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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर चलती बस में लगी आग, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान
24 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे (Agra-Lucknow Expressway) पर अजमेर से नेपाल जा रही चलती बस में आग लगने से यात्रियों को कूदकर जान बचानी पड़ी. हादसा फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज थाना क्षेत्र का है, जहां चलती बस से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, मौके पर अफरा-तफरी, चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया. देखते ही देखते बस पूरी तरह से जलकर खाक हो गई. हालांकि प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है. घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.
हादसे के चलते आगरा–लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सुचारू कराया गया. राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं. फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जाँच में जुटा हुआ है और बस के कागजात व तकनीकी खामियों की भी पड़ताल की जा रही है. बड़ा सवाल यही है अगर यात्रियों की सूझबूझ न होती तो यह हादसा कितना बड़ा हो सकता था?
देश में पहले भी चलती बसों में आग लगने के हादसे हो चुके हैं. अगर आपके साथ ऐसा हादसा पेश आए तो क्या-क्या सावधानियां बरतने की जरूरत है? इसपर एक नजर डालने की जरूरत है. किसी में बस में चढ़ते समय सबसे पहले बस के Emergency Exit की पहचान होनी चाहिए. आपातकालीन गेट के साथ कांच तोड़ने वाले हथौड़े को देख लें. बस से धुआं निकलने की भनक लगे तो तुरंत अपने रुमाल को गीला करके अपने नाक-मुंह को गीले कपड़े से छिपा लें. पहले जान बचाना जरूरी है, इसलिए ऐसा वक्त आने पर सामान को तवज्जों न दें. अगर आग लगने पर इमरजेंसी गेट जाम हो जाए तो खिड़की के कोने पर हथौड़े से वार करें.
Ankita Bhandari Murder Case: नए ऑडियो से VVIP एंगल पर फिर सियासी भूचाल
23 Dec, 2025 07:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड का बहुचर्चित Ankita Bhandari Murder Case एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। मंगलवार को कांग्रेस ने इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और भाजपा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी ने नए सामने आए ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए पूरे केस की दोबारा जांच (Reinvestigation) की मांग को और तेज कर दिया है।
कांग्रेस का कहना है कि शुरुआत से जिस VVIP एंगल की चर्चा थी, उसे जानबूझकर दबाया गया। पार्टी नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या अब तक जांच में पूरी सच्चाई सामने आ पाई है। गौरतलब है कि 18 दिसंबर 2022 को हुई हत्या के मामले में एक भाजपा नेता के बेटे समेत तीन आरोपियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि जांच को सीमित दायरे में रखकर प्रभावशाली लोगों को बचाया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने ज्वालापुर से पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित दूसरी पत्नी उर्मिला के बीच हुई बातचीत के ऑडियो का जिक्र किया। इस ऑडियो में कथित तौर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिया गया है। आरोप है कि अंकिता की हत्या वाली रात वे उसी रिजॉर्ट में मौजूद थे, जहां यह घटना हुई। कांग्रेस ने इसे बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि अगर यह दावा सही है, तो अब तक की पूरी जांच प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ जाती है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि ऑडियो में अनैतिक संबंधों और कथित सबूतों की बात सामने आती है, जिन्हें जांच में शामिल नहीं किया गया। पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि Ankita Bhandari Murder Case की स्वतंत्र एजेंसी से दोबारा जांच कराई जाए। कांग्रेस ने साफ किया कि यदि सरकार चुप रही, तो इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाया जाएगा।
भारत करेगा श्रीलंका की मदद, 450 मिलियन डॉलर चक्रवात राहत पैकेज देने का प्रस्ताव
