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ब्रिटेन के मशहूर NRI उद्योगपति स्वराज पॉल नहीं रहे, प्रधानमंत्री मोदी ने दी श्रद्धांजलि
22 Aug, 2025 10:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रमुख उद्योगपति लॉर्ड स्वराज पॉल का गुरुवार शाम लंदन में निधन हो गया. उनकी उम्र तकरीबन 94 साल की थी. उनके निधन की खबर परिजनों ने दी है. ताजा जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एनआरआई बिजनेसमैन स्वराज पॉल के निधन पर शोक जताया है.
सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि श्री स्वराज पॉल जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं. ब्रिटेन में उद्योग, परोपकार और जनसेवा में उनके योगदान और भारत के साथ घनिष्ठ संबंधों के लिए उनके अटूट समर्थन को सदैव याद रखा जाएगा. मुझे हमारी अनेक मुलाकातें याद आती हैं. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना. ॐ शांति.बता दें, ब्रिटेन स्थित कपारो उद्योग समूह के संस्थापक लॉर्ड पॉल हाल ही में बीमार पड़ गए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्होंने अपने परिजनों के सामने ही आखिरी सांस ली. हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य स्वराज पॉल का जन्म जालंधर में हुआ था और वे 1960 के दशक में अपनी बेटी अंबिका के इलाज के लिए ब्रिटेन चले गए थे. जानकारी के मुताबिक सिर्फ 4 साल की उम्र में अंबिका के निधन के बाद ही एनआरआई बिजनेसमैन ने 'अंबिका पॉल फाउंडेशन' की स्थापना की थी. इस फाउंडेशन ने दुनियाभर में बच्चों और युवाओं की एजूकेशन और हेल्थ संबंधी योजनाओं में काफी दान किया था.
उनका पूरा जीवन परिवार के लिए समर्पित रहा. 2015 में उनके बेटे अंगद पॉल का निधन हो गया था. उसके बाद 2022 में उनकी पत्नी अरुणा की मौत हो गई. इसके बाद उन्होंने इन दोनों की याद में कई सेवा कार्य किए. लॉर्ड स्वराज पॉल हर साल संडे टाइम्स रिच लिस्ट में शामिल होते थे. वे इस लिस्ट में 81वें नंबर पर थे. इनका ग्रुप कैपारो का हेड क्वार्टर लंदन में है और इसकी कई शाखाएं यूके, भारत, उत्तरी अमेरिका और मिडिल ईस्ट में हैं.
स्कूल में बम की धमकी से सनसनी: दिल्ली में फिर दहशत, पुलिस जांच में जुटी
22 Aug, 2025 09:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में स्कूलों में लगातार बम की धमकी भरे संदेश आ रहे हैं. यह सिलसिला थम नहीं रहा है. अब दिल्ली के द्वारका सेक्टर 7 स्थित एक स्कूल को शुक्रवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया. दिल्ली अग्निशमन विभाग के अनुसार, यह सूचना सुबह करीब 7 बजे मिली, जिसके तुरंत बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं. दिल्ली के स्कूलों में बम होने की धमकी का यह लगातार तीसरा दिन है. मंगलवार को छोड़कर इस पूरे सप्ताह यह सिलसिला चल रहा है.
स्कूल में बम की सूचना मिलते ही स्कूल परिसर को खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है. फिलहाल बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे परिसर की तलाशी ली जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
इससे पहले गुरुवार को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले थे. गुरुवार सुबह राजधानी के कम से कम छह स्कूलों को ऐसे ईमेल भेजे गए, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी. तुरंत ही स्कूलों को खाली कराया गया था. हालांकि जांच के दौरान कुछ सामने नहीं आया. फिलहाल दिल्ली पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि आखिर धमकी भरे ईमेल कहां से आ रहे हैं.
बता दे कि बीते कई दिनों से राजधानी दिल्ली में इस तरह की ईमेल के जरिए स्कूल को उड़ाने की धमकी दी जा रहे हैं. ऐसा पहली बार नहीं है. अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पुलिस जांच में जुटी हुई है.
आवारा कुत्तों पर आज सुप्रीम फैसला: क्या बदलेगा हालात का मंजर?
22 Aug, 2025 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत आज शुक्रवार को आवारा कुत्तों को लेकर को लेकर बड़ा फैसला सुना सकती है. बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी दिल्ली से सटे दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से हटाकर आवारा कुत्तों को स्थायी रूप से बने शेल्टर होम में रखने का निर्देश दिया था. इस केस की सुनवाई तीन जजों की स्पेशल बेंच कर रही है, जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया शामिल हैं.
इससे पहले कोर्ट ने 11 अगस्त को एक आदेश पारित किया था, जिसके खिलाफ कई याचिकाएं भी दायर की गई थीं. केस की सुनवाई करते हुए इस स्पेशल बेंच ने 14 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था. सुनवाई करते हुए बेंच ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर स्थानीय निकायों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया था. कोर्ट ने कहा कि इन इलाकों में आवारा कुत्तों की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. दिल्ली नगर निगम की लापरवाही के चलते कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण नियम ठीक ढंग से लागू नहीं हो पा रहे हैं.
