देश
ओवैसी ने पाक पर उठाई कड़ी कार्रवाई की मांग, कहा- अब शब्द नहीं, एक्शन चाहिए
29 Apr, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को लेकर सभी के मन में गुस्सा है। एआइएमआइएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को एक बार फिर पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई है। ओवैसी ने कहा कि "पाकिस्तान को दंडित करने के लिए उसे वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की 'ग्रे लिस्ट' में लाया जाना चाहिए। यही नहीं उसके विरुद्ध साइबर हमले भी किए जाने चाहिए।"
मीडिया से बात करते हुए ओवैसी ने पूछा कि सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद पानी कहां जाएगा? इसे कहीं संग्रहीत किया जाना चाहिए।
केंद्र का साथ देंगे ओवैसी
ओवैसी ने पाकिस्तान पर की जाने वाली कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार का समर्थन किया है। उन्होंने कहा - चूंकि यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया गया है, इसलिए हमारी पार्टी AIMIM इसका पूरी तरह से समर्थन करेगी।
बिलावल भुट्टो ने दी थी चेतावनी
बता दें कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद इस संधि को निलंबित कर दिया गया है, जिसे लेकर पाकिस्तान बुरी तरह से बौखला गया है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने संधि रद होने के बाद भारत को चेतावनी देते हुए कहा था कि "सिंधु नदी में या तो पानी बहेगा या फिर उनका (भारतीयों) का खून।"
ओवैसी ने दिया करारा जवाब
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बिलावल भुट्टों को करार जवाब देते हुए कहा - उनसे पूछा जाना चाहिए कि उनकी मां बेनजीर भुट्टो को किसने मारा? उनकी हत्या ऐसे ही आतंकवादियों ने की थी।
पाकिस्तान को दी नसीहत
असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि "पाकिस्तान को समझना चाहिए कि भारत का रक्षा बजट उसके पूरे बजट से बड़ा है। वह भारत से बहुत पीछे है। वहां के नेता सिर्फ बकवास करते रहते हैं। वह आंतरिक समस्याओं से जूझ रहा है। वह मलेरिया की दवा तक नहीं बना सकता, लेकिन भारत से लड़ने की बात करता रहता है।"
शाहिद अफरीदी को बताया 'जोकर'
पहलगाम हमले पर पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी के बयान पर पलटवार करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा "वह एक जोकर है।" वहीं, भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने भी भारतीय सेना पर टिप्पणी करने के लिए अफरीदी को जमकर फटकार लगाई है। धवन ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "कारगिल में भी हार गए थे, पहले से ही इतना गिरे हो और कितना गिरोगे। बेवजह कमेंट पास करने से अच्छा है अपने देश की तरक्की में दिमाग लगाओ। भारतीय सेना पर बहुत गर्व है। भारत माता की जय...।"
उत्तर भारत में धूल भरी आंधी और गरज के साथ बारिश की संभावना
29 Apr, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। अभी एनसीआर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी की स्थिति बनी हुई है, लेकिन अगले एक-दो दिनों में इससे राहत मिलने वाली है।
30 मई के बाद गर्मी से राहत मिलेगी
हीटवेव से परेशान मैदानी क्षेत्रों को 30 मई के बाद गर्मी से राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। दो मई को नया पश्चिमी विक्षोभ आने वाला है, जिसके चलते करीब एक सप्ताह से भी ज्यादा समय तक उत्तर भारत के तापमान में ज्यादा वृद्धि नहीं होगी, हालांकि इस बीच पिछले सप्ताह पहाड़ों में आए पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति पूर्व की ओर खिसक चुकी है।
इसलिए दिल्ली, पंजाब एवं हरियाणा के बड़े हिस्से को 29 अप्रैल तक राहत नहीं मिलने जा रही है। मौसम में 30 अप्रैल से बड़ा बदलाव दिखने लगेगा।
राजस्थान में भी नमी वाली हवा आनी शुरू हो जाएगी
भारत मौसम विभाग (आइएमडी) का मानना है कि दक्षिणी राजस्थान, गुजरात, दक्षिणी-पश्चिमी मध्य प्रदेश एवं उत्तरी महाराष्ट्र को छोड़कर पूरे देश का मौसम बदलने जा रहा है। बुधवार से जहां-तहां बारिश और बादल की संभावना बनने लगेगी। राजस्थान में भी नमी वाली हवा आनी शुरू हो जाएगी।
बारिश का रेड अलर्ट जारी
मौसम विज्ञानियों का मानना है कि पश्चिम की ओर से आने वाली गर्म हवाओं एवं पूर्व में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के संचरण से पूर्वोत्तर एवं पूर्वी हिस्से में काल बैसाखी की स्थिति बनी हुई है। इसके चलते बिहार, झारखंड बंगाल में ओले के साथ बारिश हो रही है। आइएमडी ने इन क्षेत्रों के लिए बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
नए पश्चिमी विक्षोभ के आने से पहाड़ों पर हल्की बारिश का दौर शुरू होगा। दिल्ली, पंजाब एवं हरियाणा में दो मई को धूल भरी आंधी के साथ बारिश का अनुमान है। ऐसी स्थिति तीन मई को भी बनी रह सकती है।
उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में भी बारिश
जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में भी बारिश की स्थिति बनेगी, जो चार मई को भी जारी रह सकती है। उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में वर्षा की स्थिति दिख रही है, लेकिन बुधवार से इसका विस्तार हो सकता है और बड़े क्षेत्र को प्रभाव में ले सकता है। मध्य प्रदेश की भी ऐसी ही स्थिति रहेगी। ओडिशा को हीट वेव से मुक्ति मिल सकती है।
चिदंबरम की याचिका पर CBI का विरोध, आरोप तय करने से रोक नहीं संभव
29 Apr, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आइएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की याचिका विरोध करते हुए सीबीआइ ने कहा कि चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ दलीलें सुनने और आरोप तय करने से ट्रायल कोर्ट को नहीं रोका जा सकता है।
आरोप अभी तय नहीं किए गए हैं
जांच एजेंसी ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष कार्यवाही स्थगित करने की चिदंबरम की याचिका का विरोध किया। न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ के समक्ष सीबीआइ के अधिवक्ता ने कहा कि आरोप अभी तय नहीं किए गए हैं और आगे की जांच जारी रह सकती है।
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने कहा, जब पी चिदंबरम खुद कहते हैं कि आगे की जांच जारी रह सकती है, तो यह याचिका कैसे स्वीकार्य है? कानून कहता है कि बेशक आरोपों पर बहस सुनी जा सकती है और आरोप तय किए जा सकते हैं।
वहीं, चिदंबरम की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने तर्क दिया कि जब तक सीबीआइ की जांच लंबित है, तब तक ट्रायल कोर्ट को निष्पक्ष सुनवाई के हित में न तो दलीलें सुननी चाहिए और न ही आरोप तय किए जाने चाहिए।
आठ साल बाद भी जांच पूरी नहीं हुई है
लूथरा ने कहा कि आरोपितों से कुछ सामग्री इस आधार पर छिपाई गई कि जांच अभी चल रही है और यदि आरोप तय होने के बाद अन्य दोषमुक्ति साक्ष्य बरामद किए गए, तो सीबीआइ का मामला खत्म हो जाएगा। कहा कि सीबीआइ ने 15 मई 2017 को मामला दर्ज किया था। आठ साल बाद भी जांच पूरी नहीं हुई है।
सीबीआइ का आरोप है कि वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपये के विदेशी फंड प्राप्त करने के लिए आइएनएक्स मीडिया समूह को दी गई विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) मंजूरी में अनियमितताओं हुई थीं।
तहव्वुर राणा की एनआईए हिरासत 12 दिन के लिए बड़ी-दिल्ली अदालत का फैसला
28 Apr, 2025 05:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने तहव्वुर राणा की एनआईए हिरासत 12 दिनों के लिए बढ़ा दी है। इससे पहले, अदालत ने 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा की हिरासत 12 दिनों के लिए बढ़ाने की एनआईए की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। राणा को उसकी 18 दिन की एनआईए हिरासत समाप्त होने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच और चेहरा ढके हुए विशेष एनआईए न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह के समक्ष पेश किया गया।
मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकवादी हमले के आरोपी राणा को हाल ही में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। अदालत ने उसे 18 दिनों के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया था। बंद कमरे में होने वाली सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन और विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र मान संभवतः एनआईए की ओर से दलीलें पेश करेंगे।
दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता पीयूष सचदेवा राणा का प्रतिनिधित्व करेंगे। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी के करीबी सहयोगी राणा को भारत लाया गया था, जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 4 अप्रैल को उसके भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ उसकी समीक्षा याचिका खारिज कर दी थी।
पाकिस्तान ने बंद की भारतीय विमान सेवा, अब विदेश जाने वाले भारतीय विमान को लेना पड़ेगा इतना लंबा चक्कर
28 Apr, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान द्वारा भारतीय एयरलाइन्स के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने कहा कि सरकार स्थिति की समीक्षा कर रही है और उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे का समाधान खोजने के लिए विभिन्न एयरलाइन्स कंपनियों से चर्चा कर रहे हैं। ऐसी आशंका है कि एयरलाइन्स कंपनियां हवाई किराए में बढ़ोतरी कर सकती हैं।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ा तनाव
