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याकूब तुसी ने संयुक्त राष्ट्र से लगाई गुहार, कहा- कब्र की सुरक्षा हो सुनिश्चित
16 Apr, 2025 01:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। औरंगजेब की कब्र का मामला अब संयुक्त राष्ट्र तक पहुंच गया है। याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने महाराष्ट्र के शंभाजी नगर में स्थित औरंगजेब की कब्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
कब्र की सुरक्षा की उठाई मांग
तुसी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के कार्यालय से इस मामले का संज्ञान लेने को कहा। यह भी मांग की है कि केंद्र सरकार और एएसआई को निर्देश दिया जाए कि औरंगजेब की कब्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक पूर्ण कानूनी संरक्षण और सुरक्षा मिले।
पत्र में क्या हवाला दिया?
याकूब ने अपने पत्र में हवाला दिया कि औरंगजेब की कब्र को 'राष्ट्रीय महत्व का स्मारक' घोषित किया गया है। यह प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम- 1958 के तहत संरक्षित भी है। उक्त अधिनियम के प्रावधानों के मुताबिक संरक्षित स्मारक पर या उसके आसपास कोई भी अनाधिकृत निर्माण, बदलाव व उत्खनन नहीं किया जा सकता है। ऐसी कोई भी गतिविधि कानून के तहत अवैध और दंडनीय मानी जाएगी।
'गलत तरीके से पेश किए जा रहे ऐतिहासिक पहलू'
याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने कब्र की सुरक्षा में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग की। अपने पत्र में आगे लिखा कि फिल्मों, मीडिया आउटलेट्स और सोशल प्लेटफॉर्म के जरिए ऐतिहासिक पहलुओं को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इसके माध्यम से जनता की भावनाओं से छेड़छाड़ की गई है। नतीजा यह हुआ कि अनुचित विरोध प्रदर्शन, नफरती अभियान और पुतले जलाने जैसी घटनाएं हुईं।
पत्र में यूनेस्को कन्वेंशन- 1972 का जिक्र
पत्र में याकूब ने विश्व सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े यूनेस्को कन्वेंशन- 1972 का जिक्र भी किया। हवाला दिया कि भारत ने भी इस कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे स्मारकों के हटाने, उपेक्षा या गैरकानूनी बदलाव अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का उल्लंघन माना जाएगा।"
याकूब हबीबुद्दीन तुसी अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर का वंशज होने का दावा करते हैं। उनका दावा है कि औरंगजेब की कब्र से जुड़ी वक्फ संपत्ति के वे मुतवल्ली भी हैं। बता दें कि पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग उठ रही है।
बेंगलुरु में चलती ऑटो पर टूटा मौत का साया, मेट्रो वायाडक्ट ने ली जान
16 Apr, 2025 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां नम्मा मेट्रो परियोजना का एक वायाडक्ट ऑटोरिक्शा पर जा गिरा। हादसे में चालक की जान चली गई। वहीं एक अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल है। यह घटना मंगलवार लगभग आधी रात को येलहंका के नजदीक कोगिलु क्रॉस के पास हुई है। मृतक चालक की पहचान कासिम साब के तौर पर हुई है। वह हेगड़े नगर का रहने वाला था।
बाल-बाल बच गया यात्री
पुलिस के मुताबिक कासिम अपने ऑटो में एक सवारी को बैठाकर नागवारा की तरफ जा रहा था। मेट्रो परियोजना का एक वायाडक्ट 18 पहियों वाले ट्रक से ले जाया जा रहा था। इसका इस्तेमाल एयरपोर्ट मेट्रो लाइन में किया जाना था। मगर उससे पहले कोगिलु क्रॉस पर मुड़ते वक्त ट्रक का ट्रेलर अपने इंजन से अलग होकर दो हिस्सों में बंट गया। इससे ट्रक पर लदा वायाडक्ट ऑटो रिक्शा पर जा गिरा। चालक की मौके पर मौत हो गई। वहीं यात्री बाल-बाल बच गया।
ऑटो पर बैठा रह गया चालक
पुलिस ने बताया कि हादसे से कुछ क्षण पहले ही यात्री ऑटो से उतर गया था। मगर चालक कासिम ऑटो पर ही बैठा रहा। हादसे में ऑटो भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। ट्रक चालक मौके से फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
देरी से मौके पर पहुंची क्रेन
हादसे की सूचना पाकर राहगीर और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। मगर वायाडक्ट काफी विशाल था। उसे हटाने के लिए क्रेन की जरूरत थी। मगर क्रेन देरी से पहुंची। इस पर लोगों ने नाराजगी जताई। हालांकि क्रेन आने के बाद वायाडक्ट को हटाया गया। इसके बाद कासिम का शव बाहर निकाला गया। लोगों ने बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) के प्रति नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
हज कोटा विवाद: सऊदी अरब की ओर से कटौती पर भारत में मचा हड़कंप
16 Apr, 2025 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हज कोटे को लेकर एक बार फिर विवाद चल रहा है. सऊदी अरब की ओर से इस साल भारत के प्राइवेट हज कोटे में कथित तौर पर कटौती करने की चिंताओं के बीच, सरकार ने कहा कि कंबाइंड हज ग्रुप ऑपरेटर्स (CHGOs) सऊदी अधिकारियों की याद दिलाने के बावजूद निर्धारित आवश्यक समयसीमा का पालन करने में नाकाम रहे हैं. इस बीच कई मुस्लिम संगठनों ने पीएम नरेंद्र मोदी से गुजारिश की है कि कटौती को लेकर वो इसमें हस्तक्षेप करें.
