मध्य प्रदेश
ऑनलाइन होगी सभी राज्य अधिकारियों-कर्मचारियों की डिटेल्स! डिजिटल कुंडली होगी तैयार, मप्र सरकार का फैसला
26 Apr, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: सरकार मध्य प्रदेश के सात लाख अधिकारी-कर्मचारियों की पूरी कुंडली तैयार करने जा रही है। इसमें कर्मचारी का पूरा ब्योरा होगा, यानी सेवा में आने से लेकर रिटायरमेंट तक की सारी जानकारी ऑनलाइन होगी। इसका फायदा यह होगा कि फर्जीवाड़ा रुकेगा। राज्य लोक सेवा आयोग या कर्मचारी चयन बोर्ड के जरिए भर्ती परीक्षा देने वाला व्यक्ति ही नौकरी कर सकेगा। उसके बायोमेट्रिक्स के आधार पर सत्यापन होगा। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली तैयार की है।
पूरी कुंडली अभी सर्विस बुक में
कर्मचारियों की पूरी कुंडली अभी सर्विस बुक में है, जिसे मूल विभाग संधारित करता है। इसमें समय-समय पर वेतन वृद्धि, पदोन्नति, गोपनीय चरित्र के आधार पर प्राप्त श्रेणी, विभागीय जांच, आरोप पत्र की स्थिति, कब और कहां पदस्थ रहा, वेतनमान, अवकाश समेत तमाम ब्योरा होता है। बार-बार शिकायत मिलती है कि इन्हें अपडेट नहीं किया जा रहा है।
कर्मचारियों को नहीं मिलती इसकी कॉपी
कई कर्मचारियों को इसकी कॉपी भी नहीं मिलती। इसके अभाव में पेंशन निर्धारण में भी कठिनाई होती है। कई बार ऐसे मामले भी सामने आते हैं कि किसी अधिकारी या कर्मचारी को आरोप पत्र जारी कर दिया गया, लेकिन उसका कहीं कोई रिकॉर्ड नहीं है। इन सब स्थितियों को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली तैयार की है।
सभी तरह की जानकारी ऑनलाइन होगी
इसमें कर्मचारियों की सभी तरह की जानकारी ऑनलाइन होगी। अगर किसी को आरोप पत्र जारी करना है तो वह भी सिस्टम के जरिए किया जाएगा। इसके बाहर दिया गया नोटिस कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही जिस दिन कर्मचारी ज्वाइन करेगा, उस दिन उसके द्वारा भर्ती एजेंसी को दिया गया आधार, फोटो, फिंगर प्रिंट और आईरिस ही स्वीकार किया जाएगा।
इसका फायदा यह होगा कि जिसने परीक्षा दी, नौकरी भी वही करेगा। कुछ जगहों पर ऐसी शिकायतें सामने आई थीं कि परीक्षा किसी ने दी और नौकरी कोई और कर रहा था। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि हमारी तैयारी पूरी है। जल्द ही अधिकारियों और कर्मचारियों की कुंडली सबके सामने होगी। अनुकंपा नियुक्ति के लिए भेजा जाएगा एसएमएस:
इस व्यवस्था में यह भी प्रावधान किया गया है कि सेवाकाल में किसी अधिकारी या कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके द्वारा नामित आश्रित को एसएमएस भेजा जाएगा। चूंकि, उसकी पूरी कुंडली पहले से ही सरकार के पास होगी, इसलिए इसमें कोई दिक्कत नहीं आएगी। पात्रता के अनुसार जल्द ही अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। फिलहाल इसमें काफी देरी हो रही है।
बालाघाट में सुरक्षाबलों का बड़ा नक्सल ऑपरेशन: 4 महिला नक्सलियों को किया ढेर
26 Apr, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट में सुरक्षबलों ने बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। यहां पर जवानों ने 4 महिला नक्सलियों को ढेर कर दिया है। इन सभी पर कुल मिलाकर 62 लाख रुपए का इनाम घोषित था। एमपी के साथ ही देश के नक्सल प्रभावित सभी इलाकों में अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अभी तक हजारों नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है और सैकड़ों नक्सलियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है।
इस घटना की जानकारी देते हुए बालाघाट के एसपी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कान्हा नेशनल पार्क के सुपखार वन रेंज में जवानों ने 4 महिला नक्सलियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। उन्होंने बताया कि इन महिला नक्सलियों पर कुल 62 लाख रुपए का इनाम घोषित था। एसपी ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ मध्य प्रदेश में लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल के दिनों में एमपी में नक्सलियों के खिलाफ अभियान में तेजी आई है। एसपी नागेंद्र ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ यह अभियान अब लगातार जारी रहेगा।
बैकफुट पर हैं नक्सली
एसपी नागेंद्र सिंह ने आगे कहा कि अब उन्होंने अपना ये अभियान तेज कर दिया है। हमारी अपील है कि अगर कोई नक्सली सरेंडर करना चाहता है तो वह सरकार का सहयोग करें। सरेंडर करने वाले नक्सलियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। नहीं तो यह हमारी आखिरी लड़ाई है। हम ‘मिशन 2026’ के लिए प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि ‘मिशन 2026’ के तहत मार्च 2026 तक नक्सलवाद का खात्मा करने का लक्ष्य रखा गया है। इधर देश के नक्सल प्रभावित इलाकों में भी अभियान चल रहा है। इस अभियान में कई नक्सलियों ने सरेंडर किया है। वहीं, कई नक्सली एनकाउंटर में मारे गए हैं। पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलियों को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
बीतें दिनों छत्तीसगढ़ – तेलंगाना बॉर्डर पर भी नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हुई थी। इस दौरान 5 नक्सली मारे गए थे। 1000 से ज्यादा नक्सलियों को घेर लिया गया था। 72 घंटे से ज्यादा चले इस ऑपरेशन में कई नक्सली मारे गए थे। बाद में नक्सलियों ने ऑपेशन को रोकने की मांग की थी।
नक्सलियों से SSP की अपील
बालाघाट के एसपी नागेंद्र कुमार सिंह ने महिला नक्सलियों के एनकाउंटर में ढेर होने के बाद बाकी बचे नक्सलियों से एक अपील की है। नागेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि जो भी नक्सली गतिविधियों में शामिल हैं और सरेंडर करना चाहते हैं तो वो सरकार का साथ दें। उन्होंने कहा कि सरेंडर करने वालों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
