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पाकिस्तान से हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश, फिरोजपुर से दो अरोपी गिरफ्तार
12 Nov, 2025 07:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फिरोजपुर। पंजाब पुलिस (punjab police) ने मंगलवार को कहा कि उसने दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी के साथ सीमा पार हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरी और विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की के रूप में हुई है। फिरोजपुर पुलिस ने आरोपियों से 6 ग्लॉक 9एमएम पिस्तौल, चार मैगजीन और चार कारतूस बरामद किए हैं। यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी विक्रमजीत सिंह के अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल पाकिस्तान के एक तस्कर के साथ सीधे संबंध थे।’
डीजीपी ने बताया कि उसने अपने पाकिस्तानी आकाओं के निर्देश पर स्थानीय लोगों को हथियार आपूर्ति करने की बात भी कबूल की है। गौरव यादव ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी से इसी सीमा पार नेटवर्क से एक एके-47 राइफल की खरीद से जुड़े एक पुराने मामले का भी पता लगाने में मदद मिली। जब्त डिजिटल उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि हथियारों की पूरी आपूर्ति शृंखला का पता लगाया जा सके।
पंजाब उपचुनाव में 4 घंटों में 23% से अधिक मतदान
दूसरी ओर, पंजाब में तरन तारन विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को सुबह 11 बजे तक 23 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। अधिकारियों ने बताया कि मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह सात बजे शुरू हुआ और यह शाम छह बजे तक जारी रहेगा। ठंड के बावजूद मतदाता सुबह से ही कतारों में नजर आए। सुबह मतदान करने वालों में कांग्रेस उम्मीदवार करणबीर सिंह बुर्ज शामिल हैं जो अपने परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे घरों से निकलकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और उचित पार्टी व उम्मीदवार को जिताएं। शिरोमणि अकाली दल की उम्मीदवार सुखविंदर कौर रंधावा अपनी बेटी कंचनप्रीत कौर के साथ काका कंडियाला गांव के मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचीं। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हरमीत सिंह संधू ने भी मतदान किया।
OnePlus 15 की धमाकेदार एंट्री, 13 नवंबर को भारत में होगा लॉन्च, जानिए कीमत और फीचर्स
12 Nov, 2025 07:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
OnePlus 15: OnePlus जल्द ही भारत में अपना नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन OnePlus 15 लॉन्च करने जा रहा है. कंपनी ने इस फोन की लॉन्च डेट 13 नवंबर तय की है. भारत के साथ ही यह डिवाइस ग्लोबल मार्केट में भी पेश किया जाएगा. हालांकि, चीन में इसे पहले ही लॉन्च किया जा चुका है. लॉन्च से ठीक पहले भारत में इसकी कीमत और वेरिएंट्स की जानकारी लीक हो गई है, जिससे इसके संभावित प्राइस का अंदाजा लगाया जा सकता है.
लॉन्च से पहले लीक हुई कीमत
OnePlus 15 को Reliance Digital की वेबसाइट पर 12GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट ₹72,999 की कीमत देखा गया था. हालांकि, फिलहाल वेबसाइट से यह पेज हटा दिया गया है. गूगल पर अब भी कई लिस्टिंग नजर आ रही हैं, जिनमें फोन का 16GB RAM + 512GB स्टोरेज वेरिएंट ₹79,999 में दिखा. अगर ये लीक सही साबित होते हैं, तो OnePlus 15 कंपनी का अब तक का सबसे महंगा नॉन-फोल्डेबल फोन हो सकता है.OnePlus 15 के स्पेसिफिकेशन्स
OnePlus 15 अब चीन में लॉन्च हो चुका है. अब जल्द ही भारतीय बाजार में भी नजर आएगा. Android 16 पर आधारित OxygenOS के साथ आने वाले इस फोन में 6.78-इंच LTPO AMOLED डिस्प्ले पैनल मिलेगा. जो 120Hz की रिफ्रेश रेट देगा और Corning Gorilla Glass Victus 2 के प्रोटेक्शन के साथ आएगा. इस फोन को Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर पावर देगा, जो कंपनी का अब तक का सबसे शक्तिशाली चिपसेट है. इसनें 12GB RAM + 256GB और 16GB RAM + 512GB के स्टोरेज वेरिएंट्स देखने को मिलेंगे.
भरूच में दवा फैक्ट्री में हादसा, बॉयलर फटने से भड़की आग, दो की जलकर मौत
12 Nov, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भरूच: गुजरात (Gujrat) के भरूच (Bharuch) में एक दवा फैक्टरी (Pharmaceutical Factory) में बड़ा हादसा हुआ है. सायखा स्थित गुजरात औद्योगिक विकास निगम (GIDC) क्षेत्र में दवा फैक्टरी में बॉयलर फटने (Boiler Exploded) के बाद भीषण आग (Fire) लग गई. इस हादसे में दो कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि करीब 20 अन्य घायल बताए जा रहे हैं. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया है.
