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भारत पर दबदवा बनाने पाकिस्तान पहुंच रहे अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो
23 Aug, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के पाकिस्तान दौरे की खबर ने दोनों देशों के संबंधों में एक नई हलचल पैदा कर दी है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर यह दौरा होता है, तब 7 साल बाद कोई अमेरिकी विदेश मंत्री पाकिस्तान जाएगा। इससे पहले 2018 में माइक पोम्पिओ ने यह दौरा किया था। यह दौरा ट्रंप प्रशासन की उस बदली हुई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है। यह सिर्फ राजनयिक संबंधों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कुछ आर्थिक और रणनीतिक हित भी जुड़े हैं।
बात दें कि ट्रंप सरकार की दिलचस्पी पाकिस्तान में मौजूद रेयर अर्थ मिनरल्स और हाइड्रोकार्बन के भंडारों में है। इन खनिजों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी आधुनिक तकनीकों में होता है। चीन इस क्षेत्र में सबसे बड़ा खिलाड़ी है और अमेरिका अपनी आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाना चाहता है ताकि चीन पर उसकी निर्भरता कम हो सके। 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर मार्को रुबियो के बधाई संदेश से इस बात का साफ संकेत मिला था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्रों, खासकर महत्वपूर्ण खनिजों और हाइड्रोकार्बन की खोज करने के लिए उत्सुक है।
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच एक व्यापार समझौते की घोषणा की थी, जिसमें अमेरिका पाकिस्तान में तेल भंडारों के दोहन में सहयोग करेगा। यह समझौता अमेरिकी कंपनियों के लिए पाकिस्तान के खनन क्षेत्र में निवेश के नए रास्ते खोलेगा। ट्रंप का पाकिस्तान के प्रति यह नया झुकाव भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है। अमेरिका भारत के साथ अपने मजबूत संबंधों को बनाए रखते हुए भी पाकिस्तान के साथ एक सामरिक संतुलन बनाना चाहता है। अमेरिका, पाकिस्तान को चीन के बढ़ते प्रभाव से दूर खींचना चाहता है। पाकिस्तान लंबे समय से चीन का करीबी सहयोगी रहा है।
जिस पाकिस्तान ने 1971 में किया कत्लेआम.....उसे ही वीजा-मुक्त यात्रा की सेवा दे रही यूनुस सरकार
23 Aug, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। पाकिस्तान ने 1971 में बांग्लादेश में ऑपरेशन सर्चलाइट के दौरान भयानक नरसंहार किया था, अब उसी कल्तेआम करने वाले पाकिस्तान को बांग्लादेश सरकार ने वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया है। यह कदम पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार की प्रस्तावित बांग्लादेश यात्रा से पहले लिया गया है, और इस दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। बांग्लादेश ने पाकिस्तान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने का फैसला किया है। इस समझौते के तहत, दोनों देशों के सरकारी अधिकारी और राजनयिक पाँच साल तक बिना वीजा के एक-दूसरे के देश में यात्रा कर सकते है। पाकिस्तान सरकार ने पहले ही इस समझौते को मंजूरी दे दी है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने इस एक नियमित मामला बताया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के 30 से अधिक देशों के साथ इसी तरह के समझौते हैं।
उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर होने के बाद यह समझौता पांच साल की अवधि के लिए होगा। यह पूछने पर कि क्या यह अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान के साथ बढ़ती मित्रता का एक और संकेत है? आलम ने हालांकि इस समझौते को एक नियमित मामला बातकर कहा कि बांग्लादेश के 30 देशों के साथ इसी तरह के समझौते हैं।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने याह्या खान की अगुवाई में मार्च 1971 में पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) में ऑपरेशन सर्चलाइट शुरू किया था। जिसमें पाकिस्तानी सेना सभी विद्रोहियों को चुन-चुनकर मारने लगी और कुछ ही समय में वहां की जमीन खून से लाल हो गई। फिर भारतीय सेना, मुक्ति वाहिनी (प्रतिरोध सेनानी) और मित्रो वाहिनी कमान के तहत संयुक्त सैन्य अभियान में बांग्लादेश लिबरेशन वॉर शुरू किया गया, जिसका अंत पाकिस्तान के आत्मसमर्पण और बांग्लादेश की स्वतंत्रता के रूप में हुआ।
जब रुसी विमानों को अमेरिका में भरवाना पड़ा ईंधन, करना पड़ा नगद भुगतान
