छत्तीसगढ़
टायर फटने के बाद ट्रक में लगी आग, समय रहते बुझाई गई
27 Feb, 2025 01:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर-जगदलपुर मुख्य मार्ग में स्थित ग्राम जगतरा में टोल प्लाजा के पास एक ट्रक का टायर फटने के बाद उसमें अचानक आग लग गई। यह घटना बीती रात की बताई जा रही है। देर शाम ट्रक में लगी आग का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस थाना पुरुर थाना प्रभारी ने बताया कि जगदलपुर की ओर से आ रही एक ट्रक का पिछला टायर फटने के बाद ट्रक मे आग लग गई। ट्रक में आयरन गिट्टी लोड थी।
यह घटना गुरुर ब्लॉक से गुजरे नेशनल हाईवे 30 में ग्राम जगतरा में टोल प्लाजा के पास की है। जहां दिन भर सैकड़ों की संख्या में वाहन गुजरते हैं ऐसे में ट्रक में आग लगने के बाद तत्काल जिला मुख्यालय धमतरी और बालोद से अग्निशमन वाहन को बुलाया गया, जहां काफी मशक्कत के बाद ट्रक में लगी आग पर काबू पाया गया।
जिस ट्रक में आग लगी थी उस ट्रक का वाहन चालक एवं परिचालक पूरी तरह से सुरक्षित है, हालांकि घटना के बाद लगभग 2 घंटे तक मुख्य मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की कतारे लग गई थी। ट्रक में लगी आग को नियंत्रित करने के बाद ही अन्य वाहनों को आवागमन के लिए रवाना किया गया। पूरी घटनाक्रम के दौरान थाना प्रभारी अपने दल बल के साथ घटना स्थल पर ही डटे रहे।
सुकमा और कोंटा के कांग्रेस कार्यालय भवन निर्माण समेत कई बिंन्दुओं ईडी ने माँगा जवाब
27 Feb, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन से कांग्रेस में हड़कंप मचा हुआ है. हाल ही में कांग्रेस ने इसको लेकर एक बैठक भी आयोजित की थी. बैठक में ईडी द्वारा मांगे गए चार बिंदुओं पर चर्चा की गई और जवाब तैयार किए गए. कांग्रेस आज ईडी को अपना जवाब पेश करेगी. इसमें सुकमा और कोंटा में कांग्रेस कार्यालय भवन के निर्माण समेत अन्य जानकारी मांगी गई है. बैठक में कांग्रेस ने ईडी के समन और जांच एजेंसी को दिए जाने वाले जवाब तैयार कर लिए हैं। कांग्रेस ने ईडी को सभी सवालों के जवाब देने का फैसला किया है।
यह मामला पूर्व मंत्री कवासी लखमा और शराब घोटाले से जुड़ा है. ईडी ने कांग्रेस नेताओं से सुकमा और कोंटा में बने राजीव भवन के निर्माण से जुड़ी जानकारी मांगी है. मलकीत सिंह गैदू ईडी दफ्तर पहुंचे: छत्तीसगढ़ में ईडी के समन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मलकीत सिंह गैदू ईडी दफ्तर पहुंच गए हैं. वे ईडी के नोटिस का जवाब देने ईडी दफ्तर पहुंचे हैं. मंगलवार को ईडी ने उन्हें नोटिस देकर तलब किया था।
सुकमा-कोंटा कांग्रेस कार्यालय निर्माण की जानकारी देंगे। ईडी ने समन जारी कर 4 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। इस संबंध में मलकीत गैदू ने जानकारी दी है कि ईडी को जानकारी देने के लिए 30 पेज की जानकारी तैयार की गई है। ईडी से निर्माण की पाई-पाई का हिसाब देने को कहा गया है। चार बिंदुओं पर पूरी जानकारी तैयार की गई है।
25 फरवरी को ईडी ने जारी किया था समन
ईडी की चार सदस्यीय टीम 25 फरवरी को सुरक्षा बलों के साथ रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंची और संगठन महामंत्री मलकीत सिंह गैदू को समन सौंपा। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बंगले पर कांग्रेस नेताओं की गोपनीय बैठक हुई। बैठक में ईडी के समन और जांच एजेंसी को दिए जाने वाले जवाबों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इन प्रमुख बिंदुओं पर ईडी ने मांगी जानकारी
ईडी ने कांग्रेस नेताओं से सुकमा और कोंटा में बने राजीव भवन के निर्माण से जुड़ी जानकारी मांगी है। जांच एजेंसी ने चार बिंदुओं पर जवाब मांगा है-
पहला फंडिंग: सुकमा और कोंटा में राजीव भवन के लिए फंड कहां से आया?
दूसरा निर्माण शुरू: निर्माण कार्य कब शुरू हुआ?
तीसरा ठेकेदार: निर्माण का ठेकेदार कौन है?
चौथा वित्तीय ब्यौरा: निर्माण से जुड़ी पूरी वित्तीय जानकारी क्या है?
शराब घोटाला मामला क्या है?