वहीं, सॉलिसिटर तुषार मेहता ने सुनवाई के दौरान कहा कि पिछले साल 2024 में देशभर से कुल 31 लाख से ज्यादा कुत्तों के काटने के मामले दर्ज हुए थे. उन्होंने आगे कहा कि इसका मतलब साफ है कि हर दिन करूब 10,000 केस सामने आ रहे हैं. तुषार मेहता ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 में 300 से ज्यादा लोगों की मौतें कुत्तों के काटने से हुई थी.
कोर्ट ने जन सुरक्षा और रेबीज के बढ़ते खतरे पर गंभीर चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि सड़कों पर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई आवश्यक है. नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और नोएडा, गुरुग्राम व गाजियाबाद की नागरिक एजेंसियों को सड़कों को आवारा कुत्तों से पूरी तरह मुक्त करने का निर्देश देते हुए, सर्वोच्च न्यायालय की दो-न्यायाधीशों की पीठ ने कड़ी चेतावनी दी कि उन्हें हटाने में बाधा डालने वाले किसी भी संगठन या समूह के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
कोर्ट के इस फैसले से समाज के कई वर्गों में आक्रोश फैल गया. देश भर के पशु प्रेमियों ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और सोशल मीडिया पर बेजुबानों के लिए चिंता व्यक्त की. इसके बाद, भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने तीन न्यायाधीशों की एक पीठ का गठन किया.
यमुना में बनी झील से तबाही: घरों में घुसा पानी, मोटर पुल भी डूबा
22 Aug, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तरकाशी (उत्तराखंड): यमुनोत्री हाईवे पर स्थित स्याना चट्टी में यमुना नदी पर बनी झील से उत्पन्न समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है. चटख धूप खिलने के साथ पानी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है. जिससे पूरी स्यानाचट्टी जलमग्न हो गई. गुरुवार देर शाम से यमुना नदी पर बनी झील के मुहाने को खोलने के कोई प्रयास अभी तक शुरू नहीं हो पाए. प्रशासन की टीम बीती सायं मौके पर पहुंची, लेकिन अभी तक कार्य नहीं हो पाया है.
स्यानाचट्टी में यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर बढ़ने के बाद वहां पर मौजूद करीब 60 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. दूसरी ओर उसके नीचे कुथनौर सहित खरादी में मौजूद लोग भी अपने गांवों की ओर चले गए हैं. वहीं यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी पर बना मोटर पुल भी झील के जलस्तर में डूबने के कारण प्रशासन और राहत बचाव के लिए पहुंची एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें खरादी में फंसी हुई हैं.
स्यानाचट्टी के समीप कुपड़ा खड्ड में मलबा और बोल्डर आने के कारण यमुना नदी का जल प्रवाह रुकने से बनी झील का एक बार फिर जलस्तर बढ़ गया है. बृहस्पतिवार को दोबारा कुपड़ा खड्ड में साफ मौसम में बोल्डर और मलबा आने से जल प्रवाह को रोक दिया. करीब 400 मीटर लंबी और 300 मीटर चौड़ी झील का जलस्तर बढ़ने के कारण स्यानाचट्टी कस्बे में पानी भर गया. स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने वहां पर होटल और आवासीय भवन खाली करवाए.
इसके बाद कुथनौर और खरादी में यमुना नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बने भवनों को खाली करवाया गया. हालांकि वहां पर मौजूद लोग खतरे को भांपते हुए अपने मूल गांव स्यालना, पुजारगांव, पाली गांव भंसाड़ी और खनेड़ा आदि गांव में शिफ्ट हो गए हैं. साथ ही क्षेत्र में बारिश होने के कारण जिला प्रशासन समेत एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम खरादी में मौजूद हैं. लेकिन यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी में मौजूद पुल डूबने की कगार पर आने के कारण राहत बचाव की टीम आगे नहीं बढ़ पा रही हैं.
बताया जा रहा है कि बारिश और धूप के बीच स्यानाचट्टी के दाईं ओर से बहने वाले कुपडा खड्ड में मलबा पत्थर ने यमुना नदी के बहाव को प्रभावित कर झील बना दी. वहीं सिंचाई विभाग द्वारा पोकलैंड मशीनों से नदी के जल प्रवाह को चैनेलाइजेशन किए जाने का कार्य किया जा रहा था. लेकिन कुपडा खड्ड के रौद्र रूप ने यमुना नदी के चैनेलाइजेशन कार्य को प्रभावित कर दिया. जिस कारण झील बन गई और लोगों के घर जलमग्न हो गए.
