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दिल्ली–NCR में हाड़ कंपाने वाली ठंड, कोहरे ने थामी रफ्तार
10 Jan, 2026 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार की सुबह इस सीजन में सबसे सर्द रही। पांच डिग्री से नीचे पहुंचे पारे ने दिल्लीवालों को ठिठुरा दिया। मौसम विभाग ने शनिवार को भी राजधानी में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। आज दिल्ली में पारा 4.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम है। वहीं विजिबिलिटी 100 मीटर तक रही।
लगातार गिर रहा पारा
धूप नहीं निकलने से अभी तक दिल्ली में ज्यादातर दिनों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही थी। वहीं, न्यूनतम तापमान तुलनात्मक तौर पर सामान्य बना हुआ था। अब बर्फीली हवाओं की वजह से न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आ रही है। दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में शुक्रवार का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम है। यह इस मौसम का सबसे कम न्यूनतम तापमान है।
दिल्ली में सर्द हवाओं के साथ कोहरा बरपाएगा कहर; 2 दिन येलो अलर्ट, फिर बदरा
इस सीजन में दिसंबर और जनवरी महीनों में सिर्फ चार मौकों पर ही न्यूनतम तापमान छह डिग्री से नीचे आया है, जबकि पांच डिग्री से नीचे तापमान पहली बार शुक्रवार को पहुंचा। वहीं, सफदरजंग में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
तब तक प्रदूषण पर समाधाम नहीं निकलेगा; दिल्ली विधानसभा में ऐसा क्यों बोलीं CM
कड़ाके की ठंड के साथ प्रदूषण भी बढ़ा
राजधानी दिल्ली में ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदूषण का हमला और तेज हो गया है। शुक्रवार को दिल्ली की पांच जगहों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार यानी गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। वहीं, समग्र तौर पर भी दिल्ली की प्रदूषण में तेज बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली की हवा में इस समय मानकों से लगभग पौने तीन गुना प्रदूषण मौजूद है। यूं तो दिल्ली के लोग पिछले साल अक्तूबर महीने की 14 तारीख से ही खराब हवा में सांस ले रहे हैं। इस बीच में एक दिन भी ऐसा नहीं रहा है जब वायु गुणवत्ता का स्तर 200 से नीचे आया हो। इस दौरान ज्यादातर समय में दिल्ली की हवा खराब, बहुत खराब, गंभीर या फिर अति गंभीर श्रेणी में रहा।
कोनसीमा में ONGC के गैस कुएं में लगी आग बुझाने की कोशिशें जारी
9 Jan, 2026 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के डॉ. बीआर अंबेडकर कोनसीमा जिला में स्थित ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के एक गैस कुएं (Gas Wells) में लगी आग (Fire) को बुझाने के प्रयास शुक्रवार को भी जारी रहे। ओएनजीसी की टीमें फिलहाल घटनास्थल से मलबा हटाने के काम पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं, ताकि इसके बाद कुएं के मुंह पर तकनीकी कार्रवाई की जा सके।
5 जनवरी को मोरी और इरसुमंदा गांवों के पास ओएनजीसी के कुएं ‘मोरी-5’ में गैस रिसाव के बाद भीषण आग भड़क उठी थी। आग की लपटें करीब 20 मीटर ऊंची और लगभग 25 मीटर चौड़ी बताई गईं। हालांकि अब कुएं की तीव्रता में कमी आई है। एक अधिकारी ने बताया कि मलबा हटाया जा रहा है। संभव है कि एक से दो दिन में सारा मलबा साफ हो जाए। उसके बाद ही वेलहेड पर काम शुरू किया जा सकेगा।
निकिता गोदिशाला का हत्या के 10 दिन बाद आज तेलंगाना में अंतिम संस्कार, परिजन बोले- गरिमा का ध्यान रहे
9 Jan, 2026 09:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। अमेरिका (America) में पिछले सप्ताह कथित तौर पर हत्या की शिकार हुई निकिता गोदिशाला (Nikita Godishala) को शुक्रवार को हैदराबाद परिवार और मित्रों ने नम आंखों से अंतिम विदाई (Last Farewell) दी। निकिता के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार मार्रेडपल्ली स्थित श्मशान घाट में किया गया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, अंतिम संस्कार निजी तौर पर संपन्न हुआ।
निकिता के पार्थिव अवशेष शुक्रवार सुबह राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे थे। परिवार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से किया जाएगा, जिसके लिए पुलिस सुरक्षा भी मांगी गई थी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत निकिता का परिवार तारनाका में रहता है। परिवार ने एक बयान में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से जिम्मेदार पत्रकारिता का पालन करने, अपुष्ट सूचनाएं प्रकाशित न करने और जांच में सहयोग करने की अपील की, ताकि न्याय की प्रक्रिया गरिमा के साथ पूरी हो सके।
प्रवासी भारतीय दिवस पर पीएम मोदी...........भारतीय समुदाय भारत और दुनिया के बीच मजबूत सेतु की तरह काम कर रहा
