देश
पहलगाम अटैक पर कुमार विश्वास का वीडियो वायरल, कहा- कुत्ता पागल हो जाए तो गोली मारी जाती है
23 Apr, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले से पूरे देश में आक्रोश व्याप्त है। इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया जा रहा है। टेररिस्ट अटैक पर भड़के कवि कुमार विश्वास का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि कुत्ता पागल हो जाए तो गोली मारी जाती है।
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कुमार विश्वास ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर अपना एक पुराना वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले कहा था, फिर दोहरा रहा हूं। आज समझो या कल, उपचार बस यही है। देश बनाएं या फिर अपने बेटों की लाशें ढोयें? इसी कश्मकश में हर जीती बाजी हारी जाती है। एक बात ये दिल्ली वाले आखिर किस दिन समझेंगे? कुत्ता पागल हो जाए तो गोली मारी जाती है।
बदला लिया जाएगा : कुमार विश्वास
आपको बता दें कि इससे पहले कुमार विश्वास ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कहा था कि धर्म पूछकर निरपराध पर्यटकों को गोली मारने वाले भी किसी मजहब के पैरोकार हो सकते हैं? दुनिया को, देश को जागना होगा और आतंकवादी विचार और उसके अंदर-बाहर के समर्थकों, सहानुभूति रखने वालों को बेनकाब करना होगा। जिनके परिजनों की मौत हुई है, उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति। आतंकी भेड़ियों को चेतावनी कि कश्मीरी व भारतीय न झुके थे न झुकेंगे। बदला लिया जाएगा।
पीएम मोदी ने घटनास्थल का किया दौरा
पूरी दुनिया पहलगाम आतंकी हमले की निंदा कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटनास्थल का हवाई निरीक्षण किया और अनंतनाग के अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की।
इंटरनेशनल कोर्ट में पहलगाम केस ले जाए सरकार – कपिल सिब्बल का सुझाव
23 Apr, 2025 05:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्सा और आक्रोश है। इस हमले पर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मासूम लोगों को मारा गया। कपिल सिब्बल ने कहा, "इस घटना के जिम्मेदार लोगों पर अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में मुकदमा चलना चाहिए। मैं गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह करता हूं कि वे पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करें और अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में जाएं। मुझे यकीन है कि विपक्ष इस पर साथ देगा।"
क्या था मुनीर का बयान?
पाकिस्तान के सेन प्रमुख असीम मुनीर की 'गले की नस' वाली टिप्पणी का हवाला देते हुए कपिल सिब्बल ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हमला बताया। असीम मुनीर ने कुछ दिनों पहले बयान दिया था, "यह हमारी गले की नस होगी, हम इसे नहीं भूलेंगे और हम अपने कश्मीरी भाइयों को उनके ऐतिहासिक संघर्ष में नहीं छोड़ेंगे।"
मुनीर के इसी बयान का हवाला देते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि यह हमला राज्य प्रायोजित है। उन्होंने कहा, "अभी एक सप्ताह पहले ही ऐसा कहा गया था। यह एक बहुत सोची-समझी और सुनियोजित आतंकवादी हमला है। क्योंकि घाटी पहलगाम से सिर्फ आधे घंटे की दूरी पर है और यह एक उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र है क्योंकि वहां अमरनाथ तीर्थस्थल है।"
सिब्बल ने हमले में बताया पाकिस्तान का हाथ
सिब्बल ने कहा, "जिन लोगों ने हमला किया वो जानते थे कि आप टट्टुओं के अलावा घाटी तक नहीं पहुंच सकते हैं। यह आरोप लगाया गया कि वे किश्तवाड़ से कोकरनाग होते हुए आए और फिर यहां आए। लेकिन निश्चित रूप से यह पाकिस्तान को इससे जोड़ता है।"
गृह मंत्री से की मांग
वरिष्ठ वकील ने कहा, "मैं गृह मंत्री से आग्रह करता हूं कि वे पाकिस्तान को आतंकवादी संगठन के रूप में शामिल करें। हमें अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में अभियोग दायर करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान का बहिष्कार करने का आग्रह करना चाहिए।"
अमित शाह ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, बोले – इंसाफ होकर रहेगा
23 Apr, 2025 04:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्सा और आक्रोश है। इस हमले पर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मासूम लोगों को मारा गया। कपिल सिब्बल ने कहा, "इस घटना के जिम्मेदार लोगों पर अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में मुकदमा चलना चाहिए। मैं गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह करता हूं कि वे पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करें और अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में जाएं। मुझे यकीन है कि विपक्ष इस पर साथ देगा।"
क्या था मुनीर का बयान?