22 Aug, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 15 अगस्त को बैठक के लिए अलास्का पहुंचे थे, तो इस यात्रा में बहुत सी चीजें खास थीं। इनमें से एक दिलचस्प बात ये थी कि उन्हें अपने जेट विमानों में अमेरिका की धरती पर ही ईंधन डलवाना पड़ा। मजे की बात ये है कि वह आए तो थे एक समझौते के लिए लेकिन उन्हें यहां भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा और ये रिफ्यूलिंग कराने के लिए पुतिन की टीम को नगद पैसे देने पड़े।
15 अगस्त की तारीख ऐतिहासिक थी जब करीब चार साल से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध में किसी समझौते के लिए व्लादिमीर पुतिन अमेरिका आए थे। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ और खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनकी अगुवाई करने पहुंचे थे। हालांकि रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों के चलते उनकी टीम रूसी जेट विमानों की रिफ्यूलिंग अमेरिकी बैंकिंग प्रणाली का इस्तेमाल करके नहीं कर पाई।
इसकी जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने एक इंटरव्यू में दी। उन्होंने बताया कि जब रूस के विमान अलास्का में उतरे तो उन्हें ईंधन भरवाने के लिए नकद भुगतान करना पड़ा। वे हमारे बैंकिंग सिस्टम का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे। बता दें पुतिन की टीम ने कुल 250,000 डॉलर यानि भारतीय मुद्रा में 2.2 करोड़ रुपए का ईंधन भराया था। पुतिन की टीम अलास्का में 5 घंटे रुकी थी। इसके लिए वे नगद राशि लेकर आए थे। मार्को रुबियो ने यह बात रूस पर लगे प्रतिबंध और इसके असर के संदर्भ में कही। उन्होंने कहा है कि रूस पर लगा हर प्रतिबंध आज भी प्रभावी है और उसका असर रूस को झेलना पड़ रहा है।
बता दें जब से रूस-यूक्रेन का युद्ध शुरू हुआ है, तब से अमेरिका ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं लेकिन रूस पर इसका कोई खास असर दिखाई नहीं देता, तभी अमेरिका इन सैंक्शंस को उन देशों पर भी लगा रहा है, जो उससे व्यापार कर रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने भी माना कि इन प्रतिबंधों के बावजूद रूस की नीतियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। यही वजह है कि ट्रंप सरकार रूस पर और प्रतिबंध नहीं लगा रहा है क्योंकि इसका कोई तात्कालिक असर नहीं दिखाई देता।
बता दें अलास्का में हुई दोनों नेताओं की बैठक के बाद वॉशिंगटन में एक मल्टीलेटरल बैठक भी हुई थी, जिसमें यूरोपीय नेता और खुद जेलेंस्की भी शामिल हुए थे। बातचीत में यूक्रेन की दीर्घकालिक सुरक्षा की गारंटी पर चर्चा हुई। जेलेंस्की ने कहा कि वह पुतिन से सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं। ट्रंप-जेलेंस्की और पुतिन की मुलाकात के लिए फिलहाल जगह और तारीख तय की जा रही है।
बेटी के दांत का एक्स-रे देख मां, समेत डॉक्टर भी चौंके, फिर खुल गया राज...
22 Aug, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिका के वॉशिंगटन स्टेट में महिला अपनी बेटी को साधारण डेंटल चेकअप विजिट के लिए ले गई, लेकिन जब एक्स-रे रिपोर्ट सामने आई तो सभी हैरान रह गए। फिर जब यह बात बेटी को मालूम चली तो उसने राज से पर्दा उठा दिया।जानकारी अनुसार 13 साल की बच्ची को ब्रेसेज लगाने से पहले जब डॉक्टर ने उसके दांतों का एक्स-रे निकाला, तो तस्वीर में ऐसा कुछ नजर आया, जिसे देख सभी दंग रह गए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक्स-रे स्क्रीन पर साफ दिख रहा था कि बच्ची की साइनस में धातु का एक छोटा टुकड़ा फंसा हुआ है।
मां के लिए यह किसी बड़े रहस्य से कम न था, लेकिन जब बेटी से बात की गई तो वह तुरंत समझ गई कि यह वहां कैसे पहुंचा। दरअसल करीब छह माह पहले बेटी ने मां से नाक छिदवाने की जिद की थी। मां ने मना कर दिया कि 16 साल की उम्र से पहले नोज पियर्सिंग नहीं होगी। लेकिन बच्ची, जिसे गंभीर एडीएचडी की समस्या है और इम्पल्स कंट्रोल कम था, ने खुद ही कान छिदवाने वाली इयररिंग से नाक में छेद करने की कोशिश की। उसी दौरान धातु का छोटा हिस्सा नाक से होते हुए साइनस में फंस गया।
मॉं की डांट के डर से बच्ची ने यह राज छिपा लिया। कुछ दिन बीते लेकिन उसे इसका अहसास भी न हुआ कि उसके साइनस में कोई धातु मौजूद है। ऐसे में उसने मान लिया कि शायद उसने उस टुकड़े को निगल लिया है और अब कुछ नहीं है। जब यह राज एक्स-रे से सामने आया और राज खुला तो उसकी मां ने इस पूरी वृत्तांत को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए शेयर किया। उसकी इस पोस्ट पर 73,000 से ज़्यादा अपवोट्स मिले और कहानी वायरल हो गई। लोगों ने इसे मेडिकल मिस्ट्री और अनबिलीवेबल मोमेंट करार दिया है।
