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दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर ट्राले से टकराई कार, सूरत का परिवार घायल
24 Nov, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर ट्राले में पीछे से एक तेज रफ्तार कार टकरा गई। हादसे में कार में सवार पति-पत्नी और दो बच्चों समेत चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह परिवार गुजरात के सूरत से नोएडा एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हादसा रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब 9 बजे हुआ। काजलिया पाड़ा स्थित जामण नदी के पास आगे चल रहे एक ट्राले में पीछे से आ रही अर्टिगा कार घुस गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का आगे का पूरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एयर बैग की वजह से कार सवारों की जान बच गई। सामने आई तस्वीर में एयर बैग पर भी खून के निशान देखे गए। कार में सूरत के सिल्क कपड़ा व्यापारी अपने परिवार के साथ सवार थे। घायलों की पहचान साहिल कुमार (38), पत्नी स्वेनका (35), बेटा शनय (15) और छोटा बेटा श्यान (4) के रूप में हुई है।
आरजीआई एयपोर्ट पर बम की धमकी निकली अफवाह
24 Nov, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बम रखे होने धमकी जांच के बाद अफवाह निकली। दरअसल एयरपोर्ट पर बम रखे होने संबंधी एक ईमेल मिला था, जिसके बाद जांच की गई। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि हवाई अड्डे के ग्राहक सेवा विभाग को शुक्रवार को एक बम वाला ईमेल मिला था। इस ईमेल में कहा गया था, कि हवाई अड्डे के आगमन इलाके में बम फटेगा। इस ईमेल के माध्यम से संबंधित जगह की जांच करने और यात्रियों को हवाई अड्डा खाली करने का सुझाव देने को भी कहा गया था। पुलिस के अनुसार जांच करने के बाद बम की धमकी अफवाह साबित हुई।
चुनाव आयोग का कड़ा रुख, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की समय सीमा में नहीं होगा कोई बदलाव; 25 नवंबर तक पूरा करना होगा काम
24 Nov, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एसआईआर पर बवाल, बीएलओ हलकान
एक-एक गणना प्रपत्र को डिजिटाइज्ड करने में लग रहा काफी समय
विवाहित महिलाओं के मायके के रिकॉर्ड बने एसआईआर अभियान में बाधा
नई दिल्ली/भोपाल, चुनाव आयोग ने बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को फिर स्पष्ट कर दिया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया की अवधि बढ़ाई नहीं जाएगी। बीएलओ को आगामी 25 नवंबर तक भरे गए गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे बीएलओ परेशान हो गए हैं। इसकी वजह है कि एसआईआर के दौरान मतदाता का 2003 के वोटर लिस्ट से मिलान परेशानी का सबब बन गया है। एसआईआर को लेकर बीएलओ ही नहीं मतदाता भी परेशान हो रहे हैं।
आयोग का भी मानना है कि बीएलओ पर काम का काफी दबाव है, हालांकि इसके साथ यह भी कहा कि गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का काम समय पर समाप्त नहीं होने पर आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। मालूम हो कि काम के दबाव में कई बीएलओ के अस्वस्थ और हताहत होने की खबर भी है। बीएलओ का एक वर्ग इसे लेकर विरोध जता रहा है। उसका कहना है कि चुनाव आयोग की ओर से आए दिन नए-नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं। एक-एक गणना प्रपत्र को डिजिटाइज्ड करने में काफी समय लग रहा है। इतने कम समय में काम को पूरा करना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। जिला चुनाव अधिकारियों की ओर से चुनाव आयोग के समक्ष ये सारी बातें रखी गई हैं लेकिन आयोग ने साफ कर दिया है कि समय सीमा बढ़ाना संभव नहीं है।
गणना प्रपत्र का एक ही भाग भर पा रहे मतदाता
एसआईआर अभियान में मतदाता गणना प्रपत्र के तीन में से एक ही भाग को भर पा रहे हैं। मतदाताओं को समझ में नहीं आ रहा है कि क्या जानकारी दें। बीएलओ भी उनकी इस दुविधा को दूर नहीं कर पा रहे हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची न मिल पाने से मतदाता परेशान हैं। बीएलओ से जो गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए हैं उसमें तीन भाग है। पहला भाग तो मतदाता आसानी से भर ले रहे है, लेकिन परेशानी दूसरे व तीसरे भाग को लेकर है। दूसरे भाग में वर्ष 2003 के हिसाब से जानकारी देनी है, जबकि तीसरे भाग में जिन मतदाताओं के नाम 2003 नहीं है उनको जानकारी देनी है। 2003 की मतदाता सूची न मिलने से मतदाता असमंजस में हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पिछले चुनाव में मतदान किया था और लगातार मतदान करते आ रहे हैं तो फिर प्रपत्र में इतनी ज्यादा जानकारी देने के लिए क्यों कहा जा रहा है।
