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भारत की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, GDP ग्रोथ 7.3% पहुंचने का अनुमान
26 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच अपनी रफ़्तार बनाए हुए है, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की जीडीपी (GDP) 7.3% की दर से बढ़ने की उम्मीद है. यह आंकड़ा सुनने में शानदार लगता है, खासकर तब जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का दबाव बना हुआ है. इस तिमाही की ग्रोथ स्टोरी के असली हीरो ‘गांव’ और ‘सरकार’ हैं. जहां एक तरफ प्राइवेट कंपनियों ने अपने हाथ खींच रखे हैं, वहीं ग्रामीण भारत ने जमकर खर्च किया है. अच्छी बारिश और बेहतर खेती के चलते गांवों में मांग बढ़ी है.
घरेलू खपत (Household Consumption), जो हमारी पूरी अर्थव्यवस्था का लगभग 60% हिस्सा है, पिछली तिमाही में काफी मजबूत रही. इसका सीधा मतलब है कि लोग सामान खरीद रहे हैं, जिससे बाजार में पैसा घूम रहा है. इसके साथ ही, सरकार ने भी विकास कार्यों पर अपना खर्च जारी रखा है, जिससे अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार मिला. तस्वीर का दूसरा पहलू थोड़ा चिंताजनक है. शहरी मांग सुस्त पड़ी है और प्राइवेट कंपनियां नया निवेश (Capex) करने से कतरा रही हैं. इसकी एक बड़ी वजह वैश्विक अनिश्चितता है.
अगस्त में डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर 50% करने के फैसले से बाजार सहमा हुआ है. इसका असर यह हुआ कि विदेशी निवेशकों ने इस साल अब तक भारतीय शेयर बाजार से करीब 16 अरब डॉलर (net outflow) निकाल लिए हैं. डॉयचे बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक दास का मानना है कि जब तक वैश्विक माहौल ठीक नहीं होता, प्राइवेट सेक्टर खुलकर खर्च करने की स्थिति में नहीं होगा.
यहाँ एक पेंच और भी है जिसे समझना जरूरी है. कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह 7.3% की ग्रोथ थोड़ी बढ़ा-चढ़ाकर दिख रही है. इसका कारण है ‘डिफ्लेटर’ (Deflator) का कम होना. आसान भाषा में समझें तो जब महंगाई (Inflation) बहुत कम होती है, तो जीडीपी के ‘रियल’ आंकड़े तकनीकी रूप से बेहतर दिखते हैं.
थोक महंगाई न के बराबर थी और खुदरा महंगाई भी जुलाई-सितंबर के बीच औसतन 2% के आसपास रही. इसने सांख्यिकीय रूप से (Statistically) ग्रोथ रेट को ऊपर उठा दिया, जबकि जमीनी हकीकत में नॉमिनल ग्रोथ (बिना महंगाई समायोजन के) कमजोर हो सकती है. एलएंडटी फाइनेंस की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी ठाकुर के मुताबिक, यह सांख्यिकीय सहारा इस वित्त वर्ष के अंत तक बना रह सकता है.
आने वाला समय थोड़ा मिला-जुला रहने वाला है. जीएसटी (GST) में हाल ही में की गई कटौतियों से उम्मीद थी कि लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा बचेगा और वे खर्च बढ़ाएंगे. लेकिन एएनजेड (ANZ) के अर्थशास्त्री धीरज निम का कहना है कि भारतीय परिवार पहले से ही भारी कर्ज में डूबे हैं, इसलिए टैक्स कटौती से बची रकम शायद खर्च होने के बजाय कर्ज चुकाने में चली जाए. अर्थशास्त्री भविष्य को लेकर भी थोड़े सतर्क हैं. अनुमान है कि अगली तिमाहियों में विकास दर थोड़ी धीमी पड़कर 6.8% और मार्च 2026 तक 6.3% तक आ सकती है. आधिकारिक आंकड़े शुक्रवार, 28 नवंबर को जारी किए जाएंगे, जिससे तस्वीर पूरी तरह साफ़ हो पाएगी.
लालू की मुश्किलें बढ़ीं! 28 साल का बंगला गया, राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करने का फरमान—अब 39 हार्डिंग रोड पर शिफ्ट!
26 Nov, 2025 08:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Rabri Devi residence: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिला है. लालू परिवार पिछले 20 सालों से इसी बंगले में रह रहा है. हालांकि राबड़ी देवी को दूसरा सरकारी आवास अलॉट किया गया है. भवन निर्माण विभाग ने नोटिस देकर बताया है कि राबड़ी को हार्डिंग रोड पर सेंट्रल पूल हाउस नं. 39 आवंटित किया गया है.
रोहिणी बोलीं- जनता के दिल से कैसे निकालेंगे
वहीं सरकारी आवास खाली करने को लेकर दिए नोटिस पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘सुशासन बाबू का विकास मॉडल। करोड़ों लोगों के मसीहा लालू प्रसाद यादव का अपमान करना पहली प्राथमिकता. घर से तो निकाल देंगे, बिहार की जनता के दिल से कैसे निकालिएगा. सेहत नहीं तो कम से कम लालू यादव के राजनीतिक कद का ही सम्मान रखते.’
‘नेता प्रतिपक्ष पद के हिसाब से मिलना चाहिए सरकारी आवास‘
जानकारी के मुताबिक यह कदम नई एनडीए सरकार की स्थापना के बाद उठाया गया है, जिसमें मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं को उनके सरकारी आवास फिर से आवंटित किए जा रहे हैं.
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक राबड़ी देवी अब विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं. ऐसे में उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि नेता प्रतिपक्ष के स्तर का बंगला मिलना चाहिए. प्रशासन का कहना है कि राबड़ी देवी पिछले 20 सालों से उसी बंगले में हैं. जबकि बीच-बीच में उनके पद बदलते रहे हैं. वहीं आरजेडी का आरोप है कि नीतीश-भाजपा की सरकार राजनीतिक प्रतिशोध में बंगला छीन रही है.