पाकिस्तान के सेन प्रमुख असीम मुनीर की 'गले की नस' वाली टिप्पणी का हवाला देते हुए कपिल सिब्बल ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हमला बताया। असीम मुनीर ने कुछ दिनों पहले बयान दिया था, "यह हमारी गले की नस होगी, हम इसे नहीं भूलेंगे और हम अपने कश्मीरी भाइयों को उनके ऐतिहासिक संघर्ष में नहीं छोड़ेंगे।"
मुनीर के इसी बयान का हवाला देते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि यह हमला राज्य प्रायोजित है। उन्होंने कहा, "अभी एक सप्ताह पहले ही ऐसा कहा गया था। यह एक बहुत सोची-समझी और सुनियोजित आतंकवादी हमला है। क्योंकि घाटी पहलगाम से सिर्फ आधे घंटे की दूरी पर है और यह एक उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र है क्योंकि वहां अमरनाथ तीर्थस्थल है।"
सिब्बल ने हमले में बताया पाकिस्तान का हाथ
सिब्बल ने कहा, "जिन लोगों ने हमला किया वो जानते थे कि आप टट्टुओं के अलावा घाटी तक नहीं पहुंच सकते हैं। यह आरोप लगाया गया कि वे किश्तवाड़ से कोकरनाग होते हुए आए और फिर यहां आए। लेकिन निश्चित रूप से यह पाकिस्तान को इससे जोड़ता है।"
गृह मंत्री से की मांग
वरिष्ठ वकील ने कहा, "मैं गृह मंत्री से आग्रह करता हूं कि वे पाकिस्तान को आतंकवादी संगठन के रूप में शामिल करें। हमें अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में अभियोग दायर करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान का बहिष्कार करने का आग्रह करना चाहिए।"
कश्मीर में फिर टूटा आतंक का कहर, बैसरन में मासूमों पर गोली चलाने वाले बेनकाब
23 Apr, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद जांच एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस यहां के जंगलों में बड़ा तलाशी अभियान चला रही है। जांच एजेंसियों ने पहलगाम हमले के 3 दोषियों के स्केच जारी किए हैं। इस बीच आतंकियों की एक फोटो भी सामने आई है जिसमें वे हथियारों के साथ नजर आ रहे हैं। इसकी एक टीम श्रीनगर भी पहुंच गई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये आतंकी कई विदेशी पर्यटकों को भी मारने की फिराक में थे। दावा किया जा रहा है कि आतंकी मुजफ्फराबाद और कराची से लगातार संपर्क में थे।
आतंकियों के स्केच भी जारी
इस बीच जांच एजेंसियों ने 3 आतंकियों के स्केच जारी किए हैं, इनमें से 2 हमलावर स्थानीय आतंकी बताए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये आतंकी सेना की वर्दी में पहलगाम पहुंचे थे। जांच एजेंसियों ने चश्मदीदों से बातचीत के आधार पर यह स्केच तैयार किया है। इन आतंकियों के नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा हैं।
आतंकी हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। श्रीनगर के बाद अमित शाह पहलगाम भी गए और घटनास्थल का दौरा किया। मृतकों को श्रद्धांजलि देने के बाद गृह मंत्री शाह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, "मैं भारी मन से पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं। भारत आतंक के आगे नहीं झुकेगा। इस कायराना आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।" कल यानी मंगलवार दोपहर करीब 2.30 बजे दक्षिण कश्मीर के पहलगाम के पास मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से मशहूर पर्यटक स्थल बैसरन पर करीब 6 आतंकियों ने अचानक हमला कर दिया, जिसमें 28 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे।
अब्दुल्ला सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
जम्मू-कश्मीर सरकार ने पहलगाम हमले के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। सरकार ने बुधवार को हमले में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कोई भी धनराशि प्रियजनों के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन जम्मू-कश्मीर सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री उमर ने हमले में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के लिए 2-2 लाख रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों के लिए 1-1 लाख रुपये की घोषणा की है।
उरी, पुलवामा और अब पहलगाम... पिछले 10 सालों में जम्मू-कश्मीर में हुए 10 आतंकी हमले, 123 ने गंवाई जान
23 Apr, 2025 12:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कश्मीर: कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार शाम को हुए आतंकवादी हमले में 28 पर्यटक मारे गए। जिसमें महाराष्ट्र के भी 6 पर्यटक शामिल हैं। इस आतंकी हमले से समूचे भारत में शोक छाया हुआ है। जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार 10 आतंकवादियों ने पहलगाम घूमने आए पर्यटकों पर नाम पूछकर अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले के बाद केंद्र सरकार सतर्क हो गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना सऊदी दौरा बीच में छोड़कर दिल्ली आ गए हैं। पिछले दस वर्षों (2015-2025) में जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी हमले हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में जान-माल की हानि हुई है।
पिछले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले
1) 16 सितंबर, 2015
जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने उधमपुर में जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर बीएसएफ दल पर हमला किया। इनमें से 2 जवान शहीद हो गए और 11 घायल हो गए। एक आतंकवादी को गिरफ्तार कर लिया गया।
2) 18 सितंबर, 2016
जम्मू से 102 किलोमीटर दूर उरी में चार आतंकवादियों ने सेना के अड्डे पर हमला किया। इसमें 19 भारतीय जवान शहीद हो गए। माना जा रहा है कि यह हमला लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक की।
3) 10 जुलाई, 2017- अमरनाथ यात्रा पर हमला
अनंतनाग जिले में अमरनाथ यात्रियों पर आतंकवादियों ने हमला किया, जिसमें 7 श्रद्धालु मारे गए और 19 घायल हो गए। उन पर हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े होने का संदेह है।
4) 14 फरवरी 2019- पुलवामा हमला
पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती कार बम हमले में 40 जवान शहीद हो गए। जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली। इसके बाद भारत ने बालाकोट में हवाई हमले किये।
5) 2021: श्रीनगर में हमले
अक्टूबर 2021 में आतंकवादियों ने फिर से कश्मीर में हिंसा बढ़ा दी। प्रमुख कश्मीरी पंडित व्यवसायी माखन सिंह बिंद्रू की श्रीनगर में हत्या कर दी गई। इसके अलावा कई नागरिकों और अल्पसंख्यकों पर हमले किये गये।
6) 9 जून, 2024
रियासी में आतंकवादियों ने शिव खोरी मंदिर से लौट रहे तीर्थयात्रियों की बस पर हमला किया। इसके बाद बस एक खड्ड में गिर गई, जिससे 9 लोगों की मौत हो गई और 33 अन्य घायल हो गए।
7) 8 जुलाई, 2024
कठुआ में सेना के एक वाहन पर आतंकवादियों द्वारा ग्रेनेड फेंके जाने और गोलीबारी किये जाने से पांच जवान शहीद हो गये।
8) 16 जुलाई, 2024
डोडा के देसा जंगल में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें 4 जवान और 1 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। 2020 में सरकार ने डोडा को आतंक मुक्त घोषित कर दिया।
9) 20 अक्टूबर 2024
आतंकवादियों ने गंदेरबल में एक निर्माण स्थल पर हमला किया। इसने गैर-स्थानीय श्रमिकों और एक स्थानीय डॉक्टर को निशाना बनाया। कुल 7 लोग मारे गये। यह हमला जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के बाद हुआ।
10) 21 अप्रैल 2025- पहलगाम हमला
मंगलवार शाम को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में निर्दोष नागरिक मारे गए। अबतक 28 लोगों के मारे जाने की खबर है।
अमित शाह करेंगे पहलगाम दौरा; घायलों से मिलकर लेंगे हालचाल, मृतकों को दी श्रद्धांजलि
23 Apr, 2025 11:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम के प्रमुख टूरिस्ट स्थल पर हुए आतंकी हमले से पूरा देश में रोष है. इस हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हैं. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर में मौजूद हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ हाई लेवल बैठक की है. वह आज पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी है. पुलिस कंट्रोल रूम में आतंकी हमले में मारे गए पर्यटकों के शव रखे गए हैं.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहलगाम में घटनास्थल का भी दौरा करेंगे और अस्पताल जाकर घायलों का हाल-चाल जाना है. इसके बाद दिल्ली वापस लौट आएंगे. बीते दिन हमले के बाद शाह ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से दुखी हूं. मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं. इस जघन्य आतंकी हमले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और हम अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे. उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देंगे. मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घटना के बारे में जानकारी दी और संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की.’
एक टीम आज किसी भी समय पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के स्थल का दौरा कर सकती है. हमले की नेचर का आकलन करेगी, फोरेंसिक साक्ष्य जुटाएगी और अपने प्रारंभिक तथ्य-खोज अभ्यास के हिस्से के रूप में स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय करेगी.
पीएम मोदी सऊदी की यात्रा छोड़ लौटे स्वदेश
इधर, प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब की अपनी आधिकारिक यात्रा को छोटा कर दिया और बुधवार को आधिकारिक डिनर छोड़कर दिल्ली लौट आए. हवाई अड्डे पर उन्होंने एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की और पहलगाम हमले के बारे में जानकारी ली. हमले में मारे गए लोगों में दो विदेशी, जोकि संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल के हैं. इसके अलावा दो स्थानीय लोगों की भी मौत हुई है.
गोलियों से छलनी और कपड़े उतरवाए: हमले में बची महिला का दर्दनाक बयान
23 Apr, 2025 10:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं।
तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्री अमरनाथ यात्रा से पहले मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2019 के पुलवामा हमले के बाद सबसे बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने दक्षिण कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे फिर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। 26 मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय शामिल हैं। हमले में 17 लोग घायल हुए हैं।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हथियारों से लैस आतंकी मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे घास के मैदान में घुस आए। घने देवदार के जंगलों और पहाड़ों से घिरा यह विस्तृत घास का मैदान है और देश और दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों के बीच पसंदीदा है। इसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है। बताया जा रहा है कि आतंकियों ने खाने-पीने की दुकानों के आसपास घूम रहे, टट्टू की सवारी कर रहे या पिकनिक मना रहे पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी।
'लोगों से उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे फिर मार डाला'
वहीं कुछ पर्यटकों का कहना है कि आतंकियों ने लोगों से उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे फिर उनको अलग कर गोलियां बरसाने लगे। घटनास्थल के कुछ वीडियो सामने आए हैं। इनमें चार लोग जमीन पर पड़े दिखाई दे रहे हैं, जिनमें एक बच्चा भी है, जबकि कुर्सी पर बैठा एक व्यक्ति खून से लथपथ है। वीडियो में दो महिलाएं मदद की गुहार लगाती नजर आ रही हैं। एक स्थानीय उन्हें दिलासा दे रहा है।
हमले के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर घायलों को वहां से निकालना शुरू किया। ऊंचाई वाला इलाका होने के कारण घायलों को घोड़े वालों की मदद से सड़क तक लाया गया, जहां से उन्हें नौ एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया पहलगाम के नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां से कुछ को राजकीय मेडिकल कॉलेज अनंतनाग भी ले जाया गया। दो घायलों को एयरलिफ्ट भी किया गया।