नाम कटने का डर
लोगों को संदेह है कि प्रपत्र का सिर्फ एक भाग भरने से कहीं उनका नाम सूची से कट न जाए। बीएलओ से ही साल 2003 की मतदाता सूची मांगने पर बीएलओ सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध होने की बात कहते हैं। मतदाता हरिओम बताते हैं कि वह 20 साल से अधिक समय से वोट डाल रहे हैं। 2003 की मतदाता सूची नहीं है। इसलिए प्रपत्र भरने में दिक्कत आ रही है। एसआइआर फार्म में जन्मतिथि, आधार, मोबाइल, माता-पिता और पति-पत्नी का नाम भरना अनिवार्य है। लेकिन उन विवाहित महिलाओं के फार्म में सबसे अधिक दिक्कत आती है जिनका नाम 2003 की वोटर लिस्ट में मायके के पते पर दर्ज था। शादी के बाद वे ससुराल आ गईं, जबकि पुराने दस्तावेजों में उनकी जानकारी मायके के पते से जुड़ी हुई है। बीएलओ बताते हैं कि सत्यापन के लिए 2003 की वोटर लिस्ट में उनका बूथ नंबर, विधानसभा और क्रम संख्या खोजना पड़ता है, जो समय-साध्य प्रक्रिया है। कई बार रिकार्ड पुरानी फाइलों में होने के कारण मिलान में देरी होती है।
बार-बार बीएलओ एप में हो रहा संशोधन
बीएलओ एप में बार-बार हो रहे संशोधन से परेशान हैं। उन्हें रोजाना एप का नया वर्जन डाउनलोड करना पड़ रहा है। कुछ देर तो एप सही चलता है, लेकिन फिर इसकी स्पीड बहुत धीमी हो जाती है। एक-एक वोटर को वेरिफाई करने में बीएलओ को खूब पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। उधर, बार-बार अधिकारियों के फोन और ऑनलाइन फीडिंग की रिपोर्ट मांगी जा रही है।
जस्टिस सूर्यकांत आज देश के 53वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर लेंगे शपथ
24 Nov, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीजेआई गवई का कार्यकाल पूर्ण हुआ
नई दिल्ली। सीजेआई बीआर गबई का रविवार शाम को कार्यकाल पूर्ण हो चुका है, अब सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत भारत के 53वें चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ लेंगे। जस्टिस सूर्यकांत अनुच्छेद 370 निरस्त करने और बिहार मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण से लेकर पेगासस स्पाइवेयर मामला सहित अनेक ऐतिहासिक फैसलों और आदेशों का हिस्सा रहे हैं।
गौरतलब है, कि बीते 30 अक्टूबर को जस्टिस सूर्यकांत को अगले सीजेआई के तौर पर नियुक्त किया गया था। शपथ ग्रहण के साथ ही जस्टिस सूर्यकांत इस पद पर लगभग 15 महीने तक रहेंगे। इसी के साथ ही वे 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर 09 फरवरी, 2027 को सेवानिवृत्त होंगे। जस्टिस सूर्यकांत का जन्म हरियाणा के हिसार जिले में 10 फरवरी, 1962 को एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उन्हें साल 2011 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कानून में स्नातकोत्तर ‘प्रथम श्रेणी में प्रथम’ स्थान प्राप्त करने का गौरव भी हासिल है। जस्टिस सूर्यकांत एक छोटे से शहर के वकील से देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर पहुंचे हैं। खास बात यह है कि वे राष्ट्रीय महत्व और संवैधानिक मामलों के अनेक फैसलों और आदेशों का हिस्सा रहे हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अनेक उल्लेखनीय फैसले करने वाले न्यायमूर्ति सूर्यकांत को पांच अक्टूबर, 2018 को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके अतिरिक्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर उनका कार्यकाल अनुच्छेद 370 को हटाने से जुड़े फैसले, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिकता के अधिकारों पर फैसले देने के लिए विशेष रुप से जाना जाता है। जस्टिस सूर्यकांत सोमवार को सीजेआई पद की थपथ लेकर बीआर गवई की जगह लेंगे।
प्रदूषण के कारण बढ़ रही प्रीमेच्योर डिलीवरी
