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Rabri Devi Bunglow Shift: 10 सर्कुलर रोड खाली, राबड़ी देवी को छोड़ना पड़ा सरकारी बंगला
26 Dec, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Rabri Devi Bunglow Shift: बिहार की राजनीति में करीब दो दशकों तक प्रभावशाली रहा लालू परिवार अब अपने सरकारी आशियाने को खाली करने को मजबूर हो गया है। पटना स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नाम आवंटित 10 सर्कुलर रोड बंगले को आखिरकार खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिहार सरकार की ओर से नोटिस जारी होने के बाद शुरू में परिवार ने इसका विरोध किया, लेकिन अंततः राबड़ी देवी को यह बंगला छोड़ना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, सरकार की ओर से जब आवास खाली करने का नोटिस दिया गया था, तब यह उम्मीद की जा रही थी कि शायद कोई रास्ता निकल आएगा। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और निर्धारित समयसीमा पूरी होने पर बंगला खाली कराने की कार्रवाई शुरू हो गई। सरकार ने राबड़ी देवी को वैकल्पिक रूप से 39 हार्डिंग रोड पर सरकारी बंगला आवंटित किया है, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वह वहीं शिफ्ट होंगी या किसी अन्य स्थान पर जाएंगी।
इन दिनों लालू परिवार की स्थिति भी असहज नजर आ रही है। बड़ी बेटी मीसा भारती दिल्ली में आंखों का इलाज करा रही हैं। बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पहले ही घर से अलग हो चुके हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर हैं। ऐसे में पटना स्थित बंगले में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ही मौजूद थे।
Rabri Devi Bunglow Shift की प्रक्रिया को लेकर बताया गया है कि भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर को नोटिस जारी किया था, जिसमें 25 दिसंबर तक बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया था। इसी के तहत 25 दिसंबर से औपचारिक रूप से शिफ्टिंग शुरू हुई। देर रात बंगले में पिकअप वाहन की आवाजाही देखी गई, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं।
अब सवाल यह है कि राबड़ी देवी कहां जाएंगी। उनका निजी बंगला पटना के महुआबाग इलाके में पूरी तरह बनकर तैयार है। इसके अलावा 39 हार्डिंग रोड पर सरकारी आवास का विकल्प भी मौजूद है। फिलहाल राबड़ी देवी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। कुल मिलाकर, Rabri Devi Bunglow Shift बिहार की सियासत में एक अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
सेना के जवानों को इंस्टाग्राम इस्तेमाल की परमीशन
26 Dec, 2025 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉट्सएप, टेलीग्राम पर गैर-गोपनीय जानकारी शेयर कर सकेंगे
नई दिल्ली । भारतीय सेना ने जवानों के सोशल मीडिया एप्स के इस्तेमाल को लेकर नई पॉलिसी जारी की है। इंस्टाग्राम पर रील, फोटो और वीडियो देख सकेंगे हालांकि कमेंट करने की परमीशन नहीं है। वॉट्सएप, टेलीग्राम जैसे एप्स पर गैर-गोपनीय जानकारी शेयर कर सकेंगे। इसके अलावा यू-ट्यूब और एक्स का इस्तेमाल केवल जानकारी के लिए किया जा सकेगा। वहीं लिंक्डइन, स्काइप और सिग्नल एप के लिए भी नई गाइडलाइन जारी की गई है।
भारतीय सेना ने पिछले महीने नए कोट कॉम्बैट के डिजाइन (डिजिटल प्रिंट) का पेटेंट कराया था। यह तीन-लेयर वाली यूनिफॉर्म सैनिकों के लिए हर मौसम में आरामदायक है। यानी कोई बिना सेना की अनुमति के इस डिजाइन का यूनिफॉर्म न तो बना सकेगा न बेच सकेगा व उपयोग कर सकेगा। ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई और जुर्माना होगा। इस नए कोट कॉम्बैट को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट), दिल्ली ने आर्मी डिजाइन ब्यूरो के साथ तैयार किया है। सेना ने जनवरी 2025 में नया कॉम्बैट यूनिफॉर्म को पेश किया था।
ओला-उबर में महिलाएं चुन सकेंगी फीमेल ड्राइवर
26 Dec, 2025 11:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एप में जेंडर चॉइस ऑप्शन जरूरी, ड्राइवर को टिप भी दे सकेंगे; नई गाइडलाइंस जारी
