देश
दिल्ली में आसमानी आफत : बारिश के साथ 5 डिग्री गिरा पारा, जानें अगले 48 घंटे राजधानी के लिए क्यों हैं भारी?
9 Jan, 2026 09:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Delhi Weather: दिल्ली-NCR में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. दिल्ली में कड़ाके की ठंड के साथ ही शुक्रवार सुबह से हल्की बारिश हो रही है. कई इलाकों में घना कोहरा भी छाया हुआ है. हालांकि इन दिनों पहले की अपेक्षा प्रदूषण में थोड़ी सी कमी दर्ज की गई है. लेकिन पूरी तरह से राहत नहीं मिली है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक शुक्रवार को दिल्ली के इंडिया गेट का AQI 329 दर्ज किया गया है, जो 2 सप्ताह पहले 400 के पार था.
दिल्ली में सुबह-सुबह हुई बारिश ने ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी. मौसम विभाग ने भी अधिकतम तापमान में गिरावट की संभावना जताई है. तो वहीं शुक्रवार के लिए घने कोहरे का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है. गुरुवार से ही दिल्ली में ठंड बढ़ गई थी लेकिन आज बारिश ने ठंड को और बढ़ा दिया है.
ट्रेनों पर भी पड़ा असर
दिल्ली में आए दिन कोहरे की वजह से ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं. गुरुवार को ही दिल्ली आने वाली करीब 21 ट्रेनें लेट रहीं. तो वहीं एक ट्रेन को कोहरा अधिक होने की वजह से कैंसिल कर दिया गया. रेलवे के अनुसार पिछले कई दिनों से कोहरे ने रेलवे की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. कई ट्रेनें तो 3-4 घंटे तक लेट रहीं.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, आज शुक्रवार को दिल्ली के इंडिया गेट के पास AQI 329 दर्ज किया गया है, जो Poor कैटेगरी में आता है. लेकिन अब बारिश होने के बाद जल्द ही प्रदूषण में कमी आने की संभावना है.
कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी की हालत स्थिर, एंटीबायोटिक्स और अन्य सहायक दवाएं दी जा रही
9 Jan, 2026 09:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । सोमवार रात सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हुई कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी की हालत स्थिर बनी हुई है। सर गंगाराम अस्पताल के अध्यक्ष डॉ. अजय स्वरूप ने इसकी जानकारी दी। अध्यक्ष ने बताया कि सोनिया गांधी का इलाज जारी है और वे स्वस्थ हो रही हैं। सांस लेने में तकलीफ होने के बाद सोमवार को कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी को सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल के अध्यक्ष स्वरूप ने बताया कि विस्तृत चिकित्सा जांच के बाद पता चला कि दिल्ली में ठंड और प्रदूषण के मिले-जुले प्रभाव से सोनिया गांधी के ब्रोंकियल अस्थमा की समस्या थोड़ी बढ़ी थी। एहतियात के तौर पर डॉक्टरों ने उन्हें निगरानी और आगे के इलाज के लिए भर्ती करने का फैसला किया। स्वरूप ने कहा कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि ठंड और प्रदूषण के मिले-जुले प्रभाव से उनका ब्रोंकियल अस्थमा थोड़ा बढ़ गया था। एहतियात के तौर पर उन्हें आगे की निगरानी और इलाज के लिए भर्ती किया गया। फिलहाल उनकी हालत बिल्कुल स्थिर है।
उनके इलाज के बारे में और जानकारी देकर अस्पताल के अध्यक्ष ने बताया कि सोनिया गांधी इलाज पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रही हैं और उन्हें एंटीबायोटिक्स और अन्य सहायक दवाएं दी जा रही हैं। स्वरूप ने कहा कि उनकी हालत में सुधार के आधार पर इलाज करने वाले डॉक्टर उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने का फैसला कर सकते है। स्वरूप ने कहा कि फिलहाल उनकी हालत बिल्कुल स्थिर है।
भारत के मशहूर इकोलॉजिस्ट और पर्यावरण संरक्षण के अग्रदूत माधव गाडगिल का निधन
9 Jan, 2026 08:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत के मशहूर इकोलॉजिस्ट और पर्यावरण संरक्षण के अग्रदूत माधव गाडगिल का बुधवार देर रात पुणे में निधन हो गया। वह 83 साल के थे। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, गाडगिल पिछले कुछ समय से बीमार थे और पुणे के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से पर्यावरण विज्ञान और पारिस्थितिकी के क्षेत्र में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है।
माधव गाडगिल को पश्चिमी घाट पर उनके काम के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यह इलाका वैश्विक जैव विविधता का हॉटस्पॉट माना जाता है। उन्होंने भारत सरकार द्वारा गठित पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल की अध्यक्षता की थी। इस पैनल ने विकास गतिविधियों, जनसंख्या दबाव और जलवायु परिवर्तन के असर का गहन अध्ययन किया। उनकी रिपोर्ट, जिसे ‘गाडगिल रिपोर्ट कहा जाता है, ने भारत के नाजुक पर्यावरणीय क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए ठोस सुझाव दिए थे।
‘सोमनाथ : द श्राइन इटर्नल’- जहाँ इतिहास, पुरातत्त्व और श्रद्धा एक साथ बोलते हैं
8 Jan, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पीएम मोदी के लेख में उल्लेखित पुस्तक के बहाने सोमनाथ मंदिर के विध्वंस और पुनर्निर्माण की सम्पूर्ण कथा
