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साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, सोशल मीडिया पर उठे गंभीर सवाल
30 Jan, 2026 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर से एक सनसनीखेज और भावनात्मक मामला सामने आया है। सनातन धर्म के प्रचार से जुड़ी साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी मौत के करीब चार घंटे बाद सोशल मीडिया पर उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक कथित सुसाइड नोट पोस्ट होने से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया ट्रोलिंग, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ लोगों को संदेह है कि साध्वी के पिता ने ही उनकी हत्या कराई है। शव का पोस्टमार्टम हो चुका है। हालांकि, पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपने को लेकर विवाद हो रहा है। संत समाज समाधि स्थल पर शव ले जाना चाहता है। वहीं, पिता ने घर ले जाने की इच्छा जताई है।
साध्वी प्रेम बाईसा बीते कुछ समय से सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं और उनके वीडियो भी वायरल हो चुके थे। इन्हीं वीडियो को लेकर उन्होंने एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए थे। साध्वी का कहना था कि वायरल किया गया वीडियो उनके पिता से जुड़ा हुआ था, जिसे एडिट कर गलत तरीके से फैलाया गया। उन्होंने इस मामले में ब्लैकमेलिंग के प्रयास का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी। पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसके परिजनों ने साध्वी से माफी मांगी थी। साध्वी ने बड़ा हृदय दिखाते हुए आरोपी को माफ कर दिया था।
आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद उसी व्यक्ति ने वीडियो को दोबारा एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद साध्वी को भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। लगातार हो रही सोशल मीडिया टिप्पणियों और मानसिक दबाव ने क्या उन्हें इस हद तक तोड़ दिया कि उन्होंने यह कदम उठाया ? यह सवाल अब हर किसी के मन में है।
मौत के चार घंटे बाद साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर जो पोस्ट सामने आई, उसमें उन्होंने अपने जीवन और विचारों को शब्दों में पिरोया था। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उन्होंने जीवन का हर क्षण सनातन धर्म के प्रचार के लिए जिया और अंतिम सांस तक सनातन उनके हृदय में रहा। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्होंने आदि जगतगुरु शंकराचार्य और देश के कई संत-महात्माओं को अग्नि परीक्षा के लिए लिखित निवेदन किया था, लेकिन प्रकृति को शायद कुछ और ही मंजूर था। पोस्ट के अंत में उन्होंने न्याय मिलने की उम्मीद जताई, यदि जीवन में नहीं, तो मृत्यु के बाद।
हालांकि, इस पोस्ट को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह पोस्ट पहले से शेड्यूल किया गया हो सकता है, जो मौत के बाद अपने आप सोशल मीडिया पर प्रकाशित हुआ। पुलिस अब इस तकनीकी पहलू की भी जांच कर रही है। निर्दलीय विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी ने इस घटना को लेकर कहा कि जो ही घटना क्रम हुआ है काफी दुखद है। मारवाड़ में इस तरह की घटना दुखद है , डिजिटल युग के कई प्लस-माइनस हैं, जो भी इसके पीछे घटनाक्रम है, उसकी जांच होनी चाहिए।
मौत के बाद रात में आरती नगर स्थित आश्रम में भारी हंगामा देखने को मिला। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में कुछ छुपाने की कोशिश की जा रही है। साध्वी के पिता द्वारा शुरुआत में पोस्टमार्टम से इंकार किए जाने पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और पोस्टमार्टम की मांग पर अड़ गए। साथ ही आश्रम से सीसीटीवी फुटेज गायब होने के भी आरोप लगाए गए।
देर रात साध्वी के पार्थिव शरीर को महात्मा गांधी अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है, चाहे वह सोशल मीडिया ट्रोलिंग हो, ब्लैकमेलिंग का मामला हो या सुसाइड नोट की सत्यता। फिलहाल साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने न केवल जोधपुर बल्कि पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। यह मामला अब सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि सोशल मीडिया की जिम्मेदारी, मानसिक उत्पीड़न और न्याय व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
बंगाल की खाड़ी में भारत-रूस का संयुक्त युद्धाभ्यास, समंदर से दुनिया को दिखेगी दोनों देशों की सैन्य ताकत
29 Jan, 2026 09:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । रूसी नौसेना के बेड़े का एक जहाज अभ्यास( Ship exercises)में भाग लेने के लिए ओमान के मस्कट बंदरगाह से रवाना होगा और 18 से 25 फरवरी तक भारतीय बंदरगाह विशाखापत्तनम(Visakhapatnam Port) कअनौपचारिक दौरा करेगा भारत और रूस(India and Russia) की जोड़ी जल्द ही समंदर( Ocean)से पूरी दुनिया को ताकत दिखाने जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस और भारत आगामी फरवरी में हिंद महासागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास(Naval exercises) करेंगे। इस ज्वॉइंट नेवल एक्सरसाइज का आयोजन बंगाल की खाड़ी में किया जाएगा। रूस की TASS सरकारी समाचार एजेंसी ने बुधवार को रूसी मैरीटाइम कॉलेज की प्रेस सेवा के हवाले से यह जानकारी दी है।
TASS की रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी नौसेना के प्रशांत बेड़े का एक फ्रिगेट मिलान-2026 अभ्यास में भाग लेने के लिए ओमान के मस्कट बंदरगाह से रवाना होगा। इसके बाद यह जहाज 18 से 25 फरवरी तक भारतीय बंदरगाह विशाखापत्तनम का अनौपचारिक दौरा करेगा। बता दें कि भारत और रूस हर साल अभ्यास इंद्र के नाम से एक संयुक्त नौसैनिक अभ्यास करते हैं।
