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WhatsApp Mule Scam: अकाउंट रेंट पर लेकर स्कैमर्स कर रहे बड़ी ठगी
6 Jan, 2026 04:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
WhatsApp Mule Scam: दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर बढ़ती यूजर संख्या अब साइबर ठगों के लिए नया हथियार बन गई है। साल 2026 में WhatsApp Mule Scam तेजी से फैल रहा है, जिसमें स्कैमर्स लोगों से उनका WhatsApp अकाउंट “रेंट” पर लेकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस खतरे को देखते हुए भारत सरकार की साइबर सुरक्षा पहल साइबर दोस्त ने आधिकारिक चेतावनी भी जारी की है।
अब तक आपने घर या गाड़ी किराए पर देने के बारे में सुना होगा, लेकिन इस नए स्कैम में ठग आसान कमाई का लालच देकर यूजर्स से उनका WhatsApp अकाउंट किराए पर देने को कहते हैं। स्कैमर्स दावा करते हैं कि अकाउंट का गलत इस्तेमाल नहीं होगा, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट होती है। किराए पर लिए गए इन अकाउंट्स का इस्तेमाल फर्जी लोन ऑफर, फ्रॉड लिंक, ओटीपी स्कैम और अन्य अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है।
WhatsApp Mule Scam में सबसे बड़ा खतरा यह है कि अकाउंट भले ही किसी और के हाथ में हो, लेकिन कानूनी जिम्मेदारी असली यूजर पर ही आती है। ऐसे मामलों में यूजर को पुलिस जांच, कानूनी नोटिस और यहां तक कि WhatsApp अकाउंट के स्थायी बैन का भी सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, निजी चैट, कॉन्टैक्ट्स और डेटा चोरी होने का जोखिम भी बना रहता है।
इस स्कैम से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान QR कोड को स्कैन न करें और WhatsApp में टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर चालू रखें। पैसे के लालच में आकर कभी भी अपना अकाउंट किसी और को न दें। यदि किसी तरह की धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या चक्षु पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
ओवैसी का अजित पवार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला...नांदेड़ में भरे मंच से धर्म को लेकर कही ये बात
6 Jan, 2026 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Asaduddin Owaisi On Ajit Pawar: महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मियों के बीच सियासी मंच से जुबानी जंग जारी है. महानगरपालिका चुनाव को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दल जमकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने NCP चीफ अजित पवार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने चाचा का नहीं हुआ, वो नांदेड़ का क्या होगा? जनता का क्या होगा?
ओवैसी का पवार पर तीखा हमला
दरअसल, महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव को लेकर प्रचार जारी है. इसी सिलसिले में असदुद्दीन ओवैसी नांदेड़ पहुंचे. यहां उन्होंने अपनी पार्टी उम्मीदवार के लिए चुनावी सभा की. इसी सभा में ओवैसी ने उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) चीफ अजित पवार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अजित पवार तुम शरद पवार के नहीं हुए तो तुम नांदेड़ के क्या हो सकते हो? जो आदमी तुमको पाल-पोसकर बड़ा किया, तुमको मुकाम दिया, तुमको इज्जत दिया, तुम उसी को घर में बैठाकर आगे बढ़ गए. ये अजित पवार की पहचान है.
‘मुसलमान होते तो 75 साल जेल में होते’
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि अजित पवार खुद खड़े होकर बोलते हैं कि मुझ पर 75 हजार करोड़ के गबन का इल्जाम है, क्या हुआ? उन्होंने आगे कहा कि हां अजित पवार, तुम्हारा नाम अजित पवार है, अगर तुम्हारा मुसलमान नाम होता तो तुम 75 साल तक जेल में रहते. ये फर्क है जो सत्ता में रहता है और जो मुसलमान होता है.
