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भारत दशकों से चले आ रहे माओवादी विद्रोह के अंतिम चरण का गवाह बन रहा है – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
21 Oct, 2025 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोवा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि दशकों से चले आ रहे माओवादी विद्रोह के अंतिम चरण का (Final phase of the decades-long Maoist Insurgency) भारत गवाह बन रहा है (India is Witnessing) ।
उनकी टिप्पणी सुरक्षा बलों के प्रति व्यापक श्रद्धांजलि का हिस्सा थी, जिन्हें उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में वामपंथी उग्रवाद के बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करने का श्रेय दिया। गोवा में आईएनएस विक्रांत से जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज देश माओवाद के खात्मे की ओर बढ़ रहा है। अब केवल तीन जिले ही बचे हैं जहां माओवाद अभी भी मौजूद है और वे भी जल्द ही मुक्त हो जाएंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले 125 जिले गंभीर रूप से प्रभावित थे। अब 100 से अधिक जिले राहत की सांस ले सकते हैं और शांति से दिवाली मना सकते हैं। यह हमारे पुलिस बलों के पराक्रम से संभव हुआ है। उन्होंने सरकार की बहुआयामी रणनीति पर जोर दिया, जिसमें विकास, बुनियादी ढांचे का विस्तार और लक्षित सुरक्षा अभियान शामिल हैं। सरकार की ये रणनीति माओवादी प्रभाव को कमजोर करने में सहायक है, विशेष रूप से आदिवासी और वन क्षेत्रों में।
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में सैन्य गौरव को नक्सल मुक्त राष्ट्र के दृष्टिकोण के साथ जोड़ा गया तथा सुरक्षा और विकास के दोहरे दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले, 124 जिले नक्सलवाद से बुरी तरह प्रभावित थे। अक्टूबर 2025 तक, केवल 11 जिले ही बचे रहेंगे, जिनमें से तीन को उच्च जोखिम वाला माना जाएगा। हमारे पुलिस बलों के साहस की बदौलत अब 100 से ज्यादा जिले राहत की सांस ले सकते हैं और शांति से दिवाली मना सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि लाल गलियारा अब हरित विकास क्षेत्रों में परिवर्तित हो रहा है। उन्होंने उन क्षेत्रों का हवाला दिया जो कभी हिंसा से ग्रस्त थे।
प्रधानमंत्री मोदी के बयान भारत की आंतरिक सुरक्षा में व्यापक बदलाव का संकेत देते हैं। केंद्रीय और राज्य बलों के बीच समन्वित प्रयासों, बुनियादी ढाँचे के विकास और सामुदायिक सहभागिता के कारण माओवादी गतिविधियों में लगातार गिरावट आई है। उनके भाषण ने मनोबल बढ़ाने का भी काम किया और अपने सुरक्षाकर्मियों के कल्याण के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता और प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
मशहूर अभिनेता गोवर्धन असरानी का निधन, 4 दिन पहले अस्पताल में हुए थे भर्ती
21 Oct, 2025 08:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। दिवाली पर भारतीय सिनेमा (Indian cinema) के बड़ी क्षति हुई है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी गोवर्धन असरानी (Govardhana Asrani) का सोमवार को निधन हो गया। लंबी बीमारी के बाद 84 साल की उम्र में असरानी ने शरीर छोड़ दिया। सोमवार शाम करीब 4 बजे मुंबई के जुहू स्थित आरोग्य निधि अस्पताल में निधन हो गया।
शाम को उनके करीबी लोगों और परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में शास्त्री नगर, सांताक्रूज में उनका अंतिम संस्कार किया गया। साल 1 जनवरी 1941 को हुआ था। असरानी की प्रमुख पहचान हास्य अभिनेता के रूप में थी। असरानी में बॉलीवुड की सैकड़ों फिल्मों में किरदार निभाकर उन्हें जीवंत बनाया है।
बता दें कि असरानी मूल रूप से वो राजस्थान के जयपुर से रहने वाले थे। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल जयपुर से पूरी की थी। आसराानी का योगदान हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कॉमिक एक्टिंग के क्षेत्र में बेमिसाल रहा है। कई दशकों तक उन्होंने अपनी अदाकारी से दर्शकों को हंसाया, रुलाया और मनोरंजन किया।
