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सेक्सटॉर्शन के बाद एक्सटॉर्शन मुंबई की कानून व्यवस्था तार-तार
1 Jul, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई में इन दिनों हर रोज रेप की घटनाओं ने शहर को दहलाकर रख दिया है। कुरार में चौंका देनेवाला मामला सामने आया है। आरोपी ने एक महिला के नहाते वक्त का अश्लील वीडियो बनाया और तीन साल तक उसका रेप किया। इस सेक्सटॉर्शन के बाद आरोपी पीड़िता के साथ एक्सटॉर्शन भी करता रहा। उसने महिला से वैâश, गोल्ड के साथ उसका सुकून भी लूट लिया।
तीन साल तक पत्नी से होता रहा रेप, पति रहा बेखबर!
मालाड में एक महिला के साथ खौफनाक वारदात सामने आई है। एक शख्स उसके साथ तीन साल से रेप कर रहा था और इसके साथ ही उसके गहने व रुपए भी लूटे। आरोपी ने पीड़िता से 8 तोला सोना और लाखों रुपए की नकदी भी लूटा। तीन साल तक पति को इसकी खबर नहीं थी। जब महिला ने पति को इसकी जानकारी दी तब उसने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। फिलहाल आरोपी फरार है। मिली जानकारी के मुताबिक, मालाड-पूर्व में साल 2022 में आरोपी ने पीड़िता का बाथरूम में नहाते वक्त चुपके से वीडियो बना लिया था। तभी आरोपी पीड़िता को यह कहकर धमकाता रहा कि अगर उसकी बात नहीं मानी तो वह वीडियो वायरल कर देगा। इसी का डर दिखाकर आरोपी महिला का रेप करता रहा। आरोपी ने रेप का भी वीडियो बना लिया था। दोनों अश्लील वीडियो के सहारे आरोपी ने बलात्कार के अलावा पीड़िता से एक्सटॉर्शन भी शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, तकरीबन 8 तोला सोना और डेढ़ लाख रुपए डरा-धमकाकर ले लिए। बात जब हद से पार हो गई तो पीड़िता ने सारी बात अपने पति से बता दी। पति ने फौरन कुरार पुलिस स्टेशन में जाकर रेप, सेक्सटॉर्शन और एक्सटार्शन का मामला दर्ज करवाया। कुरार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजीव तावड़े ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।
डॉक्टर ने किया बलात्कार
कांदिवली-पूर्व में क्रांतिनगर इलाके में एक डॉक्टर ने अपनी क्लिनिक में महिला मरीज के साथ रेप किया। महिला रूटीन चेकअप के लिए क्लिनिक में गई थी। क्लिनिक में कोई और मरीज नहीं होने का फायदा उठाते हुए डॉक्टर ने महिला से अपने केबिन में रेप किया। महिला शिकायत लेकर चारकोप पुलिस स्टेशन पहुंची तब तक आरोपी डॉक्टर फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर दूसरे अस्पताल में काम करता था और पत्नी के नाम कांदिवली-पूर्व में क्लिनिक खोल रखी थी। चारकोप पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक जयवंत शिंदे के मुताबिक, डॉक्टर के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस साल 2025 में नाबालिग बच्चियों और महिलाओं के साथ रेप और यौन शोषण की घटनाएं काफी ज्यादा हुई हैं। पिछले पांच महीनों में 400 से ज्यादा रेप की शिकायतें दर्ज की गई हैं।
श्रीनगर के बाद छुक-छुक गाड़ी आइजोल पहुंचने को तैयार, पीएम मोदी से उद्घाटन का इंतजार
1 Jul, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बीते 11 साल में मोदी सरकार के कार्यकाल में भारतीय रेल उन स्थलों तक पहुंच रही हैं, जहां रेलवे का सपना, बहुत पहले देखा गया लेकिन उस सपने को पूरा करने की दिशा में पहले की सरकारों ने कोई बड़े कदम नहीं उठाया था। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में चिनाब पुल का उद्घाटन किया था। इससे कश्मीर घाटी का राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ने का सपना पूरा हुआ। अब सुदूर पूर्वोत्तर के राज्य मिजोरम की राजधानी आइजोल को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए तय 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेल लाइन भौगोलिक और साजो सामान से जुड़ी चुनौतियों को पार कर बनकर तैयार हो चुकी है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के आला अधिकारी ने कहा है, अब रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीएसआर) की मंजूरी के साथ रेल लाइन तैयार है और बहुत जल्द प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका उद्घाटन करने वाले है।
बता दें कि बैराबी-सैरांग रेल लाइन मार्ग के चालू होने के बाद लोग सिलचर के रास्ते आइजोल की यात्रा कर सकते और राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता, पहाड़ियों और घने जंगलों का आनंद ले सकते है।
बता दें कि रेल लाइन में 12.853 किलोमीटर लंबी 48 सुरंग, 55 बड़े और 87 छोटे पुल, पांच सड़क ओवरब्रिज और नौ सड़क अंडरब्रिज हैं। इसमें से एक पुल की ऊंचाई 104 मीटर है, जो कुतुब मीनार से 42 मीटर अधिक है। नई लाइन से मिजोरम के लोगों को न केवल बेहतर परिवहन और सुगमता का लाभ मिलेगा, बल्कि इससे क्षेत्र से आवाजाही में भी वृद्धि होगी। साथ ही लोकल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, इस अभूतपूर्व परिचालन से वाणिज्यिक गतिविधियों, आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और पूर्वोत्तर के राज्यों में ट्रेन संपर्क मजबूत होगा, रोजगार के अवसर पैदा होने तथा स्टेशनों और माल शेड के पास छोटे-छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा।
पहाड़ी राज्यों में बारिश से तबाही,शिमला में 5 मंजिला बिल्डिंग गिरी; बदरीनाथ हाईवे पर लैंडस्लाइड..