इससे पहले मॉस्को में भारत के राजदूत विनय कुमार ने बीते सोमवार को कहा है कि भारत और रूस 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य हासिल करने के लिए आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहे हैं और व्यापार के दायरे को बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
राजदूत कुमार ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर ‘पीटीआई’ से बातचीत में कहा, “पिछला वर्ष विशेष रूप से सक्रिय रहा। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा अत्यंत सफल रही। 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करना पूरी तरह से संभव है।” उन्होंने कहा, “नए उत्पादों की पहचान सहित कई कदम उठाए जा रहे हैं, और एक मुक्त व्यापार समझौता इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा।” उन्होंने यह भी बताया कि उर्वरक, कृषि और अभियांत्रिकी में नए अवसरों के साथ व्यापार में वृद्धि हुई है।
बारामती विमान हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन
29 Jan, 2026 08:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बारामती। सिविल एविएशन मंत्रालय ने 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। मंत्रालय के बयान के अनुसार, AAIB की टीम ने मुंबई कार्यालय के DGCA की तीन सदस्यीय टीम के साथ हादसे वाले दिन ही दुर्घटना स्थल पर जाकर जांच शुरू कर दी। इस दौरान AAIB के महानिदेशक ने भी जहाज के घटनास्थल का दौरा किया। बता दें कि इस हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और अन्य चार लोगों की मौत हुई है।
घटनास्थल की जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, जिन्हें ब्लैक बॉक्स कहा जाता है, बरामद कर लिए गए हैं। इनकी जांच से ही पता चलेगा कि यह बड़ा हादसा कैसे हुआ। अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जांच में टीम मुख्य रूप से विजिबिलिटी की स्थिति, पायलट के निर्णय और बारामती जैसे अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड पर संचालन की सीमाओं पर ध्यान दे रही है। टीम ने फॉरेंसिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं, जिनमें विमान का मलबा सुरक्षित करना और महत्वपूर्ण साक्ष्य इकट्ठा करना शामिल है।
टीम ने एयरफ्रेम और इंजन लॉगबुक, रखरखाव रिकॉर्ड, निरीक्षण इतिहास, वर्क ऑर्डर और ऑनबोर्ड दस्तावेज दिल्ली स्थित VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड से मांगे हैं। DGCA से क्रू की योग्यता रिकॉर्ड और विमान प्रमाणन दस्तावेज भी प्राप्त किए जा रहे हैं। सिविल एविएशन मंत्रालय के अनुसार, विमान सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुआ और 8:18 बजे बारामती एयरफील्ड से संपर्क स्थापित किया। रनवे 11 पर पहली अप्रोच के दौरान, क्रू ने बताया कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है और उन्होंने स्टैंडर्ड गो-अराउंड किया। इसके बाद विमान ने दोबारा पोजिशनिंग के बाद एयरफील्ड को सूचित किया कि जब रनवे दिखाई देगा, तब रिपोर्ट करेंगे। 8:43 बजे विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई, लेकिन कोई फीडबैक प्राप्त नहीं हुआ। लगभग एक मिनट बाद, एयरफील्ड कर्मियों ने रनवे थ्रेशोल्ड के पास आग देखी और कंट्रोल रूम को सूचित किया।
केंद्रीय सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि प्रारंभिक संकेत खराब विजिबिलिटी की ओर इशारा करते हैं, लेकिन जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘AAIB सक्षम प्राधिकरण है और पारदर्शी एवं उत्तरदायी जांच के माध्यम से तथ्य स्थापित करेगा।’ DGCA ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि क्रू को विजुअल मौसमीय परिस्थितियों (VMC) में उतरने की सलाह दी गई थी, जिसमें अनुमानित दृश्यता लगभग 3,000 मीटर और हवा शांत थी।
वहीं, VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विजय कुमार सिंह ने कहा कि विमान का रखरखाव सही था और यह उड़ान के योग्य था। उन्होंने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार कोई तकनीकी दोष नहीं था। पायलट ने विजिबिलिटी के कारण मिस्ड अप्रोच लिया और दूसरी लैंडिंग का प्रयास किया। जिससे यह दुर्घटना हुई।’ सिंह ने बताया कि विमान के कप्तान के पास 16,000 घंटे से अधिक के उड़ान का अनुभव था, जबकि सह-पायलट के पास लगभग 1,500 घंटे का अनुभव था।
SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप पर SC सख्त, सरकारी दफ्तरों के बाहर सूची लगाने के निर्देश
29 Jan, 2026 07:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। याचिकाओं में चुनाव आयोग की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को चुनौती दी गई थी। जिस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि जिन लोगों के नाम लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी यानी तार्किक विसंगति सूची में शामिल किए गए हैं, उनकी सूची को ग्राम पंचायत भवन, प्रत्येक उपखंड कार्यालय और शहरी क्षेत्रों के वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित किया जाए।
