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टोल प्लाजा से पहले गाड़ी रोक दूल्हे ने किया दुल्हन को किस, वीडियो बना किया वायरल
10 Dec, 2025 09:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हलियापुर स्थित टोल प्लाजा पर ‘एंट्री ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (एटीएमएस) पर सीसीटीवी का दुरुपयोग कर अश्लील वीडियो बनाए जाने की लिखित शिकायत सीएम योगी से की है। शिकायतकर्ता ने टोल मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाया कि सीसीटीवी से लोगों की निजी गतिविधियों की अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है। इस शिकायत के बाद ऐसे कई मामले सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। ऐसा ही एक मामला एक नवविवाहित जोड़े से जुड़ा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शादी के कुछ दिन बाद यह जोड़ा लखनऊ जा रहा था। टोल प्लाजा से कुछ पहले गाड़ी रुकने के दौरान दूल्हे ने दुल्हन को किस किया। टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी को जूम कर इसका वीडियो बना लिया गया और फिर ब्लैकमेलिंग की गई। रुपए लेने के बाद भी आरोपियों ने वीडियो वायरल कर दिया। ऐसे किसी वायरल वीडियो की सत्यता की हम पुष्टि नहीं करते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक इस बारे में पूछे जाने पर टोल प्लाजा मैनेजर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मैनेजर का कहना कि यह मामला उसके संज्ञान में है। टोल पर सात कर्मचारी हैं। जांच की जा रही कि वीडियो बनाकर किसने यह हरकत की है। शिकायत करने वाले लोगों ने सीएम को भेजे पत्र में लिखा कि पूर्वाचल एक्सप्रेस वे पर हलियापुर टोल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की दिशा आसपास मौजूद गांवों की तरफ कर दी जाती है। यहां कैमरे को शौच करने जाने वाली महिलाओं का अश्लील वीडियो बनाया जाता है। इसके अलावा घर के बाहर निकलने वाली लड़कियों की गतिविधियों को भी कैमरे में कैद किया जाता है। बाद में उनसे संपर्क कर उन्हें ब्लैकमेल कर धन वसूली जाती है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दो महीने पहले मिल्कीपुर के एक युवक से वीडियो दिखकर उससे 10,000 रुपए की वसूली की गई। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर 144 किमी पर एक ट्रक चालक और महिला के मामले में भी वसूली की गई। इसके अलावा 25 अक्टूबर को भी एक नवविवाहिता जोड़े का अश्लील वीडियो बनाया गया। यह वीडियो बल्दीराय थाने के माइल्ड स्टोन 93 के पास बनाई गई। इस मामले में युवक से 32,000 रुपए की वसूली की गई। इसके बाद भी आरोपियों ने इस वीडियो को वायरल कर दिया।
आरोपों के बारे में टोल प्लाजा मैनेजर ने कहा कि हमारे स्टाफ में 7 कर्मचारी हैं। यह वीडियो हमारे स्टाफ के किसी कर्मचारी ने बनाकर वायरल किया है। इसकी जांच की जा रही है। इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है, मैंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया है, मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप गलत हैं। जांच चल रही है जल्द आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
इंडिगो पर सरकार का 'डंडा...10% फ्लाइट्स रद्द करने का आदेश, CEO मीटिंग में जोड़ते दिखे हाथ...जानें यात्रियों पर क्या होगा सीधा असर
10 Dec, 2025 08:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Action on IndiGo: इंडिगो संकट के बीच सरकार ने एयरलाइन पर बड़ा एक्शन लिया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो की 10 प्रतिशत फ्लाइट कैंसिल करने का फैसला लिया है. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने ये निर्देश इंडिगो के सीईओ के साथ हुई मीटिंग के दौरान दिए.
मीटिंग के दौरान हाथ जोड़े नजर आए इंडिगो के CEO
मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग की. इस दौरान इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स हाथ जोड़े नजर आए. इंडिगो पर की गई कार्रवाई की जानकारी खुद नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने दी है.
’10 प्रतिशत कटौती का आदेश दिया’
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘पिछले हफ्ते इंडिगो के क्रू रोस्टर, उड़ान कार्यक्रम और अपर्याप्त संचार के आंतरिक कुप्रबंधन के कारण कई यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा. जांच और आवश्यक कार्रवाई जारी रहने के दौरान, इंडिगो के शीर्ष प्रबंधन के साथ एक और बैठक हुई. जिसमें स्थिरता उपायों की समीक्षा की गई. आज फिर, इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को अपडेट देने के लिए मंत्रालय में बुलाया गया. उन्होंने पुष्टि की कि 6 दिसंबर तक प्रभावित उड़ानों के लिए 100% रिफंड पूरे हो चुके हैं. शेष रिफंड और सामान सौंपने के काम में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.