24 Nov, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। हरियाणा में वायु प्रदूषण का असर अब गर्भवती व नवजात शिशुओं पर भी पडऩे लगा है। प्रीमेच्योर डिलीवरी की संख्या बढऩे लगी है। यह दावा पीजीआई रोहतक के गायनी विभाग की अध्यक्ष डॉ. पुष्पा दहिया ने किया है। उन्होंने बताया कि यहां एक साल में 13,500 की डिलीवरी हुई। इनमें से 18 प्रतिशत यानि 2430 बच्चे प्रीमेच्योर हुए। इसका मुख्य कारण प्रदूषण भी है क्योंकि हवा में घुला जहर सांसों के जरिए शरीर में जा रहा है। यह खून में मिलकर गर्भस्थ शिशु तक पहुंच रहा है। हवा की खराब गुणवत्ता के कारण खांसी-जुकाम व अस्थमा की समस्या बढ़ गई हैं। यह स्थिति गर्भवती के लिए नुकसानदायक है। ज्यादा खांसी का भी गर्भ पर असर पड़ता है। ये सभी कारण बच्चे के समय से पहले जन्म लेने का कारण बनते हैं। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, मलेरिया, डेंगू होने पर भी समय से पहले बच्चे के जन्म लेने की संभावना रहती है।
डॉ. दहिया के मुताबिक 36 सप्ताह से पहले जन्म लेने वाले बच्चे को प्रीमेच्योर कहा जाता है। कई बच्चे 28 सप्ताह से पहले, 28 से 32 सप्ताह के बीच और 37 सप्ताह से पहले जन्म ले रहे हैं। इनमें से सिर्फ 34 से 36 सप्ताह के बीच पैदा होने वाले बच्चों को ज्यादा समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। बच्चा जितना जल्दी पैदा होगा, जोखिम उतना ही अधिक होगा।
ऐसे सावधानी बरतें
डॉ. दहिया ने बताया कि नियमित जांच व डॉक्टर की सलाह से दवाई लेकर प्रीमेच्योर डिलीवरी को कम किया जा सकता है। एनिमिया ग्रस्त महिलाओं के जागरूक होने से प्रीमेच्योर डिलीवरी से बचा जा सकता है। हरी सब्जियां, दूध, लस्सी के सेवन से पोषण की कमी पूरी की जा सकती है।
बच्चों को आती हैं ये समस्याएं
समय पूर्व जन्मे बच्चे बाहरी तापमान सहन नहीं कर पाते हैं। उनमें हाइपोथेरेमिया, हाइपरग्लेसेमिया, पीलिया व इंफेक्शन होने का खतरा अधिक रहता है। इन्हें अधिक देखभाल की आवश्यकता पड़ती है। कमजोर होने के कारण उनके रेटिना यानि देखने की शक्ति में भी कमी आ सकती है। इंफेक्शन जल्दी होने की आशंका रहती है। बाल्यावस्था में ध्यान न देने पर आईक्यू कम हो सकता है।
दिल्ली बम विस्फोट: जैश मॉड्यूल में गहरे वैचारिक और वित्तीय मतभेद हुए उजागर
23 Nov, 2025 11:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किला के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार बम विस्फोट की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जैश-ए-मोहम्मद के इस आतंकी मॉड्यूल के भीतर विचारधारा, हमले की रणनीति और धन के उपयोग को लेकर गहरी फूट थी। आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी और बाकी सदस्यों के बीच मतभेद इतने गहरे थे कि उमर ने अक्टूबर में अपने साथी अदील राथर की शादी में भी शामिल होने से इनकार कर दिया था।जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल गनई, अदील राथर और मुफ्ती इरफान वागे अल-कायदा की विचारधारा से प्रभावित थे, जो पश्चिमी देशों और दूर के दुश्मनों पर हमले को प्राथमिकता देती है। वहीं डॉ. उमर उन नबी आईएसआईएस की कट्टर विचारधारा की ओर झुके हुए थे। उनका मानना था कि पहले करीबी दुश्मन (भारत) को निशाना बनाना चाहिए और खिलाफत स्थापित करना ही सर्वोच्च लक्ष्य है।
उमर खुद को कश्मीर के कुख्यात आतंकियों बुरहान वानी और जाकिर मूसा की विरासत का उत्तराधिकारी मानता था। यही वैचारिक टकराव मॉड्यूल की एकता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया था। समूह के अधिकांश सदस्य (वागे को छोड़कर) पहले अफगानिस्तान जाकर प्रशिक्षण लेना चाहते थे, लेकिन असफल रहे। इसके बाद उन्होंने भारत में ही बड़ा हमला करने का फैसला किया। डॉ. उमर 2023 से ही इंटरनेट पर आईईडी बनाने की तकनीक पर गहन रिसर्च कर रहा था और फरीदाबाद में किराए के मकान में रसायनों के साथ प्रयोग करता था। मॉड्यूल को मिले फंड को लेकर भी तीखी नोंक-झोंक थी। उमर पर धन के दुरुपयोग का आरोप था। जांच में पता चला है कि मुख्य वित्तीय सहायता अल फलाह विश्वविद्यालय की छात्रा शाहीन शाहिद अंसारी ने की थी, जो मुजम्मिल गनई की सहपाठी थी। शाहीन ने कथित तौर पर संगठित क्राउडफंडिंग से करीब 20 लाख रुपये जुटाए थे। वह जैश की महिला भर्ती शाखा ‘जमात-उल-मोमिनात’से जुड़ी थी और फरीदाबाद ऑपरेशन के लिए धन व संसाधन जुटाने में अहम भूमिका निभा रही थी।