9 Jan, 2026 07:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर विदेशों में रह रहे भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय समुदाय भारत और दुनिया के बीच एक मजबूत सेतु की तरह काम कर रहा हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, प्रवासी भारतीय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारतीय समुदाय भारत और दुनिया के बीच एक मजबूत सेतु बना हुआ है। वे जहां भी गए, उन्होंने वहां के समाजों को समृद्ध किया और इतना ही नहीं सभी भारतीय अपनी जड़ों से भी जुड़े रहे। मैं हमेशा कहता हूं कि हमारा भारतीय सुमदाय हमारे राष्ट्रदूत हैं, जिन्होंने भारत की संस्कृति को दुनिया भर में लोकप्रिय किया है। हमारी सरकार ने हमारे डायस्पोरा को भारत के और करीब लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। बात दें कि प्रवासी भारतीय दिवस हर साल 9 जनवरी को मनाया जाता है, जो भारत के विकास और दुनिया में उसकी स्थिति में भारतीय समुदाय के योगदान को पहचानने और सम्मानित करने का मौका देता है। यह मौका विदेशों में रहने वाले भारतीयों के साथ जुड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है और विभिन्न क्षेत्रों में भारत की प्रगति को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका को स्वीकार करता है।
दरअसल 9 जनवरी का दिन 1915 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने की याद में चुना गया था। जिन्हें व्यापक रूप से सबसे महान प्रवासी माना जाता है, महात्मा गांधी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया और देश के इतिहास को गहराई से प्रभावित किया। यह दिन भारत और विदेशों में रहने वाले उसके लोगों के बीच स्थायी बंधन का प्रतीक है।
प्रवासी भारतीय दिवस कन्वेंशन की शुरुआत सबसे पहले 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई थी। इस कार्यक्रम को विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय से जुड़ने और उन्हें पहचानने और भारत के साथ उनके जुड़ाव को मजबूत करने के लिए एक औपचारिक तरीके के रूप में शुरू किया गया था।
प्रवासी भारतीय दिवस विदेश मंत्रालय (एमईए) का मुख्य कार्यक्रम है और मंत्रालय द्वारा देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित किया जाता है। यह भारत की क्षेत्रीय विविधता, विकास और सांस्कृतिक विरासत को दिखाता है। साथ ही, विदेशों में रहने वाले भारतीयों को देश के साथ सीधे जुड़ने का मौका देता है।
2015 से विदेश मंत्रालय ने कार्यक्रम के स्वरुप में बदलाव किया है और प्रवासी भारतीय दिवस कन्वेंशन को दो साल में एक बार होने वाली सभा के रूप में आयोजित किया है, जिसमें बीच के सालों में थीम-आधारित कॉन्फ्रेंस होती हैं। यह तरीका खास रुचि वाले क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस वाली चर्चाओं को संभव बनाता है और दुनिया भर में फैले भारतीय समुदाय के सदस्यों के बीच सार्थक बातचीत और नेटवर्किंग को बढ़ावा देता है। प्रवासी भारतीय दिवस का मुख्य उद्देश्य भारत के विकास में विदेशों में रहने वाले भारतीयों के योगदान को पहचानना और विदेशों में भारत के बारे में समझ बढ़ाना है।
जयपुर में सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन, टैंक–मिसाइलों संग दिखे आर्मी डॉग्स
9 Jan, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आर्मी डे परेड से पहले महल रोड पर पहली फुल ड्रेस रिहर्सल, सेना की ताकत और तकनीक का भव्य प्रदर्शन
जयपुर। जयपुर में पहली बार आर्मी एरिया से बाहर आयोजित हो रही सेना दिवस परेड से पहले शुक्रवार को महल रोड (जगतपुरा) पर पहली फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। रिहर्सल के दौरान टैंक, मिसाइल, अत्याधुनिक हथियारों, रोबोटिक डॉग्स और ड्रोन की मौजूदगी ने आम लोगों को रोमांचित कर दिया। खास तौर पर चश्मा लगाए मुधोल हाउंड डॉग्स लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। फुल ड्रेस रिहर्सल से पहले सेना के बैंड ने देशभक्ति धुनों के साथ परफॉर्मेंस दी। इसके बाद परेड की औपचारिक शुरुआत हुई। सबसे आगे गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित अधिकारियों ने परेड कमांडर को सलामी दी। अशोक चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित अधिकारियों ने परेड का नेतृत्व किया। उनके पीछे आर्मी बैंड और घुड़सवार दस्ते ने कदमताल करते हुए परेड को आगे बढ़ाया।
रिहर्सल में सेना की आधुनिक युद्ध क्षमता की झलक दिखाई गई। टैंक, मिसाइल सिस्टम, मशीनगन, बख्तरबंद वाहन और अन्य सैन्य साजो-सामान सड़क पर नजर आए। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झांकी में ब्रह्मोस मिसाइल और रोबोटिक डॉग्स का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। तेज सर्दी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सेना की रिहर्सल देखने पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर केवल रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को ही प्रवेश दिया गया। सुबह 8:45 बजे तक पहुंचना अनिवार्य रखा गया था। रिहर्सल शुरू होने के बाद किसी को बीच में आने या कार्यक्रम समाप्त होने से पहले स्थान छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई।
