बिहार-झारखण्ड
बिहार में पुलों का भ्रष्टाचार उजागर: अररिया में 4 करोड़ की संरचना ढही
4 Nov, 2025 01:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में एक और पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया. अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड के कौआचार गांव को जोड़ने वाला पुल सोमवार दोपहर को अचानक ध्वस्त हो गया. 2019 में करीब 3.80 करोड़ की लागत से बना यह पुल मात्र 3 साल में ही जर्जर हो गया था. जिसके बाद इस पर आवागमन बंद कर दिया गया था. करोड़ों की लागत से बना पुल 3 साल में ही जर्जर हो जाना भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है.
सबसे हैरत की बात यह है कि जिस कौआचार गांव मे यह पुल ध्वस्त हुआ है वह अररिया के भाजपा सांसद प्रदीप कुमार सिंह का पैतृक गांव है. इस पुल के ध्वस्त होने से पटेगना और फारबिसगंज, सिकटी का सड़क संपर्क टूट गया है. ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से परमान नदी पर बनें इस पुल में 4 स्पेन हैं, जिसमें एक बीच का स्पेन पूरी तरह नीचे धंस गया है. ऐन चुनाव के वक्त पुल ध्वस्त होने से फारबिसगंज विधानसभा का चुनावी माहौल गर्म हो गया है. ग्रामीण काफी अनियमितता का आरोप लगा रहे है.
पहले भी ढह चुके पुल
बता दें कि इससे पूर्व सिकटी विधानसभा क्षेत्र के बकरा नदी पर पड़रिया में बना पुल धंसने की घटना देश भर में काफी सुर्खी बटोर चुकी हैं. ये चर्चाएं अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब दूसरी घटना घट गई. इस घटना ने विभागीय अधिकारियों और सरकार को बिहार विधानसभा चुनाव के बीच परेशानी में डाल दिया है. इससे पहले 18 जून 2024 को सिकटी प्रखंड के पड़रिया में बकरा नदी पर बन रहा 12 करोड़ रुपये का पुल भी धंस गया था. दोनों पुलों का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग, अररिया द्वारा ही कराया गया था. जिससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं.
क्या बोले इंजीनियर?
इस मामले पर ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि पुल के धंसने की जानकारी पहले ही विभाग को मिल गई थी. इस संबंध में 30 अक्टूबर 2025 को विभाग को पत्र भेजा गया था. आज स्थिति को देखते हुए डीएम और एसपी को भी बताया गया है ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने कहा कि संवेदक की पांच साल की गारंटी अवधि समाप्त हो चुकी है. फिर भी पुल की आयु और निर्माण गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी. विभागीय आदेश के तहत दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
झारखंड में सर्दी का कहर: लातेहार सबसे ठंडा, रांची में बढ़ी कंपकंपी
4 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड में गुलाबी ठंड के साथ-साथ अब शाम के वक्त अच्छी खासी कंपकंपी हवा ने ठंड बढ़ा दी है. अब आलम यह है कि शाम के वक्त अधिकतर लोग स्वेटर-जैकेट में नजर आ रहे हैं. जहां दिन में तेज धूप निकल रही है. वहीं, शाम को कंपकंपी हवा लोगों को ठंड का एहसास करा रही है. आने वाले 8 नवंबर तक कुछ ऐसी ही स्थिति रहने वाली है. झारखंड मौसम विभाग 9 नवंबर से ठंड बढ़ने की संभावना जताई है.
रांची का तापमान जाएगा 15 डिग्री से नीचे
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में राज्य का तापमान और नीचे जा सकता है. पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी रांची का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह सकता है. यही स्थिति लगभग हर जिले की देखी जा सकती है.
बदल गया हवा का रुख
रांची मौसम केंद्र ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छा सकता है. वहीं, दिन में मौसम शुष्क रहेगा और आसमान पूरी तरह साफ रहने की संभावना है. इस दौरान बारिश का कोई संकेत नहीं है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा का रुख उत्तरी दिशा की ओर हो गया है, जो आमतौर पर सर्दी की शुरुआत का संकेत होता है.
जानें पिछले 24 घंटे का हाल
अगर पिछले 24 घंटे की बात की जाए, तो राज्य में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई. झारकंड का मौसम साफ और शुष्क रहा है. अधिकतम तापमान सरायकेला का 32.3 डिग्री तक रहा है. वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री लातेहार का दर्ज किया गया.