अशोक चव्हाण पर साधा निशाना
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे अशोक चव्हाण पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि मेरे अजीज दोस्तों और बुजुर्गों, तीसरी बात कहना चाहता हूं कि अशोक चव्हाण नहीं सुधरना चाहते हैं. वे संभलना नहीं चाहते हैं. अशोक राव आपको PM मोदी ने एक मंत्री पद भी नहीं दिया, कम से कम आपको राज्यमंत्री ही बना देते. आप तो महाराष्ट्र के सीएम थे. हां, ये बात और है कि आदर्श घोटाले में आपको इस्तीफा देना पड़ा था.
JNU Video Viral: पीएम मोदी–अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी से फिर विवाद में जेएनयू
6 Jan, 2026 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। JNU Video Viral होने के बाद दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो करीब 35 सेकेंड का बताया जा रहा है और इसके सामने आते ही सियासी हलकों से लेकर आम लोगों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं।
वायरल वीडियो में कथित तौर पर “मोदी-शाह की कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती पर” जैसे नारे सुनाई दे रहे हैं। इस नारेबाजी को लेकर कई लोग नाराजगी जता रहे हैं और इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बता रहे हैं। वहीं कुछ वर्ग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, जिससे बहस और गहरी हो गई है। हालांकि, वीडियो किस संदर्भ में और किस तारीख का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
JNU Video Viral मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल जेएनयू प्रशासन या दिल्ली पुलिस की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक वीडियो की सत्यता और उसमें शामिल छात्रों की पहचान को लेकर जांच की जा सकती है।
गौरतलब है कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी पहले भी छात्र राजनीति, विरोध प्रदर्शनों और नारेबाजी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही है। हर ऐसे मामले में अभिव्यक्ति की आजादी और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
भारत ने देश में ही बना जहाज़ समुद्र में उतारा है, काम समुद्र को साफ-सुथरा प्रदूषण मुक्त रखना
6 Jan, 2026 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत ने देश में ही बना एक ऐसा जहाज़ समुद्र में उतारा है, जिसका काम समुद्र को साफ-सुथरा प्रदूषण मुक्त रखना है। ये पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत आईसीजीएस समुद्र प्रताप है। इस पोत को भारतीय तटरक्षक में शामिल कर लिया गया है। इस जहाज को कमीशन देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। यह पोत समुद्री प्रदूषण नियंत्रण, खोज और बचाव अभियान में अहम भूमिका निभाएगा। इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने तैयार किया है। यह गोवा शिपयार्ड द्वारा बनाए गए दो प्रदूषण नियंत्रक जहाजों में से पहला है। देखा जाए तो यह कदम जहाज निर्माण और समुद्री क्षमता में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
समुद्र प्रताप का अर्थ है- समुद्रों की शक्ति। यह जहाज समुद्र को सुरक्षित, संरक्षित और स्वच्छ रखने के साथ-साथ देश के समुद्री हितों की रक्षा करने के भारतीय तटरक्षक बल के संकल्प को दर्शाता है। यह पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसमें 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। जहाज की लंबाई 114।5 मीटर और चौड़ाई 16।5 मीटर है। यह 40 किलोमीटर से अधिक की गति से चल सकता है। इसमें आधुनिक ऑटोमेशन व कंप्यूटर नियंत्रित सिस्टम लगे हैं। करीब 4,200 टन वजन वाला यह जहाज दो 7,500 किलोवाट डीजल इंजन से चलता है। इसमें स्वदेशी तकनीक से बने कंट्रोल पिच प्रोपेलर और गियर बॉक्स लगे हैं, जिससे जहाज को बेहतर नियंत्रण और लंबी दूरी तय करने की क्षमता मिलती है। यह जहाज 6,000 समुद्री मील तक बिना रुके चल सकता है। इसका मुख्य काम समुद्र में तेल रिसाव और प्रदूषण से निपटना है। इसके लिए इसमें आधुनिक उपकरण जैसे साइड स्वीपिंग आर्म्स, फ्लोटिंग बूम, हाई कैपेसिटी स्किमर, पोर्टेबल बार्ज और प्रदूषण जांच प्रयोगशाला मौजूद हैं।
