया है.
''इन पक्षियों को एकांत वातावरण चाहिए होता है, जहां भोजन और ठहरहने की व्यवस्था रहे. इसलिए यहां एक शांत वातावरण पक्षियों के लिए उपलब्ध रहता है. तालाब के बीच में टापू बने हुए हैं. इसके अलावा जगह-जगह बांस और लकड़ी की संरचना है, जहां पक्षियां आराम कर सकते हैं.''- राजीव कुमार, डीएफओ, पटना
मानवीय गतिविधि है वर्जित : राजीव कुमार ने बताया कि राजधानी जलाशय से परिसर में पशु पक्षियों पर अध्ययन करने वाले शोधार्थियों और स्कूली बच्चों के एक छोटे समूह को ही एक बार में एंट्री दी जाती है. इसके अलावा जो लोग फोटोग्राफी करना चाहते हैं उन्हें परमिशन पर एंट्री मिलती है. इसके पीछे का प्रमुख वजह यही है कि मानवीय गतिविधि के कारण इन पक्षियों को कोई व्यवधान न हो.
''तालाब का वाटर लेवल हमेशा मेंटेन रखा जाता है और तालाब में नियमित अंतराल पर छोटी मछलियां डाली जाती हैं, ताकि प्रवासी पक्षियों को भोजन की कमी ना हो. कई पक्षियां तालाब के मछली और कीड़े खाते हैं तो कई पक्षियां पानी में उगे हुए पौधों और आसपास मौजूद पेड़ पौधों की मुलायम पत्तियां खाती हैं.''- राजीव कुमार, डीएफओ, पटना
30 से अधिक प्रकार के पक्षी आते हैं यहां : डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि इस जलाशय में 30 प्रकार के अधिक पक्षियों का समूह अलग-अलग समय आता है. यह तालाब खासकर मानसून के बाद से गुलजार होना शुरू होता है. साइबेरियन पक्षियां यहां नवंबर महीने से आनी शुरू होती है. जनवरी-फरवरी महीने में यह जलाशय इन पक्षियों की मधुर आवाज से गुलजार रहता है. मार्च और अप्रैल के महीने में यह पक्षी वापस लौटना शुरू कर देते हैं लेकिन इस जलाशय में हमेशा अलग-अलग जगह के प्रवासी पक्षी आते रहते हैं.
''अभी के समय पानी पर तैरती विभिन्न प्रजातियों की बतखों के झुंड, आकाश में उड़ते हुए लालसर और जलाशय के किनारे विश्राम करते गड़वाल का नजारा मनमोहक है. इनकी विशिष्ट आवाजे, जैसे विसलिंग डक की सीटी जैसी आवाज, पूरे इलाके को रोमांस से भरपूर बना देती है.''- राजीव कुमार, डीएफओ, पटना
स्थानीय पक्षियों की भी है बड़ी संख्या : इस जलाशय की चहल-पहल केवल अंतरराष्ट्रीय मेहमानों तक ही सीमित नहीं है. राजीव कुमार कहते हैं कि स्थानीय पक्षियों की भी यहां अच्छी-खासी आबादी है, जो इस इकोसिस्टम का स्थायी हिस्सा हैं. हाउस क्रो, कॉमन मैना, एशियन कोयल, स्पॉटेड डव और कॉलर्ड डव जैसे पक्षी भी बड़ी संख्या में देखे जाते हैं.
''इतनी विविध प्रजाति के पक्षियों का यहां आगमन दर्शाता है कि जलाशय का इकोसिस्टम अच्छी स्थिति में है और यह प्रवासी पक्षियों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है. इस जलाशय के जो केयरटेकर हैं, वह जल से घूमने आने वाले लोगों को जागरुक करते हैं कि पक्षियों के विश्राम और भोजन में बाधा न डालें और दूर से ही देखकर आनंद लें.''- राजीव कुमार, डीएफओ, पटना
प्रकृति की सीमाएं देशों की सीमाओं से पड़े हैं : पटना के राजधानी जलाशय में रूस, चीन, अमेरिका और यूरोप से पहुंचे ये प्रवासी पक्षी एक सुखद संदेश देते हैं कि प्रकृति की सीमाएं देशों की सीमाओं से परे हैं. ये पक्षी बिना किसी पासपोर्ट-वीजा के हजारों मील का सफर तय कर हमें एकता और सहअस्तित्व का संदेश देते हैं.
