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महागठबंधन का पतन: कांग्रेस की करारी हार ने डुबो दिया लुटिया, जानिए क्या है सीटों का आंकड़ा!
14 Nov, 2025 08:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Election Results 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम महागठबंधन के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे. मतगणना के रुझानों और अंतिम नतीजों ने साफ कर दिया कि सत्ता की दौड़ में पीछे रहने का सबसे बड़ा कारण राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की सहयोगी कांग्रेस का बेहद खराब प्रदर्शन रहा है.
महागठबंधन की सबसे बड़ी गलती कांग्रेस पर अत्यधिक भरोसा करना साबित हुई. तेजस्वी यादव की पार्टी ने कांग्रेस को सम्मानजनक रूप से 61 सीटें दी थीं, लेकिन परिणामों ने दिखाया कि कांग्रेस इनमें से अधिकांश सीटों पर जीत हासिल करने में पूरी तरह विफल रही.
स्ट्राइक रेट हुआ धड़ाम
चुनाव के अंतिम रुझानों के मुताबिक, कांग्रेस महज 5 से 9 सीटों पर ही सिमटती दिख रही है. अगर हम 61 सीटों पर पार्टी के प्रदर्शन को देखें तो इसका स्ट्राइक रेट 20% से भी नीचे चला गया है. राजनीतिक विश्लेषक इसे महागठबंधन के लिए ‘पैर में कुल्हाड़ी मारना’ जैसा बता रहे हैं, क्योंकि जिन सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ रही थी, उन्हें भी वह एनडीए के पाले में जाने से नहीं रोक पाई.
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बिहार में सिमट गया ‘हाथ’ का जनाधार
विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में अब कांग्रेस का स्वयं का जनाधार लगभग खत्म हो चुका है. यह पार्टी अब केवल एक ‘परजीवी’ बनकर रह गई है, जो सहयोगी दल के वोट बैंक पर निर्भर रहती है, लेकिन अपने दम पर मतदाताओं को रिझा नहीं पाती.
यह समस्या नई नहीं है. पिछले विधानसभा चुनाव (2020) में भी कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. तब पार्टी ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था और केवल 19 सीटें जीती थीं, जिसका स्ट्राइक रेट 27% था. इस बार, यह आंकड़ा और भी नीचे गिर गया है, जिससे यह साफ होता है कि बिहार की राजनीति में कांग्रेस की जमीन तेजी से सिकुड़ती जा रही है.
प्रचार हुआ फीका
चुनाव से ठीक पहले राहुल गांधी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान काफी आक्रामक प्रचार किया था. कई मुद्दों पर एनडीए को घेरने में वह कुछ हद तक कामयाब भी हुए, लेकिन यह माहौल को वोटों में बदलने में सफल नहीं हो पाया. जनता ने महागठबंधन की रैलियों में उत्साह दिखाया, मगर वोटिंग मशीन पर बटन दबाते वक्त उनका विश्वास कांग्रेस पर नहीं बन पाया. कुल मिलाकर, कांग्रेस का बेहद कमजोर प्रदर्शन 2025 के बिहार चुनाव में महागठबंधन की हार का एक बड़ा और निर्णायक कारक बन गया है.
घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा ‘राह वीर’ अवॉर्ड, सरकार देगी 25 हजार व सम्मान पत्र
14 Nov, 2025 08:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिरोही : सिरोही जिला परिवहन अधिकारी रामेश्वर प्रसाद वैष्णव ने बताया कि योजना अंतर्गत राह वीर को 25 हजार रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। व्यक्तिगत मामलों में पुरस्कार के अतिरिक्त, सर्वाधिक योग्य राह वीरों (जिनका चयन पूरे वर्ष के दौरान सम्मानित किए गए लोगों में से किया जाएगा) के लिए हर साल 10 राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार दिए जाएंगे और प्रत्येक को 1 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
वैष्णव के अनुसार, योजना का मुख्य उद्देश्य नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए आमजन को प्रेरित व प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही, इस माध्यम से यह भी प्रयास किया जा रहा है कि गोल्डन ऑवर (गंभीर चोट के बाद एक घंटे की अवधि) के दौरान पीड़ितों की जान बचाई जा सके। उन्होंने आमजन से सड़क हादसों में घायलों को बचाने के लिए तत्परता से सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया है।
कौन होगा राह वीर
जिला परिवहन अधिकारी वैष्णव के अनुसार, राह वीर वह व्यक्ति है जो सद्भावपूर्वक, स्वेच्छा से तथा बिना किसी पुरस्कार या मुआवजे की अपेक्षा के दुर्घटना स्थल पर पीड़ित को आपातकालीन चिकित्सा देखभाल या सहायता प्रदान करता है तथा पीड़ित को अस्पताल पहुंचाता है। राह वीर मोटर वाहन से संबंधित दुर्घटना के पीड़ित को हुई किसी भी चोट या मृत्यु के लिए सिविल या आपराधिक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
बिना क्लीनर ऐप के खाली करें स्मार्टफोन का स्टोरेज, जानें तरीका
