राजनीति
वोट चोरी रोकने के लिए कांग्रेस का 5 चुनिंदा लोकसभा सीटों पर पायलट कार्यक्रम
21 Sep, 2025 09:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: कांग्रेस ने पांच चुनिंदा लोकसभा सीटों पर 'वोट रक्षक' नामक एक पायलट परियोजना शुरू की है. जहां पार्टी के उम्मीदवार 2024 के चुनावों में मामूली अंतर से हार गए थे या संदेह है.
पायलट कार्यक्रम उस राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है जिसे कांग्रेस ने भाजपा द्वारा कथित तौर पर वोट चोरी या मतदाता सूची में हेराफेरी के खिलाफ लड़ने के लिए शुरू किया है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया था.
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, 'वोट रक्षक' न केवल 2024 के राष्ट्रीय चुनावों का विश्लेषण करेंगे, बल्कि बूथ स्तर पर यह भी सुनिश्चित करेंगे कि असली मतदाताओं के नाम न तो फर्जी तौर पर जोड़े जाएँ और न ही काटे जाएँ. अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि बाद में इस कार्यक्रम का विस्तार अन्य सीटों पर भी किया जाएगा.
चयनित लोकसभा सीटें राजस्थान में जयपुर ग्रामीण और अलवर, छत्तीसगढ़ में कांकेर, मध्य प्रदेश में मुरैना और उत्तर प्रदेश में बांसगांव हैं. अलवर को छोड़कर, जहां भाजपा उम्मीदवार की जीत का अंतर 48000 वोटों से अधिक था और मुरैना में जहां अंतर 52000 वोटों का था, अन्य तीन सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवार कुछ हजार वोटों से हार गए.
पायलट परियोजना को सुविधाजनक बनाने तथा उपलब्ध मतदाता सूचियों की हार्ड कॉपी के समय लेने वाले विश्लेषण के लिए सभी पांच संसदीय सीटों में से एक सैंपल विधानसभा क्षेत्र का चयन किया जाएगा, ताकि विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा सके. साथ ही 'वोट रक्षकों' की निगरानी भी की जा सके.
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के राजस्थान प्रभारी सचिव चिरंजीव राव ने ईटीवी भारत को बताया, 'हमने अध्ययन के लिए जयपुर ग्रामीण और अलवर लोकसभा सीटों के अंतर्गत आने वाली झोटवाड़ा और अलवर शहर विधानसभा सीटों की पहचान की है. जोतवाड़ा को इसलिए चुना गया है क्योंकि वहां भाजपा को 1 लाख से अधिक वोटों की बढ़त मिली थी. संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अन्य विधानसभा सीटों पर हमारे उम्मीदवार को बढ़त थी, लेकिन इस एक सीट ने पूरा परिणाम बदल दिया. हमारा उम्मीदवार मात्र 1615 वोटों से हार गया. इससे हमारे मन में संदेह पैदा हुआ.'
उन्होंने कहा, 'हमने अलवर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत अलवर शहर विधानसभा सीट को चुना है, क्योंकि हमें संदेह है कि वोटों की चोरी मुख्य रूप से शहरी इलाकों में हुई है. दोनों जगहों पर 'वोट रक्षक' तैनात किए जा रहे हैं. वे बूथ स्तर पर काम करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि मतदाता सूची में कोई भी असली नाम न हटाया जाए या कोई भी फर्जी नाम न जोड़ा जाए. वे 2024 के चुनाव परिणामों का भी विश्लेषण करेंगे.'
राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस ने 8 और भाजपा ने 14 सीटें जीती. जयपुर ग्रामीण सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अनिल चोपड़ा भाजपा के राव राजेंद्र सिंह से मात्र 1615 वोटों से हार गए. अलवर में कांग्रेस उम्मीदवार ललित यादव भाजपा के भूपेंद्र यादव से 48282 वोटों से हार गए.
छत्तीसगढ़ में भाजपा ने 11 में से 10 लोकसभा सीटें जीती, जबकि कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली. कांकेर संसदीय सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार बीरेश ठाकुर भाजपा के भोजराज नाग से सिर्फ 1884 वोटों से हार गए. छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रमुख दीपक बैज ने ईटीवी भारत को बताया, 'हमें कई सीटों से वोट चोरी की खबरें मिली हैं, लेकिन कांकेर की निश्चित रूप से विस्तार से जांच की जाएगी. चुनाव के दौरान वहां से कई शिकायतें मिली थी.