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे। इस हमले का आरोप पाकिस्तान समर्थित टीआरएफ पर है। इसके चलते भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। इस पर पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइन्स कंपनियों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। इसका असर यह होगा कि अब विदेश जाने वाली भारतीय एयरलाइन्स कंपनियों के विमानों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। इससे समय भी बढ़ेगा और लागत भी बढ़ने की संभावना है।
क्या कहना है सरकार का
अब नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू ने कहा कि 'हमें स्थिति को समझकर निर्णय लेने की जरूरत है। सरकार स्थिति की समीक्षा कर रही है। अगर हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी होती है तो सरकार इस पर जरूर गौर करेगी। अभी हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं। नायडू ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय एयरलाइंस 6,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती हैं। हर हफ्ते करीब 800 उड़ानें उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप और मध्य पूर्व के लिए संचालित होती हैं। इंडिगो ने शुक्रवार को कहा कि उसकी करीब 50 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अब लंबा रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिसकी वजह से उन्हें अपने शेड्यूल में बदलाव करना पड़ेगा।
जम्मू कश्मीर की सुरक्षा और सिक्योरिटी जम्मू कश्मीर के लोगों की चुनी हुई सरकार की जिम्मेदारी नहीं- विधानसभा सत्र के दौरान सीएम उमर ने कहा
28 Apr, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कहा, हम बंदूक के जरिए आतंकवाद पर काबू पा सकते हैं, लेकिन इसे खत्म नहीं कर सकते। यह तभी खत्म होगा जब लोग हमारे साथ होंगे और आज ऐसा लग रहा है कि लोग हमारे साथ हैं।
अपने संबोधन के दौरान सीएम ने इस हमले में मारे गए सभी 26 पर्यटकों के नाम लिए। सीएम ने कहा, उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम, अरुणाचल से लेकर गुजरात, जम्मू-कश्मीर, केरल और बीच के सभी राज्य, पूरा देश इस हमले से प्रभावित हुआ है। जम्मू-कश्मीर में यह पहला हमला नहीं है, बल्कि बीच में एक समय ऐसा भी आया था जब ये हमले बंद हो गए थे। इसके बाद पहलगाम में हुआ यह हमला 21 साल बाद इतना बड़ा हमला बन गया है।
"जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी नहीं है"
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, हमें लगता था कि पहले हुए आतंकी हमले हमारा इतिहास हैं, लेकिन दुर्भाग्य से पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है कि हमें नहीं पता कि अगला हमला कहां होगा। जब हमने 26 लोगों को श्रद्धांजलि दी, तो मेरे पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं कि क्या कहूं और उनके परिवारों से माफी मांगता हूं, यह जानते हुए कि जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा जम्मू-कश्मीर के लोगों द्वारा चुनी गई सरकार की जिम्मेदारी नहीं है।
सीएम ने कहा, यहां के पर्यटन मंत्री होने की जिम्मेदारी के नाते हमने इन लोगों को जम्मू-कश्मीर आने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन उन्हें वापस नहीं भेज सके। मैं इन लोगों से माफी भी नहीं मांग सका। मैं इन लोगों से क्या कहूं, जिन्होंने अपने पिता को खून से लथपथ देखा। उस नेवी ऑफिसर की विधवा से, जिसकी कुछ दिन पहले ही शादी हुई थी।
"हमले ने हमें अंदर से खोखला कर दिया"
लोगों का दर्द बयां करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, कुछ लोग मेरे पास आए और पूछा कि हमारा क्या कसूर है, हम यहां छुट्टियां मनाने आए थे, लेकिन अब हमें इस पहलगाम हमले का खामियाजा जिंदगी भर भुगतना पड़ेगा। जिन्होंने यह किया, वे कहते हैं कि यह हमारे भले के लिए किया गया, क्या हमने उन्हें बताया कि हम ऐसा चाहते थे, क्या यह हमारी इजाजत से हुआ, हममें से कोई भी इस आतंकी हमले के साथ नहीं है। इस हमले ने हमें अंदर से खोखला कर दिया है। सीएम ने कहा, इन हालातों में रोशनी ढूंढ़ना बहुत मुश्किल है, 26 साल में पहली बार मैंने जम्मू-कश्मीर में लोगों को इस तरह से सामने आते देखा है और लोग आतंकवाद के खिलाफ सामने आए हैं। शायद ही कोई ऐसा गांव हो जहां इस आतंकी हमले का शिकार न हुआ हो।
