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ISRO का 100वां मिशन झटका खा गया, NVS-2 सेटेलाइट की कक्षा में स्थापित करने में विफलता
3 Feb, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एनवीएस-02 सेटेलाइट 'नाविक' को निर्धारित कक्षा में स्थापित करने के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रयासों को धक्का लगा है। इसरो ने बताया कि स्पेसक्राफ्ट पर लगे थ्रस्टर्स फायर ही नहीं हुए। देश के अपने अंतरिक्ष आधारित नेविगेशन सिस्टम के लिए अहम एनवीएस-02 को 29 जनवरी को लॉन्च किया गया था। यह श्रीहरिकोटा से इसरो का 100वां प्रक्षेपण था।
वाल्व नहीं खुलने से आई दिक्कत
जीएसएलवी-एफ15 मिशन के अपडेट में इसरो ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि निर्धारित कक्षा में स्थापित करने के अभियान के दौरान थ्रस्टर्स को फायर करने के लिए वाल्व नहीं खुले। यह सेटेलाइट अभी अंडाकार जियो सिंक्रोनस ट्रांसफर आर्बिट (जीटीओ) में चक्कर लगा रहा है जो नेविगेशन सिस्टम के लिए अनुकूल नहीं है।
ग्राउंड स्टेशन से संचार भी स्थापित
इसरो ने कहा, 'सेटेलाइट सिस्टम्स ठीक हैं। अंडाकार कक्षा में ही सेटेलाइट को नेविगेशन के लिए इस्तेमाल करने की मिशन की वैकल्पिक रणनीतियों पर काम किया जा रहा है।' इसरो ने कहा कि जीएसएलवी रॉकेट द्वारा जीटीओ में स्थापित करने के बाद सेटेलाइट के सोलर पैनल सफलतापूर्वक खुल गए थे और ऊर्जा का उत्पादन नाममात्र का था। ग्राउंड स्टेशन से संचार भी स्थापित हो गया था।
क्या है नाविक?
गौरतलब है कि नाविक (नेविगेशन विद इंडियन कंस्टेलेशन) भारत का स्वतंत्र क्षेत्रीय नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम है, जिसे भारत और भारतीय भूभाग से 1,500 किलोमीटर तक के क्षेत्रों के यूजर्स के लिए सटीक पोजिशन, रफ्तार और समय बताने के लिए डिजायन किया गया है।
जीपीएस से क्यों अलग?
अमेरिकी ग्लोबल पोजिशन सिस्टम (जीपीएस) की तुलना में इसकी सटीकता कमाल की है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह जीपीएस के 20 मीटर के बजाय पांच मीटर तक की सटीक पोजिशन देता है। इसकी जमीन, हवा, पानी में सटीक पोजिशनिंग रक्षा क्षेत्र, नागरिकों और कंपनियों का काम आसान बना देगी।
सिग्नल इंजीनियरों की पदोन्नति फाइलों की गुमशुदगी पर शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
3 Feb, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय रेलवे सेवा के सिग्नल इंजीनियरों के 2015 बैच की पदोन्नति की फाइल रेल भवन में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के गोपनीय प्रकोष्ठ से गायब हो गई है। इसके बाद अधिकारियों ने 'सर्च मेमो' जारी किया है।
24 जनवरी को जारी सर्च मेमो के अनुसार, गोपनीय प्रकोष्ठ ने सूचित किया है कि भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियर्स सेवा (आईआरएसएसई) के आवंटन वर्ष 2015 के जूनियर प्रशासनिक ग्रेड (जेएजी) पैनल के अधिकारियों की फाइल का पता नहीं चल पा रहा है।
गहन जांच का आदेश
सूत्रों ने बताया कि फाइल में सिग्नल विभाग के 200 से अधिक जेएजी अधिकारियों के पदोन्नति संबंधी दस्तावेज हो सकते हैं। मेमो में कहा गया है, ''सेक्शन अधिकारियों, प्रभारियों, पीएसओ, वरिष्ठ पीपीएस, पीएस, पीए और स्टेनो से अनुरोध है कि वे अपने-अपने शाखाओं, अनुभागों, अधिकारियों के कमरों में उपर्युक्त फाइल की गहन खोज करें। खोज के परिणाम के बारे में 29.01.2025 तक या तो सामान्य शाखा या संबंधित शाखा को सूचित किया जाए।''
यूनियन पदाधिकारी हैरान
सूत्रों के अनुसार, उक्त फाइल अभी भी लापता है। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार) दिलीप कुमार ने इस मामले पर सवालों का जवाब नहीं दिया। सिग्नल और टेलीकॉम यूनियन के पदाधिकारियों ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ के गोपनीय प्रकोष्ठ से ऐसे गोपनीय दस्तावेज गायब होने पर आश्चर्य व्यक्त किया।
अगर फाइल नहीं मिली तो...