अहमदाबाद| आततायी महमूद गजनवी के सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण को 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस विदेशी आक्रमणकारी द्वारा हुआ आक्रमण भारत की अस्मिता पर कुठाराघात समान था। इस एक हजार वर्ष के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिखे गए विशेष लेख में एक विशेष पुस्तक का उल्लेख किया गया था। इस पुस्तक के बारे में जानने के लिए जिज्ञासु गूगल सर्च इंजन चला रहे हैं।
यह पुस्तक यानी कनैयालाल माणेकलाल मुनशी द्वारा 1951 में लिखी गई ‘सोमनाथ : द श्राइन इटर्नल’ ! इस पुस्तक में भगवान श्री सोमनाथ के मंदिर के बारे में ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व का परिचय दिया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा हुए उल्लेख के कारण हाल में यह पुस्तक चर्चा एवं पठन के केन्द्र में है। ऐसे में यह इस पुस्तक के बारे में और जानना रुचिप्रद होगा।
गुजरातियों के लिए गुजरात की अस्मिता के ज्योतिर्धर क. मा. मुनशी परिचय के मोहताज नहीं है। वे राजनीतिक पुरुष के अलावा एक अच्छे लेखक थे। उनकी पुस्तकों के केन्द्र में इतिहास एवं सांस्कृतिक आदि विषय रहे हैं। गुजरातियों को अंग्रेजी में लिखी पुस्तकें पढ़ने में बहुत खास आदत नहीं है। अंग्रेजी में भी गुजरात तथा गुजरात के इतिहास के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है, जिसमें कनैयालाल मुनशी को भी सिरमौर माना जा सकता है।
उनके द्वारा लिखित ‘पाटणनी प्रभुता’, ‘जय सोमनाथ’, ‘गुजरातनो नाथ’, ‘भग्न पादुका’, ‘कृष्णावतार भाग 1 से 7’ जैसी पुस्तकें पढ़ने से गुजरात के इतिहास के अलावा धार्मिक विभूतियों की दिलचस्प जानकारी स्थल-काल के साथ जानने को मिलती है।
सोमनाथ – द श्राइन इटर्नल पुस्तक में कनैयालाल मुनशी ने भगवान श्री सोमनाथ मंदिर का ऐतिहासिक एवं पुरातात्तिवक परिचय दिया है। उन्होंने सोमनाथ मंदिर को भारत की अस्मिता का प्रतीक बताया है। क्यों यह मंदिर भारत की सांस्कृतिक धरोहर के लिए महत्वपूर्ण है ? इसका अहसास इस पुस्तक को पढ़ने से आ सकता है। हाल में सोमनाथ में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है, तब इस पुस्तक के बारे में भी जानना महत्वपूर्ण है।
यह पुस्तक भारतीय विद्या भवन की ‘बुक्स यूनिवर्सिटी’ श्रृंखला अंतर्गत प्रकाशित की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति के मूलभूत मूल्यों का आधुनिक ज्ञान के साथ संयोजन करना है।
मुनशीजी ने इस पुस्तक का प्रथम संस्करण मई-1951 में सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना तथा ज्योतिर्लिंग प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर लिखा था। लेखक स्वयं स्वीकार करते हैं कि उन्होंने शैक्षणिक विद्वता के दावे के बिना, बल्कि एक अत्यंत श्रद्धालु तथा इतिहास के जिज्ञासु के रूप में यह पुस्तक बहुत ही कम समय में तैयार की थी, जिससे सोमनाथ के इतिहास को लोगों के समक्ष रखा जा सके।
इस पुस्तक का उद्देश्य उच्च शिक्षा एवं संस्कार देना है। इस पुस्तक द्वारा मानव गरिमा एवं नैतिक व्यवस्था (मोरल ऑर्डर) की स्थापना करने का प्रयास किया गया है, जिससे मनुष्य भगवान का सच्चा अंश बन सके।
पुस्तक मुख्यतः चार भागों में बँटी हुई है। पहले भाग में सोमनाथ की पौराणिक कथाएँ तथा इतिहास है, दूसरे भाग में रोमांस इन स्टोन यानी पत्थरों में उत्कीर्णित स्थापत्य है, तीसरे भाग में पुरातात्तिवक उत्खनन (एक्सकैवेशन्स) द्वारा मिले प्रमाण हैं और चौथे भाग में मुस्लिम इतिहासकारों के उल्लेखों तथा विभिन्न शिलालेखों का विवरण दिया गया है।
लेखक ने सोमनाथ को ‘चंद्रना देव’ (लॉर्ड ऑफ सोम) के रूप में वर्णित किया है और प्रभास क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व की चर्चा की है। मंदिर राख से पुनः खड़े होने वाले फिनिक्स पक्षी की तरह राख से पुनः उठ खड़ा होकर अनेक विनाश के बाद भी अजेय रहा है। पुस्तक में भगवान श्री कृष्ण के देहोत्सर्ग के पवित्र स्थान का भी उल्लेख है।
इस पुस्तक में सोमनाथ पर हुए आक्रमणों का विस्तृत इतिहास है। 1025 में महमूद गजनवी द्वारा किए गए विनाश से लेकर अलाउद्दीन खिलजी तथा औरंगजेब के काल तक के कठिन काल का वर्णन यहाँ देखने को मिलता है। मुनशीजी ने इस विनाश को केवल इमारत का विध्वंस नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आत्मा पर हुए आघात के रूप में प्रस्तुत किया है।
पुस्तक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सोमनाथ के आधुनिक पुनरुत्था पर केन्द्रित है। 13 नवंबर, 1947 को सरदार वल्लभभाई पटेल ने जर्जर मंदिर के प्रांगण में समुद्री जल के साथ जो संकल्प किया था, उसे क. मा. मुनशी ने भारत के गौरव की पुनर्स्थापना के रूप में आलेखित किया है।
पुस्तक में बी. के. थापर द्वारा किए गए वैज्ञानिक उत्खनन की रिपोर्ट भी शामिल है। इस विभाग में पृथ्वी के गर्भ से प्राप्त प्राचीन मंदिर के स्तरों, शिलालेखों और मूर्तियों के आधार पर मंदिर के प्राचीन स्थापत्य की कड़ियों को जोड़ा गया है, जो इतिहास के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
पुस्तक के नए संस्करणों में नए मंदिर के निर्माण की प्रगति के बारे में बताया गया है। नए मंदिर को ‘कैलास महामेरु प्रसाद’ के रूप में परिचित कराया गया है, जिसकी ऊँचाई 155 फीट है। पुस्तक में अनेक रेखाचित्र तथा फोटोग्राफ हैं, जो सोमनाथ की कलात्मक भव्यता के दर्शन कराते हैं।