ऐसे में राज्य के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि इन मेहमानों के स्वागत के लिए राजधानी जलाशय में सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करें, यहां पक्षियों को कभी परेशान नहीं करें. ताकि आने वाले वर्षों में भी वे यहां लौटते रहें और जैवविविधता के इस अद्भुत और रोचक दृश्य से रोमांचित होते रहे.
भारत की पहली बुलेट ट्रेन 2027 तक पटरी पर दौड़ेगी, जान लीजिए पूरी डिटेल
3 Jan, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: देश की बहुप्रतिक्षित बुलेट ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को इसके बारे में संकेत दिया था. उन्होंने कहा था कि, 15 अगस्त, 2027 को पहली बुलेट ट्रेन मिलने की संभावना है.
रेल मंत्री ने कहा था कि, देश अगले साल अपनी पहली बुलेट ट्रेन को पटरियों पर दौड़ते हुए देखेगा. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के चालू होने के बाद, यह मिडिल क्लास को तेज, भरोसेमंद और सस्ती आने-जाने की सुविधा देकर इंटरसिटी यात्रा को बदल देगी. यह कम किराए में लगभग दो घंटे की दूरी तय करेगी.'
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि, बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है. यह परियोजना 2027 तक पूरा हो जाएगा. उन्होंने कहा कि, पालघर में माउंटेन टनल-5 के बनने के साथ ही प्रोजेक्ट ने आज एक और मील का पत्थर हासिल कर लिया है. रेल मंत्री ने बताया कि, प्रोजेक्ट में कुल 7 माउंटेन टनल और एक अंडरसी टनल है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, बुलेट ट्रेनें 2027 तक पटरी पर आ जाएंगी. इसका पहला सेक्शन सूरत से बिलिमोरा तक चालू किया जाएगा. दूसरा सेक्शन वापी से सूरत, फिर वापी से अहमदाबाद, फिर ठाणे से अहमदाबाद और आखिर में मुंबई से अहमदाबाद में शुरू होगा.
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए वैष्णव ने आगे कहा कि, पोल लगाने के लिए एक नई तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें पोल को ज़मीन से उठाकर वायडक्ट तक ले जाया जाता है. यह टेक्नोलॉजी भारत में डेवलप की गई है. अब जापान भी अपने प्रोजेक्ट्स में इसका इस्तेमाल करेगा.
केंद्रीय मंत्री ने ट्रैक सिस्टम की नई टेक्नोलॉजी के बारे में आगे बताया कि, उन्हें J-Slab के लिए एक बहुत अच्छा इनोवेशन मिला है. यह वह स्ट्रक्चर है जिस पर ट्रैक बिछाया जाता है. वैष्णव ने कहा कि, यह स्लैब फैक्ट्री में तैयार किया जाता है, साइट पर लाया जाता है, और फिर मशीनों का इस्तेमाल करके एक-एक करके बिछाया जाता है.
बुलेट ट्रेन के 12 स्टेशन हैं, महाराष्ट्र में मुंबई, थाने, विरार और बोइसर. गुजरात में वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती. हालांकि, साबरमती और मुंबई टर्मिनल स्टेशन हैं. मुंबई स्टेशन BKC (बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स) में है, और तीन डिपो बनाए गए हैं.
महाराष्ट्र में दूसरी टनल का निर्माण
पालघर जिले की सबसे लंबी सुरंगों में से एक, 1.5 किलोमीटर की पहाड़ी सुरंग, विरार और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच है. ठाणे और BKC के बीच पहली 5 किलोमीटर की अंडरग्राउंड सुरंग पिछले साल सितंबर में पूरी हुई थी.
