देश
“यह देश सभी का है”—धर्म-जाति के आधार पर आंकने पर मोहन भागवत का बयान
1 Jan, 2026 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कल रायपुर में कहा कि लोगों को जाति, धन या भाषा के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह देश सभी का है और यही भावना सच्चा सामाजिक सद्भाव है. पूरी दुनिया की भलाई भारत की भलाई पर ही निर्भर करती है, इसलिए यह दुनिया की भलाई का रास्ता है |
सरसंघचालक भागवत ने अपने संबोधन में सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण की जिम्मेदारी और अनुशासित नागरिक जीवन का आह्वान किया, साथ ही लोगों से मतभेदों से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लिए मिलकर काम करने का अनुरोध किया |
छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के सोनपैरी गांव में हिंदू सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव की दिशा में पहला कदम भेदभाव और अलगाव की भावनाओं को दूर करना है. उन्होंने कहा कि देश सभी का है और यही भावना सच्चा सामाजिक सद्भाव की तरह है |
जीवन में 5 चीजें अमल में लानी चाहिएः भागवत
आरएसएस प्रमुख ने कहा, “हमें सिर्फ आध्यात्मिक सभाओं या चर्चाओं में कही गई बातों को सुनना नहीं चाहिए. हमें उन्हें अपने जीवन में अमल में लाना चाहिए. हमें 5 चीजें करने की जरूरत है.” उन्होंने सभी लोगों से सामाजिक सद्भाव, पारिवारिक मूल्यों, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और अनुशासित नागरिक बनने के साथ-साथ पर्यावरण संबंधी जिम्मेदारियों को निभाने का आह्वान किया. भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव की दिशा में पहला कदम भेदभाव अलगाव और भेदभाव की भावनाओं को दूर करना है |
उन्होंने कहा, “जिस क्षेत्र में आप रहते हैं और घूमते हैं, वहां सभी हिंदुओं में आपके दोस्त होने चाहिए. हम हिंदुओं को एक मानते हैं, लेकिन दुनिया इन हिंदुओं के बीच जाति, भाषा, क्षेत्र और संप्रदाय के आधार पर अंतर देखती है. दुनिया जिनमें अंतर करती है, आपके उन सभी में दोस्त होने चाहिए. हम सभी लोग आज से ही यह प्रक्रिया शुरू कर दें. लोगों को जाति, धन, भाषा या क्षेत्र के आधार पर नहीं आंकना चाहिए. सभी को अपना मानिए. सभी अपने हैं और सारे भारतवासी मेरे अपने हैं, पूरा भारत मेरा अपना है |
मंदिर-श्मशान घाट सभी के लिए खुले होंः भागवत
अपने संबोधन के दौरान संघ प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर, जल निकाय और श्मशान घाट, चाहे किसी ने भी बनाए हों, लेकिन यह सभी हिंदुओं के लिए खुले होने चाहिए. उन्होंने सामाजिक कार्य को एकता का प्रयास बताया, न कि आपसी संघर्ष का. भागवत ने कहा, “जो लोग सभी को अपना मानते हैं और जिनके विचार आपके क्षेत्रों में असर डालते हैं, उन्हें यह तय करना चाहिए कि उनके क्षेत्र में पानी के स्रोत जैसे तालाब, कुएं, पूजा स्थल जैसे मंदिर और मठ, और यहां तक कि श्मशान घाट भी सभी हिंदुओं के लिए खुले हों, भले ही उन्हें किसी ने भी बनवाया हो. इन सब के लिए आपस में कोई लड़ाई या हिंसा नहीं होनी चाहिए.”
अकेलापन और पारिवारिक संवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब लोग अकेलापन महसूस करते हैं तो वे अक्सर बुरी आदतों या संगत में पड़ जाते हैं. परिवारों के भीतर नियमित बातचीत और संवाद इसे रोकने में मदद कर सकता है. उन्होंने कहा, “अगर देश खतरे में है, तो परिवार भी खतरे में है.”
अब आरएसएस हर ओर फैल गयाः भागवत
ग्लोबल वार्मिंग और खराब होते पर्यावरण पर चिंता जताते हुए भागवत ने सभी से पानी बचाने, वर्षा जल संचयन करने, एकल उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और अधिक पेड़ लगाकर अपने घरों से ही संरक्षण के प्रयास शुरू करने का अनुरोध किया. उनका कहना है कि बारिश के पानी को एकत्र करने की व्यवस्था अपनाएं और अपने छोटे-छोटे पानी के स्रोतों को फिर से जिंदा करने की कोशिश करनी चाहिए |
भागवत ने हिंदू धर्म को लेकर कहा कि पूरी दुनिया की भलाई भारत की भलाई पर ही निर्भर करती है, इसलिए यह दुनिया की भलाई का रास्ता है. यह विश्व धर्म, मानव धर्म का व्यावहारिक अनुप्रयोग है, जिसे हिंदू धर्म कहा जाता है. उन्होंने कहा कि आरएसएस का काम, जो नागपुर में एक छोटी शाखा से शुरू हुआ था, अब हर जगह फैल गया है |
जयशंकर–PAK स्पीकर मुलाकात पर सियासत तेज, कांग्रेस का हमला
1 Jan, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहद निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. हमले से नाराज भारत ने पाकिस्तान के साथ अपने राजनयिक संबंध खत्म कर लिए गए और फिर मई में दोनों के बीच जंग भी हुई. इस दौरान दोनों देशों के नेता आपस में नहीं मिले | हालांकि अब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने ढाका पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान के स्पीकर अयाज सादिक से मुलाकात की. कांग्रेस ने इस मुलाकात पर निशाना साधा है |
बेगम खालिदा जिया का पिछले दिनों लंबी बीमारी के बाद ढाका में निधन हो गया था. उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर ढाका के दौरे पर गए. अंतिम संस्कार के इतर जयशंकर ने ढाका में पाकिस्तान के नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक से मुलाकात की |
जयशंकर की सादिक के साथ मुलाकात पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर शमा मोहम्मद ने सवाल किया कि जब पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार आतंकवाद लगातार जारी है, तो मंत्री एक पाकिस्तानी नेता से क्यों मिल रहे हैं? उन्होंने यह भी सवाल किया, “जब आप यहां पाकिस्तानियों को बुरा-भला कह रहे हैं, तो आप उनसे मिलते क्यों हैं?”