भारतीय रेलवे एसएंडटी मेंटेनर्स यूनियन के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने कहा, ''यदि वरिष्ठ अधिकारियों की फाइलें इस तरह संवेदनशील विभागों से गायब हो जाती हैं तो अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज की स्थिति की कल्पना कीजिए। इन अधिकारियों का करियर और पदोन्नति की संभावनाएं उस फाइल पर टिकी हैं। अगर वह नहीं मिली तो यह संबंधित विभाग के लिए बड़ी समस्या पैदा कर देगी।''
शराब से कैंसर का खतरा, 24 वर्षीय युवक की हाईकोर्ट में याचिका
2 Feb, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। हम कई लोगों को शराब का गिलास उठाते हुए देखते हैं, कभी-कभी मजे के लिए, तो कभी-कभी हताशा के कारण। युवा पीढ़ी भी पीछे नहीं है। लेकिन अब इसी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने वाले एक 24 वर्षीय यश चिलवार नाम के युवक ने शराब के मुद्दे पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। युवक ने न्यायालय में याचिका के माध्यम से गुहार लगाते हुए कहा है कि शराब की बोतलों पर कैंसर संबंधी चेतावनी संदेश छपवाए जाएं। याचिका में कहा गया है कि जिस प्रकार सिगरेट और तम्बाकू के पैकेटों पर कैंसर की चेतावनी छपी होती है, उसी प्रकार शराब की बोतलों पर भी खतरे की चेतावनी लिखी होनी चाहिए। कैंसर की चेतावनियाँ शराब की खपत कम करने में मदद करेंगी। इस बीच, अदालत ने इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश आलोक आराधे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की खंडपीठ के समक्ष इस याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग को प्रतिवादी बनाने का आदेश दिया गया था। इसने केंद्रीय खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण को भी नोटिस जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण है कि ये विभाग क्या भूमिका निभाते हैं।
कर्नाटक में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को लागू करने का आदेश
2 Feb, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक ऐसा पहला राज्य है, जिसने गंभीर रूप से मरीजों के सम्मान से मरने के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को लागू करने का आदेश जारी करने का ऐलान कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2023 में फैसला सुनाया था कि अगर किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज को जीवनरक्षक दवाओं से भी फायदा नहीं मिल रहा है और उसमें सुधार की कोई उम्मीद नहीं है तो उसे सम्मानपूर्वक मरने का अधिकार दिया जा सकता है। कर्नाटक सरकार ने यह आदेश प्राइवेट और सरकारी दोनों तरह के अस्पतालों के लिए जारी किया है।
कर्नाटक सरकार के आदेश के अनुसार जिस भी अस्पताल में ऐसे मरीजों का इलाज हो रहा है उन पर यह आदेश लागू होगा। जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र, गोवा और केरल में भी इस निर्देश को लागू करने की प्लानिंग की जा रही है। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस फैसले से न केवल डॉक्टर, बल्कि असाध्य बीमारी से जूझ रहे मरीजों के परिवारों को भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मरीज अपने दो लोगों को नामित कर सकता है, जो कि उसके मेडिकल ट्रीटमेंट से जुड़ा फैसला ले सकते हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि इस तरह के मामलों में दो बोर्ड बनाना होंगे।
शटर उठाया जेवरातों से भरा थैला काउंटर पर रखा और 10 सेकेंड में हो गया गायब
2 Feb, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय में एक चार ने 10 सेकेंड में 30 लाख से ज्यादा के जेवरातों पर हाथ साफ कर चोरी की बड़ी घटना को अंजाम दिया है। घटना वीरपुर बाजार की है। जहां चोर एक आभूषण दुकान से सोने के जेवरात से भरा थैला लेकर भाग निकले। चोरी की यह घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