गढ़चिरौली में बारिश का कहर: एक स्कूल प्रिंसिपल की डूबने से मौत, महिला स्वास्थ्यकर्मी को हेलीकॉप्टर से किया गया लिफ्ट
21 Aug, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गढ़चिरौली। क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले का जनजीवन प्रभावित हुआ है। सैकड़ों गांव जिला मुख्यालय से कट गए हैं। बारिश का कहर जारी है और एक स्कूल के प्रिसिपल की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक महिला स्वास्थ्यकर्मी को एयरलिफ्ट के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
जानकारी अनुसार अरेवाड़ा गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात महिला स्वास्थ्यकर्मी सीमा बंबोले की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सड़क मार्ग बंद होने के कारण प्रशासन ने पुलिस और जिला परिषद के सहयोग से पवन हंस हेलीकॉप्टर के जरिए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत अब स्थिर है।
वहीं दूसरी ओर, बारिश से जुड़ी एक और दर्दनाक घटना में भामरागढ़ तहसील के जोनावाही गांव निवासी और पल्ले गांव के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक वसंत सोमा तलांडी (43) की डूबकर मौत हो गई। उनका शव मंगलवार को सिपनपल्ली गांव के एक नाले से बरामद किया गया था। लगातार बारिश के चलते जिले के 100 से अधिक गांवों का संपर्क सड़क मार्ग से पूरी तरह टूट चुका है। प्रशासन ने हालात पर नजर रखने और राहत कार्यों को तेज करने की बात कही है।
गणेश पंडाल का 474 करोड रुपए का बीमा
21 Aug, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई में एक गणेश पंडाल का बीमा 474 करोड रुपए का कराया गया है। जीएसबी सेवा मंडल ने यह बीमा कराया है। पिछले वर्ष इसी सेवा मंडल द्वारा 400 करोड रुपए का बीमा कराया गया था। गणेश उत्सव में यह भारी भरकम पंडाल तैयार किया जाता है। इसमें सोने चांदी हीरे जवाहरात के महंगे आभूषण गणेश प्रतिमा के साथ पंडाल में रहते हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सोने चांदी और हीरे जवाहरात की कीमतें बढ़ जाने के कारण बीमा की राशि बढ़ गई है। भारत का सबसे अमीर, गणेश पंडाल के रूप में इसकी पहचान है। यहां के गणेश जी के पास सबसे ज्यादा कीमती आभूषण हैं।लाखों लोगों की भीड़ गणेश जी के दर्शन के लिए उमड़ती है।
अब सिर्फ दो दरें—GST में बड़ा बदलाव, जरूरी सामान पर 5% और बाकी पर 18% टैक्स
21 Aug, 2025 03:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तंबाकू-पान मसाला पर 40% टैक्स, GoM ने जीएसटी दरों में सुधार को दी मंजूरी
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (GST) की दरों में बड़ा सुधार होने जा रहा है। दरों को सरल और तर्कसंगत बनाने को लेकर राज्यों के वित्त मंत्रियों के समूह (GoM) की अहम बैठक में केंद्र सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
बैठक में यह सहमति बनी कि मौजूदा चार टैक्स दरों (5%, 12%, 18% और 28%) की जगह अब केवल दो दरें लागू होंगी। जरूरी सामान पर 5% टैक्स और सामान्य वस्तुओं व सेवाओं पर 18% टैक्स लगेगा। वहीं, तंबाकू, पान मसाला जैसी अहितकर वस्तुओं पर 40% की विशेष दर लगाई जा सकती है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केंद्र का प्रस्ताव स्वीकार किया गया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दरों को युक्तिसंगत बनाने से आम आदमी, किसानों, मध्यम वर्ग और MSMEs को राहत मिलेगी। साथ ही टैक्स व्यवस्था और पारदर्शी तथा सरल होगी।
फिलहाल GST की दरें 5%, 12%, 18% और 28% हैं। खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं पर शून्य या 5% कर लगता है, जबकि लग्जरी और अहितकर वस्तुओं पर 28% के साथ उपकर (Cess) भी लगाया जाता है।
CM रेखा गुप्ता को मिली CRPF की Z श्रेणी सुरक्षा, दिल्ली के सभी सांसदों ने मिलकर जाना हालचाल
21 Aug, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बुधवार को 'जन सुनवाई' नामक एक जन शिकायत सुनवाई के दौरान हुए हमले के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है.
सीआरपीएफ के जवान गुरुवार सुबह दिल्ली पुलिस से उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने के लिए मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. सूत्रों ने ईटीवी भारत को बताया कि गुप्ता को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने के लिए 20-22 सीआरपीएफ जवान तैनात किए गए हैं. चौबीसों घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री आवास और कार्यालय के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.
दिल्ली के सभी सांसदों ने की सीएम से मुलाकात
बता दें कि आज सुबह सीएम आवाज पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी, बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी और बीजेपी सांसद योगेन्द्र चंदोलिया सीएम रेखा गुप्ता से मिलने सीएम आवास पहुंचे.
"मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का स्वास्थ्य अब ठीक है"
सीएम आवास पर सीएम से मुलाकात के बाद भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, "मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का स्वास्थ्य अब ठीक है...जनसुनवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा. पुलिस अपना काम कर रही है...हम जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं..."
सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात कर केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा, "आज हम सभी सांसद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलने आए हैं...वो बिल्कुल स्वस्थ हैं...इस विषय पर पुलिस अपना काम कर रही है...मुख्यमंत्री का जनता से मिलना अनवरत जारी रहेगा..."
"मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता निडर हैं और उनका मनोबल बना हुआ है"
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, "...मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता निडर हैं और उनका मनोबल बना हुआ है...वो उसी आत्मीयता से लोगों से मिलती रहेंगी और दिल्ली को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने के लिए काम करती रहेंगी...आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा..."
जनसुनवाई को दौरान सीएम रेखा गुप्ता पर हमला: बता दें कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हर बुधवार को अपने आवास पर 'जनता सुनवाई' आयोजित करती हैं, जहां वे सीधे लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करती हैं. बीते दिन जनसुनवाई कार्यक्रम में भी भारी भीड़ थी. मुख्यमंत्री एक-एक कर लोगों से मिल रही थीं, तभी सुबह साढ़े आठ बजे करीब एक व्यक्ति ने उनके पास आने का प्रयास किया. उसने कुछ पेपर फेकें और थप्पड़ मारने की कोशिश की. सीएम दफ्तर में पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस व्यक्ति ने अचानक मुख्यमंत्री की ओर कुछ कागजात फेंके और मारने की कोशिश की. हालांकि, मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत एक्शन में आकर उन्हें बचा लिया. इस घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई.
क्या राज्यपाल के विवेकाधिकार के भरोसे रहनी चाहिए चुनी हुई सरकार? सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
21 Aug, 2025 11:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राष्ट्रपति की ओर से दाखिल रेफरेंस पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राज्यपालों की शक्तियों को लेकर अहम टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि किसी भी राज्य की चुनी हुई सरकार को पूरी तरह से राज्यपाल के विवेकाधिकार पर नहीं छोड़ा जा सकता।
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अगुवाई वाली 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने कहा कि क्या चुनी हुई सरकार हमेशा राज्यपाल के भरोसे रहेगी? क्या राज्यपाल किसी बिल को अनिश्चितकाल तक रोककर रख सकते हैं? यह न तो विधानसभा के लिए सही है और न ही राज्यपाल के हित में। दरअसल, राष्ट्रपति की ओर से दाखिल रेफरेंस में सवाल उठाया गया था कि क्या सुप्रीम कोर्ट यह आदेश दे सकता है कि राज्यपाल या राष्ट्रपति तय समयसीमा में ही किसी बिल पर फैसला लें।
इससे पहले अप्रैल में तमिलनाडु और केरल के मामलों की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा था कि राज्यपाल और राष्ट्रपति 90 दिनों के भीतर बिल पर निर्णय दें। अगर बिल नामंजूर किया जाता है तो उसका कारण भी इसी अवधि में बताना होगा।
सॉलिसिटर जनरल की दलील
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल सिर्फ डाकिया नहीं हैं। वे राष्ट्रपति के प्रतिनिधि होते हैं और अपने विवेक से निर्णय लेने का अधिकार रखते हैं। उन्होंने कहा, कि गवर्नर का पद सेवानिवृत्त नेताओं के लिए शरणस्थली नहीं है, बल्कि उनके पास कुछ संवैधानिक अधिकार भी हैं। राज्यपाल बिल को मंजूरी दे सकते हैं, होल्ड पर रख सकते हैं या फिर राष्ट्रपति को भेज सकते हैं।
तकनीकी खराबियां और संसाधनों की कमी से खतरे में विमानन सुरक्षा
21 Aug, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट 12 जून को उड़ान भरने के कुछ ही पल बाद क्रैश हो गई थी. इस भयानक हादसे में 1 यात्री को छोड़कर विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई. इसी के बाद संसद की एक समिति ने भारत की एविएशन सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी चेतावनी दी है. समिति ने कई बड़ी खामियों की ओर इशारा करते हुए तुरंत सुधार की जरूरत बताई है.
परिवहन, पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) जिसकी अध्यक्षता जेडीयू के राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा कर रहे हैं. इस समिति ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों में अपनी 380वीं रिपोर्ट सिविल एविएशन सेक्टर में सुरक्षा की समग्र समीक्षा रिपोर्ट पेश की.
रिपोर्ट में समिति ने उठाए कई सवाल
इस रिपोर्ट में एयर इंडिया के AI 171 विमान में हुए हादसे का नाम नहीं लिखा गया है, लेकिन बैठक के दौरान सांसदों ने इस हादसे पर चर्चा की और एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के अधिकारियों को बुलाकर रिपोर्ट में देरी और जांच में तालमेल की कमी पर सवाल किए. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के सिविल एविएशन सेक्टर का तेजी से हो रहा विस्तार उसकी रेगुलेटरी और संचालन क्षमता पर भारी पड़ रहा है. लगातार सामने आ रही खामियां और संसाधनों की कमी ऐसे हालात पैदा कर रही हैं कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
समिति ने चेतावनी दी कि 2030 तक जब भारत में हवाई यात्री की संख्या 300 मिलियन (30 करोड़) सालाना पार कर जाएगी, तब बिना सोचे-समझे बेड़े का विस्तार, थके हुए कर्मचारी, अधूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं और पुराना बुनियादी ढांचा मिलकर भविष्य में और गंभीर हादसे का जिम्मेदार बन सकता है.
