मध्य प्रदेश
पुल बना, सड़क नहीं! कोलार का ‘इंजीनियरिंग का नमूना’ जनता को हैरान कर रहा
17 Dec, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | जनता की सहूलियत के लिए ब्रिज बनकर तैयार हैं लेकिन लोग सोच में है कि एक तरफ से दूसरी ओर कैसे जाएं? ऐसा ही एक ब्रिज भोपाल के कोलार में 5 करोड़ की लागत से बनकर 5 सालों से तैयार हुए है. खास बात है कि ब्रिज तो बन गया लेकिन दूसरी ओर जाने के लिए रास्ता ही नहीं है. अब जनता भी सवाल पूछ रही है कि आखिर ब्रिज का निर्माण किसके लिए किया गया है, क्योंकि ब्रिज बनकर तैयार है फिर कोई इस्तेमाल नहीं कर सकता है. ऐसे में सवाल है कि ब्रिज निर्माण में जनता के 5 करोड़ पानी में बह गए हैं |
वाल्मी के मना करने के बाद भी बना ब्रिज
कलियासोत नदी पर जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान के पास 5 करोड़ रुपये की लागत से बना ब्रिज साल 2018 तैयार है. वाल्मी ने शुरुआत से ही इनकार करता रहा, इसके बावजूद CPA ने पुल बनाकर काम जारी रखा. विधानसभा चुनाव से पहले इसे पूरा कर दिया, जिन इंजीनियरों के काल में ब्रिज बना वह अब रिटायर हो चुके हैं. पिछले 10 साल में एप्रोच रोड के लिए 12 से ज्यादा प्लान बने लेकिन कोई योजना लागू नहीं हुई. जुलाई 2024 में वाल्मी को जैव विविधता परिषद घोषित कर दिया गया जिसमें एप्रोच रोड निकलना मुश्किल हो गया है. अब कोलार के लोग यह पूछ रहे हैं कि वाल्मी ओर से जब रास्ता नहीं बना है तो इस ब्रिज का आखिर क्या होगा?
दो-तीन किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा
ब्रिज कोलार से भदभदा और रातीबड़ रोड को जोड़ने के लिए बनाया गया था. इसके चालू होने पर 60 से अधिक कॉलोनी के रहवासियों को फायदा होता. लोगों को करीब 2 किलोमीटर का चक्कर लगाना भी बच सकता था. राजहर्ष सी सेक्टर कॉलोनी के रहवासियों के लिए यह ब्रिज कॉलोनी से बाहर आने-जाने का एकमात्र रास्ता है. पहले यह लोग वाल्मी परिसर के भीतर से आते-आते थे. अब वह बंद हो गया. इन रहवासियों के दबाव में ब्रिज के साइड से 200 मीटर की एप्रोच रोड बना दी गई लेकिन जिन कॉलोनी वासियों के लिए ब्रिज बनाया जाना था. उनके लिए रास्ता ही नहीं है इसलिए वह दो से तीन किलोमीटर का चक्कर लगाकर कोलार पहुंचते हैं |
स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्रिज तो काफी समय से बना हुआ है. इसका इस्तेमाल कालोनी के लोग नहीं कर पा रहे है. ऐसा लगता है कि जनता के 5 करोड़ रुपए का नुकसान विकास के नाम पर खर्च कर दिया गया है |
दोषी अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी- रामेश्वर शर्मा
इस मामले में विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है कि दो अफसरों के विवाद के कारण ब्रिज का इस्तेमाल नहीं हो सका है. इस मामले में दोषी अफसरों के खिलाफ एक्शन लेते हुए जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी. वहीं कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने भी ब्रिज का निर्माण और प्लानिंग करने वाले इंजीनियरों पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी पर सरकार रोक कब लगाएगी. हालांकि इस मामले में पीडब्ल्यूडी के अधिकारी एसई मयंक शुक्ला से बात की तो उन्होंने कहा कि ब्रिज की दूसरी ओर सड़क के लिए प्रस्ताव भेजा गया है लेकिन अभी तक वाल्मी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है. हालांकि उन्होंने कहा कि मामला शासन स्तर पर लंबित है.