भरूच के जिलाधिकारी गौरांग मकवाना ने बताया कि हादसा मंगलवार रात करीब ढाई बजे हुआ, जब फैक्टरी के अंदर चल रहे बॉयलर में अचानक जोरदार धमाका हुआ. विस्फोट इतना भीषण था कि पूरी इमारत क्षणभर में धराशायी हो गई और फैक्टरी के अधिकांश हिस्से में आग फैल गई. धमाके की आवाज आसपास के इलाकों तक सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई.
सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया. डीएम के मुताबिक, अधिकतर कर्मचारी विस्फोट के तुरंत बाद बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन दो मजदूर अंदर फंस गए और जिंदा जलकर उनकी मौत हो गई. राहत दलों ने आग बुझने के बाद दोनों के शव मलबे से बरामद किए.
घटना में घायल हुए करीब 20 कर्मचारियों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकतर घायलों को मामूली जलन या चोटें आई हैं और सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है. वहीं, फैक्टरी के कुछ कर्मचारियों ने दावा किया है कि हादसे के बाद एक व्यक्ति अभी भी लापता है, जिसे मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है.
गलत बम ने रोकी देश में बड़ी त्रासदी, आतंकियों की योजना फेल हुई
12 Nov, 2025 05:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली(Delhi ) में लाल किला मेट्रो स्टेशन(Red Fort Metro Station) के पास हुए धमाके(Blast) में 12 लोगों की मौत हो गई थी। साथ ही गई घायल हो गए थे। अब खबर है कि विस्फोटक पूरी तरह से विकसित नहीं था, जिसके चलते उसका प्रभाव सीमित रहा। फिलहाल, फॉरेंसिक जांच चल रही है कि घटनास्थल पर किस विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। धमाके के तार फरीदाबाद में बरामद हुए हजारों किलों सामग्री से जुड़ रहे हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘संभावनाएं हैं कि संदिग्ध फरीदाबाद में हुई रेड से डर गया था, जिसके चलते वह हड़बड़ी में जगह बदलने लगा और अनहोनी की आशंका बढ़ गई। ऐसा लगता है कि आवागमन के दौरान यह घटना संदिग्ध आत्मघाती हमले से अनजाने में हुए विस्फोट में बदल गई थी।’ एजेंसी को सूत्रों ने बताया है कि पुलिस आत्मघाती हमला समेत कई पहलुओं पर जांच करर ही है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि खुफिया टीमों के शुरुआती आकलन से पता चला है कि IED को गलत तरीके से बनाया गया था, जिसके चलते इसका विनाशकारी प्रभाव सीमित हो गया था। उन्होंने कहा, ‘बम समय से पहले फट गया और पूरी तरह से विकसित नहीं था। ऐसे में इसका प्रभाव सीमित रहा। विस्फोट से कोई गड्ढा नहीं बना और कोई छर्रे भी बरामद नहीं हुए हैं।’
किसने किया धमाका?
पुलिस जांच जम्मू और कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले डॉक्टर उमर नबी तक पहुंची है। खास बात है कि जिस i20 कार में धमाका हुआ, उसे उमर ही चला रहा था। कथित तौर पर उसके तार हरियाणा के फरीदाबाद में पकड़े गए टेरर मॉड्यूल से जुड़े हुए थे। एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिल्ली-एनसीआर और पुलवामा में सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी से घबराकर धमाका किया गया था।
शुरुआत में माना जा रहा था कि धमाके के दौरान कार में तीन लोग सवार थे, लेकिन अब साफ हो गया है कि सिर्फ उमर ही कार में था। वह टेरर मॉड्यूल के पकड़े जाने के बाद से ही फरार था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कार में करीब 3 घंटे इंतजार के दौरान इंटरनेट पर फरीदाबाद में सहयोगियों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी जुटाई थी। जांचकर्ताओं को उमर के वाहन कहां-कहां गया इसकी 11 घंटों की जानकारी मिल चुकी है।
एजेंसी के अनुसार, जांचकर्ताओं का कहना है कि उमर कार में कथित तौर पर विस्फोटक लेकर चल रहा था, जो संभावित रूप से अमोनियम नाइट्रेट हो सकता है।
जैसलमेर में तीनों सेनाओं का शक्ति प्रदर्शन, अपाचे से लेकर T-90 tank तक शामिल
12 Nov, 2025 05:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: पाकिस्तान (Pakistan) बॉर्डर के पास जैसलमेर (Jaisalmer) के रेगिस्तान में भारत (India) की तीनों सेनाओं थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर जबरदस्त युद्धाभ्यास (Maneuvers) किया. इस अभ्यास का नाम ऑपरेशन त्रिशूल (Operation Trishul) है. इस अभ्यास में भारत की असली ताकत जमीन से लेकर आसमान तक देखने को मिली है. यह अभ्यास पाकिस्तान से कुछ ही किलोमीटर की दूरी हो रहा है.
