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दिल्ली ब्लास्ट के बाद ED का बड़ा एक्शन, अल फलाह के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी अरेस्ट
19 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई अल फलाह ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान मिली अहम जानकारियों और सबूतों के आधार पर की गई. ईडी ने यह जांच दो FIR के आधार पर शुरू की थी, जो दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने दर्ज की थीं.
आरोप है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने गलत तरीके से NAAC मान्यता होने का दावा किया. यूजीसी के सेक्शन 12(B) के तहत मान्यता होने की झूठी जानकारी दी. ताकि छात्रों, माता-पिता और आम जनता को गुमराह कर आर्थिक फायदा लिया जा सके. यूजीसी ने साफ किया है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी केवल सेक्शन 2(f) के तहत एक स्टेट प्राइवेट यूनिवर्सिटी के रूप में सूचीबद्ध है और उसने कभी भी 12(B) के तहत मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है.
ट्रस्ट कैसे काम करता है?
अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना 8 सितंबर 1995 में हुई थी.
इस ट्रस्ट में जावेद अहमद सिद्दीकी पहले ही दिन से ट्रस्टी रहे हैं और वही असल में पूरे ग्रुप को कंट्रोल करते हैं.
विश्वविद्यालय और उससे जुड़े सभी कॉलेज इसी ट्रस्ट के तहत आते हैं.
ट्रस्ट और ग्रुप ने 1990 के दशक से बहुत तेजी से विस्तार किया. मगर, यह इजापा उनकी असली/सामान्य वित्तीय क्षमता से मेल नहीं खाती. आज दिल्ली में 19 जगहों पर छापेमारी हुई, जिसमें अल फलाह यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े महत्वपूर्ण लोगों के घर शामिल थे. छापेमारी के दौरान 48 लाख रुपये से ज्यादा कैश, कई डिजिटल डिवाइस, महत्वपूर्ण दस्तावेज और कई शेल कंपनियों के सबूत मिले.
ED की जांच में सामने आया कि ट्रस्ट के पैसों को परिवार की कंपनियों में डायवर्ट किया गया. निर्माण और कैटरिंग के ठेके जावेद सिद्दीकी की पत्नी और बच्चों की कंपनियों को दिए गए. पैसों की लेयरिंग, गलत लेन-देन और अन्य कई नियमों का उल्लंघन पाया गया. ईडी का कहना है कि जावेद अहमद सिद्दीकी ट्रस्ट और उसके वित्तीय फैसलों को असल में कंट्रोल करते हैं. मिले सबूतों से पता चलता है कि उन्होंने अपराध से कमाए गए पैसों को छिपाया और कई तरीकों से इधर-उधर घुमाया. इन सबूतों के आधार पर उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार किया गया.
‘अभी मारें या बाद में…’, प्रधान ने पहले पीटा, फिर जूते में पेशाब भरकर पिला दिया
19 Nov, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां आवारा पशुओं (Stray Animals) की 1076 नंबर (CM Helpline) पर शिकायत (Complaint) करने से तिलमिलाए दबंगों (Bullies) ने पहले तो युवक (Young Men) को जमकर पीटा. फिर जूते (Shoes) में पेशाब (Urine) भरकर उसे पिला दिया. युवक का आरोप है कि उसकी पत्नी के साथ भी दबंगों ने अभद्रता की. आरोप है कि पुलिस से शिकायत करने पहुंचे युवक की कोई सुनवाई नहीं हुई. फिलहाल युवक मेडिकल कॉलेज में भर्ती है जहां उसका इलाज किया जा रहा है.
इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला ये मामला परौर थाना क्षेत्र के हरदुआ गांव का है. यहां रहने वाले युवक रामफल ने बताया- 14 नवंबर को गांव में स्थित गौशाला की गायों को छोड़ दिया गया, जो उसके घर में घुसने लगीं. इसकी शिकायत उसने प्रधान से की. उस समय मामला रफा दफा हो गया. लेकिन बाद में प्रधान ने उसे धमकी दी. परेशान युवक ने फिर 1076 नंबर पर कॉल करके इसकी शिकायत दी.
साथ ही युवक ने दबंग प्रधान से भी गौशाला के पशुओं को बंद कर रखने के लिए कहा. बोला कि शासन से जो 90 हजार रुपये आते हैं, वो तो आप ले लेते हैं. तो ये गौशाला के पशु क्यों खुले घूम रहे हैं? बस फिर क्या था. आरोप है कि दबंग आरोपी प्रधान उदयवीर ने धमकाते हुए कहा कि तुम्हें अभी मारें या फिर बाद में? इस पर युवक ने कहा कि आपको जैसा ठीक लगे.
पीड़ित रामफल ने आरोप लगाते हुए बताया- अगले दिन जब वो अपनी पत्नी के साथ खेत में आलू के बीच डालने गया, तो दबंग प्रधान उदयवीर ने अपने साथियों के साथ उसे खेत में ही घेर लिया. पहले जमकर लाठी डंडों और लोहे की पाइप आदि से उसकी पिटाई की. उसके बाद दबंग प्रधान उदयवीर ने जूते में भरकर पेशाब रामफल को पिलाया. यही नहीं, दबंगों ने उसकी पत्नी के साथ भी अभद्रता की, जिसकी शिकायत करने जब पीड़ित युवक की पत्नी परौर थाने पहुंची तो उसकी वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई.