मंत्रालय इंडिगो के सभी मार्गों पर उड़ानों की संख्या कम करना जरूरी समझता है, जिससे एयरलाइन के संचालन को स्थिर करने और रद्दीकरण में कमी लाने में मदद मिलेगी. 10% की कटौती का आदेश दिया गया है. इसका पालन करते हुए इंडिगो पहले की तरह अपने सभी गंतव्यों पर उड़ानें जारी रखेगी. इंडिगो को मंत्रालय के सभी निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें किराया सीमा और बिना किसी अपवाद के यात्री सुविधा उपाय लागू किए जाएंगे.’
‘ऐसी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी’
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि किसी एयरलाइन को इतनी बड़ी असुविधा और यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों (safety standards) को उच्चतर रखना महत्वपूर्ण है.
सरकार ने इंडिगो को स्पष्ट संदेश दिया है कि भविष्य में ऐसे संचालन-गड़बड़ियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. अगर इंडिगो नए शेड्यूल को समय पर प्रस्तुत नहीं करती है, या फिर सुधार नहीं दिखाएगी, तो और अधिक कड़े कदम उठाए जा सकते हैं.
रामलला के दर्शन करते पुतिन, मोदी और योगी की एआई जनरेटेड तस्वीर हुई वायरल
10 Dec, 2025 08:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरा पूरा कर स्वदेश वापस लौट चुके हैं, लेकिन उनकी एआई जनरेटेड कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। ऐसी ही एक तस्वीर में पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ राम मंदिर, अयोध्या में रामलला के दर्शन करते नजर आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल इस तस्वीर के साथ ही दावा किया गया, कि रुस के राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी और योगी के साथ अयोध्या में हिंदू धर्म के आराध्य राम के दर्शन किए। एआई की मदद से तैयार तस्वीर की सच्चाई अब सभी के सामने आ गई है। दरअसल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 4-5 दिसंबर को भारत का दौरा किया था। इस दौरान पुतिन और पीएम मोदी ने 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। जबकि तस्वीर वायरल करते हुए फेसबुक यूजर ने लिखा है, कि वाह! मोदी जी आपने तो राम मंदिर के भी दर्शन करवा दिए पुतिन को। वाकई में अगर दिमाग हो तो... यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इसी बीच जानकारों ने यह भी बताया कि पुतिन के शेड्यूल में राम मंदिर का दौरा नहीं था, ऐसे में यह एआई जनरेटेड तस्वीर है, जिस पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। यहां बताते चलें कि भारत दौरे के दौरान पुतिन ने राष्ट्रपति भवन, राजघाट, भारत मंडपम और हैदराबाद हाउस में अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था।
पटना एयरपोर्ट पर 24 उड़ानें अचानक रद्द, सबसे ज्यादा प्रभावित हैदराबाद और दिल्ली रूट
9 Dec, 2025 10:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदेश में पढ़ने वाले छात्रों, कामकाजी लोगों और मरीजों को झेलना पड़ा मानसिक तनाव
पटना। पटना एयरपोर्ट पर सोमवार का दिन यात्रियों के लिए परेशानी भरा रहा। इंडिगो की एक–दो नहीं, बल्कि कुल 24 उड़ानों को अचानक रद्द कर दिया गया। पिछले कई दिनों से जारी फ्लाइट रद्द होने की समस्या चरम पर पहुंच गई और इसका सीधा असर हजारों यात्रियों पर पड़ा। इंडिगो ने फिर वही पुराना कारण ऑपरेशनल इश्यू बताकर कैंसिलेशन की पुष्टि कर दी, लेकिन यात्रियों को इससे होने वाली भारी परेशानी का कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। सबसे ज्यादा प्रभावित हैदराबाद और दिल्ली रूट रहे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रद्द की गई 24 उड़ानों में 10 इनबाउंड और 14 आउटबाउंड शामिल थीं। दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता से आने-जाने वाली इन उड़ानों पर निर्भर लोग सुबह से काउंटरों पर लाइन में लगे रहे। कई यात्रियों ने 3–4 घंटे तक इंतजार के बाद कैंसिलेशन की जानकारी मिलने पर नाराजगी जताई। दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता से पटना आने वाली दस फ्लाइटें पूरे दिन रद्द रहीं। इनमें दिल्ली रूट से तीन उड़ानें और हैदराबाद से चार उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं।
रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक दिक्कत उन यात्रियों को हुई जिनकी दिल्ली या हैदराबाद से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें थीं। अचानक कैंसिलेशन के कारण कई लोगों की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई। विदेश में पढ़ने वाले छात्रों, कामकाजी लोगों और मरीजों को भारी मानसिक दबाव झेलना पड़ा। दूसरी एयरलाइंस में तत्काल टिकट दोगुनी–तिगुनी कीमत पर मिल रहे हैं। सरकार द्वारा हवाई किराया नियंत्रित करने के निर्देश जारी किए जाने के बावजूद कीमतों में कोई खास राहत नहीं दिखाई दे रही है। कई परिवारों ने होटलों का खर्च उठाया, क्योंकि अगली उड़ानें अगले दिन या उससे भी आगे की उपलब्ध थीं।
पटना एयरपोर्ट के डोमेस्टिक टर्मिनल पर सुबह 6 बजे से ही लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। बुजुर्ग और महिलाएँ घंटों इंतजार में परेशान रहीं। कई लोग तो इस उम्मीद में बैठे रहे कि शायद उड़ान पुनः बहाल हो जाए, पर ऐसा नहीं हुआ। इंडिगो ने एक संक्षिप्त नोट जारी कर कहा कि ऑपरेशनल कारणों से उड़ानें रद्द की गई हैं और यात्रियों को रिफंड, री–बुकिंग या क्रेडिट शेल की सुविधा दी जा रही है। पटना से बड़े रूटों पर लगातार उड़ानों का रद्द होना इस बात का संकेत है कि यदि व्यवस्था नहीं सुधरी, तो आने वाले दिनों में यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है।
ससुराल में बेइज्जती नहीं हुई बर्दाश्त, घर आकर पत्नी से मारपीट कर जिंदा जलाया
9 Dec, 2025 09:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महिला ने अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस ने आरोपी पति को किया गिरफ्तार
गुरुग्राम। ससुराल में कहासुनी का बदला लेने के लिए पति ने पत्नी से मारपीट की। इसके बाद पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। घटना 30 नवंबर रात की बताई जा रही है। अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को महिला की मौत हो गई। इस मामले में महिला के मायकेवालों की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपित पति को गिरफ्तार कर लिया है। मृत महिला की पहचान रायसीना की रहने वाली 37 साल की नीतू के रूप में हुई।
पुलिस के मुताबिक एक दिसंबर को सोहना अस्पताल से महिला के आग लगने से झुलसने की सूचना मिली थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे पहले गुरुग्राम फिर रोहतक रेफर किया गया था। पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर महिला के बयान दर्ज किए। बयान में महिला ने कहा था कि उसकी शादी 16 साल पहले रायसीना के रहने वाले आनंद से हुई थी। 30 नवंबर की रात आनंद शराब पीकर घर आया और झगड़ा करने के बाद उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसने घर में खड़ी बाइक से पेट्रोल निकालकर इसके ऊपर छिड़क दिया और लाइटर से आग लगा दी।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सोमवार को रायसीना गांव से आरोपी पति आनंद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित ने पूछताछ में बताया कि कुछ दिन पहले उसकी ससुराल में साली की शादी थी। इस दौरान ससुरालवालों से कहासुनी हो गई थी। इसकी रंजिश रखते हुए इसने 30 नवंबर को नीतू से मारपीट के बाद आग लगा दी थी।
हिमाचल में भारत-इंडोनेशिया संयुक्त अभ्यास गरुड़ शक्ति प्रशिक्षण स्कूल में जारी
9 Dec, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इसका उद्देश्य दोनों देशों के विशेष बलों के बीच आपसी समझ, सहयोग को मजबूत करना
नई दिल्ली। भारत-इंडोनेशिया संयुक्त विशेष बल अभ्यास गरुड़ शक्ति का 10वां संस्करण हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित विशेष बल प्रशिक्षण स्कूल में जारी है। यह अभ्यास 3 से 12 दिसंबर तक चलेगा। भारतीय सेना की तरफ से एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि भारत-इंडोनेशिया संयुक्त विशेष बल अभ्यास गरुड़ शक्ति का 10वां संस्करण बकलोह स्थित विशेष बल प्रशिक्षण स्कूल में चल रहा है। इस अभ्यास का उद्देश्य अर्ध-पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद-रोधी अभियानों की योजना बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने में अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाना है। मुख्य फोकस क्षेत्रों में हेलीबोर्न ऑपरेशन, लड़ाकू शूटिंग और ड्रोन व सी-यूएएस प्रणालियों का इस्तेमाल शामिल है, जो भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत रक्षा साझेदारी को और मजबूत करेगा।