सीतामढ़ी-अयोध्या वंदे भारत का ऐलान, अमित शाह बोले- 14 नवंबर को होगा विपक्ष का सूपड़ा साफ
3 Nov, 2025 02:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीतामढ़ीः भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को बेलसंड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार के विकास और विपक्ष पर करारा हमला बोला। शाह ने दावा किया कि अब बिहार में एनडीए के राज में 'जंगलराज' इतिहास बन चुका है, और राज्य अब इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन से विकास के नए कीर्तिमान बना रहा है।
सीता माता मंदिर और वंदे भारत का वादा
अमित शाह ने सीतामढ़ी के लिए एक बड़ा और भावनात्मक वादा किया। उन्होंने घोषणा की कि जिस दिन सीतामढ़ी में सीता माता के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी, उसी दिन सीतामढ़ी से लेकर अयोध्या तक वंदे भारत ट्रेन चालू कर दी जाएगी। शाह ने कहा कि जो भी अयोध्या आएगा, वह सीतामढ़ी भी आएगा, जिससे बिहार के पर्यटन को भारी फायदा होगा।
'महाठगबंधन' पर तीखा प्रहार
अमित शाह ने विपक्षी इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि "महाठगबंधन में न नेता है, न नीति है। मालूम ही नहीं है कि कौन, किस सीट से लड़ रहा है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि एनडीए की पांचों पार्टियां पांडव की भांति एकमुश्त होकर बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं।
छठी मैया के अपमान पर घेरा
अमित ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए उन पर छठी मैया का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- "राहुल बाबा ने अभी छठी मैया का अपमान किया... इस बार तो मोदी जी के साथ आपने छठी मैया का अपमान किया है। आने वाले चुनाव में सीतामढ़ी वालों को इसे याद रखना है।"
उन्होंने कहा कि जब-जब विपक्ष ने पीएम मोदी का अपमान किया है, उसे हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 14 नवंबर को राहुल-लालू की पार्टियों का सूपड़ा साफ होगा और फिर से एनडीए की सरकार बनेगी।
गृह मंत्री ने बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी घोषणा की कि किसान सम्मान निधि में वृद्धि: किसान सम्मान निधि के तहत सालाना मिलने वाली राशि को 6,000 से बढ़ाकर 9,000 रुपए किया जाएगा। उन्होंने पटना, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर के एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने का भी वादा किया।
अमित शाह ने यह भी बताया कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार के 10 साल के दौरान बिहार को सिर्फ 2.80 लाख करोड़ रुपए मिला, जबकि मोदी सरकार के 10 साल के दौरान बिहार को 18.70 लाख करोड़ रुपए दिया गया है।
सदियों से बीजेपी के कब्जे में बेगूसराय सदर, क्या इस बार कांग्रेस तोड़ेगी रिकॉर्ड?
3 Nov, 2025 02:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेगूसराय: बिहार चुनाव मेंबेगूसराय जिले की सदर सीट को बीजेपी का परंपरागत 'गढ़' माना जाता है। वर्ष 2000 से लेकर अब तक, सिर्फ 2015 का चुनाव छोड़ दें, तो यह सीट लगातार बीजेपी के कब्जे में रही है। 2000 और 2005 दोनों विधानसभा चुनावों में बीजेपी के भोला सिंह ने जीत दर्ज की थी। 2009 में भोला सिंह के नवादा से सांसद बनने के बाद हुए उपचुनाव में भी बीजेपी के श्रीकृष्णा सिंह विजेता बने। 2010 में सुरेंद्र मेहता ने बीजेपी की ओर से चुनाव जीता, उन्हें 50,602 वोट मिले जबकि लोजपा के उपेंद्र सिंह को 30,984 वोट मिले थे। इस तरह बीजेपी ने 19,618 वोटों से जीत दर्ज की। हालांकि 2015 में कांग्रेस की अमिता भूषण ने बीजेपी के सुरेंद्र मेहता को 16,531 वोटों से हराकर इतिहास रच दिया।
2020 में बदली सीट, फिर लौटी बीजेपी
2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उम्मीदवार बदलते हुए कुंदन कुमार को मैदान में उतारा, जबकि कांग्रेस ने अमिता भूषण को दोबारा टिकट दिया। कुंदन कुमार को 74,217 वोट मिले जबकि अमिता भूषण को 69,662 वोट, और इस तरह बीजेपी ने फिर अपनी खोई सीट वापस पा ली।
लोकसभा में भी कायम रही बीजेपी की लीड
2024 के लोकसभा चुनाव में भी बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी को भारी लीड मिली। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर शानदार जीत दर्ज कर अपनी पकड़ मजबूत की। 2019 और 2024 दोनों लोकसभा चुनावों में इस सीट पर बीजेपी ने बढ़त बनाए रखी, जिससे यह सीट बीजेपी का सुरक्षित गढ़ मानी जाती है। 2024 में यहां 3,71,269 मतदाता थे, जो संशोधन के बाद घटकर 3,32,324 मतदाता रह गए हैं।
बेगूसराय सदर से कौन मैदान में?
2025 के विधानसभा चुनाव में दावेदारों की बात की जाए तो बीजेपी की यह सीटिंग सीट है। बीजेपी ने यहां कुंदन कुमार को फिर से चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं महागठबंधन से बेगूसराय विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में गई है। यहां से कांग्रेस की अमिता भूषण फिर चुनावी मैदान में हैं। वही जन सुराज से सुरेंद्र कुमार साहनी चुनावी मैदान में है।
बेगूसराय सदर में क्या हैं चुनावी मुद्दे?