मध्य प्रदेश में बीजेपी ने सभी 29 लोकसभा सीटें जीत ली. मुरैना में कांग्रेस प्रत्याशी सत्यपाल सिकरवार भाजपा के शिवमंगल सिंह तोमर से 52,530 वोटों से हार गए थे. उत्तर प्रदेश की कुल 80 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस ने 6 सीटें जीती थी और भाजपा को 33 सीटें मिली. बांसगांव सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार सदल प्रसाद भाजपा के कमलेश पासवान से मात्र 3150 वोटों से हार गए.
मतगणना के दौरान सदल प्रसाद ने कथित अनियमितताओं को लेकर आत्मदाह की धमकी भी दी थी. उसी रात राहुल गांधी ने उनसे फोन पर बात की थी. अंदरूनी सूत्रों के अनुसार कुछ दिनों बाद कांग्रेस ने बांसगांव लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली सभी पाँच विधानसभा सीटों पर पुनर्मतगणना की माँग की थी.
एआईएमआईएम की आक्रामक छवि, राजद-कांग्रेस के लिए बड़ा खतरा, ओवैसी से दूरी बनाए रखना जरूरी
20 Sep, 2025 02:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया है। 2020 में ओवैसी की पार्टी ने सीमांचल की 5 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था, हालांकि चार विधायक टूटकर राजद खेमे में चले गए थे।
ओवैसी ने दावा किया कि उन्होंने इंडिया ब्लॉक से तीन-तीन बार संपर्क किया और 6 सीटों पर चुनाव लड़ने की पेशकश की, जिसमें मंत्री पद की कोई मांग भी नहीं थी। बावजूद इसके, राजद ने उन्हें ‘बी-टीम’ करार देते हुए गठबंधन में शामिल नहीं किया।
तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि जब उनके चार विधायक राजद में आए, तो कोई आपत्ति नहीं हुई, लेकिन भाजपा या शिवसेना के विधायकों को लेने पर हंगामा मच गया।
एआईएमआईएम बिहार प्रमुख अख्तरुल ईमान ने कहा कि गठबंधन के कई प्रयास किए गए, लेकिन इंडिया ब्लॉक ने इस बार उन्हें चुनाव नहीं लड़ने देने का संकेत दिया। ओवैसी का कहना है कि मुस्लिम वोटों का बंटवारा रोकने के लिए गठबंधन में उनकी एंट्री जरूरी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ओवैसी की आक्रामक छवि हिंदू वोट को एकजुट कर सकती है, जिससे इंडिया ब्लॉक को नुकसान होगा। साथ ही, एआईएमआईएम के साथ गठबंधन से भाजपा को चुनावी मुद्दा मिल सकता है और मुस्लिम वोट बैंक भी ओवैसी की पार्टी की ओर आकर्षित हो सकता है।
इसी कारण बिहार में राजद और कांग्रेस फिलहाल ओवैसी से दूरी बनाए रखना चाहते हैं, ताकि बड़ा वोट बैंक हाथ से न निकल जाए।
जेल से बाहर आने के बाद आजम खान परिवार की अगली रणनीति पर सियासी निगाहें
20 Sep, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। लेकिन रामपुर की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने शत्रु संपत्ति मामले में उनके खिलाफ 3 नई धाराएँ जोड़ दी हैं, जिससे जेल से बाहर आने में समय लग सकता है।
इस बीच आजम खान परिवार और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच नाराजगी की खबरें चर्चा में हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने हाल ही में फोन पर आजम परिवार से बात की थी। इसके अलावा बसपा और अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी आजम परिवार से संपर्क में हैं।
हालांकि, आजम खान और सपा के रिश्ते बहुत गहरे हैं। सूत्रों का कहना है कि जेल से बाहर आने के बाद भी आजम खान पार्टी छोड़ने का निर्णय तुरंत नहीं लेंगे। अब्दुल्लाह आजम, आजम खान के बेटे, अखिलेश यादव से नाराज हैं और अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
सपा के भीतर यह प्रयास जारी है कि आजम परिवार और सैफई परिवार के बीच कोई दरार न पड़े। पिछले अनुभवों के आधार पर, आजम खान पहले भी सपा छोड़ चुके हैं, लेकिन बड़े ऑफर मिलने के बावजूद किसी अन्य दल में शामिल नहीं हुए और सपा में मजबूत वापसी की।
अगले कुछ हफ्तों में यह स्पष्ट होगा कि जेल से रिहाई के बाद आजम खान और उनका परिवार राजनीतिक दिशा में क्या कदम उठाते हैं। इस बार फैसले में अब्दुल्लाह आजम की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।
50 साल में 40% से 5% पर सिमट गया भारतीय शिपिंग व्यापार: मोदी
20 Sep, 2025 01:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भावनगर (गुजरात)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात दौरे पर भावनगर पहुंचे। यहां उन्होंने भव्य रोड शो किया और ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम में 34,200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनने के लिए आत्मनिर्भर होना ही होगा।
