मध्य प्रदेश
उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में लिखेगा नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
27 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र है, ऐसा सुनने की हसरत अब जाकर पूरी हुई है। आकाशवाणी का भवन तैयार था, परंतु प्रसारण की मंजूरी के कारण अटका था। मंजूरी मिलने के मात्र 6 माह में उज्जैन के आकाशवाणी केंद्र से प्रसारण प्रारम्भ हो गया है। यह प्रदेश का 20वां आकाशवाणी केन्द्र है। इस केंद्र से निकले एक-एक शब्द उज्जैन और सिंहस्थ की प्रतिष्ठा होंगे। आकाशवाणी के कार्यक्रम, इसकी प्रस्तुति गांव-गांव तक उज्जैन और सिंहस्थ की महिमा पहुंचाएगी। मुझे विश्वास है कि आकाशवाणी अपना यह दायित्व, पूर्ण निष्ठा के साथ निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनोरंजन के साथ आकाशवाणी ने समाज सेवा और जन-जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में नई इबारत लिखकर चार चांद लगाएगा। यहां रोजाना सुबह 5.55 बजे से प्रारंभ होकर रात 11 बजे तक लगातार प्रसारण जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में आकाशवाणी उज्जैन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले को भी सौगातें दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से उज्जैन जिले के लिए करीब 179 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 55 करोड़ 27 लाख की लागत से महाराजवाड़ा में तैयार सांदीपनि स्कूल का एवं 30 करोड़ 21 लाख की लागत से उज्जैन रेलवे ओवर ब्रिज का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न मार्गों के निर्माण और उन्नयन कार्य, 32 करोड़ 69 लाख रुपये की लागत से शासकीय धनवंतरी आयुर्वेदिक महाविद्यालय में 250 सीटर बालक और बालिका छात्रावास का निर्माण, 8 करोड़ 37 लाख की लागत से रेप्टाइल पार्क एवं स्नेक पार्क तथा करीब 3 करोड़ की लागत से हाईटेक नर्सरी के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से उपचार और इसके प्रचार-प्रसार के मामले में सिरमौर है, इसलिए उज्जैन में आयुर्वेद का एम्स बनाने की दिशा में भी हम केन्द्र सरकार को अपना प्रस्ताव भेजेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरवासियों को आकाशवाणी केंद्र के शुभारंभ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उज्जैन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण हैं। यहां के लोगों के कान अपने आकाशवाणी केंद्र की आवाज सुनने को तरस गए थे। यह स्वप्न प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन के प्रयासों से पूरा हो रहा है। उज्जैन की हवा में बाबा महाकाल की भक्ति और शक्ति निरंतर रहती है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली रही है। उज्जैन के कण-कण में सम्राट विक्रमादित्य का गौरव महसूस होता है। वे आज भी हमारे आदर्श हैं। यह आकाशवाणी केन्द्र उज्जैन के लिए देववाणी और महालोक वाणी बनेगा। उन्होंने कहा कि 2028 में सिंहस्थ आने वाला है। युवाओं, कलाकारों ने अपनी तैयारियां कर ली हैं। उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण का शिक्षा आश्रम है। राज्य सरकार श्रीकृष्ण से जुड़े सभी लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करेगी। एक दिसंबर को पूरे प्रदेश में धूमधाम से गीता जयंती मनाई जाएगी।
सोने पर सुहागा सिद्ध होगा उज्जैन स्टेशन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकाशवाणी ने कला-संस्कृति, शिक्षा-स्वास्थय, जनजागरुकता और कृषि समेत हर क्षेत्र के संरक्षण और संवर्धन में अपना अद्वितीय योगदान दिया है। आकाशवाणी ने रंगकर्मियों और विभिन्न कलाधर्मियों को भी सुनहरा मंच दिया है। वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ जैसे विराट महा-आयोजन की तैयारी हम कर रहे हैं। ऐसे में आकाशवाणी उज्जैन का शुरू होना सोने पर सुहागा सिद्ध होगा। स्थानीय प्रसारण के जरिये देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक बाबा महाकाल की नगरी के वैभव का आंखों देखा हाल सुन पाएंगे। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ महाकुंभ को यूनेस्को की सूची में भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन शहर से कनेक्टिविटी, ट्रैफिक की सुगमता के लिए सड़कों का चौड़ीकरण, उन्नयन हम युद्ध स्तर पर कर रहे हैं। उज्जैन नगरी और बाबा महाकाल की महिमा श्रद्धालुओं को रोचक तरीके से पहुंचाने के लिए रुद्रसागर पर वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन एवं म्यूजिकल फाउंटेन-शो की शुरुआत भी हमने की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकाशवाणी उज्जैन सिंहस्थ के जीवंत प्रसारण (Live Telecast) का इतिहास लिखेगा और यहां से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम उदाहरण बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी तीव्र विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार यहां मेडिकल टूरिज्म हब बना रही है। इसी कड़ी में मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। हमने लक्ष्य रखा है कि सिंहस्थ 2028 से संबंधित सभी अवंसरचनात्मक एवं प्रबन्धात्मक कार्य वर्ष 2027 के अंत तक पूरे कर लेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ से पहले उज्जैन में सड़कों के चौड़ीकरण सहित कई प्रकार के अधोसंरचना विकास कार्य जारी हैं। विकास में सब का योगदान होना चाहिए। हम सभी विकास कार्यों के संकल्पों में साथ हैं। उन्होंने उज्जैनवासियों को मंच से अपने पुत्र के शुभविवाह में आने का आमंत्रण दिया।