प्रोजेक्ट की कुल लंबाई
प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 508 किलोमीटर और टनल की लंबाई 27.4 किलोमीटर है. इसमें से 21 किलोमीटर अंडरग्राउंड टनल और 6.4 किलोमीटर सरफेस टनल है. कुल 8 माउंटेन टनल हैं. जिसमें से 7 महाराष्ट्र में 6.05 किलोमटर और एक गुजरात में 350 मीटर टनल है.
ट्रांसपोर्टेशन लैंडस्केप
घनी आबादी वाले शहरों, ऊबड़-खाबड़ इलाकों और सुरक्षित वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी से अपना रास्ता बनाते हुए, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट देश में अब तक की सबसे मुश्किल इंजीनियरिंग चुनौतियों का सामना कर रहा है.
फिर भी, हर माइलस्टोन हासिल करने के साथ, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर असलियत के करीब आता जा रहा है, एक बार पूरा होने के बाद, यह प्रोजेक्ट भारत के ट्रांसपोर्टेशन लैंडस्केप में एक बड़ा बदलाव लाने वाला अध्याय होगा. पूरे कॉरिडोर में कंस्ट्रक्शन का काम तेजी पकड़ रहा है. जियोटेक्निकल जांच पूरी होने वाली है, रणनीतिक तौर पर ज़रूरी पहाड़ी सुरंगों पर काम शुरू हो गया है, और लगभग 11 किलोमीटर तक पियर बनाने के लिए ओपन फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है.
नॉइज बैरियर
जैसे-जैसे कॉरिडोर बन रहा है, इसके रास्ते में रहने वाले समुदायों पर भी ध्यान दिया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा कि, ट्रेन के चलने से होने वाले शोर को कम करने के लिए, हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन ने वायडक्ट के दोनों तरफ नॉइज बैरियर लगाना शुरू कर दिया है.
उन्होंने कहा कि, शिंकानसेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके, इन नॉइज बैरियर में खास तौर पर इंजीनियर्ड कंक्रीट पैनल होते हैं जो आवाज को सोखने और मोड़ने के लिए डिजाइन किए गए हैं. हर पैनल रेल लेवल से दो मीटर ऊपर उठता है और एक मीटर चौड़ा होता है, जो एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ एक लगातार अकूस्टिक शील्ड बनाता है. एक बार लग जाने पर, इन बैरियर से ट्रेनों और सपोर्टिंग सिविल स्ट्रक्चर दोनों से होने वाले ऑपरेशनल शोर में काफी कमी आने की उम्मीद है, जिससे आस-पास के निवासियों के लिए शांत माहौल पक्का करने में मदद मिलेगी.
“एक मिनट में दंगा…” बयान पर घिरे मौलाना रशीदी, बढ़ा विवाद
2 Jan, 2026 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियम लीग (IPL) में बांग्लादेशी खिलाड़ी खरीदे जाने का विवाद बढ़ता ही जा रहा है. अब यह विवाद दो धर्मों के बीच आ गया है. पहले इस पर हिंदू कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने केकेआर टीम और उसके मालिक शाहरुख खान को चेतावनी दी थी. अब ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने भी पलटवार किया है. इस दौरान मौलाना ने विवादित बयान देते हुए कहा कि ‘अगर मुसलमान बर्दाश्त न करें तो एक मिनट में देश में दंगे हो सकते हैं.’ दरअसल, शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को खरीदा है. जिसको लेकर हिंदू नेता और कथावाचकों ने शाहरुख खान को चेतावनी दी थी. लेकिन अब मुस्लिम मौलाना भी शाहरुख खान के समर्थन में उतर आए है।
मौलाना रशीदी ने क्या कहा?