उन्होंने कहा - “दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है, लेकिन अगर कोई सच्चा दुश्मन है तो वह है हमारी विदेशी निर्भरता। जितनी ज्यादा निर्भरता, उतनी बड़ी विफलता। चिप हो या शिप... हमें भारत में ही बनाने होंगे।”
कांग्रेस पर हमला
पीएम मोदी ने कांग्रेस सरकारों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस ने भारत की ताकतों को नजरअंदाज किया और देश को लाइसेंस-कोटा राज में उलझाए रखा। इससे भारतीय नौजवानों का बहुत नुकसान हुआ और भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पिछड़ गया।
शिपिंग पर बड़ा बयान
मोदी ने कहा कि 50 साल पहले भारत का 40% व्यापार अपने जहाजों से होता था, लेकिन कांग्रेस सरकारों की नीतियों से यह घटकर सिर्फ 5% रह गया। अब भारत को अपने 95% व्यापार के लिए विदेशी जहाजों पर निर्भर रहना पड़ता है।
पीएम मोदी बोले - “आज हर साल 75 अरब डॉलर यानी लगभग 6 लाख करोड़ रुपये विदेशी शिपिंग कंपनियों को किराए में जाते हैं। यह रकम भारत के रक्षा बजट के बराबर है। अगर पहले की सरकारों ने ध्यान दिया होता तो आज दुनिया भारत में बने जहाजों से व्यापार कर रही होती।”
उन्होंने कहा कि सरकार ने अब बड़े जहाजों को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आने वाले वर्षों में समुद्री क्षेत्र के विकास पर 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे।
आत्मनिर्भर भारत ही इलाज
पीएम मोदी ने दोहराया कि 2047 तक विकसित भारत का सपना आत्मनिर्भरता के बिना संभव नहीं है। “100 दुखों की एक ही दवा है और वह है आत्मनिर्भर भारत। हमें चुनौतियों से टकराना होगा और देश को आत्मनिर्भर बनाकर दुनिया के सामने खड़ा करना होगा।”
सेवा पखवाड़ा और नवरात्रि
मोदी ने सेवा पखवाड़ा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पूरे देश में रक्तदान और स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं। “अब तक एक लाख लोग ब्लड डोनेशन कर चुके हैं। गुजरात में भी सैकड़ों जगहों पर कार्यक्रम हुए।”
उन्होंने कहा कि नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही जीएसटी में कमी के चलते बाजारों में रौनक और बढ़ी है।
बराबर का बंटवारा चाहिए, राजद अड़ा - कांग्रेस
20 Sep, 2025 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज हो गई है। कांग्रेस अपनी मजबूत सीटों पर दावा ठोक रही है, जिससे राजद की बेचैनी बढ़ गई है। कांग्रेस चाहती है कि बंटवारा संतुलित और बराबरी का हो, जबकि राजद उसे कम सीटें देने पर अड़ा हुआ है।
असली पेच: मजबूत और कमजोर सीटों की पहचान
महागठबंधन में सीटों की लड़ाई का असली पेच मजबूत और कमजोर सीटों की पहचान को लेकर है। कांग्रेस ने अब अपनी कमजोर सीटों की पहचान कर ली है और साफ कर दिया है कि सिर्फ कमजोर सीटें थमाने का खेल अब नहीं चलेगा।
कुटुंबा विधानसभा इसका ताजा उदाहरण है। यहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम लगातार दो बार जीत चुके हैं, फिर भी राजद ने सुरेश पासवान का नाम आगे कर दिया। यही स्थिति आधी से ज्यादा सीटों पर है।
कांग्रेस बनाम राजद की पसंद
कांग्रेस का कहना है कि पिछली बार उसके खराब प्रदर्शन की बड़ी वजह 43 कमजोर सीटें थीं। इस बार वह ऐसी सीटों को छोड़कर मजबूत विकल्पों पर दावा कर रही है।
राजद भी अपनी पिछली 52 हारी हुई सीटों को कमजोर मानता है, लेकिन उनमें से करीब एक दर्जन पर कांग्रेस दावा ठोक रही है। वजह – वहां सामाजिक समीकरण और संभावित मजबूत उम्मीदवार।
कांग्रेस की उम्मीदें, राजद की रणनीति
कांग्रेस चाहती है कि इस बार उसे 60 सीटें मिलें। लेकिन राजद उसे 50 पर रोकने की रणनीति बना रहा है। वाम दलों और छोटे सहयोगियों (वीआईपी, रालोसपा, झामुमो) को भी करीब 30 सीटें चाहिए, ऐसे में खींचतान और गहरी हो रही है।
पिछली बार राजद ने मुस्लिम-यादव और ग्रामीण बहुल सीटें अपने पास रखीं, जबकि कांग्रेस को शहरी इलाकों की सीटें थमा दीं, जहां एनडीए मजबूत था। नतीजा, कांग्रेस बुरी तरह हार गई।
सवर्ण और अति-पिछड़ा वर्ग वाली सीटें कांग्रेस की कमजोर कड़ी
कांग्रेस की हालत सवर्ण और अति-पिछड़ा वर्ग की बहुलता वाली सीटों पर बेहद खराब रही है। अब वह ऐसी करीब 18 सीटों की मांग कर रही है, जिनमें से 14 पर पिछली बार महागठबंधन हारा था। इनमें 12 सीटें राजद के खाते की हैं।
