देश
वक्फ बिल के खिलाफ बंगाल में हिंसा भड़की! पथराव और आगजनी जारी
12 Apr, 2025 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बंगाल: वक्फ कानून के विरोध में बंगाल हिंसा की आग में जल रहा है। मुर्शिदाबाद में स्थिति तनावपूर्ण है। सुती, धुलियान और शमशेरगंज जैसे इलाकों में अशांति और हिंसा की तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। वहीं जंगीपुर, अमातला और चापदानी में भी अशांति की तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। मुस्लिम संगठन लगातार वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार रात के बाद शनिवार सुबह मुर्शिदाबाद के कई इलाकों में फिर से हिंसा भड़क उठी है। धुलियान और शमशेरगंज समेत बड़े इलाके में अशांति का माहौल है।
आज सुबह फिर से दो लोगों को गोली मारी गई। दो दिनों में कुल 4 लोगों को गोली मारी गई। बताया जा रहा है कि धुलियान में भी उसी दिन गोलीबारी हुई थी। घायलों में गुलाम मोहिउद्दीन शेख (21) और हसन शेख (12) शामिल हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। इस विरोध प्रदर्शन के बीच राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को फिर से घोषणा की कि बंगाल में वक्फ कानून लागू नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हालांकि हिंसा के बीच राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार का कहना है कि पुलिस को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। पुलिस हमेशा स्थिति से सख्ती से निपटने के लिए तैयार है।
कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं
शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल साइट एक्स पर लिखा, "कुछ राजनीतिक दल राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए धर्म का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बहकावे में न आएं।" उन्होंने आगे लिखा कि वह राज्य के सभी धर्मों के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करती हैं। संयम से काम लें और धर्म को सामने रखकर कोई भी अधार्मिक काम न करें। हर इंसान की जान कीमती है, राजनीति के लिए अशांति न पैदा करें। अशांति पैदा करने वाले लोग समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ममता बनर्जी ने फिर कहा- राज्य में लागू नहीं होगा वक्फ कानून
इसके बाद ममता बनर्जी गेंद केंद्र के पाले में डालती हैं और लिखती हैं, "याद रखिए, जिस कानून के खिलाफ बहुत से लोग आंदोलन और विरोध कर रहे हैं, वह कानून बंगाल सरकार ने नहीं बनाया है। वह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है, इसलिए इसका जवाब केंद्र सरकार ही दे सकती है और इसका जवाब भी केंद्र सरकार से ही मांगा जाना चाहिए।" ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा, "हमने इस मामले पर अपनी स्थिति साफ कर दी है- हम इस कानून का समर्थन नहीं करते हैं। यह कानून हमारे राज्य में लागू नहीं होगा।" इस बीच, राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, "हमारी भावनाओं से मत खेलिए, हम स्थिति से मजबूती से निपट रहे हैं। अफवाहों से सावधान रहें, अब समय आ गया है कि हम मिलकर स्थिति को संभालें।"
ममता बनर्जी ने तोड़ी चुप्पी, केंद्र पर फोड़ा मुर्शिदाबाद हिंसा का ठीकरा
12 Apr, 2025 04:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को लेकर मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा के बाद लोगों से शांति बरतने की अपील की है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में सभी धर्मों के लोगों से एकजुट रहने और हिंसा से दूर रहने को कहा. साथ ही ममता ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस कानून का समर्थन नहीं करती और वह इसे राज्य में लागू नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि इस कानून के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है. जो इस इसका विरोध कर रहे हैं उन्हें केंद्र सरकार से जवाब मांगना होगा.
ममता ने अपने संदेश में लिखा कि हर इंसान की जान कीमती है और धर्म के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि मैं सभी धर्मों के लोगों से विनम्र अपील करती हूं कि वे शांत और संयमित रहें. धर्म के नाम पर कोई गलत व्यवहार न करें. जो लोग हिंसा भड़का रहे हैं, वे समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं. उन्होंने यह भी साफ किया कि वक्फ कानून उनकी सरकार ने नहीं, बल्कि केंद्र सरकार ने बनाया है. इसलिए लोगों को अपनी नाराजगी केंद्र से जाहिर करनी चाहिए.
हिंसा क्यों?
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब उनकी सरकार ने इस कानून को लागू करने से इनकार कर दिया है, तो फिर हिंसा क्यों हो रहे हैं? उन्होंने कहा कि हमने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि हम इस कानून का समर्थन नहीं करते. इसे पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा. फिर दंगों का क्या मतलब है? ममता ने चेतावनी दी कि दंगे भड़काने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि हम हिंसा को बढ़ावा देने वालों को नहीं बख्शेंगे. ममता ने कुछ राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे वोट की राजनीति के लिए धर्म का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे दलों के बहकावे में न आएं. ममता ने जोर देकर कहा कि धर्म का असली मतलब है मानवता, दया, सभ्यता और आपसी भाईचारा. उन्होंने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने को कहा.