सरकार की ओर से यह बताया गया कि उसके हस्तक्षेप के बाद ही, सऊदी हज मंत्रालय मीना में मौजूदा स्थान की उपलब्धता के आधार पर 10,000 तीर्थयात्रियों के संबंध में अपना काम पूरा करने को सीएचजीओ के लिए हज पोर्टल को फिर से खोलने पर राजी हो गया है.
52 हजार कोटा प्राइवेट टूर ऑपरेटर्स के पास
अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय (MoMA) भारत की हज समिति के जरिए भारत को आवंटित 1,75,025 कोटे के बड़े हिस्से की व्यवस्था करता है, जो चालू वर्ष में 1,22,518 है. जबकि शेष 52,507 कोटे प्राइवेट टूर ऑपरेटरों को आवंटित किए गए हैं. मंत्रालय ने कहा कि उसकी कोशिशों की वजह से ही भारत के लिए हज कोटा आवंटन जो साल 2014 में 1,36,020 था, धीरे-धीरे बढ़कर 2025 तक 1,75,025 हो गया है.
ये कोटा सऊदी अधिकारियों द्वारा धार्मिक यात्रा शुरू होने से तुरंत पहले अंतिम रूप दिया जाता है. बयान में कहा गया है, “भारत की हज समिति के जरिए अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय (MoMA) भारत को आवंटित कोटे के बड़े हिस्से की व्यवस्था करता है, जो चालू वर्ष में 1,22,518 है. इसके तहत उड़ान कार्यक्रम, परिवहन, मीना कैंप्स, रहने की व्यवस्था और अतिरिक्त सेवाओं सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं सऊदी की मांग के अनुसार दी गई समयसीमा के अंदर पूरी कर ली गई हैं.”
सऊदी प्रशासन ने क्यों की कटौती
भारत को आवंटित कोटे का शेष हिस्सा, प्राइवेट टूर ऑपरेटर्स को आवंटित किया गया है. सऊदी दिशा-निर्देशों में बदलाव की वजह से इस साल मंत्रालय द्वारा 800 से अधिक प्राइवेट टूर ऑपरेटरों को 26 कानूनी संस्थाओं में मिला दिया गया, जिन्हें कंबाइंड हज ग्रुप ऑपरेटर्स (CHGO) कहा जाता है. तैयारी करने में ज्यादा दिक्कत न आए इसके लिए मंत्रालय की ओर से इन 26 CHGO को काफी पहले ही हज कोटा आवंटित कर दिया गया था.
सरकार की ओर से बयान में कहा गया, “हालांकि, रिमाइंडर देने के बाद भी, वे सऊदी अधिकारियों द्वारा निर्धारित जरूरी समयसीमा का पालन करने में नाकाम रहे और सऊदी नियमों के तहत परिवहन, तीर्थयात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था और कैंप्स सहित सभी जरूरी अनिवार्य अनुबंधों को अंतिम रूप नहीं दे सके.” बयान में यह भी कहा गया है कि भारत सरकार इस मामले पर मंत्री स्तर सहित संबंधित सऊदी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है.
सरकारी हस्तक्षेप के बाद फिर से खुला पोर्टल
दूसरी ओर, सऊदी हज मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनी चिंताओं को उजागर किया, खासतौर से मीना में, जहां हज अनुष्ठान अत्यधिक गर्मी के बीच सीमित स्थान पर पूरे किए जाने हैं.
यह भी बताया गया कि देरी की वजह से मीना में उपलब्ध स्थान अब खाली नहीं है. सऊदी अधिकारियों ने आगे बताया है कि वे इस साल किसी भी देश के लिए समयसीमा नहीं बढ़ा रहे हैं. हालांकि सरकार के हस्तक्षेप के बाद सऊदी हज मंत्रालय ने मीना में मौजूदा स्थान की उपलब्धता के आधार पर 10,000 तीर्थयात्रियों के संबंध में अपना काम पूरा करने के लिए सभी सीएचजीओ के लिए हज पोर्टल (Nusuk Portal) को फिर से खोलने पर सहमति व्यक्त की है.”
मंत्रालय ने अब सीएचजीओ को तत्काल ऐसा करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं. बयान में कहा गया है कि भारत हज में अधिक से अधिक तीर्थयात्रियों को समायोजित करने के लिए सऊदी अधिकारियों की ओर से उठाए गए किसी भी कदम की स्वाभाविक रूप से सराहना करेगा.
कोटे में कटौती पर विपक्ष जता रहा चिंता
सऊदी अरब की ओर से हज जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए 52,000 से अधिक हज स्लॉट रद्द किए जाने की रिपोर्ट के बाद विपक्ष के कई नेताओं ने चिंता जताई और केंद्र सरकार से इस मामले को सऊदी अरब के सामने उठाने का अनुरोध किया था.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “52,000 से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों, जिनमें से कई ने पहले ही पेमेंट कर लिया है, के लिए हज स्लॉट रद्द किए जाने की रिपोर्ट बहुत चिंताजनक है. मैं विदेश मंत्री एस जयशंकर से अनुरोध करता हूं कि वे सभी प्रभावित तीर्थयात्रियों के हित में समाधान खोजने के लिए जल्द से जल्द सऊदी अधिकारियों से संपर्क करें.” वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस संबंध में सऊदी नेतृत्व से बात करने की अपील की है.
SC का फैसला – महाराष्ट्र में उर्दू के इस्तेमाल पर कोई कानूनी रोक नहीं
16 Apr, 2025 10:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में एक नगर परिषद भवन के साइनबोर्ड पर उर्दू के इस्तेमाल को सही ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भाषा संस्कृति है और इसे लोगों को बांटने का कारण नहीं बनना चाहिए तथा उर्दू गंगा-जमुनी तहजीब या हिंदुस्तानी तहजीब का बेहतरीन नमूना है. जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के इस निष्कर्ष में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया कि महाराष्ट्र स्थानीय प्राधिकरण (राजभाषा) अधिनियम, 2022 या कानून के किसी भी प्रावधान के तहत उर्दू का उपयोग प्रतिबंधित नहीं है.
