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एअर इंडिया की फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी, मुंबई में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
22 Oct, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: एअर इंडिया (Air India) के एक और विमान (Flight) में तकनीकी दिक्कत (Technical Problem) की खबर सामने आई है. अमेरिका के नेवार्क जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI191 को बुधवार (22 अक्टूबर) उड़ान के कुछ ही देर बाद मुंबई लौटना पड़ा. फ्लाइट में टेकऑफ के बाद तकनीकी गड़बड़ी की आशंका के बाद पायलट ने सही मौके पर निर्णय लिया और विमान को मुंबई ले आया. अहम बात यह है कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग भी हो गई.
एअर इंडिया के विमान ने मुंबई (Mumbai) के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एअरपोर्ट से रात 1.14 बजे उड़ान भरी, लेकिन आधे घंटे बाद ही तकनीकी दिक्कत आ गई. यह देख पायलट ने विमान को मुंबई लाने का फैसला किया. इसके बाद सुबह करीब 3 बजे विमान की इमरजेंसी लैंडिंग (Emergency Landing) हुई. इस विमान को तकनीकी टीम चेक कर रही है. वहीं यात्रियों के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की जा रही है.
बिहार चुनाव में जीत के लिए उज्जैन के श्मशान में लगा तांत्रिकों का जमावड़ा
22 Oct, 2025 05:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन। कालों के काल महाकाल (Mahakal) की नगरी उज्जैन (Ujjain) को सदियों से तंत्र-मंत्र (Black magic) और साधना के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है। दीपावली की रात (कार्तिक अमावस्या) को यहां के श्मशान घाटों पर तांत्रिकों और साधकों का विशेष जमावड़ा देखने को मिलता है। इस बार उज्जैन का विक्रांत भैरव श्मशान एक विशेष प्रयोजन को लेकर चर्चा में है। यहां बिहार चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रत्याशियों की ओर से तंत्र क्रियाएं करवाई जा रही हैं।
तंत्र साधक जयवर्धन भारद्वाज ने बताया कि धनतेरस की रात्रि से ही सिद्धि और साधना की सफलता के लिए विशेष अनुष्ठान शुरू किया गया, जो दिवाली की रात्रि में पूर्ण हुआ। भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि अनुष्ठान के मुख्य कारणों में से एक बिहार चुनाव भी है। कुछ प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं। साधक बताते हैं कि यह स्थान स्वयं भैरवजी की साधना स्थली रहा है (जिसे भैरवगढ़ भी कहा जाता है)। इस स्थान पर किए गए तप और अनुष्ठान शत प्रतिशत सफलता, सिद्धि और विजय की प्राप्ति निश्चित करते हैं।
उज्जैन के श्मशान को देश के पांच प्रसिद्ध श्मशानों (कामाख्या, तारापीठ, रजरप्पा, त्र्यंबकेश्वर) में गिना जाता है, जहां तंत्र साधना का विशेष प्रभाव माना गया है। कुछ तांत्रिक उल्लू की बलि देकर (मां लक्ष्मी उल्लू पर सवार हैं), कछुआ साधना, कौड़ी साधना, रत्ती साधना और गौरी-गणेश साधना भी करते हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू का चार दिवसीय केरल दौरा, सबरीमला मंदिर में आज दर्शन कर रचेंगी इतिहास
22 Oct, 2025 12:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज पवित्र सबरीमला श्री धर्म संस्था मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बनकर इतिहास रचने वाली हैं. केरल के उनके चार दिवसीय दौरे के तहत इस ऐतिहासिक यात्रा को प्राचीन परंपराओं के प्रति श्रद्धा और महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक समानता के एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है.
भगवान अयप्पा के पवित्र पहाड़ी मंदिर की राष्ट्रपति की तीर्थयात्रा की योजना सुरक्षा प्रोटोकॉल और मंदिर की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक बनाई गई है. उनका सुबह 9:35 बजे तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान करने और निलक्कल स्थित आधार शिविर पर उतरने का कार्यक्रम है.
निलक्कल से राष्ट्रपति सड़क मार्ग से पंबा जाएँगी. परंपरा के अनुसार वह पम्पा गणपति मंदिर में पवित्र 'इरुमुदी केट्टू' (प्रसाद की पोटली) भरेंगी. सामान्य पैदल यात्रा पथ से हटकर राष्ट्रपति मुर्मू को स्वामी अय्यप्पन मार्ग से एक विशेष गोरखा जीप में सवार होकर, पारंपरिक वाहनों के काफिले से बचते हुए, सन्निधानम (गर्भगृह) ले जाया जाएगा. उनका लगभग 11:50 बजे दर्शन करने की उम्मीद है.