आतंकवाद तभी खत्म होगा जब लोग हमारे साथ होंगे। इस हमले के बाद जामिया मस्जिद में 2 मिनट का मौन रखा गया और हम समझते हैं कि इस मस्जिद में मौन का क्या मतलब होता है। राज्य के दर्जे को लेकर उन्होंने क्या कहा?: जम्मू-कश्मीर के निवासी आदिल का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा, आदिल ने अपनी जान की परवाह किए बिना पर्यटकों की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा चुनी हुई सरकार की जिम्मेदारी नहीं है लेकिन मैं इस मौके का इस्तेमाल राज्य का दर्जा मांगने के लिए नहीं करूंगा। उन्होंने आगे कहा, हम राज्य के दर्जे की बात करेंगे लेकिन अभी समय नहीं है। हम इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं और उन परिवारों के साथ खड़े हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले अश्लील कंटेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ओटीटी कंपनियों और सरकार से जवाब मांगा
28 Apr, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट आज उन याचिकाओं पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है, जिसमें मांग की गई है कि ओटीटी और सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली अश्लील सामग्री को विनियमित किया जाए। कोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद चिंताजनक है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी।
कोर्ट ने न सिर्फ केंद्र सरकार को बल्कि नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, ऑल्ट बालाजी, उल्लू डिजिटल, मुबी समेत ओटीटी प्लेटफॉर्म के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, गूगल, मेटा और एप्पल को भी इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इन संस्थानों को इसलिए भी बुलाया है, क्योंकि कोर्ट का मानना है कि ऐसे मामलों में उनकी भी जिम्मेदारी है।
सरकार ने कोर्ट में क्या कहा
इस तरह देश की सर्वोच्च अदालत ने ओटीटी, सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री के प्रसारण पर रोक लगाने की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। कोर्ट ने कहा कि प्रसारण पर रोक लगाने की याचिका बेहद चिंताजनक है। मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज और भावी मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कहा है कि हमने देखा है कि बच्चों को कुछ समय के लिए व्यस्त रखने के लिए उन्हें फोन आदि थमा दिए जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी उस समय की जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मैं इस मामले को किसी भी विपरीत तरीके से नहीं ले रहा हूं।
मेरी एकमात्र चिंता यह है कि यह सब बच्चों के सामने है। कुछ कार्यक्रमों में भाषा ऐसी है जो ठीक नहीं है और दो लोग एक साथ बैठकर इसे देख भी नहीं सकते। मेहता ने कहा कि उनके पास एकमात्र मानदंड यह है कि यह 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए है। सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए आदेश में दर्ज किया कि कार्यपालिका और विधायिका को ओटीटी/सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभद्र सामग्री को रोकने के लिए उपाय करने होंगे। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कुछ नियम पहले से ही हैं और उन पर विचार किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर घिबली स्टाइल फोटो शेयर करना पड़ा भारी, स्मिता सभरवाल का तबादला
28 Apr, 2025 12:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। तेलंगाना कैडर की आईएएस अधिकारी स्मिता सभरवाल का तबादला कर दिया गया है। स्मिता कुछ दिनों पहले ही एआई की तस्वीर शेयर करके विवादों में आईं थीं। इस घटना को अभी 1 महीने भी नहीं बीते कि तेलंगाना सरकार ने 20 अधिकारियों का तबादला कर दिया और इस लिस्ट में स्मिता सभरवाल का नाम भी शामिल है।
तेलंगाना पुलिस ने जारी किया था नोटिस
हाल ही में स्मिता को एआई तस्वीर शेयर करने के लिए तेलंगाना पुलिस ने नोटिस जारी किया था। इस दौरान स्मिता का कहना था कि उन्हें विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। स्मिता की इस पोस्ट को 2,000 से ज्यादा लोगों ने दोबारा शेयर किया था। ऐसे में स्मिता ने सवाल उठाए थे कि क्या रीशेयर करने वाले 2,000 लोगों के खिलाफ भी पुलिस यही कदम उठाएगी?
कहां हुआ तबादला?
बता दें कि स्मिता सभरवाल वर्तमान में युवा उन्नति, पर्यटन और संस्कृति (YAT&C) की मुख्य सचिव हैं। साथ ही वो पुरातत्व निदेशक भी हैं। हालांकि, अब उन्हें तेलंगाना के वित्त आयोग में सदस्य सचिव नियुक्त कर दिया गया है। 2024 में स्मिता इसी पद से YAT&C की मुख्य सचिव बनीं थीं और अब उन्हें फिर से उनके पुराने पद पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
सीएम की सचिव रह चुकी हैं स्मिता
पिछली बीआरएस सरकार में आईएएस स्मिता सभरवाल मुख्यमंत्री की सचिव थीं। हालांकि राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और उन्हें वित्त आयोग का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया था।
कौन हैं IAS स्मिता सभरवाल?
