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कैंसर मामलों में उछाल: भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर, जानें किस राज्य में सबसे ज्यादा केस
6 Dec, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत में तेजी से कैंसर बढ़ रहा है. कैंसर के मामले में विश्व में भारत का तीसरा स्थान है. लोकसभा में सरकार ने पेश किए चिंताजनक आंकड़े पेश किए हैं. अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी ग्लोबल कैंसर ऑब्ज़र्वेटरी (IARC) के मुताबिक, भारत में कैंसर के मामलों की अनुमानित संख्या 14,13,316 है (98.5 प्रति 1,00,000 की दर), जो चीन (48,24,703 मामले, 201.6 प्रति 1,00,000) और संयुक्त राज्य अमेरिका (23,80,189 मामले, 367 प्रति 1,00,000) के बाद दुनिया में तीसरी सबसे अधिक है |
भारत में कैंसर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. सरकार ने संसद में डेटा पेश किया है उसके मुताबिक, 2020 में देश में अनुमानित 13.92 लाख कैंसर के मामले थे, जो 2024 में बढ़कर 15.33 लाख हो गए हैं. यानी सिर्फ़ पांच वर्षों में ही मामलों में दस प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई |
राज्यवार विश्लेषण में यह भी सामने आया है कि छोटे केंद्र शासित प्रदेशों में प्रतिशत वृद्धि सबसे तेज़ है, जबकि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे बड़े राज्यों में मरीजों की कुल संख्या ज़्यादा है |
कहां बढ़े सबसे ज्यादा मामले?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दमन में कैंसर मामलों में 39.51% की बढ़त हुई. इसके अलावा दादरा एवं नगर हवेली (30.09%), सिक्किम (26.06%), लक्षद्वीप (18.52%) और मणिपुर (18.48%) में भी तेज़ उछाल देखा गया. दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में भी 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई. रिपोर्ट के अनुसार, तंबाकू सेवन, प्रदूषण और जीवनशैली से जुड़े कारक इस बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभा रहे हैं |
बड़ी आबादी वाले राज्यों में भारी बोझ
जनसंख्या के लिहाज़ से सबसे ज़्यादा मरीज उत्तर प्रदेश (2.21 लाख), महाराष्ट्र (1.27 लाख), पश्चिम बंगाल (1.18 लाख) और बिहार (1.15 लाख) में दर्ज किए गए. इन राज्यों में प्रतिशत वृद्धि कम दिख सकती है, लेकिन कुल संख्या बहुत बड़ी है |
साल-दर-साल बढ़ोतरी
2020 से 2024 तक भारत में कैंसर मामलों का साल-दर-साल बढ़ना इस प्रकार रहा: • 2020: 13,92,179 • 2021: 14,26,447 • 2022: 14,61,427 • 2023: 14,96,972 • 2024: 15,33,055 हर साल लगभग लाखों नए मरीज जुड़ रहे हैं |
कैंसर मामलों में वृद्धि के कारण
ICMR के अनुसार, मामलों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं. जीवनशैली में बदलाव, तंबाकू और शराब का बढ़ता सेवन, बुजुर्ग आबादी में वृद्धि और स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ने से अधिक रिपोर्टिंग हुई है. शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण भी बड़ी चुनौती बन गया है |
भारत में कैंसर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है. इसके रोकथाम, स्क्रीनिंग और इलाज के लिए व्यापक रणनीति की जरूरत है. आने वाले सालों में कैंसर के मामलों में और बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार, जीवनशैली सुधार और तंबाकू नियंत्रण पर तत्काल ध्यान देना आवश्यक है |
फ्लाइट रद्द होने से परेशान यात्रियों के लिए खुशखबरी...रेलवे ने उठाया बड़ा कदम, इन 37 ट्रेनों में जोड़े एक्स्ट्रा कोच, देखें लिस्ट
6 Dec, 2025 03:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Train Travel During Indigo Crisis: देश में इंडिगो एयरलाइंस की लगातार उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. इसी स्थिति को देखते हुए भारतीय रेलवे ने राहत देने के लिए बड़ा निर्णायक कदम उठाया है. रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर न सिर्फ कई रूट्स पर अतिरिक्त कोच जोड़े हैं, बल्कि चार स्पेशल ट्रेनें भी चलाने का फैसला किया है, ताकि यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी तरह की दिक्कत न हो.
इंडिगो में बीते कुछ दिनों से चल रही ऑपरेशनल दिक्कतों के कारण बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कैंसिल हो रही हैं और कई उड़ानें घंटों देरी से चल रही हैं. केवल 5 दिसंबर को ही देशभर में 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं. इस वजह से यात्रियों का भारी दबाव अब रेलवे पर आ गया है.
रेलवे ने 37 ट्रेनों में जोड़े एक्स्ट्रा कोच
रेलवे ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए देशभर की 37 प्रीमियम ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच लगाए गए हैं. इससे 114 एक्स्ट्रा ट्रिप्स चलेंगी, जिससे सीटों की उपलब्धता बढ़ सकेगी. सबसे अधिक कोच दक्षिणी रेलवे ने जोड़े हैं, जिसमें 18 ट्रेनों में क्षमता बढ़ाई गई है. वहीं उत्तरी रेलवे ने 8, वेस्टर्न रेलवे ने 4 और ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने भी राजेंद्रनगर-नई दिल्ली रूट पर 2AC कोच बढ़ाए हैं. ईस्ट कोस्ट, ईस्टर्न और नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने भी कई ट्रिप्स में स्लीपर और AC कोच जोड़कर यात्रियों के लिए यात्रा सुविधा को सुगम बनाया है.
