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ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ SIR सुनवाई में शामिल हुआ बुजुर्ग, घबराहट से मौत!
5 Jan, 2026 10:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जॉयनगर (पश्चिम बंगाल): राज्य में मतदाता सूची के SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के लिए सुनवाई प्रक्रिया चल रही है. दक्षिण 24 परगना जिले के जॉयनगर के 68 साल के नजीतुल मोल्ला ने ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ सुनवाई में हिस्सा लिया. लेकिन अगले ही दिन उनकी मौत हो गई. उनके परिवार का दावा है कि SIR सुनवाई के लिए समन मिलने के बाद घबराहट की वजह से बुजुर्ग की मौत हुई.
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, नजीतुल मोल्ला जॉयनगर में गरदेवनी पंचायत के उत्तर ठाकुरचक इलाके के रहने वाले थे. उनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं था. परिवार का दावा है कि वह इसी बात को लेकर परेशान थे. उन्हें हार्ट अटैक आया. 20 दिसंबर को, उन्हें पहले डायमंड हार्बर के एक हॉस्पिटल में ले जाया गया. बाद में, उनकी बिगड़ती हालत की वजह से, उन्हें कोलकाता के चित्तरंजन हॉस्पिटल में ट्रांसफर कर दिया गया.
इस बीच, 31 दिसंबर को नजीतुल को SIR सुनवाई में पेश होने के लिए नोटिस मिला. उनके परिवार वालों ने हॉस्पिटल में एक बॉन्ड पर साइन किए और नजीतुल को घर ले आए. फिर वे उन्हें सुनवाई में ले गए. अगले दिन, वह घर पर और भी बीमार पड़ गए. परिवार का दावा है कि चित्तरंजन हॉस्पिटल ले जाने के बाद नजीतुल की मौत हो गई.
नजीतुल के भतीजे नजीर हुसैन मोल्ला ने कहा, "वह लंबे समय से बीमार थे. इसी समय SIR सुनवाई के लिए समन आया. अपनी शारीरिक हालत को नजरअंदाज़ करते हुए, वह नाक में ऑक्सीजन ट्यूब लगाकर सुनवाई में शामिल हुए. लेकिन उनका शरीर सफर का दबाव नहीं झेल सका. कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई."
नजीतुल मोल्ला के बेटे का बयान
मृतक नजीतुल के बेटे हारून मोल्ला ने कहा, "हम कई पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद, मेरे पिता का नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं है. पिछले कुछ दिनों से मेरे पिता इस बात को लेकर बहुत परेशान थे. वह हमेशा कहते थे, 'तुम सबका क्या होगा?' फिर बीडीओ की तरफ से उन्हें सुनवाई के लिए बुलाने का नोटिस आया. मेरे पिता पहले से ही बीमार थे. उसी हालत में हम उन्हें ऑक्सीजन ट्यूब लगाकर सुनवाई में ले गए. बाद में, वह और भी बीमार हो गए. उनकी शारीरिक स्थिति और मानसिक तनाव की वजह से उनकी मौत हो गई. हम अभी भी बहुत डरे हुए हैं. जब मेरे पिता का नाम लिस्ट में नहीं है तो हमारा क्या होगा?"
मौत के लिए चुनाव आयोग और भाजपा जिम्मेदार: टीएमसी
जॉयनगर के तृणमूल कांग्रेस के नेता शहाबुद्दीन शेख ने कहा, "चुनाव आयोग की SIR नाम की साजिश की वजह से बंगाल में एक के बाद एक लोग अपनी जान गंवा रहे हैं. इस बार, नजीतुल मोल्ला की जान चली गई. सुनवाई में नाम आने के बाद वह डर गए और उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया. चुनाव आयोग और भाजपा को उनकी मौत की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. हम इसके खिलाफ लड़ते रहेंगे."
भाजपा के जॉयनगर जिला संगठन के उपाध्यक्ष बिश्वनाथ पात्रा ने कहा, "उस बुजुर्ग व्यक्ति की मौत बहुत बुरी है. लेकिन अगर कोई शारीरिक बीमारी से मरता है, तो राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी उस मौत को SIR से जोड़कर राजनीति कर रही है. अगर राज्य में SIR के इस माहौल में कोई मरता है, तो तृणमूल कांग्रेस उसे SIR से पैदा हुए डर से हुई मौत बता रही है. हम चाहते हैं कि पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की अच्छी तरह से जांच करे."