19 जून 1977 को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में जन्मीं स्मिता सभरवाल साल 2000 में चौथी रैंक लगाकर UPSC टॉपर बनीं थीं। IAS की ट्रेनिंग के बाद उन्हें तेलंगाना कैडर मिला। स्मिता को तेलंगाना की वरिष्ठ अधिकारियों में गिना जाता है।
फोटो शेयर करने पर हुआ विवाद
31 मार्च 2025 को स्मिता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर AI की घिबली फोटो साझा की थी। इस तस्वीर में 1 मोर और 2 हिरण खड़े हैं, जिनकी तरफ बुलडोजर तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्मिता ने यह तस्वीर हैदराबाद विश्वविद्यालय के संदर्भ में पोस्ट की थी। दरअसल हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पास कांचा गाचीबोवली में 400 एकड़ जमीन है, जहां आईटी पार्क बनाने पर बात चल रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई है रोक
सुप्रीम कोर्ट ने इस निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। कई छात्र और पर्यावरणविद भी इस आईटी पार्क का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में स्मिता ने इसी से जुड़ी AI जनरेटेड फोटो साझा कि तो तेलंगाना पुलिस ने उनपर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगते हुए नोटिस जारी कर दिया था।
सीमा हैदर की नागरिकता पर उठा विवाद, पूर्व पति ने की कार्रवाई की मांग
28 Apr, 2025 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें कई बेकसूरों की जान चली गई. इस हमले के बाद से भारत से पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा जा रहा है. इसी बीच अपने प्रेमी सचिन के लिए पाकिस्तान छोड़कर आई सीमा हैदर भी एक बार से सुर्खियों में आ गई है. सीमा के पहले पति गुलाम हैदर का बयान सामने आया है, जिसमें उसने कहा कि भारत में कुछ भी बड़ा हो सकता है.
इसके साथ ही गुलाम हैदर ने ये भी कहा कि सीमा हैदर पिछले दो सालों से भारत में अवैध तरीके से रह रही है. वीजा लेकर गए लोगों को तो भारत वापस भेज रहा है और अवैध तरीके से भारत में रह रही सीमा पर किसी तरह का कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है. यही नहीं गुलाम हैदर ने ये भी कहा कि सीमा के पास जो बच्चे हैं. वह पाकिस्तानी हैं. उसने उन्हें भी पाकिस्तान वापस भेजने के लिए कहा.
एपी सिंह को सजा देने की मांग
गुलाम हैदर ने सीमा हैदर को जेल में डाले जाने की भी बात कही. सीमा के साथ-साथ वकील एपी सिंह को भी देश का दुश्मन बताया. उसने दोनों को सख्त सजा दिए जाने की बात कही. गुलाम ने कहा, “पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत में कुछ भी बड़ा हो सकता है. बड़ी साजिश हो रही है.” साथ ही अपने बच्चों को भी पाकिस्तान ही बुला रहा है. गुलाम ने ये बातें ये एक वीडियो शेयर कर कही हैं.
अब फैसले का समय आ गया
गुलाम ने ये भी कहा कि सीमा अभी भी मेरे साथ निकाह में है. मेरा अभी तक सीमा के साथ तलाक नहीं हुआ है. अब फैसले का समय आ गया. सचिन और सीमा को उनके किए का फल मिलेगा. एपी सिंह अपना चेहरा चमकाने के लिए उनका केस देख रहा है. उसको खुद भी नहीं पता कि वो क्या बोलता है. 2 साल से मैं इंसाफ के लिए चिल्ला रहा हूं. सीमा अवैध तरीके से घुसकर रबूपुरा में बैठी है, उसे जेल भेजा जाए. मेरे 4 बच्चों को डिपोर्ट किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है. वकील एपी सिंह लोगों को गलत मैसेज देता है. वो इंसान नहीं, हैवान है.
“अब मैं हिंदुस्तान की बहू हूं”
गुलाम ने कहा कि मैं हर बार भारत सरकार से अपने बच्चों को वापस भेजने की मांग करता हूं और एपी सिंह कहता है कि मैं अपने बच्चों को मारूंगा. अरे वो बच्चे मेरे जिगर के टुकड़े हैं. मैंने उनके लिए कितना कुछ किया. वह पाकिस्तानी बच्चे हैं. इधर सीमा का पहला पति उसे पाकिस्तानी बता रहा है. वहीं सीमा हैदर ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए कहा था कि उसे भारत में रहने देने की इजाजत दे दी जाए. सीमा ने कहा था वह पाकिस्तान की बेटी थी, लेकिन अब वह हिंदुस्तान की बहू है.
