देश
पालघर पुलिस स्टेशन में महिला से दुष्कर्म, आरोपी कांस्टेबल गिरफ्तार
9 Dec, 2025 11:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पालघर। महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक महिला के साथ दुष्कर्म के आरोप में कासा पुलिस स्टेशन के एक 40 वर्षीय कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया है। घटना पिछले सप्ताह थाने में तब हुई जब पीड़िता को बयान दर्ज कराने के बहाने बुलाया गया था।
पीड़ित महिला की शिकायत के अनुसार, कांस्टेबल ने थाने में उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। मामले के सामने आते ही पुलिस विभाग ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कर रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। घटना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। कासा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज को भी इस मामले के बाद ट्रांसफर कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की जांच की निगरानी कर रहे हैं।
इंडिगो संकट...........क्या डीजीसीए के फरमान के बाद भी लापरवाह बना रहा कंपनी का हाई-प्रोफाइल बोर्ड
9 Dec, 2025 10:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बीते पांच दिनों से गंभीर परिचालन संकट में है, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है। उड़ानों के लगातार रद्द और विलंब होने से एयरपोर्ट्स पर अराजकता का माहौल बना हुआ है। इस घटना ने न केवल इंडिगो के संचालन मॉडल पर सवाल उठा दिए हैं, बल्कि कंपनी के हाई-प्रोफाइल बोर्ड और उसकी आंतरिक निगरानी प्रणाली की क्षमता पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इंडिगो प्रबंधन और बोर्ड ने संकट की आशंका को देखकर कोई ठोस रणनीति बनाई गई थी।
मामले के केंद्र में पायलटों के लिए लागू होने वाले फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियम हैं, जिन्हें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने जनवरी 2024 में अधिसूचित किया था। शुरुआत में यह नियम 1 जून 2024 से लागू होने थे, लेकिन एयरलाइंस कंपनियों के विरोध के चलते इन्हें बाद में दो चरणों में 1 जुलाई और 1 नवंबर 2025 से लागू करने का फैसला हुआ। इसके बावजूद, इंडिगो इन्हें लागू करने की तैयारी समय रहते नहीं कर सकी, इसके परिणामस्वरूप पायलटों की कमी और ड्यूटी शेड्यूल में अव्यवस्था पैदा हुई और संचालन चरमरा गया।
रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो के बोर्ड में कई जानी-मानी हस्तियां हैं, लेकिन उनके बावजूद ऐसी चूक होना हैरान करने वाला है। बोर्ड में इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और एयरलाइन के सह-संस्थापक राहुल भाटिया, पूर्व जी20 शेरपा अमिताभ कांत, सेबी के पूर्व चेयरमैन दामोदरन, पूर्व एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी की मैनेजिंग पार्टनर पल्लवी श्रॉफ, ट्रांस वर्ल्ड एयरलाइंस के पूर्व वकील माइक व्हिटेकर और चेयरमैन विक्रम मेहता जैसे नाम शामिल हैं। इसके बावजूद, तैयारी में कमी उजागर होने से बोर्ड की जवाबदेही पर तीखी आलोचना हो रही है।
वहीं डीजीसीए पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या नियामक समय रहते स्थिति को भांप सका था। हालांकि डीजीसीए ने कहा है कि उसने तैयारी पूरी करने के लिए एयरलाइन को लगातार चेतावनी और निर्देश दिए थे। यह पूरा मामला न केवल प्रबंधन क्षमता, बल्कि भारत की विमानन नियामक व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी गंभीर बहस छेड़ चुका है। यात्रियों की असुविधा का सिलसिला जारी है और अब सभी की निगाहें इंडिगो की सुधारात्मक कार्रवाई पर टिकी हैं।
गिर सोमनाथ में भूकंप के हल्के झटके, किसी नुकसान की खबर नहीं
9 Dec, 2025 09:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद। गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में सोमवार सुबह 10:51 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.1 दर्ज की गई। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने बताया कि अब तक कहीं से किसी प्रकार के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
अधिकारियों के अनुसार भूकंप का केंद्र गिर सोमनाथ क्षेत्र के निकट था। झटके महसूस होने के कारण लोग बड़ी संख्या में घरों से बाहर नहीं निकल आए। फिलहाल किसी प्रकार के जान-माल के नुक्सान की कोई सूचना नहीं है। फिर भी प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
भूकंप के झटके और खतरे को लेकर भू-विज्ञान विशेषज्ञों का कहना है कि 3.1 तीव्रता के झटके सामान्य माने जाते हैं और इनमें गंभीर नुकसान की संभावना बेहद कम होती है। इसके बावजूद संबंधित विभाग सतर्कता के साथ सभी पहलुओं की निगरानी कर रहे हैं।
मप्र-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होने के मुहाने पर...