1 Jul, 2025 01:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/भोपाल। देश के सभी राज्यों में मानसून पहुंच गया है। बीते 24 घंटे से पहाड़ी राज्यों में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। हिमाचल के सोनल में गाडिय़ों के सामने पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा लैंडस्लाइड के बाद रोड पर आ गया। वहीं उत्तराखंड में लैंडस्लाइड के बाद बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर कई किलोमीटर का लंबा जाम लगा है। मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है। बुंदेलखंड का केदारनाथ कहे जाने वाले जटाशंकर धाम में बारिश के बाद झरना बहने लगा है। बारिश का पानी पहाड़ों से होकर भोलेनाथ की प्रतिमा के पास से निकलता है। ये नजारा बेहद आनंदित करता है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-उज्जैन समेत 25 से ज्यादा जिलों में बारिश का दौर चला।
हिमाचल प्रदेश में रविवार से ही तेज बारिश हो रही है। लैंडस्लाइड के चलते प्रदेशभर की 129 सडक़ों पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। मानसून के बाद से राज्य में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है। बीते 24 घंटे में 3 ने जान गंवाई है। हिमाचल के मंडी-कुल्लू नेशनल हाईवे पर थलौट की भुभु जोत टनल के पास सोमवार सुबह लैंडस्लाइड हो गया। इससे टनल के अंदर 5 घंटे तक कई गाडिय़ां फंसी रहीं। अलर्ट के चलते आज हिमाचल के 4 जिलों में स्कूल बंद हैं। बिहार के भोजपुर, बक्सर और नालंदा में बिजली गिरने से 5 की मौत हो गई। वहीं, गया के इमामगंज में लगुराही वाटरफॉल में रविवार को अचानक पानी बढ़ गया। तेज बहाव में 6 लड़कियां बह गईं। स्थानीय लोगों ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
5 मंजिला बिल्डिंग गिरी
हिमाचल में बीते 48 घंटे से बारिश हो रही है। पिछले 10 दिन में 39 लोगों की मौत हुई है। बारिश के चलते कई जिलों में भूस्खलन और पानी भरने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को राज्य में बारिश का रेड अलर्ट है। कई जगहों पर लैंडस्लाइड की आशंका है।
उत्तरकाशी में 7 मजदूर लापता
मौसम विभाग ने उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई जिलों में स्कूल बंद हैं। बागेश्वर जिले में सरयू नदी उफान पर है। उत्तरकाशी के सिलाई बैंड के पास बादल फटने की घटना में लापता 7 लोगों के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है।
चूरू में बाढ़ जैसे हालात
राजस्थान के चूरू जिले में सुबह 5 बजे से ही बारिश हो रही है। शहर के निचले इलाकों में स्थित घरों और दुकानों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। लोगों के घरों और दुकानों में पानी भर गया है। पूरे राजस्थान में 20 जून के बाद से ही मानसून की बारिश हो रही है। तेज बारिश के कारण पाली में कई जगह बरसाती नदियां उफान पर हैं।
गया में 6 लड़कियां वाटरफॉल में बहीं
गया के इमामगंज में लगुराही वाटरफॉल में अचानक पानी बढ़ गया। तेज बहाव में 6 बच्चियां बह गईं। सभी बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
भोपाल के बैरसिया में बच्चा तालाब में डूबा
भोपाल के बैरसिया के ललरिया में एक 13 साल के बालक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। तौहीद रविवार को डूबा था। उसका शव करीब 18 घंटे बाद सोमवार को मिला। एसडीईआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर शव निकाला। एसडीएम आशुतोष शर्मा समेत कई अधिकारी रेस्क्यू के दौरान मौके पर मौजूद रहे।
निचली बस्तियों में जलभराव
भिंड जिले में सोमवार सुबह 11 बजे से बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। शहर की निचली बस्तियों में जलभराव की समस्या भी आई। पुरानी बस्ती, शास्त्री कॉलोनी के फेज-वन और टू, गड़इया मोहल्ला और राज होली इलाके में पानी भर गया। बुंदेलखंड का केदारनाथ कहे जाने वाले जटाशंकर धाम में बारिश के बाद झरना बहने लगा है। बारिश का पानी पहाड़ों से होकर भोले नाथ की प्रतिमा के पास से निकलता है। ये नजारा बेहद आनंदित करता है।
जगन्नाथ रथयात्रा में भगदड़, प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, एक ही रास्ते से एंट्री और एग्जिट
1 Jul, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुवनेश्वर। ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान हुई भगदड़ के प्रत्यक्षदर्शियों ने भयावह स्थिति का आंखों देखा हाल बताया है। उन्होंने बताया कि एक ही रास्ते से एंट्री और एग्जिट था, और एग्जिट गेट बंद करके वहीं से वीआईपी एंट्री कराई गई थी, जिससे आम भक्तों के लिए कोई अलग रास्ता नहीं था। इस बीच पुलिस भीड़ को संभालने में नाकाम रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रथ के सामने पूजा सामग्री से लदे दो ट्रक घुस आए, इससे कई भक्त उससे टकराकर गिर पड़े और भगदड़ मच गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के वक्त मौके पर कोई पुलिसकर्मी नहीं था और एंबुलेंस एक किलोमीटर दूर खड़ी थी, जिससे घायलों को लोग हाथों पर उठाकर ले गए। एक मृतका के पति ने प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाकर कहा कि उनकी पत्नी पानी मांगती रही लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। यह हादसा गुंडिचा मंदिर के पास रविवार सुबह 4:20 बजे हुआ, जिसमें तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 50 से ज्यादा घायल हुए। जगन्नाथ जी का रथ बाद में पहुंचने से दर्शन की होड़ लग गई, जिससे भीड़ अनियंत्रित हो गई।
पुरी की रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों को उनकी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर के सामने 9 दिन के लिए खड़ा कर दिया जाता है। यहां बलभद्र और सुभद्रा के रथ पहले पहुंच चुके थे। जगन्नाथ रथ बाद में पहुंचा, जिससे लोगों में उसके दर्शन करने की होड़ लग गई। इसी दौरान भगदड़ मची, जिसमें गिरने से कई लोग कुचल गए। बताया जा रहा है कि घटना के समय वहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं था। हादसे में मारे गए लोगों के नाम बसंती साहू (36), प्रेमकांति महांति (78) और प्रभाती दास हैं। इनके शव पुरी मेडिकल कॉलेज में रखे गए हैं।
तेलंगाना हादसा: फैक्ट्री विस्फोट में 13 की मौत, 12 गंभीर, प्रधानमंत्री ने की सहायता की घोषणा
1 Jul, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संगारेड्डी: पशमिलारम औद्योगिक एस्टेट में स्थित सिगाची फार्मा केमिकल यूनिट में सोमवार सुबह एक रिएक्टर फटने से जबरदस्त विस्फोट हुआ. यह घटना सुबह 8:15–9:35 बजे के बीच हुई, जिससे आग फैलने लगी और उत्पादन विभाग सहित कई इमारतों को गंभीर क्षति पहुंची. मृतक संख्या बढ़कर 13 हो चुकी है, जबकि 22 मजदूर झुलस गए और 12 की हालत गंभीर बनी हुई है.