शीर्ष अदालत ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम इस सूची में हैं, वे सूची प्रकाशित होने की तारीख से 10 दिनों के भीतर खुद या अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। सूची में विसंगति के संक्षिप्त कारण भी दर्ज किए जाएंगे। आपत्तियां उपखंड स्तर के कार्यालयों में दर्ज कराई जा सकेंगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी जिला कलेक्टरों को चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करने और एसआईआर प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा है। इसके साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त यह सुनिश्चित करें कि कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न न हो और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संपन्न हो। बता दें कि तमिलनाडु में इस साल विधानसभा चुनाव होंगे। 234 विधानसभा सीट वाले राज्य में चुनावी माहौल शुरू हो गया है। कांग्रेस और भाजपा दोनों की दलों ने अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। बता दें कि तमिलनाडु में इस वक्त डीएमके की सरकार है, जो कि कांग्रेस के साथ सहयोगी दल है।
SC on UGC New Rules: सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर लगाई रोक
29 Jan, 2026 07:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
SC on UGC New Rules: सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा और अहम आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाते हुए साफ किया है कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक वर्ष 2012 के नियम ही लागू रहेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि नए नियमों का दुरुपयोग होने की आशंका है। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 19 मई तय की गई है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
यूजीसी के नए नियमों पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने समाज में बढ़ते जातिगत विभाजन पर गहरी चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी हम जाति की दीवारों से मुक्त नहीं हो पाए हैं। ऐसे फैसले देश को पीछे की ओर ले जाते हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि भारत को उस स्थिति में नहीं जाना चाहिए, जहां अलग-अलग समुदायों के लिए अलग स्कूल हों, जैसा कि अमेरिका में कभी गोरे बच्चों के लिए अलग स्कूल हुआ करते थे।
केंद्र सरकार को नोटिस जारी
SC on UGC New Rules के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट का मानना है कि यूजीसी के नए जाति संबंधी नियम स्पष्ट नहीं हैं। न्यायालय ने कहा कि नियमों की भाषा अस्पष्ट होने के कारण उनका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। शिक्षा संस्थानों में एकता दिखनी चाहिए, क्योंकि अगर वहां भेदभाव का माहौल बनेगा, तो देश में सामाजिक संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा।
सेक्शन 3C को दी गई चुनौती
याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि उन्होंने यूजीसी अधिसूचना के सेक्शन 3C को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि इसमें जनरल कैटेगरी को बाहर रखते हुए SC, ST और OBC से जुड़े मामलों को ही जातिगत भेदभाव माना गया है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 के अनुरूप नहीं है।
अलविदा अजित पवार, अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, बेटों ने दी मुखाग्नि
29 Jan, 2026 04:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बारामती. महाराष्ट्र (Maharashtra) के उपमुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख अजित पवार (Ajit Pawar) का बुधवार सुबह विमान हादसे (plane crash) में निधन हो गया। महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। अजित का अंतिम संस्कार आज बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में किया गया। बेटे पार्थ और जय पवार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। अपने नेता के आखिरी दर्शन करने के लिए समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग नम आंखों से अजित पवार को अंतिम विदाई दी।
दोनों बेटों ने दी पिता को मुखाग्नि
दोनों बेटों पार्थ और जय ने अपने पिता अजित पवार को मुखाग्नि दी।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अजित पवार का अंतिम संस्कार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार बारामती में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
गडकरी ने अर्पित की अंतिम श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बारामती में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिंदे ने अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अजीत पवार को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
अंतिम संस्कार में पहुंचे अभिनेता रितेश देशमुख
अजित पवार के अंतिम संस्कार में पहुंचे अभिनेता रितेश देशमुख।
फडणवीस ने अजित पवार को अर्पित किया पुष्पचक्र
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
नितिन नवीन ने अजित पवार को पुष्पांजलि अर्पित की
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अजित पवार को अर्पित की पुष्पांजलि, दी अंतिम विदाई।
शाह, फडणवीस, नीतीन नवीन समेत दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नीतीन नवीन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और नितीन गडकरी ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
“हर घर पर होगा केस” – CJI ने याचिकाकर्ता को समझाया