बेगूसराय सदर विधानसभा के शहरी क्षेत्र में पिछले एक दशक से ज्यादा समय से बुडको के द्वारा जल निकासी के लिए किए जा रहे योजना से सड़कों की हालत बदतर हो गई है जिससे शहर वासी परेशान रहते हैं । शिक्षा के लिए लगातार यहां दिनकर विश्वविद्यालय के निर्माण को लेकर एक बड़ा मुद्दा रहता है। शहरी क्षेत्र होने की वजह से डिग्री कॉलेज में सीट बढ़ाने को लेकर भी मारामारी एक बड़ा मुद्दा छात्र संगठन के द्वारा बनाया जा रहा है। रोजगार पलायन का भी मुद्दा इस बार हावी रहेगा। शहरी क्षेत्र होने की वजह से अतिक्रमण और जाम की समस्या भी मुद्दा इस चुनाव में असर डालेगा।
भूमिहार राजपूत और वैश्य समाज के वोटर होते हैं निर्णायक
बेगूसराय विधानसभा भूमिहार बहुल विधानसभा माना जाता है अगर जातिगत आंकड़ों की बात करें तो राजनीतिक दल के द्वारा उपलब्ध कराए गए जातिगत आंकड़ा इस प्रकार से है- भूमिहार 75000, राजपूत 5200, कायस्थ 15000, ब्राह्मण 12000, कूर्मी धानुक 20000, कुशवाहा 22000, यादव 10000, मुसलमान 36000, पासवान 22000, रविदास 8000, मुशहर 7000, वैश्य 55000, तांती जुलाहा 8000, नागर 8000, धोबी 6000, नाई 5000, कुम्हार 4000, सहनी बिंद 13000, मेस्तर डोम 5000, कहार 4000, अन्य 20000 वोट हैं।
बिहार चुनाव में गरमाई सियासत, तेजस्वी ने नीतीश पर साधा सीधा निशाना
3 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए बिहार में नीतीश कुमार को कभी मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी।
एनडीए कभी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी तक देखने में जैसा लग रहा है, उसी आधार पर कहा जा सकता है कि बिहार में एनडीए कभी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। यह बात नीतीश कुमार को भी पता है। आने वाले समय में यह सबको देखने को मिलेगा।
महागठबंधन में किसी को कोई परेशानी नहीं
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए महागठबंधन के मुख्यमंत्री प्रत्याशी के बयान पर तेजस्वी यादव ने कहा कि जिसकी जैसी सोच होती है, वो वैसा ही करता है। हम लोग एक साथ हैं। महागठबंधन में किसी को कोई परेशानी नहीं है। अगर किसी को कई पद दिया जा रहा है तो सबकी सहमति से किया जा रहा है। इस विषय पर मैं और कुछ नहीं बोल सकता हूं।
महागठबंधन की सरकार बनाने वाली,एनडीए को भी पता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिन एक रैली के दौरान महागठबंधन पर 'राजनीतिक गुंडागर्दी' का आरोप लगाया और दावा किया कि राजद ने बंदूक के बल पर कांग्रेस से मुख्यमंत्री का पद छीन लिया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए पार्टियों को अपने साथ जोड़ने के लिए कुछ भी कर सकती है। बिहार में फिर से महागठबंधन की सरकार बनाने वाली है। यह बात एनडीए को भी पता चल गई है।
उद्योग लगाने की बात करेंगे
उन्होंने कहा गुजरात में लोग फैक्ट्री, आईटी पार्क, डाटा सेंटर सहित कई उद्योगों की बात करेंगे, लेकिन बिहार में इस तरह की बात नहीं करते। बिहार में एनडीए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास को रोक दिया है, जिसकी वजह से यहां के लोगों को परेशानी हो रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए के राज में हत्या और लूट लगातार बढ़ रही है। सरकार ही उन लोगों को संरक्षण दे रही है, जो बिहार में अपराध कर रहे है। ये बात जनता को पता चल गई है। आने वाले दिनों में इसका जवाब मिल जाएगा।
जादू-टोना के शक में बेटे ने की 70 वर्षीय मां की हत्या, मानवता शर्मसार
3 Nov, 2025 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के दुमका जिले के भद्रा डिघा गांव में एक व्यक्ति ने अपनी 70 वर्षीय मां की कथित रूप से हत्या कर दी। आरोपी को शक था कि उसकी मां जादू-टोना करती थी। पुलिस ने सोमवार को इस घटना की जानकारी दी। यह घटना 28 अक्टूबर को हुई थी, जब 41 वर्षीय आरोपी ने अपनी मां मुनी सोरेन पर चाकू से कई बार वार किया। घायल बुजुर्ग महिला को दुमका के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शनिवार को उनकी मौत हो गई। गोपीकंदर थाना प्रभारी सुमित भगत ने बताया कि आरोपी को रविवार को मधुबन स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा, “महिला की मौत के बाद उसकी बेटी ने अपने भाई के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज कराई। आरोपी को शक था कि उसकी मां जादू-टोना करती थी और उसने अपनी 18 वर्षीय बेटी की मौत के लिए मां को जिम्मेदार ठहराया था।”