14 Nov, 2025 08:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : स्मार्टफोन यूजर्स को अक्सर फोन के स्टोरेज फुल होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वे फोन में मौजूद फालतू फोटोज और विडियोज को डिलीट कर स्पेस बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में यह समस्या फिर से सामने आ जाती है। वहीं, कुछ यूजर ऐसे भी हैं जो थर्ड पार्टी स्टोरेज क्लीनर ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, कुछ दिन पहले तक इन ऐप्स का इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं थी, लेकिन हाल में आई एक रिपोर्ट में इन्हें खतरनाक बता दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसे क्लीनर ऐप हैं जो यूजर डेटा की चोरी करने के साथ ही डिवाइस को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसी ट्रिक्स के बारे में बता रहे हैं जिनसे आप बिना क्लीनर ऐप्स की मदद लिए अपने फोन के स्टोरेज को खाली कर सकते हैं।
कैश क्लियर करें
ज्यादातर ऐंड्रॉयड ऐप्स यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए कैश डेटा का इस्तेमाल करते हैं। कैश डेटा समय की बचत तो करता है, लेकिन यह फोन के इंटरनल स्टोरेज में काफी जगह ले लेता है। अगर इसे समय-समय पर क्लियर न किया जाए तो यह स्टोरेज कम करने के साथ ही फोन की स्पीड को भी धीमा कर देता है। बता दें कि किसी ऐप के सही ढंग से काम करने के लिए कैश डेटा की जरूरत नहीं पड़ती। यह केवल यूजर की सहूलियत के लिए होता है। ऐसे में बेहतर होगा कि जब भी आपको अपने फोन के स्टोरेज को खाली करने का ख्याल आए तो सबसे पहले आप कैश डेटा को डिलीट करें। यह तुरंत आपके फोन में स्टोरेज को बढ़ा देगा। हर ऐप यूजर को बेस्ट एक्सपीरियंस देने के लिए अपना कैश बनाता है। आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में दिए गए स्टोरेज ऑप्शन में जाकर हर ऐप के कैश डेटा को क्लियर कर सकते हैं।
बैकअप हुए गूगल फोटोज को करें डिलीट
फोन में क्लिक की गई सभी फोटोज का गूगल फोटो ऑटोमैटिकली बैकअप ले लेता है। यह अच्छा भी है क्योंकि इससे यह पक्का हो जाता है कि आपके फोटो हमेशा सेफ रहेंगे और फोन खोने या बदलने की स्थिती में भी आप उन्हें ऐक्सेस कर सकेंगे। हालांकि, कई यूजर यह गलती करते हैं कि वे फोटो के बैकअप होने के बाद भी उसे डिवाइस पर सेव रखते हैं। ऐसा करने से फोन के स्टोरेज में कमी आती है। बेहतर होगा कि आप गूगल पर स्टोर हुए फोटोज को सिस्टम मेमरी से डिलीट कर दें। अगर आपको किसी कॉन्टेंट को तुरंत ऐक्सेस नहीं करना है तो आप गूगल फोटोज में दिए गए 'Free up space' ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करने से सारे फोटो फोन से तो डिलीट हो जाएंगे लेकिन क्लाउड पर सेव रहेंगे।
फालतू ऐप्स को करें डिलीट
हम में कई ऐसे यूजर हैं जिन्हें फोन में ढेरों ऐप रखने की आदत होती है। इन ऐप्स की संख्या 100 तक भी हो सकती है। मजेदार बात यह है कि इनमें से आधे ऐप ऐसे होते हैं जिनकी जरूरत केवल इंस्टॉल किए जाने के वक्त होती है। वहीं, कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम महीनों से इस्तेमाल नहीं कर रहे। फोन के स्टोरेज के लिए अच्छा रहेगा कि इन फालतू ऐप्स की पहचान कर उसे डिलीट कर दिया जाए।
डाउनलोड फाइल्स को करें डिलीट
सभी स्मार्टफोन एक डाउनलोड फोल्डर के साथ आते हैं। इस फोल्डर को आमतौर पर 'My Files' में जाकर देखा जा सकता है। समय बीतने के साथ ही इसमें कई सारी डाउनलोड की हुई फाइलें सेव हो जाती है। इनमें से कुछ ही ऐसी होती होंगी जिनकी जरूरत डाउनलोड किए जाने के कुछ दिन बाद होती होगी। फोन के स्टोरेज का खाली करने के लिए बेहतर होगा कि उन फाइल्स को डिलीट कर दिया जाए जिसकी जरूरत न हो।
जंक फाइल्स को हटाएं
अगर ऊपर बताए गए तरीकों के बाद भी आपके फोन का स्टोरेज पूरा तरह फ्री नहीं हो रहा तो बेहतर होगा कि आप डिवाइस के जंक फाइल्स को डिलीट करें। जंक फाइल्स को डिलीट करने के लिए आप गूगल फाइल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। जंक फाइल्स वे फाइलें होती हैं जो न तो कैश में दिखती हैं और ना हीं डाउनलोड्स में। नजर न आने के बावजूद भी ये स्मार्टफोन के स्टोरेज को कम करने का काम करती हैं। गूगल फाइल्स फोन में मौजूद ड्यूप्लिकेट फाइल्स को डिटेक्ट कर लेता है और यूजर को बताता है कि कौन से ऐप ज्यादा स्टोरेज ले रहे हैं।
एसडी कार्ड का करें इस्तेमाल
अगर आपके स्मार्टफोन का इंटरनल स्टोरेज आपकी जरूरत के हिसाब से कम है, तो बेहतर होगा कि आप एक एसडी कार्ड का इस्तेमाल करें। आजकल लगभग सभी फोन माइक्रो एसडी कार्ड स्लॉट के साथ आते हैं।
पति ने तलाक मांगने की हैरान करने वाली वजह बताई, कहा- पत्नी घर में कुत्ते ले आई
14 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: देश में आज के समय में तलाक (Divorce) का मामला बिल्कुल आम सा हो गया है. हालांकि कुछ तलाक के मामले देशभर में चर्चा का विषय बने रहते हैं. इन दिनों गुजरात के अहमदाबाद (Ahmedabad) का एक मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है. यहां एक पति (Husband) ने पत्नी (Wife) पर क्रूरता का आरोप (Alleging Cruelty) लगाते हुए तलाक मांगा है. पति का कहना है कि पत्नी घर में आवारा कुत्ते (Dog) लाती थी और उसे अपमानित करने के लिए एक शरारती कॉल करती थी. इसी का हवाला देते हुए उसने कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई है.