मौलाना साजिद रशीदी ने देवकीनंदन ठाकुर द्वारा शाहरुख खान पर दिए बयान पर कहा, “देवकीनंदन ठाकुर को इस तरह का बयान इसलिए भी नहीं देना चाहिए, क्योंकि ये वही देवकीनंदन ठाकुर हैं, जिन्होंने दिल्ली के अंदर एक धर्मसंसद बुलाई थी, और उस धर्मसंसद में मुसलमानों को जिस तरह कोसा गया, जिस तरह मुसलमानों को निशाना बनाया गया.” उन्होने आगे कहा, “रेड़ी न लगाने दो, इनसे कारोबार न करो, दुकान किराए पर न दो, घर किराए पर मत दो, इनसे लेन-देन न करो. इस तरह की बाते धर्मसंसद में हुई थी. देवकीनंदन ठाकुर आज भी ऐसी ही बातें कर रहे हैं जो उचित नहीं है. अगर शाहरुख खान ने कोलकाता नाइट राइडर द्वारा बांग्लादेशी क्रिकेटर खरीद लिया है तो इसमें बुराई क्या है।”
मुसलमान होने की वजह से हो रहा विरोध
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, “बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्ताफिजुर रहमान और उसको खरीदने वाला दोनों मुसलमान हैं, इसलिए देश में विरोध किया जा रहा है. यह विरोध मुसलमानों के खिलाफ नफरत और इस्लामोफोबिया का नतीजा है. उन्होंने कहा कि अब तो देश में बिना सोचे-समझे, बिना संविधान का ज्ञान लिए विरोध करना आदत बन गई है. मुस्लिम नाम आते ही विरोध करना बहुत आसान हो जाता है।”
मौलाना ने दिया विवादित बयान
साजिद रशीदी ने कहा कि जब क्रिकेट टीम शाहरुख खान की है. तो वह किसे खिलाएंगे, किसे नहीं, इससे आपको क्या लेना? अगर इस दौरान संविधान के खिलाफ कुछ होगा तो सरकार देख लेगी लेकिन आप कौन होते हैं. आपकी क्या हैसियत है जो विरोध कर रहे हैं? इस दौरान उन्होंने एक विवादित बयान भी दिया. जिसमें कहा कि अगर मुसलमान बर्दाश्त न करें तो एक मिनट में देश में दंगा हो सकता है. यह मुसलमानों की समझदारी है कि वह धैर्य से काम ले रहे हैं।
Assam CM Statement: हिमंता बिस्वा सरमा का कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर बड़ा आरोप
2 Jan, 2026 09:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस नेताओं को लेकर बड़ा और विवादित बयान दिया है। इस बार उनके निशाने पर असम कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई हैं। Assam CM Statement के तहत सीएम सरमा ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई और उनके परिवार के पाकिस्तान से संबंध हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे जल्द ही इन आरोपों से जुड़े सबूत जनता के सामने पेश करेंगे। वहीं, गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें ‘पैजान’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है। चर्चा है कि यह शब्द गौरव गोगोई के संदर्भ में प्रयोग किया गया। जब मुख्यमंत्री से इस बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने पहले सोशल मीडिया की जानकारी से इनकार किया। इसके बाद उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि गौरव गोगोई और उनके परिवार का पाकिस्तान से कनेक्शन है और इसका खुलासा जल्द किया जाएगा।
पहले भी लगाए जा चुके हैं गंभीर आरोप
Assam CM Statement के दौरान हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि वे पहले भी गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित संबंधों का आरोप लगा चुके हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम गठित की गई थी, जिसने पिछले साल सितंबर में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में ऐसे तथ्यों की बात कही गई, जो देश की संप्रभुता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग
सीएम सरमा ने कहा कि अब इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जाएगी, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो एआई से तैयार किया गया हो सकता है, लेकिन इससे राजनीतिक माहौल जरूर गर्म हो गया है। फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है, अब सबकी नजर इस पर है कि जांच होती है या नहीं और उसके नतीजे क्या सामने आते हैं।
सियासी बैनर पर बवाल: बेल्लारी में भिड़े बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ता, पुलिस ने विधायक को भी बनाया आरोपी; जानें पूरा मामला
2 Jan, 2026 09:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नए साल 2026 के पहले ही दिन कर्नाटक के बेल्लारी जिले में राजनीतिक तनाव हिंसा में बदल गया। Bellary Violence News के अनुसार, अवंबावी इलाके में पोस्टर और बैनर लगाने को लेकर कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हो गई, जो देखते ही देखते फायरिंग और पथराव तक पहुंच गई। इस घटना में कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए हैं।