मौजूद लोग और बचाव कार्य की शुरुआत
इस समय फैक्ट्री परिसर में करीब 90 लोग कार्यरत थे. विस्फोट की तीव्रता इतनी ज़ोरदार थी कि कुछ कर्मी 100 मीटर दूर तक उड़ गए. 11 दमकल गाड़ियां, NDRF और SDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव प्रक्रिया शुरू कर दी गई. जिला कलेक्टर प्रवीण्या और एसपी परितोष ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बचाव कार्य के लिए दिशा-निर्देश जारी किए.
घायल श्रमिकों का इलाज
घायलों को चंदनगर व इस्नापुर के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इनमें से 12 की हालत नाजुक मिलने पर उन्हें ICU में रखा गया है. राज्य सरकार ने हर घायल्य को उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है.
हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने कहा कि इमारत का मलबा हटने के बाद ही विस्तृत आंकड़े उपलब्ध होंगे. सुरक्षा मानकों की कमी या लापरवाही का संदेह जताया गया है और एक विशेष जांच टीम गठित करने की भी तैयारी जारी है.
पीएम मोदी ने जताया दुख, आर्थिक सहायता की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई. उन्होंने घोषणा की कि, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1 लाख रुपये, अन्य घायलों को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी.
सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी
इस हादसे ने तेलंगाना में औद्योगिक सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मंत्री विवेक वेंकट स्वामी ने बताया कि श्रम आयोग जल्द ही श्रमिकों की शिकायतों की जांच करेगा और सुरक्षा उपायों की समीक्षा करेगा. अतिरिक्त रूप से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को तीव्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.
आग बुझाने और बचाव कार्य में अभी बाकी है चुनौती
आग बुझाने के बावजूद इलाके में तेज़ रासायनिक गंध बनी हुई है जो आसपास के लोगों के स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकती है. मलबा हटाने और फंसे कर्मियों की तलाश अभी जारी है. रिसर्च अधिकारियों को विस्फोट के तकनीकी कारणों का पता लगाना है, साथ ही रिएक्टर मॉडल और रख-रखाव की जांच भी होनी है.
सिगाची केमिकल फैक्ट्री में हुए इस दर्दनाक विस्फोट ने 13 परिवारों की खुशियां तबाह कर दी हैं और औद्योगिक सुरक्षा में बड़ी चूक को उजागर किया है. प्रधानमंत्री और राज्य सरकार की तरफ से आर्थिक मदद के साथ-साथ जांच प्रक्रिया जारी है.
ब्रिक्स में शामिल होंगे पीएम मोदी
1 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल्द घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया का दौरा करने वाले हैं। सचिव (आर्थिक संबंध) दम्मू रवि ने सोमवार को बताया कि प्रधानमंत्री 2 से 3 जुलाई को घाना का दौरा करेंगे। यह यात्रा 30 साल बाद हो रही है। राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा ने हाल ही में भारी जीत के बाद पदभार संभाला है। भारत और घाना के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं। दशकों से कई क्षेत्रों में हमारे संबंध विकसित हुए हैं।
उन्होंने कहा,दोनों देश अपने आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे। आर्थिक मुद्दे वार्ता का मुख्य विषय होंगे। भारत और घाना के बीच करीब 3 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है, जिसमें सोने के आयात का बड़ा योगदान है। इस दौरे के दौरान कृषि, पश्चिम अफ्रीका में टीका विकास केंद्र, रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज और डिजिटल सार्वजनिक ढांचे पर फोकस किया जाएगा। कुछ समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे।
27 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का नामीबिया दौरा
रवि ने बताया, प्रधानमंत्री मोदी 9 जुलाई को नामीबिया का दौरा करेंगे। यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 27 साल बाद हो रही है। भारत और नामीबिया के बीच लगभग 600 मिलियन डॉलर का व्यापार है, जो थोड़ा बहुत भारत के पक्ष में ही है। निवेश 800 मिलियन डॉलर के करीब हैं। भारत ने नामीबिया से कुछ चीतों को लाकर कुनो नेशनल पार्क में उनकी आबादी बढ़ाई है। यह परियोजना विकास सहयोग, क्षमता निर्माण, रक्षा सहयोग और नामीबिया के कर्मचारियों के रक्षा प्रशिक्षण में बहुत सफल रही है। हमने सूचना तकनीकी के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र भी स्थापित किया है। दोनों देशों के बीच यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरऑपरेबिलिटी टेक्नोलॉजी के समझौते हुए हैं। नामीबिया प्राकृतिक संसाधनों और खनिजों में समृद्ध देश है। इसमें यूनियनम, तांबा, कोबाल्ट, दुर्लभ पृथ्वी के तत्व, लिथियम और ग्रेफाइट बड़े पैमाने पर पाए जाते हैं। नामीबिया ने नए तेल क्षेत्रों की भी खोज की है।
ब्राजील में शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी
उन्होंने बताया, 17वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 6 और 7 जुलाई को ब्राजील में हो रहा है। इस सम्मेलन का विषय समावेशी और सतत शासन के लिए वैश्विक दक्षिण सहयोग को मजबूत करना है । भारत अगले साल ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा।
1विनोद उपाध्याय / 30 जून, 2025 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला त्रिनिदाद और टोबैगो
