छत्तीसगढ़
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विभागों के लिए 21,277 करोड़ 28 लाख से अधिक की अनुदान मांगें पारित
18 Mar, 2025 08:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज पुलिस, गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के वित्तीय सहायता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 21,277 करोड़ 28 लाख रूपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गई। इसमें पुलिस विभाग से संबंधित व्यय के लिए 8237 करोड़ 13 लाख 16 हजार रूपए, गृह विभाग से संबंधित व्यय के लिए 141 करोड़ 64 लाख 25 हजार रूपए, जेल विभाग के लिए 278 करोड़ 99 लाख 90 हजार रूपए, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 8055 करोड़ 65 लाख 97 हजार, त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के वित्तीय सहायता के लिए 4025 करोड़ 76 लाख 69 हजार रूपए, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए 64 करोड़ रूपए तथा तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के लिए 474 करोड़ 8 लाख 4 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सदन में बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए एक-एक गारंटी को पूरा करने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी के हर आवासविहीन परिवारों को छत देने का सपना को साकार करने का काम रही है। हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत राज्य के 18 लाख गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए पहली कैबिनेट बैठक में ही स्वीकृति प्रदान कर इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना हमारे सरकार के लिए केवल ईंट और गारे से बने घरों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह लाखों जरूरतमंदों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि भारत सरकार हमारी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए 11 लाख 50 हजार नऐ मकानों की मंजूरी दी, इसके लिए 8 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया, अब तक 7 लाख 69 हजार मकानों की स्वीकृति दी जा चुकी है और निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व वाले सरकार ने इस वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 8500 करोड़ ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है। इससे आवासहीन एवं जरूरतमंद परिवारों का स्वयं के मकान का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाभियान के तहत 26 हजार 426 विशेष पिछड़ी जनजाति के हितग्राहियों को मकानों की स्वीकृति दी गई और उनके खातों में 259 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई है।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सदन बताया कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 2.70 लाख स्व सहायता समूह के माध्यम से 29.14 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाओं को जोड़कर विभिन्न आयमूलक गतिविधियों के माध्यम से रोजगार मुहैया कराई जा रही है। योजना के तहत अब तक संगठनों को 6873 करोड़ रूपए से अधिक की राशि आपदा कोष के रूप में जारी किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में दो लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य के विरूद्ध 2.24 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुकी है। वहीं केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से नमों ड्रोन दीदी योजना शुरू की गई है। अभी तक 14 ड्रोन दीदी तैयार कर 74 और ड्रोन दीदीयों के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर देश में जन आंदोलन के रूप में वृहद स्तर स्वच्छ भारत मिशन अभियान चलाया गया, जिसका उत्साहवर्धक परिणाम प्राप्त हुए हैं। हमारी सरकार इस वर्ष के बजट में स्वच्छ भारत मिशन के लिए 200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बस्तर संभाग के ऐसे अपूर्ण सड़के जो कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में है, सुरक्षा बलों के सहयोग से 204 किलोमीटर की 19 सड़के पूर्ण कर लिया गया है। वहीं 35 वृहद पुलों का निर्माण कर 85 करोड़ रूपए व्यय किया गया हैं। इस वर्ष बजट में नवीनीकरण कार्य हेतु 350 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार पीएम-जनमन योजना अंतर्गत पीवीजीटी बसाहटों में सड़क निर्माण के लिए 500 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ग्राम सडक विकास योजना के लिए 92.70 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है इससे 167 किलोमीटर की 66 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ग्राम गौरवपथ योजना के लिए 100 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि हमारी सरकार ग्रामीण महिलाओ को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने के उद्देश्य से 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार 70 ग्राम पंचायतों में भवन निर्माण हेतु 14 करोड़ रूपए का प्रावधान है। वहीं प्रदेश सभी पंचायतों में पंचायत राज मंत्रालय के सहयोग से कम्प्यूटर उपलब्ध कराया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जो ठोस कदम उठाए गए हैं, वे मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। विशेष रूप से नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों से प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्य तेज हुए हैं और नक्सलवाद अपनी अंतिम अवस्था में पहुँच चुका है। इस वित्तीय वर्ष में गृह विभाग के लिए पिछले वर्ष की बजट की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि की हुई है, जो यह दर्शाती है कि सरकार कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