बता दें कि देशभर में नक्सलियों के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्रालय ऐक्शन मोड में है। इस दौरान झारखंड से लेकर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ में भी नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में कई नक्सली मारे जा चुके हैं और कई नक्सलियों ने सरेंडर भी किया है। सुरक्षाबलों ने बीते कुछ महीनों में सबसे बड़ी कार्रवाई छत्तीसगढ़ के अलग-अलग नक्सल प्रभावित इलाकों में की है, जिसमें सैकड़ों नक्सलियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है और सैकड़ों की संख्या में नक्सलियों ने सरेंडर भी किया है।
बीते दिनों छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर भी नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई थी। इस कार्रवाई में 5 नक्सली मारे गए थे। जवानों ने यहां 1 हजार से ज्यादा नक्सलियों को घेर लिया था। 72 घंटे से ज्यादा चले इस ऑपरेशन में कई नक्सली मारे गए थे। बाद में नक्सलियों ने चिट्ठी जारी कर ऑपरेशन को रोकने की अपील की थी।
माधव नेशनल पार्क के पास बढ़ा वन्यजीवों का खतरा, ग्रामीण परेशान
26 Apr, 2025 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में चीतों के झुंड ने खौफ पैदा कर दिया है. जंगली जानवरों की आमद भी आसपास के लोगों को डरा रही है. पिछले कई दिनों से जंगली जानवरों का आतंक शिवपुरी और श्योपुर के इलाके में बढ़ गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं बढ़ गई हैं. यही वजह है कि अब ग्रामीण क्षेत्र से लोग डरे नजर आ रहे हैं.
इस बार गांव की सड़क पर चीतों का झुंड दिखने से लोगों खौफ में आ गए. उनका कहना है कि चीतों का झुंड उनके पालतू जानवरों को निशाना बनाने की फिराक में था. ग्रामीणों के शोर और उनका पीछे करने से सभी चीते जंगल की ओर भाग गए. गांव वाले इस घटना के बाद से डरे हुए हैं.
सड़क पर नजर आ रहे है चीते
शिवपुरीम जिले में चारों तरफ से अब जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है. इधर माधव नेशनल पार्क को जब से टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है, तब से टाइगर, तेंदुआ और भालू के साथ अन्य जंगली जानवर देहाती इलाके में नजर आ रहे हैं. वहीं, अब कूनो नेशनल पार्क से निकलकर चीते भी इसी इलाके में देखे जा रहे हैं. शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के पिपरघार गांव की एक ग्रामीण सड़क और खेतों में चीतो का झुंड दौड़ लगाता हुआ नजर आया.
पालतू जानवरों के शिकार के मूड में चीते
ग्रामीणों का कहना है कि यह चीतो का झुंड पालतू मवेशियों के शिकार के मूड में नजर आ रहा था. लेकिन, ग्रामीणों की नजर उनपर पड़ी. उन्होंने उनका लगातार पीछा किया, जिसकी वजह से यह वापस जंगल की तरफ भाग गया. कुछ दिन पहले श्योपुर जिले के मुख्य मार्ग शिवपुरी-श्योपुर हाईवे पर रात के समय चीतों का यह झुंड दौड़ते हुए कैमरे में रिकॉर्ड किया गया था. वहीं कुछ दिन पहले एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें चीतों के एक झुंड को एक आदमी पानी पिलाता हुआ नजर आ रहा है.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान: मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन रहेगा बदलाव
26 Apr, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बाद लोगों को एक बार कुछ राहत मिलने के आसार दिख रहे हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के करीब 19 जिलों में आज से बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग क्या कहना है ट्रफ की वजह से प्रदेश में गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है। साथ ही शनिवार को 3 जिलों में लू भी चल सकती है। इनमें रतलाम, खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं।
इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन जिलों में बारिश का अलर्ट है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, अनूपपुर शामिल हैं। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने अगले चार दिन तक प्रदेश में हल्की बारिश और गरज-चमक का अनुमान जताया है। कुछ जगहों पर लू भी चल सकती है। वहीं, गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा।
खजुराहो लगातार दूसरे दिन रहा सबसे गर्म
प्रदेश में शुक्रवार को तेज गर्मी का असर रहा। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। शिवपुरी में 44 डिग्री और दमोह में पारा 43.5 डिग्री रहा। इस सीजन में पहली बार 11 शहर ऐसे रहे, जहां पर पारा 43 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इनमें खजुराहो, शिवपुरी, दमोह के अलावा ग्वालियर, नौगांव, सतना, टीकमगढ़, रतलाम, गुना, मंडला और नरसिंहपुर शामिल हैं। वहीं, रीवा, शाजापुर, उमरिया, मलाजखंड, सागर, नर्मदापुरम, खंडवा में 42 डिग्री से अधिक दर्ज किया गयासीधी, खरगोन, धार, छिंदवाड़ा, सिवनी, रायसेन और बैतूल जिले ऐसे रहे, जहां पर पारा 40 डिग्री से अधिक ही रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 41.2 डिग्री, इंदौर में 40 डिग्री, उज्जैन में 41.1 डिग्री और जबलपुर में 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे ठंडा इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी रहा। यहां तापमान 36.2 डिग्री दर्ज किया गया।
ऐसा रहेगा अप्रैल का आखिरी सप्ताह
उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक, यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है।
अगले तीन दिन ऐसा रहेगा प्रदेश का मौसम
26 अप्रैल: ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, भिंड, दतिया, हरदा,नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी और खरगोन में लू का असर देखने को मिलेगा।
27 अप्रैल: मुरैना, भिंड, सतना, रीवा, मऊगंज, उमरिया,डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में बारिश होने का अनुमान है। नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, बड़वानी और खरगोन में लू चलेगी।