पत्नी ने लोन का पैसा नहीं चुकाया तो बैंक ने पति की पेंशन काट ली, लौटाने होंगे 5 लाख रुपये
19 Nov, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: क्या बैंक (Bank) अपनी मर्ज़ी से किसी के खाते से पैसे काट सकता है? ख़ासकर तब, जब उस खाते में पेंशन (Pension) का पैसा जमा हो? ओडिशा हाईकोर्ट (Odisha High Court) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में इस सवाल का जवाब दिया है, जो देश के लाखों बुजुर्गों और पेंशनभोगियों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है. हाईकोर्ट ने साफ़ कह दिया है कि बैंक, लोन डिफ़ॉल्ट होने पर भी, गारंटर के पेंशन फंड को सीधे-सीधे जब्त नहीं कर सकता. यह पूरा मामला मल्लिक नामक एक रिटायर व्यक्ति से जुड़ा है. मल्लिक साहब, जो रेल कोच फैक्ट्री से रिटायर हुए थे, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में अपनी पत्नी के साथ एक संयुक्त खाता (Joint Account) रखते थे. इसी खाते में उनकी करीब ₹35,000 की मासिक पेंशन आती थी. मल्लिक साहब अपनी पत्नी के दो ट्रांसपोर्ट व्हीकल लोन के गारंटर बने थे.
मल्लिक साहब की पत्नी ने 5.9 लाख और 8 लाख रुपये के दो वाहन लोन लिए थे. कुछ समय बाद, वह इन कर्ज़ों की किश्तें नहीं चुका पाईं और नवंबर 2018 में दोनों खाते एनपीए (NPA) घोषित हो गए. बैंक ने लोन की वसूली के लिए कई बार नोटिस भेजा, लेकिन बात नहीं बनी. इसके बाद, बैंक ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसने मल्लिक साहब की पूरी जमा पूंजी पर संकट ला दिया. 17 और 19 फरवरी 2024 को, बैंक ने बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के, मल्लिक साहब के संयुक्त खाते से कुल 5 लाख रुपये काट लिए. बैंक का दावा था कि यह राशि लोन के बकाए को निपटाने के लिए ली गई है. मल्लिक साहब ने तर्क दिया कि वह तो केवल गारंटर थे, न कि मुख्य उधारकर्ता. उन्होंने बैंक को एक निवेदन भी दिया कि उन्हें बेटी की शादी के लिए पैसों की सख़्त ज़रूरत है, इसलिए राशि वापस की जाए, लेकिन बैंक ने कोई ध्यान नहीं दिया. मजबूरन, उन्होंने न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया.
जस्टिस (डॉ.) संजीव के पाणिग्रही की पीठ ने 17 अक्टूबर 2025 को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए एक ऐतिहासिक फ़ैसला दिया. कोर्ट ने कहा कि यह मामला केवल एक बैंकिंग विवाद नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवनयापन के अधिकार से जुड़ा है. कोर्ट ने साफ कहा कि पेंशन कोई भीख या खैरात नहीं है, बल्कि यह कर्मचारी की मेहनत से कमाई गई संपत्ति है, जो उसे बुढ़ापे में सम्मान से जीने का अधिकार देती है. कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए बताया कि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) की धारा 60(1)(g) के तहत, सरकारी पेंशन को किसी भी तरह की कुर्की (Attachment) से कानूनी सुरक्षा मिली हुई है. कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया, “जो काम कानून किसी औपचारिक आदेश के बिना नहीं करने देता, उसे बैंक अपनी मर्ज़ी से, पेंशन फंड को काटकर, अप्रत्यक्ष रूप से नहीं कर सकता.”
बैंक ने दलील दी थी कि मल्लिक साहब गारंटर थे और खाता भी ज्वाइंट था, इसलिए वसूली सही थी. लेकिन हाईकोर्ट ने इस तर्क को ख़ारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि भले ही एक गारंटर की ज़िम्मेदारी मुख्य उधारकर्ता के बराबर होती है, लेकिन वसूली का तरीका कानूनी और उचित होना चाहिए. किसी एक व्यक्ति के कर्ज़ के लिए, बैंक दूसरे सह-खाताधारक (Co-account Holder) के खाते से ऐसे ही पैसे नहीं निकाल सकता. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चूंकि मल्लिक साहब की पेंशन इस खाते में आती थी, इसलिए सिर्फ ज्वाइंट खाता होने के कारण, फंड्स अपनी पेंशन वाली सुरक्षा नहीं खो सकते. बैंक की यह कार्रवाई पूरी तरह से एकतरफ़ा थी और प्राकृतिक न्याय के बुनियादी नियमों का उल्लंघन करती है, क्योंकि मल्लिक साहब को कोई नोटिस नहीं दिया गया.