वहीं, दक्षिण मामलों की सचिव निना मल्होत्रा ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी 3 से 4 जुलाई को त्रिनिदाद और टोबैगो का औपचारिक दौरा करेंगे, जो प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर के निमंत्रण पर होगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का त्रिनिदाद और टोबैगो का पहला दौरा होगा और 1विनोद उपाध्याय / 30 जून, 2025 के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। यह यात्रा इसलिए खास है क्योंकि इस साल त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासियों के आने के 180 साल पूरे हो रहे हैं। मुझे बताया गया है कि इस समय देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों भारतीय मूल की हैं। दोनों महिलाएं हैं, दोनों वकील हैं, और दोनों को अपनी भारतीय जड़ों और विरासत पर गर्व है। वे खुद को भारत की बेटी कहती हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद योजना को लागू करने में तेजी
1 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत अब अंतरिक्ष में अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करने जा रहा है। सरकार ने तय किया है कि 2029 (अगले 4 साल में) तक 52 स्पेशल डिफेंस सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे, ये सभी सैटेलाइट अंतरिक्ष में भारत की आंख बनेंगे और पाकिस्तान-चीन बॉर्डर पर लगातार नजर रखेंगे। सैटेलाइट्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड होंगे। 36 हजार किमी. ऊंचाई पर ये आपस में कम्युनिकेट कर सकेंगे। इससे पृथ्वी तक सिग्नल भेजने, मैसेज-तस्वीरें भेजने में आसानी होगी।
जानकारी के अनुसार, 7 से 10 मई 2025 के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ भारी सैन्य कार्रवाई की थी। इस दौरान देशी सैटेलाइट्स और कुछ विदेशी कॉमर्शियल डेटा का इस्तेमाल किया गया, लेकिन रियल टाइम ट्रैकिंग में कई खामियां उजागर हुईं। इसलिए अब इस योजना को जल्दी मूर्त रूप दिया जा रहा है। यह पूरा अभियान रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी के तहत चलाया जा रहा है और इसके लिए सरकार ने स्पेस-बेस्ड सर्विलांस फेज-3 योजना बनाई है। इसके लिए 26,968 करोड़ का बजट है। इसे अक्टूबर 2024 में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने मंजूरी दी थी।
इसरो और 3 निजी भारतीय कंपनियों की भागीदारी
इस योजना के तहत इसरो 21 सैटेलाइट बनाएगा और लॉन्च करेगा, जबकि 31 सैटेलाइट्स तीन निजी भारतीय कंपनियां तैयार करेंगी। पहला सैटेलाइट अप्रैल 2026 तक लॉन्च किया जाएगा, लेकिन समय सीमा को और घटाने का प्रयास जारी हैं। ये सैटेलाइट्स लो-अर्थ ऑर्बिट और जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में तैनात किए जाएंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक स्पेस-बेस्ड सर्विलांस फेज-3 का मकसद पाकिस्तान, चीन और हिंद महासागर क्षेत्र को ज्यादा विस्तार में कवर करना है, ताकि कम समय में हाई रिजोल्यूशन निगरानी संभव हो। इसरो के सैटेलाइट्स के अलावा वायुसेना तीन हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम विमान भी खरीदने की तैयारी में है। ये ड्रोन जैसे मानव रहित विमान होंगे जो लंबी अवधि तक ऊंचाई पर उडक़र निगरानी में मदद करेंगे। ये सैटेलाइट्स की निगरानी क्षमताओं को मजबूत करेंगे।
पाकिस्तानी आतंकियों का गाइड गिरफ्तार
1 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में केरी सेक्टर में रविवार को नियंत्रण रेखा के पास एक बड़ी घुसपैठ को सेना ने नाकाम कर दिया। इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक पाकिस्तानी गाइड को पकड़ लिया है। पकड़े गए युवक की पहचान 22 वर्षीय मोहम्मद आरिब अहमद के रूप में हुई है, जो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कोटली जिले के निकियाल इलाके के डेटोटे गांव का रहने वाला है।
सेना के मुताबिक, पकड़ा गाइड आतंकियों की घुसपैठ में मदद कर रहा था। आतंकियों ने घने जंगल और कठिन पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर एलओसी पार करने की कोशिश की थी। सेना की गोलीबारी के बाद दूसरे आतंकी भाग गए। दरअसल, सेना और बीएसएफ ने खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त ऑपरेशन चलाया था। केरी सेक्टर में 4 से 5 हथियार लैस आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियों को जवानों ने ट्रैक किया और तुरंत कार्रवाई की।
आतंकियों के पास भारी मात्रा में गोला-बारूद
सर्च ऑपरेशन के दौरान सेना ने गाइड के पास से एक मोबाइल फोन, पाकिस्तानी करेंसी बरामद की है। शुरुआती पूछताछ में आरिब ने कबूल किया कि वह पाकिस्तान सेना की मदद से इस घुसपैठ का हिस्सा बना था और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को रास्ता दिखा रहा था। उसने यह भी बताया कि आतंकियों के पास भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद थे। फिलहाल पकड़े गए गाइड से संयुक्त पूछताछ टीम द्वारा विस्तार से पूछताछ की जा रही है। सेना अधिकारी का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से एलओसी पर निगरानी और भी कड़ी कर दी है और पुंछ-राजौरी जिलों में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
बिना सबूत हिरासत में लिए जा रहे बंगाल के प्रवासी: समीरुल इस्लाम का दावा
30 Jun, 2025 06:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टीएमसी सांसद समीरुल इस्लाम ने बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों को लेकर बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बीजेपी शासित राज्यों में बंगाल के श्रमिकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. श्रमिकों बांग्लादेशी करार दिया जा रहा है.