वैसे भी सिविल इंजीनियरिंग का नमूना आए दिन देखने के लिए मिल रहा है.कभी ब्रिज बनाने के बाद तोड़ने का फैसला हो या फिर 90 डिग्री वाला ऐशबाग ब्रिज. अक्सर ब्रिज का निर्माण सवालों के घेरे में आ जाता है. अब देखना है कि 5 करोड़ के ब्रिज का भविष्य में क्या होता है |
राजपूताना शौर्य और इतिहास का केंद्र बनेगा भोपाल का महाराणा प्रताप लोक, जल्द होगा भव्य लोकार्पण
17 Dec, 2025 04:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | राजधानी के तात्या टोपे नगर क्षेत्र में महाराणा प्रताप लोक बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है | करीब चार एकड़ में विकसित इस भव्य परिसर को राजस्थान के प्रसिद्ध कुंभलगढ़ दुर्ग की तर्ज पर आकार दिया गया है. यहां मेवाड़ के शौर्य, स्वाभिमान और बलिदान की परंपरा को दर्शाते हुए विशेष रूप से महाराणा प्रताप के जीवन और उनके संघर्षों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा |
महाराणा प्रताप लोक का निमार्ण कार्य हुआ पूरा
मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के कार्यकारी अभियंता बृजेश तिवारी के अनुसार, महाराणा प्रताप लोक का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. परिसर में महाराणा प्रताप की 20 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसमें वे अपने प्रिय घोड़े चेतक पर सवार होकर युद्ध मुद्रा में दिखाई देते हैं. इस प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार नीरज अहिरवार ने किया है. प्रतिमा का वजन लगभग 2.5 टन है और इसे तैयार करने में करीब 35 लाख रुपये की लागत आई है |
राजपूताना स्थापत्य शैली में विकसित होगा लोक
पूरे परिसर को राजपूताना स्थापत्य शैली में विकसित किया गया है, जिस पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. यहां चित्रों, कलाकृतियों और फिल्मों के माध्यम से महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र को दर्शाया जाएगा. मेवाड़ के शासकों के इतिहास, महाराणा प्रताप के प्रमुख संघर्षों और उनके योगदान को प्रदर्शित करने के लिए विशेष गैलरियां बनाई गई हैं. परिसर से बाहर निकलते समय प्रमुख युद्धों पर आधारित भित्ति चित्र भी दर्शकों को देखने को मिलेंगे |
पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने की थी घोषणा
महाराणा प्रताप लोक के निर्माण की घोषणा वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी. उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बताते हुए कहा था कि इस लोक के माध्यम से महाराणा प्रताप, चेतक और उनके सहयोगियों के साहस और बलिदान को लोगों तक पहुंचाया जाएगा |
जानकारी के अनुसार, पर्यटन विकास निगम जल्द ही इस परिसर को जिला प्रशासन को सौंप देगा. इसके संचालन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के पास रहेगी और इसे पीपीपी मोड पर संचालित करने का प्रस्ताव है. महाराणा प्रताप लोक के लोकार्पण की तैयारियां भी तेजी से चल रही हैं और शीघ्र ही इसे आम जनता के लिए खोलने की योजना है |
MP में 21 साल बाद फिर मिलेगी सरकारी बस सेवा, CM मोहन यादव ने दी जानकारी
17 Dec, 2025 03:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल| मध्य प्रदेश की जनता के लिए बड़ी खुशखबरी है. प्रदेश में 21 साल के बाद एक बार फिर से सड़कों पर सरकारी बसें दौड़ेंगी. मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में CM डॉ. मोहन यादव ने यह ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 से सार्वजनिक बस परिवहन सेवा शुरू होगी |
21 साल बाद दौड़ेंगी ‘जनबस’
मध्य प्रदेश सरकार ने इन बसों को ‘जनबस’ नाम दिया है. 18 नवंबर को CM मोहन यादव की अध्यक्षता में संचालक मंडल की बैठक हुई थी. इस बैठक में 6 हजार से ज्यादा रूट को मंजूरी दी गई. अप्रैल से प्रदेश के 25 जिलों में बसों का संचालन होगा. साल 2027 तक सभी जिलों में बस दौड़ेगी |
7 चरणों में शुरू होगी बस सेवा
जानकारी के मुताबिक यह बस सेवा प्रदेश में 7 चरणों में शुरू होगी. पहले चरण में इंदौर और आसपास के 50 KM क्षेत्र में बसें दौड़ेंगी. इसके बाद दूसरे चरण में इंदौर संभाग के सभी जिलों तक बस सेवा का विस्तार होगा | वहीं, राजधानी भोपाल और उज्जैन शहर के 50 KM के दायरे में आने वाले सभी शहर व अंतर शहरी रूट पर बसें दौडे़ंगी |
पहले चरण में इंदौर शहर के 50 KM के दायरे में आने वाले सभी रूट पर बस दौड़ेगी |
दूसरे चरण में इंदौर संभाग के सभी जिलों के साथ-साथ उज्जैन और भोपाल शहर के 50 KM के दायरे में आने वाले शहरी और अंतर शहरी रूट
तीसरे चरण में उज्जैन संभाग के सभी जिले
चौथे चरण में सागर और जबलपुर संभाग के जिलों में शुरुआत होगी |
पांचवे चरण में भोपाल-नर्मदापुरम संभाग के सभी जिले |
इसके बाद रीवा और शहडोल संभाग के जिले |
सातवें चरण में ग्वालियर और चंबल संभाग के सभी जिलों तक सेवा का विस्तार।
विशेष सत्र में हंगामा, कांग्रेस ने मनरेगा नाम परिवर्तन को लेकर जताया विरोध
17 Dec, 2025 01:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | आज मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने विधायक दल के साथ भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा जैसी ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी योजना का नाम बदलकर “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” (VB-G RAM G / जी राम जी) किए जाने के निर्णय के विरुद्ध कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष सशक्त और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया |
कांग्रेस विधायक दल ने किया विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस विधायक दल ने कहा कि मनरेगा महज एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह महात्मा गांधी जी के विचारों, ग्रामीण भारत के स्वाभिमान और रोजगार की संवैधानिक गारंटी का प्रतीक है | इस योजना का नाम बदलना गांधीवादी सोच और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता |
भाजपा नाम बदलने की राजनीति कर रही
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनहित से जुड़े मूल मुद्दों, जैसे मनरेगा के तहत समय पर रोजगार उपलब्ध कराना, मजदूरी का भुगतान, कार्य दिवसों की सुनिश्चितता और श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, से ध्यान भटकाने के लिए केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है. सरकार को नाम परिवर्तन के बजाय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामीण रोजगार की वास्तविक गारंटी और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा पर ध्यान देना चाहिए |
कांग्रेस ने भाजपा पर उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक दल ने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी जी के नाम और उनके विचारों से क्यों कतराती है. क्या यह गांधी विचारधारा से भय है या फिर उनके ऐतिहासिक योगदान के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाता है | कांग्रेस ने दो टूक कहा कि यह फैसला मनमाना, जनविरोधी और राजनीतिक दिखावे से प्रेरित है. पार्टी इस निर्णय का हर स्तर पर सशक्त विरोध करेगी और जनता की आवाज को सदन से लेकर सड़क तक पूरी मजबूती के साथ उठाती रहेगी |
बड़ी खबर : खनन माफियाओं पर आयकर का शिकंजा, महाकौशल में एक साथ कई ठिकानों पर रेड से मचा हड़कंप
17 Dec, 2025 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: महाकौशल-विंध्य अंचल में आयकर विभाग ने बड़ी छापामार कार्रवाई की है. जबलपुर, सतना और कटनी में माइनिंग कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारे गए हैं. इस कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया है.
भोपाल से पहुंची इनकम टैक्स की टीम
जबलपुर में माइनिंग कारोबारी राजीव चड्ढा के सिविल लाइन स्थित घर पर आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा है. भोपाल से पहुंची इनकम टैक्स टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है. इसके साथ ही माइनिंग कारोबारी नितिन शर्मा के रसल चौक स्थित घर पर भी आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई की गई है. टीम मौके पर मौजूद रहकर दस्तावेजों की जांच कर रही है. कार्रवाई जारी है.
भोपाल में आज से 11वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेला, सीएम मोहन यादव करेंगे उद्घाटन
17 Dec, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 11वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर वे “लघु वनोपज हमारी शान” गान का विमोचन करेंगे और एम.एफ.पी.-पार्क के नए “लोगो” का अनावरण भी करेंगे। सांत ही एम.एफ.पी.-पार्क द्वारा निर्मित वेलनेस किट का विमोचन भी किया जाएगा।
उद्घाटन समारोह में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी.एन. अंबाडे तथा प्रबंध संचालक डॉ. समीता राजौरा उपस्थित रहेंगे।
मुख्यमंत्री करेंगे अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ
सीएम डॉ. मोहन यादव आज भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 11वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ करेंगे। वन मेला 17 से 23 दिसंबर तक ‘समृद्ध वन खुशहाल जन’ थीम के साथ आयोजित किया जा रहा है। इसका आयोजन वन विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें वनोपज, जड़ी-बूटियाँ, पारंपरिक खाद्य पदार्थ, आयुर्वेदिक उत्पाद और औषधीय वनस्पतियाँ प्रदर्शित एवं बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी। इनमें तेंदूपत्ता, महुआ, चिरौंजी, साल बीज, हर्रा-बहेड़ा-आंवला, वन शहद, लाख, गोंद शामिल है। इसके साथ ही जड़ी-बूटियां, आयुर्वेदिक दवाएं, काढ़ा, चूर्ण, तेल, इम्युनिटी और वेलनेस से जुड़े हर्बल उत्पाद, तथा एम.एफ.पी.-पार्क द्वारा विकसित वेल्यू एडेड उत्पाद और वेलनेस किट भी बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
सांस्कृतिक आयोजन भी होंगे
अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में जनजातीय और हस्तशिल्प उत्पाद जैसे बाँस व लकड़ी से बनी वस्तुएं, पारंपरिक आभूषण और घरेलू उपयोग की सामग्री भी प्रदर्शित की जाएंगी। इसी के साथ यहां पारंपरिक नृत्य, योगा-शो, ध्रुपद एवं कबीर वाणी, सोलो एवं समूह गायन, कथक नृत्य, फैंसी ड्रेस, चित्रकला, नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता, इंस्ट्रूमेंटल और लोक प्रस्तुतियां सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। समापन समारोह 23 दिसंबर को आयोजित होगा जहां पुरस्कार वितरण के साथ पारंपरिक नृत्य और संगीत कार्यक्रम आयोजित होगा।
सतना संक्रमित ब्लड मामले में जांच कमेटी गठित, डिप्टी सीएम ने बताया चूहों से कैसे निपटेगी सरकार
17 Dec, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सतना में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ाने के मामले को लेकर कहा है कि "जांच के लिए प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बना दी गई है, जो इस पूरे मामले की जांच करेगी." वहीं, मंत्री शुक्ल ने इंदौर के बाद जबलपुर में चूहों की घटना को लेकर कहा कि "कई बिल्डिंगें 70 साल पुरानी हैं, उन्हें तोड़कर नई बिल्डिंग बनाई जा रही है."