प्रदेश में पुलिस अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए इस बजट में ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं। पुलिस अधोसंरचना निर्माण के लिए 518 करोड़ की राशि आवंटित की गई है, जो पिछले वर्षों के कुल बजट से भी अधिक है। पिछले बजट में इस मद के लिए 200 करोड़ की राशि रखी गई थी, लेकिन इस बार इसे ढाई गुना से अधिक बढ़ाया गया है। सरकार का यह निर्णय पुलिस बल को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने और उनके कार्यस्थल की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस थानों, प्रशिक्षण केंद्रों, प्रशासनिक भवनों और पुलिस आवासों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए यह राशि खर्च की जाएगी।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हमारी सरकार द्वारा बीते एक वर्ष में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। प्रदेश के जवान कठिन परिस्थितियों में भी पूरी बहादुरी से नक्सलवाद का सामना कर रहे हैं। बीते 14 महीनों में 157 मुठभेड़ों में 305 माओवादियों के शव बरामद हुए हैं, 396 हथियार और 492 आईईडी पकड़े गए हैं, जबकि 1205 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। हमारी पुनर्वास नीति एवं सुरक्षा बलों के दबाव के चलते 975 नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए आत्मसमर्पण किया है। यह हमारे सुरक्षा बलों की कार्यकुशलता और सरकार की दूरदर्शी नीतियों का प्रतिफल है।
नक्सल उन्मूलन के लिए इस वर्ष के बजट में कई नए प्रावधान किए गए हैं। बस्तर के सातों जिलों में नक्सल विरोधी बल बस्तर फाइटर्स के लिए 3202 नए पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस के प्रशासनिक और आवासीय भवनों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। नक्सल आसूचना तंत्र को और मजबूत करने के लिए नवीन भवन निर्माण एवं उपकरणों के लिए लगभग 2.74 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नक्सल विरोधी अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 14 करोड़ की लागत से एक विशेष डब्लूएचएपी वाहन खरीदा जाएगा।
प्रदेश में पुलिस बल के आधुनिकीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस वर्ष के बजट में पुलिस बल को अत्याधुनिक हथियारों, संचार उपकरणों, बुलेटप्रूफ जैकेट और विशेष निगरानी ड्रोन से लैस करने के लिए 350 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए प्रदेश में आधुनिक साइबर सेल की स्थापना की जा रही है, जिसके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। पुलिस वाहनों की संख्या बढ़ाने एवं गश्त की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी इस बजट में महत्वपूर्ण आवंटन किया गया है। पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पुलिस आवासीय सुविधा को बेहतर बनाने के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे पुलिस कॉलोनियों का निर्माण एवं मरम्मत कार्य किया जाएगा। पुलिस कर्मियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 75 करोड़ की राशि आवंटित की गई है, जिसमें पुलिस अस्पतालों का उन्नयन एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति शामिल है।
महिला सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ और ‘निर्भया पेट्रोलिंग यूनिट’ का विस्तार करने के लिए 100 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक थाना स्तर पर महिला हेल्पडेस्क स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिससे महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।प्रदेश में पुलिस और जनता के बीच समन्वय को बढ़ाने के लिए ‘जनसंवाद कार्यक्रम’ की शुरुआत की गई है, जिसके तहत स्थानीय नागरिकों और पुलिस अधिकारियों के बीच नियमित संवाद स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 30 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।
सड़क और संचार नेटवर्क का विस्तार भी सरकार की प्राथमिकता में है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए 53 नए सुरक्षा कैम्प स्थापित किए गए हैं। इस प्रयास के तहत नारायणपुर-धौड़ाई-दंतेवाड़ा-बारसूर मार्ग को चालू किया गया है, जिससे वर्षों से प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर सुरक्षा उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। वर्ष 2023 से जनवरी 2025 तक की अवधि में विभिन्न योजनाओं के तहत 49 मार्गों पर 243 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और 11 पुलों का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। संचार नेटवर्क को सशक्त करने के लिए माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में 577 नए मोबाइल टॉवर स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, विद्युतीकरण के कार्य भी तेज किए गए हैं, जिससे सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में पहली बार बिजली पहुँची है। प्रदेश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और विकास को प्राथमिकता देते हुए इस बजट में ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं। सरकार की मंशा केवल नक्सल उन्मूलन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश में शांति, विकास और स्थायित्व को स्थापित करना भी हमारा संकल्प है। पुलिस बल को सशक्त करने, अधोसंरचना का विकास करने, महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में यह बजट एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के अनुदान मांग पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग को सशक्त बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 474 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे संस्थानों का विस्तार, अधोसंरचना विकास और युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत देने के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति के तहत 500 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
सुकमा के ग्रामीणों ने पहली बार राजधानी का किया भ्रमण, विधानसभा कार्यवाही देखकर हुए उत्साहित
18 Mar, 2025 08:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के दूरस्थ गांवों से आए युवाओं के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत नियद नेल्लानार योजना में शामिल सिलगेर, पूवर्ती, एलमागुंडा, लखापाल, शालातोंग, साकलेर, छोटेकेडवाल, बगडेगुड़ा और बेदरे जैसे गांवों के 119 युवा पहली बार अपने गांव से बाहर निकले और राजधानी रायपुर पहुंचे।इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान युवाओं ने रेलवे स्टेशन, छत्तीसगढ़ विधानसभा और वनवासी कल्याण आश्रम का दौरा किया।