‘सोमनाथ : द श्राइन इटर्नल’ केवल इतिहास की पुस्तक नहीं है, बल्कि भारतीय प्रजा की अखंडा श्रद्धा की प्रती है। मुनशीजी के मतानुसार सोमनाथ अनंत ज्योति है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी भारत को उसकी सांस्कृतिक जड़ों के साथ जोड़कर रखती है तथा स्वाभिमान से जीने की प्रेरणा देती है।
जिस प्रकार गंगा नदी पहाड़ों से निकलकर अनेक मोड़ लेने के बावजूद समुद्र तक पहुँच कर अपनी पवित्रता बनाए रखती है, उसी प्रकार सोमनाथ का इतिहास भी संघर्षों के बावजूद अपनी गरिमा बनाए रखते हुए अनंत रहा है, जिसका सटीक चित्रण इस पुस्तक में देखने को मिलता है।
भीलवाड़ा किडनैप केस: सुरक्षा मांगने SP ऑफिस आई युवती ही हो गई शिकार
8 Jan, 2026 09:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा शहर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जो कानून व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़ा करता है. एसपी ऑफिस के ठीक सामने से ब्लैक स्कॉर्पियो में आए लोगों ने एक युवती को जबरन उठाकर अपनी गाड़ी में डालकर रफूचक्कर हो गए. इस दौरान पुलिसकर्मियों और मौजूद लोगों द्वारा रोकने का भी प्रयास किया लेकिन वाहन चालक नहीं रुके, भाग निकले. युवती अपने प्रेमी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहती थी, उसके अपने घर से जान का खतरा महसूस हो रहा था. इसकी शिकायत करने वह एसपी कार्यालय गई थी. इसी दौरान यह घटना हुई. जानकारी के अनुसार युवती अपने प्रेमी के साथ काफी समय से लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थी लेकिन अभी हाल ही में उसने प्रेमी के साथ कोर्ट मैरिज कर ली. शादी करने के बाद उसे अपने ही मायके पक्ष के लोगों से डर लगने लगा. किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो इसके लिए उसने एसपी ऑफिस पहुंचकर आवेदन करने का विचार किया. बुधवार को हाथ में शपथ पत्र लिए वह एसपी कार्यालय पहुंची ही थी, कि घर वालों का पता चल गया. घर वाले भी एसपी ऑफिस पहुंच गए. युवती को कुछ पता चल पाता कि इससे पहले एसपी ऑफिस से बाहर निकलते समय घर वालों ने काली स्कॉर्पियो के अंदर डाल दिया।
फिल्मी सीन का दिखा नजारा
यह नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था. मौके पर मौजूद लोग देखकर दंग रह गए. कुछ लोग तो इधर-उधर भागते नजर आए तो कुछ ने युवती को बचाने का प्रयास किया लेकिन इस दौरान गाड़ी नहीं रुकी. युवती को लेकर उसके मायके पक्ष के लोग फरार हो गए. मामला एसपी ऑफिस के पास का था और वीडियो भी सामने आ गया तो पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए नाकाबंदी कराकर गाड़ी समेत युवती को डिटेन कर लिया है. साथ ही इसमें शामिल आरोपियों को भी हिरासत में लिया है. पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
बाल-बाल बचे पुलिसकर्मी
युवती के घर वाले प्रेमी के साथ लव मैरिज करने की वजह से नाराज चल रहे थे. युवती के अनुसार कई बार धमकियां भी दी. इसलिए खतरे को भांपते हुए कोर्ट मैरिज करने के बाद युवती पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाने एसपी ऑफिस गई थी. जब यह घटना हुई तो मौके पर मौजूद विशेष शाखा (डीएसबी) के एएसआई प्रताप सिंह मौजूद रहे. उन्होंने गाड़ी के आगे खड़े होकर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने गाड़ी नहीं रोकी. बल्कि कुचलने का प्रयास किया गया. इस दौरान उनका मोबाइल फोन सड़क पर गिरकर टूट गया. गनीमत रही कि वे बाल-बाल बच गए।
फर्जी रेलवे भर्ती मामला: बिहार समेत 4 राज्यों में ईडी की छापेमारी
8 Jan, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फर्जी सरकारी नौकरी दिलाने के मामले में गुरुवार सुबह से व्यापक छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। ईडी की यह कार्रवाई सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रही ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। पेशेवर गिरोह ने विभिन्न सरकारी विभागों के नाम और फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए न केवल आम जनता को ठगा, बल्कि करोड़ों रुपये की आर्थिक ठगी की। ईडी अधिकारियों का कहना है कि इस छापेमारी से कई महत्वपूर्ण सुराग और डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं, जो गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा करेंगे। जानकारी के मुताबिक यह घोटाला खासकर भारतीय रेलवे और देश के अन्य 40 सरकारी विभागों में भर्तियों के नाम पर संचालित किया जा रहा था। ईडी के अनुसार, यह गैंग फर्जी ईमेल अकाउंट और दस्तावेज तैयार कर लोगों को नियुक्ति पत्र, कॉल लेटर और अन्य सरकारी प्रमाण पत्र भेजता था। इन दस्तावेज़ों को इस तरह तैयार किया जाता था कि देखने में यह बिल्कुल सरकारी विभागों के द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ लगते थे। इस ठगी में लोगों का विश्वास जीतने के लिए गिरोह ने कुछ लोगों के बैंक खातों में 2 से 3 महीने तक सैलरी भी भेजी। विशेष रूप से आरपीएफ, टीटीई, रेलवे टेक्नीशियन, डाक विभाग, वन विभाग, टैक्स डिपार्टमेंट, हाई कोर्ट, लोक निर्माण विभाग, बिहार