दर्शन और थोड़े विश्राम के बाद देवस्वोम गेस्ट हाउस में दोपहर के भोजन के बाद राष्ट्रपति अपनी वापसी यात्रा शुरू करेंगी. इस बीच लगभग 3:00 बजे पंबा के लिए प्रस्थान करेंगी. इसके बाद वह सड़क मार्ग से निलक्कल वापस जाएँगी और फिर शाम 4:20 बजे हेलीकॉप्टर से तिरुवनंतपुरम वापस जाएँगी.
राष्ट्रपति की यात्रा के लिए सबरीमाला और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है. विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) केरल पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है. सुरक्षा के लिए भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
वहीं मंदिर अधिकारियों ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं होगा. त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के अधिकारी मंदिर के तंत्री (मुख्य पुजारी) के साथ मंदिर की रीति-रिवाजों के अनुसार राष्ट्रपति की अगवानी के लिए मौजूद रहेंगे.
चार दिवसीय केरल यात्रा कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ
राष्ट्रपति मुर्मू का केरल दौरा सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व के कार्यक्रमों से भरपूर है. सबरीमाला से लौटने पर वह तिरुवनंतपुरम स्थित राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा आयोजित एक विशेष रात्रिभोज में शामिल होंगी.
23 अक्टूबर को राष्ट्रपति सुबह 10:30 बजे राजभवन में पूर्व राष्ट्रपति के.आर. नारायणन - केरल के पहले राष्ट्रपति - की प्रतिमा का अनावरण करेंगी. इस कार्यक्रम में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों के प्रमुख नेता शामिल होंगे. इसके बाद वह दोपहर 12:50 बजे मुख्य अतिथि के रूप में शिवगिरी में श्री नारायण गुरु महासमाधि शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए वर्कला जाएँगी.
इस दिन का समापन शाम 4:15 बजे सेंट थॉमस कॉलेज, पाला के प्लेटिनम जुबली समारोह के उद्घाटन के साथ होगा, जिसके बाद वह कुमारकोम के एक रिसॉर्ट में रात्रि विश्राम करेंगी. यह दौरा 24 अक्टूबर को समाप्त होगा. राष्ट्रपति मुर्मू कोच्चि स्थित सेंट टेरेसा कॉलेज के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि होंगी.
बोलगट्टी पैलेस में दोपहर के भोजन के बाद वह कोच्चि नौसेना बेस से नेदुम्बस्सेरी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए प्रस्थान करेंगी और शाम 4:05 बजे नई दिल्ली वापस लौट जाएँगी. इस प्रकार उनकी चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा संपन्न होगी.
दिवाली के बाद मेले में एक दूसरे पर पत्थरबाजी करते हैं लोग, क्यों काली को चढ़ाया जाता है घायल का खून
22 Oct, 2025 11:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिमला: हिमाचल देवभूमि के साथ साथ मेले, त्योहारों का प्रदेश है. प्रदेश की वादियों में जितनी मोहक सुंदरता बसती है, उतनी ही गहराई यहां की लोक परंपराओं में भी झलकती है. ऐसे ही शिमला जिले से 30 किलोमीटर दूर धामी क्षेत्र में मनाया जाने वाला अनोखा पत्थर मेला, जो हर साल दीपावली के अगले दिन आयोजित होता है. ये मेला केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि वो परंपरा है जो पीढ़ियों से चली आ रही है. ये आस्था और साहस का प्रतीक मानी जाती है. ऐसा मेला शायद ही कहीं और मनाया जाता हो.
इस मेले में एक दूसरे पर खूब पत्थर बरसाए जाते हैं. मेले में दो गुटों के बीच होने वाली पत्थरबाजी तब तक चलती है, जब तक किसी का खून जमीन पर न गिर जाए, जैसे ही किसी के रक्त की पहली बूंद जमीन पर गिरती है, मेले में पत्थरबाजी रुक जाती है. ये दृश्य जितना रोमांचक होता है, उतना ही आस्था से भरा भी.
