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जिम कॉर्बेट पर सुनवाई कर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, सरकार को 3 माह का समय
17 Nov, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में जिम कॉर्बेट बाघ अभयारण्य के संरक्षण को लेकर सोमवार को कई अहम निर्देश दिए। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को अवैध पेड़ कटाई की भरपाई के लिए सुधार के आदेश दिए। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कहा कि यदि राज्य पर्यटन को बढ़ावा देना चाहता है, तब राज्य सरकार को इको-टूरिज्म की दिशा में काम करना होगा। सीजेआई गवई ने निर्देश दिया कि कोर क्षेत्र में अपने परिवारों से दूर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था करे।
अदालत ने मुख्य वन्यजीव वार्डन को आदेश दिया कि जिम कॉर्बेट में बनी सभी अनधिकृत संरचनाओं को तीन महीने के भीतर करे। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट द्वारा नियुक्त पैनल को राज्य सरकार की पारिस्थितिक बहाली योजना की निगरानी करने का निर्देश दिया है। अदालत के ये निर्देश जिम कॉर्बेट क्षेत्र में संरक्षण प्रयासों को सख्ती से लागू कराने और पर्यावरणीय क्षति को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
इसके पहले उत्तराखंड हाई कोर्ट ने पिछले पांच वर्षों में राज्य में हुए सभी शिकार मामलों की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसका उद्देश्य वन विभाग के अधिकारियों की सहभागिता, संलिप्तता या मिलीभगत का पता लगाना था। अदालत को बताया गया था कि पिछले ढाई वर्षों में 40 बाघों और 272 तेंदुओं की मौत हुई थी। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। यह रोक रिटायर्ड प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डी.एस. खाती की अपील पर एकपक्षीय रूप से पारित की गई थी। उत्तराखंड के एक पर्यावरणविद् अतुल सती ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें सीबीआई को अपनी जांच पूरी करने की अनुमति देने के लिए इस रोक को हटाने की मांग की गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने भी इस स्थगन आदेश को रद्द करने के लिए एक आवेदन दायर किया है। सीबीआई ने अपने आवेदन में अपनी प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों का उल्लेख किया है, जिसमें उसे कई अनियमितताएं मिलीं, जैसे कि वन अधिकारियों द्वारा एक बाघ की मौत को छिपाने का जानबूझकर किया गया प्रयास। पर्यावरणविद् के वकील गोविंद जी की दलील से सहमत होते हुए, सीजेआई बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई 17 नवंबर के लिए स्थगित कर दी।
वंशवाद और परिवारिक राजनीति: कैसे विवादों ने पार्टियों को कमजोर किया?
17 Nov, 2025 06:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Vanshvad Family Politics एक बार फिर चर्चा में है, खासकर तब जब बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की बड़ी हार के बाद लालू परिवार का विवाद खुलकर सामने आ गया। नतीजों के तुरंत बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने घर और पार्टी दोनों छोड़ दिए, जिससे RJD की आंतरिक खींचतान उजागर हो गई। चुनावी दौर से ही शुरू हुआ यह विवाद पार्टी की छवि और संगठन पर भारी पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि जहां परिवार टूटता है, वहां पार्टी की मजबूती, वोटरों का भरोसा और चुनावी परिणाम सीधे प्रभावित होते हैं—और यही विपक्ष के लिए फायदा का मौका बन जाता है।
भारत की राजनीति में Vanshvad Family Politics कोई नई बात नहीं है। कई बड़े राजनीतिक घरानों में पार्टी और वोट बैंक को संपत्ति की तरह बांटने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। इसी वजह से पारिवारिक तनाव बढ़ता है, जिसका असर सीधे सियासत और चुनावों में दिखता है।
उदाहरण के तौर पर, बिहार में पासवान परिवार का विवाद चाचा-भतीजे की लड़ाई में बदल गया और लोजपा दो गुटों में टूट गई। यूपी में मुलायम सिंह यादव परिवार का विवाद भी वर्षों तक चला, जिससे समाजवादी पार्टी को 2017 और 2022 के चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ा।
महाराष्ट्र में भी पवार और ठाकरे परिवारों की अंदरूनी खींचतान ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। एक तरफ शरद और अजीत पवार के बीच दरार पड़ी, तो दूसरी तरफ उद्धव और राज ठाकरे की दूरी ने शिवसेना की ताकत कमजोर कर दी।
दक्षिण भारत भी इससे अछूता नहीं है। आंध्र प्रदेश में जगन और शर्मिला की खींचतान वाईएसआर कांग्रेस को कमजोर कर गई। वहीं तेलंगाना में KCR के परिवार में उत्तराधिकार को लेकर हुए विवाद ने बीआरएस को सत्ता से बाहर कर दिया।
PM Kisan Update : 2000 रुपये का इतंजार खत्म! इस दिन खाते में आएंगे पैसे, जल्दी करें ये काम!