मुर्शिदाबाद में मंगलवार और फिर शुक्रवार को वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई. इसमें कई लोग घायल हुए हैं. तमाम सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया. रेल लाइनें और हाइवे बाधित कर दी गईं. पुलिस पर भी पथराव किया गया. कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया. इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए. पुलिस ने अब तक 100 लोगों को गिरफ्तार किया है और इलाके में धारा 163 लागू कर दी है.
नागपुर हादसा: फैक्ट्री में लगी आग से मचा हड़कंप, 5 की गई जान, कई घायल
12 Apr, 2025 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर में मौजूद एल्युमीनियम फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। इस लोग इस आग की चपेट में आ गए। खबरों की मानें तो इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
9 लोग आग में झुलसे
रिपोर्ट के अनुसार नागपुर जिले की एल्युमीनियम फैक्ट्री अचानक से आग की चपेट में आ गई। इस आग में 9 लोग बुरी तरह से झुलस गए। इनमें से 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 6 गंभीर रूप से घायल थे। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इस दौरान 2 अन्य लोगों ने भी दम तोड़ दिया। 4 घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
विस्फोट के बाद लगी आग
नागपुर ग्रामीण के एसपी हर्ष पोद्दार ने बताया कि उमरेर में स्थित एल्युमीनियम फैक्ट्री में भयंकर विस्फोट हुआ। इसी दौरान फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 5 लोगों की जान चली गई है। मृतकों में मौजूद 2 लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं 3 मृतकों का पहले कुछ पता नहीं चला। हालांकि बाद में उनके शवों की भी शिनाख्त हो गई है।
कई घंटे बाद बुझी आग
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह हादसा बीती शाम तकरीबन 7 बजे का है। फैक्ट्री में अचानक विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर तक सुनने को मिली। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। वहीं फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर आग बुझाना शुरू कर दिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है।
AIADMK की NDA में वापसी, मोदी ने कहा- DMK को जल्द हटाएंगे
12 Apr, 2025 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर तमिलनाडु की सियासत में भारी उलटफेर देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की बागडोर नयनार नागेंद्रन को देने का फैसला कर लिया है। वहीं, AIADMK ने NDA में शामिल होने का एलान कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर अपनी खुशी जाहिर की है।
पीएम मोदी ने शुक्रवार को देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि तमिलनाडु के विकास के लिए हम सभी मजबूती से एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि तमिलनाडु की प्रगति के लिए हम सभी एक होकर काम करेंगे। मुझे खुशी है कि AIADMK भी अब NDA परिवार में शामिल हो गई है। अपने सभी सहयोगियों के साथ मिलकर हम पूरी लगन से राज्य की सेवा करेंगे और तमिलनाडु को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाएंगे। हम राज्य में एक ऐसी सरकार स्थापित करेंगे, जो MGR और जयललिता के सपने को साकार करेगी।
पीएम मोदी ने लिखा कि तमिलनाडु की प्रगति और तमिल संस्कृति को संजोने के लिए भ्रष्ट और विभाजनकारी DMK को जल्द से जल्द उखाड़ फेंकना बेहद जरूरी है। यह काम हमारा गठबंधन करेगा।
गृह मंत्री ने की थी घोषणा
बता दें कि शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह ने AIADMK के NDA गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की थी। गृह मंत्री ने आगामी विधानसभा चुनाव साथ लड़ने का जिक्र करते हुए कहा था कि AIADMK और बीजेपी नेताओं ने गठबंधन बनाने पर सहमति दर्ज की है। अगले साल यानी 2026 में तमिलनाडु में चुनाव हो सकते हैं।
सियासी समीकरण
बीजेपी पिछले काफी समय से तमिलनाडु में अपनी छाप छोड़ने की कोशिश कर रही है। लोकसभा चुनाव 2024 में भी बीजेपी ने तमिलनाडु में जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। हालांकि दक्षिण भारत के राज्यों में पार्टी कोई सीट नहीं जीत सकी। वहीं, AIADMK भी तमिलनाडु में वापसी की जद्दोजहद में जुटी है।
2021 में भी हुआ था गठबंधन
2016 में जयललिता के निधन के बाद AIADMK एक बार फिर बीजेपी के साथ गठबंधन में है। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी दोनों पार्टियों ने हाथ मिलाया था। इस दौरान बीजेपी को 4 सीटों पर जीत मिली थी। हालांकि 2023 में यह गठबंधन टूट गया। मगर अब दोबारा AIADMK और बीजेपी ने साथ आने की घोषणा कर दी है।
नए वक्फ कानून पर मायावती का बड़ा हमला, कांग्रेस और बीजेपी दोनों को घेरा
12 Apr, 2025 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नए वक्फ कानून को लेकर सियासत गरमाई हुई है. इस बीच बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की मुखिया व उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हमला बोला है. साथ ही साथ उन्होंने वक्फ कानून पर राहुल गांधी की चुप्पी साधे रहने पर सवाल उठाए हैं. बसपा प्रमुख ने आरोप लगाए हैं कि राहुल गांधी चुप्पी से इंडिया गठबंधन में बेचैनी है.
मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में हुई लंबी चर्चा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा कुछ नहीं बोलना अर्थात सीएए की तरह संविधान उल्लंघन का मामला होने के विपक्ष के आरोप के बावजूद इनका चुप्पी साधे रहना क्या उचित है? इसे लेकर मुस्लिम समाज में आक्रोश व इनके इण्डिया गठबंधन में भी बेचैनी स्वाभाविक.’
‘धार्मिक अल्पसंख्यक छलावे से बचें’
उन्होंने कहा, ‘वैसे भी देश में बहुजनों के हित, कल्याण एवं सरकारी नौकरी व शिक्षा आदि में इन वर्गों के आरक्षण के अधिकार को निष्प्रभावी व निष्क्रिय बनाकर इन्हें वंचित बनाए रखने के मामले में कांग्रेस, बीजेपी आदि ये पार्टियां बराबर की दोषी हैं. धार्मिक अल्पसंख्यकों को भी इनके छलावा से बचना जरूरी.’
बसपा सुप्रीमो ने कहा, ‘इनके ऐसे रवैयों के कारण उत्तर प्रदेश में भी बहुजनों की स्थिति हर मामले में काफी बदहाल व त्रस्त है, जबकि भाजपाइयों को कानून हाथ में लेने की छूट है. साथ ही, बिजली व अन्य सरकारी विभागों में बढ़ते हुए निजीकरण से हालात चिन्तनीय हैं. सरकार जनकल्याण का संवैधानिक दायित्व सही से निभाए.’
मायावती सरकार को दे चुकी हैं चेतावनी
इससे पहले मायावती ने कहा था कि संसद में वक्फ संशोधन बिल पर सत्ता व विपक्ष को सुनने के बाद निष्कार्ष यही निकलता है कि केन्द्र सरकार यदि जनता को इस बिल को समझने के लिए कुछ और समय दे देती और उनके सभी संदेहों को भी दूर करके जब इस बिल को लाती तो यह बेहतर होता. दुख की बात यह है कि सरकार ने इस बिल को बहुत जल्दबाजी में लाकर जो इसे पास कराया है यह उचित नहीं और अब इस बिल के पास हो जाने पर यदि सरकारें इसका दुरुपयोग करती हैं तो फिर पार्टी मुस्लिम समाज का पूरा साथ देगी, ऐसे में इस बिल से पार्टी सहमत नहीं है.
राहुल गांधी ने की थी वक्फ कानून आलोचना
वहीं, राहुल गांधी ने बुधवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम की अलाोचना करते हुए इसे संविधान विरोधी और “धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला” बताया था. राहुल गांधी ने चेतावनी दी थी कि बहुत जल्द ही सत्तारूढ़ बीजेपी और आरएसएस, सिखों और ईसाइयों सहित अन्य अल्पसंख्यकों के अधिकारों को निशाना बनाना शुरू कर देंगे.
पवार परिवार में बजा शहनाई का शंख, जय पवार और रुतुजा पाटिल की सगाई
12 Apr, 2025 10:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे जय पवार की सगाई 10 अप्रैल को हुई. परिवार के इस खास कार्यक्रम में प्रतिभा पवार, प्रतापराव पवार, सुप्रिया सुले और शरद पवार सहित कई लोग मौजूद रहे. रुतुजा पाटिल अब पवार खानदान की बहु बनने वाली हैं. सगाई की तस्वीरें बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसमें जय पवार, रुतुजा का हाथ थामे हुए रोमांटिक अंदाज में नजर आए. जानते हैं मंगेतर रुतुजा पाटिल कौन हैं?
रुतुजा पाटिल महाराष्ट्र के सतारा जिले के फलटन की रहने वाली हैं. रुतुजा, उद्योगपति प्रवीण पाटिल की बेटी हैं. प्रवीण पाटिल व्यापार जगत में एक जाना-माना नाम हैं. रुतुजा काफी पढ़ी लिखी हैं. रुतुजा की बहन की भी शादी जाने माने बिजनेसमैन केसरी ट्रैवल्स के घर में हुई है. वो केसरी पाटिल की बहू हैं.
जय पवार की अभी राजनीति में सक्रिय एंट्री नहीं
अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार की अभी राजनीति में सक्रिय एंट्री नहीं हुई है. उनका झुकाव बिजनेस की ओर है. उन्होंने दुबई में रहकर कॉरपोरेट जगत में सक्रिय तौर पर काम किया. अब वो मुंबई और बारामती में कामकाज देखते हैं.
घर में एक मजबूत राजनीतिक विरासत के साथ, जय ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव अभियान में भी भाग लिया. बारामती में अपनी मां सुनेत्रा पवार का समर्थन किया. उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनावों में अजित पवार के लिए प्रचार किया. जय और रुतुजा एक-दूसरे को कुछ सालों से जानते हैं और अब जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले हैं.
