देश
सांसद हिबी ईडन ने सोशल मीडिया पर साझा की परेशानी, एयर इंडिया फ्लाइट में आई खराबी
18 Aug, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: देशभर में पिछले कई दिनों से लगातार विमानों में खराबी देखने को मिल रही है. कहीं इमरजेंसी लैंडिंग तो कहीं तकनीकी खराबी के कारण फ्लाइटों का लेट और कैंसिल होना मानों आम सा हो गया है. इन समस्याओं के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. बीती रात कोच्चि से दिल्ली जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट एआई 504 को तकनीकी खराबी सामने आई. इसके कारण फ्लाइट को रद्द कर दिया गया. इस फ्लाइट में कांग्रेस सांसद हिबी ईडन भी सवार थे.
एयरपोर्ट अधिकारियों और एअर इंडिया ने इस तकनीकी खराबी की पुष्टि की है. कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (सीआईएएल) के प्रवक्ता ने बताया कि टेक-ऑफ रोल के दौरान समस्या का पता चला था. इसके बाद पायलट ने नियमों को फॉलो करते हुए विमान को तुरंत रोक दिया और वापस पार्किंग बे में ले गया.
एयरपोर्ट पर मौजूद इंजीनियरों ने इस फ्लाइट में आई समस्या के बाद जांच की, जिसके बाद फ्लाइट को उड़ान भरने से मना कर दिया. यही कारण है कि एयर इंडिया ने उड़ान ही रद्द कर दी.
फ्लाइट में सवार सांसदों ने बताया हाल
लोकसभा सांसद हिबी ईडन भी इस फ्लाइट में सवार थे. उन्होंने इस बात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी है. इसके साथ ही अपना अनुभव साझा किया है. उन्होंने कहा कि इस उड़ान में कुछ असामान्य बात हुई AI 504, ऐसा लगा जैसे विमान रनवे पर फिसल गया और अभी तक उड़ान नहीं भर पाया है. एयर इंडिया ने AI 504 को रद्द कर दिया और रात 1 बजे एक नई उड़ान की घोषणा की, जिसमें अभी तक बोर्डिंग शुरू नहीं हुई है. आज तीसरी उड़ान है जो AOG हो गई है. सांसद ने बताया कि उन्हें उड़ान कैंसिल होने के बाद घंटों तक इंतजार करना पड़ा है.
राज्यसभा सांसद जेबी मथर भी विमान में थीं. उन्होंने कहा कि पायलट ने बाद में घोषणा की कि फ्लाइट टेकऑफ के लिए ठीक नहीं है. मथर ने कहा कि पायलट ने अनाउंसमेंट के कहा कि यात्रियों को दूसरे विमान में शिफ्ट किया जाएगा और लगभग 1 बजे तक लोग परेशान होते रहे.
एयर इंडिया ने जताया खेद
फ्लाइट कैंसिल करने के बाद एअर इंडिया ने असुविधा के लिए खेद जताया है. इसके साथ ही बताया कि सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है. उन्हें ग्राउंड स्टाफ की तरफ से सहायता दी जा रही है. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कुल कितने यात्री इस उड़ान में सवार थे.
अंतरिक्ष सफलता पर लोकसभा में विशेष बहस, शुभांशु शुक्ला को मिलेगा सम्मानजनक जिक्र
18 Aug, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लोकसभा में आज अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री शुंभाशु शुक्ला की उपलब्धियों पर स्पेशल चर्चा की जाएगी. बता दें, सोमवार को लोकसभा में एक विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी, जिसका विषय होगा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में अंतरिक्ष कार्यक्रम की भूमिका’. इसके साथ ही जनविश्वास संशोधन बिल भी लोकसभा में पेश होगा. जिसके बाद इस बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाएगा. साथ ही इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट संशोधन बिल भी लाया जाएगा.
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की अपनी ऐतिहासिक यात्रा के बाद रविवार को भारत लौटने पर जोरदार स्वागत किया गया. यहां एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने भारत माता की जय के जयकारे के बीच ढोल बजाते हुए शुभांशु शुक्ला का भव्य स्वागत किया.
शुभांशु शुक्ला का भव्य स्वागत
इस दौरान शुभांशु शुक्ला का एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने स्वागत किया. शुभांशु शुक्ला ने सिंह द्वारा एयरपोर्ट पर स्वागत करने के बाद पोस्ट किए गए एक संदेश के जवाब में एक्स पर लिखा, धन्यवाद महोदय. घर वापस आकर निश्चित रूप से अच्छा लग रहा है.
मेरिका में लगभग एक साल तक प्रशिक्षण
वहीं शुभांशु शुक्ला की पत्नी कामना और बेटा कियाश भी अंतरिक्ष उड़ान के लिए अमेरिका में लगभग एक साल तक प्रशिक्षण लेने के बाद उनके घर लौटने पर स्वागत करने के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थे. ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ शुभांशु शुक्ला का स्वागत करने के लिए एयरपोर्ट पर तिरंगा लहराते हुए भारी भीड़ जमा हुई थी.
18 दिन अंतरिक्ष में रहे शुभांशु शुक्ला
बता दें कि शुभांशु शुक्ला 25 जून को एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष में गए थे. वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर 18 दिन रहे और 15 जुलाई को वापस लौटे. तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों – पैगी व्हिटसन (अमेरिका), स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्नीवस्की (पोलैंड) और टिबोर कापू (हंगरी) के साथ शुधांशु शुक्ला ने 18 दिवसीय मिशन के दौरान कई प्रयोग किए.