9 Dec, 2025 08:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/रायपुर। सुरक्षाबलों को सोमवार को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। कुख्यात नक्सली कमांडर एवं सेंट्रल कमेटी मेम्बर रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ छत्तीसगढ़ के बकरकट्टा में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। रामधेर मज्जी, जो कुख्यात नक्सली नेता हिडमा के समकक्ष माना जाता था। उस पर 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस बड़े आत्मसमर्पण के बाद एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़) को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है, जो इस क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों की एक निर्णायक जीत है।
आत्मसमर्पण करने वाले 12 माओवादी कैडरों में रामधेर मज्जी के अलावा तीन डिविजनल वाइस कमांडर और अन्य प्रमुख सदस्य शामिल हैं। आत्मसमर्पण के समय उनके पास से एके-47, 30 कार्बन, इंसास, .303, और एसएलआर जैसे घातक हथियारों का बड़ा जखीरा भी बरामद किया गया है। इन नक्सलियों ने पुनर्वास योजना के तहत सरेंडर किया है। उन्हें राज्य सरकार की मौजूदा पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और सामाजिक पुनस्र्थापन का आश्वासन दिया गया है।
बालाघाट जिला अब नक्सल मुक्त
बालाघाट जिले के बॉर्डर से सटे छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित थाना बकर कट्टा में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के 12 कैडर ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इन कैडरों ने अपने पास मौजूद हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंप दिए। मध्य प्रदेश का यह प्रमुख नक्सल प्रभावित जिला, जिसकी पहचान 1990 के दशक से नक्सली हिंसा और सक्रियता के लिए रही है, अब आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। यह उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्रालय की मार्च 2026 की तय समय सीमा से पहले हासिल हुई है।
अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय
बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, नक्सलियों ने पुनर्वास से पुनर्जीवन तक सरकार की नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। इससे जिला लगभग नक्सली मुक्त हो गया है। जिले में अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि वह भी जल्द सरेंडर कर देगा।
11 दिन में 33 माओवादी सरेंडर
बालाघाट में बीते 11 दिनों में दर्रेकसा और केबी डिविजन के कुल 33 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिसे माओवाद विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सोमवार को खैरागढ़ में हुए 12 सरेंडर के बाद मप्र (विशेषकर बालाघाट) में माओवाद समाप्ति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पुलिस का दावा है कि लाल आतंक लगभग खत्म होने वाला है।
स्वामी महाराज ने नर में नारायण को देखने के वैदिक सिद्धांत को साकार किया
8 Dec, 2025 11:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के प्रमुख वर्णी अमृत महोत्सव में शिरकत की। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि बीएपीएस प्रमुख स्वामी महाराज ने भक्ति और सेवा को जोड़ा और नर में नारायण को देखने के वैदिक सिद्धांत को साकार किया। उन्होंने प्रमुख स्वामी महाराज को आध्यात्मिकता और वैष्णव दर्शन को व्यापक और व्यावहारिक बनाने का श्रेय दिया। शाह के अनुसार, प्रमुख स्वामी महाराज ने कर्म और करुणा के माध्यम से दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने की प्राचीन ऋषि संस्कृति को पुनर्जीवित किया और सनातन धर्म के लिए महान कार्य किया। उन्होंने बिना कोई विशिष्ट शिक्षा दिए ही सनातन धर्म के विभिन्न संप्रदायों में संतत्व का सार स्थापित किया। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 2025 में प्रमुख स्वामी महाराज की बीएपीएस के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में शाह के अलावा, बीएपीएस प्रमुख महंत स्वामी महाराज और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अन्य लोग मौजूद थे।
