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झारखंड में रह रहे 10 पाकिस्तानी नागरिकों पर सस्पेंस, लॉन्ग टर्म वीजा बना ढाल, पुलिस भी लाचार
27 Apr, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में 10 पाकिस्तानी नागरिक अब भी रह रहे हैं, जबकि भारत सरकार ने वीजा लेकर भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के निर्देश दिए हैं। इनमें से 7 बालिग और 3 नाबालिग हैं। खास बात यह है कि सभी बालिग नागरिक लॉन्ग टर्म वीजा (एलटीवी) पर भारत में रह रहे हैं, जिसके चलते उनके तत्काल निष्कासन पर कानूनी अड़चनें सामने आ रही हैं।
इस मामले में स्थानीय पुलिस और विदेश शाखा के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि अंतिम निर्णय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही लिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, लॉन्ग टर्म वीजा धारकों के मामले में केंद्र सरकार ने कुछ नरमी दिखाई है, और इन्हें तुरंत देश छोड़ने के लिए बाध्य नहीं किया गया है।
परिवारिक संबंध बना वजह
बताया जा रहा है कि इन पाकिस्तानी नागरिकों का झारखंड से जुड़ाव अंतरराष्ट्रीय वैवाहिक संबंधों के चलते हुआ है। कई नागरिक भारतीय नागरिकों से विवाह कर यहां बसे हैं। तीन नाबालिग बच्चे अपने ननिहाल (मातृ पक्ष) में रह रहे हैं। ये नागरिक रांची, धनबाद, जमशेदपुर और हजारीबाग जैसे शहरों में अलग-अलग जगहों पर बसे हुए हैं।
केंद्र सरकार की कड़ी नजर
देशभर में चल रही इस प्रक्रिया के तहत हर राज्य की पुलिस और विदेशी शाखा पाकिस्तानी नागरिकों का विवरण एकत्र कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज रही है। गृह मंत्रालय ही तय करेगा कि किसे भारत में रहने की अनुमति दी जाएगी और किसे वापस भेजा जाएगा। झारखंड में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों के भविष्य को लेकर स्थिति फिलहाल अनिश्चित है।
क्या है लॉन्ग टर्म वीजा?
लॉन्ग टर्म वीजा भारत सरकार द्वारा उन नागरिकों को दिया जाता है जो किसी भारतीय नागरिक से विवाह के बाद या अन्य मानवीय आधार पर भारत में रहना चाहते हैं। ऐसे वीजा धारकों को विशेष सुरक्षा और कानूनी संरक्षण प्राप्त होता है, और उन्हें सामान्य वीजा धारकों की तरह अचानक देश छोड़ने के आदेश नहीं दिए जा सकते।
मन की बात: पीएम मोदी ने कहा- आतंक के खिलाफ पूरी दुनिया भारत के साथ, अब बख्शेंगे नहीं
27 Apr, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में आतंकियों को कड़ा संदेश दे दिया है। उन्होंने साफ कह दिया है कि इस बार कायराना हरकतें करने वालों को किसी भी हाल में छोड़ेंगे नहीं। पीएम मोदी ने कहा भारत का विकास देखकर दुश्मनों का मन कुंठित है वे कश्मीर को फलता फूलता देखना नहीं चाहते। वे नहीं चाहते कि कश्मीर के युवाओं को रोजगार मिले, यहां पर्यटन बढ़े और स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि हो। इसके लिए कायराना हरकतें की जाती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दुनियाभर के लोगों ने संवेदना व्यक्त की है। मेरा मन बहुत दुखी है, हर भारतीय गुस्से से उबल रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने पहलगाम में कुंठित कायरता दिखाई है। दुश्मनों को देश का विकास रास नहीं आ रहा है। आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर बेहद कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ पूरी दुनिया भारत के साथ है और पहलगाम के पीड़ितों को न्याय मिलेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि आतंक के सरपरस्तों की हताशा साफ दिख रही है। उनकी कायरता नजर आ रही है। जब कश्मीर में शांति लौट रही है और स्कूल कॉलेजों के निर्माण में एक तेजी है। लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है तो दुश्मनों को यह सब रास नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा का आतंक के आका यही चाहते हैं कि कश्मीर फिर से तबाह हो और इसीलिए इतनी साजिशें की जा रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनौती का सामना संकल्पों को मजबूत करके करना है। मैं पीड़ित परिवारों को भरोसा देता हूं कि न्याय मिलकर रहेगा। हमले के दोषियों को कठोरतम सजा दी जाएगी।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे चंपारण सत्याग्रह का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि अप्रैल महीने में हुए इस सत्याग्रह को महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुआ था। उन्होंने ब्रिटिश शासकों द्वारा बिमार किसानों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई थी। यह सत्याग्रह भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के लिए एक अहम पड़ाव साबित हुआ और महात्मा गांधी के नेतृत्व में सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को लोकप्रिय बनाने का काम किया। पीएम मोदी ने आगे बताया कि इस सत्याग्रह को लेकर देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने एक किताब लिखी थी। हर युवा को यह किताब पढ़नी चाहिए। दरअसल, उस वक्त अंग्रेजों द्वारा चंपारण के किसानों से जबरदस्ती नील की खेती करवाई जाती थी, जिसमें उन्हें बहुत कम मूल्य पर नील बेचने के लिए मजबूर किया जाता था। इसके साथ ही, इन किसानों को अत्यधिक कर और शोषण का सामना करना पड़ता था।
सत्याग्रह के आगे अंग्रेजों को झुकना पड़ा