जानकारी के मुताबिक वीरपुर निवासी किरण साह का वीरपुर बाजार में मजार चौक के पास आभूषण की दुकान है। शुक्रवार करीब 10:45 बजे किरण अपने दुकान पर पहुंचे और एक शटर खोलकर थैला काउंटर पर रख दिया। फिर दूसरे साइड का शटर खोलने चला गया। इसी बीच एक युवक आया और काउंटर पर रखा थैला लेकर भाग निकला। किरण जब लौटे तो थैला नहीं दिखा, जिसके बाद वह चिल्लाने लगे। इस पर आसपास के लोग दौड़े लेकिन जब तक चोर वहां से रफूचक्कर हो चुका था। उसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी।
पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और छानबीन शुरु की। सीसीटीवी में दिख रहे युवक की पहचान और उसके गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित दुकानदार किरण ने बताया कि बैग में 400 ग्राम सोना व अन्य जेवरात रखे थे। इस संबंध में थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। दुकानदार ने अभी लिखित आवेदन नहीं दिया है, आवेदन मिलने के बाद साफ हो सकेगे कि कितना सामान चोरी गया, लेकिन पुलिस को शक है कि दुकानदार द्वारा जो बताया जा रहा है उतना सोना उस झोला में नहीं था और ना ही दुकानदार के द्वारा 400 ग्राम सोने से संबंधित कोई कागजात दिखाया गया है।
क्या होता है डीप टेक, जिस पर मोदी सरकार ने दिया भारी भरकम बजट
2 Feb, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश कर दिया है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने डीप टेक के लिए फंड ऑफ फंड्स का ऐलान कर दिया है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार डीप टेक बढ़ावा देने के लिए फंड ऑफ फंड्स सेटअप तैयार करेगी। केंद्र अगले 5 साल में आईआईटी और आईआईएससी में टेक्नोलॉजी पर रिसर्च के लिए 10 हजार फेलोशिप देगी। सीतारमण ने बजट भाषण में कहा है कि मोदी सरकार 20 हजार करोड़ रुपये निजी सेक्टर में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और इनोवेशन के लिए देगी। इसके साथ ही उन्होंने डीप टेक के लिए फंड ऑफ फंड्स का भी ऐलान किया है।
क्या है डीप टेक?
डीप टेक (डीप टेक्नोलॉजी) टर्म का इस्तेमाल कटिंग-एज साइंटिफिक और इंजीनियरिंग एडवांसमेंट पर बेस्ड इनोवेशन में होता है। डीप टेक में सिर्फ सॉफ्टवेयर आधारित या कंज्यूमर फोकस्ड टेक्नोलॉजी की बात नहीं होती है। इन टेक्नोलॉजी को तैयार होने में सालों का समय लगता है। इसमें कई साल तक रिसर्च और डेवलमेंट करना होता है।
मोदी सरकार ने डीप टेक और तकनीकी सेक्टर को बूस्ट करने के लिए ये ऐलान किए हैं। डीप डेट में एआई, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और तमाम दूसरे टॉपिक आते हैं। इन सभी विषयों पर काम करने के लिए सालों तक रिसर्च करनी होती है, जिसमें काफी ज्यादा पैसे लगते हैं। इसकारण इस सेक्टर में बहुत कम निजी निवेश देखने को मिलता है।
इसके तहत 5 साल में 10 हजार फेलोशिप्स दिए जाएंगे। ये बेसिकली आईआईटी और आईआईएससी के लिए होगा। इसके अलावा फंडामेंटल जियोस्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा डेवेलपमेंट के लिए नैशनल जियोस्पेशल मिशन की शुरुआत की गई है। इसके तहत लैंड रिकॉर्ड्स, अर्बन प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन पर काम होगा। इस स्कीम के तहत 500 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है। दरअसल इस स्कीम में एआई को एजुकेशन में इंटीग्रेट करना शामिल है। मौजूदा एआई सेंटर्स को विस्तार दिया जाएगा। एआई को एग्रिकल्चर, हेल्थ और सस्टेनेबल सिटीज के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
सेमीकंडक्टर परिव्यय में 83% की वृद्धि, मोबाइल फोन पीएलआई को 55% बढ़ावा: बजट 2025
1 Feb, 2025 04:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बजट 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेमीकंडक्टर और मोबाइल उत्पादन के लिए आवंटन में पर्याप्त वृद्धि का प्रस्ताव रखा। सेमीकंडक्टर के लिए बजट में 83% की वृद्धि हुई है, जो ₹7,000 करोड़ तक पहुँच गया है, जबकि मोबाइल फोन के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना में 55% की वृद्धि हुई है, जो अब कुल ₹9,000 करोड़ है।
पिछले वर्षों में आवंटन
वित्तीय वर्ष सेमीकंडक्टर + डिस्प्ले पीएलआई (इलेक्ट्रॉनिक्स + हार्डवेयर)
2023-24 1,503 4,560
2024-25 6,903 6,200
पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) में सेमीकंडक्टर के लिए आवंटन को ₹6,903 करोड़ से घटाकर ₹3,816 करोड़ कर दिया गया था। यह समायोजन मुख्य रूप से कंपाउंड सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस (ATMP) और आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) के लिए कम संशोधित अनुमानों के कारण हुआ, जो ₹4,203 करोड़ से घटकर ₹2,500 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 26 के लिए बजट में इन क्षेत्रों के लिए ₹3,900 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
इसी तरह, सेमीकंडक्टर फ़ैब्स के लिए आवंटन को वित्त वर्ष 25 में ₹1,500 करोड़ से घटाकर ₹1,200 करोड़ कर दिया गया था, लेकिन वित्त वर्ष 26 के लिए यह आँकड़ा बढ़ाकर ₹2,500 करोड़ कर दिया गया है। स्मार्टफोन क्षेत्र एक उल्लेखनीय सफलता की कहानी के रूप में उभरा है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए PLI को ₹8,885 करोड़ का नया आवंटन प्राप्त हुआ है, जो वित्त वर्ष 25 में ₹5,747 करोड़ के संशोधित अनुमान की तुलना में 55% की वृद्धि दर्शाता है। सरकार ने मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा देने के लिए इंटरेक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले पर मूल सीमा शुल्क को 10% से बढ़ाकर 20% करने और ओपन सेल और अन्य घटकों पर शुल्क घटाकर 5% करने का प्रस्ताव दिया है।
उन्होंने एलसीडी और एलईडी टीवी के लिए ओपन सेल के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उन्हें सीमा शुल्क से छूट देने का भी प्रस्ताव रखा। सरकार ने पहले सीमा शुल्क को 5% से घटाकर 2.5% कर दिया था। वित्त मंत्री ने गैर-निवासियों के लिए एक अनुमानित कराधान व्यवस्था का भी प्रस्ताव रखा, जो एक निवासी कंपनी को सेवाएं प्रदान करते हैं जो एक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा स्थापित या संचालित कर रही है। उन्होंने गैर-निवासियों के लिए कर निश्चितता के लिए एक सुरक्षित बंदरगाह का भी प्रस्ताव रखा, जो निर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाइयों को आपूर्ति के लिए घटकों को संग्रहीत करते हैं।
बजटीय आवंटन के संदर्भ में, तीन योजनाएं जो भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स हब के रूप में विकसित होने की आकांक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं - सेमीकंडक्टर कार्यक्रम, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हार्डवेयर विनिर्माण के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग को वित्त वर्ष 30 तक 500 बिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा है।
कैब ड्राइवर और डिलीवरी बॉय को मिलेगा पहचान पत्र, 5 लाख रुपये तक का बीमा भी होगा
1 Feb, 2025 03:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय बजट में गिग वर्कर को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने ऑनलाइन कंपनियों से जुड़े गिग कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का एलान किया है। गिग वर्करों का ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसके अलावा सरकार इन कर्मचारियों को पहचान पत्र भी जारी करेगी। खास बात यह है कि इन्हें पीएम जन आरोग्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ भी दिया जाएगा।
कौन होते हैं गिग वर्कर?
भारत में ऑनलाइन कंपनियों के विस्तार के साथ ही गिग वर्कर की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। मगर सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी इनकी चिताएं हमेशा चर्चा में रहीं। गिग वर्कर वह कर्मचारी होते हैं, जो अनुबंध या ठेकेदार के माध्यम से अपनी सेवाएं देते हैं।
ऑनलाइन कंपनियों में इन कर्मचारियों का चलन काफी बढ़ा है। ये अस्थायी कर्मचारी होते हैं। कंपनियों और गिग वर्कर के बीच एक अनुबंध होता है। भारत में डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर और फ्रीलांसर समेत ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी इस श्रेणी में आते हैं।
क्या है पीएम जन आरोग्य योजना?