मालवी बोली में भी होगा समाचारों का प्रसारण : केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. मुरूगन
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने हिंदी भाषा में संबोधित करते हुए कहा कि आज से आकाशवाणी उज्जैन अपने द्वारा बनाए कार्यक्रमों का प्रसारण प्रारंभ कर रही है। यह एक फुल फ्लेश आकाशवाणी केन्द्र है। मध्यप्रदेश में उज्जैन को मिलाकर अब आकाशवाणी के 20 केंद्र संचालित हो रहे हैं। उज्जैन केंद्र युवाओं के रोजगार और प्रसारण कौशल के प्रशिक्षण के माध्यम बनेगा। साथ ही यह मालवा की संस्कृति, लोक कलाओं, स्थानीय व्यंजनों एवं स्थानीय बोलियों को नई पहचान दिलाएगा। आकाशवाणी केंद्र से मालवी बोली में समाचारों का प्रसारण भी किया जाएगा।
इस अवसर पर कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर, महापौर उज्जैन मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल, आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन, आकाशवाणी के रीजनल मैनेजर यशवंत चिवंडे, आकाशवाणी भोपाल के कार्यक्रम प्रभारी राजेश भट्ट, आकाशवाणी उज्जैन की कार्यक्रम प्रभारी अनामिका चक्रवर्ती, कृष्ण दास, सहित जनप्रतिनिधि, नागरिक एवं आकाशवाणी परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
युवा कांग्रेस पर फूटा पुलिस का गुस्सा, SIR का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन छोड़ा
27 Nov, 2025 07:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव पदाधिकारी कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की. हालांकि पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को व्यापम चौराहे पर ही रोक लिया. कार्यकर्ता नेता जब इसके बाद भी नहीं माने तो पुलिस को वाटर कैनन का उपयोग करना पड़ा. इस दौरान पुलिस और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की भी हुई.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि "चुनाव आयोग बीजेपी का दलाल बनकर काम कर रही है. इसके खिलाफ हम लड़ाई को हर विधानसभा तक लेकर जाएंगे. उधर कांग्रेस के सीनियर नेता सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया एक घर में 250-250 मतदाता हैं और बीजेपी नेता ऐसे मतदाताओं को वैरीफाई करने बीएलओ पर दवाब डाल रहे हैं."
भोपाल पुलिस ने बैरीकेटिंग कर रोका
वोट चोरी के विरोध में युवा कांग्रेस ने भोपाल से शंखनाद किया. भोपाल स्थित चुनाव आयोग का कार्यालय घेरने युवा कांग्रेस के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय से आगे बढ़े. प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब के अलावा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा सहित युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे. युवा कांग्रेस के नव नियुक्ति प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि "चुनाव आयोग बीजेपी का दलाल बनकर काम कर रहा है. सभी इस लड़ाई को गली-गली तक लेकर जाएं, ताकि एसआईआर अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके और वोट का अधिकार न छिन सके.
पुलिस के साथ हुई झूमा-झटकी
उधर कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता बैरीकेटिंग पर चढ़ने लगे तो पुलिस को वाटर कैनन का उपयोग करना पड़ा. बाद में पुलिस ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया.
सज्जन बोले बीजेपी नेता बीएलओ पर डाल रहे दबाव
उधर कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि "बीजेपी नेता बीएलओ पर एक घर में रह रहे 250-250 मतदाताओं को वैरीफाई करने का दबाव डाल रहे हैं. भोपाल के करोंद इलाके में ही एक मकान में 108 वोटर दर्ज थे, जहां पिछले चुनाव में वोट भी डाले गए. जबकि रहते सिर्फ 4 लोग ही हैं. ग्वालियर के दौरे के समय भी कई ऐसे घर सामने आए, जहां दो कमरों के मकानों में 250-250 मतदाता दर्ज हैं. बीजेपी नेता ऐसे मतदाओं को वैरीफाई करने के लिए बीएलओ पर दबाव डाल रहे हैं.
कांग्रेस इस तरह की पूरी सूची तैयार करा रही है. बीजेपी नेताओं के दबाव में चुनाव आयोग काम कर रही है. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि एसआईआर को लेकर कांग्रेस लगातार नजर रखे हुए है और अपने बीएलओ के माध्यम से जमीन से लगातार रिपोर्ट बुलाई जा रही है, लेकिन एसआईआर को लेकर जमीनी स्थिति अच्छी नहीं है. बीएलओ को लेकर मैं अपनी सहानुभूमि प्रकट करता हूं. उन्होंने कहा कि गणन पत्रक के लिए एक माह ही समय क्यों दिया, जबकि इस समय को बढ़ाया जा सकता था.
आखिर इतना भार सरकारी कर्मचारियों पर क्यों डाला जा रहा है. भोपाल में ही एक लाख गणना पत्रक अभी तक बंटे ही नहीं है. चुनाव आयोग दावा कर रहा है कि 50 फीसदी डिजिटाइजेशन कर लिया गया है. आयोग गलत आंकड़े पेश कर रहा है."
मध्य प्रदेश में 5 दिन के विधानसभा सत्र के लिए कांग्रेस गियर अप, रणनीति बनाने विधायक भोपाल तलब
27 Nov, 2025 06:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था से लेकर किसानों को समर्थन मूल्य के मुद्दे पर कांग्रेस सदन में मोहन सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है. 1 दिसम्बर से मध्य प्रदेश में विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. कुल 5 दिन के सत्र में विपक्ष के लिए भी मुद्दे उठाए जाने के अवसर कम हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 1 दिसम्बर से शुरू हो रहे विधानसभा के इस सत्र के लिए 30 नवंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई है.
विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक
5 दिन के इस सत्र में कांग्रेस भी सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेगी. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि "हमारे विरोध के बावजूद मुद्दों से बच रही सरकार ने इस सत्र को केवल 5 दिनों का ही रखा है. उन्होंने कहा कि 30 नवंबर को हमने विधायक दल की बैठक बुलाई है. शाम साढ़े सात बजे से होने वाली इस बैठक में कांग्रेस 1 दिसम्बर से शुरू हो रहे विधानसभा के सत्र को लेकर रणनीति और रुपरेखा बनाएगी. इसमें तय होगा कि जनहित से जुड़े जो मुद्दे हैं उन्हें मजबूती से किस तरह से उठाया जाए."
उन्होंने कहा कि "इसके अलावा बीजेपी सरकार की विफल नीतियों के साथ घोटाले भी जनता के सामने लाए जाएंगे. जनहित के मुद्दों पर हम सरकार को घेरेंगे और जनता की आवाज बनकर चर्चा कराने का प्रयास करेंगे."
'कानून व्यवस्था और किसानों के मुद्दे उठाएंगे'
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में ये रणनीति बनाई जाएगी कि किस तरह से कम समयावधि के इस विधानसभा सत्र में ज्यादा से ज्यादा जनता से जुड़े मुद्दे रखे जा सकें. उमंग सिंघार ने कहा कि "किसानों को समर्थन मूल्य दिए जाने का मुद्दा है. इसके अलावा , युवाओं के रोजगार का वादा करके उनसे किए जा रहे छल की बात है. बीते कुछ महीनों में तेजी से जिस तरह से प्रदेश में कानून व्यवस्था के हालात बिगड़े हैं, ऐसे में सरकार की नाकामियों को लेकर हम विधानसभा में आवाज उठाएंगे."
सत्र में कुल 4 बैठकें, ये विधेयक खास
कुल 5 दिन के इस सत्र में कुल 4 बैठकें होंगी. सरकार इस सत्र में नगरपालिका संशोधन विधेयक ला रही है. जिसके बाद ये नगर पालिका अध्यक्ष और नगर परिषद अध्यक्ष का सीधा चुनाव जनता कर सकेगी. इसमें एक क्लॉज ये भी होगा कि राइट टू रिकॉल के साथ चुने हुए अध्यक्ष को वापस भी बुलाया जा सकेगा.
मध्य प्रदेश के 55 जिले: भूगोल, जनसंख्या और सीमाओं की पूरी जानकारी
27 Nov, 2025 04:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के केंद्र में स्थित मध्य प्रदेश अपनी भौगोलिक विविधता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है। मध्य प्रदेश के 55 जिले मिलकर देश के कुल क्षेत्रफल का लगभग 9.38% हिस्सा कवर करते हैं, जो इसे भारत के बड़े राज्यों की सूची में शामिल करता है। प्रत्येक जिले की अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान है, जो प्रदेश को एक विशेष स्थान दिलाती है।
2011 की जनगणना के अनुसार, मध्य प्रदेश की कुल आबादी लगभग 8.95 करोड़ है। यह देश की कुल जनसंख्या का लगभग 6.2% हिस्सा है, जो इसे भारत का पांचवां सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य बनाता है। जनसंख्या के साथ-साथ यहां की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता इसे और भी खास बनाती है।
भौगोलिक रूप से मध्य प्रदेश पांच राज्यों से घिरा हुआ है—उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान। यह केंद्र भारत में होने के कारण देश के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है।
उत्तर प्रदेश की बात करें तो यह क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जिसकी सीमा मध्य प्रदेश से कई जिलों पर लगती है। उत्तर प्रदेश की ओर से मध्य प्रदेश से सटे जिलों में आगरा, इटावा, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, मिर्जापुर और सोनभद्र प्रमुख हैं। इन सीमावर्ती जिलों के कारण दोनों राज्यों के बीच सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संपर्क बेहद मजबूत है।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश के 55 जिले अपनी भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या और सांस्कृतिक विविधता के कारण देश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह राज्य न केवल भारत के मानचित्र का केंद्र है, बल्कि विकास और पहचान के मामले में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
भोपाल में यूथ कांग्रेस का हंगामा: एसआईआर को लेकर पुलिस से झड़प, वॉटर कैनन चलाए
27 Nov, 2025 04:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल में एसआईआर विवाद को लेकर गुरुवार को यूथ कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया। राजधानी के पार्टी कार्यालय पर सुबह से ही कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे और नए प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि एसआईआर प्रक्रिया का दुरुपयोग कर “वोट चोरी” की जा रही है, इसलिए सरकार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
प्रदर्शनकारी जब व्यापमं चौराहे के पास पहुंचे, तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने वॉटर कैनन चलाए और कई प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और आसपास के क्षेत्रों में कुछ समय के लिए ट्रैफिक प्रभावित हुआ।
यूथ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एसआईआर विवाद लोकतंत्र के खिलाफ है और इस प्रक्रिया का इस्तेमाल चुनावों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
प्रदर्शन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे पर लगातार आवाज उठाते रहेंगे। उनका दावा है कि सरकार वोट बैंक को प्रभावित करने के लिए गलत तरीके अपना रही है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
मध्य प्रदेश में जनसंपर्क विभाग का काम रुका, पेन डाउन हड़ताल से विभाग में हड़कंप
27 Nov, 2025 03:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | मध्य प्रदेश के जनसंपर्क विभाग में राज्य प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के एक अधिकारी की पदस्थापना को लेकर उपजे असंतोष ने सोमवार को राज्यभर में व्यापक रूप ले लिया। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस आदेश को “विभाग की गरिमा और पेशेवर संरचना के विरुद्ध” बताते हुए आज सुबह 11 बजे से अनिश्चितकालीन पेन डाउन हड़ताल की शुरुआत कर दी।
आयुक्त से भेंट के बाद उभरा निर्णय