28 अप्रैल: नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार,अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा में लू का अलर्ट है। वहीं, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बारिश हो सकती है।
द्रोणाचल परिसर में गूंजा वीरता का इतिहास, सीएम मोहन यादव ने किया उद्घाटन
26 Apr, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को राजधानी भोपाल के द्रोणाचल परिसर स्थित योद्धा स्थल पर लाइट एंड साउंड शो का शुभारंभ किया। इस शो के माध्यम से भारतीय सेना के शौर्य, भोपाल के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और विकास की गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह शो हर शुक्रवार, शनिवार और रविवार को आम जनता के लिए आयोजित किया जाएगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह शो युवाओं को सेना की वीरगाथा से प्रेरित करेगा और उन्हें राष्ट्र सेवा के प्रति प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त है, जो असंभव को संभव करने की शक्ति रखती है। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि धर्म के नाम पर अधर्म करने वालों को करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ देश एकजुट है। डॉ. यादव ने लाइट एंड साउंड शो की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें पाषाण युग से लेकर वर्तमान तक की यात्रा को शानदार ढंग से प्रस्तुत किया गया है। शो न सिर्फ इतिहास को सजीव करता है, बल्कि भोपाल के स्वर्णिम अतीत और प्रगति को भी दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने सेना द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेना के "निरामया वेलनेस सेंटर" जैसे प्रयासों में हर संभव सहयोग करेगी, जहां शिरोधारा, पंचकर्म, हाइड्रो थैरेपी जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल प्रीतपाल सिंह ने मुख्यमंत्री को सैनिक कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और अधोसंरचना विकास के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता से सेना और नागरिकों दोनों को लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम में मंत्री इंदरसिंह परमार, डीजीपी कैलाश मकवाना और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
राज्य सरकार सेवा भाव के साथ जन-कल्याण के लिए कर रही है कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
25 Apr, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार मिशन मोड में कार्य कर रही है। प्रदेश के गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी सशक्तिकरण के लिए 4 मिशन की शुरुआत कर कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में कार्य करने का अवसर मिलना, हमारा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि कर्मशीलता जीवन का ध्येय है और कार्य का मूल्यांकन तो समाज और संगठन करता है। मध्यप्रदेश अर्थव्यवस्था की दृष्टि से भारत का सबसे तेज गति से बढ़ने वाला राज्य है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ाने के लिए सरकार ने पहले संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) और भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 आयोजित कीं, जिससे 30 लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ। प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट 12 प्रतिशत से अधिक है। राज्य सरकार ने दुग्ध उत्पादन क्षमता 9% से बढ़ाकर 20% तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। सरकार विरासत के साथ विकास के मूल मंत्र पर कार्य करते हुए मध्यप्रदेश को अग्रिम पंक्ति में खड़ा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार ने इस वर्ष 4 लाख 21 हजार करोड़ का बजट प्रस्तुत किया है। यह प्रदेश की ग्रोथ को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट ऑफ स्टेट्स कॉन्क्लेव में उल्लेखनीय उपलब्धियों के साथ प्रदेश सरकार के 500 दिन पूर्ण होने पर यह विचार रखे। कॉन्क्लेव में पहलगाम आतंकी हमले में दिवंगत पर्यटकों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश में 100 से अधिक औद्योगिक पार्क स्थापित हो चुके हैं। हर सेक्टर में निवेशक उद्योग-व्यापार करने के लिए मध्यप्रदेश का रुख कर रहे हैं। यह प्रदेश की उपलब्धि है कि दक्षिण के राज्यों में कॉटन (कपास) के क्षेत्र में कार्य करने वाली औद्योगिक इकाइयां भी मध्यप्रदेश आ रही हैं। आगामी वर्षों में राज्य में बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार मिलेगा, साथ ही शासकीय पदों पर भी भर्ती जारी रहेगी। सरकार ने 5 वर्ष में ढ़ाई लाख नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि किसान-कल्याण और खेती को फायदे की गतिविधि बनाने के लिए समग्र रूप से गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। गेहूं का मूल्य कभी 600 रुपए हुआ करता था, जिसे आज हमारी सरकार 2600 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीद रही है। किसानों की समृद्धि के लिए नई योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है। किसानों को धान और सोयाबीन के साथ कम पानी और लागत वाली वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पशुपालन से गौपालकों की आय बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना प्रारंभ की गई है। इसमें कोई गौपालक एक यूनिट (25 गाय) से लेकर 8 यूनिट (200 गाय) तक पाल सकता है। सरकार गौपालकों को 25 प्रतिशत तक अनुदान देगी। इन योजनाओं से प्रदेश में दूध उत्पादन तो बढ़ेगा ही साथ में प्रदेशवासियों को रोजगार के और अधिक अवसर भी उपलब्ध होंगे। दूध उत्पादन में गुजरात ने आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है, राज्य सरकार ने भी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ सहकारिता अनुबंध किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा देश जल्द ही