ओएनजीसी के तेल कुएं से गैस रिसाव
6 Jan, 2026 10:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोनसीमा। आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले के राजोले इलाके में सोमवार को ओएनजीसी के एक चालू तेल कुएं से भारी गैस रिसाव हुआ है। घटना उस वक्त हुई, जब कुएं में मरम्मत का काम चल रहा था। हालात को देखते हुए प्रशासन ने तीन आसपास के गांवों को एहतियातन खाली करा लिया। जानकारी के मुताबिक, तेल कुएं से उत्पादन अस्थायी रूप से रोका गया था और वर्कओवर रिग के जरिए मरम्मत की जा रही थी। इसी दौरान अचानक तेज ब्लोआउट हुआ और गैस व कच्चा तेल जोरदार तरीके से ऊपर की ओर निकलने लगा। कुछ ही देर में रिसी हुई गैस में आग लग गई और कुएं के पास ऊंची लपटें उठने लगीं।
अधिकारियों के अनुसार, गैस और धुएं के घने बादल इरुसुमंदा और आसपास के इलाकों में फैल गए, जिससे पूरे क्षेत्र में धुंध जैसा माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से बिजली के स्विच बंद रखने, गैस चूल्हा न जलाने और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल न करने की अपील की। घटना की सूचना मिलते ही ओएनजीसी की टीमें मौके पर पहुंचीं और गैस रिसाव व आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। पूरे इलाके को घेराबंदी कर सील कर दिया गया है। वरिष्ठ जिला अधिकारी और ओएनजीसी के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भारत और कंबोडिया के बीच फैले अंतरराष्ट्रीय किडनी तस्करी रैकेट का सनसनीखेज खुलासा
6 Jan, 2026 09:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। भारत और कंबोडिया के बीच फैले एक अंतरराष्ट्रीय किडनी तस्करी रैकेट का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसकी शुरुआत एक किसान के सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो से हुई। महाराष्ट्र की चंद्रपुर पुलिस की सतर्कता ने एक ऐसे डेथ नेटवर्क को बेनकाब किया है, जिसकी कड़ियां अब दिल्ली से लेकर तमिलनाडु के त्रिची तक जुड़ चुकी हैं। इस काले कारोबार में न केवल शातिर बिचौलिए, बल्कि प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के डॉक्टर भी शामिल पाए गए हैं। गिरोह का मुख्य सरगना, कृष्णा, देश के बड़े अस्पतालों में जाकर उन अमीर मरीजों की पहचान करता था जिन्हें किडनी की तत्काल आवश्यकता होती थी, जबकि सोशल मीडिया के जरिए वह आर्थिक रूप से कमजोर और मजबूर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया है कि इस रैकेट में कुछ डॉक्टर भी शामिल थे। इन पर आरोप है कि ये पेशेवर डॉक्टर इस मानवीय त्रासदी का हिस्सा बनकर जरूरतमंद मरीजों से एक किडनी के बदले 50 से 80 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूलते थे। वहीं, अपनी मजबूरी के कारण अंग दान करने वाले गरीब दाताओं को महज 5 से 8 लाख रुपये थमा दिए जाते थे। बीच का बड़ा हिस्सा सरगना कृष्णा और इन भ्रष्ट डॉक्टरों की जेब में जाता था। चंद्रपुर पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि भारत और कंबोडिया के बीच यह नेटवर्क कितने सालों से सक्रिय था और अब तक कितने बेगुनाह लोग इस रसूख और लालच की भेंट चढ़ चुके हैं।
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और दक्षिण में होगी बारिश
6 Jan, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पहाड़ों पर बर्फबारी और कोहरे के कारण गलन वाली ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने रविवार को ठंड बढ़ने की चेतावनी जारी की थी। अब ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगले 4 दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से 9 जनवरी तक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने सभी से सावधानी बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग ने बताया कि हाल के दिनों में तमिलनाडु में तापमान में गिरावट आई है। लोकल मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। सुबह 8.30 बजे तक इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, तिरुनेलवेली जिले के नालुमुक्कू में 5 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो राज्य में सबसे ज्यादा थी।