बता दें भारतीय सैन्य दल का प्रतिनिधित्व पैराशूट रेजिमेंट के सैनिक कर रहे हैं, जबकि इंडोनेशियाई सैन्य दल में इंडोनेशियाई विशेष बल के जवान शामिल हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के विशेष बलों के बीच आपसी समझ, सहयोग और अंतरक्रियाशीलता को मजबूत करना है। इस अभ्यास में आतंकवाद-रोधी वातावरण में सैन्य-स्तरीय रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें निहत्थे युद्ध तकनीकें, लड़ाकू गोलीबारी, स्नाइपिंग, हेलीबोर्न ऑपरेशन और अर्ध-पहाड़ी इलाकों में ड्रोन, काउंटर-यूएएस और लोइटर-म्यूनिशन हमलों की योजना बनाना शामिल है। इस प्रशिक्षण में हथियारों, उपकरणों और परिचालन प्रणाली पर विशेषज्ञता और जानकारी का आदान-प्रदान भी शामिल है।
शारीरिक फिटनेस, सामरिक अभ्यास और उच्च तीव्रता वाले युद्ध प्रशिक्षण पर जोर देने के लिए तैयार किया गया यह संयुक्त प्रशिक्षण, दोनों सैन्य दलों की सहनशक्ति, समन्वय और युद्ध तत्परता का परीक्षण करने के लिए वास्तविक दुनिया के परिचालन परिदृश्यों का अनुकरण करते हुए एक सत्यापन अभ्यास में परिणत होगा। यह अभ्यास रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने तथा दोनों मित्र राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
चार नए पुलों के बनने से सेना व पर्यटकों की आवाजाही सुगम और सुरक्षित होगी: कंगना
9 Dec, 2025 07:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिमला। बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए किए जा रहे निरंतर विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र ने हमेशा हिमाचल की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को सशक्त करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की सड़के प्रदेश की जीवन रेखा हैं और केंद्र सरकार द्वारा सड़क व पुल निर्माण के क्षेत्र में किए गए कार्य आने वाले सालों में प्रदेश की प्रगति की मजबूत नींव सिद्ध होंगे।
कंगना ने मनाली–लेह सामरिक मार्ग पर सीमा सड़क संगठन के प्रोजेक्ट दीपक द्वारा निर्मित चार अहम परियोजनाओं के वर्चुअल उद्घाटन पर केंद्र सरकार और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार माना। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से अब सेना के भारी-भरकम वाहनों और पर्यटकों की आवाजाही पहले से कहीं ज्यादा आसान, सुगम और सुरक्षित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बीआरओ द्वारा करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से इन परियोजनाओं का निर्माण किया गया है, जिनमें 70 मीटर लंबा शोगटोंग ब्रिज, जिंगजिंगबर में दो मल्टी-सेल बॉक्स ब्रिज और कीलिंग सराय में 60 मीटर लंबा यूनम ब्रिज शामिल हैं। सभी पुल अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किए गए हैं ताकि हर मौसम में भारी वाहनों की आवाजाही संभव हो सके।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को लेह से देशभर की 125 परियोजनाओं का लोकार्पण कर उन्हें देश को समर्पित किया था। इन पुलों के निर्माण से मनाली–लेह मार्ग पर सालों से चली आ रही एवलांच जोन, उफनते नालों और कच्चे रास्तों की समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी। पहले जहां सेना के काफिलों और आम यात्रियों को जोखिम भरे मार्ग से गुजरना पड़ता था, वहीं अब नए पुलों के जरिए यात्रा ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद हो जाएगी। सांसद कंगना ने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल सामरिक दृष्टि से देश की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी व्यापक बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हिमाचल के विकास के लिए निरंतर सहयोग देने के लिए आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के मजबूत नेतृत्व में प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
यूं ही याचिकाएं दाखिल करते रहेंगे, तो एसआईआर के मुद्दे की सुनवाई कब होगी?