अर्थव्यवस्था के मामले में जापान और जर्मनी को पीछे छोड़ेगा। मध्यप्रदेश सरकार व्यापार में निवेश बढ़ाने के साथ युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है, इससे जर्मनी और जापान मैन पॉवर की कमी से जूझ रहे देशों में भी हमारे युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। जापान और जर्मनी जैसे टेक्नोलॉजी में हमसे आगे चल रहे देशों की नवीन तकनीकों का प्रदेश हित में लाभ लेने की दिशा में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। सरकार ने नई उद्योग नीति में रोजगार आधारित उद्योग स्थापित करने पर जमीन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। मध्यप्रदेश सरकार कारोबारियों को टैक्स में भी छूट प्रदान करेगी। प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। प्रदेश में अगर कोई रोजगार आधारित उद्योग लगाएगा तो उन्हें सब्सिडी प्रदान की जाएगी। नई औद्योगिक नीति में उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। प्रदेश में आ रही औद्योगिक इकाइयों के लिए सभी जरूरी अनुमतियों को पूरा करने और आवश्यक समन्वय के लिए कलेक्टरों के मार्गदर्शन में सभी जिलों में प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से सहायता उपलब्ध कराई गई है। इन परियोजनाओं से राज्य का सिंचाई रकबा बढ़ेगा। नर्मदा, केन-बेतवा जैसी बड़ी नदियां मध्यप्रदेश से ही निकलती है, प्रदेश के वन इन नदियों की समृद्धि का आधार हैं। इसलिये वनों का संरक्षण आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो राज्य इन नदियों से समृद्ध होते हैं, उनकी ओर से प्रदेश के वनों के संरक्षण में योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यवस्था होना चाहिए।
हर तरह के टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में सभी तरह के टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी नई पॉलिसी तैयार की गई है। हेल्थ टूरिज्म के लिए नए-नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। एयर एंबुलेंस जैसी सेवाएं शुरू कर राज्य में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। प्रमुख मंदिरों, राम वन गमन पथ और विरासतों का संरक्षण कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विरासत से विकास की यात्रा में उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, न्यायप्रियता, दयालुता, त्याग और वीरता को दुनिया के सामने लाने के लिए लाल किले पर विक्रमादित्य महानाट्य का आयोजन किया गया। सम्राट विक्रमादित्य ने कभी स्वयं को राजा या सम्राट नहीं माना, उसी सेवा भावना के साथ मध्यप्रदेश सरकार प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।
मध्य प्रदेश में पराली जलाना पड़ेगा भारी, फसल बेचने पर भी रोक लगेगी
25 Apr, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में इतनी सख्ती के बाद भी पराली जलाने के मामले कम नहीं हो रहे हैं. इसलिए राज्य सरकार अब और सख्त हो गई है. पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद अब ऐसे किसानों को एमएसपी से भी हाथ धोना पड़ेगा. ऐसे किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा जाएगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसको लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि पराली जलाने से खेत की मिट्टी की उर्वरकता खत्म होती है, साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है.
पराली जलाई तो खुद का बड़ा नुकसान करेंगे किसान
मध्यप्रदेश में पिछले सालों के मुकाबले इस बार नरवाई जलाने के मामलों में बढोत्तरी हुई है. मुख्यमंत्री ने इस पर चिंता जताई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नरवाई जलाने पर पहले से ही प्रतिबंध है. अब राज्य सरकार ने इस पर और सख्त कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि नरवाई जलाने पर किसानों को सीएम किसान कल्याण योजना का लाभ नहीं मिलेगा. मतलब नरवाई जलाने वाले किसान बैंकों से जीरो फीसदी पर लोन नहीं ले सकेंगे और न ही सोसायटी से खाद-बीज उठा सकेंगे. इसके अलावा समर्थन मूल्य पर फसल भी सोसायटी पर नहीं बेच सकेंगे.पर्यावरण, मृदा संरक्षण और भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार का यह निर्णय एक मई से लागू होगा.
सेटेलाइट से की जा रही मॉनिटरिंग
प्रदेश में नरवाई जलाने के मामलों की निगरानी सेटेलाइट के माध्यम से की जा रही है. देश में सबसे ज्यादा पराली मध्यप्रदेश में जलाई जा रही है. इस मामले में मध्यप्रदेश के किसानों से उत्तरप्रदेश और पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया है.
1 अप्रैल से 23 अप्रैल तक मध्यप्रदेश में पराली जलाने के 22 हजार 818 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, यह पिछले 4 सालों में सबसे ज्यादा है.
मध्यप्रदेश में साल 2024 में 7 हजार 721 पराली जलाने के ही मामले आए थे, जबकि साल 2023 में 13591, साल 2022 में 18874 पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए.
मध्यप्रदेश में विदिशा जिले में सबसे ज्यादा 3 हजार 581 मामले दर्ज किए गए. यह केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संसदीय क्षेत्र भी है.
विदिशा के अलावा उज्जैन, सागर, रायसेन, इंदौर, होशंगाबाद, अशोकनगर में भी बड़ी संख्या में पराली जलाने के मामले सामने आ रहे हैं.
किसानों पर दर्ज कराई जा रही एफआईआर
उधर, राज्य सरकार के निर्देश के बाद नरवाई जलाने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनसे जुर्माना वसूला जा रहा है. सतना जिले में ही 50 से ज्यादा किसानों पर मामला दर्ज कराया जा चुका है. इसी तरह भोपाल में भी करीब 45 किसानों पर मामले दर्ज किए गए हैं. ऐसे किसानों से पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के मामले में जुर्माना लगाया जा रहा है. गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल देशभर में पराली जलाने पर रोक लगा चुकी है.