सरकार, दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए), राजस्थान सचिवालय आदि के नाम पर यह घोटाला किया गया। इस छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने कई डिजिटल उपकरण, फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन से जुड़े प्रमाण जुटाए हैं। आने वाले दिनों में इन सबका विश्लेषण कर ईडी गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके धन-आस्तियों तक पहुँचने की कोशिश करेगी। इस मामले में आगे की जांच से पता चल सकता है कि यह घोटाला कितने समय से चल रहा था और इससे कितने लोगों को नुकसान हुआ है। ईडी के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क अत्यंत संगठित और पेशेवर तरीके से संचालित किया जा रहा था। इस मामले में ईडी ने बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और केरल में छापेमारी की है। इन 6 राज्यों के कुल 15 शहरों में छापेमारी जारी हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर में एक स्थान पर और मोतिहारी में दो स्थानों पर छापे मारे जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी इस गिरोह के दो ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इसके अलावा चेन्नई, राजकोट और केरल के चार शहरों में भी ईडी ने छापेमारी की पुष्टि की है। जानकारों के अनुसार, इस तरह के स्कैम में आम तौर पर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस मामले में ईडी ने अब तक जो जानकारी जुटाई है, उसके मुताबिक गिरोह के पास फर्जी जॉब पोर्टल, ईमेल और बैंक अकाउंट का व्यापक नेटवर्क है। इसके जरिए यह गिरोह लोगों को भर्तियों के नाम पर आकर्षित करता और फिर उनसे भारी रकम ऐंठ लेता।
मौसम का मिजाज: उत्तर भारत में कंपाने वाली ठंड और दक्षिण-पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट
8 Jan, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दक्षिण भारत में मानसून की विदाई के बावजूद बारिश का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। केरल में आने वाले 72 घंटों के दौरान कई जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और हवाओं की रफ्तार बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। तमिलनाडु में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। चेन्नई समेत कई तटीय इलाकों में घने बादल छाए रहेंगे और झमाझम बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा पुडुचेरी और कराईकल जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी मध्यम से भारी बारिश की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने के कारण एक तरफ जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाके भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड की चपेट में हैं, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, विभिन्न मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू होने वाला है।
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का असर काफी गहरा रहने वाला है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की आशंका है, जबकि निचले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस बर्फबारी और बारिश के कारण पहाड़ों से सटे मैदानी इलाकों में तापमान और नीचे गिरेगा, जिससे ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ जाएगा। सड़कों पर फिसलन और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। दक्षिण के अन्य हिस्सों जैसे तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी अगले तीन दिनों तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और जोरदार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, वहीं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है ताकि उन्हें नुकसान से बचाया जा सके।
पीएम मोदी 12 जनवरी को अहमदाबाद में करेंगे अंतर्राष्टीय पतंग महोत्सव 2026 का उद्घाटन
8 Jan, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद| गुजरात में उत्तरायण अर्थात मकर संक्रांति का पर्व विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर पूरे राज्य में पतंग प्रेमी रंग-बिरंगी पतंगों से आसमान को सजाते हैं। इसी परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करते हुए इस वर्ष ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
महोत्सव का उद्घाटन 12 जनवरी 2026 को सुबह अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से होगा। उद्घाटन समारोह में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की प्रेरक उपस्थिति भी रहेगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के दिशा-निर्देश और उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। 12 से 14 जनवरी 2026 तक अहमदाबाद में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पतंगबाज विशाल और अनोखी पतंगों की उड़ान भरेंगे। 13 जनवरी को विशेष रात्रि पतंग उड़ान भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
महोत्सव के दौरान अहमदाबाद की विरासत को दर्शाती हेरिटेज हवेलियां, प्राचीन पोल, रंगीन हस्तकला बाजार, हेरिटेज वॉक-वे पर पतंग संग्रहालय, और आकर्षक आइकॉनिक फोटो वॉल इंस्टॉलेशन दर्शकों को लुभाएंगे। प्रतिदिन शाम 7:00 बजे से विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें प्रसिद्ध लोक गायिका किंजल बेन दवे प्रस्तुति देंगी।