अक्टूबर में मुफ्ती इरफान वागे की गिरफ्तारी के बाद उमर ने 18 अक्टूबर को कश्मीर के काजीगुंड में बाकी सदस्यों से मुलाकात की। इस बैठक में उसने अपने साथियों को अपनी आईएसआईएस-प्रेरित रणनीति पर सहमत करने की कोशिश की और कथित तौर पर सफल भी रहा। ठीक तीन सप्ताह बाद दिल्ली में विस्फोट हो गया।वागे की गिरफ्तारी से पुलिस को पूरे मॉड्यूल तक पहुंच मिली। फरीदाबाद से 2900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद हुई, जिसमें उच्च क्षमता वाले विस्फोटक, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, रिमोट कंट्रोल और प्रज्वलन उपकरण शामिल थे। उमर और गनई दोनों के पास उस कमरे की चाबियां थीं जहां यह सामग्री छिपाई गई थी। यह मामला दर्शाता है कि आतंकी संगठन कितने भी संगठित दिखें, उनके अंदर वैचारिक और व्यक्तिगत मतभेद उन्हें कमजोर करते हैं। फिर भी, ये मतभेद आम नागरिकों की जान लेने से उन्हें नहीं रोक पाते।
नए श्रम कानूनों को लेकर ट्रेड यूनियन ने किया विरोध, बुधवार को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान
23 Nov, 2025 10:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत के दस प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार के चार नए श्रम संहिताओं को मजदूर विरोधी और कॉर्पोरेट हितैषी बताते हुए इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की है। इन यूनियनों ने आगामी बुधवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और हड़ताल का ऐलान किया है। ज्यादातर विपक्षी दलों से जुड़े ये यूनियन पिछले पांच साल से इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं। चारों श्रम संहिताएँ (वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशा संहिता) वर्ष 2019-20 में संसद से पारित हो चुकी थीं और अब धीरे-धीरे लागू हो रही हैं।
सरकार का दावा है कि इन संहिताओं से ब्रिटिश काल के 29 जटिल श्रम कानूनों को चार आसान कोड में समेटा गया है, जिससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार सृजन होगा और मजदूरों को न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा तथा बेहतर कार्य दशाएं मिलेंगी। लेकिन ट्रेड यूनियनों का कहना है कि ये कानून मजदूरों के साथ धोखा हैं। इनसे कंपनियों को कर्मचारियों को बिना वजह निकालने, शिफ्ट की अवधि बढ़ाने और ठेका मजदूरी को बढ़ावा देने की खुली छूट मिल गई है। मुख्य बदलावों में फैक्ट्रियों में कार्य दिवस 12 घंटे तक करने की अनुमति, महिलाओं के लिए रात्रि पाली की छूट, छंटनी के लिए सरकारी अनुमति की सीमा 100 से बढ़ाकर 300 कर्मचारी करना और छोटी-मझोली कंपनियों को पहले से ज्यादा छूट शामिल हैं। कारोबारी संगठन इन बदलावों से खुश हैं क्योंकि उनका मानना है कि पुराने कानून मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को पीछे रखते थे। भारत की चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा अभी भी 20 प्रतिशत से कम है।
हालांकि सब एक मत नहीं हैं। छोटे-मझोले उद्यमियों का संगठन ‘एसोसिएशन ऑफ इंडियन एंटरप्रेन्योर्स’ ने भी चिंता जताई है कि नए नियमों से उनका परिचालन खर्च बहुत बढ़ जाएगा और कई सेक्टर में कारोबार बाधित होगा। उन्होंने सरकार से ट्रांजिशन सपोर्ट और लचीला क्रियान्वयन मांगा है। दूसरी ओर, भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने इन संहिताओं का खुला समर्थन किया है और राज्यों से कुछ मामूली मुद्दों पर बातचीत के बाद इन्हें शीघ्र लागू करने को कहा है। श्रम मंत्रालय जून 2024 से अब तक यूनियनों से दर्जन भर बैठकें कर चुका है, पर कोई सहमति नहीं बनी। अब सभी राज्य अपने-अपने नियम बनाकर इन कोड को लागू करेंगे। ट्रेड यूनियनों का कहना है कि अगर सरकार नहीं झुकी तो बुधवार का विरोध प्रदर्शन सिर्फ शुरुआत होगा।
कोयंबटूर लाया गया दुर्घटनाग्रस्त तेजस के पायलट का पार्थिव शरीर, एयरफोर्स कर्मियों ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
23 Nov, 2025 09:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई। दुबई में हुए एयर शो में करतब दिखाने के दौरान तेजस फाइटर जेट क्रेश हुआ और पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई। स्याल का पार्थिव शरीर रविवार को कोयंबटूर के सुलूर एयर फोर्स स्टेशन लाया गया, जहां उनके साथियों और अधिकारियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कोयंबटूर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर पवन कुमार और सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस कार्तिकेयन ने डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से श्रद्धांजलि दी, जबकि आईएएफ ने पूरे मिलिट्री ऑनर के साथ श्रद्धांजलि दी।