17 Nov, 2025 03:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Kisan KYC update: देश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी होने का इंतजार अब खत्म हो गया है. सरकार ने इसकी तारीख का औपचारिक ऐलान कर दिया है. 19 नवंबर, बुधवार को दोपहर 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 9 करोड़ पात्र किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर करेंगे. इस दौरान पीएम मोदी कुल 18,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजेंगे. हालांकि, इससे पहले योजना से जुड़े लाखों संदिग्ध लाभार्थियों की पहचान भी सामने आई है.
हाल ही में हुई वेरिफिकेशन में पता चला कि 31 लाख से ज्यादा ऐसे लाभार्थी हैं जिन्होंने पात्रता पूरी न होने के बावजूद योजना का लाभ लिया है. सरकार ने ऐसे सभी नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए हैं. वहीं, जिन किसानों ने अब तक किसान पहचान पत्र (Farmer ID) नहीं बनवाया है, उन्हें भी बड़ा झटका लग सकता है. ऐसे किसान तुरंत आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर लें, ताकि उनके खाते में 19 नवंबर को किस्त की राशि आ सके.
फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य
यदि आप किसान हैं और योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपनी फार्मर आईडी यानी किसान पहचान पत्र बनवाना जरूरी है. केंद्र और राज्य सरकारों ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए किसान पहचान पत्र अनिवार्य होगा. इसके बिना पीएम किसान सम्मान निधि की आने वाली किस्त अटक सकती है.
e-KYC करना होगा जरूरी
सरकार ने पाया कि कई ऐसे किसान भी योजना का लाभ ले रहे हैं जिन्हें अपात्र घोषित किया जा चुका है. इसी के चलते पीएम किसान योजना के लिए e-KYC को अनिवार्य कर दिया गया है. जिन किसानों ने e-KYC पूरी कर ली है, उनके खाते में 19 नवंबर को 2 हजार रुपये की राशि आ जाएगी. यदि आपने अभी तक e-KYC नहीं करवाई है, तो इसे तुरंत पूरा कर लें, वरना किस्त नहीं मिलेगी.
खेत के दस्तावेज जमा करना जरूरी
सरकार ने निर्देश दिया है कि योजना का लाभ लेने वाले सभी किसान अपने खेत से संबंधित दस्तावेज नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में जमा करवा दें. दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही किस्त का लाभ सुनिश्चित होगा.
बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी
योजना के तहत जिन किसानों के पास जनधन खाते हैं, उनके लिए यह बेहद जरूरी है कि वे e-KYC के माध्यम से अपने बैंक खाते को आधार कार्ड से लिंक करवा लें. यदि यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो आपके खाते में योजना की राशि समय पर पहुंच जाएगी.
लालू परिवार का सियासी राज, जानिए कौन-कौन हैं और क्या करते हैं?
17 Nov, 2025 03:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Lalu Yadav Family Tree: लालू परिवार का पारिवारिक विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है. विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद बेटी रोहिणी आचार्य ने गाली-गलौज करने और घर से निकालने का आरोप लगाया है. इससे पहले तेज प्रताप यादव ने भी घर से निकालने का आरोप लगाते हुए, अपनी पार्टी जेजेडी से चुनाव लड़ा था. हालांकि उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. लालू यादव की राजनीतिक विरासत संभालने वाले तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों के ऊपर आरोप लगाते हुए परिवार के कई सदस्यों ने घर छोड़ दिया है. आइए जानते हैं लालू परिवार में कौन-कौन हैं और क्या कर रहे हैं?
पूर्व मुख्यमंत्री और राजद संस्थापक लालू प्रसाद यादव का विवाह 25 साल की उम्र में राबड़ी देवी के साथ 1973 में हुआ था. लालू और राबड़ी के कुल 9 बच्चे हैं, जिसमें 2 बेटे और 7 बेटियां. इनमें कुछ राजनीति में सक्रिय हैं तो वहीं ज्यादातर अपने पेशेवर करियर से जुड़े हुए हैं. परिवार में सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती है तो वहीं सबसे छोटी बेटी राजलक्ष्मी है.
लालू परिवार में कौन-कौन, क्या कर रहें दामाद?
लालू परिवार में सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती (49) हैं, जो राजनीति में सक्रिय हैं और वर्तमान में पाटलिपुत्र से सांसद हैं. उनकी शादी कंप्यूटर इंजीनियर शैलेश कुमार से हुई है. जो कारोबारी भी हैं. वहीं, दूसरी नंबर की बेटी रोहिणी आचार्य हैं, जिनका हाल ही में परिवार के साथ विवाद हुआ है. इनकी शादी समरेश सिंह से हुई है, जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. रोहिणी पिता लालू यादव को किडनी देकर सुर्खियों में आई थीं. रोहिणी की राजनीति में सक्रियता तो है लेकिन बहुत कम, क्योंकि ये सिर्फ चुनाव के समय ही एक्टिव रहती हैं. अब रोहिणी अपने परिवार के साथ सिंगापुर में ही बस गई हैं.