बीजेपी शासित राज्यों में बांग्लाभाषी लोगों को किया जा रहा प्रताड़ित, TMC सांसद का आरोप
देशभर में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. इस बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद समीरुल इस्लाम ने बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों को लेकर बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बीजेपी शासित राज्यों में बंगाल के श्रमिकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. श्रमिकों बांग्लादेशी करार दिया जा रहा है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए सांसद समीरुल इस्लाम ने कहा कि ‘इन प्रवासी श्रमिकों को बिना किसी पुलिस रिकॉर्ड के हिरासत में लिया जा रहा है. अधिकारी उनकी नागरिकता सत्यापित करने के लिए राज्य सरकार से संपर्क भी नहीं कर रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का मकसद क्या है?.
झुग्गियों के विध्वंस पर AAP का विरोध प्रदर्शन, गोपाल राय का बड़ा बयान
पंजाबः AAP ने विधायक कुंवर विजय को पार्टी से निकाला, मजीठिया की गिरफ्तारी का किया था विरोध शिरडी मंदिर से 150 किमी की दूरी पर हैं ये शानदार जगहें, करें एक्सप्लोर
बांग्ला भाषी श्रमिकों का हो रहा उत्पीड़न
सांसद ने आगे लिखा क्या वे सभी भारतीय कानूनों को दरकिनार करते हुए बंगाल को अवैध तरीके से दंडित करने का इरादा रखते हैं, सिर्फ इसलिए कि वे राज्य में चुनाव जीतने में नाकाम रहे?’. इस्लाम ने सवाल किया कि भारतीय नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार कैसे किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों का उत्पीड़न लगातार जारी है. वैध दस्तावेज होने के बावजूद बंगाल के कई गरीब श्रमिकों को गलत तरीके से बांग्लादेशी बताया जा रहा है. उन्हें हर संभव तरीके से परेशान किया जा रहा है, जिसमें अवैध हिरासत और जबरन सीमा पार बांग्लादेश भेजना भी शामिल है.
घुसपैठ के लिए बीएसएफ जिम्मेदार
टीएमसी सांसद ने कहा कि अगर कोई घुसपैठ हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की है. उन्होंने कहा कि गरीब बंगाली नागरिकों को इस तरह अलोकतांत्रिक तरीके से क्यों निशाना बनाया जा रहा है?. इस्लाम ने आरोप लगाया कि बांग्ला भाषी प्रवासियों को बिना किसी कोर्ट में पेश किए 24 घंटे से ज्यादा समय तक हिरासत में रखा जा रहा है.
बंगालियों के उत्पीड़न पर चुप नहीं रहेंगे
उन्होंने कहा कि कौन सा कानून उन्हें ऐसा करने की इजाजत देता है?. यहां तक कि उन राज्यों की पुलिस भी पहचान प्रमाण के रूप में असली आधार कार्ड, ईपीआईसी (फोटो युक्त मतदाता पहचान पत्र) और राशन कार्ड स्वीकार करने से इनकार कर रही है. इस्लाम ने आरोप लगाया कि लोगों को बांग्ला बोलने के लिए क्रूरता का सामना करना पड़ रहा है, जिसे रवींद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे जैसे विद्वान और देशभक्त भी बोलते थे. सांसद ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुप नहीं रहेगा. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में हम गरीबों की आवाज को सिर्फ इसलिए नहीं कुचलने देंगे क्योंकि वे बांग्ला बोलते हैं, हम यह लड़ाई लड़ेंगे और हम इसे अपनी शर्तों पर लड़ेंगे.
महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों के अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बीच टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने बांग्ला भाषी प्रवासियों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया है. कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि उनके पास सूचना है कि 300-400 बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों को वैध दस्तावेज दिखाने के बावजूद राजस्थान में एक इमारत में कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया है.
इस महीने की शुरुआत में पश्चिम बंगाल की एक महिला सहित सात प्रवासी श्रमिकों को, जिन्हें बांग्लादेशी होने के संदेह में गलत तरीके से पकड़ लिया गया था और फिर भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते बांग्लादेश भेज दिया गया था, हालांकि उनकी भारतीय नागरिकता सत्यापित होने के बाद उन्हें वापस बुला लिया गया था. जिसके बाद से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं.
3 जुलाई से शुरु हो रही अमरनाथ यात्रा, यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाई चौकियां
30 Jun, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू। अमरनाथ यात्रा 2025 की तैयारियां चल रही हैं। सुरक्षा बल और प्रशासन तीर्थयात्रा से पहले निरीक्षण और ट्रायल रन कर रहे हैं। यह यात्रा 3 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के बालटाल और पहलगाम से शुरू होगी। ऑनलाइन विंडो से चूकने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण जम्मू के विशेष केंद्रों पर शुरू हो गया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं।
जम्मू के बेस कैंप यात्री निवास में रसद और प्रतिक्रिया प्रणालियों का परीक्षण करने के लिए बसों को पूरी सुरक्षा के साथ भेजा गया है। तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को 2 जुलाई को औपचारिक रूप से जम्मू से रवाना किया जाएगा। तीर्थयात्रा से पहले सुरक्षा बलों और नागरिक प्रशासन की सुरक्षा और तैयारी सुनिश्चित की जा रही हैं। सुरक्षा इकाइयों की तत्परता और समन्वय का परीक्षण करने के लिए अभ्यास के दौरान बसों को पूर्ण सुरक्षा कवर के तहत भेजा गया। इस अभ्यास में भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं जैसे आपातकालीन परिदृश्यों का अनुकरण किया गया, जिसमें फंसे हुए तीर्थयात्रियों के लिए त्वरित प्रतिक्रिया, निकासी और चिकित्सा सहायता पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस सिमुलेशन में फंसे हुए वाहनों को बचाना, घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान करना और आपदा प्रतिक्रिया और सुरक्षा टीमों द्वारा एकीकृत प्रयासों के माध्यम से त्वरित राहत का समन्वय करना शामिल था।
हाल ही में सुरक्षा संबंधी धमकियों के बावजूद श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं है। एक तीर्थयात्री ने कहा कि मुझे अमरनाथ पर भरोसा है। आतंकवादी कुछ भी करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगे। मैं लोगों से जम्मू-कश्मीर आने और यह दिखाने का आग्रह करता हूं कि हम डरे हुए नहीं हैं। जम्मू पुलिस ने 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए जांच चौकियां बनाई हैं।
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर जम्मू पुलिस ने जिले भर में रणनीतिक रूप से अहम कई स्थानों पर संयुक्त जांच चौकी स्थापित करके सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत कर दिया है। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा को निर्बाध और सुरक्षित बनाने के लिए अर्द्धसैनिक बलों के साथ समन्वय में जांच चौकी स्थापित की गई हैं। ये चौकियां राष्ट्रीय राजमार्गों, जम्मू के आसपास और भगवती नगर आधार शिविर की ओर जाने वाले मार्गों सहित संवेदनशील और अत्यधिक व्यस्त आवाजाही वाले क्षेत्रों में 24 घंटे चालू रहेंगी। प्रवक्ता ने बताया कि सतर्कता और लोगों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जांच चौकियों की निगरानी कर रहे हैं। नाका टीम को तीर्थयात्रियों और नागरिकों के प्रति कठोर जांच और सम्मानजनक व्यवहार के बीच संतुलन बनाए रखने का निर्देश दिए गए हैं।
हादसा: तेलंगाना की फैक्ट्री में रिएक्टर फटने से 8 मजदूरों की जान गई
30 Jun, 2025 03:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संगारेड्डी: तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पशमिलाराम औद्योगिक क्षेत्र में एक भयानक हादसा हुआ. सिगाची केमिकल इंडस्ट्री में रिएक्टर फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरी फैक्ट्री में अफरातफरी मच गई. इस हादसे में अब तक 8 मजदूरों की मौत हो चुकी है. और 20 से अधिक कर्मचारी घायल हुए हैं.