गिर सोमनाथ में भूकंप के हल्के झटके, किसी नुकसान की खबर नहीं
8 Dec, 2025 09:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद। गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में सोमवार सुबह 10:51 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.1 दर्ज की गई। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने बताया कि अब तक कहीं से किसी प्रकार के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
अधिकारियों के अनुसार भूकंप का केंद्र गिर सोमनाथ क्षेत्र के निकट था। झटके महसूस होने के कारण लोग बड़ी संख्या में घरों से बाहर नहीं निकल आए। फिलहाल किसी प्रकार के जान-माल के नुक्सान की कोई सूचना नहीं है। फिर भी प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
भूकंप के झटके और खतरे को लेकर भू-विज्ञान विशेषज्ञों का कहना है कि 3.1 तीव्रता के झटके सामान्य माने जाते हैं और इनमें गंभीर नुकसान की संभावना बेहद कम होती है। इसके बावजूद संबंधित विभाग सतर्कता के साथ सभी पहलुओं की निगरानी कर रहे हैं।
इंडिगो संकट...........क्या डीजीसीए के फरमान के बाद भी लापरवाह बना रहा कंपनी का हाई-प्रोफाइल बोर्ड
8 Dec, 2025 07:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बीते पांच दिनों से गंभीर परिचालन संकट में है, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है। उड़ानों के लगातार रद्द और विलंब होने से एयरपोर्ट्स पर अराजकता का माहौल बना हुआ है। इस घटना ने न केवल इंडिगो के संचालन मॉडल पर सवाल उठा दिए हैं, बल्कि कंपनी के हाई-प्रोफाइल बोर्ड और उसकी आंतरिक निगरानी प्रणाली की क्षमता पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इंडिगो प्रबंधन और बोर्ड ने संकट की आशंका को देखकर कोई ठोस रणनीति बनाई गई थी।
मामले के केंद्र में पायलटों के लिए लागू होने वाले फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियम हैं, जिन्हें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने जनवरी 2024 में अधिसूचित किया था। शुरुआत में यह नियम 1 जून 2024 से लागू होने थे, लेकिन एयरलाइंस कंपनियों के विरोध के चलते इन्हें बाद में दो चरणों में 1 जुलाई और 1 नवंबर 2025 से लागू करने का फैसला हुआ। इसके बावजूद, इंडिगो इन्हें लागू करने की तैयारी समय रहते नहीं कर सकी, इसके परिणामस्वरूप पायलटों की कमी और ड्यूटी शेड्यूल में अव्यवस्था पैदा हुई और संचालन चरमरा गया।
रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो के बोर्ड में कई जानी-मानी हस्तियां हैं, लेकिन उनके बावजूद ऐसी चूक होना हैरान करने वाला है। बोर्ड में इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और एयरलाइन के सह-संस्थापक राहुल भाटिया, पूर्व जी20 शेरपा अमिताभ कांत, सेबी के पूर्व चेयरमैन दामोदरन, पूर्व एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी की मैनेजिंग पार्टनर पल्लवी श्रॉफ, ट्रांस वर्ल्ड एयरलाइंस के पूर्व वकील माइक व्हिटेकर और चेयरमैन विक्रम मेहता जैसे नाम शामिल हैं। इसके बावजूद, तैयारी में कमी उजागर होने से बोर्ड की जवाबदेही पर तीखी आलोचना हो रही है।
वहीं डीजीसीए पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या नियामक समय रहते स्थिति को भांप सका था। हालांकि डीजीसीए ने कहा है कि उसने तैयारी पूरी करने के लिए एयरलाइन को लगातार चेतावनी और निर्देश दिए थे। यह पूरा मामला न केवल प्रबंधन क्षमता, बल्कि भारत की विमानन नियामक व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी गंभीर बहस छेड़ चुका है। यात्रियों की असुविधा का सिलसिला जारी है और अब सभी की निगाहें इंडिगो की सुधारात्मक कार्रवाई पर टिकी हैं।