दक्षिण बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से आने वाले दिनों में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में रुक-रुक कर हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ-साथ रात के तापमान में भी गिरावट आएगी।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश का मुख्य कारण आसपास के समुद्रों पर मौजूद मौजूदा वायुमंडलीय सिस्टम है। दक्षिण-पूर्वी अरब सागर पर निचले स्तर का वायुमंडलीय ट्रफ और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन बारिश की स्थिति बना रहे हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 7 जनवरी तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। पहले ही कई जिलों में चक्रवाती सिस्टम और उत्तर-पूर्वी मॉनसून की वजह से भारी बारिश हो चुकी है, जिससे शहरी क्षेत्रों में जलभराव, निचले इलाकों में बाढ़ और दक्षिणी जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा।
भोपाल के शारिक मछली मामले में पीएमओ का हस्तक्षेप, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई शिकायत
5 Jan, 2026 07:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिकायतकर्ता अभिषेक जैन साइकिल से तय कर चुके हैं हजार किलोमीटर का सफर, ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियार और सरकारी जमीन कब्जे के लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़े बहुचर्चित शारिक मछली मामले में अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने संज्ञान ले लिया है। शिकायतकर्ता अभिषेक जैन द्वारा की गई शिकायत को पीएमओ ने गृह मंत्रालय से जुड़े संयुक्त सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को सौंप दिया है। इस घटनाक्रम के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है तथा केंद्रीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीएमओ ने यह शिकायत गृह मामलों से संबंधित संयुक्त सचिव डॉ. आर.के. मित्रा को अग्रेषित की है। माना जा रहा है कि प्राथमिक जांच और तथ्यों के परीक्षण के बाद गृह मंत्रालय द्वारा आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता अभिषेक जैन ने इस मामले को उजागर करने के लिए कड़ाके की ठंड में भोपाल से नई दिल्ली तक साइकिल से लगभग एक हजार किलोमीटर की यात्रा की है। उनका कहना है कि दिल्ली पहुंचने के बाद भी उन्हें न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। कभी मंदिर, कभी गुरुद्वारे और कभी सड़कों पर रात गुजारने को वे मजबूर हैं।अभिषेक जैन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शारिक मछली और उसके परिजनों पर ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियार रखने, सरकारी जमीन और तालाबों पर कब्जा करने सहित कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों के आरोप पहले से ही लगते रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें वायरल होने के बावजूद संबंधित एजेंसियों ने आंखें मूंदे रखीं। स्थानीय लोग जब खुलकर गंभीर आरोप और तथ्य सामने ला रहे हैं, तब भी जांच एजेंसियों की निष्क्रियता कई सवाल खड़े करती है। अब प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय स्तर से हस्तक्षेप के बाद यह प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
शशि थरूर का तीखा तंज: 'बांग्लादेश को पाकिस्तान न समझें', मुस्तफिजुर रहमान पर फैसले से हिल गई राजनीति
5 Jan, 2026 04:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Shashi Tharoor Interview: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से बांग्लादेशी खिलाड़ी को बाहर करने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने इसे नासमझी भरा फैसला बताते हुए कहा कि बांग्लादेश पाकिस्तान नहीं है. वह आतंकवादी नहीं भेजता. खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि मैं इस मुद्दे पर पहले से ही अपना रुख स्पष्ट कर चुका हूं.
क्या बोले शशि थरूर?