23 Dec, 2025 07:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क। विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) ने मंगलवार को कहा कि भारत (India) चक्रवात दितवाहा (Cyclone Ditawaha) के दौरान श्रीलंका (Sri Lanka) के साथ खड़ा है और उसने 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर (US $450 Million) के सहायता पैकेज (Relief Package) का प्रस्ताव दिया है। जयशंकर इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष दूत के तौर पर श्रीलंका में हैं। उन्होंने श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेरथ (Vijitha Herath) के साथ बातचीत में यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके (Anura Kumara Dissanayake) को मोदी का एक पत्र भी सौंपा। एस जयशंकर ने X पर पोस्ट किया, “चक्रवात दितवाह के दौरान श्रीलंका के साथ खड़े होने पर भारत को गर्व है।”
वह दो दिन की श्रीलंका यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने कहा “जैसे ही श्रीलंका 2022 के आर्थिक संकट से उबर रहा था, इस प्राकृतिक आपदा ने नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने निर्देश दिया कि हम अब श्रीलंकाई सरकार के साथ मिलकर उनकी प्राथमिकताओं पर काम करें। इस संबंध में, हमने 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर का सहायता पैकेज प्रस्तावित किया है।”
उन्होंने कहा, “इस पैकेज में 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रियायती क्रेडिट लाइन और 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान शामिल होगा।” “इस पैकेज को श्रीलंका सरकार के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया जा रहा है। हमारी सहायता में चक्रवात से सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जिसमें पहला, सड़क, रेलवे और पुल कनेक्टिविटी का पुनर्वास और बहाली शामिल है।”
“दूसरा, पूरी तरह से नष्ट हुए और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के निर्माण के लिए सहायता। तीसरा, स्वास्थ्य और शिक्षा प्रणालियों के लिए सहायता, विशेष रूप से वे जो चक्रवात से क्षतिग्रस्त हुई हैं। चौथा, कृषि, जिसमें अल्प और मध्यम अवधि में संभावित कमी को दूर करना शामिल है। और पांचवां, बेहतर आपदा प्रतिक्रिया और तैयारी की दिशा में काम करना।”
जयशंकर ने कहा कि नुकसान के पैमाने को देखते हुए, यह स्वाभाविक था कि भारत श्रीलंका की मदद के लिए आगे आया। उन्होंने कहा कि भारत का ऑपरेशन सागर बंधु दितवाह के पहले ही दिन शुरू हो गया था। उन्होंने कहा, “हमारा विमानवाहक पोत INS विक्रांत और INS उदयगिरि कोलंबो में मौजूद थे और उन्होंने राहत सामग्री पहुंचाई, जिसके बाद हेलीकॉप्टर तैनात किए गए।”
ऑपरेशन सागर बंधु ने 1,100 टन से अधिक राहत सामग्री पहुंचाई, जिसमें सूखा राशन, टेंट, तिरपाल, स्वच्छता किट, ज़रूरी कपड़े और पानी शुद्धिकरण किट शामिल हैं। लगभग 14.5 टन दवाएं और चिकित्सा उपकरण भी प्रदान किए गए, जबकि राहत कार्यों में सहायता के लिए 60 टन उपकरण श्रीलंका लाए गए। बड़ी संख्या में सेना के इंजीनियरों ने किलिनोची में C-17 विमान द्वारा लाए गए बेली ब्रिज का निर्माण किया।
भारतीय नौसेना का पोत आईएनएसवी कौंडिन्य की पहली विदेश यात्रा, 29 दिसंबर को ओमान रवाना होगा
23 Dec, 2025 05:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क। भारतीय नौसेना (Indian Navy) का आईएनएसवी कौंडिन्य (INSV Kaundinya) पोत 29 दिसंबर को ओमान (Oman) के लिए अपनी पहली विदेशी यात्रा (Foreign Travel) शुरू करेगा। यह पोत गुजरात के पोरबंदर (Porbandar) से मस्कट के लिए रवाना होगा। इस यात्रा का मकसद भारत और हिंद महासागर क्षेत्र के बीच पुराने समुद्री रास्तों (Sea Routes) की याद दिलाना है, जिनसे भारत सदियों पहले दुनिया से जुड़ा था।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि प्राचीन भारतीय जहाजों के चित्रण से प्रेरित और पूरी तरह से पारंपरिक और तकनीकों का उपयोग करके निर्मित है। आईएनएसवी कौंडिन्य इतिहास, शिल्प कौशल और आधुनिक नौसैनिक विशेषज्ञता का एक दुर्लभ संगम प्रस्तुत करता है। मंत्रालय ने कहा, “समकालीन जहाजों के विपरीत, इसके लकड़ी के तख्तों को नारियल के रेशे की रस्सी से एक साथ बनाया गया है और प्राकृतिक रेजिन से सील किया गया है, जो भारत के तटों और हिंद महासागर में कभी प्रचलित जहाज निर्माण की परंपरा को दर्शाता है।”