उदाहरण के लिए, मोहनिया सीट पर पिछली बार राजद की संगीता कुमारी जीती थीं, लेकिन अब वह भाजपा में शामिल हो गई हैं। कांग्रेस यहां अपनी दावेदारी मजबूत मान रही है। इसी तरह बनियापुर में भी दोनों दलों की पसंद टकरा रही है।
सीटों की स्थिति
राजद: 92 मजबूत सीटें (75 जीतीं, 17 करीबी हार), बाकी 52 कमजोर।
कांग्रेस: 27 मजबूत (19 जीतीं, 8 करीबी हार), बाकी 43 कमजोर।
माले: 14 मजबूत (12 जीतीं, 2 करीबी हार), बाकी 7 कमजोर।
भाकपा-माकपा: 3-3 मजबूत (2 जीतीं, 1 करीबी हार)।
पिछली बार का बंटवारा (2020)
राजद 144, कांग्रेस 70, माले 19, भाकपा 6 और माकपा 4 सीटों पर लड़ी थी। वीआईपी तब एनडीए में थी और उसके 11 प्रत्याशियों में से 4 जीते थे।
बाला साहब के ‘प्रिय सहयोगी’ होने के बावजूद दिघे पार्टी के उपनेता तक नहीं थे
19 Sep, 2025 11:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने पार्टी के दिवंगत नेता आनंद दिघे के बारे में कथित अपमानजनक बयान देने के विरोध में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत का पुतला फूंका है। यह विरोध प्रदर्शन दिघे के स्मारक और पूर्व में कार्यालय रहे आनंद आश्रम पर किया गया। दिघे अविभाजित शिवसेना की ठाणे जिला इकाई के प्रमुख नेता थे और उन्हें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे का मार्गदर्शक माना जाता है।
इससे पहले पीएम मोदी को उनके जन्मदिन की बधाई देने के लिए शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी ने एक अखबार के विज्ञापन पर टिप्पणी करते हुए संजय राउत ने कहा था कि इसमें शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की एक छोटी सी तस्वीर थी और उनके बगल में दीघे की तस्वीर थी, जो पार्टी की जिला इकाई के प्रमुख थे। राउत ने कहा कि एक ‘प्रिय सहयोगी’ होने के बावजूद दिघे पार्टी के उपनेता तक नहीं थे और पूछा कि क्या शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना अब उनकी तुलना ठाकरे से कर रही है।
दिघे को शिवेसना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का राजनीतिक गुरु माना जाता है। कहा जाता है कि साल 1997 में हुए ठाणे नगर निगम चुनाव में उन्होंने एकनाथ शिंदे को जिताने में मदद की थी। साथ ही जब एक हादसे में शिंदे के बच्चों का निधन हो गया था, तब दिघे ही उनके साथ खड़े रहे थे और मदद की थी। साल 2001 में वह एक सड़क हादसे का शिकार हो गए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई थी।
लहजा बता रहा है कि स्वामी प्रसाद घर वापसी के लिए हो रहे हैं बेचैन
19 Sep, 2025 09:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में कभी ओबीसी समाज के बड़े नेता माने जाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य इन दिनों अपने सियासी भविष्य की तलाश में बेचैन नज़र आ रहे हैं। बसपा छोड़कर भाजपा और फिर सपा का दामन थामने के बाद मौर्य ने अपनी अलग पार्टी बनाई, लेकिन अपेक्षित राजनीतिक ज़मीन हासिल नहीं कर पाए। अब उनके तेवर इशारा कर रहे, कि वह दोबारा बसपा में लौटने की कोशिश कर रहे हैं।
दरअसल ग़ाज़ीपुर में गुरुवार को आयोजित सभा में मौर्य ने भाजपा और सपा दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दोनों दल एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं और दोनों ने ही गुंडाराज और लूट को बढ़ावा दिया। दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने बसपा को लेकर कोई आलोचना नहीं की, बल्कि मायावती की तारीफ़ करते हुए उन्हें अब तक का सबसे बेहतर मुख्यमंत्री तक बता दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वामी प्रसाद मौर्य की यह नरमी उनकी ‘घर वापसी’ की तैयारी है। खुद मौर्य ने भी कहा है कि अगर मायावती बाबासाहेब आंबेडकर के मिशन पर लौटती हैं, तो उन्हें बसपा से हाथ मिलाने में कोई आपत्ति नहीं होगी। दरअसल, सपा छोड़ने के बाद मौर्य का राजनीतिक प्रभाव लगातार कमज़ोर हुआ है। उनकी परंपरागत सीट ऊँचाहार में बाबू सिंह कुशवाहा ने सक्रियता बढ़ाकर मौर्य समाज को बांट दिया है। इससे उनकी स्थिति और कमजोर हो गई है। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि क्या मायावती उन्हें दोबारा पार्टी में जगह देंगी। बसपा सूत्रों का कहना है कि मौर्य ने पार्टी छोड़ने के बाद मायावती और संगठन पर तीखे हमले किए थे, जिसके चलते वापसी आसान नहीं होगी। उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य ने भी हाल ही में मायावती से मुलाक़ात की थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस संकेत नहीं मिले हैं। ऐसे में साफ़ है कि स्वामी प्रसाद मौर्य अपनी सियासी ज़मीन बचाने के लिए बसपा को एकमात्र ठिकाना मान रहे हैं। अब देखना यह है कि मायावती उन्हें दोबारा हाथी पर सवार होने का मौका देती हैं या नहीं।