इंडियन आर्मी के जांबाज जवानों ने मोटरसाइकिल पर हैरतअंगेज करतब दिखाए। बाइक पर पिरामिड बनाना, एक टायर पर बाइक दौड़ाना और बाइक को बैलेंस कर उस पर खड़े होकर चलना जैसे करतबों पर दर्शकों ने तालियों से जवानों का उत्साह बढ़ाया। जवानों ने मोटरसाइकिल से अशोक स्तंभ और कमल के फूल जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों की आकृतियां भी बनाईं। रिहर्सल के दौरान सेना में शामिल स्वदेशी नस्ल के डॉग्स ने भी परेड की। मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बई और राजपालयम नस्ल के डॉग्स की चुस्ती, फुर्ती और अनुशासन देखने लायक रहा। खास तौर पर चश्मा लगाए मुधोल हाउंड डॉग्स ने सबका ध्यान खींचा। इन डॉग्स को सेना में निगरानी, सुरक्षा और ऑपरेशनल जरूरतों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
मद्रास रेजिमेंट के जवानों ने शानदार फ्लैग मार्च किया। इस टुकड़ी में एक अधिकारी, दो जेसीओ और 144 जवान शामिल थे। वहीं अरुणाचल साउथ के जवानों ने भी फ्लैग मार्च कर अपने जोश और अनुशासन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बर्फीले और पहाड़ी इलाकों में युद्ध लड़ने में माहिर इन जवानों की कदमताल ने सेना की मजबूती का संदेश दिया। परेड रिहर्सल में पहली बार भैरव बटालियन की झलक भी दिखाई दी। जनवरी 2026 में गठित यह नई स्पेशल फोर्स ड्रोन आधारित ऑपरेशंस के लिए तैयार की गई है। इस यूनिट में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटर शामिल हैं, जो हाइब्रिड और मल्टी-डोमेन चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं। सेना ने अत्याधुनिक ड्रोन भी प्रदर्शित किए, जो 4 हजार मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम हैं। इसके साथ ही मॉड्यूलर ब्रिज की क्षमता भी दिखाई गई, जिससे सेना बेहद कम समय में किसी भी इलाके में रास्ता तैयार कर सकती है।
रिहर्सल की प्रमुख झलकियां
-टैंक, मिसाइल और आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन
-ब्रह्मोस मिसाइल और रोबोटिक डॉग्स की झांकी
-चश्मा लगाए मुधोल हाउंड डॉग्स बने आकर्षण
-मोटरसाइकिल पर हैरतअंगेज करतब
-मद्रास रेजिमेंट और अरुणाचल साउथ का फ्लैग मार्च
-पहली बार नजर आई भैरव बटालियन
-4 हजार मीटर ऊंचाई तक उड़ने वाले ड्रोन
-मॉड्यूलर ब्रिज की युद्ध और आपदा राहत क्षमता
यह रिहर्सल न सिर्फ सेना की ताकत का प्रदर्शन थी, बल्कि आम लोगों के लिए गर्व और रोमांच का अनुभव भी साबित हुई।
भूलकर भी न करें EV ओवरचार्ज, वरना पछताना पड़ेगा! बैटरी ब्लास्ट से बचने के लिए अभी पढ़ें ये गाइड
9 Jan, 2026 05:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Electric Car Charging Tips: जैसे-जैसे समय बदल रहा है, वैसे-वैसे हमारी पसंद और जरूरतों की चीजों में भी परिवर्तन देखने को मिल रहा है. आज के इस आधुनिक युग में लोग धीरे-धीरे पेट्रोल-डीजल वाली कारों के बजाय इलेक्ट्रिक कारों (EV) को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. EV कारें पर्यावरण की सुरक्षा और कम खर्च के लिहाज से काफी अच्छी मानी जाती हैं. हालांकि, अक्सर देखा गया है कि लोग इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करते समय कुछ छोटी-मोटी गलतियां कर देते हैं, जो गाड़ी की बैटरी के साथ-साथ आपके और आपके परिवार के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि EV कारों को चार्ज करते समय किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए.
बैटरी सुरक्षित रखने के लिए क्या करें ?
इलेक्ट्रिक कार की बैटरी को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा सही चार्जिंग स्टेशन का ही चुनाव करें.
इसके अलावा, ध्यान रखें कि आप जिस चार्जर से कार चार्ज कर रहे हैं, वह हमेशा कंपनी का ही हो या उनके द्वारा सुझाया गया (Recommended) चार्जर हो.
बता दें कि फास्ट चार्जिंग स्टेशन सिर्फ समय बचाते हैं. रोजाना वहां कार चार्ज करने से बैटरी की लाइफ कम हो सकती है.
इसलिए कोशिश करें कि आप घर पर ही EV को चार्ज करें. इसमें समय थोड़ा अधिक लग सकता है, लेकिन यह आपके और बैटरी की सुरक्षा के लिए बेहतर है.
क्या ओवरचार्जिंग सही है ?
चार्ज लगाते समय ध्यान रखें कि बैटरी ओवरचार्ज न हो.
इसके अलावा, बार-बार बैटरी को फुल चार्ज करने से बचें.
रोजाना इस्तेमाल के लिए बैटरी को करीब 80 प्रतिशत तक चार्ज रखना बेहतर माना जाता है.
अगर आप 20-80 के फॉर्मूले को ध्यान में रखकर EV कार को चार्ज करते हैं, तो बैटरी की परफॉर्मेंस अच्छी रहेगी.
किस तरह के चार्जर का इस्तेमाल करें ?
EV कार को चार्ज करने के लिए हमेशा असली और भरोसेमंद ब्रांड के चार्जर का ही उपयोग करें.
लोकल या बिना ब्रांड वाले चार्जर शॉर्ट सर्किट और बिजली की खराबी का कारण बन सकते हैं, जिससे आग लगने का डर रहता है.
