राजनीति
मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रभारियों के साथ तीन घंटे तक अहम बैठक की
19 Mar, 2025 08:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नए ऑफिस इंदिरा भवन में तमाम महासचिवों और प्रभारियों के साथ तीन घंटे तक अहम बैठक की। बैठक में रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस की टॉप लीडरशिप भी बैठक में शामिल हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे। मीटिंग में तय हुआ कि पार्टी देशभर के अपने जिलाध्यक्षों की बैठक करेगी। यह जानकारी बैठक के बाद मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने मीडिया को दी।
जयराम रमेश ने बताया कि आगामी 27-28 मार्च और 3 अप्रैल को जिलाध्यक्षों की बैठक का आयोजन इंदिरा भवन में किया जाएगा। कांग्रेस में यह कवायद लगभग 16 साल बाद होने जा रही है। जबकि 8 और 9 अप्रैल को पार्टी दो दिन का राष्ट्रीय अधिवेशन अहमदाबाद में करने जा रही है। 8 अप्रैल को कांग्रेस वर्किंग कमिटी की विस्तारित मीटिंग होगी तो वहीं 9 अप्रैल को अधिवेशन होगा, जिसमें पार्टी अहम मुद्दों पर चर्चा करेगी।
कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की होगी बैठक
रमेश का कहना था कि जिलाध्यक्षों का यह आयोजन तीन दिन का होगा, जिसमें 700 जिलाध्यक्ष हिस्सा लेंगे। प्रति दिन 250 जिलाध्यक्षों के बीच चर्चा होगी। इस आयोजन का मकसद है कि जिला स्तर पर इकाई को कैसे मजबूत किया जाए। कैसे जिलाध्यक्षों को ताकत दी जाए और उन्हें राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाया जाए। दरअसल, बेलगांवी में हुई कांग्रेस के पिछली अहम बैठक में नवसत्याग्रह संकल्प में तय हुआ था कि साल 2025 कांग्रेस के लिए संगठन का साल होगा, जिसमें संगठन सृजन, उसकी मजबूती और सुधार के लिए काम होगा।
प्रियंका गांधी वाड्रा और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच सवाल जवाब का दौर
18 Mar, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद में बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान मंगलवार को लोकसभा में प्रियंका गांधी वाड्रा और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच सवाल जवाब का दौर दिखा। प्रियंका गांधी ने वायनाड में प्राकृतिक आपदा के बाद स्थानीय किसानों से जुड़ा सवाल कृषि मंत्री चौहान से पूछे। इसके जवाब में कृषि मंत्री चौहान से साफ कर दिया कि पीएम मोदी और केंद्र सरकार किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करती है। उन्होंने आंध्र प्रदेश का उदाहरण देकर कहा कि दिक्कत हुई तब मैं खुद वहां गया था।
लोकसभा में प्रियंका गांधी ने पूछा कि विदर्भ पैकेज के दौरान केरल के तीन जिलों को भी जोड़ा गया। वायनाड़ में आई प्रलह को देखकर क्या मंत्रालय वायनाड़ को लेकर कोई स्पेशन रिव्यू करने जा रहा है। इसके अलावा केरल के रबड़ किसान की परेशानियों को देखकर केंद्र कोई कदम उठा रही है। मिर्ची के दामों में उथल-पुथल को देखकर मंत्रालय के पास कोई स्पेशल प्लान है क्या?