इस मेले में पत्थर बरसाने की शुरुआत कब हुई इसकी सही तारीख तो किसी को नहीं मालूम, लेकिन इसकी शुरुआत कैसे हुई इसके बारे में साहित्यकार एस आर हरनोट बताते हैं कि 'सैकड़ों साल पहले धामी रियासत में स्थित मां भीमाकाली के मंदिर में इलाके की सुख-शांति और राज परिवार के सुनहरे भविष्य के लिए मानव बलि दी जाती थी. धामी रियासत के राजा राणा की रानी इस मानव बलि के खिलाफ थी. राजा की मौत के बाद जब सती होने का फैसला लिया, तो उन्होंने नरबलि पर प्रतिबंध लगवा दिया था. इसके बाद यहां पशुबलि शुरू की गई. मान्यता है कि माता ने पशु बलि स्वीकार ना करने पर इस पत्थर के खेल की शुरुआत हुई जो आज भी चला आ रहा है.'
इस परंपरा को निभाने के लिए जिस जगह पर पत्थरों के खेल को खेला जाता है, उसे चौरा कहते हैं. यहीं पर बलि रुकवाने वाली रानी का (शारड़ा चौराहा) स्मारक भी बना है. इस मेले में पत्थर मारने वालों को खुंद कहते हैं. मेले वाले दिन सबसे पहले राज परिवार के सदस्य और राज पुरोहित भगवान श्री नरसिंह मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं. उसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ हजारों लोग चौरा पर पहुंचते हैं. राज परिवार के साथ कटैड़ू और तुनड़ु, दगोई, जगोठी के खुंद कुल के होते हैं, जबकि दूसरी टोली में जमोगी खुंद के लोग शामिल होते हैं. दोनों टोलियां पूजा अर्चना करती हैं. राजपरिवार का सदस्य पत्थर फेंक कर खेल की शुरुआत करता है, उसके बाद दोनों टोलियों के बीच पत्थर का खेल शुरू होता हैं.
स्वदेशी की चमक से दमकी दिवाली: 6 लाख करोड़ की ऐतिहासिक खरीदारी
22 Oct, 2025 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसके मुताबिक दिवाली (Diwali) पर रिकॉर्ड तोड़ सेल हुई है. लोगों ने जमकर भारतीय चीजों की खरीदारी की है. 5.40 लाख करोड़ रुपये की चीजें बिकीं हैं, जबकि सेवाओं में 65,000 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है. दिवाली पर यह बंपर सेल भारत की आर्थिक मजबूती और स्वदेशी भावना को दर्शाता है.
अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) की दिवाली त्यौहारी बिक्री 2025 पर रिसर्च रिपोर्ट राज्यों की राजधानियों और टियर 2 व 3 शहरों समेत 60 प्रमुख वितरण केंद्रों पर किए गए एक व्यापक राष्ट्रव्यापी सर्वे पर बेस्ड है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल दिवाली पर कुल बिक्री रिकॉर्ड ₹6.05 लाख करोड़ तक पहुंच गई, जिसमें वस्तुओं में ₹5.40 लाख करोड़ और सेवाओं में ₹65,000 करोड़ शामिल है. यह भारत के व्यापारिक इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा फेस्टिवल कारोबार है. दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद और CAIT के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीएसटी को युक्तिसंगत बनाने और स्वदेशी अपनाने के एक ‘मजबूत ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में उभरे हैं, जिससे व्यापारिक समुदाय और ग्राहक दोनों ही प्रेरित हुए हैं.
खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी दिवाली’ नारों ने लोगों को बहुत प्रभावित किया है. 87% कंज्यूमर्स ने विदेशी सामानों की तुलना में भारतीय निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता दी यानी 100 में से 87 लोगों ने भारतीय सामान खरीदें, जिस कारण चीनी वस्तुओं की मांग में भारी गिरावट आई. व्यापारियों ने पिछले साल की तुलना में भारतीय निर्मित उत्पादों की बिक्री में 25% की वृद्धि दर्ज की है. खंडेलवाल ने कहा कि दिवाली 2025 के व्यापार के आंकड़े पिछले साल के ₹4.25 लाख करोड़ की बिक्री की तुलना में 25% की ग्रोथ दिखाता है. नॉन-कॉर्पोरेट और पारंपरिक बाजारों ने कुल व्यापार में 85% का योगदान दिया.
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी. भरतिया ने प्रमुख त्यौहारी वस्तुओं की बिक्री के बारे में जानकारी दी. उनके मुताबिक, किराना और एफएमसीजी 12%, सोना और आभूषण, 10%, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल्स, 8%, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं 7%, रेडीमेड वस्त्र 7%, गिफ्ट प्रोडक्ट्स 7%, गृह सज्जा, 5% फर्निशिंग और फर्नीचर, 5% मिठाई और नमकीन 5%, कपड़ा और फैब्रिक 4%, पूजा सामग्री 3%, फल और सूखे मेवे 3%, बेकरी और कन्फेक्शनरी 3%, जूते 2%, अन्य वस्तुएं, 19% कुल व्यापार का हिस्सा हैं.
