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कोर्ट से बड़ी राहत: अरविंद केजरीवाल बोले—मैं भ्रष्ट नहीं हूं
27 Feb, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली| के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले मामले में बड़ी राहत मिली है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को बरी कर दिया है. कोर्ट का फैसला सुनते ही केजरीवाल भावुक हो गए, उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. कोर्ट के इस फैसले को उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए सत्य की जीत बताया.अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पिछले कुछ सालों से भाजपा जिस तरह से शराब घोटाले के बारे में कह रही थी और हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी, तो आज कोर्ट ने सभी आरोप खारिज कर दिए और सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. हमें न्यायपालिका पर भरोसा है. सत्य की जीत हुई. AAP को खत्म करने के लिए सभी बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया था. यह पूरा फर्जी केस था. केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है. मैंने अपने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है. कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और AAP कट्टर ईमानदार है. अच्छा काम करके सत्ता में आइए और झूठे केस करके हमें जेल में डालना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता
केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 आरोपी बरी
राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 लोगों को बरी किया है. कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए मनीष सिसोदिया बोले, “आज एक बार फिर देश के संविधान पर गर्व हो रहा है और आज सत्य की जीत हुई है.”
क्या है मामला?
यह मामला दिल्ली सरकार की एक्साइज पॉलिसी से जुड़ा है, जो साल 2022-23 का है. इस दौरान दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी. जिसके सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया थे. इस मामले में पहले सीबीआई ने फिर इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में मामला दर्ज किया था. जिसके बाद कई नेता जेल भी गए थे. लेकिन आज शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केस की सुनवाई करते हुए कहा कि सीबीआई की चार्जशीट के आधार पर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के खिलाफ मामला नहीं बनता है. कोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस केस से जुड़े सभी आरोपियों को बरी कर दिया.
राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस में टिकट के लिए खींचतान, एक-एक सीट पर कई दावेदार
27 Feb, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में खींचतान शुरू हो गई है, जिसमें कई वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरे भी नामांकन की उम्मीद कर रहे हैं. राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होंगे. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च है.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस, जिसके 27 सदस्य हैं, अपने दम पर आसानी से पांच सीटें जीत सकती है, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा से एक-एक और तेलंगाना से दो सीटें, क्योंकि वहां उसके पास जरूरी संख्या में विधायक हैं जो राज्यसभा चुनाव में वोट करेंगे.
कांग्रेस को तमिलनाडु से भी एक सीट मिल सकती है, क्योंकि उसे राज्य की सत्ताधारी पार्टी DMK का समर्थन मिल सकता है. महाराष्ट्र में, विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (MVA), जिसमें शिवसेना (UBT), कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) शामिल हैं, को भी एक राज्यसभा सीट मिल सकती है.
कांग्रेस के जिन चार राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है, उनमें अभिषेक मनु सिंघवी, केटीएस तुलसी, फूलो देवी नेताम और रजनी पाटिल शामिल हैं. इनमें से, सुप्रीम कोर्ट के वकील और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य सिंघवी को फिर से मौका मिलने की सबसे अधिक संभावना है, क्योंकि वे कई जरूरी मामलों में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं और वरिष्ठ प्रवक्ता भी हैं.
सिंघवी का वर्तमान कार्यकाल 28 अगस्त 2024 को शुरू हुआ और 9 अप्रैल 2026 को समाप्त होने वाला है. के. केशव राव के इस्तीफे के बाद उन्हें तेलंगाना से निर्विरोध चुना गया था. इससे पहले कांग्रेस ने सिंघवी को हिमाचल प्रदेश से उच्च सदन भेजने की कोशिश की थी, लेकिन पार्टी के कुछ विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने के कारण वह चुनाव हार गए थे.
हिमाचल में संभावित नाम
यही वजह है कि कांग्रेस के रणनीतिकार हिमाचल प्रदेश से मिलने वाली एक सीट के लिए किसी स्थानीय चेहरे को मैदान में उतारने पर विचार कर रहे हैं. पार्टी सूत्रों ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और राज्य इकाई की पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को कांग्रेस शासित पहाड़ी राज्य से मौका मिल सकता है.
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस रणनीतिकारों के सामने मुश्किल चुनाव है कि वे आदिवासी नेता फूलो देवी नेताम को फिर से चुनें या पूर्व मुख्यमंत्री और OBC नेता भूपेश बघेल, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपल बैज या पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव में से किसी एक को चुनें.
हरियाणा से कांग्रेस को जो एक सीट मिल सकती है, उसके लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं, जिनमें कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह, मीडिया हेड पवन खेड़ा, सोशल मीडिया हेड सुप्रिया श्रीनेत और कांग्रेस विधायक दल के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेता राज बब्बर शामिल हैं. खेड़ा और श्रीनेत नियमित रूप से पार्टी का बचाव करते हैं और अलग-अलग मुद्दों पर मोदी सरकार पर हमला करते हैं, जबकि सिंह असम कांग्रेस के प्रभारी हैं.
जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी के नाम पर विचार
तेलंगाना में दूसरी सीट के लिए, कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतार सकती है, जो 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार थे, लेकिन सीपी राधाकृष्णन से हार गए.