यह मामला पूर्व मंत्री कवासी लखमा और शराब घोटाले से जुड़ा है। ईडी इस मामले में पहले भी कई कार्रवाई कर चुकी है। शराब घोटाले में करोड़ों रुपए की गड़बड़ी का आरोप है। ईडी इस मामले में कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है और कई दस्तावेज जब्त कर चुकी है। अब ईडी ने कांग्रेस नेताओं से राजीव भवन के निर्माण से जुड़ी जानकारी मांगी है, जिससे इस मामले में नई जानकारी सामने आ सकती है।
कांग्रेस आज ईडी को देगी जानकारी
कांग्रेस आज 27 फरवरी को ईडी को जानकारी देगी। इस जानकारी में ईडी द्वारा मांगी गई जानकारी के बारे में जानकारी दी जाएगी। कांग्रेस सुकमा और कोंटा में कांग्रेस कार्यालय के निर्माण के बारे में जानकारी देगी। इस अवधि के दौरान कांग्रेस खरीदी गई भूमि, निर्माण की शुरुआत, व्यय, संबंधित ठेकेदारों और निर्माण के लिए धन के स्रोत का भी खुलासा करेगी।
बदल जाएगी सरकारी स्कूलो में पड़ने वाले बच्चो ड्रेस, नए लुक-नए कलर में होगी यूनिफॉर्म
27 Feb, 2025 12:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब नए लुक में नजर आएंगे। राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म का रंग बदलने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री की पहल पर न सिर्फ यूनिफॉर्म का रंग बदला जाएगा, बल्कि ड्रेस की गुणवत्ता में भी सुधार किया जाएगा। नए शिक्षा सत्र से नई यूनिफॉर्म लागू करने की तैयारी चल रही है। स्कूलों के बच्चों की यूनिफॉर्म ग्रे रंग की होगी।
अभी तक छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में बच्चों की यूनिफॉर्म आसमानी रंग की शर्ट और नेवी ब्लू रंग की पैंट या स्कर्ट की होती थी। लेकिन अब इस यूनिफॉर्म का रंग बदलकर ग्रे किया जाएगा। मुख्यमंत्री की पहल पर यह फैसला लिया गया है। नई यूनिफॉर्म से न सिर्फ बच्चों को नया लुक मिलेगा, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी पहले से बेहतर होगी।
मुख्यमंत्री की पहल से ड्रेस की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा
मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष ध्यान दिया है। नई यूनिफॉर्म बेहतर कपड़े से तैयार की जाएगी, ताकि बच्चों को ज्यादा सहूलियत मिल सके। इसके साथ ही यूनिफॉर्म का डिजाइन भी आधुनिक और आकर्षक बनाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को नई पहचान देना और उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित करना है।
नए शिक्षा सत्र से नई यूनिफॉर्म लागू करने की तैयारी
राज्य सरकार ने नए शिक्षा सत्र 2025-26 से नई यूनिफॉर्म लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। नया शिक्षा सत्र 16 जून से शुरू होगा और उसी दिन से बच्चों को नई यूनिफॉर्म पहनने को मिलेगी। इसके लिए सरकार ने यूनिफॉर्म तैयार करने और बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी सरकारी स्कूलों में समय पर यूनिफॉर्म पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
'ग्रे' कलर में होगी नई यूनिफॉर्म
नई यूनिफॉर्म का रंग ग्रे होगा। यह रंग न केवल आकर्षक है, बल्कि सफाई और धुलाई के लिहाज से भी बेहतर माना जाता है। ग्रे यूनिफॉर्म बच्चों को प्रोफेशनल लुक देगी और स्कूलों में एकरूपता बढ़ाएगी। इसके साथ ही जूते, मोजे और बेल्ट भी यूनिफॉर्म से मैच करेंगे।
अभी स्काई ब्लू शर्ट और नेवी ब्लू है यूनिफॉर्म
अभी तक छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में बच्चों की यूनिफॉर्म स्काई ब्लू शर्ट और नेवी ब्लू पैंट या स्कर्ट हुआ करती थी। यह यूनिफॉर्म कई सालों से चल रही थी। लेकिन, अब इसे ग्रे रंग की यूनिफॉर्म से बदला जाएगा। इस बदलाव का मकसद बच्चों को नया और आधुनिक लुक देना है।
CG बजट सत्र का तीसरा दिन, प्रश्नकाल में उठे डिप्टी सीएम के विभागों के मुद्दे
27 Feb, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ में विधानसभा बजट सत्र का आज 27 फरवरी को तीसरा दिन है। आज प्रश्नकाल है। डिप्टी सीएम अरुण साव प्रश्नकाल में जवाब देंगे। इसके साथ ही मंत्री लखनलाल देवांगन भी अपने विभागों का जवाब देंगे। वहीं मंत्री केदार कश्यप दो रिपोर्ट पेश करेंगे। विधानसभा के तीसरे दिन विपक्ष फिर हंगामा करने की तैयारी में है। प्रश्नकाल में विपक्ष मंत्रियों को घेर सकता है। विधानसभा में अजय चंद्राकर, उमेश पटेल ने ध्यानाकर्षण कराया। राजस्व मामलों में शकुंतला सिंह ने भी ध्यानाकर्षण कराया है। विधायक मंत्री टंकराम वर्मा का ध्यानाकर्षण कराएंगे। राज्यपाल के अभिभाषण पर भी सदन में चर्चा होगी। विधायक धरमलाल कौशिक अभिभाषण पर चर्चा करेंगे।
सड़क निर्माण का मुद्दा उठा
विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन। बांसकोट के केशकाल सड़क निर्माण कार्य का मामला। विधायक नीलकंठ टेकाम ने मुद्दा उठाया। सड़क का काम अधूरा है, क्या कारण है। इस पर अरुण साव ने जवाब दिया है कि आवंटन के अभाव में काम अधूरा है। अभी तक प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिली है। पेंच रिपेयर का काम भी पूरा हो जाएगा। चौड़ीकरण पर भी जल्द विचार किया जाएगा।
प्रश्नकाल के साथ सदन की कार्यवाही
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू हो गई है। सदन में उपमुख्यमंत्री के विभागों से जुड़ा मामला उठा है। प्रश्नकाल में डिप्टी सीएम अरुण साव जवाब दे रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी उठेंगे सवाल
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत राजस्व से जुड़े लंबित मामलों और धमतरी जिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर भी चर्चा होगी। इस विषय पर स्वास्थ्य मंत्री से जवाब मांगा जाएगा।
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा
विधानसभा में आज राज्यपाल के अभिभाषण पर भी चर्चा प्रस्तावित है, जिसमें सरकार की योजनाओं और नीतियों पर चर्चा होगी।
विपक्ष ला सकता है स्थगन प्रस्ताव
विपक्ष द्वारा किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की भी संभावना है। कांग्रेस ने पहले ही रणनीति बना ली है कि हर दिन किसी नए विषय पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जाएगा ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
विधायक देवेंद्र यादव का बढ़ेगा कद, जेल से छूटने के बाद राहुल गांधी से की थी मुलाकात, क्या होगी नई भूमिका?
26 Feb, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबिकापुर: कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव जेल से रिहा क्या हुए ऐसा लग रहा है कि उनका राजनीति में पुनर्जन्म हो गया। जेल से बाहर आते ही दिल्ली से बुलावा आ गया और चर्चा शुरू हो गई कि उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके बाद अब राहुल गांधी से 40 मिनट की मुलाकात और फिर मीटिंग की तस्वीर सामने आई। जिससे दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ तक अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
बड़ी जिम्मेदारी पर क्या बोले देवेंद्र यादव ?