फैमिली कोर्ट ने पति की तलाक याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद पति ने गुजरात हाईकोर्ट में अपील की है. मामला आवारा कुत्तों, सार्वजनिक अपमान और पति के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जुड़ा है. यही वजह है कि इसकी चर्चा हो रही है. पति ने तलाक लेने के पीछे एक और वजह बताई है, उसने कहा कि तनाव से मेरी शारीरिक क्षमताएं कमजोर पड़ गईं .
पति की अपील के अनुसार, इस जोड़े की शादी 2006 में हुई थी और उसकी मुसीबतें तब शुरू हुई जब उसकी पत्नी एक ऐसे सोसाइटी में रहते हुए अपने फ्लैट में एक आवारा कुत्ता ले आई. जहां कुत्तों को पालतू जानवर के रूप में रखना प्रतिबंधित था. फिर वह और भी आवारा कुत्ते ले आई, उससे खाना बनाने, सफाई करने और उनकी देखभाल करने को कहा गया. उसने कहा कि एक कुत्ते ने उसे काट लिया जब उसने उनके बिस्तर पर सोने की ज़िद की.
पति के मुताबिक, कुत्तों की बढ़ती संख्या से पड़ोसी उनके खिलाफ हो गए, जिसके बाद 2008 में पुलिस शिकायत दर्ज हुई. उसने यह भी कहा कि पत्नी के एनिमल राइट्स ग्रुप से जुड़ने के बाद, उसने बार-बार दूसरों के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की. पति पर थाने आने के लिए दबाव बनाया और मना करने पर गाली-गलौज कर उसका अपमान किया.
मध्य प्रदेश में लंपी वायरस का अटैक, मवेशियों के लिए कितना खतरनाक है ये वायरस
14 Nov, 2025 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल में इन दिनों लंपी वायरस का अटैक देखने को मिल रहा है. जगह-जगह आपको ऐसे मवेशी देखने को मिल जाएंगे, जो लंपी वायरस से प्रभावित हैं. लंपी वायरस इतना खतरनाक है कि ये मवेशियों को परेशान कर देता है, या यूं कहें की अगर ये अपने पूरे शबाब पर आ जाए, तो मवेशी दर्द से तड़पते हैं, क्योंकि ये पूरे शरीर में गांठे बना देता है. वो गांठ आगे चलकर घाव का रूप ले लेती है. मवेशी खाना छोड़ देते हैं. अब आप समझ सकते हैं कि जिन भी मवेशियों में ये वायरस होता है, उनके लिए कितना खतरनाक होता होगा.
लंपी वायरस का अटैक
शहडोल जिला मुख्यालय से लगभग 10 से 15 किलोमीटर दूर खम्हरिया कला ग्राम पंचायत के रहने वाले राजेंद्र गौतम अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से एक हैं, किसान और पशुपालक भी हैं. वो बताते हैं कि "पिछले कुछ दिनों से उनके पशुओं में लंपी वायरस का अटैक हुआ है. जिसमें उनकी एक छोटी बछिया काल के गाल में समा भी गई है. शुरुआत में तो वो इस वायरस के बारे में नहीं समझ पाए, लेकिन फिर जब उनके तीन और गौवंश में इस वायरस का अटैक हुआ था, तो उन्होंने तुरंत ही समय पर डॉक्टर से संपर्क किया. अपने मवेशियों का इलाज कराया, तो वो जल्द ही पूरी तरह से ठीक हो गई.
इसके अलावा उन्होंने अपने मवेशियों को लंपी वायरस की वैक्सीन भी लगवाई है. राजेंद्र गौतम बताते हैं कि इस क्षेत्र के अधिकतर गांव के घरों के मवेशियों में लम्पी वायरस का अटैक देखने को मिला है. 3 साल पहले भी इस गांव में गौवंश में लंपी वायरस का अटैक हुआ था. ये इतना खतरनाक है कि अगर एक-दो मवेशियों में वायरस हुआ, तो धीरे-धीरे कई मवेशियों में ये फैल जाता है. राजेंद्र ने बताया कि इस वायरस के अटैक के बाद मवेशी चारा खाना छोड़ देता है. उसको बुखार हो जाता है, शरीर में फफोले टाइप में पड़ने लगते हैं.