सिद्दारमैया को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस: चुनावी वादों पर भ्रष्ट आचरण का आरोप
8 Dec, 2025 05:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को सुप्रीम कोर्ट ने वरुणा सीट से उनके 2023 के चुनाव के खिलाफ दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिका वरुणा क्षेत्र के मतदाता शंकरा ने दायर की है, जिसमें निम्नलिखित की मांग की गई है कि सिद्दारमैया का चुनाव रद्द किया जाए। उन्हें अगले छह साल तक चुनाव लड़ने से रोका जाए।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि: 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में जो पांच वादे किए थे, वे मतदाताओं को रिश्वत देने के समान हैं। यह घोषणापत्र सिद्दारमैया की सहमति से जारी हुआ था, इसलिए उन पर भ्रष्ट आचरण का मामला बनता है। इतना ही नहीं याचिकाकर्ता ने इन वादों को भ्रष्ट आचरण बताकर कहा है कि इनसे पुरुषों के साथ भेदभाव हुआ, जो संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। प्रत्येक घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली, प्रत्येक महिला मुखिया को 2,000 रुपए प्रतिमाह, प्रत्येक बीपीएल परिवार के सदस्य को 10 किलो अनाज प्रतिमाह, बेरोजगार ग्रेजुएट्स को 2 साल तक 3,000 रुपए प्रतिमाह, डिप्लोमा धारकों को 1,500 रुपए प्रतिमाह और राज्य में सभी महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख
कर्नाटक हाईकोर्ट: अप्रैल में याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया था कि चुनाव में किए गए वादे करप्ट प्रैक्टिस (भ्रष्ट आचरण) की श्रेणी में नहीं आते। सुप्रीम कोर्ट (जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच): शुरुआत में बेंच ने याचिका खारिज करने की इच्छा जाहिर की है। हालांकि, अदालत को तमिलनाडु के लंबित मामले (एस. सुब्रमण्यम बालाजी बनाम तमिलनाडु सरकार, 2013) की जानकारी दी गई, जिसमें समान चुनावी वादों को भ्रष्ट आचरण माना जाए या नहीं, इस पर तीन न्यायाधीशों की बेंच के सामने चुनौती लंबित है। इसी कारण, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में भी सुनवाई की अनुमति दी और सिद्दारमैया तथा अन्य पक्षों को जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया। यह मामला भारतीय राजनीति और चुनावी नियमों के बीच एक महत्वपूर्ण कानूनी बहस बन गया है। सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को कानूनी रूप से भ्रष्ट प्रैक्टिस माना जा सकता है या नहीं।
सपा में बड़ा उलटफेर संभव? अखिलेश यादव ने पूर्व विधायक से की गुपचुप मुलाकात! जानें क्या है 'हाथ पकड़ने' का राज?
8 Dec, 2025 03:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
UP Politics Controversy: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में अखिलेश सहारनपुर के एयरपोर्ट पर एक युवक का हांथ पकड़कर किनारे पर ले जाते हैं और उससे कुछ गुफ्तगू करते हैं. अब इस वीडियो में बातचीत के कई मायने निकाले जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर सब पूछ रहे हैं कि आखिर दोनों के बीच क्या ‘सीक्रेट मीटिंग’ हुई? फिलहाल सामने आए इस वीडियो को विधानसभा चुनाव 2027 से जोड़कर देखा जा रहा है.
दरअसल, रविवार को अखिलेश यादव सहारनपुर में शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे. वहां से खाली होने के बाद वो सीधे सरसावा एयरपोर्ट पहुंचे. सरसावा एयरपोर्ट पर उनकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई, जिसे अखिलेश यादव ने किनारे पर ले जाकर कुछ समय तक बातचीत की. अखिलेश ने जिससे बात की वह कोई और नहीं बल्कि बसपा का पूर्व विधायक है. इसके बाद भाजपा में रहा, जहां सहारनपुर देहात सीट से 2017 में चुनाव लड़ा. लेकिन 2022 में भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर लिया. अब वे देवबंद विधानसभा से चुनावी तैयारी करने में जुटे हैं.सपा में बड़ा उलटफेर संभव? अखिलेश यादव ने पूर्व विधायक से की गुपचुप मुलाकात! जानें क्या है 'हाथ पकड़ने' का राज?
