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स्पा सेंटर में चौंकाने वाला खुलासा, एक युवक के साथ 20 युवतियां मौजूद
14 Jan, 2026 02:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर की खबर आपको भी हैरान कर देगी. मेरठ पुलिस ने अवैध रूप से संचालित एक स्पा सेंटर पर छापेमार कार्रवाई की है. जिसमें कई ऐसे सच उजागर हुए, जो आपको सोचने के लिए मजबूर कर देंगे. पुलिस को काफी समय से स्पा सेंटर पर अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिल रही थी. जिसके बाद पुलिस ने छापा मारा तो देखकर दंग रह गई. पुलिस को चकमा देने के लिए प्रक्रिया पर काफी गोपनीयता रखी जाती थी. इसके अलावा कानून से बचने के लिए रास्ता भी तैयार किया था. स्पा सेंटर से पुलिस ने 1 युवक के साथ 20 लड़कियों को हिरासत में लिया है. फिलहाल, पुलिस सभी एंगल से जांच करने में जुटी है. पुलिस ने जब स्पा सेंटर में छापेमारी की तो वहां से 20 लड़कियां और 1 युवक मिला. जिसको देखकर पुलिस भी हैरान रह गई कि 20 लड़कियों के साथ 1 युवक? मेरठ एसपी आयुष विक्रम ने बताया कि काफी समय से लगातार स्पा सेंटर में अनैतिक गतिविधियों को लेकर सूचनाएं आ रही थीं. स्थानीय लोगों ने भी इसकी शिकायत की थी. जिसके बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने कार्रवाई की. हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है. इसमें जो भी सामने आएंगे, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
लंबे समय से चल रहा था खेल
पुलिस की जांच में सामने आया कि स्पा सेंटर की बुकिंग डॉयरेक्ट नहीं बल्कि व्हाट्सएप और अन्य कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से की जाती थी. ताकि पुलिस को किसी प्रकार का शक ना हो. ऐसे में ग्राहक भी सीधे सेंटर नहीं पहुंचते थे. गिरोह में शामिल कुछ लोग ग्राहकों से संपर्क करते और उनको ‘सर्विस’ से जुड़ी जानकारी देते थे.
इसके बाद जब ग्राहक तैयार हो जाए तो लोकेशन पर बताया जाता था. सवाल यह भी है कि आखिर जब यह खेल काफी लंबे समय से चल रहा था तो पुलिस की नजर से कैसे बचा?
पुलिस के हाथ लगे कई सबूत
पुलिस ने जब यह कार्रवाई की तो स्पा सेंटर से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया. क्योंकि पुलिस ने टीम बनाकर एक-साथ कई सेंटरों पर रेड मारी. छापेमारी के दौरान पुलिस को कई सबूत भी हाथ लगे हैं. जिसमें रजिस्टर, मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण शामिल हैं. पुलिस का मानना है कि इससे आरोपियों की तह तक जानें में मदद मिलेगी और उन पर कार्रवाई की जा सकेगी. फिलहाल, अभी जांच जारी है. जांच के बाद ही क्लियर हो पाएगा कि इन गतिविधियों का दायरा कितना बड़ा था और इन स्पा सेंटरों के काले कारोबार में कौन-कौन शामिल है? इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं. पुलिस इन चारों स्पा सेंटरों को सील करने की भी तैयारी कर रही है।
सौरभ भारद्वाज बोले—राजधानी में कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल
14 Jan, 2026 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|दिल्ली के शालीमार बाग में एक दिल दहला देने वाली घटना ने फिर से कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यकर्ता और स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की अध्यक्ष रचना यादव की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना पिछले सप्ताह हुई। इस घटना पर आप नेताओं ने बीजेपी सरकार को आड़े हाथ लिया है।
क्या है मामला?