महात्मा गांधी को चंपारण में किसानों के शोषण की जानकारी मिली और उन्होंने वहां जाकर किसानों की मदद करने का निर्णय लिया। गांधी जी के नेतृत्व में इस आंदोलन की शुरुआत हुई, और किसानों के अधिकारों के लिए उन्होंने सत्याग्रह किया। गांधी जी ने सत्याग्रह के द्वारा ब्रिटिश अधिकारियों के सामने किसानों की समस्याओं को रखा। उन्होंने अहिंसा और असहमति के शांतिपूर्ण तरीकों से आंदोलन को नेतृत्व किया। गांधी जी ने किसानों की स्थिति का अध्ययन किया और अधिकारियों को यह समझाया कि वे नील की खेती करने के लिए मजबूर नहीं किए जा सकते हैं। इस सत्याग्रह का परिणाम यह हुआ कि ब्रिटिश सरकार ने चंपारण के किसानों के साथ हो रहे अन्याय को स्वीकार किया और किसानों को कुछ राहत प्रदान की। इस आंदोलन ने महात्मा गांधी को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक प्रमुख नेता के रूप में स्थापित किया।
मां के नाम पर एक पेड़ अवश्य लगाएं
मासिक रेडियो कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान का जिक्र किया और कहा कि देश के हर एक नागरिको को पर्यावरण की ओर ध्यान देना चाहिए और कम से कम अपनी मां के नाम पर एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि अहमदाबाद में ही कम से कम 70 लाख पेड़ लगाए गए हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व इसरो चीफ और वैज्ञनिक के कस्तूरीरंगन को भी श्रद्धांजलि दी। शुक्रवार को उनका निधन हो गया था। उन्होंने कहा कि कस्तूरीरंगन पूरी जिंदगी देश की निस्वार्थ सेवा करते रहे। देश के निर्माण के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
रूस-यूक्रेन जंग में शामिल हुआ केरल का युवक, घायल हो वापस घर लौटा
27 Apr, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम। केरल का एक युवक, जैन टी कुरियन, जो रूस की सेना द्वारा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में भेजे जाने पर मजबूर हुआ था, अंततः अपनी मातृभूमि लौट आया है। 27 वर्षीय जैन, जो रूस के युद्ध में घायल हो गया था की गुरुवार को घर वापसी हुई है। उसकी घर वापसी भारतीय दूतावास की मदद और उनके परिवार द्वारा की गई लगातार कोशिशों से संभव हो सकी है।
यहां बताते चलें कि जैन टी कुरियन त्रिशूर जिले के वडक्कनचेरी का निवासी है और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान जनवरी में एक ड्रोन हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हमले में उनके रिश्तेदार बिनिल टी बी (32) की मौत हो गई थी। हालांकि, बिनिल का शव अब तक भारत नहीं पहुंच पाया है। जैन को इलाज के लिए रूस में चार महीने तक अस्पताल में रहना पड़ा और उन्हें यह डर था कि इलाज के बाद उन्हें फिर से युद्ध में भेज दिया जाएगा।
जैन ने बताया कि 6 जनवरी को उन्हें रोस्तोव-ऑन-डॉन के पास चोटें आईं थीं, जो मॉस्को से लगभग 1,000 किलोमीटर दूर स्थित है। वहां उनके पेट में गंभीर चोटें आईं, और उन्हें कई सर्जरी से गुजरना पड़ा। जैन को 22 अप्रैल को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद फिर से युद्ध में भेजने का आदेश दिया गया। इसके बाद उन्होंने भारतीय दूतावास को सूचित किया, जिसके बाद उनकी वापसी सुनिश्चित हो पाई।
पारिवारिक ने ली राहत की सांस
जैन के घर लौटने पर उनके परिजनों ने राहत की सांस ली और उन्हें गले से लगा लिया। उनका परिवार लंबे समय से उनके सुरक्षित घर लौटने की प्रार्थना कर रहा था। जैन और बिनिल उन भारतीयों में शामिल थे, जिन्होंने पिछले साल अप्रैल में रूस में सेना के सहायक कार्यों के लिए नौकरी की उम्मीद में कदम रखा था। बताया जा रहा है कि रूस पहुंचते ही उन्हें भारतीय पासपोर्ट छोड़ने, स्थायी निवास लेने, और सेना में भर्ती होकर युद्ध में जाने के लिए मजबूर किया गया था। जैन और बिनिल ने अपनी जान को खतरे में बताते हुए कई बार मदद की गुहार लगाई थी।
सिक्किम में भूस्खलन, भारी बारिश के कारण सड़कें बंद, महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंसे
27 Apr, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम घूमने गए पर्यटकों पर हुए हमले से पूरा देश स्तब्ध है। इस घटना में 27 पर्यटकों की मौत हो गई। इनमें से 6 मृतक महाराष्ट्र के थे। इस घटना के बाद महाराष्ट्र पर एक और संकट आ पड़ा है। दरअसल अब जानकारी सामने आई है कि भूस्खलन और हिमस्खलन के कारण सिक्किम में महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंस गए हैं। जानकारी के अनुसार सिक्किम के लाचुंग में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है। इस त्रासदी में राज्य के पुणे, मुंबई, अकोला और नागपुर के पर्यटक वहां फंस गए हैं। इसमें अकोला के चार नामचीन डॉक्टरों के परिवार के 16 लोग फंस गए हैं। लाचुंग सिक्किम के मंगन जिले का एक मशहूर हिल स्टेशन है। बहरहाल महाराष्ट्र सरकार द्वारा सिक्किम में फंसे पर्यटकों को वहां से लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
क्या जुलाई में भारत पर परमाणु हमला कर देगा पाकिस्तान
27 Apr, 2025 08:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा कदम उठाया है, जिसकी गूंज इस्लामाबाद की सत्ता तक सुनाई दी है। भारत सरकार ने पहली बार सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया है। यह वहीं समझौता है, जो 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुआ था और दशकों तक समझौते को दोनों देशों ने निभाया, चाहे हालात युद्ध जैसे क्यों न रहे हों। लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल समझौते को निलंबित करने के निर्णय ने पाकिस्तान को हिला दिया है। पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत ने सिंधु नदी के पानी को रोकने या मोड़ने की कोशिश की, तब पाकिस्तान अपनी पूरी सैन्य शक्ति का इस्तेमाल कर सकता है, जिसमें परमाणु हथियारों का उपयोग शामिल है। भारत सरकार के कदम को पाकिस्तान ने युद्ध की कार्रवाई करार देकर चेतावनी दी है कि अगर जल आपूर्ति पर कोई भी खतरा मंडराया, तब इस्लामाबाद तुरंत प्रतिक्रिया देगा। जुलाई से इस संकट का असर दिख सकता है, और यह कदम पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था और पानी की आपूर्ति के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।