20 सालों से राबड़ी को अलॉट है बंगला
बता दें कि 10, सर्कुलर रोड का बंगला पिछले लगभग 20 सालों से राबड़ी देवी को अलॉट है. यह बंगला लालू-राबड़ी परिवार का राजनीतिक और निजी ठिकाना रहा है. 10 सर्कुलर रोड RJD की राजनीति का बड़ा केंद्र रहा है. यहां से लालू-राबड़ी की मीटिंग्स, पंचायतें और बड़े फैसले होते रहे हैं.
अयोध्या में भव्य क्षण: राम मंदिर के शिखर पर मोदी ने फहराई धर्मध्वजा, कहा— “आज विराम लगा लंबी प्रतीक्षा को
26 Nov, 2025 08:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण पूरा हुआ। पीएम मोदी और मोहन भागवत ने राम मंदिर के 161 फीट शिखर पर धर्मध्वजा फहराई और पहली बार राम दरबार में पूजा की। पीएम मोदी रामलला के लिए विशेष वस्त्र और चंवर लेकर पहुंचे। दिव्य समारोह के करोड़ों भक्त साक्षी बने।
अयोध्या ने अपने इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। शुभ मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर भव्य धर्मध्वज फहराया। जैसे ही केसरिया ध्वज आकाश में लहराया, पूरा परिसर “जय श्री राम” के उद्घोष से गूंज उठा। माहौल भक्तिभाव, रोमांच और राममयी ऊर्जा से भर गया।
ध्वजारोहण से पहले वैदिक मंत्रों के बीच विस्तृत पूजा-अर्चना, यज्ञ-हवन और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। यज्ञकुंड से उठती सुगंध, शंख-नाद, नगाड़ों की ध्वनि और दीप-सज्जा ने इस ऐतिहासिक क्षण को और भी दिव्य बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस ध्वजारोहण को सनातन संस्कृति की निरंतरता, भारतीय आस्था की अटूट शक्ति और सांस्कृतिक स्वाभिमान का संदेश बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-“यह ध्वज सदियों के सपने का साकार रूप है।”
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज अयोध्या न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व को राममय कर रही है। सदियों पुराने घाव भर रहे हैं और पांच सौ वर्षों से प्रज्वलित यज्ञ की पूर्णाहुति हो रही है। यह धर्मध्वज सूर्यवंश की परंपरा, रामराज्य के आदर्श और संतों की तपस्या का प्रतीक है।
मोहन भागवत बोले- “सपने से भी सुंदर मंदिर खड़ा हुआ है।”
RSS प्रमुख ने भावुक होते हुए कहा कि इस दिन के लिए अनगिनत रामभक्तों ने बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि धर्मध्वज पर कोविदार वृक्ष का चिन्ह अंकित है, जो रघुकुल परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का दिन संकल्प दोहराने का है-ऐसा भारत बनाना है जो विश्व को शांति का संदेश दे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा- “यह नए युग का शुभारंभ है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज 140 करोड़ भारतीयों की आस्था का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। “मंदिर वहीं बनाएंगे” का संकल्प आज पूर्ण हुआ है। उन्होंने बताया कि अयोध्या अब विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित एक आधुनिक तीर्थ बन चुकी है।
ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हजारों श्रद्धालु
इस समारोह में देश-विदेश से आए संत-महात्मा, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, विशिष्ट अतिथि, किन्नर समुदाय, दलित-वंचित समाज के प्रतिनिधि और करीब 7,000 लोग शामिल हुए। पूरा परिसर दीपों, फूलों और भव्य सजावट से जगमगा उठा।
161 फीट ऊंचे ध्वजदंड पर चढ़ा 21 किलो सोना
धर्मध्वज जिस 161 फीट ऊंचे दंड पर लगाया गया, उस पर 21 किलो शुद्ध सोना चढ़ाया गया है। यह वही स्थान है जहां 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने भूमि पूजन किया था। भूमि तल से 50 फीट नीचे किए गए पूजन से लेकर 161 फीट ऊंचे शिखर तक नाभि-दंड की कुल ऊंचाई 211 फीट हो गई है।
राहुल-अखिलेश राममंदिर में दर्शन के लिए नहीं गए, यह उनका दुर्भाग्य
25 Nov, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण से पहले भविष्यवाणी की थी कि 2027 में फिर से यूपी में बीजेपी सरकार बनेगी। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के राम मंदिर न जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। राहुल और अखिलेश को लेकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि जो लोग दर्शन के लिए नहीं गए, उनके लिए यह दुर्भाग्य की बात है। पीएम मोदी के लिए यह सौभाग्य की बात है, जो वहां गए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की भारतीय नागरिकता पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि वह भारतीय नहीं हैं। वे देश के पूर्व पीएम राजीव गांधी की पत्नी हैं, इसलिए उनका सम्मान किया जाता है, लेकिन उनमें भारतीयता नहीं है। इसी दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विदेश दौरों पर रामभद्राचार्य ने अपनी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
जब रामभद्राचार्य से पूछा गया कि क्या बीजेपी 2027 में यूपी विधानसभा चुनाव में फिर से सरकार बनाएगी, तो उन्होंने कहा कि हां, यह फिर से जीतेगी। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत पर रामभद्राचार्य ने कहा कि बिहार के लोग जाति की राजनीति से ऊपर उठ चुके हैं। अब वे समझते हैं कि क्या करना है और किसे करना है। पीएम मोदी की तरफ से कांग्रेस को मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस कहने पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उनके बयान का समर्थन किया और कहा कि उनका बयान मैंने भी सुना और उन्होंने जो कहा वह सही है।
इसी बीच जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने जाति के आधार पर आरक्षण खत्म करने की वकालत की। उन्होंने एससी/एसटी एक्ट पर कहा कि इसे रद्द कर देना चाहिए। वेदों में अवर्ण या सवर्ण का जिक्र नहीं है। मैं कहूंगा कि जाति के आधार पर कोई आरक्षण नहीं होना चाहिए। उन्होंने अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और भगवान से उनकी आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की।
हिडमा का नारा लगाने वालों पर कसा शिकंजा, FIR में जुड़ी राष्ट्रीय एकता को खतरे में डालने की धारा