दस साल से ज्यादा समय तक स्याल ने एयर फोर्स में काम किया और उन्हें एक डिसिप्लिन्ड ऑफिसर माना जाता था। वह अपनी पत्नी, जो खुद भी एयर फोर्स ऑफिसर थीं, और अपनी सात साल की बेटी के साथ सुलूर एयर फोर्स क्वार्टर में रहते थे। इस क्रैश की खबर से पूरा परिवार टूट गया। साथ काम करने वालों ने उन्हें एक कमिटेड प्रोफेशनल और प्यार करने वाले पिता के तौर पर याद किया। वे अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए एविएशन और डिफेंस सिस्टम से जुड़ी एडवांस्ड पढ़ाई भी कर रहे थे। विंग कमांडर स्याल (37) हिमाचल प्रदेश के रहने वाले थे और सुलूर बेस पर सीनियर ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे। उन्होंने मशहूर एविएशन प्रदर्शनी में भारत के एरोबैटिक डिस्प्ले के लिए सुलूर से दुबई तक तेजस एमके-1 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट उड़ाया था, जिसमें दुनिया भर की बड़ी एयरोस्पेस कंपनियों और डेलीगेशन ने हिस्सा लिया था। सुलूर में उन्हें श्रद्धांजलि के बाद, उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए हिमाचल प्रदेश में उनके पैतृक गांव ले जाया गया। आईएएफ के सीनियर अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना का सही कारण पता लगाने के लिए डिटेल्ड जांच के आदेश दे दिए गए हैं। विंग कमांडर नमन स्याल की दुखद मौत से एयर फोर्स कम्युनिटी और उससे भी आगे दुख की लहर है, क्योंकि पूरा देश एक ऐसे बहादुर ऑफिसर के जाने का शोक मना रहा है। भारतीय वायु सेना को स्वदेशी तेजस फाइटर की क्षमताओं को दिखाने के लिए कई हवाई प्रदर्शन करने थे।
क्या जानलेवा बन रहा एसआईआर? अब तक कई राज्यों के करीब 15 बीएलओ की मौत
23 Nov, 2025 04:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) अभियान के बीच बूथ लेवल अफसरों (बीएलओ) की मौतें चिंता का कारण बन रहीं हैं। सवाल ये है कि अब 6 राज्यों में 15 बीएलओ की मौत हो गई है। कारण जो भी रहे हों लेकिन मौत तो हुई है। इन काम का दबाव और कर्मचारियों का टोटा जैसे दिक्कतों से इनकार नहीं किया जा सकता है। बता दें कि निर्वाचन आयोग की शनिवार की रिपोर्ट के अनुसार बड़े राज्यों में राजस्थान में सर्वाधिक 60.54 प्रतिशत फॉर्म डिजिटलाइज हुए हैं। वहीं, केरल में सबसे कम 10.58 प्रतिशत फॉर्म डिजिटल हो पाए हैं। कुल 98.98 प्रतिशत फॉर्म बंट चुके हैं।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के नदिया में बीएलओ रिंकू का शव घर की छत से लटका मिला। सुसाइड नोट भी मिला। राज्य में एसआईआर से जुड़ा दूसरा सुसाइड, तीसरी मौत है। राजस्थान के जयपुर में रविवार को बीएलओ मुकेश जांगिड़ (48) ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी। करौली में बीएलओ की मौत। सवाई माधोपुर में एक बीएलओ को हार्ट अटैक। गुजरात में 4 दिन 4 बीएलओ की मौत अहमदाबाद में फारूक और दाहोद में बचूभाई बीमार, भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं। भोपाल में दो बीएलओ को हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। पश्चिम बंगाल में एक महिला बीएलओ ने भी आत्महत्या कर ली। मृतकों के परिजनों ने ज्यादा काम और लक्ष्य पूरा करने के दबाव को मौत का कारण बताया है।मप्र के रायसेन में शनिवार को बीएलओ रमाकांत पांडे की मौत हुई। परिजनों ने बताया कि योगेश चार रातों से नहीं सोया था। ऑनलाइन मीटिंग के बाद बेहोश होकर गिरा था। फिर बचाया नहीं जा सका। दमोह के सीताराम गोंड (50) भी फॉर्म भरते समय बीमार। इलाज के दौरान मौत। रायसेन के बीएलओ नारायण सोनी छह दिन से लापता हैं। परिजनों ने कहा, टारगेट, देर रात मीटिंग और निलंबन की चेतावनी से परेशान थे। भोपाल में शनिवार को काम कर रहीं बीएलओ कीर्ति कौशल और मोहम्मद लईक को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आया। दोनों भर्ती हैं। 6 नवंबर को दमोह में सड़क हादसे में श्याम शर्मा (45) की मौत। दतिया के उदयभान सिहारे (50) ने 11 नवंबर को खुदकुशी की।
महादेवपुरा में वोट चोरी का आरोप: कांग्रेस कार्यकर्ता ने दर्ज कराई FIR, राहुल गांधी के दावे पर उठे सवाल!