घटिया क्वालिटी के चार्जर न केवल आपके डिवाइस को खराब कर सकते हैं, बल्कि गंभीर हादसों को भी न्यौता देते हैं.
चार्जिंग केबल और कनेक्टर को समय-समय पर चेक करते रहें ताकि किसी भी तरह की टूट-फूट का पता चल सके.
खराब केबल या ढीले कनेक्टर का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है, इसलिए डैमेज दिखने पर उन्हें तुरंत बदल दें.
चार्जिंग के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
इलेक्ट्रिक कार को हमेशा ऐसे स्थान पर चार्ज करें जहां नमी न हो और हवा का वेंटिलेशन अच्छा हो.
बारिश के दौरान या अत्यधिक नमी वाली जगहों पर चार्जिंग करने से बचें ताकि बिजली का कोई खतरा न रहे.
यदि चार्जिंग के समय कार से कोई अजीब आवाज़, जलने की महक या बहुत ज्यादा गर्मी महसूस हो, तो फौरन प्लग निकाल दें.
सुरक्षित ड्राइविंग के लिए EV के चार्जिंग सिस्टम और इसके रखरखाव के नियमों को अच्छी तरह समझ लें.
अपनी चार्जिंग की आदतों को बैटरी की क्षमता और जरूरत के अनुसार ढालें, जिससे कार की परफॉर्मेंस और लाइफ बढ़ सके.
किसी भी असामान्य संकेत को नजरअंदाज न करें और गड़बड़ दिखने पर तुरंत चार्जिंग बंद करना ही समझदारी है.
OnePlus Turbo 6 सीरीज लॉन्च...जानें उस फीचर के बारे में जिसने iPhone और Samsung की उड़ाई नींद
9 Jan, 2026 04:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
OnePlus ने चीन में अपनी नई OnePlus Turbo 6 Series को लॉन्च कर दिया है। इस सीरीज में OnePlus Turbo 6 और OnePlus Turbo 6V स्मार्टफोन शामिल हैं। दोनों फोन्स की सबसे बड़ी खासियत इनकी 9000mAh की विशाल बैटरी है, जो लंबे समय तक इस्तेमाल का भरोसा देती है।
प्रोसेसर और परफॉर्मेंस में बड़ा फर्क
OnePlus Turbo 6 में लेटेस्ट Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो हाई-एंड परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है। वहीं, Turbo 6V में Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर मिलता है, जो मिड-रेंज सेगमेंट में दमदार विकल्प माना जा रहा है। दोनों ही फोन्स रोजमर्रा के साथ-साथ हैवी यूज के लिए तैयार किए गए हैं।
डिस्प्ले, सॉफ्टवेयर और चार्जिंग फीचर्स
OnePlus Turbo 6 Series के दोनों स्मार्टफोन्स में 6.78-इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। ये फोन Android 16 पर आधारित ColorOS 16 पर चलते हैं। चार्जिंग के लिए 80W SuperVOOC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर, स्टीरियो स्पीकर्स और USB Type-C पोर्ट भी मौजूद हैं।
पानी और धूल से मजबूत सुरक्षा
दोनों स्मार्टफोन्स IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग के साथ आते हैं। इसका मतलब है कि फोन पानी, धूल और कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं।
कैमरा और कीमत की जानकारी
कैमरा सेटअप में 50MP का प्राइमरी कैमरा और 2MP का सेकेंडरी सेंसर दिया गया है। फ्रंट में 16MP का सेल्फी कैमरा मिलता है। कीमत की बात करें तो OnePlus Turbo 6 की शुरुआती कीमत 2099 युआन (करीब 27,000 रुपये) है, जबकि टॉप वेरिएंट 2899 युआन (लगभग 37,000 रुपये) तक जाता है। वहीं, Turbo 6V का बेस वेरिएंट 1699 युआन (करीब 21,000 रुपये) में उपलब्ध है।
स्वाभिमान पर्व के प्रथम दिन महादेव की भक्ति में सराबोर हुआ मंदिर परिसर, भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन
9 Jan, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गिर सोमनाथ| सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के प्रथम दिन सोमनाथ महादेव मंदिर परिसर में भव्य एवं दिव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी, डॉ. प्रद्युमन वाजा तथा कौशिक वेकरिया सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुजरात के प्रसिद्ध कलाकार कीर्तिदान गढ़वी, जिगरदान गढ़वी और उमेश बारोट ने सोमनाथ महादेव की आराधना एवं भजनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, विरासत और सनातन धर्म को संगीत की मधुर स्वर-लहरियों में पिरो दिया। शिव भक्ति से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित दर्शक मंत्रमुग्ध होकर शिव भक्ति में लीन हो गए और संगीत की धुनों पर झूम उठे। दर्शकों ने भी तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए भक्ति गीतों में सुर से सुर मिलाया।
साईंराम दवे ने साहित्यिक प्रस्तुति के माध्यम से सोमनाथ महादेव की स्थापना, विदेशी आक्रमणों, हमारे वीर योद्धाओं तथा आज भी अडिग खड़े सोमनाथ मंदिर और हमारी ऐतिहासिक धरोहर पर प्रभावशाली वक्तव्य दिया। कर्णप्रिय संगीत, रोशनी से जगमगाता मंदिर परिसर और निरंतर निहारते रहने पर भी मन न भरने वाला अलौकिक सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का देवालय—इन तीनों के संगम से मानो दिव्य वातावरण का सृजन हो गया। कलाकारों ने शिव भक्ति गीतों के साथ-साथ गरबा की भी शानदार प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर सांसद राजेश चुडासमा, विधायक भगवानभाई बारड, पूर्व सांसद मोहन कुंडारिया, सचिव आलोक पांडे, टी. नागराजन, दिलीप राणा, सोमनाथ के कलेक्टर आई.ए. उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
तीन बच्चों की मां की अनोखी शादी, पति ने दी कानूनी सहमति
9 Jan, 2026 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली। कहते हैं ना कि इश्क जब परवान चढ़ जाता है तो उसे कुछ दिखाई नहीं देता. ऐसा ही एक मामला बिहार के वैशाली जिले से सामने आया है. इस प्यार ने न तो उम्र देखी और न ही बच्चों और पति के बारे में सोचा. इसमें चौंकाने वाली बात यह भी रही कि तीन बच्चों की मां जब अपने प्रेमी के साथ कोर्ट मैरिज कराने गई तो उसके पति ने ही शादी में गवाह की भूमिका निभाई और दोनों को खुशी-खुशी विदा कर दिया. अब इस प्यार की सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में चर्चा है. हालांकि, बिहार के लिए यह कोई पहला केस नहीं है. इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं. जिसमें शादी-शुदा महिलाएं अपने प्रेमी के साथ शादी कर लीं।
क्या है मामला?
