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Grok के अश्लील कंटेंट विवाद पर ‘X’ ने मानी गलती, डिलीट किए 600 अकाउंट, 3500 पोस्ट ब्लॉक
11 Jan, 2026 01:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
X Accounts: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) अब भारतीय कानूनों और दिशानिर्देशों के आधार पर काम करेगा. ‘एक्स’ ने मान लिया है कि हमसे गलती हुई है और इस पर सुधार करेंगे. सरकारी सूत्रों के अनुसार एक्स ने 600 भारतीय अकाउंट और करीब 3500 कंटेंट पोस्ट ब्लॉक किए हैं. पिछले कुछ दिनों पहले ग्रोक पर अश्लील कंटेंट को लेकर लोगों ने सवाल उठाए थे, जिसके बाद MEITY ने उसे नोटिस जारी किया था. अब एक्स ने भी अपनी गलती स्वीकारते हुए भारतीय कानून के हिसाब से कार्य करने का भरोसा दिया है और कहा कि भविष्य में किसी भी तरह के अश्लील कंटेंट को इजाजत नहीं दी जाएगी.
भारत सरकार ने अश्लील कंटेंटे को लेकर सोशल मीडिया कंपनी ‘एक्स’ को एआई टूल ‘ग्रोक’ पर कार्रवाई के लिए 7 जनवरी का समय दिया था. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 7 जनवरी तक एटीआर जमा करने को कहा. पहले यह डेट 5 जनवरी तक थी लेकिन फिर बाद में बढ़ाकर 7 जनवरी कर दिया.
2 जनवरी को जारी हुई थी नोटिस
मंत्रालय ने इसे आईटी कानून और उससे जुड़े नियमों का उल्लंघन बताया. नोटिस जारी करते हुए कहा कि एक्स के मंच पर एआई टूल ‘ग्रोक’ का लोग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. लोग इसके माध्यम से फर्जी खाता बनाकर महिलाओं की अश्लील, आपत्तिजनक और अपमानजनक तस्वीरें एवं वीडियो बना रहे हैं. जो सुरक्षा उपायों की विफलता को दर्शाता है.
72 घंटे के अंदर कार्रवाई करने के दिए थे निर्देश
मंत्रालय ने इसके लिए एक्स को साफ निर्देश दिए थे कि ग्रोक से सभी अश्लील, अशोभनीय और गैरकानूनी सामग्री हटाई जाए. अगर ऐसा नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मंत्रालय के अनुसार आईटी कानून की धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी संरक्षण की छूट तभी लागू होती है, जब मंच पूरी तरह से उचित सावधानी का पालन करे. इसके लिए 72 घंटे के अंदर कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने की बात कही गई थी.
सोमनाथ में पीएम मोदी का 'अमृत' अवतार...108 घोड़ों का काफिला और हजारों भक्त, बोले- 'सोम' ही जीवन का आधार
11 Jan, 2026 01:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Modi in Somnath Mandir: तीन दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज अंतिम दिन है. ‘शौर्य यात्रा’ के समापन के बाद पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद सभा को संबोधित किए. पीएम मोदी ने रविवार सुबह गिर सोमनाथ में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित प्रतीकात्मक जुलूस ‘शौर्य यात्रा’ का भी नेतृत्व किया. इस दौरान पीएम मोदी के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे.
पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वहां उपस्थित ‘ऋषिकुमार’ से बातचीत की. इस दौरान वहां पर हजारों की तादाद में आए श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और सोमनाथ मंदिर से निकलते समय PM मोदी ने डमरू बजाया.
पीएम मोदी बोले, “मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के न्यासी के रूप में इस अवसर पर सेवा करने का मौका मिला. आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो बार-बार मन में प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1000 वर्ष पहले, ठीक इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा? अपनी आस्था, अपने विश्वास, अपने महादेव के लिए हमारे पुरखों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया. 1000 साल पहले वह आक्रंता सोच रहे थे कि हमें जीत लिया कि आज 1000 साल बाद भी सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, उसका सामर्थ्य क्या है. यहां का कण-कण वीरता और साहस का साक्षी है.”
समय, वातावरण, उत्सव अद्भुत: पीएम मोदी
उन्होंने कहा, “यह समय अद्भुत है. यह वातावरण अद्भुत है. यह उत्सव अद्भुत है. एक ओर स्वयं महादेव दूसरी ओर समुद्र की विशाल लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की यह गूंज, आस्था का यह उफान और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के आप सब भक्तों की उपस्थिति यह इस अवसर को दिव्य, भव्य बना रही है.”