मोदी सरकार के फैसले ने पाकिस्तान की चिंता को चरम पर पहुंचा दिया है। सिंधु जल समझौते के तहत पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब जैसी पश्चिमी नदियों से अधिकतर पानी मिलता है। यही पानी पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था की रीढ़ है। भारत के इस फैसले से डर है कि अब उसकी खेतों को सींचने वाली धाराएं सूख सकती हैं। पाकिस्तान का एक बड़ा हिस्सा, खासकर पंजाब और सिंध प्रांत, इन नदियों पर पूरी तरह निर्भर है। यदि भारत जल प्रवाह को सीमित करता है या मोड़ता है, तो पाकिस्तान में खाद्य संकट के हालात भी पैदा हो सकते हैं।
पाकिस्तानी मीडिया और रक्षा विशेषज्ञों ने इतना तक कह दिया कि अगर भारत ने डैम बनाना शुरू किया या जल को रोकने की कोई कोशिश की, तब पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
भारत के इस कदम से पाकिस्तान में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका भी है। भारत हर साल मानसून से पहले पाकिस्तान को बाढ़ संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराता रहा है। अगर भारत यह डेटा शेयर करना बंद करता है, तब पाकिस्तान बिना किसी पूर्व चेतावनी के प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ सकता है। तीन साल पहले आई भीषण बाढ़ में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले ही बुरी तरह लड़खड़ा चुकी है। अब यदि भविष्य में बाढ़ की जानकारी समय पर नहीं मिली, तब हालात और बदतर हो सकते हैं। भारत के इस निर्णय को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह बात सामने आ रही है कि यह फैसला सिर्फ एक जल समझौते को लेकर नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ भारत की नई नीति का प्रतीक है। पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवादी संगठनों को शरण देने के आरोपों से घिरा रहा है और बार-बार चेतावनी के बावजूद आतंकी हमलों में शामिल रहा है। अब भारत ने सीधे उसकी जीवनरेखा-पानी- को निशाना बना दिया है।
पाकिस्तान के पूर्व सिंधु जल आयुक्त जमात अली शाह ने बयान में कहा है कि भारत एकतरफा इस संधि को रद्द नहीं कर सकता, क्योंकि यह एक स्थायी समझौता है और इसके लिए दोनों देशों की सहमति आवश्यक है। हालांकि भारतीय अधिकारियों का तर्क है कि भारत ने पूरी तरह रद्द नहीं किया, बल्कि स्थगित किया है, यानी जब तक पाकिस्तान अपनी आतंक-समर्थन की नीति नहीं बदलता, तब तक सहयोग की कोई गुंजाइश नहीं है। भारत ने संकेत दिए हैं कि यह स्थगन पश्चिमी नदियों पर चल रही भारत की जल परियोजनाओं को तेज़ी देने के लिए भी रास्ता खोलता है। पाकल दुल, रतले, किरू और सावलकोट जैसे डैम और पनबिजली प्रोजेक्ट्स अब प्राथमिकता के साथ पूरे हो सकते हैं, जिससे पाकिस्तान को भविष्य में पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
युवाओं को रोजगार देने में हिमाचल सरकार पूरी तरह विफल : अनुराग ठाकुर
26 Apr, 2025 07:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश), 26 अप्रैल । हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर पहुंचे भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने शनिवार को राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने और महिलाओं को 1,500 रुपए मासिक भत्ता देने में पूरी तरह विफल रही है।
अनुराग ठाकुर ने चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध मौत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नेगी की मृत्यु के कारणों पर अब भी प्रश्नचिह्न लगा हुआ है। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इस पर स्पष्टता नहीं है, जिससे कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में प्रदेश में उच्च अधिकारियों के इस्तीफों को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक अधिकारी अपने पद छोड़ रहे हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि प्रशासन में किस प्रकार दबाव और भय का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में एक डायरी और एक पेन ड्राइव भी बरामद हुई है, जो इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। पेन ड्राइव में किस-किस का नाम सामने आया है, यह जांच का विषय है और इस पूरे मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इससे पहले, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने 20 अप्रैल को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर अव्यवस्था फैलाने, केंद्र से मिले फंड का दुरुपयोग और कुप्रबंधन का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा था कि प्रदेश में “नॉन-परफॉर्मिंग गवर्नमेंट” नजर आ रही है और जनता अब कांग्रेस को सत्ता सौंपने के अपने फैसले पर पछता रही है। उन्होंने सुक्खू सरकार के बार-बार यह कहने पर कि केंद्र से पर्याप्त फंड नहीं मिल रहा, पर तंज कसते हुए कहा था, “मैं कांग्रेस सरकार से पूछना चाहता हूं कि केंद्र ने कौन सा पैसा नहीं दिया?”