दादा का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे उनके घर
जैसे कि किसी भी शुभ काम के मौके पर घर के सबसे बड़े का आशीर्वाद लिया जाता है. वैसे ही सगाई से पहले जय पवार और रुतुजा पाटिल ने घर के वरिष्ठ सदस्य दादा शरद पवार से उनका आशीर्वाद लेने के लिए मोदीबाग स्थित उनके घर पहुंचे थे.
दोनों ने उनसे मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया. सगाई के इस खास मौके पर अजित पवार और शरद पवार दोनों एक साथ नजर आए. इस तस्वीर को देखने के लिए सभी की नजरें टिकी हुई थीं.
PWD का नया प्रोजेक्ट: नॉर्थ दिल्ली में बनेगा 680 मीटर लंबा फ्लाईओवर
12 Apr, 2025 10:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नॉर्थ दिल्ली में 680 मीटर लंबे छह-लेन फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा. पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश साहिब सिंह ने शुक्रवार को कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सिविल लाइन्स और सिग्नेचर ब्रिज के बीच के क्षेत्र को कम करने के लिए नॉर्थ दिल्ली के मेटकाफ हाउस टी-जंक्शन पर लंबा छह-लेन फ्लाईओवर का निर्माण करेगा.
इस फ्लाईओवर की 183 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत है. यह फ्लाईओवर सिविल लाइंस ट्रॉमा सेंटर और डीआरडीओ कार्यालय के पास शुरू होगा, जहां आउटर रिंग रोड और हेडगेवार रोड मर्ज होती है.
फ्लाईओवर कैसे बनेगा राहत
परवेश साहिब सिंह ने कहा, यह फ्लाईओवर राजधानी में एक आधुनिक, कुशल और यात्रियों के अनुकूल सड़क नेटवर्क बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह नॉर्थ दिल्ली के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक पर ट्रैफिक को कम करने में मदद करेगा. हमारा लक्ष्य यात्रा के समय में सुधार करना, मुख्य सड़कों पर तनाव कम करना और पूरी दिल्ली में बेहतर गतिशीलता सुनिश्चित करना है.
विभाग ने एक बयान में कहा, मेटकाफ हाउस टी-जंक्शन पर भारी ट्रैफिक रहता है. स्थानीय निवासियों, बाजार संघों और विभिन्न सार्वजनिक हितधारकों ने इस मुद्दे को बार-बार उठाया है. पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और दिल्ली यातायात पुलिस ने संयुक्त निरीक्षण किया. इसी के बाद अब पीडब्ल्यूडी मंत्री के निर्देशों के बाद मामले को आगे प्राथमिकता दी गई. इसके बाद इस समस्या का समाधान निकालने के लिए 25 मार्च को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक हाई लेवल रिव्यू मीटिंग हुई. साथ ही साथ स्थल का निरीक्षण भी किया गया.
जाम से मिलेगा छुटकारा
डिपार्टमेंट ने कहा, साइट के मूल्यांकन के बाद, इस बात पर सहमति हुई कि यातायात की बाधा को हल करने के लिए एक नया फ्लाईओवर सबसे सही समाधान होगा. इससे मेटकाफ हाउस टी-जंक्शन पर यातायात को सुव्यवस्थित करने, सिग्नल चक्र के समय और इंतजार के समय को कम करने. वाहनों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने, आईटीओ और आसपास के एरिया में पहुंच में सुधार, सिविल लाइंस ट्रॉमा सेंटर जैसे अस्पतालों में आपातकालीन आवाजाही में मदद मिलने की उम्मीद है.
फुटपाथ का किया जाएगा निर्माण
विभाग ने कहा, यह सिविल लाइंस और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों के लिए बेहतर यातायात की सुविधा भी देगा. साथ ही हिमाचल प्रदेश और पंजाब की ओर अंतर-राज्यीय आवाजाही को भी सुव्यवस्थित करेगा. अधिकारियों ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में फ्लाईओवर के नीचे बैक-टू-बैक यू-टर्न का निर्माण और फुटपाथ का निर्माण शामिल होगा.
अखनूर सेक्टर में आतंकियों की घुसपैठ नाकाम, JCO शहीद
12 Apr, 2025 10:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर एक जेसीओ शहीद हो गए. भारतीय सेना ने आतंकियों के घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी. आतंकियों के घुसपैठ की कोशिश का भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया. जूनियर कमीशंड ऑफिसर ने आतंकियों का अंतिम दम तक सामना किया. घुसपैठ की सूचना पर भारतीय सेना बॉर्डर एरिया के कई जगह पर अभियान चला रही है.
तीन आतंकियों को किया था ढेर
इस घटना के पहले राज्य के किश्तवाड़ में भारतीय सेना ने शुक्रवार को जैश कमांडर समेत तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया. ढेर हुए आतंकी की पहचान जैश कमांडर सैफुल्लाह के रूप में हुई है. सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच काफी समय तक मुठभेड़ चलती रही. भारतीय सेना ने आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया.