अध्यक्ष झा ने कहा कि यह रिपोर्ट जनता का भरोसा वापस लाने के लिए तुरंत सुधारों का रोडमैप है. बैठक के दौरान सांसदों ने AAIB से यह भी पूछा कि आखिर AI 171 की प्राथमिक रिपोर्ट में देरी क्यों हुई और पहले दिए गए सुरक्षा सुझावों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई.
समिति ने की DGCA की आलोचना
रिपोर्ट का सबसे अहम हिस्सा भारत के मुख्य एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए की कड़ी आलोचना है. रिपोर्ट में डीजीसीए की आलोचना की गई है. समिति ने चेतावनी दी है कि DGCA में कर्मचारियों की भारी कमी है, जिसकी वजह से वो अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को पूरा करने में नाकाम हो सकता है और अगर तुरंत भर्तियां नहीं हुईं, तो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) की ऑडिट में फेल होने का खतरा है.
1,063 स्वीकृत पदों में से सिर्फ 553 पद भरे गए हैं. करीब 45% तकनीकी कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिससे कर्मचारियों का लगातार बदलाव होता है. साथ ही इससे रेगुलेटरी कामकाज की जो निरंतरता बनती है वो भी टूट रही है.
भारत की ताजा ICAO ऑडिट रिपोर्ट ने भारत को ग्लोबल एवरेज से नीचे रखा है, यानी सुरक्षा निगरानी में हमारी स्थिति कमजोर है. समिति ने चेतावनी दी कि अगर सुधार नहीं हुए, तो भारत पर इंटरनेशनल लेवल पर हवाई उड़ानों पर पाबंदियां लग सकती हैं, जिससे देश के बढ़ते एविएशन बाजार पर सीधे असर हो सकता है. हालांकि, समिति ने एक बार फिर अपनी मांग को दोहराया कि DGCA को पूरी प्रशासनिक और वित्तीय स्वतंत्रता दी जाए और भर्ती प्रक्रिया को UPSC से अलग किया जाए.
कंट्रोलरों का थका हुआ होना बन रहा मुसीबत
समिति ने अपनी रिपोर्ट में खास तौर पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल ऑफिसर्स पर ध्यान दिया है. साथ ही चेतावनी दी है कि कंट्रोलरों का थका हुआ होना हवाई सुरक्षा के लिए सीधा और लगातार खतरा बन रहा है. समिति के सामने रखे गए सबूतों से पता चला कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे व्यस्त हवाई अड्डों पर ATCOs को अक्सर बहुत लंबे और थकाऊ शिफ्ट में काम करना पड़ता है. कई एयरपोर्ट्स पर रात में कर्मचारियों की कमी की वजह से अलग-अलग सेक्टरों को जोड़कर एक साथ चलाया जाता है, जिससे बचे हुए कंट्रोलरों पर ज्यादा दबाव पड़ता है.
समिति ने इस व्यवस्था को संस्थागत ओवरवर्क कहा और मांग की कि ATCOs को ड्यूटी-टाइम लिमिटेशन से दी जा रही छूट तुरंत खत्म की जाए. साथ ही, इनके लिए एक वैज्ञानिक रूप से तैयार Fatigue Risk Management System (FRMS) बनाने की सिफारिश की गई है. जिससे यह ज्यादा थके नहीं.
रिपोर्ट में हर एयरपोर्ट पर स्टाफिंग का व्यापक ऑडिट करने और ATC प्रशिक्षण क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है. अभी के हालात यह है कि ट्रेनिंग सेंटर में एक समय पर सिर्फ 210 अधिकारियों को ही जगह मिलती है, जिसकी वजह से नए चयनित उम्मीदवारों को तैनाती से पहले कई-कई महीने इंतजार करना पड़ता है. रिपोर्ट में DGCA की सुरक्षा निगरानी में एक बड़ी कमी को उजागर किया गया है. अप्रैल 2025 तक 3,747 सुरक्षा खामियां अब भी ठीक नहीं की गई थीं- इनमें से 37 लेवल-1 खामियां ऐसी हैं, जो तुरंत सुरक्षा जोखिम पैदा करती हैं.
समिति ने DGCA के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि इसकी कार्यवाही केवल औपचारिक प्रक्रिया बनकर रह गई है. अगर सख्ती नहीं दिखाई गई, तो सुरक्षा जांच का असली मकसद ही खत्म हो जाता है.