सोमवार सुबह आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक सक्सेना से प्रतिनिधिमंडल की भेंट के बाद, विभागीय कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि जब तक आरएएस अधिकारी श्री गणेश जायसवाल की जनसंपर्क विभाग में पदस्थापना संबंधी आदेश निरस्त नहीं किया जाता, तब तक सभी अधिकारी-कर्मचारी कलम बंद रखेंगे और नियमित कार्य बाधित रहेंगे।
विभागीय ढाँचे में ‘बाहरी हस्तक्षेप’ का विरोध
जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह विभाग अपनी विशिष्ट कार्यप्रणाली, लेखन-कौशल, मीडिया प्रबंधन, संचार रणनीति और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर आधारित है, जिसे वर्षों से प्रशिक्षित जनसंपर्क कैडर के अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपनी मेहनत से आगे बढ़ाया है।
उनके अनुसार—
“यह राजस्व अथवा प्रशासनिक प्रवृत्ति वाला विभाग नहीं, बल्कि राज्य सरकार और जनता के बीच संचार सेतु का संवेदनशील और रचनात्मक मंच है। इसमें बाहरी सेवाओं के हस्तक्षेप से कार्य-प्रवाह प्रभावित होता है और विभाग की विशेषज्ञता कमजोर पड़ती है।”
रात–दिन सरकारी संदेशों का संप्रेषण करने वाले विभाग का आक्रोश
जनसंपर्क विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस बात से भी क्षुब्ध हैं कि वे दिन-रात सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और जनहितकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं, परंतु विभाग में अनायास एवं अप्रासंगिक पदस्थापना से उनकी विशेषज्ञता और स्वायत्तता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो जाता है।
मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा
अधिकारियों ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, जो स्वयं जनसंपर्क विभाग के मंत्री भी हैं, को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए आदेश को वापस लेना चाहिए।
उनका मत है कि विभाग की संवैधानिक और प्रशासनिक गरिमा बनाए रखने के लिए श्री गणेश जायसवाल की नियुक्ति संबंधी आदेश रद्द करना अत्यावश्यक है।
प्रदेशभर में कार्य ठप होने की संभावना
हड़ताल के चलते समाचार-संकलन, प्रेस नोट, कार्यक्रम कवरेज, सरकारी विज्ञापन, योजनाओं के प्रचार-प्रसार और मीडिया संवाद जैसी गतिविधियाँ प्रभावित हो गई हैं। यदि यह स्थिति लंबी चली तो प्रदेश सरकार के जनसंपर्क संबंधी कार्यों पर व्यापक असर पड़ सकता है
BLO के लिए बड़ी सौगात: 6 हजार की जगह मिलेगा 12 हजार मानदेय
27 Nov, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। देश भर में मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision- SIR) की प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से कराई जा रही है. इसी बीच मध्य प्रदेश में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के लिए अच्छी खबर सामने आई है. निर्वाचन आयोग ने BLOs का वार्षिक मानदेय दोगुना करने का निर्णय लिया है, जिससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले इन अधिकारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
BLO की मानदेय 6 हजार से हुआ 12 हजार
SIR की प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 से शुरू हुई थी, जो 4 दिसंबर 2025 तक चलेगी. इस दौरान BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं. कम समय में इतना बड़ा काम कर रहे बूथ लेवल अधिकारी काफी परेशान हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग ने उनके इस परेशानी को देखते हुए मानदेय राशि दोगुना करने का निर्णय लिया है. अब BLO को प्रतिवर्ष 6 हजार मानदेय की जगह 12 हजार रुपए मिलेगा. वहीं पहली बार ERO (निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी) और AERO को भी मानदेय राशि दी जाएगी. आयोग का कहना है कि ये अधिकारी ज़मीनी स्तर पर काफी कठिन काम कर रहे हैं और निर्णायक भूमिका निभाते हैं, इसलिए इनकी वार्षिक मानदेय राशि दोगुनी की गई है।
ERO और AERO को पहली बार मानदेय मिलेगा
बता दें कि BLO अधिकारियों को अब वार्षिक मानदेय राशि 6 हजार से बढ़कर 12 हजार रुपए मिलेगी. मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए मिलने वाला प्रोत्साहन 1 हजार से बढ़ाकर 2 हजार रुपए कर दिया गया है. BLO पर्यवेक्षक का मानदेय भी 12 हजार से 18 हजार रुपए हो गया है. वहीं, ERO (निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी) को पहली बार वार्षिक मानदेय 30 हजार और AERO को 25 हजार रुपए दिए जाएंगे. इसके अलावा, BLOs को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए एक अलग से 6 हजार रुपए का विशेष प्रोत्साहन वार्षिक रूप से दिया जाएगा।
सीएम ने VIT मामले पर त्वरित हस्तक्षेप किया, मंत्री कृष्णा गौर करेंगे छात्रों से बातचीत
27 Nov, 2025 01:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर। सीहोर स्थित VIT यूनिवर्सिटी में मंगलवार की रात हॉस्टल में खराब खाने और दूषित पानी की वजह से कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने पर छात्रों ने देर रात परिसर में हंगामा कर दिया। इस घटना में छात्रों ने यूनिवर्सिटी में बस-कारें जला दी और खुब जमकर प्रबंधक के खिलाफ हंगाम किया जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने 8 दिसंबर तक अवकाश घोषित कर दिया।
सीएम मोहन यादव ने मामले का लिया संज्ञान
आज VIT यूनिवर्सिटी में छात्रों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री ने भी मामले को संज्ञान में लिया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर को VIT भेजने के निर्देश दिए हैं। मंत्री कृष्णा गौर स्टूडेंट्स और मैनेजमेंट से संवाद कर स्थिति की जानकारी लेंगी और आवश्यक कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को भी दिशा-निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य की सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटी और शिक्षण संस्थानों की उच्च स्तरीय समीक्षा करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा सीएम ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को छात्रों की भोजन और पानी से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्यभर की सुरक्षा स्थिति पर डीजीपी मकवाणा की उच्च-स्तरीय बैठक