रेगिस्तान में उड़ती धूल, गरजते टैंक और आसमान में गड़गड़ाते फाइटर जेट ये किसी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि भारतीय सेना का सबसे बड़ा रियल-टाइम अभ्यास मरु ज्वाला है. यह अभ्यास ऑपरेशन त्रिशूल का हिस्सा है, जो 12 दिन तक चल रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के ठीक 6 महीने बाद ये भारतीय सेनाओं का सबसे बड़ा संयुक्त युद्धाभ्यास है.
जहां एक और दिल्ली बम धमाके के बाद देश के सीमा से सटे इलाकों में हाई अलर्ट है. वहीं भारत-पाकिस्तान सीमा पर देश की तीनों सेनाएं अपनी युद्ध की तैयारियों को धार दे रही हैं. जिससे घबरा कर पाकिस्तान भी पश्चिमी सीमा पर हाई अलर्ट मोड में है. इस अभ्यास का मकसद है किसी भी परिस्थिति में, किसी भी इलाके में, एक साथ कार्रवाई करने की क्षमता को परखना है.
T90 टैंक की क्या हैं खासियत?
T-90 टैंक को सामान्य रास्ते पर 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाया जा सकता है. जबकि उबड़ खाबड़ रास्ते पर इसकी अधिकतम रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे के करीब होती है.
इसे रूस के निझ्नी तागिल में उरालवैगनजावोद फैक्ट्री में बनाया जाता है.
T-90 टैंक कहीं भी ले जाए जा सकते हैं.
दुश्मन से बचाव के लिए T90 टैंक में Kaktus K-6 एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर होता है.
रेत के समंदर में तपते मरुस्थल पर चले इस अभियान ने सेना के जवानो की युद्ध कौशल को निखारा है. लेकिन, उससे भी बड़ी बात इन हथियारों में से ऐसे कई जंगी हथियार, टैंक और हेलीकॉप्टर, होवित्जर गन और एयर रडार सिस्टम है. जिन्हें LOC और LAC की सीमा पर तैनात किया जा चुका है.
भारतीय सेना ने पहली बार अपने युद्धाभ्यास में शामिल किए गए अमेरिकी अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टरों ने आसमान से दुश्मन के ठिकानों पर निशाना साधा। इन्हें उड़ता हुआ टैंक कहा जाता है और अब ये भारत की थल सेना का हिस्सा हैं. भारतीय सेना को अमेरिका से तीन AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की पहली खेप जून 2025 में हिंडन एयरबेस पर मिली थी. ये वही मॉडल हैं जो पहले भारतीय वायुसेना के पास थे, लेकिन अब थल सेना के लिए अलग से तैयार किए गए हैं.
इन हेलीकॉप्टरों की खासियत है. इनकी जबरदस्त मारक क्षमता है. ये हेलफायर मिसाइल, हाइड्रो रॉकेट, और स्टिंगर मिसाइल से लैस हैं. साथ ही इनमे लगी 30 मिमी की चेन गन 1,200 राउंड गोला बारूद से एक साथ हमला कर सकती है. इन हेलीकॉप्टरों में 360 डिग्री कवरेज वाला रडार, टारगेट एक्विजिशन सिस्टम और नाइट विज़न कैमरे लगे हैं, जो दिन और रात दोनों वक्त दुश्मन को सटीक निशाना बना सकते हैं.
दिल्ली धमाके के घायलों का हाल जानने LNJP अस्पताल पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी
12 Nov, 2025 04:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा के बाद दिल्ली लौट आए हैं. भूटान से लौटते ही पीएम मोदी दिल्ली के एनएलजेपी अस्पताल पहुंचे हैं, जहां दिल्ली ब्लास्ट में घायलों का इलाज चल रहा है. पीएम मोदी ने यहां पहुंचकर घायलों का हाल जाना. अस्पताल के अधिकारियों और डॉक्टरों ने भी उन्हें स्थिति की जानकारी दी.
बता दें कि दिल्ली में 10 नवंबर की शाम को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास ब्लास्ट हो गया था, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे. सभी घायलों का इलाज इस वक्त एलएनजेपी अस्पताल में चल रहा है.
2 दिवसीय दौरे के बाद लौटे पीएम मोदी
इसके बाद पीएम मोदी सुरक्षा मामलों की कैबिनेट बैठक में भी शामिल होंगे. भूटान के 2 दिवसीय दौरे के बाद आज बुधवार को वापस दिल्ली लौटे हैं, जहां घायलों से मिलने सीधे अस्पताल पहुंचे. भूटान में ही पीएम मोदी ने कहा था कि लाल किले के पास हुए ब्लास्ट मामले में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. किसी कीमत में आरोपियों को बक्शा नहीं जाएगा.
घायलों से मिलने के बाद पीएम ने ‘X’ पर पोस्ट किया, “एलएनजेपी अस्पताल जाकर दिल्ली विस्फोट में घायल हुए लोगों से मुलाकात की. सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. साजिश के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.”