बच्चों को चढ़ाए गए ब्लड का खंगाला जा रहा रिकॉर्ड
सतना में थैलेसीमिया पीड़ित 6 बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव ब्लड चढ़ा देने के मामले पर अब मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि "ये जो घटना सामने आई है. इस मामले में हमारी अधिकारियों से बात हुई है. इस जांच में ये पता चला है कि एक बच्चे के माता पिता ही एचआईवी पॉजिटिव थे. बाकी बच्चों को रक्त कहां से चढ़ा, इसकी जांच की जा रही है और जानकारी जुटाई जा रही है. रिकार्ड भी खंगाले जा रहे हैं कि बच्चों को कहां-कहां से ब्लड चढ़ाया गया. थैलेसीमिया मरीजों को 2 से 3 बार ब्लड चढ़ाना पड़ता है. ऐसे में ये स्पष्ट नहीं है कि बच्चों को ब्लड कहां से चढ़ा था."
4 महीने बाद बनी जांच कमेटी
घटना के 4 महीने बाद सरकार ने जांच कमेटी बिठाई है. डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि "अब इस पूरे मामले की जांच के लिए प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बना दी गई है, जो इस मामले की जांच करके रिपोर्ट सौंपेगी." राजेन्द्र शुक्ल मोहन सरकार के 2 वर्ष पूरे होने के मौके पर पत्रकार वार्ता में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की उपलब्धियां गिना रहे थे.
जांच के लिए 6 सदस्यीय समिति का गठन
इस मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त तरुण राठी ने 6 सदस्यीय समिति का गठन कर राज्य स्तरीय जांच दल भेजने के आदेश दिए हैं. जिसके बाद कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें रीवा संभाग के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्रीय संचालक डॉ. सत्या अवधिया को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं, संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं शिक्षा के ब्लड सेल उप संचालक डॉ. रूबी खान को सचिव बनाया गया है. इसके साथ ही भोपाल एम्स के ब्लड ट्रांसफ्यूजन विशेषज्ञ डॉ. रोमेश जैन, बीएमएचआरसी भोपाल के डॉ. सीमा नवेद, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक संजीव जादोन, औषधि निरीक्षक प्रियंका चौबे शामिल हैं.
पुराने अस्पताल की बिल्डिंग बनेगी नई
डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने जबलपुर हॉस्पिटल में चूहों की घटना पर कहा कि "लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हुई है. कई अस्पतालों में जो बिल्डिंग है, वो 70 साल पुरानी है. ऐसे सभी अस्पतालों की बिल्डिंग को तोड़कर नई बनाई जा रही है." इसके अलावा ऑनलाईन पोर्टल से डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ की जानकारी हटाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि "इसकी कोई विशेष वजह नहीं है. निगरानी का पूरा एक सिस्टम काम कर रहा है."
'मध्य प्रदेश में 5 से बढ़कर 19 हो गए मेडिकल कॉलेज'
डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि "मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा, शिक्षा विभाग के प्रयासों से ये बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है कि पहले जहां प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे. अब वो बढ़कर 19 हो गए हैं. जिसमें 14 निजी अस्पताल भी हैं. इसके अलावा निजी अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई गई है.
उन्होंने बताया कि "केन्द्र के स्क्रीनिंग अभियान में मध्य प्रदेश नंबर-1 आया है. टीवी मुक्त भारत में मध्य प्रदेश अव्वल रहा है. सिकल सेल एनीमिया में सवा करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की गई. पुराने 5 मेडिकल कॉलेज को विस्तार दिया गया. निरोगी काया अभियान में हेल्थ कार्ड दिए गए हैं.
फिल्मी सितारों का कारवां पहुंचा खजुराहो, तन्वी द ग्रेट से अनुपम खेर ने किया फिल्म फेस्टिवल का आगाज
17 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर: खजुराहो में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है. पहले दिन फिल्म कलाकार अनुपम खेर ने फीता काटकर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आगाज किया. खजुराहो का यह 11 वां फिल्म फेस्टिवल है, जो 16 से 22 दिसंबर 2025 तक चलेगा. इस आयोजन में देश विदेश की 200 फिल्में प्रदर्शित की जाएगी. इस बार का आयोजन फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र और मशहूर कॉमेडियन असरानी को समर्पित है.
भविष्य में राजा बुंदेला की बनेंगी मूर्तियां
अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2025 के शुभारंभ मौके पर अनुपम खेर ने कार्यक्रम आयोजक राजा बुंदेला की मंच से जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, "ये मेरा लंगोटिया यार है. हम लोगों का बचपन साथ बीता है. आने वाले 500 साल में इनकी एक मूर्ति बनेगी और लोग कहेंगे कि हमारे यहां एक राजा बुंदेला आते थे. उन्होंने खजुराहो के लिए बहुत कुछ किया है." आगे अनुपम खेर ने कहा कि "मैं और मेरी कंपनी खजुराहो फिल्म महोत्सव को आगे बढ़ाने में आपका साथ देगी."