तेज धमाके से उड़ी बिल्डिंग, कर्मचारी 100 मीटर दूर गिरे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रिएक्टर में हुए धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. विस्फोट इतना तीव्र था कि कई कर्मचारी 100 मीटर दूर तक जाकर गिरे. बिल्डिंग का उत्पादन विभाग पूरी तरह से ढह गया, जबकि एक अन्य इमारत को भी गंभीर नुकसान पहुंचा.
8 लोगों की मौत, 20 से अधिक घायल
इस हादसे में अब तक 8 मजदूरों की मौत हो चुकी है. इनमें से पांच की मौत घटनास्थल पर ही हो गई, जबकि एक घायल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. 20 से अधिक कर्मचारी घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत नाज़ुक है. सभी को नजदीकी सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
11 दमकल गाड़ियां मौके पर, राहत कार्य जारी
घटना के बाद 11 दमकल गाड़ियां और राहत टीम मौके पर पहुंच गईं. आग पर काबू पाने की कोशिशें की जा रही हैं. मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका है, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया गया है.
जिला प्रशासन सक्रिय, जांच के आदेश
संगारेड्डी कलेक्टर प्रवीण्या और एसपी परितोष ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बचाव दल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि हादसे की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी जो यह पता लगाएगी कि रिएक्टर फटने की असली वजह क्या थी.
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस दुर्घटना ने एक बार फिर फैक्ट्रियों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की गंभीरता को सामने ला दिया है. स्थानीय सूत्रों का कहना है कि फैक्ट्री में सुरक्षा के मानक सही तरीके से लागू नहीं किए गए थे.
जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
इस दर्दनाक हादसे ने न केवल कई परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि प्रशासन को भी सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है. यदि समय रहते सुरक्षा उपाय अपनाए गए होते, तो यह जानलेवा हादसा टाला जा सकता था. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम को नहीं मिली अनुमति, 6 को पटना में जुटेंगे कई संत
30 Jun, 2025 11:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बिहार से प्रेम किसी से छिपा नहीं है। वह करीब 4 बार बिहार जा चुके हैं। धीरेंद्र बिहार को देश का सबसे अच्छा राज्य मानते हैं और खुद को बिहारी तक बता चुके हैं। बता दें गोपालगंज में एक धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि मैं भी बिहारी हूं। उन्होंने सिर पर मुरेठा बांधकर ‘जिया हो बिहार के लाला’ गाना भी गया था। उन्होंने विरोधियों से कहा था कि ‘अगर मुझे बिहार आने से रोका तो यहीं घर बना लूंगा, लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ कि इस बार बिहार पटना के गांधी मैदान में धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी।
कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री, तुलसी पीठाधीश्वर जगदगुरु रामभद्राचार्य समेत कई संत 6 जुलाई को पटना पहुंच रहे हैं। यहां के गांधी मैदान में बड़ा धार्मिक आयोजन होने वाला है, लेकिन उससे पहले प्रशासन ने साफ कहा दिया है भीड़ नियंत्रण और विधि व्यवस्था की वजह से ऐसे कार्यक्रम नहीं होगा। प्रशासन की कहा कि पिछली बार धीरेंद्र शास्त्री के नौबतपुर वाले कार्यक्रम में भीड़ बढ़ गई थी। उस दौरान भीड़ को काबू करने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। यही वजह है अब तक प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है।
जानकारी के मुताबिक धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम की अनुमति के लिए अधिकारियों की एक टीम गठित की जा सकती है। जो भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था को लेकर शहर में क्या स्थिति बनेगी उस पर रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट के आधार पर ही अनुमति दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि धीरेंद्र शास्त्री के साथ ही पटना में होने वाले इस कार्यक्रम में कई संत आने वाले हैं। बता दें धीरेंद्र शास्त्री इस साल 20 मई को बिहार के मुजफ्फरपुर आए थे, जहां उन्होंने दरबार लगाया था, जिसमें बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी थी। इसके साथ धीरेंद्र अब तक बिहार में कई बड़े सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं।। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा है कि जबरन धर्म परिवर्तन अपराध है। इसके खिलाफ सरकारों को सख्त कदम उठाने चाहिए। कैलाशानंद गिरी कहा कि छत्तीसगढ़ धार्मिक स्थान है। छत्तीसगढ़ में बढ़ रहे धर्मांतरण पर उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सबसे पुराना धर्म है। जबरन धर्म का परिवर्तन करवाना अधर्म है। सरकार को इस विषय पर कदम उठाना चाहिए। साधु-संत भी लगातार धर्मांतरण को रोकने के प्रयास कर रहे हैं।