राजधानी आगमन के दौरान युवाओं ने छत्तीसगढ़ विधानसभा का भ्रमण किया और दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी, जिससे वे बेहद उत्साहित नजर आए। इस अवसर पर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से भेंट की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने युवाओं से चर्चा करते हुए कहा कि युवा चाहें तो अपने गांव में अमन-चैन और विकास की रोशनी फैला सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं से उनके गांव की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके गांवों में पक्की सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, राशन, चिकित्सा और आवास जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की और कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में हम सभी मिलकर छत्तीसगढ़ को विकसित और समृद्ध राज्य बनाएंगे।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने नियद नेल्लानार योजना के तहत गांवों के आर्थिक विकास के लिए विशेष रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इन गांवों के निकट नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचे।
उल्लेखनीय है कि आजादी के 75 साल बाद पहली बार अपने गांव से बाहर निकल कर राजधानी पहुंचे अनेक ग्रामीणों ने प्रदेश की प्रगति को नजदीक से देखा और भविष्य में अपने गांवों के विकास में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचे और वहां के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। राज्य सरकार प्रदेश के माओवाद प्रभावित इलाकों में तेजी से बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है।
राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अब इन दूरस्थ गांवों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना और नियद नेल्ला नार योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे ग्रामीण युवाओं को प्रदेश की विकास प्रक्रिया से जोड़ने में मदद मिल रही है। यह पहल न केवल इन गांवों के युवाओं के लिए एक नई आशा की किरण लेकर आई है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के उज्जवल भविष्य की भी झलक देती है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का किया शुभारंभ
18 Mar, 2025 08:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : विधान सभा परिसर स्थित ऐलोपैथिक चिकित्सालय में आज विधान सभा के सदस्यों के लिए आयोजित तीन दिवसीय “स्वास्थ्य परीक्षण शिविर” का शुभारंभ विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप एवं लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया।
इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायकगण, विधान सभा सचिव दिनेश शर्मा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया भी उपस्थित थे। यह शिविर दिनांक 18 से 20 मार्च तक रहेगा। इस शिविर में पं. जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के विभिन्न विशेषज्ञ एवं चिकित्सक पूर्वान्हः 11.00 बजे से अपरान्ह् 5.00 बजे के मध्य विधायकों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे।
“स्वास्थ्य परीक्षण शिविर” के शुभारंभ अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा मंत्री, श्याम बिहारी जायसवाल का स्वास्थ्य परीक्षण चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिवर्ष विधान सभा परिसर में बजट सत्र के दौरान समस्त मान. सदस्यों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर का आयोजन किया जाता है। इस शिविर में ई.सी.जी., एक्सरे, सोनोग्राफी एवं पैथोलॉजी टेस्ट के साथ दन्त, ऑख, नाक, गला, संबंधी विभिन्न विशेषज्ञ/ चिकित्सक उपस्थित रहकर विधायकों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे।
धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सभी का समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक- आयुक्त, पदुम सिंह एल्मा
18 Mar, 2025 08:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के तत्वाधान में आज ’धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के बेहतर क्रियान्वयन हेतु वन अधिकार अधिनियम पर फोकस कर कैम्पेन डिजाइन करने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में एफईएस (फॉउंडेशन फॉर इकॉलाजिकल सिक्योरिटी) एवं यूएनडीपी द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। कार्यशाला में कैम्पेन डिजाइन की भूमिका, उसकी रूपरेखा, लक्षित समूह तक प्रभावी पहुंच, बेहतर क्रियान्वयन इत्यादि विषयों पर चर्चा की गई। कार्यशाला में एफईएस एवं यूएनडीपी के अतिरिक्त अन्य संस्थानों के विषय विशेषज्ञ भी सम्मिलित हुए। कार्यशाला को संबोधित करते हुए आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त सह संचालक पदुम सिंह एल्मा ने कहा कि धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान केन्द्र सरकार की एक अति महत्वाकांक्षी योजना है, जो कि जनजातियों के संर्वागीण विकास को ध्यान में रखकर बनाई गई है। वन अधिकार अधिनियम इसका एक महत्वपूर्ण घटक है। इसके लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सभी का समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए नमिता मिश्रा (स्टेट हेड, एफईएस) ने ज्ञमल ैजंामीवसकमते (प्रमुख हितधारक) कौन हैं इसे विस्तार से समझाया। इसके साथ ही कम्यूनिटी लीडरर्स, मीडिया, सिविल सोसायटी एवं अन्य अशासकीय संस्थाओं की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। इसके अलावा विभोर देव (प्रोजेक्ट ऑफिसर, यूएनडीपी) ने वन अधिकार अधिनियम के प्रभावशाली क्रियान्वयन हेतु कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं को विस्तार से समझाया। इसके साथ ही एक प्रश्नोत्तर सेशन भी रखा गया, ताकि उपस्थित प्रतिभागियों की सभी शंकाओं का त्वरित रूप से समाधान हो सके, जिससे वे जमीनी स्तर पर अधिनियम का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकें। आज की कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को भिन्न-भिन्न समूहों में विभाजित कर अलग-अलग टॉस्क भी दी गई जिसमें एक टॉस्क विषय आधारित स्लोगन एवं उसका उल्लेख करना था। प्रतिभागियों ने इसमें अलग-अलग स्लोगन लिखे जैसे - ‘‘सामुदायिक वन अधिकार-हमारे जीवन का आधार’’, ‘‘परंपरागत ज्ञान बढ़ाना है जंगल को बचाना है’’, ‘‘जंगल हैं तो हम हैं’’, ‘‘आदिवासियों से धरती सुरक्षित है, जंगल इसका प्रमाण है’’ इत्यादि। साथ ही प्रत्येक समूह द्वारा इसका बेहतर ढंग से उल्लेख भी किया।