बरुईपुर क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपंतर सेनगुप्ता ने कहा, "अभी तक हमें परिवार से कोई शिकायत नहीं मिली है. शिकायत मिलने के बाद हम पूरे मामले की जांच करेंगे."
घड़ी, चार रुपये और रूमाल चोरी के मामले में 51 साल बाद आरोपी बरी
5 Jan, 2026 09:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे (महाराष्ट्र): पुणे में एक कोर्ट के फैसले की चर्चा हो रही है. चोरी के एक मामले में अदालत ने एक व्यक्ति को 51 साल बाद बरी कर दिया है. यह मामला 1974 में दर्ज हुआ था. तीन आरोपियों पर कलाई घड़ी, 4 रुपये और एक रूमाल चोरी करने का आरोप लगाया गया था.
कोर्ट ने 51 साल बाद सबूतों के अभाव में आरोपी को बरी कर दिया है. कोर्ट ने यह फैसला सबूतों की कमी और गवाहों के न होने के कारण सुनाया.
क्या है मामला?
1974 में पुणे के बंडगार्डन पुलिस थाने में चोरी का एक केस दर्ज किया गया था. इस मामले में गुलाब शाहू जाधव, मुकुंद केरबा वाघमारे और राजाराम तुकाराम काले के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. गुलाब शाहू जाधव और मुकुंद केरबा वाघमारे को 10 अप्रैल, 1975 को जुर्म कबूल करने के बाद दोषी ठहराया गया था, जबकि राजाराम काले फरार था.
51 साल से अधिक समय तक फरार रहने के बावजूद, पुख्ता सबूतों की कमी के कारण, पुणे के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट एनजे चव्हाण ने 26 दिसंबर, 2025 को राजाराम काले के खिलाफ सभी वारंट रद्द करते हुए उन्हें बरी करने का आदेश दिया.
पद संभालने के बाद जज चव्हाण ने पुराने और पेंडिंग केसों का रिव्यू करना शुरू किया. उसी के तहत यह केस सामने आया और इस केस में शिकायत करने वालों और गवाहों को फिर से नोटिस और वारंट जारी किए गए. लेकिन, कोई भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ. आखिरकार 50 साल से अधिक समय तक फरार रहने के बावजूद, पुख्ता सबूतों की कमी के कारण, कोर्ट ने राजाराम काले के खिलाफ सभी वारंट रद्द करते हुए उन्हें बरी करने का आदेश दिया.
आज ही निपटा लें पैसों से जुड़े काम, लगातार 4 दिन बंद रहेंगे बैंक...कर्मचारियों ने किया हड़ताल का ऐलान
5 Jan, 2026 08:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bank : अगर आप जनवरी के अंतिम सप्ताह में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो अभी से योजना बदल लेना बेहतर होगा। Bank Strike January 2026 के कारण आम लोगों को लगातार कई दिनों तक बैंकिंग सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 27 जनवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है।
हालांकि हड़ताल सिर्फ एक दिन की है, लेकिन छुट्टियों के संयोग से बैंकों में लगातार चार दिन तक कामकाज ठप रहने की आशंका है। दरअसल, 24 जनवरी को चौथा शनिवार, 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के कारण पहले से ही बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 27 जनवरी को हड़ताल होने पर 24 से 27 जनवरी तक बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रह सकती हैं।
यूएफबीयू ने यह हड़ताल सप्ताह में पांच कार्य दिवस यानी 5 Day Banking Week लागू करने की मांग को लेकर बुलाई है। मार्च 2024 में वेतन संशोधन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और यूएफबीयू के बीच बाकी दो शनिवारों को भी अवकाश देने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।
बैंक यूनियनों का कहना है कि सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर कुल कार्य समय में कोई कमी नहीं होगी। इसके बावजूद इस मांग को टालना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। यूनियनों ने तर्क दिया है कि आरबीआई, एलआईसी, स्टॉक एक्सचेंज और केंद्र-राज्य सरकार के कार्यालय पहले से ही पांच दिवसीय कार्य प्रणाली पर काम कर रहे हैं।
टोंक में खुदाई में मिला खजाना, ट्रेजरी में रखी गई सुरक्षा में
4 Jan, 2026 08:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Treasure in Tonk : टोंक के निवाई की ग्राम पंचायत सींदड़ा के देवरी गांव में शनिवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब खेतों के समीप स्थित चरागाह भूमि से एक देग मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही निवाई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