अधिकारियों ने बताया कि इस तकनीक ने भारतीय नाविकों को आधुनिक नौवहन और धातु विज्ञान के आगमन से बहुत पहले ही पश्चिम एशिया, अफ्रीका और दक्षिणपूर्व एशिया की लंबी दूरी की यात्राएं करने में सक्षम बनाया। यह परियोजना संस्कृति मंत्रालय, भारतीय नौसेना और होडी इनोवेशन के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते के माध्यम से शुरू की गई थी, जो भारत द्वारा स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को फिर से खोजने और पुनर्जीवित करने के प्रयासों का एक हिस्सा है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “मास्टर शिपराइट श्री बाबू शंकरन के मार्गदर्शन में पारंपरिक कारीगरों द्वारा निर्मित और भारतीय नौसेना और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा व्यापक अनुसंधान, डिजाइन और परीक्षण के समर्थन से निर्मित, यह पोत पूरी तरह से समुद्र में चलने योग्य और महासागरीय नौवहन में सक्षम है।” इस जहाज का नाम पौराणिक नाविक कौंडिन्य के नाम पर रखा गया है, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने प्राचीन काल में भारत से दक्षिण पूर्व एशिया तक की यात्रा की थी। यह जहाज एक समुद्री राष्ट्र के रूप में भारत की ऐतिहासिक भूमिका का प्रतीक है।
BSP Political Challenges: संसद से बाहर होने की कगार पर बसपा, 2026 के बाद नहीं रहेगी कोई सांसद
23 Dec, 2025 03:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
BSP Political Challenges : एक बार फिर चर्चा में हैं, क्योंकि बहुजन समाजवादी पार्टी का जनाधार लगातार सिमटता जा रहा है। जिस पार्टी ने कई वर्षों तक उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली, आज उसकी स्थिति बेहद कमजोर नजर आ रही है। पहले यूपी विधानसभा, फिर लोकसभा और अब राज्यसभा में भी बसपा की मौजूदगी लगभग खत्म होने वाली है। वर्तमान में यूपी में बसपा का सिर्फ एक विधायक है, लोकसभा में पार्टी का खाता तक नहीं खुल पाया और राज्यसभा में केवल एक सांसद बचे हैं।
बसपा के इकलौते राज्यसभा सांसद रामजी गौतम हैं, जिनका कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। इसके बाद यह पहली बार होगा जब संसद के दोनों सदनों में से किसी में भी बसपा का कोई प्रतिनिधि नहीं रहेगा। रामजी गौतम वर्ष 2019 में भाजपा के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे थे, लेकिन उनके रिटायर होने के बाद संसद में बसपा की वापसी के आसार बेहद कमजोर माने जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश से कुल 10 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 2026 में खत्म हो रहा है। इनमें भाजपा के सीमा द्विवेदी, बृजलाल, हरदीप सिंह पुरी, चंद्रप्रभा उर्फ गीता, नीरज शेखर, अरुण सिंह, दिनेश शर्मा और बीएल वर्मा शामिल हैं। इसके अलावा सपा से रामगोपाल यादव और बसपा से रामजी गौतम भी इसी सूची में हैं।
वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को देखें तो BSP Political Challenges और गहरे नजर आते हैं। यूपी में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 37 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। 402 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास 258 विधायक हैं, जबकि बसपा के पास केवल 1 विधायक है। इस स्थिति में भाजपा से 8 और सपा से 2 राज्यसभा सांसद बन सकते हैं, लेकिन बसपा किसी भी हाल में एक भी सीट जीतने की स्थिति में नहीं दिख रही है।
Naxal Surrender: ओडिशा के मलकानगिरी में 22 नक्सलियों का सामूहिक आत्मसमर्पण, सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता
23 Dec, 2025 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Naxal Surrender Odisha : के तहत ओडिशा सरकार को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। मलकानगिरी जिले में मंगलवार को कुल 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों ने ओडिशा के डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया के समक्ष सरेंडर किया, जिसे सुरक्षा एजेंसियां नक्सल संगठन के लिए एक बड़ा झटका मान रही हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले अधिकांश नक्सली केरलापाल एरिया कमेटी से जुड़े हुए थे। इनमें दोरनापाल LOS के कई कमांडर स्तर के नक्सली भी शामिल हैं, जो लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बने हुए थे। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इन नक्सलियों का सरेंडर नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में अहम कदम है।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी सौंपा है। इनमें 1 AK-47, 2 INSAS राइफल, 1 SLR सहित कुल 9 हथियार, बड़ी मात्रा में कारतूस और अन्य नक्सली सामग्री शामिल है। आत्मसमर्पण करने वालों में केरलापाल, जगरगुंडा एरिया कमेटी और प्लाटून-26 से जुड़े 19 नक्सली हैं, जबकि आंध्रप्रदेश–ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी के 3 नक्सली भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि मलकानगिरी जिला छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से सटा हुआ है और लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का गढ़ माना जाता रहा है। यह ओडिशा में इस साल का पहला सामूहिक नक्सली आत्मसमर्पण है, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है।
ओडिशा के कुल 9 जिले—मलकानगिरी, कोरापुट, कालाहांडी, कंधमाल, बालांगीर, नबरंगपुर, नुआपड़ा, रायगढ़ा और बौध—नक्सल प्रभावित माने जाते हैं। इनमें से 6 जिले छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे हैं। Naxal Surrender Odisha को क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
प्रियंका गांधी को PM बनाइए, फिर जवाब देखिए: इमरान मसूद का BJP पर पलटवार
23 Dec, 2025 02:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Congress MP Imran Masood: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का एक बयान इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर लगाए गए आरोपों पर उन्होंने तीखा पलटवार किया है। बीजेपी का आरोप था कि प्रियंका गांधी गाजा मुद्दे पर तो मुखर रहती हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर चुप्पी साध लेती हैं। इसी आरोप के जवाब में Imran Masood on Priyanka Gandhi का बयान सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इमरान मसूद ने कहा कि अगर किसी को प्रियंका गांधी के जवाब देखने हैं, तो पहले उन्हें प्रधानमंत्री बनाइए। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह इंदिरा गांधी ने देश और दुनिया को सख्त जवाब दिया था, उसी तरह प्रियंका गांधी भी नेतृत्व करेंगी। मसूद ने दावा किया कि अगर प्रियंका गांधी सत्ता में होतीं, तो किसी की हिम्मत नहीं पड़ती कि भारत की ओर आंख उठाकर देखे।
कांग्रेस सांसद का यह बयान सीधे तौर पर बीजेपी के उस आरोप का जवाब माना जा रहा है, जिसमें कहा गया था कि कांग्रेस केवल चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बोलती है। Imran Masood on Priyanka Gandhi बयान के जरिए कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी के पास मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट दृष्टिकोण है, लेकिन उसे अवसर नहीं मिल रहा।
इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। बीजेपी समर्थक इसे गैर-जिम्मेदाराना बयान बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि इमरान मसूद ने पार्टी की सोच को मजबूती से सामने रखा है। सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को लेकर बहस जारी है।
Railway Recruitment Alert: बस 24 घंटे शेष! 4116 सरकारी नौकरियों के लिए बंद होने वाली है विंडो, यहाँ देखें आवेदन का डायरेक्ट लिंक
23 Dec, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. भारतीय रेलवे की ओर से 4116 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है, जिसकी आखिरी तारीख 24 दिसंबर तय की गई है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों के पास अब सीमित समय बचा है, ऐसे में जल्द आवेदन करना जरूरी है.
इस भर्ती अभियान के तहत 10वीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं. पदों पर चयन प्रक्रिया नियमों के अनुसार की जाएगी, जिसमें शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मेरिट या अन्य चरण शामिल हो सकते हैं.
योग्यता
उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है.
आयु सीमा
आयु सीमा भर्ती नियमों के अनुसार तय की गई है.आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी.