इसके बाद आती हैं चंदा सिंह, जिनकी शादी पायलट विक्रम सिंह से हुई है. जिनकी राजनीति सक्रियता लगभग शून्य है. रागिनी यादव की शादी सपा नेता और कारोबारी राहुल यादव से हुई है, रागिनी इंजीनियरिंग ड्रॉप-आउट हैं. जो अपने पति के साथ व्यापार संभालने में मदद करती हैं. वहीं हेमा यादव की शादी तेज यादव से हुई है. तेज इंजीनियरिंग पृष्टिभूमि से हैं. उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. इसके बाद आती हैं अनुष्का राव, जो एक इंटीरियर डिजाइनर हैं. अनुष्का की शादी चिरंजीव राव से हुई है, जो राजनीति में एक्टिव हैं. सबसे छोटी बेटी का नाम है राज लक्ष्मी, जिसकी शादी यूपी के सबसे बड़े राजनैतिक घराने मुलायम सिंह यादव के घर में हुई है.
तेजस्वी संभालते हैं पिता की राजनैतिक विरासत
7 बेटियों के अलावा लालू यादव के 2 बेटे हैं. जिसमें बड़े बेटे का चुनाव से पहले एक वीडियो वायरल होने पर परिवार ने घर से निकाल दिया. घर से निकाले जाने के बाद बड़े बेटे तेजप्रताप ने अपनी नई पार्टी बनाई और चुनाव लड़ा. हालांकि, तेज प्रताप को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. वहीं छोटे बेटे तेजस्वी यादव हैं, जो लालू यादव की राजनैतिक विरासत संभाल रहे हैं. तेजस्वी राजद से राघोपुर सीट से विधायक है. वे बिहार के डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं. तेजस्वी के भी 2 बच्चे हैं.
बस हादसा: 42 भारतीयों की मौत, उमरा तीर्थयात्रियों में कोहराम
17 Nov, 2025 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Saudi Arabia Bus Accident में सोमवार की सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें कम से कम 42 भारतीय उमरा तीर्थयात्रियों की मौत हो गई। यह यात्री सऊदी अरब उमरा अदा करने पहुंचे थे और इनमें कई महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। मृतकों में ज्यादातर हैदराबाद और तेलंगाना के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मक्का से मदीना जा रही बस अचानक एक डीजल टैंकर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में तुरंत आग लग गई। हादसे के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। हादसा इतना भीषण था कि बस पूरी तरह जलकर राख में बदल गई और शवों की पहचान करना बेहद कठिन हो रहा है। फिलहाल सऊदी सिविल डिफेंस, पुलिस और स्थानीय रेस्क्यू टीमें मौके पर राहत कार्य में जुटी हैं।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि Saudi Arabia Bus Accident में 42 भारतीय हज यात्री बस में सवार थे। ओवैसी ने रियाद स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर जानकारी ली और घायल व मृतकों की व्यवस्थित पहचान व उन्हें भारत लाने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से विशेष हस्तक्षेप करने की अपील की।
जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने भी हादसे के बाद 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 8002440003 जारी किया है।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस त्रासदी पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आश्वस्त किया कि रियाद और जेद्दा में मौजूद भारतीय मिशन पीड़ितों और उनके परिवारों को हर संभव मदद प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की।
मंदिर में जाने के पांच मिनट बाद ही चोरी हो गए 16000 के जूते, इंजीनियर ने दर्ज कराई शिकायत
17 Nov, 2025 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बंगलूरू। बंगलूरू के बनशंकरी स्टेज स्थित प्रसिद्ध गणेश मंदिर (Ganesh Temple) से एक अजीबोगरीब खबर सामने आ रही है। जहां मंदिर में दर्शन करने गए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर (Software Engineer) के ब्रांडेड जूते (Branded Shoes) उसके मंदिर में जाने के पांच मिनट के बाद ही चोरी हो गए, जिसके बाद इंजीनियर ने पुलिस में इस बात की शिकायत दर्ज कर कराई। चोरी की गई जूते की कीमत लगभग 16,000 रुपए बताई जा रही है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह शाम करीब 7.20 बजे मंदिर पहुंचे और अपने जूते मंदिर के बाहर ही रखकर पूजा करने गए। दर्शन सिर्फ पांच मिनट में पूरा करके जब वह बाहर आए, तो देखा कि उनके जूते गायब थे।