अपने फ़ैसले में, हाईकोर्ट ने एसबीआई के 5 लाख रुपये काटने की कार्रवाई को “अवैध और क़ानून में अस्थिर” घोषित कर दिया. कोर्ट ने बैंक को आदेश दिया कि वह चार सप्ताह के भीतर मल्लिक साहब के खाते में पूरी ₹5,00,000 की राशि वापस जमा करे. हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि इस फ़ैसले से बैंक का लोन वसूलने का अधिकार ख़त्म नहीं होता. बैंक पूरी तरह से स्वतंत्र है कि वह कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए, जैसे कि सिक्योरिटी को लागू करना या उचित न्यायाधिकरण में मामला दर्ज करना, अपनी बकाया राशि वसूल करे. मगर, बैंक किसी भी स्थिति में, पेंशनभोगी की जीवन-यापन के साधन (Pensioner’s means of sustenance) यानी पेंशन को सीधे जब्त नहीं कर सकता.
स्कूल का वार्डन के डर से खाया बदबू वाला खाना, पूर्णियां में 15 छात्राओं की हालत खराब
19 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णियां: पूर्णिया शहर स्थित राजकीय अन्य पिछड़ा कन्या आवासीय उच्च विद्यालय में घटिया भोजन खाने से करीब 15 बच्चियां बीमार पड़ गईं. सरकार के नियम के अनुसार यहां जीविका की महिलाएं ही खाना बनाकर इन बच्चियों को परोसती हैं. बच्चियों ने बताया कि सुबह उन्हें सत्तू की लिट्टी और चटनी दी गई थी. लिट्टी से अजीब बदबू आ रही थी, लेकिन विद्यालय के वार्डन के डर से सभी बच्चियों ने वह खाना खा लिया. इसके बाद 34 बच्चियों में सिरदर्द, बेचैनी और उल्टी की शिकायत देखी गई. देखते ही देखते करीब 15 बच्चियां उल्टी करने लगीं, जिसके बाद विद्यालय में हड़कंप मच गया.
शुरू में विद्यालय प्रबंधन ने पूरे मामले को छिपाने की कोशिश की, लेकिन बच्चियों की हालत बिगड़ने पर सभी को पूर्णिया मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. मेडिकल कॉलेज में मौजूद डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया और अब सभी बच्चियां खतरे से बाहर हैं. इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि फूड पॉइज़निंग की वजह से उनकी तबियत बिगड़ी थी. वहीं अन्य छात्राओं ने बताया कि खाने में बदबू की शिकायत की गई थी, लेकिन उन्हें डांटकर चुप करा दिया गया. बताया जा रहा है कि जिस तेल में लिट्टी बनाई गई थी, वह कई दिनों पुराना इस्तेमाल किया हुआ तेल था. बच्चियों ने कहा कि खाना बनाने के बाद बचा हुआ तेल रख लिया जाता है और कई दिनों तक उसी का उपयोग किया जाता है.
दिल्ली ब्लास्ट मामला : अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी को कोर्ट ने भेजा ईडी की हिरासत में, जानिए आगे क्या होगा?
19 Nov, 2025 08:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Delhi Blasts Update: अल फलाह यूनिवर्सिटी घोटाला मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी से लगातार पूछताछ कर रही है। मंगलवार रात उसे साकेत कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने 13 दिन की ईडी रिमांड मंजूर कर दी। अब 1 दिसंबर तक ईडी जावेद से गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के बारे में पूछताछ करेगी। अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी मान्यता और फंडिंग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं।
इस बीच एनआईए दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े आतंकी डॉक्टरों के अल फलाह कनेक्शन की जांच कर रही है। ईडी ने भी मंगलवार को यूनिवर्सिटी के ओखला स्थित मुख्यालय और ट्रस्टियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से कई अहम दस्तावेज मिले हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि यूनिवर्सिटी से कई मुखौटा कंपनियां जुड़ी थीं, जो केवल कागजों पर मौजूद थीं। आशंका है कि इन कंपनियों के जरिए हवाला और फर्जी लेनदेन किए गए। ईडी को एक ही पते पर 9 शेल कंपनियां मिलीं, जिनमें कोई काम नहीं हो रहा था।
जांच एजेंसियों के सामने कई गंभीर सवाल हैं — कैसे एक मामूली कॉलेज चलाने वाला जावेद सिद्दीकी 250 करोड़ रुपये जुटाकर इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी बना सका? मान्यता से जुड़े दस्तावेजों में किसने और कैसे हेरफेर किया? दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन सामने आने के बाद वह क्यों गायब हो गया?
जावेद सिद्दीकी पहले भी विवादों में रहा है। वह 7.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए शेयर खरीदे गए और फंड शेल कंपनियों के नाम पर निजी खातों में भेजा गया। इंदौर निवासी सिद्दीकी के नेतृत्व में अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज का संचालन करता है, जिसका कैंपस 78 एकड़ में फैला है।
गोरखपुर के इस गांव में फैला ऐसा डर, इंजेक्शन लगवाने पहुंच गए सैकड़ों लोग
19 Nov, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोरखपुर (Gorakhpur) के एक गांव (Village) के लोग एक के बाद एक करके डॉक्टर (Doctor) के पास पहुंच रहे हैं और एंटी रेबीज इंजेक्शन (Anti-rabies Injection) लगवा रहे हैं. गांव वालों में डर का माहौल का है. दरअसल, गोरखपुर के रामदीह गांव में 100 से ज्यादा लोग घबराहट में एंटी-रेबीज टीके लगवा रहे हैं. इसकी वजह ये है कि गांव वालों ने पूजा का प्रसाद, चना अमृत खाया था. ये चना अमृत उस गाय के दूध से बना था, जिसकी मौत शनिवार शाम को हो गई. अब बताया जा रहा है कि गाय को किसी कुत्ते ने काट लिया था. ऐसे में लोग घबरा गए और रेबीज होने के डर से अस्पताल पहुंचने लगे.