चार स्पेशल ट्रेनों का होगा संचालन
रेलवे ने चार स्पेशल ट्रेनों के संचालन की जानकारी भी दी है. इनमें गोरखपुर-आनंद विहार स्पेशल, नई दिल्ली-मुंबई सेंट्रल स्पेशल, जम्मू क्षेत्र के लिए वंदे भारत स्पेशल और निजामुद्दीन-तिरुवनंतपुरम सुपरफास्ट स्पेशल शामिल हैं. ये सेवाएं 6 दिसंबर से विभिन्न तारीखों में चलाई जा रही हैं, ताकि प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित व सुगम यात्रा मिल सके.
साबरमती लगाएगी चार फेरे
पश्चिम रेलवे ने भी अहमदाबाद और दिल्ली के बीच यात्रियों की जरूरत को देखते हुए साबरमती-दिल्ली जंक्शन सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन (09497/09498) चलाने की घोषणा की है. यह ट्रेन कुल चार फेरे लगाएगी और रास्ते में जयपुर, अजमेर, अलवर, गुड़गांव सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी. इसकी बुकिंग 6 दिसंबर से शुरू हो चुकी है.
रेल मंत्रालय का कहना है कि यह सारी व्यवस्था अचानक पैदा हुए यात्रा संकट में लोगों को भरोसेमंद विकल्प उपलब्ध कराने के लिए है. रेलवे ने वेबसाइट पर यात्रा और कोच संबंधित सभी जानकारी भी उपलब्ध कराई है, ताकि यात्रियों को समय पर सही सूचना मिल सके.
देश ने मनाया महापरिनिर्वाण दिवस, पीएम मोदी और विपक्षी नेताओं ने अंबेडकर को किया याद
6 Dec, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश आज भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर की पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें नमन कर रहा है. इसी बीच पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने भी श्रद्धांजलि दी है. कांग्रेस सांसद और लोकसभा के विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी बाबासाहेब अंबेडकर को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा लिखा कि महापरिनिर्वाण दिवस पर वे डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को स्मरण करते हैं. उनकी दूरदर्शी सोच, न्याय और समानता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता तथा संवैधानिक मूल्यों ने भारत की विकास यात्रा को दिशा दी है|
एक्स पोस्ट के जरिए पीएम मोदी ने आगे कहा कि अंबेडकर ने पीढ़ियों को मानव गरिमा और लोकतांत्रिक आदर्शों को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया. पीएम मोदी ने कामना की कि बाबासाहेब के आदर्श विकसित भारत के निर्माण में आगे भी हमारा मार्ग रोशन करते रहें. वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की. राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट से जारी संदेश में बताया गया कि राष्ट्रपति ने श्रद्धा और सम्मान के साथ बाबासाहेब को नमन किया. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा है कि अंबेडकर की शिक्षाएं और उनका संघर्ष भारत को एक न्यायपूर्ण, समानता-आधारित समाज बनाने की दिशा में आज भी हमारा मार्गदर्शन करता है |
क्या बोले राहुल गांधी?
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी भीमराव अंबेडकर को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर कर कहा, ‘महापरिनिर्वाण दिवस पर बाबा साहेब आंबेडकर को विनम्र श्रद्धांजलि. समानता, न्याय और मानव सम्मान की उनकी अमर विरासत मुझे संविधान की रक्षा के संकल्प को और मजबूत करती है और हमें एक अधिक समावेशी और संवेदनशील भारत के लिए प्रेरित करती है |
6 दिसंबर 1956 को हुआ था निधन
हर वर्ष 6 दिसंबर को यह दिन संविधान निर्माता, सामाजिक न्याय के अग्रदूत और आधुनिक भारत के महान विचारक डॉ. अंबेडकर को याद करने के लिए मनाया जाता है. बता दें कि डॉ. अंबेडकर का निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ था. इसी दिन को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है. 1956 में ही बाबासाहेब ने हिंदू धर्म की कुरीतियों और सामाजिक असमानताओं से दुखी होकर बौद्ध धर्म अपनाया था. बौद्ध दर्शन के अनुसार परिनिर्वाण का अर्थ है मृत्यु के बाद पूर्ण मुक्ति अर्थात सभी इच्छाओं, मोह-माया और सांसारिक बंधनों से पूरी तरह मुक्त होना. यह सर्वोच्च अवस्था बहुत कठिन मानी जाती है और सदाचार व अनुशासित जीवन से ही प्राप्त होती है |
फ्लाइट रद्द, ट्रेन तैयार! यात्रियों के लिए रेलवे का राहत पैकेज
6 Dec, 2025 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश में इंडिगो एयरलाइंस की लगातार उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. इसी स्थिति को देखते हुए भारतीय रेलवे ने राहत देने के लिए बड़ा निर्णायक कदम उठाया है. रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर न सिर्फ कई रूट्स पर अतिरिक्त कोच जोड़े हैं, बल्कि चार स्पेशल ट्रेनें भी चलाने का फैसला किया है, ताकि यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी तरह की दिक्कत न हो. इंडिगो में बीते कुछ दिनों से चल रही ऑपरेशनल दिक्कतों के कारण बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कैंसिल हो रही हैं और कई उड़ानें घंटों देरी से चल रही हैं. केवल 5 दिसंबर को ही देशभर में 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं. इस वजह से यात्रियों का भारी दबाव अब रेलवे पर आ गया है।
रेलवे ने 37 ट्रेनों में जोड़े एक्स्ट्रा कोच