अंतरिक्ष दिवस समारोह में होंगे शामिल
शुधांशु शुक्ला के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने और उसके बाद अपने गृहनगर लखनऊ जाने की उम्मीद है. उम्मीद है कि वह 22-23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में भाग लेने के लिए राजधानी लौटेंगे. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत का अंतरिक्ष गौरव भारतीय धरती को छू रहा है. मां भारती के प्रतिष्ठित सपूत, गगनयात्री शुभांशु शुक्ला दिल्ली पहुंचे. उनके साथ ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर भी हैं, जो भारत के पहले मानव मिशन गगनयान के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं और आईएसएस के मिशन के लिए भारत के नामित अंतरिक्ष यात्री थे.
खराब मौसम का असर: जम्मू-कश्मीर में सोमवार को सभी स्कूलों की छुट्टी
18 Aug, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए जम्मू संभाग के सभी शासकीय और निजी स्कूलों को सोमवार, 18 अगस्त को बंद रखने का आदेश दिया है. यह निर्णय खराब मौसम और संभावित जोखिम को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
शिक्षा निदेशक कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, "खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए 18.8.2025 को जम्मू डिवीजन के सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे."
बादल फटने से 68 लोगों की मौत, 122 घायल
पिछले चार दिनों में तीन अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं हुई हैं. इनमें सबसे भीषण घटना 14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चिसोटी गांव में हुई, जो मचैल माता मंदिर जाने वाले मार्ग पर अंतिम मोटरेबल गांव है. यहां 61 श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 116 अन्य घायल हुए हैं. इसके अलावा, 82 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 81 श्रद्धालु और एक CISF जवान शामिल हैं.
17 अगस्त को कठुआ जिले के जोध घाटी और जंगलोट गांवों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं हुईं, जिनमें 7 लोगों की मौत और 5 अन्य घायल हो गए.
मौसम विभाग की चेतावनी, 10 जिलों में अलर्टमौसम विभाग ने 17 से 19 अगस्त तक के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में भारी बारिश, गरज के साथ बौछारें, बादल फटना, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की आशंका है.
जिन जिलों को अलर्ट पर रखा गया है, वे हैं, जम्मू, रेासी, उधमपुर, राजौरी, पुंछ, सांबा, कठुआ, डोडा, किश्तवाड़, रामबन और कश्मीर के कुछ हिस्से. आपातकालीन टीमें राहत कार्यों में जुटी हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है.
जनजीवन प्रभावित, प्रशासन सतर्क
प्राकृतिक आपदा के चलते कई गांवों में सड़क संपर्क टूट गया है. स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं. भारी बारिश से नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है जिससे बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.
जम्मू-कश्मीर में मौसम की मार से स्थिति गंभीर बनी हुई है. बादल फटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे प्रशासन और जनता दोनों के लिए चुनौती खड़ी हो गई है.
नवी मुंबई में दही हांडी कार्यक्रम के दौरान हादसा, बाल-बाल बचे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
17 Aug, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। नवी मुंबई के घणसोली में शनिवार रात दही हांडी उत्सव के दौरान बड़ा हादसा टल गया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मंच से नीचे उतर रहे थे, तभी मंच पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चढ़ गए। अचानक बढ़े भार के कारण मंच धंस गया और वहां अफरा-तफरी मच गई।कुछ पलों के लिए लोगों में दहशत फैल गई, लेकिन गनीमत रही कि उपमुख्यमंत्री शिंदे को कोई चोट नहीं आई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हालात को संभाला और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बताते चलें कि उपमुख्यमंत्री शिंदे नवी मुंबई में आयोजित कई दही हांडी कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। घणसोली का यह कार्यक्रम उनका अंतिम पड़ाव था, जहां हादसा हुआ।
आयोजन पर सवाल
स्टेज धंसने की इस घटना ने आयोजकों की तैयारियों और सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीड़भाड़ और अव्यवस्था के कारण बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि यह हादसा टल गया, लेकिन इसने त्योहारों के आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधों की अहमियत एक बार फिर सामने ला दी है।
कठुआ में बादल फटने के बाद आई बाढ़, सात लोगों की मौत, कई घरों को भी पहुंचा नुकसान
17 Aug, 2025 03:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के राजबाग-घाटी इलाके में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ में रविवार को कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि कठुआ जिले में रात भर हुई भारी बारिश के कारण सुबह अचानक बाढ़ आ गई। इस त्रासदी के कारण जिले के कुछ हिस्सों में पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। उन्होंने कहा, “घाटी क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में भी बादल फटने की भी खबरें हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिससे घरों और अन्य बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा,जंगलोट और आसपास के इलाकों में रेलवे ट्रैक और जम्मू-कठुआ राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा, “सड़कों पर पानी भर गया है और बाढ़ का पानी पुराने कठुआ शहर के कई घरों में भी घुस गया है।”