किसने दायर की थी याचिका?
महाराष्ट्र के अकोला जिले में पातुर नगर परिषद भवन के साइनबोर्ड पर उर्दू के इस्तेमाल को चुनौती देने वाली याचिका एक पूर्व पार्षद ने दायर की थी. कोर्ट ने कहा कि हमारी गलतफहमियों, शायद किसी भाषा के प्रति हमारे पूर्वाग्रहों को भी, वास्तविकता के सामने साहसपूर्वक और सच्चाई से परखा जाना चाहिए, जो कि हमारे देश की महान विविधता है. हमारी ताकत कभी भी हमारी कमजोरी नहीं हो सकती. आइए हम उर्दू और हर भाषा को अपनाएं.
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यह गलत धारणा है कि उर्दू भारत के लिए विदेशी है और कहा कि यह एक ऐसी भाषा है जो इस भूमि में जन्मी है.पीठ के लिए लिखते हुए न्यायमूर्ति धूलिया ने उर्दू और सामान्य रूप से भाषाओं पर पीठ के विचारों को विस्तार से बताया. निर्णय में कहा गया कि भाषा धर्म नहीं है. भाषा धर्म का प्रतिनिधित्व भी नहीं करती है. भाषा एक समुदाय, एक क्षेत्र, एक लोगों की होती है, न कि किसी धर्म की.
कोर्ट ने और क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भाषा संस्कृति है, भाषा एक समुदाय और उसके लोगों की सभ्यता को मापने का पैमाना है. उर्दू के मामले में भी यही बात लागू होती है, जो गंगा-जमुनी तहजीब या हिंदुस्तानी तहजीब का बेहतरीन नमूना है, जो उत्तरी और मध्य भारत के मैदानी इलाकों की समग्र सांस्कृतिक प्रकृति है.
जस्टिस धूलिया ने कहा कि भाषा सीखने का साधन बनने से पहले, इसका सबसे पहला और प्राथमिक उद्देश्य हमेशा संचार ही रहेगा. सर्वोच्च अदालत ने कहा कि उर्दू के इस्तेमाल का उद्देश्य केवल संवाद स्थापित करना है. नगर परिषद सिर्फ़ इतना चाहती थी कि संवाद को प्रभावी बनाया जा सके. यह भाषा का प्राथमिक उद्देश्य है, जिस पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने ज़ोर दिया है.
मौसम में उतार-चढ़ाव: कुछ राज्यों में बारिश, तो कुछ में तेज धूप और लू
16 Apr, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली समेत देशभर के मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने देश के विभिन्न राज्यों के मौसम को लेकर लेटेस्ट अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आज देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बदला हुआ रहेगा।
उत्तर भारत में गर्मी और लू की स्थिति बनी रहेगी, जबकि दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मध्य भारत और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है।
दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-एनसीआर में 16 अप्रैल यानी आज मौसम गर्म और उमस भरा रहेगा। अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। दिल्ली में शाम होते-होते तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इसी के साथ आसमान में बादल छाए रहने की भी संभावना है। हवा में नमी का स्तर मध्यम रहेगा, और हवा की गति 10-20 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
राजस्थान में भी बारिश
राजस्थान में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा।बीकानेर, जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। मौसम विभाग ने 18 अप्रैल तक लू की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है। हालांकि, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। मौसम ज्यादातर शुष्क और धूप वाला रहेगा।
उत्तर प्रदेश में भी गर्मी कर रही परेशान
यूपी में कुछ जगहों पर आज मौसम साफ और गर्म रहेगा। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। कानपुर और आगरा में भी तापमान 34-36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की धुंध की संभावना है। वहीं लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, यूपी में आज से 18 अप्रैल तक हल्की बारिश की संभावना है।
बिहार के कुछ इलाकों में होगी बारिश
महाराष्ट्र के कोंकण, मराठवाड़ा, और विदर्भ क्षेत्रों में 16 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। बिहार में मौसम गर्म रहेगा, लेकिन कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। पटना में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। साथ ही गुजरात, ओडिशा, तमिलनाडु, असम और मेघालय में हल्की बारिश की संभावना है।
मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद कई परिवारों ने मालदा में लिया शरण
16 Apr, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर मुर्शिदाबाद में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद कई परिवार विस्थापित हो गए हैं, जिनमें से कई झारखंड के पाकुड़ जिले में पलायन कर गए हैं, जबकि अन्य ने मालदा में स्थापित राहत शिविरों में शरण ली है। झारखंड के पाकुड़ में पलायन करने वाले एक बुजुर्ग व्यक्ति मुर्शिदाबाद हिंसा के दौरान अपनी आपबीती बताते हुए रो पड़े।
अचानक कुछ लोग आए और तोड़फोड़ शुरू कर दी
उन्होंने कहा कि मुझे वास्तव में नहीं पता कि क्या हुआ। मैंने सुबह अपनी दुकान खोली और बाहर बैठ गया। फिर कई लोग आए और उन्होंने दरवाजे पीटना शुरू कर दिया, ईंटें फेंकनी शुरू कर दीं और दरवाजे तोड़ दिए। मेरा टेलीविजन, मेरा शीशा, मेरा फर्नीचर, 2-3 अलमारियां और मेरा सारा पैसा घर पर ही था। हम परसों रात यहां आए हैं।
उपद्रवियों ने उनका घर-बार सब कुछ जला दिया