2027 विधानसभा में बड़ी जिम्मेदारी की संभावना
इसी बीच हाल ही में उनकी मुलाकात एयरपोर्ट पर अखिलेश यादव से हुई. अखिलेश के साथ हुई इस पर्सनल बातचीत के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. माना जा रहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कोई बड़ी जिम्मेदारी या टिकट मिल सकता है. वीडियो सामने आने के बाद राजनीति के गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. हालांकि दोनों के बीच क्या बातचीत हुई. अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है.
पत्नी भी रह चुकी हैं जिला पंचायत अध्यक्ष
वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद कार्यकर्ताओं से लेकर शुभचिंतकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है कि आखिर क्या बातचीत हुई. बता दें, सपा नेता मनोज चौधरी देवबंद विधानसभा क्षेत्र से काफी एक्टिव हैं और अभी से मेहनत करने में जुटे हैं. पहली बार मनोज देवबंद से ही बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. उनकी पत्नी भी बसपा से ही जिलाध्यक्ष रह चुकी हैं. मायने चाहे जो भी रहे हैं कि राजनीतिक गलियारों में हलचल जरूर मच गई है.
दिल्ली से मस्कट-अम्मान: PM मोदी की यात्रा से खुलेगा नौकरी और निवेश का रास्ता? पढ़ें हर भारतीय के काम की खबर
8 Dec, 2025 01:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Modi Visit Oman Jordan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर दुनिया के नक्शे पर भारत की धाक जमाने के लिए तैयार हैं. कूटनीतिक गलियारों से खबर आ रही है कि पीएम मोदी इसी महीने ओमान और जॉर्डन की महत्वपूर्ण यात्रा पर जा सकते हैं. यह दौरा सिर्फ हाथ मिलाने तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसके पीछे ‘मिशन वेस्ट एशिया’ का एक बहुत बड़ा ब्लूप्रिंट छिपा है.
ओमान के साथ होगा ‘महासमझौता’
इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण ओमान के साथ होने वाला ‘कॉम्प्रीहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट’ (CEPA) है. पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच इस पर गहन चर्चा चल रही है. अगर पीएम मोदी की मौजूदगी में इस पर मुहर लगती है, तो भारत और ओमान के बीच व्यापार के नए दरवाजे खुल जाएंगे. इससे न केवल भारतीय सामान ओमान के बाजारों में सस्ता होगा, बल्कि भारत के लिए खाड़ी देशों (Gulf Countries) में अपनी पकड़ मजबूत करना और आसान हो जाएगा.
कूटनीति की नई बिसात
भारत मिडिल-ईस्ट में शांति का समर्थक रहा है. इसके अलावा, भारत जनवरी में होने वाली एक ‘मेगा अरब मीटिंग’ की तैयारी भी कर रहा है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस बैठक में सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी भी शामिल हो सकते हैं. हाल के समय में सीरिया में हुए सत्ता परिवर्तन और वहां की अस्थिरता के बावजूद, भारत ने मानवीय सहायता भेजकर यह साफ कर दिया है कि वह पुरानी दोस्ती निभाने और नए रिश्तों को धार देने में पीछे नहीं हटने वाला.
जनवरी में दिल्ली बनेगा ‘अरब वर्ल्ड’ का केंद्र
भारत सरकार जनवरी 2025 में अरब लीग के विदेश मंत्रियों की एक बड़ी बैठक की मेजबानी करने जा रही है. विदेश मंत्रालय इसके लिए जोर-शोर से तैयारियों में जुटा है. पीएम मोदी की ओमान और जॉर्डन यात्रा को इसी मेगा इवेंट की ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ तैयार करने के तौर पर देखा जा रहा है. भारत अब अरब देशों के साथ केवल कच्चे तेल का खरीदार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक साझीदार (Strategic Partner) बनकर उभर रहा है.