एक्टर के साथ ही असरानी ने संगीत में भी कई हाथ आजमाया है। साल 1977 में असरानी ने फिल्म आलाप में दो गाने भी गाए, जो उन्हीं पर फिल्माए गए थे। असरानी ने फिल्म ‘फूल खिले हैं गुलशन गुलशन में’ प्रसिद्ध सिंगर किशोर कुमार के साथ एक गाना गाया था।
पटाखा बाजार में लगी भीषण आग, 60 से अधिक दुकानें जली, कई दुकानदार भी झुलसे
19 Oct, 2025 08:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर (Fatehpur, Uttar Pradesh) में दिवाली (Diwali 2025) से पहले बड़ी आग लगने की घटना सामने आई हैं. यहां महात्मा गांधी परास्नातक महाविद्यालय के परिसर में लगे पटाखों के बाजार में रविवार दोपहर भीषण आग लग गई. इस दौरान पटाखों के तेज धमाके के साथ आग एक से दूसरी दुकान में फैलती चली गई. कुछ ही देर में आग ने मैदान में लगी सभी 60 से अधिक पटाखों की दुकानें जलकर राख हो गई. बताया गया है कि इस दौरान कई दुपहिया वाहन भी आग की चपेट में आकर जल गए और कई दुकानदार भी झुलस गए हैं. धमाके और धुंए के कारण पूरे इलाके में दहशत फैल गई.
जानकारी के अनुसार, यूपी के फतेहपुर के शांतिनगर थाना क्षेत्र स्थित एमजी कॉलेज परिसर में अस्थायी पटाखा बजार लगा हुआ था. बताया गया कि रविवार दोपहर अचानक एक पटाखे की दुकान में आग लग गई. अचानक लगी आग धीर-धीर बढ़ती चली गई और आस-पास की कई दुकानों को अपनी चपेट में लिया. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. आग के कारण पटाखों में हो रहे तेज धमाकों और धुएं के गुबार से इलाके में दहशत फैल गई. आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की गई गाडियां मौके पर पहुंची. दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया.
बताया गया कि आग लगने के कारण लगभग 60 से अधिक पटाखों की दुकानें जल गई. इस दौरान आग की चपेट में आने से कई दुकानदार और ग्राहक भी घायल हुए हैं. मौके पर पुलिस बल ने लोगों की मदद से बाजार में अन्य दुकानदारों और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. बताया जा रहा है कि हादसे में कई लोगों घायल हुए है, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं. पटाखा बाजार दिवाली से पहले हर साल एमजी कॉलेज के पास लगता है, जहां बड़ी संख्या में व्यापारी अस्थायी दुकानें लगाकर पटाखों की बिक्री करते हैं. प्रशासन की तरफ से पहले ही यहां सुरक्षा के इंतजाम के निर्देश दिए थे. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किन कारणों से लगी. वहीं अधिकारियों का कहना है कि दुकानदारों और आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें.
भारत ने रुस को किया चीनी मुद्रा युआन में पेमेंट..........क्या डॉलर के लिए खतरा
19 Oct, 2025 11:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत ने रूस से खरीदे गए कच्चे तेल के कुछ हिस्सों का भुगतान चीनी मुद्रा युआन में किया है, जबकि यह पहले मुख्य रूप से रूबल में होता था। यह घटनाक्रम भारत-चीन-रूस के त्रिकोणीय आर्थिक समीकरण को मजबूत करता है।
यह कदम डॉलर के वैश्विक प्रभुत्व को चुनौती देने और डॉलर निर्भरता को कम करने की दिशा में ब्रिक्स देशों के व्यापक एजेंडे का हिस्सा है। 2023 में तनाव के कारण सरकारी रिफाइनरियों ने युआन में भुगतान बंद कर दिया था, जिसे अब दोबारा शुरू करना दोनों देशों के रिश्तों में व्यावहारिकता की वापसी का संकेत माना जा रहा है।
ब्रिक्स देश (जो दुनिया की 40 प्रतिशत जीडीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं) बिना कोई नई ब्रिक्स करेंसी बनाए ही स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाकर डॉलर से अलग रास्ता अपना रहे हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर लगे प्रतिबंधों और उस स्विप्ट से बाहर करने के बाद, ब्रिक्स देशों ने डॉलर को राजनैतिक हथियार के रूप में देखे जाने के कारण डी-डॉलरीकरण पर जोर दिया है। भारत का यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डॉलर केंद्रित नीति को एक सीधी चुनौती और उनकी डॉलर डिप्लोमेसी को शांत किंतु ठोस जवाब माना जा रहा है। भारत का यह युआन भुगतान एक सीमित लेकिन भू-राजनीतिक रूप से गहरा प्रयोग है, जो आर्थिक हितों को साधते हुए ब्रिक्स देशों की आर्थिक स्वायत्तता की शुरुआत का प्रतीक है।