पुलिस और सेना की टीमों के साथ-साथ एसडीआरएफ को भी बचाव अभियान में लगाया गया है और प्रभावित परिवारों तक पहुंचने के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है, और उन्हें निकालने के लिए हेलीकॉप्टर की भी व्यवस्था की गई है। घायलों की पहचान करूम बेगम (26), राफिया बेगम (4), अर्शिया बेगम (6), परवीन अख्तर (8), गोगली बेगम (26) और नगीना (3 महीने) के रूप में हुई है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा , “जंगलोट इलाके में बादल फटने की सूचना मिलने के बाद एसएसपी कठुआ शोभित सक्सेना से बात की। रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्ग को नुकसान पहुंचा है और कठुआ पुलिस स्टेशन भी प्रभावित हुआ है।” उन्होंने कहा आगे कहा कि प्रशासन, सेना और अर्धसैनिक बल तुरंत हरकत में आ गए हैं और स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “कठुआ के कई इलाकों में बारिश के कारण हुए विनाशकारी भूस्खलन में लोगों की मौत से गहरा दुख हुआ है।” उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन के बचाव और राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आगे कहा, “मैंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और सहायता कार्यों को चलाने के लिए समन्वय और क्रियान्वयन करने तथा मौके पर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मेरी संवेदनाएँ शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को बादल फटने और भूस्खलन प्रभावित कठुआ जिले में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राहत, बचाव और निकासी के उपाय करने का निर्देश दिया है। इस बीच, मौसम विभाग ने 18 अगस्त तक डोडा, जम्मू, कठुआ, किश्तवाड़, पुंछ, राजौरी, रामबन, रियासी, सांबा और उधमपुर में हल्की से मध्यम स्तर की बाढ़ का खतरा जताया है।मौसम विभाग ने कहा है कि अगले तीन दिनों तक जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में भारी बारिश होगी। अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा ज़्यादा है और संवेदनशील क्षेत्रों में बादल फटने की भी आशंका है। लोगों से कहा गया है कि जब तक बहुत ज़रूरी न हो, यात्रा करने से बचें और जलाशयों के पास जाने से बचें।
पुजारी ने आश्रम में किया महिला से दुष्कर्म, पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल
17 Aug, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढेंकनाल। ओडिशा पुलिस ने ढेंकनाल जिले के एक आश्रम के मुख्य पुजारी को महिला से दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना माताकरगोला आश्रम की है। पीड़िता उसी आश्रम में ही रहती थी।
पुलिस ने बताया कि महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 4 अगस्त को जब वह आश्रम परिसर के कमरे में सो रही थी तभी मुख्य पुजारी वहां आया और उससे जबरन दुष्कर्म किया। जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ दुर्व्यवहार भी किया। ढेंकनाल जिले के अतिरिक्त एसपी सूर्यमणि प्रधान ने बताया कि मुख्य पुजारी को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है।
ऐसे तो संवैधानिक अव्यवस्था पैदा हो जाएगी… किस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को केंद्र ने दिया यह जवाब?
17 Aug, 2025 02:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रपति और राज्यपाल के विधेयकों पर फैसला लेने के लिए समय सीमा तय करने को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम आदेश पर आपत्ति जताई है। इसी साल अप्रैल में दो जजों की बेंच ने कहा था कि राज्यपालों और राष्ट्रपति को विधेयकों पर एक तय समयसीमा के अंदर ही फैसला लेना चाहिए। बेंच ने कहा था कि किसी बिल पर फैसला लेने के लिए राष्ट्रपति को तीन महीने और राज्यपालों को एक महीने से ज्यादा का वक्त नहीं लेना चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो कोर्ट दखल दे सकता है। वहीं केंद्र का कहना है कि अगर इस तरह से सुप्रीम कोर्ट दखल देता है, तो संवैधानिक अराजकता पैदा हो जाएगी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में लिखित जवाब देते हुए कहा है कि इस तरह की समयसीमा तय करने से संवैधानिक संकट पैदा हो जाएगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में जवाब देते हुए कहा कि आर्टिकल 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट को जो विशेष शक्तियां मिली हैं उसमें भी संविधान में संशोधन या फिर कानून निर्माताओं को हराने की मंशा से कदम उठाने का अधिकार नहीं दिया गया है। मेहता ने कहा कि इस तरह से राज्यपाल जैसे पद की गरिमा को कम नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल या फिर राष्ट्रपति का पद लोकतांत्रिक व्यवस्था के शीर्ष पद हैं। अगर किसी तरह की परेशानी होती है तो इसे राजनीतिक और संवैधानिक तरीके से हैंडल किया जाएगा।