सूत्रों के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4 बजे कुछ ग्रामीणों ने खेतों के पास चरागाह भूमि में ताजा गुलाब की पत्तियां, एक जोड़ी चप्पल और अगरबत्तियां पड़ी देखीं। यह नजारा देखकर ग्रामीणों ने तुरंत गांव में सूचना दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने सरपंच रामसहाय मीणा को बुलाया। सरपंच ने पुलिस और प्रशासन को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
ग्रामीणों में खजाना मिलने की चर्चाएं शुरू
मौजूद ग्रामीणों ने आशंका जताई कि उक्त स्थान पर कोई लाश दब सकती है। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी मशीन मंगाकर खुदाई करवाई। खुदाई के दौरान जमीन से एक देग निकाली गई। देग मिलने के बाद ग्रामीणों में खजाने मिलने की चर्चाएं शुरू हो गईं और देखते ही देखते सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
पुलिस और प्रशासन ने देग को अपने कब्जे में लिया
खजाने की अफवाह फैलने पर थानाधिकारी घासीराम, तहसीलदार नरेश गुर्जर, भू-अभिलेख अधिकारी और पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए देग को अपने कब्जे में लिया और निवाई थाने भेज दिया। मामले की सूचना उपखंड अधिकारी प्रीति मीणा को भी दी गई।
वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई पर भारत की आई पहली प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा
4 Jan, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
US attack On Venezuela: भारत ने रविवार को अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए सैन्य हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी बलों द्वारा हिरासत में लिए जाने पर गहरी चिंता जताई है। भारत ने सभी पक्षों से शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संवाद के जरिए मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की भी अपील की है।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत वेनेजुएला की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वहां के लोगों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर चिंतित है। मंत्रालय ने बताया कि वेनेजुएला की राजधानी काराकास स्थित भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय समुदाय के संपर्क में है और हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है।
संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि भारत वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और भलाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे संवाद के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम करें, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।
नागरिकों के लिए जारी की सलाह
बता दें इससे पहले शनिवार को भारत ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श जारी करते हुए वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी। इसके अलावा, वहां रह रहे भारतीयों को अत्यधिक सतर्कता बरतने, अनावश्यक आवाजाही सीमित रखने और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने को कहा गया है।
भारत में इस साल चार कंपनियां शुरू करेंगी सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन
4 Jan, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारत के केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत में इस साल चार कंपनियां सेमीकंडक्टर चिपों का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करेगी। मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले साल पायलट प्रोडक्शन शुरू कर चुकीं कंपनियां, जिसमें सीजी पावर और केन्स टेक्नोलॉजी शामिल हैं, पहले वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करेंगी। उन्होंने बताया कि माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने हाल ही में पायलट प्रोडक्शन शुरू किया है और इसके बाद वे भी कमर्शियल उत्पादन शुरू करेगी। इसके अलावा, असम स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का प्लांट 2026 के मध्य में पायलट प्रोडक्शन शुरू करेगा और साल के अंत तक कमर्शियल उत्पादन शुरू करेगा। उन्होंने दावा किया कि ताइवान, जापान और दक्षिण कोरिया, भारत के सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। सेमीकंडक्टर उद्योग में चीन की प्रगति और वैश्विक जगत में इसकी जरूरत को देखकर भारत भी इस क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है। अब तक भारत सरकार देश के छह राज्यों में 10 सेमीकंडक्टर प्लांट बनाने की मंजूरी दे चुकी है। गुजरात, असम, उत्तर प्रदेश, पंजाब, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बनने वाले इन प्लाटों के लिए 1.60 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश की बात कही गई है।