‘सोम’ अर्थात ‘अमृत’ जड़ा हुआ
पीएम मोदी बोले, “जब महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक तमाम आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे तो उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है, वे मजहबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते हैं. उसके नाम में ही ‘सोम’ अर्थात ‘अमृत’ जड़ा हुआ है. उसके ऊपर सदाशिव महादेव के रूप में वह चैतन्य शक्ति प्रतिष्ठित है जो कल्याणकारी भी है और शक्ति का स्रोत भी है.”
भारत के पास हजारों साल पुराने पुण्यस्थान
PM मोदी ने कहा, “अगर किसी देश के पास 100 साल पुरानी विरासत होती है तो वह देश उसे अपनी पहचान बनाकर दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, वहीं भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्यस्थान है. लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की, उस इतिहास को भूलाने के प्रयास हुए. हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए देश ने कैसे-कैसे बलिदान दिए थे. कितने ही नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है लेकिन दुर्भाग्य से इसे कभी उतना महत्व नहीं दिया गया बल्कि आक्रमण के इतिहास को भी कुछ राजनेताओं और इतिहासकारों द्वारा व्हाइटवॉश करने की कोशिश की गई.”
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा कोलकाता में आई-पैक पर ईडी की छापेमारी से जुड़ा मामला
11 Jan, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कोलकाता में आई-पैक पर ईडी की छापेमारी से जुड़ा मामला (Matter related to the ED raid on I-PAC in Kolkata) सुप्रीम कोर्ट पहुंचा (Reached the Supreme Court) । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की गई है
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता में हुए पूरे घटनाक्रम का विस्तार से जिक्र किया है। ईडी ने कहा है कि निष्पक्ष जांच करने के एजेंसी के अधिकार को राज्य मशीनरी ने रोक दिया है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई जांच की मांग की है। इससे पहले, ईडी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन अदालत ने तत्काल सुनवाई की याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि सुनवाई न्यायमूर्ति घोष की एकल-न्यायाधीश पीठ की ओर से ही निर्धारित तिथि पर ही होगी। ईडी ने दलील दी कि अगर न्यायमूर्ति घोष की पीठ की ओर से 14 जनवरी से पहले तत्काल सुनवाई नहीं हो पाती, तो इसे किसी अन्य एकल-न्यायाधीश पीठ को स्थानांतरित किया जा सकता है। इस दलील को भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
दरअसल, ईडी की टीम ने गुरुवार को कोलकाता में आई-पैक के कार्यालय और सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी अभियान चलाया था। विवाद उस समय बढ़ा, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ईडी के तलाशी अभियान के बीच प्रतीक जैन के घर और दफ्तर पहुंच गईं। आरोप है कि ममता बनर्जी ने ईडी अधिकारियों से कई अहम दस्तावेजों को ले लिया और उन्हें अपनी गाड़ी में रखवाया।
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आई-पीएसी पार्टी की मतदाता रणनीति एजेंसी के रूप में काम कर रही है, इसलिए ईडी की छापेमारी का उद्देश्य विधानसभा चुनाव के लिए उसकी चुनावी रणनीति से संबंधित कई दस्तावेजों को जब्त करना और उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ शेयर करना था। हालांकि, केंद्रीय एजेंसी ने टीएमसी के आरोपों का खंडन किया है।
फरवरी अंत तक पूरा होगा तमिलनाडु में कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए मुफ्त लैपटॉप योजना का पहला चरण
11 Jan, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई । तमिलनाडु में कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए मुफ्त लैपटॉप योजना का पहला चरण (First Phase of Free Laptop Scheme for college students in Tamilnadu) फरवरी अंत तक पूरा होगा (Will be completed by the end of February) ।
अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में 10 लाख छात्रों को फायदा होगा और लगभग दो लाख लैपटॉप पहले ही योग्य लाभार्थियों तक पहुंच चुके हैं। कुल 20 लाख लैपटॉप खरीदने के लिए एक इंटरनेशनल टेंडर जारी किया गया है, जिसके लिए राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 2 हजार करोड़ रुपए रखे हैं। अधिकारियों के अनुसार, डेल, एसर और एचपी जैसे मल्टीनेशनल मैन्युफैक्चरर्स द्वारा सप्लाई किए गए लैपटॉप छात्रों को बांटे जाएंगे।