9 Dec, 2025 05:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कई राज्यों से लगातार दाखिल हो रही याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट नाराज
नई दिल्ली। देश के कई राज्यों से एसआईआर पर लगातार दाखिल हो रही याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कड़ी नाराजगी जाहिर की। सीजेआई सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर आप लोग यूं ही याचिकाएं दाखिल करते रहेंगे, तो एसआईआर के मुख्य मुद्दे की सुनवाई कब होगी? उन्होंने कहा कि इतनी ज्यादा याचिकाएं दायर होने से मुख्य मामले की सुनवाई पर भी असर हो रहा है।
इसके साथ ही सीजेआई ने यह भी कहा कि लगता है सभी राजनीतिक व्यक्ति यहां सिर्फ सुर्खियां बटोरने आ रहे हैं। कोर्ट ने यूपी, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और तमिलनाडु से आई कई याचिकाओं पर असंतोष जताते हुए कहा कि “दाखिल करते रहिए, राजनीतिकरण करते रहिए।” अलग-अलग राज्यों की याचिकाओं को अलग-अलग श्रेणी में विभाजित किया जाए, ताकि मुख्य मुद्दे पर सुनवाई सुचारू रूप से की जा सके। तीन अलग-अलग राज्यों से संबंधित एसआईआर मामलों को अगले हफ्ते तीन अलग-अलग तारीखों पर सूचीबद्ध किया जाए।
रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि यूपी जैसा बड़ा राज्य तय टाइमलाइन में एसआईआर पूरा नहीं कर पाएगा। इस पर सीजेआई ने यूपी की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगले मंगलवार को सुनवाई होगी। सीजेआई ने फिर दोहराया कि आप लोग इसी तरह नई-नई याचिकाएं लाते रहेंगे, तो मुख्य केस की सुनवाई कैसे होगी? तमिलनाडु एसआईआर मुद्दे पर एक वकील ने कहा कि राज्य के प्रवासी मजदूर पोंगल के बाद ही लौटते हैं, इसलिए कोर्ट को इसे ध्यान में रखना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह पहले बिहार मामले को प्राथमिकता देगी, क्योंकि उसमें होने वाला फैसला सभी राज्यों को प्रभावित करेगा।
एसआईआर के कार्य में लगे बीएलओ को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बीएलओ से जुड़े सभी निर्देश पूरे देश में लागू होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं में बीएलओ की सुरक्षा और प्रशासनिक निर्देश पूरे देश में लागू होंगे, ये सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं हैं।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि जमीनी स्तर पर बीएलओ को मिल रही धमकियां गंभीर मुद्दा बन सकती हैं। इनकी सुरक्षा नजरअंदाज नहीं की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। उसने कहा कि बीएलओ से जुड़े निर्देश देश भर में लागू होंगे। इस सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कहा कि बीएलओ की सुरक्षा राज्य पुलिस के सहयोग पर निर्भर है। जरूरत पड़ी तो केंद्रीय बल तैनात किए जा सकते हैं। प्रभावित कर्मचारी राज्य ईसीआई और जिला निर्वाचन अधिकारी से सुरक्षा के लिए संपर्क कर सकेंगे। मतदाता नामांकन और नागरिकता से जुड़े मामलों की अगली सुनवाई 17 को होगी।
खुशखबरी : PM किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त का इंतजार खत्म...खाते में कब आएंगे 2000 जानें जारी होने की 'सटीक तारीख' और नया अपडेट
9 Dec, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Kisan Yojana 22nd Installment: आज भी देश की बड़ी आबादी खेती-किसानी कर अपना खाना-खर्चा चलाती है. केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के ऐसे ही लाखों-करोड़ों गरीब किसानों को उनकी मेहनत के लिए सम्मान के रूप में आर्थिक सहायता दी जाती है. जिससे वे आसानी से अपना जीवन यापन कर सकें.
बता दें, पीएम किसान सम्मान योजना के तहत देश के किसानों को साल भर में 6000 रुपये दिए जाते हैं, 2000-2000 रुपये की तीन किस्तों में दी जाती है. इसकी 21वीं किस्त नवंबर के महीने में जारी हुई थी. जिसके बाद अब किसानों को इसकी अगली किस्त यानी 22वीं किस्त का इंतजार है. तो आइए जानते है कब जारी होगी इसकी 22वीं किस्त.
कब आएगा 22वीं किस्त का पैसा?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार 6000 रुपये तीन किस्तों और हर चार महीनों के अंतराल पर जारी करती है. किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त बीते महीने 19 नवंबर को जारी हुई. इससे देश भर के करीब 9 करोड़ किसानों को फायदा मिला था. चूंकि 21वीं किस्त नवंबर के महीने में जारी हुई थी, तो नियम के अनुसार इसकी अगली किस्त करीब 4 महीने बाद यानी फरवरी तक जारी हो सकती है.
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी तक 22वीं किस्त जारी होने की कोई भी आधिकारिक डेट सामने नहीं आई है. लेकिन अनुमान यही माना जा रहा है कि इसकी 22वीं किस्त फरवरी के महीने में जारी हो सकती है. किस्त का पैसा सीधा आपके खाते में पहुंचे और कहीं अटके ना इसके लिए किसानों को अपना e-KYC, आधार लिंकिंग और बैंक डिटेल्स अपडेट रखनी होगी.
किन किसानों को मिलेगी 22वीं किस्त
22वीं किस्त जारी होने से पहले आपको अपना स्टेटस जरूर चेक कर लेना चाहिए कि उनके खाते में अगली किस्त आएगी या नहीं. इसके लिए केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in या किसान ऐप पर जाएं. वेबसाइट के होम पेज पर Know Your Status चुनें और अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें. अगर आपको अपना नंबर याद नहीं है तो Know Your Registration Number पर जाकर आप इसे कर सकते हैं.