बारिश और बर्फबारी की कमी से सूखा हिमालय
4 Jan, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून। सर्दियों में बारिश और बर्फबारी के लिए पहचाना जाने वाला उत्तराखंड इस बार दिसंबर महीने में पूरी तरह सूखा रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक राज्य के किसी भी जिले में दिसंबर के दौरान बारिश या बर्फबारी दर्ज नहीं हुई। हिमपात न होने से पहाड़ी चोटियां काली नजर आईं और पर्यटन के लिए पहुंचे पर्यटक भी निराश लौटे। मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा सिस्टम के अनुसार जनवरी में भी पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रह सकते हैं। अगले सात दिनों तक बारिश या बर्फबारी की कोई ठोस संभावना नहीं है।
मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मानसून के बाद अक्टूबर से दिसंबर के बीच राज्य में कुल मिलाकर 24 प्रतिशत वर्षा की कमी रही। दिसंबर में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ समेत सभी जिलों में बारिश का प्रतिशत शून्य रहा, जबकि सामान्य तौर पर इस महीने औसतन करीब 17.5 मिमी बारिश होती है। पिछले सालों की बात करें तो 2022 में 99 प्रतिशत, 2018 में 92 प्रतिशत, 2016 में 82 प्रतिशत, 2023 में 75 प्रतिशत और 2021 में 14 प्रतिशत बारिश हुई थी। किसी भी वर्ष में पूरे राज्य में बारिश या बर्फबारी का पूर्ण अभाव नहीं देखा गया। इसके विपरीत, दिसंबर 2024 में 89 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जो शीतकालीन वर्षा में वर्ष-दर-वर्ष होने वाली तेज परिवर्तनशीलता को दर्शाती है।
10 साल बाद दिसंबर में बारिश-बर्फबारी नहीं
मौसम विभाग के अनुसार पिछले कई दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है जब पूरे राज्य में दिसंबर के दौरान बारिश या बर्फबारी बिल्कुल नहीं हुई। इससे पहले हर साल किसी न किसी हिस्से में शीतकालीन वर्षा या हिमपात दर्ज किया जाता रहा है। देहरादून स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर ने बताया कि दिसंबर में सूखे का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर रहना है। आमतौर पर चार से पांच पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड में सर्दियों की बारिश और हिमपात लाते हैं, लेकिन इस बार सिस्टम बनने के बावजूद उनका असर राज्य में कमजोर रहा और वे दक्षिण दिशा की ओर बढ़ गए। सीएस तोमर के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहने का असर हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी देखने को मिला। इन राज्यों में भी पिछले वर्षों की तुलना में कम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई है।
रबी और सेब की फसल पर संकट
बारिश और हिमपात न होने से राज्य की रबी और सेब की फसल प्रभावित होने की आशंका है। कम तापमान वाली फसलों के लिए बर्फबारी को सबसे अनुकूल माना जाता है, लेकिन इस बार उसके अभाव में फसलों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
पहाड़ी इलाकों में पानी संकट की चेतावनी
वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक मनीष मेहता कहते हैं, बारिश और बर्फबारी न होने से आने वाले समय में पहाड़ी क्षेत्रों में पानी का संकट गहरा सकता है। क्योंकि बर्फबारी न होने से ग्लेशियर तेजी से पिघलेंगे। दरअसल, बर्फबारी ग्लेशियर पर कंबल पर का काम करती है और इन्हें तेजी से पिघलने से रोकती है। ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भू-जल पुनर्भरण प्रभावित होगा और पानी की कमी हो सकती है।
खेती और बागवानी पर सीधा असर
राज्य में करीब 57,716 हेक्टेयर में सब्जियों की खेती होती है। दिसंबर में गेहूं, टमाटर, मिर्च, आलू, मटर, पत्ता गोभी और सरसों की फसलें तैयार होती हैं, लेकिन बारिश न होने से पाले का असर बढ़ गया है। वहीं, 1,650 हेक्टेयर में हो रही फूलों की खेती भी खतरे में है। उद्यान विभाग के मुताबिक दिसंबर रबी फसलों का फ्लॉवरिंग समय होता है और बारिश के अभाव में उपज में 40 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है।
बांग्लादेश में एक और हिंदू की मौत