शियाकतकर्ता ने बताया कि मंदिर के पुजारी और अन्य भक्तों से जानकारी मिली कि यह घटना यहां आम है। पुजारी के अपने भी जूते दो बार चोरी हो चुके हैं और कई अन्य भक्तों ने भी अपने जूतों के चोरी होने की कहानियां बताई। लेकिन अब तक किसी ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्होंने यह चोरी अनदेखा नहीं करना चाहा। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया कि चोरी का मामला दर्ज किया जाए। मंदिर के सीसीटीवी कैमरे में चोर को नंगे पांव भक्त बनकर आते और जूते उठाकर जाते हुए देखा गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जूतों की तलाश शुरू कर दी है। पहले पकड़े गए जूते चोरों ने बताया था कि वे चोरी किए हुए जूते 20-50 रुपए में बेचकर शराब खरीदते हैं। शिकायतकर्ता ने कहा, “अगर छोटी चोरी को नजरअंदाज किया जाएगा, तो वही लोग बड़ी चोरी भी करेंगे। ऐसे लोगों को सबक सिखाना और सुधारना जरूरी है।
दिल्ली ब्लास्ट केस में NIA को बड़ी सफलता, आतंकी डॉ. उमर के साथी आमिर राशिद को किया गिरफ्तार
17 Nov, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली मेंरेड फोर्ट (Red Fort in Delhi) कार ब्लास्ट मामले में NIA को बड़ी सफलता मिली है. आत्मघाती हमलावर के सहयोगी आमिर राशिद अली को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया. आमिर, जो सांबोरा (पंपोर), जम्मू-कश्मीर का निवासी है, ने उमर उन नबी के साथ मिलकर साजिश रची थी. हमले में इस्तेमाल की गई कार आमिर के नाम पर रजिस्टर्ड पाई गई. आत्मघाती हमलावर की पहचान उमर उन नबी, असिस्टेंट प्रोफेसर, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (फरीदाबाद) के रूप में हुई है. नबी के स्वामित्व वाली एक अन्य गाड़ी भी जब्त की गई है, जिसका फोरेंसिक परीक्षण जारी है.
10 नवंबर को हुए दिल्ली में हुए धमाके में 10 लोगों की मौत और 25 लोग घायल हुए थे. NIA अब तक 73 गवाहों से पूछताछ कर चुकी है. जांच दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और यूपी पुलिस के साथ मिलकर कई राज्यों में जारी है. एजेंसी बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए कई सुरागों पर काम कर रही है.
एनआईए की ओर से जारी बयान में कहा गया है किएनआईए की जांच से पता चला है कि जम्मू-कश्मीर के पंपोर के संबूरा निवासी आरोपी ने कथित आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के साथ मिलकर आतंकी हमला करने की साजिश रची थी. आमिर उस कार की खरीद में मदद करने के लिए दिल्ली आया था, जिसका इस्तेमाल अंततः विस्फोट करने के लिए एक वाहन-जनित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के रूप में किया गया था.
बयान में कहा गया है कि एनआईए ने फोरेंसिक जांच से पता लगाया है कि वाहन में सवार आईईडी के मृतक चालक की पहचान उमर उन नबी के रूप में हुई है, जो पुलवामा जिले का निवासी और फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय में जनरल मेडिसिन विभाग में सहायक प्रोफेसर था. बयान में कहा गया है कि आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने नबी से संबंधित एक अन्य वाहन भी जब्त किया है. इस मामले में साक्ष्य के लिए वाहन की जांच की जा रही है, जिसमें एनआईए ने अब तक 10 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में हुए विस्फोट में घायल हुए लोगों सहित 73 गवाहों से पूछताछ की है.
बयान में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस और विभिन्न सहयोगी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करते हुए, एनआईए विभिन्न राज्यों में अपनी जांच जारी रखे हुए है. यह बम विस्फोट के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने और मामले RC-21/2025/NIA/DLI में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए कई सुरागों की तलाश कर रही है.