सूत्रों ने बताया कि अगर यह बात नहीं बनी, तो जस्टिस रेड्डी को तमिलनाडु से राज्यसभा भेजा जा सकता है और तेलंगाना से अल्पसंख्यक समुदाय के नेता या वरिष्ठ नेता हनुमंत राव को चुना जा सकता है. कांग्रेस (AICC) के पदाधिकारी प्रवीण चक्रवर्ती की संभावित उम्मीदवारी पर भी कुछ चर्चा हुई है, लेकिन DMK शायद उनका समर्थन न करे क्योंकि उन्होंने गठबंधन के मुद्दों पर राज्य सरकार पर निशाना साधा था.
तेलंगाना के लिए प्रभारी कांग्रेस सचिव रोहित चौधरी ने ईटीवी भारत को बताया, "ये बहुत जरूरी चुनाव हैं. बातचीत हो रही है. पार्टी शीर्ष नेतृत्व जल्द ही नामों को अंतिम मंजूरी देगा."
महाराष्ट्र में एमवीए के बीच होगी बैठक
महाराष्ट्र में, ऐसी अटकलें हैं कि एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता शरद पवार राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने को उत्सुक हैं, लेकिन कांग्रेस यह साफ करना चाहती है कि क्या वह अपनी पार्टी को एनसीपी में विलय करने की योजना बना रहे हैं, जिसका नेतृत्व हाल तक उनके बागी भतीजे और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार कर रहे थे. शिवसेना (UBT) भी अपने नेता को उच्च सदन भेजना चाहती है. कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि नाम पर मुहर लगाने के लिए जल्द ही एमवीए गठबंधन की बैठक होगी. अगर उम्मीदवार पर कोई सहमति नहीं बनती है, तो कांग्रेस वरिष्ठ नेता रजनी पाटिल को फिर से मैदान में उतार सकती है.
महाराष्ट्र के प्रभारी कांग्रेस सचिव यूबी वेंकटेश ने बताया, "सभी तरफ से दावे हैं. MVA के भीरत बातचीत होगी और फिर हमारा शीर्ष नेतृत्व इस मामले में आखिरी फैसला लेगा."
तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल, पूर्व CM ओ. पन्नीरसेल्वम ने थामा DMK का दामन
27 Feb, 2026 10:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने सत्तारूढ़ दल डीएमके का दामन थाम लिया है। तमिलनाडु के पूर्व सीएम और एआईएडीएमके से निष्कासित नेता ओ पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम(डीएमके) में शामिल हो गए।पूर्व एआईएडीएमके सुप्रीमो जयललिता के लंबे समय से वफादार रहे ओपीएस को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ मंत्रियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से डीएमके में शामिल किया। सूत्रों के अनुसार आगामी चुनावों में ओपीएस को उनके गृह क्षेत्र थेनी के बोडी मेट्टू निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।पूर्व एआईएडीएमके सुप्रीमो जयललिता के लंबे समय से वफादार रहे ओपीएस को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ मंत्रियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से डीएमके में शामिल किया। सूत्रों के अनुसार आगामी चुनावों में ओपीएस को उनके गृह क्षेत्र थेनी के बोडी मेट्टू निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
भारत-PAK सीमा पर ‘प्रचंड’ में सह-पायलट बनीं द्रौपदी मुर्मू
27 Feb, 2026 10:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर में स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी। राष्ट्रपति ने भारत-पाकिस्तान सीमा के पास हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में सह-पायलट के तौर में उड़ान भर कर इतिहास रच दिया है।द्रौपदी मुर्मू स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर में सह-पायलट बनकर उड़ान भरने वाली पहली राष्ट्रपति हैं।
एलसीएच प्रचंड ने जैसलमेर स्थित भारतीय वायु सेना (आईएएफ) स्टेशन से उड़ान भरी। उड़ान से पहले कैप्टन ने राष्ट्रपति को जानकारी दी। जैतून के हरे रंग की वर्दी और हेलमेट पहने हुए उन्होंने प्रस्थान करने से पहले कॉकपिट से हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने दिया राष्ट्र के नाम संदेश
भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति ने उड़ान के दौरान कॉकपिट से राष्ट्र के नाम संदेश भी दिया। उन्होंने कहा, 'प्रचंड हेलीकॉप्टर आत्मनिर्भरता का एक सशक्त प्रतीक है। इस समय मैं जैसलमेर जिले के ऊपर उड़ान भर रही हूं। मैं हमारे वीर सैनिकों को हार्दिक शुभकामनाएं और गहरी कृतज्ञता व्यक्त करती हूं। आपको मेरा सादर सलाम। जय हिंद, जय भारत।'यह उड़ान लगभग 25 मिनट तक चली। हेलीकॉप्टर पोखरण फायरिंग रेंज के ऊपर से गुजरा, जहां भारतीय वायुसेना शाम को ‘वायु शक्ति’ नामक अग्नि शक्ति प्रदर्शन आयोजित करेगी। राष्ट्रपति मुर्मू दिन-दुशाला-रात्रि प्रदर्शन का भी अवलोकन करेंगी। इससे पहले वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने राष्ट्रपति का जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वागत किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अब तक रचे ये इतिहास
आज की इस उड़ान के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आक्रमण हेलीकॉप्टर में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बन गई हैं। यह राष्ट्रपति द्वारा अग्रिम मोर्चे के सैन्य प्लेटफॉर्म के साथ उच्च-स्तरीय सहभागिता की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने पिछले वर्ष अक्टूबर में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वह भारतीय वायुसेना के दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं।
अप्रैल 2023 में उन्होंने असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन पर सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में लगभग 30 मिनट की उड़ान भरी थी। इस दौरान उन्होंने ब्रह्मपुत्र और तेजपुर घाटी के ऊपर से उड़ान भरते हुए हिमालय का दृश्य भी देखा।
क्या है 'प्रचंड' की खासियत?