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 02 अक्टूबर 2024 को धरती आवा- जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान अंतर्गत 17 मंत्रालयों के सहयोग से भारत सरकार की 25 योजनाओं को सुसंगत तरीके से धरातल पर उतारना है जिसमें वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन अंतर्गत मुख्य रूप से निश्चित समयावधि में वन अधिकारों की मान्यता की प्रकिया को पूर्ण किया जाना है। विभिन्न मंत्रालयों (जनजातीय कार्य मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, मतस्य विभाग, पशुपालन विभाग इत्यादि) के योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से वननिवासी जनजातीय परिवारों के सतत आजीविका की सुरक्षा, परस्थितिकीय संतुलन हेतु वनों की सुरक्षा, संवर्धन, संरक्षण एवं प्रबंधन इत्यादि जैसे लक्ष्यों की प्राप्ति शामिल है।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने तकनीकी अधिकारियों को दिया जा रहा है तीन दिवसीय प्रशिक्षण
18 Mar, 2025 08:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : राज्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नॉन-डिस्टैªक्टिव टेस्ट (NDT) उपकरणों का उपयोग किया जाता है, जिससे संरचनाओं की मजबूती और विश्वसनीयता की जांच बिना किसी नुकसान के की जा सकती है। इन्हीं अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी और उपकरणों के संचालन में दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से संगठन के अधिकारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 17 मार्च से नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के प्रथम तल पर स्थित मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) में दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 19 मार्च तक चलेगा।
मुख्य तकनीकी परीक्षक आर. पुराम ने बताया कि संगठन द्वारा लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता एवं भौतिक प्रगति की जांच कर सामान्य प्रशासन विभाग को प्रतिवेदन प्रेषित किया जाता है। प्रशिक्षण में एनडीटी विशेषज्ञों द्वारा अत्याधुनिक जांच उपकरणों के संचालन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि नॉन-डिस्टैªक्टिव टेस्टिंग (NDT) ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से किसी भी निर्माण सामग्री या संरचना की मजबूती, गुणवत्ता और स्थायित्व की जांच की जाती है, बिना उसे कोई नुकसान पहुंचाए। इस तकनीक का उपयोग विशेष रूप से सड़क, पुल, भवन और अन्य संरचनाओं की जांच के लिए किया जाता है। प्रशिक्षण में अल्ट्रासोनिक पल्स वेलासिटी, ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR), डिजिटल रीबाउंड हैमर टेस्ट, प्रोफोमीटर टेस्ट, टोमोग्राफी जैसे प्रमुख उपकरणों के संचालन की तकनीक सिखाई जा रही है। इन उपकरणों की मदद से कंक्रीट की मजबूती, अंदरूनी दरारें, नमी की मात्रा, सरंचना में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता और संभावित कमजोरियों की पहचान की जाती है।
इस प्रशिक्षण से संगठन के अधिकारियों को आधुनिक जांच तकनीकों की समझ विकसित होगी, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी रूप से परखा जा सकेगा। इससे संगठन को भविष्य में तेजी, सटीकता और विश्वसनीयता के साथ निरीक्षण करने में सहायता मिलेगी।
सीएम विष्णुदेव साय ने दिल्ली पहुंच की PM मोदी से भेंट, बस्तर में औद्योगिक निवेश और महिला सशक्तिकरण पर होगी चर्चा
18 Mar, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली/रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर राज्य के विकास के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के समक्ष बस्तर विकास के मास्टर प्लान की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष बस्तर विकास का मास्टर प्लान प्रस्तुत किया, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को अधोसंरचना, उद्योग और पर्यटन के नए केन्द्र के रूप में विकसित करने की रूपरेखा शामिल थी। प्रधानमंत्री ने इस योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
सुरक्षा बलों की संगठित रणनीति और जनभागीदारी के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस और केन्द्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से विकास की किरण कई नक्सल गढ़ों तक पहुंची है, जिससे सरकार की योजनाओं में जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है। सरकार का पूरा ध्यान अब बस्तर को एक नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है, ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके और आदिवासी समुदायों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेशकों की बढ़ती रुचि पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स में छूट और अनुकूल नीतियां लागू की हैं, जिससे बड़ी कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं।
इस मुलाकात में मुख्यमंत्री साय ने महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया और कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत महिला स्व-सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बस्तर की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बस्तर की महिला स्व-सहायता समूहों के जरिए हजारों महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लघु वनोपज, जैविक कृषि, हाथकरघा, बांस उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर महिलाओं को न केवल आजीविका का साधन मिल रहा है, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। इसके अलावा स्टार्टअप और छोटे उद्योगों के माध्यम से बस्तर की महिलाओं को उत्पादन और विपणन से जोड़ने की पहल की जा रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकें।