माहौल तनावपूर्ण...सेना और सुरक्षाबलों ने की घेराबंदी
पहलगाम में आतंकी हमले से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। आतंकियों की तलाश की जा रही है।
अमरनाथ यात्री निवास से महज 15 किमी दूर वारदात
आतंकियों ने ये वारदात अमरनाथ यात्री निवास नुनवान बेस कैंप से महज 15 किमी. दूर इस वारदात को अंजाम दिया है। यह यात्रा के पारंपरिक मार्ग का हिस्सा है। 3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है। माना जा रहा है कि इससे पहले ही पर्यटकों और तीर्थयात्रियों में दहशत फैलाने के लिए यह वारदात अंजाम दी है। अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से पंजीकरण शुरू हुआ है और अब तक 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पंजीकरण करवा चुके हैं।
पीड़िता बोली-लोगों के कपड़े उतरवाकर धार्मिक पहचान की
हमले में बाल-बाल बची एक महिला ने बताया कि आतंकियों ने उसके पति से नाम पूछा और जब पता चला कि वह मुस्लिम नहीं है तो उसके सिर में गोली मार दी। आतंकियों ने कुछ लोगों के कपड़े उतरवाकर उनकी धार्मिक पहचान की। एक अन्य महिला ने बताया, गोलियां चलते ही लोग बचने के लिए भागने लगे, लेकिन कहीं छिपने की जगह ही नहीं थी।
शाह ने कहा कड़ी कार्रवाई होगी
गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकी हमले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का संकल्प लिया और कहा कि वह श्रीनगर जा रहे हैं, जहां वह सभी एजेंसियों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे। शाह ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घटना के बारे में जानकारी दी है, जो वर्तमान में सऊदी अरब में हैं और आतंकी हमले के बाद संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। उन्होंने कहा, पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिवार के सदस्यों के साथ हैं। इस नृशंस आतंकी हमले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और हम दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देंगे।
जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी ने जेद्दा से उड़ान भरी
23 Apr, 2025 09:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए एक बर्बर आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई. मरने वालों में नेपाल और यूएई के नागरिकों के साथ-साथ एक आईबी ऑफिसर और नेवी के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शामिल हैं. इस घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब का अपना दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और वह आधी रात को ही भारत लौट रहे हैं. कल सुबह वह कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे.
हमले की भयावहता: सूत्रों के अनुसार, दोपहर के समय जब पर्यटक पहलगाम की बैसरन घाटी के ऊपरी इलाकों में घुड़सवारी कर रहे थे, तभी चार आतंकियों ने उन पर अचानक हमला कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकियों ने पंजाबी भाषा में पर्यटकों से उनका धर्म पूछा और पहचान स्थापित होने के बाद अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान कई राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई.
गृह मंत्री का श्रीनगर दौरा और उच्च-स्तरीय बैठक
हमले की खबर मिलते ही गृह मंत्री अमित शाह तुरंत श्रीनगर पहुंचे. उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ एक आपातकालीन बैठक की. इस बैठक में स्थिति का जायजा लिया गया और आगे की कार्रवाई पर चर्चा की गई. इससे पहले, दिल्ली में गृह मंत्री ने आईबी चीफ, जम्मू-कश्मीर के डीजी, सेना और सीआरपीएफ के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया.
आतंकियों की पहचान और कार्रवाई
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हमले को चार आतंकियों ने अंजाम दिया, जिनमें से तीन पाकिस्तानी और एक स्थानीय बताया जा रहा है. सुरक्षा बलों ने आतंकियों की तलाश शुरू कर दी है और उन्हें जल्द से जल्द पकड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है.
खुफिया एजेंसियों की चेतावनी
खुफिया सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, आतंकी पर्यटक समूहों को निशाना बनाने की फिराक में थे. इस हमले को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसका मकसद घाटी में पर्यटकों की आवाजाही को रोकना और भय का माहौल पैदा करना है. गर्मियों के मौसम में घाटी में पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ जाती है, जिसे आतंकी अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं.
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस हमले की सर्वत्र निंदा हो रही है. कांग्रेस पार्टी ने सरकार को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए कहा है कि आतंकियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने भी पहलगाम हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया है.
राजनाथ सिंह की घटना की निंदा
वहीं, घटना को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा, "पहलगाम में आतंकवादी हमले की खबर से बहुत दुखी हूं. निर्दोष नागरिकों पर यह नृशंस हमला कायरतापूर्ण और अत्यधिक निंदनीय कृत्य है. मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं निर्दोष पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं."इससे पहले दिन में दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम इलाके में आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में कुछ नागरिक घायल गए थे. हालांकि, राज्य सरकार ने अभी तक हताहतों या घायलों के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. आतंकवादी हमले में घायल हुए पर्यटकों को पहलगाम के स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया है.