4 Jan, 2026 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश के शरियतपुर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां 50 वर्षीय हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ढाका से लगभग 150 किलोमीटर दूर अपने गांव में दवा और मोबाइल बैंकिंग का बिजनेस करने वाले खोकन दास पर 31 दिसंबर को उस समय जानलेवा हमला हुआ था, जब वे अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। हमलावरों ने न केवल उन पर धारदार हथियारों से हमला किया, बल्कि अत्यंत क्रूरता दिखाते हुए उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पिछले तीन दिनों से खोकन दास अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे, लेकिन शनिवार, 3 जनवरी को उनकी मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महिला ने चलती ट्रेन में बच्ची को जन्म दिया
4 Jan, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। माता वैष्णो देवी कटरा से लौट रही एक महिला ने चलती ट्रेन में ही बच्ची को जन्म दिया। ट्रेन में मौजूद महिलाओं की सूझबूझ और आपसी सहयोग से डिलीवरी सुरक्षित तरीके से कराई गई।दंपति मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के सिटोली गांव का रहने वाला है। महिला आठ महीने की गर्भवती थी और उसकी डिलीवरी समय से पहले हो गई।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना श्री माता वैष्णो देवी कटरा–जबलपुर एक्सप्रेस (11450) में हुई। पति-पत्नी दोनों जम्मू-कश्मीर में रहकर काम करते हैं। डॉक्टरों की सलाह को देखते हुए पति महिला को लेकर गांव लौट रहा था, क्योंकि डिलीवरी कभी भी हो सकती थी।
शुक्रवार दोपहर ट्रेन दिल्ली पहुंची, जहां महिला को हल्का दर्द महसूस होने लगा। तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन पार करते ही दर्द अचानक तेज हो गया और महिला की हालत बिगड़ने लगी। पत्नी की हालत देखकर पति ने घबराकर आसपास मौजूद महिलाओं से मदद मांगी। कोच में मौजूद महिलाओं ने तुरंत स्थिति को भांप लिया। उन्हें समझ आ गया कि डिलीवरी का वक्त आ चुका है। इसके बाद यात्रियों की मदद से सीटों के आसपास जगह बनाई गई और बाकी लोगों को दूसरी ओर भेज दिया गया।
महिलाओं ने अपने पास मौजूद चादर, शॉल और कंबल इकट्ठा कर पर्दा बनाया, ताकि महिला को निजता मिल सके। कुछ अनुभवी महिलाओं की मदद से चलती ट्रेन में ही सुरक्षित डिलीवरी कराई गई और महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी होते ही यात्रियों ने तुरंत रेलवे को सूचना दी। ट्रेन को ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर रोका गया। रेलवे मेडिकल की महिला स्टाफ मौके पर पहुंची और मां व नवजात बच्ची की जांच की। इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी की महिला पुलिसकर्मियों की मदद से मां और बच्ची को एंबुलेंस के जरिए बीके अस्पताल पहुंचाया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
4, 5 और 6 जनवरी को कई राज्यों में पड़ेगी कड़ाके की ठंड, भारी बारिश की संभावना
4 Jan, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में लगातार ठंडी हवाओं और गलन के बीच कई जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों यानी 4, 5 और 6 जनवरी के लिए कई जिलों में कोहरा और भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक भारी बारिश के साथ कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में 4, 5 और 6 जनवरी को बारिश हो सकती है। इनमें बनारस, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और भदोही के साथ आसपास के जिले शामिल हैं। वहीं, पश्चिम और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में लगातार घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसमें पीलीभीत, लखीमपुरखीरी, हमीरपुर, बांदा, ललितपुर, महाराजगंज, बिजनौर, मुरादाबाद, सीतापुर और सिद्धार्थनगर जैसे जिले शामिल हैं।
उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, चम्पावत, पौड़ी और देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
दिल्ली और एनसीआर में नॉर्थ दिल्ली, वेस्ट दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद में लगातार तीन दिनों तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 4, 5 और 6 जनवरी तक जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, तमिलनाडु में भी इन दिनों जमकर बारिश होने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली के मंदिर में गला घोंटकर की थी हत्या पुजारी और पत्नी दोषी करार