27 Nov, 2025 01:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश भर के एडीजी/आईजी, भोपाल एवं इंदौर के पुलिस कमिश्नर, रेंज डीआईजी एवं समस्त पुलिस अधीक्षक व उपायुक्त के साथ प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस अमला प्रोफेशनल तरीका (व्यवसायिक दृष्टिकोण) अपनाकर अपने काम-काज को अंजाम दे। इससे बेहतर ढंग से कानून का पालन होगा। साथ ही पुलिस के प्रति समाज में सम्मान एवं विश्वास भी बढ़ेगा।
पुलिस महानिदेशक श्री मकवाणा ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीनस्थों का प्रभावी मार्गदर्शन करें, उन पर नियंत्रण बनाए रखें और स्वयं भी आदर्श आचरण प्रस्तुत करें। उन्होंने निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण मामलों पर जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को तथ्यात्मक और स्पष्ट जानकारी दी जाए। गलत सूचनाओं का खंडन किया जावे। साथ ही अच्छे कार्यों को रेखांकित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाए, ताकि सकारात्मक कार्य को निरंतर बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। शहरों, कस्बों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर पुलिस की उपस्थिति स्पष्ट और भरोसेमंद दिखनी चाहिए। पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक स्वयं फील्ड पर निकलकर आकस्मिक निरीक्षण करें, ताकि कानून-व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण स्थापित रहे। माइक्रो बीट व्यवस्था पर विशेष ध्यान, नाकाबंदी और रात्रिकालीन चेकिंग को और प्रभावी बनाने तथा लिस्टेड गुंडों और हिस्ट्रीशीटरों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। पुलिस महानिदेशक श्री मकवाणा ने कहा कि ट्रैफिक रेगुलेशन पर विशेष ध्यान दिया जाए। महत्वपूर्ण प्रकरणों की केस डायरी, आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी, थाना अमले से संवाद, नियमित परेड और फोर्स के उचित उपयोग जैसे सभी दायित्वों को गंभीरता से निभाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही और उदासीनता पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। अपराधियों की जमानत रद्द कराने, जिला बदर करने और लंबित वारंटों की तामिली तेजी से कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने देशभर में पिछले दिनों हुई बड़ी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश को लगातार अलर्ट मोड पर रहना होगा। 6 दिसंबर को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, फोर्स की पूरी तैयारी रखने तथा धार्मिक और जातीय संवेदनशीलता वाले मामलों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति और नेतृत्व, अपराध नियंत्रण तथा सार्वजनिक सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसलिए सभी अधिकारी फील्ड में उतरें, जनता से संवाद बढ़ाएँ, पुलिस की उपस्थिति दृश्यमान बनाएँ और यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था हर स्थिति में मजबूत और नियंत्रित बनी रहे। पुलिस महानिदेशक ने माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई समीक्षा का संदर्भ देते हुए जिलों को अत्यधिक सजग और सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की उपस्थिति हर स्तर पर महसूस होनी चाहिए। पेट्रोलिंग पूर्णतः प्रभावी हो, निरीक्षण नियमित और गंभीरता से किया जाए। धरना, प्रदर्शन, चक्काजाम और अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में जनता तथा जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं औचक निरीक्षण करने, अच्छे कार्यों और सकारात्मक प्रयासों को मीडिया तथा सोशल मीडिया तक पहुँचाने और भ्रामक खबरों व गलत तथ्यों का समय रहते सटीक खंडन जारी करने पर बल दिया। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए.साईं मनोहर, पुलिस महानिरीक्षक अंशुमान सिंह, डॉ आशीष, पुलिस उप महानिरीक्षक तरूण नायक एवं डी कल्याण चक्रवर्ती उपस्थित रहे।
उमरिया में राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन, जानें कब होंगे मुकाबले और कहां
27 Nov, 2025 12:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उमरिया | उमरिया जिले को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित करने का मौका मिला है। 69वीं राष्ट्रीय शालेय 14 वर्ष फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 1 से 6 दिसंबर तक किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश के 33 राज्यों से 693 खिलाड़ी, 40 ऑफिशियल्स और 60 स्थानीय अधिकारी हिस्सा लेंगे। आयोजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रतियोगिता को सफल और भव्य बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पूर्व विधायक अजय सिंह, राकेश शर्मा, धनुषधारी सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी और विद्यालय प्राचार्य मौजूद रहे।
व्यापक प्रचार की रणनीति तैयार
कलेक्टर जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार होर्डिंग्स, फ्लैक्स और पेम्फलेट्स के माध्यम से किया जाए। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में भी प्रतियोगिता का प्रमोशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि इसे राष्ट्रीय पहचान मिल सके।
सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चाक-चौबंध
कलेक्टर ने बताया कि जिन चार मैदानों पर मैच होंगे वहां एंबुलेंस, स्ट्रेचर और चिकित्सकीय टीम की तैनाती रहेगी। पानी की शुद्धता की जांच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा की जाएगी, जबकि भोजन की गुणवत्ता की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा विभाग को सौंपी गई है। साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए।
इन मैदानों में होंगे मुकाबले