25 Nov, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली के इंडिया गेट (India Gate) पर प्रदूषण (Pollution) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान नक्सली कमांडर माडवी हिडमा (Madvi Hidma) के समर्थन में नारे लगाने और पुलिस पर पेपर स्प्रे छिड़कने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने FIR में भारतीय न्याय संहिता यानी कि BNS की धारा 197 जोड़ दी है, जो राष्ट्रीय एकता (National Unity) को खतरे में डालने से जुड़ी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के पास हिडमा के पोस्टर थे और उन्होंने ‘लाल सलाम’ के नारे लगाए, जिससे अर्बन नक्सल कनेक्शन की जांच शुरू हो गई है।
बता दें कि बीते रविवार को इंडिया गेट के सी-हेक्सागन पर प्रदूषण विरोधी प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया था। पुलिस के मुताबिक, जब सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की गई, तो उन्होंने पुलिसकर्मियों पर चिली स्प्रे या पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया। कई पुलिसवालों की आंखों में स्प्रे पड़ा और उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। नई दिल्ली के DCP देवेश कुमार महला ने कहा, ‘यह पहली बार हुआ है जब ऐसे प्रदर्शन में पुलिस पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया गया। हमने बैरिकेड लगाए थे ताकि ट्रैफिक न रुके, लेकिन वे सड़क पर आकर बैठ गए। कई एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ इमरजेंसी में फंस गए थे। हमने उन्हें हटाने की कोशिश की तो उन्होंने हमला कर दिया।’
पुलिस ने इस मामले में कुल 23 लोगों को पकड़ा है और 2 पुलिस स्टेशनों में FIR दर्ज की गई हैं। कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन में 6 पुरुष प्रदर्शनकारियों के खिलाफ BNS की धाराएं 74 (महिलाओं पर हमला), 79 (बच्चों पर हमला), 115(2) (चोट पहुंचाना), 132 (सार्वजनिक सेवक पर हमला), 221 (सार्वजनिक सेवक को रोकना), 223 (आदेश की अवज्ञा), और 61(2) (आपराधिक साजिश) लगाई गई हैं। दूसरी FIR संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई, जिसमें अन्य प्रदर्शनकारियों पर BNS की धाराएं 223A (सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान), 132, 221, 121A (आपराधिक साजिश), 126(2) (गलत तरीके से रोकना), और 3(5) (सामान्य इरादा) लगाई गई हैं।
सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में 6 गिरफ्तार आरोपियों को पेश किया गया। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) अरिंदम सिंह चीमा ने प्रदर्शन का वीडियो देखा और पुलिस से इसकी कॉपी जमा करने को कहा। पुलिस ने 2 दिन की हिरासत मांगते हुए कोर्ट में कहा, ‘आरोपी इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे और उन्होंने सार्वजनिक सेवक के आदेश का उल्लंघन किया। उन्होंने धक्का-मुक्की की और नक्सली कमांडर माडवी हिडमा के पक्ष में नारे लगाए, जो हाल ही में आंध्र प्रदेश में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। उन्होंने पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया और ‘लाल सलाम’ के नारे लगाए। हमें उनसे पूछताछ करनी है कि क्या वे माओवादी संगठन से जुड़े हैं।’
कर्नाटक लोकायुक्त ने 10 जगह मारे छापे, 381 करोड़ रुपए किए जब्त
25 Nov, 2025 07:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक लोकायुक्त अधिकारियों ने मंगलवार को प्रदेश में 10 जगहों पर छापे मारे। इन जगहों पर सरकारी अधिकारियों पर उनकी आय से ज्यादा संपत्ति जमा करने का आरोप है। ये छापे मांड्या, बीदर, मैसूर, धारवाड़, हावेरी, बेंगलुरु, शिवमोग्गा और दावणगेरे जिलों में मारे जा रहे हैं। लोकायुक्त के मुताबिक पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट से जुड़े असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर डीएम गिरीश, चीफ अकाउंट्स ऑफिसर मांड्या सी. पुट्टास्वामी, चीफ इंजीनियर बीदर प्रेम सिंह, रेवेन्यू इंस्पेक्टर सी. रामास्वामी, धारवाड़ में कर्नाटक यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर सुभाष चंद्र की प्रॉपर्टीज जब्त की गई हैं।
सीनियर वेटेरिनरी एग्जामिनर हुइलगोल सतीश, प्रोजेक्ट डायरेक्टर के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ऑफिस हावेरी शेकप्पा, ऑफिस सुपरिटेंडेंट, रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी, बेंगलुरु पी कुमारस्वामी, फर्स्ट डिवीजन असिस्टेंट एसआईएमएस मेडिकल कॉलेज शिवमोग्गा सी एन लक्ष्मीपति की प्रॉपर्टीज पर छापे मारे गए।
बता दें 7 नवंबर को कर्नाटक लोकायुक्त ने बेंगलुरु के छह आरटीओ पर छापे मारे थे और बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां मिली थीं। कर्नाटक लोकायुक्त ने जनता की कई शिकायतों के बाद बेंगलुरु के छह रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में अचानक छापे मारे थे। जिन जगहों पर छापे मारे गए उनमें यशवंतपुर, राजाजीनगर, जयनगर, येलहंका, कस्तूरीनगर और के आर पुरम शामिल थे।
कर्नाटक लोकायुक्त ने 12 अधिकारियों के खिलाफ भी छापे मारे और आय से अधिक संपत्ति के मामले में 381 करोड़ रुपए जब्त किए। ये सर्च 14 अक्टूबर 2025 को 48 जगहों पर की गईं, जिसमें अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों के घर, ऑफिस और प्रॉपर्टी शामिल थीं। 48 जगहों पर 12 सरकारी अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों पर आय से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में की गई सर्च के शुरुआती अनुमानों से पता चला है कि जमीन, घर, कैश, ज्वेलरी, गाड़ियां और दूसरी चल-अचल प्रॉपर्टी समेत कुल 381.08 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली ।
भारत के कण-कण में राम, मैकाले वाली मानसिकता से मुक्ति जरूरी, बोले PM मोदी
25 Nov, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अयोध्या. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने आज अयोध्या के राम मंदिर (Ram Temple) के शिखर पर धर्मध्वज फहरा दिया है. इस मौके पर पीएम मोदी के साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) भी मौजूद रहे. पीएम मोदी दिल्ली से अयोध्या से महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिये साकेत महाविद्यालय पहुंचे. पीएम मोदी साकेत महाविद्यालय से सड़क मार्ग से रोड शो की शक्ल में सप्त मंदिर पहुंचे.