पुलिस व केंद्रीय बल की तैनाती के बावजूद मुर्शिदाबाद के हिंसाग्रस्त इलाकों सुती, धुलियान, जंगीपुर में लोग अभी भी खौफ में हैं। पीड़ितों का कहना है कि उपद्रवियों ने उनका घर-बार सब कुछ जला दिया। उन्हें डर है कि पुलिस व केंद्रीय बल के चले जाने के बाद उन पर फिर से हमला हो सकता है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साधी चुप्पी
अशांति के बाद, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर स्थिति बिगड़ने के बावजूद चुप रहने का आरोप लगाया है। सीएम योगी ने मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला बोला है और आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार स्थिति बिगड़ने के बावजूद चुप रही है।
सीएम योगी ने कहा कि बंगाल जल रहा है
एक सभा को संबोधित करते हुए, सीएम योगी ने मुर्शिदाबाद में तत्काल केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश देने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय को भी धन्यवाद दिया। सीएम योगी ने कहा कि बंगाल जल रहा है। राज्य की मुख्यमंत्री चुप हैं। वह दंगाइयों को 'शांति का दूत' कहती हैं। लेकिन जो लोग केवल बल को समझते हैं, वे बातों से नहीं सुनते। धर्मनिरपेक्षता के नाम पर उन्होंने दंगाइयों को अशांति फैलाने की पूरी आजादी दे दी है। पिछले हफ्ते से पूरा मुर्शिदाबाद जल रहा है, फिर भी सरकार चुप है। ऐसी अराजकता पर नियंत्रण होना चाहिए।
उपद्रवियों ने स्थानीय लोगों के घरों में की तोड़फोड़
बता दें कि पिछले दिनों वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के साथ स्थानीय लोगों के घरों में भी तोड़फोड़ की थी। वहीं दूसरी ओर दक्षिण 24 परगना के भांगड़ में पुलिस के साथ उपद्रवियों की झड़प के बाद अभी भी तनाव व्याप्त है।
अयोध्या में आतंकी साजिश की आशंका, राम मंदिर को बम से उड़ाने की मिली धमकी
15 Apr, 2025 05:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अयोध्या: अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर की सुरक्षा पुख्ता है. मंदिर की सुरक्षा में उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने भरोसेमंद पुलिस अफसरों की तैनाती की है. बावजूद इसके, अराजक तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे. अब एक बार फिर अराजक तत्वों ने राम मंदिर को IED ब्लास्ट में उड़ाने की धमकी दी है. अराजक तत्वों ने यह धमकी ईमेल के जरिए श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आईडी पर भेजा गया है.
ट्रस्ट के एकाउंटेंट ने इस संबंध में साइबर थाना अयोध्या में शिकायत दी है. इस शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने आईटी एक्ट और बीएनएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. दर्ज FIR में बताया गया है कि मेल भेजने वाले ने खुद को ISI सेल का तमिलनाडु का इंचार्ज बताया है. उसने अपने ईमेल में लिखा है कि यह हमला तमिलनाडु में हुए घोटाले से ध्यान भटकने के लिए किया जाएगा.
मंदिर में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा
यह धमकी भरा ईमेल सोमवार की अल सुबह भेजा गया था. इस ईमेल आरोपी ने लिखा है कि "बढ़ा लो मंदिर की सुरक्षा". इस धमकी भरे मेल को देखने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अकाउंट ऑफिसर महेश कुमार ने मंदिर प्रबंधन को सूचित किया. इसके तुरंत बाद मामले की जानकारी साइबर थाना पुलिस को दी गई. दूसरी ओर राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है. हालांकि पूरा सुरक्षा तंत्र सही पाया गया है.
व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू
राम मंदिर सुरक्षा से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक इस धमकी में कोई दम नहीं है. बावजूद इसके इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए अयोध्या के अलावा अन्य सीमावर्ती जिलों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चला जा रहा है. इन सभी जिलों में सुरक्षा और गुप्तचर एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है. साइबर थाना पुलिस अयोध्या से मिले इनपुट के मुताबिक जिस कंप्यूटर से मेल भेजा गया है, उसका आईपी एड्रेस ट्रैस कर लिया गया है. यह कंप्यूटर तमिलनाडु में है. अब साइबर थाना पुलिस मेल भेजने वाले की लोकेशन और पहचान ट्रैस करने में जुट गई है. इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और तमिलनाडु पुलिस मिलकर ऑपरेशन चला रही है.
कोच्चि बस हादसा: कंट्रोल खोने से बस गिरी खाई में, एक बच्ची की दर्दनाक मौत
15 Apr, 2025 04:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोच्चि। केरल के कोच्चि में राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की एक बस ने कंट्रोल खो दिया, इस वजह से बड़ा हादसा हो गया। बस कंट्रोल खोने से सड़क किनारे 25 फीट की खड़ी चढ़ाई में गिर गई और साथ ही 15 साल की लड़की नीचे गिर गई, जिस वजह से उसकी मौत हो गई और लगभग 25 अन्य लोग घायल हुए हैं। अग्निशमन और बचाव अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
अग्निशमन अधिकारी ने इस मामले में कहा-उन्होंने कहा कि दुर्घटना में विंडशील्ड टूटने के बाद बस में बैठी लड़की पहले वाहन के सामने गिरी और फिर उसके अगले पहिये के नीचे फंस गई।
कैसी है घायलों की हालत?