जानकार बताते हैं हाई कमाड देवेंद्र यादव को कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकता है। हालांकि, कांग्रेस देवेंद्र यादव ने इस सवाल पर कहा कि मुझे पार्टी ने जिम्मेदारी देकर रखी है। पिछले समय जब मैं जेल में था उस समय पार्टी ने मुझे बिहार का प्रभारी बनाया। बिहार में आगामी छह महीने में चुनाव होना हैं। विधायक देवेंद्र यादव राहुल गांधी के काफी करीबी माने जाते हैं। कई मौकों की तस्वीरें इसकी गवाह हैं। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में भी देवेंद्र यादव राहुल गांधी के करीब ही नजर आए थे।
शून्यता की ओर बढ़ रही कांग्रेस- अरुण साव
देवेंद्र ने छात्र जीवन से राजनीति में कदम रखा। एनएसयूआई के बाद केंद्र में युवा कांग्रेस की जिम्मेदारी संभाली। अब जेल से रिहा होने के बाद उनका सियासी कद बढ़ने की चर्चा चल रही है। इस चर्चा पर अरुण साव का कहना है कि कांग्रेस की बदलाव की चर्चा पिछले डेढ़ साल से हम सुन रहे हैं। विधानसभा चुनाव का परिणाम जब से आया है तब से चल रही है यह चर्चा। कांग्रेस की चर्चा पर मत जाइए। दिल्ली में शून्य, निकायों में शून्य, शून्यता की ओर बढ़ रही है कांग्रेस।
जेल से छूटते ही हुई देवेंद्र समेत 13 पर FIR
देवेंद्र यादव को करीब 7 महीने बाद जेल से बेल मिली। इस रिहाई को जश्न की तरह मनाया। इस दौरान सड़क पर ट्रैफिक जाम हो गया। इस पर गंज पुलिस ने देवेंद्र यादव, सुबोध हरितवाल, आकाश शर्मा समेत 13 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
सड़क जाम करने पर हुई कार्रवाई
FIR के मुताबिक, देवेंद्र यादव के जेल परिसर से बाहर आने के बाद ये सभी नेता 500 से 600 की संख्या में सड़क पर जमा हो गए। जेल गेट के ठीक सामने कई गाड़ियां खड़ी कर दी गईं, जिससे पूरी सड़क जाम हो गई। चेतावनी दिए जाने के बावजूद किसी ने नहीं सुनी। कई यात्री बसें, आम लोग और एम्बुलेंस भी जाम में फंसी रहीं।
देवेंद्र ने कहा- जहां जरूरत होगी वे बिना डरे जाएंगे
रिहाई के बाद देवेंद्र ने कहा था जहां उनकी जरूरत होगी वे बिना डरे जाएंगे। उन्होंने बलौदा बाजार हिंसा मामले की CBI जांच की मांग की है। इसी मामले में देवेंद्र को 20 फरवरी को बेल मिली। वे 17 अगस्त 2024 से यानी 192 दिन जेल में बंद थे।
देवेंद्र यादव को यह राहत भी मिली
इसके साथ ही भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट ने एक और राहत दी है। देवेंद्र की विधायकी निरस्त करने वाली पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय की याचिका पर रोक लगा दी गई है। प्रेम प्रकाश पांडेय की याचिका हाईकोर्ट में सुनवाई के लायक है या नहीं, अप्रैल में इस पर सुनवाई होगी। देवेंद्र ने अपने खिलाफ दायर अर्जी को खारिज करने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।
किस मामले में पहुंचे जेल ?
10 जून 2024 को बलौदाबाजार में सतनामी समाज ने जैतखाम तोड़े जाने का विरोध करते हुए कलेक्टर और एसपी ऑफिस जला दिया था। इस मामले में भीड़ को भड़काने, आंदोलनकारियों का साथ देने का आरोप लगाकर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव पर केस दर्ज किया गया था। बाद में उन्हें आरोपी बना कर जेल भेज दिया था।
देवेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट में क्या दलील दी ?
विधायक देवेंद्र यादव की ओर से सुप्रीम कोर्ट में उनके वकील ने कहा कि बलौदाबाजार हिंसा घटना वाले दिन वह सिर्फ सभा में शामिल हुए, लेकिन वो मंच पर नहीं गए, उन्होंने मंच से कोई भाषण नहीं दिया। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि उन्होंने भीड़ को उकसाया होगा कार्यक्रम में शामिल होने और वापस लौट जाने का समय हिंसक घटना के समय से बिलकुल अलग है। जहां हिंसक घटना हुई, वहां देवेंद्र यादव मौजूद नहीं थे। उनकी गिरफ्तारी भिलाई स्थित उनके घर से हुई थी जो की घटनास्थल से कई किलोमीटर दूर है। पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से गलत और राजनीति से प्रेरित है।
संघर्ष की मिट्टी से बनी सरिता की तक़दीर
26 Feb, 2025 08:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : गाँव की उस कच्ची पगडंडी पर सरिता बाई नगेशिया अक्सर नंगे पाँव चला करती थीं। धूप कितनी भी तेज़ हो, बारिश कितनी भी ज़ोर से बरस रही हो, या ठंड कितनी भी कड़ाके की हो उन्हें हर हाल में रोज़ की मजदूरी पर जाना ही होता था। उनके लिए दिन का मतलब था सुबह से शाम तक खेतों में मेहनत, और रात का मतलब था अगले दिन के काम की चिंता।
मेरे पास सपने थे, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए साधन नहीं, सरिता बाई अक्सर खुद से कहतीं। दो वक्त की रोटी जुटाने में ही जीवन बीत रहा था। उनके बच्चे स्कूल जाना चाहते थे, मगर किताबों और फीस के लिए पैसे कहाँ थे ? घर की दीवारें कच्ची थीं, और सपनों की नींव भी उतनी ही कमजोर लगती थी। एक दिन गाँव की कुछ महिलाओं ने उनसे सीताराम महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने की बात की। सरिता बाई को यकीन नहीं था कि क्या इससे सच में कुछ बदल सकता है? लेकिन उनके पास खोने को कुछ नहीं था, तो वे जुड़ गईं। धीरे-धीरे वे समूह की बैठकों में जाने लगीं, और वहाँ उन्होंने कुछ ऐसी कहानियाँ सुनीं, जो उनकी अपनी कहानी से मिलती-जुलती थीं। उन महिलाओं ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी ज़िंदगी बदल दी थी।
सरिता बाई ने भी हिम्मत जुटाई और सीआईएफ से लोन लेकर ईंट बनाने का काम शुरू किया। शुरुआत में मुश्किलें आईं, गाँव के कुछ लोग हँसते थे, कुछ ताने मारते थे, और कुछ कहते कि यह काम महिलाओं के लिए नहीं है। लेकिन सरिता बाई ने किसी की बातों पर ध्यान नहीं दिया। मिट्टी गूँधने से लेकर ईंटें पकाने तक, उन्होंने सब कुछ खुद किया। उनका हाथ खुरदरा हो गया, लेकिन आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा मज़बूत हो गया।
धीरे-धीरे उनका काम चल निकला। जब उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये का लोन लिया, तो उनका व्यवसाय और भी बढ़ गया। अब वे हर साल दो लाख रुपये से ज्यादा कमाने लगीं। जिन लोगों ने उन पर ताने कसे थे, वही अब उनकी मेहनत की तारीफ करने लगे। जहाँ कभी उनके पास साइकिल तक नहीं थी, अब उन्होंने अपने लिए स्कूटी खरीद ली और अपने पति के लिए बाइक। खेतों में भी वे अब मजदूरी नहीं करतीं, बल्कि अपनी खुद की ज़मीन पर खेती करती हैं। सबसे बड़ी बात यह कि अब उनके बच्चे स्कूल जा रहे हैं, और उनका भविष्य सुरक्षित हो गया है।