कैलाशानंद गिरी ने कहा कि हमें परमात्मा ने धर्म का संदेश घर-घर पहुंचाने के लिए ही भेजा है। हाल में यूपी में कथावाचक को उसकी जाति की वजह से अपमान झेलना पड़ा। इस पर कैलाशानंद गिरी ने कहा कि हमें जाति से ऊपर उठकर धर्म की बात करनी चाहिए। सभी चार वर्णों की उत्पत्ति भगवान विष्णु से ही हुई है। इसलिए हमें किसी से भी भेद नहीं करना चाहिए। मेरे लिए सिर्फ सनातन ही एकमात्र जाति है। सनातन की बात करने वाला मेरा है, जो सनातन की बात नहीं करता, वह मेरा नहीं है।
कोलकाता में हाल में हुए एक सामूहिक दुष्कर्म से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि जहां भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं। वहां की सरकार को इसके खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए। अपराधी चाहे किसी भी धर्म का हो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
आसाराम, राम रहीम और इनके जैसे लोग धर्म की आड़ में गलत काम कर रहे हैं।
डोंगरगढ़ में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक बाबा गलत काम कर रहा है। इस पर कैलाशानंद गिरी ने कहा कि मैं बार-बार कहता हूं कि आसाराम, राम रहीम या ऐसे अन्य लोग किसी परंपरा से जुड़े नहीं हैं। ये सभी स्वतंत्र हैं। ये किसी अखाड़े से नहीं हैं। मेरा अखाड़ा भारत का सबसे बड़ा अखाड़ा है, जिसमें लाखों साधु हैं। किसी भी साधु से हुई छोटी गलती पर भी उसे निष्कासित कर दिया जाता है। इसलिए जो किसी परंपरा से जुड़े नहीं हैं, उसे साधु नहीं कहा जाए।
विवादों में 'ऑपरेशन सिंदूर': फाइटर जेट नुकसान पर सेना अधिकारी का बयान कांग्रेस ने उछाला, सफाई में उतरा दूतावास
30 Jun, 2025 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एक भारतीय नौसेना अधिकारी ने टिप्पणी कि भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के शुरुआती चरण में अपने फाइटर जेट्स खो दिए क्योंकि उसे पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमला न करने और केवल आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाने का आदेश दिया गया था. अधिकारी ने ये बयान इंडोनेशिया के जकार्ता में दिया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया. इस बयान को कांग्रेस ने लपकते हुए सरकार पर सवाल खड़े कर दिए. वहीं, इंडोनेशिया स्थित भारतीय दूतावास ने इस बयान को लेकर सफाई दी है और कहा है कि इसे गलत संदर्भ से हटकर कोट किया गया है.
नौसेना अधिकारी कैप्टन शिव कुमार की ओर से 10 जून को एक सभा में की गई टिप्पणियों का कथित वीडियो सामने आया. वे जकार्ता के एक यूनिवर्सिटी में “वायु शक्ति के परिप्रेक्ष्य से पाकिस्तान-भारत हवाई युद्ध और इंडोनेशिया की पूर्वानुमान रणनीतियों का विश्लेषण” विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा राजनीतिक नेतृत्व की ओर से तय किए गए आदेश के कारण कुछ बाधाओं के चलते इंडियन एयरफोर्स शुरुआती चरण के ऑपरेशन में पाकिस्तानी मिलिट्री इंस्टॉलेशंस पर अटैक नहीं कर सकी.
कैप्टन शिव कुमार ने कहा, ‘हमने कुछ एयरक्राफ्ट खो दिए और ऐसा केवल राजनीतिक नेतृत्व की ओर से सैन्य ठिकानों या उनकी एयरफोर्स सिस्टम पर अटैक न करने की बाध्यता के कारण हुआ, लेकिन नुकसान के बाद हमने अपनी रणनीति बदली और हम मिलिट्री इंस्टॉलेशंस पर अटैक किया इसलिए हमने सबसे पहले दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को दबाया और तबाह कर दिया. यही कारण है कि हमारे सभी हमले सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और ब्रह्मोस के जरिए सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों का उपयोग करके आसानी से हो सके.’
कांग्रेस ने पीएम मोदी से पूछे ये तीन सवाल
नौसेना अधिकारी के बयान को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस ने कहा कि इंडियन एयरफोर्स ने 7 मई की रात को पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए लड़ाकू विमान खो दिए थे. ये ऐसा केवल राजनीतिक नेतृत्व की ओर से दी गई बाध्यताओं के कारण हुआ. ये इंडोनेशिया में भारत के रक्षा अधिकारी कैप्टन शिव कुमार के शब्द हैं, जिन्होंने पिछले महीने इंडोनेशिया में एक सेमिनार में भारत के लड़ाकू विमानों के नुकसान को स्वीकार किया था. इससे पहले, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान ने भी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय लड़ाकू विमानों के नुकसान को स्वीकार किया था.
कांग्रेस ने आगे कहा कि अभी तक युद्ध विराम से संबंधित कई प्रश्नों के जवाब नहीं दिए गए हैं. कांग्रेस ने तीन सवाल उठाते हुए पीएम मोदी से जवाब देने की मांग की है. उसने कहा, ‘प्रधानमंत्री विपक्ष को सच्चाई से अवगत कराने के लिए अपने नेतृत्व में सर्वदलीय बैठक बुलाने से क्यों इनकार कर रहे हैं? इस मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग को क्यों खारिज कर दिया गया? पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री जयशंकर देश से क्या छिपा रहे हैं?
इंडोनेशिया में भारतीय दूतावास ने क्या कहा?