इसरो की बड़ी उपलब्धि….चंद्रयान-2 ने की सूर्य की किरणों के चंद्रमा पर पड़ने वाले असर की खोज
19 Oct, 2025 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिवाली (Diwali) के शुभ मौके से पहले चंद्रयान (Chandrayaan) ने भी एक खुशखबरी भेजी है। ISRO के मुताबिक चंद्रयान-2 मिशन (Chandrayaan-2 mission) ने अपने वैज्ञानिक उपकरणों की मदद से पहली बार यह पता लगाया कि सूरज से निकलने वाली कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) (Coronal Mass Ejection (CME) का चंद्रमा पर क्या असर पड़ता है। सूर्य और चंद्रमा के बीच रिश्ते को लेकर यह बड़ी खोज मानी जा रही है।
इसरो ने कहा, इस जानकारी से चंद्रमा के बाह्यमंडल, चंद्रमा के बहुत पतले वायुमंडल और उसकी सतह पर अंतरिक्ष मौसम के प्रभाव को समझने में मदद मिलेगी। श्रीहरिकोटा से 22 जुलाई 2019 को जीएसएलवी-एमके3-एम1 रॉकेट के जरिये प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-2 में आठ वैज्ञानिक उपकरण थे और 20 अगस्त 2019 को चंद्रयान-2 सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा।
इसरो की एक विज्ञप्ति के अनुसार, चंद्रयान-2 पर लगे उपकरणों में से एक— ‘चंद्राज एटमॉस्फेरिक कॉम्पोजिशनल एक्सप्लोरर-2’ (सीएचएसीई-2) ने सूरज से निकलने वाली कोरोनल मास इजेक्शन का चंद्रमा के बाहरी वायुमंडल पर पड़ने वाला असर रिकॉर्ड किया है। सीएचएसीई-2 उपकरण का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा के तटस्थ बाहरी वायुमंडल (न्यूट्रल एक्सोस्फीयर) की संरचना, उसका विस्तार और उसमें होने वाले बदलावों का अध्ययन करना है।
क्या होता है कोरनल मास इजेक्शन
कोरोनल मास इजेक्शन सौरमंडल में वाले वाले शक्तिशाली विस्फोट होते हैं। इस दौरान सूर्य हीलियम और हाइड्रोजन आयन छोड़ता है। चांद पर इसका काफी असह होता है। इसका कारण है कि चांद पर वायुमंडल नहीं है और यहां कोई बड़ा चुंबकीय क्षेत्र भी नहीं है।
चंद्रयान के डेटा से पता चला है कि कोरनल मास इजेक्शन के चंद्रमा से टकराने के बाद यहां के पतले वायुमंडल पर दबाव एक हजार गुना बढ़ गया। चंद्रमा के पास पहुत पतला वायुमंडल है जिसे एक्सोस्फीयर कहते हैं। यहां गैस के अणु मौजूद हैं। यह चंद्रमा की सतह से सटा हुआ है इसलिए इसे सतह सीमा एक्सोस्फीयर कहते हैं। उल्कापिंडों के टकराने या फिर सूर्य की किरणों और सौर हवा से यह एक्सोस्फीयर बनता है।
नाबालिग लड़की से सामूहिक बलात्कार के जुर्म में दो लोगों को 20 साल की जेल
19 Oct, 2025 10:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरग्राम । हरियाणा के नूंह की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के जुर्म में दो लोगों को 20 साल के कठोर कारावास की सजा दी है। आरोपियों को 13 अक्टूबर को दोषी करार दिया गया तथा सजा गुरुवार को सुनाई गई।
पुलिस ने बताया कि प्रत्येक आरोपी पर 52,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी होगी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजन ने यह फैसला सुनाया। दोषियों की पहचान साहिल उर्फ काला और रिसाल उर्फ सुस्सा के रूप में हुई है, जो नूंह जिले के औथा गांव के निवासी हैं। यह मामला तीन सितंबर 2021 का है।
पाकिस्तान की हर इंच जमीन ब्रह्मोस की रेंज में - राजनाथ सिंह
19 Oct, 2025 09:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पड़ोसी देश को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान की हर इंच जमीन ब्रह्मोस की रेंज में है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर से यह साबित हो गया है कि जीत भारत की आदत बन गई है।