आवेदन शुल्क
सामान्य,ओबीसी, ईडब्ल्यूएस - 100 रुपए
एससी, एसटी, महिलाएं, दिव्यांग : नि:शुल्क
आवेदन प्रक्रिया
ऑफिशियल वेबसाइट rrcnr.org पर जाएं
होमपेज पर अप्लाई लिंक पर क्लिक करें
रजिस्ट्रेशन करके लॉग इन करें
मांगे गए डिटेल्स दर्ज करें
जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें
फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें
अब इसका प्रिंटआउट लेकर रखें
बड़ी खबर: IPS अधिकारी ने खुद को मारी गोली, 12 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद
23 Dec, 2025 12:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
IPS अधिकारी अमर सिंह चहल ने रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर ली. वह इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद से रिटायर हुए थे. घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. गोली उनके सीने के पास लगी, जिससे उनके लिवर को नुकसान पहुंचा. डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी की, और फिलहाल वह निगरानी में हैं. पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें ऑनलाइन फ्रॉड के कारण हुए वित्तीय नुकसान का ज़िक्र है. यह 12 पन्नों का सुसाइड नोट पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को भी संबोधित था. पुलिस फिलहाल आत्महत्या की कोशिश के सही कारणों की जांच कर रही है.
बताते चलें कि रिटायर्ड IPS अधिकारी अमर सिंह चहल इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर थे. जब उन्होंने खुद को गोली मारी तब वह घर पर अकेले थे और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. खुद को गोली मारने से पहले, उन्होंने DGP गौरव यादव के नाम 12 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा. रिटायर्ड IPS अधिकारी अमर सिंह चहल पटियाला में रहते हैं. उन्होंने अपने घर पर अपने लाइसेंसी हथियार से खुद को गोली मार ली. पटियाला के पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने बताया कि गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस टीमें तुरंत अमर सिंह चहल के घर पहुंचीं और उन्हें अस्पताल ले गईं, जहां ICU में उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. उनके घर को सील कर दिया गया है.
साइबर फ्रॉड का शिकार
पंजाब के DGP गौरव यादव को लिखे अपने 12 पेज के सुसाइड नोट में रिटायर्ड IPS अधिकारी अमर सिंह चहल ने लिखा कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए थे. वह हाल ही में एक IPS व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हुए थे. इस ग्रुप में उन्हें एक इन्वेस्टमेंट स्कीम के बारे में जानकारी मिली, जिसमें बड़े मुनाफे का वादा किया गया था. इस जाल में फंसकर उन्होंने 8 करोड़ रुपये इन्वेस्ट कर दिए. इस रकम में उनके रिटायरमेंट फंड के साथ-साथ रिश्तेदारों, दोस्तों और जान-पहचान वालों से उधार लिए गए पैसे भी शामिल थे. बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वह एक ऑनलाइन फ्रॉड सिंडिकेट के जाल में फंस गए हैं. अपने रिश्तेदारों और दोस्तों का पैसा वापस न कर पाने, उनका भरोसा तोड़ने और भारी वित्तीय नुकसान झेलने के बाद, वह आर्थिक तंगी के कारण मानसिक दबाव बर्दाश्त नहीं कर पाए और खुद को गोली मार ली.