युनूस ने भी मुलाकात को लेकर किया पोस्ट
दोनों नेताओं के मुलाकात की तस्वीर को बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनूस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. इस मुलाकात को लेकर पाकिस्तान ने भी कल बुधवार को कहा कि देश की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक और भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर के बीच छोटी सी मुलाकात हुई |
पाकिस्तान की ओर से इस मुलाकात को मई के संघर्ष छिड़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच “पहला अहम उच्च-स्तरीय संपर्क” बताया गया. दोनों की मुलाकात ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार के मौके पर हुई |
रहमान से भी मिल विदेश मंत्री जयशंकर
पाक नेशनल असेंबली सचिवालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि स्पीकर सादिक बांग्लादेश की संसद में बेगम खालिदा जिया के लिए रखी शोक पुस्तिका में अपनी संवेदना लिखने गए थे, जहां अलग-अलग देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में विदेश मंत्री जयशंकर ने सादिक से मुलाकात की और हाथ मिलाया. बयान में आगे कहा गया, “यह बातचीत मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों देशों के बीच पहला अहम उच्च-स्तरीय संपर्क था.”
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के ऑफिस की ओर से ‘X’ पर पोस्ट किए गए 2 फोटो के साथ कहा गया, “पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने बुधवार को ढाका में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार कार्यक्रम से पहले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का अभिवादन किया.”
इससे पहले जयशंकर ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष एवं बेगम खालिदा जिया के सबसे बड़े बेटे रहमान से मुलाकात की और 3 दशकों से अधिक समय तक देश की राजनीति पर अपना दबदबा बनाए रखने वाली नेता के निधन पर भारत की ओर से संवेदना जताई |
PM मोदी की कलाई पर बंधा 'काला धागा' कोई साधारण धागा नहीं? इसके रहस्य जानकर रह जाएंगे हैरान!
1 Jan, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्व के उन शीर्ष नेताओं में शुमार हैं, जिनकी एक झलक पाने के लिए दुनिया बेताब रहती है. उनके पहनावे, भाषण और उनकी जीवनशैली पर वैश्विक मीडिया की नजर रहती है. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि दशकों से उनकी दाहिनी कलाई पर एक मामूली सा 'काला धागा' (Black Thread) बंधा रहता है? करोड़ों की घड़ी या महंगे आभूषणों के बजाय, विश्व के सर्वाधिक प्रभावशाली और लोकप्रिय नेताओं में से एक होने के बावजूद मोदी इस धागे को इतनी अहमियत क्यों देते हैं? इसके पीछे का रहस्य और आध्यात्मिक तथ्य आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगा.
अंबा माता का वो 'सिद्ध' आशीर्वाद, वडनगर से दिल्ली तक का सफर
इस रहस्य की पहली कड़ी प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान वडनगर (गुजरात) से जुड़ती है. यहां स्थित मां अंबा (मां वाराही) का मंदिर मोदी परिवार की गहरी आस्था का केंद्र है. प्रधानमंत्री मोदी बचपन से ही मां शक्ति के अनन्य उपासक रहे हैं. धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई साधारण धागा नहीं है. इसे विशेष तिथियों पर, खासकर नवरात्रि के दौरान, अत्यंत गोपनीय मंत्रों के साथ 'अभिमंत्रित' किया जाता है. माना जाता है कि यह धागा सीधे मां शक्ति की ऊर्जा का संवाहक है. मोदी इसे एक 'प्रसाद' और 'रक्षा कवच' के रूप में पहनते हैं. यह धागा उनकी सांस्कृतिक जड़ों और उस शक्ति के प्रति समर्पण का प्रतीक है.
ऊर्जा संरक्षण का विज्ञान: काला रंग और 'Aura' की सुरक्षा
अक्सर लोग इसे केवल 'अंधविश्वास' मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन प्राचीन भारतीय ग्रंथों और आधुनिक मनोविज्ञान में रंगों का विशेष महत्व बताया गया है- नकारात्मक ऊर्जा: भौतिक विज्ञान के अनुसार काला रंग ऊष्मा और प्रकाश का सबसे बड़ा अवशोषक (Absorber) है. आध्यात्मिक दृष्टि से माना जाता है कि काला रंग बाहरी दुनिया की नकारात्मक तरंगों और 'नजर दोष' को सोख लेता है. आभामंडल (Aura) की सुरक्षा: प्रधानमंत्री हर दिन लाखों लोगों के संपर्क में आते हैं. तंत्र शास्त्र के अनुसार, यह काला धागा व्यक्ति के आभामंडल को सुरक्षित रखता है, जिससे मानसिक एकाग्रता भंग नहीं होती.
नवरात्रि की वो 9 दिनों की गुप्त साधना का सच
एक रोचक जानकारी यह है कि पीएम मोदी इस धागे को अपनी मर्जी से कभी नहीं बदलते. वे इसे साल में केवल दो बार, चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के समय ही बदलते हैं. मोदी पिछले कई दशकों से नवरात्रि के दौरान 9 दिनों का कठिन उपवास रखते हैं. जानकारों का कहना है कि साधना के इन 9 दिनों में जब शरीर और मन अपनी उच्चतम आध्यात्मिक अवस्था में होता है, तब वे मंदिर से आए नए अभिमंत्रित धागे को धारण करते हैं. यह धागा उनके आध्यात्मिक अनुशासन और अटूट संकल्प शक्ति का जीवंत प्रमाण है.
ज्योतिषीय रहस्य: शनि और राहु की चाल पर नियंत्रण? वैदिक ज्योतिष के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली और उनके जीवन की चुनौतियों को देखते हुए यह धागा अत्यंत महत्वपूर्ण है:
शनि देव का प्रभाव: काला रंग शनि का प्रतीक है, जो कर्म, न्याय और जनता के कारक हैं. मोदी की कार्यशैली में जो 'लोहे जैसा अनुशासन' दिखता है, ज्योतिषी उसे शनि के शुभ प्रभाव से जोड़ते हैं.
अदृश्य शत्रुओं से बचाव: राजनीति और कूटनीति में हमेशा गुप्त चुनौतियां रहती हैं. माना जाता है कि सिद्ध किया गया काला धागा राहु जैसे छाया ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव को कम करता है.