एलसीएच ‘प्रचंड’ भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने निर्मित किया है। उन्नत एवियोनिक्स, स्टील्थ विशेषताओं, नाइट-अटैक क्षमता और एयर-टू-ग्राउंड व एयर-टू-एयर मिसाइलों, रॉकेट तथा 20 मिमी गन सहित शक्तिशाली हथियारों से लैस एलसीएच भारतीय वायुसेना की युद्ध क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाता है।
भारत-US डील पर टकराव तय, संयुक्त किसान मोर्चा ने बनाई राष्ट्रव्यापी रणनीति
27 Feb, 2026 10:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने गुरुवार को दो राष्ट्रव्यापी अभियानों की घोषणा की। इनका उद्देश्य राज्य सरकारों पर प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करने, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को बर्खास्त करने की मांग करने और राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता बहाल करने के लिए जीएसटी कानून में संशोधन करने का दबाव बनाना है।एसकेएम ने कहा कि उसकी राज्य और राष्ट्रीय समितियों के सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल सभी राज्यों में मुख्यमंत्रियों और विपक्ष के नेताओं से मिलेंगे। इस मुलाकात में किसान संगठन की ओर से उठाए गए मुद्दों पर प्रस्ताव पारित करने के लिए विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करेंगे।
राज्य सरकारों से व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर न करने का किया अनुरोध
एसकेएम ने एक ज्ञापन में राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे केंद्र से अमेरिका के साथ उस व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर न करने का अनुरोध करें, जिसे उसने 'राष्ट्र-विरोधी' समझौता बताया है। इसमें पीयूष गोयल को 'किसानों के हितों के साथ विश्वासघात' करने के लिए बर्खास्त करने और केंद्रीय वित्त मंत्रालय के उस पत्र को वापस लेने की मांग की गई है, जिसमें राज्यों को गेहूं और धान पर बोनस भुगतान समाप्त करने के लिए कहा गया है।भारत और अमेरिका ने इस महीने की शुरुआत में एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए एक रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की, जिसके तहत वाशिंगटन टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर करने और उसे लागू करने के लिए इस रूपरेखा को कानूनी दस्तावेज में परिवर्तित करना होगा।
श्रम कानूनों और वीबीजीआरएएमजी अधिनियम को निरस्त करने की मांग
एसकेएम ने चारों श्रम कानूनों और वीबीजीआरएएमजी अधिनियम को निरस्त करने और अब निरस्त हो चुके महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजी अधिनियम) के तहत ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून को बहाल करने की भी मांग की।संविधान के तहत कृषि को राज्य का विषय बताते हुए एसकेएम ने कहा कि राज्यों को सभी फसलों के लिए 2+50 प्रतिशत पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने और सुनिश्चित खरीद के लिए कानून बनाने चाहिए। इसके साथ ही ग्रामीणों पर कर्ज और किसान आत्महत्याओं से निपटने के लिए व्यापक ऋण माफी देनी चाहिए।
पीएम मोदी इजराइल का दौरा समाप्त कर वापस लौटे, FTA पर जल्द होगी घोषणा
27 Feb, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को इजराइल की ऐतिहासिक दो दिन की सरकारी यात्रा के बाद भारत वापस लौट आए. बता दें, यह नौ साल में पीएम मोदी की यह पहली यात्रा थी. इस दौरान दोनों देशों ने अपने आपसी संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया.
इस दौरे में इनोवेशन, कल्चरल एक्सचेंज, मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, इकोनॉमिक कोऑपरेशन, डिप्लोमेसी और सिक्योरिटी समेत अलग-अलग सेक्टर में 27 समझौते हुए. पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि भारत और इजराइल जल्द ही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भी करेंगे. उन्होंने हाई-टेक और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने के लिए एक क्रिटिकल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप की स्थापना की भी घोषणा की. पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ अपने इरादे को दोहराया, और साफ कहा कि भारत और इजराइल इस बात पर साफ हैं कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है. आतंकवाद को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता.
उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता सीधे भारत की सुरक्षा से जुड़ी है. इस क्षेत्र में बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत के लगातार समर्थन पर जोर देते हुए, पीएम मोदी ने तनाव कम करने की कोशिशों पर जोर दिया. उन्होंने शांति के रास्ते के तौर पर गाजा पीस प्लान का खास तौर पर स्वागत किया और कहा कि भारत स्थिरता वापस लाने के मकसद से किए जाने वाले ऐसे प्रयासों का पूरा सहयोग करता है और इंसानियत को कभी भी लड़ाई का शिकार नहीं बनना चाहिए.