29 Jan, 2026 04:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें यह घोषणा करने की मांग की गई थी कि घरेलू कामगारों या घरेलू सहायकों को न्यूनतम मजदूरी पाने का मौलिक अधिकार है पेन थोजिलालारगल संगम और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि घरेलू कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने जैसे नीतिगत फैसले राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इस पर न्यायपालिका का हस्तक्षेप सीमित है।CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने आशंका जताई कि यदि घरेलू कामगारों के लिए अनिवार्य न्यूनतम वेतन तय किया गया, तो इसके उलटे परिणाम हो सकते हैं। CJI ने कहा, “अगर ऐसा हुआ तो हर घर मुकदमे में फंस जाएगा।” इसके आगे मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “न्यूनतम वेतन तय होते ही हर घर मुकदमेबाजी में फंस जाएगा। लोग घरेलू कामगार रखना ही बंद कर देंगे। ट्रेड यूनियनें हर घर को अदालत तक घसीटेंगी।” इसके साथ ही CJI ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई उद्योगों में ट्रेड यूनियनों के हस्तक्षेप के बाद रोजगार के अवसर घटे हैं और घरेलू कामगारों के मामले में भी ऐसा ही हो सकता है।
भगवान के लिए ऐसा मत करो, UGC नियमों पर रोक लगाते हुए CJI ने कह दी बड़ी बात
मौलिक अधिकार की दलील पर कोर्ट ने जताई चिंता
हालांकि, सुनवाई के दौरान पीठ ने माना कि यह तर्क आकर्षक लगता है कि न्यूनतम वेतन के बिना घरेलू कामगारों के समानता, गैर-भेदभाव और निष्पक्ष रोजगार से जुड़े अधिकार (अनुच्छेद 14, 15, 16) प्रभावित होते हैं, लेकिन कोर्ट ने आगाह किया कि अति-सक्रिय ट्रेड यूनियनें इन कामगारों को और बदतर हालात में छोड़ सकते हैं। CJI ने कहा, “कृपया इसके परिणामों पर विचार करें। ट्रेड यूनियनें अंत में इन्हें छोड़ देंगी और इनके पास कहीं जाने की जगह नहीं बचेगी।”
एजेंसियों के शोषण पर भी सवाल
बार एंड बेंच के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू कामगारों को रोजगार देने वाली एजेंसियों की भूमिका पर भी चिंता जताई। मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में भी पहले एजेंसियों के जरिए कामगार रखे गए थे। उन्होंने कहा, “हम एजेंसियों को 40,000 रुपये प्रति कर्मचारी देते थे, लेकिन उन गरीब लड़कियों को सिर्फ 19,000 रुपये मिलते थे। यही वजह है कि भरोसा टूटता है।” उन्होंने कहा कि कई आपराधिक घटनाएं भी तब सामने आती हैं, जब घरेलू कामगार एजेंसियों के माध्यम से रखे जाते हैं, न कि सीधे मानवीय संपर्क के आधार पर।आरक्षण के लिए धर्मांतरण करा रहे हैं सवर्ण; CJI सूर्यकांत बोले- यह नया फर्जीवाड़ याचिका पर अदालत का रुख अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता जिस तरह का आदेश चाहते हैं, उसके लिए कानून में संशोधन जरूरी होगा और ऐसा निर्देश देना न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा, “जब तक विधायिका से कानून बनाने को नहीं कहा जाता, तब तक कोई प्रभावी आदेश पारित नहीं किया जा सकता। ऐसा निर्देश देना इस अदालत के लिए उचित नहीं है।” हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्यों को घरेलू कामगारों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और शोषण रोकने के लिए उपयुक्त तंत्र विकसित किया जाना चाहिए।
क्या थी याचिका
याचिका में मांग की गई थी कि घरेलू कामगारों को न्यूनतम वेतन का मौलिक अधिकार घोषित किया जाए और उन्हें न्यूनतम वेतन अधिनियम या वेज कोड, 2019 से बाहर रखने को असंवैधानिक ठहराया जाए। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि सिंगापुर जैसे देशों में घरेलू कामगारों के लिए छुट्टी और अन्य अधिकार अनिवार्य हैं। इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि घरेलू कामगारों के लिए कोई कल्याणकारी कानून नहीं हैं। उन्होंने असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायालय आर्थिक नीतियों के मामलों में बेहद सतर्क रहता है।
Railway Employee New Rule: रिटायरमेंट पर नहीं मिलेगा गोल्ड प्लेटेड चांदी का सिक्का
29 Jan, 2026 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Railway Employee New Rule: रेलवे ने अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए 20 साल से चली आ रही एक परंपरा को खत्म कर दिया है। अब रिटायर होने वाले रेल कर्मचारियों और अधिकारियों को गोल्ड प्लेटेड चांदी का सिक्का नहीं दिया जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
अब तक रिटायरमेंट के समय रेलवे कर्मचारियों को यादगार के तौर पर लगभग 20 ग्राम का सोने की परत चढ़ा हुआ चांदी का सिक्का दिया जाता था, लेकिन अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
कब शुरू हुई थी यह परंपरा?
रेलवे में रिटायर कर्मचारियों को चांदी का सिक्का देने की परंपरा मार्च 2006 में शुरू हुई थी।
रेलवे बोर्ड की ओर से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने या निर्धारित सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को यह सिक्का भेंट किया जाता था।
इसका उद्देश्य कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक विदाई देना था।
अब नए आदेश के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों को यह सिक्का नहीं दिया जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
जानकारी के मुताबिक, इस परंपरा को खत्म करने के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं—
कीमत में भारी बढ़ोतरी
वर्ष 2006 में इस सिक्के की कीमत लगभग 1000 रुपए थी।
वर्तमान में इसकी कीमत बढ़कर करीब 10 हजार रुपए हो गई है।
भ्रष्टाचार और मिलावट के मामले
हाल ही में सामने आया कि कुछ रिटायर्ड कर्मचारियों को दिए गए सिक्के मिलावटी थे।
जांच में पाया गया कि सिक्कों में चांदी की मात्रा बेहद कम थी और वे ज्यादातर तांबे के बने थे।
इन दोनों कारणों को देखते हुए रेलवे ने इस परंपरा को समाप्त करने का फैसला लिया है।
आदेश किसने जारी किया?