इसमें न्यायपालिका का हस्तक्षेप उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 200 के तहत राज्यपाल के पास अधिकार है कि वे विधेयकों को मंजूरी दे सकते हैं या फिर राष्ट्रपति के पास भेज सकते हैं। तमिलनाडु को लेकर सुनवाई करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आठ अप्रैल को फैसला सुनाया था और कहा था कि राज्यपाल और राष्ट्रपति को भी बिल को मंजूरी देने को लेकर समयसीमा का पालन करना चाहिए। इसके बाद राष्ट्रपति कि तरफ से प्रेजिडेंशियल रेफेरेंस भेजा गया, जिस पर 12 अगस्त तक सभी पक्षों को लिखित जवाब देना था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 143 (1) के तहत प्रेजिडेंशियल रेफरेंस भेजकर सुप्रीम कोर्ट से कुल 14 सवाल किए थे। अब सुप्रीम कोर्ट के एक संवैधानिक पीठ 19 अगस्त को इस मामले की सुनवाई करेगी जिसमें सीजेआई बीआर गवई भी शामिल होंगे। कोर्ट का कहना है कि दोनों पक्षों को बहस के लिए चार-चार दिन का मौका दिया जाएगा और दस सितंबर तक सुनवाई पूरी कर दी जाएगी। सुनवाई की सुविधा के लिए दोनों को लिए सुप्रीम कोर्ट ने नोडल वकील नियुक्त कर दिया है। कपिल सिब्बल की तरफ से मिशा रोहतगी नोडल वकील होंगी। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहती की तरफ से अमन मेहता नोडल वकील होंगे। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा था कि राज्यपाल के पास विधानसभा से पारित विधेयकों को अनिश्चितकाल तक के लिए रोकने का अधिकार नहीं है। बेंच ने कहा था कि अगर राज्यपाल चाहें ते विधेयक को दोबारा विचार करने के लिए सदन के पास भेज सकते हैं। सदन से दोबारा पास होने के पास विधेयक को रोकने का विकल्प नहीं है। राष्ट्रपति के पास भेजने के नाम पर इसे लटकाया नहीं जा सकता।
महिला रो रही थी इससे दहेज उत्पीड़न का मामला नहीं बनता
17 Aug, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल इस तथ्य से कि महिला रो रही थी, दहेज उत्पीड़न का मामला नहीं बन सकता। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने यह टिप्पणी एक व्यक्ति और उसके परिवार को क्रूरता एवं दहेज उत्पीड़न के आरोपों से मुक्त करने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करते हुए की।
मीडिया रिपोर्ट में अभियोजन पक्ष के मुताबिक महिला का उसके पति और ससुराल वालों ने उत्पीड़न किया और दहेज की मांग की। महिला का विवाह दिसंबर 2010 में हुआ था। महिला के परिवार का दावा है कि उन्होंने शादी पर करीब चार लाख रुपए खर्च किए थे लेकिन पति और ससुराल वालों ने बाइक, नकदी और सोने के कंगन की मांग की। महिला की दो बेटियां थीं, उसकी 31 मार्च 2014 को मौत हो गई थी।
हाइकोर्ट ने कहा कि मृतका की बहन का बयान दर्ज किया गया जिसमें उसने कहा कि होली के अवसर पर उसने अपनी बहन को फोन किया था और उस दौरान उसकी बहन रो रही थी। हालांकि केवल इसलिए कि महिला रो रही थी, दहेज उत्पीड़न का कोई मामला नहीं बनता है निचली अदालत ने यह कहते हुए आरोपियों को बरी कर दिया था कि मौत निमोनिया के कारण हुई थी। हाईकोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण निमोनिया बताया गया है, न कि क्रूरता।
हिमाचल में बारिश से भारी तबाही का दौर जारी, अब तक 257 लोगों की हो चुकी हैं मौतें
17 Aug, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मंडी। हिमाचल प्रदेश में बारिश से भारी तबाही का दौर जारी है, बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है और मृतकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। शनिवार सुबह तक हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) ने बताया कि राज्य भर में 374 सड़कें, 524 बिजली ट्रांसफार्मर और 145 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हो गई हैं। एक विज्ञप्ति के मुताबिक प्राधिकरण ने बताया कि दो राष्ट्रीय राजमार्ग, एनएच-305 और एनएच-05, अवरुद्ध मार्गों में शामिल हैं, जहां भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण, विशेष रूप से मंडी, कुल्लू और किन्नौर जिलों से संपर्क बाधित हो रहा है। पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि लगातार बारिश और भूस्खलन से प्रगति धीमी हो रही है।
बता दें इस मानसून में 20 जून से अब तक कुल 257 लोगों की मौत हो चुकी है। एचपीएसडीएमए ने कहा कि इनमें से 133 लोगों की जान भूस्खलन, बाढ़ और मकान ढहने के कारण हुई है, जबकि 124 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई। मंडी जिले में सबसे ज्यादा व्यवधान की सूचना मिली, जहां 203 सड़कें अवरुद्ध हैं और 458 ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे हैं, इसके बाद कुल्लू है, जहां 79 सड़कें बंद हैं, जिसमें एक बड़े भूस्खलन के कारण झेड़ में एनएच-305 भी शामिल है। चंबा (24), कांगड़ा (41), और मंडी (44) में जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
किन्नौर में भारी बारिश के बाद एनएच-05 समेत छह सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जबकि कुल्लू और लाहौल-स्पीति में अचानक बाढ़ और एचटी लाइन की खराबी से व्यापक व्यवधान की सूचना मिली। अधिकारियों ने आगाह किया कि आने वाले दिनों में रुक-रुक कर होने वाली बारिश से स्थिति और खराब हो सकती है और लोगों से यात्रा करने से बचने की अपील की गई है।
ऑपरेशन सिंदूर में शामिल मैनपुरी के ग्रुप कैप्टन दीपक को मिलेगा गैलेंट्री अवार्ड
17 Aug, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मैनपुरी। पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने शौर्य और पराक्रम से पाकिस्तान को घुटनों पर लाने वाले वायु सैनिकों को सम्मानित किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस की 79वीं वर्षगांठ पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने 26 वायु सैनिकों को गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किए जाने की घोषणा की। इन शूरवीरों में मैनपुरी के ग्रुप कैप्टन दीपक चौहान का नाम भी शामिल है। राफेल के साथ पाकिस्तान के अंदर घुसकर उन्होंने दुश्मन देश की कई चौकियों और पोस्ट को तबाह किया था।
पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 26 वायु सैनिकों के नाम की घोषणा की।