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी ने पहले भी अपनी मां की हत्या की कोशिश की थी। उन्होंने बताया, “28 अक्टूबर की रात आरोपी शराब के नशे में था और अपनी बेटी की मौत को लेकर गुस्से में था। गुस्से में वह अपनी बहन के घर पहुंचा और वहां अपनी मां पर कई बार चाकू से वार कर दिया।”
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया है। थाना प्रभारी सुमित भगत ने बताया कि पुलिस अब झारखंड विचक्राफ्ट प्रिवेंशन एक्ट, 2001 के तहत ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, “हम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA) के साथ मिलकर सुदूर और घने जंगल वाले गांवों में जागरूकता शिविर आयोजित करेंगे, जहां अशिक्षा और अंधविश्वास के कारण इस तरह की घटनाएं अधिक होती हैं।”
आज शाम होगी झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक, सीएम हेमंत सोरेन करेंगे अध्यक्षता
3 Nov, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज यानी सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक होगी। यह बैठक प्रोजेक्ट भवन मंत्रालय में शाम तीन बजे शुरू होगी। बैठक में विभिन्न विभागों से आए प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी और मंत्रिमंडल के सदस्यों द्वारा उस पर निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस बार की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर मुहर लग सकती है। आज के एजेंडे में करीब 20 से 25 प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लिए जाने की संभावना है।
किसानों को मुआवजा देने पर हो सकती है चर्चा
बैठक का सबसे अहम मुद्दा चक्रवात तूफान ‘मोंथा’ से किसानों की फसलों को हुए नुकसान पर चर्चा होगा। कृषि विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा, जिसके तहत प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता दी जा सकती है।
राज्य स्थापना दिवस की तैयारी पर भी मंथन
15 नवंबर को होने वाले झारखंड स्थापना दिवस की तैयारियों पर भी बैठक में चर्चा होगी। सरकार इस बार स्थापना दिवस को विशेष रूप से मनाने की योजना बना रही है। रांची के मोरहाबादी मैदान में मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई जनकल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की जा सकती है।
अभियंताओं की पदोन्नति और कैडर प्रबंधन पर निर्णय संभव
लंबे समय से अभियंताओं की पदोन्नति, स्थानांतरण और सेवा शर्तों में एकरूपता लाने की मांग उठ रही थी। आज की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। इसके बाद अभियंताओं के कैडर प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी।
संविदा नियुक्ति और विकास योजनाओं की समीक्षा
बैठक में विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता है। साथ ही ग्रामीण विकास और जल संसाधन विभाग की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा भी होगी
सरकार गठन के एक साल पूरे होने पर राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके तहत योजनाओं के क्रियान्वयन की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जा सकती है।
बिहार चुनाव 2025: हरनौत में JDU बनाम कांग्रेस बनाम जनसुराज, किसका चलेगा सिक्का?
3 Nov, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नालंदा: हरनौत विधानसभा 2025 का चुनाव इतिहास रचने के मोड़ पर है। वर्ष 1970 के दशक में अस्तित्व में आए हरनौत विधानसभा से न तो कांग्रेस और न ही राजद या लोजपा का ही खाता खुला है। इस चुनाव में सवाल यह उठ रहा है कि हरनौत के चुनावी 'जंग' में बनते नए समीकरण क्या ध्वस्त कर पायेगा जदयू का 'गढ़'? क्या कांग्रेस इस सीट से जीत कर बदलेगा इतिहास का रुख? या फिर जदयू के विधायक लगा पाएंगे लगातार जीत का चौका? जानते हैं...
नीतीश कुमार से हरनौत की खास पहचान
नीतीश कुमार से हरनौत विधानसभा की विशेष पहचान बनी हुई है। नीतीश कुमार ने वर्ष 1985 और 1995 में हरनौत से जीत का परचम लहराया था। नीतीश कुमार के केंद्रीय राजनीति में चले जाने के बाद वर्ष 1996 में समता पार्टी के अरुण सिंह, वर्ष 2000 के चुनाव में समता पार्टी के विश्वमोहन चौधरी, वर्ष 2005 के चुनाव में जदयू के सुनील सिंह ने जीत दर्ज की थी। अब सवाल यह है कि क्या इस बार हरनौत का किला ढहाएगी कांग्रेस या जनसुराज कोई नया इतिहास रच पाएगी, या फिर JDU विधायक हरिनारायण सिंह लगातार चौथी बार जीत दर्ज करेंगे?