एर्नाकुलम जिले के कवलंगड पंचायत में स्थित दुर्घटनास्थल पर अग्निशमन और बचाव कर्मियों के पहुंचने के बाद ही उसे बस के नीचे से निकाला जा सका। अधिकारी ने कहा कि घायलों में से किसी की हालत गंभीर नहीं है।
जब दुर्घटना हुई, तब बस में 45 से अधिक यात्री थे। बस इडुक्की जिले के कुमिली से एर्नाकुलम जा रही थी। अधिकारी ने कहा कि बस का पिछला हिस्सा मोड़ पर सड़क किनारे की चारदीवारी से टकरा गया।
डॉ. अंबेडकर को समर्पित कार्यक्रम में शामिल हुईं बड़ी हस्तियां, NCSC वेबसाइट हुई लॉन्च
15 Apr, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
14 अप्रैल को देश भर में अंबेडकर जयंती का पर्व काफी धूमधाम से मनाया गया। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने इस खास मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय 'भातीय संविधान की 75 वर्षों की यात्रा' चुना गया था। कई बड़ी हस्तियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही यह पहली बार था जब आयोग ने इतने बड़े पैमाने पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम के दौरान आयोग की नई वेबसाइट का भी अनावरण किया गया है।
कार्यक्रम में कौन-कौन हुआ शामिल?
भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय सामाजिक न्याय एंव आधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार थे। इसके अलावा संसदीय कार्य एंव विधि एंव न्याय राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की। इसके अलावा NCSC के अध्यक्ष किशोर मकवाना, आयोग के सदस्य श्री लव कुश कुमार और श्री वड्डापल्ली रामचंदर भी कार्यक्रम में शामिल थे।
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने क्या कहा?
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर बात करते हुए डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बाबासाहेब ने अपने जीवन में अपार कष्ट झेला और समाजिक अपमान का सामना किया। इन चीजों ने न्याय, सम्मान और समानता के लिए लड़ने के उनके संकल्प को और भी ज्यादा मजबूत किया है। साथ ही उन्होंने समुदाय के कल्याण के लिए बाबासाहेब अंबेडकर की भूमिका की सराहना की।
अर्जुन राम मेघवाल का भाषण
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के बारे में बात करते हुए श्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि बाबासाहेब ने अनुसूचित जातियों के कानूनी सशक्तिकरण और प्रतिनिधित्व पर जोर दिया। देश के युवाओं को उनसे सीख लेना चाहिए। समानता डॉ. अंबेडकर के दृष्टिकोण की आधारशिला थी और सच्चे राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है, जब सभी नागरिकों को समान अधिकार, अवसर और सम्मान मिले।
नई वेबसाइट का उद्घाटन
इस कार्यक्रम के दौरान NCSC की नई वेबसाइट का भी उद्घाटन किया गया। इसके अलावा भारत के संविधान की वास्तविक कॉपी, बाबासाहेब अंबेडकर पर लिखी गई प्रमुख किताबों का डिजिटल प्रदर्शन भी किया गया।
जम्मू-कश्मीर को बड़ी सौगात, वंदे भारत ट्रेन से कटरा से श्रीनगर का सफर आसान
15 Apr, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी सप्ताह जम्मू के कटरा और श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। मोदी 19 अप्रैल को ट्रेन का शुभारंभ करेंगे, जिसको लेकर रेलवे ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। नारंगी और भूरे रंग की यह सेमी हाई स्पीड ट्रेन माता वैष्णो देवी कटरा और श्रीनगर के बीच चलेगी। उत्तर रेलवे जोन को इस ट्रेन के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कटरा और श्रीनगर के बीच चलने वाली यह पहली वंदे भारत ट्रेन होगी। इस रूट को दुनिया का सबसे ऊंचा रूट माना जाता है।
इस ट्रेन के जरिए यात्री 3 घंटे में ही कटरा से श्रीनगर पहुंच जाएंगे, फिलहाल यह यात्रा 6-7 घंटे में पूरी होती है। यह ट्रेन उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) के साथ-साथ पहाड़ी इलाकों में सुरंगों और पुलों से होकर गुजरेगी। इस मार्ग में 36 प्रमुख सुरंगें शामिल हैं, जो 272 किलोमीटर लंबी लाइन का लगभग 119 किलोमीटर का हिस्सा कवर करती हैं। भारत की सबसे लंबी परिवहन सुरंग टी-50 इसी रूट पर है, जो कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है। इसके निर्माण के दौरान इंजीनियरों को पानी भरने और भूस्खलन जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
530 यात्री कर सकेंगे सफर
नई ट्रेन में 530 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। ट्रेन में 1 एग्जीक्यूटिव क्लास, 7 एसी चेयर कार और कुल 8 कोच लगाए जाएंगे। ट्रेन यात्रियों की सुविधा के लिए 18 प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इन स्टेशनों में रियासी, बक्कल, दुग्गा, सावलकोटे, संगलदान, सुंबेर, खारी, बनिहाल, शाहाबाद हिल हॉल्ट, काजीगुंड, सदुरा, अनंतनाग, बिजबेहरा, पंजगाम, अवंतीपोरा, रत्नीपोरा, काकापोरा और पंपोर शामिल हैं।
सरकार का उद्देश्य यात्रा समय को कम करके कनेक्टिविटी को बढ़ाना है। इस सेवा के शुरू होने से कश्मीर घाटी के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस कश्मीर घाटी में कनेक्टिविटी की सूरत बदलकर रख देगी। रेलवे ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना तैयार की है।
तेज रफ्तार का कहर: बुलढाणा में सड़क हादसे में 3 जानें गईं, 20 घायल
15 Apr, 2025 12:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के बुलढाणा में एक भीषण सड़क हादसा देखने को मिला है। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 20 से ज्यादा लोग बुरी तरह से घायल हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। हादसे की वजह ट्रक और बस की जोरदार टक्कर है। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है।
कैसे हुआ हादसा?