शालीमार बाग के बीसी ब्लॉक में रचना यादव को उनके घर के पास ही हमलावरों ने सिर में गोली मार दी। हमलावरों ने पहले उनका नाम पूछा और जैसे ही उन्होंने हां में जवाब दिया, ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में हत्यारे साफ दिखाई दे रहे हैं, वे मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पति की हत्या की गवाह थीं रचना
रचना यादव की यह त्रासदी अकेली नहीं है। दो साल पहले (2023 में) उनके पति विजेंद्र यादव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह मामला आपसी रंजिश से जुड़ा था, और कोर्ट में चल रहा है। रचना इस केस में मुख्य चश्मदीद गवाह थीं। वे न्याय की लड़ाई लड़ रही थीं और गवाही देने वाली थीं। पुलिस को शक है कि उनकी हत्या इसी केस को कमजोर करने और गवाहों को डराने के मकसद से की गई। रचना के परिवार में दो बेटियां हैं।
नेताओं ने शोक सभा में दी श्रद्धांजलि
मंगलवार को शालीमार बाग में रचना यादव की शोक सभा हुई, जिसमें दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा ने हिस्सा लिया। दोनों नेताओं ने परिवार से मुलाकात की और श्रद्धांजलि अर्पित की।सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीसीटीवी में हत्यारे साफ दिख रहे हैं, फिर भी पुलिस की कार्रवाई लचर है। उन्होंने घटना को बेहद निंदनीय बताया और दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। AAP ने स्पष्ट किया कि पार्टी पीड़ित परिवार को हर स्तर पर न्याय दिलाने के लिए लड़ेगी। इस दुख की घड़ी में हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जहां हत्या हुई वह जगह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास से महज 400 मीटर दूर है, फिर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा। पार्टी दोषियों को सजा दिलाने और परिवार को इंसाफ मुहैया कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
किसानों के मुद्दों पर लिखित आश्वासन के बाद रोका गया विशाल काफिला
14 Jan, 2026 12:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर |बजरी माफिया पर कार्रवाई, किसानों को मुआवजा और प्रशासनिक अफसरों पर एक्शन की मांग को लेकर जयपुर कूच पर निकले नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने आखिरकार आंदोलन स्थगित करने का ऐलान कर दिया है। बुधवार तड़के करीब 5 बजे प्रशासन के साथ हुई वार्ता में मांगों पर लिखित सहमति बनने के बाद बेनीवाल ने जयपुर कूच और किसानों का आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।हनुमान बेनीवाल मंगलवार शाम करीब 2000 गाड़ियों के विशाल काफिले के साथ नागौर से जयपुर के लिए रवाना हुए थे। रियांबड़ी और मेड़ता क्षेत्र के किसानों की छह सूत्रीय मांगों को लेकर बीते आठ दिनों से आंदोलन चल रहा था। प्रशासन को 4 बजे तक का अल्टीमेटम देने के बाद जब मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो बेनीवाल ने जयपुर कूच का फैसला किया।
बाड़ी घाटी में रुका काफिला, देर रात चली वार्ता
मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे सांसद का काफिला नागौर जिले के अंतिम गांव बाड़ी घाटी में टोल प्लाजा के पास हाईवे किनारे रुक गया। यहां रात करीब 11:30 बजे अजमेर रेंज आईजी राजेंद्र सिंह, नागौर जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित और एसपी मृदुल कच्छावा वार्ता के लिए पहुंचे। अधिकारियों और सांसद के बीच रात डेढ़ बजे तक बातचीत चली, लेकिन कई अहम बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई।इसके बाद प्रशासन के आग्रह पर काफिला वहीं रुका रहा। बुधवार सुबह करीब 5 बजे एक बार फिर बातचीत हुई, जिसमें रियांबड़ी एसडीएम सूर्यकांत भी मौजूद रहे। इस बार सभी प्रमुख मांगों पर लिखित सहमति बनने के बाद बेनीवाल ने आंदोलन स्थगित करने का ऐलान कर दिया।
क्या रही सहमति की प्रमुख बातें
हनुमान बेनीवाल ने बताया कि बजरी माफिया के खिलाफ ड्रोन सर्वे और मैनुअल जांच के लिए एक दिन बाद टीमें लगा दी जाएंगी। अवैध खनन में लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही खनन, राजस्व और पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी।किसानों से जुड़ी मांगों पर भी सहमति बनी है। मेड़ता और रियां क्षेत्र के जिन गांवों को पिछले साल का आपदा राहत मुआवजा और बीमा क्लेम नहीं मिला, उन्हें शीघ्र भुगतान किया जाएगा। रेलवे द्वारा अधिग्रहित भूमि के मुआवजे और गोचर भूमि से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
प्रशासनिक अफसरों पर कार्रवाई की मांग
बेनीवाल की मांगों में डेगाना एसडीएम, डेगाना डीएसपी और माइनिंग इंजीनियर राकेश शेषमा सहित अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई का मुद्दा भी शामिल था। इस पर प्रशासन ने जांच कर उचित कदम उठाने का लिखित आश्वासन दिया है। कथित रूप से गलत तरीके से आवंटित 14 हजार बीघा गोचर भूमि के मामले में भी समीक्षा और कार्रवाई पर सहमति बनी।
बेनीवाल बोले- दो-तीन दिन में दिखेगा असर
वार्ता के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा, “कलेक्टर और एसपी से बातचीत के बाद हमारी मांगों पर लिखित सहमति बनी है। बजरी माफिया के खिलाफ सर्वे के लिए टीमें लगेंगी और आगामी दो-तीन दिन में सारे काम शुरू हो जाएंगे। किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।”
जयपुर कूच क्यों रोका गया
बेनीवाल ने कहा कि प्रशासन ने सकारात्मक रुख दिखाया, इसलिए जयपुर कूच का फैसला वापस लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सहमति का पालन नहीं हुआ तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। इससे पहले बेनीवाल ने कहा था कि अगर बाड़ी घाटी में वार्ता विफल होती है तो वे निश्चित रूप से जयपुर पहुंचेंगे।