लोगों की भीड़ बढ़ती देख स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को एक स्पेशल मेडिकल कैंप गांव में ही लगा दिया. अब यहां लोगों को समझाया जा रहा है और जोखिम की जांच भी की जा रही है. साथ ही बढ़ती घबराहट के बीच गांव वालों को भरोसा दिलाया जा रहा है. करीब 3,000 की आबादी वाले इस गांव के हर उस शख्स के दिल में डर है, जिसने उस गाय का दूध पिया था या फिर उसके दूध की बनी कोई चीज खाई थी.
गांव के प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि करीब एक हफ्ते पहले उनके रिश्तेदार धर्मेंद्र गौड़ की गाय अचानक बीमार हो गई थी. धर्मेंद्र ने पशु चिकित्सक (Veterinarian) को बुलाया. जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि गाय को कुत्ते ने काटा है और उसके शरीर में रेबीज संक्रमण फैल चुका है. उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सक ने गाय का वीडियो बनाकर अपने सीनियर डॉक्टर को भेजा. सीनियर डॉक्टर ने भी वीडियो देखने के बाद गाय में रेबीज के लक्षण की पुष्टि की और चेतावनी दी कि वह जल्द ही असामान्य व्यवहार करेगी और शायद बच नहीं पाएगी.
डॉक्टर ने सलाह दी कि जिसने भी गाय का दूध पिया है. वह एहतियात के तौर पर तुरंत एंटी-रेबीज टीका लगवा लें, क्योंकि अगर ये बीमारी फैलती है तो इसकी कोई इलाज नहीं होता. गांव में बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि 29 अक्टूबर और 2 नवंबर को हुई पूजा में प्रसाद बनाने के लिए इसी गाय का दूध इस्तेमाल किया गया था. दूध को शुभ माना जाता है, इसलिए इसे प्रसाद में मिलाया गया था.
गांव के प्रधान ने कहा कि धर्मेंद्र या किसी को भी बिल्कुल नहीं पता कि गाय को कब कुत्ते ने काटा. जैसे ही गाय में अजीब व्यवहार दिखने लगा, गांव में दहशत फैल गई. लोग उरुवा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में टीका लगवाने पहुंचने लगे. अब तक 100 से ज्यादा लोग पहली डोज ले चुके हैं. कुछ लोगों ने पिछले 3 से 6 महीने के बीच भी गाय का दूध पिया था, इसलिए वह भी एहतियात के तौर पर टीका लगवा रहे हैं.
PHC के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर जय प्रकाश तिवारी ने कहा कि लोग डरकर इंजेक्शन लगवा रहे हैं, जबकि किसी में कोई लक्षण नहीं हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि गाय की जांच करने वाले डॉक्टर ने इंजेक्शन लेने की सलाह दी थी. इसलिए वह वही कर रहे हैं. अब तक लगभग 130 लोगों को पहली डोज दी जा चुकी है. सभी को दो बैच में इंजेक्शन लगाए गए.
क्या कुत्ते के काटने के बाद गाय के दूध से इंसान को रेबीज हो सकता है? इस सवाल पर डॉक्टर जय प्रकाश तिवारी ने कहा कि अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं है कि ऐसा हो सकता है, लेकिन यह भी 100 परसेंट नहीं कहा जा सकता कि कभी नहीं हो सकता. उन्होंने बताया कि अभी तक ये भी लैब में कंफर्म नहीं हुआ है कि गाय असल में रेबीज से पीड़ित थी. गांव में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों को समझाया दिया जा रहा है ताकि वह बेवजह न घबराएं. डॉक्टर ने कहा कि हमारे क्षेत्र में सालभर कुत्ते के काटने के कई मामले आते हैं, इसलिए हमारे पास एंटी-रेबीज वैक्सीन का काफी का स्टॉक मौजूद है.