सरिता बाई अब सिर्फ़ एक मजदूर नहीं, बल्कि एक सफल उद्यमी हैं। वे कहती हैं, पहले मैं दूसरों के खेतों में मजदूरी करती थी, लेकिन अब मैं अपनी मेहनत से खुद का व्यवसाय चला रही हूँ। मैंने अपनी काबिलियत को पहचाना और अपनी तक़दीर खुद लिखी। गाँव की वही पगडंडी, जिस पर वे कभी नंगे पाँव चला करती थीं, अब उन्हें देखकर गर्व से सर उठाकर चलना सिखा रही थी। क्योंकि अब वे सिर्फ़ अपने परिवार की तक़दीर नहीं, बल्कि पूरे गाँव की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी थीं।
बस्तर में बदलती तस्वीर: अब सड़क मार्ग से पहुँची बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री
26 Feb, 2025 08:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना और सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का एक और सकारात्मक पहलू देखने को मिला है। जहां पहले नक्सली खतरे के कारण जगरगुंडा जैसे अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री भेजी जाती थी, वहीं इस बार पहली बार सड़क मार्ग से यह सामग्री सुरक्षित रूप से पहुँचाई गई। सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सिर्फ एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि यह बस्तर में बढ़ती सुरक्षा और शांति की झलक है। यह सिर्फ परीक्षा सामग्री पहुँचने की बात नहीं, बल्कि बस्तर अंचल में सुरक्षा और विश्वास की एक नई सुबह की दस्तक है।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा मार्च के पहले सप्ताह से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए 18 परीक्षा केंद्रों में गोपनीय सामग्री भेजी गई। इनमें से 15 केंद्र संवेदनशील और 3 अति संवेदनशील घोषित किए गए थे। बावजूद इसके, प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इतने आत्मविश्वास और नियंत्रण की स्थिति बनी कि पहली बार जगरगुंडा तक सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री भेजी गई।
बस्तर के सुदूर इलाकों में वर्षों तक नक्सली गतिविधियाँ बड़ी चुनौती बनी रहीं। लेकिन शासन-प्रशासन और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहाँ नक्सली खतरे के चलते जगरगुंडा में हवाई मार्ग से ही आवश्यक सामग्रियाँ भेजनी पड़ती थीं, वहीं अब सड़क मार्ग से सामग्री का सुरक्षित पहुँचाना इस बात का प्रमाण है कि इलाके में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सड़कों का विस्तार, सुरक्षा बलों की तैनाती और विकास कार्यों के चलते बस्तर अब नई राह पर आगे बढ़ रहा है।
सभी 18 परीक्षा केंद्रों के लिए परीक्षा सामग्री निकटतम पुलिस थानों और चौकियों में सुरक्षित रखी गई है, जिससे परीक्षाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके। इस वर्ष हाई स्कूल पाकेला और हाई स्कूल तालनार को दो नए परीक्षा केंद्र के रूप में शामिल किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर से आए अधिकारियों मोहम्मद फिरोज, नारायण नेताम, जिला शिक्षा अधिकारी जी आर मंडावी, समन्वयक केंद्र प्राचार्य पी. अनिल कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी और केंद्राध्यक्ष उपस्थित रहे।
रायगढ़ में 14 उद्योगों पर 10.51 लाख रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना
26 Feb, 2025 08:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : रायगढ़ जिले में कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन के दौरान पर्यावरणीय सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल द्वारा बीते सप्ताह की गई निरीक्षण कार्रवाई में 14 उद्योगों पर कुल 10.51 लाख रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क अधिरोपित किया गया है।
क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी अंकुर साहू ने बताया कि 15 से 21 फरवरी 2025 के दौरान गठित जिला स्तरीय जांच कमेटी ने चंद्रपुर, कोडातराई, हमीरपुर, ढिमरापुर, तमनार, घरघोड़ा और पलगढ़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन करने वाले वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान कई वाहन बिना तारपोलिन कवर के खुले में कच्चा माल परिवहन करते पाए गए, जिससे पर्यावरणीय प्रदूषण फैलने की आशंका बढ़ गई। इसके अलावा, कुछ वाहनों में 5 सेमी. फ्री बोर्ड स्पेस का अभाव था, जिससे सामग्री गिरने का खतरा था। कई वाहनों पर संबंधित नोडल अधिकारी का नाम अंकित नहीं था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
छत्तीसगढ़ राजीव भवन पर ED का समन: कांग्रेस नेताओं की बैठक, कल 4 बिंदुओं पर पेश करेंंगे जवाब
26 Feb, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन के बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बंगले पर कांग्रेस नेताओं की गुप्त बैठक हुई. इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर, शिव डहरिया, उमेश पटेल, धनेंद्र साहू, विकास उपाध्याय और संगठन महामंत्री मलकीत सिंह गैदू शामिल हुए. बैठक में ED के समन और जांच एजेंसी को दिए जाने वाले जवाबों पर चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने ED को सभी सवालों के जवाब देने का फैसला किया है, लेकिन इसके लिए और समय मांगा जाएगा. यह मामला पूर्व मंत्री कवासी लखमा और शराब घोटाले से जुड़ा है. ED ने कांग्रेस नेताओं से सुकमा और कोंटा में बने राजीव भवन के निर्माण से जुड़ी जानकारी मांगी है।
ईडी के समन के बाद कांग्रेस नेताओं की बैठक
ईडी की चार सदस्यीय टीम एक दिन पहले मंगलवार 25 फरवरी को सुरक्षा बलों के साथ रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंची और संगठन महासचिव मलकीत सिंह गैदू को समन सौंपा। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बंगले पर कांग्रेस नेताओं की गुप्त बैठक हुई। बैठक में ईडी के समन और जांच एजेंसी को दिए जाने वाले जवाबों पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने ईडी को सभी सवालों के जवाब देने का फैसला किया है, लेकिन इसके लिए और समय मांगा जाएगा।
राजीव भवन निर्माण से जुड़ी जानकारी मांगी
ईडी ने कांग्रेस नेताओं से सुकमा और कोंटा में बने राजीव भवन के निर्माण से जुड़ी जानकारी मांगी है। जांच एजेंसी ने चार बिंदुओं पर जवाब मांगा है-
पहला फंडिंग: सुकमा और कोंटा में राजीव भवन के लिए फंड कहां से आया?