आंदोलन खत्म, लेकिन चेतावनी बरकरार
सुबह 5 बजे बनी सहमति के साथ ही हनुमान बेनीवाल ने जयपुर कूच स्थगित कर आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया। हालांकि उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह सिर्फ स्थगन है, समाप्ति नहीं। यदि प्रशासन ने वादों पर अमल नहीं किया तो किसान और युवा फिर सड़कों पर उतरेंगे।
2 बच्चों के पिता ने दिल्ली जाकर कराया जेंडर चेंज, राज खुला तो डिप्रेशन में गई पत्नी
14 Jan, 2026 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोरखपुर। गोरखपुर के बांसगांव इलाके में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 2 बच्चों का बाप चुपके से दिल्ली में जेंडर चेंज कराकर लड़की बन गया। जब पत्नी ने विरोध किया तो मार-पीटकर उसे नशीली दवा देकर गैर मर्दों से जबरन यौन संबंध बनवाने लगा। मारपीट और पति की हरकत से परेशान महिला डिप्रेशन में चली गई है। अब पत्नी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपनी दो बेटियों का खर्च चलाने के लिए पति से हर्जाने की मांग की है। वहीं, पति की तरफ से भी एक प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया है। यह मामला कोर्ट में चल रहा है।
बांसगांव क्षेत्र की रहने वाली 24 साल की महिला ने बताया कि 24 अप्रैल 2016 को उसकी शादी घर से 5 किमी दूर रहने वाले युवक से धूमधाम से हुई थी। शादी के अगले दिन 25 अप्रैल को विदा होकर ससुराल गई थी। यहां पर कुछ दिन तक सब ठीक चला इसके बाद पति मारने पीटने लगा। पति के प्रताड़ित करने के बाद भी वह सब कुछ सहती रही। इस बीच उसकी दो बेटियां भी हुईं जिनकी उम्र इस समय 7 और साल है। बेटी होने की वजह से पति और ससुराल वाले मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देते थे।
एक बार विरोध किया तो ससुराल वाले दहेज की मांग करते हुए 20 जून 2021 की सुबह 8 बजे मारपीट कर बेटियों के साथ घर से निकाल दिया। इसके बाद कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। मध्यस्थता केंद्र की पहल पर फिर से ससुराल 29 अप्रैल 2024 को अपने ससुराल गई।
महिला ने बताया कि दोबारा ससुराल जाने पर पति के व्यवहार में काफी बदलाव दिखा। मुझे कमरे में एक पर्चा भी मिला जिससे पता चला कि मेरे पति दिल्ली एक क्लिनिक में सेक्स चेंज करवाकर लड़की बन गए हैं। पति कोर्ट में झूठ बोलकर हर्जाने से बचने के लिए मुझे और बच्चों को घर लेकर गए। इसके बाद दूसरी जगह किराए का एक मकान लेकर वहां पर हम लोगों को रख दिया। वहां पर गैर मर्दों से यौन संबंध बनवाने का पति दबाव बनाने लगा। मेरे मना करने पर मारपीट की। इसके बाद मुझे नशे की दवा देकर गैर मर्दों से जबरन यौन संबंध बनवाए।
भारत-चीन युद्ध में 600 किलो सोना दान करने वाली महारानी का निधन
14 Jan, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। भारत-चीन (Indo-China) जंग (war) के दौरान भारत सरकार (Government of India) की अपील पर अपने खजाने के द्वार खोलकर करीब 600 किलो सोना (600 kg of gold) सरकार को दान देने वाली दरभंगा राजवंश की विरासत की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी पंचतत्व में विलीन हो गईं। हालांकि पारिवारिक विवाद के चलते अंतिम यात्रा से पहले उनके महल में परिजनों के बीच मारपीट तक हो गई।
दरभंगा महाराज कामेश्वरसिंह की तीसरी और अंतिम पत्नी महारानी कामसुंदरी देवी का अंतिम संस्कार आज दरभंगा राज परिसर स्थित माधेश्वर प्रांगण में पूरे हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ। बिहार सरकार की तरफ से उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया और पोते रत्नेश्वरसिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल भी माधेश्वर प्रांगण पहुंचे और उन्होंने भी महारानी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। दरभंगा राजपरिवार ने अपनी निजी संपत्ति से कई सडक़ें, शिक्षा संस्थान और विश्वविद्यालय भी बनवाए थे।
परिजनों की मारपीट के बीच अंतिम संस्कार
हालांकि अंतिम यात्रा से पहले महारानी के आवास पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पारिवारिक विवाद के चलते बहस इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट तक पहुंच गया था। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झड़प देखी गई। झगड़े का कारण संपत्ति और उत्तराधिकार को लेकर विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को अलग किया। इस मारपीट को लेकर पूरे शहर में जहां चर्चा है, वहीं राजघराने द्वारा किए गए अच्छे काम भी विवादों में आ गए।
जज द्वारा ट्रेन की फर्श पर पेशाब करने पर सुप्रीम कोर्ट बोला-उन्हें बर्खास्त करना था
14 Jan, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मध्य प्रदेश के एक न्यायिक अधिकारी (Judge) द्वारा ट्रेन की कोच में फर्श पर पेशाब (Urinating on the floor) करना, हंगामा करने और महिला सह यात्री के सामने अश्लील हरकत किए जाने को आरोपों को ‘घिनौना कृत्य’ बताया। शीर्ष अदालत ने मौखिक तौर पर कहा कि न्यायिक अधिकारी का आचरण सबसे ‘गंभीर किस्म का दुर्व्यवहार था और उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए था। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस फैसले पर रोक लगाते हुए, यह टिप्पणी की है, जिसमें ट्रेन की कोच में फर्श पर पेशाब करना, हंगामा करने और महिला सह यात्री के सामने अश्लील हरकत करने के आरोप में बर्खास्त किए गए न्यायिक अधिकारी को दोबारा बहाल करने का आदेश दिया गया था।