पीएम मोदी सप्त मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राम मंदिर पहुंचे और गर्भगृह के साथ ही मंदिर के प्रथम तल पर निर्मित राम दरबार में भी पूजा-अर्चना की. पीएम मोदी का यह दौरा आध्यात्मिक रूप से भी बेहद खास है, क्योंकि वे मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना करेंगे और दोपहर 12 बजे मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे. यह ध्वजारोहण मंदिर निर्माण की पूर्णता और एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक माना जा रहा है.
यह ध्वज सदियों के सपने साकार होने का प्रतीक- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और पल की साक्षी बन रही है. आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय है. आज रामभक्तों के दिल में असीम आनंद है. सदियों के घाव भर रहे हैं. सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है. आज उस यज्ञ की पूर्णाहूति है, जिसकी अग्नि पांच सौ वर्ष तक प्रज्ज्वलित रही. आज भगवान श्रीराम के गर्भगृह की अनंत ऊर्जा प्रतिष्ठापित हुआ.यह धर्मध्वज इतिहास के सुंदर जागरण का रंग है. इसका भगवा रंग, इस पर लगी सूर्यवंश की थाती रामराज की कीर्ति को. यह ध्वज संकल्प है, यह संकल्प से सिद्धि की भाषा है, यह सदियों के संघर्ष की सिद्धि है, सदियों के सपने का साकार स्वरूप है, राम के आदर्शों का उद्घोष है. संतों की साधना और समाज की सहभागिता की गाथा है. यह धर्मध्वज प्रभु श्रीराम के आदर्शों का उद्घोष करेगा, सत्यमेव जयते का उद्घोष करेगा. यह ध्वज ‘प्राण जाए पर वचन न जाई’ की प्रेरणा है.
जैसा सपना देखा था, उससे भी शुभकर मंदिर बन गया है- मोहन भागवत
मोहन भागवत ने कहा कि इस दिन के लिए कितने राम भक्तों ने अपने प्राण अर्पण किए. मंदिर बनने में भी समय लगता है. यह धर्म ध्वज है. इसका भगवा रंग है. इस धर्मध्वज पर रघुकूल का प्रतीक कोविदार वृक्ष है. कोविदार वृक्ष दो देव वृक्षों के गुणों का समुच्चय है. धर्मध्वज को शिखर तक पहुंचाना है. आज हमारे संकल्प की पुनरावृत्ति का दिवस है. सबको शांति बांटने वाला, सुफल देने वाला भारतवर्ष हमें खड़ा करना है. जैसा सपना देखा था कुछ लोगों ने, बिल्कुल वैसा, उससे भी अधिक शुभकर यह मंदिर बन गया है.
अयोध्या धाम में आज हर प्रकार की सुविधा- योगी आदित्यनाथ
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर पर धर्मध्वज के आरोहरण को नए युग का शुभारंभ बताया और कहा कि यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर लहराता यह केसरिया ध्वज धर्म का, भारत की संकल्पना का प्रतीक भी है. संकल्प का कोई विकल्प नहीं. योगी आदित्यनाथ ने ‘लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ नारे का भी उल्लेख किया और कहा कि भगवान राम की पावन नगरी एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है. हर प्रकार की सुविधा आज अयोध्या धाम में है. उन्होंने अयोध्या में हुए विकास के काम भी गिनाए और जय जय श्रीराम के नारे के साथ अपनी बात पूरी की.