CM योगी का बड़ा बयान: "यूपी में घुसपैठियों के लिए लाल कालीन नहीं, सफाई जरूरी...जानें सरकार का अगला एक्शन प्लान
8 Dec, 2025 01:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को लेकर सख्त एक्शन लेने का संकेत दिया है. सीएम ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘योगी की पाती’ लिखकर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने बताया कि घुसपैठियों को बर्दास्त नहीं किया जाएगा, सुदृढ़ कानून व्यवस्था ही हमारी पहचान है.
सीएम योगी ने अपने ‘योगी की पाती’ में लिखा, “मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने एक प्रकरण की सुनवाई के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि घुसपैठियों के लिए लाल कालीन नहीं बिछाई जा सकती है. इससे स्पष्ट है कि घुसपैठिये किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं. संसाधनों पर अधिकार नागरिकों का है, घुसपैठियों का नहीं है. उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई प्रारम्भ की गई है. सभी नगरीय निकायों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.”
अनाधिकृत बोझ की सफाई जरूरी
इसके आगे उन्होंने लिखा, “सार्वजनिक संसाधनों पर अनधिकृत बोझ की सफाई भी आवश्यक है. योजनाओं के माध्यम से वंचितों को मिलने वाले लाभ को बंटने नहीं दिया जा सकता है. इसी उद्देश्य से दस्तावेज सत्यापन का विशेष अभियान चलाया जा रहा है और घुसपैठियों को चिह्नित कर उन्हें डिटेंशन केंद्रों में भेजा जा रहा है, ताकि अग्रिम कार्यवाही की जा सके. इसके लिए प्रत्येक मंडल में डिटेंशन केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं.”
प्रदेश की जनता से की अपील
मैं प्रदेश की जागरुक जनता से अपील करता हूं कि सतर्क रहे और घरेलू अथवा व्यावसायिक कार्यों में किसी भी व्यक्ति को नियोजित करने से पूर्व उसकी पहचान अवश्य सुनिश्चित करे। प्रदेश की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि सुरक्षा ही समृद्धि का आधार है।
हैदराबाद में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद मेमोरियल पर शुरू हुई चर्चा
8 Dec, 2025 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तहरीक मुस्लिम शब्बन के प्रेसिडेंट बोले- बाबर के नाम से परेशान नहीं होना चाहिए
हैदराबाद। तहरीक मुस्लिम शब्बन ने ग्रेटर हैदराबाद में बाबरी मस्जिद मेमोरियल और वेलफेयर इंस्टीट्यूशन बनाने के प्लान का ऐलान किया है। यह फैसला मस्जिद गिराए जाने की 33वीं बरसी पर बाद लिया गया। संस्था के प्रेसिडेंट मुश्ताक मलिक ने कहा हम जल्द ही ऐलान करेंगे कि यह कैसे और कितने समय में बनाया जाएगा।
मलिक ने कहा कि बाबर के नाम से किसी को परेशान नहीं होना चाहिए, उन्होंने दावा किया कि यह मुद्दा पॉलिटिकल प्रोपेगैंडा है। इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण की नींव रखी है। कबीर ने दावा किया कि वह कुछ भी गैर-कानूनी नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कोई भी मंदिर बना सकता है, कोई भी चर्च बना सकता है। मैं मस्जिद बनाऊंगा।
तुलसी की रामचरित मानस में जिक्र नहीं
तहरीक मुस्लिम शब्बन के प्रेसिडेंट ने आरोप लगाया कि अगर हम तुलसीदास की रामायण देखें, तो वह बाबरी मस्जिद बनने के 60 साल बाद लिखी गई थी। उस रामायण में इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि राम मंदिर तोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि बाबर के बाद हुमायूं का राज आया, और उसके बाद अकबर का। अकबर के महल में रस्में और प्रार्थनाएं होती थीं। जोधाबाई अकबर के महल में थीं। रस्में, प्रार्थनाएं और हवन होते थे। उस समय तुलसीदास भी जिंदा थे। अकबर के समय में, तुलसीदास अकबर से बात कर सकते थे। मान सिंह उस समय आर्मी चीफ थे। वह उनसे पूछ सकते थे। ऐसी बात तुलसी दास की रामायण में नहीं आती है। मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि यह देश को बांटने के लिए पॉलिटिकल प्रोपेगैंडा है। इससे हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और दलितों के बीच जो भाईचारा था, वह टूट गया है, और नफरत के बीज बोए गए हैं।