गठानें बनने लगती है, जिसे फोड़ा भी कह सकते हैं. उसके अंदर मवाद भर जाता है. अगर उसका सही समय पर इलाज नहीं हुआ, तो वो फूटता भी है. शरीर में एक दो फोड़े हो तो बात अलग है, पूरे शरीर में अनगिनत फोड़े पड़ जाते हैं. तब आप समझ सकते हैं कि मवेशी को कितना कष्ट होता होगा. शहडोल के ऐसे कई गांवों और शहरी मुख्यालय के मवेशियों में लम्पी वायरस का अटैक देखने को मिला है. कई मवेशी इस वायरस से उबर भी चुके हैं और वे स्वस्थ हैं, लेकिन शरीर में जो गठान बने, फिर घाव बना, उसके निशान अब भी उनके शरीर पर दिखते हैं.
लंपी वायरस का शहडोल में कितना असर
मध्य प्रदेश के अंतिम छोर में बसा शहडोल संभाग, यह छत्तीसगढ़ से लगा हुआ इलाका है. इन दिनों शहडोल संभाग में लम्पी वायरस का अटैक देखने को मिल रहा है. शहडोल पशुपालन विभाग के उपसंचालक अशोक कुमार सिंह बताते हैं की "लम्पी वायरस शहडोल में सितंबर और अक्टूबर में इसके ज्यादा केस देखने को मिल रहे थे, हालांकि नवंबर में कंट्रोल हो गया है. ये वायरस मवेशियों को तोड़ कर रख देता है, क्योंकि ये एक लम्पी स्किन डिजीज है.
लंपी वायरस के लक्षण और इलाज
लंबी वायरस के लक्षणों की बात करें तो पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉक्टर अशोक सिंह बताते हैं की लम्पी वायरस एक विषाणु जनित स्किन डिजीज है. इसमें त्वचा में गांठे बन जाती है और गोवंश में ये ज्यादातर होती है. मुंह से लार गिरने लगता है, फीवर आता है. पशु चारा खाना बंद कर देता है, ये प्रारंभिक लक्षण है. इसी दौरान अगर उपचार कर दिया जाए तो पशु जल्द ही स्वस्थ भी हो जाता है और कोई भी मृत्यु नहीं होती है.
इसका बहुत सस्ता इलाज है. इसमें एंटीबायोटिक और फीवर के लिए कुछ दवाइयां दी जाती है. जिससे पशु तीन से पांच दिन में जल्द स्वस्थ हो जाता है. इसमें खतरनाक ये होता है कि जब त्वचा में जो गांठे होती हैं, अगर ज्यादा संक्रामक हो गया, समय पर इलाज नहीं हुआ तो यह गाठें फूटने लग जाती हैं, लेकिन अच्छी बात ये है कि अगर तत्काल इलाज शुरू हो जाए, तो गांठे बिल्कुल दब जाती हैं.
लंपी कैसे फैलता है, क्या हैं बचाव के तरीके
अब सवाल उठता है की लम्पी वायरस फैलता कैसे है, क्योंकि ये वायरस है, तो आप समझ सकते हैं की ये एयर के माध्यम से भी फैलता है. एक संक्रामक पशु से दूसरे पशु के संपर्क में आने पर ये फैलता है. मच्छर से भी फैलता है, पशुओं में जो खून चूसने वाला कीड़ा होता है, जिसे किलनी भी कहा जाता है, उसके माध्यम से भी फैलता है. मुख्य रूप से ये वायरस जनित बीमारी है, तो इसमें कोशिश करना चाहिए कि जब भी आपका पशु बीमार हो या उसमें कोई लक्षण दिखे तो उसे अन्य पशुओं से गौशाला से अलग रखें. इस वायरस के लक्षण दिखाई देते ही तुरंत ही इलाज करवाएं. जिससे ये गंभीर बीमारी ज्यादा गंभीर होने से पहले ही पशु आपका स्वस्थ हो जाए.
लंपी वायरस होने पर क्या करें ?
अगर आपका मवेशी को लम्पी वायरस होता है तो फिर क्या करें? पशुपालन विभाग के उपसंचालक बताते हैं कि पहले तो लम्पी वायरस होने का इंतजार ना करें. अगर आपके पास मवेशी हैं, तो लम्पी वायरस का पर्याप्त मात्रा में टीकाकरण उपलब्ध है. अभी तक हम 1 लाख के करीब टीकाकरण कर चुके हैं. टीकाकरण करवाएं. इसके अलावा अगर लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत ही हमारे नजदीकी पशु चिकित्सालय में संपर्क करें. पशुपालन उप संचालक कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं, क्योंकि इसका निशुल्क उपचार किया जाता है. निशुल्क टीकाकरण किया जाता है. इसमें मृत्यु दर भी बहुत कम है.
किस वायरस के कारण होता है
एक्सपर्ट बताते हैं लम्पी वायरस जिसे गांठदार त्वचा रोग लम्पी स्किन डिजीज भी कहते हैं, ये पॉक्सविरिडे फैमिली के एक वायरस के कारण होता है. इसे नीथलिंग वायरस भी कहा जाता है. ये रोग त्वचा और श्लेष्मा झिल्ली पर बुखार, लिंफ नोड्स, और कई नोड्यूल्स के रूप में हो सकता है.