ऊर्जा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को हुडको का राष्ट्रीय सम्मान
25 Apr, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड को ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिये हाउसिंग एंड अर्बन डवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HUDCO)द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। हुडकोने अपने 55 वें स्थापना दिवस के अवसर पर पूर्व क्षेत्र कंपनी की योजनाओं की प्रशंसा करते हुये यह अवॉर्ड प्रदान किया । ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह अवॉर्ड मिलने पर बधाई देते हुए कम्पनी के अधिकारी-कर्मचारियों के कार्य की प्रशंसा की है।
हुडको के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ ने अपने वक्तव्य में कहा कि पूर्व क्षेत्र कंपनी द्वारा विद्युत अधोसंरचना के निर्माण में सक्रिय योगदान दिया है। सम्मान समारोह का आयोजन स्टेन ऑडिटोरियम, इंडिया हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली में किया गया। यहाँ पर ऊर्जा क्षेत्र के विभिन्न संस्थानों को भी आमंत्रित किया गया था। पूर्व क्षेत्र कंपनी के प्रबंध संचालक अनय द्विवेदी की ओर से संजय भागवतकर मुख्य महाप्रबंधक ने यह अवॉर्ड प्राप्त किया।
आपदा प्रबंधन पर जनजातीय छात्रावास में एक दिवसीय कार्यशाला
25 Apr, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : एनडीआरएफ द्वारा भदभदा स्थिति अनुसूचित जाति एवं जनजातीय महाविद्यालयीनबाल छात्रावास में आपदाप्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। प्राकृतिक आपदा के दौरानजीवनरक्षक, प्राथमिक उपचार एवं प्रबंधनपर केन्द्रित कार्यशाला में एनडीआरएफ के द्वारा छात्रों एवंस्टॉफ को आपदा संबंधी विभिन्न पहलूओं पर प्रशिक्षित किया गया। कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय आपदा राहत दलकी 11वीं बटालियन के निरीक्षकसत्यजीत सिंह की अध्यक्षता में किया गया।
सहायक आयुक्त अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित इस छात्रावास के छात्रों को एनडीआरएफ के प्रशिक्षकों द्वारा सर्पदंश, सीपीआर देने एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया। छात्रों को सीपीआर की प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत बाढ़ एवं भूकंप जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिये मॉकड्रिल के माध्यम से शेडो प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यशाला के दौरान काउंसलिंग अधिकारी अमित कुमार अरजरिया ने आपातकालीन घटनाओं आपदा की स्थिति में सतर्क और जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिये तैयार करना है। कार्यशाला के समापन पर छात्रावास अधिक्षक संजय गौतम ने एनडीआरएफ टीम और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
विक्रम उद्योगपुरी को मेगा इन्वेस्टमेंट जोन के रूप में विकसित करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
25 Apr, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विक्रम उद्योगपुरी को मेगा इन्वेस्टमेंट जोन के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। उज्जैन में आईटी पार्क के द्वितीय चरण का कार्य समय सीमा निर्धारित कर पीपीपी मोड पर तत्काल आरंभ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएसआईडीसी) के संचालक मंडल की बैठक में निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक कम्पनियों को दीर्घकालीन, अल्पकालीन ऋण, पूंजीगत सब्सिडी आदि के रूप में दी जाने वाली वित्तीय सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए ऋणों की वसूली की स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कार्पोरेशन के प्रबंधकीय तथा लेखा संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने के ठोस प्रयास
25 Apr, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी को सहेजने और जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिये जन भागीदारी के साथ "जल गंगा संवर्धन अभियान" तेजी से आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। अभियान में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। जिलों में प्राचीन बावड़ियों और ऐतिहासिक तालाबों के सफाई कार्य को हाथ में लिया गया है। सामान्य जन को आगामी वर्षाकाल को दृष्टिगत रखते हुए विशाल पैमाने पर पौध-रोपण की तैयारी किये जाने की सलाह दी जा रही है।
राजमहल बावड़ी की सफाई की गई
राजगढ़ जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत राजमहल राजगढ़ की प्राचीन बावड़ी की सफाई का अभियान कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशानुसार किया गया। सहकारिता विभाग के उपायुक्त, बैंक मैनेजर और कर्मचारियों सहित नागरिकों ने अभियान को सफल बनाया। बावड़ी की सफाई का कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प भी लिया गया।
जल चौपाल का आयोजन
विदिशा जिले में कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रतिदिन जल संरक्षण में जन-भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यानिकी विभाग की टीम द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान पर आधारित कार्यशाला जल-चौपाल का आयोजन कर किसानों और ग्रामीणों को जल के महत्व को बताया गया। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक गिरवाल ने किसानों को उद्यानिकी फसलों के बारे में जानकारी दी। जिले की अनेक ग्राम पंचायतों में उद्यानिकी विभाग द्वारा जल-चौपाल लगाने की योजना तैयार की गई है। किसानों को परंपरागत फसल के साथ उद्यानिकी फसल लेने की भी सलाह दी जा रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान महत्वपूर्ण अभियान है इस अभियान के अंतर्गत विदिशा जिले के जल स्रोतों को संवारने का कार्य सतत जारी है। इस कार्य में जन अभियान परिषद विदिशा द्वारा चयनित नवांकुर संस्थाओं द्वारा विशेष कार्य किये जा रहे हैं। इन संस्थाओं के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के तालाब, हैंडपम्प, नदी सहित अन्य जल स्रोतों में श्रमदान और साफ-स्वच्छ कर उन्हें सहेजने का कार्य किया जा रहा है।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सीहोर में संचालित की जा रही अनेक गतिविधियां