23 Nov, 2025 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Congress Complaint Vote Chori: कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी वोट चोरी के आरोपों को लेकर सुर्खियों में हैं. तीन महीने पहले भी उन्होंने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में वोट चोरी का आरोप लगाया था. अब कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने 2024 लोकसभा चुनाव से पहले महादेवपुरा क्षेत्र में वोटर लिस्ट में फर्जी तरीके से नाम जोड़ने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने जालसाजी और विश्वासघात के आरोपों पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 129 के तहत एफआईआर दर्ज की है.
कांग्रेस कार्यकर्ता वाई विनोदा ने 19 नवंबर को यह शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया कि वोट चोरी के लगाए गए आरोपों से बहुत दुख हुआ है कि महादेवपुरा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में अज्ञात अधिकारियों और निजी व्यक्तियों द्वारा फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए. उन्होंने दावा किया कि ऐसा महादेवपुरा क्षेत्र के चुनावी फैसले में हेरफेर करने के लिए किया गया था.
निष्पक्ष जांच करने की उठाई मांग
शिकायत पत्र में बताया कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लोकसभा चुनाव 2024 से पहले महादेवपुरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में फर्जी वोटरों के नाम जोड़ गए थे. बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं का नाम जुड़ना राजनीतिक दल और अधिकारियों की बिना सांठगांठ के संभव नहीं है. इसकी निष्पक्ष जांच की जाए. महादेवपुरा वही विधानसभा क्षेत्र है, जहां राहुल गांधी ने 1 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ने का दावा किया था.
शिकायत के अगले दिन ही बनीं ब्लॉक अध्यक्ष
बता दें, कांग्रेस कार्यकर्ता वाई विनोदा ने जब वोट चोरी की शिकायत दर्ज कराई, तो उसके एक दिन बाद ही उसे महादेवापुरा विधानसभा क्षेत्र के मराठाहल्ली का कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बना दिया गया. यह एफआईआर दर्ज रहेगी या नहीं, यह साफ नहीं हो पाया है. क्योंकि वोटर लिस्ट के संबंध में केवल चुनाव आयोग के अधिकारी ही शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
दिल्ली का AQI 400 पार: हवा ज़हरीली, लोगों की सेहत पर बढ़ा खतरा
23 Nov, 2025 12:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Delhi AQI Today लगातार बिगड़ता जा रहा है, और रविवार सुबह भी हालात बेहद खराब रहे। राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स कई इलाकों में 400 के ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इस जहरीली हवा का असर लोगों की सेहत पर साफ देखा जा रहा है। आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं पहले से अधिक बढ़ गई हैं। इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले 50% कर्मचारियों को वर्क-फ्रॉम-होम की सलाह दी है।
दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ‘क्लाउड सीडिंग’ की उम्मीद लगाए बैठी थी, लेकिन अब यह विकल्प भी खत्म हो गया है। 11 नवंबर से GRAP III लागू है, मगर इसके प्रभाव न के बराबर दिख रहे हैं। राजधानी में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रयास जारी हैं, लेकिन स्थितियों में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
शहर के कई इलाकों में AQI बेहद गंभीर स्तर पर है। वजीरपुर में AQI 448, जहांगीरपुरी में 437, बवाना में 432, आनंद विहार में 427 और अशोक विहार में 421 रिकॉर्ड किया गया। सोनिया विहार, बुरारी और पटपड़गंज भी 400 के पार पहुंच चुके हैं। कई प्रमुख स्थानों जैसे चांदनी चौक और आईजीआई एयरपोर्ट का AQI 390 के आसपास है।
केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की फोरकास्टिंग एजेंसी के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रहने की आशंका है। ऐसे में Delhi AQI Today को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
वहीं, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि GRAP III के तहत प्रदूषण कम करने की कोशिशें तेज की जा रही हैं। उन्होंने एमसीडी ऑफिस के नए समय — सुबह 8:30 से शाम 5 बजे — और दिल्ली सरकार के दफ्तरों के समय — सुबह 10 से शाम 6:30 बजे — की भी घोषणा की।
भारत का नया ब्रह्मास्त्र: DRDO ने लॉन्च किया 'गौरव', दुश्मन के ठिकानों पर करेगा सटीक वार!