3 Jan, 2026 08:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के कैलाश नगर में साल 2017 में हुई चंद्रशेखर की हत्या के मामले में अदालत ने मंदिर के पुजारी और उसकी पत्नी को दोषी ठहराया है, जिन्होंने साजिश के तहत गला घोंटकर शव को जलाने का प्रयास किया था। पूर्वी दिल्ली के कैलाश नगर इलाके में वर्ष 2017 में मंदिर के भीतर एक व्यक्ति की हत्या के मामले में अदालत ने पुजारी और उसकी पत्नी को दोषी करार दिया है। कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुराग ठाकुर की अदालत ने पुजारी लखन दुबे और उसकी पत्नी कमलेश को हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मृतक चंद्रशेखर का शव 27 सितंबर 2017 को उसी मंदिर के कमरे में मिला था, जहां लखन दुबे पुजारी के रूप में कार्यरत था। मंदिर के सभी कमरों और सीढ़ियों की चाबियां उसी के पास थीं। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि हत्या में पुजारी और उसकी पत्नी की संलिप्तता थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 25 सितंबर 2017 को कमलेश चंद्रशेखर को यह कहकर दिल्ली लाई कि उसका पति बाहर गया हुआ है। आरोप है कि उसने खाने में नींद की गोलियां मिलाईं। जब चंद्रशेखर बेहोश हो गया, तो दोनों ने मिलकर रस्सी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने और सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से शव को आग लगा दी गई। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल रहा है। दोषी दंपति की सजा पर सात जनवरी को दलीलें सुनी जाएंगी।
तिरुपति मंदिर पर चढ़ा नशेड़ी: पवित्र कलश को पहुंचाया नुकसान, 3 घंटे तक किया हंगामा
3 Jan, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुपति। आध्यात्मिक नगरी तिरुपति स्थित तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधीन आने वाले श्री गोविंदराजस्वामी मंदिर में मंगलवार की रात उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब नशे की हालत में एक युवक मंदिर के ऊंचे गोपुरम (मुख्य भवन के शिखर) पर चढ़ गया। इस घटना से न केवल मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई, बल्कि वहां स्थापित पवित्र कलशों की सुरक्षा को लेकर भी भारी चिंता पैदा हो गई। यह वाकया रात करीब 10 बजे का है, जब एकांत सेवा के बाद मंदिर परिसर में अमूमन शांति रहती है।
जैसे ही सुरक्षाकर्मियों को मुख्य भवन के शिखर पर किसी बाहरी व्यक्ति के होने की सूचना मिली, प्रशासन में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक मंदिर की ऊंची चारदीवारी को लांघकर अंदर दाखिल हुआ था। सुरक्षा और सतर्कता विभाग के कर्मचारी उसे रोक पाते, उससे पहले ही वह तेजी से महाद्वारम के पास स्थित गोपुरम के शीर्ष पर जा पहुँचा। वहां पहुँचकर उसने पवित्र माने जाने वाले दो कलशों को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है।
आरोपी की पहचान तेलंगाना के निजामाबाद जिले के निवासी कुट्टाड़ी तिरुपति के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, वह भारी नशे की स्थिति में था और उसे अपनी जान की कोई परवाह नहीं थी। जब पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने उसे नीचे आने के लिए समझाने का प्रयास किया, तो उसने सहयोग करने के बजाय हंगामा शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब उसने नीचे उतरने के बदले में शराब की मांग रख दी। उसने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक उसे शराब नहीं दी जाएगी, वह नीचे नहीं आएगा।स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और दमकल विभाग ने एक संयुक्त बचाव अभियान चलाया। करीब तीन घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान लोहे की सीढ़ियों और रस्सियों का सहारा लिया गया। बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद आरोपी को सुरक्षित रूप से काबू किया और उसे नीचे उतारा। इस दौरान किसी भी बड़ी अनहोनी को टाल दिया गया। नीचे उतारने के बाद आरोपी को तुरंत तिरुपति ईस्ट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहाँ उसने पूछताछ के दौरान शराब की मांग करने की बात कबूल की है। इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर एक व्यक्ति का दीवार फांदकर गोपुरम तक पहुँच जाना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा घेरे में कमी कहाँ रह गई। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मंदिर परिसर की निगरानी और कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं।