राजनाथ सिंह ने शनिवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ यहां सरोजिनी नगर स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। सिंह ने ब्रह्मोस को भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, ब्रह्मोस महज एक मिसाइल नहीं है, यह भारत के रणनीतिक आत्मविश्वास का प्रमाण है। थलसेना से लेकर नौसेना और वायुसेना तक, यह हमारी रक्षा सेनाओं का एक प्रमुख स्तंभ बन गया है।
राजनाथ ने जोर देकर कहा कि भारत की रक्षा क्षमताएं अब एक शक्तिशाली निवारक के रूप में काम करती हैं।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि विजय हमारे लिए कोई छोटी घटना नहीं है, बल्कि यह हमारी आदत बन गई है। ऑपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए सिंह ने कहा कि इसने भारतीयों में नया आत्मविश्वास पैदा किया और दुनिया के सामने ब्रह्मोस की प्रभावशीलता साबित की। उन्होंने कहा, इस विश्वास को बनाए रखना अब हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। पूरा विश्व अब भारत की क्षमता को पहचानता है। ब्रह्मोस ने हमारे इस विश्वास को मजबूत किया है कि भारत अपने सपनों को हकीकत में बदल सकता है।
19 से 24 अक्टूबर के दौरान देश के कई राज्यों में बारिश की संभावना
19 Oct, 2025 08:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । मौसम विभाग के अनुसार 19 से 24 अक्टूबर के दौरान देश के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण पूर्व अरब सागर और केरल कर्नाटक तटों से दूर लक्षद्वीप के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। जो 36 घंटों के दौरान डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। 21 अक्टूबर क आसपास दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद भी की जा रही है। आईएमडी के अनुसार 2 दिनों के दौरान केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और पुडेचेरी में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 19 से 24 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल और माहे में गरज के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। जबकि अगले 5 दिनों के दौरान 30 से 40 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। साथ ही तूफान की भी संभावना है।
गोरखालैंड पर केंद्र के फैसले से नाराज़ ममता, पीएम मोदी को लिखा विरोध पत्र
18 Oct, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गोरखालैंड मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर नाराजगी जताई है. केंद्र सरकार ने गोरखालैंड को अलग राज्य बनाने की मांग पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए एक मध्यस्थ नियुक्त किया है, सीएम ममता बनर्जी ने मध्यस्थ नियुक्त करने पर नाराजगी जताई है.
पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी पंकज कुमार सिंह को यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई. केंद्र द्वारा शुक्रवार को नियुक्ति पत्र भेजे जाने के बाद, ममता बनर्जी ने शनिवार को पीएमम मोदी को एक पत्र लिखा.
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंकज कुमार सिंह की नियुक्ति से पहले केंद्र ने राज्य सरकार से कोई चर्चा नहीं की. उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है.
राज्य सरकार ने नहीं ली सलाह
ममता बनर्जी ने दावा किया कि गोरखालैंड से संबंधित कोई भी पहल करने से पहले राज्य सरकार से चर्चा जरूरी है. लंबे प्रयासों के बाद, गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन में शांति बहाल हुई है.
उन्होंने लिखा कि बिना चर्चा के कोई भी कदम उठाने से क्षेत्र की शांति भंग हो सकती है. इसलिए, ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस पत्र को वापस लेने का अनुरोध किया.
दार्जिलिंग की शांति के लिए बताया खतरा
पत्र में मुख्यमंत्री ने लिखा, ‘पश्चिम बंगाल सरकार का दृढ़ विश्वास है कि गोरखा समुदाय या जीटीए (गोरखालैंड प्रादेशिक प्रशासन) क्षेत्र के संबंध में कोई भी पहल राज्य सरकार के पूर्ण परामर्श और सहयोग से ही की जानी चाहिए. ताकि लंबे प्रयासों से स्थापित क्षेत्र की शांति और स्थिरता अक्षुण्ण बनी रहे.’