मॉडर्न लीडरशिप और सनातन परंपरा का संगम
आज के 'डिजिटल इंडिया' के युग में, मोदी का यह धागा एक वैश्विक संदेश देता है,'विरासत भी, विकास भी'. यह दुनिया को दिखाता है कि आप तकनीक के शिखर पर होकर भी अपनी प्राचीन संस्कृति का गर्व से पालन कर सकते हैं. यह उनके लिए कोई 'पर्सनल ब्रांडिंग' नहीं, बल्कि उनकी आध्यात्मिक पहचान का हिस्सा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने दी 2026 की शुभकामनाएं, एशिया में धूमधाम से हुआ नए साल का स्वागत
1 Jan, 2026 08:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को नए साल 2026 की शुभकामनाएं देते हुए शांति और खुशहाली की कामना की है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सभी को 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं। आने वाला वर्ष अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए, आपके प्रयासों में सफलता मिले और आपके सभी कार्य पूर्ण हों। उन्होंने समाज में शांति और सुख के लिए प्रार्थना भी की।
उधर, एशिया के कई देशों में नए साल 2026 का जोरदार स्वागत किया गया। सिंगापुर में मरीना बे के आसपास भव्य आतिशबाजी ने आसमान को रंगीन कर दिया। हजारों लोग सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में एकत्र हुए, जहां ऊंची इमारतों पर काउंटडाउन क्लॉक प्रोजेक्ट किए गए। जैसे ही घड़ी ने आधी रात का संकेत दिया, जश्न शुरू हो गया।
हांगकांग में भी लोगों ने इमारतों पर दिखाई दे रहे काउंटडाउन के साथ नए साल का स्वागत किया। चीन के बड़े शहरों में रोशनी, आतिशबाजी और पारंपरिक कार्यक्रमों के जरिए 2026 की शुरुआत हुई। मलेशिया के कुआलालंपुर और चीन के प्रमुख शहरों में भी रोशनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ नए साल का उत्साह देखने को मिला।
Hello 2026: दिल्ली की रौनक से गोवा के बीच तक, देखें देशभर में कैसे हुआ नए साल का जोरदार स्वागत
1 Jan, 2026 08:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
New Year 2026: नए साल 2026 का जश्न भोपाल-रायपुर समेत पूरे देश में मनाया जा रहा है. स्वागत के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. दिल्ली से लेकर गोवा तक पूरी रात आतिशबाजी, संगीत और पार्टियों के बीच हर जगह जश्न का नजारा दिखा. यहां जानिए कहां-कैसे हुआ नए साल का स्वागत?
दिल्ली में नए साल 2026 का स्वागत करने के लिए लोग बड़ी संख्या में अपने घरों से निकलकर इंडिया गेट पर जमा हुए. दिल खोलकर लोगों ने नए साल का स्वागत किया. जश्न में शामिल होने के लिए परिवार, युवा और पर्यटक सभी पहुंचे.
नववर्ष 2026 के पहले दिन महाकालेश्वर मंदिर में सुबह की आरती की जा रही है.
पीएम मोदी ने दी नए साल की बधाई
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सभी देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा, “आप सभी को 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं! आगामी वर्ष आपके लिए अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए, आपके प्रयासों में सफलता और आपके सभी कार्यों में पूर्णता प्रदान करे. हमारे समाज में शांति और सुख के लिए प्रार्थना.”
ग्वालियर में लोग आतिशबाजी और उत्सवों के साथ नए साल2026 का किया स्वागत.
गोवा में नए साल के जश्न में डूबे लोग.
मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर लोगों ने नए साल 2026 का जश्न मनाया.
नया साल 2026 को लेकर देशभर में लोगों में काफी खुशी और उत्साह का माहौल है. आज लोगों ने साल के पहले सूरज का स्वागत किया. लोगों के लिए यह सिर्फ एक तारीख का बदलना नहीं, बल्कि उम्मीदों का नया सूरज है, सपनों की नई उड़ान है.
Zomato-Swiggy का न्यू ईयर धमाका! डिलीवरी पार्टनर्स की जेब में आएंगे ज्यादा पैसे, जानें कंपनी के इस बड़े ऐलान की इनसाइड स्टोरी
31 Dec, 2025 03:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Zomato-Swiggy Workers: नए साल से पहले ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. डिलीवरी वर्कर्स और गिग कर्मचारियों ने 31 दिसंबर को काम बंद कर हड़ताल करने का ऐलान किया था, जिसके बाद जोमैटो और स्विगी ने अपने कर्मचारियों को लेकर बड़ा ऐलान किया है. डिलीवरी कर्मचारी अपनी हड़ताल जारी रखते तो कंपनी को भारी नुकसान की संभावना थी. क्योंकि देशभर में आज न्यू ईयर ईव पर काफी मात्रा में फूड की डिलीवरी की जाएगी.
कंपनियों के इस ऐलान से डिलीवरी वर्कर्स को काफी राहत मिल सकेगी. रिपोर्ट के मुताबिक दोनों कंपनियों ने ही आनन-फानन में गिग वर्कर्स को ज्यादा पेमेंट्स देने का ऑफर किया है. ऐसा सिर्फ इसलिए किया गया है कि ताकि न्यू ईयर पर ऑर्डर को लेकर कोई रुकावट न आए. यह त्योहारों के समय कंपनी का एक स्टैंडर्ड तरीका है. जब डिलीवरी वर्कर्स ने ऐलान किया तो कंपनी को लगा कि इससे कामकाज पर असर पड़ सकता है. तो उन्होंने चिंता जताते हुए बीच का रास्ता निकाला.
जोमैटो ने क्या किया ऐलान?
डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने न्यू ईयर ईव पर शाम 6 बजे से लेकर 12 बजे के बीच यानी पीक आवर्स के दौरान डिलीवरी पार्टनर्स को हर ऑर्डर करीब 120 से 150 रुपए का पेमेंट देने का ऐलान किया है. सूत्रों के अनुसार, जोमैटो ने दिनभर में 3000 तक की कमाई का वादा किया है. हालांकि यह ऑर्डर और वर्कर की उपलब्धता पर निर्भर करेगा. इतना ही नहीं जो ऑर्डर कैंसिल होने पर चार्ज लगाया जाता था. वह भी माफ कर दिया गया है.
स्विगी ने भी किया ऐलान
स्विगी ने भी डिलीवरी वर्कर्स के लिए इंसेंटिव बढ़ाने का ऐलान किया है. जहां जोमैटो ने 3 हजार तक की कमाई का वादा किया है तो वहीं स्विगी ने 31 दिसंबर की रात से लेकर 1 जनवरी 2026 के बीच वर्कर्स को 10 हजार रुपए तक की कमाई का खुला ऑफर दिया है. वहीं पीक टाइम शाम 6 बजे से लेकर रात बजे तक 2, 000 रुपए अतिरिक्त कमाई को भी जोड़ा गया है. ताकि व्यस्त टाइम के बीच भी ऑर्डर को सही-सलामत पहुंचा सकें.
बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदने पर भड़के देवकीनंदन ठाकुर, KKR और शाहरुख खान को फटकार
31 Dec, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश में पिछले कई दिनों के अंदर लगातार हिंदूओं की हत्या हो रही है. इसी बीच आईपीएल की टीम केकेआर ने एक बांग्लादेशी क्रिकेटर को 9 करोड़ 20 लाख रुपए में खरीद लिया. केकेआर के बांग्लादेशी क्रिकेटर खरीदने पर विरोध देखने को मिल रहा है. हाल ही में देश के प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने अपनी कथा के दौरान बांग्लादेशी क्रिकेटर को शामिल करने पर KKR को चेतावनी दे दी. इस दौरान उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि IPL में बांग्लादेशी क्रिकेटर को जगह क्यों दी गई? हिंदुओं की भावनाओं को बार-बार अनदेखा क्यों किया जाता है? उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है |
देवकीनंदन ठाकुर ने क्या कहा?
देवकीनंदन ठाकुर ने अपनी कथा के दौरान बांग्लादेश के क्रिकेटर को आईपीएल में शामिल करने को लेकर कहा, “हमने सर्च करवाया कि किस-किस आईपीएल की टीम में बांग्लादेशी क्रिकेटर है. पता चला कि आईपीएल में एक टीम ऐसी है, जिसने बांग्लादेशी क्रिकेटर को खरीदा है. एक मात्र बांग्लादेशी क्रिकेटर को पता है किसने खरीदा है, उसका मालिक यहीं मुंबई में रहता है. एक टीम का मालिक है वो, हमने सुना है उसको पाकिस्तान से भी बहुत प्रेम है. जो हिंदुओं को दुख दे, उनसे उसको प्रेम बहुत है.”
हीरे बनाने वाले जीरो भी बनाते हैं
केकेआर के मालिक का बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि अगर तुम्हें हिंदुओं के मरने का दुख है. भारत से प्रेम है. तो 6 वर्ष की बच्ची को जलाए जाने का दुख तुमको भी है. तो मिस्टर केकेआर उस खिलाड़ी को, बांग्लादेश के खिलाड़ी को तुरंत बाहर करो, तुरंत बाहर करो. अगर वो खिलाड़ी तुम्हारी टीम में रहा तो हम मजबूर हो जाएंगे तुम्हारी टीम को बहिष्कार करने के लिए. और उस खिलाड़ी को भारत से बांग्लादेश भेजने के लिए. कौन-कौन चाहता है कि उसे बांग्लादेश भेजा जाए, दोनों हाथ उठाइए. ये सब चाहते हैं, मिस्टर केकेआर तुम भूलो मत कि इसी हिंदुस्तान और हिंदुस्तानियों ने तुमको हीरो बनाया है, जो हीरो बना सकता है वह तुमको जीरो भी बना सकता है |
देवकीनंदन ठाकुर बोले- खेला होवे
देवकीनंदन ठाकुर बोले, “बांग्लादेशी क्रिकेटर को कितने में खरीदा गया है, 9 करोड़ 20 लाख रुपए में. यह पैसा कहां जाएगा, किस चीज में प्रयोग होगा. तमाम हिंदू मारे जाएंगे? ये पैसा देगा कौन? हिंदुस्तान में अपने आप को हीरो कहने वाला. हिंदुओं तुम्हारा जमीर जिंदा है. अगर ये केकेआर ने खिलाड़ी तो वापस नहीं किया उसकी कैंसिलेशन नहीं किया गया तो खेला होवे, बहुत बड़ा खेला होवे, समय है संभल जाओ.”
प्रियंका गांधी के घर जल्द गूंजेगी शहनाई? जानें कौन हैं अवीवा बेग और क्या करती हैं रेहान वाड्रा की पसंद
31 Dec, 2025 12:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Aviva Baig: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा जल्द ही अपनी गर्लफ्रेंड अवीवा बेग के साथ शादी के बंधन में बंध सकते हैं. रेहान ने सात साल से डेट कर रहे अवीवा को प्रपोज कर दिया है. यह खबर सामने आते ही अवीवा बेग सुर्खियों में छा गई हैं. जानते हैं कि आखिर प्रियंका गांधी वाड्रा की होने वाली बहू अवीवा बेग क्या करती हैं और कितनी पढ़ी-लिखी हैं.
कौन हैं अवीवा बेग?
अवीवा बेग दिल्ली के मशहूर बिजनेसमैन इमरान बेग की बेटी हैं. उनकी मां नंदिता बेग एक जानी-मानी इंटीरियर डिजाइनर हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रियंका गांधी वाड्रा और अवीवा बेग की मां नंदिता बेग पुरानी दोस्त हैं. दोनों परिवार आपस में काफी करीबी हैं.
क्या करती हैं अवीवा?
अवीवा बेग पेशे से एक फोटोग्राफर हैं और उनकी तस्वीरें लोगों का दिल जीत लेती हैं. वह पिछले पांच वर्षों से फोटोग्राफी के क्षेत्र में एक्टिव हैं. उन्होंने कई प्रतिष्ठित कला प्रदर्शनियों में अपने काम को प्रदर्शित किया है. साल 2023 में उन्होंने मेथड गैलरी के साथ ‘यू कैनॉट मिस दिस’ प्रदर्शनी में हिस्सा लिया था. वहीं, इंडिया आर्ट फेयर के यंग कलेक्टर प्रोग्राम में उन्हें काफी सराहना मिली थी.
अवीवा साल 2019 में द क्वोरम क्लब में आयोजित ‘द इल्यूजरी वर्ल्ड’ और साल 2018 में इंडिया डिजाइन आईडी के 2 इंडिया में भी अपनी फोटो पेश कर चुकी हैं.
मीडिया में भी किया है काम
इसके अलावा अवीवा ने मीडिया और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह PlusRymn में फ्रीलांस प्रोड्यूसर हैं. इससे पहले वह PROPAGANDA में जूनियर प्रोजेक्ट मैनेजर रह चुकी हैं और Art Chain India में मार्केटिंग इंटर्न भी रही हैं. अवीवा I-Parliament में प्रकाशित The Journal की एडिटर-इन-चीफ भी रह चुकी हैं. इसके साथ ही उन्होंने Verve Magazine India और Creative IMAGE Magazine में इंटर्नशिप भी की है.
अवीवा बेग ने कितनी की है पढ़ाई?