68 लाख किलो नकली घी से बना भगवान का प्रसाद, मंदिर बोर्ड के पूर्व प्रमुख से पूछताछ
12 Nov, 2025 03:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आंध्र प्रदेश के तिरुमला तिरुपति देवस्थानम में चढ़ाए जाने वाले लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले नकली घी मामले में मंदिर बोर्ड के पूर्व प्रमुख से पूछताछ हुई है। जांच एजेंसी ने मंगलवार को तिरुमाला घी में कथित मिलावट मामले में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के पूर्व प्रमुख ए.वी. धर्म रेड्डी से पूछताछ की।
दरअसल, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित टीम ने जांच के दौरान पाया कि आंध्र प्रदेश में तिरुमाला के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पवित्र तिरुपति लड्डू प्रसादम की तैयारी में कथित तौर पर मिलावटी घी का इस्तेमाल किया गया था। तिरुपति मंदिर के पूर्व प्रमुख ए.वी. धर्म रेड्डी, जो टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) के रूप में कार्यरत थे, मामले की विस्तृत जांच के लिए तिरुपति में एसआईटी कार्यालय के समक्ष पेश हुए।
68 लाख किलोग्राम नकली घी
जांच एजेंसी के अनुसार, टीटीडी को 2019 से 2024 तक पांच साल की अवधि में लगभग 250 करोड़ रुपये मूल्य का अनुमानित 68 लाख किलोग्राम नकली घी प्राप्त हुआ। ननेल्लोर एसीबी अदालत को सौंपी गई रिमांड रिपोर्ट में विस्तृत जांच से पता चला कि प्राथमिक आपूर्तिकर्ता - उत्तराखंड स्थित एक डेयरी - ने दूध या मक्खन की एक भी बूंद खरीदे बिना इतनी बड़ी मात्रा में घी पहुंचाने में कामयाबी हासिल की थी।
कथित तौर पर "घी" को ताड़ के तेल, ताड़ की गिरी के तेल और एसिटिक एसिड एस्टर जैसे औद्योगिक रसायनों का उपयोग करके संश्लेषित किया गया था, ताकि शुद्धता परीक्षण (रीचर्ट-मीसल मूल्य) में हेरफेर किया जा सके और टीटीडी की गुणवत्ता जांच से बचा जा सके।
बड़े पैमाने पर मिलावट
गौरतलब है कि पूर्व ईओ ए.वी. धर्म रेड्डी के कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर मिलावट हुई थी। टीटीडी के पूर्व अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी के करीबी और पूर्व निजी सहायक चिन्ना अप्पन्ना की हाल ही में हुई गिरफ्तारी के बाद जांच में नया मोड़ सामने आया है। अप्पन्ना पर कथित तौर पर अयोग्य डेयरियों को ठेके दिलाने और निविदा प्रक्रियाओं में हेराफेरी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है। अब पूर्व ईओ ए.वी. धर्म रेड्डी से पूछताछ चल रही है।
एसआईटी जारी कर सकती है नोटिस
एसआईटी इस मामले में पूछताछ के लिए टीटीडी के पूर्व अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी को भी नोटिस जारी कर सकती है। एजेंसी का लक्ष्य खरीद और गुणवत्ता नियंत्रण में हुई चूक के लिए जिम्मेदार पूरी कमान श्रृंखला का पता लगाना है, जिसने कथित तौर पर व्यापक रूप से प्रतिष्ठित प्रसादम की पवित्रता से समझौता किया।
ऑपरेशन ‘त्रिशूल’ में भारत की युद्ध शक्ति का प्रदर्शन, अपाचे हेलीकॉप्टर और T-90 टैंक ने लहराया परचम
12 Nov, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान बॉर्डर के पास जैसलमेर के रेगिस्तान में भारत की तीनों सेनाओं थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर जबरदस्त युद्धाभ्यास किया. इस अभ्यास का नाम ऑपरेशन त्रिशूल है. इस अभ्यास में भारत की असली ताकत जमीन से लेकर आसमान तक देखने को मिली है. यह अभ्यास पाकिस्तान से कुछ ही किलोमीटर की दूरी हो रहा है.
रेगिस्तान में उड़ती धूल, गरजते टैंक और आसमान में गड़गड़ाते फाइटर जेट ये किसी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि भारतीय सेना का सबसे बड़ा रियल-टाइम अभ्यास मरु ज्वाला है. यह अभ्यास ऑपरेशन त्रिशूल का हिस्सा है, जो 12 दिन तक चल रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के ठीक 6 महीने बाद ये भारतीय सेनाओं का सबसे बड़ा संयुक्त युद्धाभ्यास है.
हर हालत में सेनाएं तैयार
जहां एक और दिल्ली बम धमाके के बाद देश के सीमा से सटे इलाकों में हाई अलर्ट है. वहीं भारत-पाकिस्तान सीमा पर देश की तीनों सेनाएं अपनी युद्ध की तैयारियों को धार दे रही हैं. जिससे घबरा कर पाकिस्तान भी पश्चिमी सीमा पर हाई अलर्ट मोड में है. इस अभ्यास का मकसद है किसी भी परिस्थिति में, किसी भी इलाके में, एक साथ कार्रवाई करने की क्षमता को परखना है.