सबसे पहले कहां मिला लम्पी वायरस
लम्पी वायरस जिसे लम्पी पॉक्स भी कहा जाता है. ये त्वचा जनित रोग है, जो गोवंश में ही फैलता है. इसमें चिकन पॉक्स की तरह गोवंश के शरीर में दाने आ जाते हैं. सबसे पहले ये वायरस 1929 में जांबिया में एक महामारी के रूप में पाया गया था, इंडिया में साल 2019 ओडिशा में इस वायरस का पहला केस मिला था.
अल-फलाह यूनिवर्सिटी को झटका, AIU ने रद्द की सदस्यता, दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ा है लिंक
14 Nov, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली में सोमवार शाम लाल किले के पास कार में धमाका हुआ था. इस घटना में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है. इस मामले में फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम सामने आया है. अब खबर है कि इस यूनिवर्सिटी की सदस्यता रद्द कर दी गई है. एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी है. इसके पीछे का कारण यूनिवर्सिटी की स्थिति अच्छी नहीं होना बताया गया है.
एआईयू ने बयान जारी कर कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह संज्ञान में आया है कि फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की स्थिति सही नहीं है. ऐसे में अल-फलाह यूनिवर्सिटी को दी गई एआईयू की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती है. यह सूचित किया जाता है कि फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी अब किसी भी गतिविधि में एआईयू का नाम और लोगो का इस्तेमाल नहीं कर सकता. एआईयू का लोगो भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट से हटाना होगा.
अल-फलाह यूनिवर्सिटी फरीदाबाद के धौज ग्राम में 70 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है. यह एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी है. इसकी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा यह यूनिवर्सिटी संचालित होता है. इसकी वीसी का डॉ. भूपिंदर कौर आनंद हैं, जो एक एमबीबीएस डॉक्टर हैं. वहीं अल-फलाह यूनिवर्सिटी के रजिस्टार प्रो. मो. परवेज हैं.
दिल्ली ब्लास्ट के बाद बड़ी कार्रवाई: आतंकवादी नबी का कश्मीर स्थित घर सुरक्षाबलों ने उड़ाया
14 Nov, 2025 10:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली ब्लास्ट केस में गुरुवार रात सुरक्षा बलों ने पुलवामा में आतंकी डॉ. उमर नबी के घर को IED ब्लास्ट से उड़ा दिया। गुरुवार को ही DNA मैचिंग के बाद इस बात की पुष्टि हुई थी कि ब्लास्ट वाली कार डॉ. उमर ही चला रहा था।
गुरुवार को ही खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया है अब तक गिरफ्तार 8 आतंकियों ने बताया है कि वे 6 दिसंबर यानी बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की बरसी के दिन दिल्ली समेत देशभर में कई जगह धमाके करना चाहते थे।
इसके लिए उन्होंने 32 कारों का इंतजाम किया था। इनमें बम और विस्फोटक भरकर धमाके किए जाने थे। i20, इको स्पोर्ट, ब्रेजा कार उसी साजिश का हिस्सा हैं।
10 नवंबर को हुए दिल्ली ब्लास्ट में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हैं, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर कंटेनर और बस आपस में टकराए, 8 की जिंदा जलकर मौत
14 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे: महाराष्ट्र में पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर गुरुवार शाम एक बड़ा सड़क हादसा हुआ. यह भीषण दुर्घटना नवले ब्रिज के पास हुई, जहां दो कंटेनर, एक मिनी बस और कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं. हादसे के बाद वाहनों में आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में आठ लोगों की जलकर मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
हादसे की जानकारी मिलते ही पुणे दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए. हादसा शाम के व्यस्त समय में हुआ, जिसके कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया. पुलिस और बचाव दल राहत-बचाव कार्य में जुटे हुए हैं. मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है.
बिहार चुनाव रुझान: NDA को बढ़त, तेजस्वी राघोपुर में आगे; प्रशांत किशोर की पार्टी ने दो सीटों पर बनाई पकड़
14 Nov, 2025 08:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर वोटों की गिनती शुरू हो गई है। पहले पोस्टल बैलट की गिनती हो रही है। शुरुआती रुझान में NDA 11 सीटों पर और महागठबंधन 6 सीटों पर आगे चल रही है। प्रशांत किशोर की पार्टी भी रुझानों में 2 सीटों पर आगे दिख रही है। राघोपुर से तेजस्वी यादव NDA कैंडिडेट सतीश यादव से आगे चल रहे हैं।
8.30 बजे तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद EVM खुलेंगे। इसके बाद ही रुझान आने लगेंगे। एक राउंड में 14 EVM की गिनती होगी, जिसके लिए हर काउंटिंग सेंटर पर 14 टेबल लगाए गए हैं। सबसे पहले बरबीघा का रिजल्ट आएगा।