दूसरा निर्माण की शुरुआत: निर्माण कार्य कब शुरू हुआ?
तीसरा ठेकेदार: निर्माण का ठेकेदार कौन है?
चौथा वित्तीय ब्यौरा: निर्माण से संबंधित पूरा वित्तीय ब्यौरा क्या है?
इन सवालों के जवाब देने के लिए कांग्रेस नेताओं ने और समय मांगा है। बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, "हमारे पास एक-एक रुपए का पूरा हिसाब है। हमने जवाब देने के लिए और समय मांगा है और इसके लिए ईडी को पत्र लिखा है।" कांग्रेस की तैयारी और कानूनी रणनीति: बैठक में वकील फैजल रिजवी की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि कांग्रेस कानूनी आधार पर अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस संगठन महासचिव मलकीत सिंह गैदू ने बताया कि ईडी ने 4 बिंदुओं पर जानकारी के रूप में जवाब मांगा है, हम पूरी जानकारी देंगे। हम जांच के लिए ईडी का पूरा सहयोग करेंगे। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि ईडी की जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और उन्हें इस मामले में किसी भी तरह के भेदभाव का सामना नहीं करना चाहिए।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह छापेमारी नोटों की छपाई की मात्रा के खिलाफ है। शराब घोटाले की सच्चाई छत्तीसगढ़ का बच्चा-बच्चा जानता है। इस मामले में विधायक राजेश मूणत ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। ईडी को कुछ जानकारी मिली है, कुछ सूत्र उनके पास हैं, उसी आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पिछली सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से छत्तीसगढ़ को लूटने का काम किया, इन्हीं तथ्यों के आधार पर छापेमारी की गई होगी। सच्चाई सामने आएगी।
क्या है शराब घोटाले का मामला?
यह मामला पूर्व मंत्री कवासी लखमा और शराब घोटाले (सीजी कांग्रेस गुप्त बैठक) से जुड़ा है। ईडी इस मामले में पहले भी कई कार्रवाई कर चुकी है। शराब घोटाले में करोड़ों रुपए की गड़बड़ी का आरोप है। ईडी इस मामले में कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है और कई दस्तावेज जब्त कर चुकी है। अब ईडी ने कांग्रेस नेताओं से राजीव भवन के निर्माण से जुड़ी जानकारी मांगी है, जिससे इस मामले में नई जानकारी सामने आ सकती है।
कांग्रेस ने कहा हम एक-एक रुपए के लिए जिम्मेदार
कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि वे ईडी जांच में पूरा सहयोग करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, हमारे पास एक-एक रुपए का पूरा हिसाब है। हमने जवाब देने के लिए और समय मांगा है और इसके लिए ईडी को पत्र लिखा है। कांग्रेस संगठन महासचिव मलकीत सिंह गैदू ने जानकारी दी है कि ईडी ने चार प्रमुख बिंदुओं पर जवाब देने को कहा है। हम ईडी को पूरी जानकारी देंगे।
कांग्रेस ने आगे की रणनीति बनाई
कांग्रेस ने ईडी जांच में पूरा सहयोग करने का फैसला किया है, लेकिन इसके लिए और समय मांगा है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि इस मामले में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए और जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मामले में कानूनी रणनीति तैयार की है और वकील फैजल रिजवी की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि कांग्रेस कानूनी आधार पर अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में है।
कांग्रेस 27 फरवरी को देगी जानकारी
27 फरवरी को कांग्रेस ED को जानकारी देगी। इस जानकारी में ईडी के द्वारा जो जानकारी मांगी गई है, उस बारे में जानकारी दी जाएगी। कांग्रेस सुकमा और कोंटा के कांग्रेस कार्यालय निर्माण की जानकारी देगी। इस दौरान खरीदी गई भूमि और निर्माण की शुरुआत, खर्च, संबंधित ठेकेदार और निर्माण के लिए पैसों का स्रोत भी कांग्रेस बताएगी।
मिशन क्लीन सिटी में विष्णुदेव साय का प्रभाव, शहरी क्षेत्रों में सुधार की दिशा में नए कदम
26 Feb, 2025 06:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में स्वच्छता को बढ़ावा देने और स्वच्छता कर्मियों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने ‘मिशन क्लीन सिटी’ के तहत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना और राज्य को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत नगरीय निकायों में कार्यरत स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के लिए राहत का पिटारा खोला है,छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मिशन क्लीन सिटी को विशेष प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे राज्य में स्वच्छता और जनस्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार हो रहे हैं.
स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के लिए नई पहल
सरकार ने स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के कार्य-परिस्थितियों में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं: कार्यावधि और अवकाश: अब उनकी कार्यावधि 8 घंटे निर्धारित की गई है, साथ ही रोटेशन के आधार पर साप्ताहिक अवकाश और प्रति माह एक सवैतनिक आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाएगा. स्वास्थ्य परीक्षण: हर महीने स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया है, जिसमें हर तीन महीने में ब्लड टेस्ट, थायराइड टेस्ट, एलडीएच टेस्ट, टोटल कोलेस्ट्रॉल टेस्ट आदि शामिल हैं. सुरक्षा उपकरण: उन्हें नियमित रूप से वर्दी, एप्रन, दस्ताने, मोजे, मास्क, जूते, टोपी और रेनकोट जैसी आवश्यक सामग्री प्रदान की जाएगी.