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी के दौरे को 'अद्भुत', 'बहुत फायदेमंद', और 'बहुत दिल को छूने वाला' बताया, भले ही यह दौरा कम समय का था. उन्होंने पिछले दिन इजराइल की संसद नेसेट में पीएम मोदी के भाषण के इमोशनल असर की तारीफ की. नेतन्याहू ने शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इजराइल भारत की हमेशा रहने वाली दोस्ती के लिए उसका 'बहुत बड़ा कर्जदार' है. उन्होंने शादी से पहले अपनी पत्नी सारा के साथ तेल अवीव के एक इंडियन रेस्टोरेंट में 'जबरदस्त खाने' का मजा लेने का एक निजी किस्सा भी शेयर किया, जिससे उनके रिश्ते का एक पर्सनल पहलू पता चलता है.
इजराइली नेता ने दोनों देशों के बीच 'शानदार टैलेंट' और 'दिमाग और दिल के मिलने' की संभावना पर जaर दिया, और भरोसा जताया कि यह रिश्ता जारी रहेगा. उन्होंने भारत में जल्द ही एक गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (G2G) मीटिंग के प्लान की घोषणा की, और आगे की बातचीत के लिए जाने-माने मंत्रियों को लाने की उम्मीद जताई.
बलिदान दिवस पर नरेंद्र मोदी का संदेश—अडिग संकल्प ही सच्चा पराक्रम
27 Feb, 2026 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जीवन बताता है कि अन्याय के खिलाफ अडिग रहने का संकल्प ही सच्चा पराक्रम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'भारत माता के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने मां भारती को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, जिसके लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।'
'अन्याय के खिलाफ अडिग रहने का संकल्प ही सच्चा पराक्रम'
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, 'अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जीवन बताता है कि अन्याय के खिलाफ अडिग रहने का संकल्प ही सच्चा पराक्रम है। मातृभूमि के लिए उनके बलिदान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।' इस अवसर पर पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषितम् भी शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लिखा, 'न हि शौर्यात्परं किञ्चित् त्रिषु लोकेषु विद्यते। शूरः सर्वं पालयति सर्वं शूरे प्रतिष्ठितम्।' इस सुभाषित में कहा गया है, 'तीनों लोकों में शौर्य से उत्कृष्ट अन्य कोई तत्त्व विद्यमान नहीं है। शौर्य ही वह आधारभूत शक्ति है जो चराचर जगत का पोषण और रक्षण करती है। समस्त लोक मर्यादा, ऐश्वर्य और कर्तव्य का अस्तित्व केवल शूरवीर के पराक्रम में ही निहित है।'
गृह मंत्री अमित शाह ने भी दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, 'जीवन की अंतिम सांस तक 'वंदे मातरम्' का गान करते हुए चंद्रशेखर आजाद जी ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध वीरतापूर्ण लड़ाई लड़ी। काकोरी ट्रेन एक्शन हो, हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचएसआए) का गठन हो, या क्रांतिकारियों के लिए सशक्त संगठन निर्माण, चंद्रशेखर आजाद जी के जीवन का पल-पल स्वाधीनता के लिए समर्पित रहा। उनकी बलिदान-गाथा का स्मरण कर आज भी रोम-रोम राष्ट्रप्रेम की भावना से भर उठता है। महान क्रांतिकारी, अजेय पराक्रमी चंद्रशेखर आजाद जी को उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र वंदन करता हूं।'उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंद्रशेखर आजाद के वाक्य 'दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे।' शेयर किया। उन्होंने लिखा, 'मातृभूमि की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनका त्याग और तेजस्वी व्यक्तित्व युगों-युगों तक राष्ट्र सेवा और मां भारती के प्रति बलिदान की प्रेरणा देता रहेगा।'
‘हमारा कोई अपना नहीं’: अकबरुद्दीन ओवैसी का सियासी बयान गरमाया माहौल
27 Feb, 2026 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के फ्लोर लीडर अकबरुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मुस्लिम समुदाय को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी दुश्मनी हम मुसलमानों से है।हैदराबाद में एक कार्यक्रम में बोलते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की तुलना करते हुए उन पर 'विध्वंस' की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए कहा कि योगी वहां बुलडोजर से घर गिरा रहे हैं, यहां रेड्डी भी घर और मस्जिदें गिरा रहे हैं। योगी और इस रेड्डी में कोई फर्क नहीं है।
हमारे कलमे, हमारी शरीयत, हमारी बस्तियों से दुश्मनी : अकबरुद्दीन ओवैसी
एआईएमआईएम विधायक ने कहा, 'भाजपा और कांग्रेस में कोई फर्क नहीं है। जब हमारे मुद्दों की बात आती है, तो वे सब एकजुट हो जाते हैं। उनकी दुश्मनी हम मुसलमानों से है। कोई भी हमारा अपना नहीं है।' अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'इनको हमारे कलमे से, हमारी शरीयत से, हमारी दरगाहों से, हमारी टोपियों से, हमारे हिजाब से और हमारी बस्तियों से दुश्मनी है।'तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया एवं संपत्ति संरक्षण एजेंसी ने पिछले वर्ष अवैध निर्माणों को हटाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू किए हैं। एआईएमआईएम अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी तेलंगाना में 'सांप्रदायिक घटनाओं की बढ़ती संख्या' पर चिंता व्यक्त की थी। इसके साथ ही उन्होंने बंसवाड़ा में हुई हालिया हिंसा के संबंध में अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
हैदराबाद में अतिक्रमण विरोधी अभियान पर मचा बवाल