इस वर्ष महोत्सव में 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज, भारत के 13 राज्यों से 65, तथा गुजरात के 16 जिलों से 871 पतंगबाज भाग लेंगे। इस प्रकार कुल 1,071 पतंग प्रेमी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे। साथ ही 25 हस्तकला स्टॉल और 15 फूड स्टॉल स्थानीय कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देंगे।
अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 केवल अहमदाबाद तक सीमित नहीं रहेगा। यह 10 जनवरी को राजकोट, सूरत और कच्छ के धोलावीरा, 11 जनवरी को वडनगर, शिवराजपुर और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, तथा 13 जनवरी को वडोदरा में भी आयोजित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में इस महोत्सव ने पूरे गुजरात में 3.83 लाख से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया था। गुजरात टूरिज्म के अनुसार, इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 के दौरान अनुमानित पांच लाख से अधिक पर्यटक गुजरात की यात्रा करेंगे, जिससे राज्य को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।
कठुआ के कहोग गांव में सुरक्षा बल और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़
8 Jan, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कठुआ । जम्मू-कश्मीर के कठुआ के बिलावर क्षेत्र के कहोग गांव में सुरक्षा बल और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन आतंकवादी गांव में छिपे हुए हैं और उन्हें पकड़ने के लिए सुरक्षा बल तलाशी अभियान जारी हैं। मुठभेड़ बुधवार शाम शुरू हुई, जब दो से तीन आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली। जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) और अन्य सुरक्षा बलों ने मिलकर कार्रवाई की। मुठभेड़ में एक सुरक्षाकर्मी को पैर में गोली लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। अधिकारी बताते हैं कि घने जंगल और दुर्गम इलाके में रात भर घेराबंदी के बाद तलाश अभियान फिर से शुरू किया। धनु परोल-कमाध नाला क्षेत्र में हवाई निगरानी के साथ अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। जम्मू जोन के आईजीपी भीम सेन तूती ने बताया कि अंधेरा और कठिन भूभाग होने के बावजूद एसओजी आतंकवादियों से लगातार मुकाबला कर रही है। सीआरपीएफ की टीम भी संयुक्त अभियान में शामिल है। मुठभेड़ करीब एक घंटे चली, इसके बाद गोलीबारी रुक गई। फिलहाल यह जानकारी नहीं है कि कोई आतंकवादी हताहत हुआ या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक महीने से सेना, बीएसएफ, पुलिस और सीआरपीएफ सीमा क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। वे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वालों की पहचान कर रहे हैं और सांबा एवं कठुआ जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास गश्त तेज कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस से पहले बीएसएफ, सीमा पुलिस और ग्राम रक्षा गार्ड समेत सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। इस कार्रवाई का मकसद न केवल आतंकवादियों को पकड़ना बल्कि सीमा सुरक्षा मजबूत करना और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कठुआ जिले के दुर्गम इलाके में सक्रिय आतंकवादी समूहों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लगातार चल रही है।
500% टैरिफ की धमकी के बाद लाल हुआ भारतीय शेयर बाजार, सेंसेक्स में 780 अंक तो निफ्टी-50 में आई इतनी गिरावट
8 Jan, 2026 05:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Share Market News: भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में लगातार चौथे दिन गिरावट जारी है. निवेशक परेशान हैं कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि बाजार संभलने का नाम ही नहीं ले रहा है. गुरुवार को एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स में करीब 800 अंक की गिरावट दर्ज की गई. तो वहीं निफ्टी 50 में भी 250 अंक से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा सभी शेयरों में ज्यादातर गिरावट ही जारी रही. तेल और मेटल कंपनियों में इसका ज्यादा प्रभाव देखा जा रहा है. इन कंपनियों के ज्यादातर शेयरों पर 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. एक्सपर्ट की मानें तो इस गिरावट के पीछे की वजह अमेरिका मानी जा रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत पर टैरिफ बढ़ाने की बात कही है. अमेरिका में एक नया बिल भी पेश किया जा रहा है. अगर यह बिल लागू हो गया तो भारत पर करीब 500 प्रतिशत की टैरिफ लगाई जाएगी. इसका सबसे ज्यादा असर भारत और चीन के अलावा ब्राजील पर देखने को मिलेगा. नए बिल को मंजूरी मिलने के बाद उन देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाए जाएंगे, जो रूस से तेल, गैस या अन्य ऊर्जा खरीदते हैं. हालांकि माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप बिल लाकर रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना चाहते हैं.