रिपोर्ट के अनुसार यह हादसा महराष्ट्र के बुलढाणा में खामगांव-नादुरा रोड पर हुआ है। यहां एक प्राइवेट बस अचानक एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक और बस दोनों के आगे का हिस्सा बुरी तरह से डैमेज हो गया। हादसे में 3 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। वहीं, बस में सवार 20 यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। सभी घाटलों को अकोला अस्पताल में भर्ती किया गया है।
हादसे के बाद का वीडियो
बुलढाणा से हादसे का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में हादसे का मंजर देखा जा सकता है। हादसा इतना भयानक था कि पास में मौजूद ईंट की दीवार भी टूटकर बिखर गई। मध्य प्रदेश परिवहन की प्राइवेट बस और ट्रक के बीच में टक्कर हुई है। हादसे की सूचना पर घायलों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए हैं। घटना से जुड़ी अन्य जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
'AI से बनेगी अपराध रोकने की रणनीति', अमित शाह का बड़ा बयान
15 Apr, 2025 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अगले एक-दो सालों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर अपराध पर कारगर रोक लगाने की रणनीति बनेगी। सीसीटीएनएस, ई-प्रीजन, ई-कोर्ट, ई-प्रोसेक्यूशन, ई-फारेंसिक और अपराधियों के फिंगरप्रिंट के डाटा बड़े पैमाने पर उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस डाटा का इस्तेमाल एआइ के सहारे अपराध रोकने की रणनीति बनाने में की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने तीन नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद सजा दर में हुई बढ़ोतरी का हवाला देते हुए आने वाले समय में सही मायने में कानून का शासन लागू होने का भरोसा जताया।
नए कानून से सजा की दर 30 फीसदी बढ़ी
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित अखिल भारतीय न्यायालयिक विज्ञान सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि अभी देश में सजा की दर 54 फीसद है, यानी लगभग आधे आरोपी अदालत से छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद न सिर्फ त्वरित न्याय मिलने लगा है, बल्कि सजा की दर भी 30 फीसद बढ़ गई है।
भारत में सजा की दर दुनिया में सबसे अच्छी होगी
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश सजा की दर में 40 फीसद की बढ़ोतरी करने की है। यह फारेंसिक की मदद के बिना नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत में सजा की दर दुनिया में सबसे अच्छी होगी। अमित शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों में सात साल से अधिक सजा के मामले की जांच के लिए लगभग 30 हजार फारेंसिक एक्सपर्ट की जरूरत का अनुमान है। लेकिन नेशनल फारेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) से हर साल 32 हजार फारेंसिक एक्सपर्ट पढ़कर निकलेंगे।
एनएफएसयू 10 नए परिसर स्थापित हो रहे हैं
उन्होंने कहा कि एनएफएसयू विभिन्न राज्यों सात परिसर चल रहे हैं और अगले छह महीने नौ नए शुरू हो जाएंगे। जबकि 10 और नए परिसर स्थापित करने की योजना है। शाह ने कहा कि आरोपी और फरियादी दोनों के साथ अन्याय नहीं हो, इसके लिए फारेंसिक साइंस को आपराधिक न्याय प्रणाली का अहम हिस्सा बनाना जरूरी है। अमित शाह ने कहा कि देश में सीसीटीएनएस के तहत 100 फीसद थानों में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की सुविधा है। इसके तहत 14 करोड़ 19 लाख एफआईआर और उससे जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
22 हजार अदालतें ई-कोर्ट से जुड़ चुकी हैं। दो करोड़ 19 लाख डाटा ई-प्रिजन का, 39 लाख केसों का ई-प्रोसेक्यूशन का डाटा, 39 लाख फारेंसिक साक्ष्य ई-फारेंसिक पर आनलाइन उपलब्ध है। इसके साथ नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेनटिफिकेशन सिस्टम (नफीस) पर एक करोड़ 53 लाख आरोपितों के फिंगरप्रिंट और मानव तस्करों का डाटा भी ऑनलाइन हो गया है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग उपलब्ध इन डाटा को आपस में जोड़ने और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से इसका विश्लेषण किया जाएगा, जिससे अपराध रोकने की सटीक रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
रेलवे ट्रैक पर मचा हड़कंप: बेलगावी में मालगाड़ी डिरेल, राहत कार्य जारी
15 Apr, 2025 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक के बेलगावी में मंगलवार सुबह एक मालगाड़ी के पटरी से उतर जाने की घटना सामने आई है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह हादसा बेलगावी रेलवे स्टेशन से मात्र आधा किलोमीटर की दूरी पर हुआ, जब मालगाड़ी बेलगावी से हुबली की ओर जा रही थी। उसी समय यह घटना हुई। बताया जा रहा है कि चलती हुई ट्रेन के तीन डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए, जिससे रेल यातायात पर असर पड़ा है।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और पुलिस के आला अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। हादसा सुबह के समय हुआ जब अधिकतर लोग अपने दैनिक कार्यों की शुरुआत कर रहे थे। ऐसे में हादसे के बाद आसपास के इलाके के लोग मौके पर जमा हो गए और कुछ ही देर में घटनास्थल पर भारी भीड़ लग गई।
यह हादसा बेलगावी में कांग्रेस रोड पर मिलिट्री महादेव मंदिर के सामने पटरी पर हुआ। मालगाड़ी महाराष्ट्र के मिराज की ओर जा रही थी। दक्षिण पश्चिम रेलवे द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि हुबली से एक दुर्घटना राहत ट्रेन घटनास्थल पर भेजी गई है ताकि मरम्मत कार्य जल्द पूरा किया जा सके। इस बयान में कहा गया है कि प्रभावित यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
घटना के वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतरकर दूसरी लाइन के बिल्कुल पास खड़े हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत तकनीकी टीम को मौके पर बुलाया और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच के मुताबिक यह संभावना जताई जा रही है कि तकनीकी खराबी या पटरियों में किसी तरह की समस्या के चलते यह दुर्घटना हुई हो सकती है, लेकिन अभी तक किसी निश्चित कारण की पुष्टि नहीं की गई है।
फिलहाल रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर जांच कर रहे हैं और पटरी से उतरने के कारणों की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच के बाद ही इसपर कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल अधिकारी जांच में जुटे हैं। दक्षिण पश्चिम रेलवे द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि यातायात बहाली का काम जारी है। ट्रेन सेवाओं में किसी भी तरह के बदलाव के बारे में सूचित किया जाएगा।
कांग्रेस-आरजेडी के नेताओं के बीच बैठक: बिहार चुनाव की रणनीति को लेकर मंथन
15 Apr, 2025 10:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की तस्वीर साफ है. आरजेडी की अगुवाई वाले महागठबंधन के साथ कांग्रेस विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए रजामंद है, लेकिन सीट शेयरिंग और सीएम चेहरे को लेकर कशमकश बनी हुई है. कांग्रेस नेतृत्व की बिहार के अपने नेताओं के साथ मंथन होने के बाद अब मंगलवार को आरजेडी नेताओं के साथ बैठक होने जा रही है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ होने वाली बैठक पर सभी की निगाहें लगी हुई है.