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद रेलवे बोर्ड की प्रधान कार्यकारी निदेशक रेनू शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। साथ ही इस विषय से जुड़े पुराने सभी आदेशों को भी निरस्त कर दिया गया है।
UGC New Rule पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, जातिगत भेदभाव को लेकर उठे सवाल
29 Jan, 2026 02:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
UGC New Rule को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान इन नियमों को लेकर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि ये नियम अस्पष्ट हैं तथा इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि देश ने जातिविहीन समाज की दिशा में काफी कुछ हासिल किया है, ऐसे में यह देखना होगा कि कहीं हम उल्टी दिशा में तो नहीं बढ़ रहे।
अगली सुनवाई कब होगी?
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील विष्णु जैन ने अदालत में दलील दी कि UGC के रेगुलेशन के सेक्शन 3C, जिसमें SC, ST और OBC से जुड़े प्रावधान हैं, जातिगत भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल नियमों पर रोक लगाते हुए कहा कि मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
CJI सूर्यकांत की अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) छात्रों के लिए अलग-अलग हॉस्टल जैसी व्यवस्थाओं पर पुनर्विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्ग में भी कई लोग अब आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध हो चुके हैं और उनके पास अन्य छात्रों की तुलना में बेहतर सुविधाएं मौजूद हैं।
UGC के नए नियमों पर विवाद क्यों?
UGC ने 13 जनवरी 2026 को ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स’ के तहत नए नियम लागू किए थे। इन नियमों का उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति, लिंग, धर्म, जन्मस्थान आदि के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना था।
Ajit Pawar Plane Black Box: ब्लैक बॉक्स बरामद, हादसे की असली वजह का जल्द होगा खुलासा
29 Jan, 2026 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Ajit Pawar Plane Black Box को जांच एजेंसियों ने बरामद कर लिया है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान हादसे के बाद यह जांच का सबसे अहम सुराग माना जा रहा है। ब्लैक बॉक्स में उड़ान से जुड़ी हर गतिविधि रिकॉर्ड रहती है—पायलट की बातचीत, तकनीकी अलर्ट और अंतिम पलों की पूरी टाइमलाइन। यही वजह है कि इससे हादसे की असली वजह तक पहुंचने में एजेंसियों को बड़ी मदद मिलेगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, बारामती के पास हुए इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे के तुरंत बाद सभी जरूरी बचाव और जांच तंत्र सक्रिय कर दिए गए थे। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से की जा रही है। AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau), दिल्ली से तीन अधिकारियों की टीम और DGCA, मुंबई रीजनल ऑफिस से तीन अधिकारियों की एक अन्य टीम 28 जनवरी को घटनास्थल पर पहुंची थी। AAIB के डायरेक्टर जनरल भी उसी दिन मौके पर मौजूद रहे।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि जांच AAIB नियम, 2025 के नियम 5 और 11 के तहत, तय SOPs और दिशानिर्देशों के अनुसार आगे बढ़ रही है। Ajit Pawar Plane Black Box की डिकोडिंग के बाद तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या मौसम जैसे संभावित कारणों पर स्पष्टता आएगी।
गौरतलब है कि यह हादसा बुधवार सुबह करीब 8:45 बजे हुआ, जब विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई थी। ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि जल्द ही दुर्घटना के कारणों पर अंतिम रिपोर्ट सामने लाई जा सकेगी।
UGC नियमों पर SC सख्त, कहा– दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं
29 Jan, 2026 02:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (University Grant Commission) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्च ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच मामले की सुनवाई करते हुए नियमों पर सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि नियम अस्पष्ट हैं, इनका दुरुपयोग हो सकता है. जातिविहीन समाज की दिशा में कितना कुछ हासिल किया है, क्या हम उल्टी दिशा की ओर जा रहे हैं।
अगली सुनवाई कब होगी ?
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील विष्णु जैन दलीलें रखीं. उन्होंने कहा कि हम यूजीसी के रेगुलेशन के सेक्शन 3C यानी एससी, एसटी और ओबीसी को चुनौती दे रहे हैं, क्योंकि इसमें जातिगत भेदभाव की बात की गई है. उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इस मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी, तब तक के लिए उन्होंने रोक लगा दी है।
CJI ने क्या टिप्पणी की?
सीजेआई सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि आप अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) छात्रों के लिए अलग हॉस्टलों की बात कर रहे हैं. इस तरह मत कीजिए. रिजर्व्ड कैटेगरी में भी ऐसे लोग हैं जो समृद्ध हो चुके हैं. उनके पास दूसरों की तुलना में बहुत ही अच्छी सुविधाएं हैं।
यूजीसी के नए नियमों पर विवाद क्यों रहा है?