इसी के साथ समिति ने कुछ जरूरी सुझाव भी दिए हैं:
सभी सुरक्षा खामियों को तय समयसीमा में दूर करने का प्रावधान हो.
गंभीर खामियों को 72 घंटे के अंदर ठीक किया जाए.
बार-बार नियम तोड़ने पर कड़े कदम उठाए जाएं- जैसे आर्थिक जुर्माना, लाइसेंस रद्द करना.
DGCA की कार्यवाही और प्रवर्तन प्रक्रियाओं का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सुरक्षा जांच का नतीजा असल सुधार के रूप में सामने आए.
हेलिकॉप्टर हादसों को लेकर दी चेतावनी
रिपोर्ट में हेलिकॉप्टर ऑपरेशन्स के खतरे बताए गए हैं. 2025 की चारधाम यात्रा के दौरान 4 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं हुईं. 2021 से अब तक कुल 23 हादसे हो चुके हैं. समिति ने भारत की हेलिकॉप्टर सेवाओं की व्यवस्था को भ्रमित और खतरनाक बताया है.
अभी तीर्थ यात्रा जैसी हाई-रिस्क सेवाओं की देखरेख राज्य एजेंसियां करती हैं, जैसे UCADA (उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी), जबकि DGCA की भूमिका सीमित है. समिति ने कहा कि यह टूटी-फूटी और अस्पष्ट रेगुलेटरी व्यवस्था है.
समिति ने सिफारिश की है कि सभी हेलिकॉप्टर ऑपरेशन्स को एक राष्ट्रीय फ्रेमवर्क के तहत केंद्र की सख्त निगरानी में लाया जाए. पहाड़ी इलाकों में उड़ान भरने वाले पायलटों के लिए स्पेशल ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन जरूरी हो. DGCA में एक स्पेशल निगरानी सेल बने, जो लगातार ऊंचाई वाले इलाकों में हेलिकॉप्टर ऑपरेशन्स पर नजर रखे.
रिपोर्ट में रनवे और उड़ान सुरक्षा में बढ़ते खतरों का भी जिक्र किया गया है. 2024 में रनवे इनकर्शन (जहां विमान रनवे पर गलती से घुस जाते हैं) की दर 14.12 प्रति मिलियन मूवमेंट्स रही. इसी तरह, सिचुएशनल-अवेयरनेस खोने और एयरप्रॉक्स (करीब टकराव) जैसी घटनाएं भी ज्यादा हुईं. जांच के बावजूद इन घटनाओं से सबक नहीं लिया जा रहा.
समिति ने सिफारिशें की हैं कि हर रनवे इनकर्शन का रूट-कॉज एनालिसिस जरूरी हो. हाई-रिस्क एयरपोर्ट्स के लिए खास सुरक्षा कार्यक्रम चलाए जाएं. ज्यादा एयरपोर्ट्स पर जल्दी से फॉग नेविगेशन सिस्टम और ILS लगाया जाए.
विदेशों पर निर्भरता को लेकर उठाए सवाल
रिपोर्ट में भारत की विदेश पर निर्भरता को लेकर भी बात की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अभी 85% विदेशी MRO सुविधाओं पर निर्भर है. एयरलाइंस हर साल लगभग ₹15,000 करोड़ विदेशों में मरम्मत और ओवरहाल पर खर्च करती हैं. समिति ने इसे भारत की रणनीतिक कमजोरी कहा.
साथ ही समिति ने सिफारिशें की हैं कि GST और कस्टम ड्यूटी को तर्कसंगत बनाया जाए. भारत में आधुनिक MRO हब बनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाए. एक राष्ट्रीय एविएशन स्किल मिशन शुरू हो, जिससे घरेलू तकनीकी विशेषज्ञ तैयार हों और विदेशों पर निर्भरता घटे.
“AAI बोर्ड में गवर्नेंस की कमी”
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के बोर्ड में आज भी मेंबर (ATC) का पद नहीं है, जबकि 2006 से इसकी सिफारिश लंबित है. समिति ने इसे गंभीर गवर्नेंस असफलता कहा और कहा कि ATC की विशेषज्ञता को रणनीतिक फैसलों से बाहर रखना सिस्टम की सुरक्षा योजना को खतरे में डालना है.