पाक से आए आतंकियों ने पहलगाम हमले में बेकसूर लोगों की निर्मम हत्या कर पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान को उसकी भाषा में जवाब देने के लिए भारत के साथ तीनों सेनाओं ने अपनी रणनीति तैयार की और आपरेशन सिंदूर के जरिए युद्ध का ऐलान कर दिया था। भारतीय वायु सेना के जांबाज वायु सैनिकों को हवाई हमले की कमान सौंपी गई। इनमें 26 वायु सैनिकों को फाइटर जेट और राफेल का जिम्मा दिया गया। 26 सैनिकों में मैनपुरी के देवपुरा निवासी दीपक चौहान भी शामिल थे। उन्होंने दुश्मन देश की सीमा के अंदर घुसकर उनके रडार सिस्टम को तबाह करने के साथ कई चौकियों को नष्ट किया था।
दीपक वर्तमान में हैदराबाद के सिकंदराबाद बेस पर ग्रुप कैप्टन के पद पर तैनात हैं। स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारतीय सेना की वीरगाथा का बखान किया। वायु सेना के 26 जांबाज वायु सैनिकों को गैलंट्री अवार्ड दिए जाने के लिए उनके नाम की घोषणा की। दीपक चौहान को गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किए जाने की खबर से मैनपुरी गौरवान्वित है। दीपक का नाम उस समय चर्चा में आया था जब वे राफेल की पहली खेप लेने भारत की ओर से ग्रुप कैप्टन और टीम लीडर बनकर गए थे। राफेल के साथ भारत पहुंचने पर उनकी टीम की फोटो तस्वीर वायरल हुई थीं।
भारत लौटे शुभांशु शुक्ला का दिल्ली एयरपोर्ट पर हुआ ढोल-नगाड़े से स्वागत, आज PM मोदी से होगी मुलाकात
17 Aug, 2025 11:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: नासा के एक्सिओम-4 (एएक्स-4) अंतरिक्ष मिशन को पूरा करने के बाद 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौटे भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला रविवार तड़के दिल्ली पहुंचे. पहली बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में जाने वाले भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला करीब एक साल बाद भारत लौटे हैं.
रविवार तड़के दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर उनका स्वागत उनके पिता, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया. शुभांशु शुक्ला आज पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे. इसके बाद वह इसके बाद वह बेंगलुरु जाएंगे. 23 अगस्त को इसरो के इंटरनेशनल स्पेस डे सेलिब्रेशन में शामिल होंगे. इसके बाद वे लखनऊ आ सकते हैं.
"भारत के लिए गौरण का क्षण"
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार तड़के भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का दिल्ली पहुंचने पर स्वागत किया और इसे भारत और इसरो के लिए गौरव का क्षण बताया.
लखनऊ के त्रिवेणी नगर के रहने वाले एस्ट्रोनॉट और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला का स्वागत बेहद गर्मजोशी के साथ किया गया. केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा
"भारत के लिए गर्व का क्षण! इसरो के लिए गौरव का क्षण! पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे सुगम बनाने वाली व्यवस्था के प्रति कृतज्ञता का क्षण. भारत का अंतरिक्ष गौरव भारतीय धरती को छूता है. क्योंकि भारत माता के प्रतिष्ठित सपूत, गगनयात्री शुभ्रांशु शुक्ला आज तड़के सुबह दिल्ली पहुंचे. उनके साथ एक और समान रूप से कुशल ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर भी थे, जो भारत के पहले मानव मिशन गगनयान के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्रियों में से एक थे और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन आईएसएस के मिशन के लिए भारत के नामित बैकअप थे".
आगे उन्होंने कहा, नई दिल्ली हवाई अड्डे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन और बाद में छात्रों के एक समूह द्वारा स्वागत किए जाने पर मुझे बहुत खुशी हुई. बता दें शुक्ला नासा के एक्सिओम-4 अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा थे, जो 25 जून को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से रवाना हुआ था. वह 15 जुलाई को कैलिफ़ोर्निया के तट से उतरकर पृथ्वी पर वापस लौटे. वह 41 वर्षों में अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बने.
भारत लौटने से पहले, शुक्ला ने एक्स के बारे में एक भावुक नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने साल भर के प्रशिक्षण और मिशन के दौरान बने रिश्तों को याद किया. उन्होंने लिखा,
"भारत वापस आने के लिए विमान में बैठते ही मेरे दिल में कई तरह की भावनाएँ उमड़ रही हैं. मुझे उन शानदार लोगों को पीछे छोड़कर जाने का दुख है जो इस मिशन के दौरान पिछले एक साल से मेरे दोस्त और परिवार थे. मैं मिशन के बाद पहली बार अपने सभी दोस्तों, परिवार और देश के सभी लोगों से मिलने के लिए भी उत्साहित हूँ. मुझे लगता है कि ज़िंदगी यही है - सब कुछ एक साथ."
बता दें कि Axiom Mission 4 के तहत शुभांशु शुक्ला 25 जून को कमांडर मिशन अमेरिका के पैगी व्हिटसन, मिशन विशेषज्ञ पोलैंड के स्लावोज़ उज़्नानस्की-विस्निविस्की और हंगरी के टिबोर कापू के साथ फाल्कन-9 रॉकेट से अंतरिक्ष की उड़ान पर रवाना हुए थे. 26 जून को भारतीय समय अनुसार 4:01 पर वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे थे. 18 दिन वहां रहने के बाद 15 जुलाई को वापस धरती पर लौटे थे. कैलिफोर्निया के पास समुद्र में लैंड हुए थे. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से लौट के बाद शब्द डॉक्टरों की निगरानी में थे और रोज 4 घंटे तक चलने और दूसरी एक्टिविटी की प्रैक्टिस करते थे.