सीहोर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए दीवार लेखन, जागरूकता रैली, पोस्टर बैनर, रंगोली, ग्राम सभाएं, कलश यात्राएं, शपथ सहित अनेक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। अभियान में जिले के अनेक ग्रामों में कूप मरम्मत, तालाब जीर्णोद्धार, डैम की साफ-सफाई सहित अनेक कार्य किए जा रहे हैं तथा नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई जा रही है। जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित खेत, तालाब, अमृत सरोवर, परकोलेशन टैंक, डगवेल, तालाब जीर्णोद्धार, जनभागीदारी के कार्य, कूप एवं बाउंड्री मरम्मत के कार्य किए जा रहे हैं। अभियान में नदी के तटों की सफाई की गई।
खेड़ा माताजी में बावड़ी की साफ-सफाई की गई
नीमच जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में सीईओ जनपद नीमच, सरपंच और जन अभियान परिषद की टीम द्वारा गांव खेड़ा माताजी बिसलवास कला में बावड़ी में साफ-सफाई की गई। पेयजल स्रोत की सफाई के लिये श्रमदान किया गया। ग्रामीणों को जल संरक्षण, जल संचयन के प्रति जागरूक किया गया।
महिलाओं की रही भागीदारी
मन्दसौर जिले में जन अभियान परिषद द्वारा रैली, मेंहदी और वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिले में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान में कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग के मार्गदर्शन में जिले में जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। सेक्टर क्रमांक एक के ग्राम पिपल्दा (सुजानपुरा) में मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के छात्र एवं महिलाओं ने सफाई कार्य किया।
उद्यानिकी कार्यशाला का आयोजन किया गया
उज्जैन जिले में कृषकों को जल गंगा संवर्धन अभियान में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर का उपयोग कर पानी की बचत की जानकारी दी गई। किसानों को उद्यानिकी फसलों के महत्व के बारे में बताया गया। विकासखंड महिदपुर की नवांकुर संस्था के सेक्टर क्रमांक-5 "झारड़ा" में जल संरचनाओं की साफ-सफाई व रखरखाव की शपथ दिलाई गई। जन अभियान परिषद द्वारा खाचरौद में छात्रा ज्योति डोहरिया द्वारा जल संरक्षण संदेश हेतु आंगनवाड़ी के बच्चों से चित्रकला प्रतियोगिता करवाई गई। जनपद पंचायत बड़नगर में स्थित तालाब का गहरीकरण कार्य प्रगति पर है। अभी तक 6 हजार घन मीटर मिट्टी की खुदाई की जा चुकी है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत इंगोरिया में हेंडपंप के समीप सोखता गड्डा निर्माण और तालाब का गहरीकरण कार्य ग्राम खंडवाबीबी और सुरजनवासा में किया जा रहा है।
जामनेर में जनसहयोग से नदी से निकाली जा रही गाद
देवास जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में ग्रामीणों के सहयोग से जिले की जनपद पंचायत खातेगांव की ग्राम पंचायत जामनेर में नदी से गाद निकालकर गहरीकरण किया जा रहा है। इससे बारिश के दिनों में पानी का संग्रहित होगा तथा वॉटर लेवल भी बढ़ेगा। इससे पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पानी मिल सकेगा।
कुंडेश्वर धाम में बने बांधों का पानी खेतों में पहुंचा
जबलपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में खेतों तक पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। कुंडम ब्लॉक (कुंडेश्वर धाम) जहां की अधिकांश भूमि उबड़-खाबड़ व पथरीली है। कुंडम के कृषक पहले मात्र कोदो-कुटकी जैसे मोटा अनाज ही प्रमुखता से उगाते थे। मां नर्मदा पर निर्मित बरगी जलाशय की नहरों के पानी से सर्वथा वंचित इस क्षेत्र में जल संसाधन विभाग द्वारा विगत 6 वर्षों में कुल 3 बांधो का निर्माण किया गया है। इसमें छोटी महानदी में छीताखुदरी, हिरन नदी में बदुआ व गौर की सहायक नदी कुल्हार नाला में दरगढ़ बांध बनाये जाने से अब इस ब्लॉक के कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन एवं विकास को गति मिलना शुरू हो चुका है। वर्तमान में छीताखुदरी एवं दरगढ़ बांध के नहर तंत्र से कमांड क्षेत्र में पाईप टेस्टिंग का कार्य किया जा रहा है।
सिविल इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण होगा सुभाष नगर आरओबी का थर्ड लेग : मंत्री सारंग
25 Apr, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को सुभाष नगर आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) के प्रस्तावित थर्ड लेग निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की रूपरेखा का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग (सेतु), नगर निगम, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मार्ग का अवलोकन कर थर्ड लेग निर्माण में आने वाली संभावित बाधाओं की समीक्षा कर उन्हें दूर करने के भी निर्देश दिए।
फ्लाई ओवर के ऊपर से होकर गुजरेगा फ्लाई ओवर का थर्ड लेग
मंत्री सारंग ने बताया कि नरेला विधानसभा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से अब तक 10 फ्लाई ओवरों की सौगात दी है। विगत वर्ष बने सुभाष नगर आरओबी से 5 लाख नागरिकों को सुविधा मिल रही है। अब इसी आरओबी का विस्तार करते हुए इसका ‘थर्ड लेग’ तैयार किया जाएगा। यह फ्लाई ओवर, सुभाष नगर आरओबी के ऊपर से होकर गुजरेगा। थर्ड लेग से भेल क्षेत्र से आने-जाने वाले यात्रियों को एमपी नगर एवं न्यू भोपाल पहुँचने में और अधिक सुगमता होगी।