ऑपरेशन सिंदूर पर अंतरराष्ट्रीय सराहना, ब्रिटिश विशेषज्ञ बोले—भारत की रणनीति बदली
25 Nov, 2025 03:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। 26/11 मुंबई हमलों के सत्रह वर्ष बाद भारत की सुरक्षा, काउंटर-टेररिज्म और तटीय निगरानी व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने न केवल अपनी तटीय निगरानी, इंटेलिजेंस-शेयरिंग और विशेष प्रतिक्रिया इकाइयों की गति को उन्नत किया है, बल्कि आतंकी खतरों पर सक्रिय व निर्णायक प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी विकसित की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2008 की तुलना में आज पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों के वैश्विक नेटवर्क को लेकर अंतरराष्ट्रीय समझ कहीं अधिक स्पष्ट है। 'ग्लोबल ऑर्डर' के लिए लिखे एक लेख में राजनीतिक एवं सुरक्षा विश्लेषक क्रिस ब्लैकबर्न ने बताया कि मई 2025 में शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर भारत की बदलती रणनीति का महत्वपूर्ण संकेतक है।
सीधी कार्रवाई में हिचक नहीं
इस ऑपरेशन ने दिखाया कि भारत अब अपनी “लक्ष्मण रेखा'' पार होने पर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े ढांचों पर सीधी कार्रवाई करने में हिचक नहीं दिखाता। ब्लैकबर्न के अनुसार, चुनौती का बड़ा हिस्सा अब भी बरकरार है, क्योंकि 26/11 के कई मुख्य साजिशकर्ता, प्रशिक्षक और विचारक पाकिस्तान में खुले तौर पर मौजूद हैं।
“ये संगठन खुद को नए नामों और ढांचों में ढाल लेते हैं, लेकिन मकसद वही रखते हैं,'' उन्होंने लिखा। रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ढुलमुल नीति पर भी सवाल उठाए गए हैं। लेख के अनुसार, दुनिया अक्सर संवाद और संलग्नता की सरल भाषा में लौट आती है, जबकि इस बात के प्रमाण मौजूद हैं कि ये आतंकी नेटवर्क उतनी ही जटिलता और क्षमता से संचालित होते हैं जितना कोई भी जिम्मेदार राष्ट्र अस्वीकार्य मानता है।
रिपोर्ट बताती है कि 26/11 की बरसी हर साल केवल जनहानि पर नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा रणनीति में आए मूलभूत परिवर्तन पर भी चिंतन का अवसर देती है। मुंबई को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह भारत की वित्तीय शक्ति, फिल्मी प्रतिष्ठा और बहुसांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। और हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठकर लश्कर-ए-तैयबा ने रची थी।
NCW ने लॉन्च किया 24×7 महिला हेल्पलाइन नंबर 14490, अब तुरंत मिलेगी मदद
25 Nov, 2025 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
NCW Women helpline: महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए नया NCW Women Helpline नंबर लॉन्च किया है। अब महिलाएं किसी भी संकट, हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में बिना किसी झिझक के 24×7 मदद प्राप्त कर सकती हैं। यह पहल महिलाओं को अधिक सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 24 दिसंबर को नया टोल-फ्री शॉर्ट कोड हेल्पलाइन नंबर 14490 जारी किया। यह आसानी से याद रहने वाला नंबर आयोग की मौजूदा हेल्पलाइन 7827170170 से जुड़ा है। नए शॉर्ट कोड का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को तुरंत सहायता प्रदान करना है, ताकि वे किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत संपर्क कर सकें।
NCW Women Helpline पर कॉल करने के बाद महिलाओं की शिकायतें प्रशिक्षित काउंसलर सुनेंगे और उन्हें आवश्यक सलाह देंगे। यदि मामले में तुरंत कार्रवाई की जरूरत हो, तो कॉल को संबंधित अधिकारियों के पास तुरन्त भेजा जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों, कस्बों और शहरों की महिलाएं तेज और प्रभावी मदद प्राप्त कर सकेंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं कभी अकेला महसूस न करें और हर स्थिति में उनके पास भरोसेमंद मदद का विकल्प मौजूद हो।
यदि देर रात किसी महिला को कोई गंभीर समस्या होती है और वह 14490 पर कॉल करती है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस को भेजकर उसकी सहायता की जाएगी। इस तरह NCW Women Helpline महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक मजबूत और सुलभ प्लेटफॉर्म बनकर सामने आई है।
अयोध्या में पीएम मोदी का ऐतिहासिक ध्वजारोहण, बोले—“सत्य ही धर्म है, राम एक मूल्य हैं”
25 Nov, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Modi Speech: अयोध्या ने 25 नवंबर को एक और ऐतिहासिक दिन देखा, जब PM Modi Speech Ayodhya कार्यक्रम के दौरान राम मंदिर के शिखर पर अभिजीत मुहूर्त में धर्म ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर RSS प्रमुख मोहन भागवत, सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मौजूद रहे। ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को प्रणाम किया और कहा कि ‘प्राण जाए पर वचन न जाए’ यही ध्वज का संदेश है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज संपूर्ण भारत और विश्व राम-मय है। उन्होंने इसे सदियों की वेदना के अंत और पांच सौ वर्षों से जलती यज्ञ-अग्नि की पूर्णाहुति बताया। मोदी ने कहा कि यह धर्म ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के कायाकल्प का ध्वज है। भगवा रंग, सूर्यवंश का चिन्ह, ‘ॐ’ और कोविदारा वृक्ष मिलकर रामराज्य के आदर्शों को दर्शाते हैं।