पाकिस्तानी ठिकाने तबाह करने वाले नौ वायुवीरों को वीर चक्र, 86 जवानों को गैलेंट्री अवॉर्ड देने का ऐलान
16 Aug, 2025 02:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त करने वाले सेना के जांबाज जवानों और पाकिस्तान को पस्त करने वाले रणबांकुरों को उनकी बहादुरी का इनाम दिया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आम्र्ड फोर्स के 86 जवानों को गैलेंट्री अवॉर्ड देने का ऐलान हुआ है। आर्मी, एयरफोर्स और बीएसएफ के जवानों को गैलेंट्री अवार्ड से नवाजा जाएगा। वायुसेना के 52 जवानों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। एयरफोर्स के नौ ऑफिसर को वीर चक्र दिया गया है। इनमें ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह करने वाले फाइटर पायलट भी शामिल हैं। परमवीर चक्र और महावीर चक्र के बाद यह तीसरा सबसे बड़ा पुरस्कार है। सरकार ने आम्र्ड फोर्स के सात ऑफिसर को सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक दिया है। इनमें एयरफोर्स के तीन, आर्मी के दो और नेवी के एक ऑफिसर हैं। इससे पहले ये पदक कारगिल युद्ध के समय दिए गए थे।
इंडियन आर्मी के 18 जवानों को वीरता मेडल से सम्मानित किया गया है। भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया कि दो सीनियर इंडियन आर्मी ऑफिसर को सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया। वहीं चार कीर्ति चक्र, चार वीर चक्र और आठ शौर्य चक्र दिए गए हैं। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 16 जवानों को गैलेंट्री मेडल दिया जाएगा। इसके अलावा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी मेडल से सम्मानित किया है। इनमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के 128, सीआरपीएफ के 20 और छत्तीसगढ़ पुलिस के 14 पदक शामिल हैं। सेंट्रल-स्टेट फोर्स के 1090 पुलिसकर्मियों को सेवा पदक केंद्र सरकार ने सेंट्रल और स्टेट फोर्स के 1090 पुलिसकर्मियों को सेवा पदक देने की घोषणा की है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, 233 पुलिसकर्मियों को वीरता मेडल, 99 को राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक और 758 को उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। इनमें फायर सर्विस, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस पर्सनल भी शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के सबसे ज्यादा 152 पुलिसकर्मियों को वीरता मेडल मिले हैं।
डीजी ऑपरेशन राजीव घई को सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक
उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा और सैन्य अभियान महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के लिए सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
हम कई बार उसके शरीर के ऊपर से गुजरे…हुमायूं के मकबरे पर हादसे का खौफनाक मंजर
16 Aug, 2025 02:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Delhi Humayun Tomb Accident: दोपहर के समय, निजामुद्दीन में हुमायूं के मकबरे के पास स्थित दरगाह शरीफ पट्टे शाह पर हमेशा की तरह नमाजियों और दुआ के तलबगारों का जमावड़ा लगा था, कुछ दुआएं मांग रहे थे तो कुछ लोग शांति की कामना कर रहे थे। उनमें एक सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षिका भी थीं जो अपने घायल बेटे के लिए दुआ मांगने आई थीं। एक युवा दर्जी अपने दोस्त के साथ शाम बिताने से पहले इमाम से मिलने की उम्मीद में आया था।
कुछ पलों में ही चीख पुकार में बदली हंसी ठिठोली
इसके अलावा एक चार बच्चों की एक मां अपने पति के साथ आई थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों में ही उनके हंसी-खुशी एक मातम में तब्दील हो जाएगी। पर कुछ ही मिनटों में यह सब चीख-पुकार और मलबे के ढेर में बदल गया। दरअसल, दरगाह शरीफ पट्टे शाह के दो कमरों वाले ढांचे की दीवार और छत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। बारिश से भीगे पत्थरों और ईंटों के बीच 12 लोग दब गए। स्थानीय लोग और दमकलकर्मी घंटों तक मलबा हटाते रहे। कुछ जिंदगियां बच गईं, लेकिन कई परिवार हमेशा के लिए टूट गए।
बारिश की वजह से राहत कार्य में आई परेशानी
स्थानीय निवासियों ने बताया कि बारिश की वजह से मलबा लगभग चार फीट ऊंचा, गीला और कीचड़ भरा था। इसलिए उसे खोदना बहुत मुश्किल था। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारी मुकेश वर्मा ने कहा कि मलबे की मात्रा और जगह की वजह से बचाव कार्य विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण था। मुकेश वर्मा ने TOI से कहा "दमकल की गाड़ियों के पहुंचने से पहले, स्थानीय लोगों ने पांच लोगों को बचा लिया था। बाकी लोगों को दमकलकर्मियों और अन्य लोगों ने बाहर निकाला।" उन्होंने आगे कहा "यह काम मुश्किल था, क्योंकि घटनास्थल जंगल जैसा था। जहां जेसीबी नहीं आ सकती थी। हमें मलबे को हाथ से हटाना पड़ा। ताकि मलबे में दबे किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान न पहुंचे।"