उन्होंने दावा किया था कि केंद्र सरकार ने आपदा राहत के लिए हिमाचल को 1,782 करोड़ रुपए दिए थे, लेकिन राज्य सरकार इनका सही ढंग से वितरण नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार 31 मार्च को ट्रेजरी बंद रही, जबकि पहले इस दिन रात तक काम होता था। नड्डा ने इसे कुप्रबंधन का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025: पांच साल बाद फिर से शुरू, श्रद्धालुओं का इंतजार हुआ ख़त्म
26 Apr, 2025 05:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदेश मंत्रालय ने शनिवार 26 अप्रैल को कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 की औपचारिक घोषणा कर दी. जिसके मुताबिक यात्रा जून से अगस्त 2025 के दौरान आयोजित की जाएगी. पांच साल के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा 30 जून से फिर से शुरू होने जा रही है, जिसे श्रद्धालुओं का लंबा इंतजार खत्म हो गया. यात्रा का संचालन प्रदेश सरकार और विदेश मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से किया जाएगा. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस साल पांच बैच, जिनमें से प्रत्येक में 50 यात्री होंगे. उत्तराखंड से लिपुलेख दर्रे को पार करते हुए यात्रा करेंगे. ऐसे ही 10 बैच, जिनमें से प्रत्येक में 50 यात्री होंगे, सिक्किम से नाथू ला दर्रे को पार करते हुए यात्रा करेंगे. आवेदन स्वीकार करने के लिए http://kmy.gov.in वेबसाइट खोल दी गई है. विदेश मंत्रालय की ओर से एक निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से यात्रियों का चयन किया जाएगा और उनको विभिन्न मार्ग एवं बैच आबंटित किए जाएंगे.
मार्ग और बैच में बदलाव नहीं होगा
बताया जा रहा है कि कंप्यूटरीकृत प्रक्रिया के जरिए यात्रियों को एक बार मिले मार्ग और बैच में आम तौर पर बदलाव नहीं होगा. हालांकि अगर जरूरी हो तो चयनित यात्री बैच में परिवर्तन के लिए अनुरोध कर सकते हैं. यह परिवर्तन खाली स्थान उपलब्ध होने पर ही किया जा सकेगा. इस मामले में मंत्रालय का निर्णय ही अंतिम होगा.
कुमाऊं मंडल विकास निगम को देने होंगे 56 हजार रुपए
वहीं इस बार श्रद्धालुओं को कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) को 35,000 की जगह 56 हजार रुपए चुकाने पड़ेंगे. KMVN इन पैसे से यात्रियों के आने-जाने, ठहरने और उनके खाने पीने आदि का इंतजाम करेगा. इसके अलावा श्रद्धालुओं को मेडिकल जांच, चीन का वीजा, कुली, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और चीन सीमा में अलग से खर्च करना पड़ेगा. कुमाऊं मंडल विकास निगम लिपुलेख दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा का प्रबंध करता है. इस बार रजिस्ट्रेशन के साथ श्रद्धालुओं को भोजन, आने-जाने और ठहरने के लिए KMVN को 56000 रुपए देने होंगे.
कुमाऊं मंडल विकास निगम करेगा यात्रा का संचालन
उत्तराखंड की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन कुमाऊं मंडल विकास निगम करेगा. यह यात्रा दिल्ली से शुरू होकर पिथौरागढ़ के लिपुलेख पास मार्ग से संचालित की जाएगी. पहला दल 10 जुलाई को लिपुलेख पास से होते हुए चीन में प्रवेश करेगा. अंतिम यात्रा दल 22 अगस्त को चीन से भारत के लिए प्रस्थान करेगा. प्रत्येक दल दिल्ली से प्रस्थान कर टनकपुर, धारचूला में एक-एक रात, गुंजी व नाभीढांग में दो रात रुकने के बाद चीन में प्रवेश करेगा. कैलाश दर्शन के बाद वापसी में चीन से प्रस्थान कर बूंदी, चौकोड़ी, अल्मोड़ा में एक-एक रात रुकने के बाद दिल्ली पहुंचेगा. प्रत्येक दल की 22 दिनों की यात्रा की जाएगी.
2020 से संचालित नहीं हो पाई थी यात्रा
कैलाश मानसरोवर यात्रा कोविड महामारी के कारण साल 2020 से संचालित नहीं हो पाई थी. हालांकि, पांच साल बाद शुरू हो रही है जो श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. यात्रा फिर से शुरू करने को भारत और चीन द्वारा संबंधों को बेहतर बनाने के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है. पिछले साल अक्टूबर में दोनों देशों ने एक समझौते के तहत डेमचोक और देपसांग के टकराव वाले शेष दो बिंदुओं पर सैनिकों की वापसी पूरी कर ली थी.