पीठ ने कहा कि यह मामला अपने आप में चौंकाने वाला है और अधिकारी का आचरण घिनौना था। जस्टिस मेहता ने कहा कि ‘अधिकारी ने कंपार्टमेंट में पेशाब किया! वहां एक महिला मौजूद थी।’ सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा उच्च न्यायालय के दो जजों की पीठ के फैसले के खिलाफ दाखिल अपील पर नोटिस जारी करते हुए यह टिप्पणी की है। पीठ ने न्यायिक अधिकारी और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया। अपील में, उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई के दौरान उक्त न्यायिक अधिकारी की ओर से पेश अधिवक्ता ने पीठ से कहा कि मेडिकल जांच रिपोर्ट के अनुसार, उनका मुवक्किल घटना के समय नशे में नहीं था। शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका के मुताबिक न्यायिक अधिकारी मध्य प्रदेश में एक सिविल जज (क्लास-II) था, को 2018 में ट्रेन में किए गए हंगामे के कारण बर्खास्त कर दिया गया था।
उस पर नशे की हालत में सह-यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करने और टीटीई (ड्यूटी पर मौजूद एक सरकारी कर्मचारी) को गाली देने, एक महिला यात्री के सामने अश्लील हरकत करने और सीट पर पेशाब करने का भी आरोप था। साथ ही सह-यात्रियों को अपना पहचान पत्र दिखाकर धमकाने का भी आरोप था। इस इस घटना के बाद, उक्त न्यायिक अधिकारी के खिलाफ दो समानांतर कार्यवाही (आपराधिक और विभागीय) शुरू की गईं। आपराधिक मामले में गिरफ्तारी के बाद, उसे जमानत मिल गई, लेकिन उसने अपने कंट्रोलिंग ऑफिसर को सूचित नहीं किया। आखिरकार, आपराधिक कार्यवाही में, उसे बरी कर दिया गया क्योंकि गवाह (जिसमें टीटीई और पीड़ित यात्री शामिल थे) मुकर गए। हालांकि, विभागीय कार्यवाही में, कई लोगों ने न्यायिक अधिकारी के अश्लील आचरण, अधिकार के दुरुपयोग और एक सरकारी कर्मचारी को बाधा पहुंचाने के बारे में गवाही दी। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद न्यायिक अधिकारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। इसके खिलाफ न्यायिक अधिकारी ने हाई उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की।
उच्च न्यायालय ने याचिका को स्वीकार करते हुए न्यायिक अधिकारी के बर्खास्तगी आदेश को रद्द कर दिया। अब उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि घटना के समय प्रतिवादी (न्यायिक अधिकारी) का आचरण एक न्यायिक अधिकारी के लिए अशोभनीय था। इसके अलावा, इस घटना की व्यापक रूप से रिपोर्ट की गई, जिससे पूरी न्यायपालिका की पवित्रता को ठेस पहुंची। याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि आपराधिक कार्यवाही के लिए सबूत का मानक उचित संदेह से परे है, जबकि विभागीय कार्यवाही के लिए यह संभावनाओं की प्रधानता है।
Prayagraj Magh Mela: मकर संक्रांति पर संगम में आस्था का सैलाब
14 Jan, 2026 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Prayagraj Magh Mela : मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रयागराज में आस्था का अद्भुत सैलाब देखने को मिल रहा है। देशभर से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें नजर आईं, जिससे पूरा मेला क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
2 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान
प्रशासन के अनुमान के मुताबिक मकर संक्रांति के दिन Prayagraj Magh Mela में दो करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम स्नान कर सकते हैं। इसी भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए मेला प्रशासन ने 13 जनवरी से ही चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। इससे यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन की सुविधा देने में मदद मिली।
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कड़े इंतजाम
लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सभी प्रमुख स्नान घाटों पर विशेष भीड़ नियंत्रण टीमें तैनात की गई हैं। इसके साथ ही पुलिस, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की मदद से श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित तरीके से स्नान कराया जा रहा है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों और घाटों का ही उपयोग करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। Prayagraj Magh Mela में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि मकर संक्रांति का यह पावन स्नान शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
मां के पिंडदान की तैयारी कर रहा था बेटा, तभी बजी फोन की घंटी; और फिर…
14 Jan, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रकाशम: भारत के दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश से कुदरत के करिश्मे और मानवीय संवेदनाओं की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर किसी की भी आंखें नम हो जाएं. जिस मां को मरा हुआ मानकर बेटा उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, वो ढाई साल बाद अचानक ‘जिंदा’ लौट आई. यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी लग सकती है, लेकिन प्रकाशम जिले में यह हकीकत बनकर सामने आई है.
प्रकाशम जिले के एल. कोटा गांव की रहने वाली वेंकटालक्ष्मी मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं. करीब ढाई साल पहले, जब परिजन उन्हें इलाज के लिए गुंटूर के एक अस्पताल ले गए, तो वह वहां से अचानक लापता हो गईं. परिजनों ने उन्हें हर जगह तलाशा, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला. दुखद बात ये रही कि पत्नी के वियोग में तीन दिन बाद ही उनके पति का भी निधन हो गया. समय बीतता गया और परिवार की उम्मीदें धुंधली पड़ती गईं.