पीएम जन आरोग्य योजना एक स्वास्थ्य बीमा योजना है। योजना के अंतर्गत हर परिवार को 5 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है।
आकड़ों के मुताबिक यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इस योजना का लाभ मिलता है। इसके लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकते हैं।
12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं, मध्यम वर्ग को बड़ी राहत
1 Feb, 2025 01:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बजट लाइव 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुबह 11 बजे लोकसभा में लगातार आठवीं बार केंद्रीय बजट 2025 पेश करना शुरू कर दिया है। इससे पहले दिन में सीतारमण बजट पर अपनी मंजूरी के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने गईं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज (1 फरवरी, 2025) सुबह 11 बजे संसद में भाषण से पहले बजट को मंजूरी दे दी।
कर स्लैब में घोषित मुख्य परिवर्तन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई कर व्यवस्था के तहत ₹12 लाख तक की आय पर शून्य आयकर की घोषणा की
यहाँ निम्नलिखित कर स्लैब और दरें दी गई हैं:
₹0-4 लाख - शून्य
₹4-8 लाख - 5%
₹8-12 लाख - 10%
₹12-16 लाख - 15%
₹16- ₹20 लाख - 20%
₹20-24 लाख - 25%
₹24 लाख से ऊपर - 30%
बजट भाषण 2025 की मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण की कुछ मुख्य बातें यहाँ दी गई हैं:
राजकोषीय घाटा: वित्त वर्ष 25 के लिए राजकोषीय घाटा 4.8% निर्धारित किया गया है, जबकि वित्त वर्ष 26 के लिए अनुमानित राजकोषीय घाटा 4.4% है।
जन विश्वास विधेयक पर: 100 से अधिक प्रावधानों को अपराधमुक्त करने के लिए जन विश्वास विधेयक 2.0 पेश किया जाएगा। 2025 में राज्यों का निवेश अनुकूल सूचकांक लॉन्च किया जाएगा।
संशोधित टैरिफ दरें: पिछले बजट में हटाए गए टैरिफ दरों के अलावा 7 टैरिफ दरों को हटाने का प्रस्ताव। नए कदम के बाद केवल 8 टैरिफ दरें ही रहेंगी।
वित्त मंत्री ने पूंजीगत व्यय और बुनियादी ढांचे के लिए राज्यों को 50 साल के ब्याज मुक्त ऋण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय की घोषणा की।
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि 36 जीवन रक्षक दवाओं और औषधियों को मूल सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है।
यह उच्च-दांव वाला बजट उद्योग-व्यापी पूंजीगत व्यय वृद्धि और वेतनभोगी वर्ग के लिए आयकर राहत की उम्मीदों के बीच आया है। शुक्रवार (31 जनवरी) को संसद में बजट सत्र का पहला भाग, वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025 के साथ। आज के बजट से भारतीय उद्योग जगत को व्यापक रूप से उम्मीद है कि सरकार बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने, कारोबार को आसान बनाने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मॉडल आदि के लिए अधिक आवंटन करेगी।
केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ से बदलाव
1 Feb, 2025 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली में जनवरी का ठंड के लिहाज से अच्छा नहीं गया। न्यूनतम तापमान के आधार पर भी यह आठ सालों की सबसे गर्म जनवरी रही है। इस साल औसत न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री रहा है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में कोहरा रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा और बर्फबारी की संभावना है।
उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी होने की उम्मीद
पंजाब और हरियाणा में मध्यम वर्षा की उम्मीद है। केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश हो सकती है। 1-4 फरवरी के बीच दो ताजा पश्चिमी विक्षोभों के इस क्षेत्र को प्रभावित करने की उम्मीद है, जिससे कई राज्यों में महत्वपूर्ण वर्षा होगी। उत्तराखंड में 1-4 फरवरी तक बारिश और बर्फबारी होने की उम्मीद है।
इन पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव के तहत, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 30 जनवरी से 5 फरवरी तक छिटपुट से मध्यम वर्षा और बर्फबारी का अनुभव होगा।
उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना
इस बीच, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक फरवरी से 4 फरवरी के बीच छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान और विदर्भ में 2 से 4 फरवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 3 और 4 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में पूर्वी लहर के कारण नमी की स्थिति आने का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल और माहे में 2 फरवरी तक गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। केरल, दक्षिण तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश की उम्मीद है।
भारत में फरवरी के अधिक गर्म और शुष्क रहने की संभावना
जनवरी में गर्म और शुष्क मौसम के बाद फरवरी में भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान और सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका है। फरवरी में दीर्घावधि औसत (1971-2020) 22.7 मिमी के 81 प्रतिशत से कम वर्षा होने की आशंका है।मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि पश्चिम-मध्य, प्रायद्वीपीय और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका है।