वैशाली जिले के जंदाहा की रहने वाली रानी कुमारी की शादी साल 2011 में कुंदन कुमार के साथ कोर्ट मैरिज हुई थी. कुंदन कुमार जंदाहा के ही अहिरपुर गांव के निवासी हैं. शादी के बाद दोनों के 3 बच्चे हुए. लेकिन शादी के लगभग 5 सालों बाद ही रानी का मन कहीं और लगने लगा. रानी अपने फुफेरे भाई गोबिंद कुमार के प्यार में पड़ गई. धीरे-धीरे प्यार इतना बढ़ गया कि रिश्ता गहरा होता चला गया. इसी बीच कई बार रानी अपने पति को छोड़कर प्रेमी के पास जाती और फिर वापस लौट आती. इसकी जानकारी अब पति को भी रहने लगी तो वह परेशान हो गया. पति के अनुसार, रानी 3 साल पहले भी प्रेमी के साथ चली गई थी, जिसके बाद पति मानसिक रूप से परेशान रहने लगा।
पति ने ही कराई शादी
जब प्रेमी के साथ रानी का प्यार परवान चढ़ने लगा तो रानी ने अपने पति से साफ कह दिया कि वह प्रेमी के साथ रहना चाहती है और उसी के साथ जीवन बिताना चाहती है. इस दौरान कुंदन ने मन ही मन सोचा कि अगर इसने मन बना ही लिया है. अपना नया जीवनसाथी चुन ही लिया है तो इसे रोकना सही नहीं है. इस दौरान कुंदन ने रानी की इच्छा को देखते हुए उसे बिल्कुल भी रोकने का प्रयास नहीं किया बल्कि आजाद करने का फैसला कर लिया. दोनों को कोर्ट में बुलाकर शादी कराई और खुद गवाह बन गए. कुंदन ने बच्चों को अपने साथ रखने का फैसला किया है. इस खबर को जिसने सुना, हर कोई हैरान रह गया।
प्रेमी के साथ 3 बच्चों की मां ने रचाई शादी
शादी के बाद रानी ने बताया कि पति कुंदन के साथ खुश नहीं थी. गोविंद से शादी करना चाहती थी. इसके लिए पति से भी बताया तो वे भी मान गए और रिश्ते के लिए राजी हो गए. इस दौरान यह भी तय हो गया कि तीनों बच्चे पिता कुंदन के साथ ही रहेंगे. कुंदन ने बताया कि रानी ने जब शादी करने की बात कही तो हमने सोचा कि बिना किसी विवाद के इसे आजाद कर दिया और रिश्ते को यहीं खत्म कर दिया जाए. जब रानी ने मन बना ही लिया तो फिर जबरदस्ती रहने का कोई मतलब नहीं. हम चाहते हैं कि जहां भी रहे खुश रहे।
दिल्ली में बयान, इंदौर में विरोध! आतिशी के किस तीखे तेवर ने भाजपा को सड़कों पर उतरने को किया मजबूर
9 Jan, 2026 01:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Atishi Controversy: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना एक बयान देकर विवादों से घिर गई हैं. उनके खिलाफ सिख गुरु तेग बहादुर के अपमान का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई है. आतिशी के इस बयान को लेकर भाजपा हमलावर है. दिल्ली से लेकर इंदौर तक विरोध देखने को मिल रहा है. आतिशी ने ऐसा क्या बयान दिया कि हर जगह विरोध किया जा रहा है. यहां जानिए.
क्या था मामला?
दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी पर भाजपा ने आरोप लगाया कि पिछले साल नवंबर महीने में दिल्ली सरकार द्वारा गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत दिवस के कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चा के बाद असंवेदनशील टिप्पणी की थी. भाजपा नेताओं ने इसे सिख समुदाय की भावनाओं पर हमला बताया. हालांकि आतिशी ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि भाजपा हमारे बयान को तोड़-मरोड़कर झूठे सबटाइटल जोड़े हैं. गुरु साहिबान का नाम भाजपा ने जबरन घसीटा है. भाजपा ‘झूठ की फैक्ट्री’ है.