रेलवे ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए देशभर की 37 प्रीमियम ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच लगाए गए हैं. इससे 114 एक्स्ट्रा ट्रिप्स चलेंगी, जिससे सीटों की उपलब्धता बढ़ सकेगी. सबसे अधिक कोच दक्षिणी रेलवे ने जोड़े हैं, जिसमें 18 ट्रेनों में क्षमता बढ़ाई गई है. वहीं उत्तरी रेलवे ने 8, वेस्टर्न रेलवे ने 4 और ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने भी राजेंद्रनगर-नई दिल्ली रूट पर 2AC कोच बढ़ाए हैं. ईस्ट कोस्ट, ईस्टर्न और नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने भी कई ट्रिप्स में स्लीपर और AC कोच जोड़कर यात्रियों के लिए यात्रा सुविधा को सुगम बनाया है।
चार स्पेशल ट्रेनों का होगा संचालन
रेलवे ने चार स्पेशल ट्रेनों के संचालन की जानकारी भी दी है. इनमें गोरखपुर-आनंद विहार स्पेशल, नई दिल्ली-मुंबई सेंट्रल स्पेशल, जम्मू क्षेत्र के लिए वंदे भारत स्पेशल और निजामुद्दीन-तिरुवनंतपुरम सुपरफास्ट स्पेशल शामिल हैं. ये सेवाएं 6 दिसंबर से विभिन्न तारीखों में चलाई जा रही हैं, ताकि प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित व सुगम यात्रा मिल सके।
साबरमती लगाएगी चार फेरे
पश्चिम रेलवे ने भी अहमदाबाद और दिल्ली के बीच यात्रियों की जरूरत को देखते हुए साबरमती-दिल्ली जंक्शन सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन (09497/09498) चलाने की घोषणा की है. यह ट्रेन कुल चार फेरे लगाएगी और रास्ते में जयपुर, अजमेर, अलवर, गुड़गांव सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी. इसकी बुकिंग 6 दिसंबर से शुरू हो चुकी है. रेल मंत्रालय का कहना है कि यह सारी व्यवस्था अचानक पैदा हुए यात्रा संकट में लोगों को भरोसेमंद विकल्प उपलब्ध कराने के लिए है. रेलवे ने वेबसाइट पर यात्रा और कोच संबंधित सभी जानकारी भी उपलब्ध कराई है, ताकि यात्रियों को समय पर सही सूचना मिल सके।
दो दिन में तीन धमकियों के बाद हैदराबाद एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट, एजेंसियों ने की कार्रवाई शुरू
6 Dec, 2025 01:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद एयरपोर्ट पर दो दिनों के भीतर तीन फ्लाइट्स को बम धमकी देने वाले ईमेल मिले हैं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. यह धमकी ईमेल एयरपोर्ट के कस्टमर सपोर्ट आईडी पर भेजे गए थे. हैदराबाद एयरपोर्ट जीएमआर ने कहा कि सभी मामलों में आवश्यक सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई गई और यात्री सुरक्षित हैं |
ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट को धमकी
शनिवार को ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA 277, जो लंदन के हीथ्रो से हैदराबाद आ रही थी, को धमकी भरा ईमेल भेजा गया. यह विमान सुबह 5:25 बजे सुरक्षित तरीके से लैंड हुआ, जिसके बाद एयरपोर्ट पर मानक सुरक्षा जांच शुरू की गई |
कुवैत एयरवेज की फ्लाइट वापस लौटाई गई
इसी दिन कुवैत एयरवेज की फ्लाइट KU 373 को भी बम धमकी मिली. यह उड़ान हैदराबाद आने वाली थी, लेकिन खतरे को देखते हुए विमान वापस कुवैत एयरपोर्ट भेज दिया गया.
एक दिन पहले एयर इंडिया की फ्लाइट को भी मिली धमकी
5 दिसंबर 2025 को हैदराबाद एयरपोर्ट के कस्टमर सपोर्ट ईमेल पर एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2879 (दिल्ली से हैदराबाद) के नाम एक बम धमकी ईमेल मिला. इस घटना के बाद संबंधित विमान ने हैदराबाद में रात 8:45 बजे सुरक्षित लैंडिंग की. इसके अलावा सऊदी अरब के मदीना से हैदराबाद आ रही इंडिगो की फ्लाइट में गुरुवार को बम की धमकी मिलने के बाद विमान को अहमदाबाद डायवर्ट किया गया. फ्लाइट संख्या 6ई-58 में कुल 180 यात्री और 6 क्रू मेंबर सवार थे |
जांच जारी, सुरक्षा कड़ी
हैदराबाद एयरपोर्ट जीएमआर ने कहा है कि सभी प्राप्त धमकियों को गंभीरता के साथ देखा गया और हर मामले में निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाएं तुरंत लागू की गईं. इन प्रक्रियाओं में विमान और परिसर की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसियों के साथ संयुक्त जांच, यात्रियों और क्रू मेंबर्स का सत्यापन, बैगेज और कार्गो की रैंडम/फोकस्ड जांच, व जरूरत के हिसाब से रनवे और टर्मिनल पर सुरक्षा अलर्ट शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही और किसी भी तरह की जान-माल की हानि की सूचना नहीं मिली है |
विमानन मंत्री का सख्त संदेश: IndiGo को अपनी गलतियों की कीमत चुकानी होगी
6 Dec, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा है कि इंडिगो एयरलाइन का परिचालन संकट जल्द ही हल होने वाला है और एयरलाइन के खिलाफ कार्रवाई केवल समय की बात है। एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में विमानन मंत्री ने कहा कि इंडिगो की एक हजार से अधिक उड़ानें रद्द होने के बावजूद अन्य एयरलाइनों को कोई समस्या नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियम नवंबर में लागू होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि समस्या इंडिगो की ओर से थी।
नायडू ने बताया कि मेट्रो शहरों के हवाई अड्डों पर भीड़ कम हो गई है और दिल्ली, मुंबई, चेन्नई सहित अधिकांश हवाई अड्डों पर पिछले दिनों फंसे यात्रियों की कतारें अब खत्म हो गई हैं। इंडिगो कल से सीमित क्षमता के साथ उड़ानें फिर से शुरू करेगा और धीरे-धीरे क्षमता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिया कि यात्रियों को कल से परेशानी नहीं होगी, जबकि एयरलाइन की पूरी क्षमता पर लौटने में कुछ और दिन लग सकते हैं। नायडू ने यह भी स्पष्ट किया कि विमानन मंत्रालय और डीजीसीए ने इस तरह की स्थिति की पूर्व चेतावनी नहीं देने में कोई लापरवाही नहीं की।