उत्तर-पश्चिम और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में फरवरी में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का पू्र्वानुमान है। इसी तरह पश्चिम-मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
बजट से पहले राष्ट्रपति मुर्मू का परंपरागत स्वागत, सीतारमण को खिलाया दही-चीनी
1 Feb, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को रिकॉर्ड आठवां लगातार बजट पेश करेंगी। बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मंत्रालय पहुंची हैं। वित्त मंत्री के साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी साथ हैं। वित्त मंत्री ने आज मधुबनी आर्ट की साड़ी पहनी हुई है। इस आर्ट की प्रमुख कलाकार दुलारी देवी हैं, जिन्हें सरकार ने साल 2021 में पद्मश्री से सम्मानित किया था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय से राष्ट्रपति भवन पहुंचीं। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात वित्त मंत्री ने उन्हें बजट के अहम प्रावधानों और बदलावों की जानकारी दी। यह परंपरा है, जिसमें राष्ट्रपति की मंजूरी ली जाती है। राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री का दही चीनी खिलाकर मुंह मीठा कराया। साथ में नाश्ता भी किया।
राष्ट्रपति भवन से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद भवन के लिए रवाना हुईं। लोकसभा में 11 बजे बजट पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह फिलहाल संसद भवन पहुंच चुके हैं।
कैबिनेट ने बजट 2025 को मंजूरी दे दी है। संसद की कार्यवाही शुरू हुई और वित्त मंत्री ने बजट भाषण पढ़ना शुरू किया। वहीं विपक्ष ने कुंभ की घटना को लेकर हंगामा किया और विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की।
बजट सत्र से पहले उपराष्ट्रपति धनखड़ का आह्वान, संसद में सार्थक चर्चा हो
1 Feb, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संसद में रचनात्मक बहस और संवाद की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि व्यवधान का दौर समाप्त होना चाहिए और सार्थक चर्चा के लिए रास्ता बनाना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी संसद का बजट सत्र शुरू होने से पहले आई है।
संसद में कोई व्यवधान या रुकावट नहीं होना चाहिए
धनखड़ ने शुक्रवार को राष्ट्रीय महिला आयोग के 33वें स्थापना दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि देश को वास्तव में एक ऐसे विपक्ष की जरूरत है जो रचनात्मक और सहयोगी दोनों हो।
राज्यसभा के सभापति ने सहयोगी विपक्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा- ''अब इस संसद में कोई व्यवधान या रुकावट नहीं बल्कि अधिक बहस, संवाद, चर्चा, विचार-विमर्श होना चाहिए।''महिला सशक्तीकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने विधानमंडलों में महिलाओं के लिए हालिया आरक्षण की सराहना की और इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण
उपराष्ट्रपति ने कहा- ''अब हमारे पास महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण है।'' उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के सक्रिय योगदान के बिना भारत की प्रगति अधूरी है।
धनखड़ ने महिला आयोग की भूमिका पर जोर देते हुए आयोग से सनसनी फैलाने के बजाय सूचना के प्रसार और रचनात्मक विचार पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने बजट पेश करने में रिकार्ड बनाने और महिला नेताओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रशंसा की।
भारत की यात्रा को महिलाएं संचालित करेंगी
उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा को महिलाएं संचालित करेंगी। उन्होंने कहा कि भारत के तेज विकास ने इसे दुनिया का सबसे महत्वाकांक्षी राष्ट्र बना दिया है।
ओबीसी वर्ग प्रमाणपत्र जारी करने के नियमों में अंतर पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
1 Feb, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और दिल्ली सरकार से उस याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें सिंगल मदर के बच्चों के लिए ओबीसी प्रमाणपत्र जारी करने के नियमों में संशोधन की मांग की गई है।
कार्रवाई संवैधानिक प्रविधानों के खिलाफ
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस आगस्टीन जार्ज मसीह की पीठ ने दिल्ली की एक महिला द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया। याचिका में कहा गया है कि वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार, सिंगल मदर के ओबीसी प्रमाणपत्र के आधार पर बच्चे को ओबीसी प्रमाणपत्र नहीं दिया जा सकता और आवेदक को केवल पितृ पक्ष से ऐसा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होता है। याचिकाकर्ता ने दावा किया गया है कि यह कार्रवाई संवैधानिक प्रविधानों के खिलाफ है।