अवीवा बेग ने दिल्ली के मशहूर मॉडर्न स्कूल से अपनी स्कूली पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी से मीडिया कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया.
प्रियंका गांधी के घर गूंजने वाली है शहनाई? जानें कौन हैं उनके होने वाले समधी-समधन और क्या है 'इंदिरा भवन' कनेक्शन
31 Dec, 2025 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Gandhi Vadra Family: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी-रॉबर्ड वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा और अवीवा बेन जल्द ही रिश्ते में बंधने जा रहे हैं. इसकी जानकारी मीडिया को मंगलवार को लगी, जिसके अनुसार रेहान और अवीवा दोनों पिछले सात सालों से साथ में हैं. इसी बीच प्रियंका गांधी का परिवार राजस्थान के सवाई माधौपुर जिले में है. कयास लगाए जा रहे हैं कि फैमिली फंक्शन के लिए गए होंगे. हालांकि इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. अवीवा के माता-पिता यानी की प्रियंका गांधी की समधन कौन है? उनका वाड्रा परिवार और इंदिरा भवन से क्या नाता है, इसको लेकर हर किसी के मन में सवाल पैदा हो रहा है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अवीवा के पिता इमरान बेग दिल्ली बेस्ड कारोबारी हैं और माता नंदिता बेग इंटीरियर डिजाइनर हैं, जो दिल्ली निवासी हैं. वाड्रा परिवार और अवीवा बेग के परिवार के बीच काफी पुराना संबंध रहा है. प्रियंका गांधी की समधन नंदिता बेग ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के इंटीरियर डिजाइन प्रियंका गांधी के मिलकर तैयार किया था. प्रियंका गांधी भी इंटीरियर डिजाइनर हैं. यानी यह तो साफ है कि यह कोई नया रिश्ता नहीं है, इन दोनों परिवार का काफी पुराना संबंध है. हालांकि, दोनों शादी के बंधन में कब बंधेंगे, इसकी अभी ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है.
सवाई माधोपुर पहुंचा वाड्रा परिवार
मंगलवार को ही वाड्रा परिवार राजस्थान के सवाई माधोपुर पहुंचा. चर्चा यह भी है कि सगाई के आयोजन की तैयारियों के लिए वाड्रा परिवार गए हुए हैं. हालांकि इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं है. नए साल का जश्न भी वाड्रा परिवार रणथंभौर में मना रहा है. शादी की डेट चाहे जब की रखी गई हो लेकिन जब से यह खबर मीडिया पर आई तो वाड्रा परिवार और अवीवा बेन गूगल ट्रेंड समेत पूरे सोशल मीडिया पर धूम मचा दी. हर कोई दोनों परिवार के बारे में जानना चाह रहा है.
रेहान-अवीवा दोनों को फोटोग्राफी का शौक
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रेहान और अवीवा पिछले करीब 7 सालों से रिलेशनशिप में हैं. रेहान ने हाल ही में अवीवी को प्रपोज कर दिया. जब इसकी जानकारी दोनों के परिवार को लगी तो उन्होंने भी सहमति दे दी. जिसके बाद दोनों की सगाई होने जा रही है. रेहान वाड्रा की अगर बात करें तो वे इंस्टॉलेशन और विजुअल आर्टिस्ट हैं. फोटोग्राफी और ट्रैवलिंग में काफी दिलचस्पी रखते हैं. वहीं अवीवा बेग भी प्रोफेशनल फोटोग्राफर हैं, जिन्हें फोटोग्राफी का काफी शौक है.
गिग वर्कर्स की मांगों पर हड़ताल, सामान की तुरंत डिलीवरी नहीं, नए साल में होगा असर
31 Dec, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एक तरफ जहां नया साल दस्तक देने को है. वहीं दूसरी तरफ गिग वर्कर्स हड़ताल पर हैं. मतलब 10 मिनट में आपके सामान की होने वाली डिलीवरी में अब काफी समय लग सकता है. इस हड़ताल के पीछे की वजह डिलीवरी के लिए मिलने वाले भुगतान में बढ़ोतरी की मांग है. वर्कर्स ने कहा कि डिलीवरी पेमेंट घटाई गई है और काम के घंटे बढ़ाए गए हैं. ऐसा करने से उनकी आमदनी 50 फीसदी तक कम हो गई है |
डिलीवरी एप्स स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिंग, जैप्टो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन लिए काम करने वाले गिग वर्कर्स ने एक बार फिर से आज से हड़ताल करने का ऐलान किया है |
गिग वर्कर्स की क्या है शिकायत?
गिग वर्कर्स का आरोप है कि कंपनी चाहे जो भी हो मनमाने ढंग से डिलीवरी पेमेंट, इंसेंटिव और बोनस घटा रही हैं. पहले आमदनी अच्छी हो जाती थी. हालांकि पहले के मुकाबले आज आमदनी आधी हो चुकी है. हालात ये हैं कि अक्सर 7 से 8 घंटे का काम करने और दर्जनों डिलीवरी करने के बावजूद कमाई के नाम पर 400 से 500 रुपये ही मिलते हैं. पहले इतने ही समय काम करने पर एक हजार रुपये तक कमा लेते थे |
वर्कर्स ने बताया कि पहले मन से काम किया करते थे. आज काम मजबूरी बन गया है. हम लोग 17 से 18 घंटे काम करते हैं. इसके बाद भी इनकम नहीं हो रही है. ऊपर से कम समय में ज्यादा डिलीवरी करने का दबाव रहता है. अगर रास्ते में जाम मिल जाए तो ग्राहक बुरा व्यवहार करते हैं.अगर जल्दी पहुंचने के चक्कर में कोई हादसा हो जाए तो ना ही इलाज की सुविधा मिलती है ना ही इंश्योरेंस है |
आधी बची अब इनकम
इससे पहले 25 दिसंबर को भी इन गिग वर्कर्स ने हड़ताल की थी. लेकिन, इससे समस्या का समाधान होने की जगह और बढ़ गई | इन लोगों ने बताया कि स्ट्राइक करने और आवाज उठाने पर टीम लीडर ने ID ब्लॉक करने और पुलिस से पिटवाने की धमकी दी गई. जहां पर 5 घंटे में औसतन 15 ऑर्डर मिलते थे अब घटकर महज 7/8 ही रह गए हैं. इंसेंटिव भी फिक्स नहीं है |
वर्कर्स का कहना है कि बीते कुछ महीनों में पेमेंट स्ट्रक्चर में हुए बदलावों से उनकी आमदनी 50% तक गिर गई है. साथ ही, बढ़ती लागत और काम के अनिश्चित घंटे उनके लिए नो-सिक्योरिटी ज़ोन जैसा हाल बना रहे हैं |
क्या हैं गिग वर्कर्स की मांग?