विमानन मंत्री ने कहा कि नए एफडीटीएल नियमों के लागू होने के बाद इंडिगो के चालक दल से जुड़ी गड़बड़ी के कारण उसकी उड़ानों में व्यवधान आया, जिससे देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर देरी और भीड़ जमा हो गई। न्यूज एजेंसी 'एएनआई' के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रमुख हवाई अड्डों पर हुई घटनाओं के कारण विमानन मंत्रालय ने इंडिगो को एफडीटीएल नियमों में कुछ छूट दी ताकि परिचालन सामान्य हो सके।
नायडू ने कहा, एक नवंबर से डीजीसीए ने नए एफडीएल नियम लागू किए। मंत्रालय ने एयरलाइनों के साथ कम से कम छह महीने तक निरंतर संवाद भी किया। पहले इस नियम के बारे में कोई समस्या नहीं थी। एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी अन्य एयरलाइन ने अपने संचालन को ढाल लिया। लेकिन जो हुआ वह इंडिगो की चालक दल (क्रू) के प्रबंधन की गड़बड़ी के कारण हुआ। हमने सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए इंडिगो को एफडीटीएल नियमों में कुछ छूट दी।
'जांच के लिए समिति बनाई, सख्त कार्रवाई करेंगे'
उन्होंने बताया कि इस व्यवधान की जांच के लिए एक समिति बनाई गई है, जो यह देखेगी कि कहां गलती हुई और जिम्मेदार कौन है। नायडू ने कहा, जिन्होंने यह स्थिति पैदा की, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। हम इस पर सख्त कार्रवाई करेंगे। मंत्री ने कहा कि मंत्रालय की तत्काल प्राथमिकता परिचालन को सामान्य करना और यात्रियों को जरूरी मदद प्रदान करना है।
'सामान्य स्थिति बहाल करना हमारी प्राथमिकता'
उन्होंने कहा, हमारी प्राथमिकता यह है कि सामान्य स्थिति लौटे और यात्रियों को पूरी मदद मिले। हर दिन लगभग पांच लाख लोग हवाई यात्रा करते हैं। हम एफडीटीएल नियमों और नेटवर्क शेड्यूलिंग पर नजर रख रहे हैं। हम पूरी तरह जांच करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सभी एयरलाइन सावधानी बरते। सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा।
नायडू ने कहा कि मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिए थे कि दो दिनों के भीतर सामान्य परिचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। लेकिन देरी लगातार हो रही थी, इसलिए एयरलाइन को हवाई अड्डे पर भीड़ कम करने के लिए बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करने को कहा गया। उन्होंने कहा, शुरुआत में जब इंडिगो की उड़ानों में देरी हुई, हमने उन्हें दो दिनों में सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा। लेकिन कल भी देरी होती रही। इसलिए हमने इंडिगो को बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करने को कहा ताकि हवाई अड्डे पर परेशानी और भीड़ कम हो सके।
भारत में पुतिन, राष्ट्रपति ने पाया वह जो पिछले चार सालों में नहीं मिला
6 Dec, 2025 11:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रूस और यूक्रेन के बीच जंग लगातार खिंचती ही जा रही है. सैन्य मोर्चे के साथ-साथ यह संघर्ष अब आर्थिक, कूटनीतिक और वैश्विक मान्यता की लड़ाई भी बन चुका है. अमेरिका और यूरोप ने युद्ध शुरू होने के बाद रूस को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से अलग-थलग करने की कई रणनीतिक कोशिशें कीं. कड़े आर्थिक प्रतिबंध, वैश्विक वित्तीय प्रणाली से बहिष्कार और पुतिन की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को सीमित करने समेत कई तरह की कोशिशें की गई |
ऐसे माहौल में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दो दिन का भारत दौरा रूस के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत साबित हुआ. यह यात्रा सिर्फ एक द्विपक्षीय कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि रूस के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर वापसी का अवसर भी बन गई |
रूस की आर्थिक चुनौतियां, भारत की भूमिका
पश्चिमी देशों ने रूस को झटका देने के लिए उसे वैश्विक वित्तीय प्रणाली से लगभग काट दिया. विदेशी बैंकों के कार्ड रूस में बंद हो गए और रूसी बैंकों के कार्ड विदेश में काम नहीं करते. इससे रूस की अर्थव्यवस्था और कारोबार पर बड़ा असर पड़ा. रूस ने इस स्थिति का समाधान खोजने के लिए राष्ट्रीय मुद्रा में लेन-देन को बढ़ावा दिया |
यही कारण है कि पुतिन के साथ इस बार कई रूसी बैंकों के प्रमुख भी भारत आए. दोनों देशों ने वित्तीय लेन-देन को सुचारू करने, वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों पर काम करने और 2030 तक आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने पर खास जोर दिया. यह कदम रूस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत उसके लिए एक स्थिर, बड़ा और विश्वसनीय बाजार है |
पुतिन की अंतरराष्ट्रीय छवि को नई ऊर्जा
यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी जगत ने पुतिन को अंतरराष्ट्रीय मंचों से दूर रखने की कोशिश की. वे G20 जैसे बड़े शिखर सम्मेलनों में शामिल नहीं हो सके. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होने के बाद भी संयुक्त राष्ट्र महासभा को पिछले 3 साल में संबोधित करने नहीं जा सके. SCO सम्मेलन के लिए भले ही चीन गए, लेकिन उन्हें वह वैश्विक स्वीकार्यता नहीं मिली जिसकी रूस को जरूरत थी |
भारत में उनका दौरा बिल्कुल अलग संदेश देता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट जाना, निजी डिनर देना और फिर राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत, ये सब घटनाएं बताती हैं कि पुतिन अभी भी दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्था के विशेष साझेदार हैं |
भारत आकर पुतिन ने पश्चिम को यह स्पष्ट संकेत भेजा कि रूस को वैश्विक राजनीति से बाहर नहीं किया जा सकता. भारत ने भी बहुत सहजता से यह संदेश दिया कि रूस अंतरराष्ट्रीय संतुलन के लिए अब भी अनिवार्य है |