हरनौत विधानसभा हरिनारायण सिंह के लिए बहुत ही शुभ रहा है। वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में इन्होंने लोजपा के अरुण कुमार को परास्त किया। तब हरिनारायण सिंह को 56827 मत मिला तो लोजपा के अरुण कुमार को 41785 मत मिले। वर्ष 2015 विधानसभा का चुनाव जंग में भी जदयू के हरीनारायण सिंह ने अपने पुराने विरोधी लोजपा के अरुण कुमार को हराया। तब जदयू के हरिनारायण सिंह को 71933 मत मिले थे। लोजपा के अरुण कुमार को 57638 वोट मिले थे।
वर्ष 2020 के चुनाव में जदयू के हरिनारायण सिंह ने लोजपा की ममता देवी को हराया। इस बार हरीनारायण सिंह को 65404 मत मिले और लोजपा की ममता देवी को 38161 मत मिले। कांग्रेस के कुंदन कुमार को 21144 मत मिले थे।
क्या हरनौत में लगेगा जीत का चौका?
वर्ष 2025 का हरनौत विधानसभा एक रोचक संघर्ष में बदल गया है। जदयू ने अपने सीटिंग विधायक हरिनारायण सिंह पर भरोसा किया तो कांग्रेस ने इस बार बिंद जाति से आने वाले अरुण बिंद को नया समीकरण गढ़ने के लिए चुनावी जंग में उतारा है। हरनौत का चुनावी 'जन संग्राम' इस बार नए सोशल इंजीनियरिंग का परिणाम लेकर आएगा। हालांकि इस बार हरीनारायण सिंह का नाम टिकट कटने वाली सूची में शामिल था, लेकिन सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हस्तक्षेप के कारण हरिनारायण सिंह को 'जीत का चौका' लगाने का आमंत्रण दे दिया।
क्या है हरनौत की सोशल इंजीनियरिंग?
हरनौत विधानसभा क्षेत्र में कुर्मियों की संख्या ज्यादा है। हरनौत विधानसभा में एनडीए गठबंधन का सोशल इंजीनियरिंग कुर्मी, राजपूत, भूमिहार के साथ अतिपिछड़ा और दलित मतों के एक बड़ा हिस्सा से जुड़ कर बनता है। वहीं महागठबंधन के सोशल इंजीनियरिंग का आधार यादव और मुस्लिम रहा है। इसके अलावा अतिपिछड़ा और पिछड़ी जाति का एक बड़ा हिस्सा उनके वोट का आधार बनता रहा है।
इस बार महागठबंधन ने नए सोशल इंजीनियरिंग के साथ उम्मीदवार अरुण बिंद को उतारा है। बिंद उम्मीदवार देने के कारण अतिपिछड़ा का वोट बैंक महागठबंधन की तरफ शिफ्ट कर गया तो जदयू के उम्मीदवार हरिनारायण सिंह को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
एनडीए के साथ एक बड़ा फैक्टर यह है कि इस बार लोजपा उनका फिर से साथी दल बन गया। ऐसे में पासवान जाति का कितना वोट जदयू के खाते में जाता है वह जीत का निर्णायक फैसला हो सकता है।
पर इस बार हरनौत विधानसभा में एक नया चैप्टर 'जन सुराज' पार्टी का जुड़ गया है। जन सुराज ने पासवान जाति से आने वाले कमलेश पासवान को चुनावी 'जंग' में उतारा है।
अब देखना यह है कि पासवान वोट लोजपा (आर) अध्यक्ष चिराग पासवान के नियंत्रण में जदयू के उम्मीदवार हरिनारायण सिंह को मिलता है या जनसुराज के कमलेश पासवान बाजी मारते हैं। हरनौत विधानसभा चुनाव का इस बार टर्निंग प्वाइंट पासवान वोट बनने जा रहा है। यह जदयू के उम्मीदवार की तरफ गया तो चौका मार पाएंगे हरिनारायण सिंह और अगर यह जनसुराज की तरफ गया तो एनडी ए और महागठबंधन की लड़ाई काफी कांटे की हो जाएगी।
नीतीश कुमार ने कहा: 'बिहारी कहलाना अब गर्व की बात'
1 Nov, 2025 07:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव से पहले एक वीडियो संदेश जारी कर राज्यवासियों से संवाद किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से लगातार बिहार की सेवा करने का अवसर जनता ने उन्हें दिया है और इस दौरान राज्य में विकास व सामाजिक सौहार्द को प्राथमिकता दी गई है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि जब हमने शासन संभाला था, तब ‘बिहारी’ कहलाना एक अपमान माना जाता था। हमने ईमानदारी और पूरी मेहनत से काम किया। आज ‘बिहारी’ कहलाना गर्व की बात है।
सरकार ने हर वर्ग के लिए समान रूप से काम किया है
पीएम मोदी ने आगे कहा कि सरकार ने हर वर्ग के लिए समान रूप से काम किया है। चाहे हिंदू हों या मुस्लिम, सवर्ण, पिछड़े, अति-पिछड़े, दलित या महादलित सबके विकास के लिए काम हुआ है। मैंने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया, केवल जनता की सेवा की है। सीएम नीतीश ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को बिहार के विकास की कुंजी बताया।
एनडीए की सरकार होने से विकास की रफ्तार और तेज हुई
उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य दोनों जगह एनडीए की सरकार होने से विकास की रफ्तार और तेज हुई है। बिहार में अब विकास के साथ-साथ कानून-व्यवस्था भी मजबूत हुई है। नीतीश कुमार का यह वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर जारी किया गया है।
पवन सिंह बोले- मेरी विचारधारा एनडीए के साथ, खेसारी की अलग
1 Nov, 2025 06:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गहमागहमी के बीच भोजपुरी अभिनेता खेसारीलाल यादव के बयान पर एक्टर पवन सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि हमारा भाईचारा अलग है. पवन सिंह ने साफ किया कि हमारी विचारधारा एनडीए के साथ है जबकि उनकी विचारधारा अलग है. उन्होंने ये भी कहा कि बिहार की जनता बहुत ही समझदार है. बिहार की राजधानी पटना में मीडिया से बातचीत में पवन सिंह ने कहा, ''हमारे रिश्ते अलग हैं. हमारी विचारधाराएं अलग हैं, उनकी विचारधारा अलग है. हमारी विचारधारा एनडीए के साथ है. आज एयरपोर्ट पर बिहार के दो लाल अपनी जनता के बीच में निकल चुके हैं. बिहार की जनता बहुत समझदार है और एनडीए के साथ खड़ी है."