क्या है संविधान संशोधन विधेयक 130, जिसमें पीएम, सीएम को पद से हटाया जा सकता
21 Aug, 2025 10:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने लोकसभा में तीन बिल पेश किए है, इसके तहत भ्रष्टाचार में शामिल मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और इतना ही नहीं प्रधानमंत्री को भी पद से हटाया जा सकता है। बशर्ते पद धारण करने वाला व्यक्ति किसी अपराध के आरोप में 30 दिन तक जेल या हिरासत में रहे। इसके बाद उस व्यक्ति को 31वें दिन उस पद से हटा दिया जाएगा। या खुद ही उस पद से हट जाएगा।
संविधान के अनुच्छेद 75 में प्रधानमंत्री और उनकी मंत्रिमंडल के गठन के बारे में प्रावधान किया गया है। अब नए संशोधन के मुताबिक, अगर कोई मंत्री लगातार 30 दिन तक गंभीर अपराध (5 वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले अपराध) के आरोप में जेल में है, तब राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर पद से हटा देगा। यदि प्रधानमंत्री सलाह नहीं देते तब 31वें दिन के बाद वह मंत्री अपने आप पद से हटा हुआ मान जाएगा। अगर प्रधानमंत्री खुद कार्यकाल के दौरान 30 दिन लगातार इसतरह के आरोप में जेल में रहे हैं, तब उन्हें 31वें दिन तक इस्तीफा देना होगा। यदि इस्तीफा नहीं दिया, तब उनका पद खुद ही समाप्त मान लिया जाएगा।
संविधान का अनुच्छेद 164 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रिमंडल से जुड़ा है। नए संशोधन के तहत अब अगर किसी राज्य का मंत्री 30 दिन तक जेल में है या हिरासत में है, तब राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर पद से हटा दिया जाएगा। यदि सलाह नहीं मिलती हैं, तब 31वें दिन से मंत्री का पद अपने आप समाप्त होगा। अगर मुख्यमंत्री खुद 30 दिन तक जेल में रहते हैं, तब उन्हें 31वें दिन तक इस्तीफा देना होगा, अन्यथा उनका पद स्वतः समाप्त हो जाएगा।
इस संशोधन में भ्रष्टाचार या मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में 5 साल से ज्यादा का सजा का प्रावधान होना है। प्रस्तावित प्रावधानों के तहत, यदि कोई मंत्री किसी गंभीर अपराध (5 साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराध) के आरोप में लगातार 30 दिनों तक जेल में रहता है, तब राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर पद से हटा दिया जाएगा। यही बात राज्यों के सीएम और उनके मंत्रियों पर भी लागू होगी।
130वें संविधान संशोधन विधेयक में प्रावधान है कि इस उपबंध में कुछ भी ऐसा नहीं है, जो प्रधानमंत्री या मंत्री को हिरासत से रिहा होने के बाद राष्ट्रपति द्वारा पुनः प्रधानमंत्री या मंत्री के रूप में नियुक्त किए जाने से रोक सके। यही स्थिति राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उनके मंत्रियों पर भी लागू होगी।
नए संशोधन विधेयक के अनुसार, यही नियम दिल्ली की विधान सभा और मंत्रिपरिषद पर भी लागू होगा। यदि दिल्ली का मंत्री 30 दिन तक जेल में है, तब राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री की सलाह पर पद से हटा दिया जाएगा। यदि मुख्यमंत्री 30 दिन तक जेल में रहता है, तब 31वें दिन तक इस्तीफा देना होगा, वर्ना उसका पद खुद ही समाप्त हो जाएगा। यह प्रावधान जम्मू-कश्मीर सहित केंद्रशासित प्रदेशों पर भी लागू होगा।
मॉनसून सत्र: विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित
21 Aug, 2025 10:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र आज गुरुवार को समाप्त होने वाला है. यह 21 जुलाई को शुरू हुआ था. दोनों सदनों - लोकसभा और राज्यसभा - की कार्यवाही सत्र की अंतिम बैठक सुबह 11 बजे फिर से शुरू होगी. संसद आज भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के सम्मान में एक विशेष चर्चा भी आयोजित करेगी. पूरे मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण कई बार कार्यवाही स्थगित हुई. बिहार में मतदाता सूची संशोधन पर विस्तृत चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों का सदन के भीतर और बाहर हंगामा पूरे सत्र के दौरान जारी रहा. विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और भाजपा पर राज्य में मतदाता सूची में हेरफेर करने की 'साजिश' करने का आरोप लगाया. बुधवार को विपक्ष के जोरदार विरोध के बावजूद, लोकसभा ने ऑनलाइन गेमिंग विधेयक, 2025 के प्रचार और विनियमन को पारित कर दिया. साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सत्र के दौरान महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए, जिसमें एक ऐसा विधेयक भी शामिल है जो गंभीर आपराधिक आरोपों में फंसे निर्वाचित प्रतिनिधियों को हटाने का प्रावधान करता है. यदि यह कानून लागू हो जाता है तो यह प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों पर लागू होगा. विपक्ष ने इस बिल का कड़ा विरोध किया.
थोड़ी देर में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में सुदर्शन रेड्डी नामांकन दाखिल करेंगे
इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एवं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी आज नामांकन दाखिल करेंगे. इससे पहले उन्होंने कहा, 'मैं नामांकन दाखिल करने के बाद आपसे जरूर बात करूंगा. कार्यक्रम सरल है, मैं अपना नामांकन पत्र जमा करने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर के पास जा रहा हूं.'