इन सिस्टम में इंटेल आई3 या एएमडी राइजेन 3 प्रोसेसर, 8 जीबी रैम और 256 जीबी एसएसडी स्टोरेज होगा। हर लैपटॉप में पहले से ही विंडो 11, बॉस लिनक्स और एमएस ऑफिस 365 प्री-लोडेड होंगे, जिससे छात्रों को अपनी पढ़ाई की जरूरतों के लिए प्रोप्राइटरी और ओपन-सोर्स दोनों प्लेटफॉर्म मिल सकें। इन लैपटॉप में एआई-पावर्ड परप्लेक्सिटी प्रो प्लेटफॉर्म का छह महीने का फ्री सब्सक्रिप्शन भी शामिल होगा, जिसका मकसद रिसर्च और सीखने में मदद करना है। लैपटॉप के साथ-साथ लाभार्थियों को एक हाई-क्वालिटी बैग भी मिलेगा।
उच्च शिक्षा विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि तमिलनाडु के लगभग 4,600 आर्ट्स, साइंस, इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर और मेडिकल कॉलेजों में लाभार्थियों की पहचान का काम लगभग पूरा हो गया है। अधिकारी ने कहा कि एक लाख से ज्यादा लैपटॉप पहले ही बांटे जा चुके हैं। कॉलेजों ने लगभग सभी छात्रों की डिटेल्स जमा कर दी हैं, जिनकी सावधानी से जांच की जा रही है ताकि यह पक्का किया जा सके कि हर योग्य छात्र को इस योजना का फायदा मिले।
डिस्ट्रीब्यूशन का दूसरा चरण मार्च में शुरू होने की उम्मीद है, जिससे योजना की पहुंच और बढ़ेगी। लैपटॉप सप्लाई करने वाली कंपनियां सभी जिलों में सर्विस सेंटर भी बनाएंगी ताकि बिक्री के बाद सपोर्ट दिया जा सके। इस बीच, अधिकारियों ने छात्रों को सोशल मीडिया पर स्कीम के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बारे में फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करने की चेतावनी दी है और दोहराया है कि लाभार्थियों का चयन सिर्फ कॉलेजों के जरिए ही किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, ‘ॐकार मंत्र’ जाप व स्वाभिमान पर्व समारोह में भी हुए शामिल
11 Jan, 2026 09:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गिर सोमनाथ (गुजरात) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने तीन-दिवसीय गुजरात दौरे के तहत सोमनाथ पहुंचे. पीएम ने के सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. पीएम ने सोमनाथ मंदिर में ‘ॐकार मंत्र’ के जाप में भी भाग लिया.
इस दौरान उन्होंने प्राचीन तीर्थस्थल पर 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' समारोह के तहत आयोजित अनुष्ठानों में भाग भी लिया.
ड्रोन शो में 3000 ड्रोन की मदद से आसमान में बनाई तस्वीरें
पीएम मोदी ने इस मौके पर भव्य ड्रोन शो भी देखा, जिसमें कई विषयों पर आधारित आकृतियों के जरिए भगवान शिव और शिवलिंग की विशाल छवियां बनाई गईं. इसके साथ ही सोमनाथ मंदिर का एक शानदार 3डी डिपिक्शन भी किया गया.
इस ड्रोन शो में, लगभग 3000 ड्रोन की मदद से लाइट के तालमेल से अरब सागर के ऊपर आसमान में अलग-अलग डॉट वाली तस्वीरें बनाई गईं. आसमान में उभरते चमकदार नज़ारे लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने. ड्रोन लाइट के ज़रिए भगवान शंकर, वीर हमीरजी, अहिल्याभाई होल्कर, सोमनाथ पर हमला, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वाभिमान पर्व का लोगो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डॉट वाली तस्वीरें दिखाई गईं. इन सभी तस्वीरों में भारतीय संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रीय गौरव की झलक दिखी.
इस शानदार ड्रोन शो को कुल 40 ट्रेंड ऑपरेटरों ने मैनेज किया. लगभग 15 मिनट तक चले इस शो ने वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सोमनाथ मंदिर के प्रांगण में मौजूद थे और उन्होंने इस शानदार ड्रोन शो को देखकर अपनी खुशी ज़ाहिर की. इस मौके पर मौजूद लोगों ने भी इस अद्भुत नज़ारे को देखकर गर्व और खुशी महसूस की. ड्रोन शो के तुरंत बाद, पास के बीच पर शानदार आतिशबाजी हुई, आसमान तरह-तरह के पटाखों से रंगीन हो गया
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने गिर सोमनाथ जिले के वेरावल कस्बे के निकट स्थित प्रसिद्ध सोमनाथ महादेव मंदिर के पास हेलीपैड पर स्वागत किया.
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए कहा, ‘‘सोमनाथ में आकर धन्य महसूस कर रहा हूं, जो हमारी सभ्यतागत साहस का गौरवशाली प्रतीक है. यह यात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान हो रही है.’’
उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर 1026 में आक्रमणकारियों ने हमला किया था और इस साल हमले के एक हजार वर्ष पूरे हुए हैं. हेलीपैड से पीएम मोदी अपने काफिले के साथ मंदिर के पास स्थित वीवीआईपी सर्किट हाउस पहुंचे. इस दौरान सड़क के दोनों तरफ बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी श्रद्धालु मोदी का स्वागत करने के लिए एकत्र हुए थे.