सुरक्षा बलों की कार्रवाई में तीन उग्रवादी मारे गए, दो मजदूरों को किया गया रेस्क्यू
28 Apr, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोहिमा। अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले के पंगचाओ क्षेत्र से दो निर्माण मजदूरों के अपहरण के आरोप में एनएससीएन (केवाईए) समूह के तीन उग्रवादियों को ढेर कर दिया गया। एक मजदूर के बचा लिया गया है।
उग्रवादियों ने दो निर्माण श्रमिकों का अपहरण कर लिया गया था
मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के रक्षा जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल अमित शुक्ला ने बताया कि 25 अप्रैल की रात को लोंगडिंग के पंगचाओ क्षेत्र से दो निर्माण श्रमिकों का अपहरण कर लिया गया था।
भारतीय सेना और असम राइफल्स ने चलाया अभियान
भारतीय सेना और असम राइफल्स के जवानों ने 27 अप्रैल को पंगचाओ क्षेत्र में एक संयुक्त अभियान शुरू किया। इस दौरान एनएससीएन (केवाईए) समूह के तीन उग्रवादियों को ढेर कर दिया। उग्रवादियों के पास से गोला-बारूद के साथ चार हथियार बरामद किए गए है। आपरेशन में एक निर्माण श्रमिक को बचा लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
वहीं, इस मामले में भारतीय सेना की पूर्वी कमान ने बयान जारी किया है, जिसमें कहा है कि 25 अप्रैल 2025 (शुक्रवार) की रात को अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले के पंगचाओ के सामान्य क्षेत्र से दो निर्माण श्रमिकों का अपहरण कर लिया गया।
एक प्रतिबंधित समूह के तीन कैडरों को मार गिराया गया
विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर, भारतीय सेना और असम राइफल्स के जवानों ने 27 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले के पंगचाओ के सामान्य क्षेत्र में एक अभियान शुरू किया। संपर्क स्थापित किया गया और आगामी गोलीबारी में, एक प्रतिबंधित समूह के तीन कैडरों को मार गिराया गया।
अभियान में चार स्वचालित हथियार, गोला-बारूद और युद्ध जैसे सामान भी बरामद किए गए। अभियान में एक निर्माण श्रमिक को बचा लिया गया और दूसरे की तलाश जारी है।
तीन साल की कैद या 3 लाख जुर्माना: भारत नहीं छोड़ने पर पाकिस्तानी भुगतेंगे अंजाम, क्या कहते हैं नियम?
28 Apr, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित समयसीमा के भीतर भारत नहीं छोड़ने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया जाएगा और उन पर मुकदमा चलाया जाएगा। इस अपराध के लिए उन्हें तीन वर्ष तक के कारावास या अधिकतम तीन लाख रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया था। सार्क वीजा धारकों के लिए भारत छोड़ने की समयसीमा 26 अप्रैल निर्धारित की गई थी।
मेडिकल वीजा धारकों के लिए समयसीमा 29 अप्रैल है। जबकि 12 श्रेणियों के वीजा धारकों के लिए समयसीमा 27 अप्रैल थी जिनमें आगमन पर वीजा, कारोबारी, फिल्म, पत्रकार, ट्रांजिट, सम्मेलन, पर्वतारोहण, छात्र, यात्रा, समूह पर्यटन, तीर्थयात्रा एवं समूह में तीर्थयात्रा वीजा शामिल हैं।
आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 क्या कहता है?
चार अप्रैल से प्रभावी हुए आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 के अनुसार वीजा अवधि से अधिक रुकने, वीजा शर्तों का उल्लंघन करने या प्रतिबंधित क्षेत्रों का अतिक्रमण करने पर तीन वर्ष तक का कारावास या तीन लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन किया था और उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा था कि कोई भी पाकिस्तानी देश छोड़ने के लिए निर्धारित समयसीमा से अधिक नहीं रुकने पाए। इसके बाद केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने भी मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की थी और उन्हें इसी आशय के निर्देश दिए थे।
अटारी के रास्ते 509 पाकिस्तानियों ने छोड़ा भारत
शुक्रवार से तीन दिनों के दौरान 509 पाकिस्तानी नागरिक अटारी-वाघा बार्डर पोस्ट के रास्ते भारत छोड़ चुके हैं, इनमें नौ राजनयिक हैं। जबकि इस दौरान इसी रास्ते से 745 भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं जिनमें 14 राजनयिक हैं।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार को अटारी-वाघा बार्डर पोस्ट के रास्ते 237 पाकिस्तानी नागरिकों ने भारत छोड़ा जिनमें नौ राजनयिक व अधिकारी शामिल थे। जबकि 26 अप्रैल को 81 और 25 अप्रैल को 191 पाकिस्तानियों ने भारत छोड़ा था।
इसी तरह एक राजनयिक समेत 116 भारतीय रविवार को स्वदेश लौटे, जबकि 13 राजनयिकों समेत 342 भारतीय 26 अप्रैल को और 287 भारतीय 25 अप्रैल को स्वदेश आए थे।