सरहद पर बिखरे सपने: बच्चों से बिछड़ गईं वो माएं, जो लौटना चाहती थीं घर
26 Apr, 2025 05:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम हमले के बाद भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर अपने मुल्क लौटने का आदेश जारी हुआ। इस निर्देश के तहत शुक्रवार को अमृतसर के अटारी बॉर्डर से 191 पाकिस्तानी नागरिकों को सीमा पार भेजा गया, जबकि 287 भारतीय नागरिक पाकिस्तान से भारत लौटे। लेकिन इस प्रक्रिया के बीच कुछ पाकिस्तानी महिलाओं के लिए अटारी बॉर्डर एक अनघट दुख का ठिकाना बन गया। BSF अधिकारियों ने इन महिलाओं को बॉर्डर पर ही रोक लिया, जिससे उनकी जिंदगी एक अनिश्चितता के भंवर में फंस गई।
मां की ममता पर लगी सरहद की दीवार
अधिकारियों का तर्क था कि इन महिलाओं के पास पाकिस्तानी नागरिकता नहीं है और भारतीय पासपोर्ट धारकों को पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हैरानी की बात यह रही कि इन महिलाओं के साथ आए बच्चों को, जिनके पास पाकिस्तानी नागरिकता थी। बॉर्डर पार करने की इजाजत दे दी गई, लेकिन उनकी मांओं को रोक लिया गया। इन महिलाओं का कहना था कि वे भारत में पली-बढ़ी हैं, लेकिन उनकी शादी पाकिस्तान में हुई है। वे अपने मायके आई थीं, और अब अपने परिवार, अपने शौहर और बच्चों के पास लौटना चाहती हैं। मगर उनकी दलीलें और आंसुओं का अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ।
शनीजा की दर्दभरी दास्तान
दिल्ली की रहने वाली शनीजा की आंखों में बेबसी और दर्द साफ झलक रहा था। उसने बताया कि 15 साल पहले उसकी शादी कराची में हुई थी। वह अपने माता-पिता से मिलने दिल्ली आई थी। सरकार के आदेश के बाद वह वापस पाकिस्तान जाने के लिए अटारी बॉर्डर पहुंची, लेकिन उसे रोक लिया गया। शनीजा की नागरिकता का मामला पाकिस्तानी कोर्ट में लंबित है और इस अनिश्चितता ने उसे बॉर्डर पर लाचार छोड़ दिया। उसकी आवाज में सिसकियां थीं जब उसने कहा, "मेरे शौहर वाघा बॉर्डर के पार मेरा इंतजार कर रहे हैं। मेरी बस इतनी अपील है कि मुझे मेरे बच्चों के पास जाने दिया जाए।"
अफसीन का टूटता सपना
राजस्थान के जोधपुर की अफसीन जहांगीर की कहानी भी कम दुखद नहीं है। उसकी शादी भी कराची में हुई, और उसके बच्चे पाकिस्तानी नागरिक हैं। बच्चों को तो बॉर्डर पार करने की इजाजत मिल गई, लेकिन उसे रोक लिया गया। अफसीन की आंखों में अपने बच्चों से बिछड़ने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। वह कहती हैं, "मेरे बच्चे वहां हैं, और मैं यहां अकेली फंस गई हूं। क्या यह इंसाफ है?".
अरूदा की बेबसी
पाकिस्तान की अरूदा, जो 20 साल पहले शादी के बाद वहां बसी थी, अपने दो बच्चों के साथ एक महीने पहले भारत आई थी। उसका मायका भारत में है, और वह अपने परिवार से मिलने की खुशी में यहां थी। 27 अप्रैल को उसकी वापसी की टिकट थी, लेकिन माहौल बिगड़ने के बाद वह जल्दी ही अटारी बॉर्डर पहुंच गई। मगर यहां उसे रोक लिया गया। उसके बच्चे, जिनके पास पाकिस्तानी नागरिकता थी, बॉर्डर पार कर गए, लेकिन अरूदा को पीछे छोड़ दिया गया। वह कहती हैं, "किसी ने ढंग से बात तक नहीं की। हम तो बस अपने घर, अपने बच्चों के पास लौटना चाहते हैं।"
बॉर्डर पर बिखरे परिवार
अटारी बॉर्डर पर इन महिलाओं की कहानियां सिर्फ कागजी कार्रवाई या नागरिकता के सवालों तक सीमित नहीं हैं। यह उन परिवारों की त्रासदी है, जो दो मुल्कों की सियासत और सख्त नियमों के बीच पिस रहे हैं। इन महिलाओं की आंखों में अपने शौहर और बच्चों से मिलने की बेचैनी, और अनिश्चित भविष्य का डर साफ दिखाई देता है। उनके लिए बॉर्डर सिर्फ एक रेखा नहीं, बल्कि एक दीवार बन चुकी है, जो उन्हें उनके अपनों से अलग कर रही है।
रोजगार मेला बना उम्मीद की किरण, पीएम मोदी ने युवाओं को दिया सुनहरा अवसर
26 Apr, 2025 01:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 15वें रोजगार मेले के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान के अनुसार, रोजगार मेला देश भर में 47 स्थानों पर आयोजित किया गया और यह रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की केंद्र की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
कई विभागों के लिए शामिल हुए चयनित उम्मीदवा
इस राष्ट्रव्यापी पहल का उद्देश्य युवा सशक्तीकरण के लिए सार्थक अवसर प्रदान करना और उन्हें देश की प्रगति में प्रभावी योगदान देने में सक्षम बनाना है। भारत के विभिन्न भागों से चयनित नए उम्मीदवार राजस्व विभाग, कार्मिक और लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, गृह मंत्रालय, डाक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, रेल मंत्रालय, श्रम और रोजगार मंत्रालय सहित केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों में शामिल हुए।
अक्टूबर 2022 में रोज़गार मेला शुरू होने के बाद से केंद्र सरकार ने 10 लाख से ज़्यादा स्थायी सरकारी नौकरियां दी हैं। पिछले साल दिसंबर में आयोजित रोजगार मेले के 14वें संस्करण के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला था कि 71,000 नौकरियों के प्रस्ताव वितरित किए गए थे।
इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि रोज़गार मेले सरकार के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रोज़गार पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ प्रदान किया जाए।