पाकिस्तान और भारत के बीच हुई फ्लैग मीटिंग
भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच10 अप्रैल को ब्रिगेड कमांडर लेवल की मीटिंग हुई. ये मीटिंग जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हुई. इस फ्लैग मीटिंग में बॉर्डर पर शांति बनाए रखने के मुद्दों पर चर्चा हई. इस महीने दोनों पक्षों के बीच यह दूसरी ऐसी बैठक है. अधिकारियों ने बताया कि ये बैठक चकन-दा-बाग क्रॉस-पॉइंट पर हुई.
2 अप्रैल को चकन-दा-बाग क्रॉसिंग पॉइंट क्षेत्र में 75 मिनट तक चलने वाली ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने सीमाओं पर शांति बनाए रखने पर चर्चा की.
13 फरवरी को पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया. भारतीय चौकियों पर बिना वजह गोलीबारी की. भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया था.
अमित शाह, योगी आदित्यनाथ ने दी देशवासियों को हनुमान जन्मोत्सव की शुभकामनाएं
12 Apr, 2025 09:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देशभर में 12 अप्रैल को भगवान हनुमान का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। सुबह से मंदिरों में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हनुमान जयंती को लेकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “समस्त देशवासियों को श्री हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं। संकट मोचन भगवान बजरंगबली सभी के कष्टों को दूर कर बल, बुद्धि, विवेक और दीर्घायु प्रदान करें। जय श्री राम।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “श्री हनुमान जयंती की सभी श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों को मंगलमय शुभकामनाएं। प्रभु श्री राम के परम भक्त, संकटमोचन श्री हनुमान जी की कृपा सभी पर बनी रहे। बल, बुद्धि, विद्या के दाता भगवान महाबीर की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता का वास हो, यही प्रार्थना है। ॐ हनुमते नमः।”
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “प्रभु श्री राम में अपनी अटूट आस्था रखने और सबों के दुःखों को हरने वाले संकटमोचन श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव के अवसर पर सभी देशवासियों को जय श्री राम। अंजनी पुत्र महाबली हनुमान जी की कृपा से सभी का जीवन मंगल हो, कार्य सफल हों, शरीर स्वस्थ हो और चारों ओर आनंद ही आनंद हो, यही कामना करता हूं।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “कोटद्वार में स्थित सिद्धबली मंदिर श्री हनुमान जी को समर्पित है। यह मंदिर विशेष रूप से हनुमान जयंती एवं अन्य धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को आकर्षित करता है। यह पवित्र स्थान अपने भव्य वातावरण, हनुमान चालीसा के अखंड पाठ और विशेष अनुष्ठानों के कारण एक दिव्य अनुभव प्रदान करता है। ज्ञानियों में अग्रगण्य, अष्टसिद्धि एवं नौ निधि के दाता प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त केसरीनंदन प्रभु हनुमान जी के प्रकटोत्सव की आप समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु बजरंगबली से आप सभी के मंगलमय जीवन की प्रार्थना करता हूं।”
हाई-प्रोफाइल आतंकी तहव्वुर राणा की 24-घंटे निगरानी! 14 फुट लंबा और 14 फुट चौड़े सेल में बंद.... सुरक्षा एजेंसी का अलर्ट मोड ऑन
11 Apr, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के भव्य मुख्यालय में एक छोटा, अत्यधिक सुरक्षित कमरा इन दिनों भारत की सबसे हाई-प्रोफाइल आतंकी जांच का केंद्र है। सिर्फ़ 14 फ़ीट लंबा और 14 फ़ीट चौड़ा यह सेल सीसीटीवी की निगरानी में है और चौबीसों घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। यह वही कमरा है, जहां 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद रखा गया था।
एनआईए बिल्डिंग को किले में तब्दील कर दिया गया
यह सेल सीजीओ कॉम्प्लेक्स में एनआईए बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर है, जो राणा के आने के बाद से किले में तब्दील हो गया है। इसके बाहर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। बिना विशेष अनुमति के किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है - यहां तक कि गुरुवार रात को पटियाला हाउस कोर्ट में राणा के पहुंचने से पहले मीडिया को भी परिसर से बाहर कर दिया गया था।
सिर्फ़ 12 चुनिंदा अधिकारियों को ही अनुमति
सेल के अंदर बहुस्तरीय डिजिटल सुरक्षा प्रणाली लगाई गई है। हर कोने पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है और सिर्फ 12 चुनिंदा एनआईए अधिकारियों को ही अंदर जाने की इजाजत है। फर्श पर एक बिस्तर बिछा दिया गया है और एक अटैच बाथरूम भी है, ताकि राणा की हरकतें सीमित रहें। सेल के अंदर उसे खाना, पीने का पानी और दवा जैसी सभी बुनियादी जरूरतें मुहैया कराई जाएंगी।