अमेरिका की बिल को लेकर निवेशकों की बढ़ी चिंता
अमेरिका की इस बिल के पेश करने को लेकर जब से खबर आई है, तब से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. क्योंकि भारत, रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीददार है. निवेशकों के अंदर एक डर है कि कहीं टैरिफ का असर शेयर बाजार पर ना पड़े. इसलिए बाजार में ज्यादातर बिकवाली जारी है. हालांकि यह सिर्फ भारत के ही बाजार तक सीमित नहीं है बल्कि यह ग्लोबल चुनौती बनी हुई है. जापान और हांगकांग के भी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है.
कब उठेगा शेयर बाजार?
पिछले कुछ दिनों से निवेशकों द्वारा शेयर बिकवाली जारी है. निवेशकों ने जनवरी की शुरुआत से ही हजारों करोड़ रुपए के शेयर्स बेचे हैं. जिसकी वजह से भारतीय शेयर बाजार पर काफी दबाव बढ़ा है और निवेशकों का बाजार को लेकर मनोबल कमजोर हुआ है. लेकिन जैसे ही कुछ दिनों बाद भारतीय कंपनियां अपना तिमाही नतीजा पेश करेंगी. एक बार फिर बाजार का माहौल बदलेगा. इस दौरान तेजी देखी जा सकती है.
India First Digital Census: 2026 से शुरू होगी देश की पहली डिजिटल जनगणना
8 Jan, 2026 05:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत की India First Digital Census का आधिकारिक ऐलान हो चुका है। गृह मंत्रालय ने पहली डिजिटल जनगणना के पहले चरण का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके तहत देशभर में जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। कोविड-19 के कारण टली जनगणना अब डिजिटल स्वरूप में पूरी की जाएगी, जो सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी।
90 साल बाद होगी जातिगत जनगणना
इस जनगणना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना कराई जाएगी। इससे पहले आखिरी बार वर्ष 1931 में जाति आधारित जनगणना हुई थी। यानी करीब 90 साल बाद देश में फिर से जाति की आधिकारिक गिनती होगी। दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इस पूरी प्रक्रिया पर लगभग 1,718.2 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया
India First Digital Census दो चरणों में पूरी की जाएगी।
पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगा, जिसमें घरों की सूची और आवास जनगणना की जाएगी। इसमें यह जानकारी जुटाई जाएगी कि मकान पक्का है या कच्चा, बिजली-पानी-शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें देश की जनसंख्या की वास्तविक गणना की जाएगी।
30 लाख कर्मचारी करेंगे डिजिटल डेटा कलेक्शन
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। पहले जहां कागज और कलम से डेटा इकट्ठा किया जाता था, वहीं अब मोबाइल ऐप और टैबलेट के जरिए जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके लिए देशभर में करीब 30 लाख कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।
क्यों जरूरी है जनगणना?
जनगणना का मुख्य उद्देश्य देश में रहने वाले हर व्यक्ति की संख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और बुनियादी जरूरतों की जानकारी जुटाना है। भारत में पहली बार 1871 में जनगणना हुई थी। 1981 के बाद से हर 10 साल में यह प्रक्रिया नियमित रूप से की जाती रही है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के मौके पर पीएम मोदी का टवीट.....अटूट आस्था के एक हजार वर्ष
8 Jan, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू हो रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के मौके पर भारत की सांस्कृतिक अटूटता और संघर्ष की गाथा को याद किया है। उन्होंने कहा कि अटूट आस्था के एक हजार वर्ष का यह मौका हमें राष्ट्र की एकता के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को एक्स पर लिखा, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आज से शुरु हो रहा है। एक हजार साल पहले जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके, बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और सशक्त हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरों को शेयर किया। उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि अगर वे भी सोमनाथ गए हैं, तब अपनी तस्वीरें हैशटैग सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के साथ जरूर शेयर करें।
उन्होंने लिखा, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का ये मौका भारत माता के उन असंख्य सपूतों को स्मरण करने का पर्व है, जिन्होंने कभी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं किया। समय कितना ही कठिन और भयावह क्यों ना रहा हो, उनका संकल्प हमेशा अडिग रहा। हमारी सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना के प्रति उनकी निष्ठा अटूट रही।
प्रधानमंत्री मोदी ने 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ में आयोजित हुए कार्यक्रम की कुछ झलकियां शेयर कीं। उन्होंने बताया कि यह वहां साल था, जब 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 50 साल पूरे होने का उत्सव मनाया गया था। उन्होंने लिखा, 1951 में वहां ऐतिहासिक समारोह तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में संपन्न हुआ था। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में सरदार पटेल और केएम मुंशी जी के साथ ही कई महान विभूतियों के प्रयास अत्यंत उल्लेखनीय रहे हैं।