बिना दर्द के निकला टुकड़ा
इसके बाद में ईएनटी विशेषज्ञ ने विशेष चिमटी की मदद से धातु का टुकड़ा सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया। हैरानी की बात यह रही कि बच्ची को न पहले कोई दर्द हुआ था, न ही उसे निकालते समय कोई दर्द हुआ। मां ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि इस घटना के बाद उनका नजरिया बदल गया है। पहले वे नोज पियर्सिंग के खिलाफ थीं, लेकिन अब हंसते हुए कहती हैं कि शायद इस साल बेटी को नाक छिदवाने की इजाज़त मिल ही जाए।
ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है गठिया की बीमारी: अध्ययन
22 Aug, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
क्योटो। वैज्ञानिकों ने गठिया बीमारी के इलाज की नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं। जापान के वैज्ञानिकों के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बीमारी एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगती है। दुनिया भर में लाखों लोग इससे प्रभावित हैं और इनमें से हर तीन में से एक मरीज को वर्तमान इलाज से पर्याप्त राहत नहीं मिलती। कई बार बीमारी इतनी बढ़ जाती है कि मरीज के जोड़ों में स्थायी विकृतियां तक हो जाती हैं। क्योटो यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम ने अध्ययन के दौरान पाया कि जोड़ों में सूजन और नुकसान पहुंचाने में पेरिफेरल हेल्पर टी कोशिकाएं यानी टीपीएच कोशिकाएं अहम भूमिका निभाती हैं। ये कोशिकाएं दो रूपों में मौजूद रहती हैं। पहला रूप स्टेम-लाइक टीपीएच कोशिकाओं का है, जो जोड़ों के भीतर बने इम्यून हब्स या टर्शियरी लिम्फोइड स्ट्रक्चर में पाई जाती हैं। यहां ये अपनी संख्या बढ़ाती हैं और बी कोशिकाओं को सक्रिय करती हैं, जिससे सूजन लगातार बनी रहती है।
दूसरा रूप इफेक्टोर टीपीएच कोशिकाओं का है, जो स्टेम-लाइक कोशिकाओं से बदलकर बनती हैं और इम्यून हब से बाहर निकलकर सीधे सूजन फैलाती हैं। यही कारण है कि कई मरीजों में दवाइयों के बावजूद सूजन खत्म नहीं होती। इसमें वैज्ञानिकों ने बताया कि अगर शुरुआती चरण में ही स्टेम-लाइक टीपीएच कोशिकाओं को टारगेट किया जाए, तो बीमारी की जड़ पर हमला करना संभव हो सकता है। इस तरीके से मरीजों को लंबे समय तक राहत मिलने और उनकी जीवन गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।
शोध ने यह भी खुलासा किया कि स्टेम-लाइक टीपीएच कोशिकाओं में खुद को बार-बार नया बनाने और इफेक्टोर कोशिकाओं में बदलने की क्षमता होती है। यानी वे बीमारी को लगातार जिंदा रखने वाली मूल वजह साबित हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज रूमेटाइड आर्थराइटिस से जूझ रहे लाखों मरीजों के लिए नई उम्मीद बन सकती है। मौजूदा उपचार ज्यादातर लक्षणों को नियंत्रित करने तक सीमित रहते हैं, लेकिन यह खोज भविष्य में ऐसे इलाज का रास्ता खोल सकती है जो बीमारी को जड़ से रोकने में मददगार हो।
अब चीन में बच्चे पैदा करेगा रोबोट, जल्द लॉन्च हो जाएगी तकनीक
22 Aug, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। आज विज्ञान और तकनीक के जरिये ऐसी चीज़ें सामान्य होती जा रही हैं, जिन्हें पहले सोचा भी नहीं जा सकता था। बात उड़ने, मोबाइल तक ही नहीं सीमित नहीं है, बल्कि अब मां बनने के प्रोसेस तक पहुंच गई है। पहले सिर्फ आईवीएफ के चलते एम्ब्रायो डेवलप किया जाता था, जिसे एक कोख की जरूरत होती थी। अब वैज्ञानिक एक ऐसी कोख बना रहे हैं, जिसमें बच्चे विकसित किए जाएंगे। ये बात सुनने में थोड़ी अजीब है लेकिन यह सच है कि चीन अब ऐसी तकनीक बना रहा है, जिसके जरिये वह इंसानों के बच्चे रोबोट से पैदा करेगा।
एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन एक जेस्टेशन रोबोट बना रहा है, जिसके जरिये आर्टिफिशियल (अप्राकृतिक) कोख में भ्रूण का पाल जाएगा। इस तकनीक पर काफी दिनों से रिसर्च चल रही थी लेकिन चीन अगले साल तक इसे दुनिया के सामने लाएगा। इस अनोखे प्रोजेक्ट पर चीन की काईवा टेक्नालॉजी काम कर रही है। इस टीम को सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक इसे लीड कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब ये तकनीक पूरी तरह तैयार हो जाएगी, बस इसे रोबोट के पेट में इम्प्लांट करने की जरूरत है, ताकि एक इंसान और रोबोट मिलकर बच्चे को जन्म दे सकें और भ्रूण रोबोट के अंदर विकसित हो सके। हालांकि ये प्रक्रिया काम कैसे करेगी, इसके लिए कुछ ज्यादा नहीं बताया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह तकनीक एक कृत्रिम गर्भ के जरिए शिशु को विकसित करेगी। जहां भ्रूण को ट्यूब के जरिए पोषण दिया जाएगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस तकनीक से उन कपल्स को फायदा होगा, जो किसी कारण से माता-पिता नहीं बन पा रहे हैं। इसके जरिये वह महिलाएं भी मां बन पाएंगी, जो प्राकृतिक तरीके से प्रेग्नेंट नहीं होना चाहती। इस अनोखी मशीन का प्रोटोटाइप 2026 में लॉन्च होगा और इसकी कीमत लगभग एम लाख युआन यानि करीब 11.5 लाख रुपए बताई जा रही है।
इस तकनीक ने नैतिक और भावनात्मक बहस को भी जन्म दे दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मां और शिशु के बीच भावनात्मक संबंध, अंडाणुओं और शुक्राणुओं के स्रोत और इसके बच्चे पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव को लेकर चिंता जताई जा रही है। बता दें जेस्टेशन रोबोट साल 2017 के उस प्रयोग पर आधारित है जिसमें वैज्ञानिकों ने एक बायोबैग में भेड़ के अपूर्ण विकसित बच्चों को पाला था।
2.4 करोड़ मील: एक यात्री की अविश्वसनीय कहानी जिसने यात्रा को जिंदगी बना लिया
22 Aug, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। टॉम स्टूकर की कहानी एक अनोखे यात्री की है, जिसने अपने डर पर काबू पाया और यात्रा को ही अपनी जिंदगी बनाया। न्यू जर्सी निवासी टॉम ने 2.4 करोड़ मील से ज़्यादा की हवाई यात्रा करके एक अद्भुत रिकॉर्ड बनाया है। यह दूरी इतनी है कि पृथ्वी से चाँद तक 50 बार आना-जाना हो सकता है। टॉम को शुरुआत में हवाई यात्रा से बहुत डर लगता था।
एक कार डीलरशिप कंसल्टेंट के रूप में उन्हें अक्सर काम के लिए ऑस्ट्रेलिया जाना पड़ता था। अपने डर को कम करने के लिए वे प्रार्थना और शराब का सहारा लेते थे। एक बार तो वे इतने नशे में थे कि लैंडिंग के बाद अपनी सीट से उठ भी नहीं पाए। लेकिन बार-बार यात्रा करने से उनका डर धीरे-धीरे खत्म हो गया। 2,90,000 डॉलर में लाइफटाइम अनलिमिटेड फर्स्ट-क्लास पास। टॉम ने तुरंत यह पास खरीद लिया। इसी पास ने उनकी जिंदगी बदल दी। इस पास की मदद से, उन्होंने 2009 में 1 करोड़ मील, 2018 में 2 करोड़ मील और मई 2024 तक 2.4 करोड़ मील का सफर पूरा किया।
वे 12,000 से ज़्यादा उड़ानें भर चुके हैं और 100 से ज़्यादा देशों की यात्रा कर चुके हैं। अकेले ऑस्ट्रेलिया की यात्रा 300 से ज़्यादा बार की है। यूनाइटेड एयरलाइंस ने टॉम को सिर्फ एक यात्री नहीं बल्कि अपना ब्रांड एंबेसडर माना। उन्होंने दो विमानों का नाम टॉम के नाम पर रखा और उनके खास माइलस्टोन पर आसमान में पार्टियाँ भी आयोजित कीं। अपनी यात्राओं के दौरान ही टॉम की मुलाकात उनकी पत्नी से हुई और वे दोनों 120 से ज़्यादा हनीमून ट्रिप पर जा चुके हैं। उनकी कहानी इतनी दिलचस्प है कि 2009 की हॉलीवुड फिल्म अप इन द एयर उन्हीं की जिंदगी से प्रेरित थी, जिसमें जॉर्ज क्लूनी ने उनका किरदार निभाया था। टॉम स्टूकर की कहानी सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि अगर आप अपने डर का सामना करें तो सफर आपके लिए एक खूबसूरत अनुभव बन सकता है।
डॉक्टर बना हनीट्रैप का शिकार, फ्लैट में बुलाकर बनाए गए संबंध, फिर ब्लैकमेल
21 Aug, 2025 05:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत: हरियाणा के पानीपत जिले में एक डॉक्टर को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सीआईए टीम ने इस प्रकरण में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव नोल्था निवासी सोनू और आशीष के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मामले की शुरुआत तब हुई जब एक महिला ने बीमारी का बहाना बनाकर डॉक्टर को अपने फ्लैट पर बुलाया। फ्लैट पर पहुंचने के बाद महिला ने डॉक्टर को कोल्ड ड्रिंक पिलाई और फिर शारीरिक संबंध बनाने की मांग रखी। इसी दौरान मौके पर आरोपी सोनू और आशीष पहुंच गए। दोनों ने डॉक्टर को फंसा लिया और उस पर दबाव बनाकर 11 लाख रुपये की मांग की।
पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज
गिरफ्तार आरोपी सोनू कोई नया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ पहले से ही हत्या, लूट, डकैती और अवैध हथियार रखने जैसे एक दर्जन से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। इस बार उसने अपने साथी आशीष और महिला के साथ मिलकर डॉक्टर को ब्लैकमेल करने की योजना बनाई थी। ब्लैकमेलिंग के इस खेल में महिला की मदद एक वकील ने भी की। वकील ने बीच में दखल देकर डॉक्टर से समझौता कराया और मामले को 4 लाख रुपये में निपटा दिया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पीड़ित डॉक्टर ने जब इसकी शिकायत पुलिस को दी, तो मामला खुलकर सामने आया। सीआईए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान पूछताछ में इस पूरे गिरोह के और राज खुलने की संभावना है।
डिजिटल खपत कर रही है लाखों लीटर पानी की बर्बादी
21 Aug, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन । यूके की पर्यावरण एजेंसी और नेशनल ड्रॉट ग्रुप ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पुराने ईमेल और फोटो डिलीट करें क्योंकि डिजिटल खपत भी लाखों लीटर पानी की बर्बादी कर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक जनवरी से जुलाई 2025 का वक्त 1976 के बाद का सबसे सूखा रहा है। इंग्लैंड के पांच इलाके आधिकारिक तौर पर सूखा प्रभावित घोषित किए गए हैं, जबकि छह अन्य इलाके लंबे समय से सूखे मौसम की श्रेणी में हैं। दक्षिणी इंग्लैंड में 35 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने से पहले से कम हो चुके जल स्रोतों पर और दबाव पड़ा है। सरकार का कहना है कि सूखे से निपटने के लिए पारंपरिक बचत उपायों के साथ-साथ डिजिटल क्लीनिंग भी जरूरी है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईमेल और पानी का आपस में क्या संबंध है। दरअसल, हर ईमेल, फोटो या फाइल किसी न किसी डेटा सेंटर में स्टोर होती है और इन्हें 24 घंटे ठंडा रखने के लिए कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल होता है, जिसमें करोड़ों लीटर पानी खर्च होता है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च बताती है कि 1 मेगावॉट का डेटा सेंटर सालाना लगभग 2.6 करोड़ लीटर पानी खा जाता है। इसके अलावा डेटा सेंटर चलाने के लिए बिजली की जरूरत पड़ती है और बिजली उत्पादन भी पानी पर निर्भर है। यानी डिजिटल खपत का भी सीधा असर पानी के इस्तेमाल पर पड़ता है। नेशनल ड्रॉट ग्रुप का कहना है कि “हर क्लिक, हर फोटो और हर ईमेल का एक छुपा हुआ वॉटर फुटप्रिंट है।” हालांकि कई विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ एक ईमेल डिलीट करने से पानी की वास्तविक बचत बहुत कम होगी, लेकिन यह कदम लोगों को जागरूक करने के लिए जरूरी है ताकि वे समझ सकें कि डिजिटल दुनिया भी प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करती है।
सरकार ने पारंपरिक कदमों पर भी जोर दिया है, जैसे लीक हो रहे नलों को ठीक करना, बारिश का पानी स्टोर करना, ब्रश करते समय नल बंद रखना, छोटे शॉवर लेना और घर का बचा हुआ पानी पौधों में डालना। कई जगहों पर इन उपायों का असर भी दिखा है। उदाहरण के तौर पर, सेवर्न ट्रेंट इलाके में जब लोगों ने पानी बचत अभियान को अपनाया तो खपत 20 प्रतिशत तक घट गई। इस संकट के पीछे एक और बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल है। एआई को चलाने के लिए भारी डेटा प्रोसेसिंग की जरूरत होती है, जिससे डेटा सेंटर पर दबाव बढ़ता है और पानी की खपत और भी तेज हो जाती है। यूके सरकार यूरोप का सबसे बड़ा डेटा सेंटर बनाने की तैयारी कर रही है और इसके लिए ओपनएआई और एनविडिया जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में पानी की मांग और भी ज्यादा बढ़ सकती है। ब्रिटेन का जल संकट लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि पानी बचाना अब केवल नल बंद करने तक सीमित नहीं है।
सरकार की अपील “ईमेल डिलीट करो, पानी बचाओ” भले ही अजीब लगे, लेकिन यह हमें यह एहसास दिलाती है कि हमारी डिजिटल आदतें भी धरती के संसाधनों पर बोझ डाल रही हैं। जब बात पानी जैसी अनमोल चीज की हो, तो हर बूंद की अहमियत है। मालूम हो कि ब्रिटेन इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहा है। इंग्लैंड के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर लगातार गिर रहा है, जलाशय खाली हो रहे हैं और सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि कई इलाकों में पाइप से पानी का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है। लोग अपने बगीचों में पाइप से पानी नहीं डाल सकते और कार धोने पर भी रोक है।
अधिक बच्चे पैदा करने में मदद करेगा एआई : सैम ऑल्टमैन