BCCI द्वारा KKR से बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज़ किए जाने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “मैं कुछ समय से यह तर्क दे रहा हूं कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए, या यूं कहें कि राजनीतिक नाकामियों का मुख्य बोझ खेल पर नहीं डालना चाहिए. असल बात यह है कि हम बांग्लादेश के साथ कई दूसरे तरीकों से भी निपट रहे हैं, क्योंकि हमें ऐसा करना ही है. हमारे विदेश मंत्री कुछ दिन पहले ही वहां थे और उनसे मिले जिनके बारे में व्यापक रूप से उम्मीद है कि वे अगले चुनाव के संभावित विजेता होंगे और इसलिए संभावित प्रधानमंत्री होंगे.”
खेल को राजनीति से अलग रखें
उन्होंने आगे कहा कि हम बांग्लादेश के लोगों के साथ जुड़ाव के कई पहलुओं पर काम कर रहे हैं. अल्पसंख्यकों के खिलाफ हाल की ज्यादतियों पर, जिनके बारे में मैंने खुद आवाज उठाई है, हम पहले ही सरकार से सड़कों पर इन कानून तोड़ने वाले तत्वों पर कानून-व्यवस्था लागू करने का आग्रह कर रहे हैं. शशि थरूर बोले कि विशुद्ध रूप से क्रिकेट के लिहाज से अगर देखें तो इस निर्णय का कोई मतलब ही नहीं निकलता, क्योंकि टीमों को बीसीसीआ द्वारा चयनित रजिस्टर्ड खिलाड़ियों के समूह से चयन करने के लिए आमंत्रित किया गया था. ऐसे में केकेआर को चुनने के लिए दोषी क्यों ठहराया गया?
बांग्लादेश पर बोले शशि थरूर?
शशि थरूर ने बांग्लादेश को लेकर कहा कि बांग्लादेश के साथ हमारा बेहद नाजुक राजनयिक और राजनीतिक संबंध है. वहां पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. इसके परिणामस्वरूप अल्पसंख्यकों के ऊपर हमले हुए, जिसकी वजह से भारत में भी तनाव बढ़ गया. हम स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं. लेकिन सीधे-सीधे कहना कि हम सभी बांग्लादेशी खिलाड़ियों का बहिष्कार करेंगे. इससे बहुत गलत संदेश जाता है.
बांग्लादेश कोई पाकिस्तान नहीं
उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश कोई पाकिस्तान नहीं है. वह सीमा पार आतंकवादियों को नहीं भेज रहा. ऐसे में दोनों देशों की तुलना करना बिल्कुल भी संभव नहीं है. दोनों देशों के साथ भारत के संबंध अलग हैं. बांग्लादेश के साथ हमारी बातचीत या कूटनीति का स्तर पाकिस्तान के साथ हमारे संबंधों से बिल्कुल अलग है.
भारत पर टैरिफ वॉर की तैयारी...रूसी तेल को लेकर ट्रंप के तेवर कड़े, जानें आपकी जेब पर इसका क्या होगा असर
5 Jan, 2026 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Trump Tariff: भारत के रूसी तेल आयात पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि वे मूल रूप से मुझे खुश करना चाहते थे. प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं. वे नेक इंसान हैं. उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं हूं. मुझे खुश करना उनके लिए महत्वपूर्ण था. वे व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात एक पब्लिक एड्रेस में कही है. जिसमें उन्होंने भारत को साफ चेतावनी देते हुए कहा कि हम चाहते हैं भारत, रूस से तेल की खरीद बंद कर दे. ट्रंप ने इस चेतावनी को भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड बातचीत से जोड़ते हुए कही. हालांकि इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की.
रूसी तेल को लेकर कई बार दी चेतावनी
बता दें, कुछ महीने पहले ही ट्रंप ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा. हालांकि भारत ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा था कि ट्रंप और मोदी के बीच ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है. रूसी तेल को लेकर अमेरिका कई बार भारत को चेतावनी दे चुका है.
50 प्रतिशत बढ़ा चुके हैं टैरिफ
अमेरिका ने इससे पहले भी रूसी तेल की भारी खरीदारी के लिए सजा के तौर पर भारतीय सामानों के इंपोर्ट पर टैरिफ को दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया था. हालांकि दोनों देश अभी एक ट्रेड डील पर बातचीत कर रहे हैं, लेकिन कोई फाइनल समाधान नहीं निकल पाया है. अब देखना यह होगा कि ट्रंप इस चेतावनी के बाद क्या कदम उठाते हैं.