आतिशी के बयान पर BJP ने घेरा
आतिशी के बयान के बाद मामला इतना गरमा गया कि भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी का मुख्यालय घेरने पहुंच गए. इस दौरान काफी देर तक प्रदर्शन किया. नारे लगाए, पोस्टर दिखाए और इस्तीफे की मांग की. भाजपा ने इस दौरान साफ कहा कि माफी काफी नहीं, सजा होनी चाहिए. भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आतिशी का बयान चौंकाने वाला है. गुरु तेग बहादुर को भारत का रक्षक कहा जाता है, उन्होंने खुद को अपने समुदाय के लिए कु्र्बान कर दिया. आतिशी को अपने बयान पर मांफी मांगनी चाहिए.
दिल्ली में AAP-BJP दोनों आमने-सामने
एक ओर जहां आतिशी के बयान पर सिख समुदाय काफी नाराज है तो वहीं आम आदमी पार्टी भी भाजपा नेता कपिल मिश्रा पर वीडियो एडिट करने का आरोप लगाते हुए घेरने का प्रयास कर रही है. यानी दिल्ली में इस समय दोनों दल भाजपा और AAP प्रदर्शन कर रहे हैं. बता दें, आतिशी के बयान का विरोध अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा है. इंदौर में भी सिख समुदाय भारी संख्या में विरोध दर्ज करा रहे हैं. फिलहाल, दिल्ली से लेकर इंदौर तक तनाव की स्थिति बनी हुई है.
आधार कार्ड में है कोई गलती? अब चक्कर काटना भूल जाइए, UIDAI का 'उदय' करेगा आपकी हर मुश्किल आसान
9 Jan, 2026 01:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
UIDAI: आधार कार्ड से जुड़ी समस्याओं और जानकारी देने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक नई पहल शुरू की है. अब आधार कार्ड होल्डर्स की मदद के लिए ‘उदय’ (Udai) नाम का एक डिजिटल साथी (मस्कॉट) आ गया है, जिसे लोग प्यार से ‘उदय भाई’ भी कह रहे हैं. आइए जानते हैं उदय आपकी कैसे मदद करेगा.
कौन है ‘उदय’ (Udai)?
‘उदय’ UIDAI का आधिकारिक मस्कट और डिजिटल संचार साथी है. इसका मुख्य उद्देश्य आधार सेवाओं को आम लोगों के लिए सरल, सुलभ और समझने में आसान बनाना है. जिस तरह से तकनीकी जानकारी अक्सर जटिल होती है, ‘उदय’ उसे एक ‘नरेटर’ या मार्गदर्शक के रूप में आसान भाषा में समझाता है. देशभर से कई एंट्रीज में से इसका नाम और डिजाएन चुना गया है.
‘उदय’ आपकी इन कामों में करेगा मदद
अगर आप अपना पता, मोबाइल नंबर या जन्मतिथि अपडेट करना चाहते हैं और समझ नहीं आ रहा कि कैसे करें, तो ‘उदय’ आपको स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया समझाएगा. कई लोग आधार की सुरक्षा को लेकर डरे रहते हैं. ‘उदय’ लोगों को यह समझाता है कि आधार का सुरक्षित उपयोग कैसे करें और धोखाधड़ी से कैसे बचें. इससे आप आधार से जुड़ा कोई भी सवाल कर सकते हैं और यह आपको तुरंत उत्तर देगा.
‘उदय’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह केवल अंग्रेजी तक सीमित नहीं है. यह हिंदी और दूसरी रीजनल भाषाओं में भी जानकारी उपलब्ध कराता है. अब आपको छोटे-मोटे सवालों के लिए आधार सेंटर की लाइनों में लगने या हेल्पलाइन 1947 पर लंबे समय तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है. ‘उदय’ के जरिए आप मिनटों में अपनी समस्या का हल पा सकते हैं.
"लालू यादव की मुश्किलें बढ़ीं: लैंड फॉर जॉब स्कैम में कोर्ट ने तय किए आरोप, क्या अब जाना होगा जेल?"
9 Jan, 2026 01:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Land For Job Scam: लालू यादव को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. लैंड फॉर जॉब मामले में राउज एवेन्यू अदालत ने इस मामले में आरोप तय करने के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की है. अगली तारीख को अदालत आरोपियों के बयान को दर्ज करेगी.
कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट के अनुसार, लालू यादव ने रेल मंत्री के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया और सरकारी पदों के बदले सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की साजिश रची थी. कोर्ट ने इस मामले को लेकर लालू प्रसाद यादव के अलावा दोनों बेटों तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव पर भी आरोप तय करने का निर्देश दिया है.
लालू परिवार समेत 40 से अधिक लोगों पर आरोप तय
कोर्ट ने माना कि लालू यादव और उनका परिवार सरकारी नौकरी के बदले जमीन अधिग्रहण करने के लिए एक आपराधिक गिरोह की तरह काम कर रहा था. इस मामले में सैकड़ों लोगों के ऊपर केस दर्ज किया गया था, जिसमें से अब तक कोर्ट ने 52 लोगों को बरी कर दिया है. जबकि लालू यादव और उनके परिवार समेत 40 से अधिक लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं.
लैंड फॉर जॉब स्कैम क्या है?