अधिवक्ता विपिन कुमार के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि सिंगल मदर यानी एकल अभिभावक (महिला) के बच्चों को उनकी मां के ओबीसी प्रमाणपत्र के आधार पर ओबीसी प्रमाणपत्र जारी न करना, उन बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है जो अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं।
अनुसूचित जनजाति वर्ग को भी तो होता है प्रमाणपत्र जारी
याचिका में यह भी कहा गया है कि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग की सिंगल मदर के बच्चों को उनकी मां के प्रमाणपत्र के आधार पर जाति प्रमाणपत्र दिया जाता है लेकिन ओबीसी के मामले में ऐसा नहीं है। इसमें कहा गया है कि सिंगल मदर के बच्चों को ओबीसी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अधिकारियों द्वारा पिता के ओबीसी प्रमाणपत्र या पितृ पक्ष पर जोर देना उन बच्चों के अधिकारों के खिलाफ है जिन्हें उनकी मां ने पाला है।
याचिका में दिल्ली सरकार के ओबीसी प्रमाणपत्र जारी करने के दिशा-निर्देशों का उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली में रहने वाला कोई भी व्यक्ति जो ओबीसी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करना चाहता है, उसे पिता, दादा या चाचा जैसे किसी पितृ पक्ष के संबंधी का ओबीसी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होता है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि ओबीसी वर्ग की सिंगल मदर जो अपने गोद लिए बच्चे के लिए अपने प्रमाणपत्र के आधार पर ऐसा प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहती है, उसे आवेदन करने की अनुमति नहीं दी जाती क्योंकि वह अपने पति का ओबीसी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ होती है।
सुप्रीम कोर्ट ने 'वरिष्ठ अधिवक्ता', एओआर के लिए नियमावली पर फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को न्याय प्रणाली के सुचारू कामकाज के लिए वकीलों के वरिष्ठ पदनाम और एडवोकेट आन रिकार्ड (एओआर) के लिए नियमावली बनाने पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस आगस्टिन जार्ज मसीह की पीठ ने कहा कि दो जजों की पीठ 2017 के फैसले से उपजे मुद्दों का निस्तारण नहीं कर सकती, जिसमें वकीलों को वरिष्ठ पद देने की प्रक्रिया तैयार की गई थी और जिसे तीन न्यायाधीशों की पीठ ने सुनाया था।
पीठ ने 12 अक्टूबर 2017 को फैसला सुनाया था
पीठ ने कहा कि हम वरिष्ठ पद पर न्याय मित्र एस मुरलीधर, सालिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह के सुझावों को दर्ज करेंगे और निर्णय लेने के लिए इसे प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखेंगेज्। तीन पूर्व न्यायाधीशों, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस नवीन सिन्हा की एक पूर्ववर्ती पीठ ने 12 अक्टूबर 2017 को फैसला सुनाया था। जस्टिस ओका ने कहा कि आखिरकार उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अयोग्य व्यक्ति को वरिष्ठ वकील के रूप में नामित नहीं किया जाना चाहिए और जो भी योग्य है उसे बाहर नहीं किया जाना चाहिए।
दिल्ली हाई कोर्ट के 70 वकीलों को वरिष्ठ पद दिए जाने के खिलाफ याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के 70 वकीलों को वरिष्ठ पद दिए जाने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील मैथ्यूज जे नेदुम्परा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला दिया है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने नेदुम्परा को फटकार लगाते हुए पूछा था कि आप कितने न्यायाधीशों के नाम बता सकते हैं, जिनके बच्चों को वरिष्ठ वकील के रूप में नामित किया गया है। हमें लगता है कि संस्था के खिलाफ निराधार आरोप लगाए गए हैं।
Saif Ali Khan: सैफ मामले पर मुंबई पुलिस का बड़ा बयान, CCTV में दिखे शख्स से मैच हुआ बांग्लादेशी आरोपी का चेहरा
31 Jan, 2025 02:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। सैफ अली खान पर हुए जानलेवा हमले के मामले में एक नई अपडेट सामने आई है। फेशियल रिकॉग्निशन में आरोपी का चेहरा सीसीटीवी में कैद चेहरे से मेल खाता है। शुक्रवार को मुंबई पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। सोशल मीडिया नेटिजन्स द्वारा आरोपी के चेहरे और सीसीटीवी में कैद चेहरे को लेकर संदेह जताया गया था।
मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद ही है आरोपी
शुक्रवार को मुंबई पुलिस ने कहा, “गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद का चेहरा फेशियल रिकॉग्निशन में मैच कर गया है। परीक्षण के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा व्यक्ति और मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद एक ही व्यक्ति हैं।”
'मुख्य चुनाव आयुक्त को रिटायरमेंट के बाद नौकरी चाहिए', यमुना में जहर विवाद पर नोटिस मिलने पर अरविंद केजरीवाल का पलटवार
31 Jan, 2025 09:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार पर तीखा हमला किया है. केजरीवाल का आरोप है कि राजीव कुमार राजनीति कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें रिटायरमेंट के बाद नौकरी की जरूरत है. यह विवाद तब शुरू हुआ जब केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर यमुना के पानी में जहर मिलाने का आरोप लगाया था, जिसके बाद बीजेपी ने चुनाव आयोग से इस मामले में शिकायत की थी.