मौसम विभाग का ताज़ा अपडेट: उत्तर में गर्मी चरम पर, पूर्व में बारिश की उम्मीद
23 Apr, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली NCR समेत उत्तर भारत में एक बार फिर से भीषण गर्मी का दौर शुरू हो चुका है। इस बीच मौसम विभाग ने मौसम को लेकर अपडेट जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 39-41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। लेकिन बारिश की संभावना नहीं है।
इन राज्यों में हीटवेव का प्रकोप
वहीं मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम इलाकों मे 28 अप्रैल और पूर्वी भारत में 26 अप्रैल 2025 तक हीटवेव का प्रकोप जारी रहेगा।
यूपी में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आज मौसम में उतार-चढ़ाव दिख सकता है। पूर्वी यूपी के बरेली,बस्ती, शाहजहांपुर और मुरादाबाद जैसे जिलों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही हल्की बूंदाबांदी या बरसात हो सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर यूपी में धूल भरी आंधी चल सकती है। राज्य का अधिकतम तापमान 38-41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22-25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
राजस्थान में लू का अलर्ट
राजस्थान में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। मौसम विभाग ने बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, बूंदी, कोटा, बारां और चित्तौड़गढ़ के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है। अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो सामान्य से 3-5 डिग्री अधिक है। पश्चिमी राजस्थान में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।
महाराष्ट्र में मौसम गर्म और उमस भरा रहेगा। कोल्हापुर, सांगली और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का अनुमान है। अधिकतम तापमान 38-42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24-27 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
बिहार में बारिश जारी
बिहार के पटना, गया, भागलपुर और अन्य जिलों के लिए हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है। 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। गरज-चमक और आकाशीय बिजली भी देखने को मिल सकती है। वहीं झारखंड के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
एयर इंडिया का बड़ा फैसला, यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त फ्लाइट्स
23 Apr, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एयर इंडिया बुधवार को श्रीनगर से दो अतिरिक्त उड़ानें चलाएगी। एयर इंडिया ने एक्स पर पोस्ट किया, मौजूदा स्थिति के मद्देनजर एयर इंडिया बुधवार को श्रीनगर से दिल्ली और मुंबई के लिए दो अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी।
एकनाथ शिंदे ने नागरिक उड्डयन मंत्री ने की बात
इस बीच, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहलगाम आतंकी हमले के संबंध में नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू से बात की। इस हमले में महाराष्ट्र के पर्यटकों की भी मौत हुई है।
शवों को शीघ्र वापस लाने के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे
उन्होंने नायडू से अनुरोध किया है कि वे मृतकों के पार्थिव शरीर को श्रीनगर से मुंबई तत्काल ले जाने के लिए विशेष व्यवस्था करें। इसके जवाब में नायडू ने आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे तथा शवों को शीघ्र वापस लाने के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
ये होगी टाइमिंग
बुधवार को एयर इंडिया सुबह 11.30 बजे श्रीनगर से दिल्ली और दोपहर 12 बजे श्रीनगर से मुंबई के लिए उड़ान संचालित करेगी। एयरलाइन ने कहा, श्रीनगर से आने-जाने वाली हमारी सभी अन्य उड़ानें निर्धारित समय के अनुसार संचालित होती रहेंगी।
टीआरएफ ने ली आतंकी हमले की जिम्मेदारी
फरार आतंकियों को मार गिराने के लिए सुरक्षा बल ने भी बड़ा अभियान छेड़ दिया है। कश्मीर में यह हमला उस समय हुआ, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत दौरे पर आए हैं। इस बीच, हमले की जिम्मेदारी कश्मीर में आतंक का नया पर्याय बने लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन द रजिस्टेंस फोर्स (टीआरएफ) ने ली है।
पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला, 26 की मौत, मरने वालों में दो विदेशी भी शामिल
22 Apr, 2025 08:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू । दक्षिण कश्मीर के प्रमुख पर्यटक स्थल पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने कायराना हरकत की है। आतंकियों ने अंधाधुंध गोली बारी की और 26 लोगों की जान ले ली। पीएम मोदी ने हमले की निंदा करते हुए दुख जताया है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्ट पर हुए आतंकी हमले में 27 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है. मरने वालों में दो विदेशी भी शामिल हैं. एक शख्स इजरायल और एक इटली का रहने वाला है. गृह मंत्री अमित शाह इस वक्त श्रीनगर पहुंच चुके हैं. बताया जा रहा है कि कुल चार आतंकियों ने इस वारदात को अंजाम दिया, जिसमें से तीन पाकिस्तानी और एक लोकल कश्मीरी है. जब दोपहर को यह वारदात हुई तब सैलानी वहां घुड़सवारी कर रहे थे. तभी आतंकी वहां पहुंचे और उन्होंने पंजाबी में टूरिस्ट से उनका मजहब पूछा. पहचान स्थापित होने के बाद लोगों को मौत के घाट उतारा गया. इस दौरान करीब 50 राउड फायरिंग की गई।
सूत्रों के मुताबिक मरने वालों में अधिकांश पुरुष हैं. मंगलवार दोपहर आतंकवादियों ने पर्यटकों पर बड़ा हमला कर दिया. पर्यटकों का नाम पूछ-पूछकर आतंकियों ने उनपर गोली चलाई. अनंतनाग जिले के बैसरन घाटी के ऊपरी इलाकों में टूरिस्ट घूम रहे थे, तभी अचानक उनपर गोलीबारी कर दी गई. पीएम नरेंद्र मोदी इस वक्त सउदी अरब में हैं. पीएम ने सउदी से गृह मंत्री अमित शाह को फोन मिलाया और तुरंत पहलगाम जाने का निदेश दिया।