लैंड फॉर जॉब स्कैम, रेलवे में लोगों को नौकरी देने के बदले उनसे लेना है. यह केस उस दौरान का है जब लालू यादव रेल मंत्री थे. इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी. सीबीआई के अनुसार, नौकरी के बदले जमीनें बहुत ही कम दाम पर बेची गई थी. जबकि इसके लिए रेलवे ने भर्ती का कोई विज्ञापन या पब्लिक नोटिस जारी नहीं किया था. सीबीआई ने जांच में पाया था कि जिन परिवारों ने लालू यादव को अपनी जमीन दीं. उनको रेलवे ने मुंबई, कोलकाता, जबलपुर, हाजीपुर और जयपुर में नियुक्ति दी.
जेल जाना तय, बोले भाजपा प्रवक्ता
भूमि-बदले-नौकरी मामले में लालू परिवार के खिलाफ आरोप तय किए जाने पर भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा, “जैसा बोओगे वैसा काटोगे. चूंकि उन्होंने भ्रष्टाचार के बीज बोए हैं, इसलिए जेल जाना तय है. सभी तथ्यों की जांच के बाद अदालत ने आज आरोप तय किए हैं. अदालत का मानना है कि लालू प्रसाद यादव और उनके पूरे परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए जाने चाहिए. वैसे भी, लालू प्रसाद यादव का पूरा परिवार भ्रष्टाचार में लिप्त है.”
होटल के कमरे में निशानेबाज नाबालिग खिलाड़ी से दरिंदगी, नेशनल शूटिंग कोच पर गंभीर आरोप
9 Jan, 2026 11:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद. फरीदाबाद (Faridabad) में एक राष्ट्रीय स्तर के शूटिंग कोच (Shooting coach) पर एक नाबालिग खिलाड़ी से दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। यह घटना 16 दिसंबर को सूरजकुंड के एक होटल में हुई, जहां आरोपी कोच ने पीड़िता को मैच की चर्चा के बहाने बुलाया था।
विरोध करने पर कोच ने खिलाड़ी को उसके कॅरिअर को बर्बाद करने की धमकी भी दी। इस मामले में फरीदाबाद के महिला थाना एनआईटी में 6 जनवरी को पोक्सो एक्ट की धारा 6 और बीएनएस की धारा 351(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पीड़िता खिलाड़ी के अनुसार, राष्ट्रीय शूटिंग कोच ने उसे खेल संबंधी चर्चा के बहाने सूरजकुंड के ताज होटल में एक कमरे में बुलाया। वहां कोच ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। घटना के बाद से पीड़िता सदमे में थी और उसने 6 जनवरी को अपनी मां को आपबीती सुनाई। इसके बाद पीड़िता की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कोच के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस को शिकायत देने वाली खिलाड़ी के अनुसार, साल 2017 से वो शूटिंग सीखने लगी। अगस्त 2025 में भारतीय शूटिंग टीम के एक कोच से उसने ट्रेनिंग लेना शुरू किया।
आरोप है कि कोच उसे शूटिंग ट्रेनिंग के लिए मोहाली, पटियाला, देहरादून और दिल्ली बुलाते थे। 16 दिसंबर को खिलाड़ी का नेशनल मैच डॉक्टर कर्णी सिंह शूटिंग रेंज तुगलकाबाद दिल्ली में था। दोपहर लगभग 12 बजे मैच खत्म हुआ और खिलाड़ी घर जाने लगी तो कोच ने उसे मैच डिस्कस करने के बहाने रोक लिया।
दोपहर 2 बजे तक खिलाड़ी रेंज में ही कोच का इंतजार करती रही। फिर कोच ने उसे व्हाट्सएप कॉल कर सूरजकुंड के ताज होटल की लॉबी में बुलाया। खिलाड़ी के अनुसार, कोच उसे तीसरी मंजिल पर कमरे में ले गए और कुछ देर मैच डिस्कस किया। किशोरी ने कहा कि उसे घर जाना है तो कोच ने बैक क्रैक करने की बात कही।
किशोरी ने तुरंत इसके लिए मना किया तो कोच ने उसे जबरन बैड पर गिराकर दुष्कर्म किया। किशोरी ने विरोध जताया तो आरोपी ने करियर बर्बाद करने की धमकी दी। फिर खुद ही किशोरी को नीचे गाड़ी तक कोच ने छोड़ा।
कई दिनों तक किशोरी गुमसुम और डरी सहमी रही। 6 जनवरी की सुबह हिम्मत कर अपनी मां को कोच की करतूत के बारे में बताया और मामला पुलिस तक पहुंचा। जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
पहली बीवी को खिलाई ऐसी दवा, आंख से दिखना हुआ बंद; फिर ले आया नई दुल्हनिया
9 Jan, 2026 10:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर: हिंदुओं (Hindus) में एक शख्स तब तक दूसरी शादी (Second Marriage) नहीं कर सकता, जब तक कि उसका पहली बीवी से तलाक (Divorce) न हो जाए. या अनहोनि के कारण पत्नी (Wife) की मौत न हो जाए. अगर पहली बीवी के रहते कोई भी हिंदू युवक (Young Man) दूसरी शादी करता है तो वो कानून की नजर में गलत है. उसमें सजा का भी प्रावधान है. मगर कई लोग ऐसे भी होते हैं जो एक से ज्यादा शादी करने की खातिर पहली बीवी को धोखे में रखते हैं. फिर दूसरी शादी कर ही लेते हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया है मध्य प्रदेश के छतरपुर से, जिसकी कहानी आपकी भी रूह कंपा देगी.