नई दिल्ली । जल्द ही आपको कैब से राइड बुक करने के लिए ओला, उबर और रैपिडो जैसे एप में सेम जेंडर का ड्राइवर चुनने का ऑप्शन मिलेगा। साथ ही ट्रिप पूरी होने के बाद ड्राइवर को टिप भी दे सकेंगे। इस टिप की पूरी रकम ड्राइवर को ही मिलेगी। इन नियमों का का मकसद पैसेंजर्स की सेफ्टी बढ़ाना है। खासतौर पर महिला पैसेंजर्स के लिए फीमेल ड्राइवर चुनने की सुविधा होगी। सरकार ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स गाइडलाइंस, 2025 में बदलाव किए हैं। राज्यों को इसे लागू करने के लिए कहा गया है।
नोटिफिकेशन में अभी कोई स्पष्ट प्रभावी तारीख नहीं दी गई है, इसलिए इसे जारी होने की तारीख से ही प्रभावी माना जाता है। जुलाई 2025 में जब मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स की मूल गाइडलाइंस जारी की गई थी तो राज्यों को इन्हें अपनाने के लिए 3 महीने का समय दिया गया था। संशोधन के लिए भी कुछ ऐसा ही हो सकता है, लेकिन अभी कोई फिक्स्ड टाइमलाइन नहीं बताई गई है। ये गाइडलाइंस केंद्र सरकार की हैं। राज्य सरकारें इन संशोधनों को अपनी लाइसेंसिंग प्रक्रिया में शामिल करेंगी। एग्रीगेटर्स को अपना एप अपडेट करना होगा, जैसे क्लॉज 15.6 के तहत सेम जेंडर के ड्राइवर चुनने का फीचर जोडऩा। कंपनियां लाइसेंस बनाए रखने या रीन्यू करने के लिए अनुपालन करेंगी। यदि नहीं किया तो लाइसेंस सस्पेंड या कैंसिल हो सकता है। व्यावहारिक रूप से, कंपनियों को एप में बदलाव करने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन अनुपालन अनिवार्य है।
देश में अभी महिला ड्राइवर की संख्या 5 प्रतिशत से भी कम
सरकार के फैसले पर इंडस्ट्री एक्सपट्र्स का कहना है कि इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कैब एग्रीगेटर प्लेटफॉम्र्स से जुड़े अधिकारी ने बताया, फिलहाल पूरे देश में कुल कैब ड्राइवरों में महिलाओं की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से भी कम है। ऐसे में समान जेंडर ड्राइवर चुनने का ऑप्शन प्रैक्टिकल नहीं लगता। इससे ऑन-डिमांड सर्विस की प्रकृति प्रभावित होगी। महिला ड्राइवरों की कमी की वजह से बुकिंग के दौरान वेटिंग टाइम काफी बढ़ सकता है, खासकर लेट नाइट में जब डिमांड ज्यादा होती है और ड्राइवर्स कम उपलब्ध होते हैं। उबर, ओला और रैपिडो ने फिलहाल इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।
भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड वार्ता अंतिम दौर में, भारत का अमेरिका को फाइनल ऑफर
26 Dec, 2025 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करो, रूसी तेल पर लगी पेनाल्टी भी खत्म हो
नई दिल्ली । भारत ने अमेरिका के सामने ट्रेड वार्ता में अपना आखिरी प्रस्ताव रख दिया है। भारत चाहता है कि उस पर लगाए गए कुल 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 15 प्रतिशत किया जाए और रूस से कच्चा तेल खरीदने पर जो एक्स्ट्रा 25 प्रतिशत पेनाल्टी लगाई गई है, उसे पूरी तरह खत्म किया जाए। दोनों देशों के बीच चल रही इस वार्ता से नए साल में कोई ठोस फैसला निकलने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल का कहना है कि समझौते पर जल्द सहमति बन सकती है, हालांकि उन्होंने कोई तय समय सीमा नहीं बताई। इस हफ्ते भारत और अमेरिका की व्यापार टीमों के बीच दिल्ली में बैठक हुई। बातचीत दो मुद्दों पर हो रही है। पहला एक बड़े और स्थायी व्यापार समझौते पर और दूसरा अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को हटाने या कम करने के लिए एक फ्रेमवर्क समझौते पर।
अगर अमेरिका भारत पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैक्स घटाकर 15 प्रतिशत कर देता है और रूस से तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत की पेनाल्टी हटा देता है, तो-भारतीय सामान अमेरिका में सस्ता होगा, जिससे वहां हमारा एक्सपोर्ट बढ़ेगा। भारतीय कंपनियों को फायदा होगा, ज्यादा ऑर्डर मिलेंगे और रोजगार के मौके बढ़ सकते हैं। भारत में डॉलर ज्यादा आएगा, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। भारत रूस से सस्ता तेल बिना डर के खरीद सकेगा, इससे पेट्रोल-डीजल के दाम काबू में रहेंगे। दोनों देशों के रिश्ते और बेहतर होंगे और आगे बड़ा व्यापार समझौता आसान हो जाएगा। अगर अमेरिका टैरिफ कम नहीं करता और पेनाल्टी भी जारी रखता है, तो भारतीय सामान अमेरिका में महंगे रहेंगे, जिससे हमारी बिक्री घट सकती है। कुछ इंडस्ट्री पर दबाव पड़ेगा, मुनाफा घट सकता है और नौकरियों पर असर पड़ सकता है। रूस से तेल खरीदना महंगा या मुश्किल हो जाएगा, जिससे ईंधन के दाम बढ़ सकते हैं।दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है और व्यापार समझौते में देरी हो सकती है।