95 हार का सच...राहुल गांधी की कांग्रेस को क्यों मिल रही है लगातार शिकस्त? जाने कांग्रेस की हार के कारण
17 Nov, 2025 09:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म है। कांग्रेस जहां लगातार 'वोटचोरी' के आरोप लगा रही है, वहीं विपक्ष दावा कर रहा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी 95 चुनाव हार चुकी है। ऐसे दावों को समझने से पहले राहुल गांधी चुनाव प्रदर्शन और उनकी राजनीतिक यात्रा को जानना जरूरी है।
राहुल गांधी ने 2004 में अमेठी से राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 2007 में वे कांग्रेस के महासचिव बने और यूथ कांग्रेस व एनएसयूआई की जिम्मेदारी संभाली। 2013 में उपाध्यक्ष बने और 2014 में कांग्रेस के अनौपचारिक प्रधानमंत्री चेहरे के रूप में चुनाव लड़े। 2017 में पार्टी अध्यक्ष बने, लेकिन 2019 की हार के बाद पद छोड़ दिया। 2024 में वे लोकसभा में नेता विपक्ष बने।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि राहुल गांधी की पहली रणनीतिक सफलता 2009 में दिखी, जब कांग्रेस ने यूपी में 21 सीटें जीतीं। हालांकि 2014 से शुरू हुई चुनौतियां लगातार बढ़ती रहीं। भ्रष्टाचार के आरोप, वंशवाद की आलोचना और आंतरिक गुटबाजी ने कांग्रेस की स्थिति कमजोर कर दी। इसके बावजूद राहुल गांधी लगातार बीजेपी और मोदी सरकार पर हमला बोलते रहे।
2014, 2019 और 2024—तीनों लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। विधानसभा चुनावों में भी पार्टी ने विभिन्न राज्यों में मिलाजुला प्रदर्शन किया। कई जगह गठबंधन के सहारे सरकार बनी, लेकिन कई राज्यों में कांग्रेस चौथे स्थान पर रही।
2019 के बाद राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' ने कांग्रेस के लिए नया राजनीतिक माहौल बनाया। कर्नाटक, हिमाचल और तेलंगाना में पार्टी को विजय मिली और 2024 लोकसभा में सीटें बढ़कर 99 हो गईं।
कुल मिलाकर, राहुल गांधी के दौर में कांग्रेस ने 77 बड़े चुनाव लड़े, जिनमें से 63 में हार मिली—यानी लगभग 80%। यही आँकड़े आज राहुल गांधी चुनाव प्रदर्शन पर जारी राजनीतिक बहस को और तेज कर रहे हैं।
लोकसभा चुनाव
साल
रिजल्ट
2014
हार
2019
हार
2024
हार
विधानसभा चुनाव
राज्य
जीत
हार
आंध्र प्रदेश
2014, 2019, 2024
0
अरुणाचल प्रदेश
2014
2019, 2024
असम
हार
2016, 2021
बिहार
2015(गठबंधन)
2020, 2025
छत्तीसगढ़
2018
2023
गोवा
0
2017, 2022
गुजरात
0
2017, 2022
हरियाणा
0
2014, 2019, 2024
हिमाचल प्रदेश
2022
2017
झारखंड
2019, 2024 (गठबंधन)
2014
कर्नाटक
2023
2018 (हार लेकिन JDS के साथ सरकार)
केरल
0
2016, 2021
मध्य प्रदेश
2018 (लेकिन 2020 में सरकार गिर गई)
2023
महाराष्ट्र
0
2014, 2019, 2024 (2019 में हार के बाद गठबंधन सरकार बनी)
मणिपुर
0
2017, 2022 (दोनों बार सबसे बड़ी पार्टी होकर भी सरकार नहीं बनी)
मेघालय
0
2018, 2023 (2018 में सबसे बड़ी पार्टी के बावजूद विपक्ष में)
मिजोरम
0
2018, 2023
नागालैंड
0
2018, 2023
ओडिशा
0
2014, 2019, 2024
पंजाब
2017
2022
राजस्थान
2018
2023
सिक्किम
0
2014, 2019, 2024
तमिलनाडु
2021 (गठबंधन)
2016
तेलंगाना
2023
2014, 2018
त्रिपुरा
0
2018, 2023
उत्तराखंड
0
2017, 2022
उत्तर प्रदेश
0
2007, 2012, 2017, 2022
पश्चिम बंगाल
0
2016, 2021
दिल्ली
0
2015, 2020, 2025
पुडुचेरी
2016
2021
जम्मू कश्मीर
2024(गठबंधन)
2014
RSS के पथ संचलन पर मुस्लिम समाज ने बरसाए फूल, मिली ‘सर तन से जुदा’ की धमकी
17 Nov, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन जिले (Ujjain District) में आरएसएस (RSS) के पथ संचलन (Path Sanchalan) का फूलों (Flowers) से स्वागत करना एमपी वक्फ बोर्ड (MP Waqf Board) के चेयरमैन को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर उन्हें ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी मिल रही है। दरअसल, आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर वक्फ बोर्ड ने पथ संचलन का स्वागत किया था। इसके बाद कट्टरपंथियों के द्वारा धमकी देने का खेल शुरू हो गया। फिलहाल धमकी मिलने के बाद महाकाल थाना पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सनवर पटेल समेत बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों को पथ संचलन पर फूल बरसाते हुए देखा जा सकता है। वक्फ बोर्ड ने इस स्वागत का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसी पोस्ट पर धमकियों की बौछार शुरू हो गई है। आरोपी की पहचान फैजल खान के रूप में हुई है, जिसने वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को धमकी दी है। आरोपी ने लिखा, “तू है तुम्हारी जिंदगी में मुनाफिक हो इंशाल्लाह कल मुस्लिम मेजॉरिटी आएगी सबसे पहले गर्दन है तुम्हारी उड़ाई जाएगी इंशाल्लाह।”