ऑपरेशन त्रिशूल के इस अभ्यास ने साफ कर दिया है कि भारत की सेनाएं न सिर्फ तकनीकी रूप से तैयार हैं, बल्कि किसी भी हालात में दुश्मन को जवाब देने की पूरी ताकत रखती हैं.
T90 टैंक की क्या हैं खासियत?
T-90 टैंक को सामान्य रास्ते पर 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाया जा सकता है. जबकि उबड़ खाबड़ रास्ते पर इसकी अधिकतम रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे के करीब होती है.
इसे रूस के निझ्नी तागिल में उरालवैगनजावोद फैक्ट्री में बनाया जाता है.
T-90 टैंक कहीं भी ले जाए जा सकते हैं.
दुश्मन से बचाव के लिए T90 टैंक में Kaktus K-6 एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर होता है.
रेत के समंदर में तपते मरुस्थल पर चले इस अभियान ने सेना के जवानो की युद्ध कौशल को निखारा है. लेकिन, उससे भी बड़ी बात इन हथियारों में से ऐसे कई जंगी हथियार, टैंक और हेलीकॉप्टर, होवित्जर गन और एयर रडार सिस्टम है. जिन्हें LOC और LAC की सीमा पर तैनात किया जा चुका है.
पहली बार युद्धाभ्यास में गरजे अपाचे हेलीकॉप्टर!
भारतीय सेना ने पहली बार अपने युद्धाभ्यास में शामिल किए गए अमेरिकी अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टरों ने आसमान से दुश्मन के ठिकानों पर निशाना साधा। इन्हें उड़ता हुआ टैंक कहा जाता है और अब ये भारत की थल सेना का हिस्सा हैं. भारतीय सेना को अमेरिका से तीन AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की पहली खेप जून 2025 में हिंडन एयरबेस पर मिली थी. ये वही मॉडल हैं जो पहले भारतीय वायुसेना के पास थे, लेकिन अब थल सेना के लिए अलग से तैयार किए गए हैं.
इन हेलीकॉप्टरों की खासियत है. इनकी जबरदस्त मारक क्षमता है. ये हेलफायर मिसाइल, हाइड्रो रॉकेट, और स्टिंगर मिसाइल से लैस हैं. साथ ही इनमे लगी 30 मिमी की चेन गन 1,200 राउंड गोला बारूद से एक साथ हमला कर सकती है. इन हेलीकॉप्टरों में 360 डिग्री कवरेज वाला रडार, टारगेट एक्विजिशन सिस्टम और नाइट विज़न कैमरे लगे हैं, जो दिन और रात दोनों वक्त दुश्मन को सटीक निशाना बना सकते हैं.
इस बार ये अपाचे हेलीकॉप्टर जैसलमेर के रेगिस्तान में चल रहे ऑपरेशन त्रिशूल और मरु ज्वाला युद्धाभ्यास में पहली बार शामिल हुए. यहां इन्होंने टी-90 टैंकों और थल सेना के जवानों को हवा से कवर फायर दिया. फिलहाल इनका प्रशिक्षण महाराष्ट्र के नासिक स्थित आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में चल रहा है. जल्द ही इन्हें जोधपुर के नगतलाओ बेस पर तैनात किया जाएगा, जिससे पश्चिमी सीमा पर सेना की हवाई ताकत और बढ़ जाएगी.
लखनऊ में परवेज अंसारी के घर से मिले 6 की-पैड फोन और इंटरनेशनल सिम, जानिए किससे करता था बात?"
12 Nov, 2025 01:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Lucknow ATS Raid: लखनऊ ATS (एंटी टेररिज्म स्क्वाड) के हाथ बड़ी सफलता हाथ लगी है. ATS ने डॉक्टर परवेज अंसारी के लखनऊ वाले घर से कई सीक्रेट डिवाइस और हथियार बरामद किए हैं. जानकारी के अनुसार परवेज इन डिवाइस का उपयोग भारत के बाहर बातचीत करने के लिए करता है.
जानकारी के अनुसार ATS को परवेज के घर से 6 की-पैड मोबाइल, इंटरनेशनल सिम कार्ड, कंप्यूटर, सीक्रेट डिस्क और तीन बड़े चाकू भी मिले हैं. मंगलवार को परवेज के घर पर छापा मारा गया था लेकिन वह इससे पहले ही फरार हो गया था. हालांकि ATS ने उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ जारी है.
कौन है डॉक्टर परवेज अंसारी?
परवेज अंसारी आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी डॉक्टर शाहीन अंसारी का भाई है. शाहीन को फरीदाबाद से विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया था. साथ ही शाहीन की कार से AK-47 बरामद की गई थी. जिसके बाद शाहीन की गिरफ्तारी हुई. शाहीन से मिल इनपुट के बाद ही एसटीएफ ने उसके छोटे भाई डॉ. परवेज अंसारी पर जांच शुरू की थी. लेकिन वह गिरफ्तारी से पहले ही घर पर ताला लगाकर भाग निकला था.