उन्होंने आगे लिखा, ‘इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई भी एकतरफा कार्रवाई क्षेत्र की शांति और सद्भाव के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं होगी. इसलिए, मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि पश्चिम बंगाल सरकार से पूर्व परामर्श और उचित विचार-विमर्श के बिना जारी किए गए नियुक्ति पत्र पर पुनर्विचार करें और उसे वापस लें. यह कदम केंद्र और राज्य के बीच सच्ची सहानुभूति और संघीय भावना के हित में उठाया जाना अपेक्षित है.’
धनतेरस पर नंदुरबार में बड़ा हादसा, घाटी में वाहन पलटने से 8 श्रद्धालुओं की मौत
18 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले शनिवार धनतेरस के दिन एक बड़ा हादसा हो गया. चांदसैली घाट पर एक वाहन के अनियंत्रित होकर घाटी में पलट जाने से आठ लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए.
यह जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि गंभीर रूप से घायल लोगों में से कुछ लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है.
बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब पवित्र अस्तंबा यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप वैन चांदसैली घाट के मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गई. घाट के तीखे और संकरे रास्ते पर चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते यह हादसा हुआ.
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं और बचाव कार्य शुरू किया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पिकअप वैन के पलटने से वाहन का पिछला हिस्सा सड़क पर गिर गया, जिसके नीचे कई यात्री दब गए. घायलों को तत्काल तलोदा उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. हादसे ने पूरे नंदुरबार जिले में शोक की लहर दौड़ा दी है. पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है.
बाद में मीडिया से बात करते हुए, विधायक राजेश पडवी ने कहा, "नंदुरबार के चांदसैली घाट पर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है. अस्तंबा ऋषि देव के दर्शन करके लौट रहे श्रद्धालुओं का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस दुर्घटना में कई लोगों की मौत हो गई है. घायलों को तलोदा उपजिला अस्पताल और कुछ को नंदुरबार जिला अस्पताल भेजा गया है. घायलों के लिए राहत कार्य जारी है."
प्राथमिक जानकारी मिली है कि एक पिकअप ट्रक में लगभग 40 लोग सवार थे. उन्होंने कहा कि घायलों और मृतकों के परिजनों को सहायता प्रदान की जाएगी. पोस्टमार्टम के बाद, हम सभी संबंधित लोगों के घर शव पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है.
कोलकाता में ED का बड़ा खुलासा: पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़ा डुलाल गिरफ्तार, 250 फर्जी पासपोर्ट का पर्दाफाश
18 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ED ने बड़ा एक्शन लिया है. प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने इंदुभूषण हलदार उर्फ डुलाल को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी पाकिस्तान के नागरिक आजाद हुसैन उर्फ अजाद मलिक उर्फ अहमद हुसैन आजाद के मामले में की गई है. हलदार को कोलकाता की बिचार भवन स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से ED को 5 दिन की हिरासत मंजूर दी गई है ताकि आगे की जांच की जा सके.
ED की जांच की शुरुआत पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज एक एफआईआर से हुई थी, जो फॉरेनर्स एक्ट, 1946 की धारा 14 और 14A के तहत दर्ज की गई थी. जांच में सामने आया कि आजाद हुसैन, जो असल में पाकिस्तान का नागरिक है. ईडी ने बताया कि आरोपी भारत में आजाद मलिक के नाम से फर्जी पहचान पर रह रहा था. वह पैसे लेकर बांग्लादेश से आए गैरकानूनी प्रवासियों के लिए भारतीय पहचान पत्र बनवाने के काम में शामिल था.
आजाद हुसैन को 15 अप्रैल 2025 को किया गिरफ्तार
ED ने बताया कि आजाद हुसैन को 15 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया गया था और वह इस समय न्यायिक हिरासत में है. आगे की जांच में पता चला कि उसने कई बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय पासपोर्ट दिलाने के लिए इंदुभूषण हलदार से संपर्क कराया था. इंदुभूषण हलदार नदिया जिले के चकदह का रहने वाला है और इस पूरे रैकेट का अहम सदस्य है.