अनुपम खेर ने लौटाया बचपन का कर्ज
अनुपम खेर ने कहा, "मैंने अपने दोस्त राजा बुंदेला से बहुत उधार लिया है. मेरे पास उस समय पैसे नहीं हुआ करते थे. मैंने अपने दोस्त से 80 रुपए उधार लिए थे, लेकिन आज मैं 500 रुपया वापस कर रहा हूं. इसके बाद उन्होंने 500 रुपए निकालकर राजा बुंदेला को दिए. अनुपम खेर ने कहा कि "आज 45 साल बाद मैंने तुम्हारी उधारी चुका दी है."
फिल्मों से जुड़ी कार्यशाला होंगी आयोजित
खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जानीमानी फिल्मी हस्तियां शामिल होंगी. रोजाना सुबह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मुख्य आयोजन शिल्प ग्राम खजुराहो में होगा, जिसमें रंगमंच और फिल्म तकनीक कार्यशाला भी आयोजित होगी. वहीं मंच पर आसीन अभिनेता अनुपम खेर ने अपनी आने वाले फिल्मी सफर और उनकी नई फिल्म तन्वी द ग्रेट को लेकर भी बातचीत की.
खजुराहो में फिल्मों की शूटिंग की जागी उम्मीद
आयोजक राजा बुन्देला ने बताया, "11 वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की खास बात यह होगी कि इसमें सोलह देशों का प्रतिनिधि मंडल शामिल हो रहा है. खजुराहो में फिल्मों की शूटिंग की उम्मीद जगी है. 16 से 22 दिसंबर 2025 तक चलने वाला यह महोत्सव खजुराहो पर्यटन एवं फिल्म टूरिज्म के विकास के लिए हर साल सहायक होता हैं. इस बार भी अहम भूमिका निभाएगा. यही उम्मीद की जा रही है."
'जिस काम में रुकावट आती उसको करने में अलग मजा है'
खजुराहो पहुंचे अभिनेता अनुपम खेर ने कहा, "अमेरिका में सनडांस फिल्म फेस्टिवल का आयोजन होता है, जो विश्व के सबसे बड़े फेस्टिवल में से एक है. लेकिन उन्होंने अपना प्रयत्न नहीं छोड़ा था. इसी तरहा मुझे लगता है कि खजुराहो भी आने वाले समय में एक दिन देश विदेश का सबसे बड़ा फेस्टिवल माना जाएगा. हर काम आसानी से सब कर लेते हैं, लेकिन जो काम आसानी से हो उसका कोई फायदा नहीं होता है. जिस काम में रुकावट, परेशानी आए तो उसका काम का अलग मजा है."
'मैं आपका साथ दूंगा ना कि ब्रांड एंबेसडर बनूंगा'
राजा बुंदेला ने फिल्म अभिनेता अनुपम खेर से अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा मैं चाहता हूं कि आप हमारे खजुराहो फिल्म महोत्सव के ब्रांड एंबेसडर बने. इस बात को सुनते ही अनुपम खेर बोले मौके पर चौका मार रहे हो. मंच से नीचे उतरते हुए अनुपम खेर ने जबाब देते हुए कहा मैं आपका साथ दूंगा ना कि ब्रांड एंबेसडर बनूंगा.
MP Weather Update: शीतलहर से कांपा मध्य प्रदेश, भोपाल में 5 डिग्री से नीचे पारा
17 Dec, 2025 10:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तरी-पूर्वी दिशा से चल रही सर्द हवाओं ने इंदौर के मौसम में अचानक बदलाव ला दिया है | बीते कुछ दिनों से शहर का तापमान सामान्य से करीब पांच से छह डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया जा रहा है. 6 से 16 दिसंबर के बीच न्यूनतम तापमान लगातार दस डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जिससे रात और सुबह के समय ठंड का असर काफी बढ़ गया है |
भाेपाल में 4.8 डिग्री पर पहुंचा तापमान
मंगलवार को देश के सबसे ठंडे शहरों की सूची में मध्य प्रदेश के दो प्रमुख शहरों ने जगह बनाई | भोपाल 4.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ पांचवें स्थान पर रहा, जबकि इंदौर 5.4 डिग्री सेल्सियस के साथ छठे स्थान पर दर्ज किया गया. इसके साथ ही भोपाल के बाद इंदौर प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर बन गया |
12 किलोमीटर की ऊंचाई पर बह रही जेट स्ट्रीम हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल जम्मू क्षेत्र के ऊपर ऊपरी हवा में एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवात के रूप में सक्रिय है, जिसके साथ एक द्रोणिका भी जुड़ी हुई है | उत्तर भारत के ऊपर करीब 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर तेज जेट स्ट्रीम हवाएं लगभग 222 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही हैं. इसके अलावा बुधवार से हिमालयी क्षेत्रों में एक नया, हालांकि कमजोर, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है |
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है | वहां से आने वाली सर्द हवाओं के साथ-साथ राजस्थान की ओर से भी शुष्क और ठंडी हवाएं लगातार प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं. इसी कारण राजगढ़, भोपाल और इंदौर सहित कई इलाकों में रात के तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. यह स्थिति अभी कुछ समय तक बनी रह सकती है. इस दौरान रीवा, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में घने कोहरे की संभावना भी जताई गई है |
इंदौर में सर्द हवाओं का दिखा असर
इंदौर मे सर्द हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब छह डिग्री कम है. हालांकि दिन में धूप निकलने के कारण ठंड का असर कुछ कम महसूस हुआ, लेकिन शाम होते ही ठंडी हवाओं ने फिर से कंपकंपी बढ़ा दी | शहर का अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री कम है. मंगलवार सुबह दृश्यता लगभग 1800 मीटर तक दर्ज की गई और दिनभर आसमान साफ रहा. इस दौरान उत्तर-पूर्वी दिशा से करीब 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं |
सीहोर में महिला सब-इंस्पेक्टर की तेज रफ्तार THAR ने 4 को रौंदा, 1 की मौत, तीन लोग घायल
17 Dec, 2025 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर । मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सीहोर (Sehore) के पास भीषण सड़क हादसा (road accident) हुआ. जहां महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर (Female Police Sub-Inspector) की THAR कार ने 4 लोगों को रौंद दिया. इस घटना में एक की मौत हो गई जबकि तीन लोग घायल हैं. जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
इस दौरान महिला पुलिस अधिकारी को भीड़ में घेर लिया और जाने से रोक दिया. मौजूद लोगों का कहना था कि पहले आप घायलों का कराएं. इसके जवाब में महिला अधिकारी मम्मी पापा के इंतजार का बहाना बनाकर मौके से भागने में लगी थी.
दरअसल, सीहोर-भोपाल हाइवे के झागरिया पर उस समय अफरातफरी का माहौल निर्मित हो गया, जब एक तेज रफ्तार कर ने 4 लोगों को रौंद दिया. सड़क किनारे कंबल बेच रहे लोगों को टक्कर मारी और फिर दो बाइक सवारों को भी अपनी चपेट में ले लिया.
कार महिला एसआई चला रही थी, जो आष्टा से भोपाल की ओर जा रही थी. इस भीषण सड़क हादसे में एक की भोपाल में उपचार के दौरान मौत हो गई. जबकि तीन लोग जख्मी हैं. मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई.
FIR दर्ज और सस्पेंड
एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने बताया कि वाहन चालक एसआई किरण राजपूत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. वहीं, इस कृत्य को गंभीर लापरवाही मानते हुए आरोपी एसआई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. इस मामले में प्राथमिक जांच सीएसपी सीहोर को सौंपी गई है.
खाद वितरण गड़बड़ी मामले में तीसरे स्थान पर मप्र, शिवराज के आंकड़ों को MP के कृषि मंत्री ने बताया गलत
17 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश (MP News) खाद वितरण गड़बड़ी (Fertilizer distribution irregularities) मामले में तीसरे स्थान पर है। यह रिपोर्ट लोकसभा सदन में पेश की गई है। वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के आंकड़ों पर एमपी के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना (Edal Singh Kansana) ने संशय जताया हैं। उन्होंने शिवराज सिंह के आंकड़ों को गलत बता दिया। एदल कंसाना ने कहा कि किस बात के आंकड़े, किसने दिये ? कोई गड़बड़ी नहीं है, गलत आंकड़े पेश किये जा रहे हैं।
लोकसभा सदन में खाद वितरण की रिपोर्ट पेश की गई। जिसमें बताया गया कि खाद वितरण गड़बड़ी मामले में मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है। एमपी के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आंकड़ों पर संशय जताया हैं। उन्होंने शिवराज सिंह के आंकड़ों को गलत बता दिया।
वहीं कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि खाद गुणवत्ता या वितरण में कहीं गड़बड़ी या कमी नहीं है। हमें जहां-जहां शिकायत मिली है, हम कार्रवाई कर रहे हैं। मुझे पता नहीं है, किस बात के आंकड़े ? किसने दिया ? कृषि मंत्री एदल कंसाना ने कहा कि कोई गड़बड़ी नहीं है, गलत आंकड़े पेश किया जा रहे हैं। हम घर-घर खाद भिजवाएंगे। इस मामले में जांच का कोई विषय नहीं है।
इस पर कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर ने कहा कि मैं भी किसान कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष रहा हूं। तहसील स्तर पर ब्लॉक स्तर पर देखा है कि खाद की कितनी किल्लत, कितनी कालाबाजारी हो रही है। किसान चार-चार दिन लाइनों में लगते हैं, भूखे प्यासे रहते हैं। भारत सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रिपोर्ट पेश करते हैं और उसे पर प्रदेश के कृषि मंत्री झूठ बोलते हैं, यह प्रदेश का दुर्भाग्य है। केंद्र सरकार के जो आंकड़े आए हैं, वह झूठे हैं। यह बात गलत है।
कांग्रेस विधायक दिनेश ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश के किसानों के साथ हमेशा छल करने का काम बीजेपी करती है। जब केंद्र सरकार मान रही है, शिवराज सिंह चौहान मान रहे है, मंत्रालय मान रहा है तो प्रदेश के कृषि मंत्री को भी यह स्वीकार करना चाहिए और सुधार करने की ओर पहल करना चाहिए। इस मामले पर हम सदन में सरकार से सवाल पूछेंगे। एमपी के कृषि मंत्री का ऐसा बयान बेहद निंदनीय और किसानों को अपमान करने वाला है।
इंडिगो का बड़ा फैसला: भोपाल-हैदराबाद फ्लाइट अचानक बंद, क्या उड़ान कटौती की गाज अब दूसरे शहरों पर भी गिरेगी
17 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bhopal News: इंडिगो एयरलाइंस द्वारा देशभर में की जा रही करीब 10 प्रतिशत उड़ानों की कटौती का असर मंगलवार से भोपाल पर भी देखने को मिला है. कंपनी ने भोपाल से हैदराबाद जाने वाली एक फ्लाइट का संचालन बंद कर दिया है. अब तक इस रूट पर सुबह 9:30 बजे और दोपहर 2:30 बजे दो फ्लाइट्स चल रही थीं, लेकिन अब सुबह वाली फ्लाइट को बंद कर दिया गया है.