प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा, बड़े विकास कार्यों का होगा लोकार्पण
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे के लिए की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।
बीजापुर में 19 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, सीएम साय ने सुरक्षा बलों को दी बधाई
18 Mar, 2025 05:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को कहा कि आत्मसमर्पण तथा पुनर्वास नीति के असर से अब नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। बीजापुर में 28 लाख रुपये के इनामी नौ नक्सलियों सहित कुल 19 नक्सलियों के सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ने पर सीएम ने सुरक्षा बलों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने सुरक्षाबलों के मनोबल को लगातार ऊंचा बनाए रखने और बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ के शांतिपूर्ण और विकसित भविष्य की ओर एक बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को सौंपा बस्तर के विकास का रोडमैपमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को सौंपा बस्तर के विकास का रोडमैप
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दिखने लगा पुनर्वास नीति का असर
छत्तीसगढ़ सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का सकारात्मक प्रभाव दिखने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर रूपी नक्सलवाद के ताबूत पर आखिरी कील ठोंकने का काम हमारी डबल इंजन की सरकार कर रही है।
नक्सलवाद के कुचक्र में फंसे लोग अब पुनः समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं, जो स्वागतयोग्य है। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूर्णतः खात्मा तय है।
सरकार के इन प्रयासों से बढ़ा लोगों का विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के सुदूर अंचलों में राज्य सरकार द्वारा लगातार सुरक्षा कैंप स्थापित करने, नियद नेल्ला नार योजना के तहत सड़क निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से लोगों का सरकार पर विश्वास बढ़ा है। इसी विश्वास के चलते नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं और नक्सली मुख्यधारा में लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
आज पीएम मोदी से हो सकती है मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे। मंगलवार को उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हो सकती है। सोमवार को नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री से सांसद महेश कश्यप, कमलेश जांगड़े एवं रूपकुमारी चौधरी ने सौजन्य मुलाकात की।
प्रधानमंत्री से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर मिली बधाईप्रधानमंत्री से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर मिली बधाई. साय ने सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्रों में विकास योजनाओं की प्रगति और आवश्यकताओं पर फीडबैक लिया। केंद्र सरकार से जुड़ी आवश्यक पहल को प्राथमिकता देने की बात कही। इस दौरान सांसदों ने मुख्यमंत्री साय से राज्य के विकास, केंद्र-राज्य समन्वय और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को लेकर चर्चा की।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री मोदी से उनके 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे के संबंध में चर्चा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे के विवाह समारोह में भी शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को भाजपा की ऐतिहासिक जीत की रणनीति से अवगत कराया
18 Mar, 2025 05:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जहां प्रधानमंत्री ने उन्हें नगर निकाय चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह जीत भाजपा की नीतियों, सुशासन और जनता के भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने इस जीत को स्थानीय विकास, बेहतर प्रशासन और स्थायी शांति की दिशा में बढ़ते जनविश्वास का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत की रणनीति और सरकार के प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनता के बीच जाकर विश्वास अर्जित करना, विकास के एजेंडे को मजबूती से लागू करना और सीधा संवाद स्थापित करना इस सफलता की प्रमुख वजहें रहीं। चुनाव प्रचार के दौरान रोड शो और जनसभाओं के माध्यम से भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल तैयार किया गया, जिसका असर नतीजों में साफ दिखाई दिया। इस बार के नगर निकाय चुनावों में भाजपा ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिसमें राज्य के 10 नगर निगमों में पार्टी ने क्लीन स्वीप किया, जबकि नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में भी 90 प्रतिशत से अधिक सीटों पर भाजपा का कब्जा हुआ। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह ऐतिहासिक जीत मुख्यमंत्री साय की सादगी, जनता से सीधे संवाद और विकासोन्मुखी नीतियों का परिणाम है।
बिहान योजना के तहत कोरिया मोदक लड्डू से महिलाओं और बच्चों को मिल रहा संपूर्ण पोषण
18 Mar, 2025 05:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में पहली बार गर्भवती महिलाओं और बच्चों में पोषण सुधारने के लिए स्थानीय स्तर पर विशेष पौष्टिक ‘कोरिया मोदक’ लड्डू तैयार किए जा रहे हैं. यह लड्डू पूरी तरह से पारंपरिक मोटे अनाजों से बनाए जा रहे हैं. जिनमें सत्तू, रागी, बाजरा और ज्वार शामिल हैं. साथ ही, गोंद, सोंठ, तिल, मूंगफली, इलायची और घी का भी उपयोग किया गया है, जिससे लड्डू न केवल स्वादिष्ट बल्कि अत्यंत पौष्टिक भी बन गए हैं.