सोमनाथ में स्वाभिमान पर्व का दिव्य उद्घोष - अटूट आस्था के 1000 वर्ष का गौरवोत्सव प्रारंभ
8 Jan, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गिर सोमनाथ| सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, अटूट आस्था के 1000 वर्ष के उपलक्ष्य में 8 से 10 जनवरी स्वाभिमान पर्व को श्रद्धापूर्वक उत्सव का प्रारंभ हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10–11 जनवरी को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर सोमनाथ में उपस्थित रहेंगे। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की पूर्व संध्या पर राज्य सरकार के मार्गदर्शन में पूरे सोमनाथ क्षेत्र में सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल तथा उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं और जनता के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विभिन्न विभागों के सचिव एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्वाभिमान पर्व अंतर्गत होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में व्यवस्थाएं सुचारु रूप से बनी रहें, इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित कर कार्य पूर्ण किया गया है।
7 जनवरी की रात को सोमनाथ के विभिन्न मार्गों को अत्यंत सुंदर ढंग से रोशनी और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीकों से सजाया गया। त्रिवेणी रोड, हमीरसिंह सर्कल, शंख सर्कल, भीडिया-पाटण रोड, सर्किट हाउस रोड तथा सोमनाथ मंदिर क्षेत्र के मार्गों को साज-सज्जा, रोशनी, शिव आराधना के चित्रों, ध्वजों, सड़कों पर भगवान शिव की मूर्तियों सहित विभिन्न तैयारियों से सजाया गया है, जिससे संपूर्ण सोमनाथ सज्ज हो उठा है। समग्र गुजरात से शिव भक्त ट्रेन और बसों के माध्यम से सोमनाथ पहुंच रहे हैं। तीन दिनों तक होने वाले अखंड ‘ओमकार’ मंत्रोच्चार से सोमनाथ का वातावरण अलौकिक अनुभूति के साथ दिव्य बन गया है। वर्ष 1026 से 2026 तक के संघर्ष, शौर्य, वीरता, स्वाभिमान और अटूट श्रद्धा के 1000 वर्षों के साथ स्वाभिमान पर्व का यह संदेश नई पीढ़ी को भारत की शाश्वत सनातन संस्कृति की गाथा को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।
महाराष्ट्र में तीन महीने में किशोरावस्था में प्रेगनेंसी के 55 मामले मिले, इसमें अविवाहित भी शामिल
8 Jan, 2026 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहिल्यानगर: महाराष्ट्र में किशोरावस्था में प्रेगनेंसी के चौकाने वाले मामले सामने आए हैं. अहिल्यानगर जिले में आंगनवाड़ी, आशा वर्करों के सर्वे में चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं. इस दौरान यह तथ्य निकलकर सामने आया है कि पिछले कुछ समय में भागकर शादी करने की प्रवृति बढ़ी जिससे किशोरावस्था में प्रेगनेंसी के मामले बढ़े. सर्वे में एक अविवाहित युवती भी गर्भवती पाई गई.
महाराष्ट्र की आंगनवाड़ी वर्कर्स या आशा (एक्रेडिटेड सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट्स) वर्करों के एक सर्वे में राज्य के अहिल्यानगर जिले के अकोले तालुका में एक अविवाहित लड़की सहित किशोरावस्था में प्रेगनेंसी के 56 मामले पाए हैं. अधिकारियों का कहना है कि किशोरावस्था में प्रेगनेंसी की वजह कम उम्र की लड़कियां शादी करने के लिए अपने प्रेमियों के साथ भाग जाती हैं.
ईटीवी भारत के संवाददाता के छानबीन में पता चला है कि ये मामले तब सामने आए जब आंगनवाड़ी वर्कर दूध पिलाने वाली मांओं को पौष्टिक आहार देने के लिए गांवों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही थी. उन्हें ऐसे मामलों से जुड़ी 56 लड़कियां मिली. इनमें से कुछ ने तो बच्चे को जन्म भी दिया है.
हालांकि, चूंकि इनमें से कई लड़कियां 'कम उम्र की मां' हैं, इसलिए किसी भी सरकारी रिकॉर्ड में उनकी प्रेग्नेंसी या डिलीवरी का कोई रिकॉर्ड नहीं है. भारत में लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र 18 साल है जबकि लड़कों की 21 साल है. अकोले तालुका में बाल विवाह की बढ़ती संख्या चिंता की बात है, क्योंकि सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण पर करोड़ों रुपये खर्च करती है.
एनजीओ 'समर्थ' के सोशल वर्कर और अकोले तालुका चाइल्ड प्रोटेक्शन कमिटी के सदस्य श्रीनिवास अशोक रेणुकदास ने कहा कि किशोरावस्था में प्रेगनेंसी का एक मुख्य कारण यह है कि युवा शादी करने के लिए भाग रहे हैं. रेणुकदास ने कहा, 'युवा लड़कियों के भागकर शादी करने की संख्या भी बढ़ी है.
तालुका में औसतन हर दो दिन में एक लड़की भागकर शादी कर लेती है. हमारे संगठन समर्थ ने पिछले पांच सालों में प्रशासन की मदद से अकोले तालुका में 500 से ज्यादा बाल विवाह रोके हैं. इन घटनाओं ने यहां एक अनोखी सामाजिक समस्या पैदा कर दी है.'
अकोले तालुका के महिला और बाल विकास विभाग के अभी दो प्रोजेक्ट हैं. एक राजूर में और दूसरा अकोले में. अकोले प्रोजेक्ट में 11 सुपरवाइजर और 326 आंगनवाड़ी वर्कर हैं. आंगनवाड़ी वर्कर महीने में एक बार गर्भवती और दूध पिलाने वाली मांओं का सर्वे करती है और सर्वे के नतीजों के आधार पर उन्हें पौष्टिक आहार प्रदान करती हैं.