ढाई साल का लंबा वक्त गुजर जाने के बाद, जब वेंकटालक्ष्मी का कोई पता नहीं चला, तो परिवार ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें मृत मान लिया. घर में उनके अंतिम संस्कार (पिंडदान/श्राद्ध) की तैयारियां चल रही थीं. तभी अचानक खम्मम के अन्नम सेवा आश्रम से एक फोन आया. फोन पर मिली खबर ने पूरे परिवार के होश उड़ा दिए. सामने से बताया गया- आपकी मां जीवित हैं और हमारे पास सुरक्षित हैं.
खम्मम पुलिस को जुलाई 2023 में वेंकटालक्ष्मी सड़कों पर भटकती हुई मिली थीं, जिसके बाद उन्हें सेवा आश्रम में भर्ती कराया गया. आश्रम के संचालक अन्नम श्रीनिवास राव ने बताया कि लंबे इलाज और देखभाल के बाद उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ. ठीक होते ही उन्होंने अपने गांव और बेटे गुरवैया के बारे में जानकारी दी. जब बेटा गुरवैया आश्रम पहुंचा, तो अपनी मां को जीवित देख वह फफक-फफक कर रो पड़ा.
ढाई साल का दर्द और बिछड़ने का गम आंसुओं के जरिए बह निकला. आश्रम के आयोजकों ने परिवार को सम्मानित कर वेंकटालक्ष्मी को उनके बेटे को सौंप दिया. यह घटना हमें सिखाती है कि सेवा और समर्पण कभी व्यर्थ नहीं जाता. अन्नम सेवा आश्रम जैसे संस्थानों की वजह से ही आज एक बेटा अपनी मां से मिल सका और एक घर की खुशियां वापस लौट आईं. जो घर कल तक शोक की तैयारी कर रहा था, वहां आज उत्सव का माहौल है.
प्रयागराज माघ मेले में लगी भीषण आग, कल्पवासी भागे, शिविर जलकर हुए राख
14 Jan, 2026 08:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज: प्रयागराज (Prayagraj) के माघ मेला क्षेत्र (Magh Mela area) के सेक्टर-5 में भीषण आग लग गई है. ये आग नारायण शुक्ला धाम के शिविर में लगी है. फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी है. टेंट समेत अन्य समान जलकर राख हो गया है. बताया जा रहा है कि घटना के समय शिविर में 50 से अधिक लोग मौजूद थे. आनन-फानन में सभी गेट से बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया. फिलहाल फायर ब्रिगेड की टीम रेस्क्यू ऑपेरशन में जुटी है. शिविर में 15 टेंट लगे थे, जो जलकर राख हो गए.
नारायण शुक्ला धाम शिविर में लगी आग
मंगलवार को माघ मेला क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब सेक्टर-5 के नारायण शुक्ला धाम शिविर में भीषण आग लग गई. नारायण शुक्ला धाम शिविर में 15 टेंट लगे हुए थे, जिनमें करीब 50 कल्पवासी थे. आग लगी देख सभी आनन-फानन में बाहर निकल आए. वहीं सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई. शिविर से उठ रहीं आग की लपटें दूर तक नजर आ रही थीं, जिसे देख कल्पवासी सहम गए.
फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया
फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे बड़ी हादसा होने से टल गया. फायर ब्रिगेड की टीम ने बताया कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका है. कोई भी श्रद्धालु हताहत नहीं हुआ है. सभी सुरक्षित हैं.
शिविर के बाहर लगीं दुकानें भी जलकर राख
फायर ब्रिगेड टीम ने बताया कि नारायण शुक्ला धाम शिविर के सभी टेंटों में ये आग फैल गई थी. समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने से सभी लोग सकुशल बच गए. कल्पवासी शिविर के बाहर लगी दुकानों को भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे सभी दुकानें जलकर राख हो गईं. वहीं आग बुझाने के बाद फायर ब्रिगेड टीम ने शिविर के अंदर जांच-पड़ताल भी की.