गांधी के समाधि स्थल जाना, औपचारिकता नहीं
राष्ट्रपति पुतिन का राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देना बहुत महत्वपूर्ण कदम था. पश्चिमी दुनिया गांधी को शांति और नैतिक नेतृत्व के सबसे बड़े प्रतीक के रूप में स्वीकार करती है | यूक्रेन युद्ध के बीच जब पुतिन दुनिया से शांति की अपील करते हैं, और यह अपील गांधी के स्मारक से आती है, तो इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग प्रभाव पड़ता है. यह संदेश जाता है कि रूस केवल युद्ध का चेहरा नहीं है, वह संवाद, स्थिरता और संतुलन की बात भी कर रहा है |
भारत-रूस आर्थिक विजन: भविष्य की साझेदारी
भारत और रूस ने 2030 तक के लिए एक व्यापक आर्थिक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें ऊर्जा, व्यापार, बैंकिंग, अंतरिक्ष, रक्षा और समुद्री गलियारों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है | यूरोप जहां Re-Arming Europe 2030 के माध्यम से रूस के खिलाफ सैन्य तैयारी कर रहा है, वहीं रूस ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाकर एक सामरिक- आर्थिक संतुलन खड़ा करने की कोशिश की है. यह कदम रूस को अगले दशक में पश्चिमी दबावों से निपटने की क्षमता बढ़ाएगा |
2 दिन में बड़ा संदेश: रूस अभी भी ग्लोबल पावर
सिर्फ दो दिनों में पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को तीन बड़े संकेत दे दिए. पहला, रूस अलग-थलग नहीं है. भारत जैसे बड़े देश में आकर उन्होंने यह तस्वीर बदल दी. दूसरा, दोनों के बीच आर्थिक साझेदारी मजबूत है और 2030 का ढांचा रूस के लिए सुरक्षा कवच जैसा है. इसके अलावा तीसरा, शांति का नैरेटिव- गांधी के संदेश के साथ रूस ने कूटनीतिक छवि सुधारने की कोशिश की है |
यह दौरा रूस के राजनीतिक नेतृत्व के लिए मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक राहत लेकर आया है. इससे पुतिन न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ लौटेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में पश्चिम के दबावों का सामना करने में अधिक सक्षम भी दिखाई देंगे |
देशभर में अगले साल तक पूरी तरह बंद हो जाएंगे टोल बूथ, नए व्यवस्था होगी शुरू
5 Dec, 2025 11:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देशभर में टोल टैक्स सिस्टम (Country Toll Tax System ) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने गुरुवार को कहा कि एक वर्ष में वर्तमान टोल टैक्स कलेक्शन सिस्टम (बैरियर) (Toll Tax Collection System (Barrier)) को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। टोल टैक्स को इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से चुकाया जाएगा।
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान गडकरी ने बताया कि करीब दस स्थानों पर इस नई व्यवस्था को लागू किया जा चुका है। अगले एक वर्ष के अंदर इसे पूरे देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क पर लागू कर दिया जाएगा। इससे टोल बूथ पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में करीब 10 लाख करोड़ की 4500 राजमार्ग परियोजनाएं चल रही है। बड़ी मात्रा में हाईवे निर्माण के साथ डिजिटल टोल सिस्टम लागू होने से देश में सड़क यातायात और परिवहन की रफ्तार और तेज हो जाएगी।
टोल सिस्टम पूरी तरह से डिजिटल होगा : सरकार
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (एनईटीसी) तकनीक विकसित की है। इसका मकसद टोल सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाना है। इसमें आरईआईडी यानी की रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस वाहन की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। यह हाईवे टोल प्लाजा पर वाहन गुजरने के दौरान बिना रुके चालक से जुड़े बैंक खाते से टोल राशि अपने आप काट देता है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर कहा सरकार वैकल्पिक ईंधन को प्राथमिकता दे रही है। गडकरी ने हाईड्रोजन को भविष्य का ईंधन भी करार दिया।
सरकार ने गुरुवार को बताया कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के कैशलेस उपचार की योजना के तहत किए गए कुल 6,833 अनुरोधों में से अब तक सिर्फ 5,480 पीड़ित ही पात्र पाए गए हैं। गडकरी ने कहा, सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के कैशलेस उपचार की योजना, 2025 के तहत हर दुर्घटना के मामले में पीड़ित का 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: ‘मंदिर का पैसा भगवान का है, बैंकों को बचाने के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते’
5 Dec, 2025 10:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि मंदिर में भगवान के चढ़ावे में आया पैसा आर्थिक रूप से परेशान कोऑपरेटिव बैंकों को बचाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने यह कड़ी टिप्पणी तब की, जब वे कुछ कोऑपरेटिव बैंकों की अपील पर सुनवाई कर रहे थे। इन बैंकों ने केरल हाईकोर्ट के उस निर्देश को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें तिरुनेल्ली मंदिर देवस्वम के जमा पैसे को वापस करने के लिए कहा गया था।
सीजेआई ने पूछा, आप मंदिर का पैसा बैंक को बचाने के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं? इसमें क्या समस्या है कि मंदिर की धनराशि, जो एक ऐसे सहकारी बैंक में पड़ी है जो बड़ी कठिनाई से चल रहा है, उसे एक सक्षम राष्ट्रीयकृत बैंक में स्थानांतरित कर दिया जाए जो अधिकतम ब्याज दे सके?