21 Aug, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में लोगों को अधिक बच्चे पैदा करने और उनका पालन-पोषण करने में मदद करेगा। ओपनएआई के चीफ एग्जिक्यूटिव सैम ऑल्टमैन ने घटती जन्म दर को दुनिया की बड़ी समस्या करार देते हुए कहा है कि आने वाले सालों में परिवार और समुदाय का निर्माण समाज की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
इस साल पिता बने ऑल्टमैन ने पेरेंटहुड को अपने जीवन का अद्भुत अनुभव बताया और कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसे अपनाना चाहिए। ऑल्टमैन का मानना है कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) समाज की संरचना को बदल सकता है। उन्होंने कहा कि एजीआई की दुनिया में लोगों के पास अधिक समय, संसाधन और क्षमताएं होंगी, जिससे बच्चों की परवरिश आसान हो जाएगी और परिवारों को समृद्धि के साथ बेहतर समर्थन मिलेगा। उनके मुताबिक, “परिवार और समुदाय एजीआई के बाद की दुनिया में कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएंगे।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिता बनने के शुरुआती हफ्तों में वे लगातार चैटजीपीटी से सवाल पूछते रहते थे। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल करना भी एआई के उपयोग का एक व्यावहारिक उदाहरण हो सकता है।
मजाकिया अंदाज में उन्होंने यह भी कहा कि उनके बच्चे शायद कभी एआई को मात नहीं दे पाएंगे, लेकिन वे हमसे कहीं ज्यादा काबिल होंगे और तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करेंगे। ऑल्टमैन का यह बयान सिलिकॉन वैली में परिवारवाद को बढ़ावा देने वाली एक बड़ी सोच का हिस्सा है। एक्सएआई के संस्थापक एलन मस्क भी लंबे समय से गिरती जन्म दर पर चिंता जता चुके हैं। मस्क, जो खुद कई बच्चों के पिता हैं, ने 2022 में चेतावनी दी थी कि कम होती जनसंख्या सभ्यता के लिए अब तक का सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने मजाक में कहा था कि वे कम जनसंख्या संकट से निपटने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
कूटनीतिक मोर्चे पर लगातार मजबूत होते पुतिन.....बुडापेस्ट में बैठक उनकी निजी जीत
21 Aug, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इन दिनों कूटनीतिक मोर्चे पर लगातार मजबूत होते दिख रहे हैं। पहले अमेरिकी न्यौते पर अलास्का पहुंचे और अपनी शर्तों पर वार्ता करके लौटे। इतना ही नहीं डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि यूक्रेन क्रीमिया सहित कुछ हिस्सा रूस को देने पर सहमत हो जाए और उसके साथ ही स्थायी तौर पर जंग खत्म करने पर सहमति बने। लेकिन ऐसा होता है, तब यह पुतिन के लिए निजी जीत होगी और वह अखंड रूस के सपने की ओर एक कदम बढ़ाते दिखाई देने वाले है। अब खबर आ रही हैं कि अमेरिका अगली त्रिपक्षीय मीटिंग हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में करना चाहता है। यदि खबर सच साबित होती हैं तब पुतिन की ही जीत मानी जाएगी।
ऐसा इसलिए कि यूक्रेन और रूस की जंग में हंगरी लगातार रूस का समर्थन कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि हंगरी उस नाटो का सदस्य है, जिसकी अगुवाई अमेरिका करता है। इस संगठन को परंपरागत तौर पर रूस विरोधी माना जाता है, लेकिन जंग में हंगरी ने लगातार यूक्रेन पर ही निशाना साधकर युद्ध विराम की सलाह दी है। अब यदि उसी देश में त्रिपक्षीय मीटिंग होती है, तब यह पुतिन के लिए निजी जीत होगी। उनके हंगरी के पीएम विक्टर ऑर्बन से बहुत अच्छे रिश्ते हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि हंगरी के अमेरिका के साथ भी अच्छे रिश्ते हैं और रूस से भी वह बनाकर चल रहा है।
ट्रंप मानते हैं कि हंगरी ही त्रिपक्षीय वार्ता के लिए अनुकूल देश है। हालांकि यूक्रेन के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि उसके रिश्ते हंगरी से बहुत अच्छे नहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार पुतिन और फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भी जल्दी ही एक बैठक होने वाली है। बता दें कि इस बीच स्विट्जरलैंड ने भी मध्यस्थता के लिए होस्ट बनने की इच्छा जाहिर की है। बुडापेस्ट में मीटिंग यूक्रेन के लिए 30 साल पुरानी यादें भी ताजा करेगी, जब ब्रिटेन, अमेरिका और रूस ने संप्रभुता प्रदान करने पर सहमति जाहिर की थी। इसके अलावा उससे परमाणु हथियारों को भी त्यागने को राजी कर लिया था।