PM Modi Speech Ayodhya में उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली हजारों शताब्दियों तक यह ध्वज सत्य, शांति, समानता और करुणा जैसे राम के मूल्यों का उद्घोष करता रहेगा। उन्होंने उन सभी रामभक्तों और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया जिन्होंने मंदिर निर्माण में योगदान दिया।
अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अगले 1000 वर्षों के लिए मजबूत नींव रखनी होगी। वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखने की जरूरत है। उन्होंने 1835 में मैकॉले द्वारा फैलाई गई गुलामी की मानसिकता से मुक्त होने के मिशन का भी आह्वान किया।
मोदी ने कहा कि राम एक व्यक्ति नहीं, बल्कि मूल्य हैं। विकसित भारत का लक्ष्य पाने के लिए हर भारतीय को अपने भीतर इन मूल्यों को जागृत करना होगा। कार्यक्रम में RSS प्रमुख और सीएम योगी ने भी राम मंदिर आंदोलन के संघर्ष और आस्था को याद किया।
Pakistan Air Strike in Afghanistan: रात में बमबारी से 9 बच्चों समेत 10 की मौत
25 Nov, 2025 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Pakistan Air Strike in Afghanistan ने एक बार फिर सीमा क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। मंगलवार, 25 नवंबर की आधी रात अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में पाकिस्तान ने हवाई हमला किया, जिसमें 9 बच्चों समेत कुल 10 लोगों की मौत हो गई। यह घटना रात करीब 12 बजे हुई, जब लोग अपने घरों में गहरी नींद में थे। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया कि यह हमला सीधे एक स्थानीय घर को निशाना बनाकर किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने खोस्त के गुरबुज जिले के मुगलगई इलाके में बमबारी की। जिस घर पर हमला हुआ, वह स्थानीय नागरिक काजी मीर के बेटे वलियात खान का बताया जा रहा है। बम गिरने के बाद पूरा घर पल भर में मलबे में बदल गया और सभी 10 लोग घटनास्थल पर ही मारे गए। मृतकों में 9 मासूम बच्चे शामिल होना इस घटना को और भी भयावह बना देता है।
इसके अलावा, Pakistan Air Strike in Afghanistan सिर्फ खोस्त तक सीमित नहीं रहा। पाकिस्तान ने कुनार और पक्तिका प्रांतों में भी हवाई हमले किए हैं। इन स्थानों पर बमबारी के कारण 4 नागरिकों के घायल होने की पुष्टि की गई है। लगातार हो रही इस तरह की सैन्य कार्रवाई से दोनों देशों के बीच दुश्मनी और संभावित संघर्ष को लेकर चिंताएं फिर गहरा गई हैं।
तालिबान प्रवक्ता का कहना है कि हमला उस समय हुआ जब लोग सो रहे थे, जिससे यह साफ होता है कि निशाना आम नागरिक थे। इस घटना के बाद सीमा पर माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया है। Pakistan Air Strike in Afghanistan ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दोनों देशों के बीच स्थिति कब सामान्य होगी।
हिडमा की मौत के बाद टॉप नक्सली कमांडरों में हडक़ंप
25 Nov, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मप्र-छग-महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों के नाम पत्र जारी, हथियारबंद संघर्ष सफल नहीं हो सकता
नई दिल्ली। कुख्यात माओवादी कमांडर हिडमा के मारे जाने के बाद संगठन के भीतर तेजी से हलचल बढ़ गई है। नक्सली अब सरकार के सामने सरेंडर करने और हथियार डालने राजी हो गए हैं। एमएमसी जोन (मध्य प्रदेश महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ कमेटी) के प्रवक्ता अनंत ने प्रेस रिलीज जारी कर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सरकार से हथियार छोडक़र पुनर्वास योजना स्वीकार करने की इच्छा जताई है। वहीं इस लेटर पर सीएम साय ने कहा है कि नक्सलियों को पहले ही सरेंडर करने कहा गया है, सरकार उनके साथ न्याय करेगी।
इसके लिए 15 फरवरी 2026 तक समय देने की मांग की गई है। इसके अलावा पीएलजीए सप्ताह भी रद्द करने की बात कही गई है। केंद्रीय कमेटी का कहना है कि प्रेस रिलीज पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जाएगा। इसके बाद अगली प्रेस रिलीज जारी कर हथियार छोडऩे की अंतिम तारीख घोषित की जाएगी।
सशस्त्र संघर्ष को अस्थाई विराम देने का फैसला
प्रवक्ता ने बताया कि केंद्रीय कमेटी के सदस्य और पोलित ब्यूरो मेंबर कॉमरेड सोनू दादा ने बदलती परिस्थितियों का आकलन करते हुए सशस्त्र संघर्ष को अस्थाई विराम देने का फैसला लिया है, जिसका समर्थन सीसीएम सतीश दादा और सीसीएम चंद्रन्ना भी कर चुके हैं। एमएमसी जोन ने भी सामूहिक निर्णय प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।
नहीं मनाएंगे पीएलजीए सप्ताह
अनंत ने कहा कि संगठन जनवादी केंद्रीयता की पद्धति पर चलता है, इसलिए सभी साथियों तक संदेश पहुंचाने और सामूहिक राय बनाने में समय लगेगा। उन्होंने तीनों राज्यों की सरकारों से इस अवधि तक सुरक्षाबलों के अभियान रोकने की अपील की। यहां तक कि पीएलजीए सप्ताह के दौरान भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने का अनुरोध किया है। समिति ने आश्वासन दिया है कि वे इस बार पीएलजीए सप्ताह नहीं मनाएंगे और सभी गतिविधियों पर विराम देंगे।
ऑपरेशनों पर भी रोक लगाने की मांग
प्रेस रिलीज में सरकार से मुखबिर गतिविधियों और इनपुट-आधारित ऑपरेशनों पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। साथ ही, सरकार से रेडियो पर उनके संदेश को प्रसारित करने का अनुरोध किया है ताकि दूर-दराज क्षेत्रों में मौजूद साथियों तक सूचना पहुंच सके, क्योंकि यह उनके पास बाहरी दुनिया से अपडेट रहने का एकमात्र विश्वसनीय माध्यम है। एमएमसी जोन ने यह भी इच्छा जताई है कि इस बीच उन्हें कुछ जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और यूट्यूबर पत्रकारों से मिलने का अवसर दिया जाए, ताकि हथियार त्यागने की निश्चित तारीख तय कर जल्द घोषणा की जा सके। समिति ने मध्यस्थों से भी सरकार और संगठन के बीच संवाद बढ़ाने की अपील की है।