250 फर्जी पासपोर्ट, बचने के लिए हाईकोर्ट में दायर की याचिका
ED ने बताया कि इंदुभूषण हलदार ने पासपोर्ट के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आवेदन कराने का काम किया, जिसके बदले में वह अच्छी-खासी रकम लेता था. अब तक ED की जांच में करीब 250 फर्जी पासपोर्ट मामलों का पता चला है, जिनमें हलदार की सीधी भूमिका रही है. हलदार ने पहले Anticipatory Bail के लिए कोलकाता की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट और फिर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी, लेकिन दोनों जगह से उसकी याचिका खारिज कर दी गई.
ED नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटा
वहीं इससे पहले, ED ने 13 जून 2025 को आजाद हुसैन उर्फ अजाद मलिक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की थी, जिस पर 19 जून 2025 को अदालत ने संज्ञान लिया था. ED ने कहा है कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है. माना जा रहा है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
24 कैरेट सोने से बनी 'स्वर्ण भस्म पाक', दिवाली पर जयपुर में छाई ये शाही मिठाई
18 Oct, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। वैसे तो दीवाली रोशनी का त्योहार है, लेकिन बिना मिठाइयों के दीवाली का मजा फीका पड़ जाता है। दीवाली के खास मौके पर लोग अच्छी से अच्छी मिठाइयां खरीदते हैं। मगर, क्या आपने कभी सोने और चांदी की मिठाइयां देखी हैं?
दीवाली नजदीक आते ही राजस्थान के जयपुर में स्थित 'त्योहार' शॉप काफी चर्चा में आ गई है। जयपुर के वैशाली नगर में स्थित इस दुकान में 24 कैरेट गोल्ट से बनी 'स्वर्ण भस्म पाक' और चांदी से बनी 'चांदी भस्म पाक' जैसी मिठाइयां उपलब्ध हैं। इनकी कीमत 45,000 से 1.11 लाख प्रति किलोग्राम है।
इन अनोखी मिठाइयों के पीछे अंजली जैन का हाथ है। चार्टर्ड अकाउंटेंट रहीं अंजली अब एक बिजनेस वूमन बन चुकी हैं। उनका कहना है कि उन्हें सोने और चांदी की मिठाइयां बनाने का आइडिया आयुर्वेद की पारंपरिक रेसिपी से आया। वो कुछ शानदार बनाना चाहती थीं।
देश की सबसे महंगी मिठाई
बातचीत के दौरान अंजली ने कहा, "आज यह पूरे भारत की सबसे मंहगी मिठाई 'स्वर्ण प्रसादम' है। इसका कीमत 1 लाख 11 हजार रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है। यह देखने में काफी शानदार है और इसकी पैकेजिंग भी बेहद दिलचस्प है। इसे ज्वैलरी बॉक्स में पैक किया जाता है और इसे बनाने के लिए चिलगोजा जैसे महंगे ड्राई फ्रूट्स का भी इस्तेमाल किया जाता है।"
इसमें खाने वाला असली गोल्ड डाला गया है, जिसे सोने की भस्म भी कहा जाता है। 24 कैरेट गोल्ड से बनी इस मिठाई को 'स्वर्ण प्रसादम' का नाम दिया गया है। इसपर गोल्ड वर्क हुआ है। इस मिठाई पर केसर और पाइन नट्स की भी एक परत चढ़ी है। इसलिए इसकी कीमत काफी ज्यादा है।
नोटों से सजा महालक्ष्मी मंदिर: भक्तों को प्रसाद में मिलेगा चढ़ावे का पैसा
18 Oct, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रतलाम। दीपोत्सव पर इस बार रतलाम शहर के माणकचौक स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर के साथ पहली बार कालिका माता मंदिर क्षेत्र स्थित श्री महालक्ष्मीनारायण मंदिर में धनलक्ष्मी से आकर्षक सजावट की गई है। सजावट में भक्तों द्वारा दी गई एक, दो, पांच 10, 20, 50, 100, 200, 500 रुपये के नोटों की गड्डियों का उपयोग किया गया है।
दोनों मंदिर में इस बार केवल नोटों से ही सजावट की गई और भक्त दीपोत्सव तक सजावट को निहार सकेंगे। माणकचौक मंदिर में शनिवार से भक्तों में कुबेर पोटली का वितरण भी शुरू किया गया।