हैदराबाद के लिए अब केवल एक फ्लाइट
हैदराबाद के लिए अब केवल 78 सीटर एक ही फ्लाइट का संचालन किया जा रहा है. इस कटौती के बाद राजाभोज एयरपोर्ट से इंडिगो की रोजाना उड़ानों की संख्या घट गई है. पहले जहां अलग-अलग रूट के लिए कुल 14 उड़ानें संचालित हो रही थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर 13 रह गई है.
एयर इंडिया की दो उड़ाने रद्द
उधर, दिल्ली में स्मॉग की स्थिति के चलते मंगलवार को दिल्ली से भोपाल आने वाली इंडिगो और एयर इंडिया की सुबह की दो उड़ानें भी रद्द कर दी गईं. ये फ्लाइट्स सुबह 7:45 और 7:55 बजे भोपाल पहुंचने वाली थीं. उड़ानें कैंसिल होने के कारण भोपाल से दिल्ली जाने वाले यात्री भी रवाना नहीं हो सके, हालांकि एयरलाइंस ने सोमवार देर रात ही यात्रियों को इसकी सूचना दे दी थी, जिससे एयरपोर्ट पर किसी तरह की अव्यवस्था नहीं हुई.
"MP कांग्रेस में बड़ा धमाका! जीतू पटवारी ने एक साथ नियुक्त किए 780 ब्लॉक अध्यक्ष, मैदान में उतरने को तैयार कांग्रेस की नई फौज
17 Dec, 2025 08:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP Congress: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश के 780 ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त कर दिए हैं. प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी के अनुमोदन से ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने नियुक्त किए गए ब्लॉक अध्यक्षों की लिस्ट जारी की है.
जिले के विकास में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं समाज के विशिष्टजनों के अनुभव अहम : मंत्री वर्मा
16 Dec, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राजस्व मंत्री एवं मुरैना जिले के प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि जिले के विकास में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं समाज के विशिष्टजनों के अनुभव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन अनुभवों पर भी विचार किया जाएगा, जिससे केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।पिछले दो वर्षों में मुरैना जिले ने कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि मुरैना जिला निरंतर विकास की गति प्राप्त करे, जिसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है। मंत्री वर्मा मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार, मुरैना में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में महापौर शारदा सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती गुर्जर, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ, प्रभारी वनमंडलाधिकारी अंकित, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कमलेश कुमार भार्गव सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।
मंत्री वर्मा ने कहा कि विगत दो वर्षों में विभिन्न नवाचारों के माध्यम से विकास की एक नई गाथा लिखी गई है। जिले के विकास को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से उनके-अपने क्षेत्र के बेहतर विकास के लिये सुझाव प्राप्त किए गए हैं। समिति में किसान, वकील, चिकित्सक, शिक्षाविद्, कानून विशेषज्ञ सहित 20 विभिन्न क्षेत्रों के सदस्य सम्मिलित हैं। राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष उद्योगों में क्रांति लाने के उद्देश्य से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया तथा वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया गया है। इस समिट के माध्यम से निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सरकार को लगभग 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के फलस्वरूप युवाओं के लिए अनेक रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं।
मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बहनों के लिए, किसानों के लिए किसान कल्याण योजनाएँ, शिक्षा एवं उद्योग क्षेत्र में व्यापक सुधार, विदेश नीति को सशक्त बनाते हुए विश्व पटल पर भारत की पहचान को सुदृढ़ किया गया है। राजस्व महाअभियान चलाकर करोड़ों प्रकरणों का निराकरण किया गया। नामांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए व्हाट्सएप पर प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जा रही है। जल उपलब्धता के लिये नदी जोड़ो अभियान, फसल राहत, खाद की उपलब्धता, भावांतर योजना एवं प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है। हमारे राज्य का सतत विकास हो रहा है और जिले के विकास के लिए हम सभी मिलकर निरंतर प्रयास करेंगे।
मंत्री वर्मा ने कहा कि मुरैना विकास कार्यो में प्रथम स्थान पर आए एवं मुरैना में कोई नामान्तरण, बटवारा का कोई प्रकरण लंबित न रहे, इस प्रकार के प्रयास किए जाएँ। उन्होंने कहा कि सभी जनों को न्याय मिले एवं योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचे, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराना आवश्यक है। बैठक में मुरैना के विकास कार्यों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा हुई।