23 Nov, 2025 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
DRDO Glide Bomb: भारत लगातार अपनी सैन्य शक्तियों को बढ़ाने प्रयास कर रहा है. DRDO ने भारतीय वायुसेना के Su-30MKI लड़ाकू विमान से एयर-लॉन्च्ड लॉन्ग-रेंज ग्लाइड बम ‘गौरव’ का सफल परीक्षण किया है. ‘गौरव’ 1 हजार किलो का ग्लाइड बम है, जो विमान को जोखिम में डाले बिना दुश्मन के ठिकानों पर दूर से सटीक वार करने में सक्षम है.
‘गौरव’ के परीक्षण ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब उन सभी तकनीकों को अपने दम पर तैयार कर रहा है, जो पहले केवल कुछ चुनिंदा देशों के पास हुआ करती थीं. ‘गौरव’ हवा में छोड़े जाने के बाद लंबी दूरी तक ग्लाइड कर सकता है. यह निर्धारित लक्ष्य पर सटीक वार करने के लिए सक्षम है.
भारत अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर नहीं
भारत ज्यादातर विदेशी कंपनियों से फाइटर जेट के लिए निर्भर था, जिसकी वजह से तेजस Mk2 और AMCA जैसे स्वदेशी लड़ाकू विमानों के प्रोजेक्ट में भी देरी हुई. लेकिन अब सरकार और DRDO दोनों इंजन को भारत में बिकसित करने पर जोर दे रहे हैं. जिसकी वजह से आए दिन बम, मिसाइल, रडार, एयर डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के सफल परीक्षण होते रहते हैं.
2 प्रकार के तैयार किए हथियार
DRDO ने ‘गौरव’ हथियार को दो स्वरूपों में बिकसित किया है. पहला वर्जन Gaurav-PCB है, जो जमीनी बंकरों को भेदने में एक्सपर्ट है. वहीं दूसरा वर्जन Gaurav-PF है, जिसका उपयोग खुले ठिकानों, सैन्य तैनाती या रणनीतिक लक्ष्य पर फोकस करने के लिए किया जाएगा. यह एक साथ कई हिस्सों में नुकसान पहुंचाने में सफल रहेगा.
1000 किग्रा का है ‘गौरव’ हथियार
‘गौरव’ का वजन 1 हजार किलोग्राम है, जो अपने भारी वजन और उच्च विनाश क्षमता के कारण यह बंकरों, किलेबंद ठिकानों और पहाड़ी क्षेत्रों में मौजूद दुश्मन की पोजिशन को नष्ट करने में बेहद असरदार है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘गौरव’ का सफल परीक्षण भारत की बदलती सैन्य रणनीति का प्रतीक है.
2003 की वोटर लिस्ट डाउनलोड करने का आसान तरीका, घर बैठे करें काम!
23 Nov, 2025 12:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
SIR: देश के कई राज्यों में इस समय SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चल रहा है. इस के तहत वोटर लिस्ट को अपडेट किया जा रहा है और बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वोटर्स के नाम, पता और अन्य जानकारी को पूरी तरीके से वेरिफाई किया जा सके. इस बीच आम वोटर्स के लिए सबसे बड़ा सवाल है कि अगर 2003 की वोटर लिस्ट में मेरा नाम नहीं है, क्या मेरा नाम मौजूदा मतदाता सूची से कट जाएगा?
क्या 2003 की लिस्ट में नाम न होने से नाम कट सकता है?
SIR में 2003 की वोटर लिस्ट सिर्फ आधार (reference) के तौर पर उपयोग हो रही है. इसमें नाम न होने का यह मतलब नहीं है कि वोटर लिस्ट से आपका नाम कट जाएगा. SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक बनाना, गलतियां सुधारना, डुप्लीकेट नाम हटाना और नए वोटर्स को लिस्ट में शामिल करना है. इसलिए अगर आपका नाम 2003 की लिस्ट में नहीं है, तो चिंता की कोई बात नहीं है. किसी भी भ्रम की स्थिति में आप सीधे अपने BLO से संपर्क कर सकते हैं.
घर बैठे 2003 की वोटर लिस्ट कैसे डाउनलोड करें?