असदुद्दीन ओवैसी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि उन्होंने कामारेड्डी के पुलिस अधीक्षक से बात की और बंसवाड़ा हिंसा के संबंध में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और उचित जांच कराने की मांग की। वहीं, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने गुरुवार को मधु पार्क रिज अपार्टमेंट के निवासियों से मुलाकात की, जिन्होंने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित मूसी नदी तट परियोजना के कारण उनके घर छिनने का खतरा है।उनकी शिकायतें सुनने के बाद भाजपा नेता राव ने उन्हें समर्थन का आश्वासन दिया और राज्य सरकार की आलोचना करते हुए दावा किया कि गांधी प्रतिमा के कारण इन घरों को गिराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि निवासियों में कई पूर्व सैनिक भी शामिल हैं, जिसके कारण उन्होंने इस स्थिति को शर्मनाक बताया।
राज्यसभा की खाली सीट पर सियासी संग्राम, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मैदान में
27 Feb, 2026 07:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में राज्यसभा की खाली सात सीटों में से विपक्ष सिर्फ एक सीट जीत सकती है। उस एक सीट पर गठबंधन के घटक दलों के बीच जारी खींचतान के बीच कांग्रेस ने अपनी दावेदारी पेश की है। इससे विपक्षी दलों के समूह महा विकास आघाडी (एमवीए) में फूट पड़ गई है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय दल का दर्जा प्राप्त होने का हवाला देते हुए राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का दावा ठोंका, जबकि कुछ दिन पहले शिवसेना (यूबीटी) ने कहा था कि इस सीट पर उसका पहला अधिकार है। एमवीए के वरिष्ठ नेताओं ने राज्यसभा सीट पर विचार-विमर्श करने के लिए बैठक की। उसके बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते कांग्रेस ने प्रस्ताव रखा है कि राज्यसभा सीट उसे दिया जाए। एजेंसी
राउत सोमैया की पत्नी के मानहानि मामले में बरी
मुंबई की एक सत्र अदालत ने शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) सांसद संजय राउत की पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया की तरफ से दायर मानहानि मामले में बरी कर दिया। भाजपा नेता की पत्नी ने अदालत का रुख कर यह दावा किया था कि राउत ने उनके और उनके पति के खिलाफ निराधार एवं मानहानिकारक आरोप लगाए। पिछले साल एक मजिस्ट्रेटी अदालत ने राउत को मामले में दोषी मान 15 दिन की जेल की सजा सुनाई।शिवसेना नेता ने बाद में सत्र अदालत में मजिस्ट्रेट के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने बृहस्पतिवार को उनकी याचिका स्वीकार कर ली। राउत ने मीरा-भयंदर नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण से संबंधित 100 करोड़ रुपये के घोटाले में दंपति का नाम घसीटा था।
महाराष्ट्र महिला आयोग ने बडलीपुर में की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकंकर ने बडलीपुर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जो मानव अंडाणु रैकेट के खुलासे के बाद आयोजित की गई। अधिकारियों के अनुसार, कम आर्थिक पृष्ठभूमि वाली कम से कम 40 महिलाओं को धोखाधड़ी करके कई बार अंडाणु दान के लिए लुभाया गया। मल्टी आईवीएफ सेंटर, जो केवल नासिक में लाइसेंसधारी है, थाने में बिना अनुमति संचालन कर रहा था।चाकणकर ने कहा कि मामले की गंभीरता पहले सोची गई से कहीं अधिक है। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार पांचों आरोपियों के पास कोई मेडिकल योग्यता नहीं थी, बावजूद इसके उन्होंने हार्मोनल इंजेक्शन और एनेस्थीसिया के तहत अंडाणु निकासी की। उन्होंने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और स्थानीय पुलिस को आदेश दिया कि सभी सोनोग्राफी सेंटर और आईवीएफ क्लीनिक के लाइसेंस की जांच की जाए।
आधे-अधूरे निर्णय से बढ़ी मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद भी कार्रवाई नहीं
27 Feb, 2026 07:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आठवीं कक्षा की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार संबंधी अध्याय पर शिक्षा मंत्रालय की अदूरदर्शिता और अपरिपक्वता ने महज दो महीने में मोदी सरकार को दो बार बैकफुट पर धकेला है। पहले मंत्रालय ने उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले विवादास्पद नियम मामले में मोदी सरकार को सियासी चक्रव्यूह मेंं उलझाया, जबकि इस विवाद ने सरकार को सीधे न्यायपालिका के कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह मामला इसलिए भी बहुत बड़ा हो गया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने न सिर्फ इसे न्यायपालिका की छवि बिगाडऩे की सोची समझी साजिश माना है, बल्कि इस मामले में सरकार की कार्रवाई को लीपापोती करार दिया है।इस विवाद में शिक्षा मंत्रालय की उदासीनता एक बार फिर से सरकार पर भारी पड़ गई। शिक्षा मंत्रालय अगर विवाद के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई, बिक्री के लिए गई किताबों की वापसी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इससे संबंधित उपलब्ध सामग्री को हटाने का फैसला करता तो विवाद इतना नहीं बढ़ता। इसके उलट मंत्रालय यूजीसी समानता नियम विवाद के तरह ही पूरे मामले को हल्के में लेता रहा। वह भी तब जब कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बुधवार को ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ा रुख जता कर विवाद के बड़ा बनने का साफ संकेत दे दिया था।
ऐसे बिगड़ती गई बात
बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत द्वारा इसे न्यायपालिका पर हमला करार देते हुए मामले का स्वत: संज्ञान लेने के फैसले के बाद भी मंत्रालय मामले की गंभीरता को नहीं भांप पाया। इससे पहले बुधवार को ही सुनवाई से पहले कॉफी लाउंज में अन्य जजों के साथ बैठक कर इस विवाद पर चर्चा की थी। इस बैठक में सभी जजों ने इसे न्यायपालिका की छवि पर प्रहार माना था। बावजूद इसके मंत्रालय मामले की गंभीरता को नहीं भांप पाया। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विवाद के बाद एनसीईआरटी की ओर से दी गई सफाई में माफी शब्द का इस्तेमाल ही नहीं किया गया। मंत्रालय के इसी रवैये के कारण शुक्रवार को नाराज सुप्रीम कोर्ट ने इस कार्रवाई को प्रतीकात्मक और लीपापोती करार देते हुए मामले को खत्म करने से इंकार कर दिया।