उन्होंने आगे कहा कि सेवा क्षेत्र के विस्तार से ₹65,000 करोड़ का लाभ हुआ है. खुदरा व्यापार के साथ-साथ पैकेजिंग, हॉस्पिटैलिटी, कैब सर्विस, यात्रा, कार्यक्रम प्रबंधन, टेंट और सजावट, जनशक्ति और डिलीवरी जैसी सेवाओं से अनुमानित ₹65,000 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो विभिन्न क्षेत्रों में त्योहारी अर्थव्यवस्था के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है.
आरजी कर रेप-हत्या केस: दोषी संजय रॉय की भतीजी फंदे पर झूलती मिली
22 Oct, 2025 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) के कोलकाता (Kolkata) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां आरजी कर रेप (RG Kar Rape) और हत्या मामले में दोषी संजय रॉय (Sanjoy Roy) की भतीजी (Niece) का लटकता हुआ शव बरामद किया गया है। भतीजी की उम्र महज 11 साल थी।
रविवार रात अलीपुर के विद्यासागर कॉलोनी में 11 साल की बच्ची का लटकता हुआ शव बरामद हुआ। शव एक अलमारी में मिला। मृत बच्ची आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले में दोषी संजय रॉय की भतीजी है। वह संजय की बड़ी बहन की बेटी है।
पता चला है कि संजय की बड़ी बहन की मौत के बाद उसकी छोटी बहन बच्ची की देखभाल करती थी। बाद में बच्ची के पिता ने उनसे शादी कर ली। परिवार का दावा है कि रविवार रात से बच्ची नहीं मिल सकी। कुछ देर बाद घर का दरवाजा बंद देखकर उन्हें शक हुआ।
खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने पर परिवार के सदस्यों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर जाने पर उन्होंने देखा कि बच्ची का शव अलमारी के फ्रेम से लटक रहा है और उसके गले में रस्सी बंधी है। उसे एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कपाट बंद होने के बाद जानिये कहां होंगे मां गंगा के दर्शन, जानिये क्यों खास है ये स्थान
22 Oct, 2025 08:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून: आज से चारधाम कपाट बंद होने की शुरुआत होने वाली है. इस कड़ी में आज सबसे पहले गंगोत्री धाम के कपाट बंद होगे. गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व के मौके पर बंद किये जाते हैं. आज सुबह 11.26 मनट पर गंगोत्री धाम के कपाट बंद होंगे. जिसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं.
गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की विग्रह डोली भोगमूर्ति, आर्मी बैंड और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए रवाना होगी. 22 अक्टूबर की रात को डोली मुखबा गांव से करीब दो किमी पहले मौजूद मार्कडेंय मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी. उसके बाद अगले दिन 23 अक्टूबर की दोपहर मां गंगा की विग्रह डोली मुखबा गांव पहुंचेगी. मुखबा गांव में मां गंगा की भोगमूर्ति को मंदिर में विधिविधान से शीतकाल 6 माह के लिए स्थापित किया जाएगा. इसके बाद 6 माह शीतकाल के लिए मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव में ही होंगे.
मुखबा की धार्मिक मान्यताएं: मुखबा की बड़ी धार्मिक मान्यता है. मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल के बारे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां गंगा माता की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. मान्यता है कि इस मंदिर में आकर श्रद्धा से प्रार्थना करने वालों को पारिवारिक सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. सदियों से ये परंपरा चली आ रही है कि गंगोत्री के कपाट बंद होने के बाद मुखबा आकर गंगा आरती और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.
कहां है मुखबा: मुखबा उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है. यह भागीरथी नदी के किनारे स्थित है. समुद्र तल से इसकी ऊंचाई करीब 8000 फीट है. उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से मुखबा की दूरी करीब 80 किलोमीटर है. चारों ओर से बर्फ की पहाड़ियों से घिरे मुखबा का सौंदर्य देखते ही बनता है. ये स्थल धार्मिक पर्यटन के लिए तो प्रसिद्ध है ही, यहां प्राकृतिक पर्यटन की भी अपार संभावना हैं.
ऐसे पहुंचें मुखबा मंदिर: मुखबा पहुंचने के लिए उत्तराखंड पहुंचना होता है. उत्तराखंड आने के लिए सड़क, रेल और हवाई मार्ग हैं. हवाई मार्ग से आप ऋषिकेश के पास जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक पहुंचते हैं. रेल से हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून तक पहुंचा जा सकता है. ऋषिकेष से उत्तरकाशी, हर्षिल होते हुए मुखवा पहुंचा जा सकता है. दिल्ली से मुखबा की दूरी करीब 480 किमी है.