बता दें कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारत के उन अनगिनत नागरिकों को याद करने के लिए मनाया जा रहा है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया है, जो आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करता रहेगा. महमूद गजनी ने 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था, जिसके एक हजार वर्ष पूरे होने की पृष्ठभूमि में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है.
सर्किट हाउस में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक
पीएम मोदी ने सर्किट हाउस में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता की. इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी. उन्होंने लिखा, 'आज शाम सोमनाथ में मैंने सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में मंदिर परिसर के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और सोमनाथ की तीर्थयात्रा को और अधिक स्मरणीय बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई.'
बॉर्डर पर राजनीतिक तनाव, पुलिस से भिड़े सांसद चंद्रशेखर आजाद, हुई धक्का-मुक्की
11 Jan, 2026 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) से सटे यूपी के गाजियाबाद में गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) पर उस समय राजनीतिक तनाव बढ़ गया, जब आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद को उत्तर प्रदेश में प्रवेश से पुलिस ने रोकने की कोशिश की. इसके बावजूद चंद्रशेखर आज़ाद ने पुलिस बैरिकेडिंग के बीच से भीड़ को चीरते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की और यूपी में प्रवेश का प्रयास किया.
गाजीपुर बॉर्डर पर रोके गए चंद्रशेखर आज़ाद
चंद्रशेखर आज़ाद मेरठ जा रहे थे, जहां वह उस दलित परिवार से मुलाकात करने वाले हैं, जिसकी महिला की हाल ही में हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि महिला ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की थी, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई, जबकि बेटी के अपहरण की भी सूचना सामने आई है. यह मामला सामने आने के बाद से ही विपक्षी दल सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही चंद्रशेखर आज़ाद का काफिला गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. पुलिस का कहना था कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए फिलहाल उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती, लेकिन समर्थकों की भीड़ जुटने के बाद माहौल गरमा गया और चंद्रशेखर आज़ाद खुद आगे बढ़ते हुए बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास करने लगे.
दलित महिला की हत्या का मामला
इस दौरान पुलिस अधिकारियों से उनकी तीखी बहस भी हो गई. इस दौरान चंद्रशेखर आजाद यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मैं एक चुना हुआ सांसद हूं और तुमलोग मुझसे बदतमीजी करोगे, मुझे धक्का मारोगे. इस दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, कुछ देर तक पुलिस और समर्थकों के बीच नोकझोंक भी हुई. हालांकि स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने किसी तरह हालात को नियंत्रण में रखा और किसी बड़े टकराव से बचाया.
चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि वह पीड़ित परिवार से मिलने के लिए किसी भी कीमत पर जाएंगे और उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेंगे. प्रशासन का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दौरे के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है. अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र में तनाव की आशंका को देखते हुए यह कदम एहतियातन उठाया गया है.
मेरठ में क्या हुआ था ?
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड गांव में गुरुवार सुबह करीब आठ बजे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी. एक महिला अपनी बेटी के साथ खेत की ओर जा रही थी, तभी आरोप है कि गांव के ही रहने वाले पारस ने अपने साथियों के साथ मिलकर हथियार के बल पर युवती का अपहरण कर लिया.
जब मां ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. बाद में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई, जबकि आरोपी युवती को लेकर मौके से फरार हो गए. घटना की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखा गया. चंद्रशेखर इसी पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे.
आशिया नहीं अब अंशिका बुलाइए… बरेली में लड़की ने हिंदू धर्म अपनाया
10 Jan, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले (Bareilly District) में प्रेम विवाह (Love Marriage) की एक गजब कहानी सामने आई है. जिसकी जिले भर में चर्चा हो रही है. एक 20 वर्षीय मुस्लिम लड़की (Muslim Girl) हिंदू धर्म (Hinduism) अपनाकर अपने प्रेमी मोनू से शादी कर दी. दोनों ने बरेली के मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए. शादी के बाद युवती ने अपने परिवार से जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है.
जिले के मीरगंज इलाके की रहने वाली 20 साल की लड़की आशिया ने मोनू से प्रेम करती है. प्रेमी से शादी करने के लिए उसने हिंदू धर्म अपना लिया और अपना नाम अंशिका रख लिया. परिवार और समाज के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला लिया. अब शादी के बाद दोनों डर के माहौल में जी रहे हैं. वही धर्म बदलकर हिंदू बनने के बाद शादी करने वाली लड़की कहना है कि मेरे पूर्वज भी हिंदू थे.