सरकार से ‘पहला कदम’ उठाने की अपील
पत्र में एक अहम बिंदु यह है कि केंद्रीय कमेटी के संदेश में मार्च 2026 तक जनयुद्ध को रोकने की बात कही गई है। यह माओवादियों का अब तक का सबसे बड़ा रणनीतिक बदलाव माना जा रहा है। कई कमांडरों ने इसे जीवन बचाने और भविष्य सुरक्षित करने का मौक़ा समझा है। संगठन ने अपने सदस्यों को आगे के आदेश तक संघर्ष बंद रखने को कहा है। यह संकेत है कि आने वाले महीनों में बड़े स्तर पर आत्मसमर्पण देखने को मिल सकता है। नक्सली प्रवक्ता ने सरकारों से अपील की है कि वे इस पत्र को गंभीरता से पढ़ें और सकारात्मक कदम उठाएं। संगठन चाहता है कि सरकार उनकी बात सुने और आत्मसमर्पण के इच्छुक कमांडरों को सुरक्षित रास्ता दे। शिविरों में बेहतर सुरक्षा, कानूनी प्रक्रिया में मदद और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की गई है। पत्र में यह भी कहा गया कि यदि सरकार आगे आएगी तो नक्सली भी हथियार छोडऩे की तारीख घोषित करेंगे। इस कार्रवाई को हिडमा की मौत के बाद बनी नई जमीनी हकीकत का नतीजा माना जा रहा है।
नक्सल कमांडरों में टकराव और डर के हालात
पत्र में यह भी स्वीकार किया गया है कि संगठन के भीतर कई गुटों में टकराव बढ़ गया है। हिडमा की मौत ने यह डर और बढ़ा दिया कि अगला टारगेट कौन होगा। साथ ही कई कमांडर इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि लगातार दबाव, सुरक्षाबलों की घेराबंदी और कम होती ताकत से जनयुद्ध आगे नहीं बढ़ पाएगा। इसी डर और असुरक्षा के कारण कमांडरों ने संघर्ष रोकने और सुविधा मिलने पर आत्मसमर्पण की इच्छा जताई है। जंगलों में माहौल अब पहले जैसा नहीं रह गया है।
जंगलों में तैनात दस्तों का मनोबल गिरा
पीएलजीए और एमएमसी जोन से जुड़े कई दस्तों के मनोबल में तेजी से गिरावट आई है। पत्र में यह स्वीकार किया गया है कि उनके पास सूचनाएं पहुंचाने का माध्यम सिर्फ चुनिंदा लोग हैं, जिससे वे दुनिया से कटते जा रहे हैं। हिडमा की मौत और अंदरूनी कमजोरियों ने उन्हें यह यकीन दिलाया है कि अब लड़ाई टिक नहीं पाएगी। इसलिए वे चाहते हैं कि सरकार उन्हें सुरक्षित रास्ता दे ताकि वे संगठन छोडक़र सामान्य जीवन जी सकें। यह संकेत बड़ा है कि जंगल में लडऩे वाली पीढ़ी बदलाव चाहती है।
खनन, विकास और विस्थापन के मुद्दों पर नरमी
पत्र में एक दिलचस्प बात यह है कि संगठन अब खनन कंपनियों, विस्थापन और सरकारी विकास योजनाओं पर पहले जैसी कठोर प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार चाहती है तो केंद्र से बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकाले। यह बदलाव बताता है कि नक्सल एजेंडा अब कमजोर हो चुका है। हिडमा के बाद नेतृत्व में ठोस दिशा नहीं है, इसलिए कई कमांडर चाहते हैं कि सरकार उन्हें साथ लेकर चलने की कोशिश करे। इसी कड़ी में आत्मसमर्पण की राह तलाशना उनके लिए आसान विकल्प बन गया है।
तीनों राज्यों के लिए बड़ा सुरक्षा बदलाव
महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों में यह पत्र बड़ी हलचल पैदा कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सलवाद के कमजोर होते प्रभाव का बड़ा संकेत मान रही हैं। हिडमा की मौत ने इस प्रक्रिया को तेज कर दिया है। अब कई कमांडर अंडरग्राउंड होने के बजाय सामने आने को तैयार हैं। यदि सरकार इस मौके को पकड़े, तो आने वाले महीनों में नक्सल मोर्चे पर बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
नीले ड्रम की शॉकिंग कहानी! मुस्कान रस्तोगी ने बेटी को जन्म दिया, पिता सौरभ या साहिल? DNA टेस्ट से खुलेंगे राज
25 Nov, 2025 12:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Muskan Birth Daughter: मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड (नीला ड्रम) में शामिल आरोपी मुस्कान ने सोमवार की शाम बेटी को जन्म दिया है. यह भी एक संयोग है कि सोमवार, 24 नवंबर के दिन ही सौरभ का जन्मदिन होता था. मुस्कान की बेटी होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इसका पिता कौन है? इसके लिए DNA टेस्ट कराया जाएगा. फिलहाल, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं.
आरोपी मुस्कान, जिसने बेटी को जन्म दिया है. वह फिलहाल जेल में ही बंद थी, जिसकी तबीयत खराब होने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां उसने बेटी को जन्म दिया. मुस्कान देश के चर्चित हत्याकांड की आरोपी है, इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे अस्पताल परिसर में पुलिस तैनात किया गया. मुस्कान की एक पहले से भी बेटी है, जो सौरभ के परिवार के साथ रहती है.
सौरभ के परिवार ने की डीएनए टेस्ट की मांग
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से किसी बाहरी व्यक्ति को वार्ड में प्रवेश नहीं दिया गया, केवल इस दौरान 8 सदस्यी मेडिकल और सुरक्षा टीम ही वार्ड पर मौजूद रही. बच्ची की उम्र करीब सवा 8 महीने बताई जा रही है. मुस्कान के परिवार की ओर से कोई भी सदस्य अस्पताल नहीं पहुंचा है. वहीं सौरभ के परिजन डीएनए टेस्ट कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि पता चल सके कि कहीं बच्चा सौरभ का तो नहीं.
बच्ची किसकी, DNA टेस्ट के बाद ही पता चलेगा?