बच्चों के लापता होने की बढ़ती घटनाएँ: सुप्रीम कोर्ट ने कहा—स्थिति बेहद गंभीर
18 Nov, 2025 08:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली :सुप्रीम कोर्ट ने देश में बच्चों के लापता होने से संबंधित एक रिपोर्ट पर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत में हर आठ मिनट में एक बच्चा लापता हो जाता है। इस पर सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने इसे बेहद चिंताजनक बताया।
गोद लेने की प्रक्रिया बेहद कठिन – सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि उन्होंने अखबार में पढ़ा है कि इतनी अधिक संख्या में बच्चे गायब हो जाते हैं, और यदि यह सच है तो स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश में गोद लेने की प्रक्रिया इतनी कठिन और लंबी है कि लोग इसका अवैध विकल्प खोजने लगते हैं, जो स्थिति को और खराब करता है।
केंद्र को 9 दिसंबर तक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश
सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से मौजूद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने राज्यों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इतनी लंबी अवधि देने से इंकार कर दिया और 9 दिसंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।
पहले भी दिए जा चुके हैं निर्देश
14 अक्टूबर को अदालत ने केंद्र सरकार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लापता बच्चों के मामलों को देखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया था। साथ ही, इन अधिकारियों के नाम और संपर्क विवरण 'मिशन वात्सल्य' पोर्टल पर उपलब्ध कराने को भी कहा गया था ताकि किसी बच्चे की गुमशुदगी की जानकारी तुरंत साझा की जा सके।
लापता बच्चों के लिए अलग पोर्टल का सुझाव
सुप्रीम कोर्ट पहले ही केंद्र को गृह मंत्रालय के तहत एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल बनाने का सुझाव दे चुकी है। अदालत का मानना है कि राज्यों के बीच पर्याप्त समन्वय नहीं होने से बच्चों की तलाश में देरी होती है। एक केंद्रीकृत पोर्टल से यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
NGO ने उठाया था मामला
यह मामला तब सामने आया जब एनजीओ 'गुरिया स्वयंसेवी संस्थान' ने बच्चों की तस्करी और अपहरण के मामलों में कार्रवाई न होने का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया। याचिका में बताया गया कि कई राज्यों में बच्चों को अपहरण के बाद बिचौलियों के नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्यों में तस्करी किया जा रहा था।
EC का बड़ा कदम! राहुल गांधी के दावों के बाद SIR में आएगी AI निगरानी
18 Nov, 2025 08:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता :पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान फर्जी, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं पर लगाम लगाने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) तकनीक का इस्तेमाल करेगा। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, AI सिस्टम मतदाता डेटाबेस में मौजूद लाखों तस्वीरों का विश्लेषण करेगा और चेहरों की समानता (facial recognition) के आधार पर एक ही व्यक्ति के एक से अधिक जगहों पर पंजीकृत होने की पहचान करेगा। इससे एक ही फोटो वाले कई मतदाता प्रवेश (डुप्लीकेट वोटर) का पता आसानी से चल जाएगा।
AI शामिल करने का फैसला
अधिकारी ने बताया कि हाल के महीनों में प्रवासी मजदूरों की तस्वीरों के गलत इस्तेमाल और एक ही व्यक्ति के कई जगहों पर नाम जुड़ने की शिकायतें काफी बढ़ी हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हाल ही में दावा किया था कि एक ही नाम और फोटो से कई-कई वोट डाले जा रहे हैं। इन शिकायतों को देखते हुए AI तकनीक को शामिल करने का फैसला लिया गया है।
BLO की जवाबदेही और सख्त
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि AI के बावजूद बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की जिम्मेदारी कम नहीं होगी। BLO को घर-घर जाकर मतदाताओं की नई तस्वीरें लेनी होंगी। बूथ लेवल एजेंट (BLA) द्वारा फॉर्म जमा करने पर भी BLO को व्यक्तिगत रूप से घर जाकर हस्ताक्षर और विवरण का सत्यापन करना अनिवार्य होगा। मतदाता से रिसीविंग भी लेनी होगी। आयोग ने सख्त जवाबदेही के नियम तय किए हैं। अगर गणना और फॉर्म सत्यापन के बाद भी कोई फर्जी या मृत मतदाता सूची में पाया जाता है, तो संबंधित पोलिंग बूथ के BLO को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
SIR के दबाव में की आत्महत्या
SIR अभियान के कारण BLO पर भारी कार्यभार पड़ने से देश के कई हिस्सों में असंतोष है। केरल के कन्नूर जिले के पय्यान्नूर में BLO अनीश जॉर्ज ने इसी दबाव के चलते आत्महत्या कर ली। इसके बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केरल में SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि अधिकारी इस अभियान के भारी दबाव को झेलने में असमर्थ हो रहे हैं।
दिल्ली लाल किला धमाका: अब तक क्या-क्या हुआ? 10 बड़े अपडेट्स जो आपको जानने चाहिए
18 Nov, 2025 07:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Delhi Red Fort Blast Update: राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास बीते सोमवार (10 नवंबर) को कार में हुए धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है. जबकि कई घायलों का अभी भी इलाज चल रहा है. इस बीच जांच एजेंसियां जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली एनसीआर, यूपी और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी हो रही है. जिससे हर दिन नए खुलासे और गिरफ्तारियां हो रही हैं. चलिए जानते हैं इस कार बम धमाके के मामले में अब तक क्या कुछ कार्रवाई हुई. जानते हैं दिल्ली ब्लास्ट के 10 बड़े अपडेट्स.
1.दिल्ली ब्लास्ट मामले में आतंकी डॉ. उमर के साथी जसीर बिलाल वानी को गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया. जहां मंगलवार को उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा.
2. जांच एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि दिल्ली में धमाके को अंजाम देने वाले आतंकी हमास की तर्ज पर ड्रोन और छोटे रॉकेट से हमला करने की तैयारी कर रहे थे. पूछताछ में आतंकी दानिश ने इसे लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है.