परवेज के डॉ मुजम्मिल से पुराने संबंध
परवेज अंसारी के फरीदाबाद में पकड़े गए डॉ मुजम्मिल से भी पुराने संबंध होने के सबूत मिले थे. जिसके बाद एटीएस और पुलिस की जॉइंट टीम ने ये छापेमारी की थी. डॉ मुजम्मिल से ही शाहीन जुड़ी थी, जो इस मामले में मुख्य किरदार है. शाहीन के माध्यम से परवेज जुड़ा था. अब तक तीन लोग इस कड़ी के तहत पकड़े गए हैं. अभी और इसमें कितने लोग शामिल हैं, इसका पता लगाया जा रहा है.
सोमवार की शाम हुआ था दिल्ली में धमाका
बता दें, दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार को i-20 कार में ब्लास्ट हुआ. जिसमें अब 12 लोगों की मौत हुई, जबकि 20 लोग घायल हैं. यह हादसा इतना इतना भयावह था कि शव टुकड़ों-टुकड़ों में बिखर गया था. हादसे के बाद ATS ने जांच को तेज करते हुए अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह आतंकी उमर से भी जुड़ा हुआ था.
अल-फलाह यूनिवर्सिटी से रची गई दिल्ली ब्लास्ट की साजिश, ATS को मिले कई अहम सुराग
12 Nov, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग नंबर 17 के रूम नंबर 13 से इस ब्लास्ट की साजिश रची गई थी। इस रूम से चार आरोपियों के कनेक्शन सामने आए हैं। पुलिस ने तीन को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या ये आरोपी किसी बड़े आतंकी संगठन से जुड़े थे या खुद ही साजिश कर रहे थे।
फरीदाबाद में मिले 2900 किलोग्राम विस्फोटक का लिंक भी इसी यूनिवर्सिटी से जुड़ा बताया जा रहा है। रूम नंबर 13 तीसरी मंजिल पर था, जो डॉ. मुज्जमिल अहमद गनेई उर्फ मुसैब के नाम पर अलॉट था, जबकि पास का कमरा डॉ. उमर को मिला था। दोनों एक ही कमरे में रहते थे और पिछले तीन महीनों से जैश-ए-मोहम्मद और अंसर गजावत-उल-हिंद जैसे आतंकी संगठनों के संपर्क में थे।
सोमवार को ATS की टीम ने यूनिवर्सिटी परिसर में करीब 5 घंटे तक पूछताछ की और रूम 13 का दरवाजा तोड़कर तलाशी ली। जांच के दौरान कई सामान जब्त किए गए। अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी स्टाफ से सहयोग की अपील की ताकि निर्दोषों को परेशानी न हो और अपराधी बच न पाएँ।
इस केस में डॉ. शाहीन अंसारी मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है। उसे फरीदाबाद से विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसका भाई परवेज अंसारी भी पुलिस की गिरफ्त में है। जांच एजेंसियों को पेन ड्राइव, मोबाइल और लैपटॉप से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। कुल मिलाकर, अल-फलाह यूनिवर्सिटी दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन से जांच एजेंसियां अब कई अहम दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
दूल्हे का रंग था काला, दुल्हन ने शादी के 8 दिन बाद किया सुसाइड; रेलवे ट्रैक पर मिला शव
12 Nov, 2025 12:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कौशाम्बी। कौशाम्बी जिले (Kaushambi District) से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां शादी के सिर्फ आठ दिन बाद एक नवविवाहिता (Newly Married) का शव रेलवे ट्रैक (Railway Tracks) पर क्षत-विक्षत (Mutilated Condition) हालत में मिला। शव मिलने की जानकारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल पुलिस (Police) मामले की जांच में जुटी है। वहीं महिला (Women) के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक बीते 2 नवंबर को महिला की शादी हुई थी। वह शादी के बाद मायके आई थी। रविवार के शाम को वह लापता हो गई थी, जिसके बाद उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला है।
दरअसल, कौशाम्बी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र के मरधरा मानव रहित फाटक के पास सुबह एक नवविवाहिता का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने जब शव देखा तो मौके पर भीड़ जमा हो गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मृतका की पहचान रिंकी देवी के रूप में हुई है। रिंकी की शादी 2 नवंबर को चरवा कोतवाली के सीरियावां कला गांव निवासी देशराज के साथ हुई थी। बताया जा रहा है कि शादी रिंकी और उसके परिवार की रजामंदी के बिना कराई गई थी, क्योंकि दूल्हे का रंग काला था।
शुक्रवार को रिंकी मायके से ससुराल लौटी थी और जल्द ही उसका ‘थवन’ होना था। इसी बीच रविवार की शाम अचानक वह घर से बिना बताए लापता हो गई। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, और अगले दिन रेलवे लाइन पर उसका शव मिला। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त की। परिजनों को खबर दी गई तो ससुराल और मायके दोनों पक्षों में कोहराम मच गया। सभी रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विदेश में फंसी भारतीय बेटी! बोली_दत्तक मां मुझ पर धर्म बदलने का दबाव डाल रही है, ओडिशा CM से गुहार