देशभर में प्रसिद्ध है यह मंदिर
दरअसल, माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर नोट और आभूषणों की सजावट के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, लेकिन इस बार यहां केवल नोटों से ही सजावट गई है। नोट देने वाले भक्तों की ऑनलाइन एंट्री की गई है। नकदी लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को ई-मेल पर टोकन नंबर दिए गए। टोकन प्राप्त करने के बाद ओटीपी बताने के बाद राशि ली गई। साथ ही मोबाइल नंबर, आधार नंबर भी लिए गए। जिन्हें जमा किया हुआ पैसा प्रसाद के रूप में दिया जाएगा।
नहीं लिए जा रहें आभूषण
राशि लौटाने के दौरान भी नया ओटीपी और टोकन नंबर बताना पड़ेगा। मंदिर की सुरक्षा को लेकर 22 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। मंदिर के अश्विन पुजारी ने बताया कि सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नकदी जमा करवाई है। इसमें एक से लेकर 500 रुपये के नोटों की गड्डियां शामिल हैं। इस बार आभूषण नहीं ले रहे हैं। केवल नोटों से मंदिर की सजावट की गई है। सुरक्षा को देखते हुए माणकचौक थाने के पुलिस जवान तैनात हैं।
पहली बार दमका महालक्ष्मीनारायण मंदिर
माणकचौक मंदिर की तर्ज पर पहली बार कालिका माता मंदिर क्षेत्र स्थित श्री महालक्ष्मीनारायण मंदिर में दीपोत्सव के लिए सजावट की गई। यहां भी सैकड़ों भक्तों द्वारा नोटों की गड्डियां जमा करवाई गई, जिससे सजावट की गई है।
सुरक्षा के लिए पुलिस जवान तैनात
पुजारी असीम और दीपक व्यास ने बताया कि भक्तों से आधार कार्ड की छायाप्रति लेकर रसीद दी गई है। इसमें कितनी राशि जमा करवाई गई है, उसका उल्लेख किया गया है। मंदिर परिसर में चार स्थाई सीसीटीवी कैमरे हैं। साथ ही छह अस्थाई कैमरे लगाए गए हैं। इससे मंदिर परिसर की सारी गतिविधियां कैद की जा रही है। पुलिस जवान भी तैनात है।
शॉक्सिंग: पत्नी कांस्टेबल ने पहले गला, फिर पेट में मारा चाकू, पति की मौत
18 Oct, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक: कर्नाटक के बेलगाम जिले में हत्या की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक कांस्टेबल पति ने अपनी पत्नी का बेरहमी से गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही फरार चल रहे आरोपी पति की तलाश तेज कर दी है. घटना से इलाके में दहशत का माहौल है. घर से बदबू आने से महिला के हत्याकांड का पुलिस को पता चला.
बेलगाम जिले के सवादत्ती कस्बे में कांस्टेबल पति संतोष कांबले ने अपनी पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी. मृतका की पहचान कशम्मा नेलिगानी (34) के तौर पर हुई है, जो कि केएसआरटीसी में बस कंडक्टर के तौर पर कार्यरत थी. संतोष और कशम्मा ने 13 साल पहले लव मैरिज की थी. शादी के कुछ समय बाद तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन संतोष के कशम्मा पर शक करने के चलते उनके रिश्ते में दरारें आती चली गई.
‘फोन कर गालियां देता था संतोष’
पति के शारीरिक और मानसिक शोषण से परेशान होकर कशम्मा ने पति को छोड़ दिया और अपने मायके आकर रहने लगी. इस बीच उनका ट्रांसफर सवादत्ती में हो गया और वह उस इलाके में किराए पर मकान रहकर रहने लगी. वैवाहिक जीवन में लगातार चल रहे कलह के चलते, कशम्मा ने बैलहोंगल कोर्ट में तलाक की अर्जी दी थी. 5 अप्रैल 2025 को उनका आधिकारिक रूप से तलाक हो गया. उनके परिवार ने बताया कि तलाक के बाद भी संतोष कशम्मा को फोन करके गालियां देता रहा.