प्रियंका के सवालों को जबाव देने के लिए कृषि मंत्री चौहान खड़े हुए। उन्होंने कहा कि किसान किसान हैं, चाहे केरल का हो या कर्नाटक का। भेदभाव का कोई सवाल नहीं है। मैं यह निवेदन करना चाहता हूं कि जब इस तरह की आपदाएं आती हैं, तब केंद्र सरकार हर राज्य एसबीआरएफ के तहत राज्यों को राशि आवंटित करता है। योजना आयोग अनुशंसा करता है, उसके आधार पर ही ऐसा होता है। उसमें 75 प्रतिशत हिस्सा केंद्र का होता है और 25 प्रतिशत राशि राज्य की होती है।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि आंध्रप्रदेश और तेजंगाना में दिक्कत हुई थी। अत्यंत बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हुई थी। केंद्रीय टीम वहां गई थी। वहां स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट भी समिट की थी। इसके आधार पर फिर एनडीआरएफ की राशि राज्य सरकारों को दी जाती हें। केरल को भी एनडीआरएफ के तहत 138 करोड़ दिए गए थे। शिवराज ने प्रियका गांधी के आखिरी सवाल पर कहा कि उन्होंने रेट की बात पूछी। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि पिछले दिनों चीनी के दाम कम हो गए थे। मिर्ची भी मसालों में आती है। हमारी सरकार ने तुरंत यह निर्णय लिया कि रेट चीनी के 11 हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी जाएगी।
विधायकों को ट्रेनिंग देने के लिए दो दिवसीय कार्यक्रम शुरु
18 Mar, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली विधानसभा में विधायकों को ट्रेनिंग देने के लिए दो दिवसीय कार्यक्रम मंगलवार को शुरु हुआ है। बैठक में लोकसभा स्पीकर सहित दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और विधानसभा में नेता विपक्ष आतिशी शामिल हुई। इस कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा में सभी सांसद भी मौजूद थे।
आतिशी ने कहा कि सबसे पहले मैं सभी विधायकों को बहुत-बहुत बधाई देती हूं। दिल्ली की जनता ने हम 70 विधायकों को विधानसभा में बैठने का मौका दिया है। इस विधानसभा में बैठना सिर्फ एक गर्व और गरिमा की बात नहीं है। इस सदन में बैठना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।
एलओपी आतिशी ने कहा कि इस सदन में पहली बार जब अंग्रेजों ने भारतीय को अधिकार दिया, तब सदन में लाल लाजपत राय, पंडित मदन मोहन मालवीय, मोती लाल नेहरू और विठ्ठलभाई पटेल ने सदन में बैठे थे और भारत की आजादी की आवाज उठाई थी। 150 साल बीत गए लेकिन आज भी इस सदन में जो किया गया वहां इतिहास की किताबों में लिखा है और हम सब याद भी करते हैं।
उन्होंने कहा कि सदन में जो भी एक्ट पास होता था उसमें एकाधिकार अंग्रेजों का होता था। निर्णय लेने का अधिकार हासिल करने के लिए देश के सैकड़ों लोगों ने जान दी। भारत दुनिया के कुछ देशों में से एक देश था, जहां महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला। अगर हम सभी को वोट देने की ताकत जो मिली वहां सिर्फ बाबा साहेब अंबेडकर की वजह से मिली। क्योंकि देश का संविधान उन्होंने बनाया था।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सभी विधायकों का बहुत-बहुत स्वागत है जो कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। हमारा सौभाग्य है कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। दिल्ली की जनता का दिल जीत कर हम सदन के अंदर पहुंचे हैं यह हमारी बड़ी जिम्मेदारी है। सदन का सम्मान करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
OBC आरक्षण 23 से बढ़कर हुआ 42, कांग्रेस ने निभाया अपना चुनावी वादा
18 Mar, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेलंगाना: तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार ने राज्य में आरक्षण का दायरा 23 फीसदी से बढ़ाकर 42 फीसदी कर दिया है। इसके लिए तेलंगाना विधानसभा में दो विधेयक पारित किए गए। जिसके तहत सरकारी नौकरियों, शैक्षणिक संस्थानों और शहरी व ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों के लिए 42 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है। विधानसभा से पारित होने के बाद सरकार ने इस विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिया है।