मोनू और अंशिका की प्रेम कहानी करीब पांच साल पुरानी है. अंशिका की बहन की शादी भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव पीपलसाना में हुई है. करीब पांच साल पहले अंशिका अपनी बहन के घर गई थी. उसी दौरान गांव में लगे मेले में उसकी मुलाकात मोनू से हुई. बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती हो गई. यह दोस्ती प्यार में बदल गई. दोनों फोन पर बात करने लगे और एक-दूसरे को समझने लगे. मोनू इस समय दिल्ली में रहकर फल और सब्जी का काम करता है.
जब दोनों ने शादी का फैसला किया और परिवार को बताया, तो हालात बिगड़ने लगे. अंशिका का कहना है कि जब उसने अपने जीजा को इस रिश्ते के बारे में बताया तो उन्होंने धर्म अलग होने की बात कहकर शादी से मना कर दिया. आरोप है कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई.परिवार के विरोध और डर के बावजूद दोनों अपने फैसले पर अडिग रहे. दोनों का कहना है कि वह बालिग हैं और अपनी मर्जी से शादी करना चाहते है.
शादी से पहले अंशिका ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र दिया. इसमें उसने नाम और धर्म बदलने की जानकारी दी. शपथ पत्र में अंशिका ने लिखा कि उसके पूर्वजों को पहले जबरन मुसलमान बनाया गया था और उसकी आस्था हमेशा से हिंदू धर्म में रही है. उसने यह भी कहा कि वह इस्लाम में प्रचलित कुछ प्रथाओं से खुश नहीं थी और पिछले कई सालों से भगवान शिव की पूजा कर रही थी.
इसके बाद दोनों मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे. वहां पंडित केके शंखधार ने वैदिक मंत्रों के साथ विवाह संपन्न कराया. शादी से पहले शुद्धिकरण की प्रक्रिया कराई गई. गंगाजल का पान कराया गया और गायत्री मंत्र का जाप हुआ. इसके बाद मोनू और अंशिका ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए.
मोनू ने अंशिका की मांग में सिंदूर भरा, मंगलसूत्र पहनाया और सनातन परंपरा के अनुसार सभी रस्में निभाई गईं. अंशिका ने बिछिया और अन्य सुहाग के आभूषण भी धारण किए. पंडित केके शंखधार ने बताया कि लड़की बालिग है और उसने बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर शादी की है.
शादी के बाद से ही दोनों डरे हुए हैं. अंशिका का आरोप है कि उसके घरवाले इस शादी से नाराज हैं और उनकी जान को खतरा है. इसी वजह से दोनों फिलहाल किसी सुरक्षित और गुप्त स्थान पर रह रहे हैं. जानकारी के अनुसार, शनिवार को दोनों भोजीपुरा थाने पहुंचकर अपनी शादी से जुड़े कागजात पुलिस को सौंपेंगे और सुरक्षा की मांग करेंगे.
नेपाल के रास्ते भारत में घुसी विदेशी महिला गिरफ्तार, खुफिया एजेंसियां कर रहीं जांच
10 Jan, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराजगंज । उत्तरप्रदेश के महाराजगंज में नेपाल से पगडंडी (Trail from Nepal) रास्ते के जरिए भारतीय सीमा (Indian border) में प्रवेश कर रही एक विदेशी महिला (Native woman) को पुलिस ने पकड़ लिया है। महिला देश के किसी अन्य राज्य में जाने की तैयारी में थी। महिला किस देश की रहने वाली है, अभी इसकी पहचान नहीं हो पाई है। उसके पास पासपोर्ट-वीजा सहित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिला है। सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। महिला अपनी जानकारी नहीं दे रही है। किस देश से आई है इसकी जानकारी भी महिला ने नहीं दी है।
नौतनवा थाना क्षेत्र के नेपाल सीमा बैरिया बाजार के पास शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने विदेशी महिला को हिरासत में ले लिया। महिला पगडंडी रास्ते भारत में प्रवेश कर कार के माध्यम से गोरखपुर जाने की फिराक में थी। महिला के पास पासपोर्ट और वीजा सहित कोई वैध दस्तावेज नहीं है। अधिकारी गिरफ्तार विदेशी महिला के चीन के होने की बात तो कर रहे हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
आईबी, इमीग्रेशन एवं खुफिया एजेंसियां उसके भारत में आने के मकसद की जांच-पड़ताल में जुटी हुई हैं। बताया जा रहा है कि वह किसी व्यक्ति के साथ नेपाल से भारतीय सीमा में प्रवेश करने के बाद कार के से गोरखपुर जाने की तैयारी में थी। इसी दौरान पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। घंटों पूछताछ के बाद भी महिला की सही जानकारी हासिल नहीं हुई है। थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव का कहना है कि महिला भारतीय सीमा में अवैध तरीके से प्रवेश कर रही थी। टीमें जांच में लगी हैं।
अब विदेशों में श्रीकृष्ण जन्म भूमि मुक्ति आंदोलन