स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के लिए खुला सौगातों का पिटारा
राज्य शासन द्वारा उनके लिए रोटेशन पर साप्ताहिक अवकाश के साथ आठ घंटे की कार्यावधि निर्धारित किया गया है. इतना ही नही उन्हें महीने में एक दिन का सवैतनिक आकस्मिक अवकाश दिए जाने के संबंध में नए दिशा-निर्देश सभी नगरीय निकायों को जारी किए हैं. सभी स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का श्रम विभाग में पंजीयन कराकर विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करने के भी निर्देश दिए हैं.मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में घोषणा की है कि सभी स्वच्छता दीदियों को अब प्रति माह 8,000 रुपये का वेतन मिलेगा.यह निर्णय उनके कठिन परिश्रम और समर्पण को मान्यता देते हुए लिया गया है, जिससे उनकी आजीविका में सुधार होगा और वे अपने परिवारों को बेहतर समर्थन प्रदान कर सकेंगी.
स्वच्छता लक्षित इकाइयों का रूपांतरण
सीएम विष्णुदेव साय के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नगरीय निकायों में लागू “मिशन क्लीन सिटी” के तहत निर्मित अधोसंरचना और स्व सहायता समूहों के संचालन और संधारण के लिए वर्ष 2016 में जारी निर्देशों को संशोधित कर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. नया दिशा-निर्देश रायपुर, भिलाई और रिसाली को छोड़कर शेष सभी नगर निगमों और सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में लागू होंगे. निकायों में कार्यरत विभिन्न स्व सहायता समूहों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में परिपत्र जारी कर नए निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है. सभी क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को समय-समय पर निकायों का भ्रमण कर इन निर्देशों का पालन किया जाना प्रतिवेदित करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार स्वच्छता दीदियों/सफाई मित्रों की कार्यावधि आठ घण्टे निर्धारित की गई है. निकाय सुविधानुसार प्रातः छह बजे से दोपहर तीन बजे (एक घण्टे का भोजन अवकाश मिलाकर) या प्रातः सात बजे से शाम चार बजे तक कार्यावधि निर्धारित किए जाने की सम्भावना हैं. विशेष अवसरों के अतिरिक्त निर्धारित कार्यावधि से अधिक कार्य कराया जाना प्रतिबंधित होगा. निकायों में प्रत्येक स्वच्छता दीदी/सफाई मित्र का कार्य रोस्टर स्व सहायता समूह द्वारा इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि प्रत्येक सदस्य को रोटेशन के आधार पर एक साप्ताहिक अवकाश अनिवार्यतः प्राप्त हो सके. नगरीय निकायों को इस बात का भी ध्यान रखने कहा गया है कि सभी सदस्यों का साप्ताहिक अवकाश एक ही दिन न पड़े, जिससे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और निपटान का कार्य प्रभावित न हो. मणिकंचन केन्द्र में कचरे का जमाव न हो इसका भी ख़्याल रखा जाना है.
श्रम विभाग में पंजीकरण और योजनाओं का लाभ
राज्य शासन ने मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत कार्यरत सभी सदस्यों का पंजीयन श्रम विभाग के पोर्टल पर अनिवार्यतः कराने के निर्देश दिए हैं. साथ ही श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, जीवन बीमा, मेडिकल क्लेम आदि का सम्पूर्ण लाभ सभी सदस्यों को प्राथमिकता से दिलाने के लिए निकाय प्रमुख को निर्देशित किया गया है.परिपत्र में कहा गया है कि मिशन क्लीन सिटी अंतर्गत नियोजित मानव बल का कार्य डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं निपटान की कार्यवाही करना है, किंतु कुछ निकायों द्वारा इनसे स्ट्रीट स्वीपिंग, नाली सफाई एवं अन्य प्रकृति के कार्य कराए जा रहे हैं.. नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को निर्देशित किया है कि मिशन क्लीन सिटी अंतर्गत नियोजित स्वच्छता दीदी/सफाई मित्रों से योजना के दिशा-निर्देशों के अतिरिक्त अन्य प्रकृति के कार्य कराए जाने पर पूर्णतः प्रतिषेध होगा.. निर्देशों के उल्लंघन पर जिम्मेदारी का निर्धारण कर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी.
नगरीय प्रशासन विभाग ने मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत नियोजित सभी मानव बल का मासिक स्वास्थ्य परीक्षण मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट में अनिवार्यतः कराया जाना सुनिश्चित करने को कहा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्रेरणा और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में स्वच्छता लक्षित इकाइयों का रूपांतरण किया गया है.. इससे स्वच्छता अभियानों की दक्षता में वृद्धि हुई है और स्वच्छता कर्मियों के कार्य करने की परिस्थितियों में भी सुधार हुआ है.
स्वच्छता में राज्य की उपलब्धियाँ
सरकार के इन प्रयासों का परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं. स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में, छत्तीसगढ़ को स्वच्छ राज्यों की श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है. स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में छत्तीसगढ़ देश का तीसरा सबसे स्वच्छ राज्य बना,स्वच्छ सर्वेक्षण में राज्य के साथ ही पांच नगरीय निकायों को भी पुरस्कार मिला. राष्ट्रपति के हाथों मुख्यमंत्री श्विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने पुरस्कार ग्रहण किया .
छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर को कई पुरस्कार मिले. रायपुर को वाटर प्लस शहर और गार्बेज फ़्री सिटी में जगह मिली. साथ ही छत्तीसगढ़ के पांच शहरों को स्वच्छता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया. राजधानी रायपुर को वाटर प्लस शहर की श्रेणी में रखा गया, उसे गार्बेज फ़्री सिटी में जगह मिली..रायपुर को 206 एमएलडी के एसटीपी से सम्मानित किया गया, राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत किया गया और इस तरह से रायपुर देश का 15 वां वाटर प्लस शहर बन गया..यह सम्मान राज्य के नागरिकों, स्वच्छता दीदियों, सफाई मित्रों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है.