25 प्रतिशत टैरिफ रूसी तेल खरीदने की वजह से
अमेरिका ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। इसमें से 25 प्रतिशत को वह ‘रेसिप्रोकल (जैसे को तैसा) टैरिफ’ कहता है। जबकि 25 प्रतिशत रूसी तेल खरीदने की वजह से लगाया गया है। अमेरिका का कहना है कि इससे रूस को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है। भारत का कहना है कि यह पेनाल्टी गलत है और इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए।
रूसी तेल की खरीद में गिरावट दर्ज हो सकती है
उम्मीद की एक वजह यह भी है कि जनवरी में आने वाले आंकड़ों में भारत के रूसी तेल आयात में बड़ी गिरावट दिख सकती है। नवंबर 21 से रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू हुए हैं। इसके बाद भारत का रूस से तेल आयात घटने लगा है। भारत का रूसी तेल आयात नवंबर में करीब 17.7 लाख बैरल प्रति दिन था, जो दिसंबर में घटकर लगभग 12 लाख बैरल प्रति दिन रह गया है। आने वाले समय में यह 10 लाख बैरल प्रति दिन से भी नीचे जा सकता है। यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बन गया था, जिस पर ट्रम्प प्रशासन ने कई बार सवाल उठाए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि भारत रूस से तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन पर हो रहे हमलों को फंड कर रहा है।
यूरोपीय यूनियन जैसी राहत चाहता है भारत
अब भारत की कोशिश है कि बचे हुए 25 प्रतिशत टैरिफ को भी घटाकर 15 प्रतिशत किया जाए, ताकि भारत को वही राहत मिले जो यूरोपीय यूनियन को मिल रही है। अगर टैरिफ इससे ज्यादा रहा, तो भारतीय निर्यातकों को दूसरे देशों के मुकाबले नुकसान होगा। उदाहरण के तौर पर, इंडोनेशिया पर अमेरिकी टैरिफ पहले 32 प्रतिशत था, जिसे घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है। भारत का साफ कहना है कि उसे भी समान स्तर पर राहत मिलनी चाहिए। भारत ने अमेरिका को साफ संदेश दिया है, रूसी तेल पर लगी पेनाल्टी खत्म की जाए और कुल टैरिफ को घटाकर 15 प्रतिशत किया जाए। अब गेंद अमेरिका के पाले में है और सबकी नजर राष्ट्रपति ट्रम्प के फैसले पर टिकी है।
दिल्ली में 5 रुपए में खाना मिलेगा
26 Dec, 2025 09:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर ‘अटल कैंटीन’ योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत शहर में 100 जगहों पर 5 रुपए में एक प्लेट खाना मिलेगा। हर कैंटीन में लगभग 500 लोगों को खाना उपलब्ध कराया जाएगा। दिल्ली की ष्टरू रेखा गुप्ता ने कहा, अटल कैंटीन दिल्ली की आत्मा बनेगी, यह ऐसा स्थान होगा जहां किसी को भी भूखा सोना नहीं पड़े।
सीएम ने अटल कैंटीन का जायजा लिया जहां भोजन परोस रहे और भोजन कर रहे लोगों से बातचीत की। बातचीत के दौरान लोगों ने कहा कि 5 रुपए में ऐसा स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन मिलना बड़ी बात है। दिल्ली सरकार की ये पहल गरीब और मजदूर के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।
45 कैंटीन का उद्घाटन किया, 55 का बाद में
इस योजना का उद्देश्य गरीबों, मजदूरों और कम आय वाले परिवारों को सम्मान के साथ खाना उपलब्ध कराना है। सरकार ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों आरके पुरम, जंगपुरा, शालीमार बाग, ग्रेटर कैलाश, राजौरी गार्डन, नरेला, बवाना सहित 45 अटल कैंटीनों की शुरुआत की है। बाकी 55 कैंटीनों का उद्घाटन आने वाले दिनों में किया जाएगा। इन कैंटीनों में प्रतिदिन दो समय खाना परोसा जाएगा
यात्रीगण कृपया ध्यान दें! आज से बदल गया ट्रेनों का किराया, सफर पर निकलने से पहले देख लें अपनी जेब का बजट
26 Dec, 2025 08:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Railway Fare Hike India: रेलवे ने आज यानी शुक्रवार, 26 दिसंबर से किराया बढ़ा दिया है. अगर आप भी ट्रेन से यात्रा करते हैं तो अब आपके ऊपर थोड़ा सा भार बढ़ सकता है. रेल मंत्रालय ने 21 दिसंबर को किराया बढ़ाने के फैसले की घोषणा की थी. अब अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. बता दें, यह साल 2025 में दूसरी बार है जब रेल मंत्रालय ने किराया पर संसोधन किया है. इससे पहले जुलाई में किराए में बढ़ोत्तरी की गई थी. यहां जानें नई व्यवस्था के तहत कितना बढ़ेगा किराया?