राहुल गांधी भारत को गृह युद्ध में फंसाना चाहते, उनका बयान उनकी हताशा और निराशा दिखाता : केंद्रीय मंत्री
19 Sep, 2025 07:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी भारत को गृह युद्ध में फंसाना चाहते हैं। केंद्रीय मंत्री सिंह ने यह टिप्पणी राहुल गांधी के उस बयान के जवाब में की, जिसमें राहुल गांधी ने कहा था कि देश के युवा और छात्र वोट चोरी को रोकने वाले है। केंद्रीय मंत्री सिंह का कहना है कि राहुल गांधी हताश हैं, इसलिए वे कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करते हैं और कभी जैन-जी की बात करते हैं। उनका मानना है कि राहुल गांधी देश को गृह युद्ध में धकेलना चाहते हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि पूरे भारत से घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों को पनाह देने का काम मस्जिदों की छत्रछाया में हुआ है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन रोका नहीं।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के उस बयान पर कि मंदिरों, मस्जिदों और चर्चों में साप्ताहिक रूप से राष्ट्रगान बजाया जाना चाहिए, केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि राष्ट्रगान राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है और राष्ट्र का गौरव हमेशा बनाए रखना चाहिए।
वहीं बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी राहुल गांधी के बयान को उनकी हताशा और निराशा का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संवैधानिक तरीके से सत्ता हासिल करने में नाकाम रहे हैं और अब देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं।
राहुल गांधी संविधान और आम आदमी के वोट के अधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे : पप्पू यादव
19 Sep, 2025 05:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर, पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने उनका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संविधान और आम आदमी के वोट के अधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं। पप्पू यादव ने कहा कि राहुल गांधी ने वोट चोरी के जिन अलग-अलग तरीकों को उजागर किया है, उन्हें चुनाव आयोग ने तय किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा-आरएसएस का समर्थक है और यह संविधान, दलितों, ओबीसी और राष्ट्र-विरोधी है।
सांसद पप्पू यादव ने महागठबंधन की एकता पर बात की। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों की अपनी-अपनी नीतियां हैं और कांग्रेस अपने तरीकों से काम कर रही है। उन्होंने वोट अधिकार यात्रा का भी उल्लेख कर बताया कि इस यात्रा को आम लोगों का भरपूर समर्थन मिला है।
वहीं पप्पू यादव ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री जैसे लोग केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित मार्केटिंग करते हैं और उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। उन्होंने उन्हें मूर्ख टाइप के लोग कहा, जिनका ज्ञान या भारतीय संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को घेरा, कहा- 'जागरूकता के बावजूद वोट चोरी को बढ़ावा
19 Sep, 2025 03:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस नेता राहुल गांधी वोट चोरी मामले को लेकर मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर लगातार हमलावर हैं. लोकसभा में नेता विपक्ष ने गुरुवार (18 सितंबर, 2025) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगाए थे. आज शुक्रवार को एक बार फिर उन्होंने अपना एक प्रेजेंटेशन शेयर करते हुए नए सिरे से सवाल उठाए हैं.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर कर सरकार और चुनाव आयोग को फिर से कटघरे में खड़ा किया है. उन्होंने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि सुबह 4 बजे उठो, 36 सेकंड में 2 वोटर मिटाओ, फिर सो जाओ. इस तरह भी वोट चोरी हुई है.
'चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा'
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा और चोरों को बचाता रहा. इससे पहले उन्होंने गुरुवार को 31 मिनट के प्रजेंटेशन में वोट चोरी के आरोप लगाए और सबूत दिखाने का दावा किया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जानबूझकर कांग्रेस के वोटों को निशाना बना रहा है और उनके नाम डिलीट कर रहा है.
चुनाव आयोग ने आरोपों को गलत और निराधार बताया
राहुल गांधी गुरुवार को अपने साथ कर्नाटक के ऐसे वोटर्स भी लेकर आए, जिनके नाम वोटर्स लिस्ट से डिलीट किए गए. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उन लोगों की रक्षा कर रहे हैं, जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, हरियाणा और यूपी में यही हो रहा है. वहीं, चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को गलत और निराधार बताया है. आयोग ने कहा कि कोई भी आम नागरिक ऑनलाइन किसी का भी वोट डिलीट नहीं कर सकता. किसी का वोट डिलीट करने से पहले संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने का मौका दिया जाता हैय
पीएम मोदी के रिटायरमेंट पर शदर पवार ने कहा.......मुझे इस बहस में पड़ने का कोई नैतिक अधिकार नहीं
19 Sep, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। एनसीपी (एसपी) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा कि वे खुद 85 साल के हो चुके हैं और अभी भी काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें इस बहस में पड़ने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है कि 75 वर्ष पूरे करने के बाद नेताओं को हटना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को ही 75 साल के हुए हैं और उन्हें लेकर पिछले कुछ दिनों से इस तरह की बहस हो रही है। दरअसज यह मुद्दा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान से शुरू हुआ, हालांकि बाद में उन्होंने भी स्पष्ट कर दिया कि उन्हें उनका संगठन 80 साल में भी जिम्मेदारी देगा, तब वे मना नहीं कर सकते।
रिपोर्ट के अनुसार पवार ने पूछे गए सवाल पर कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अब रुक जाना चाहिए, क्योंकि वे 75 साल के हो चुके हैं। इसके लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं एलके आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का उदाहरण दिया गया। इस पर पवार ने कहा, बीजेपी के लोग अब कहते हैं कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि 75 साल की उम्र के बाद नेताओं को पीछे हट जाना चाहिए।
इसके बाद पवार ने और ज्यादा कुरेदने पर कहा, क्या मैं रुक गया हूं? मैं 85 साल का हूं और मुझे टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। बीजेपी के बारे में कहा जाता है कि पार्टी ने 75 की उम्र की सीमा तय करके ही आडवाणी और जोशी जैसे वरिष्ठ नेताओं को सक्रिय राजनीति से दूर रहने की सलाह दी। इसी आधार पर विपक्षी दलों से इस तरह की बातें भी उठीं कि शायद पीएम मोदी पर भी वहीं वाला फॉर्मूला लागू होगा।
वैसे हाल में यह बहस भागवत के एक बयान से शुरू हुआ था। उन्होंने संघ के एक पूर्व पदाधिकारी की जयंती पर उन्हें याद कर यह टिप्पणी की थी, इस लेकर माना गया कि संघ पीएम मोदी को इशारा करना चाह रहा है। लेकिन, पीएम मोदी से हफ्ते भर पहले 75 साल के हुए भागवत ने बाद में साफ किया कि उनके संगठन में रिटायरमेंट की कोई व्यवस्था ही नहीं है। अगर कोई स्वयंसेवक सक्षम है और आरएसएस चाहता है कि वह 80 साल की उम्र के बाद भी काम करे, तब मना करने की कोई व्यवस्था नहीं है।
राहुल गांधी का हाइड्रोजन बम फोड़ने का दावा......हर बार की तरह फुस्स साबित हुआ : शाहनवाज हुसैन
19 Sep, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि वे जल्द वोट चोरी पर सबूतों का एक हाइड्रोजन बम लेकर आएंगे। राहुल गांधी के बम वाले बयान पर भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वे बार-बार हाइड्रोजन बम छोड़ने की बात करते हैं, लेकिन उनका हर दावा फुस्स हो जाता है।