पलाश का सख्त रुख: शादी मामले में करेंगे लीगल एक्शन
8 Dec, 2025 10:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। संगीतकार और निर्देशक पलाश मुछाल और क्रिकेटर स्मृति मंधाना की शादी को लेकर पिछले कई दिनों से अलग-अलग खबरें सामने आ रही थीं। 23 नवंबर को दोनों की शादी होनी थी, लेकिन फिलहाल स्मृति के पिता की तबीयत खराब होने की बात कहकर शादी टाली गई थी। उसके बाद इस मामले में तरह-तरह की खबरें सामने आई थीं। अब इस मामले में पलाश मुछाल ने खुद बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपनी जिंदगी में आगे बढऩे का तय किया है और अपने रिश्ते से पीछे हट रहे हैं। पलाश ने बयान जारी कर ये साफ किया है कि उनकी और स्मृति मंधाना की शादी अब टूट चुकी है।
देश के लिए गौरव का पल: संसद में PM मोदी आज करेंगे 'वंदे मातरम' पर चर्चा, जानिए इस गीत का महत्व और इतिहास
8 Dec, 2025 09:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Vande Mataram debate in Parliament आज लोकसभा में शुरू होने जा रही है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष चर्चा की शुरुआत करेंगे। इस बहस में वंदे मातरम के इतिहास, इसके स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और इसके व्यापक सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा। साथ ही इस चर्चा के दौरान गीत से जुड़ी कई कम ज्ञात ऐतिहासिक बातें भी सामने आ सकती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा 7 नवंबर 1875 को साहित्यिक पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में प्रकाशित इस गीत की प्रासंगिकता पर भी बात कर सकते हैं। विपक्ष भी पीएम मोदी की टिप्पणियों का इंतजार कर रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर 1937 में फैजाबाद सेशन के समय गीत की मूल पंक्तियों में बदलाव का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि उस फैसले ने विभाजन को बढ़ावा दिया। वहीं, कांग्रेस का दावा है कि यह निर्णय रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर लिया गया था, ताकि सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जा सके।
राज्यसभा में मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विषय पर चर्चा की शुरुआत कर सकते हैं। चर्चा के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एनडीए सांसदों को लोकसभा में इस 10 घंटे की बहस में से तीन घंटे का समय दिया गया है।
इधर, शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले ही विवाद तब बढ़ गया जब राज्यसभा सचिवालय ने सांसदों को ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ जैसे शब्दों के प्रयोग से बचने की सलाह दी। विपक्ष ने इस पर सरकार को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि एनडीए भारत की एकता और स्वतंत्रता का प्रतीक माने जाने वाले शब्दों से असहज है।
19 दिसंबर तक जारी रहने वाले इस सत्र में वंदे मातरम पर बहस के राजनीतिक रूप से गरम रहने की उम्मीद है।
देश में फिर बिगड़ेगा मौसम: 8-9 दिसंबर को तेज हवाएं और भारी बारिश का अनुमान
8 Dec, 2025 09:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद। मौसम विभाग ने 8 और 9 दिसंबर के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
मानसून के दौरान सबसे पहले बारिश की शुरुआत करने वाला केरल अब भी लगातार बारिश झेल रहा है। मानसून के लौटने के बाद भी यहां मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ। विभाग का कहना है कि 8 और 9 दिसंबर को केरल में भारी बारिश हो सकती है। इन दिनों के दौरान तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। दक्षिण भारत में समुद्री हवाओं के सक्रिय होने के कारण बारिश का असर अधिक देखा जा सकता है।
मौसम विभाग के ताज़ा अनुमान के अनुसार, देश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों में मौसम बिगड़ सकता है। 8 और 9 दिसंबर तक कई राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है।
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