सुभाष नगर थर्ड लेग होगा सिविल इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण
मंत्री सारंग ने बताया कि यह थर्ड लेग तकनीकी दृष्टि से अत्यंत उन्नत होगा तथा सिविल इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह फ्लाई ओवर, सुभाष नगर आरओबी के ऊपर से होकर गुजरेगा और अत्यंत आकर्षक डिज़ाइन के साथ कर्व लेते हुए निर्मित किया जाएगा। इसके निर्माण में लगभग 242 मीटर का स्पान शामिल होगा और इसकी अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ रूपये है। उन्होंने बताया कि थर्ड लेग की डिजाइन तैयार हो चुकी है और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
यातायात की सुगमता के लिए आवश्यक है फ्लाई ओवर का थर्ड लेग
मंत्री सारंग ने बताया कि वर्तमान में भेल क्षेत्र की ओर से आने वाले यात्रियों को सुभाष नगर फ्लाई ओवर पर चढ़ने के लिए प्रभात चौराहा होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। थर्ड लेग के निर्माण से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। अब भेल से आने वाले वाहन पुराने फ्लाई ओवर पर सीधे चढ़ सकेंगे। इसके साथ ही मैदा मिल और एमपी नगर की ओर से भेल क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों को भी अब प्रभात चौराहे का रूट नहीं लेना पड़ेगा और मैदा मिल की तरफ से थर्ड लेग से चढ़कर मोती नगर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि यह थर्ड लेग यात्रियों को सीधे और सुविधाजनक पहुंच उपलब्ध कराएगा, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और अच्छी होगी|
मंत्री सारंग के निर्देश पर तैयार की गई है थर्ड लेग की डिजाइन
मंत्री सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में ट्रैफिक सिस्टम को सुव्यवस्थित करने के लिए हमने एक ठोस कार्य योजना बनाई है, जिसका निरंतर विस्तार किया जा रहा है। यह थर्ड लेग ना सिर्फ यातायात सुविधा को बढ़ाएगा, बल्कि भोपाल शहर के बुनियादी ढांचे को भी एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि थर्ड लेग की डिजाइन मंत्री सारंग के निर्देश पर तैयार की गई है।
6 लाख 44 हजार 878 किसानों से 56 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुई गेहूँ खरीदी : खाद्य मंत्री राजपूत
25 Apr, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक 6 लाख 44 हजार 878 किसानों से 56 लाख 85 हजार 477 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक लगभग 4000 करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसान गेहूँ उपार्जन के लिये 30 अप्रैल तक स्लाट बुक करा सकते हैं।
प्रदेश में अभी तक जिला सीहोर में 6 लाख 9 हजार 192, उज्जैन में 5 लाख 98 हजार 610, विदिशा में 4 लाख 63 हजार 658, रायसेन में 4 लाख 63 हजार 338, शाजापुर में 3 लाख 26 हजार 19, भोपाल में 3 लाख 12 हजार 598, राजगढ़ में 3 लाख 01 हजार 900, देवास में 2 लाख 64 हजार 84, नर्मदापुरम में 2 लाख 61 हजार 47, इंदौर में 2 लाख 16 हजार 494, सागर में 1 लाख 97 हजार 658, आगर मालवा में 1 लाख 64 हजार 280, सिवनी में 1 लाख 57 हजार 254, मंदसौर में 1 लाख 44 हजार 379, हरदा में 1 लाख 3 हजार 663, रतलाम में 86 हजार 565, दमोह में 85 हजार 705, नरसिंहपुर में 74 हजार 855, श्योपुर में 50 हजार 190, दतिया में 46 हजार 310, शिवपुरी में 42 हजार 812, खण्डवा में 40 हजार 149, छतरपुर में 36 हजार 501, ग्वालियर में 35 हजार 229, कटनी में 34 हजार 48, गुना में 33 हजार 200, रीवा में 31 हजार 689, जबलपुर में 30 हजार 940, अशोकनगर में 30 हजार 876, नीमच में 30 हजार 241, पन्ना में 29 हजार 433, मण्डला में 29 हजार 340, भिण्ड में 26 हजार 204, बैतूल में 21 हजार 442, झाबुआ में 21 हजार 195, मैहर में 19 हजार 643, छिन्दवाड़ा में 17 हजार 896, मुरैना में 15 हजार 60, टीकमगढ़ में 8 हजार 628, शहडोल में 2 हजार 943, खरगौन में 2595, निवाड़ी में 1557, सिंगरौली में 1370, उमरिया में 1360, डिण्डोरी में 1254, मऊगंज में 1227, सीधी 874, बालाघाट में 636, अनूपपुर में 463 अलीराजपुर 214 और पांढुर्णा में 44 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।
आईटी सेक्टर में मध्यप्रदेश करेगा अपनी विशेष पहचान स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
25 Apr, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान और भविष्य की तकनीक का आधार आईटी है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करते हुए समय के साथ चलने के लिए आईटी सेक्टर में निवेश और गतिविधियों का विस्तार आवश्यक है। इसी उद्देश्य से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद पहली सेक्टर आधारित कॉन्क्लेव आईटी पर केन्द्रित की जा रही है। प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में आईटी इंडस्ट्री का पर्याप्त आधार विद्यमान है। राज्य सरकार आवश्यक सहयोग और समर्थन उपलब्ध कराकर प्रदेश की आईटी इंडस्ट्री को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर तक व्यापक स्वरूप देने की इच्छुक है। इंदौर में 27 अप्रैल को होने वाली "टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव" इस दिशा में निश्चित ही परिणाममूलक रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में होने वाली आईटी कॉन्क्लेव के संबंध में विभिन्न जिलों के उद्योगपतियों से समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअली संवाद कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद में उद्योगपतियों ने आईटी पार्क के विस्तार की आवश्यकता बताई। साथ ही आईटी के क्षेत्र में कार्य कर रहे उद्योगपतियों ने दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा और औद्योगिक गतिविधियों में समन्वय, स्टार्ट-अप में उद्यमिता की संस्कृति को विकसित करने, प्राकृतिक गैस पर टैक्स कम करने और प्रदेश में स्टार्ट-अप कम्युनिटी के मध्य बेहतर समन्वय संबंधी चर्चा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद में वॉक-टू-वर्क सुविधा के साथ आईटी पार्क विकसित करने, प्रदेश में डिजिटल इकोनॉमी मिशन लागू करने और एआई आधारित गतिविधियों की अन्य उद्योगों में स्वीकार्यता बढ़ाने की दिशा में कार्य करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों की पहल और नवाचार की सराहना करते हुए उन्हें गतिविधियों के विस्तार के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह संवाद राज्य शासन और आईटी के क्षेत्र में कार्य कर रहे उद्योगपतियों के बीच मजबूत रिश्तों का आधार बनेगा और सबके सहयोग से मध्यप्रदेश आईटी सेक्टर में अपनी विशेष पहचान स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर, ग्वालियर, भोपाल और इंदौर में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न उद्योगपतियों से संवाद किया। जबलपुर के चंद्रेश वीरा प्रेम संस इंटरप्राईजेस और अनुराग श्रीखंडे इंटेनिक्स प्रायवेट लिमिटेड से चर्चा की। ग्वालियर के धर्मेन्द्र कुमार यादव स्मार्ट कंट्रोल इंडिया लिमिटेड, अनुराग श्रीवास्तव आईआईआईटीएम, राजेश खन्ना एसआरएफ लिमिटेड, मुकुल चतुर्वेदी सूर्या रोशनी लिमिटेड और कृष्णकांत चतुर्वेदी कोमोनिफाय वेंचर प्रायवेट लिमिटेड से चर्चा की। भोपाल के मितेश लोकवानी एचएलबीएस, सारंग वर्मा एपोंइटी और अभिषेक गुप्ता वी विन से चर्चा की। इंदौर के संजीव अग्रवाल इम्पेटस, नरेंद्र सेन रेकबैंक, धर्मेंद्र जैन यश टेक्नोलॉजी, सुशानू मेहता एमएमसी कोन्वेर्टर और आदित्य शास्त्री डेटा प्योर से चर्चा की। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उनकी कम्पनियों के कार्यों, निवेश, रोजगार की जानकारी से अवगत कराया। आईटी और संबंधित क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाने के संबंध में सुझाव भी दिए।
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने 27 अप्रैल को आयोजित "टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव" के कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जीसीसी, ड्रोन, एवीजीसी और सेमीकॉन नीति के संबंध में चार राउंड टेबल मीटिंग का आयोजन किया जाएगा। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत गठित सलाहकार बोर्ड के सदस्यों से वीसी के माध्यम से चर्चा की जाएगी। मुख्य कार्यक्रम में टेक डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश की फिल्म प्रस्तुति, विभिन्न इकाइयों का भूमि-पूजन किया जाएगा। कार्यक्रम में नवीन स्थापित सेन्ट्रल ऑफ एक्सीलेंस और इन्क्यूबेशन सेन्टर का उद्घाटन भी किया जाएगा। चिहिन्त इकाइयों के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किए जाएंगे एवं आवंटन-पत्र भी सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की चार नीतियों जीसीसी नीति, ड्रोन नीति, सेमीकंडक्टर एवं एवीजीसी नीतियों की गाईड लाइंस भी जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में आईटी एवं संबंधित क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों, निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, एमडी एमपीएसईडीसी आशीष वशिष्ठ, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एमपीएसईडीसी गुरू प्रसाद सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
संशयमुक्त और शीघ्र न्याय दिलाने में सहायक होंगी विज्ञान प्रयोगशालाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
25 Apr, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की न्याय व्यवस्था को सुगम, सर्व सुलभ और संशयमुक्त बनाने की दिशा में रीवा और रतलाम में आरंभ हो रही रीजनल न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाए महत्वपूर्ण कदम हैं। कुल 13 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनी इन प्रयोगशालाओं से रीवा, सतना, सिंगरौली, मैहर तथा रतलाम नीमच और मंदसौर क्षेत्रों में घटना स्थल पर ही टॉक्सिकोलॉजी, रसायन और जीव विज्ञान से संबंधित प्रकरणों का परिक्षण किया जा सकेगा। पुलिस, फॉरेंसिक साइंस और न्यायपालिका जस्टिस डिलेवरी सिस्टम के अभिन्न अंग हैं। यह तीनों अंग जितने ज्यादा सशक्त होंगे, उतना ही वहां के नागरिक सुरक्षित होंगे और आपराधिक गतिविधियां नियंत्रण में रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा और रतलाम में न्यायिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअल शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री जे एन कंसोटिया,डॉ राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में न्याय प्रणाली को जनकेंद्रित और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में सघन गतिविधियां जारी हैं। लगभग 3 हजार से अधिक अनुपयोगी और अप्रचलित कानून निरस्त हुए हैं। नए कानूनों में ऑडियो-वीडियो रिकार्डिग, फॉरेंसिक साक्ष्य की वीडियोग्राफी और पूछताछ में डिजीटल रिकार्ड को कानूनी आधार देने की व्यवस्था की गई है। कोर्ट के कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स, वीडियो कांफ्रेंसिंग, मोबाइल ऐप, वर्चुअल सुनवाई आदि का उपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है। प्रदेश में भोपाल, सागर, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की जा चुकी है। यह सब प्रयास लोगों को सही सटीक और शीघ्र न्याय दिलाने में सहायक होंगे।
रतलाम में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री मथुरा लाल डामोर, महापौर रतलाम श्री प्रह्लाद पटेल और रीवा में हुए कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कौल, पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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