18 दिनों तक एनआईए की हिरासत में राणा
पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक 64 वर्षीय राणा गुरुवार को अमेरिका से प्रत्यर्पण विमान के जरिए दिल्ली पहुंचा। कुछ घंटों बाद उसे पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया। अदालत कक्ष से सभी गैर-जरूरी लोगों को बाहर कर दिया गया। विशेष एनआईए पीठ के न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने एनआईए को 20 दिनों के बजाय 18 दिनों की हिरासत दी।
राणा का केस पीयूष सचदेवा लड़ेंगे
राणा बिना किसी कानूनी प्रतिनिधि के पेश हुआ, जिसके बाद न्यायाधीश ने उसे दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए कानूनी सहायता के प्रावधान की जानकारी दी। इसके तहत अधिवक्ता पीयूष सचदेवा को उसका वकील नियुक्त किया गया।
बंगाल के वरिष्ठ नेता अब्दुर रज्जाक मोल्ला नहीं रहे, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जताया शोक
11 Apr, 2025 06:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अब्दुर रज्जाक मोल्ला का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित अपने पैतृक घर में आखिरी सांस ली। 80 वर्षीय टीएमसी नेता रज्जाक मोल्ला काफी समय से आयु संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
सीएम ममता ने दी श्रद्धांजलि
रज्जाक मोल्ला ने शुक्रवार की सुबह भांगड़ क्षेत्र के बांकरी गांव में अपने आवास पर अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वरिष्ठ नेता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन से राज्य की राजनीति में एक खालीपन पैदा हो गया है।
ममता बनर्जी का भावुक पोस्ट
ममता बनर्जी ने एक्स पर कहा कि मैं अपने सहयोगी अब्दुर रज्जाक मोल्ला के निधन से दुखी और स्तब्ध हूं। वह राज्य के मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी थे। मैं उनका बहुत सम्मान करती थी। बंगाल के ग्रामीण जीवन, कृषि अर्थव्यवस्था और भूमि सुधार के बारे में उनका ज्ञान और अनुभव सर्वविदित था। यही कारण है कि भले ही उन्होंने एक समय अलग विचारधारा की राजनीति की हो, लेकिन उनके लिए मां-माटी-मानुष सरकार में शामिल होना आसान और स्वाभाविक था। उनके निधन ने बंगाल की राजनीति में एक अपूरणीय शून्य पैदा कर दिया है।
कौन थे अब्दुर रज्जाक मोल्ला?
मोल्ला पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार में भूमि और भू सुधार मंत्री थे। वह 1977 से 2011 तक कैनिंग पूर्व सीट से वाम मोर्चा के विधायक रहे। फरवरी 2014 में माकपा की बंगाल राज्य समिति ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया, जिसके बाद उन्होंने एक नया राजनीतिक दल – भारतीय न्यायबिचार पार्टी (बीएनपी) बनाई। बाद में उन्हें सत्तारूढ़ टीएमसी के साथ जुड़ाव के लिए बीएनपी से निष्कासित कर दिया गया। मोल्ला 2016 के विधानसभा चुनावों से पहले टीएमसी में शामिल हो गए थे। उन्होंने पार्टी के उम्मीदवार के रूप में भांगड़ सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। चुनाव जीतने के बाद उन्हें खाद्य प्रसंस्करण मंत्री बनाया गया था।
'सबका साथ, सबका विकास' सिर्फ नारा नहीं, हमारी नीति और निष्ठा है: पीएम मोदी आनंदपुर धाम में
11 Apr, 2025 06:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में स्थित आनंदपुर धाम पहुंचे और धार्मिक स्थल के अंदर स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना की। आनंदपुर धाम ईसागढ़ तहसील के आनंदपुर गांव में स्थित है, जो अशोकनगर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किमी और भोपाल से 215 किमी दूर है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, "जिस भूमि का कण-कण संतों की तपस्या से सींचा गया हो, जहां परमार्थ एक परंपरा बन चुका हो, जहां सेवा के संकल्प मानवता के कल्याण का पथ प्रशस्त करते हों, वो धरती साधारण नहीं है। इसलिए हमारे संतों ने अशोक नगर के बारे में कहा था कि यहां शोक आने से डरता है। मुझे खुशी है कि आज यहां बैसाखी और श्री गुरु महाराज जी के अवतरण उत्सव में मुझे शामिल होने का अवसर मिला है।"
"हम पूज्य स्वामी अद्वैतानंद महाराज जी महाराज के जीवन में भी इसकी झलक देख सकते हैं। एक समय था, जब आदि शंकराचार्य जैसे आचार्यों ने अद्वैत दर्शन के गहरे ज्ञान की व्यख्या की थी।" नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
मुश्किल के दौर में हमारे समाज को कोई न कोई दिशा दे देता है: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, "हमारा भारत ऋषियों, मनीषियों और संतों की धरती है। जब-जब हमारा भारत, हमारा समाज किसी मुश्किल दौर से गुजरता है, कोई न कोई ऋषि, मनीषी इस धरती पर अवतरित होकर समाज को नई दिशा देता है।"