वहीं धमकी मिलने के बाद वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सनवर पटेल सामने आए। उन्होंने कहा मैं मातृभूमि की सेवा करने निकला हूं। यहां पाकिस्तानी एजेंडा नहीं चलेगा। संघ राष्ट्रवादी संगठन है, जो राष्ट्र के लिए सोचता है। बोर्ड के आह्वान पर पूरे जिले में वक्फ बोर्ड खड़ा हुआ और जिले-जिले में पथ संचलन का स्वागत किया गया। वक्फ माफिया ये करा रहा है। सोशल मीडिया पर गर्दन काटने की धमकी से हम डरने वाले नहीं हैं।
मुझे उनकी पर्सनालिटी पसंद है…PM मोदी और CM योगी की बायोपिक बनाना चाहती हैं मालती चाहर
17 Nov, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: क्रिकेटर दीपक चाहर की बहन मालती चाहर इन दिनों टीवी के सबसे बड़े रिएलिटी शो ‘बिग बॉस 19’ का हिस्सा हैं, जिसे सलमान खान होस्ट करते हैं. इस शो की वजह से मालती लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं. मालती बतौर एक्ट्रेस और फिल्म डायरेक्टर काम करती हैं. वो बतौर डायरेक्टर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बायोपिक बनाना चाहती हैं.
मालती ने खुद एक बार अपनी इस इच्छा के बारे में बताया था. सितारों का सफर नाम के एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में मालती से पूछा गया था कि अगर उन्हें बायोपिक बनाने का मौका मिले तो वो किस शख्सियत की बायोपिक बनाना चाहेंगी. इस पर उन्होंने कहा था, “बहुत सारे लोग हैं लिस्ट में.” उसके बाद आगे उन्होंने कहा था, “हमारे प्रधानमंत्री जी की.”
मालती ने ये भी कहा था, “योगी जी की भी बायोपिक बनाना चाहूंगी. मुझे उनकी पर्सनालिटी पसंद है.” मालती ने अपना बॉलीवुड करियर बतौर एक्ट्रेस साल 2018 में रिलीज हुई फिल्म ‘जीनियस’ से शुरू हुआ था. ‘गदर’ के डायरेक्टर अनिल शर्मा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में मालती ने एक रॉ एजेंट का रोल किया था.
फिल्मों में एक्टिंग करने के अलावा मालती ने कुछ म्यूजिक वीडियोज और शॉर्ट फिल्म का निर्देशन किया है. वहीं इस साल उन्हें सलमान खान के टीवी रिएलिटी शो का मौका मिल गया. उन्होंने इस शो में बतौर वाइल्ड कार्ड एंट्री की. उसके बाद से वो लगातार सुर्खियों का हिस्सा हैं.
‘बिग बॉस’ का 19वां सीजन 24 अगस्त से शुरू हुआ था. वहीं अब कुछ ही हफ्तों में ये शो ऑफ एयर होने वाला है. दरअसल, 7 दिसंबर को इस शो का ग्रैंड फिनाले होगा. उस समय पता चलेगा कि आखिर इस शो का खिताब कौन अपने नाम करता है. विनर के नाम के ऐलान के साथ ये सीजन बंद हो जाएगा. मालती इस शो की टॉप 10 कंटेस्टेंट में से एक हैं. अब देखना होगा कि वो ट्रॉफी को अपने नाम कर पाती हैं या नहीं.
रोहिणी आचार्य का बड़ा खुलासा: तेजस्वी यादव पर गालियां और मारपीट का आरोप, कहा- कोई बेटी पिता को न बचाए!
16 Nov, 2025 01:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Lalu Yadav Daughter Controversy: विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद लालू परिवार का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ट्वीट कर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी. शनिवार को भी रोहिणी ने मीडिया से बात करते हुए घर से बाहर करने का आरोप लगाया था. अब उन्होंने ट्वीट कर अपना दर्द बयां किया है.
रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा, “कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला , एक मां को जलील किया गया , गंदी गालियां दी गयीं, मारने के लिए चप्पल उठाया गया, मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया, सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी. कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां-बाप बहनों को छोड़ आयी, मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया. मुझे अनाथ बना दिया गया. आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें, किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा ना हो.”