रेलवे का बड़ा धमाका : वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पहली झलक आई सामने, जानें किन शहरों के बीच शुरू होगी यह हाई-टेक सेवा
5 Jan, 2026 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Vande Bharat Sleeper: भारतीय रेलवे एक और बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। Vande Bharat Sleeper Train को हावड़ा–गुवाहाटी रूट पर चलाने की योजना बनाई गई है। इस आधुनिक स्लीपर ट्रेन का निर्माण सरकारी कंपनी BEML द्वारा किया गया है, जबकि इसकी मूल तकनीक ICF (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) ने विकसित की है। ट्रेन को नए नारंगी और ग्रे रंग के आकर्षक लुक में तैयार किया गया है, जिसका बाहरी डिजाइन पूरी तरह एरोडायनामिक है।
रेलवे के अनुसार, हावड़ा–गुवाहाटी रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की औसत गति करीब 66 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। हालांकि, ट्रैक अपग्रेडेशन का काम जारी है और भविष्य में इसकी रफ्तार और बढ़ाई जा सकती है। इस ट्रेन की डिजाइन स्पीड 180 kmph है, जिसके कारण इसे सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों की श्रेणी में रखा गया है। फिलहाल ट्रैक सीमाओं के कारण इतनी तेज गति संभव नहीं है।
Vande Bharat Sleeper Train में कुल 16 कोच होंगे। इनमें 11 कोच AC 3-टियर, 4 कोच AC 2-टियर और 1 कोच फर्स्ट AC का होगा। ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। AC 3-टियर में 611, AC 2-टियर में 188 और फर्स्ट AC में 24 यात्रियों के लिए व्यवस्था की गई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में ऑटोमेटिक दरवाजे, आधुनिक वेस्टिब्यूल और बेहतर कुशनिंग वाली बर्थ लगाई गई हैं। नया सस्पेंशन सिस्टम झटकों और शोर को कम करेगा, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक आरामदायक बनेगी। साफ-सफाई के लिए विशेष डिसइंफेक्टेंट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में ‘कवच’ सिस्टम और इमरजेंसी टॉक-बैक सुविधा होगी, जिससे जरूरत पड़ने पर यात्री सीधे ड्राइवर से संपर्क कर सकेंगे। रेल मंत्रालय की योजना 2026 तक 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को देश के अलग-अलग रूटों पर चलाने की है, जिससे लंबी दूरी की रेल यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पत्र लिखकर दी बड़ी चेतावनी, इस एक गलती से मच सकता है हड़कंप
5 Jan, 2026 12:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CM Yogi letter: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर प्रदेश की जनता के नाम ‘योगी की पाती’ पत्र शेयर किया है. उन्होंने पत्र में लगातार बढ़ते ‘डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी’ से प्रदेशवासियों को आगाह किया है. इसके साथ ही सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने पत्र के माध्यम के बताया कि मोबाइल और कंप्यूटर ने जीवन को सुगम तो बनाया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं. ऐसे में सब जागरुक रहकर ही बच सकते हैं.
योगी की पाती’ में क्या लिखा?
सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ‘योगी की पाती’ नाम का एक पत्र लिखा, “मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, मोबाइल और कंप्यूटर ने हमारे जीवन को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाया है, परंतु इसके साथ ही साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ी हैं. आपकी सरकार इसकी रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है.”
कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं
2017 से पूर्व प्रदेश में केवल 2 साइबर क्राइम थाने थे. आज सभी 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने क्रियाशील है. साथ ही सभी जनपदीय थानों में साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है. साइबर ठगों के विरुद्ध सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़े शस्त्र है. यह अपराधी ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे झूठे और भ्रामक शब्दों का प्रयोग कर निर्दोष नागरिकों को डराते-धमकाते हैं और उनसे पैसे वसूलते हैं. देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है. पुलिस या अन्य कोई सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, वॉट्सऐप, या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है.