सीजेआई ने कहा कि मंदिर का धन देवता का होता है, इसलिए उसे संरक्षित, सुरक्षित रखा जाना चाहिए और केवल मंदिर के हित में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यह सहकारी बैंक के लिए आमदनी या अस्तित्व का साधन नहीं बन सकता। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ मनंथवाडी को-ऑपरेटिव अर्बन सोसाइटी लिमिटेड और थिरुनेल्ली सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने याचिकाएं दाखिल की थीं।
हाईकोर्ट ने पांच सहकारी बैंकों को देवस्वोम की सावधि जमा (एफडी) तोड़कर पूरी राशि दो महीने के भीतर लौटाने का निर्देश दिया था, क्योंकि बैंक बार-बार आग्रह के बावजूद परिपक्व जमा राशि वापस नहीं कर रहे थे। बैंकों के इस तर्क से सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ कि हाईकोर्ट के अचानक दिए गए निर्देश से उन्हें कठिनाई हो रही है। पीठ ने कहा कि बैंकों को लोगों के बीच विश्वसनीयता स्थापित करनी चाहिए।
कोर्ट ने कहा, आप ग्राहकों और जमाओं को आकर्षित नहीं कर पा रहे हैं, तो यह आपकी समस्या है। सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों की याचिकाए सुनने से इनकार कर दिया। हालाकि, अदालत ने बैंकों को यह अनुमति दी कि वे आदेश का पालन करने के लिए समय बढ़ाने की मांग लेकर हाई कोर्ट के पास जा सकते हैं।
यह मामला थिरुनेल्ली देवस्वोम की उस याचिका से उत्पन्न हुआ था, जिसमें कई सहकारी बैंकों द्वारा बार-बार अनुरोध के बावजूद मंदिर की सावधि जमा राशि न लौटाने की शिकायत की गई थी। बता दें कि हाईकोर्ट ने थिरुनेल्ली सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सुशीला गोपालन स्मारक महिला सहकारी सोसायटी लिमिटेड, मनंथवाडी को-ऑपरेटिव रूरल सोसाइटी लिमिटेड, मनंथवाडी को-ऑपरेटिव अर्बन सोसाइटी लिमिटेड और वायनाड टेंपल एम्प्लॉइज़ को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड को दो महीने के भीतर धनराशि लौटाने का निर्देश दिया था।
मंदिर में दीया जलाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची तमिलनाडु सरकार, उच्च न्यायालय के आदेश को दी चुनौती
5 Dec, 2025 09:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार की उस याचिका पर सुनवाई की सहमति दे दी, जिसमें मदुरै में थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित दीये को प्रज्वलित करने के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील की दलीलों को सुना और कहा कि याचिका को एक पीठ के सामने सूचीबद्ध करने पर विचार किया जाएगा।
मद्रास उच्च न्यायालय ने अरुलमिघु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर के श्रद्धालुओं को थिरुप्रनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित पारंपरिक कार्तिगई दीपम को प्रज्वलित करने की मंजूरी दी थी। पत्थर के जिस दीए ‘दीपाथून’ को प्रज्वलित किया जाना है, वह एक दरगाह के नजदीक है। इसे ही लेकर विवाद है। मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने गुरुवार को मदुरै जिलाधिकारी और शहर के पुलिस कमिश्नर की एक इंट्रा-कोर्ट अपील खारिज कर दी थी और श्रद्धालुओं को दीप प्रज्जवलित करने की मंजूरी दी थी। जिसके खिलाफ तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
भारत निष्पक्ष नहीं है, हम शांति के पक्षधर, रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर पुतिन से बोले पीएम मोदी
5 Dec, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के साथ हैदराबाद हाउस में बैठक की। इस दौरान पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष (Russia-Ukraine conflict) पर भी अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत निष्पक्ष नहीं है। भारत शांति की तरफ है।
मोदी ने पुतिन से कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष अब खत्म होना चाहिए। वह भी बातचीत और कूटनीतिक कोशिशों से। हम शांतिपूर्ण हल का समर्थन करते हैं। पीएम मोदी के इस बयान पर पुतिन ने कहा कि रूस भी संघर्ष के शांतिपूर्ण अंत के लिए काम कर रहा है।
पुतिन बोले- यूक्रेन मुद्दे के समाधान के लिए मिलकर काम कर रहे
द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा मुझे आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद। यूक्रेन मुद्दे के समाधान के लिए हम कई सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिनमें अमेरिका भी शामिल है। इस पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद। बीते वर्षों में आपने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए काफी काम किया है। हम कई नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं, जिनमें उच्च तकनीक एयरक्राफ्ट, अंतरिक्ष और एआई जैसे क्षेत्र शामिल हैं।’
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी की सराहना की