प्रतियोगिता का आयोजन स्टेडियम, कृष्ण ताल उमरिया, पीटीएस ग्राउंड और शासकीय उमावि बालक चंदिया मैदान में होगा। खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था खेल परिसर भरौला, होटल सरई, कृष्णा गार्डन, सूर्या होटल और कृष्णा पैलेस में की गई है। परिवहन के लिए 10 बसें और 8 जीप तैनात की गई हैं। प्रत्येक आवास स्थल के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम देंगे खास रंग
आरसी स्कूल उमरिया और सेंट्रल एकेडमी के छात्र विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। 3 और 4 दिसंबर को कैंप फायर का आयोजन होगा, जिसमें बिजहरिया लोक नृत्य दल सहित अन्य कलाकार प्रदर्शन करेंगे। व्यापारियों से भी आयोजन में सहयोग का आग्रह किया गया है, ताकि यह अवसर जिले के लिए यादगार बन सके।
पत्रकारवार्ता में साझा हुई रूपरेखा
प्रतियोगिता की जानकारी साझा करने के लिए मंगलवार को कृष्णा गार्डन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पत्रकारवार्ता आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ने इस दौरान कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उमरिया जिला पहली बार राष्ट्रीय स्तर की मेजबानी करने जा रहा है, जिससे स्थानीय खेल जगत में उत्साह का माहौल है।
इंदौर में मैट्रिमोनियल साइट पर मिली युवती से दुष्कर्म, आरोपी फरार...पुलिस जुटी तलाश में
27 Nov, 2025 12:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Indore News: इंदौर में एक टेलीकॉम इंजीनियर युवती से दुष्कर्म का मामला सामने आया है. युवती ने कानपुर निवासी युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है. जानकारी के अनुसार, दोनों की पहचान एक मैट्रिमोनियल साइट के माध्यम से हुई थी. आरोप है कि युवक कानपुर से इंदौर आया और युवती के साथ संबंध बनाए. बाद में जब युवती ने शादी की बात कही तो आरोपी ने इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने शिकायत दर्ज करवाई. मामले में हीरा नगर थाना पुलिस ने आरोपी संस्कार सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की जाएगी.
युवती ने लगाया शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप
युवती का कहना है कि उसकी और आरोपी की पहचान एक मैट्रिमोनियल साइट के माध्यम से हुई थी. बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को संस्कार उर्फ प्रथम सिंह पुत्र रमेश कुमार, निवासी कानपुर बताया और जल्द ही शादी करने का वादा कर युवती का विश्वास जीत लिया. शिकायत के अनुसार 31 अक्टूबर को आरोपी ने पिज्जा ऑर्डर करने का बहाना बनाकर युवती को उसके ही फ्लैट पर बुलाया. वहां पहुंचने पर वह अचानक सामने आ गया और इसे सरप्राइज बताया. बातचीत के बीच उसने जबरन शारीरिक संबंध बना लिए और दो दिनों तक वहीं रुका रहा. इसके बाद वह लौट गया, लेकिन संपर्क बनाए रखा.
पीड़िता ने बताया कि 7 नवंबर को भी आरोपी दोबारा मिलने आया और फिर शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए. लेकिन कुछ दिन बाद उसने शादी करने से इनकार कर दिया और पीड़िता के फोन व मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया. विरोध करने पर उसने धमकी दी कि ज्यादा परेशान करने पर वह उसके पूरे परिवार को नुकसान पहुंचा देगा.
आरोपी ने पिता से कराई फोन पर बात
युवती का यह भी कहना है कि आरोपी ने कई बार उसे फोन पर अपने पिता से बात कराई थी, जिससे उसे विवाह के प्रति भरोसा हुआ, लेकिन अब उसे संदेह है कि वह व्यक्ति उसका पिता था ही नहीं और यह सब उसे धोखे में रखने के लिए किया गया.
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है. मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में अलग-अलग शहरों में दबिश दे रही हैं.
सोच समझकर ही जाएं शादी में, कहीं मेहमान बनने के चक्कर में जेल न जाना पड़े
27 Nov, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिन्दवाड़ा : अगर आप किसी शादी में मेहमान बनकर जा रहे हैं और वहां पर बाल विवाह हो रहा है तो आप भी सजा के हकदार हो सकते हैं. इसलिए ऐसा अगर आपको लगता है कि कहीं बाल विवाह हो रहा है तो तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को सूचना दे सकते हैं. पुलिस व प्रशासन के लगातार प्रयासों के बाद भी आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में बाल विवाह हो रहे है, जिसके बाद प्रशासन एक्शन मोड में है.
भारत को बाल विवाह मुक्त किया जा सके इसके लिए छिंदवाड़ा जिले के हर गांव में प्रचार प्रसार करने के लिए रथ रवाना किया गया है जिससे लोगों को बाल विवाह रोकने के साथ ही इसके दुष्परिणामों को बताया जा सके
जिले में 100 दिनों तक चलेगा जागरुकता रथ
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत कलेक्टर हरेंद्र नारायन और महापौर विक्रम अहके की मौजूदगी में जागरुकता रथ निकाला गया. इस दौरान रथ से प्रचार किया जाएगा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और गैर कानूनी है, जो बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और विकास में बाधा है, तथा उनके सपनों को साकार होने से रोकती है. इसी के साथ बाल विवाह के खिलाफ हर संभव प्रयास करने और इसे रोकने की शपथ दिलाई गई.
इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तैयार प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर कलेक्टर कार्यालय परिसर से रवाना किया गया.
बाल विवाह में हुए शामिल तो भी मिलेगी सजा
एडवोकेट अजय पालीवाल ने बताया, '' बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत सजा का प्रावधान है, जिसमें दो साल तक की कठोर कैद और या ₹1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है. इसमें शामिल व्यक्ति जो विवाह को संपन्न कराते हैं या उसमें सहायता करते हैं, उन्हें भी दंडित किया जाता है. यदि विवाह करने वाले पुरुष की आयु 18 वर्ष से अधिक है और 21 वर्ष से कम है, तो उसे साधारण कारावास से दंडित किया जाएगा. खास बात हैं कि बाल विवाह में नाबालिगों को सजा नहीं दी जाती है लेकिन उनकी मदद करने वाले सभी आरोपी माने जाते हैं.
2030 तक चलेगा अभियान,ये है टारगेट
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत 27 नवंबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. यह अभियान 2030 तक चलेगा. सरकार का टारगेट है कि 2030 तक बाल विवाह भारत में पूरी तरीके से खत्म हो जाएगा इसके लिए लगातार जागरूकता और कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं.
देश के 300 जिलों में अभियान 160 से ज्यादा संस्था शामिल
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास छिंदवाड़ा की बृजेश शिवहरे ने बताया, '' बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में देश भर में 300 जिलों में संचालित किया जा रहा है, जिसमें 160 से ज्यादा स्वयंसेवी संस्थाएं इस प्रयास के लिए काम कर रही हैं. इसमें बच्चों, सर्वाइवर्स, महिलाओं और सिविल सोसाइटी को सरकार के साथ जोड़ना है, जिससे हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और अवसर का अधिकार मिल सके. इस मौके पर जिले में संचालित समस्त शैक्षणिक संस्थानों, पुलिस थानों, छात्रावासों, बाल देखरेख संस्थाओं, ग्राम पंचायतों व नगरीय निकायों सहित सभी उपयुक्त एवं चिह्नित स्थानों में बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ली जाएगी.
भोपाल की हवा खराब! प्रदूषण रैंकिंग में दूसरा स्थान, निगम ने रेस्टोरेंट पर ठोका जुर्माना
27 Nov, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | राजधानी भोपाल में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बिगड़ता जा रहा है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लाइव मॉनिटरिंग रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश के लगभग 98 फीसदी शहर पीएम 2.5 कणों के बढ़े हुए स्तर से जूझ रहे हैं. इस सूची में सिंगरौली सबसे ऊपर है, जबकि भोपाल दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है. इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर निगम की सक्रियता भी तेज़ हो गई है |
नगर निगम ने दिखाई सख्ती
बुधवार को निगम की सहायक आयुक्त कीर्ति चौहान और जोन-8 की टीम ने बिट्टन मार्केट के बापू की कुटिया रेस्टोरेंट में तंदूर के उपयोग को लेकर 10 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया. तंदूर से निकलने वाला धुआं शहर की हवा को और खराब कर रहा है, इसलिए कई दिनों से ऐसे प्रतिष्ठानों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है|
इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्ती दिखाई गई. कुल 193 मामलों में 58,350 रुपये का जुर्माना वसूला गया. वहीं निर्माण और विध्वंस कचरा फैलाने पर चार मामलों से 3,250 रुपये की वसूली हुई. निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण स्तर को नियंत्रण में लाने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी |
मध्य प्रदेश में प्रदूषण की स्थिति बिगड़ी
मध्य प्रदेश में प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ते हुए अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है. राजधानी भोपाल भी इस समय गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है. सिंगरौली को प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया है, जहां ट्रॉमा सेंटर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 356 पहुंच गया. भोपाल में भी हालात चिंताजनक हैं. टीटी नगर में AQI 347, कलेक्ट्रेट में 321 और पर्यावरण परिसर में 303 दर्ज किया गया, जो सभी Very Poor श्रेणी में आते हैं |
ग्वालियर में महाराज बाड़ा और डीडी नगर में AQI 308 व 309 तक पहुंचा, जबकि इंदौर के छोटी ग्वालटोली में वायु गुणवत्ता 304 दर्ज की गई. पीथमपुर, मंडीदीप और सागर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी AQI 300 से ऊपर रहा, जिससे राज्य के कई हिस्सों में दिल्ली जैसी स्थिति बन गई है |
निर्माण कार्यों और पराली से बढ़ रहा प्रदूषण
विशेषज्ञों के अनुसार, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और आसपास के इलाकों में पराली जलाने की घटनाएं प्रदूषण को बढ़ा रही हैं. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक केवल इसी महीने भोपाल के आसपास 50 से ज्यादा पराली जलाने के मामले सामने आए हैं. टूटी-फूटी सड़कें, खुले में पड़ा मलबा और वाहनों का धुआं भी हालात और बिगाड़ रहे हैं | ठंड बढ़ने के साथ रात में प्रदूषण और खतरनाक हो जाता है. इस दौरान धुआं और जहरीले कण ऊंचाई तक नहीं जा पाते और जमीन के करीब ही जमा रहते हैं. यही वजह है कि रात आठ बजे से तड़के चार बजे के बीच PM 2.5 का स्तर सबसे अधिक दर्ज किया जाता है, जिससे हवा और अधिक दूषित हो जाती है |
शिवराज दिल्ली जाकर शिकायत करते हैं, मोहन का मंत्रियों पर कंट्रोल नहीं, जीतू पटवारी ने लगाए गंभीर आरोप
27 Nov, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों द्वारा जीएसटी कलेक्शन पर वित्त मंत्री को घेरने के मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि मैं बार-बार कहता हूं कि मंत्रियों के आपसी झगड़े हैं. मंत्रीमंडल में मंत्रियों का एक समूह बना हुआ है, जिसका नेतृत्व शिवराज सिंह चौहान कर रहे हैं. इस समूह का काम है मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को अस्थिर करना. इसके लिए वे दिल्ली में संघ में रोज शिकायतें करते हैं, बीजेपी के अंदर बुराई करते हैं. दरअसल, प्रदेश में जीएसटी कलेक्शन घटने को लेकर सीनियर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने सवाल खड़े किए थे.
जीतू पटवारी बोले हम इससे खुश नहीं
कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा, '' हमारा दायित्व यह नहीं कहता कि यह आपस में लड़ें तो हम खुश हों. हमारा दायित्व है कि मध्यप्रदेश समृद्ध बने और हम उनका सहयोग करें,'' जीतू पटवारी ने कहा, '' मुख्यमंत्री का नियंत्रण मंत्रियों पर ही नहीं है. मोहन यादव का नियंत्रण प्रदेश के प्रशासनिक अमले पर भी नहीं है. जिस तरह से मंत्रियों का आपसी मतभेद चल रहा है, वह मध्यप्रदेश के भविष्य को बिगाड़ रहा है.''
कर्ज पर कमीशन ले रही सरकार : पटवारी
कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा, '' जिस तरह से वित्त मंत्री द्वारा लगातार कर्ज किया जा रहा है और फिर उस कर्ज में से 50 फीसदी कमीशन लिया जा रहा है. यानी पहले रोज दो सौ करोड़ रुपए का कर्ज लो और फिर 100 करोड़ रुपए चोरी कर लो. इस तरह का मध्यप्रदेश की सरकार का व्यवहार हो गया है.''
सवाल उठाता हूं तो सरकार हो जाती है नाराज
जीतू पटवारी ने कहा कि जब सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर मैं सवाल उठाता हूं तो सरकार नाराज हो जाती है. राजनीतिक अय्याशी के शब्द पर मुख्यमंत्री नाराज हो जाते हैं. आखिर राजनीतिक अय्याशी क्या होती है? सरकारी खर्च पर महिलाओं को एकट्ठा करना और कर्ज लेना, बड़ा स्टेज सजाना और कर्ज लेना, जिस माइक से बोल रहे हैं वह माइक भी कर्ज के पैसे का है और फिर भाषण में कहते हैं कि करो स्वागत.''
पटवारी ने आगे कहा, '' यह बताता है कि सरकार मध्यप्रदेश को गंभीर चुनौती और संकट में डाल रही है, मध्यप्रदेश की जनता ने बीजेपी को इसलिए इतना बड़ा जनादेश इसलिए नहीं दिया कि यह प्रदेश के भविष्य को दुख और दर्द दें और आने वाले भविष्य को बिगाड़ें.''
मुरैना-श्योपुर विकास को रफ्तार, CM ने की करोड़ों की योजनाओं की घोषणा
27 Nov, 2025 10:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मुरैना-श्योपुर के दौरा पर रहेंगे. सुबह 11.00 बजे वे भोपाल से बड़ौदा (विधानसभा श्योपुर) के लिए रवाना होंगे. जहां श्योपुर जिले के बड़ौदा में आयोजित कार्यक्रम में श्योपुर सहित छह जिलों के किसानों को फसल नुकसान की राहत प्रदान करेंगे. इस दौरान 3 लाख 5 हजार 410 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 238 करोड़ 78 लाख रुपये की राशि सीधे अंतरित की जाएगी. राहत राशि श्योपुर, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, धार और खंडवा जिलों की 23 तहसीलों के 2 हजार 148 गांवों के किसानों को दी जाएगी, जिन्हें अतिवृष्टि, बाढ़ और पीला मौजेक रोग के कारण फसलों में क्षति का सामना करना पड़ा है |
बड़ौदा में कई निर्माण परियोजनाओं को दिखाएंगे हरी झंडी
बड़ौदा में सीएम यादव कई निर्माण परियोजनाओं को हरी झंडी देंगे, जिनमें जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत 2 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से सेसईपुरा में तैयार आदिवासी बालक आश्रम का लोकार्पण शामिल है. साथ ही 14 करोड़ 80 लाख रुपये से श्योपुर में नर्सिंग कॉलेज भवन, 14 करोड़ 95 लाख रुपये से 50 बिस्तरीय एकीकृत आयुष चिकित्सालय और 96 लाख रुपये की लागत से बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण ज्ञान प्रसार केंद्र का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. इसके अलावा लहरौनी, बलावनी और डाबीपुरा में क्रमशः 2 करोड़ 61 लाख, 2 करोड़ 53 लाख और 2 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से तीन नए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों का शिलान्यास किया जाएगा. कार्यक्रम में अनेक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जाएगा |
मुरैना में करेंगे 162 करोंड़ के विकास कार्यो का भूमिपूजन
सीएम मोहन यादव दोपहर 02.40 बजे मुरैना पहुंचेंगे, जहां आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 162 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे. मुरैना में मुख्यमंत्री 70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आयुर्वेदिक महाविद्यालय और उससे जुड़े 100 बिस्तरीय चिकित्सालय का भूमिपूजन करेंगे, जिससे आसपास के लगभग 20 गांवों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. इसके अलावा शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ और अम्बाह का लोकार्पण भी किया जाएगा, जहां वर्तमान में कुल 2 हजार 611 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं |
इसके साथ ही 19 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित संयुक्त तहसील एवं एसडीएम कार्यालय मुरैना को जनता को समर्पित किया जाएगा, जिससे करीब 7 लाख 52 हजार की आबादी को प्रशासनिक सुविधा मिलेगी. अम्बाह में 50 सीट वाले अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास का भी लोकार्पण किया जाएगा, जो 3 करोड़ 93 लाख 36 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुआ है |
शाम में स्थानिय कार्यक्रमों में होंगे शामिल
शाम 04.25 बजे मुख्यमंत्री मुरैना से खजुराहो (जिला छतरपुर) के लिए रवाना होंगे. शाम 05.25 बजे वे खजुराहो पहुंचकर एक स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद शाम 07.00 बजे वे वापस भोपाल लौट आएंगे. रात 08.00 बजे मुख्यमंत्री राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और रात 08.30 बजे सीएम हाउस में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक अहम बैठक लेंगे |
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