भाजपा नेता हुसैन ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी बार-बार कहते हैं कि वे हाइड्रोजन बम फोड़ने वाले हैं, लेकिन उनका हर दावा फुस्स हो जाता है। उन्होंने नोटबंदी के दौरान कहा था कि भूकंप आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब वे बम की बात कर रहे हैं। मैं उनसे पूछता हूं कि वे हाइड्रोजन बम कब फोड़ने वाले हैं। मुझे लगता है कि उनका कुछ होने वाला नहीं है और हार का ठीकरा खुद पर न लेकर चुनाव आयोग पर थोपने की कोशिश हो रही हैं। इसलिए वे चुनाव आयोग को टारगेट कर घुसपैठियों को बचाने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने कहा कि अब पूरे देश में एसआईआर लागू होगा। दो-दो आधार कार्ड वालों के नाम डिलीट किए जाएंगे। इसके अलावा, घुसपैठियों के नाम भी मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। हालांकि, राहुल गांधी इस पर भी संदेह पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी नेता हुसैन ने बिहार चुनाव पर कहा कि बिहार का युवा विकास और सुशासन के साथ है। बिहार के युवाओं ने ठाना है कि राज्य में विकास की जो रफ्तार चल रही है। उसे रुकने देना नहीं है। बिहार का युवा फिर से जंगलराज की वापसी नहीं चाहता है।
दरअसल राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मतदाता सूची से नाम हटाने के मामले में शामिल लोगों को बचा रहे हैं। उन्होंने कर्नाटक के आलंद और महाराष्ट्र के राजुरा निर्वाचन क्षेत्रों का हवाला देकर आरोप लगाया कि सॉफ्टवेयर प्रोग्राम का इस्तेमाल करके पूरे देश में व्यवस्थित रूप से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
20 सितंबर को पीएम मोदी गुजरात दौरे पर आएंगे, राज्य को देंगे 1.50 लाख करोड़ की सौगात
19 Sep, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भावनगर | गुजरात के भावनगर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 20 सितंबर को आगमन को लेकर जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। 20 सितंबर को पीएम मोदी गुजरात के भावनगर पहुंचेंगे| एयरपोर्ट से सुभाषनगर तक प्रधानमंत्री मोदी का भव्य रोड शो का आयोजन किया गया है। इस दौरान करीब 30 हजार से अधिक लोग पीएम मोदी के स्वागत के लिए मौजूद रहेंगे। पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भावनगर के जवाहर मैदान में प्रधानमंत्री मोदी एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी 1.50 लाख करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी सागरमाला प्रोजेक्ट के लिए 75 करोड़ रुपये फंड जारी करेंगे। इसके अलावा अलंग विकास मॉडल को भी प्रस्तुत करेंगे। शिक्षा क्षेत्र में एकेडमिक ब्लॉक, शिक्षा भवन और एमसीएच के कार्यों की घोषणा हो सकती है। पीएम मोदी 39,867 करोड़ रुपये के शिप बिल्डिंग एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे और राज्यभर में 27,138 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। पीएम मोदी का यह दौरा भावनगर समेत पूरे गुजरात के लिए ऐतिहासिक साबित होने वाला है।
आज राहुल गांधी जाएंगे गुजरात
19 Sep, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जूनागढ़ । कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरुवार को गुजरात के जूनागढ़ आने वाले थे, लेकिन दिल्ली में खराब मौसम के चलते उनकी फ्लाइट कैंसिल हो गई। अब कांग्रेस नेता शुक्रवार दोपहर को जूनागढ़ पहुंचेंगे। वे यहां पार्टी के जिला और शहर प्रमुखों से चर्चा करेंगे। जूनागढ़ में शहर और जिला कांग्रेस अध्यक्षों का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। इससे पहले राहुल गांधी 12 सितंबर को कैंप में शामिल हुए थे। राहुल गांधी दोपहर 1 बजे केशोद एयरपोर्ट पहुंचेंगे और यहां सडक़ मार्ग से जूनागढ़ पहुंचेंगे। दोपहर 2 बजे वे भवनाथ की तलहटी में स्थित प्रेरणाधाम प्रशिक्षण शिविर में पहुंचेंगे। राहुल गांधी शाम 6 बजे तक कैंप में मौजूद रहेंगे।
राहुल का बड़ा आरोप, 'कांग्रेस के वोटर्स के नाम किए जा रहे डिलीट, वोट चोरों को बचा रहे मुख्य चुनाव आयुक्त'
18 Sep, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बड़ा हमला किया है. उन्होंने एक दो नहीं बल्कि कई गंभीर आरोप लगाए हैं. राहुल ने बुधवार को नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन कर चुनाव आयोग के खिलाफ आरोप लगाकर राजनीति में हलचल मचा दिया है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर 'वोट चोरों' और लोकतंत्र को नष्ट करने वाले लोगों को बचाने का आरोप लगाया और कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव से पहले कांग्रेस समर्थकों के वोट व्यवस्थित रूप से हटाए जा रहे हैं.