बिहार कांग्रेस नेतृत्व आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर राजी है, लेकिन इस बात पर सहमत नहीं है कि महागठबंधन का सीएम का चेहरा तेजस्वी यादव को बनाया जाए. ऐसे में तेजस्वी यादव की कांग्रेस नेतृत्व के साथ होने वाली बैठक काफी अहम मानी जा रही है. सवाल ये उठता है कि आखिर क्या वजह है कि तेजस्वी यादव के चेहरे को लेकर कांग्रेस दुविधा में फंसी हुई है. कांग्रेस की कोई सियासी चाल है या फिर सीट शेयरिंग के लिए बार्गेनिंग पॉवर बढ़ाने की स्ट्रैटेजी?
आरजेडी-कांग्रेस बैठक के पांच एजेंडे
आरजेडी कांग्रेस और वामपंथी दलों जैसे दल मिलकर चुनाव लड़ने को तैयार हैं, लेकिन सीट शेयरिंग और सीएम चेहरे की छाई अनिश्चितता मंगलवार को दिल्ली में होने वाली बैठक से दूर करने की कवायद की जाएगी. तेजस्वी यादव की मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ बैठक होगी, जिसमें दोनों ही पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शिरकत करेंगे. इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है.
.बिहार में किन मुद्दों को लेकर आगे बढ़ना है. कांग्रेस और आरजेडी नेताओं की बीच तय होगा कि किन मुद्दों पर चुनाव लड़ना है और कैसे विपक्षी दलों को सियासी टारगेट पर रखना है.
.कांग्रेस, राजद, लेफ्ट, वीआईपी के बाद क्या पशुपति पारस को गठबंधन में लिया जाना चाहिए की नहीं. पशुपति पारस, बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए से नाता तोड़कर अलग हो गए हैं. पशुपति पारस ने कहा कि अगर उन्हें महागठबंधन में उचित सम्मान और उपयुक्त पद मिलता है तो वो शामिल होने पर विचार कर सकते हैं. इस तरह पशुपति पारस ने महागठबंधन का हिस्सा बनने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी है.
.गठबंधन का बड़ा प्रारूप कैसा हो, आरजेडी और कांग्रेस की भूमिका कैसी होगी. इस पर भी निर्णय लिया जाना है. माना जा रहा है कि सीट शेयरिंग को लेकर भी एक खाका खींचा जा सकता है, क्योंकि कांग्रेस और आरजेडी के बीच सीट बंटवारे को लेकर शह-मात का खेल चल रहा है.
.बिहार में कांग्रेस और आरजेडी के साथ चुनाव लड़ने पर उठ रही धुंध छांटने की कोशिश होगी. कांग्रेस नेताओं के बिहार में सक्रिय होने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस और आरजेडी का गठबंधन रहेगा कि नहीं. इस बैठक के बाद गठबंधन को लेकर सभी कयास पर पूर्ण विराम लगाने की रणनीति है.
.तेजस्वी यादव के चेहरे पर सस्पेंस. आरजेडी नेताओं के साथ होने वाली बैठक में कांग्रेस बताएगी कि तेजस्वी यादव के चेहरे पर चुनाव लड़ने पर सवर्ण जातीय के वोटों के छिटकने का खतरा बन सकता है. इसीलिए कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव वाला ही प्लान बनाया है. कांग्रेस बताएगी कि सवर्ण के वोट को लिया जा सके, इसलिए वो रणनीति के तहत सीएम चेहरे की बात नहीं कर रही, ऐसे में कांग्रेस ने रणनीति बनाई है कि चुनाव के बाद जो पार्टी सबसे बड़ी बनकर उभरेगी, उसे ही पार्टी नेता तय करेगी, जिस तरह लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है.
कांग्रेस के फॉर्मूले पर तेजस्वी होंगे रजामंद
कांग्रेस के फॉर्मूले पर क्या तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी आरजेडी रजामंद होगी. आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने जिस तरह से खुद मुखरता से तेजस्वी के नाम की घोषणा की है, कांग्रेस नेताओं ने इस पर कोई निश्चितता नहीं जताई है, लेकिन रजामंदी भी जाहिर नहीं की. कांग्रेस नेतृत्व सीएम के नाम पर आधिकारिक घोषणा से पहले सभी गठबंधन सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे पर स्पष्टता जैसी औपचारिकताओं को पूरा कर लेना चाहता है. ऐसे में आरजेडी भी सीएम चेहरे पर साफ स्टैंड चाहती है.