सीजेआई सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि आप अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) छात्रों के लिए अलग हॉस्टलों की बात कर रहे हैं. इस तरह मत कीजिए. रिजर्व्ड कैटेगरी में भी ऐसे लोग हैं जो समृद्ध हो चुके हैं. उनके पास दूसरों की तुलना में बहुत ही अच्छी सुविधाएं हैं।
यूजीसी के नए नियमों पर विवाद क्यों रहा है?
यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स’ नाम से नये नियम जारी किए।
इन नियमों के तहत महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में जाति, लिंग, धर्म, जन्मस्थान आदि के आधार पर हो रहे भेदभाव को रोकने के लिए कमेटी बनानी होगी।
इससे SC, ST और ओबीसी के छात्रों को न्याय मिलता. इन वर्गों के छात्रों द्वारा भेदभाव की शिकायत करने पर कॉलेज और यूनिवर्सिटी को 7 दिनों के भीतर जांच करनी होगी और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी।
यूजीसी के इस नियम को जनरल कैटेगरी के छात्रों ने विरोध किया था।
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से बिहार का बदला मॉसम, बगहा–बक्सर में बारिश, 5 जिलों में अलर्ट
29 Jan, 2026 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर अब बिहार के मौसम पर भी साफ दिखने लगा है। राज्य के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली है। कहीं तेज बारिश तो कहीं बूंदाबांदी और कोहरे ने ठंड का अहसास बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बिहार में ठंड फिर से बढ़ सकती है।
पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में बुधवार को तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि बक्सर में हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके अलावा पूर्वी चंपारण सहित कुल 5 जिलों में आज बारिश की संभावना जताई गई है। सुपौल और समस्तीपुर में पूरे दिन बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
सुबह के समय औरंगाबाद, बेतिया, सुपौल समेत राज्य के करीब 10 जिलों में घना कोहरा देखने को मिला। मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 जनवरी से बिहार के कई जिलों में कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। अलर्ट वाले जिलों में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, पटना और बेगूसराय शामिल हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, यह कोहरे की स्थिति अगले 2 से 3 दिनों तक बनी रह सकती है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ धीरे-धीरे कोहरा छंटने और धूप निकलने की संभावना है, जिससे दिन के तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है। बावजूद इसके, सुबह और शाम ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बिहार में इस समय मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है। उत्तर-पश्चिम भारत से सक्रिय यह पश्चिमी विक्षोभ अपने साथ नमी लेकर आ रहा है, जिसका प्रभाव खासतौर पर बिहार के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में देखा जा रहा है। इसी कारण बादलों की आवाजाही बढ़ी है और कुछ इलाकों में बारिश की स्थिति बनी है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं हवा में नमी बढ़ने के कारण सुबह और शाम के समय ठंड ज्यादा चुभ रही है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे कोहरे और ठंड को देखते हुए सावधानी बरतें, खासकर सुबह के समय यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। कुल मिलाकर, पहाड़ों की बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के असर से बिहार में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
उत्तराखंड की बेटी स्वर्णिका ने घुड़सवारी में जीता स्वर्ण पदक, दिल्ली एनसीसी पीएम रैली में दिखाया जलवा
29 Jan, 2026 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेरीनाग: पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग की स्वर्णिका राठौर ने नई दिल्ली में आयोजित एनसीसी की राष्ट्रीय वार्षिक गणतंत्र दिवस शिविर की घुड़सवारी प्रतियोगिता में परचम लहराया है. इस प्रतियोगिता में स्वर्णिका राठौर ने इस बार भी 1 स्वर्ण समेत तीन पदक जीते हैं. यह लगातार दूसरी बार है, जब स्वर्णिका ने स्वर्ण दिलाकर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है.
दरअसल, सीनियर अंडर ऑफिसर स्वर्णिका राठौर ने लगातार दूसरे साल नई दिल्ली में 'वार्षिक एनसीसी पीएम रैली 2026' में देशभर के एनसीसी कैडेट का नेतृत्व किया. गणतंत्र दिवस शिविर में एनसीसी के कुल 2,361 कैडेटों ने भाग लिया था. जिनमें 917 छात्राएं शामिल रहीं. स्वर्णिका ने इनका नेतृत्व किया. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे.
एनसीसी यूनिट में सीनियर अंडर ऑफिसर हैं स्वर्णिका: इन दिनों स्वर्णिका वनस्थली विश्वविद्यालय जयपुर की एनसीसी यूनिट में सीनियर अंडर ऑफिसर हैं. स्वर्णिका राठौर ने एक बार फिर एनसीसी माउंटेड ट्रूप (घुड़सवारी दस्ता) की कमांडर के रूप में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
एनसीसी बेड़े का किया नेतृत्व: शो जंपिंग में स्वर्ण पदक, ड्रेसेज में रजत पदक और शो जंपिंग में टॉप स्कोर के लिए कांस्य पदक हासिल करने वाली स्वर्णिका ने दूसरी बार माउंटेड ट्रूप की कमांडर के रूप में तलवार संभाल कर रैली में एनसीसी बेड़े का नेतृत्व किया. इस उपलब्धि ने एक बार फिर स्वर्णिका की प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को साबित किया है.