नंबर मिलने के बाद पेज पर वापस आकर कोड डालें और Get Details पर क्लिक करें. कुछ सेकंड में आपका स्टेटस दिखाई देगा. अगर सब कुछ ठीक दिखता है तो आपको अगली किस्त मिलेगी. वहीं जिन किसानों के रिकॉर्ड, e-KYC या बैंक लिंकिंग में दिक्कत होगी उन्हें खातों में किस्त जारी नहीं की जाएगी.
"राज्यसभा में 'वंदे मातरम्' पर महासंग्राम...अमित शाह ने कांग्रेस को धो डाला...खड़गे बोले- नेहरू पर निशाना क्यों? जानें सदन में क्या हुआ हंगामा
9 Dec, 2025 03:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Parliament Vande Mataram Discussion: राज्यसभा में ‘वंदे मातरम’ पर बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब वंदे मातरम की स्वर्ण जयंती हुई, तब जवाहरलाल नेहरू ने वंदे मातरम् के 2 टुकड़े करके उसको 2 अंतरों तक सीमित करने का काम किया था. इस पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जवाहरलाल नेहरू का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते और गृह मंत्री अमित शाह भी वही करते हैं.
राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मुद्दों पर चर्चा करने से कोई नहीं डरता है. हम संसद का बहिष्कार नहीं करते हैं. कोई भी मुद्दा हो हम चर्चा करने के लिए तैयार है लेकिन वंदे मातरम् गान की चर्चा को टालने की मानसिकता, यह नई नहीं है. जब वंदे मातरम के 50 साल पूरे हुए थे, तब भारत आजाद नहीं था.
अमित शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने आगे कहा, “जब अंग्रेजों ने वंदे मातरम् पर कई प्रतिबंध लगाए तब बंकिम बाबू ने एक पत्र में लिखा था कि मुझे कोई आपत्ति नहीं है मेरे सभी साहित्य को गंगा जी में बहा दिया जाए, यह मंत्र वंदे मातरम् अनंतकाल तक जीवित रहेगा, यह एक महान गान होगा और लोगों के हृदय को जीत लेगा और भारत के पुनर्निर्माण का यह मंत्र बनेगा. वंदे मातरम् ने एक ऐसे राष्ट्र को जागरूक किया जो अपनी दिव्य शक्ति को भुला चुका था. राष्ट्र की आत्मा को जागरूक करने का काम वंदे मातरम् ने किया इसलिए महर्षि अरविंद ने कहा यह भारत के पुनर्जन्म का मंत्र है.”
मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया पलटवार
अमित शाह के राज्यसभा में ‘वंदे मातरम’ पर बहस के दौरान दिए गए बयानों को लेकर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार किया है. खड़गे ने कहा, “कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों, जिनमें नेहरू जी, महात्मा गांधी, मौलाना आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र जी, सरदार पटेल जी, गोविंद वल्लभ पंत जी शामिल थे, उन्होंने एक प्रस्ताव पास किया जिसमें सिफारिश की गई थी कि जहां भी राष्ट्रीय समारोहों में वंदे मातरम् गाया जाता है, वहां केवल पहले दो छंद ही गाए जाने चाहिए. क्या नेहरू जी कांग्रेस वर्किंग कमेटी में साथ थे? आप उन सभी बड़े नेताओं का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने मिलकर फैसला लिया था. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नेहरूजी को क्यों टारगेट करते हैं?”
PM नेहरू का अपमान करने की कसर नहीं छोड़ते
खड़गे ने आगे कहा, “कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई के दौरान ‘वंदे मातरम’ को नारा बनाने का काम किया. आपका इतिहास रहा है कि आप हमेशा आजादी की लड़ाई और देशभक्ति के गानों के खिलाफ रहे. प्रधानमंत्री मोदी जवाहरलाल नेहरू का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते और गृह मंत्री अमित शाह भी वही करते हैं.”
कर्मचारी सावधान....रेलवे ने वीडियो बनाने पर लगाई पाबंदी, नियम तोड़ने पर होगी बड़ी कार्रवाई
9 Dec, 2025 03:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Railway Duty Discipline New Order: भारतीय रेलवे के कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर है. दक्षिण-पूर्व रेलवे (SECR) ने कर्मचारियों को लेकर नया नियम लागू किया है. ड्यूटी के दौरान अब रील और वीडियो बनाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. रायपुर रेल मंडल में कर्मचारियों के बीच बढ़ते रील ट्रेंड को देखते हुए रेल प्रशासन ने आदेश जारी किए हैं. आदेश के तहत ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के लिए किसी भी तरह का वीडियो, रील और ब्लॉग बनाना या फोटो खींचना पूरी तरह से बैन कर दिया गया है. यह नियम वर्दी में, रेलवे परिसर में या रेलवे की किसी भी संपत्ति के पास लागू रहेगा.