इसके बाद एक और पोस्ट में लिखा, “कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी, करोड़ों रूपए लिए, टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी. सभी बेटी-बहन, जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा-भाई हो, तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं, अपने भाई, उस घर के बेटे को ही बोले कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे”
“सभी बहन-बेटियां अपना घर-परिवार देखें, अपने माता-पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे, अपना काम, अपना ससुराल देखें , सिर्फ अपने बारे में सोचें. मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनो बच्चों को नहीं देखा, किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली. अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गया. आप सब मेरे जैसी गलती, कभी ना करे किसी घर रोहिणी जैसी बेटी ना हो”
दर्दनाक हादसा: पत्थर खनन में दबे 2 मजदूर, कई अभी भी मलबे में, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
16 Nov, 2025 01:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया. जिसमें 2 मजदूरों की मौत हो गई. जबकि कई मजदूर मलबे में दब गए हैं. वहीं सूचना पाकर मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम रेस्क्यू में जुटी हुई है. बताया जा रहा है कि बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के पास में ही मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था. जिसके कारण खनन पर रोक थी. लेकिन इसके बावजूद खनन किया गया.
पत्थर दरकने से हुआ हादसा
पूरा मामला बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र का है. यहां कृष्णा माइनिंग वर्क्स के खदान में अचानक पहाड़ दरक गया. जिसके मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत हो गई. जबकि कई मजदूर अभी भी मलबे में दबे हुए हैं. जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू किया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक हादसा दोपहर करीब 3 बजे हुआ है.
हादसे के वक्त 15 से ज्यादा मजदूर कर रहे थे काम
बताया जा रहा है कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय खदान में 15 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे. इनमें से अभी तक किसी का पता नहीं चल सका है. 2 मजदूरों के मौत की पुष्टि हो गई है, जबकि कई मजदूर मलबे में दबे बताए जा रहे हैं.
9 कंप्रेशर मशीनों से पत्थर में किया जा रहा था होल
जानकारी के मुताबिक 9 कंप्रेशर मशीनों से पत्थर में होल किया जा रहा था. तभी अचानक एक पत्थर दरक गया. जिससे नीचे खड़े सभी मजदूर दब गए. हादसे के बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद पुलिस और बचाव टीम मौके पर पहुंची.
दिल्ली ब्लास्ट से पहले घबराया हुआ था उमर, नए CCTV से हुआ खुलासा
16 Nov, 2025 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले (Red Fort of Delhi) के पास हुए भीषण धमाके की जांच में बड़ा सुराग मिला है. इंडिया टुडे को मिले एक्सक्लूसिव CCTV फुटेज में पहली बार आतंकी डॉक्टर उमर का चेहरा साफ दिखाई दे रहा है. यह फुटेज फरारी के दौरान फरीदाबाद की एक मोबाइल शॉप का है, जहां वह दो मोबाइल फोन के साथ नजर आता है. वीडियो में उमर बैग से एक फोन निकालकर दुकानदार को चार्जिंग के लिए देता है, जबकि दूसरा फोन उसकी गोद में रखा दिखता है. उसकी बॉडी लैंग्वेज साफ बताती है कि वह बेहद तनाव में था और घबराया हुआ दिख रहा था.
धमाके की जगह से बरामद उसके शव के पास कोई मोबाइल फोन नहीं मिला, जिससे साफ है कि दिल्ली पहुंचने से पहले उसने दोनों डिवाइस गायब कर दिए थे. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वही सोमवार को लाल किले के पास फटे Hyundai i20 वाहन को चला रहा था, जिसमें हुए विस्फोट में 13 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे.
जांच एजेंसियों के अनुसार, डॉक्टर उमर जम्मू-कश्मीर के दो डॉक्टरों डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन के संपर्क में था, जिन्हें फरीदाबाद मॉड्यूल भंडाफोड़ होने के बाद पकड़ा गया था. इस मॉड्यूल से 2,900 किलो विस्फोटक जब्त किए गए थे. धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रातभर छापेमारी कर छह लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें उमर के तीन परिजन भी शामिल हैं. DNA मैचिंग से उसकी पहचान पक्की हुई, जिसके सैंपल उसकी मां से मिले DNA से मेल खाए.
कभी तेज-तर्रार और मेधावी डॉक्टर माना जाने वाला उमर पिछले दो वर्षों में कट्टरपंथ की ओर तेजी से झुक गया था. जांच में खुलासा हुआ कि वह कई कट्टर विचारधारा वाले सोशल मीडिया ग्रुप्स से जुड़ा था. वह, डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन मिलकर थ्रीमा जैसे स्विट्जरलैंड-आधारित एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर प्लान बनाते थे और ऑपरेशन से जुड़े संवेदनशील हिस्सों के लिए उमर ने एक निजी सिग्नल ग्रुप भी बनाया था.
पुलिस के मुताबिक, ग्रुप ने 26 लाख रुपये जुटाए थे, जिनका जिम्मा उमर को दिया गया. इसी धन से गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से 26 क्विंटल NPK खाद खरीदी गई, जिसका उपयोग अन्य रसायनों के साथ मिलाकर IED बनाने में किया जाता है. सूत्रों के अनुसार, करीब आठ आरोपी चार शहरों में एक साथ धमाके करने के लिए जोड़ी बनाकर तैनात होने की तैयारी में थे. जांच एजेंसियां अब धमाके के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं और मामले में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है.