गिग वर्कर्स की मांगे हैं कि डिस्टेंस और समय के हिसाब से डिलीवरी की सही पेमेंट, फेयर इंसेंटिव, बीमा पॉलिसी और हेल्थ बेनिफिट दिए जाएं. लेकिन, असंगठित क्षेत्र, सभी गिग वर्कर्स में यूनिटी ना होने की वजह से उनकी बातों को सुना नहीं जाता | इसी का फायदा कंपनियां उठाती हैं. जबकि कुछ ऐप कंपनियों का कहना है कि नए पेमेंट मॉडल परफॉर्मेंस-बेस्ड हैं और उनका मक़सद असरदार डिलीवरी नेटवर्क बनाना है|
आपको बता दें कि देश में तकरीबन 80 लाख से ज़्यादा गिग वर्कर्स हैं, जो डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और राइड-शेयरिंग सेक्टर में काम करते हैं.लेकिन,रोजगार का यह मॉडल लचीला तो है, लेकिन इसमें सामाजिक सुरक्षा और न्यूनतम वेतन को लेकर कानूनी ढाँचा अभी भी स्पष्ट नहीं है |
दुकानदार भी गिग वर्कर्स के समर्थन में
गिग वर्कर्स की हड़ताल से डिलीवरी नेटवर्क की रफ्तार पर फर्क भी देखने को मिल रहा है. पिछली हड़ताल की वजह से देश के कई हिस्सों खासकर गुरुग्राम में फूड और ग्रोसरी डिलीवरी ऐप्स की सेवाओं पर असर पड़ा है. जिसकी वजह से फूड आउटलेट्स और कस्टमर्स भी परेशान हैं. गुरुग्राम में वैराइटी ऑमलेट चलाने वाले दीपक ने बताया कि उनकी 70/80% बिक्री ऑनलाइन ही हुआ करती थी. हड़ताल की वजह से 80% सेल कम हुई |
आगे कहा कि खाना बना रह गया लेकिन डिलीवरी बॉय नहीं आया. उनके साथ गलत हो रहा है. उनको काम का पूरा पैसा नहीं मिल रहा है. तो वहीं आई एक महिला का कहना है कि क्रिसमस और न्यू ईयर पर हम ऑनलाइन ही मंगवाते हैं. लेकिन, इस बार काफी परेशानी हुई. अब अगर 31 दिसंबर को भी हड़ताल रही तो परेशानी और बढ़ जाएगी. वो पूछते हैं कि जब ये ऐप्स हमसे डिलीवरी का पूरा पैसा लेती हैं तो इन वर्करों को क्यों नहीं देती |
दिल्ली में 'गैस चैम्बर' और कोहरे का डबल अटैक; 148 उड़ानें रद्द होने से मचा हड़कंप, निकलने से पहले देख लें नई एडवाइजरी
31 Dec, 2025 12:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Flights Cancelled: दिल्ली-NCR में घने के कोहरे के चलते इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 148 फ्लाइटें रद्द कर दी गई हैं. इसमें 70 प्रस्थान और 78 आगमन की फ्लाइट शामिल हैं. इसके अलावा 2 फ्लाइट्स को डायवर्ट कर दिया गया है. घने कोहरे का असर कई ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ा है. ट्रेन में देरी की वजह से दिल्ली के कई स्टेशनों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है. दिल्ली-NCR में आज सुबह से ही विजिबिलिटी काफी कम रही, जिसकी वजह से सड़क मार्ग वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कम बिजिविलिटी बनी वजह
दिल्ली में प्रदूषण को लेकर एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम ने दो दिन (31 दिसंबर और 1 जनवरी) हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रहने की संभावना जताई है. दिल्ली में आज के मौसम की अगर बात की जाए तो IGI एयरपोर्ट पर सुबह करीब 8 बजे सामान्य बिजिविलिटी 250 मीटर रही, जबकि रनवे पर 600 से 1000 मीटर के बीच रही. खराब बिजिविलिटी को देखते हुए IGI एयरपोर्ट ने फ्लाइट कैंसिल करने का निर्णय लिया.
दिल्ली एयरपोर्ट ने जारी की एजवाइजरी
दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी किया है, जिसमें बताया, “हवाई अड्डे पर दृश्यता में सुधार हो रहा है. हालांकि, कुछ उड़ानें अभी भी प्रभावित हो सकती हैं. कृपया आश्वस्त रहें कि हमारे अधिकारी यात्रियों की सहायता करने और सभी टर्मिनलों पर आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. यात्रियों से अनुरोध है कि वे उड़ान संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें.”
प्रदूषण और घने कोहरे को लेकर अलर्ट
दिल्ली में प्रदूषण और घने कोहरे को लेकर मौसम विभाग (IMD) ने अलर्ट जारी किया है. जिसमें बताया कि हवा की स्पीड काफी धीरे हो गई है और वेंटिलेशन इंडेक्स 6,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से नीचे चला गया है, जिसकी वजह से आने वाले 6 दिनों तक वायु गुणवत्ता बहुत खराब की श्रेणी में रह सकता है. कोहरा भी आज पिछले कई दिनों की तुलना में काफी ज्यादा है. दिल्ली में रहने वाले लोग घने कोहरे और खतरनाक हवा की क्वालिटी से जूझ रहे हैं.
भारत ने रचा इतिहास : जापान को पछाड़ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ताकत बना हिंदुस्तान, लेकिन 'आम आदमी' के लिए ये है बड़ा सच
31 Dec, 2025 12:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Indian Economy: भारत ने वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है. केंद्रीय सरकार के साल के आख़िर में आर्थिक समीक्षा के मुताबिक भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. भारत ने जापान को GDP के मामले में पीछे छोड़ दिया है और अब जर्मनी को कंपीट करके दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर बढ़ रहा है.
उम्मीद की जा रही है कि अब से कुल 4 साल बाद, यानी 2030 तक भारत 7.3 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बन जाएगा. हलांकि, इस कामयाबी के जश्न में बड़ी आर्थिक महाशक्तियों के मुक़ाबले भारत में प्रति व्यक्ति आय काफ़ी कम है और विचार करने वाली है. क्योंकि, भारत बतौर राष्ट्र अमीर और ताकतवर तो बन रहा है, लेकिन आम भारतीय नागरिकों की आर्थिक स्थिति फटे चादर की तरह है. खैर, फ़िलहाल कामयाबी की बात करते हैं, फिर प्रति व्यक्ति आय का ज़िक्र करेंगे.