मिशन अमृत 2.0 के तहत पेयजल आपूर्तिa
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत 23 नगरीय निकायों में लगभग चार लाख जनसंख्या को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 1154 करोड़ रुपये की जलप्रदाय परियोजनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं.
स्वच्छता में उत्कृष्टता के लिए सम्मान
मिशन क्लीन सिटी के तहत क्लीन टॉयलेट कैम्पेन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 14 नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया जाएगा, जिनमें अंबिकापुर, छुरा, छुरिया, डोंगरगढ़, कोरबा, महासमुंद, रायपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर, मंदिर हसौद और चंदखुरी शामिल हैं.
बिलासपुर में स्कूल में ब्लास्ट, एक छात्रा की तलाश जारी, पांच आरोपी बाल न्यायालय में पेश
26 Feb, 2025 05:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिविल लाइन क्षेत्र स्थित सेंट पलोटी स्कूल के बाथरूम में सोडियम मेटल से ब्लास्ट के बाद पुलिस ने पांच आरोपितों को हिरासत में लेकर बाल न्यायालय में पेश किया है। इधर, एक संदेही छात्रा की तलाश की जा रही है। बताया जाता है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही छात्रा और उसके स्वजन शहर छोड़ चुके थे। पता चला है कि जल्द ही स्वजन छात्रा को लेकर खुद थाने पहुंचने की बात कह रहे हैं। गौरतलब है कि मंगला चौक स्थित सेंट पलोटी स्कूल में शुक्रवार को सुबह की पाली में परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान करीब 10 बजे चौथी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा बाथरूम गई। इसके कुछ ही देर बाद बाथरूम में ब्लास्ट हो गया।
छात्रा को बर्न एंड ट्रामा अस्पताल में कराया भर्ती
धमाके और छात्रा की चीख सुनकर आसपास के क्लास में मौजूद टीचर और छात्र वहां पहुंचे। उन्होंने घायल छात्रा को बाथरूम से निकालकर स्कूल के पास ही स्थित अस्पताल पहुंचाया। छात्रा के दोनों पैर गंभीर रूप से झुलस गए थे। इसे देखते हुए डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद झुलसी छात्रा को बर्न एंड ट्रामा अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद उसे बर्न एंड ट्रामा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्टूडेंट्स ने ऑनलाइन मंगवाया था सोडियम
इधर, स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों से पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। साथ ही घटना की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी गई। पुलिस की टीम ने स्कूल पहुंचकर पूछताछ की। इसमें पता चला कि स्कूल की ही छात्राओं और छात्रों ने सोडियम मेटल को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर किया था।
छत्तीसगढ़ में दर्दनाक हादसा, कंटेनर से बोलेरो टकराई, चार श्रद्धालुओं की जान गई
26 Feb, 2025 05:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबिकापुर: महाशिवरात्रि के दिन सरगुजा जिले में बड़ा हादसा हो गया। सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो को कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई। सात अन्य घायल हैं। सभी घायलों को सीतापुर अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना से नाराज लोगों ने कंटेनर में आग लगा दी थी। पुलिसकर्मियों ने आग पर काबू पाया। सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र के ग्राम रेवापुर सखोली के लोग महाशिवरात्रि पर पूजा अर्चना के लिए जशपुर जिले के किलकिला शिव मंदिर गए थे। पूजा अर्चना के बाद सभी बोलेरो वाहन से वापस लौट रहे थे। अंबिकापुर-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिशुनपुर के समीप तेज गति की कंटेनर से बोलेरो की टक्कर हो गई। हादसे में चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि सात लोग घायल हो गए। शवों तथा घायलों को सीतापुर ले जाया गया है। तेज गति को दुर्घटना का कारण बताया जा रहा है।
बिलासपुर की बेटियां विज्ञान और रिसर्च में चमकी, इनोवेशन के लिए मिलेगा सम्मान
26 Feb, 2025 05:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विज्ञान के क्षेत्र में प्रभावी पढ़ाने के तरीके, इनोवेशन और रिसर्च के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालीं 15 लेक्चरर्स का 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर सम्मान किया जाएगा। इसके अलावा 14 पुरुष व्याख्याताओं ने भी विज्ञान में बेहतर काम किया है। इन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा। 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारतीय विज्ञानी चंद्रशेखर वेंकट रमन को याद किया जाता है। इस बार जिला शिक्षा अधिकारी सह जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उसलापुर के श्री पदाक्षी ग्लोब स्कूल में 28 फरवरी की सुबह 10:30 बजे कार्यक्रम होगा। इसमें विज्ञान के क्षेत्र में प्रभावी अध्यापन, इनोनेशन, रिसर्च के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 31 लेक्चरर्स को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है।
बच्चों को दी जाएगी रमन प्रभाव की जानकारी
इसमें सबसे अधिक 15 व्याख्याता महिलाएं हैं, जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में बेहतर काम किया है। कार्यक्रम के दौरान इन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। गौरतलब है कि बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए हर साल यह दिवस धूमधाम से मनाया जाता है। कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रसिद्ध भौतिक शास्त्र के विज्ञानी सर चंद्रशेखर वेंकट रमन के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है। इस दिन बच्चों को उनके रमन प्रभाव की खोज और विज्ञान के विकास में उनके योगदान के बारे में जानकारी दी जाएगी।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर पुरस्कृत होने वाले व्याख्याता
बिल्हा: विनोद व्यास, रिचा तिवारी, डॉ. प्रवीण मिश्रा, पदमिनी चंद्राकर, डॉ. धनंजय पांडेय, पदमा द्विवेदी, कामना पांडेय, पूजा दुबे, सुनील शर्मा, मधु जायसवाल, अंकिता प्रिया श्रीवास्तव, मनोज कुमार यादव, सुष्मिता पांडेय। कोटा: कुमार गौरव गुप्ता, सुशील कुमार पटेल, मीतेश कुमार नेमा, सुशीला मौर्य, महेंद्र सिंह राजपूत।