रेलवे की इस नई व्यवस्था के तहत सामान्य श्रेणी में 215 किमी. तक की यात्रा में किराए पर कोई असर नहीं पड़ेगा. यानी 215 किलो मीटर तक के लिए किराया सेम ही रहेगा, इस पर कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है. यह किराया 216 किमी. से ज्यादा की यात्रा पर बढ़ेगा. जिसके अनुसार सामान्य श्रेणी में 1 पैसा प्रति किमी. और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी और सभी एसी श्रेणियों में 2 पैसे प्रति किमी. किराया बढ़ाया गया है. बढ़े हुए किराए को लेकर रेल मंत्रालय ने बताया कि किराया बढ़ाने का मकसद रेलवे के संचालन खर्च और यात्रियों की वहन क्षमता के बीच संतुलन बनाना है.
कितना बढ़ेगा किराया
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, ऐसे यात्री जो प्रतिदिन ट्रेन से सफर करते हैं. ऐसे लोगों पर बोझ न बढ़े, इसके लिए सीजन टिकट और उपनगरीय सेवाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसके अलावा 215 किमी. तक सफर करने वालों को राहत दी गई है. साधारण नान-एसी ट्रेनों में दूसरे दर्जे के लिए 216 किमी से 750 किमी. की दूरी तक 5 रुपए तो वहीं 751 से लेकर 1250 किमी. तक सफर के लिए अब 10 रुपए और 1251 से 1750 किमी. तक के लिए 15 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है. जबकि, 1751 से लेकर 2250 किमी. की यात्रा के लिए 20 रुपए किराया बढ़ाया गया है.
भारत में पेट्रोल पंप की संख्या 1 लाख पार
26 Dec, 2025 08:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फ्यूल रिटेल मार्केट बन गया है। पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर अंत तक देश में पेट्रोल पंप की संख्या 1,00,266 पहुंच गई है।
पेट्रोल पंप नेटवर्क के मामले में भारत अब अमेरिका और चीन से पीछे है। राजमार्गों और ग्रामीण इलाकों में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकारी और निजी कंपनियों ने पिछले एक दशक में अपना नेटवर्क करीब दोगुना कर लिया है। दुनिया में सबसे बड़ा पेट्रोल पंप नेटवर्क अमेरिका का है। अमेरिका में पेट्रोल पंप की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं लेकिन 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार देश में खुदरा पेट्रोल पंप की संख्या 1,96,643 थी। तब से कुछ पंप बंद हो चुके होंगे। वहीं, पिछले साल एक रिपोर्ट में चीन में पेट्रोल पंप की संख्या 1,15,228 बताई गई थी। चीन की कंपनी चाइना पेट्रोकेमिकल कॉरपोरेशन (सिनोपेक) 30,000 से ज्यादा पंपों के साथ वहां की सबसे बड़ी रिटेलर है, लेकिन भारत की आईओसी का नेटवर्क (41,664 पंप) सिनोपेक से भी कहीं बड़ा है।
10 साल में पेट्रोल पंपों की संख्या दोगुना हुई
देश में पेट्रोल पंपों का नेटवर्क बहुत तेजी से बढ़ा है। साल 2015 में भारत में कुल 50,451 पेट्रोल पंप थे, जो अब 2025 के अंत तक बढक़र 1 लाख से ज्यादा हो गए हैं। इस विस्तार में सरकारी कंपनियों के साथ-साथ निजी कंपनियों ने भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। निजी कंपनियों का मार्केट शेयर 2015 में सिर्फ 5.9 प्रतिशत था, जो अब बढक़र 9.3 प्रतिशत हो गया है। भारतीय फ्यूल मार्केट पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का एक छत्र राज है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियों के पास देश के 90 प्रतिशत से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। आंकड़ों के अनुसार, इंडियन ऑयल 41,664 पेट्रोल पंप के साथ देश की सबसे बड़ी कंपनी है। इसके बाद बीपीसीएल के 24,605 और एचपीसीएली के 24,418 स्टेशन देशभर में मौजूद हैं।
कंधमाल में मुठभेड़ में 3 माओवादी मारे गए, एक महिला कैडर शामिल
25 Dec, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कंधमाल । ओडिशा के कंधमाल जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 3 माओवादी मारे गए हैं। इनमें एक महिला कैडर शामिल है। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ रात बलिगुड़ा थाना क्षेत्र के गुम्मा जंगल में हुई।