बता दें कि पिछले दिनों हंगरी ने यूक्रेन की तब आलोचना की थी, जब रूस की तेल पाइपलाइन पर अटैक हुवआ था। हंगरी का कहना था कि ऐसा करना गलत है। इस पर यूक्रेन ने कहा था कि जंग की शुरुआत हमने नहीं की है। यदि कोई दिक्कत है तो हंगरी को शिकायत रूस से करनी चाहिए। यह दिलचस्प तथ्य है कि नाटो का मेंबर होते हुए भी हंगरी लगातार रूस का ही समर्थन करता रहा है और उससे तेल की भी बड़े पैमाने पर खरीद की है।
पायलट चाहता था परिवार उसे प्लेन उड़ाता देखे, खुला छोड़ दिया कॉकपिट
21 Aug, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। कई बार हम प्लेन में यात्रा कर रहे होते हैं, तो हमें कुछ ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं, जिनकी कल्पना भी हम नहीं कर सकते। कई बार हमारी यात्रा जिस क्रू मेंबर के हाथ में होती है, वही इसकी जिम्मेदारी नहीं समझते हैं। कुछ ऐसा ही ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट नंबर बीए174 में पेश आया। यहां पायलट ने कुछ ऐसा किया कि उसे बीच रास्ते में ही ड्यूटी से हटा दिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना ने खूब सुर्खियां बटोरीं क्योंकि ट्रांसअटलांटिक उड़ान के दौरान पायलट ने कॉकपिट का दरवाज़ा खुला छोड़ दिया। जब चालक दल के सदस्यों की नजर खुले हुए दरवाजे पर पड़ी, तो उन्होंने पूरा मामला जानने की कोशिश की। वह सामान्य नहीं थी। इस कारण सजा के तौर पर उसे बीच रास्ते में ही ड्यूटी से हटा दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक चालक दल और यात्रियों ने देखा कि कॉकपिट का दरवाजा खुला है और पायलट बिना कॉकपिट बंद किए प्लेन उड़ा रहा था। इसके पीछे की वजह और भी दिलचस्प थी। दरअसल पायलट चाहता था कि उसका परिवार उसे विमान उड़ाते हुए देखे। वे इसी प्लेन में यात्रा कर रहे थे। उसकी हरकत से चालक दल के सदस्य और कुछ यात्री घबरा गए। इसके तुरंत बाद उसे ड्यूटी से हटा दिया गया। ब्रिटिश एयरवेज के सदस्यों ने पायलट की अमेरिका में रिपोर्ट दर्ज कराई अधिकारियों को उसे निलंबित करना पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क से लंदन जाने वाली फ्लाइट नंबर बीए174, जो 8 अगस्त को उतरने वाली थी, पायलट के निलंबन के बाद रद्द कर दी गई। हालांकि फ्लाइट रद्द होने से यात्री परेशान हुए, जिनके लिए ब्रिटिश एयरवेज़ ने वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की। बताया जा रहा है कि ज़्यादातर यात्री अपने तय समय से चार घंटे पहले ही लंदन पहुंच गए। बाद में पूरी जांच की गई और विमान में कोई असुरक्षा नहीं पाई गई। इसके बाद पायलट की सेवाएं भी बहाल कर दी गईं।
प्रेमानंद को धमकी देने वाले से गैंगस्टर की भिड़ंत तय? गोदारा ने दी चेतावनी
21 Aug, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा भी स्वामी प्रेमानंद जी महाराज का बड़ा भक्त निकला। हाल ही में स्वामी प्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद रोहित गोदारा ने खुलकर चुनौती दी है कि जो भी महाराज को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे वह बख्शेगा नहीं। रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उसने लिखा है कि पूज्य प्रेमानंद जी महाराज को सनातन धर्म के लिए निशाना बनाया जा रहा है। उसने आगे लिखा कि जिन्होंने अपनी दोनों किडनी खराब होने के बाद भी इतने सालों तक संघर्ष किया और लोगों को सही राह दिखा रहे। उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं! उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं! तो ये हमारी खुली चुनौती है! हमारे संतों को निशाना बनाने वालों का अंत करेंगे!
मनीषा को लेकर भी किया पोस्ट
रोहित गोदारा ने साथ ही, मनीषा हत्या का बदला लेने की बात कही। उन्होंने लिखा कि अगर हमारी बहन जो आज स्वर्ग में हैं और हमारे पूज्य संतों को समय रहते न्याय नहीं मिला! तो हम वो समय लाएंगे! जिसकी सरकार, प्रशासन और राजनेता कल्पना भी नहीं कर सकते! और ये नंगा नाच बॉलीवुड में चल रहा है! कोई इसे देख ही नहीं रहा! अगर कदम उठाने ही हैं! तो बॉलीवुड के इस नंगे नाच को रोकने के लिए कदम उठाओ।
बॉलीवुड को धमकी
अब हम बॉलीवुड के इस नंगे नाच का अंत करेंगे और हमारी बहन-बेटियों का कत्लेआम करने वाले दुष्ट लोगों का अंत करेंगे। हमारे संतों को निशाना बनाने वालों का अंत करेंगे! ये हमारी सभी बॉलीवुड गायकों, कलाकारों और समाज के कुछ (जानवरों) के लिए चेतावनी है! अगर कोई किसी भी (जाति-धर्म) समाज की मर्यादा भूलकर कुछ पैसों के लिए या नशे की हालत में कोई गलत काम करता है, तो तैयार रहो ! हमारे लिए सभी समाज समान हैं!