CNAP क्या है: अब अनजान नंबर से आए कॉल पर दिखेगा कॉलर का नाम
23 Dec, 2025 11:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CNAP क्या है—यह सवाल इन दिनों टेलीकॉम यूजर्स के बीच चर्चा में है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) भारत में Calling Name Presentation यानी CNAP तकनीक लागू करने की तैयारी कर रहा है। इस नई सुविधा के जरिए अब किसी अनजान नंबर से आने वाले कॉल पर भी कॉल करने वाले व्यक्ति का वेरिफाइड नाम मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देगा। यानी कॉलर का नाम देखने के लिए नंबर सेव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। CNAP को अक्तूबर 2025 में मंजूरी मिल चुकी है और अप्रैल 2026 तक इसके आम यूजर्स के लिए उपलब्ध होने की संभावना है।
मंजूरी मिलने के बाद नवंबर 2025 से CNAP की लाइव टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। फिलहाल इसे अलग-अलग नेटवर्क पर ट्रायल के तौर पर रोलआउट किया जा रहा है। टेलीकॉम कंपनियों ने 4G और 5G स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सीमित नेटवर्क पर इसका परीक्षण शुरू किया है, ताकि असली परिस्थितियों में इसकी परफॉर्मेंस को परखा जा सके। अगर यह ट्रायल सफल रहता है, तो आगे चलकर पुराने नेटवर्क्स को भी इसमें शामिल किया जाएगा। TRAI ने स्मार्टफोन कंपनियों को नए डिवाइस में CNAP सपोर्ट देने के निर्देश भी दिए हैं।
CNAP क्या है और इसका सबसे बड़ा फायदा क्या होगा? दरअसल, बीते कुछ सालों में फर्जी कॉल, टेली-स्कैम और साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसी वजह से लोग अनजान नंबर से आए कॉल उठाने से बचते हैं। TRAI का मानना है कि अगर कॉल के साथ कॉलर का सही और वेरिफाइड नाम दिखेगा, तो ठगी के मामलों में काफी हद तक कमी आएगी।
CNAP की खास बात यह है कि इसका डेटा सोर्स पूरी तरह भरोसेमंद होगा। यह कॉलर का नाम सीधे टेलीकॉम कंपनियों के KYC-वेरिफाइड रिकॉर्ड से लेगा। सिम लेते समय आधार जैसे आधिकारिक दस्तावेजों पर जो नाम दर्ज होता है, कॉल के दौरान वही नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा। कुल मिलाकर, CNAP क्या है का जवाब यही है कि यह तकनीक कॉलिंग को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
भारतीय नौसेना की जासूसी करने के मामले में तीसरा आरोपी भी पकड़ाया
23 Dec, 2025 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। उडुपी पुलिस ने मालपे कोचीन शिपयार्ड से जुड़े कर्मचारियों ने भारतीय नौसेना से संबंधित संवेदनशील जानकारी लीक करने के मामले में तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि तीसरे आरोपी की पहचान गुजरात के आणंद जिले के कैलाश नगरी निवासी भरत कुमार खदयाट के पुत्र हिरेंद्र कुमार (34) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों पर अवैध वित्तीय लाभ के बदले नौसेना संचालन और प्रतिष्ठानों से संबंधित गोपनीय जानकारी को पाकिस्तान स्थित अपने संचालकों को भेजने का शक है। इससे पहले 21 नवंबर को पुलिस ने इस मामले में यूपी के रहने वाले रोहित और संत्री को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। पुलिस इनसे पूछताछ कर जानकारी हासिल करेगी कि इन्होंने संवेदनशील जानकारी किसको पहुंचाई।
नेत्रहीन छात्रों के धर्म परिवर्तन के मामले ने पकड़ा तूल, हिंदू संगठनों ने काटा बवाल
23 Dec, 2025 11:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर (Jabalpur) के कटंगा रोड स्थित हवाबाग कॉलेज (Hawabagh College) के पीछे नेत्रहीन छात्रों (Blind Students) का धर्मांतरण (Religious Conversion) कराए जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस बीच जबलपुर महानगर की भाजपा उपाध्यक्ष अंजू भार्गव का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें वो नेत्रहीन छात्रा से अभद्रता करती नजर आ रही हैं.
बता दें कि कुछ हिंदूवादी संगठनों आ को सूचना मिली थी कि यहां पर नेत्रहीन बच्चों का धर्मांतरण किया जा रहा है. सूचना पाकर हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं के साथ पहुंची भाजपा नेता अंजू भार्गव ने चल रहे पूरे कार्यक्रम को रुकवा कर हंगामा शुरू कर दिया.
क्रिश्चियन समुदाय के इस कार्यक्रम में पहुंचे नेत्रहीन बच्चों का कहना है कि क्रिसमस के अवसर पर ईसाई समाज के एक संगठन द्वारा अंधमूक चौराहा स्थित छात्रावास से बच्चों को भोजन के लिए आमंत्रित किया गया था. जिसके चलते नेत्रहीन छात्र -छात्राएं वहां पहुंचे हुए थे.