अधिकारियों का कहना है कि कुछ पाकिस्तानियों ने संभवत: एयरपोर्ट के जरिये भी भारत छोड़ा होगा क्योंकि दोनों देशों के बीच सीधी विमान सेवा नहीं होने के कारण वे दूसरे देशों के रास्ते गए होंगे।
पीएसएल से जुड़े 23 भारतीय भी स्वदेश पहुंचे
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने उन 23 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है जो पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) मैचों के प्रोडक्शन एवं ब्राडकास्ट के लिए पाकिस्तान में थे। इन्हें एक कंपनी ने हायर किया था। पीसीबी के एक अधिकारी ने कहा कि ये सभी भारतीय वाघा सीमा के रास्ते लाहौर से भारत पहुंच गए हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने सभी भारतीयों नागरिकों की स्वदेश वापसी के लिए 30 अप्रैल की समयसीमा निर्धारित की है।
डेविड लैमी की जयशंकर से मुलाकात, सीमा पार आतंकवाद रहा मुख्य मुद्दा
28 Apr, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को अपने ब्रिटिश समकक्ष डेविड लैमी को आतंकवाद के प्रति भारत की ''जीरो टालरेंस'' की नीति से अवगत कराया और पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले के सीमा पार संबंधों पर चर्चा की।
ब्रिटिश विदेश मंत्री ने तनाव कम करने की आवश्यकता पर बल दिया
आतंकी हमले के बाद नई दिल्ली और इस्लामाबाद के संबंधों में गंभीर तनाव के बीच लैमी ने पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार से भी बातचीत की। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ब्रिटिश विदेश मंत्री ने तनाव कम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
पहलगाम में हुए भीषण हमले के पीछे सीमा पार संबंधों का हवाला देते हुए भारत ने इस हमले में शामिल लोगों को कड़ी सजा देने की बात कही है। ब्रिटिश विदेश मंत्री के साथ फोन पर बातचीत के बाद जयशंकर ने कहा कि उन्होंने आतंकवाद के प्रति ''शून्य सहनशीलता'' के महत्व को रेखांकित किया।
डार पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी हैं
दूसरी तरफ, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उपप्रधानमंत्री डार ने लैमी से बात की और क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देते हुए अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के पाकिस्तान के अटूट संकल्प को दोहराया। डार पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी हैं।
सड़कों पर चिपकाए पाकिस्तानी झंडे के स्टीकर लगा जताया आक्रोश
पहलगाम में बैसरन में हुए आतंकी हमले के विरोध में लोगों का आक्रोश कम नहीं हो रहा है। रविवार को कई जगहों पर युवाओं के द्वारा कैंडिल मार्च निकाले जाने के साथ ही पाकिस्तानी झंडे के पोस्टर भी सड़कों पर चिपका कर विरोध जताया गया।
नोएडा के साथ हरियाणा के गोहाना में जगहों पर पाकिस्तान के झंडे के स्टीकर सड़कों पर चिपकाए गए। इस दौरान कुछ जगहों पर इन स्टीकरों पर लात मार कर नाराजगी भी जाहिर की गई।
उधर धर्मशाला में कोतवाली बाजार में एक महिला द्वारा इन पोस्टरों को सडक से निकालने का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ। इस पर वहां मौजूद लोगों ने महिला को रोका भी,लेकिन महिला लगातार पाकिस्तानी झंडे के स्टीकर सड़क से निकालती नजर आई।
नोएडा में लगाए पाकिस्तानी झंडे के पोस्टर
नोएडा में रविवार को एडोब चौराहा और सेक्टर 12/22 की सड़कों पर युवाओं ने बाइक रैली के दौरान पाकिस्तान के झंडे का स्टीकर चिपका कर उस पर लात मारकर नाराजगी जाहिर की।
पाकिस्तान सीजफायर तोड़ने से नहीं आ रहा बाज: एलओसी पर तीसरे दिन भी हुई गोलीबारी जिसका भारतीय सेना ने दिया करारा जवाब
27 Apr, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बिना उकसावे के गोलीबारी की। शनिवार देर रात टुटमारी गली और रामपुर सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से छोटे हथियारों से फायरिंग की गई, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। लगातार तीसरे दिन संघर्षविराम का उल्लंघन किया गया है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि 26-27 अप्रैल की दरमियानी रात को पाकिस्तान ने कई चौकियों से गोलीबारी की। भारतीय सैनिकों ने प्रभावी ढंग से जवाब देते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा। हाल के दिनों में पाकिस्तान द्वारा 24 अप्रैल को भी इसी तरह की फायरिंग की गई थी। हालांकि, इन घटनाओं में अब तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। यहां बताते चलें कि ये घटनाएं ऐसे समय में हो रही हैं जबकि घाटी में पहले से ही तनाव का माहौल है। 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने 26 निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या कर दी थी, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया।