नए नियम का आदेश जारी
SECR ने नए नियम को लेकर आदेश जारी कर दिया है. आदेश के तहत रेल कर्मचारी किसी भी परिसर जैसे स्टेशन, कार्यशाला, कंट्रोल रूम, कार्यालय, ट्रेन, यार्ड या किसी भी प्रतिबंधित क्षेत्र में ब्लॉगिंग, वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी या इंटरनेट मीडिया के लिए किसी भी तरह की रिकॉर्डिंग नहीं कर सकते हैं.
वहीं, गैर-परिचालन क्षेत्रों में अवकाश के समय मोबाइल फोन का उपयोग सिर्फ व्यक्तिगत और आवश्यक संचार तक सीमित रहेगा. किसी भी कर्मचारी के ड्यूटी के दौरान या आधिकारिक संसाधनों का उपयोग कर सोशल मीडिया कंटेंट बनाना पूरी तरह से नियमों के खिलाफ माना जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी.
रायपुर रेल मंडल ने लिया सख्ती का फैसला
हाल ही में बिलासपुर रेल हादसे के बाद सवाल उठे थे. वहीं, कुछ दिनों पहले रेलवे कर्मचारी के ड्यूटी के दौरान कंटेंट क्रिएशन का वीडियो वायरल हुआ था. इसके बाद ड्यूटी के दौरान रील और वीडियो बनाने वाले रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. रेलवे प्रशासन की ओर से स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार का वीडियो, रील, ब्लॉग या फोटो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. यह नियम वर्दी में, रेलवे परिसर में या रेलवे की किसी भी संपत्ति के पास लागू रहेगा.
बड़ी खबर : सुप्रीम कोर्ट ने माना BLO की सुरक्षा 'गंभीर मुद्दा...ECI को भेजा नोटिस...जानें चुनाव प्रक्रिया पर क्या होगा असर
9 Dec, 2025 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
SIR campaign West Bengal: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान गणना ड्यूटी पर तैनात BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने माना कि SIR अभियान में काम के अत्यधिक दबाव के कारण BLO जमीनी स्तर पर ‘तनाव और दबाव’ में काम कर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति बागची ने सुनवाई के दौरान कहा, “यह कोई डेस्क वर्क नहीं है. वे हर घर जाते हैं, सत्यापन करते हैं, फिर गणना उन्हें (BLO) सौंपी जाती है और फिर वे उसे अपलोड करते हैं. वे घर-घर जाकर गणना प्रक्रिया पूरी करते हैं और फिर उसे अपलोड करते हैं. यही वह दबाव है जिससे वे जूझ रहे हैं. यह तनाव और दबाव है. हम राजनीतिक आख्यानों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जमीनी स्तर पर SIR बिना किसी परेशानी के हो.”
BLO की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने यह भी टिप्पणी की कि यदि बीएलओ को सुरक्षा प्रदान नहीं की जाती है तो यह एक गंभीर मुद्दा है. इस पर चुनाव आयोग को ध्यान देने की जरूरत है.