10 Jan, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत (India) में श्रीकृष्ण जन्म मुक्ति आंदोलन (Shri Krishna Birth Liberation Movement) की जहां रूपरेखा तैयार की जा रही है। अब यह आंदोलन (Movement) विदेशों (abroad) में पहुंच गया है।
कल ऑस्ट्रिया व बेल्जियम में सनातन धर्म की बैठक में संतों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन का संकल्प लिया। हिंदू गर्जना संस्था द्वारा आयोजित इस बैठक में दोनों देशों में इसे लेकर व्यापक पैमाने पर आंदोलन का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि भारत में फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन ऐसा पहली बार होगा जब देश के धार्मिक स्थल को लेकर विदेशों में आंदोलन किया जा रहा है।
हुगली की सुनसान फैक्टरी में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, आरोपी TMC का युवा नेता
10 Jan, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में महिलाएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन बंगाल से इंसानियत को शर्मसार (Disgrace Humanity) करने वाली घटनाएं सामने आती रहती हैं। अब हुगली जिले (Hooghly District) में एक सुनसान फैक्टरी में किशोरी (Girl) से कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार (10 जनवरी) को बताया कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के मुताबिक नाबालिग, जिसकी उम्र 16 साल बताई जा रही है, वो गुरुवार शाम (08 जनवरी) को अपने एक दोस्त के साथ बंद पड़ी हिंदमोटर फैक्टरी परिसर में गई थी। पुलिस ने बताया कि आरोप है कि आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर परिसर के अंदर नाबालिग के साथ शारीरिक दुराचार किया। पुलिस ने आगे बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, और मामले की सभी एंगल से जांच की जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप लगाए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से एक की पहचान दीपांकर अधिकारी उर्फ सोनाई के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर इलाके में तृणमूल कांग्रेस का युवा नेता है। जबकि दूसरा शख्स लड़की का कथित प्रेमी है, जो कि नाबालिग है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के दो और साथियों की तलाश कर रहे हैं। वे फरार हैं, और उन्हें ढूंढने के लिए तलाशी अभियान जारी है।
महिलाओं के लिए बेहतर शहरों में, बंगलुरू सबसे आगे, टॉप-10 में गुरुग्राम ने लगाई लंबी छलांग
10 Jan, 2026 03:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल, काम के समान अवसर और सामाजिक स्वतंत्रता के आधार पर की गई एक विस्तृत स्टडी के बाद वूमेन-फ्रेंडली शहरों की नई सूची जारी कर दी गई है। देश के 125 शहरों के गहन आकलन के बाद तैयार की गई इस रिपोर्ट में कर्नाटक की राजधानी बंगलुरू ने एक बार फिर बाजी मारी है। रिपोर्ट के अनुसार, बंगलुरू महिलाओं के रहने, काम करने और करियर में आगे बढ़ने के लिहाज से देश का सबसे अनुकूल शहर बनकर उभरा है।
इस रैंकिंग को तैयार करने के लिए सिटी इन्क्लूजन स्कोर (सीआईएस) को आधार बनाया गया है, जिसमें सामाजिक समावेश (सोशल इन्क्लूजन) और औद्योगिक समावेश (इंडस्ट्रियल इन्क्लूजन) दोनों को मापा गया। बंगलुरू ने 53.2 के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया। आईटी और स्टार्टअप हब होने के नाते यहाँ बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस, रोजगार के प्रचुर अवसर और डिजिटल सशक्तीकरण जैसी खूबियां महिलाओं के पक्ष में रहीं। रिपोर्ट के मुताबिक, यहाँ महिलाएं सुरक्षा के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वतंत्रता का भी अनुभव करती हैं। सूची में दूसरा स्थान तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई को मिला है, जिसने 49.8 का स्कोर हासिल किया। चेन्नई ने विशेष रूप से सार्वजनिक सेवाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन सुरक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय प्रदर्शन किया है। महाराष्ट्र का पुणे शहर तीसरे स्थान पर रहा, जहाँ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और जीवन स्तर में सुधार देखा गया। इसके बाद चौथे स्थान पर हैदराबाद और पांचवें स्थान पर सपनों की नगरी मुंबई रही। मुंबई को 44.4 की रेटिंग मिली है, हालांकि यह स्कोर के मामले में बंगलुरू से काफी पीछे रह गई है।