भारत की नई आर्थिक रैंकिंग
भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) अब लगभग US$ 4.18 ट्रिलियन है, जिससे वह जापान (US$ 4.46 ट्रिलियन) से ऊपर आ गया है और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में चौथा स्थान हासिल कर चुका है. इस उपलब्धि के साथ भारत केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी से पीछे है. सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक ये बदलाव IMF (International Monetary Fund) की अनुमानित GDP आकड़ों पर आधारित हैं, जिन्हें 2025 और 2026 के लिए अपडेट किया गया है. इस आर्थिक रैंकिंग में भारतीय लोगों की मेहनत और उनकी ख़रीदने की क्षमता ने इकॉनमी को काफ़ी हद तक बूस्ट किया है. आर्थिक जानकारों के मुताबिक़ मजबूत घरेलू खपत और कड़े संरचनात्मक सुधारों के दम पर भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है.
भविष्य की दिशा
सरकार का बयान स्पष्ट करता है कि यदि वर्तमान आर्थिक प्रदर्शन जारी रहा, तो भारत 2030 तक जर्मनी को भी पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. इसके लिए भारत का GDP अनुमानित रूप से 7.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच सकता है. विश्लेषकों के मुताबिक, भारत की यह छलांग तेजी से बढ़ती घरेलू खपत, निर्यात नेटवर्क मजबूत होना, सर्विस सेक्टर और इंफ्रा सेक्टर में विस्तृत विकास और संरचनात्मक सुधारों के कारण संभव हो रही है.
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर लगभग 8.2% रही, जो पिछले तिमाही के 7.8% और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के 7.4% से कहीं अधिक है. यह छह तिमाहियों में सबसे उच्च वृद्धि दिखाती है और वैश्विक व्यापार की अनिश्चितताओं के बावजूद अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है.
वैश्विक संस्थाओं के अनुमानों से समर्थन
विश्व बैंक भारत की वृद्धि दर को 2026 में लगभग 6.5% का अनुमान दे रहा है. मूडीज़ के अनुमानों के अनुसार भारत G20 देशों में सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था बना रहेगा. IMF ने 2026 के लिए भारत के GDP को US$ 4.51 ट्रिलियन के करीब और जापान के आंकड़ों से आगे रखा है.
भारत तो अमीर, लेकिन भारतीय गरीब
हालांकि नॉमिनल GDP के मामले में भारत का विस्तार गंभीरता से गौर करने वाला है, क्योंकि GDP प्रति व्यक्ति (per capita) अभी भी कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं से काफी कम है। उदाहरण के लिए, भारत का GDP प्रति व्यक्ति लगभग 2,694 अमेरिकी डॉलर है, जबकि जापान और जर्मनी में यह क्रमशः 32,487 अमेरिकी डॉलर और 56,103 अमेरिकी डॉलर के आसपास है.
भारत की अर्थव्यवस्था आकार में बड़ी होने के बावजूद, प्रति नागरिक आर्थिक समृद्धि के मामले में अभी लंबा सफ़र तय करना बाकी है. यही वजह है कि नीति-निर्माताओं के लिए अब अगली बड़ी चुनौती केवल GDP बढ़ाना नहीं, बल्कि समावेशी विकास (inclusive growth) सुनिश्चित करना है. ताकि, विकास के लाभ समाज के बड़े हिस्से तक पहुँच सकें. रोजगार सृजन, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा, उत्पादकता में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाना इस दिशा के प्रमुख कदम माने जा रहे हैं.
रेहान वाड्रा की गर्लफ्रेंड अवीवा का ‘इंदिरा भवन’ से निकला कनेक्शन, कौन हैं अवीवा के माता-पिता?
31 Dec, 2025 10:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी-रॉबर्ड वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा और अवीवा बेन जल्द ही रिश्ते में बंधने जा रहे हैं. इसकी जानकारी मीडिया को मंगलवार को लगी, जिसके अनुसार रेहान और अवीवा दोनों पिछले सात सालों से साथ में हैं. इसी बीच प्रियंका गांधी का परिवार राजस्थान के सवाई माधौपुर जिले में है | कयास लगाए जा रहे हैं कि फैमिली फंक्शन के लिए गए होंगे. हालांकि इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है |अवीवा के माता-पिता यानी की प्रियंका गांधी की समधन कौन है? उनका वाड्रा परिवार और इंदिरा भवन से क्या नाता है, इसको लेकर हर किसी के मन में सवाल पैदा हो रहा है |
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अवीवा के पिता इमरान बेग दिल्ली बेस्ड कारोबारी हैं और माता नंदिता बेग इंटीरियर डिजाइनर हैं, जो दिल्ली निवासी हैं. वाड्रा परिवार और अवीवा बेग के परिवार के बीच काफी पुराना संबंध रहा है. प्रियंका गांधी की समधन नंदिता बेग ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के इंटीरियर डिजाइन प्रियंका गांधी के मिलकर तैयार किया था | प्रियंका गांधी भी इंटीरियर डिजाइनर हैं. यानी यह तो साफ है कि यह कोई नया रिश्ता नहीं है, इन दोनों परिवार का काफी पुराना संबंध है. हालांकि, दोनों शादी के बंधन में कब बंधेंगे, इसकी अभी ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है |
सवाई माधोपुर पहुंचा वाड्रा परिवार
मंगलवार को ही वाड्रा परिवार राजस्थान के सवाई माधोपुर पहुंचा. चर्चा यह भी है कि सगाई के आयोजन की तैयारियों के लिए वाड्रा परिवार गए हुए हैं. हालांकि इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं है. नए साल का जश्न भी वाड्रा परिवार रणथंभौर में मना रहा है | शादी की डेट चाहे जब की रखी गई हो लेकिन जब से यह खबर मीडिया पर आई तो वाड्रा परिवार और अवीवा बेन गूगल ट्रेंड समेत पूरे सोशल मीडिया पर धूम मचा दी. हर कोई दोनों परिवार के बारे में जानना चाह रहा है |
रेहान-अवीवा दोनों को फोटोग्राफी का शौक
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रेहान और अवीवा पिछले करीब 7 सालों से रिलेशनशिप में हैं. रेहान ने हाल ही में अवीवी को प्रपोज कर दिया. जब इसकी जानकारी दोनों के परिवार को लगी तो उन्होंने भी सहमति दे दी. जिसके बाद दोनों की सगाई होने जा रही है. रेहान वाड्रा की अगर बात करें तो वे इंस्टॉलेशन और विजुअल आर्टिस्ट हैं |फोटोग्राफी और ट्रैवलिंग में काफी दिलचस्पी रखते हैं. वहीं अवीवा बेग भी प्रोफेशनल फोटोग्राफर हैं, जिन्हें फोटोग्राफी का काफी शौक है |
जश्न की तैयारी से पहले पढ़ लें पुलिस का 'फरमान', वरना नए साल की पहली सुबह कट सकती है थाने में
31 Dec, 2025 09:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
New year Celebration Advisory: हर साल की तरह राजधानी दिल्ली समेत सभी शहरों पर नए साल के जश्न के उपलक्ष्य की तैयारियों में लोग जुट गए हैं. धूम-धाम से नए साल का स्वागत करने की तैयारी है. पुलिस ने भी बढ़ती भीड़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर सख्ती कर दी है. ज्यादातर शहरों में पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सलाह दी है, इसके साथ ही भीड़-भाड़ वाले इलाकों पर सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है. दिल्ली मेट्रो भी कनॉट प्लेस के पास बने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के निकासी गेट को 9 बजे रात के बाद बंद करने की जानकारी दी है. यानी आज रात अगर आप पार्टी करने के मूड से निकल रहे हैं तो पुलिस की एडवाइजरी जरूर पढ़ें.