उन्होंने कहा, "इसी परंपरा में पूज्य अद्वैतानंद जी महाराज ने भारत के जन सामान्य तक इसे पहुंचाने का बीड़ा उठाया। महाराज जी ने अद्वैत के ज्ञान को हम सभी के लिए और सरल बनाया, उसे सामान्य मानवी के लिए और सुलभ कर दिया।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "गरीब और वंचित के उत्थान का संकल्प...‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र... सेवा की ये भावना...आज सरकार की नीति भी है और निष्ठा भी है।"
अश्विनी वैष्णव का बड़ा दावा – भारत बना रहा है पहली मेड-इन-इंडिया सेमीकंडक्टर चिप
11 Apr, 2025 03:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में बताया कि भारत के पहले स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप पर काम किया जा रहा है। उन्होंने ऐलान किया कि पहली मेड-इन-इंडिया सेमीकंडक्टर चिप इस साल लॉन्च होने की संभावना है। दरअसल, भारत समिट में अश्विनी वैष्णव शामिल हुए, जहां पर उन्होंने बताया कि पायलट की प्रतिक्रिया अच्छी थी, साथ ही अच्छी प्रगति भी देखी गई है। 15,000 किलोमीटर के साथ 10,000 लोकोमोटिव में इसे लागू करने का काम चल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कई अमीर देशों को अपने नेटवर्क को कवर करने में लगभग 20 साल लग गए, लेकिन मुझे लगता है कि हमें इसे 6 साल में पूरा कर लेना चाहिए। इसके अलावा जानिए उन्होंने और क्या कुछ कहा।
स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन (PSMC) के साथ साझेदारी में गुजरात के धोलेरा में देश का पहला सेमीकंडक्टर फैब बना रही है। इसकी प्रगति पर पूरी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, सभी पांच इकाइयों का निर्माण बहुत अच्छी तरह से चल रहा है। प्लांट्स स्थापित हो रहे हैं, और कुछ जगह पर मशीनरी वेरिफिकेशन पहले से ही चल रहा है। इस साल पहली मेड-इन-इंडिया चिप को रोल आउट करने के लिए यह पूरी तरह से सही रास्ते पर हैं।
वंदे भारत क्यों है अलग?
भारत में विकसित कवच आटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली, रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स आर्गेनाइजेशन (RDSO) द्वारा पिछले साल जुलाई में इसके संस्करण 4.0 को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद से ही इसे देश भर में अपनाए जाने की ओर आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों पर भी चर्चा की। जिसमें उन्होंने कहा कि यह ट्रेन रफ्तार, अंदर के शोर और कंपन के स्तर के मामले में भारत में मौजूद ज्यादातर बड़ी ट्रेनों से आगे है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसका डिजाइन बहुत सोच-समझकर बनाया गया है।
जम्मू और श्रीनगर को रेल से जोड़ना
19 अप्रैल को कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत को लेकर भी अश्विनी वैष्णव ने बात की। उन्होंने कहा कि जम्मू और श्रीनगर को रेल से जोड़ना देश का एक बड़ा सपना है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसका सपना देखा है। यह एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसके लिए दृढ़ता, जबरदस्त डिजाइन का काम, बहुत से इंजीनियरिंग इनपुट की जरूरत थी। यह बहुत मुश्किल प्रोजेक्ट है, लेकिन यह प्रधानमंत्री की राजनीतिक इच्छाशक्ति है कि यह प्रोजेक्ट पूरा हो गया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम
अश्विनी वैष्णव ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत एआई की रेस में पीछे नहीं है। आने वाले समय में वह AI तकनीक को अपनाने वाले बड़े देशों में शामिल हो जाएगा। भारत अपना खुद का Large Language Model (LLM) बना रहा है, जो खास तौर पर भारतीय भाषाओं और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए तैयार होगा। इस एआई मॉडल का पहला वर्जन अगले 4 से 10 महीनों के अंदर आने की संभावना है।
पिछले डेढ़ साल से भारत की टीमें स्टार्टअप्स, प्रोफेसर्स और रिसर्चर्स के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को लेकर काम कर रही हैं। उन्होंने आगे बताया कि मॉडल बनाने के लिए देशभर से प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। यह मॉडल भारत की विविध भाषाओं और सांस्कृतिक मूल्यों को समझेगा और बिना किसी पूर्वाग्रह (bias) के काम कर सकेगा।
रेड रोड पर नहीं निकलेगा हनुमान जयंती जुलूस, हाई कोर्ट का सख्त फैसला
11 Apr, 2025 03:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कलकत्ता हाई कोर्ट के जज तीर्थंकर घोष ने हिंदू सेवा दल को हनुमान जयंती मनाने की अनुमति उस स्थान पर नहीं दी, जहां ईद की नमाज़ अदा की जाती है. हालांकि, हिंदू सेवा दल को आज ही कोलकाता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की पीठ में चुनौती याचिका दायर करने की अनुमति दी गई है.