कब हुई थी रोजगार मेले की शुरुआत
22 अक्टूबर, 2022 को शुरू हुए रोज़गार मेले के पहले संस्करण में 75,000 नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे, जो युवाओं के लिए मज़बूत रोज़गार के अवसर पैदा करने के सरकार के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रोजगार सृजन को सुगम बनाने तथा नौकरी चाहने वालों और विभिन्न सरकारी क्षेत्रों के बीच की खाई को खत्म करने के लिए 10 लाख कर्मियों की भर्ती अभियान शुरू किया गया था।
इस पहल को न केवल बेरोजगारी को कम करने, बल्कि युवा व्यक्तियों को भारत की विकास गाथा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
कई देशों से हुआ है रोजगार समझौता
पिछले संस्करण में प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा था कि भारत ने हाल के वर्षों में 21 देशों के साथ प्रवासन और रोजगार समझौते किए हैं। इनमें जापान, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, इजरायल, मॉरीशस, यूनाइटेड किंगडम और इटली के साथ-साथ कई खाड़ी देश शामिल हैं।
पहलगाम में मारे गए लोगों की हत्या के पीछे 'धार्मिक पहचान' की घिनौनी सोच
26 Apr, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या कर दी गई। अब इस हमले को लेकर जांच काफी तेज गति से जारी है और प्रारंभिक जांच में कई तरह की बातें सामने आ रही है।
सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त जांच टीम ने मृतकों के कपड़े देखकर चौंकाने वाली बात कही है। जांचकर्ताओं ने पाया कि 20 मृतकों की पैंट नीचे खिसकी हुई थीं या फिर जिप खुली हुई थी।
'खतना' देखकर की हत्या
यह सबूत इस बात की पुष्टि करते हैं कि आतंकियों ने पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा और फिर गोली मारकर हत्या कर दी।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि आतंकियों ने पीड़ितों से आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस जैसे पहचान पत्र मांगे। फिर 'कलमा' पढ़ने को कहा और फिर उनकी पैंट उतारकर खतना की जांच की।
आतंकियों ने बर्बर तरीके से उनके हिन्दू होने की जांच की और फिर नजदीक से किसी के सिर में तो किसी के सीने में गोली मारकर हत्या कर दी। जब ये हमला हुआ उस वक्त मृतकों के परिजन काफी ज्यादा सदमे में थे, जिस वजह से उनका ध्यान कपड़ों में नहीं गया होगा।
26 मृतकों में 25 थे हिन्दू पुरुष
यहां तक की कर्मचारियों ने भी शवों को उसी स्थिति में उठाया जैसे वे थे और फिर शवों को कफन से ढक दिया। इस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें से 25 लोग हिन्दू पुरुष थे।
पहलगाम आतंकी हमले की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है और संदिग्धों को हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है। इस हमले के बाद भारत सरकार ने भी पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
भारत ने क्या-क्या एक्शन लिया
भारत ने अटारी चेक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद करने का भी फैसला किया है। इसके अलावा, देश ने सार्क वीजा छूट योजना (SVES) के तहत जारी किए गए सभी वीजा को रद करने का फैसला किया है और पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया था।
भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा/सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को अवांछित घोषित कर दिया है और उन्हें एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया है। सुरक्षा उपाय के रूप में, भारत ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से अपने रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।
पोप के अंतिम संस्कार में शामिल होंगी राष्ट्रपति मुर्मू, कई वैश्विक नेता भी होंगे मौजूद
26 Apr, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस के फ्यूनरल में शामिल होने के लिए वेटिकन पहुंच चुकी हैं. वहां पहुंचकर उन्होंने सेंट पीटर्स बेसिलिका में पोप को श्रद्धांजलि दी. राष्ट्रपति के साथ अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू, राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष जोशुआ डि’सूज़ा भी मौजूद रहे.
राष्ट्रपति की यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने तस्वीरें शेयर करते हुए एक्स पर लिखा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वेटिकन सिटी में सेंट पीटर बेसिलिका में परम पावन पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि दी.
राष्ट्रपति मुर्मू के साथ मंत्री किरेन रिजिजू और राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन भी श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे. राष्ट्रपति मुर्मू शुक्रवार को ही रोम पहुंच गई थीं और शनिवार को होने वाले पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होंगी.
आज होगा पोप का अंतिम संस्कार
श्रद्धांजलि सभा के बाद अब पोप फ्रांसिस के ताबूत को कार्डिनल केविन फैरेल की अध्यक्षता में समारोह के दौरान ही सील कर दिया गया. उनके चेहरे को उनके लंबे समय के समारोह संचालक, आर्कबिशप डिएगो रवेली ने ढका हुआ था. इस दौरान कार्डिनल केविन फैरेल ने शव पर पवित्र जल छिड़का. पोप का अंतिम संस्कार आज यानी 26 अप्रैल को किया जाएगा. अंतिम संस्कार में दुनियाभर के नेता और आम लोग जुटेंगे.