31 दिसंबर वो दिन है, जिसका लोग बड़े ही बेसब्री से इंतजार करते हैं कि धूम-धड़ाकों के साथ नए साल का स्वागत करेंगे. लेकिन इस दिन देश में सबसे ज्यादा हादसे की भी खबर रहती है, इसलिए पुलिस पहले से ही एक्टिव मोड पर आ गई है. पुलिस का कहना है कि नए साल की खुशियों में किसी की लापरवाही दूसरों की जान पर भारी नहीं पड़ने दी जाएगी. इसके साथ ही सभी पब, क्लब, बार, होटल संचालकों और रस्तरां को नोटिस जारी कर सख्त निर्देश दिया गया है. पुलिस ने तो यह भी कहा कि नशा करने वाले व्यक्तियों को सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी भी संचालकों की होगी.
नोएडा में खास इंतजाम
नए साल के जश्न से दो दिन पहले ही गौतमबुद्ध नगर समेत सभी पुलिस बल पूरी तरह से मुस्तैद हो गए हैं. किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो, इसको रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. सबसे ज्यादा नजर शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर रखी जा रही है. सिर्फ गौतमबुद्ध नगर में ही नए साल के लिए 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
गुरुग्राम में 5400 से ज्यादा पुलिसकर्मी मुस्तैद
नए साल के जश्न में लोगों को किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए गुरुग्राम पुलिस ने 5,400 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया है. इसके साथ ही पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनयेसएस) की धारा 168 के तहत सभी पब, बार, क्लब, रेस्तरां और होटल संचालकों को नोटिस जारी कर निर्देश दिया गया है कि वे नशे में धुत किसी भी व्यक्ति को वाहन न चलाने दें. ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके. गुरुग्राम में भारी पुलिस बल के अलावा, सुरक्षा उपकरणों से लैस जवाबी हमला दस्ता, मोटरसाइकिल सवार पुलिस कर्मी, पीसीआर, क्रेन, दमकल और एम्बुलेंस दलों समेत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
भारत की चौथी बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी का समुद्री परीक्षण शुरु
30 Dec, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत की चौथी बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी-एस का समुद्री परीक्षण शुरू हो गया है। 7000 टन वजनी यह पनडुब्बी पिछले सप्ताह विशाखापत्तनम बंदरगाह स्थित शिपबिल्डिंग सेंटर (एसबीसी) से समुद्री परीक्षण के लिए रवाना हुई। एस4 सितारा (चार सितारा) अरिहंत श्रेणी की बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों की श्रृंखला की अंतिम पनडुब्बी है और इसमें 3500 किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता वाली आठ परमाणु-युक्त के-4 पनडुब्बी-प्रवेशित बैलिस्टिक मिसाइलें (एसएलबीएम) हैं।
एस4 सितारा पनडुब्बी के 80 प्रतिशत से अधिक उपकरण स्वदेशी घटकों से निर्मित हैं, जो चारों इकाइयों में सबसे अधिक है। पनडुब्बी का परीक्षण एक वर्ष तक चलने की उम्मीद है, जिसके बाद यह 2027 की शुरुआत तक सेवा में शामिल हो सकती है।
भारत के पास अब समुद्र में चार एसएसबीएन हैं, जिसमें से दो सेवा में हैं और दो का परीक्षण चल रहा हैं। तीसरा एसएसबीएन, आईएनएस अरिधमन, अपने समुद्री परीक्षण पूरे कर चुका है और 2026 के अंत में कमीशन होने के लिए तैयार है। यह रणनीतिक उपलब्धि उस परियोजना की परिणति है जो 1984 में तीन एसएसबीएन की आपूर्ति के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल (एटीवी) परियोजना की स्थापना के साथ शुरू हुई थी। एस 4 सितारा को एक दशक से भी पहले एस4 और बड़ी एस5 एसएसबीएन परियोजना के बीच एक अंतरिम समाधान के रूप में ऑर्डर किया गया था।
‘सरगुजा छेरी बैंक’ मॉडल से ग्रामीण महिलाओं को मिल रही आर्थिक आज़ादी की नई राह
एक्सटेंशन रिफॉर्म (आत्मा) योजना से गोविंद जायसवाल की बढ़ी आमदनी
टीकमगढ़ के डायल 112 हीरोज: दो एफआरव्ही वाहनों की त्वरित मदद से 12 घायलों को पहुँचाया अस्पताल
सामुदायिक पुलिसिंग से बाल विवाह रोकने में मिलीं मध्यप्रदेश पुलिस को सफलताएं
अनुसूचित जाति बालक प्री-मेट्रिक छात्रावास में शिक्षा, अनुशासन और कैरियर मार्गदर्शन से संवरता भविष्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश की जनता के नाम संदेश
महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों के सशक्तिकरण के लिये प्रदेश में संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
दसवीं बोर्ड टॉपर कु. प्रतिभा सोलंकी को प्रोत्साहनस्वरूप मिलेंगे एक लाख रुपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