तेजस्वी यादव के साथ होने वाली बैठक में कांग्रेस की तरफ से सम्मानजनक सीटों की मांग की जाएगी. पिछली बार 70 सीट लड़कर वो महज 19 सीटें जीत पाई और इल्जाम लगा कि उसके स्ट्राइक रेट के चलते सरकार नहीं बनी. ऐसे में कांग्रेस का कहना है कि जो उसको 70 सीटें मिली थी, उसमें ज्यादातर सीटें सियासी अनुकूल नहीं थी. इसके अलावा जेडीयू और बीजेपी की मजबूत सीटें थी, जिसके चलते कांग्रेस नहीं जीत सकी थी. कांग्रेस नेताओं के एक अन्य वर्ग ने कहा कि वे पार्टी के लिए सीटों के ‘उचित और सम्मानजनक’ आवंटन पर नजर रख रहे हैं ताकि आरजेडी की योजना पर अपनी मुहर लगा सकें.
कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री ने कहा कि सीटों के बंटवारे के मामले में आरजेडी भरोसेमंद साझेदार नहीं है. 2010 में कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन टूट गया था, क्योंकि आरजेडी कांग्रेस के लिए उचित संख्या में सीटें छोड़ने को तैयार नहीं थी. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस ने विभिन्न माध्यमों से जनता तक पहुंचने के लिए एक गहन अभियान शुरू किया है. यहां तक कि राहुल गांधी भी राज्य का दौरा कर रहे हैं और बिहार के मतदाताओं को जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं.
वहीं, आरजेडी नेताओं का मानना है कि महागठबंधन के सीएम चेहरे को लेकर कोई विवाद नहीं है. तेजस्वी यादव पर सभी सहमत हैं. अब देखना है कि कांग्रेस और आरजेडी के बीच सीएम चेहरे से लेकर सीट शेयरिंग पर फाइनल मुहर राहुल गांधी और तेजस्वी की बैठक में लग सकती है?
Air India का बड़ा फैसला: CEO और सीनियर अधिकारी भी उड़ेंगे इकोनॉमी क्लास में
15 Apr, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एयर इंडिया ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए एक नई पॉलिसी बनाई है। इस पॉलिसी के तहत 1 अप्रैल से इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरलाइन ने प्रीमियम सीटों को बुक करने वाले ग्राहकों के लिए यह फैसला किया है। दरअसल, एयरलाइन के कर्मचारियों को बिजनेस क्लास में सफर करने की इजाजत थी, लेकिन अब कर्मचारियों को प्रीमियम इकॉनमी या बिजनेस क्लास में अपग्रेड करने की इजाजत कुछ शर्तों के साथ दी जाएगी। बिजनेस क्लास का टिकट देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी यात्रियों को सीटें मिल सकें, इसके बाद ही एयरलाइन स्टाफ को अपग्रेड की सुविधा दी जाएगी।
एयर इंडिया ने बदला नियम
एयर इंडिया ने अपने कर्मचारियों के लिए नई यात्रा पॉलिसी बनाई है। इस पॉलिसी के तहत कंपनी के CEO, सीनियर अधिकारी और सीनियर कमांडर भी इकोनॉमी क्लास में यात्रा करेंगे। एयरलाइन के इस बदलाव को स्टेप्स में लागू किया जाएगा। 1 अप्रैल से टॉप मैनेजमेंट (वाइस प्रेसिडेंट और उससे ऊपर के अधिकारी) के लिए इकोनॉमी क्लास में सफर शुरू हो गया है। जबकि, 1 जून से सीनियर कमांडरों पर इस नियम को लागू किया जाएगा। इसके पहले ड्यूटी पर यात्रा करने वाले कर्मचारी घरेलू उड़ानों में भी बिजनेस क्लास में सफर कर सकते थे, लेकिन अब इसको कुछ ही परिस्थितियों के लिए लागू किया जाएगा।
क्यों बदला नियम?
हाल के दिनों में प्रीमियम या बिजनेस क्लास सीटों की मांग में बढ़ोतरी देखने को मिली है। यात्रियों की मांग को देखते हुए ही इस नए नियम को लागू करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा, ये फैसला सर्विस और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एयर इंडिया की कोशिश का एक हिस्सा है। इसके साथ ही एयरलाइन ने प्रीमियम क्लास सीटों की संख्या को भी बढ़ाने का ऐलान किया है। वर्तमान में एयरलाइन के A320 नैरो-बॉडी विमानों में हर हफ्ते 50,000 प्रीमियम इकोनॉमी सीटें उपलब्ध रहती हैं।
बिहार में कैबिनेट विस्तार की तैयारी, नए मंत्रियों की एंट्री पर सियासी सरगर्मी
मिर्जापुर में खौफनाक सड़क हादसा, टक्कर के बाद गाड़ी में लगी आग, 11 जिंदा जले
बंगाल में तेज रफ्तार, तमिलनाडु में भी बढ़ा मतदान प्रतिशत
दतिया अस्पताल में हंगामा, नकाबपोश बदमाशों ने अटेंडर को पीटा
विश्व पुस्तक दिवस पर सीएम मोहन यादव का संदेश—किताबों से बढ़ेगा ज्ञान और संस्कार
फर्ज सर्वोपरि: वोट देने के लिए विदेश से स्वदेश लौटे सुपरस्टार अजित कुमार।