गृह मंत्री पहलगाम के लिए दिल्ली से निकल चुके हैं. इससे पहले अमित शाह आईबी चीफ, जम्मू-कश्मीर के डीजी और सेना व सीआरपीएफ के आला अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग भी की. पीएम मोदी इस मीटिंग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उपलब्ध रहे. जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला भी इस घटना को लेकर काफी गंभीर हैं. वो तुरंत ही पहलगाम के लिए निकल रहे हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है. बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अलावा अधिकारी सहित जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज कुमार सिन्हा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहे. खुफिया सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक आतंकी टूरिस्ट के बड़े ग्रुप को टारगेट करने की फिराक में थे. वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आतंकी फरार हो गए. सुनियोजित तरीके से टूरिस्ट को निशाना बनाया गया. गर्मियों के इस सीजन में घाटी में टूरिस्ट की संख्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है. टूरिस्ट को निशाना बनाकर आतंकी जम्मू-कश्मीर में सैलानियों के प्रवेश को रोकना चाहते हैं।
ये जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक पर हमला है
पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले पर पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि मेरा गृह मंत्री से यही आग्रह है कि एक इंक्वायरी बैठे और इसकी जांच हो कि इस घटना के पीछे कौन लोग हैं। उनका क्या मकसद था? हमारी सुरक्षा एजेंसियों को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। हम छह साल से बोलते आ रहे हैं कि कश्मीर में हालात सामान्य नहीं हैं। अफसोस की बात है कि दिल्ली में बैठे लोगों को अभी भी समझ नहीं आ रहा है यहां जमीनी हकीकत क्या है। यह सिर्फ इन पर्यटकों पर हमला नहीं है ये जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक पर हमला है, ये कश्मीरियत पर हमला है।'
आतंक के खिलाफ पूरा देश एकजुट
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में पर्यटकों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने की खबर बेहद निंदनीय और दिल दहलाने वाली है। मैं शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं। आतंक के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। सरकार जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के खोखले दावों के बजाय अब जवाबदेही लेते हुए ठोस कदम उठाए ताकि आगे ऐसी बर्बर घटनाएं न होने पाएं और निर्दोष भारतीय यूं अपनी जान न गंवाएं।'
'आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदना है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है और यह और भी मजबूत होगा।'
'पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने का समय आ गया है'
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अर्जुन सिंह राजू ने पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले पर कहा, 'इस हमले की जितनी भी कड़ी निंदा की जाए कम है। मुझे लगता है कि पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने का समय आ गया है। उन्होंने पर्यटन पर हमला किया है जिस पर हमारी पूरी अर्थव्यवस्था निर्भर करती है। मैं प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री से अनुरोध करता हूं कि वे स्थिति को नियंत्रण में लाएं और पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में कड़ा जवाब दें। हमें दुश्मन के इलाके में घुसकर उन्हें मारना होगा। हमें इसका जवाब देना होगा।'
एक समुदाय के लोगों को बनााया निशाना
पहलगाम आतंकी हमले पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा विधायक सुनील शर्मा ने कहा, "पिछले एक साल से पाकिस्तान भारत में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट में एक महिला कह रही है कि आतंकियों ने सबसे पहले उन लोगों के नाम पूछे जिन पर उन्होंने हमला किया। इस तरह उन्होंने एक समुदाय के लोगों को निशाना बनाया। हमें अपनी एजेंसियों पर पूरा भरोसा है कि आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा।"
प्रियंका गांधी बोलीं- बहुत दुख की बात है
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहलगाम आतंकी हमले पर कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इस तरह की घटनाओं की कड़ी निंदा करती हूं, मुझे लगता है कि सरकार को बहुत कठोरतम कार्रवाई करनी चाहिए। बहुत दुख की बात है और यह बहुत गलत है।"
असम के सीएम ने पीएम से की मुलाकात, राज्य में योजनाओं के कार्यान्वयन पर भी हुई बातचीत
22 Apr, 2025 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें संगीत के क्षेत्र में भारत रत्न डॉ भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी के वर्ष भर चलने वाले समारोह के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री के साथ दिल्ली में उनके आधिकारिक आवास पर 20 मिनट की मुलाकात में मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने मोदी को असम बायो-इथेनॉल प्लांट का उद्घाटन करने और 5,700 करोड़ रुपये की गुवाहाटी रिंग रोड परियोजना तथा दरंग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की आधारशिला रखने के लिए भी आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री ने आगामी 8 सितंबर को होने वाले इन समारोहों में मुख्य अतिथि बनने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए उन्हें हार्दिक धन्यवाद दिया।
बाद में माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने पोस्ट किया, "आज नई दिल्ली में माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी से मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। मुझे भारत रत्न डॉ भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी के एक साल तक चलने वाले समारोह के उद्घाटन समारोह के लिए मुख्य अतिथि के रूप में उन्हें असम आमंत्रित करने का सम्मान मिला। मैंने 49 केटीपीए इथेनॉल उत्पादन क्षमता वाले असम बायो-इथेनॉल प्लांट के उद्घाटन के लिए उनकी अनुग्रहपूर्ण उपस्थिति का अनुरोध करने का अवसर भी लिया, जिसमें फीडस्टॉक के रूप में 300 केटीपीए बांस का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, मैंने उनसे दो प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखने का भी अनुरोध किया। पीएम ने 8 सितंबर 2025 को इन महत्वपूर्ण अवसरों को सुशोभित करने के लिए सहमति व्यक्त की है।