इंडोनेशिया स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा, ‘हमने एक सेमिनार में रक्षा अधिकारी की ओर से दिए गए टिप्पणी के बारे में मीडिया रिपोर्ट देखी हैं. उनकी टिप्पणियों को संदर्भ से बाहर कोट किया गया है और मीडिया रिपोर्ट्स अधिकारी की ओर से दिए गए बयान के उद्देश्य और महत्व को गलत तरीके से पेश करती है. टिप्पणी में बताया गया कि भारतीय सशस्त्र बल, हमारे पड़ोस के कुछ अन्य देशों के विपरीत, राजनीतिक नेतृत्व के अधीन काम करते हैं. यह भी बताया गया कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना था और भारतीय कार्रवाई उकसावे वाली नहीं थी.’
सेना ने 7 मई को लॉन्च किया था ऑपरेशन सिंदूर
दरअसल, भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए 7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. इस दौरान सेना ने पाकिस्तान के नियंत्रण वाले इलाके PoK और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था. इस कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन और मिसाइलों के जरिए हमला कर दिया, जिनका भारतीय सेना ने कड़ाई से मुकाबला किया और उन्हें हवा में ही मार गिराया. दोनों देशों के बीच 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी और सीजफायर का ऐलान किया गया.
ब्रिक्स सम्मेलन के बाद 8 जुलाई को ब्राजील जाएंगे पीएम मोदी
30 Jun, 2025 10:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी अगले माह जुलाई में ब्राजील का दौरा करेंगे। वह 6 से 7 जुलाई को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद 8 जुलाई को ब्राजील जाएंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है। भारत, ग्लोबल साउथ, ब्रिक्स और जी20 में ब्राजील को एक अहम भागीदार मानता है। भारत लंबे समय से ब्राजील के साथ आतंकवाद विरोधी समझौता करना चाहता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी की यात्रा के दौरान यह समझौता हो सकता है। दोनों देश रक्षा उत्पादन और खरीद के लिए गोपनीय जानकारी की सुरक्षा पर भी एक समझौता कर सकते हैं। 2020 से भारत और ब्राजील रक्षा उद्योग में साझेदारी पर ध्यान दे रहे हैं। 2003 में दोनों के बीच एक रक्षा सहयोग समझौता हुआ था, जिसे 2006 में मंजूरी मिली। इसके तहत एक संयुक्त रक्षा समिति बनाई गई। रक्षा प्रमुखों के स्तर पर 14 बार बातचीत हुई है। पिछले दो सालों में भारतीय वायु सेना के प्रमुख ने ब्राजील का दौरा किया। वहीं, ब्राजील की सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुखों ने भी भारत का दौरा किया था।
2007 से दोनों देशों के 134 रक्षा अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई है, इनमें से 70 भारत से और 64 ब्राजील से हैं। इन्हें छोटे और लंबे कोर्स में ट्रेनिंग दी गई है। इसके अलावा, संयुक्त अभ्यास और नौकायन प्रतियोगिताओं में भी दोनों देशों ने भाग लिया। 2+2 राजनीतिक-सैन्य वार्ता शुरू की गई है, जिसकी पहली बैठक 2024 में हुई थी। ब्राजील ने मिसाइल सिस्टम, खासकर ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों में भी दिलचस्पी दिखाई है।
भारत और ब्राजील के बीच रक्षा सहयोग बढ़ने से दोनों देशों को फायदा होगा। आतंकवाद का मुकाबला करने और रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। ब्राजील, लैटिन अमेरिका का सबसे बड़ा देश है। भारत के साथ उसका मजबूत रिश्ता है। पीएम मोदी की यात्रा से यह रिश्ता और मजबूत होगा।
मां पर बेटी का सनसनीखेज आरोप: सेक्स ट्रेनिंग देने के आरोप में महिला गिरफ्तार
30 Jun, 2025 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। बेंगलुरु में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने अपनी ही मां पर आरोप लगाया है। छात्रा का आरोप है कि उसकी मां, उसे सेक्स करने की ट्रेनिंग देती है। छात्रा के मुताबिक मां कहती हैं कि यह ट्रेनिंग शादी के बाद पति के साथ संबंध बनाने में काम आएगी। हालांकि महिला अपने बेटी के इन आरोपों से इनकार कर रही। अब पुलिस इस मामले में जांच में जुट गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक छात्रा नॉर्थ बेंगलुरु के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ती है। वह अपनी 45 साल की मां और बड़ी बहन के साथ रहती है। मां से मतभेद के चलते छात्रा के पिता परिवार से अलग रहते हैं। छात्रा का कहना है कि उसके साथ यह सिलसिला पिछले एक साल से जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने अभी घटना के बारे में पीड़ित छात्रा का बयान दर्ज नहीं किया है।
वहीं छात्रा की मां को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसने अपनी बेटी के लगाए आरोपों से इनकार किया है। महिला का दावा है कि उसने पूर्व में अपनी बेटी को डांटा था और उसकी पिटाई की थी, लेकिन कभी भी अपने बेटी का यौन शोषण नहीं करवाया। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब एक महिला काउंसलर स्कूल में पहुंची। यह महिला इस स्कूल में अक्सर आती रहती है। काउंसलर ने बताया कि इस हफ्ते की शुरुआत में काउंसिलिंग के दौरान छात्रा ने उसे यह बात बताई। इसके बाद महिला काउंसलर ने पुलिस से संपर्क किया और पॉस्को ऐक्ट में केस दर्ज कराया। इसके बाद एक महिला पुलिस सादे कपड़ों में पीड़िता के घर गई और उससे बात की। पुलिस ने लड़की की बड़ी बहन से भी पूछताछ की। हालांकि उसने कुछ नहीं बताया।
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सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण
राजस्व कार्यों में ढिलाई पर सख्त:लंबित प्रकरणों के निपटारे और राजस्व वसूली में तेजी लाने मंत्री ने दिए निर्देश
अनुशंसाओं को संवेदनशीलता के साथ करें लागू : राज्यपाल पटेल
आतंकवाद पर भारत का सख्त स्टैंड, Rajnath Singh का पाकिस्तान को संदेश
पाकिस्तान के हमले के बाद अफगानिस्तान में हड़कंप
सरकार का साफ संदेश—ईंधन कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं