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शून्यकाल के बाद सदन में तेलंगाना पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (शैक्षणिक संस्थानों में सीटों का आरक्षण और राज्य के अधीन सेवाओं में पदों पर नियुक्तियों का आरक्षण) विधेयक, 2025 और तेलंगाना पिछड़ा वर्ग (ग्रामीण और शहरी निकायों में सीटों का आरक्षण) विधेयक 2025 पेश किए गए। इसके अलावा सदन में एक और विधेयक पेश किया गया जिसका उद्देश्य पिछड़ी जातियों के लिए उपजाति आरक्षण को मंजूरी देना है। राज्य सरकार ने जाति सर्वेक्षण कराए जाने के कुछ महीने बाद यह कदम उठाया है। इसमें पिछड़ी जातियों की आबादी 56.33 प्रतिशत बताई गई। जिसमें मुस्लिम जाति समूह भी शामिल हैं। भाजपा और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) जैसे विपक्षी दलों ने भी विधानसभा में विधेयक का समर्थन किया।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि पिछली सरकार ने पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 37 प्रतिशत करने का प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा था। लेकिन मौजूदा सरकार पहले के प्रस्ताव को वापस लेकर नया प्रस्ताव भेज रही है। उन्होंने आगे कहा कि सदन के नेता के तौर पर वे पिछड़े वर्गों के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण हासिल करने के प्रयास का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि इस आरक्षण के लिए दबाव बनाने के लिए सभी दलों के नेताओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का स्वागत है। आरक्षण तभी लागू हो सकता है जब केंद्र नए आरक्षण आवंटन को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करे।
रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और बंदी संजय कुमार से भी पीएम मोदी से मिलने का समय मांगने का अनुरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे मिलने का समय मांगा है। बीआरएस ने भी इस विधेयक का समर्थन किया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने आरक्षण के मौजूदा स्वरूप पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जो लागू किया जा रहा है, वह मुस्लिम आरक्षण नहीं है। बल्कि यह मुसलमानों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण है। कांग्रेस को धर्म के आधार पर देश को बांटना बंद करना चाहिए।
संविधान में संशोधन की जरूरत
ओबीसी आरक्षण को विधानसभा से पारित किए जाने के बाद तेलंगाना में आरक्षण की सीमा 62 फीसदी तक पहुंच गई है। यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय 50 फीसदी आरक्षण की सीमा का उल्लंघन है। इस आरक्षण को लागू करने के लिए संविधान में संशोधन और केंद्र सरकार की मंजूरी की जरूरत होगी। देश में सिर्फ तमिलनाडु में ही 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण है। जिसे संविधान की नौवीं अनुसूची के तहत संरक्षण प्राप्त है।
राजनितिक पारी की शुरुआत करने जा रहे CM नितीश कुमार के बेटे निशांत, होली समाहरो पार्टी में हुई कई दिग्गजों से मुलाकात
18 Mar, 2025 01:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार में इन दिनों राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है। हर तरफ इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या राजनीतिक वंशवाद के कड़े आलोचक रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लाने वाले हैं। नीतीश कुमार कई सालों से वंशवाद की राजनीति को लेकर अपने प्रतिद्वंद्वी लालू प्रसाद पर हमला करते रहे हैं। वह उनकी पत्नी, बेटे और बेटियों को राजनीति में आगे बढ़ाने के लिए उनकी आलोचना करते रहे हैं। लेकिन समय के साथ अब नीतीश कुमार खुद अपने बेटे के लिए राजनीति की जमीन तैयार कर रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में नीतीश परिवारवाद के मुद्दे को खो देंगे। आइए जानते हैं कि करीब दो दशक से राजनीतिक चकाचौंध से दूर रहे निशांत कुमार आखिरकार अपने पिता की मदद के लिए मुख्यधारा की राजनीति में कैसे उतर सकते हैं। मीडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के कुछ घटनाक्रमों पर गौर करें तो कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत आगामी विधानसभा चुनाव में चुनावी मैदान में बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं।
होली पर जेडीयू के शीर्ष नेताओं से मिले निशांत
होली पर निशांत कुमार ने जेडीयू के कई वरिष्ठ नेताओं से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात की। यह पहला मौका था जब निशांत इतने बड़े पैमाने पर खुलेआम राजनीतिक हस्तियों से मिले। होली की बधाई देने वाले लोग नीतीश के बाद निशांत के पास भी जा रहे थे। यह पहला मौका था जब नीतीश के बेटे को उनकी मौजूदगी में राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर सक्रिय देखा गया। माना जा रहा था कि नीतीश कुमार पार्टी में निशांत की स्वीकार्यता को भी परख रहे थे। तभी पटना में जनता दल (यूनाइटेड) कार्यालय के बाहर एक बड़ा होर्डिंग लगा, जिसमें उनके बेटे निशांत अपने पिता के साथ थे। पोस्टर में निशांत कुमार को नीतीश कुमार के बगल में प्रमुखता से दिखाया गया था, जिसमें लिखा था, "बिहार की मांग, सुन लीजिए निशांत, बहुत बहुत धन्यवाद।"
राजनीति में निशांत के नेतृत्व की मांग
मोटे तौर पर जेडीयू के नेताओं की ओर से मांग है कि निशांत को जेडीयू में नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए। जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी भी निशांत की राजनीतिक सक्रियता को खारिज नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि निशांत की जेडीयू में क्या भूमिका होगी, यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को तय करना है। जाहिर है, बिहार की मांग से ज्यादा यह जेडीयू नेताओं के एक वर्ग की मांग है, जो शायद नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर विपक्ष के लगातार हमलों से चिंतित हैं। उनका मानना है कि निशांत की भागीदारी पार्टी को मजबूत कर सकती है और नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा सकती है।
मंत्री विजय और संजय झा के साथ निशांत की तस्वीर चर्चा में
होली के दिन की एक तस्वीर भी चर्चा में है। इसमें निशांत मंत्री विजय चौधरी और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा के बीच खड़े हैं। निशांत की इस तस्वीर के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके राजनीतिक प्रवेश को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हरियाणा में भाजपा ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की
18 Mar, 2025 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरुग्राम । हरियाणा में भाजपा ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। पार्टी ने राज्य के कुल 22 जिलों में 27 जिलाध्यक्ष बनाए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है, जब 5 जिलाध्यक्ष अतिरिक्त घोषित किए हैं। बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि इससे संगठन को मजबूत करने में मदद मिलेगी। जारी अधिसूचना में बताया गया है कि पंचकूला के जिलाध्यक्ष अजय मित्तल बने है। इसके अलावा अनिल विज का गढ़ अंबाला जिले में संगठन की कमान मंदीप राणा संभालने वाले है। यमुनानगर से राजेश सपरा को मौका दिया गया है। वहीं कुरुक्षेत्र से सरदार तेजेंद्र गोल्डी पार्टी की कमान संभालने वाले है। कैथल में महिला नेतृत्व चुना गया है। यहां ज्योति सैनी जिलाध्यक्ष होंगी। इसके अलावा करनाल में प्रवीण लाठर, पानीपत में दुष्यंत भट्ट, सोनीपत में अशोक भारद्वाज, गोहाल में बिजेंद्र मलिक जिलाध्यक्ष बनाए गए है। पार्टी ने जो 5 नए जिले बनाए हैं, उसमें हांसी शामिल है, जिसे हिसार से अलग किया गया है। इसके अलावा सोनीपत से अलग गोहाना, सिरसा से अलग डबवाली, फरीदाबाद से अलग बल्लभगढ़, गुरुग्राम से अलग पटौदी जिले बने हैं। ये जिले संगठन की दृष्टि से कामकाज को मजबूत करने के लिए सृजित किए गए हैं। दरअसल गुरुग्राम, सोनीपत, फरीराबाद जैसे जिलों की आबादी काफी घनी है। इसके अलावा सिरसा और हिसार बड़े जिले हैं। इसके बाद कुछ हिस्से को अलग करके संगठन के नजरिए से नए जिले का सृजन किया गया है। अब तक भाजपा यूपी में ऐसी रणनीति पर अमल करती रही है। जैसे गाजियाबाद, नोएडा, कानपुर और लखनऊ जैसे शहरों में जिलाध्यक्ष के अलावा महानगर अध्यक्ष भी बनाए जाते रहे हैं, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग ढंग से काम किया जा सके। भाजपा ने अपनी सूची में ओबीसी समाज को प्राथमिकता दी है। गुर्जर, सैनी, जाट समाज के कई नेताओं को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सरदार गोल्डी को कुरुक्षेत्र की कमान दी गई है।
जेडीयू विधायक नीरज कुमार ने लालू परिवार पर हमला बोला
18 Mar, 2025 09:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। होली पर लालू के लाल तेजप्रताप ने अपने आवास पर पुलिसकर्मी से ठुमके लगवाए थे। इसपर जेडीयू विधायक नीरज कुमार ने लालू परिवार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लालू यादव अपने बड़े बेटे की करतूत पर चुप क्यों हैं। लालू अपने समय में जिस तरह से आईएएस से पीकदान उठवाते थे, अब उनका बेटा भी उसी राह पर है। पुलिसकर्मी से डांस करवा रहा है।
लेकिन बड़ा सवाल ये हैं कि लालू यादव चुप क्यों बैठे हैं। तेजस्वी अपने बड़े भाई के आगे नतमस्तक क्यों है। इस मामले पर दोनों लोग कुछ क्यों नहीं बोल रहे हैं। तेजप्रताप के खिलाफ बोलने की हिम्मत उन दोनों में नहीं है। बिहार में अपराध करने वाले लोग बचते नहीं हैं। लालू जी आप उम्र के चौथे पड़ाव पर हैं। इतनी संपत्ति अर्जित कर ली और अब आप अपने बेटे से भी डर रहे हैं। दरअसल, बिहार में होली के दिन को तेजप्रताप ने अपने आवास पर वर्दी में पुलिसकर्मी को डांस करने के लिए कहा था।
वर्दी में पुलिसकर्मी से ठुमके लगाने का मामला तूल पकड़ने पर तेजप्रताप ने लिखा कि बुरा न मानो होली है...आपसी भाईचारे के इस पर्व को भी बीजेपी और आरएसएस के साथ ही इनकी ये गोदी मीडिया ने होली में आज नफरत का एक नया रंग दे दिया है। पुलिस वाले भाई हो या कोई विरोधी दल के नेता सबसे भाईचारे और उत्साह के साथ बुरा न मानो होली पर्व मनाने पर भी सियासत करना यही इनका धर्म बन चुका है। देश की जनता जल्द इन्हें सबक सिखाएगी।
पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने संजय राउत पर तीखा हमला किया
18 Mar, 2025 08:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने संजय राउत पर तीखा हमला किया है। दरअसल सोमवार को संजय राउत ने औरंगजेब की कब्र को मराठों के शौर्य का प्रतीक बताते हुए इसे कभी नहीं हटाने की बात कही थी। इस पर आचार्य प्रमोद कृष्णण की प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रमोद कृष्णम ने कहा, 1947 में भारत को तोड़ने का एक ख्वाब मोहम्मद अली जिन्ना ने देखा था। उसी तरह का एक ख्वाब राहुल गांधी के साथ मिलकर संजय राउत देख रहे हैं। राहुल गांधी का जो राहू है वो उद्धव ठाकरे और उनके परिवार पर आ गया है।
पूर्व कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि सजंय राउत राहुल गांधी के साथ मिलकर देश को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें लगता है कि भारत की जनता उनके मंसूबों को समझ चुकी है और उन्हें कभी समर्थन नहीं करेगी। मालूम हो कि प्रमोद कृष्णम लंबे समय तक कांग्रेस में थे। लेकिन पिछले साल भाजपा से नजदीकी के बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था।
सोमवार को संजय राउत ने कहा, औरंगजेब की कब्र शौर्य का प्रतीक है। कभी टूटनी नहीं चाहिए। छत्रपति शिवाजी महाराज ने औरंगजेब से इतना बड़ा युद्ध किया। उनके बाद भी औरंगजेब 25 साल तक लड़ता रहा लेकिन कभी जीत नहीं सका। महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र है। यह मराठों के शौर्य का प्रतीक है।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक और नया विवाद
17 Mar, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । महाराष्ट्र की राजनीति में एक और नया विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से कर दी है। कांग्रेस नेता सपकाल के बयान ने सभी को चौंका दिया है।उन्होंने सीएम फडणवीस को औरंगजेब जैसा क्रूर बताया है। सपकाल ने कहा कि औरंगजेब एक क्रूर शासक था। औरंगजेब ने अपने पिता को जेल में डाला, खुद के बड़े भाई की हत्या की और भाई का सिर काटकर पूरे दिल्ली में घुमाया। उन्होंने कहा कि उसने खुद के छोटे भाई को पागल करार देकर मार डाला। समय-समय पर सिर्फ धर्म का इस्तेमाल करता था, वह कभी हज के लिए भी नहीं गया। औरंगजेब धर्म का इस्तेमाल सिर्फ़ अपने स्वार्थ के लिए करता था।
सपकाल ने कहा कि आज के समय में फडणवीस भी उतने ही क्रूर हैं। वे हमेशा धर्म का सहारा लेते हैं। साथ ही, उन्होंने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह औरंगजेब के समय में अत्याचार होते थे, ठीक उसी तरह आज महाराष्ट्र में भी हो रहे हैं। वहीं बीजेपी ने कांग्रेस नेता सपकाल के बयान की कड़ी निंदा की है। बीजेपी ने कहा है कि यह बयान गैरजिम्मेदाराना है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष सपकाल का बयान बेहद बचकाना, महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति को कलंकित कर देने वाला है उन्होंने कहा कि औरंगजेब एक क्रूर, अत्याचारी शासक था, उसने हिंदू धर्म और हिंदुस्तान की अस्मिता पर चोट पहुंचाई। इसतरह के शासक की तुलना महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस जैसे लोकतांत्रिक और सक्षम नेता से करना सूरज पर थूकने की कोशिश करने जैसा है उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने धर्म के नाम पर हिंदुओं का शिकार किया, मंदिर तोड़े और टैक्स लगाए।