कच्ची घोड़ी और कालबेलिया से झूमे जेडी वेंस, परिवार संग उठाया राजस्थानी संस्कृति का लुत्फ
22 Apr, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने पूरे परिवार के साथ भारत के चार दिवसीय दौरे पर आए हैं। आज उनके दौरे का दूसरा दिन है। जेडी वेंस आज अपनी पत्नी ऊषा वेंस और तीनों बच्चों के साथ जयपुर घूम रहे हैं। जेडी वेंस बीती रात रामबाग पैलेस में रुके थे। वहीं आज सुबह वो परिवार के साथ जयपुर के अंबर फोर्ट पहुंचे।
जयपुर के अंबर फोर्ट में जेडी वेंस के परिवार का भव्य स्वागत हुआ। राजस्थान के पारंपरिक डांस के साथ जेडी वेंस का वेलकम किया गया। जेडी वेंस के स्वागत में हाथियों को काफी खूबसूरती से सजाया गया था। अंबर किले में जेडी वेंस और उनके परिवार ने कच्ची घोड़ी, घूमर और कालबेलिया डांस का लुत्फ उठाया।
दिल्ली में की शॉपिंग
बीते दिन जेडी वेंस ने नई दिल्ली में स्थित सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्री इम्पोरियम का दौरा किया था। इस दौरान शोरूम की जनरल मैनेजर ने बातचीत में कहा कि वेंस परिवार को यह जगह काफी पसंद आई। उन्होंने पॉटरी समेत ढेर सारी चीजें खरीदीं।
अक्षरधाम मंदिर के दर्शन
अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने परिवार के साथ दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के भी दर्शन किए। इस दौरान उनके दोनों बेटों ने कुर्ता पजामा और बेटी ने अनारकली सूट पहना था। मंदिर की प्रवक्ता राधिका शुक्ला ने बताया कि वेंस परिवार 55 मिनट तक मंदिर में रुका था। उन्होंने मंदिर की सुंदरता और वास्तुकला की खूब सराहना की।
पीएम मोदी से मुलाकात
सोमवार को जेडी वेंस का विमान दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लैंड हुआ था। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उनका स्वागत किया था। वेंस को गार्ड ऑफ ऑनर से भी नवाजा गया। दौरे के पहले दिन ही जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की।
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद जेडी वेंस ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए खुशी जाहिर की। उन्होंने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की और कहा कि इस मुलाकात से भारत-अमेरिका की दोस्ती और भी ज्यादा मजबूत होगी।
ताज का करेंगे दीदार
बता दें कि बुधवार को जेडी वेंस अपने पूरे परिवार के साथ आगरा का दौरा करेंगे। इस दौरान वो दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल का भी दीदार करेंगे। इसी के साथ उनका भारत दौरा समाप्त हो जाएगा। गुरुवार यानी 24 अप्रैल की सुबह 6:40 बजे जेडी वेंस अमेरिका का रुख करेंगे।
APCR और जमात की लीगल विंग मिलकर करेंगे बड़ा सम्मेलन
22 Apr, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ मुस्लिम संगठन एक सुर में सुर मिलाए हुए हैं और लगातार इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए रणनीति बनाने में लगे हुए है. अगले 15 दिनों के दौरान ताबड़तोड़ सभाएं और बैठकें की जाएंगी. इस बीच 24 अप्रैल को दिल्ली के इंडिया इस्लामिक सेंटर में जमात ए इस्लामी की लीगल लीगल बिंग एसोसिएशन, प्रोटेक्ट प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट (एपीसीआर)वक्फ बचाव सम्मेलन आयोजित करने जा रही है. इस सम्मलेन में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी तबीयत खराब होने की वजह से शामिल नहीं हो सकेंगे. हालांकि जमीयत के अन्य पदाधिकारी उनके मैसेज को पढ़ेंगे.
aयही नहीं वक्फ अधिनियम के खिलाफ लगातार प्रदर्शन करने की रूपरेखा तैयार की गई है. दरअसल, 26 अप्रैल को कलकत्ता में मुस्लिम संगठनों द्वारा तो वक्फ बचाव सम्मेलन होगा. इसके बाद 27 अप्रैल को महाराष्ट्र में मुस्लिम संगठन इकट्ठा होंगे. 30 अप्रैल को पूरे देश में बत्ती गुल कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है, जिसके तहत देश के तमाम मुसलमान रात को 9 बजे अपने अपने घरों की बिजली बंद करेंगे.
जमीयत उलेमा ए हिंद की दिल्ली में होगी बैठक
एक मई को जमशेदपुर में मुस्लिम संगठन इस आंदोलन को आगे बढ़ाने उतरेंगे. वक्फ को लेकर 3 मई और 4 मई को जमीयत उलेमा ए हिंद की देवबंद में कार्यकारिणी बैठक बुलाई थी, लेकिन फैसला बदलते हुए अब इस को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. साथ ही 7 मई को दिल्ली के रामलीला मैदान पर वक्फ बचाओ कार्यक्रम में लाखों की संख्या में मुस्लिम संगठन प्रतिनिधि और समाज के लोग इकट्ठा होंगे.
वहीं, अरशद मदनी मुसलमानों से प्रदर्शन को लेकर अपील कर चुके हैं कि उन्हें किस हद में रहकर अपनी बात को सरकार तक पहुंचाना है और इस अधिनियम को वापस करवाना है. उन्होंने कहा था कि देश में मौजूदा स्थिति सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के लिए उपयुक्त नहीं है. किसी भी सड़क पर विरोध प्रदर्शन से कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है और देश की मौजूदा स्थिति में यह प्रतिकूल हो सकता है. हम किसी भी मुद्दे पर सड़कों पर उतरने में विश्वास नहीं करते हैं. यह मुसलमानों के लिए फायदेमंद नहीं है. हमारी लड़ाई सरकार से है और हमने ऐसे फैसलों को चुनौती देने के लिए हमेशा कानूनी रास्ता अपनाया है.
वक्फ अधिनियम 5 अप्रैल को बना कानून
जमीयत उलमा ए हिंद भारतीय मुसलमानों के सबसे बड़े संगठनों में से एक है. जमीयत के प्रमुख होने के अलावा मौलाना अरशद मदनी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के उपाध्यक्ष भी हैं. नरेंद्र मोदी सरकार ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को संसद में 2 अप्रैल, 2025 को पेश किया था. इस विधेयक को संसद के दोनों सदनों ने तीखी बहस के बाद पारित कर दिया था. बाद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से 5 अप्रैल, 2025 को इस पर हस्ताक्षर करने के बाद यह कानून बन गया.