मेरे लिए पार्टी का आदेश सर्वोपरी- पवन सिंह
इससे पहले पावरस्टार पवन सिंह ने खेसारी लाल यादव के लिये छपरा जाने के सवाल पर भी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था, ''मेरे लिए रिश्ता भी मायने रखता है. मेरे लिए पार्टी का आदेश सर्वोपरी है. तो मुझे जो आदेश मिलेगा तो उसे मैं टाल नहीं सकता है लेकिन मेरी ओर से उनके लिए शुभकामनाएं हैं, खुश रहें, मस्त रहें.''
छपरा सीट से RJD प्रत्याशी हैं खेसारी लाल यादव
खेसारी लाल यादव RJD के टिकट पर छपरा विधानसभा सीट से प्रत्याशी हैं. वो पहली बार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. वहीं पवन सिंह बतौर बीजेपी नेता एनडीए के स्टार प्रचारकों में शामिल हैं. चुनाव प्रचार अभियान में खेसारी लाल यादव, पवन सिंह पर भी हमला करने से भी नहीं हिचके. उन्होंने पवन सिंह की शादीशुदा जिंदगी पर कई सारे कमेंट किए.बहरहाल पहले खेसारी लाल यादव, रवि किशन, मनोज तिवारी, निरहुआ और पवन सिंह को अपना भाई बताया करते थे लेकिन वो आज उनके खिलाफ बयान दे रहे हैं. बता दें कि बिहार में दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान है, जबकि 14 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे.
मोहन यादव का कांग्रेस-राजद पर वार: ‘बिहार में परिवारवाद हावी’
1 Nov, 2025 06:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Mohan Yadav in Bihar: MP : बिहार में चुनाव प्रचार का अभियान तेज हो गया है. पक्ष-विपक्ष दोनों एक दूसरे पर हमलावर हैं. इसी बीच कई बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री लगातार बिहार में आकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं. इसी क्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार सातवीं बार शुक्रवार (31 अक्टूबर) को देर शाम पटना जिले के दीघा विधानसभा में रोड शो किए. इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी जमकर हमला किया. इसके साथ ही राहुल गांधी के छठ के अपमान वाले मुद्दे को जीवंत रखने की कोशिश करते हुए जमकर प्रहार किया.
PM नरेंद्र मोदी सनातन संस्कृति के सबसे बड़े रक्षक- मोहन यादव
डॉ. यादव ने पहले मध्य प्रदेश की तारीफ करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उज्जैन में बाबा महाकाल के महालोक का शुभारंभ हुआ है. वे सनातन संस्कृति के सबसे बड़े रक्षक हैं. जल्द ही यमुना के किनारे मथुरा में कृष्ण-कन्हैया का भी तीर्थ बनेगा. मध्य प्रदेश के साथ बिहार भी बदला है. मध्य प्रदेश में बीजेपी ने एक सामान्य कार्यकर्ता को भी मुख्यमंत्री बनाया है, यही लोकतंत्र की खूबसूरती है."
उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, "दूसरी ओर, बिहार में एक ही परिवार के नेता चुनाव लड़ रहे हैं. जिनकी दादी ने आपातकाल लागू कर लोकतंत्र का गला घोटा था, उनकी वाणी पर नियंत्रण नहीं है, पता नहीं क्या-क्या बोलते हैं. नादान नेता प्रतिपक्ष ने ऐसी भाषा बोली, जिससे हर कोई शर्मसार हो जाए. वे बिहार में आकर छठी मैया का अपमान करते हैं. प. बंगाल की मुख्यमंत्री बिहार के लोगों को अपराधी बताती हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार को छोटा-मोटा राज्य बताते हैं. ऐसी भाषा बोलने वालों का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है. आप लोग 6 नवंबर को कमल का बटन दबाकर इन्हें सबक सिखाएं."