चौकोड़ी से हासिल की प्रारंभिक शिक्षा: बता दें कि स्वर्णिका की प्रारंभिक शिक्षा यानी 8 वीं तक की पढ़ाई हिमालया इंटर कॉलेज चौकोड़ी से हुई. स्वर्णिका राठौर बेरीनाग के प्रमुख व्यवसायी मनोज राठौर की बेटी हैं. उनकी माता हेमलता राठौर अध्यापिका हैं. स्वर्णिका के ताऊ सुधीर राठौर बेरीनाग के वरिष्ठ पत्रकार हैं. उनके दादा दान सिंह राठौर उत्तराखंड के प्रमुख राज्य आंदोलनकारी रहे हैं.
स्वर्णिका की उपलब्धि पर गर्व: स्वर्णिका की इस उपलब्धि पर विधायक फकीर राम टम्टा, पालिकाध्यक्ष हेमा पंत, ब्लॉक प्रमुख संगीता चन्याल, व्यापार संघ अध्यक्ष राजेश रावत, राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता प्रदीप महरा, हिमालय इंटर कॉलेज चौकोड़ी की प्रधानाचार्य देवबाला बिष्ट आदि ने खुशी जताई है.
2025 में भी लहराया था परचम: स्वर्णिका ने पिछले साल भी बीकानेर के वेटरनरी कॉलेज स्थित 1 राज आर एंड वी स्काइन एनसीसी यूनिट के वार्षिक परीक्षण समारोह में अपने साहस और हुनर का जबरदस्त प्रदर्शन किया था. जिसमें उन्होंने हॉर्स राइडिंग, जंपिंग और खतरनाक फायर जंपिग जैसी गतिविधियों में भाग लेकर नाम रोशन किया था.
कोहरे की मार से दिल्ली की रेल रफ्तार थमी, कई सुपरफास्ट व राजधानी ट्रेनें घंटों लेट
29 Jan, 2026 10:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में खराब मौसम और कई राज्यों में घने कोहरे का असर रेल यातायात पर साफ दिखाई देने लगा है. दृश्यता कम होने के कारण राजधानी दिल्ली की ओर आने वाली लंबी दूरी की कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हजरत निजामुद्दीन, नई दिल्ली, आनंद विहार व पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर दर्जनों ट्रेनें लेट पहुंच रही हैं.
हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर आने वाली एक घंटे से अधिक देरी वाली ट्रेनों में ट्रेन नंबर 22917 मुंबई बांद्रा टर्मिनस–हरिद्वार सुपरफास्ट एक्सप्रेस लगभग 1 घंटा 56 मिनट लेट रही. 14309 उज्जैन एक्सप्रेस करीब 1 घंटा 5 मिनट की देरी से चल रही. 2221 मुंबई सेंट्रल–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस लगभग 1 घंटे लेट, दक्षिण भारत से आने वाली 12627 कर्नाटक सुपरफास्ट एक्सप्रेस 2 घंटे 38 मिनट लेट है, जबकि 12189 महाकौशल एक्सप्रेस करीब 2 घंटे 44 मिनट लेट चल रही है. 1249 गोवा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस लगभग 2 घंटे 5 मिनट की देरी व 18477 कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस करीब 3 घंटे 13 मिनट लेट चल रही है.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी स्थिति चिंताजनक है. ट्रेन नंबर 12951 मुंबई सेंट्रल–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस लगभग 1 घंटा लेट है. 12559 शिवगंगा सुपरफास्ट एक्सप्रेस 1 घंटा 38 मिनट देरी से चल रही है. 14727 श्रीगंगानगर–तिलक ब्रिज एक्सप्रेस 2 घंटे 2 मिनट लेट है. 11841 गीता जयंती एक्सप्रेस करीब 2 घंटे 50 मिनट देरी सेचल रही है. यहां भी 12627 कर्नाटक सुपरफास्ट एक्सप्रेस 2 घंटे 40 मिनट लेट दर्ज की गई, जबकि 20801 मगध एक्सप्रेस 1 घंटा 25 मिनट लेट रही.
आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर 13257 जनसाधारण एक्सप्रेस लगभग 1 घंटे की देरी से चल रही है. वहीं, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 12915 आश्रम एक्सप्रेस करीब 1 घंटे लेट है. 14049 गोड्डा–दिल्ली एक्सप्रेस 2 घंटे 16 मिनट देरी से चल रही है, जबकि 14088 रुचिरा एक्सप्रेस लगभग 1 घंटे लेट बताई गई है.
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के मुताबिक घना कोहरा और कम दृश्यता ट्रेन संचालन की गति को प्रभावित कर रही है. यात्रियों से अपील की गई है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें, जिससे अनावश्यक इंतजार से बचा जा सके.