इस बार की रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला सुधार हरियाणा के गुरुग्राम में देखा गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से टॉप-10 में जगह बनाने वाला गुरुग्राम इकलौता शहर रहा। पिछली रैंकिंग में नौवें स्थान पर रहने वाला यह शहर तीन पायदान की छलांग लगाकर छठे स्थान पर पहुंच गया है। दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली और नोएडा जैसे प्रमुख शहर इस बार शीर्ष 10 की सूची में अपनी जगह बनाने में नाकाम रहे। रैंकिंग में सातवें स्थान पर कोलकाता रहा, जबकि गुजरात के अहमदाबाद को आठवां स्थान मिला। अहमदाबाद में महिलाओं के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) की सुविधाओं को सराहा गया। कोयंबटूर ने दसवें स्थान पर रहकर सबको प्रभावित किया, जहाँ स्ट्रीट लाइट ऑडिट और देर रात सफर करने वाली महिलाओं के लिए कम जोखिम भरे माहौल की प्रशंसा की गई। 2022 से अब तक के आंकड़ों पर आधारित यह 2025 की रिपोर्ट दर्शाती है कि भारत के शहरी ढांचे में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और समावेशिता धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिससे महिलाएं अब सामाजिक और पेशेवर दोनों मोर्चों पर खुद को अधिक सशक्त महसूस कर रही हैं।
स्मार्टफोन यूजर्स सावधान! फोन की ये 3 सेटिंग्स तुरंत बदलें, वरना मिनटों में खाली हो जाएगा आपका बैंक अकाउंट
10 Jan, 2026 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज के समय में बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर बिल पेमेंट तक हर काम स्मार्टफोन से हो रहा है। लेकिन जरा-सी लापरवाही साइबर ठगों के लिए मौका बन जाती है। अगर फोन की सिक्योरिटी कमजोर हुई, तो ठग बिना ओटीपी के भी आपका बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं। इसलिए Smartphone Security Tips को अपनाना बेहद जरूरी है।
स्क्रीन लॉक और पासवर्ड को बनाएं मजबूत
सबसे पहले अपने फोन की स्क्रीन लॉक सेटिंग चेक करें। अगर आपने आसान पिन, पासवर्ड या पैटर्न लगाया है, तो उसे तुरंत बदलें। मजबूत पासवर्ड के साथ-साथ फिंगरप्रिंट और फेस लॉक भी जरूर एक्टिव रखें। यह आपके फोन की पहली सुरक्षा दीवार है।
ऐप परमिशन और ऑटो लॉगिन से रहें सावधान
अपने फोन में उन ऐप्स की परमिशन बंद करें, जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते। इससे डेटा लीक होने का खतरा कम होता है। इसके अलावा बैंकिंग और पेमेंट ऐप्स में ऑटो सेव्ड पासवर्ड और ऑटो लॉगिन से बचें। बेहतर है कि हर बार पिन या फिंगरप्रिं
1 फरवरी को बजट पेश होने पर सस्पेंस, 28 जनवरी से शुरू होगा संसद का बजट सत्र
10 Jan, 2026 02:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद के आगामी बजट सत्र की तारीखों को लेकर बना संशय अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। सरकार द्वारा मंजूर किए गए आधिकारिक प्रस्ताव के अनुसार, वर्ष 2026 का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से जानकारी दी कि यह सत्र दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होगा और 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद एक अंतराल (अवकाश) रहेगा, ताकि संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों का बारीकी से अध्ययन कर सकें। सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च को पुन: शुरू होगा और इसका समापन 2 अप्रैल को होगा। परंपरा के अनुसार, सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे, जिसके बाद आर्थिक सर्वेक्षण (इकोनॉमिक सर्वे) सदन के पटल पर रखा जाएगा।
हालांकि, सत्र की तारीखों के ऐलान के बावजूद बजट-डे को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। आमतौर पर देश का आम बजट 1 फरवरी को पेश किया जाता है, लेकिन इस बार 1 फरवरी को रविवार होने के कारण कयासों का बाजार गर्म है। सरकारी अधिसूचना में अभी तक बजट पेश करने की सटीक तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है। अतीत के पैटर्न को देखें तो राष्ट्रपति के अभिभाषण के अगले दिन बजट पेश किया जाता रहा है। पहले चरण में मुख्य रूप से धन्यवाद प्रस्ताव और बजट की प्रारंभिक बारीकियों पर चर्चा होती है। वहीं, दूसरे चरण में विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर विस्तृत बहस के बाद वित्त विधेयक को पारित किया जाता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार रविवार को बजट पेश करने की नई परंपरा शुरू करेगी या तारीख में बदलाव होगा।