दुनिया भर के ये दिग्गज होंगे शामिल
अंतिम संस्कार में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया, फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों, जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक और निवर्तमान चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़, रूसी संस्कृति मंत्री ओल्गा ल्यूबिमोवा, और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और उनकी पत्नी ओलेना जेलेंस्का उन बड़े नेताओं में शामिल हैं जो पोप के अंतिम संस्कार समारोह के दौरान मौजूद रहेंगे. पोप लंबे समय से बीमार चल रहे थे. निमोनिया की शिकायत पर फ्रांसिस पिछले दिनों अस्पताल में भर्ती हुए थे जहां से उन्हें छुट्टी मिल गई थी, उसके लगभग एक महीने बाद उनका निधन हो गया.
पूर्वी और मध्य भारत में 26 अप्रैल तक जारी रहेगी हीटवेव की स्थिति
26 Apr, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर भारत के लगभग आधे हिस्से में अगले दो से तीन दिनों तक तापमान में वृद्धि के आसार हैं। आइएमडी ने इन क्षेत्रों के लिए हिट वेव की चेतावनी जारी की है। 30 अप्रैल को पंजाब एवं हरियाणा में कई स्थानों पर आंधी-पानी का अनुमान है।
इस दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान में दो से तीन डिग्री तक वृद्धि हो सकती है। हालांकि दिल्ली का तापमान स्थिर रहने की उम्मीद है। दो दिन बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार-झारखंड के कुछ स्थानों पर मानसून पूर्व वर्षा से थोड़ी राहत मिल सकती है।
तापमान में पिछले दो दिनों से लगातार वृद्धि
जम्मू-कश्मीर में पहाड़ों पर आए पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव ज्यादा नहीं है। वह आगे की ओर खिसक रहा है और इसी दौरान पाकिस्तान के बलूचिस्तान से गर्म हवाओं का संचरण पश्चिमी भारत की ओर हो रहा है, जिससे एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई स्थानों के तापमान में पिछले दो दिनों से लगातार वृद्धि हो रही है।
आइएमडी के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में 29 अप्रैल तक और पूर्वी एवं मध्य भारत में 26 अप्रैल तक हीटवेव (लू) की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि दिल्ली के तापमान में 27 अप्रैल के बाद ज्यादा वृद्धि नहीं होगी।
30 अप्रैल को पंजाब एवं हरियाणा में कई स्थानों पर आंधी-पानी का अनुमान है। इसके प्रभाव से दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई स्थानों के तापमान में गिरावट आएगी। किंतु इसके पहले पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ के अधिकतम तापमान में 1-3 डिग्री की वृद्धि होने का पूर्वानुमान है।
पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना
इस बीच बिहार, झारखंड, बंगाल एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों में प्री मानसून बारिश के चलते तापमान में 3-5 डिग्री तक की गिरावट का अनुमान है। पूर्वोत्तर के राज्यों में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी और मध्य भारत में 26 से 29 अप्रैल तक बारिश, तूफान, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं।
केरल तथा तमिलनाडु के कई जिलों में बारिश की संभावना
पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के असर से हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। 26 एवं 27 अप्रैल को उत्तर प्रदेश, उत्तर पूर्वी राजस्थान, बिहार, झारखंड, बंगाल एवं छत्तीसगढ़ के साथ-साथ आंध्र प्रदेश दक्षिणी कर्नाटक, केरल तथा तमिलनाडु के कई जिलों में बारिश की संभावना है। उत्तर पूर्वी राज्यों में भारी बारिश के साथ बिजली की गरज और चमक तथा तेज हवाएं चल सकती हैं।
तनाव के बीच केंद्र सरकार का बड़ा कदम – पाकिस्तानी नागरिकों पर शिकंजा
25 Apr, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत सरकार लगातार कड़े फैसले ले रही है. हमले के अगले ही दिन मोदी सरकार ने कई सख्त फैसले लिए जिसमें पाकिस्तानी वीजा स्थगित करना भी शामिल है. इस आदेश में भारत आए पाकिस्तानी लोगों को 27 अप्रैल तक देश छोड़ने का आदेश जारी दिया गया था. गृह मंत्रालय ने अब एक और बड़ा फैसला लेते हुए सभी पाकिस्तानियों को बाहर करने और पाकिस्तान से जुड़े सारे वीजा कैंसिल करने के निर्देश दिया है.
गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पाकिस्तान से जुड़े सारे वीजा कैंसिल करने को कहा है. साथ ही उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्री से बात भी की है. उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने राज्यों में रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान करें और उनकी शीघ्र पाकिस्तान वापसी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं. गृह मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद ये बड़ा फैसला लिया है.
हिंदू पाकिस्तानी नागरिकों के LT वीजा पर लागू नहीं
इससे पहले भारत ने कल गुरुवार को 27 अप्रैल से पाकिस्तानी नागरिकों को जारी सभी वीजा रद्द किए जाने का ऐलान किया था, साथ ही पाकिस्तान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द स्वदेश लौटने की सलाह दी थी. साथ ही विदेश मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया कि वीजा रद्द करने का फैसला हिंदू पाकिस्तानी नागरिकों को पहले से जारी दीर्घकालिक वीजा (LTV) पर लागू नहीं होगा और उनके वीजा वैध रहेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में 2 दिन पहले बुधवार को सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाने का फैसला लिया गया. तब विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी मौजूदा वैध वीजा 27 अप्रैल से रद्द कर दिए जाएंगे. साथ ही पाकिस्तानी नागरिकों को जारी मेडिकल वीजा केवल 29 अप्रैल तक वैध बने रहेंगे.