मनीषा मर्डर केस: इंसाफ की मांग के बीच 9 दिन बाद हुआ अंतिम विदाई
21 Aug, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवानी: हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू कस्बे की प्लेवे स्कूल की टीचर मनीषा की मौत ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। लगातार आठ दिनों तक चले तनाव और विरोध प्रदर्शनों के बाद गुरुवार सुबह गांव ढाणी लक्ष्मण के श्मशान घाट में मनीषा का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों की मांग पर शव का पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराया गया था। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे, छोटे भाई नितेश ने अपनी बहन को मुखाग्नि दी। मनीषा का शव सीधे सिविल अस्पताल से गांव लाया गया। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और पूरा इलाका जनसैलाब में बदल गया। स्थिति को संभालने और किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई थी। शव यात्रा के मार्ग को सुगम बनाने के लिए JCB मशीनों का भी सहारा लिया गया।
कब लापता हुई मनीषा
11 अगस्त को मनीषा अपने घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी। पिता को उसने बताया था कि स्कूल के बाद वह पास के नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश के लिए भी जाएगी। लेकिन उसी दिन से वह लापता हो गई। चिंतित पिता जब थाने पहुंचे तो पुलिस ने गंभीरता से मामला लेने के बजाय टालमटोल किया और यहां तक कह दिया कि बेटी भाग गई होगी, शादी करके लौट आएगी। परिवार को यह जवाब बेहद चुभा और 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। केवल खानापूर्ति के लिए केस दर्ज किया गया।
13 अगस्त को मिला शव
13 अगस्त को मनीषा का शव सिंघानी गांव के पास एक नहर के किनारे बाजरे के खेत में मिला। शुरुआती पोस्टमार्टम भिवानी अस्पताल में हुआ, जिसमें गला रेतकर हत्या की आशंका जताई गई और गले पर 29 एमएम लंबा घाव पाया गया। परिवार ने इस रिपोर्ट के बाद शव लेने से मना कर दिया और न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गया।
मामले ने पकड़ा तूल
लगातार विरोध के बीच मामला राजनीतिक रंग लेने लगा। बढ़ते दबाव के बाद राज्य सरकार ने भिवानी एसपी को हटाया और लोहारू थाने के पांच पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया। हालांकि, 18 अगस्त को पुलिस ने नया दावा किया कि मनीषा ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या की है और एक सुसाइड नोट मिलने की भी बात कही। इसके बाद पीजीआई रोहतक में दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें मेडिकल बोर्ड ने पेट में कीटनाशक मिलने की पुष्टि की और बलात्कार की संभावना से इंकार किया। लेकिन परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस की इस थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया। उनका कहना है कि यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला है। लोगों की मांग थी कि जांच सीबीआई से कराई जाए और पोस्टमार्टम एम्स दिल्ली में हो। लगातार नौ दिनों तक चले बवाल और ग्रामीणों के आंदोलन के बाद सरकार ने परिवार की दोनों मांगें मान लीं। दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव लाया गया और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
कांग्रेस विधायक को पुलिस अफसर ने दिखाया तेवर, बोला – "तू कौन बोलै है"
21 Aug, 2025 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जींद: कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट मां बनने के बाद बुधवार को पहली बार सार्वजनिक मंच पर पहुंचीं और आते ही प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा हमला बोला। उन्होंने जुलाना थाने के एसएचओ रविंद्र कुमार पर लापरवाही और असंवेदनशील व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि हरियाणा में अपराध चरम पर है और सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। दविनेश फोगाट ने बताया कि उनके पास एक महिला की शिकायत आई थी, जिसके पति 14 अगस्त से लापता हैं। जब उन्होंने इस संबंध में जानकारी लेने के लिए जुलाना थाने में फोन किया तो एसएचओ रविंद्र कुमार ने बेहद असभ्य तरीके से जवाब दिया। विनेश ने कह कि थाना प्रभारी बोला- तू कौन बोलै है। दारू पी रहा था के यो? रोजाना लोग लापता हो रहे हैं। विधायक ने इस व्यवहार पर हैरानी जताते हुए कहा कि यह प्रदेश में फैले जंगलराज की तस्वीर है।
एसएचओ को सस्पेंड करने की मांग
कार्यकर्ताओं ने एसएचओ को निलंबित करवाने की मांग की। इस पर विनेश फोगाट ने कहा कि आजकल तो ये लोग मुख्यमंत्री की भी नहीं सुनते। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। जींद जैसे शांत इलाके में अब रोजाना गोलियां चल रही हैं और अपराध की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कभी नहीं सुना था कि जींद में अपराध होता है, लेकिन आज भाजपा राज में स्थिति भयावह हो चुकी है। सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए विनेश फोगाट ने कहा कि चंडीगढ़ में बैठे अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। हरियाणा में सरकार मुख्यमंत्री की नहीं, बल्कि अधिकारियों की चल रही है।
विनेश ने लगाए ये आरोप
उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी न हमारी सुनते हैं और न ही मुख्यमंत्री की। जुलाना में चेयरमैन रिश्वत लेते पकड़ा गया और भाजपा नेताओं में होड़ मची है कि कौन ज्यादा रिश्वत लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने खुद भी दो-तीन बार भ्रष्टाचार पकड़ा लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनता से जागरूक होने की अपील करते हुए विधायक ने कहा कि अगर जनता जागरूक होगी तो ऐसे कई चोर पकड़े जाएंगे। उन्होंने इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक विश्राम गृह में ली और कहा कि प्रदेश का भाईचारा इस बात का सबूत है कि भिवानी में बेटी मनीषा को न्याय दिलाने के लिए जिले के लोग एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं। विनेश फोगाट ने खुद के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे भी आंदोलन के दौरान भुगतभोगी रही हैं और जानती हैं कि किस तरह से सरकार आंदोलनों को दबाने का प्रयास करती है।
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