बागेश्वर महाराज ने किया बड़ा खुलासा, कथा का पैसा सेवा शिक्षा और समाज के लिए होता है उपयोग
10 Jan, 2026 01:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोंदिया। महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के आमगांव में इन दिनों बागेश्वर महाराज श्रीराम कथा के माध्यम से भक्तों को भक्ति-रस का पान करा रहे हैं। कथा के द्वितीय दिवस उन्होंने समाज को झकझोर देने वाले विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। बागेश्वर महाराज ने स्पष्ट किया कि कथाओं से जो धन प्राप्त होता है, उससे मंदिर नहीं बल्कि अस्पताल बनाए जाते हैं। हम सेवा वाला बाबा भी बनना चाहते हैं। अस्पताल इसलिए बनवाते हैं, ताकि किसी भी गरीब को इलाज के नाम पर धर्मांतरण के लिए मजबूर न किया जाए। महाराज ने आह्वान करते हुए कहा कि हम तुम्हारे लिए किडनी तक बेच देंगे, लेकिन तुम धर्मांतरण मत करो। बागेश्वर महाराज ने कहा कि इस देश में एक-एक हजार करोड़ के मंदिर पहले से मौजूद हैं, लेकिन क्या केवल मंदिरों से हिंदुओं का धर्मांतरण रुक पा रहा है? हिंदुओं के चढ़ावे से केवल मंदिर बड़े हो रहे हैं। अंत में उन्होंने भारत सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि मंदिरों को सरकारी अधीनता से मुक्त किया जाना चाहिए और मंदिरों में आने वाले चढ़ावे का उपयोग गरीब हिंदू बेटियों के घर बसाने और सेवा कार्यों में किया जाना चाहिए।
कथाओं से जो धन प्राप्त होता है, उससे मंदिर नहीं बल्कि अस्पताल बनाए जाते हैं : बाबा बागेश्वर
बागेश्वर महाराज ने बांग्लादेश में हाल ही में घटित एक हृदयविदारक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक हिंदू विधवा महिला की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। इसी प्रकार कुछ समय पूर्व एक 8 वर्ष की बच्ची के साथ 20 लोगों ने अमानवीय अपराध किया। महाराज ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि यह सब हिंदू-मुस्लिम का विषय नहीं है, हमें इस देश के आने वाले बच्चों, उनकी जमीनों, मकानों और पीढ़ियों की चिंता है। इसी चिंता के कारण हम पैदल पदयात्रा करते हैं, तीन-तीन रात कथाएं करते हैं और सोते नहीं।
रेल यात्रियों की बल्ले-बल्ले! अब टिकट बुक करने पर मिलेगी 3% की नकद छूट, जानें RailOne App का नया ऑफर
10 Jan, 2026 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
RailOne App: अक्सर आपने देखा होगा कि रेलवे स्टेशन पर टिकट के लिए यात्रियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. लंबी लाइन, भीड़भाड़ और खुल्ले पैसे को लेकर भी समस्या होती है. भारतीय रेलवे ने यात्रियों को इन समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए RailOne एप लॉन्च किया है. इस एप की मदद से अनारक्षित टिकट बुक की जा सकती है. इसके साथ ही पैसेंजर्स को आकर्षक छूट भी मिलने वाली है.
14 जनवरी से किराये पर 3 फीसदी की छूट
रेल वन एप से अनारक्षित टिकट बुक करने पर किराये में तीन फीसदी की सीधी छूट मिलेगी. इस व्यवस्था को 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति से लागू किया जाएगा. पश्चिम मध्य रेल मंडल के कोटा मंडल में ये सुविधा पायलट प्रोजेक्ट के तहत लागू की जा रही है. ये अगले 6 महीने यानी 14 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी.
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना उद्देश्य
वर्तमान में रेल वन एप से टिकट बुकिंग करने पर 3 प्रतिशत बोनस कैशबैक मिलता है लेकिन इसके लिए शर्त है कि पेमेंट आर-वॉलेट से होना चाहिए. नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से टिकट बुकिंग करने पर यात्रियों को तीन फीसदी की सीधी छूट दी जाएगी. इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा और टिकट बुकिंग प्रक्रिया आसान होगी.
क्या है रेलवन एप (RailOne App)?
रेलवन एप (RailOne App) भारतीय रेल की सुपर एप है.
2. इस एप की मदद से आरक्षित और अनारक्षित दोनों टिकट बुक कर सकते हैं.
3. टिकट बुकिंग के साथ-साथ ट्रेन का लाइव स्टेटस, PNR स्टेटस, लाइव लोकेशन की जानकारी भी मिलती है.
4. ई कैटरिंग की सुविधा मिलती है, जिसकी मदद से खाना ऑर्डर किया जा सकता है.
5. किसी समस्या का सामना करने पर रेल मदद के जरिए शिकायत कर सकते हैं
6. रेलवन एप पर टिकट बुकिंग किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया जा सकता है.
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