श्रमिक मध्यप्रदेश को गढ़ने वाले सच्चे सेवक, इनकी मेहनत ही विकास की है बुनियाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
16 Dec, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार हर उस जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है, जो इसके वास्तविक हकदार हैं। हमारी सरकार गरीब, लाचार, श्रमिक, निराश्रित और जरूरतमंद नागरिकों को स्नेह, अपनत्व, स्वावलंबन और आर्थिक सहायता का संबल देती रहेगी। प्रदेश की जनता के सुख-दुख में सरकार हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री जनकल्याण (सम्बल 2.0) योजना के तहत सहायता राशि वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 55 जिलों के 7227 सम्बल हितग्राहियों के बैंक खाते में 160 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस योजना के प्रारंभ वर्ष 2018 से लेकर अब तक 7.76 लाख प्रकरणों में 7383 करोड़ रुपए की सहायता राशि जरूरतमंद हितग्राहियों को दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना श्रमिकों के कठिन समय की सच्ची साथी है। सरकार हर परिस्थिति में श्रमिकों के साथ खड़ी है। संबल योजना सिर्फ़ आर्थिक सहायता का जरिया ही नहीं, यह सरकार और श्रमिकों के बीच आपसी भरोसे का रिश्ता भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ श्रम के स्वरूप भी बदले हैं। हमारी सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक का दर्जा दिया है। एक मार्च 2024 से इन्हें भी संबल योजना के दायरे में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 1400 से अधिक गिग वर्कर्स पंजीकृत किए गए हैं। गरीबों और श्रमिकों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए हमने संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत योजना से भी जोड़ दिया है। इससे उन्हें भी 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है। साथ ही 25 लाख से अधिक नए ई-श्रमिक परिवारों को राशन पात्रता देकर उन्हें भी निःशुल्क राशन का लाभ दिया गया है। गर्भवती बहनों के लिए भी सरकार बेहद संवेदनशील है। गर्भावस्था के दौरान उन्हें काम पर न जाना पड़े और उन्हें पोषण की कमी न हो, इसी उद्देश्य से ऐसी बहनों को 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, पापड़ अचार बनाने वाले, खाना बनाने वाले, घरों में काम करने वाले मजदूर या तेंदूपत्ता बीनने वाले सभी श्रमिक और उनके परिवार इस योजना से जुड़कर आर्थिक मदद पा रहे हैं। साथ ही प्रदेश की कुशल श्रम शक्ति को सहकारिता के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए हमने "श्रमणा" जैसी योजनाएं भी शुरू की हैं, जिससे श्रमिक वर्ग आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर गरीब और श्रमिक वर्ग के साथ हर कदम पर खड़ी है। कोई भी श्रमिक परिवार खुद को असहाय न समझे। श्रमिक भाई सरकार की सभी सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कठिनाई कभी बताकर नहीं आती। ऐसी स्थिति में जमा-पूंजी (पैसा) ही हमें संबल देता है। राज्य सरकार सभी श्रमिक परिवारों के हर मुश्किल वक्त में साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि संबल योजना सभी को एक माला की तरह साथ जोड़कर रखती है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल कार्यक्रम में अमरकंटक से वर्चुअल शामिल होकर कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आज संबल योजना के अंतर्गत 7वीं बार हितग्राही परिवारों को राशि अंतरित की जा रही है। संबल योजना के अंतर्गत अब तक 1.83 करोड़ से अधिक श्रमिकों ने पंजीयन कराया है, जबकि संबल 2.0 में 43 लाख लोगों ने पंजीयन किया है। राज्य सरकार ने पूर्व की सरकार का बैकलॉग भी खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब श्रम विभाग इस स्थिति में आ चुका है कि किसी भी संबल प्रकरण में हम मात्र 60 दिन के अंदर हितग्राही को भुगतान कर सकते हैं। यही हमारी दो साल की बड़ी उपलब्धि है।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, सचिव मुख्यमंत्री आलोक सिंह, सचिव श्रम रघुराज एम.आर., सचिव म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल बंसत कुर्रे सहित अधिकारी उपस्थित थे। जिलों से जनप्रतिनिधि एवं संबल हितग्रहियों ने वीसी के माध्यम से कार्यक्रम में शिरकत की।
उल्लेखनीय है कि सम्बल योजना श्रमिक एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में उभरी है। योजना के तहत महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रुपए दिए जाते हैं, वहीं श्रमिकों के बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा शिक्षण शुल्क भी राज्य सरकार वहन करती है। सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देने वाली इस योजना ने लाखों परिवारों की जिंदगी में भरोसे की रोशनी जगाई है। संबल योजना के सभी पंजीकृत हितग्राही 5 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज भी प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना आज आर्थिक सहायता का माध्यम होने के साथ श्रमिक परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का भरोसा भी बन चुकी है।
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