2003 की मतदाता सूची ऑनलाइन प्राप्त करना बहुत आसान है. इसके लिए आपको मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. आइए जानते हैं स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस-
अपने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर जाएँ.
साइट में Electoral Rolls, Old Voter List या इसी तरह के सेक्शन को खोलें.
यहाँ आपको पुराने सालों की वोटर मिलेगी.
2003 या 2004 का विकल्प चुनें.
इसके बाद— अपना जिला और विधानसभा क्षेत्र चुनें और मतदान केंद्र और बूथ नंबर भर दें.
जानकारी भरने के बाद आप सूची डाउनलोड कर सकते हैं.
PDF खोलें और Ctrl + F की मदद से अपना नाम, माता-पिता का नाम या EPIC नंबर खोजें. इस सूची में आपके नाम के सामने दिया गया EPIC नंबर ही SIR फॉर्म में भरना होता है.
UP में अवैध घुसपैठियों की खैर नहीं, हर जिले में डिटेंशन सेंटर का आदेश, योगी सरकार सख्त!
23 Nov, 2025 12:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Yogi Government Action: उत्तर प्रदेश समेत देशभर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि राज्य में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके लिए सीएम ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश भी जारी किया है.
सीएम ने शनिवार (22 नवंबर) को निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी जिलों में रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाए. प्रदेश की कानून-व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द प्राथमिकता है, इसलिए ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
हर जिले में बनाए जाएंगे अस्थायी डिटेंशन सेंटर
सीएम योगी ने आदेश दिया है कि अवैध विदेशी नागरिकों को रखने के लिए प्रत्येक जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर स्थापित किए जाएं. इन केंद्रों में ऐसे प्रवासियों को रखा जाएगा जिनकी नागरिकता और अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है. जांच पूरी होने के बाद उन्हें उनके मूल देश भेजा जाएगा.
चुनाव प्रचार के दौरान सीएम ने किया था ऐलान
योगी आदित्यनाथ ने बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी घुसपैठियों का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि अगर एनडीए सत्ता में वापस लौटता है तो अवैध घुसपैठियों को राज्य से बाहर कर दिया जाएगा. उनकी अवैध संपत्ति भी गरीबों को दी जाएगी. योगी के इस दावे का पीएम मोदी और गृह मंत्री ने भी समर्थन किया था. बिहार के बाद अब योगी आदित्यनाथ ने यूपी में घुसपैठियों को लेकर बड़े कदम उठाए हैं.
नीतीश कुमार की सरकार को ओवैसी का समर्थन, लेकिन सीमांचल के लिए रखी ये शर्त!
23 Nov, 2025 08:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Asaduddin Owaisi: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी बिहार में नीतीश कुमार की सरकार को समर्थन देने पर विचार कर सकती है, लेकिन इसके लिए उन्होंने एक सख्त शर्त रखी है. ओवैसी ने कहा कि सीमांचल के विकास और अधिकारों की अनदेखी अब खत्म होनी चाहिए. अमौर में आयोजित सार्वजनिक सभा में ओवैसी ने कहा कि सीमांचल वर्षों से उपेक्षित रहा है और अब समय आ गया है कि इसे वह ध्यान और संसाधन दिए जाएं जिसका यह हकदार है.
सीमांचल को मिले उसका अधिकार
ओवैसी ने स्पष्ट कहा कि विकास केवल पटना और राजगीर तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, जबकि सीमांचल आज भी नदी कटाव, पलायन और बड़े स्तर के भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. सीमांचल को भी अब उसका अधिकार मिलना चाहिए. ओवैसी के अनुसार सरकार को इन मुद्दों के समाधान की दिशा में गंभीर प्रयास करने होंगे, तभी समर्थन पर बात आगे बढ़ेगी.
ओवैसी ने नई रणनीति के किए खुलासे
इस बार ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए ओवैसी ने नई रणनीति का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि अब एआईएमआईएम विधायक जनता के प्रति जवाबदेह होंगे. सभी पांच विधायक हर हफ्ते दो दिन अपने क्षेत्रीय कार्यालय में बैठेंगे और अपनी लाइव लोकेशन के साथ फोटो उन्हें भेजेंगे, ताकि पता रहे कि वे वास्तव में जनता के बीच मौजूद हैं.
ओवैसी ने यह भी कहा कि वे हर छह महीने में सीमांचल का दौरा करेंगे और आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे. उन्होंने दावा किया कि पटना भी यह समझ चुका है कि सीमांचल की जनता एआईएमआईएम के साथ खड़ी है और आगे भी साथ रहेगी, और यह संदेश पटना तक सीमांचल की ओर से ही पहुंचेगा. बता दें कि बिहार चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को 5 सीटे मिली है.
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