12 Nov, 2025 11:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । अमेरिकी दंपत्ति द्वारा गोद ली गई एक उड़िया मूल की लड़की के साथ उत्पीड़न का मामला सामने आया है। लड़की ने एक वीडियो के माध्यम से अपने दत्तक माता-पिता पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी से मदद की गुहार लगातार घर वापसी कराने की अपील की है।
लड़की की पहचान बालासोर निवासी पूजा उर्फ सेजल के रूप में हुई है। उसने दावा किया कि अमेरिका में उसकी दत्तक माता लगातर उसे प्रताड़ित कर रही है। पूजा ने एक वीडियो संदेश जारी करके राज्य के मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे कोई आज़ादी नहीं है। मुझे बाहर जाने की अनुमति नहीं है। मुझे ठीक से खाना, आराम और नींद नहीं मिलती, फिर भी मुझे घर के सारे काम करने पड़ते हैं। मुझे यहां बहुत प्रताड़ित किया जाता है। मैं जल्द से जल्द ओडिशा लौटना चाहती हूं और मुख्यमंत्री से मदद की अपेक्षा करती हूं।”
वीडियो में पूजा ने कहा कि उसका वीजा 2023 में समाप्त हो गया है, जिससे वह बिना किसी कानूनी दस्तावेज के अमेरिका में फंस गई है। उसने दावा किया कि उसकी दत्तक मां उस पर दूसरा धर्म अपनाने का दबाव बना रही है।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब पूजा ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपने पूर्व अनाथालय के साथी अमर दास को अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद अमर दास ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे को अधिकारियों के ध्यान में लाया और पूजा को बचाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 2018 में एक अमेरिकी दंपत्ति द्वारा गोद लिए जाने से पहले पूजा चाइल्डलाइन के एक आश्रय गृह में रह रही थी। इससे पहले एक ट्रेन यात्रा के दौरान लापता होने के बाद उसे बचपन में ही बचा लिया गया था। वह पहले नीलगिरि के एक बालिका आश्रय गृह में रही और बाद में भुवनेश्वर के नाहरकांटा स्थित एक बाल गृह में चली गई, जहां उसने गोद लिए जाने तक अपनी पढ़ाई जारी रखी।
दिल्ली ब्लास्ट का प्रेमानंद महाराज की परिक्रमा पर असर, नहीं होंगे संत के दर्शन
12 Nov, 2025 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मथुरा: दिल्ली ब्लास्ट (Delhi Blast) के बाद उत्तर प्रदेश के सभी फेमस तीर्थस्थलों (Pilgrimage Sites) को लेकर प्रशासन (Administration) अलर्ट मोड (Alert Mode) पर है. इसी क्रम में मथुरा (Mathura) में भी सुरक्षा व्यवस्था (Security Arrangements) सख्त कर दी गई है. जिसका असर संत प्रेमानंद महाराज (Sant Premanand Maharaj) की सुबह निकलने वाली परिक्रमा में भी देखने मिला. जी हां दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद आज सुबह संत की परिक्रमा स्थगित कर दी गई. यह फैसला प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है.
दरअसल, संत प्रेमानंद महाराज हर रोज सुबह पदयात्रा निकालते हैं, जहां उनके दर्शन करने हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं. भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने मथुरा के सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों पर अलर्ट जारी कर दिया. हाई अलर्ट के चलते और लोगों की सुरक्षा को लेकर संत प्रेमानंद की भी यात्रा फिलहाल के लिए रोक दी गई है. जबसे यह खबर उनके चाहने वाले भक्तों को मिली है तब से वह निराश है. जब आज मंगवार की सुबह दूर-दराज से संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने भक्त पहुंचे तो उन्हें पता चला कि संत की यात्रा स्थगित कर दी गई है.
क्या बागेश्वर बाबा की पदयात्रा में शामिल होंगे प्रेमानंद महाराज? सामने आया नया अपडेट
12 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) द्वारा शुरू की गई ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ को लेकर देश भर के सनातन धर्म प्रेमियों में भारी उत्साह है. यह पदयात्रा मंगलवार को दिल्ली से शुरू हो चुकी है, जो अगले 10 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 16 नवंबर को छटीकरा चार धाम से वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में होगा. हालांकि, इस पदयात्रा को लेकर एक बड़ा प्रश्न संत प्रेमानंद महाराज के भक्तों के मन में जिज्ञासा पैदा कर रहा है: क्या प्रेमानंद महाराज भी इस महत्वपूर्ण ‘सनातन एकता पदयात्रा’ में शामिल होंगे? आइए जानते हैं बाबा बागेश्वर के आमंत्रण और प्रेमानंद महाराज की संभावित भागीदारी से जुड़ी अब तक की पूरी जानकारी.