अरविंद केजरीवाल का आरोप
अरविंद केजरीवाल ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी की हरियाणा सरकार ने यमुना के पानी में जहर मिला दिया है. उनका कहना था कि दिल्ली जल बोर्ड के इंजीनियरों ने दिल्ली के बॉर्डर पर इस पानी को पकड़ लिया और उसे फिल्टर कर लिया, अन्यथा यह पानी दिल्ली में आकर लोगों के लिए खतरा बन सकता था. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार के इस कृत्य से दिल्लीवालों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता था.
चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस
इसके बाद बीजेपी ने चुनाव आयोग से शिकायत की और इस पर चुनाव आयोग ने केजरीवाल से सबूत मांगे. चुनाव आयोग ने केजरीवाल से कहा कि वह अपने आरोपों का समर्थन करने के लिए 8 बजे तक संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करें. जब केजरीवाल ने 14 पन्नों का जवाब दिया, तो आयोग ने उसे असंतोषजनक बताते हुए दोबारा स्पष्टीकरण देने के लिए कहा. आयोग ने यह भी कहा कि केजरीवाल को यह स्पष्ट करना होगा कि यमुना में किस प्रकार का और कितना जहर मिलाया गया था.
राजीव कुमार पर निशाना
अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग के इस कदम पर राजीव कुमार पर राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग राजनीति कर रहा है क्योंकि राजीव कुमार को पोस्ट-रिटायरमेंट नौकरी चाहिए." केजरीवाल ने यहां तक कहा कि चुनाव आयोग की कार्रवाई से ऐसा लगता है कि आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तत्पर है, और वह अगले दो दिनों में उन्हें जेल में डालने की तैयारी कर रहे हैं.
बीजेपी और कांग्रेस का विरोध
बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए चुनाव आयोग से प्रतिक्रिया मांगी. बीजेपी के नेताओं ने केजरीवाल के आरोपों को झूठा और आधारहीन बताया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, "केजरीवाल झूठ बोलकर चुनावी लाभ प्राप्त करना चाहते हैं." वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर केजरीवाल की आलोचना करते हुए उन्हें झूठा करार दिया.
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग ने अपनी चिट्ठी में अरविंद केजरीवाल से कहा कि वह यमुना में अमोनिया के बढ़े हुए स्तर के मामले को उनके जहर मिलाने वाले आरोपों के साथ न जोड़ें. आयोग ने केजरीवाल से यह भी पूछा कि किस प्रक्रिया से दिल्ली जल बोर्ड ने पानी का परीक्षण किया और क्या सबूत हैं कि पानी में जहर मिलाया गया था.
केजरीवाल का जवाब
अरविंद केजरीवाल ने इस विवाद पर एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जवाब देते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने जो भाषा इस्तेमाल की है, वह उचित नहीं है और इसका उद्देश्य केवल उन्हें बदनाम करना है. केजरीवाल ने यह भी कहा कि अगर चुनाव आयोग को यमुना के पानी के परीक्षण के बारे में कोई जानकारी चाहिए, तो वह खुद तीन बोतल पानी भेजकर आयोग से उसे पीने की चुनौती देते हैं.
हरियाणा सरकार का बचाव
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस विवाद को लेकर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह यमुना का पानी पीते हुए दिख रहे थे. आम आदमी पार्टी ने इसे एक असफल पीआर स्टंट बताया और कहा कि अगर नायब सैनी खुद इस ज़हरीले पानी को नहीं पी सकते, तो दिल्लीवालों को क्यों पिलाया जा रहा है.
भविष्य की दिशा
यह विवाद अब चुनाव आयोग से लेकर हरियाणा सरकार और दिल्ली सरकार तक फैल चुका है. चुनाव आयोग के नोटिस के बाद मामला राजनीतिक गरमाहट में बदल गया है और अब इसे दिल्ली विधानसभा चुनावों से जोड़ा जा रहा है. यह विवाद अब देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग, केजरीवाल और हरियाणा सरकार के बीच कैसे मोड़ लेता है और इसके परिणाम दिल्ली की राजनीति को कैसे प्रभावित करते हैं.
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