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी यूक्रेन मुद्दे पर भारत के फोकस के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार जताया। पुतिन ने कहा हमारे रिश्ते ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं, लेकिन शब्द मायने नहीं रखते बल्कि सार महत्वपूर्ण है।
‘दुनिया ने कोरोना काल के बाद से कई संकट झेले’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘कोरोनाकाल के बाद से आज तक दुनिया ने कई संकट झेले हैं। हम उम्मीद करते हैं कि बहुत जल्द दुनिया की सभी चिंताएं दूर होंगी और वैश्विक समुदाय के लिए नई उम्मीद पैदा होगी, जो दुनिया को सही राह में लेकर जाएगी।’
‘शांति की राह पर चलकर ही दुनिया का कल्याण संभव’
पीएम मोदी ने कहा ‘यूक्रेन संकट को लेकर हम लगातार संपर्क में बने हुए हैं। एक सच्चे दोस्त की तरह आपने हमें समय-समय पर हर जानकारी दी। मेरा मानना है कि विश्वास एक बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री ने कहा शांति की राह पर चलकर ही दुनिया का कल्याण किया जा सकता है। साथ मिलकर हमें शांति की राह पर आगे बढ़ना चाहिए। पिछले कुछ दिनों से जो कुछ हो रहा है, उससे मुझे विश्वास है कि दुनिया में जल्द शांति आएगी।’
प्रधानमंत्री बोले- रूस-यूक्रेन युद्ध अब खत्म होना चाहिए
मोदी ने पुतिन से कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष अब खत्म होना चाहिए। वह भी बातचीत और कूटनीतिक कोशिशों से। हम शांतिपूर्ण हल का समर्थन करते हैं। पीएम मोदी के इस बयान पर पुतिन ने कहा कि रूस भी संघर्ष के शांतिपूर्ण अंत के लिए काम कर रहा है।
पीएम मोदी बोले- आपका ये दौरा बेहद ऐतिहासिक
रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी बैठक में PM नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आपका यह दौरा बहुत ऐतिहासिक है। साल 2001 में आपके ऑफिस संभालने और पहली बार भारत आने के 25 साल पूरे हो गए हैं। आपके पहले दौरे में ही, एक रणनीतिक साझेदारी की मजबूत नींव रखी गई थी। मैं निजी तौर पर भी बहुत खुश हूं कि आपके साथ निजी स्तर पर मेरे रिश्तों ने भी 25 साल पूरे कर लिए हैं। मेरा मानना है कि 2001 में आपने जो रोल निभाया, वह इस बात का शानदार उदाहरण है कि एक दूरदर्शी नेता कैसा होता है, वह कहां से शुरू करता है और रिश्तों को कहां तक ले जा सकता है।’
मरने के बाद भी वोटर लिस्ट में नाम… SIR में 17 लाख से ज्यादा मतदाताओं को लेकर खुलासा
5 Dec, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अब कई राज्यों में भी एसआईआर प्रक्रिया कराई जा रही है. गुजरात में भी एसआईआर किया जा रहा है. गुजरात में जारी प्रक्रिया के दौरान यह पता चला कि पूरे राज्य में मौजूदा वोटर लिस्ट में 17 लाख से ज्यादा मरे हुए वोटर्स अभी भी शामिल हैं.
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के ऑफिस की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि गुजरात में SIR प्रक्रिया का काम 4 नवंबर को बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) द्वारा अपने तय इलाकों में एन्यूमरेशन फॉर्म बांटने के साथ शुरू हुआ. एसआईआर का यह काम 11 दिसंबर तक चलेगा.
सीईओ के अनुसार, “पिछले एक महीने में, 2025 के वोटर लिस्ट में दर्ज 5 करोड़ से ज्यादा वोटर्स को एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे गए हैं. राज्य के 33 में से ज्यादातर जिलों में 100 फीसदी फॉर्म बांटने का काम पूरा हो गया है. वोटर्स की ओर से भरकर लौटाए गए फॉर्म के डिजिटाइज करने का काम अभी चल रहा है. अब तक, 182 विधानसभा सीटों में से 12 सीटों पर डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो गया है.”
इनमें बनासकांठा जिले के धनेरा और थराद, दाहोद जिले के लिमखेड़ा और दाहोद (ST), अरावली जिले के बायड, राजकोट जिले के धोराजी, जसदन और गोंडल, आनंद जिले के खंभात, जूनागढ़ जिले के केशोद, नवसारी जिले के जलालपोर और खेड़ा जिले के मेहमादाबाद शामिल हैं.
राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस प्रक्रिया में डांग जिला सबसे आगे चल रहा है, और यहां पर वापस आए फॉर्म में से 94.35 फीसदी डिजिटाइजेशन का काम पूरा कर लिया गया है. आयोग के अनुसार, “इस कवायद के दौरान, यह पता चला कि पूरे राज्य में कुल वोटर लिस्ट में करीब 17 लाख मरे हुए वोटर अभी भी शामिल थे. जबकि 6.14 लाख से ज्यादा वोटर्स अपने पते पर नहीं मिले. इसके अलावा यह बात भी सामने आई है कि 30 लाख से ज्यादा वोटर स्थायी रूप से माइग्रेट कर गए हैं.”
गुजरात की वोटर लिस्ट में लाखों वोटर्स ऐसे भी है जिनके एक से अधिक वोटर कार्ड बने हुए हैं. राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान BLOs को 3.25 लाख से ज्यादा वोटर “रिपीटेड” कैटेगरी में मिले, और इसका मतलब है कि उनके नाम एक से ज्यादा जगहों पर पाए गए.