गांधी ने यहां कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनाव आयोग को इसे रोकना चाहिए और कर्नाटक सीआईडी द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाने की जांच में मांगी गई जानकारी एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध करानी चाहिए. लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि आज उनके खुलासे इस देश के युवाओं को यह दिखाने में एक और मील का पत्थर है कि चुनावों में किस तरह धांधली की जा रही है.
उन्होंने शुरू में ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि ये खुलासे का वह 'हाइड्रोजन बम' नहीं है जिसका उन्होंने वादा किया था और ये जल्द ही सामने आएंगे. गांधी ने 2023 में कर्नाटक के अलंद निर्वाचन क्षेत्र से वोट मिटाने के कथित प्रयासों का विवरण दिया. उन्होंने महाराष्ट्र के राजुरा निर्वाचन क्षेत्र का भी उदाहरण दिया, जहाँ उन्होंने दावा किया कि स्वचालित सॉफ्वेयर का उपयोग करके धोखाधड़ी से मतदाताओं को जोड़ा गया था.
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया, 'मैं ज्ञानेश कुमार के बारे में एक गंभीर दावा करने जा रहा हूँ. मैं इसे हल्के में नहीं कह रहा हूँ. मुख्य चुनाव आयुक्त वोट चोरों और भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वाले लोगों को बचा रहे हैं.' उन्होंने दावा किया कि कोई व्यक्ति पूरे भारत में लाखों मतदाताओं के नाम मिटाने के लिए व्यवस्थित रूप से निशाना बना रहा है.
राहुल गांधी ने कहा, 'मैं विपक्ष का नेता हूँ और मैं ऐसा कुछ नहीं कहूँगा जिसके 100 प्रतिशत प्रमाण न हों.' उन्होंने कहा कि कर्नाटक के अलंद में किसी ने 6,018 वोट मिटाने की कोशिश की और संयोगवश पकड़ा गया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के मतदाताओं के नाम व्यवस्थित रूप से मिटाए जा रहे हैं.
गांधी ने कहा, 'बूथ लेवल ऑफिसर ने देखा कि उनके चाचा का वोट डिलीट हो गया है और उन्हें पता चला कि उनके पड़ोसी ने उनके चाचा का वोट डिलीट कर दिया. उन्होंने अपने पड़ोसी से पूछा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है. पता चला कि किसी और ने पूरी प्रक्रिया को हाईजैक कर लिया और वोट डिलीट कर दिया - और किस्मत से यह पकड़ा गया.'
उन्होंने दावा किया कि 6,018 आवेदन फर्जी मतदाता बनकर दाखिल किए गए और यह आवेदन कर्नाटक के बाहर के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके स्वचालित रूप से दाखिल किया गया. गांधी ने मंच पर एक मतदाता को भी बुलाया जिसका वोट डिलीट करने की कोशिश की गई थी और उस व्यक्ति को भी जिसका नाम डिलीट करने के लिए इस्तेमाल किया गया था. दोनों ने इस बारे में किसी भी जानकारी से इनकार किया. उन्होंने कहा कि ये डिलीट एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके किए जा रहे थे.
कर्नाटक में चल रही जांच का जिक्र करते हुए, गांधी ने कहा कि सीआईडी ने 18 महीनों में चुनाव आयोग को 18 पत्र भेजे हैं और कुछ बहुत ही साधारण तथ्य मांगे हैं, जैसे कि वह डेस्टिनेशन आईपी पता जहाँ से ये आवेदन भरे गए थे और ओटीपी ट्रेल्स. गांधी ने दावा किया कि वे इसे इसलिए नहीं दे रहे हैं क्योंकि इससे हमें पता चल जाएगा कि यह ऑपरेशन कहाँ चल रहा है. उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर ऐसा करने वालों को बचाने का आरोप लगाया.
गांधी ने कहा, 'चुनाव आयोग जानता है कि यह कौन कर रहा है. मैं चाहता हूँ कि भारत का हर युवा यह जाने. वे आपके भविष्य के साथ ऐसा कर रहे हैं. जब वे यह जानकारी नहीं दे रहे हैं, तो वे लोकतंत्र के हत्यारों का बचाव कर रहे हैं.' 1 सितंबर को अपनी मतदाता अधिकार यात्रा के समापन समारोह को संबोधित करते हुए, गांधी ने कहा था कि उनकी पार्टी जल्द ही 'वोट चोरी' के खुलासे का 'हाइड्रोजन बम' लेकर आएगी और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को अपना चेहरा नहीं दिखा पाएँगे.
पिछले महीने, गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनावों के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया था कि कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में हेरफेर के ज़रिए एक लाख से अधिक वोट 'चुराए गए और कहा कि 'वोट चोरी' हमारे लोकतंत्र पर एक 'परमाणु बम' है.
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