मारे गए दो पुरुष माओवादियों की पहचान सीपीआई (माओवादी) के क्षेत्र कमेटी मेंबर बारी उर्फ राकेश और दलम सदस्य अमृत के रूप में हुई है। दोनों छत्तीसगढ़ निवासी थे और इन पर कुल 23.65 लाख रुपए का इनाम घोषित था। एक अन्य महिला माओवादी का शव गुरुवार सुबह मुठभेड़ स्थल के पास से बरामद किया। उसकी पहचान अभी नहीं हुई है। सुरक्षा बलों की ओर से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटनास्थल से एक रिवॉल्वर, एक .303 राइफल और एक वॉकी-टॉकी सेट बरामद हुआ है पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूचना के आधार पर ओडिशा पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की एक मोबाइल टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान माओवादियों से मुठभेड़ हो गई और दोनों ओर से गोलीबारी हुई।
चर्च परिसर रंग-बिरंगी लाइट्स, क्रिसमस ट्री और यीशु मसीह की झांकियों से सजे
25 Dec, 2025 08:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर। जयपुर में क्रिसमस का त्यौहार श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। शहर के अलग-अलग चर्चों में सुबह से ही प्रार्थनाओं, कैरोल गायन और सामूहिक समारोहों का आयोजन किया गया। चर्च परिसरों को रंग-बिरंगी लाइट्स, सितारों, क्रिसमस ट्री और यीशु मसीह के जन्म की झांकियों से सजाया गया। इससे माहौल पूरी तरह उत्सवी हो गया। सेंट जेवियर्स चर्च, ऑल सेंट्स चर्च समेत कई चर्चों में आधी रात और सुबह विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। इन सभाओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और यीशु मसीह के जन्म का संदेश साझा किया गया।
चर्च में बच्चों और युवाओं ने पारंपरिक क्रिसमस कैरोल्स ने वातावरण को भावनात्मक और आनंदमय बना दिया। ‘जॉय टू द वर्ल्ड’, ‘साइलेंट नाइट’ जैसे गीतों के साथ प्रभु यीशु के जीवन और उनके संदेशों का स्मरण किया गया। कैरोल गायन में पूरा परिसर उल्लास से भर गया। क्रिसमस सेलिब्रेशन पूरी तरह पारंपरिक अंदाज में मनाया गया। प्रार्थना के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर बधाइयां दी गईं, केक काटे गए और बच्चों को विशेष उपहार व मिठाइयां वितरित की गईं। कई चर्चों में बच्चों द्वारा छोटे नाट्य मंचन और झांकियों के जरिए प्रभु यीशु के जन्म की कथा प्रस्तुत की गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। चर्चों के बाहर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन की ओर से पर्याप्त बल तैनात रहा, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के त्योहार का आनंद ले सकें।
सेंट एंड्रयूस चर्च के मीडिया इंचार्ज ने बताया कि यह खुशनुमा समय है। हम पूरे शहर को इसकी शुभकामनाएं दे रहे हैं। हर साल की तरह इस बार भी क्रिसमस को हर्ष और उल्लास के तरीके से मना रहे हैं। यह नई रोशनी को लेकर आने वाला त्योहार है। यहां से नई जिंदगी की शुरुआत की जा सकती है। सेंट एंड्रयूस चर्च के सेक्रेटरी ने कहा कि इस पूरे वीक में काफी इवेंट हो रहे हैं। यहां स्पोर्ट्स इवेंट भी रखे गए हैं। आगे के दिनों में डिनर भी प्लान किया गया है। क्रिसमस पर पूरा माहौल उल्लास के साथ सेलिब्रेशन कर रहे हैं। बच्चे और युवाओं को उपहार भी मिल रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक घाटगेट स्थित सेक्रेड हार्ट चर्च राजस्थान के सबसे पुराने चर्चों में से एक है, जिसका निर्माण 19वीं सदी के आखिर में हुआ था। यहां न केवल क्रिसमस, बल्कि ईस्टर जैसे पर्व भी पारंपरिक और भव्य रूप से मनाए जाते हैं। इसी तरह सेंट जेवियर्स चर्च और सेंट जेवियर्स चर्च अशोक नगर में भी पारंपरिक प्रार्थनाओं के साथ कलात्मक सजावट देखने को मिली। कहीं स्कॉटिश शैली की वास्तुकला झलकती नजर आई, तो कहीं भारतीय और ब्रिटिश वास्तु कला का संगम दिखा।
नवी मुंबई हवाई अड्डे से विमान ने भरी पहली वाणिज्यिक उड़ान, मिला वाटर कैनन सैल्यूट
25 Dec, 2025 07:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। नवी मुंबई (Navi Mumbai) अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ( International Airport) ने गुरुवार को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही हवाई अड्डे ने अपनी पहली वाणिज्यिक उड़ान (Commercial Flight) के आगमन के साथ परिचालन शुरू कर दिया है। बेंगलुरु से आ रही इंडिगो (Indigo) की फ्लाइट 6E460 सुबह 8 बजे नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी और उसका स्वागत वाटर कैनन सैल्यूट से किया गया।
वाटर कैनन सैल्यूट एक औपचारिक परंपरा है, जिसमें विमान के टैक्सी करते समय फायर ट्रक उस पर पानी की बौछार करते हैं। पहली उड़ान के उतरने से पहले इंडिगो के कर्मचारियों ने केक काटकर और नारियल फोड़कर इसका जश्न मनाया। लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट से पहली उड़ान इंडिगो की फ्लाइट 6E882 हैदराबाद के लिए सुबह 8:40 बजे रवाना हुई।