बीटिंग द रिट्रीट समारोह आज,राज्यपाल के मुख्य आतिथ्य में होगा आयोजन
29 Jan, 2026 10:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश में गणतंत्र दिवस समारोह का समापन 29 जनवरी को “बीटिंग द रिट्रीट’’ समारोह के साथ होगा। समारोह का आयोजन राज्यपाल मंगूभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में सायंकाल 4:30 बजे जहांगीराबाद स्थित लाल परेड मैदान में होगा।
बुधवार को पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली के मार्गदर्शन में सायंकाल “बीटिंग द रिट्रीट” कार्यक्रम की फायनल रिहर्सल की गई। मुख्य अतिथि की भूमिका सातवीं बटालियन के प्रधान आरक्षक राजमणि सिंह बघेल ने निभाई। इस अवसर पर उप पुलिस महानिरीक्षक मध्य क्षेत्र एसएएफ ओमप्रकाश त्रिपाठी, सेनानी 7वीं वाहिनी हितेश चौधरी सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
“बीटिंग द रिट्रीट’’ कार्यक्रम में पुलिस बैण्ड द्वारा कॉन्सर्ट, पुलिस ब्रास बैण्ड एवं आर्मी बैंड द्वारा डिस्पले तथा पाईप बैण्ड द्वारा संगीतमयी और मनोहारी प्रदर्शन किया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरूआत गुरूवार 29 जनवरी को शाम 4:30 बजे राज्यपाल मंगूभाई पटेल के आगमन के साथ होगी। फिर पुलिस ब्रास बैण्ड द्वारा क्लासिकल धुनों के साथ ही नई एवं पुरानी हिन्दी फिल्मों के गानों की संगीतमय प्रस्तुति दी जाएगी। पुलिस बैण्ड एवं आर्मी बैंड द्वारा मार्चपास्ट करते हुए बैण्डवार व सामूहिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। बैण्ड प्रदर्शन उपरांत गार्ड द्वारा ध्वजअवरोहण की कार्यवाही उपरांत पिस्टल/एलएमजी फायर, रंगीन लाईटिंग, आतिशबाजी आकर्षण का केन्द्र होगी।
उल्लेखनीय है कि बीटिंग रिट्रीट एक प्राचीन सैन्य परंपरा है यह उन दिनों से प्रचलन में है जब युद्ध में सैनिक सूर्यास्त के समय या उसके तुरंत बाद युद्ध करना बंद कर देते थे। जैसे ही बिगुलों से रिट्रीट की आवाज दी जाती थी लड़ रहे सैनिक अपने हथियार बंद कर युद्ध के मैदान से हट जाते थे, इसलिये रंग, मानक आवरण और झंडे रिट्रीट पर उतारे जाते हैं। समारोह में मार्शल संगीत का मिश्रण और एक बैंड कार्यक्रम शामिल है, जिसके बाद रिट्रीट की ध्वनि सुनाई देती है।
आधुनिक भारत में बीटिंग द रिट्रीट समारोह गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक है। हर वर्ष 29 जनवरी की शाम अर्थात गणतंत्र दिवस के तीसरे दिन बीटिंग द रिट्रीट का आयोजन किया जाता है। यह समारोह केवल राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली और भोपाल में होता है। इस दौरान बैण्ड कंसर्ट का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभक्ति, लोकसंगीत, भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं लोकप्रिय संगीत की धुने बजाई जाती है। इसके उपरांत अल्पविराम के बाद मध्यप्रदेश पुलिस बैण्ड के द्वारा बैण्ड डिसप्ले किया जाता है और लोकप्रिय मार्चिग धुने बजाई जाती है, ड्रमर भी पृथक से एक प्रदर्शन (जिसे ड्रमर कॉल कहते हैं) करते हैं। इसके बाद रिट्रीट का बिगुल वादन होता है, बैण्ड मास्टर द्वारा माननीय राज्यपाल महोदय के समीप जाकर बैण्ड वापस ले जाने की अनुमति मांगते हैं, तत्पश्चात् सूचित किया जाता है कि समारोह पूरा हो गया है। सूर्यास्त के समय बिगुलर्स द्वारा रिट्रीट धुन बजाई जाती है और राष्ट्रीय ध्वज उतार लिया जाता है, तथा राष्ट्रगान गाया जाता है, इसके उपरांत आयोजन स्थल में आतिशबाजी की जाकर गणतंत्र दिवस के आयोजन का औपचारिक रूप से समापन होता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना से स्वयं के पक्के मकान का सपना हुआ साकार
केदारनाथ मंदिर में नए नियम लागू, मोबाइल इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन
मनरेगा की ‘डबरी’ और ‘बिहान’ के सहयोग से सविता बनीं आत्मनिर्भर
दिलीप घोष बोले- बंगाल में खिलेगा कमल, BJP की जीत का भरोसा
लेमरू में दौड़ी जिंदगी की नई रफ्तार, संजीवनी 108 सेवा से ग्रामीणों को मिल रहा त्वरित उपचार
छत के नेट से टीम इंडिया की कैप तक का सफर
केदारनाथ धाम में उत्सव का माहौल, कल सुबह खुलेंगे कपाट
सुपर सकर मशीन द्वारा लगातार चौथे दिन तानसेन नगर में सीवर सफाई कार्य जारी
रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में सूरजपुर बना प्रदेश में प्रथम स्थान पर