3. उधर इस हमले का केंद्र रही फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर भी लगातार सख्ती हो रही है. अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी के ओखला स्थित दफ्तर में छापेमारी की गई है. यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद सिद्दीकी को मंगलवार को दिल्ली क्राइम ब्रांच के सामने पेश किया जाएगा. उसके ऊपर दो एफआईआर दर्ज की गई हैं.
4. वहीं अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉ निसार की पत्नी और बेटी को हाउस अरेस्ट किया गया है. सुरक्षा एजेंसियों ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के 10 MBBS छात्रों के मोबाइल जब्त किए हैं. साथ ही उनके यूनिवर्सिटी कैंपस से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई है.
5. अल फलाह यूनिवर्सिटी में उमर के हॉस्टल के 13 नंबर कमरा से मिले अमोनियम नाइट्रेट के ट्रेसेज. फोरेंसिक जांच के आधार पर पता चला कि उमर ने कमरे में या तो स्टॉक के रूप में, परीक्षण बैचों में, या बम के घटकों को इकट्ठा करते समय यह सामग्री जमा की होगी.
6. जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या डॉ. अदील ही पूरे मॉड्यूल का मेन लिंक था? पाकिस्तान से आए ड्रोन और 40 किलो RDX के साथ सफेदपोश नेटवर्क का खुलासा हुआ है. उधर पंजाब पुलिस भी सहारपुर में तलाशी अभियान चला रही है. क्योंकि यहां पाकिस्तान की ड्रोन साजिश का लिंक मिला है.
7. इसके साथ ही शाहीन परवेज का विदेश दौरा भी एटीएस के जांच के घेरे में आ गया है. दोनों ने सऊदी, तुर्किए और मालदीव का दौरा किया था. अब एटीएस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस दौरान इन देशों सक्रिय रिक्रूटर या कट्टरपंथी प्रीचर के साथ इनका संपर्क हुआ था.
8. आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी के साथियों से पूछताछ से पता चला कम से कम तीन सालों से देश में हमले साजिश रची जा रही थी. मुजामिल और अदील टेलीग्राम के जरिए अबू अकाशा नाम के एक व्यक्ति के संपर्क में थे और 2022 में तुर्की में दो इस्लामवादियों से मिले थे. जिनकी पहचान केवल मोहम्मद और उमर के रूप में हुई.
9. फरीदाबाद-दिल्ली मॉड्यूल ने व्हाइट कॉलर टेरर का खतरनाक अध्याय का पता चला है. जांच में सामने आया है कि फोन, लैपटॉप, डिजिटल नेटवर्क, एन्क्रिप्टेड चैट और क्लाउड-आधारित कट्टरपंथ प्रशिक्षण सबसे बड़ा हथियार था.
10. 'सफेदपोश' आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉक्टरों को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में पता चला है कि बांग्लादेश गए बिना ही आरोपियों को MBBS की डिग्री मिल गई थी.
कल सुबह दिल्ली पहुंचेगा लॉरेंस का भाई, अनमोल बिश्नोई पर बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का आरोप
18 Nov, 2025 07:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता माने जाने वाले गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को बुधवार (19 नवंबर 2025) को भारत लाया जाएगा. वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से डिपोर्ट किए जाने के बाद सुबह 10 बजे दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट उसे पर लाया जाएगा |
अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की कई टीमें एयरपोर्ट पर तैनात रहेंगी ताकि सुरक्षा, कागज़ी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “दिल्ली पुलिस मुख्यालय में इस पर चर्चा चल रही है कि उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर कौन सी एजेंसी आगे की कस्टडी लेगी. कोर्ट में पेश किए जाने के बाद ही इसका निर्णय होगा |
जांचकर्ताओं के मुताबिक, अनमोल बिश्नोई के खिलाफ देशभर में 32 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 20 मामले राजस्थान में हैं. यह केस फिरौती, अपहरण, हत्या की कोशिश और टार्गेट किलिंग जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े हैं. अधिकारियों ने कहा कि उसे सबसे पहले किस एजेंसी की कस्टडी में भेजा जाएगा, इसका फैसला केंद्र सरकार करेगी |
बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी को मंगलवार (18 नवंबर 2025) को अमेरिकी अधिकारियों की ओर से एक ईमेल मिला, जिसमें कहा गया, "अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से निकाल दिया गया." जीशान ने कहा, “मुझे नहीं पता कि वह इस समय कहां है, लेकिन उन्होंने बताया है कि उसे अमेरिका से हटा दिया गया है और आगे की प्रक्रिया भारत में होगी |
सूत्रों के अनुसार, मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने अनमोल को डिपोर्ट और कस्टडी के लिए दो बार आधिकारिक आवेदन भेजा था. हाल ही में इंटरपोल ने उसकी पहचान से जुड़े दस्तावेज भी मांगे थे, जो मुंबई पुलिस ने उपलब्ध कराए थे. अनमोल बिश्नोई 14 अप्रैल 2024 को अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में भी वांटेड है. उसने ऑनलाइन इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था |
अनमोल बिश्नोई 12 अक्टूबर 2024 को बाबा सिद्दीकी की हत्या के पीछे मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था. जांच के दौरान पुलिस को गिरफ्तार शूटरों से वॉइस क्लिप्स मिले जो अनमोल की आवाज़ से मेल खाते हैं, जिनमें वह हमलावरों को निर्देश देते और उकसाते सुना गया. जांच में सामने आया कि अनमोल कई साल पहले फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से भागा था और कनाडा, अमेरिका और केन्या में लगातार घूमता रहा |"अनमोल बिश्नोई को पिछले वर्ष कैलिफोर्निया में हिरासत में लिया गया था, लेकिन प्रक्रिया संबंधी खामियों के कारण छोड़ दिया गया. उसके पास एक रूसी पासपोर्ट भी होने की जानकारी सामने आई है, जो फर्जी होने का शक है. वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की अंतरराष्ट्रीय साजिश में भी लिंक्ड माना जाता है|
एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. गैंग की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों से जुड़े दो मामलों में एनआईए ने उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है. अमेरिकी अधिकारियों की ओर से डिपोर्टेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब भारतीय एजेंसियां आईजीआई एयरपोर्ट पर संयुक्त ऑपरेशन की तैयारी कर रही हैं |
दिल्ली धमाके का आरोपी जेल में जख्मी, कैदियों ने किया हमला
18 Nov, 2025 07:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
साबरमती सेंट्रल जेल | साबरमती सेंट्रल जेल में बंद आतंकवाद के आरोपी अहमद मोहियुद्दीन सैयद पर सोमवार को 3 कैदियों ने हमला कर दिया. घटना के तुरंत बाद गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) और रानिप पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. जेल अधिकारियों के अनुसार, सैयद पर जेल परिसर के अंदर अचानक हमला किया गया. शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने किसी चेतावनी के बिना हमला किया. घायल आतंकी ने अभी तक हमले के पीछे की स्पष्ट वजह साझा नहीं की है. घटना के बाद एटीएस की टीम तुरंत जेल पहुंची और स्थिति का आकलन किया. वहीं, जेल अधिकारियों ने घायल सैयद को तत्काल अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने बताया कि उनकी आंख, चेहरा और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं|
पुलिस और ATS कर रही मामले की जांच
इस हमले ने साबरमती सेंट्रल जेल की आंतरिक सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. जेल पहले भी तस्करी, अनधिकृत मोबाइल फोन और अन्य सुरक्षा उल्लंघनों जैसी घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है. सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं जेल की सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती हैं. घटना की सूचना मिलते ही रानिप पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी. पुलिस और एटीएस की टीमें हमलावरों की पहचान और उनकी जांच में जुट गई हैं. शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला किसी आपसी विवाद का नतीजा था या जेल के भीतर कोई संगठित साजिश का हिस्सा. जेल अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि जेल में भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और कड़ा किया जा सकता है|
हर 8 मिनट में 1 बच्चा लापता… SC चिंतित, सरकार को 9 दिसंबर तक का टाइम दिया
18 Nov, 2025 06:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: देशभर में लापता बच्चों (Missing Children) के मामले पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फिर चिंता जताई है. जस्टिस बीवी नागरत्ना (Justice BV Nagarathna) ने कहा है कि लापता बच्चों का मामला गंभीर मुद्दा है. सुप्रीम कोर्ट ने एक न्यूज रिपोर्ट पर चिंता व्यक्त की.
रिपोर्ट में दावा किया गया था कि देश में हर 8 मिनट में एक बच्चा लापता हो जाता है. कोर्ट ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताया. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 9 दिसंबर तक समय दिया. मामले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का समय दिया. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा कि देश में गोद लेने की प्रक्रिया जटिल है और केंद्र से इस प्रक्रिया को सरल बनाने को कहा है.
दिल्ली ब्लास्ट: शाहीन ने 25 सितंबर को खरीदी थी नई कार, डॉक्टर मुजम्मिल के साथ फोटो
18 Nov, 2025 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली ब्लास्ट (Delhi Blast) की जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है. इसमें कई खुलासे किए जा रहे हैं. अब शाहीन (Shaheen) की ब्रेजा कार (Brezza Car) को लेकर नया खुलासा हुआ है. शाहीन ने अपनी कार 25 सितंबर को खरीदी थी, यानी धमाके से दो महीने पहले ही शाहीन ने नई कार ली थी. शाहीन ने जब ब्रेजा कार खरीदी थी, उस वक्त का फोटो भी सामने आया है.
जिसमें मुजम्मिल शाहीन के साथ देखा गया है. फोटो में शाहीन को अब्दुल्ला के साथ कुछ खाने का डिब्बा लिए हैं, लग रहा है जैसे वह मिठाई है. शाहीन का डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई से कथित प्रेम संबंध बताया जा रहा है. मुजम्मिल एक कश्मीरी डॉक्टर हैं, जो फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर था.
डॉ. शाहीन शाहिद (उम्र लगभग 40 वर्ष) एक पूर्व मेडिकल लेक्चरर हैं, जो लखनऊ के इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ाती थीं. शाहीन पर आरोप है कि वह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के महिला विंग (महिलाओं के संगठन) की भारतीय शाखा की कमांडर थी और महिलाओं को इसमें रिक्रूट करती थी. शाहीन को JeM सरगना मसूद अजहर की बहन सादिया के निर्देश पर काम करने का आरोप है. 11 नवंबर 2025 को फरीदाबाद से जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी ATS ने गिरफ्तार किया. पुलिस ने बताया है कि उनकी कार से AK-47 राइफल बरामद हुई.