होली खेलने पर देवबंदी उलेमा की नसीहत पर कांग्रेस सांसद ने दिया जवाब
17 Mar, 2025 07:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के होली खेलने पर देवबंदी उलेमा ने उन्हें नसीहत दी है। इस पर मसूद ने कहा कि उनके और अल्लाह के रिश्ते में किसी की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे। सांसद मसूद ने आतंकवाद और औरंगजेब पर अबू आजमी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। बता दें होली पर इमरान मसूद ने अपने समर्थकों के साथ होली खेली थी। इस पर देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने ने कहा था कि शरीयत के खिलाफ कोई काम नहीं करना चाहिए। मसूद ने इस पर कहा कि उन्हें किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह सियासत करते हैं और उनके फैसले सियासी ही होंगे।
मौलाना कारी इसहाक गोरा ने एक वीडियो जारी कर कहा कि मुसलमान होने के नाते हमें शरीयत का पालन करना चाहिए। भाईचारा बढ़ाने के और भी तरीके हैं, गैर-इस्लामी रस्में मनाना जरूरी नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे काम करने वालों को तौबा करनी चाहिए। गोरा ने मसूद का नाम लिए बिना यह बात कही थी। इमरान मसूद ने गोरा के बयान पर कहा कि ला इलाहा इल अल्लाह मोहम्मद रसूलल्लाह कहने के बाद न मुझे किसी को कुछ साबित करने की जरूरत है। मेरे और अल्लाह के बीच मुझे किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। यह अल्लाह का काम है कि मुझे क्या सजा देनी है।
इमरान मसूद ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों की जान लेते हैं, उन्हें जिंदा रहने का कोई हक नहीं। मसूद ने औरंगजेब पर अबू आजमी के बयान पर कहा कि मैंने अबू आजमी का बयान नहीं सुना है, लेकिन जिस तरह की चर्चा मीडिया में हो रही है, मुझे लगता है कि किसी को भी अधूरा ज्ञान नहीं रखना चाहिए। पहले उन्हें पूरा ज्ञान लेना चाहिए। मैं ये पूछना चाहता हूं कि अगर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री एफआईआर की मांग कर रहे हैं, तो क्या वहां की सरकार इतनी कमजोर है कि इन्हें पूछना पड़ रहा है?
हालांकि, वे किस बात के लिए देशद्रोह कहेंगे, क्या औरंगजेब बादशाह नहीं था? वो पूरे 49 साल तक हिंदुस्तान का बादशाह रहा। मसूद ने कहा कि लोगों को पूरा ज्ञान होना चाहिए, तभी बयान देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि औरंगजेब 49 साल तक बादशाह रहा, तो उसके बारे में बयान देने पर देशद्रोह कैसे लग सकता है?
तमिलनाडु भाजपा के प्रमुख समेत कई बड़े बीजेपी नेता पुलिस हिरासत में, DMK पर भी बड़ा आरोप
17 Mar, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने आ गई है। बीजेपी ने सरकारी शराब खुदरा दुकानों (TASMAC) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। हालांकि, इससे पहले सोमवार को पुलिस ने तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई समेत पार्टी के कई पदाधिकारियों को हिरासत में लिया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने 1,000 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं के खिलाफ शहर में TASMAC के मुख्यालय पर धरना देने की घोषणा की थी। आपको बता दें कि हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस कथित घोटाले के बारे में दावा किया है। पुलिस ने सोमवार को अन्नामलाई को उनके समर्थकों के साथ उनके घर के पास से हिरासत में लिया।
क्या है ED का आरोप?
ED का दावा है कि TASMAC के प्रबंधन में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। इसमें टेंडर प्रक्रियाओं में हेराफेरी और डिस्टिलरी कंपनियों के जरिए 1,000 करोड़ रुपये का बेहिसाब नकद लेनदेन शामिल है। केंद्रीय एजेंसी ईडी ने दावा किया था कि उसे 6 मार्च को टीएएसएमएसी कर्मचारियों, डिस्टिलरी कार्यालयों और प्लांटों पर छापेमारी के बाद यह सबूत मिले हैं।
भाजपा विरोध जारी रखेगी-अन्नामलाई
अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि पुलिस ने तमिलिसाई सुंदरराजन समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को नजरबंद कर दिया है। इसके अलावा पार्टी की महिला मोर्चा प्रमुख और कोयंबटूर दक्षिण से विधायक वनथी श्रीनिवासन, पार्टी नेता विनोज पी सेल्वम और अमर प्रसाद रेड्डी जैसे अन्य पदाधिकारियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। अन्नामलाई ने कहा है कि टीएएसएमएसी में 1000 करोड़ रुपये की अनियमितताएं हुई हैं। भाजपा इस मामले पर विरोध जारी रखेगी।
पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पूर्व पार्टी पर साधा निशाना, कहा- दूसरा पाकिस्तान बनाना चाहते हैं संजय राउत और राहुल गांधी
17 Mar, 2025 04:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस के पूर्व नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम पार्टी छोड़ने के बाद से ही लगातार कांग्रेस और राहुल गांधी समेत सभी विपक्षी दलों पर निशाना साध रहे हैं। अब उन्होंने एक बार फिर राहुल गांधी और शिवसेना सांसद संजय राउत पर बड़ा हमला बोला है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आरोप लगाया है कि संजय राउत और राहुल गांधी भारत को तोड़कर दूसरा पाकिस्तान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
उद्धव के परिवार और पार्टी पर राहुल का राहु- आचार्य प्रमोद
राहुल गांधी और संजय राउत पर हमला बोलते हुए कांग्रेस के पूर्व नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा- "मोहम्मद अली जिन्ना ने 1947 में भारत को तोड़ने का सपना देखा था। संजय राउत भी राहुल गांधी के साथ मिलकर ऐसा ही सपना देख रहे हैं। राहुल गांधी के साथ रहते हुए राहुल गांधी का राहु उद्धव ठाकरे के परिवार और पार्टी पर आ गया है।" राउत राहुल को पीएम बनाना चाहते हैं- आचार्य प्रमोद:
पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा- "संजय राउत राहुल गांधी के साथ मिलकर इस देश को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि भारत की जनता उनके इरादों को समझ चुकी है और अब उन्हें कभी समर्थन नहीं मिलेगा। इसलिए वह चाहते हैं कि दूसरा पाकिस्तान बने और वह राहुल गांधी को दूसरे पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं।"
राहुल गांधी बार-बार वियतनाम क्यों जा रहे हैं?- भाजपा
दूसरी ओर, भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने दावा किया है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र से ज्यादा समय वियतनाम में बिता रहे हैं। उन्होंने कहा- "राहुल गांधी नए साल के दौरान भी दक्षिण-पूर्व एशियाई देश में थे और उन्होंने वहां करीब 22 दिन बिताए। एक बार फिर वह वियतनाम गए हैं। उन्होंने कहा कि गांधी विपक्ष के नेता हैं और उन्हें भारत में उपलब्ध रहना चाहिए। राहुल गांधी को वियतनाम के प्रति अपने असाधारण लगाव के बारे में बताना चाहिए। उनका बार-बार उस देश का दौरा करना बेहद आश्चर्यजनक है।" वहीं, कांग्रेस ने भाजपा पर राहुल गांधी के निजी दौरे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने तर्क दिया कि एक व्यक्ति के रूप में उन्हें विदेश यात्रा करने का अधिकार है।
भाजपा ने यूपी में जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्षों के नाम किए घोषित
17 Mar, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी है। रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों और महानगरों के नए अध्यक्षों के नाम घोषित किए गए। घोषित नामों में विजय मौर्य को भाजपा जिलाध्यक्ष लखनऊ बनाया गया है। वे इससे पहले महामंत्री के पद पर थे। इसी प्रकार महानगर अध्यक्ष पद पर आनंद द्विवेदी को फिर से चुना गया है।
प्रदेश के अन्य जिलों में की गईं प्रमुख नियुक्तियां :
जिला/महानगर नया अध्यक्ष
इटावा अरुण कुमार गुप्ता (अन्नू)
रामपुर हरीश गंगवार
फिरोजाबाद सतीश दिवाकर (महानगर अध्यक्ष)
आगरा राजकुमार गुप्ता (महानगर अध्यक्ष)
कन्नौज वीर सिंह भदौरिया (पुन: जिलाध्यक्ष)
मथुरा निर्भय पांडेय (दूसरी बार जिलाध्यक्ष)
मथुरा राजू यादव (महानगर अध्यक्ष)
कानपुर देहात रेणुका सचान (पहली महिला जिलाध्यक्ष)
उन्नाव अनुराग अवस्थी (पूर्व जिला उपाध्यक्ष)
बताया जा रहा है कि भाजपा ने ब्राह्मण, पिछड़ा वर्ग और अन्य जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर ये नियुक्तियां की हैं। इसके साथ ही महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन देने रेणुका सचान को पहली महिला जिलाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी दी गई। कई पुराने और अनुभवी कार्यकर्ताओं को दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई।
युवा और छात्र राजनीति से आए नेता: कई नए जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े रहे हैं। भाजपा की यह नई टीम आगामी चुनावों के मद्देनजर संगठन को और मजबूत करने का काम करेगी।
निशांत जल्द जेडीयू में शामिल होंगे...