घायल सुप्रीम कोर्ट किसकी लेगा बलि
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने हेड ऑन रोल्स की बात कही। जिस बैठक में पाठ्यक्रम में विवादास्पद अध्याय को शामिल करने का निर्णय लिया गया, उसका पूरा विवरण मांगा। शीर्ष अदालत ने जानना चाहा कि उस बैठक में कौन-कौन लोग उपस्थित थे। शीर्ष अदालत ने सारी रिपोर्ट्स आने के बाद कमेटी के गठन की बात की। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या शीर्ष अदालत उस बैठक में उपस्थित सभी लोगों की जिम्मेदारी तय करेगा?
भारत-कनाडा रिश्तों में नई पहल, मार्क कार्नी का अहम दौरा
27 Feb, 2026 07:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शुक्रवार को पहली आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर वह कार्नी 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत में रहेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और नई साझेदारियों की संभावनाएं तलाशना है।पीएम मोदी और कार्नी के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता 2 मार्च को होगी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, कार्नी 27 फरवरी को मुंबई पहुंचेंगे। अगले दो दिन विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वह सीईओ, उद्योग और वित्तीय विशेषज्ञों, नवप्रवर्तकों, शिक्षकों के साथ बातचीत करेंगे। इसके बाद एक मार्च को नई दिल्ली पहुंचेंगे। पीएम कार्नी की यात्रा को ओटावा की ओर से अधिक व्यावहारिक विदेश नीति अपनाने और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत के साथ आर्थिक संबंधों को गहरा करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर जून, 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत-कनाडा के बीच संबंध तेजी से बिगड़ गए थे। उस वक्त कनाडा के पीएम जस्टिन त्रूदो थे।
भारत से व्यापार और जन-संबंध मजबूत होंगे
कनाडा के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जोडी थॉमस ने कहा, सुरक्षा संबंधी चिंताएं अब भी एक ज्वलंत मुद्दा बनी हुई हैं, जिनका समाधान आवश्यक है। कार्नी सरकार ने जोर दिया है कि कानून प्रवर्तन सहयोग के साथ-साथ भारत के साथ व्यापार और जन-संबंधों को मजबूत किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने कहा कि दोनों देशों ने हाल ही में आपराधिक जांच में सहयोग बढ़ाने के लिए संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति पर सहमति व्यक्त की है।
डोभाल की यात्रा के बाद बनीं कई सहमतियां
कार्नी की भारत व अन्य हिंद-प्रशांत सहयोगी देशों की यात्रा से पहले कनाडा में भारतीय उच्यायुक्त दिनेश पटनायक ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की ओटावा यात्रा के दौरान दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच हुई हालिया चर्चा द्विपक्षीय सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे दोनों देशों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर कई सहमतियां बनीं।
भारत का हिंसक अपराधों से संबंध नहीं : कनाडा
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत, कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों में शामिल नहीं है। टोरंटो स्टार अखबार ने इस अधिकारी के हवाले से लिखा, हमारा मानना है कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों में भारत का कोई हाथ नहीं है। हम विश्वास से कह सकते हैं कि ऐसी कोई गतिविधियां जारी नहीं हैं। हालांकि अखबार ने अधिकारी का नाम नहीं बताया। अधिकारी ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों सहित भारत-कनाडा में मजबूत राजनयिक संबंध हैं।अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि ऐसी कोई गतिविधि होती तो प्रधानमंत्री कार्नी निश्चित रूप से भारत की यात्रा नहीं कर रहे होते। प्रधानमंत्री कार्नी 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की यात्रा पर रहेंगे और इस दौरान उनकी पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात होनी है। इस दौरे में व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, एआई, प्रतिभा-संस्कृति तथा रक्षा क्षेत्रों पर बात होगी। तीन देशों के इंडो-पैसिफिक दौरे के तहत कार्नी भारत के बाद ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा-सिडनी और इसके बाद जापान के टोक्यो जाएंगे। इस यात्रा को ओटावा द्वारा अधिक व्यावहारिक विदेश नीति अपनाने और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत के साथ आर्थिक संबंधों को गहरा करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। एजेंसी
पहले की चिंताएं अब मौजूद नहीं
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के विवाद के चलते दोनों देशों के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया गया और एक लंबा राजनयिक गतिरोध बना रहा। 2024 में, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने दावा किया कि भारतीय सरकारी एजेंट कनाडा में हिंसक अपराधों से जुड़े हुए थे, जिनमें जान से मारने की धमकियां और हत्याओं में कथित संलिप्तता शामिल है। लेकिन इस सप्ताह अधिकारियों ने संकेत दिया कि भारत से जुड़े सक्रिय विदेशी दखल या दमन के बारे में पहले की चिंताएं अब मौजूद नहीं हैं।
पीएम मोदी ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, Instagram पर 100 मिलियन फॉलोअर्स के साथ बने दुनिया के पहले राजनेता
26 Feb, 2026 01:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Modi: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. सोशल मीडिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी के 100 मिलियन यानी 10 करोड़ फॉलोअर्स पूरे हो चुके हैं और इसी के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. पीएम मोदी दुनिया के पहले ऐसे राजनेता बन गए हैं, जिन्होंने इस मुकाम को हासिल किया है.