काउंटिंग के लिए 38 जिलों में 46 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। भास्कर के 400 रिपोर्टर ग्राउंड जीरो से पल-पल की अपडेट देंगे। दोपहर 12 बजे तक 2 हजार 616 कैंडिडेट्स की सीटों का फैसला लगभग साफ हो जाएगा। इसमें नीतीश सरकार के 29 मंत्री, अनंत सिंह समेत 15 बाहुबली भी शामिल हैं।
मोतिहारी में काउंटिंग सेंटर के बाहर वाटर कैनन लगाई गई है। पटना में सीएम हाउस की सुरक्षा बढ़ाई गई है। सभी मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
इस बार बिहार चुनाव 2 फेज में हुए और 67.10% वोटिंग हुई। ये रिकॉर्ड मतदान रहा। जो 2020 विधानसभा चुनाव से करीब 10% ज्यादा रहा।
दुष्कर्म मामले में व्यवसायी समीर मोदी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, बढ़ेंगी मुश्किलें
13 Nov, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक दुष्कर्म मामले में व्यवसायी समीर मोदी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट समीर की मुश्किल बढ़ा सकती है क्योंकि वह जमानत पर हैं। पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट को भी चार्जशीट दाखिल किए जाने की जानकारी दी है। बता दें पुलिस ने दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं के तहत समीर मोदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 11 नवंबर को दिल्ली पुलिस ने जस्टिस संजीव नरूला को बताया कि उन्होंने समीर मोदी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। कोर्ट समीर मोदी के आवेदन पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें उन्होंने 6 नवंबर को पारित एक आदेश में बदलाव की मांग की थी। याचिकाकर्ता की शिकायत है कि आश्वासन के बावजूद, जांच अधिकारी को उनके ओर से दिए गए दस्तावेजों पर विचार किए बिना चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
6 नवंबर, 2023 को स्थायी वकील संजय लाओ ने कहा था कि याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की जांच जांच अधिकारी की तरफ से उचित रूप से की जाएगी। सुनवाई के दौरान स्थायी वकील ने बताया कि ये दस्तावेज 7 नवंबर, 2025 को देर शाम ही जमा किए गए थे। चार्जशीट 60 दिनों के भीतर दाखिल की जाए। संजय लाओ ने कहा कि यदि जांच अधिकारी इन दस्तावेजों का विश्लेषण करते, तो यह समय सीमा समाप्त हो जाती।
संजय लाओ ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच किए बिना ही चार्जशीट दाखिल कर दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील ने इसका जवाब देते हुए कहा कि दस्तावेज 7 नवंबर, 2025 को इसलिए जमा किए गए थे क्योंकि उन्हें नोटिस ही शाम को दिया गया था। पूरक चार्जशीट दाखिल करने पर स्टैडिंग काउंसिल ने कहा कि जांच अधिकारी 7 नवंबर को जमा किए गए दस्तावेजों की जांच करेंगे। इसके बाद ट्रायल कोर्ट की अनुमति लेकर इन दस्तावेजों को पूरक चार्जशीट के साथ दाखिल करेंगे। कोर्ट ने इस बयान को रिकॉर्ड पर ले लिया है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 6 नवंबर को दुष्कर्म मामले में एफआईआर को रद्द करने की समीर मोदी की याचिका पर नोटिस जारी किया था। उन्हें साकेत जिला अदालत ने 25 सितंबर को जमानत दे दी थी। समीर मोदी को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
केरल देश का सबसे महंगा राज्य… 8.56 प्रतिशत रही महंगाई दर, दूसरे नंबर पर जम्मू-कश्मीर
13 Nov, 2025 07:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अक्टूबर में देश के सबसे अधिक महंगाई वाले पांच राज्यों (Highest Inflation Five States) में केरल (Kerala) सबसे अव्वल (Tops) है। जहां पर महंगाई दर 8.56 प्रतिशत (Inflation rate 8.56 percent) दर्ज की गई है। वहीं, जम्मू-कश्मीर (2.85), कर्नाटक (2.34), पंजाब (1.81) और तमिलनाडु (1.29%) रही है। बता दें बुधवार को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के पीछे 22 सितंबर को गई जीएसटी कटौती (GST deduction) का भी अहम योगदान है, जिसका सही मायनों में असर अक्टूबर की महंगाई में देखने को मिला है। इस अवधि में तेल-घी, सब्जियां, फल, अंडे, अनाज, जूते-चप्पल और परिवहन सेवाओं की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। इन्हीं कारणों के चलते खुदरा महंगाई में सितंबर के मुकाबले 119 और खाद्य महंगाई में 269 अंकों की कमी आई है। सितंबर में सीपीआई -2.33 और सीएफपीआई 1.44 प्रतिशत दर्ज की गई थी। ग्रामीण क्षेत्र में महंगाई -0.25% रही है, जो सितंबर में 1.07 फीसदी रही थी। वहीं, शहरी में महंगाई दर 1.83 से घटकर 0.88 फीसदी पर आ गई। अक्टूबर 2025 के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट मुख्य रूप से जीएसटी में गिरावट, अनुकूल आधार प्रभाव और तेल एवं वसा, सब्जियां, फल, अंडे, जूते, अनाज और उत्पाद, परिवहन और संचार आदि की मुद्रास्फीति में गिरावट के पूरे महीने के प्रभाव के कारण है। अक्टूबर में सब्जियों की खुदरा कीमतें सालाना आधार पर 27.57 प्रतिशत नीचे थीं जबकि दालों और उसके उत्पादों के भाव 16.15 प्रतिशत तथा मसालों के भाव औसतन 3.29 प्रतिशत नीचे थे। इसके विपरीत माह के दौरान खाद्य तेलों का औसत खुदरा भाव 11.17 प्रतिशत ऊंचा था जबकि फलों की कीमतें 6.69 प्रतिशत ऊंची चल रही थीं। इस दौरान पर्सनल केयर और स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों की खुदरा मुद्रास्फीति क्रमश: 23.88 प्रतिशत और 3.86 प्रतिशत दर्ज की गई।