तखतपुर: गोपी वल्लभ दुबे, सूर्य प्रकाश सोनी, डॉ. आरपी कश्यप, डॉ. रश्मी सिंह ध्रुव, चेतना सिंह ठाकुर, सजल चक्रवर्ती, अनिता वर्मा, संगीता महिपाल। मस्तूरी: डॉ. सुरभि पांडेय, शुभ्ररानी चतुर्वेदी, नीता वर्मा, दिलीप कुमार साहू, आरती कश्यप।
शादी के बाद से ही पति ने बदला धर्म, पत्नी और बच्चो पर भी बनता था दबाव, पति के खिलाफ धर्म परिवर्तन का केस दर्ज
26 Feb, 2025 03:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से धर्म परिवर्तन का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. बिलासपुर में एक महिला ने अपने ही पति पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है। पत्नी ने आरोप लगाया है कि उसका पति उस पर और उसके दो बच्चों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा है. जब पत्नी धर्म परिवर्तन से मना करती है तो वह उसके साथ मारपीट करता है. पत्नी ने यह भी बताया कि पति ने घर से मूर्तियां और फोटो फेंक दिए और प्रभु यीशु की फोटो लगा दी। पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक महिला ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। शादी के बाद पति ने ईसाई धर्म अपना लिया. इसके बाद वह पत्नी पर भी ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने लगा। पत्नी के बार-बार मना करने पर वह उसके साथ मारपीट करने लगा। पति की प्रताड़ना से तंग आकर हिंदू संगठनों के साथ सिविल लाइन थाने में शिकायत पहुंची. यह पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
पति ने ईसाई धर्म अपना लिया
पीड़ित महिला ने बताया कि, मैं दलित समाज से हूं, मेरी शादी साल 2016 में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी. इस शादी से मेरे दो बच्चे हैं. मेरे पति पहले हिंदू धर्म का पालन करते थे. शादी के कुछ समय बाद ही वह ईसाई धर्म अपनाने लगा। इसके बाद कुछ समय तक तो सब ठीक रहा, फिर अचानक मुझे धर्म बदलने के लिए मजबूर किया गया। जब मैंने मना किया तो घर में झगड़े होने लगे। इससे बचने के लिए मैं अपने पति के साथ चर्च जाने लगी, वहां प्रार्थना में शामिल होने लगी। इसके बाद कुछ दिनों तक तो मेरा पति ठीक रहा, लेकिन फिर वह मुझे धर्म बदलने के लिए मजबूर करने लगा। वह मुझे मारने-पीटने लगा। वह मुझे और मेरे बच्चों को प्रताड़ित करने लगा।
बताया जा रहा है कि धर्म परिवर्तन के लिए मिशनरी ज्यादातर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को निशाना बनाते हैं। वे झुग्गी-झोपड़ी की महिलाओं को प्रार्थना से जोड़ते हैं, ताकि उनके पति की शराब की लत छुड़वा सकें। इसके बाद वे धीरे-धीरे दूसरी महिलाओं को भी साथ ले लेते हैं। उनके साथ पिकनिक मनाते हैं। जब उनका विश्वास जीत लेते हैं, तो फिर उनका बपतिस्मा यानी धर्म परिवर्तन करवा देते हैं।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
सिविल लाइन टीआई एसआर साहू ने बताया कि पीड़ित महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने अपने पति पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मारपीट करने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। बिलासपुर में यहां हो रहा धर्मांतरण जिले के सिरगिट्टी, पचपेड़ी, बेलगहना, रतनपुर, सीपत, चिंगराजपारा, चांटीडीह, सकरी, हाफा, मोपका, घुरू, तिफरा मन्नाडोल, मस्तूरी, लखराम, हरदीकला टोना समेत शहर के स्लम इलाकों में धर्मांतरण का खेल चल रहा है। मिशनरी संगठन से जुड़े लोग इन जगहों पर प्रार्थना सभा आयोजित करते हैं, जिसकी आड़ में लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा है।
शिव भक्तों का उमड़ा जनसैलाब, जगदलपुर में मंदिरों में देर रात तक पूजा
26 Feb, 2025 12:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जगदलपुर, महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर जगदलपुर के तमाम शिव मंदिरों में बुधवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शिवालयों में श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के साथ ही मन्नतें मांग रहे हैं। शहर के पंडित सुंदरलाल शर्मा वार्ड के सिंचाई विभाग कॉलोनी में स्थित शिव मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे थे।
महाशिवरात्रि हिंदुओं का एक धार्मिक पर्व है, पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की शादी हुई थी। महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए महाशिवरात्रि को बहुत खास माना गया है।
माना जाता है कि इस दिन पूजा-पाठ करने से दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है। साथ ही, अविवाहितों को मनपसंद जीवनसाथी मिलता है। महाशिवरात्रि के पर्व पर श्रद्धालु व्रत भी रखते हैं, इस दिन शिवालय जाकर शिवलिंग पर गंगाजल और गाय का दूध अर्पित करने से कल्याण होता है। कई स्थानों पर इस दिन भगवान शिव पर ध्यान और शिव मंदिरों में पूरी रात जागरण भी किया जाता है। बस्तर जिले में भी महाशिवरात्रि पर्व पूरी श्रद्धा के साथ धूमधाम से मनाया जा रहा है।
महापौर ने की पूजा अर्चना
महाशिवरात्रि के अवसर पर महापौर संजय पांडे दलपत सागर पहुंच भगवान शिव की पूजा अर्चना करने के साथ ही बस्तर की सुख समृद्धि की कामना की।
भक्तों की लगी लंबी कतार
भगवान शिव के दर्शन करने के लिए सुबह से भक्तों की लंबी कतार देखने को मिली हैं। महादेव घाट, चांदनी चौक, दलपत सागर, प्रतापगंज पारा के अलावा शहर के तमाम मंदिरों में भक्तों की कतार सुबह से देखने को मिली।
सफलता की इबारत: वाटरशेड योजना ने बदली किसान छबी लाल की तकदीर
मध्यप्रदेश पुलिस की नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान के लिए 20 मई तक नामांकन आमंत्रित
कोसमी में सफल बोर खनन से दूर हुआ जल संकट, ग्रामीणों के चेहरे खिले!
सुशासन तिहार बना भरोसे और राहत का माध्यम
उज्जैन की जनता सिंहस्थ संबंधी कार्यों में सहयोग कर पेश कर रही हैं नई मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
आदि उत्सव जनजातीय गौरव, संस्कृति और उद्यमिता का है अदभुत संगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
शीघ्र ही होगा जीवनदायिनी तांदुला नदी का कायाकल्प
पायलट एवं फॉलो गाड़ियों का उपयोग बंद कर दिया सादगी
गुरुदेव के आशीर्वाद से ही सनातन और सत्य मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिलती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