साल 2014 से इंस्टाग्राम की यात्रा शुरू हुई
बता दें कि साल 2014 में उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी और इसी वर्ष के साथ उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी यात्रा की शुरुआत की थी. साल 2014 से लेकर अब तक पीएम मोदी के चाहने वालों की संख्या दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ती गई है. इंस्टाग्राम के जरिए ही पीएम मोदी की राजनीतिक छवि और जनसंपर्क मजबूत हुआ साथ ही वह दुनिया भर के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक बन गए हैं. पीएम मोदी की इस सफलता से पता चलता है कि जनता और एक नेता के बीच कितना गहरा लगाव है.
‘डिजिटल इंडिया’ को बढ़ावा मिला
प्रधानमंत्री मोदी के इंस्टाग्राम पर ऐक्टिव रहने और अपनी निजी लाइफ की झलकियां शेयर करने की सरल रणनीति ने उन्हें आम जनता के बेहद करीब ला दिया है. उनके नेतृत्व में ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को जो रफ्तार मिली उसी का नतीजा है कि साल 2014 से 2026 के बीच करोड़ों भारतीयों के हाथों में इंटरनेट पहुंचा और उन्होंने डिजिटल माध्यम से अपनी बात रखनी शुरू की.
डोनाल्ड ट्रंप को पीछे छोड़े पीएम मोदी
इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन (10 करोड़) फॉलोअर्स का आंकड़ा छूने के साथ ही पीएम मोदी दुनिया के सभी राजनेताओं में पहले स्थान पर हैं. दूसरे स्थान पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं जिनके इंस्टाग्राम पर 43.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं. यानी वैश्विक स्तर पर सबसे ताकतवर माने जाने वाले नेता भी पीएम मोदी की लोकप्रियता से काफी पीछे हैं. वहीं इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के 15 मिलियन, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के 14.4 मिलियन और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोगन के 11.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं. इसके अलावा, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के इंस्टाग्राम पर 6.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं.
Shahdol News: धमनी कला में ‘उड़न खटोला’ से उतरी दुल्हन, जमींदार किसान पिता ने हेलीकॉप्टर से दी बेटी को विदाई
26 Feb, 2026 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Shahdol News: शहडोल जिले के खैरहा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत धमनी कला में बुधवार को एक शाही विवाह की चर्चा पूरे इलाके में रही. जमींदार किसान परिवार ने अपनी लाडली बेटी को ‘उड़न खटोला’ यानी हेलीकॉप्टर से विदा कर अनोखी मिसाल पेश की. गांव में पहली बार किसी बेटी की विदाई इस अंदाज में हुई, जिसे देखने ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
दुल्हन की विदाई हेलीकॉप्टर से की गई
धमनी कला निवासी कुंवर आदित्य सिंह, पिता अंजय सिंह (पूर्व जनपद पंचायत सोहागपुर उपाध्यक्ष) परिवार में यह विवाह समारोह संपन्न हुआ. कुंवर आदित्य सिंह का विवाह सतना जिले के नागौद निवासी जमींदार किसान परिवार की पुत्री मृगांसी के साथ हुआ. विवाह उपरांत दुल्हन की विदाई हेलीकॉप्टर से की गई. यह जानकारी बारात में शामिल एक बाराती ने दी.
हेलीकॉप्टर देखने के लिए पहुंचे ग्रामीण
बुधवार दोपहर हेलीकॉप्टर धमनी कला गांव पहुंचा. दूल्हा आदित्य सिंह अपनी दुल्हन मृगांसी के साथ हेलीकॉप्टर से गांव पहुंचे. घर के सामने ही विशेष रूप से लैंडिंग के लिए हेलीपैड तैयार किया गया था. जैसे ही हेलीकॉप्टर गांव के ऊपर मंडराया, ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ गई. बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए. हेलीकॉप्टर को नजदीक से देखने का अवसर पाकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया.
कौन है दूल्हा?
दूल्हा आदित्य सिंह एक निजी कंपनी में इंजीनियर हैं. उनके पिता अंजय सिंह क्षेत्र के बड़े किसान होने के साथ पूर्व जनपद पंचायत सोहागपुर के उपाध्यक्ष रह चुके हैं. परिवार की गढ़ी (पैतृक निवास) के पास ही हेलीपैड की व्यवस्था पहले से की गई थी.