माघ मेला: संगम तट पर श्रद्धा का सैलाब, पहले दिन सुबह 8 बजे तक ही 6.5 लाख ने लगाई डुबकी
3 Jan, 2026 06:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज। यहां हुए महाकुंभ के भव्य आयोजन के पश्चात पहले माघ मेले का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। आस्था और श्रद्धा के इस पावन पर्व पर देश के विभिन्न कोनों से श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़ पड़े हैं। मेले के पहले ही दिन जनसैलाब का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह आठ बजे तक ही लगभग 6.5 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र स्नान कर लिया था। विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्मा और प्रमुख आध्यात्मिक गुरु अपने अनुयायियों के साथ संगम तट पर पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरी ने भी अपने शिष्यों के साथ स्नान किया। संगम की रेती पर लाखों कल्पवासी और संन्यासी पहले ही डेरा डाल चुके हैं, जहाँ वे एक माह तक कठिन जप-तप और साधना में लीन रहेंगे। प्रशासनिक अनुमानों के अनुसार, मेले के शुरुआती चरण में ही करीब 15 लाख लोग क्षेत्र में पहुँच चुके हैं।
इस वर्ष माघ मेले को महाकुंभ की तर्ज पर ही आधुनिक और सुविधाजनक बनाया गया है। पहली बार इस मेले का अपना एक विशिष्ट लोगो जारी किया गया है, जो इसकी अलग पहचान को दर्शाता है। श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए प्रशासन ने निजी कंपनियों के सहयोग से बाइक सेवा की शुरुआत की है, जिससे लोग संगम के निकटतम बिंदु तक आसानी से पहुँच सकेंगे। तकनीक का लाभ उठाते हुए बिजली के खंभों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। यदि किसी श्रद्धालु को कोई समस्या होती है, तो वे इसे स्कैन कर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई का दावा किया गया है। साथ ही, मेले में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मोबाइल कंपनियों के साथ समन्वय किया गया है ताकि डिजिटल मेले की संकल्पना साकार हो सके।
पर्यटन और रोमांच को बढ़ावा देने के लिए इस बार हेलीकॉप्टर सेवा और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियाँ भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके अलावा, सांस्कृतिक संध्याओं के लिए विख्यात कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। सुरक्षा के मोर्चे पर प्रशासन ने अभेद्य व्यवस्था की है। पूरे मेला क्षेत्र में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा के लिए 10 चक्रों का एक विशेष घेरा तैयार किया गया है, जो समय और भीड़ के दबाव के अनुसार लागू किया जाएगा। महावीर और अक्षयवट कॉरिडोर जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। जल पुलिस, वॉच टावर और नियंत्रण कक्षों के माध्यम से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। यातायात प्रबंधन के लिए प्रयागराज कमिश्नरेट ने विशेष टीमें तैनात की हैं ताकि शहर और मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति पैदा न हो। संतों के शिविरों में कथा, भजन और प्रवचनों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है, जिससे पूरी रेती आध्यात्मिक ऊर्ज से सराबोर नजर आ रही है।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग और टीएमसी के बीच विवाद तेज
3 Jan, 2026 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टीएमसी ने बीएलए को सुनवाई सत्रों में भाग लेने की अनुमति देने की अपील की थी
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच विवाद तेज हो गया है। यह मामला अब अदालत तक पहुंचने की कगार पर है। निर्वाचन आयोग ने टीएमसी की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें पार्टी के बीएलए को मतदाता सूची के मसौदे पर दावों और आपत्तियों की सुनवाई सत्रों में भाग लेने की अनुमति देने की अपील की थी।
राज्य में तीन चरणों वाली एसआईआर प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो चुका है। घर-घर सर्वे, फॉर्म वितरण, फॉर्म भरवाने और डिजिटल एंट्री के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी हो चुकी है। अब दूसरा चरण दावों और आपत्तियों की सुनवाई पर केंद्रित है, जो 15 जनवरी 2026 तक चलेगा। निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक यदि टीएमसी की मांग मान ली जाती, तो अन्य सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की समान मांगें भी स्वीकार करनी पड़तीं।