आतंकवादियों को भारत हर संभव सजा देकर रहेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि आतंकवादियों, उनके मददगारों और समर्थकों को दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढ़कर सजा दी जाएगी। वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और आतंकियों के खिलाफ हरसंभव बल के प्रयोग का निर्देश दिया।
साइंस ग्रेजुएट आदिल कैसे बन गया 26 मासूमों का हत्यारा, पुलिस ने रखा 20 लाख का इनाम
27 Apr, 2025 05:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रेल को हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने कड़ी कार्रवाई की। इस हमले में शामिल आतंकी आदिल हुसैन थोकर के अनंतनाग जिले के बिजबेहरा, गोरी इलाके में स्थित घर को शुक्रवार को आईईडी से उड़ा दिया गया। यह कार्रवाई पहलगाम हमले के जवाब में की गई। गौरतलब है कि आदिल थोकर ने पाकिस्तानी आतंकवादियों को बैसरन घाटी में हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बता दें कि पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।
साइंस से ग्रेजुएट, उर्दू से MA
आदिल हुसैन कभी अपने घर पर बच्चों को पढ़ाता था। उसने साइंस से ग्रेजुएट की है और उर्दू से एमए कर रहा था। अब आदिल पर सरकार ने 20 लाख का इनाम रखा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2018 में आदिल अपना घर छोड़कर छात्र वीजा पर पाकिस्तान चला गया था। वह भारत छोड़ने से पहले ही सीमा पार से संचालित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े व्यक्तियों के संपर्क में था।
परिवार से तोड़ा संपर्क
दरअसल, पाकिस्तान में जाने के बाद आदिल ने अपने परिवार से संपर्क तोड़ दिया। करीब आठ महीने तक उसकी मौजूदगी का कोई सुराग नहीं मिल सका।
2024 में वापस आया भारत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकी आदिल ने अक्टूबर 2024 में एलओसी पार की थी। जम्मू-कश्मीर में घुसने के बाद आदिल ने जंगल और पहाड़ी रास्तों का इस्तेमाल करके खुद को पुलिस की पकड़ से बचा लिया। वहीं खुफिया सूत्रों का कहना है कि उसने अपने साथ घुसपैठ करने वाले कम से कम एक पाकिस्तानी नागरिक को जंगल में या सुनसान गांवों में पनाह दी थी।
अरब सागर में दिखाई दी भारत की समुद्री ताकत, नौसेना ने ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल का किया सफल परीक्षण
27 Apr, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नौसेना ने अपनी युद्ध तैयारी का दमदार प्रदर्शन करते हुए अरब सागर में कई सफल एंटी-शिप फायरिंग की। नौसेना ने अत्याधुनिक ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण किया, जिसकी रेंज करीब 300 किलोमीटर है।
इस परीक्षण के साथ ही भारतीय नौसेना ने स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी समय, कहीं भी, किसी भी प्रकार से राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा करने के लिए युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय और भविष्य के लिए सक्षम है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अपनी सैन्य तैयारियों को और तेज कर दिया है। हमले के 48 घंटे के भीतर भारतीय नौसेना ने अपने विध्वंसक युद्धपोत आईएनएस सूरत से सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस दौरान आईएनएस सूरत ने समुद्र में एक लक्ष्य को सटीकता से भेदा।
इसके अलावा, हाल ही में डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने स्वदेशी वर्टिकल-लॉन्च्ड शॉर्ट-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (वीएल-एसआरएसएएम) का भी सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण 26 मार्च को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से किया गया था, जिसमें मिसाइल ने कम ऊंचाई पर उच्च गति वाले हवाई लक्ष्य को सटीकता से नष्ट किया।
गौरव का भी सफल परीक्षण
भारतीय रक्षा क्षमता को और मजबूती देते हुए, इसी महीने भारत ने लड़ाकू विमान से दागे जाने वाले लंबी दूरी के ग्लाइड बम गौरव का भी सफल परीक्षण किया है। 8 से 10 अप्रैल के बीच सुखोई-30 एमकेआई विमान से किए गए ट्रायल्स के दौरान गौरव बम ने लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्यों पर अत्यधिक सटीक निशाना साधा। इस परियोजना में अदाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज ने भी भागीदारी निभाई।
इन परीक्षणों के जरिए भारत ने न केवल अपने आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है, बल्कि मौजूदा हालात में अपने दुश्मनों को भी स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना — सभी मोर्चों पर पूरी तरह तैयार हैं।
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