दिल्ली कार ब्लास्ट में बड़ा खुलासा, दुबई भागने की फिराक में थी शाहीन, NIA ने दबोचा एक और डॉक्टर
16 Nov, 2025 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली कार ब्लास्ट मामले (Delhi car blast case) में एक खुलासा हुआ है और एक गिरफ्तारी हुई है. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की जांच के अनुसार, दिल्ली धमाके की मुख्य आरोपी डॉक्टर शाहीन (Shaheen) दुबई भागने की फिराक में थी. उसकी एक फोटो मिली है, जो वीजा वेरिफिकेशन के नाम पर ली गई थी.
शाहीन वीजा बनवाने की तैयारी में थी, जिसके लिए पुलिस ने कुछ समय पहले उसकी फोटो वेरिफिकेशन के लिए ली थी. यह फोटो कमरा नंबर-29 में एक पुलिस अधिकारी द्वारा ली गई थी. धमाके के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए उसकी दुबई भागने की तैयारी थी, लेकिन जम्मू-कश्मीर में टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिया तो प्लानिंग फेल हो गई.
NIA ने सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. रईस अहमद भट को गिरफ्तार किया है, जो सर्जरी का प्रोफेसर है और MBBS-MS-FMG है. 45 वर्षीय रईस व्हाइट मेडिकल कॉलेज PS मामून कैंट, जिला पठानकोट में तैनात हैं और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग के दैलगाम का निवासी है. डॉ. रईस ने अल फलाह यूनिवर्सिटी फरीदाबाद में साल 2020-2021 में इंटर्नशिप की थी. डॉ. रईस की गिरफ्तारी दिल्ली बम विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी डॉ. उमर के संपर्क में होने के शक के चलते की गई है.
दिल्ली कार बम धमाके की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस की क्राइम टीम आज ओखला स्थित अल-फलाह के दफ्तर पहुंची. टीम ने यहां कई अहम दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड्स की जांच की, ताकि धमाके से जुड़े संभावित लिंक और संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि की जा सके. सूत्रों के अनुसार, क्राइम टीम ने दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की और CCTV फीड को खंगाला है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या धमाका मामले में किसी अंदरूनी मदद, मीटिंग या लेन-देन का कोई सुराग इस दफ्तर से जुड़ता है या नहीं? जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी संभावित एंगल को बारीकी से खंगाला जा रहा है और आने वाले समय में कुछ और लोकेशन पर छापेमारी संभव है.
नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट की जांच के आदेश दिए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने
16 Nov, 2025 10:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Jammu-Kashmir Lieutenant Governor Manoj Sinha) ने नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट की जांच के आदेश दिए (Ordered an Inquiry into the blast at Nowgam Police Station) । इस विस्फोट में नौ लोगों की जान चली गई और 24 लोग घायल हो गए ।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए अत्यंत दुखद आकस्मिक विस्फोट में हुई बहुमूल्य जान-माल की हानि से अत्यंत व्यथित हूं। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उपराज्यपाल ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “सरकार दिवंगतों के परिवारों, मित्रों और प्रियजनों के साथ एकजुटता से खड़ी है। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। मैंने आकस्मिक विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट पर दुख व्यक्त किया है। जम्मू-कश्मीर सीएमओ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।”
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने लिखा, “नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए दुखद आकस्मिक विस्फोट से अत्यंत व्यथित हूं, जिसमें 9 अनमोल जानें चली गईं और कई घायल हुए। यह हृदयविदारक घटना उन जोखिमों और कठिन परिस्थितियों को उजागर करती है जिनमें हमारे पुलिसकर्मी हम सब की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना।”
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी नौगाम में 9 लोगों की मौत के बाद अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घायलों का शीघ्र इलाज किया जाना चाहिए और पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस विस्फोट के बाद सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “यह घटनाक्रम दिल्ली में लाल किले के पास हुए कायराना कार विस्फोट आतंकवादी हमले के कुछ दिनों बाद आया है और यह केंद्र सरकार के लिए खुफिया तंत्र और आतंकवाद-रोधी तंत्र को मजबूत करने के लिए एक चेतावनी है। वह जवाबदेही से नहीं भाग सकती। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आतंकवाद के अभिशाप के विरुद्ध राष्ट्र के साथ एकजुट है।” उन्होंने लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट और आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की भी मांग की।
साडा अध्यक्ष पद के लिए अशोक शर्मा का नाम चर्चा में
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विधानसभा-1 के वार्ड 9 से अभियान का शुभारंभ, जनभागीदारी पर जोर