पाकिस्तान से जल्द वापस लौटे भारतीय नागरिकः MEA
विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा अवधि खत्म होने से पहले देश छोड़ देना चाहिए. साथ ही भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान की यात्रा नहीं करने की सलाह भी दी और पाकिस्तान में मौजूद भारतीय लोगों को जल्द वापस स्वदेश लौटने की सलाह दी.
पहलगाम में आतंकवादी हमले को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. इस हमले में 28 लोग मारे गए थे. इससे पहले भारत ने साल 2008 में 26 नवंबर को मुंबई आतंकी हमले के बाद कड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की घोषणा की थी.
ISRO के पूर्व प्रमुख डॉ. के. कस्तूरीरंगन का निधन, अंतरिक्ष जगत में शोक
25 Apr, 2025 03:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व प्रमुख और प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ. के. कस्तूरीरंगन का 84 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने बेंगलुरु में अंतिम सांस ली।
27 अप्रैल को लोग कर सकेंगे अंतिम दर्शन
के कस्तूरीरंगन नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदा समिति के अध्यक्ष भी थे। अधिकरियों ने बताया कि आज सुबह उनका निधान हुआ है। 27 अप्रैल को अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) में रखा जाएगा।
एनईपी में सूचीबद्ध शिक्षा सुधारों के पीछे के व्यक्ति के रूप में जाने जाने वाले कस्तूरीरंगन ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और कर्नाटक ज्ञान आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया था।
राष्ट्रपति ने शोक व्यक्त किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डॉ. कस्तूरीरंगन के निधन पर शोक व्यक्त कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "यह जानकर दुख हुआ कि डॉ. कृष्णस्वामी कस्तूरीरंगन अब हमारे बीच नहीं रहे। इसरो के प्रमुख के रूप में उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।"
राष्ट्रपति ने दुख जताते हुए लिखा, "ज्ञान के प्रति अपने जुनून के साथ, उन्होंने विविध क्षेत्रों में भी बहुत योगदान दिया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करने में मदद की, जो पहले से ही अगली पीढ़ी के निर्माण पर गहरा प्रभाव डाल रही है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।"
पीएम मोदी ने दुख प्रकट किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्व इसरो प्रमुख के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "मैं भारत की वैज्ञानिक और शैक्षिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति डॉ. के. कस्तूरीरंगन के निधन से बहुत दुखी हूं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।"
पीएम मोदी ने लिखा, "उन्होंने इसरो में बहुत मेहनत से काम किया, भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जिसके लिए हमें वैश्विक मान्यता भी मिली। उनके नेतृत्व में महत्वाकांक्षी उपग्रह प्रक्षेपण भी हुए और नवाचार पर ध्यान केंद्रित किया गया।"
राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं कस्तूरीरंगन
डॉ. कस्तूरीरंगन साल 2003 से लेकर 2009 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे और तत्कालीन भारतीय योजना आयोग के सदस्य के रूप में भी कार्य किया था। कस्तूरीरंगन अप्रैल 2004 से 2009 तक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज, बैंगलोर के निदेशक भी रहे।
राजस्थान से उत्तराखंड तक सुरक्षा सख्त, पुलिस अलर्ट मोड में
25 Apr, 2025 03:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर राजस्थान और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राजस्थान में पाकिस्तान की सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव यादव ने स्थानीय अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है।
श्रीगंगानगर में पुलिस अलर्ट
एसपी गौरव यादव ने बताया कि श्रीगंगानगर जिला अतंरर्राष्ट्रीय सीमा पर है और बेहद संवेदनशील इलाका है। पहलगाम घटना के बाद से यहां भी पुलिस पूरी तरह अलर्ट है।
गौरव यादव के अनुसार,
थाने में रखे सभी हथियारों की जांच की जा रही है। खासकर लंबी दूरी तक जाने वाले हथियारों की चेकिंग चल रही है। इसके अलावा श्रीगंगानगर में मौजूद ठहरने की जगहें जैसे होटल और धर्मशालाओं की भी जांच हो रही है।
नैनीताल में सुरक्षा सख्त
उत्तराखंड के नैनीताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिल रहे हैं। नैनीताल के कुमाऊं क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कुमाऊं की आईजी रिद्धिमा अग्रवाल ने बताया कि पूरे जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सार्वजनिक स्थानों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।
आईजी रिद्धिमा अग्रवाल के अनुसार,
हमने अलर्ट जरी कर दिया है। सभी जिलों में एसएसपी को भीड़भाड़ वाले इलाकों की निरंतर जांच के आदेश दिए गए हैं। सीमा चौकियों पर भी जांच चल रही है। हमने खुफिया इकाई को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी आने-जाने वालों पर पुलिस की नजर बनी हुई है।
भारत सरकार ने उठाए कड़े कदम
बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं। 1960 के सिंधु जल समझौते को रद्द करने से लेकर पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों को 1 हफ्ते के भीतर देश छोड़ने और सार्क वीजा के तहत भारत में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश से जाने का आदेश दिया है।
26 लोगों की गई थी जान
पहलगाम आतंकी हमले पर सख्त रुख अपनाते हुए भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। गौरतलब है कि मंगलवार को पहलगाम के बैसरन में आतंकियों ने कई पर्यटकों को निशाना बनाया। इस दौरान 25 भारतीय नागरिकों और 1 नेपाली नागरिक की जान चली गई। 2019 में हुए पुलवामा हमले के बाद यह सबसे घातक आतंकी हमला था, जिसकी पूरी दुनिया में निंदा हो रही है।
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