800 करोड़ के ऑनलाइन सट्टेबाजी धोखाधड़ी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
5 Dec, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। सूरत पुलिस के साइबर अपराध प्रकोष्ठ ने 800 करोड़ के ऑनलाइन सट्टेबाजी धोखाधड़ी मामले में दो आरोपियों को मुंबई हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जतिन ठक्कर उर्फ जॉन रैपर (27) और दीपकुमार ठक्कर (24) को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
साइबर अपराध प्रकोष्ठ ने इसके पहले सूरत के कतारगाम इलाके में छापेमारी कर मीत शाह, यश शिंदे, ऋषिकेश सपकाल, नीलेश सोलंकी और परेशकुमार मोदी को ऑनलाइन सट्टेबाजी पोर्टल या मंच के जरिए लोगों को ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर 149 बैंक खातों का उपयोग कर रहे थे और इन खातों के संबंध में पूरे भारत में 417 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। जतिन और दीपकुमार के फरार होने पर सूरत पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया था।
बीएलओ की मौत पर राज्य सरकारों को फटकार, जहां 10,000........वहां 30,000 स्टाफ भी तैनात हो सकता
5 Dec, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग राज्यों में चल रहे मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में लगे बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के तौर पर काम कर रहे कई पुरुषों और महिलाओं की मौत और आत्महत्या पर गंभीर चिंता जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान बीएलओ की दिक्कतों को कम करने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने संबंधित राज्यों को एसआईआर ड्यूटी के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने का आदेश दे दिया है। ताकि एसआईआर में लगे लोगों के काम के घंटे कम हो सकें और उन पर मानसिक बोझ खत्म कर सके। सुप्रीम कोर्ट बेंच ने साफ किया कि अगर बूथ लेवल ऑफिसर्स किसी खास वजहों का हवाला देकर छुट्टी मांगते हैं, तब उस पर केस-टू-केस बेसिस पर विचार होना चाहिए। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बीएलओ के काम करने के हालात और मेंटल हेल्थ के लिए राज्य सरकारों को ज़िम्मेदार ठहराया, और कहा कि जहां 10,000 स्टाफ तैनात हैं, वहां 30,000 स्टाफ भी तैनात हो सकते हैं? शीर्ष अदालत ने राज्यों को फटकार लगाकर पूछा कि ऐसा क्यों नहीं किया गया?
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों से कहा कि जो बीएलओ ड्यूटी से छूट मांग रहे हैं, खासकर अगर वे बीमार हैं या किसी और वजह से असमर्थ हैं, तब उन्हें छुट्टी दें और उनकी जगह किसी और को रखा जाए। शीर्ष अदालत ने बीएलओ को बड़ी राहत देकर कहा कि अगर राज्य की तरफ से ऐसी राहत नहीं मिलती है, तब संबंधित बीएलओ कोर्ट से सीधे संपर्क कर सकता है। शीर्ष अदालत के ये निर्देश अभिनेता विजय की तमिलगा वेत्री कझगम की याचिका के बाद आए हैं, जिसके अगले साल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनाव लड़ने की उम्मीद है।
टीवीके ने कई बीएलओ की मौत पर हुए विवाद के बीच कोर्ट का रुख किया था। तमिल पार्टी ने अपनी याचिका में कहा है कि 35 से 40 के करीब बीएलओ की मौत हो चुकी है और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट के सेक्शन 32 के तहत बीएलओ को जेल भेजने की धमकी देकर उन्हें काम करने के लिए मजबूर कर रहा है।
वहीं टीवीके ने अपनी याचिका में तर्क दिया, “हर राज्य में इसतरह के परिवार हैं, जिनके बच्चे अनाथ हो गए हैं या माता-पिता अलग हो गए हैं… क्योंकि आयोग सेक्शन 32 के नोटिस भेज रहा है।” याचिका में मौत या आत्महत्या करने वाले बीएलओ के परिजनों के लिए मुआवज़े की भी मांग की गई है। पार्टी ने कहा, …अभी बस यही अनुरोध है कि आयोग ऐसी सख्त कार्रवाई न करे। पार्टी ने दावा किया कि सिर्फ उत्तर प्रदेश में बीएलओ के खिलाफ 50 से ज़्यादा पुलिस केस दर्ज किए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट बोला- सरकारी कर्मचारियों को एसआईआर ड्यूटी निभानी होगी, राज्य सरकारों को निर्देश
5 Dec, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में वोटर्स लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारों या राज्य चुनाव आयोगों की तरफ से नियुक्त कर्मचारियों को एसआईआर की ड्यूटी निभानी होगी। भारत के चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारी एसआईआर सहित दूसरे वैधानिक कामों को करने के लिए बाध्य हैं। राज्य सरकारों का भी कर्तव्य है कि वे के लिए चुनाव आयोग को कर्मचारी उपलब्ध कराएं। कोर्ट ने कहा कि अगर एसआईआर काम में लगे बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के पास काम का बोझ ज्यादा है, तो राज्यों को और स्टाफ को काम पर लगाना चाहिए। बेंच ने कहा- इससे बीएलओ के काम के घंटे कम करने में मदद मिलेगी और पहले से ही नियमित काम के अलावा एसआईआर कर रहे अधिकारियों पर दबाव कम होगा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी- तमिलगा वेत्री कझगम की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। पार्टी ने बीएलओ के तौर पर अपनी ड्यूटी ठीक ढंग से न निभा पाने वाले लोगों के खिलाफ चुनाव आयोग की ओर से की जा रही कार्रवाई को चुनौती दी थी। पार्टी का कहना था कि ईसी काम के बोझ तले दबे बीएलओ के खिलाफ काम न कर पाने की स्थिति में जन प्रतिनिधि कानून की धारा 32 के तहत आपराधिक कार्रवाई कर रही है। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब निर्देश जारी किए हैं।
बाबा बागेश्वर के बयान पर सियासी तूफान, कई सवाल खड़े
राजनीतिक बयानबाजी तेज, उषा ठाकुर के शब्दों पर बवाल
सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ी जांच, लोगों से सतर्क रहने की अपील
IPL 2026 स्टार पर चर्चा, अश्विन ने बताया सही रास्ता
कोर्टरूम में टिप्पणी को लेकर हंगामा, महिला वकील नाराज