साइबर अपराध होने पर क्या करें?
सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर भी सावधान रहना होगा. आप जो तस्वीरें, वीडियो या लोकेशन सार्वजनिक करते हैं, उसके माध्यम से अपराधी पहले आपके बारे में सूचनाएं जुटाते हैं और इन्हीं सूचनाओं को आपके विरुद्ध प्रयोग करते हैं. अपनी व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें. सावधानी के पश्चात भी यदि आपके साथ साइबर अपराध हो जाता है, तो सर्वप्रथम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करें. जितना शीघ्र आप पुलिस को सूचित करेंगे, बचाव की संभावना भी उतनी ही अधिक होगी. जागरूक बनें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को. आइए, हम सब मिलकर एक सुरक्षित और साइबर अपराध-मुक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण करें.
पहले भी लिख चुके हैं पाती?
बता दें, इससे पहले भी नए साल के अवसर पर सीएम योगी ने एक पत्र लिखकर लखनऊ और नोएडा को ‘एआई सिटी’ के रूप में विकसित करने करने की बात कही थी. इसके साथ ही जेवर में सेमीकंडक्टर यूनिट जैसी भविष्योन्मुखी परियोजनाओं के माध्यम से यूपी को नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया था. पिछले कई महीनों से सीएम योगी साइबर क्राइम को लेकर काफी एक्टिव हैं. इससे पहले भी एक बार साइबर क्राइम को लेकर अपनी पाती लिख चुके हैं.
दिल्ली दंगे केस में SC का बड़ा फैसला: उमर खालिद को जमानत नहीं, 5 आरोपियों को राहत
5 Jan, 2026 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
SC On Omar Khalid : मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े केस में अहम फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। वहीं, इसी मामले में नामजद पांच अन्य आरोपियों को सशर्त जमानत दी गई है। उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। इस दंगे में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने सुनाया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम की भूमिका की तुलना अन्य आरोपियों से नहीं की जा सकती। कोर्ट के अनुसार, दोनों की भूमिका “गुणात्मक रूप से अलग” है और वे अलग फुटिंग पर खड़े हैं। इसी आधार पर उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं।
इन पांच आरोपियों को मिली जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने मीरान हैदर, गुल्फिशा फातिमा, शिफा उर रहमान, मुहम्मद शकील खान और शादाब अहमद को जमानत दी है। कोर्ट ने इन सभी को सख्त नियम और शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया है।
कोर्ट की अहम टिप्पणियां
SC On Omar Khalid फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 21 संविधान का मूल आधार है और विचाराधीन कैद को सजा के रूप में नहीं देखा जा सकता। हालांकि, UAPA एक विशेष कानून है, जो ट्रायल से पहले जमानत की शर्तों को कड़ा बनाता है। अदालत ने यह भी कहा कि मामले में त्वरित सुनवाई बेहद जरूरी है।
गुल्फिशा फातिमा के मामले में कोर्ट ने समानता के अधिकार को ध्यान में रखा, क्योंकि वह लंबे समय से जेल में बंद एकमात्र महिला आरोपी थीं। इस फैसले ने एक बार फिर UAPA मामलों में जमानत और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन पर बहस को तेज कर दिया है।
पंजाब: पिता ने छुट्टी पर घर आई बेटी की हत्या की, पढ़ाई जारी रखने से था नाराज
5 Jan, 2026 12:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्री मुक्तसर साहिब (पंजाब): जिले में रविवार सुबह एक पिता ने अपनी बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी. बेटी की उम्र सिर्फ 18 साल थी. यह घटना श्री मुक्तसर साहिब जिले के कबरवाला पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले गांव मिड्डा में हुई.