यह अनोखी पहल ‘कोरिया मोदक’ पायलट प्रोजेक्ट के तहत की जा रही है, जिसके अंतर्गत जिले की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिलकर यह लड्डू तैयार कर रही हैं. इस परियोजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को संतुलित और पोषक आहार उपलब्ध कराना है, जिससे जच्चा और बच्चा दोनों को संपूर्ण पोषण मिल सके.
बिहान योजना से जुड़ी महिलाओं की पहल
बिहान योजना के तहत गठित स्वयं सहायता समूह की 20 महिलाओं द्वारा ‘कोरिया मोदक’ लड्डू तैयार किए जा रहे हैं. रसिना, जो बैकुंठपुर की निवासी हैं. इस समूह की सक्रिय सदस्य हैं, वे बताती हैं कि ये लड्डू जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाते हैं. इससे गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को संपूर्ण पोषण मिल रहा है. रसिना ने लोकल 18 को आगे बताया कि हमने इस पहल की शुरुआत इसलिए की क्योंकि जिले में गर्भवती महिलाओं और बच्चों को संतुलित आहार की आवश्यकता थी. यह लड्डू पूरी तरह से प्राकृतिक और पारंपरिक अनाजों से बने हैं. जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और पोषण बढ़ाने में सहायक होते हैं.
रोजाना बन रहे 10-12 हजार लड्डू
महिला समूह की मेहनत और लगन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे प्रतिदिन 10 से 12 हजार लड्डू तैयार कर रही हैं. इनमें सबसे अधिक मांग रागी के लड्डू की है, क्योंकि यह हड्डियों को मजबूत करने और शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने में सहायक होता है. कोरिया मोदक लड्डू को लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है. खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. इस पहल के चलते जिले में कुपोषण और एनीमिया को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है.
महिलाओं को मिला विशेष प्रशिक्षण
महिलाओं को इस कार्य के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे वे गुणवत्तापूर्ण और स्वास्थ्यवर्धक लड्डू बना सकें. इस परियोजना से न केवल महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण मिला है, बल्कि जिले में कुपोषण कम करने में भी मदद मिल रही है. यह पहल महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मिसाल बन रही है, जिससे न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, बल्कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर में भी सुधार हो रहा है.
पुलिस भर्ती में प्रकिया पर विधानसभा में गुंजी आवाज, की गई सीबीआई जांच की मांग
18 Mar, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ विधानसभा: छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के चौदहवें दिन विधायक द्वारिकाधीश यादव ने पुलिस भर्ती में अनियमितता का मामला उठाया। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने 1 जनवरी 2024 से 15 फरवरी 2025 तक पुलिस भर्ती प्रक्रिया में हुई शिकायतों की जानकारी मांगी। जिस पर राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राजनांदगांव में पुलिस उपाधीक्षक ने एक मामले में अनियमितता पकड़ी और उनकी शिकायत पर कार्रवाई की गई। बिलासपुर जिले में दो शिकायतें मिलीं, जिसमें शिकायतकर्ता अजय सिंह राजपूत और दुर्गेश यादव ने शिकायत की है, बाकी जिलों में कोई अनियमितता नहीं हुई है।
विधायक द्वारिकाधीश यादव ने प्रतिप्रश्न करते हुए कहा कि इतने बड़े मामले में आरक्षक पर कार्रवाई हुई, किसी वरिष्ठ अधिकारी पर नहीं? जवाब में गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राजनांदगांव मामले में मानपुर मोहला के एडिशनल एसपी की टीम बनाकर जांच कराई जा रही है, उस विषय पर पर्याप्त चिंता जताई गई है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर मामले में 95000 वीडियो देखे जा चुके हैं। उसके बाद मामला कोर्ट में है, कोर्ट के फैसले का इंतजार है, उसके बाद इस पर कार्रवाई की जाएगी।
विधायक द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि इस मामले में छोटे स्तर के लोगों की नहीं बल्कि बड़े स्तर के लोगों की संलिप्तता है, मामले की सीबीआई स्तर पर जांच होनी चाहिए।
लोगो तक योजनाएं का लाभ पहुंच रहा या नहीं! पूछनेगे CM साय
18 Mar, 2025 02:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: राज्य सरकार के 14 महीने पूरे होने वाले हैं। इस दौरान सरकार की योजनाएं राज्य के शहरों और गांवों के लोगों तक कितनी पहुंची हैं, लोगों को इसका लाभ मिल रहा है या नहीं। अब जमीनी स्तर पर इसकी जांच की जाएगी। सरकार अप्रैल में गांवों में चौपाल लगाएगी। चौपाल में मुख्यमंत्री समेत मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, विधायक और अधिकारी सभी लोगों की समस्याएं पूछेंगे और मौके पर ही उनका निराकरण कराने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को देंगे। सूत्रों के मुताबिक चौपाल लगाने को लेकर शासन स्तर पर तैयारी की जा रही है।
कांग्रेस ने भी गांवों में लगाए शिविर
जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, तब भी अप्रैल से मई तक गांवों में लोगों की समस्याओं के निराकरण और ग्रामीण-शहरी जनता से सीधे संवाद करने के लिए तुम्हार सरकार तुम्हार द्वारा कार्यक्रम चलाया जाता था। इस दौरान तत्कालीन सीएम भूपेश खुद लोगों से सीधे बात कर उनकी समस्याएं पूछते थे साथ ही सुझाव भी मांगते थे।
सीएम सचिवालय करेगा निगरानी
सूत्रों का कहना है कि चौपाल की पूरी तैयारी और कार्यक्रम की रूपरेखा सीएम सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में बनाई जा रही है। इसके बाद ही सीएम की अनुमति से चौपाल कहां से शुरू होगी इसकी तारीख तय की जाएगी।
लगेगी अफसरों की क्लास
चौपाल में सबसे ज्यादा फोकस केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर रहेगा। जमीनी स्तर पर लोगों को कितना लाभ मिला है इसकी जांच की जाएगी। योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की शिकायत पर क्षेत्र के अफसरों की क्लास भी लगाई जा सकती है। ज्यादा गंभीर शिकायत होने पर अफसरों और कर्मचारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में एसआईटी की चार्जशीट तैयार, सभी आरोपी जेल में बंद
18 Mar, 2025 02:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. मंगलवार को इस मामले में एसआईटी कोर्ट में चार्जशीट पेश करेगी. पत्रकार मुकेश की हत्याकांड की जांच एसआईटी कौ सौंपी गई थी. जांच में सामने आया था कि इस केस के मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने वारदात से करीब 3-5 दिन पहले ही मर्डर की पूरी प्लानिंग कर ली थी. दरअसल, मुकेश ने सड़क निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर कुछ खबरें की थी. इसी बात से आरोपी सुरेश काफी नाराज था. फिर उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलने इस वारदात को अंजाम दिया.
पत्रकार मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी को लापता हो गए थे. उनकी बॉडी 3 जनवरी को बीजापुर के चट्टानपारा इलाके में सुरेश चंद्राकर की प्रॉपर्टी में बने सेप्टिक टैंक में मिला था. मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने भी एक्शन तेज कर दिया था. फिर 5 जनवरी को आरोपी सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया था. उससे पहले उनके भाई रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया गया था.
जानें कब-कब क्या हुआ
1 जनवरी 2025 की रात पूरी प्लानिंग के बाद बीजापुर के युवा पत्रकार मुकेश की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में चुनवा दिया गया था
2 जनवरी को मुकेश के भाई युकेश ने कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी
3 जनवरी की देर शाम मोबाइल (गूगल) लोकेशन के आधार पर मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के चट्टान पारा स्थित बाड़ा से मुकेश की बॉडी पुलिस ने बरामद की थी
इसके बाद इस मामले में सरकार ने एसआईटी जांच के आदेश दे दिए थे
.सुरेश के भाई रितेश, दिनेश और कर्मचारी महेंद्र रामटेके को गिरफ्त में लेने ने 3 दिन बाद हैदराबाद से मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया था.
.मामला गंगालूर से मिरतुर 100 करोड़ की लागत वाली सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर की गई रिपोर्टिंग से जुड़ा हुआ था
.रिपोर्टिंग से खफा सुरेश चंद्राकर ने मुकेश चंद्राकर की हत्या की साजिश रची थी
.अभी जेल में बंद हैं सभी आरोपी
.जिस जगह से मुकेश का शव बरामद हुआ था, एसआईटी ने उसे सील कर रखा है
.हत्या के बाद से सुरेश की प्रापर्टी कुर्की की लगातार मांग उठ रही है
.मामले में भ्रष्टाचार के संलिप्तत को लेकर पीडब्ल्यूडी के पूर्व ईई, एसडीओ समेत 4 लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है
.इन्हें कोर्ट से मिली है जमानत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात, बस्तर में स्थायी शांति की योजना
18 Mar, 2025 12:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सरकार की सख्त नीतियों और सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति लौट रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की। इस बैठक में नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने, बस्तर के विकास को तेज करने और पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को अवगत कराया कि नक्सलवाद अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और सरकार इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठा रही है। राज्य और केंद्र के संयुक्त प्रयासों से नक्सली संगठनों की पकड़ कमजोर हो चुकी है। अब अंतिम चरण की रणनीति तैयार कर बस्तर को स्थायी शांति की ओर ले जाने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का असर दिखने लगा है। हाल ही में बीजापुर जिले में 9 ईनामी नक्सलियों समेत कुल 19 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता और पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।
बैठक में बस्तर में विकास कार्यों को तेज करने पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और जल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। इसके साथ ही, बस्तर के समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाओं पर भी विचार किया गया।
बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और नए रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर सिर्फ संघर्ष की भूमि न रहकर शांति, विकास और संभावनाओं का नया केंद्र बने।
नक्सलियों का आत्मसमर्पण, छत्तीसगढ़ में सरकार की पुनर्वास नीति से बड़ा बदलाव
18 Mar, 2025 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजापुर। छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग के दो जिलों बीजापुर और कोंडागांव में सोमवार को 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। बीजापुर में पीपुल्स पार्टी के प्लाटून कमांडर आठ लाख के इनामी देवा पदम और उसकी पत्नी दुले कलमू समेत 19 नक्सलियों ने समर्पण किया।
उधर, कोंडागांव में एक लाख के इनामी नक्सली राजमन होड़ी ने समर्पण किया। वह वर्ष 2014 से 2018 तक मिलिशिया सदस्य और बाद में पूर्वी बस्तर डिवीजन का सदस्य था। आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत 25-25 हजार रुपये दिए गए हैं।
पुनर्वास नीति का मिल रहा लाभ
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति से मिल रहे लाभ ने नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया है। उनके घर वाले भी उन्हें वापस लाना चाहते हैं।
उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा से बाहर निकल कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों।
केंद्र सरकार ने बनाया प्लान
बता दें कि केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने का रोडमैप तैयार किया है। इस रोडमैप में नक्सलियों से मुक्त इलाके में विकास व गरीब कल्याण योजनाएं भी शामिल थी। इस रोडमैप में हर तीन चार किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा बलों की अग्रिम चौकियां बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके तहत 2024 में 58 सुरक्षा चौकियां बनाई गईं और 2025 में 88 नई सुरक्षा चौकियों का निर्माण किया जा रहा है।
ये सुरक्षा चौकियां पहली बार स्थानीय प्रशासन की पहुंच भी सुनिश्चित कर रहा है, जिसकी मदद से मुफ्त राशन, स्कूल, अस्पताल, पीएम आवास, नल से जल, बिजली, सड़क और मोबाइल कनेक्टीविटी की सुविधाएं भी पहुंच रही हैं। पिछले साल दिसंबर में पहली बार आयोजित बस्तर ओलंपिक की सफलता को युवाओं के नक्सलवाद से दूर से होकर मुख्यधारा में जुड़ने से जोड़कर देखा जा रहा है।
राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना ने बदल दी ग्राम बदरा के विश्वनाथ यादव की जिंदगी, चरवाहे से बने सफल डेयरी उद्यमी
17 Mar, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंगेली : दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत से कोई भी अपने सपनों को साकार कर सकता है। ऐसा ही उदाहरण पेश किया है पथरिया विकासखण्ड के ग्राम बदरा(ठा) के विश्वनाथ यादव ने, जो कभी एक साधारण चरवाहा थे और आज एक सफल डेयरी उद्यमी के रूप में प्रतिष्ठित हो चुके हैं। यादव के पास वर्ष 2016-17 में केवल 1.5 एकड़ जमीन थी, जिसमें उनका पैतृक निवास भी शामिल था। वे पारंपरिक तरीके से 1-2 देशी गाय पालकर 3-4 लीटर दूध बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के उपसंचालक डॉ. आर. एम. त्रिपाठी ने बताया कि विश्वनाथ यादव ने राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत बैंक से 12 लाख रूपए ऋण प्राप्त कर डेयरी स्थापित की और खुद का व्यवसाय शुरू किया।
हितग्राही यादव ने बताया कि उन्होंने गायों के साथ भैंसों को भी डेयरी में शामिल किया और धीरे-धीरे दूध उत्पादन बढ़ाया। आज उनके पास 26 गायें और 50 भैंसें हैं, जिनसे प्रतिदिन 150 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। वे भैंस का दूध बाजार में 60 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचते हैं। इसके अलावा, वे भैंस के बच्चे (कलोर) तैयार कर भी अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक भैंस 1.6 लाख रुपये में बेची है। लगातार मेहनत और सही रणनीति के चलते यादव ने बैंक ऋण भी समय पर चुका दिया और अब बिना किसी कर्ज के अपनी डेयरी का विस्तार कर रहे हैं। राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी। उन्होंने डेयरी व्यवसाय से हुई आय से 4.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि खरीदी, डेयरी शेड व पक्का मकान बनवाया, खेती के लिए ट्रैक्टर लिया और दूध परिवहन के लिए मोटर साइकिल भी खरीदी है। आज यादव एक सम्पन्न किसान व प्रतिष्ठित डेयरी उद्यमी बन चुके हैं। उनकी सफलता से प्रेरणा लेकर कई अन्य युवा भी डेयरी व्यवसाय की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उनकी यह कहानी बताती है कि यदि सही मार्गदर्शन, मेहनत और संकल्प हो तो कोई भी व्यक्ति अपनी तकदीर बदल सकता है।
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आदि उत्सव जनजातीय गौरव, संस्कृति और उद्यमिता का है अदभुत संगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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