सूरजपुर गांव में एक दिव्यांग महिला के साथ न सिर्फ घरेलू हिंसा हुई बल्कि उसके पति ने बिना तलाक दूसरी शादी भी कर ली. पीड़िता हेमलता साहू ने पति राकेश साहू और ससुराल पक्ष के खिलाफ एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की है.
हेमलता के अनुसार, उसकी शादी वर्ष 2021 में सूरजपुरा निवासी लक्ष्मन उर्फ राकेश साहू से हुई थी. शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने दो लाख रुपए की मांग शुरू कर दी. मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की गई. बीमारी के दौरान उसे कथित तौर पर संदिग्ध दवा खिलाई गई, जिससे उसकी आंखों की रोशनी लगभग पूरी तरह चली गई. दिव्यांग होने के बाद उसे बोझ समझकर घर से निकालने का आरोप भी लगाया गया है.
पीड़िता का आरोप है कि पति ने बिना तलाक लिए एक लाख रुपए में राजकुमारी नाम की महिला को लाकर दूसरी शादी कर ली. अगस्त महीने में समझौते के बहाने बुलाकर दोबारा मारपीट की गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और वह दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर हो गई.
हेमलता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके अंधेपन का फायदा उठाकर नोटरी दस्तावेजों पर धोखे से अंगूठा लगवाया गया, जिसमें उसकी सहमति से दूसरी शादी कराने की बात लिखी गई थी. पुलिस का कहना है कि नोटरी की वैधानिकता और सहमति की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
पति राकेश साहू का कहना है कि वह दोनों महिलाओं से प्यार करता है और किसी को छोड़ना नहीं चाहता. उसने दावा किया कि पहली पत्नी पहले से ही दृष्टिहीन थी और यह बात उससे छिपाकर शादी कराई गई थी. दूसरी महिला को उसने लिव-इन में रखा है और दोनों साथ रह सकती हैं. मारपीट और घर से निकालने के आरोपों को उसने गलत बताया है.
दूसरी महिला राजकुमारी साहू ने कहा कि शादी तीनों की सहमति से हुई थी और उसने हेमलता को दीदी की तरह मानकर पूरी सेवा की. चाय-नाश्ता, खाना, नहलाना और देखभाल वह खुद करती थी. अब उसे घर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है, तो वह जाए कहां?
सीएसपी अरुण सोनी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. मामले को लेकर पुलिस ने पीड़िता, पति, दूसरी महिला और गांव के लोगों से बातचीत शुरू कर दी है.
बिहार में भिखारियों को मिलेंगे 10-10 हजार, जानें क्या है सरकार की योजना
9 Jan, 2026 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार सरकार (Bihar Goverment) लगातार जनता के ऊपर पैसों की बरसात कर रही है. अब नीतीश (Nitish) सरकार वैसे लोगों को पैसे दे रही है, जो सड़क किनारे भीख (Begging) मांगकर अपना जीवन यापन कर रहे है. सरकार इन भिक्षुकों को चिंहित कर समाज के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए समूह बनाकर 10-10 हजार की राशि (Money) बैंक खातों (Bank Account) में डाल रही है. जिससे वह छोटा रोजगार शुरू कर अपना जीवन यापन कर सकें.
सरकार वर्तमान में भीख मांगने की मजबूरी को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना चला रही है, जो पूर्णियां सहित राज्य के 10 जिलों में संचालित है. पटना, गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, मुंगेर और सारण में 19 पुनर्वास केंद्र समाज कल्याण विभाग की ओर से ये योजना संचालित की जा रही है.
राज्य के इन 10 जिलों में भिक्षुकों को खाना, कपड़ा, इलाज, कंसल्टेशन, योग और मनोरंजन जैसी सुविधाएं बिल्कुल मुफ्त में दी जा रही हैं. इसके अलावा 14 अन्य जिलों में नए पुनर्वास गृह खोलने की प्रक्रिया चल रही है और भोजपुर जिले में 2 हाफ-वे होम बनाए जा रहे हैं.
पूर्णियां में चल रहे सेवा कुटीर की उत्प्रेरक अफसाना खातून ने बताया कि सड़क किनारे भीख मांगने वाले को पहले चिन्हित किया जाता है. अगर कोई स्वास्थ्य है तो फिर उन्हें भिक्षावृत्ति के धंधे से दूर करने का प्रयास किया जाता है. उनका एक ग्रुप बनाकर पहले सामूहिक बचत के बारे में बताया जाता है फिर सरकार के द्वारा मिलने वाली पहली किस्त 10 हजार रुपए भिक्षावृत्ति छोड़ चुके लोगों को दिया जाता है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में पूर्णियां में 10 ग्रुप सफलतापूर्वक चल रहे हैं, जिसमें कुछ लोग चाय दुकान, अंडा दुकान, सब्जी बेचकर अपना जीवन यापन कर रहे है.
सेवा कुटीर के अधीक्षक श्रवण कुमार ने बताया कि वर्तमान में इस केंद्र में 39 भिक्षुओं को रखा गया है, जिसमें ज्यादातर अपना घर बताने में असमर्थ है. रहने की व्यवस्था के साथ उनका इलाज भी किया जाता है. रोजाना उनकी काउंसलिंग की जाती है. अगर वह अपना नाम पता बता देते हैं तो उन्हें उनके परिवार से मिला दिया जाता है.
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