बिहार चुनाव में एनडीए की विजय का वातावरण- मोहन यादव
मोहन यादव ने आगे कहा कि बिहार चुनाव में यह मेरा सातवें दिन का दौरा है. बिहार चुनाव में एनडीए की विजय का वातावरण बना हुआ है. बिहार में एक बार फिर एनडीए के नेतृत्व में नीतीश कुमार जी की सरकार बनेगी. पिछले 20 साल में बिहार बदल गया है. बिहार की धरती से मेरा अलग संबंध है, यहां हमारे कुल की बराह देवी का मंदिर है. बिहार सम्राट अशोक के कार्यकाल के लिए भी पहचान रखता है. यहां भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब ने सूर्य भगवान का मंदिर बनवाया था.
प्रोग्राम के बहाने बुलाकर की गई ASI अनिरुद्ध की हत्या, डांसर समेत 7 गिरफ्तार
1 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के सिवान जिले में शुक्रवार सुबह ASI अनिरुद्ध कुमार की निर्मम हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस पूरे घटना के पीछे का कारण एएसआई का एक महिला डांसर के साथ बातचीत सामने आया है. पुलिस ने इस घटना में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मृतक अनिरुद्ध के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.
सिवान पुलिस जानकारी के अनुसार, दरौंदा थाना क्षेत्र के सिरसांव, नवका टोला स्थित पिंटू कुमार के मकान में बाहर से आने वाले कुछ महिला डांसर रहती थीं. इन डांसर की टीम में काम करने वाली एक महिला की बातचीत असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर अनिरुद्ध कुमार से होती थी. महिला डांसर के पति इमरान अंसारी ने अपनी पत्नी को एएसआई से मोबाइल पर मैसेज और काल कॉल पर बातचीत करते हुए देख लिया था.
प्रोग्राम देखने के बहाने बुलाकर हत्या
यह बात उसे नागवार गुजरी. दीपावली के दिन इमरान अंसारी उसके सहयोगी राहुल कुमार और ASI अनिरुद्ध कुमार के बीच नोकझोंक भी हुई थी. इसके बाद इमरान ने राहुल और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर अनिरुद्ध की हत्या का प्लान बनाया. इन्होंने अनिरुद्ध को प्रोग्राम देखने के बहाने बुलाया और सिरसाव गांव के पास खेत में ले जाकर के धारदार हथियार से गला काटकर निर्ममता से हत्या कर दी.
2 महिला डांसर सहित 7 अरेस्ट
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए सिवान के एसपी ने त्वरित जांच और मामले के लिए खुलासे के लिए एसडीपीओ महाराजगंज की नेतृत्व में एक एसआईटी टीम का गठन किया गया और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए. अनुसंधान के क्रम में गठित एसआईटी टीम ने तकनीकी साक्ष्य और सूचना के आधार पर कांड में सम्मिलित सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें दो महिला डांसर भी शामिल हैं. पूछताछ के क्रम में गिरफ्तार सभी आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है.
इस पूरी घटना में मृतक अनिरुद्ध कुमार के परिजनों के द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस पूरी घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. इस घटना में गिरफ्तार होने वाले अन्य अभियुक्त में इमरान अंसारी और समीर इदरीसी पड़ोसी देश नेपाल के बांके जिले के बताए जा रहे हैं, जबकि राहुल कुमार यादव सिवान के दरौंदा, रंजन कुमार श्रीवास्तव और संदीप सिंह महाराजगंज के निवासी हैं.
झारखंड में कड़ाके की ठंड की शुरुआत, तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट जारी
1 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांचीः राजधानी रांची समेत कई ज़िलों में शुक्रवार दोपहर 2:00 बजे भी अच्छी खासी कंकनी वाली हवा महसूस की गई, जिससे गाड़ी चलाना भी मुश्किल हो गया. हालांकि बारिश हल्की रही, लेकिन आसमान में छाए काले बादलों और ठंडी हवाओं ने लोगों को एकदम दिसंबर जैसी ठंड का एहसास करा दिया.
आज (शनिवार) का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर आज 1 नवंबर, शनिवार को भी जारी रहने की संभावना है.
कोहरा और बारिश: सुबह के समय कई जगह कोहरे या धुंध छाए रहेंगे. राज्य के पूर्वी भाग में कहीं-कहीं मेघ गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना है, जबकि शेष हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा.
हवा की रफ़्तार और चेतावनी: इस दौरान कई इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चल सकती है और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी भी दी गई है. मौसम विभाग ने वाहन चालकों को खराब मौसम में सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी है.
तापमान में भारी गिरावट
तूफान के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर बहुत कम हो गया है. लातेहार में अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया, यानी सिर्फ 3 डिग्री का फर्क. रांची का अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहा. तूफान की वजह से लगभग हर ज़िले में दोपहर के समय भी कंकनी वाली हवा और ठंडक महसूस हो रही है.