इससे पहले भी दुल्हन की विदाई हेलीकॉप्टर से हुई
हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति ली गई थी. सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा. उल्लेखनीय है कि शहडोल जिले में यह दूसरी बार है जब किसी शादी समारोह में हेलीकॉप्टर उतरा है. इससे पहले जमुई क्षेत्र से भी एक दुल्हन को हेलीकॉप्टर से विदा किया गया था. शाही अंदाज में हुई इस विदाई की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है.
होली पर लाखों कर्मचारियों को यूपी सरकार का तोहफा, 28 फरवरी को ही खाते में आएंगे सैलरी
26 Feb, 2026 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
UP Government Employees: उत्तर प्रदेश सरकार ने होली से पहले अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा दिया है. सरकार के अनुसार, फरवरी महीने का वेतन 28 फरवरी को ही जारी कर दिया जाएगा. इसके साथ ही पेंशन का भी भुगतान किया जाएगा. सरकार ने यह निर्णय होली जैसे बड़े त्योहार होने की वजह से लिया है. ताकि त्योहार में किसी को पैसे की कोई दिक्कत न हो सके. जानें यूपी सरकार ने क्या कहा?
इसके लिए राज्यपाल ने प्रदेश सरकार को इजाजत दे दी है. राज्यपाल से इजाजत मिलने के बाद यूपी सरकार ने आदेश जारी कर दिया है. जिसके अनुसार, 1 मार्च को रविवार होने की वजह से सामान्य अवकाश रहेगा और 2 मार्च को होलिका दहन के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा. ऐसे में लगातार अवकाश के चलते वेतन बांटने में किसी प्रकार की कोई समस्या न हो. इसलिए सरकार ने 28 फरवरी को ही वेतन देने का फैसला लिया है. यूपी सरकार की इस पहल से कर्मचारी वर्ग और पेंशनर्स काफी खुश हैं.
28 फरवरी को होगा भुगतान
दरअसल, यह आदेश वित्त विभाग ने जारी किया है. वित्त विभाग के वित्त (लेखा) अनुभाग-1 के अनुसार, 1 मार्च और 2 मार्च 2026 को लगातार अवकाश रहेगा, जिसकी वजह से वेतन भुगतान में समस्या हो सकती है. ऐसे में प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, शहरी स्थानीय निकायों और पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों का भुगतान 28 फरवरी को ही किया जाएगा. सरकार ने इसके लिए सभी जिलाधिकारियों एवं मुख्य कोषाधिकारियों को निर्देश दिए हैं.
लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा लाभ
सरकार ने होली से पहले बड़ा कदम उठाते हुए कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत दी है. आदेश में स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर भुगतान में देरी न हो. यूपी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और वे त्योहार के मौके पर अपनी खुशी जाहिर कर सकेंगे.
Rule change: 1 अप्रैल से बदलेंगे क्रेडिट कार्ड के नियम, जानिए क्या-क्या होंगे बड़े बदलाव
26 Feb, 2026 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Rule change from April 1: क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बड़ा अपडेट है. आयकर विभाग (Income Tax Department) ने ‘ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026’ में कुछ नए बदलावों का प्रस्ताव रखा है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकते हैं. इन नए नियमों के आने से आपके कार्ड इस्तेमाल करने के तरीके में काफी कुछ बदलाव हो सकता है. इसलिए सी भी तरह की रुकावट या परेशानी से बचने के लिए इन बदलावों को समय रहते समझ लेना बेहद जरूरी है.
टैक्स विभाग की सीधी नजर रहेगी
आयकर विभाग के नए ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब अगर आप एक वित्तीय वर्ष में अपने एक या एक से अधिक क्रेडिट कार्ड के जरिए 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा का पेमेंट करते हैं, तो बैंक इसकी सीधी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को देंगे. आसान शब्दों में कहें तो भारी-भरकम क्रेडिट कार्ड बिल भरने वालों पर अब टैक्स विभाग की सीधी नजर रहेगी.
क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट होगा अनिवार्य
1 अप्रैल 2026 से नियमों में बदलाव के बाद पैन कार्ड बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में भी बदलाव होगा. पहले जहां पैन कार्ड के लिए एड्रेस प्रूफ देना अनिवार्य था, वहीं अब क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट को भी मान्य कर दिया गया है.
क्रेडिट कार्ड से टैक्स जमा कर सकेंगे
अब तक आप अपना इनकम टैक्स केवल नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड से ही भर पाते थे, लेकिन नए नियमों के तहत अब क्रेडिट कार्ड से भी ऑनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा मिल सकती है. इससे टैक्सपेयर्स को भुगतान के लिए एक और आसान ऑप्शन मिल जाएगा.
क्रेडिट कार्ड के लिए पैन कार्ड अनिवार्य
इसके अलावा, यदि आप नए क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं तो अब पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा. यानी अब बिना पैन कार्ड के आपका क्रेडिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा, जिससे आपके वित्तीय कार्यों में रुकावट आ सकती है.
कंपनी का बिल भुगतान आपका हिस्सा माना जाएगा
अगर आपकी कंपनी आपको क्रेडिट कार्ड देती है और उसके बिल का भुगतान भी खुद करती है तो टैक्स के नए नियमों के अनुसार इसे आपकी कमाई का हिस्सा माना जा सकता है.
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