अदानी समूह की ओर से बताया गया कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को वाणिज्यिक उड़ान संचालन शुरू हो गया। यह भारत की वित्तीय राजधानी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि यह मौजूदा मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वर्षों की भीड़भाड़ के बाद औपचारिक रूप से बहु-हवाई अड्डा प्रणाली की ओर अग्रसर है।
स्वदेशी मिसाइल Akash-NG का सेना में शामिल होने का रास्ता साफ… जानें इसकी खासियत
25 Dec, 2025 06:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत (India) के उन्नत आकाश-एनजी मिसाइल (Akash-NG missile) के उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षण पूरे हो गए हैं। इसके साथ ही इसके सेना और वायुसेना (Army and Air Force) में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है। जानकारों की राय में नई पीढ़ी की सतह से हवा में वार करने वाली यह मिसाइल प्रणाली (Missile system) दक्षिण एशिया में सुरक्षा समीकरण बदलने की क्षमता रखती है। आकाश-एनजी प्रणाली तेज गति से आने वाले हवाई खतरों से निपटने में सक्षम है।
ध्वनि की गति से ढाई गुना अधिक रफ्तार से काम करने वाली इस मिसाइल प्रणाली की मारक क्षमता लगभग 60 किलोमीटर है। यह उन्नत संस्करण भारत की उत्तर और पश्चिम सीमाओं पर आधुनिक हवाई खतरों के खिलाफ एक शक्तिशाली कवच प्रदान करता है। आकाश-एनजी दुश्मन के स्टील्थ फाइटर जेट, क्रूज मिसाइल और ड्रोन जैसे लो राडार क्रॉस सेक्शन वाले खतरों को सटीक निशाना बना सकता है।
2026 में होगी शामिल
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि परीक्षणों के दौरान आकाश एनजी मिसाइलों ने कम ऊंचाई व लंबी दूरी और अधिक ऊंचाई वाली परिस्तिथियों में हवाई लक्ष्यों को अत्यंत सटीकता के साथ सफलतापूर्वक भेदा। परीक्षणों के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ-साथ वायुसेना के अधिकारी भी मौजूद रहे। डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने कहा कि इस सफल परीक्षण से आकाश-एनजी को सेनाओं में शामिल किए जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। सूत्रों के मुताबिक अगले वर्ष तक यह मिसाइल प्रणाली वायुसेना में शामिल हो पाएगी।
अन्य प्रणालियों से एकीकरण
लगभग 96 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री वाली यह प्रणाली विदेशी हथियारों पर देश की निर्भरता कम करती है। आकाश एनजी को आधुनिक कमान-नियंत्रण नेटवर्कों के साथ जोड़ा जा सकता है, जिससे यह अन्य रक्षा प्रणालियों के साथ एकीकृत रूप से कार्य कर सकती है। यानी सेनाओं के लिए अब किसी भी हवाई दुस्साहस का जवाब देना कहीं आसान हो गया है।
दूसरों पर कम होगी निर्भरता
पूर्व वायुसेना प्रमुख अरूप राहा ने कहा कि आधुनिक युद्धों में बेहतर एयर डिफेंस क्षमताएं होना बहुत महत्वपूर्ण है। ऑपेरशन सिंदूर में दुश्मन इसलिए नुकसान नहीं पहुंचा पाया क्योंकि हमारा एयर डिफेंस अच्छा था। आकाश एनजी की रेंज और प्रभावशालिता काफी अच्छी है। स्वदेश में ही एयर डिफेंस क्षमता विकसित करने से दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वहीं जाने माने रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल जीडी बख्शी ने कहा कि आकाश एनजी जैसी क्विक रिएक्शन मिसाइल से हमारी वायु रक्षा प्रणाली बहुत मजबूत हो जाएगी। इससे एक लीक प्रूफ अम्ब्रेला बन जाएगा और अब भारत दुश्मन द्वारा फायर की गई 90 प्रतिशत से भी ज़्यादा मिसाइलों को रोक पाने में सक्षम होगा। आकाश एनजी रूस, अमेरिका और समूचे यूरोप में इस श्रेणी की अन्य प्रणालियों की तुलना में बहुत सस्ता है।
भारत ने पनडुब्बी से सफलतापूर्वक परीक्षण किया 3500KM रेंज वाली घातक परमाणु मिसाइल