जानकारी के मुताबिक, मिड्डा गांव के रहने वाले हरपाल सिंह ने रविवार सुबह करीब 7 बजे सो रही बेटी पर धारदार चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. मृतक लड़की की पहचान चमनदीप कौर के रूप में हुई है. वहीं, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है.
कबरवाला पुलिस थाने की एसएचओ हरप्रीत कौर ने जानकारी देते हुए कहा कि "उन्हें इस घटना की जानकारी मिली और वे तुरंत मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है."
एसएचओ ने बताया कि हत्या का कारण यह बताया जा रहा है कि मृतक लड़की का पिता नहीं चाहता था कि उसकी बेटी आगे पढ़े. जिसके चलते पिता ने यह कदम उठाया. पुलिस ने मृतक लड़की की मां जसविंदर कौर के बयानों पर केस दर्ज कर लिया है.
एसएचओ हरप्रीत कौर ने कहा कि "मृत लड़की पहले मोहाली में रहकर पढ़ाई कर रही थी. उसकी बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए मलोट के सिविल हॉस्पिटल भेज दिया गया है."
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक लड़की चमनदीप कौर स्पोर्ट्स और पढ़ाई में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही थी. उसने पावर लिफ्टिंग में गोल्ड मेडल भी जीता था. लड़की मोहाली से पढ़ाई पूरी करने के बाद फिरोजपुर में अपने रिश्तेदारों के यहां रहकर आगे की पढ़ाई कर रही थी. वह छुट्टियों के कारण घर आई हुई थी.
असम में सुबह-सुबह डोली धरती, मोरीगांव में 5.1 तीव्रता के भूकंप के झटके लगे, जानें अपडेट
5 Jan, 2026 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी: असम के मोरीगांव में सोमवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. ताजा जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र असम का मोरीगांव जिला था. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता करीब 5.1 मापी गई है. यह भूकंप तड़के करीब 4 बजकर 17 मिनट पर आया.
असम के साथ-साथ भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के कई हिस्सों में भूंकप आने की खबर मिली है. लोग गहरी नींद में थे, झटका महसूस होते ही लोग घबरा गए और घरों से बाहर निकल आए. इस संबंध में अधिकारियों ने कहा कि अभी तक किसी के घायल होने या किसी नुकसान होने की कोई खबर नहीं है. भूकंप ब्रह्मपुत्र के दक्षिणी किनारे पर मोरीगांव जिले में 50 किमी. की गहराई पर महसूस किया गया. उन्होंने बताया कि भूकंप का केंद्र मध्य असम में था.
असम के पड़ोसी जिलों कामरूप मेट्रोपॉलिटन, नागांव, ईस्ट कार्बी आंगलोंग, वेस्ट कार्बी आंगलोंग, होजई, दीमा हसाओ, गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराईदेव, कछार, करीमगंज, हैलाकांडी, धुबरी, साउथ सलमारा-मनकाचर और गोलपारा में भी लोगों ने झटके महसूस किया. ब्रह्मपुत्र के उत्तरी किनारे पर बसे दरांग, तामुलपुर, सोनितपुर, कामरूप, विश्वनाथ, उदलगुरी, नलबाड़ी, बाजाली, बारपेटा, बक्सा, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव और लखीमपुर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए.
भूकंप का असर मध्य-पश्चिमी अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों, पूरे मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में महसूस किया गया. रिपोर्ट में बताया गया कि मध्य-पूर्वी भूटान, चीन के कुछ हिस्से और बांग्लादेश भी हिल गए हैं. उत्तर-पूर्वी इलाका हाई सिस्मिक जोन में आता है, जिससे यहां भूकंप का डर हमेशा बना रहता है.
त्रिपुरा में भी लगे झटके
वहीं, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, सोमवार सुबह त्रिपुरा में 3.9 तीव्रता के भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. जानकारी के मुताबिक यह झटके सोमवार सुबह करीब 3 बजकर 33 मिनट पर 54 किलोमीटर की गहराई पर आया.
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