भारत-पाक तनाव के बीच पाक हवाई क्षेत्र में भारतीय विमानों की नो-एंट्री
21 Aug, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाहौर। पाकिस्तान के अधिकारियों ने बुधवार को भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध 23 सितंबर तक बढ़ा दिया। पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण ने एक नया नोटम (नोटिस टू एयरमैन) जारी किया है, जिसमें पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में भारतीय विमानों पर प्रतिबंध को एक महीने के लिए बढ़ाने की घोषणा की गई है।
हवाई अड्डा प्राधिकरण ने कहा कि भारतीय एयरलाइनों द्वारा संचालित सभी विमानों को पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध भारत के स्वामित्व वाले या पट्टे पर लिए गए सैन्य और नागरिक विमानों पर भी लागू रहेगा।
पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव के मद्देनजर यह प्रतिबंध सबसे पहले 23 अप्रैल को एक महीने के लिए लगाया गया था। इस कदम से भारतीय विमानों के पाकिस्तानी क्षेत्र में उड़ान भरने पर रोक लग गई।
कुछ दिनों बाद 30 अप्रैल को भारत ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी विमानों और एयरलाइनों के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। इस प्रतिबंध को पहली बार 23 मई को बढ़ाया गया था।
बारिश से बिगड़े हालात: कई राज्यों में नदियाँ उफान पर, सतर्क रहने की अपील
21 Aug, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण हालात बिगड़े हैं। मुंबई में बारिश का तांडव देखने को मिल रहा है। जगह-जगह जलजमाव के कारण हालात बिगड़ गए हैं। वहीं, दिल्ली में भी कुछ दिनों से हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है।
उधर, उत्तर प्रदेश में जहां एक तरफ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है, तो वहीं पूर्वी यूपी में किसान बारिश की आस में टकटकी लगाए बैठें हैं। उत्तर दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश हो रही है। इन सब के बीच मौसम विभाग ने बताया कि देश के कुछ हिस्सों में आज भी बारिश का दौर जारी रहेगा।
जानिए कैसा रहेगा मौसम
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मानसून की द्रोणिका सक्रिय है और अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर चल रही है। विभाग के अनुसार, यह 21 अगस्त से धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ेगा। जिसके कारण कई जगहों पर भारी से अति भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
दिल्ली एनसीआर में आज का मौसम
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली एनसीआर पर मौसम मेहरबान है। पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन हो रही हल्की से मध्यम बारिश के कारण तापमान में कमी है। हालांकि, बुधवार रात लोगों को उमस भरी गर्मी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस बीच मौसम विभाग ने बताया कि गुरुवार को भी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। अगले सात दिन तक बारिश का ये सिलसिला जारी रहेगा।
यूपी के मौसम का हाल
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं, पूर्वी यूपी में लोगों को बारिश के लिए अगले कुछ दिनों का इंतजार करना पड़ सकता है। आईएमडी के अनुसार, 22-25 तारीख के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा 23-26 अगस्त के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने की उम्मीद है।
मुंबई में आज मिलेगी राहत?
मुंबई में पिछले दिनों से बारिश से हालात बेहद खराब हैं। बारिश के कारण लोगों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। इस बीच मौसम विभाग ने मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरीके से प्रभावित है। बीएमसी ने कहा कि सभी विभाग अलर्ट पर हैं और जरूरत पड़ने पर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, अगले 7 दिनों तक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
वहीं, अगले 7 दिनों के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। 22 से 24 अगस्त के बीच पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में एक बार फिर बारिश के देखने को मिल सकती है।
22 से 24 अगस्त के बीच पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में एक बार फिर बारिश के देखने को मिल सकती है। वहीं, दक्षिण भारत के कई राज्यों में अभी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
तूफ़ान में छह नावें डूबीं, मुंबई, गुजरात के सात नाविक लापता, 11 बचाए गए
21 Aug, 2025 08:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई और गुजरात के जाफराबाद और ऊना से आईं छह नावें (ट्रॉलर) सोमवार को समुद्र में तूफ़ान में फंसकर डूब गईं। तटरक्षक बल ने 11 नाविकों को बचा लिया। लेकिन सात नाविक अभी भी लापता हैं। तूफ़ानी हवाओं और भारी बारिश के कारण तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टर द्वारा फ़िलहाल खोज अभियान रोक दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुजरात के जाफराबाद के समुद्र में मछली पकड़ने गए दो ट्रॉलर, जय और मुरलीधर, सोमवार को तूफ़ानी हवाओं और समुद्र में उठी तूफ़ानी लहरों के कारण डूब गए। मत्स्य विभाग के सहायक आयुक्त दिनेश पाटिल ने कहा कि भावनगर (नवा बंदर) में समुद्र में अभी भी तूफ़ान की स्थिति बना हुआ है, इसलिए गुजरात के 12 ट्रॉलर डहाणू गाँव के सामने समुद्र में सुरक्षित स्थान पर खड़े किए गए हैं। 50 ट्रॉलर अभी भी समुद्र में हैं, जिससे उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। उधर मोरा बंदरगाह में शरण लेने आई गुजरात की मछली पकड़ने वाली नाव का नाविक लापता है। उसका नाम भरत डालकी (44) है।
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