महामंडलेश्वर को निकालना जल्दबाजी, हिंदू राज्य पर मंथन का समय
9 Dec, 2025 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरिद्वार। हरिद्वार में 2027 के अर्धकुंभ से पहले संतों और अखाड़ों के बीच छिड़ी खींचतान पर काली सेना प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप ने बड़ा बयान दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कुंभ जैसे पावन और वैश्विक आयोजन को विवादों में घसीटना परंपरा और संत समाज, दोनों के लिए ठीक नहीं है। स्वामी स्वरूप ने कहा कि कुंभ सदियों से राजा-महाराजाओं के संरक्षण में भव्य रूप से होता रहा है। अखाड़े और संत ही कुंभ की असली शोभा हैं। धामी सरकार अगर भव्य आयोजन चाहती है, तब सभी को उसमें बढ़-चढ़कर शामिल होना चाहिए। उन्होंने कुछ संतों द्वारा उठाए जा रहे विवादों को निरर्थक बताकर कहा कि आज स्थिति ऐसी है कि यदि कोई राम बोलेगा, तब दूसरा रावण बोलने को तैयार रहता है। हर बात में विवाद पैदा करना और मीडिया में बने रहने की इच्छा गलत प्रवृत्ति है।
स्वामी स्वरूप ने कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि राज्य में समृद्धि और विकास का मौका भी है। कुंभ के दौरान बेहतर सड़कें, साफ-सफाई और विकास का काम होता है। देश-विदेश से लोग आते हैं, जिससे राज्य समृद्ध होता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक सांस्कृतिक हिंदू राज्य है और कई संत उतराखंड को हिंदू राज्य घोषित करने की मांग कर रहे हैं। “कुंभ हमारे लिए मंथन का अवसर है कि प्रदेश को कैसे धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बनाया जाए।”महामंडलेश्वर को हटने के विवाद पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय जल्दबाजी में लिया गया। इतनी जल्दी किसी को दंडित करना उचित नहीं था। पहले बातचीत होनी चाहिए थी।
प्रयागराज कुंभ की तुलना पर उन्होंने कहा कि हरिद्वार का आकार भले छोटा हो, लेकिन यहां की ‘देव डोली’ संस्कृति अद्भुत है। उन्होंने बताया कि 2010 के महाकुंभ में भी देव डोलियों ने सामूहिक स्नान किया था। “डोलियों में देवता चलायमान हो जाते हैं, नृत्य करते हैं, आशीर्वाद देते हैं यह अद्भुत दृश्य दुनिया को चमत्कार जैसा अनुभव कराता है। धामी सरकार ने यदि इस बार डोलियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया है, तब यह पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है।”
पाक सेना प्रमुख ने उगला भारत के खिलाफ 'जहर', आसिम मुनीर बोले- 'भ्रम में न रहे इंडिया'; जानें विशेषज्ञ क्या कहते हैं
9 Dec, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Asim Munir Statement: आसिम मुनीर पाकिस्तान के पहले चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बन गए हैं. आसिम मुनीर पदभार संभालने के बाद अपने आधिकारिक समारोह पर ही भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला. इस दौरान पाकिस्तान सेना के हेडक्वार्टर GHQ से भारत को एक बार फिर गीदड़भभकी दी है. मुनीर ने कहा कि “भारत किसी भ्रम में न रहे. भविष्य में किसी भी आक्रामक कार्रवाई की स्थिति में पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पहले से अधिक तेज, कठोर और तीव्र होगी.”
पाकिस्तान न्यूज चैनलों के अनुसार, आसिम मुनीर ने अपने नए गणित डिफेंस फोर्सेस हेडक्वार्टर को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इसका उद्देश्य सेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त क्षमताओं को एकीकृत कर मल्टी-डोमेन ऑपरेशन को मजबूत करना है. डिफेंस फोर्सेस का मुख्यालय तीनों सेनाओं के ऑपरेशनों को समन्वित करेगा. इसके अलावा मुनीर ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर पाकिस्तानी सेना और जनता की सहनशीलता की सराहना की और कहा कि यह भविष्य के लिए एक केस स्टडी है.
सीडीएफ बनते ही एक्शन मोड पर आसिम मुनीर
आसिम मुनीर सीडीएफ बनते ही एक्शन मोड पर दिख रहे हैं. लेकिन उन्होंने अपने गीदड़भभकी की आदत को नहीं छोड़ा है. मुनीर ने कहा कि “रक्षा बल मुख्यालय तीनों सेनाओं के कार्यों को एकीकृत करेगा और उन्हें सुसंगत बनाएगा. उच्च कमान के तालमेल से, तीनों सेनाएं अपनी व्यक्तिगत स्वायत्तता और संगठनात्मक ढांचे को बनाए रखेंगी.”
युद्ध की नई आवश्यकताओं के अनुकूल ढलना होगा
आसिम मुनीर ने कहा, “युद्ध अब साइबरस्पेस, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, अंतरिक्ष, सूचना संचालन, एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग तक फैल गए हैं, इसलिए सशस्त्र बलों को युद्ध की नई आवश्यकताओं के अनुकूल ढलना होगा.” मुनीर अपने बयानों से भारत को चेतावनी दे रहे थे. लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि भारत हर तरह से मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है.
बड़ी खबर : सोनिया गांधी की नागरिकता पर सवाल, कोर्ट ने भेजा नोटिस...आखिर कैसे हुआ तारीखों का यह बड़ा विरोधाभास
9 Dec, 2025 12:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Congress Leader Legal Case: कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट से नोटिस मिला है. जिसकी सुनवाई 6 जनवरी 2026 को होगी. भारतीय नागरिकता के बिना मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के आरोपों पर वकील विकास त्रिपाठी ने रिवीजन पिटीशन दाखिल किया था. कोर्ट ने सोनिया गांधी के अलावा राज्य सरकार को भी नोटिस जारी कर TCR मंगवाया है.
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