आर्मी चीफ बोले—दुश्मन के किसी भी दुस्साहस का मिलेगा करारा जवाब
13 Jan, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने पाकिस्तान को आगाह करते हुए कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है. अगर किसी भी तरह का दुस्साहस किया गया तो करारा जवाब दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने आगे कहा कि 10 मई से वेस्टर्न फ्रंट और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन पूरी तरह से कंट्रोल में है।
‘पाकिस्तान के अंदर जमीनी हमले के लिए तैयार थे’
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, ‘तीनों सेनाओं ने बेहतरीन तालमेल के साथ सीमा पार आतंकवाद पर हमला किया था. ये आतंकवाद को भारत का सोचा-समझा और मजबूत जवाब था. इसमें तैयारी, सटीकता दिखाई दी थी. उस वक्त सेना के सभी सैनिक इकट्ठा थे और पाकिस्तान के अंदर जमीनी हमलों के लिए तैयार थे।’
‘बॉर्डर के पास 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय’
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि बॉर्डर के पास अभी भी 8 आतंकी कैंप एक्टिव हैं. अगर कोई भी हरकत होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. जनरल द्विवेदी ने कहा, ’10 मई सेवेस्टर्न फ्रंट और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन पूरी तरह से कंट्रोल में है. 2025 में, 31 आतंकवादियों को खत्म किया गया, जिनमें से 65% पाकिस्तान के थे, जिसमें ऑपरेशन महादेव में मारे गए पहलगाम हमले के 3 हमलावर भी शामिल थे. अब सक्रिय स्थानीय आतंकवादियों की संख्या सिंगल डिजिट में है. जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलाव के साफ संकेत हैं, जिनमें मजबूत विकास गतिविधियां, पर्यटन का फिर से शुरू होनाऔर शांतिपूर्ण श्री अमरनाथ यात्रा शामिल है, जिसमें 4 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री आए. टेररिज्म टू टूरिज्म की थीम धीरे-धीरे आकार ले रही है।’
‘LAC पर स्थिति कंट्रोल में है’
जनरल द्विवेदी बॉर्डर को लेकर चीन से चल रहे सीमा विवाद पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा, ‘अगर लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल की बात करें तो हम धीरे-धीरे अपना ट्रस्ट फैक्टर बनाने की कोशिश कर रहे हैं. 21 अक्टूबर को दोनों देशों के बीच समझौता हुआ था. इसके पहले कजान में दोनों बड़े नेता मिले थे. इस दौरान हमारे एसआर लेवल की मीटिंग हो चुकी है. हमारे रक्षा मंत्री उनके रक्षा मंत्री मिले चुके हैं. दोनों देशों के विदेश मंत्री मिल चुके हैं. हमारे बीच कई लेवल की बात हो चुकी है. हमारा लक्ष्य है कि जल्द से जल्द मुद्दों का समाधान किया जाए।’
धर्म से दूरी बनाकर बोलीं हर्षा रिछारिया—“मैं इस समय उधारी में हूं”
13 Jan, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज। प्रयागराज महाकुंभ 2025 में अपने साध्वी लुक से वायरल हुई हर्षा रिछारिया को अब धर्म रास नहीं आ रहा है. महाकुंभ के दौरान साध्वी के रूप में लाइम लाइट में आने वाली हर्षा ने अब धर्म के ठेकेदारों और उन्हें लगातार ट्रोल करने वाले लोगों को खूब खरी खोटी सुनाई है. हर्षा रिछारिया ने एक वायरल वीडियो में एक साल में उनके साथ हुई घटनाओं के बारे में बताती नजर आ रही हैं. इस वीडियो में उन्होंने जमकर उन सभी लोगों के ऊपर भड़ास निकाली है जिन लोगों ने इस दौरान उन्हें टारगेट किया और ट्रोल भी किया।
हर्षा रिछारिया ने छोड़ी धर्म की राह
सोशल मीडिया पर हर्षा रिछारिया ने एक वीडियो शेयर करके सभी यूजर्स को हैरान कर दिया है. इतने समय से धर्म का चोला ओढ़ने वाली हर्षा ने अचानक धर्म के रास्ते को छोड़कर वापस अपनी पुरानी लाइफ में जाने का फैसला लिया है. हर्षा ने बताया कि मैं धर्म की राह पर चलते हुए कोई गलत काम नहीं कर रही थी, लेकिन फिर भी लोगों ने मुझे ट्रोल किया. मैंने धर्म के मार्ग पर चलने के लिए जो भी कदम उठाए उन्हें बार-बार ट्रोल किया गया. इन सभी से मेरा मनोबल टूट गया. हर्षा ने कहा कि मैं उन लोगों को बता दूं जिनको लगता है कि महाकुंभ के बाद मैंने धर्म को धंधा बनाकर करोड़ो रुपये छापे हैं तो मेरा उनसे कहना है कि मैं इस समय उधारी में हूं।
धर्म में आने से पहले थी प्राउडी एंकर
हर्षा ने वीडियो में कहा कि धर्म में आने से पहले मैं एक प्राउडी एंकर थी. मैं पहले जाे कर रही थी वो काम अच्छा था और मैं उससे खुश थी. हर्षा ने आगे कहा कि आप अपना धर्म अपने पास रखो. मैं आज ही अपनी इस धर्म की यात्रा को विराम दे रही हूं. हर्षा ने आगे कहा कि अगर कोई मुझसे पूछेगा धर्म के बारे में तो मैं यही कहूंगी कि अपने परिवार को समय दो और घर में बने मंदिर में ही पूजा अर्चना करो वहीं धर्म है. उन्होंने कहा कि अपना धर्म अपने पास रखो मैं जा रही हूं।
हर्षा की वीडियो पर यूजर्स की प्रतिक्रिया
वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर शेयर हुआ लाखों लोगों ने इसे देखा और कई लोगों ने इसे लाइक भी किया. वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स भी इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं एक यूजर ने लिखा ”क्या हुआ बहन थक गईं क्या आप?” तो वहीं एक यूजर ने लिखा कि ”आप बहुत अच्छा कर रही हैं, मत जाइए” इसके साथ ही एक यूजर ने लिखा कि ”माया से आप भी नहीं बच पाईं, लोगों पर क्यों ध्यान देना, अपने काम में लगी रहो।”