बैनर लगाने से शुरू हुआ विवाद
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस विधायक नारा भारत रेड्डी के समर्थक भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी के घर के सामने सड़क पर बैनर लगा रहे थे। इसी दौरान कहासुनी शुरू हुई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। पुलिस के अनुसार, दोनों गुटों के बीच पथराव और फायरिंग हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस की कार्रवाई और धारा 144
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने के लिए भीड़ को तितर-बितर किया। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। Bellary Violence News में पुलिस ने पुष्टि की है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप
कांग्रेस विधायक भारत रेड्डी ने आरोप लगाया कि हमला भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी के समर्थकों ने किया। वहीं, जनार्दन रेड्डी ने पलटवार करते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ साजिश रची गई और उनके घर के सामने जानबूझकर गोलीबारी की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वाल्मीकि की मूर्ति के अनावरण की आड़ में शहर में दंगा भड़काने की कोशिश की जा रही थी।
शहर में तनाव, जांच जारी
घटना के बाद बेल्लारी में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। सिरुगुप्पा रोड पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Bellary Violence News ने एक बार फिर राज्य में राजनीतिक टकराव की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
Bullet Train Update: किस महीने शुरू होगी बुलेट ट्रेन की पहली यात्रा? रेल मंत्री के बड़े ऐलान से मचा हड़कंप
2 Jan, 2026 09:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bullet Train: भारत के रेलयात्रियों का बुलेट ट्रेन में बैठने का सपना जल्द पूरा होने वाला है. मुंबई से अहमदाबाद के बीच बन रहे कॉरिडोर पर ट्रेन जल्द ही दौड़ती हुई नजर आएगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना को लेकर तस्वीर साफ कर दी है. उनके मुताबिक आम लोग जल्द ट्रेन की सवारी कर सकेंगे, इसे चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा.
सूरत से बिलमोरा के बीच चलेगी ट्रेन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुलेट ट्रेन के संचालन के बारे में बड़ा अपडेट दिया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बुलेट ट्रेन चरणबद्ध तरीके से खोली जाएगी. इसके पहले चरण में सूरत से बिलमोरा का सेक्शन ओपन किया जाएगा. इसके बाद वापी से अहमदाबाद, महाराष्ट्र के ठाणे से गुजरात के अहमदाबाद तक हाई स्पीड ट्रेन चलेगी. सबसे आखिरी चरण में मुंबई और अहमदाबाद के बाद बुलेट ट्रेन का कॉरिडोर पूरा होगा. रेल मिनिस्टर के अनुसार भारत की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगी. इसका संचालन आम लोगों के शुरू हो जाएगा.
320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किमी लंबा हाई स्पीड कॉरिडोर है. इस कॉरिडोर को 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों के संचालन के लिए डिजाइन किया गया है. दोनों प्रमुख शहरों के बीच सफर 2.17 घंटे में पूरा होगा.
गुजरात के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद के साबरमती स्टेशन को बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा. इस प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 2017 में हुई थी, इसकी अंतिम तिथि दिसंबर 2023 तय की गई थी. भूमि अधिग्रहण और अन्य समस्याओं की वजह से इस प्रोजेक्ट में देरी हुई. अब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ी सौगात दी है, अगले साल यानी 2027 से बुलेट ट्रेन दौड़ेगी.
अब चुटकियों में होगा FASTag का KYC, NHAI ने नए वाहन मालिकों के लिए प्रक्रिया को बनाया बेहद आसान
2 Jan, 2026 08:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
FASTag Users KYC Rules: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highway Authority Of India) ने वाहन चालकों को बड़ी राहत दी है. NHAI ने 1 फरवरी 2026 से फास्टैग (Fastag) KYV (Know Your Vehicle) प्रक्रिया को समाप्त करने का फैसला लिया है. इस फैसले का उद्देश्य फास्टैग एक्टिवेशन के बाद यूजर्स को होने वाले अनावश्यक उत्पीड़न से बचाना है.