दोस्त की मौत का मंजर याद कर सिहर उठा नदीम
29 साल के नदीम शुक्रवार को अपने सबसे करीबी दोस्त 22 साल के मोइनुद्दीन के साथ स्कूटर से घूमने निकला था। दोनों ने सोचा कि दरगाह जाकर मौलवी से मिल लिया जाए। नदीम बाहर खड़ा रहा और मोइनुद्दीन अंदर चला गया। कुछ ही मिनटों बाद जब दीवार ढही तो नदीम ने घबराकर खिड़की से झांका और अपने दोस्त को पुकारा, लेकिन जवाब नहीं मिला। घंटों तक मलबा हटाने के बाद मोइनुद्दीन का शव निकाला गया।
पूरी तरह टूट गई मोइनुद्दीन की पत्नी अफसाना
नदीम ने भारी मन से कहा, "हम बचपन से साथ थे। आज भी फिल्म देखने की योजना थी। अब उसकी यादें ही रह गई हैं।" मोइनुद्दीन की 28 साल की पत्नी अफसाना ने बताया "मैं भी उनके साथ जा रही थी, लेकिन बारिश के कारण उन्होंने मुझे बच्चों के साथ रहने को कहा। मुझे समझ नहीं आ रहा कि उनके बिना क्या करूं। मेरे बच्चे बार-बार उन्हें बुला रहे हैं। मेरा पांच साल का बेटा एक सरकारी स्कूल में पढ़ता है। इसके अलावा तीन साल की बेटी भी है। हमारा परिवार पूरी तरह मोइनुद्दीन पर निर्भर था।"
नदीम ने सुनाई खौफनाक आंखों देखी
नदीम ने बताया, "हम दोनों दोस्त कम से कम 15 मिनट तक दरगाह के बाहर इंतजार करते रहे। इसके बाद परिसर की सफाई का काम समाप्त होते ही प्रवेश द्वार पर एकत्र लोगों का एक छोटा समूह दरगाह के अंदर प्रवेश कर गया। इसमें मेरा दोस्त मोइनुद्दीन भी था। मैं पीछे थोड़ी दूरी पर था, लेकिन जैसे ही मोइनुद्दीन एक कमरे के अंदर पहुंचा। उसकी दीवार ढह गई। यह देख मेरे तो होश उड़ गए। मैंने जोर से अपने दोस्त को पुकारा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसपर मैंने ज़ाकिर नगर से अपने कुछ दोस्तों को मदद के लिए बुलाया। हमने मलबे में उसे खोजना शुरू किया, लेकिन जब हमें मोइनुद्दीन मिला तो एहसास हुआ कि हम उसके शरीर के ऊपर से कई बार गुजरे थे।"
बेटे के लिए दुआ मांगने आई थी मां
हादसे में जंगपुरा निवासी 56 साल की सेवानिवृत्त शिक्षिका अनीता सैनी भी दब गईं। वे पहली बार दरगाह आई थीं, अपने बेटे ऋषभ के लिए प्रार्थना करने, क्योंकि ऋषभ हाल ही में एक दुर्घटना में घायल हुए थे। अनीता के बड़े बेटे शिवांग एम्स ट्रॉमा सेंटर के बाहर खड़े होकर मां के शव का इंतजार कर रहे थे। शिवांग ने कहा "मां पहले कभी दरगाह नहीं गई थीं। आज सिर्फ हमारे लिए गईं, लेकिन लौटकर नहीं आईं।" पास खड़ा ऋषभ कुछ बोल भी नहीं पा रहा था।
पत्नी के लिए पानी लेने गया था पति
वहीं मुस्तफाबाद के बैग बनाने वाले 39 साल के मोहम्मद आशिक अपनी 33 साल की पत्नी रफत परवीन के साथ शुक्रवार को दरगाह आए थे। उन्हें फैक्ट्री से बड़ी मुश्किलों के बाद छुट्टी मिली थी। रफत को पानी चाहिए था तो आशिक दरवाजे की ओर गए। तभी तेज धमाका हुआ और दीवार गिर गई। आशिक ने बताया "मैं कुछ नहीं सोच पाया, बस मलबा खोदने लगा। मेरी पत्नी वहीं दब गई थी। शुक्र है कि हमारे चारों बच्चे साथ नहीं थे। रफत अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।"
तिहाड़ जेल में फिर हुआ बड़ा फेरबदल 3 जेल सुपरिटेंडेंट सहित 18 अफसरों का ट्रांसफर
16 Aug, 2025 11:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली की तिहाड़ जेल प्रशासन ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है। 12 अगस्त को हुई इस कार्रवाई में तीन जेल सुपरिटेंडेंट सहित 18 अफसर-कर्मचारियों को बदला गया है। इनमें जेल नंबर-8 में तैनात छह अधिकारी भी शामिल हैं। दिल्ली की तिहाड़ जेल प्रशासन ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है। 12 अगस्त को हुई इस कार्रवाई में तीन जेल सुपरिटेंडेंट सहित 18 अफसर-कर्मचारियों को बदला गया है। इनमें जेल नंबर-8 में तैनात छह अधिकारी भी शामिल हैं, जहां हाल ही में कैदियों से मिलीभगत के आरोप में 9 अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था। सभी को अलग-अलग जेलों और केंद्रों में भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, सुपरिटेंडेंट ओम प्रकाश निमोरिया को जेल नंबर-2 से मुख्यालय भेजा गया है, जबकि मुख्यालय में तैनात प्रमोद कुमार गुप्ता को जेल नंबर-3 की कमान सौंपी गई है। पवन कुमार, जो जेल नंबर-3 में थे, अब जेल नंबर-2 का कार्यभार संभालेंगे। इसके अलावा तीन असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट और तीन वार्डन का भी ट्रांसफर किया गया है। जेल नंबर-5 के वार्डन को लामपुर डिटेंशन सेंटर भेजा गया, जबकि मुख्यालय के सात कर्मचारियों में से पांच को जेल नंबर-8 और दो को जेल नंबर-5 में तैनात किया गया है। जेल सूत्र बताते हैं कि पिछले तीन महीनों में तिहाड़ में सौ से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों का ट्रांसफर हो चुका है। आधिकारिक तौर पर इसे रुटीन प्रक्रिया बताया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे कैदियों से अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका प्रमुख कारण मानी जा रही है। तिहाड़ में लगातार मोबाइल फोन, नशीले पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामान कैदियों के पास मिलने के साथ ही जेल के अंदर से गैंगस्टरों द्वारा हत्या और रंगदारी जैसे अपराधों का संचालन होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। जांच में कई बार जेलकर्मियों की संलिप्तता उजागर हुई है। हालांकि बार-बार के ट्रांसफर और निलंबन के बावजूद इस मिलीभगत पर रोक लगना मुश्किल साबित हो रहा है।
पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से किया ऐलान- सिंधु पर एक बिंदु भी पीछे नहीं हटेगा भारत
15 Aug, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से ऐलान किया है कि भारत किसी भी कीमत पर एक बिंदु भी पीछे हटने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सिंधु जल समझौता ‘अन्यायपूर्ण और एकतरफा’ है जो भारत को मंजूर नहीं हैं। प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को अन्यायपूर्ण और एकतरफा’ करार देते हुए कहा कि सिंधु नदी के जल पर भारत और उसके किसानों का एकमात्र अधिकार है। मोदी ने कहा कि इस संधि ने भारत में कृषि को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने इस समझौते को जारी रखने की निरर्थकता को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि इस संधि की वजह से सिंधु के जल से ‘हमारे दुश्मनों के खेतों की सिंचाई होती है, जबकि मेरे देश की धरती और मेरे देश के किसान प्यासे रहते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से पाकिस्तान को साफ संदेश दे दिया है कि भारत किसी भी कीमत पर आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। सिंधु जल समझौते को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत का स्टैंड साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी कीमत पर एक बिंदु भी पीछे हटने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सिंधु जल समझौता ‘अन्यायपूर्ण और एकतरफा’ है जो भारत को मंजूर नहीं हैं। मोदी ने कहा, भारत का जो पानी है, उसका इस्तेमाल भारत के लिए होगा, सिर्फ भारत के किसानों के लिए होगा और हम अब ऐसी व्यवस्था बर्दाश्त नहीं करेंगे जो अपने किसानों को वंचित रखे। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत भारत के किसानों को दशकों तक अकल्पनीय नुकसान’ उठाना पड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत दशकों से इसे सहन करता आ रहा है। हम इसे और सहन नहीं करेंगे। हमारे किसानों के हित में, राष्ट्र के हित में, यह समझौता हमें मंजूर नहीं है।
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था। दरअसल भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में एक समझौता हुआ था। विश्व बैंक की मध्यस्थता में दोनों देशों ने समझौते पर साइन किए थे। इसके तहत सिंधु नदी प्रणाली की कुल 6 नदियों में से तीन का पानी पाकिस्तान के लिए और बाकी तीन का भारत के उपयोग के लिए निर्धारित किया गया था। वहीं पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कुछ प्रोजेक्ट्स पर ऐतराज जताते हुए मध्यस्थता न्यायालय का रुख किया। इस कोर्ट ने भारत को सिंधु जल संधि का पालन करने का आदेश दिया। भारत ने स्पष्ट कर दिया कि वह जनता के हित को नजरअंदाज नहीं कर सकता और किसी भी तीसरे पक्ष के दबाव में कभी नहीं आएगा। भारत के इस रुख से पाकिस्तान एक बार फिर बौखलाया हुआ है। आने वाले संकट के बारे में सोचकर ही पाकिस्तान के शीर्ष नेता भारत के खिलाफ जहर उगलने लगे हैं।
पाकिस्तान स्थायी मध्यस्थता न्यायालय के उस फैसले पर इतरा रहा है जिसमें सिंधु जल संधि को बहाल करने को कहा गया था। हालांकि भारत ने इस फैसले को सिरे से खारिज कर दिया था। भारत ने कह दिया था कि वह तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय की क्षमता और औचित्य को कभी स्वीकार ही नहीं करता है। ऐसे में भारत उसके किसी भी फैसले को मानने के लिए बाध्य नहीं है। मध्यस्थता न्यायालय ने कहा था कि भारत को पश्चिमी नदियों का पानी पाकिस्तान में बहने देना चाहिए।
भारत ने कह दिया था कि यह मामला मध्यस्थता न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता ही नहीं है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने हमेशा ही संधि के प्रावधानों का पालन किया था लेकिन पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देता है और आतंकियों का पनहगाह बना बैठा है।
आत्मनिर्भर बिजली की ओर कदम, शहर में तेजी से बढ़ रहा सोलर ट्रेंड
LDA का बड़ा फैसला: पुनर्विकास नीति से बदलेगा शहर का चेहरा
नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम में पूजा कर काशीवासियों का किया अभिवादन
गंगा एक्सप्रेसवे बना रोजगार का हब, स्थानीय युवाओं को मिलेगा फायदा
गौर ग्रीन एवेन्यू में आग का कहर, रहवासियों में दहशत, फायर ब्रिगेड सक्रिय
NEET काउंसिलिंग विवाद में बड़ा फैसला, दोषियों पर गिरी गाज
बंगाल में 9 बजे तक 18.39% वोटिंग, छपरा में भाजपा कार्यकर्ता से मारपीट के बाद तनाव
भ्रष्टाचार पर सरकार सख्त, इंदौर के PWD अफसर पर गिरी गाज