अमरूद और नोटिस: सिपाही की एक बात ने बंद कर दी साहब की बोलती
13 Jan, 2026 06:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां SRDF जवान ने पहरा ड्यूटी के दौरान अधिकारी के पेड़ से अमरूद तोड़कर खाया तो अनुशासनहीनता बताते हुए उसे नोटिस भेज दिया गया. इतना ही नहीं स्पष्टीकरण भी मांगा गया, जिसका जवाब सुनते ही अधिकारी चुप रह गए. वहीं, अब ये मामला चर्चाओं में छा गया है।
अमरूद खाने पर थमा दिया नोटिस
पूरा मामला लखनऊ स्थित SDRF दफ्तर परिसर में बने कमांडेंट आवास का है. जनवरी के पहले सप्ताह में एक SDRF जवान की पहरा ड्यूटी लगी हुई थी. इस आवास परिसर में एक अमरूद का पेड़ लगा हुआ है. ड्यूटी के दौरान तैनात जवान ने इस पेड़ से अमरूद तोड़कर खा लिया. इस दौरान किसी अधिकारी की नजर पड़ गई तो मामला बढ़ गया. ड्यूटी के दौरान इस तरह फल तोड़कर खाना अनुशासनहीनता बताया गया और SDRF की पहली बटालियन में तैनात सूबेदार सैन्य नायक ने लिखित स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिया।
सिपाही हुआ हैरान
वहीं, नोटिस देखने के बाद खुद सिपाही भी हैरान हो गया और असमंजस में पड़ गया. सिर्फ एक अमरूद खाने के लिए जारी नोटिस में सिपाही से पूछा गया था कि उसने ड्यूटी के दौरान ऐसा क्यों किया।
सिपाही का जवाब सुनकर ‘साहब’ हुए चुप
इस नोटिस का जब सिपाही ने जवाब दिया तो अधिकारी चुप रह गए. नोटिस में मांगे गए स्पष्टीकरण का जवाब देते हुए सिपाही ने लिखा- ‘उस दिन उसे तेज पेट दर्द हो रहा था. छुट्टियां बंद थीं, इसलिए वह मेडिकल अवकाश नहीं ले सकता था. वहीं, ड्यूटी छोड़कर जाना भी संभव नहीं था. दर्द से राहत पाने के लिए उसने मोबाइल पर यूट्यूब में वीडियो देखा. वहां उसे जानकारी मिली कि अमरूद खाने से पेट दर्द में आराम मिल सकता है. इस घरेलू नुस्खे पर भरोसा करके उसने परिसर में लगे अमरूद के पेड़ से फल तोड़कर खा लिया.’वहीं, अपने जवाब में सिपाही ने यह भी बताया कि उसका मकसद किसी भी तरह से अनुशासन तोड़ने या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना नहीं था. साथ ही सिपाही ने अपने जवाब बेहद विनम्र शब्दों में माफी भी मांगी और अनुरोध किया कि उसकी मजबूरी को समझते हुए उसे क्षमा कर दिया जाए।
अधिकारियों ने दी चेतावनी
सिपाही का जवाब देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए और सोच में पड़ गए. सिपाही का जवाब जानने के बाद अधिकारियों ने उसे सख्त चेतावनी दी और भविष्य में ड्यूटी के दौरान इस तरह की गलती न दोहराने की हिदायत देकर छोड़ दिया।
जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा — यह कानून असंवैधानिक
13 Jan, 2026 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को भ्रष्टाचार रोधी कानून पर एक लंबी और दिलचस्प बहस देखने को मिली। इस दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को रद्द करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यह धारा असंवैधानिक है, इसे निरस्त किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी करप्शन के मामले में अथॉरिटी से मंजूरी लेने की बाध्यता भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने वाली है। ऐसी स्थिति में इस सेक्शन को रद्द किया जाना चाहिए। इससे भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करने में देरी होती है। ऐसी स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि इस मामले की सुनवाई में बेंच ही बंटी नजर आई।बेंच में शामिल दूसरे जज केवी विश्वनाथन ने कहा कि प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट की धारा 17A जरूरी है। इससे ईमानदार अधिकारियों को बचाने में मदद मिलती है। इस तरह बेंच का फैसला बंटा हुआ आया। अब इस मामले को चीफ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा। वह इस केस की सुनवाई के लिए एक बड़ी बेंच का गठन करेंगे। उस बेंच की ओर से आने वाला फैसला ही इस केस में अंतिम होगा। यह बेंच दो ही जजों की थी और उनकी राय अलग होने पर कोई अंतिम फैसला नहीं आ सका। ऐसी स्थिति में अब बड़ी बेंच का गठन होना है।
कब जोड़ी गई थी करप्शन ऐक्ट में यह धारा, जिस पर सवाल
दरअसल भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 में नई धारा 17A को 2018 में जोड़ा गया था। तब यह बताया गया था कि इसका उद्देश्य है कि अनावश्यक मामलों को रोका जाए और ईमानदार अधिकारियों को बेवजह कानूनी मसलों में फंसने से बचाया जाए। इसे ईमानदार अधिकारियों के लिए एक सुरक्षा कवच बताया गया था। हालांकि अब इस धारा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस केस में अंतिम फैसला क्या आता है। इस पर सभी की नजर रहेगी। बता दें कि जस्टिस बीवी नागरत्ना ने सुनवाई के दौरान बेहद सख्त लहजे में कहा कि यह सेक्शन ही असंवैधानिक है और इसे निरस्त किए जाने की जरूरत है।
पीएम मोदी और शीर्ष नेता समारोह में रहेंगे मौजूद