पति ने गला रेतकर की पत्नी की हत्या
13 अक्टूबर की रात 8 बजे संतोष कशम्मा के घर गया और हंगामा करने लगा. गुस्से में आकर उसने कशम्मा का गला रेत दिया. साथ ही पेट में तीन बार चाकू घोंप दिया, जिससे उसकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई. तीन दिन बाद घर से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंचीसवादत्तीपुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस फरार आरोपी संतोष कांबले की तलाश में तलाशी अभियान चला रही है.
303 नक्सलियों ने 75 घंटे में डाले हथियार, PM मोदी बोले - अब बदल रहा है भारत
18 Oct, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस माओवादी आतंक को छुपाती है. इनके शासन में देश का करीब हर बड़ा राज्य नक्सली हिंसा और माओवादी आतंक की चपेट में था. उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा- मैं बहुत जिम्मेदारी से बोलता हूं, जो माथे पर संविधान लेकर नाचते हैं. वो आज भी माओवादियों की रक्षा में दिन रात लगे हैं, लेकिन इस बार की दिवाली काफी अलग होने वाली है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में जो अर्बन नक्सलियों का जो इकोसिस्टम है, ये जो अर्बन नक्सल्स है. वो कुछ इस कदर हावी थे, आज भी हैं, कि माओवादी आतंक का कोई भी घटना देश के लोगों तक न पहुंचे इसके लिए वो बहुत बड़ी सेंसरशिप चलाते रहते हैं वो. उन्होंने आगे कहा- हमारे देश में आतंकवाद की चर्चा होती थी. कांग्रेस के शासन में माओवादी आतंक पर पर्दा डाला गया. इस आतंक के कई पीड़ित दिल्ली आए थे. उनके अंग भंग थे. ये माओवादी के आतंक के शिकार थे. इनमें कई लोगों के दोनों पैर कट चुके थे. 7 दिन रहे, हाथ-पैर जोड़कर कहा कि हमारी बात दुनिया तक पहुंचाए. ये माओवादी आतंक के ठेकेदार जो बैठे हैं ना उन्होंने उस जुल्म के शिकार हुए, उनके दर्द की कथा भी हिंदुस्तान के लोगों तक नहीं पहुंचने दी.
75 घंटों में 303 नक्सलियों ने डाले हथियार
प्रधानमंत्री मोदी ने ने कहा, 11 साल पहले तक देश के सवा सौ जिले, 125 से ज्यादा, माओवादी आतंक से प्रभावित थे और आज ये संख्या सिर्फ 11 जिलों तक सिमट गई है. उस 11 में भी अब सिर्फ तीन जिले ही ऐसे बचे हैं, जो सबसे अधिक नक्सल प्रभावित हैं. सिर्फ पिछले 75 घंटों में 303 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं. एक जमाने में जिनका 303 (गोली) चलता था, आज वो 303 सरेंडर हुए हैं. और ये कोई सामान्य नक्सली नहीं हैं, ये वो हैं जिनमें से किसी पर एक करोड़, किसी पर 25 लाख तो किसी पर 5 लाख का इनाम था.
उन्होंने कहा, नक्सली हिंसा के कारण मैं बेचैनी महसूस करता था, जुबान पे ताला लगा के बैठा था, आज पहली बार मेरे दर्द को आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूं. मैं उन माताओं को जानता हूं जिन्होंने अपने लाल खोए हैं. उन माताओं की अपने लाल से कुछ अपेक्षाएं थी. या तो वो ये माओवादी आतंकियों के झूठे बातों में फंस गए या तो माओवादी आतंक का शिकार हो गए. इसलिए, 2014 के बाद हमारी सरकार ने पूरी संवेदनशीलता के साथ भटके हुए नौजवानों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया.
पीएम मोदी ने राहुल पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी पर भी हमला बोला है. उन्होंने कहा कि 11 साल पहले देश का करीब-करीब हर बड़ा राज्य माओवादी आतंक की चपेट में था. बाकी देश में संविधान लागू था, लेकिन लाल गलियारे में संविधान का कोई नाम लेने वाला नहीं था. पीएम ने राहुल गांधी का बिना नाम लिए कहा, जो लोग आज माथे पे संविधान की किताब लगाते हैं, वे आज भी माओवादी आतंकियों की रक्षा के लिए दिन रात लगा देते हैं.
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