आपको बता दें कि आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पिछले महीने ही अचानक वृंदावन पहुंचकर सभी को चौंका दिया था. वह सीधे श्री राधा केलिकुंज पहुंचे और प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज जी से भेंट की. यह मुलाकात न सिर्फ आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण थी, बल्कि इसका एक खास उद्देश्य भी था. इस भेंट के दौरान, बागेश्वर बाबा ने अपनी आगामी सनातन एकता पदयात्रा का आमंत्रण स्वयं प्रेमानंद महाराज को दिया था. प्रेमानंद महाराज ने बाबा बागेश्वर का स्नेहपूर्वक गले लगाकर स्वागत किया और उनके आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार भी किया था. दोनों संतों के बीच लगभग पंद्रह मिनट तक गहन आध्यात्मिक चर्चा हुई, जिसमें मुख्य रूप से सनातन धर्म की एकता, समाज में जागरूकता और धर्म प्रचार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया था.
‘सनातन एकता पदयात्रा’ का मुख्य उद्देश्य देश भर में सनातन संस्कृति के प्रति एकता और जागरूकता का संदेश फैलाना है. चूंकि प्रेमानंद महाराज स्वयं सनातन धर्म के प्रचारक हैं, इसलिए उनकी भागीदारी को लेकर उत्सुकता चरम पर है. मुलाकात के दौरान, संत प्रेमानंद महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री को आशीर्वाद देते हुए कहा था कि वह भाव रूप में इस यात्रा में सम्मिलित रहेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि शास्त्री जी की यह पहल सनातन धर्म को एक नई और सकारात्मक दिशा देगी. आपको बता दें बागेश्वर धाम की ओर से यह बताया गया है कि प्रेमानंद महाराज को निमंत्रण भेजा गया है, लेकिन अभी तक उनकी ओर से पदयात्रा में शामिल होने की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. इसलिए प्रेमानंद महाराज इस यात्रा में शारीरिक रूप से शामिल होंगे या नहीं, इसके बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. अब भक्तों को अब 16 नवंबर को वृंदावन में होने वाले समापन का इंतजार है, ताकि यह साफ हो सके कि सनातन धर्म के इन दो प्रमुख संतों का संगम इस पदयात्रा के दौरान हो पाता है या नहीं.
घर में अचानक बेहोश हुए फिल्म अभिनेता गोविंदा, अस्पताल में कराए गए भर्ती
12 Nov, 2025 08:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। बॉलीवुड एक्टर (Film actor) गोविंदा ( Govinda) और पूर्व सांसद की तबीयत अचानक खराब हो गई. मंगलवार रात 8 बजे अचानक गोविंदा की तबीयत बिगड़ी. मिली जानकारी के अनुसार डिसओरिएंटेशन (Disorientation) के कारण उनकी सेहत बिगड़ी. गोविंदा को उपनगरीय जुहू स्थित क्रिटिकेयर अस्पताल (hospital) में भर्ती कराया गया. उनके मित्र और कानूनी सलाहकार ललित बिंदल ने मंगलवार रात यह जानकारी दी. हालांकि अब गोविंदा की तबीयत स्थिर है और वह आराम कर रहे हैं.
61 वर्षीय अभिनेता को कथित तौर पर उनके आवास पर बेहोश होने के बाद अस्पताल ले जाया गया. गोविंदा के अचानक बेहोश हो जाने के बाद उन्हें क्रिटिकेयर अस्पताल ले जाया गया. वह फिलहाल निगरानी में हैं. उन्होंने कहा कि अभिनेता के महत्वपूर्ण मापदंडों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और डॉक्टर ज़रूरी जांच कर रहे हैं.
गोविंदा के हुए मेडिकल टेस्ट
ललित बिंदल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गोविंदा के कई सारे मेडिकल टेस्ट करवाए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. इससे पहले भी गोविंदा अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं. एक्टर को करीब एक साल पहले अपनी ही लाइसेंसी पिस्टल से गलती से गोली लग गई थी. उन्होंने बताया था कि वह अपने घर पर रिवॉल्वर की सफाई कर रहे थे और उनके हाथ से वह फिसलकर उनके बायें घुटने में लग गई.
पहले गोली लगने के चलते हुए थे भर्ती
हाल ही में गोविंदा की बेटी टीना ने खुलासा किया था कि वह अपने पिता को अस्पताल लेकर गई थीं. जहां उनका ऑपरेशन किया गया और गोली निकाली गई थी. गोविंदा की सेहत को लेकर परेशान लोगों ने उनके लिए दुआ भी की थी. डिस्चार्ज होने के बाद जब गोविंदा सभी के बीच आए तो उन्होंने अपने फैन्स को थैंक्स भी कहा था. बता दें, गोविंदा लंबे वक्त से अपनी निजी जिंदगी को लेकर लगातार चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं. पत्नी सुनीता के साथ उनका रिश्ते अक्सर सुर्खियां बटोरता रहता है.
साडा अध्यक्ष पद के लिए अशोक शर्मा का नाम चर्चा में