दरअसल, हनुमान जयंती के मौके पर हिंदू सेवा दल की ओर से रेड रोड पर जुलूस निकालने की अनुमति मांगी गई थी. इसको लेकर उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
12 अप्रैल को निकालना चाहते हैं जुलूस
इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील मयूख मुखर्जी ने बताया था कि याचिकाकर्ता 12 अप्रैल को हनुमान जयंती के दिन रंगारंग झांकियां निकालना चाहते हैं, लेकिन उन्हें ऐसा करने के लिए पुलिस की परमीशन नहीं मिली. इस मामले में जज तीर्थंकर घोष ने कोर्ट याचिका दायर करने अनुमति दी थी.
रामनवमी पर मिली थी अनुमति
इसके पहले राम नवमी के मौके पर झांकियां निकालने की अनुमति कलकत्ता हाई कोर्ट से मांगी गई थी. हावड़ा में अंजनी पुत्र सेना को इसकी कोलकाता हाई कोर्ट से इसकी अनुमति मिल गई थी. हालांकि, रामनवमी के मौके पर इससे पहले बंगाल प्रशासन ने इस जुलूस को निकालने की अनुमति नहीं दी थी. वहीं, हाईकोर्ट ने अंजनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद दोनों को जुलूस निकालने की अनुमति दे दी थी.
हालांकि, उस समय कोर्ट ने जुलूस में शामिल होने वाले लोगों पर कई शर्ते भी लागू की थीं, जैसे कि रामनवमी की झांकियों के समय जो लोग भी मौजूद रहेंगे उन्हें अपने साथ पहचान पत्र ले जाने को कहा था.
साथ ही उनमें से कोई भी अपने साथ किसी भी तरह का हथियार नहीं ले जा सकता है, लेकिन कोर्ट ने इस बार हनुमान जयंती के मौके पर रेड रोड पर जुलूस निकालने की मांग से साफ इनकार किया है. इस कार्यक्रम में 3000 लोगों के शामिल होने की अनुमति मांगी गई थी.
पीरियड्स में दलित छात्रा से भेदभाव, क्लास से बाहर बैठाकर दिलवाया एग्जाम
11 Apr, 2025 01:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पीरियड्स शायद एक ऐसा टॉपिक है जिस पर अब बहुत हद तक बात की जा सकती है, कई लोगों को यह लगने लगा है कि पीरियड्स को लेकर किसी भी तरह की धारणा और रूढ़िवादी सोच से हम आजाद हो गए हैं, लेकिन हाल ही में तमिलानाडु के कोयंबटूर से आया केस बताता है कि अभी भी पीरियड्स को लेकर हम काफी आगे नहीं पहुंच पाए हैं.
अकसर टीवी पर पीरियड्स के एडवरटाइजमेंट के दौरान आपने देखा होगा कि परीक्षा में पीरियड्स से आप परेशान न हो और आराम से एग्जाम दे सके इसके लिए इस ब्रांड का पेड यूज करें, लेकिन क्या हो अगर 8वीं क्लास की 13 साल की बच्ची को पहली बार पीरियड्स आए और उसको क्लास से बाहर सीढ़ियों पर बैठ कर एग्जाम देना पड़े. हाल ही में कोयंबटूर के एक प्राइवेट स्कूल से ऐसा ही वीडियो सामने आया है. जहां 13 साल की दलित छात्रा को पीरियड्स के चलते क्लास से बाहर सीढ़ियों पर बैठकर एग्जाम देना पड़ा.
स्कूल प्रिंसिपल सस्पेंड
इस केस के सामने आने के बाद जांच शुरू कर दी गई है. साथ ही स्कूल की प्रिंसिपल पर भी एक्शन लिया गया है. स्कूल एजुकेशन के शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी ने कहा, डिपार्टमेंट बच्ची के साथ खड़ा है. स्कूल की प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है. हालांकि, इस केस में बच्ची की मां को लेकर एक ऐसा एंगल सामने आया है जो हैरान कर देता है और सवाल पूछने पर मजबूर कर देता है कि क्या इस मामले में बच्ची की मां भी जिम्मेदार थी?
क्या मां भी थी जिम्मेदार
मंत्री ने कहा, निजी स्कूल के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. हालांकि, शुरुआती जांच में एक ऐसा खुलासा हुआ है जो आपको हैरान कर देगा. दरअसल, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह छात्रा की मां ही थी जिसने बेटी के पहले पीरियड्स के चलते स्कूल प्रबंधन से छात्रा के लिए एक अलग व्यवस्था करने का अनुरोध किया था.
पुलिस ने लिया एक्शन
इस मामले के चलते कोयंबटूर पुलिस ने देर रात की कार्रवाई में स्कूल के कॉरस्पॉडेंट सहित तीन लोगों के खिलाफ अत्याचार निवारण (एससी/एसटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इस घटना से काफी आक्रोश फैल गया और कई कार्यकर्ताओं ने छात्रा को क्लास से बाहर बैठाकर एग्जाम देने के स्कूल के फैसले पर सवाल उठाए हैं. इसी के साथ सोशल मीडिया पर भी सामने आई वीडियो के बाद इस हरकत को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं.
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