नागरिकों के लिए हेल्पलाइन
जल जमाव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने क्विक रिस्पांस टीम का गठन किया है और हेल्पलाइन नंबर 18005701235 जारी किया है, ताकि नागरिक किसी भी आपात स्थिति में संपर्क कर सकें.
मौसम ने रोका उड़ान, सड़क पर उतरे नीतीश कुमार — रोड शो से दिखाएंगे दम
31 Oct, 2025 04:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना. बिहार में चुनावी घमासान जारी है और नेता दिन-रात चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. वे हेलीकॉप्टर की मदद से एक दिन में कई चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे हैं ताकि अधिक से अधिक प्रचार किया जा सके. लेकिन, इसी बीच मोथा तूफान ने गहरा असर डाला है. बिहार में हो रही लगातार बारिश और खराब मौसम ने नेताओं के हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने नहीं दी, जिसका बड़ा असर उनके चुनाव प्रचार पर पड़ा है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी आज छह चुनावी सभाओं को संबोधित करना था. लेकिन खराब मौसम की वजह से उनका हेलीकॉप्टर नहीं उड़ सका. इसके चलते उन्होंने अपने कार्यक्रम में बदलाव किया और तय किया कि वे सड़क मार्ग से ही चुनाव प्रचार करेंगे. नीतीश कुमार सड़क मार्ग से चुनाव प्रचार के लिए निकल गए, जिनके साथ जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद थे.
आज नीतीश कुमार की समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में चुनावी सभाएं थीं, जहां उन्हें छह सभाओं को संबोधित करना था. लेकिन, अब मौसम खराब होने की वजह से वे समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में सड़क मार्ग से चुनाव प्रचार करने निकले. इस दौरान वे रोड शो भी करेंगे ताकि मतदाताओं से एनडीए उम्मीदवार के लिए वोट मांग सकें.
नीतीश कुमार के साथ जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि मौसम खराब है. लेकिन, नीतीश कुमार ने तय किया कि चुनाव प्रचार बाधित नहीं होना चाहिए. इस वजह से हमलोग सड़क मार्ग से निकल गए हैं. मुख्यमंत्री एक दिन में कई चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे हैं और यह उन लोगों के लिए जवाब है जो सवाल उठाते हैं. मुख्यमंत्री आज रात संजय झा के अररिया संग्राम निवास पर विश्राम करेंगे.
त्योहारों के बाद भीड़ को देखते हुए दिल्ली रूट पर दो नई स्पेशल ट्रेनों की सुविधा
31 Oct, 2025 04:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीतामढ़ी: बिहार-यूपी की महिलाओं की एक बड़ी ही तादाद लोक आस्था का महापर्व छठ करतीं है। दूसरे प्रदेशों में काम करने वाले लोग छठ और होली में घर पर आना नहीं भूलते है। ट्रेनों में भले ही रिजर्वेशन न मिले, तो जनरल टिकट पर ही सही, घर जरूर आते हैं। छठ की महत्ता क्यों होती है, यह बिहारी के सिवा दूसरे प्रदेश के लोग शायद ही समझ पाएंगे। छठ पर्व में जैसे-तैसे घर पहुंचे लोग अब नौकरी-पेशा पर जल्द लौटने की कोशिश कर रहे है। ट्रेनें कम होने और जाने वालों की संख्या अप्रत्याशित होने के चलते रेलवे की ओर से सीतामढ़ी जंक्शन से दो स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया है।
ट्रेनों के परिचालन से काफी राहत
छठ के समापन के बाद लोगों के काम पर वापसी की रफ्तार बढ़ गई है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरू समेत अन्य शहरों में बड़ी संख्या में बिहार के बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। ऐसे लोगों को लौटने में परेशानी न हो, इसके लिए पूर्व मध्य रेलवे की ओर से दो विशेष ट्रेनों का परिचालन शुरू कराया गया है। समस्तीपुर मंडल से मिली जानकारी के अनुसार, छठ बाद प्रदेश वापसी के लिए सीतामढ़ी स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। हालांकि रेलवे की ओर से दो ट्रेनों का परिचालन होने से यात्रियों को राहत जरूर मिल रही है।
इन दो ट्रेनों का नंबर याद रखें
बताया गया है कि 04009 सीतामढ़ी-दिल्ली स्पेशल ट्रेन हर शुक्रवार को सीतामढ़ी से 23.55 बजे खुलेगी और अगले दिन 23.58 बजे दिल्ली पहुंचेगी। वहीं, 04015 सीतामढ़ी - नई दिल्ली फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन एक दिसंबर तक प्रतिदिन सीतामढ़ी से 16.30 बजे खुलेगी और अगले दिन 18.15 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। रेल अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के बाद राजधानी और औद्योगिक शहरों में काम पर लौटने वालों की भारी भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है।
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर
देवखोल में अवैध कोयला खनन पर बड़ी कार्रवाई, 6 टन से अधिक कोयला जब्त
10वीं-12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों को द्वितीय अवसर परीक्षा का मिलेगा मौका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