शाहीन का डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई से कथित प्रेम संबंध बताया जा रहा है. मुजम्मिल एक कश्मीरी डॉक्टर हैं, जो फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे और JeM के व्हाइट कॉलर मॉड्यूल के प्रमुख सदस्य हैं. आरोप है कि वे फिदायीन हमलों की प्लानिंग करते थे, तुर्की यात्रा पर हैंडलर्स से मिले थे. मुजम्मिल को 10 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया.
PM किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त कल, जानिए कैसे मिलेगा पैसा और क्या है जरूरी अपडेट?"
18 Nov, 2025 04:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Kisan 21st Installment: किसानों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. पीएम किसाान निधि की 21वीं किस्त जारी होने जा रही है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 19 नवंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे. केंद्रीय मंत्री धमतरी पहुंचकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी करेंगे. इस अवसर पर एकलव्य खेल मैदान में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर प्रशासन गंभीर है. मंच निर्माण, स्टॉलों की व्यवस्था, पार्किंग स्थलों के निर्धारण और आगमन मार्ग व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है.
किसानों का इंतजार हुआ खत्म
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. केंद्र सरकार ने अगली किस्त जारी करने की आधिकारिक तारीख तय कर दी है. देशभर के करोड़ों किसान लंबे समय से यह जानना चाह रहे थे कि उनके बैंक खाते में पीएम किसान की अगली किस्त कब आएगी, और अब उनका यह इंतजार लगभग खत्म हो चुका है.
सरकारी जानकारी के अनुसार, पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर, बुधवार को किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी. इस बार करीब 18,000 करोड़ रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होगी, जिससे लगभग 9 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे.
दस्तावेज अपडेट नहीं होने पर नहीं मिलेगा पैसा
वहीं कुछ किसानों को इस बार किस्त का पैसा नहीं मिल पाएगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन लाभार्थियों के दस्तावेज अपडेट नहीं हैं, उन्हें पैसे का भुगतान रोक दिया जाएगा. अगर किसी किसान की e-KYC अधूरी है, आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है या भूमि संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, तो उनके खाते में 2,000 रुपये की यह किस्त नहीं आ पाएगी. सरकार ने किसानों को कहा है कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर अपडेट कर लें, ताकि किसी भी किस्त से वंचित न होना पड़े.
अमित शाह की डेडलाइन से 12 दिन पहले ही खत्म हुआ हिडमा का खेल, जानिए कैसे सुरक्षाबलों ने किया ढेर?
18 Nov, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Mandavi Hidma Encounter: छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के सबसे बड़े नक्सली 1 करोड़ के इनामी हिडमा को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया. इस मुठभेड़ में हिडमा समेत 6 नक्सली ढेर हुए हैं. हिडमा के मारे जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बड़े अधिकारियों से बात की. सूत्रों के मुताबिक, हिडमा को लेकर सुरक्षा बलों ने 30 नवंबर, 2025 की डेडलाइन तय की थी, लेकिन उसके 12 दिन पहले ही खूंखार नक्सली कमांडर को सुरक्षाबलों ने मार गिराया.
अमित शाह ने कुछ दिन पहले ही एक इंटरव्यू के दौरान नक्सलियों को खत्म करने की बात कही थी. जिसके 17 दिन बाद ही सबसे बड़ा नक्सली हिडमा मारा गया. उन्होंने कहा था, “नक्सली मुख्यधारा में लौट आएं. इसके लिए व्यवस्था बनी हुई है. उनके सरेंडर होने के बाद 6 महीने तक रिहैब सेंटर में रहने की व्यवस्था की गई है, जहां साइकैट्रिस्ट की व्यवस्था है. उनके रोजगार कौशल विकास की भी योजना है. इनके पुनर्वास के लिए योजनाएं बनाई गई हैं.”
गृहमंत्री ने दी थी चेतावनी
गृहमंत्री अमित शाह ने इंटरव्यू के दौरान ही नक्सलियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि नक्सली सरेंडर कर मुख्यधारा में लौट आएं, नहीं तो पुलिस उन्हें ऑपरेशन में न्यूट्रिलाइज कर डालेगी. इतना ही नहीं उन्होंने बताया था कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने का वादा किया गया है. उन्होंने कहा, एक समय नक्सलवाद देश के 130 जिलों में फैला था, जो अब केवल 11 जिलों में बचा है. इसमें 3 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. 31 मार्च तक वो भी खत्म हो जाएंगे.
1 करोड़ का था इनामी
1 करोड़ के इनामी नक्सली हिडमा पर कम से कम 26 बड़े हमलों का मास्टरमाइंड होने का आरोप था. 43 वर्षीय हिडमा 2013 के दरभा घाटी नरसंहार और 2017 के सुकमा घात सहित कम से कम 26 सशस्त्र हमलों का जिम्मेदार था. आज से छत्तीसगढ़ के सुकमा में जन्मे हिडमा की कहानी खत्म हुई.
साडा अध्यक्ष पद के लिए अशोक शर्मा का नाम चर्चा में
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बंगाल में कानून-व्यवस्था पर घमासान, नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप
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