25 Dec, 2025 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारत ने मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में अपनी परमाणु संचालित पनडुब्बी(Nuclearpoweredsubmarine) INS अरिघात से 3500 किलोमीटर रेंज वाली इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल(intermediate-range ballistic missile) K-4 का परीक्षण किया। यह परीक्षण विशाखापत्तनम(test Visakhapatnam) तट के पास किया गया। रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence)की ओर से इस परीक्षण पर कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है, लेकिन सूत्रों ने पुष्टि की है कि यह ठोस ईंधन वाली K-4 मिसाइल थी, जो दो टन परमाणु पेलोड (nuclear payload)ले जाने में सक्षम है। यह मिसाइल भारत की परमाणु हथियार त्रयी के समुद्री हिस्से को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मंगलवार के परीक्षण का व्यापक विश्लेषण किया जाएगा, ताकि यह तय हो सके कि क्या सभी निर्धारित तकनीकी पैरामीटर और मिशन उद्देश्य पूरे हुए हैं या कोई कमी रह गई है। बैलिस्टिक मिसाइलों, विशेष रूप से पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली मिसाइलों को पूर्ण ऑपरेशनल स्टेटस हासिल करने के लिए कई परीक्षणों की जरूरत पड़ती है।
दो स्टेज वाली K-4 मिसाइल के पहले कई परीक्षण वर्षों से समुद्र के भीतर सबमर्सिबल पॉन्टून प्लेटफॉर्म से किए जाते रहे हैं। हालांकि नवंबर 2024 में इसे पहली बार INS अरिघात से दागा गया था। INS अरिघात भारत की दूसरी परमाणु संचालित पनडुब्बी है, जो परमाणु हथियारों वाली बैलिस्टिक मिसाइलें (नौसेना की भाषा में SSBN) ले जाने में सक्षम है। इसे पिछले साल 29 अगस्त को कमीशन किया गया था। यह 6,000 टन वजनी पनडुब्बी त्रि-सेवा रणनीतिक बल कमांड द्वारा संचालित की जाती है।
SSBN बेड़े का विस्तार
इसकी पूर्ववर्ती पनडुब्बी INS अरिहंत, जो 2018 में पूरी तरह ऑपरेशनल हुई, केवल 750 किलोमीटर रेंज वाली K-15 मिसाइलें ले जा सकती है। भारत अब गोपनीय रूप से चल रहे 90,000 करोड़ रुपये से अधिक के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल (ATV) कार्यक्रम के तहत तीसरी SSBN INS अरिदमन को 2026 की पहली तिमाही में और चौथी को 2027-28 में कमीशन करेगा।
ये दोनों नई SSBN पहले दो की तुलना में थोड़ी बड़ी होंगी, जिनका विस्थापन 7,000 टन प्रत्येक होगा। भविष्य में 13,500 टन वाली SSBN बनाने की भी योजना है, जिनमें मौजूदा 83 MW की बजाय अधिक शक्तिशाली 190 MW प्रेशराइज्ड लाइट-वॉटर रिएक्टर लगाए जाएंगे। वर्तमान में भारत की SSBN अमेरिका, चीन और रूस की तुलना में आकार में आधी से भी कम हैं।
K-5 और K-6 की राह
K-4 की परिचालन तैनाती के बाद भारत 5,000 से 6,000 किलोमीटर रेंज वाली K-5 और K-6 पनडुब्बी-प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइलों को भी शामिल करेगा। इससे अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के साथ मौजूद अंतर को कुछ हद तक कम करने में मदद मिलेगी, जिनके पास अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) हैं।
परमाणु त्रिकोण की मजबूती
भारत के परमाणु त्रिकोण के अन्य दो चरण पहले से ही बेहद मजबूत माने जाते हैं। जमीनी चरण में Agni-5 जैसी 5,000 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली मिसाइलें हैं, जबकि वायुसेना के पास राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और मिराज-2000 जैसे विमान हैं, जो परमाणु ग्रैविटी बम ले जाने में सक्षम हैं।
आज भी 'सदैव अटल' हैं वाजपेयी: जयंती पर स्मारक पर उमड़ा जनसैलाब, जानें क्यों आज भी देश उन्हें सबसे लोकप्रिय पीएम मानता है
25 Dec, 2025 02:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: Atal Bihari Vajpayee Jayanti के अवसर पर राजधानी दिल्ली में श्रद्धा और सम्मान का भावपूर्ण वातावरण देखने को मिला। भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सदैव अटल’ स्मारक पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अटल बिहारी वाजपेयी को भारतीय राजनीति का एक युगपुरुष बताया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में लोकतंत्र, सुशासन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। उनके विचार, सिद्धांत और आदर्श आज भी देश को सही दिशा दिखाने का काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि अटल जी की राजनीति संवाद, सहमति और संवेदनशीलता पर आधारित थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Atal Bihari Vajpayee Jayanti पर अटल जी को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रसेवा और विचारशील राजनीति का प्रतीक रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई और विकास के साथ मानवीय मूल्यों को भी राजनीति के केंद्र में रखा। उन्होंने अटल जी को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच आज भी देश की नीतियों में झलकती है।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी अटल जी को एक महान कवि, प्रभावशाली वक्ता और दूरदर्शी नेता बताया। उन्होंने कहा कि अटल जी की नीतियों और फैसलों से देश को दीर्घकालीन लाभ मिला है।