इससे सुनवाई में कम से कम 11 अतिरिक्त व्यक्ति उपस्थित होते, जिसमें दावेदार, उसके सहायक और कम से कम आठ दलों के बीएलए शामिल होते। इसमें चुनावी पंजीकरण अधिकारी, सहायक ईआरओ, माइक्रो ऑब्जर्वर के अलावा मतदाता और उसके साथी भी होते। ईसीआई सूत्रों का कहना है कि इतनी भीड़ में सुनवाई प्रक्रिया संचालित करना असंभव हो जाता और अलग-अलग एजेंट अपनी-अपनी व्याख्या करते, जिससे अराजकता फैलती। पश्चिम बंगाल में मान्यता प्राप्त राज्य स्तरीय पार्टियां टीएमसी और फॉरवर्ड ब्लॉक हैं, जबकि राष्ट्रीय पार्टियां बीजेपी, कांग्रेस, सीपीआई(एम), आम आदमी पार्टी, बसपा और एनपीपी हैं।
आयोग के इनकार पर टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह जानबूझकर किया गया, क्योंकि अन्य दलों, खासकर बीजेपी के पास सभी सुनवाई टेबलों के लिए पर्याप्त बीएलए नहीं हैं। टीएमसी ने कहा कि बीजेपी के पास तो उम्मीदवार उतारने लायक कार्यकर्ता भी नहीं हैं। आयोग के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि वे किसी पार्टी की कथित ताकत या कमजोरी की कल्पना पर फैसले नहीं ले सकते। सभी दलों के लिए समान नियम लागू करने होते हैं, जो व्यावहारिक और उपयोगी हों। चुनाव आयोग ने कहा कि सुनवाई में दस्तावेजों के जांच और सवाल-जवाब होते हैं, जिसमें बीएलए की कोई राजनीतिक भूमिका नहीं है। इसलिए सभी दलों के बीएलए को अनुमति न देना तर्कसंगत है, ताकि प्रक्रिया बिना बाधा के पूरी हो। टीएमसी आयोग के इस फैसले को 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची की पारदर्शिता का मुद्दा बता रही है, जबकि आयोग इसे प्रक्रिया की सुचारूता के लिए जरूरी कदम मानता है।
परमाणु ऊर्जा रेलवे के लिए व्यवहार्य और व्यावहारिक समाधान प्रदान करती है
3 Jan, 2026 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय मंत्री ने कहा- देश भविष्य की नई अर्थव्यवस्था के लिए तैयार
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि छोटे और मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर एआई-आधारित अर्थव्यवस्था और रेलवे के लिए डेटा केंद्रों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यवहार्य और व्यावहारिक समाधान प्रदान करते हैं। रेल मंत्री ने कहा कि भारत में बदलाव के लिए परमाणु ऊर्जा के सतत दोहन और विकास विधेयक के पारित होने से देश भविष्य की नई अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वैष्णव ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि जैसे-जैसे दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपना रही है, डेटा केंद्र एआई-आधारित अर्थव्यवस्था को शक्ति प्रदान करेंगे। इन डेटा केंद्रों को भारी मात्रा में ऊर्जा की जरुरत होगी, जो केवल परमाणु ऊर्जा से ही प्राप्त की जा सकती है। मंत्री ने कहा कि परमाणु ऊर्जा ही एकमात्र ऐसा स्रोत है जो बिना किसी प्रदूषण के सतत आधार भार और भारी विद्युत धारा प्रदान कर सकती है। उन्होंने कहा कि नए डिजाइन से कंटेनर में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना संभव हो जाता है, जिसे 14 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जा सकता है।
वैष्णव ने कहा कि जहाजों को बिजली देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 15-30 मेगावाट क्षमता वाले परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का इस्तेमाल रेलवे परिचालन के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रेलवे देश भर में 700 स्थानों पर ग्रिड से बिजली लेता है। छोटे और मॉड्यूलर रिएक्टरों को भी बिजली के एक स्थायी स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में कई अंतर्निहित सुरक्षा विशेषताएं हैं जो उनके बड़े पैमाने पर उपयोग को संभव बनाती हैं। वैष्णव ने कहा कि शांति विधेयक इसलिए पारित किया गया ताकि परमाणु ऊर्जा स्वच्छ ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत बन सके। निजी क्षेत्र की कंपनियों को परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की अनुमति देने वाला शांति विधेयक पिछले महीने शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा द्वारा पारित किया गया था। राष्ट्रपति ने शांति अधिनियम को अपनी मंजूरी दे दी है।
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