जनवरी 2015 के बाद सबसे कम महंगाई
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने जनवरी 2015 में आधार वर्ष को 2010=100 से संशोधित कर 2012=100 किया था, जिसके बाद इसे लागू किया गया। इस तरह से लागू होने की तिथि के हिसाब से जनवरी 2015 के बाद महंगाई सबसे निचले स्तर पर दर्ज की गई है।
खाद्य वस्तु ओर उनकी कीमतों में गिरावट (प्रतिशत)
> सब्जियां -27.57
> दालें -16.15
> प्याज -54.31
> टमाटर -42.93
> आलू – 36.65
> तेल और घी -11
इनके दामों में हुई बढ़ोतरी
> सोना – 57.83%
> चांदी – 62.36%
ब्याज दरों में हो सकती है कटौती
लगातार चार महीने से महंगाई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुमान चार फीसदी के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है। इसका मतलब है कि कीमतों में कमी के बीच लोगों की जेब पर खर्चों का बोझ कम हो रहा है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक आने वाले मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरों में कटौती का फैसला कर सकता है।
मुंबई में अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश, अमेरिका-कनाडा के लोगों को ठगा
13 Nov, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई की मुलुंड पुलिस ने साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। मुलुंड पश्चिम के एक आवासीय फ्लैट में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को ठगने का काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और नकदी बरामद की है। मुलुंड पुलिस ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सूचना मिली थी कि मुलुंड कॉलोनी क्षेत्र में कुछ लोग फर्जी कॉल सेंटर चला रहे हैं। वे खुद को अमेरिका स्थित बैंक या वित्तीय कंपनी का अधिकारी बताकर विदेशी नागरिकों को तुरंत ऋण देने का लालच देते हैं। पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते हैं, लेकिन ऋण कभी नहीं देते। पुलिस ने जब फ्लैट पर छापा मारा तो वहां सागर गुप्ता मुख्य संचालक निकला। सागर ने इस धंधे के लिए अभिषेक सिंह, तन्मय धाड़ सिंह, शैलेश शेट्टी और रोहन को नियुक्त किया था। सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस को 2 लैपटॉप, 11 मोबाइल, 2 राउटर और 76,000 रुपए नकद बरामद हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी कॉल सेंटर में खुद को लेंडिंग पॉइंट नामक वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताते थे। वे ई-सिम कार्ड का इस्तेमाल कर पीड़ितों से संपर्क करते थे। शिकार को असुरक्षित वेतन-दिवस ऋण देने का वादा करते थे। न्यूनतम प्रोसेसिंग शुल्क जमा करने के बाद भी पीड़ितों को कुछ नहीं मिलता। इस तरह से लाखों रुपए की ठगी की जाती थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी बिना किसी वैध अनुमति के यह अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने कहा कि यह एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय ठगी का गिरोह था। सभी सबूत जब्त कर लिए गए हैं। पीड़ितों की संख्या का पता लगाने के लिए डिजिटल फोरेंसिक जांच की जा रही है। विदेशी एजेंसियों से भी संपर्क किया जाएगा।
RBI का नया नियम: बदल गए आपके बैंक के डोमेन नेम, जानें क्या है नया वेब एड्रेस
13 Nov, 2025 07:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : अगली बार जब आप अपने बैंक की वेबसाइट खोलने जाएं, तो एक पल रुकिए। अगर आपकी उंगलियां sbi.com या hdfcbank.com टाइप करने जा रही हैं, तो यह खबर आपके और आपके पैसों के लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सख्त निर्देश पर देश के सभी बड़े-छोटे बैंकों ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट का डोमेन नाम बदल दिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक सहित तमाम बैंक अब '.bank.in' डोमेन पर शिफ्ट हो गए हैं। यह कदम साइबर फिशिंग हमलों से ग्राहकों की गाढ़ी कमाई बचाने के लिए उठाया गया अब तक का सबसे मजबूत उपाय है।
फिशिंग का बढ़ता खतरा
आरबीआई के इस फैसले की जड़ में ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के बढ़ते मामले हैं। फिशिंग अपराधी बैंक की असली वेबसाइट से मिलती-जुलती नकली साइट बनाकर यूजर्स को ठगते थे। उदाहरण के तौर पर, अगर असली साइट 'mybank.com' थी, तो ठग 'mybank.co.in' या 'mybank-online.com' जैसी फर्जी साइट बना लेते। ये साइट्स रंग-रूप, लोगो और डिजाइन में पूरी तरह असली जैसी लगती थीं।
अपराधी एसएमएस या ईमेल भेजकर डराते या लालच देते – जैसे 'आपका अकाउंट ब्लॉक हो गया', 'KYC एक्सपायर हो गई' या '50,000 रुपये की लॉटरी जीत गए'। लिंक पर क्लिक करते ही यूजर नकली साइट पर पहुंचता और यूजरनेम, पासवर्ड, ओटीपी डाल देता। नतीजा? ठग खाता खाली कर देते। पुराने '.com' या '.in' डोमेन कोई भी आसानी से खरीद सकता था, इसलिए रोकना मुश्किल था।
नया सुरक्षा कवच कैसे काम करेगा?