इस अवसर पर कई केंद्रीय मंत्री, सांसद, वरिष्ठ नेता और गणमान्य नागरिक भी ‘सदैव अटल’ स्मारक पहुंचे। पूरे परिसर में देशभक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।
गौरतलब है कि अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को हुआ था। वे तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे और उनकी जयंती को देशभर में Atal Bihari Vajpayee Jayanti के साथ-साथ ‘सुशासन दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है।
अरावली में अब नहीं चलेंगी मशीनें! केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें क्या अब 'खत्म' हो जाएगा खनन माफिया का राज?
25 Dec, 2025 01:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: Aravalli Hills Mining Ban को लेकर केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और सख्त फैसला लिया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) ने अरावली पहाड़ियों के संरक्षण के लिए सभी संबंधित राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार की नई खनन लीज जारी नहीं की जाएगी। यह प्रतिबंध गुजरात से लेकर दिल्ली तक फैली पूरी अरावली पर्वत श्रृंखला पर समान रूप से लागू होगा।
सरकार का उद्देश्य अरावली में लंबे समय से चल रहे अवैध और अनियंत्रित खनन पर पूरी तरह रोक लगाना है, ताकि इस प्राचीन पर्वत श्रृंखला को एक सतत और संरक्षित भू-आकृति के रूप में बचाया जा सके। अरावली पहाड़ियां दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के पर्यावरणीय संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये पहाड़ियां वायु प्रदूषण को नियंत्रित करती हैं, रेगिस्तान के फैलाव को रोकती हैं, भूजल स्तर को रिचार्ज करती हैं और समृद्ध जैव विविधता को संरक्षित रखती हैं।
Aravalli Hills Mining Ban को प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को भी अहम जिम्मेदारी सौंपी है। ICFRE पूरे अरावली क्षेत्र में अतिरिक्त संवेदनशील इलाकों की पहचान करेगा, जहां खनन गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके लिए पारिस्थितिकी, भू-विज्ञान और परिदृश्य के आधार पर वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा।
हालांकि, जो खदानें पहले से संचालित हैं, उनके लिए राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन कराएं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए जाएंगे और सस्टेनेबल माइनिंग के सभी मानकों का पालन अनिवार्य होगा। सरकार ने साफ किया है कि खनन गतिविधियों से पर्यावरण और भूजल स्तर को किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
दिल्ली के कैथेड्रल चर्च पहुंचे पीएम मोदी, क्रिसमस पर लोगों से साझा किया संदेश
25 Dec, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज गुरुवार, 25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर पीएम मोदी नई दिल्ली स्थित कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन पहुंचे, जहां पीएम प्रार्थना सभा में शामिल हुए. इस दौरान कैरेल, भजन और क्रिसमस की विशेष प्रार्थनाएं की गईं. प्रार्थना सभा में प्रार्थना, कैरल, भजन और दिल्ली के बिशप, रेवरेंड डॉ. पॉल स्वरूप द्वारा प्रधानमंत्री के लिए विशेष प्रार्थना शामिल थी |
PM मोदी ने दी बधाई
क्रिसमस के मौके पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर बधाई देते हुए लिखा, “सभी को शांति, करुणा और आशा से भरी आनंदमयी क्रिसमस की शुभकामनाएं. ईश्वर करे यीशु मसीह की शिक्षाएं हमारे समाज में सद्भाव को मजबूत करें.”
पीएम मोदी ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, “मैंने दिल्ली के कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन में क्रिसमस की सुबह की प्रार्थना सभा में भाग लिया. प्रार्थना सभा में प्रेम, शांति और करुणा का शाश्वत संदेश झलक रहा था. आशा है कि क्रिसमस की भावना हमारे समाज में सद्भाव और मेलजोल को प्रेरित करेगी |
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