कुछ मामलों में KYV जरूरी
NHAI ने साफ किया है कि पहले से ही कारों के लिए जारी किए गए फास्टैग पर भी अब नियमित रूप से केवाईवी कराना जरूरी नहीं होगा. इस नियम के बदलाव के बाद भी कुछ विशेष मामलों में ही KYV की आवश्यकता होगी. इनमें FASTag के ढीले होने, गलत तरीके से जारी होने अथवा दुरुपयोग से संबंधित शिकायतें शामिल हैं. NHAI के मुताबिक यदि फास्टैग से जुड़ी कोई शिकायत नहीं होती है, तो मौजूदा कार FASTag पर KYV प्रक्रिया लागू नहीं की होगी. साथ ही NHAI ने FASTag जारी करने वाली बैंकों के लिए प्री-एक्टिवेशन वैलिडेशन प्रक्रिया को और मजबूत किया गया है.
अब तक क्या व्यवस्था है?
KYV फास्टैग यूजर्स के लिए एक वेरिफिकेशन का प्रोसेस थी, जो यह सुनिश्चित करती थी कि Fastag उसी वाहन पर लगा हो जिसके लिए जारी किया गया है. इससे टोल टैक्स के दुरुपयोग को रोका जा सके, इससे कर्मिशियल वाहन नॉन कमर्शियल वाहनों का फास्टैग उपयोग नहीं कर पाएंगे. KYV के लिए वाहन मालिकों को अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और वाहन की फोटो अपलोड करनी होती थी. ये प्रोसेस हर 3 साल में दोहराई जाती थी, और यह FASTag को एक्टिव रखने के लिए जरूरी भी थी. वाहनों चालकों को इससे अब निजात मिलेगी.
आम आदमी की रसोई में लगी आग...1 जनवरी से एलपीजी सिलेंडर के दाम में 111 का बड़ा इजाफा, देखें नई रेट लिस्ट
1 Jan, 2026 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
LPG Price Hike: देश में नए साल के आगाज के साथ ही एलपीजी सिलेंडर ने आम लोगों को तगड़ा झटका दिया है. यानी आज 1 जनवरी 2026 से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 111 रुपए तक बढ़ गई है. यानी शहर के हिसाब से रेट थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है. यह निर्णय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने किया है. हालांकि आम लोगों के उपयोग वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. यहां जानें अब कितने में मिलेगा 19 किग्रा. वाला कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर?
दिल्ली में कितने में मिलेगा सिलेंडर?
तेल कंपनियों ने आज 1 जनवरी से बढ़े हुए रेट को लागू कर दिया है. यानी अब तक 1580.50 रुपए में मिलने वाला कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 1691.50 रुपए में मिलेगा. सीधा-सीधा 111 बढ़ा दिया गया. इस बढ़ोत्तरी से छोटे व्यवसायियों को काफी बड़ा झटका लगेगा. दिल्ली के अलावा कोलकाता में 1684 रुपए में मिलने वाला एलपीजी सिलेंडर 1795 रुपए में मिलेगा. चेन्नई में 1739.5 की जगह 1849.50 रुपए और मुंबई में 1531.50 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर अब 1642.50 रुपए में मिलेगा.
छोटे व्यापारियों को लगा झटका
बता दें, कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत नवंबर में 5 रुपये और दिसंबर में 10 रुपए की कटौती की गई थी लेकिन जनवरी में तेल कंपनियों ने तो 111 रुपए कीमत बढ़ाकर छोटे व्यापारियों को झटका दे दिया है. इसका सबसे ज्यादा उपयोग रेस्त्रां, ढाबा, होटल और अन्य गैर-घरेलू उद्देश्यों के लिए किया जाता है.
घरेलू सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं
तेल कंपनियों के अनुसार सिर्फ एलपीजी सिलेंडर के ही दाम बढ़ाए गए हैं. 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 8 अप्रैल 2025 के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी पहले की दर पर आज भी घरेलू गैस सिलेंडर मिलेगा.
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