आरबीआई ने फिशिंग के इस जाल को तोड़ने के लिए '.bank.in' डोमेन अनिवार्य किया है। यह सामान्य डोमेन नहीं, बल्कि हाई-सिक्योरिटी जोन है। '.com', '.in' या '.org' जैसे टॉप-लेवल डोमेन (TLD) कोई भी रजिस्टर करा सकता है, लेकिन '.bank.in' केवल आरबीआई से लाइसेंस प्राप्त वित्तीय संस्थानों को ही मिलेगा।
कड़ी सत्यापन प्रक्रिया: बैंक को आरबीआई की सभी शर्तें पूरी करनी होंगी।
फर्जी साइट्स पर रोक: अब कोई ठग '.bank.in' से मिलती-जुलती नकली वेबसाइट नहीं बना पाएगा।
गारंटीड सुरक्षा: यह डोमेन खुद एक पहचान पत्र की तरह है, जो पुष्टि करता है कि आप असली और वेरिफाइड बैंकिंग पोर्टल पर हैं।
यह ठीक वैसा ही है जैसे सरकारी साइट्स के लिए 'gov.in' या 'nic.in' विश्वसनीयता की गारंटी देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से फिशिंग अटैक में भारी गिरावट आएगी और ग्राहक निश्चिंत होकर ऑनलाइन बैंकिंग कर सकेंगे। आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि पुरानी साइट्स से यूजर्स को स्वचालित रूप से नई '.bank.in' साइट पर रीडायरेक्ट किया जाए। ग्राहकों से अपील है कि हमेशा ब्राउजर में '.bank.in' चेक करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
जमीन विवाद बना खून का रिश्ता...भतीजे ने मां के साथ मिलकर चाची की हत्या
13 Nov, 2025 07:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झांसी (Jhansi): उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पुश्तैनी जमीन और खेत के रास्ते के विवाद ने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया। बबीना थाना क्षेत्र के मुखियानगर गांव में एक भतीजे ने अपनी मां के साथ मिलकर चाची की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को घर के पीछे झाड़ियों में छिपा दिया, लेकिन पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे में इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
घटना 10 नवंबर की है। गांव की रहने वाली 55 वर्षीय शीला देवी, पत्नी गणेश रैकवार, दोपहर में खेत गई थीं लेकिन शाम तक घर नहीं लौटीं। अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने घर के पीछे से दुर्गंध आने पर खोज की तो झाड़ियों के बीच गड्ढे में शीला देवी का शव बरामद हुआ। उनके हाथ साड़ी से बंधे थे और चेहरे व गर्दन पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान मिले।
मृतका के पति गणेश रैकवार ने अपने छोटे भाई की पत्नी मीरा देवी और भतीजे बृजलाल रैकवार पर हत्या का आरोप लगाया। बताया गया कि खेत के रास्ते और जमीन के बंटवारे को लेकर दोनों परिवारों में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मीरा देवी और उसके बेटे बृजलाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। बृजलाल ने बताया कि चाची से लगातार झगड़े और अपमान के चलते उसने मां के साथ मिलकर यह साजिश रची। हत्या में इस्तेमाल खून से सनी हंसिया भी बरामद कर ली गई है।
सीओ सदर रामवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सरकार का बड़ा फैसला : महिलाएं अब नाइट शिफ्ट में कर सकेंगी काम...मिलेगी दोगुनी मजदूरी और सुरक्षा का कवच
13 Nov, 2025 06:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
UP News: उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश सरकार ने महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दे दी है. मुख्यमंत्री की जनसंपर्क टीम ने एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि महिलाओं के लिए घर से ऑफिस तक हर एक लेवल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे.
नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी महिलाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश कारखाना संशोधन विधेयक को अक्टूबर के पहले हफ्ते में मंजूरी दी थी, जिसके बाद यूपी सरकार ने ये फैसला लिया है. नए प्रावधानों के तहत महिलाओं को एक लिखित सहमति के बाद अब शाम को 7 बजे के बाद सुबह 6 बजे तक काम करने की अनुमति है. लेकिन लिखित सहमति पत्र प्रदेश के श्रम विभाग से पंजीकृत कराना आवश्यक होगा.
सुरक्षा के लिए किए गए हैं इंतजाम
महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने कारखानों में सुरक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन सुविधाओं के साथ-साथ CCTV निगरानी और सिक्योरिटी गार्ड की नियुक्ति को अनिवार्य किया है. सरकार के इस निर्णय के बाद महिला कर्मचारी खुद की इच्छा से 6 घंटे तक बिना किसी अंतराल के काम कर सकती हैं.
ओवरटाइम भी बढ़ाया गया
जनसंपर्क की तरफ से जारी बयान में महिलाओं के लिए ओवरटाइम की भी लिमिट बढ़ा दी गई है. यह लिमिट 75 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे प्रति तिमाही तय कर दी गई है. इसके साथ ही महिलाओं को कारखानों और खतरनाक श्रेणी के उद्योगों में भी काम करने का अवसर मिलेगा.
29 श्रेणियों के उद्योगों में काम करने की अनुमति
सरकार ने सभी 29 श्रेणियों के खतरनाक उद्योगों में महिलाओं को काम करने की अनुमति दी है. इससे पहले महिलाएं सिर्फ 12 खतरनाक श्रेणी वाले काम कर पाती थीं. योगी सरकार ने ये फैसला औद्योगिक विस्तार को ध्यान में रखते हुए लिया है.
साडा अध्यक्ष पद के लिए अशोक शर्मा का नाम चर्चा में