सौरभ के बड़े भाई राहुल राजपूत को जब इसकी जानकारी लगी थी कि मुस्कान गर्भवती है तो उन्होंने कहा था कि बच्चे को तभी अपनाएंगे. जब पता चल जाएगा कि बच्चा सौरभ का ही है. राहुल ने कहा कि अगर डीएनए टेस्ट के पता चलेगा कि बच्ची सौरभ की है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी निभाएंगे. डीएनए टेस्ट कराया जाएगा या नहीं, अभी इस पर कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भर दिया
सौरभ हत्याकांड को ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ के नाम से भी जाना जाता है. यह घटना तीन मार्च 2025 की है, जब मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी. पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर सौरभ को मारकर उसके शव के कई टुकड़े कर दिए, इसके बाद उन्हें नीले ड्रम में डालकर सीमेंट का घोल डाल दिया था और आरोपी साहिल, सौरभ का सिर अपने घर ले गया था. फिलहाल, दोनों आरोपी जेल में बंद हैं.
दिल्ली एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित, दो दिनों तक कई फ्लाइट रद्द
25 Nov, 2025 12:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Delhi Airport Flight Delays के कारण यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इथियोपिया में हुए ज्वालामुखी विस्फोट के बाद आसमान में फैले राख के बादल ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन पर सीधा असर डाला है। दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर हांगकांग, दुबई, जेद्दा, हेलसिंकी, काबुल और फ्रैंकफर्ट के लिए जाने वाली कई उड़ानों में देरी दर्ज की गई। फ्लाइट इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले बोर्ड (FIDS) पर कई उड़ानें लगातार ‘डिले’ दिखती रहीं, लेकिन कुछ ही देर बाद एयर इंडिया और अन्य कंपनियों ने आधिकारिक रूप से कई फ्लाइट्स के रद्द होने की घोषणा कर दी।
एयर इंडिया ने बताया कि हेली गुब्बी ज्वालामुखी विस्फोट के बाद कुछ रूट्स पर विमानों की एहतियाती जांच जरूरी हो गई है। ऐसे में 24 और 25 नवंबर को कई उड़ानें रद्द रहेंगी। एयरलाइन ने कहा कि Delhi Airport Flight Delays के दौरान उनकी ग्राउंड टीमें यात्रियों को लगातार अपडेट दे रही हैं और जरूरत पड़ने पर होटल में रहने जैसी तत्काल मदद भी पहुंचाई जा रही है। एयर इंडिया ने असुविधा पर खेद जताते हुए कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रद्द की गई प्रमुख उड़ानें — 24 नवंबर
नेवार्क-दिल्ली (AI 106), न्यूयॉर्क-दिल्ली (AI 102), दुबई-हैदराबाद (AI 2204), दोहा-मुंबई (AI 2290), दुबई-चेन्नई (AI 2212), दम्मम-मुंबई (AI 2250), दोहा-दिल्ली (AI 2284)
25 नवंबर
चेन्नई-मुंबई (AI 2822), हैदराबाद-दिल्ली (AI 2466), मुंबई-हैदराबाद-मुंबई (AI 2444/2445), मुंबई-कोलकाता-मुंबई (AI 2471/2472)
इसके अलावा Akasa Air ने जेद्दा, कुवैत और अबू धाबी की अपनी उड़ानें दो दिनों के लिए रद्द कर दी हैं। वहीं, KLM Royal Dutch Airlines ने भी अपनी एम्स्टर्डम-दिल्ली और दिल्ली-एम्स्टर्डम फ्लाइट्स रद्द करने की घोषणा की है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी और रद्दीकरण का यह सिलसिला यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में आने तक सुरक्षा को सर्वोपरि माना जा रहा है।
शुभ मुहूर्त में पीएम मोदी ने किया राम मंदिर शिखर पर ध्वज आरोहण
25 Nov, 2025 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में आज मंगलवार, 25 नवंबर को ऐतिहासिक धर्म ध्वज समारोह आयोजित किया गया है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर पहुंचकर अभिजीत मुहूर्त में मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज फहराएंगे।विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता के अनुसार ध्वजारोहण का समय दोपहर 12:10 से 12:30 बजे के बीच तय किया गया है। समारोह में पीएम मोदी के साथ ही आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत, स्वामी गोविंददेव गिरि, यूपी के राज्यपाल और सीएम शामिल। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह भगवा ध्वज है, जो ज्योति के रंग, उगते सूरज के रंग का है, रंग त्याग और भक्ति का प्रतीक है।ध्वज 10 फीट ऊंचा, 20 फीट लंबा और त्रिकोणीय आकार का है।
सीएम योगी के संबोधन में दिखी नई उर्जा
इस मौके पर सीएम योगी अदित्यनाथ के संबोधन में एक नई उर्जा दिखाई दी। उन्होंने कहा कि मंदिर के शिखर फहरा रहा यह केसरिया ध्वज नए भारत का प्रतीक है। 500 वर्षों में समय बदला, नेतृत्व बदला, लेकिन आस्था न झुकी, न रुकी। जब आरएसएस के हाथ में कमान आई तो सिर्फ एक ही आवाज गूंजती रही। रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।
पीएम मोदी ने फहराया भगवा ध्वज
अभिजीत मुहूर्त के शुभ समय में श्रीराम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना की गई। पीएम नरेंद्र मोदी ने शिखर पर भगवा ध्वज फहराया।
ध्वज में कोविदारा वृक्ष की छवि के साथ 'ओम' अंकित
राम मंदिर के शिखर पर फराया जाने वाला ध्वज 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा, समकोण त्रिभुजाकार है। इस पर एक उज्ज्वल सूर्य की छवि है, जो भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक है, साथ ही कोविदारा वृक्ष की छवि के साथ इस पर 'ओम' अंकित है।
साडा अध्यक्ष पद के लिए अशोक शर्मा का नाम चर्चा में
श्री विश्वकर्मा महापंचायत संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक 30 को बैठक में होंगे कई महत्वपूर्ण निर्णय
बंगाल में कानून-व्यवस्था पर घमासान, नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप
विधानसभा-1 के वार्ड 9 से अभियान का शुभारंभ, जनभागीदारी पर जोर
VIT भोपाल में टाइफाइड का प्रकोप, 40 से अधिक छात्र संक्रमित — हॉस्टल व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