भारतीय वायुसेना का आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
22 Apr, 2025 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय वायुसेना अपने अटैक हेलीकॉप्टर बेड़े को आधुनिक और स्वदेशी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है. सूत्रों के मुताबिक, पुराने सोवियत दौर के Mi-35 हिंड हेलीकॉप्टर को 2030 के दशक तक पूरी तरह से सेवा से हटाया जाएगा. फिलहाल IAF एक ही स्क्वाड्रन में इन हेलीकॉप्टर्स का उपयोग कर रही है और इन्हें इस दशक के अंत तक ऑपरेशन में बनाए रखने के लिए रूस की मदद से ओवरऑल किया जा रहा है.
डिफेंस सूत्रों के अनुसार, Mi-35 की जगह अब स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) ‘प्रचंड’ लेगा. हालांकि, दोनों हेलीकॉप्टर वजन और क्षमता के मामले में अलग हैं, फिर भी वायुसेना का भरोसा अब पूरी तरह से ‘प्रचंड’ पर है, क्योंकि इससे भारत की विदेशी अटैक हेलिकॉप्टर पर निर्भरता कम होगी और स्वदेशी अटैक हेलिकॉप्टर प्रचंड प्रोग्राम का और विस्तार होगा.
‘Mi-35’ दशकों तक वायुसेना का भरोसेमंद योद्धा
1980 के दशक में शामिल हुआ Mi-35 वायुसेना के लिए एक भरोसेमंद अटैक हेलीकॉप्टर रहा है. इसने कई अभियानों में नजदीकी हवाई मदद और दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों को निशाना बनाने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन अब जब यह हेलीकॉप्टर अपने सेवा जीवन के अंतिम चरण में है, तो वायुसेना का फोकस आधुनिक और स्वदेशी विकल्पों की ओर बढ़ रहा है.
‘प्रचंड’ पर बड़ा दांव, अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर पर निर्भरता कम !
सूत्रों के मुताबिक, HAL द्वारा विकसित LCH ‘प्रचंड’ न केवल Mi-35 की जगह लेगा, बल्कि आने वाले समय में यह IAF का मुख्य अटैक हेलीकॉप्टर बन जाएगा. इसके चलते वायुसेना अमेरिकी AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर्स की खरीद योजना पर विचार कर रही है. यदि प्रचंड हेलीकॉप्टर वायुसेना की ताकत बढ़ाएगा और तमाम ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने में सफल रहता है तो हो सकता है कि अपाचे हेलिकॉप्टर की और खरीद न की जाए. हालांकि, इस विषय पर अभी मंथन चल रहा है और यदि ऐसा होता है तो प्रचंड न केवल Mi-35 की जगह लेगा, बल्कि जल्द ही यह हमारे बेड़े का सबसे बड़ा अटैक हेलीकॉप्टर बन जाएगा.
क्यों खास है प्रचंड?
प्रचंड एक हल्का लेकिन शक्तिशाली अटैक हेलीकॉप्टर है, जिसे खासतौर पर ऊंचे और कठिन इलाकों में ऑपरेशन के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 5.8 टन है, जो Mi-35 के 11.5 टन से काफी कम है. इसके हल्के होने का फायदा यह है कि यह 6,500 मीटर (करीब 21,300 फीट) की ऊंचाई तक आसानी से उड़ान भर सकता है जो लद्दाख जैसे दुर्गम क्षेत्रों में बहुत जरूरी है.
यह हेलीकॉप्टर एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल, 20 मिमी टर्रेट गन और रॉकेट पॉड्स से लैस है. इसमें स्टेल्थ फीचर्स और आधुनिक एवियोनिक्स हैं, जो इसे दुश्मन की नजर से बचने और सटीक हमले करने में सक्षम बनाते हैं.
IAF और सेना दोनों कर रही हैं ‘प्रचंड’ की तैनाती
भारत सरकार ने 156 प्रचंड (LCH) हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए रक्षा मंत्रालय और HAL के बीच 62,700 करोड़ रुपये का समझौता किया है. इसमें से 90 हेलीकॉप्टर सेना को और 66 वायुसेना को दिए जाएंगे. अभी वायुसेना के पास 10 और सेना के पास 5 प्रचंड हेलीकॉप्टर हैं.
एक युग का अंत, एक नए युग की शुरुआत
Mi-35 की सेवा समाप्ति भारतीय वायुसेना के लिए एक युग के अंत जैसा होगा. दशकों से वायुसेना रूसी हेलीकॉप्टरों पर निर्भर रही है. अब जब वह पूरी तरह से स्वदेशी हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ पर भरोसा जता रही है, तो यह भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति की दिशा में एक मजबूत कदम है.
IPL विवाद पर तुषारा ने बदला रुख, माफी मांगकर मामला शांत
बड़ी खबर: यूपी बोर्ड 10वीं का परिणाम अब बस आने ही वाला है
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अमित जोगी की सजा पर लगी रोक
कृष्णानगर में पीएम मोदी का वार, बोले- 4 मई को बीजेपी की जीत तय
बंगाल चुनाव में SIR पर घमासान, सियासत गरमाई
पुदीने और नींबू का कमाल: हीटवेव के दौरान शरीर को रिफ्रेश रखने के सबसे आसान उपाय
समर स्किन केयर: भीषण गर्मी में भी बरकरार रहेगी चेहरे की चमक, बस अपनाएं ये आसान टिप्स