रेणुकदास ने ईटीवी भारत को बताया कि महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने इस मामले पर संज्ञान लिया है. उन्होंने गांव स्तर पर बाल सुरक्षा समितियां बनाने और एक खास एक्शन प्लान बनाने का सुझाव दिया. अकोले में हाल ही में बाल विवाह रोकने पर एक ट्रेनिंग रखी थी, और गांव के सरकारी प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी गई थी.
महिला और बाल कल्याण विभाग की अकोले प्रोजेक्ट ऑफिसर अर्चना एखंडे ने अकोले तालुका में स्कूलों, ग्राम सेवकों (गांव के विकास अधिकारियों), कुछ संगठनों और संस्थानों का दौरा किया है. अधिकारियों ने बाल विवाह के खिलाफ लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है.
महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रोजेक्ट ऑफिसर अर्चना एखंडे के अनुसार, यह जानकर हैरानी हुई कि पिछले तीन महीनों में हमें 55 कम उम्र की शादीशुदा लड़कियां और एक अविवाहित लड़की मिली हैं.' कई महिलाएं जानबूझकर महिला एवं बाल विकास विभाग की गर्भवती और दूध पिलाने वाली मांओं की महीने की जनगणना के लिए रजिस्टर करने से मना कर देती हैं.
समाज के दबाव, बदनामी के डर और अधिकारियों की वजह से कई मामले रिपोर्ट नहीं हो पाते. महाराष्ट्र में आशा और ग्रुप प्रमोटर फेडरेशन की स्टेट काउंसिल मेंबर संगीता साल्वे के अनुसार, 'इससे कम उम्र की गर्भवती और नवजात मांओं की सेहत भी खराब हुई है. इससे हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी कई हेल्थ प्रॉब्लम होती हैं.' उन्होंने कहा कि बाल विवाह कई हेल्थ प्रॉब्लम की मुख्य वजह है और कहा कि इस सामाजिक बुराई को पूरी तरह खत्म करना होगा. मेरा संदेश है, 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ.'
इंदिरा कांग्रेस कमेटी की स्टेट वाइस-प्रेसिडेंट गिरिजा पिचड़ ने कहा कि उन्होंने इस प्रथा को रोकने के लिए अकोले तहसीलदार, महिला और बाल विकास प्रोजेक्ट ऑफिसर और महाराष्ट्र स्टेट कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन रूपाली चाकणकर को शिकायत दी है.
अकोले पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर मोहन बोरसे के मुताबिक 2022 में अकोले पुलिस स्टेशन के आस-पास नाबालिग लड़कियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के 4 मामले सामने आए. उन्होंने कहा कि 2023 में 14, 2024 में 16 और 2025 के पहले नौ महीनों में 10 मामले सामने आए हैं.
खासकर छोटी लड़कियों के लापता होने की संख्या चिंताजनक है. उन्होंने कहा, '2022 में 75 मामले, 2023 में 102, 2024 में 84 और 2025 के पहले नौ महीनों में 84 मामले सामने आए.'
मप्र-राजस्थान समेत 9 राज्यों में पारा 5 डिग्री से नीचे
8 Jan, 2026 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/भोपाल/लखनऊ। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी राज्यों की तरफ चल रही सर्द हवाओं से पूरे देश में तापमान में गिरावट आई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ में तापमान 5 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। इन राज्यों के कई जिलों में घना कोहरा छाया है, जिसके कारण 8वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। स्कूलों का टाइम भी बदला है। यूपी में 20 फ्लाइट्स और 100 ट्रेनें लेट चल रही हैं। जयपुर में आज विजिबिलिटी जीरो है, इसके कारण 8 फ्लाइट देरी से चल रही हैं।
मध्य प्रदेश के भोपाल में जनवरी की सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। यहां मंगलवार को 3.8 डिग्री तापमान रहा। बुधवार को छिंदवाड़ा में 2 डिग्री तापामान रहा। दमोह, गुना, मुरैना में ओस जम गई। कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी होने से एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। अगले 15 दिन भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। उत्तराखंड में पारा माइनस 9 डिग्री पहुंच गया, यहां पाइपलाइनों में पानी जम गया है।
ठंड से पक्षियों की मौत
कड़ाके की ठंड का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं रहा। राजगढ़ जिले के कुछ क्षेत्रों में ठंड के कारण पक्षियों की मौत की जानकारी सामने आई है। खेतों और घरों के आसपास जालों पर जमी ओस की बूंदें सुबह मोतियों की तरह चमकती दिखीं, जो रात की भीषण ठंड का संकेत दे रही थीं। लगातार पड़ रही ठंड से बुजुर्गों, बच्चों और पशु-पक्षियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक सुबह और शाम के समय ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है।
विश्व मलेरिया दिवस पर विशेष
इसरो की सैटेलाइट और ड्रोन सर्वे से बड़ा खुलासा
प्रदेश में सहकार से हो रहा है डेयरी गतिविधियों का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
शासन में सुधार की कवायद—मुख्यमंत्री सचिवालय में जिम्मेदारियों का नया वितरण
जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा को PRSI का सम्मान
‘TMC का दिया बुझने वाला’, मोदी के बयान से गरमाई सियासत