खाने के पहले वहां मसीह समाज की प्रार्थना की जा रही थी. तभी धर्मांतरण की सूचना मिलने पर हिन्दू रक्षा दल के विकास कुमार खरे व अन्य पदाधिकारियों के साथ पुलिस पहुंच गई. जिसके बाद सभी छात्र उस भवन से बाहर आ गए जहां उन्होंने एकत्रित कर प्रार्थना की जा रही थी.
पूर्व IG ने खुद को मारी गोली, सुसाइड नोट में 8 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का किया जिक्र
23 Dec, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: पंजाब के पटियाला में पंजाब पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर जनरल (IG) अमर सिंह चहल घर में गंभीर रूप से घायल हालत में मिले हैं. परिजनों ने तुरंत उन्हें इलाज के लिए पटियाला के पार्क हॉस्पिटल में पहुंचाया है. जहां डॉक्टरों की टीम उनके इलाज में जुट गई है. उनकी स्थिति फिलहाल गंभीर बनी हुई है. परिजनों ने बताया कि अमर सिंह चहल ने खुद को गोली मारी है. जिसकी वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
पुलिस को घटनास्थल से एक 12 पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमें ऑनलाइन ठगी के कारण आर्थिक परेशानियों का उल्लेख होने की बात लिखी गई है. हालांकि पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की पूरी तरह से जांच की जाएगी.
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की और जरूरी सबूत इकट्ठा किए हैं. साथ ही परिजनों और संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं. जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा. फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है.
अमर सिंह चहल के परिजनों ने बताया कि उनके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी की वारदात हुई थी जिसमें ठगों ने उनसे 8 करोड़ रुपये ठग लिए थे. इसी बात का जिक्र उन्होंने 12 पेज के सुसाइड नोट में किया है. उन्होंने पंजाब के डीजीपी के नाम यह लेटर लिखा है जिसमें इस मामले में तुरंत ध्यान देने की अपील की गई है.
बता दें कि अमर सिंह चहल 2015 के फरीदकोट फायरिंग मामले में आरोपी हैं. इस मामले में 24 फरवरी 2023 को एडीजीपी एलके यादव के नेतृत्व में पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम ने फरीदकोट की एक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें अरम सिंह चहल का नाम शामिल है. इस चार्जशीट में पंजाब के कई बड़े नेताओं के नाम भी शामिल किए गए हैं.
राजस्थान में बवाल, राज्य की 90 फीसदी पहाड़ियों पर संकट, विधायक ने PM को लिखी चिट्ठी
23 Dec, 2025 09:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: राजस्थान के अरावली पहाड़ी को लेकर दिल्ली से लेकर राजस्थान तक सियासी घमासान मचा हुआ है. भारत की सबसे प्राचीन पर्वतमालाओं में शामिल अरावली एक अभूतपूर्व पर्यावरणीय संकट के मुहाने पर खड़ी है. सुप्रीम कोर्ट की ओर से 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली संरचनाओं को अरावली ने मानने की नई व्याख्या की बात सामने आते ही राजस्थान की सियासत गरमा गई है. पर्यावरण को लेकर तरह-तरह की चर्चा भी शुरू हो गई है.
विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह परिभाषा अगर लागू हुई, तो अरावली का 90 फीसदी हिस्सा संरक्षण से बाहर हो जाएगा और इसके परिणाम विनाशकारी होंगे. दूसरी ओर राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इस मुद्दे को लेकर मुहिम तेज कर दी है. भाटी ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अरावली को बचाने के लिए नया मोर्चा खोल दिया है.
भाटी ने पत्र में आरोप लगाया है कि यह आदेश खनन माफियाओं के लिए रेड कार्पेट जैसा है. अरावली खत्म हुई तो पूरा उत्तर-पश्चिम भारत पर्यावरणीय आपदा झेलेगा. वही पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस अभियान को खुला समर्थन दिया है और सोशल मीडिया के माध्यम से इसे जन आंदोलन बनाने की कोशिशों में जुटे हैं. मसला क्या है? 100 मीटर की परिभाषा और उसका खतरा.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की सिफारिश को मानते हुए कहा था कि केवल वही पहाड़ी अरावली कही जाएगी जो आसपास की सतह से 100 मीटर ऊंची हो और 500 मीटर के दायरे में दो या अधिक ऐसी पहाड़ियां हों तो उसे अरावली रेंज माना जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि अरावली की जो नई परिभाषा सामने आई है वो उसके वास्तविक भौगोलिक संरचना से बिल्कुल अलग है.