17 Mar, 2025 10:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री की अटकलें तेज हो गई हैं। दरअसल, होली के मौके पर निशांत काफी एक्टिव नजर आए। शनिवार शाम सीएम आवास पर आयोजित होली मिलन समारोह में निशांत अपने पिता के साथ जेडीयू के सीनियर नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते दिखे। इस दौरान जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और सीनियर लीडर मंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ निशांत ने लंबी बातचीत की।
वहीं, जेडीयू के कार्यकर्ताओं ने पार्टी ऑफिस पर निशांत के स्वागत वाले कई पोस्टर लगाए हैं। जदयू कार्यकर्ताओं का दावा है कि निशांत ने पॉलिटिक्स में एंट्री के लिए अपनी सहमति दे दी है। होली के दिन कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात में उन्होंने हामी भरी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अब नीतीश कुमार को फैसला लेना है। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह जनता दल यूनाइटेड है यहां का संस्कार आरजेडी जैसा नहीं है। यहां सब कुछ आधिकारिक तौर पर होता है। एक-दो दिन का इंतजार करिए- निशांत औपचारिक तौर पर जदयू में शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेक्स फ्रिडमैन के साथ इंटरव्यू में कहा- मेरी ताकत हैं 1.4 अरब भारतीय
17 Mar, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लेक्स फ्रिडमैन के साथ 3 घंटे के इंटरव्यू में कहा कि मेरी ताकत मेरे नाम में नहीं बल्कि 1.4 अरब भारतीयों और देश की कालातीत संस्कृति और विरासत के समर्थन में निहित है। जब मैं विश्व के नेताओं से हाथ मिलाता हूं, तो ऐसा मोदी नहीं बल्कि 1.4 अरब भारतीय करते हैं। पीएम ने कहा कि जब भी हम शांति की बात करते हैं, तो दुनिया हमारी बात सुनती है, क्योंकि भारत गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी की भूमि है। मैंने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान को आमंत्रित किया था, ताकि एक नया अध्याय शुरू कर सकूं, लेकिन शांति के हर प्रयास का सामना दुश्मनी और विश्वासघात से हुआ।पीएम ने कहा कि पाकिस्तान के लोग शांति चाहते हैं। हम पूरी ईमानदारी से आशा करते हैं कि पाकिस्तान को एक दिन सद्बुद्धि आएगी और वह शांति का रास्ता अपनाएगा। अपनी आलोचना के सवाल पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- मैं किसी भी तरह की आलोचना का स्वागत करता हूं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह लोकतंत्र की आत्मा है।
पाकिस्तान के लोग आतंक में रहने से थक गए होंगे
मोदी ने पाकिस्तान से शांति के सवाल पर कहा कि 2014 में मैं जब पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाला था तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को विशेष रूप से आमंत्रित किया था। उम्मीद थी कि दोनों देश एक नया अध्याय शुरू करेंगे। यह दशकों में किसी भी तरह का अनूठा कूटनीतिक इशारा था। वही लोग जो कभी विदेश नीति के प्रति मेरे दृष्टिकोण पर सवाल उठाते थे, वे तब हैरान रह गए जब उन्हें पता चला कि मैंने सभी सार्क राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया है। हालांकि शांति का हर नेक प्रयास का सामना दुश्मनी और विश्वासघात से हुआ। पाकिस्तान के लोग शांति चाहते हैं। वे भी संघर्ष, अशांति और निरंतर आतंक में रहने से थक गए होंगे। हम पूरी ईमानदारी से आशा करते हैं कि पाकिस्तान को एक दिन सद्बुद्धि आएगी और वह शांति का मार्ग अपनाएगा। हमारे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने संस्मरण में उस ऐतिहासिक इशारे का वर्णन किया है। उन्होंने कहा- यह इस बात का प्रमाण है कि भारत की विदेश नीति कितनी स्पष्ट और आत्मविश्वासी हो गई है। इसने दुनिया को शांति और सद्भाव के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के बारे में एक स्पष्ट संदेश दिया, लेकिन हमें वांछित परिणाम नहीं मिले।
महात्मा गांधी की गो-रक्षा की इच्छा थी
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे यहां महात्मा गांधी की गो-रक्षा की इच्छा थी। उसको लेकर आंदोलन चल रहा था। उस समय पूरे देश में एक दिन का व्रत करने का कार्यक्रम था। हम तो बच्चे थे, प्राइमरी स्कूल से निकला था। मुझे भी व्रत रखना था। उस उम्र में मुझे नई एनर्जी मिल रही थी। मुझे लगा कि ये कोई साइंस है। धीरे-धीरे इसके बारे में और समझता गया। मैंने देखा है कि उपवास के दौरान मुझे अगर कहीं अपने विचारों को व्यक्त करना है। तो मैं हैरान हो जाता हूं कि ये विचार कहां से आते हैं। कैसे निकलते हैं।
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