13 Jan, 2026 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन 20 जनवरी को पार्टी के पूर्णकालिक अध्यक्ष बन जाएंगे। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह मौजूद रहेंगे। इसके अलावा कैबिनेट के तमाम मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी दिल्ली आएंगे। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि नितिन नवीन की ताजपोशी धूमधाम के साथ और एक गरिमामय आयोजन में की जाए। ऐसा इसलिए ताकि नितिन नवीन का पार्टी अध्यक्ष के तौर पर इकबाल कायम हो सके। नितिन नवीन भाजपा की नई पीढ़ी के नेताओं में से हैं और उन्हें पार्टी ने जिम्मेदारी देकर भविष्य की तैयारियों के संकेत दिए हैं।ऐसे में वरिष्ठ नेताओं के बीच भी उनका कद स्थापित हो सके। इसके लिए खुद पीएम नरेंद्र मोदी उनकी ताजपोशी में मौजूद रहेंगे और पूरी कैबिनेट भी रहेगी। इसके जरिए एक संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि भाजपा अध्यक्ष का पद संगठन में शीर्ष पर है और भले ही कोई भी नेता उस जिम्मेदारी को संभाल रहा हो। कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद से नितिन नवीन ने भाजपा के तमाम नेताओं से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि उन्होंने संगठन में फेरबदल के लिहाज से भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 20 जनवरी को उनकी ताजपोशी के बाद वह अपनी टीम तय करेंगे और कई नए चेहरों की भाजपा के संगठन में एंट्री हो सकती है।
केंद्र सरकार में भी फेरबदल की है तैयारी, कई नए चेहरों को एंट्री
इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार में भी फेरबदल दिख सकते हैं। वजह यह है कि पंकज चौधरी अब यूपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह मोदी सरकार की कैबिनेट में भी हैं। ऐसे में उनका कैबिनेट से हटना तय माना जा रहा है। इसके अलावा कुछ और नेताओं को संगठन से सरकार में लाया जा सकता है। वहीं आरएसएस से जुड़े कुछ लोगों को पार्टी में अहम पद दिए जा सकते हैं। 46 साल के नितिन नवीन भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
अकेले ही नामांकन करेंगे नितिन, पहले दिन नॉमिनेशन और दूसरे दिन ऐलान
भाजपा सूत्रों का कहना है कि नितिन नवीन अकेले ही अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करेंगे और चुनाव होने की संभावना न के समान है। माना जा रहा है कि वह 18 या 19 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे। फिर उनके निर्वाचन की घोषणा होगी और उनके पदभार ग्रहण करने के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी समेत तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। भाजपा फिलहाल खरमास की समाप्ति का इंतजार कर रही है, जो मकर संक्रांति के साथ खत्म होगा।
दिल्ली में हुई बीजेपी‑CPC उच्चस्तरीय बैठक
13 Jan, 2026 12:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गलवान घाटी|चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को भाजपा के मुख्यालय पहुंचा। 2020 में गलवान घाटी में हुए खूनी संघर्ष के बाद यह पहला मौका था, जब चीन के एक मात्र राजनीतिक दल का प्रतिनिधिमंडल भारत की सत्ताधारी पार्टी से संवाद के लिए पहुंचा। चीनी डेलिगेशन का नेतृत्व सुन हाइयान कर रहे थे, जो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के अंतरराष्ट्रीय विभाग के वाइस मिनिस्टर हैं। उनके साथ चीनी डेलिगेशन के भाजपा दफ्तर पहुंचने की जानकारी बीजेपी के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाइवाले ने एक्स पर दी। उन्होंने बताया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के डेलिगेशन के साथ इस बात को लेकर चर्चा हुई कि कैसे संवाद को बढ़ाया जा सकता है।इस दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से वार्ता का नेतृत्व भाजपा की ओर से महासचिव अरुण सिंह ने किया। इस बैठक में भारत में चीन के राजदूत शू फेइहॉन्ग भी मौजूद थे। अरुण सिंह ने भी इस बैठक की जानकारी एक्स पर दी है। उन्होंने लिखा, 'आज भाजपा दफ्तर में सुन हाइयान की लीडरशिप में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का डेलिगेशन आया। इस बैठक के दौरान हमने चर्चा की कि कैसे भाजपा और सीपीसी के बीच संवाद को बढ़ाया जा सकता है।' ऐतिहासिक रूप से भाजपा और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच एक औपचारिक संवाद वर्ष 2000 से ही जारी रहा।हालांकि इसका सिलसिला बीच-बीच में बाधित भी हुआ है। खासतौर पर गलवान में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच जो तनाव पैदा हुआ था, उसके 6 साल बाद ऐसी कोई औपचारिक मीटिंग हुई है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच संबंधों में सहजता अक्तूबर 2024 के बाद से आई है। जब पीएम नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से रूस के कजान में मुलाकात हुई थी। इस मीटिंग के बाद लद्दाख में सेना भी दोनों देशों ने कम की है। इसके अलावा कूटनीतिक स्तर पर संवाद भी शुरू हुआ है। दरअसल बीजिंग से संवाद को लेकर भारत की राजनीति में भी पसोपेश की स्थिति रही है। इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।
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