राजस्थान में कुल 12,081 अरावली पहाड़ियां हैं. इनमें से केवल 1,048 ही 100 मीटर से ऊपर की ऊंचाई की हैं. इसका मतलब यह हुआ है कि राज्य की करीब 90 फीसदी पहाड़ियां तय दायरे से बाहर हो जाएंगीं. इसे लेकर राज्य में विरोध शुरू हो गया है.
पर्यावरण से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल कानूनी परिभाषा नहीं है, पर्वतमाला को खत्म करने जैसा कदम है. लोगों का कहना है कि नए आदेश से अवैध खनन को वैधता मिलेगी, रियल एस्टेट, होटल, फार्महाउस प्रोजेक्ट बढ़ेंगे और मरुस्थल का विकास भी तेजी होगा जिसका सीधा असर मानसूनी गतिविधियों पर पड़ेगा. जिसकी वजह से कई तरह के संकट पैदा हो सकते हैं. स्थानीय स्तर पर कई क्षेत्रों में जल को लेकर संकट खड़ा हो सकता है.
अरावली को राजस्थान की जीवन रेखा भी करते हैं. यह करीब 692 किलोमीटर लंबी है और इसका 80 फीसदी हिस्सा राजस्थान के 15 जिलों से गुजरता है. राजस्थान में अरावली की वजह से तापमान में नियंत्रण, मानसून दिशा निर्धारण, दशा और दिशा भी बदल सकती है. साथ ही साथ धूल भरी आंधियों को लेकर संकट पैदा हो सकता है क्योंकि अरावली की वजह से समतल इलाकों में इसका असर कम होता है.
पति की गुमशुदगी और 'वुड ग्राइंडर' की गुत्थी, एक छोटी सी चूक ने खोला हत्या का राज
23 Dec, 2025 09:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक दिल दहला देने वाला हत्या का मामला सामने आया है. यहां पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार महिला ने पहले पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और फिर करीब एक महीने तक सच छिपाए रखा.
मृतक की पहचान 38 वर्षीय राहुल के रूप में हुई है. राहुल संभल के चंदौसी इलाके के मोहल्ला चुन्नी का रहने वाला था. उसकी पत्नी रूबी ने 18 नवंबर को थाने में शिकायत दी थी कि उसका पति घर से निकला था और वापस नहीं लौटा.
कैसे हुआ शव बरामद?
15 दिसंबर को ईदगाह क्षेत्र के पास एक नाले से एक क्षत विक्षत शव बरामद हुआ. शव का सिर हाथ और पैर गायब थे. हालत देखकर पुलिस भी हैरान रह गई. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया. जांच के दौरान शव पर राहुल नाम लिखा मिला. आसपास के थानों में पुलिस ने दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाली.
जांच में क्या आया सामने?
तकनीकी जांच में सामने आया कि राहुल का मोबाइल फोन 18 नवंबर से बंद था. इसके बाद पुलिस का शक रूबी पर गहराने लगा. सख्ती से पूछताछ करने पर रूबी टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस के अनुसार रूबी का गौरव नाम के युवक से प्रेम संबंध था. दोनों को राहुल ने आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था. इसी बात को लेकर रूबी और गौरव ने राहुल की हत्या की योजना बनाई.
कैसे की राहुल की हत्या?
दोनों ने लोहे की रॉड और मूसल से राहुल पर हमला किया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने लकड़ी काटने वाली ग्राइंडर मशीन का इस्तेमाल किया. शव के टुकड़े कर एक हिस्सा नाले में फेंका गया जबकि बाकी हिस्सों को राजघाट ले जाकर गंगा नदी में डाल दिया गया.
पुलिस ने क्या लिया एक्शन?
पुलिस ने आरोपी महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है. हत्या में इस्तेमाल की गई ग्राइंडर हथौड़ा और अन्य औजार बरामद कर लिए गए हैं. मृतक की पहचान पुख्ता करने के लिए डीएनए नमूने सुरक्षित रखे गए हैं. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
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