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम को लेकर श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह: इन सब बाधाओं को बावजूद 21 अक्टूबर 2025 तक यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 6,44,366 पहुंच गई. अकेले अक्टूबर महीने के 21 दिनों में ही 40,227 श्रद्धालु यमुनोत्री धाम पहुंचे. गंगोत्री धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या भी 7,57,762 हो गई. अक्टूबर महीने के 21 दिनों में 53,949 श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचे हैं.
इस बार दिल्ली ने ली राहत की सांस…. पिछले साल की मुकाबले आधा रहा AQI लेवल
21 Oct, 2025 08:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिवाली (Diwali) की रात दिल्ली (Delhi) की हवा की गुणवत्ता (Air Quality) खराब स्थिति में बनी रही. लेकिन, राहत की बात यह रही कि पिछली दिवाली की रात यानी 31 अक्तूबर 2024 की तुलना में इस बार राजधानी की हवा उतनी नहीं जहरीली हुई. मंगलवार की सुबह करीब 5 बजे दिल्ली (Delhi) में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई लेवल (Air Quality Index – AQI Level) 300 से 350 के बीच दर्ज किया गया, जो बीती दिवाली की रात से करीब-करीब आधा है. द्वारका सेक्टर में 338, बुराड़ी 387, आईजीआई एयरपोर्ट 299, पड़पड़गंज 343, मुंडका 350, आनंद विहार 341, चांदनी चौक 341, मंदिर मार्ग में 328 और आईटीओ में 347 दर्ज किया गया. लोधी रोड में 315 प्वाइंट और पुसा में 351 प्वाइंट एक्यूआई लेवल था.
6 बजे AQI लेवल
बवाना में 418, वजीरपुर में 408, जहांगीरपुरी में 404, बुराड़ी क्रॉसिंग 393, शादीपुर में 393, द्वारका में 389 और आनंद विहार में 352 दर्ज किया गया. सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली का ओवरऑल AQI 346 रहा. मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में 358, आया नगर में 349 और चांदनी चौक 347 एक्यूआई दर्ज किया गया.
बीते साल 31 अक्तूबर की रात दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई लेवल 900 प्वाइंट को भी पार कर गया था. एनसीआर के वैशाली में यह 911 प्वाइंट था. जबकि दिल्ली के कड़कड़डूमा में यह 806 रिकॉर्ड किया गया. बीते साल राजधानी के करीब-करीब सभी इलाकों में एक्यूआई लेवल 600 के आसपास बना रहा।
हालांकि, इस बार दिल्ली वाले इस बार अपेक्षाकृत राहत की सांस ले सकते हैं. दिवाली के दिन सोमवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब रही और 38 निगरानी स्टेशन में से 34 पर प्रदूषण का स्तर ‘रेड जोन’ में दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ वायु गुणवता दर्शाता है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार शाम चार बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 345 था जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है, जबकि रविवार को यह 326 दर्ज किया गया था.
सोमवार को 400 के पार गया था एएक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ‘समीर’ ऐप के अनुसार, चार निगरानी स्टेशन ने पहले से ही वायु गुणवत्ता को ‘गंभीर’ श्रेणी में बताया, जिसमें एक्यूआई का स्तर 400 से ऊपर था. इसमें द्वारका में एक्यूआई 417, अशोक विहार में 404, वजीरपुर में 423 और आनंद विहार में 404 में दर्ज किया गया.
दिल्ली में करीब 30 निगरानी स्टेशन ने एक्यूआई को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बताया जिसमें इसका स्तर 300 से ऊपर था. आंकड़ों के अनुसार, दोपहर में 38 निगरानी स्टेशन में से 31 पर वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि तीन स्टेशन में यह ‘गंभीर’ श्रेणी में थी. दिल्ली में मंगलवार और बुधवार को वायु गुणवत्ता के ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच जाने की आशंका है. शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है.
निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) के आंकड़ों से पता लगा है कि दिल्ली में सोमवार को वायु प्रदूषण में परिवहन उत्सर्जन का योगदान 15.6 प्रतिशत रहा, जबकि उद्योगों सहित अन्य कारकों का योगदान 23.3 प्रतिशत था. इससे पहले, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर में चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना (जीआरएपी) के दूसरे चरण के प्रतिबंध लागू कर दिए.
सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को कुछ शर्तों के साथ दिल्ली-एनसीआर में हरित पटाखों की बिक्री और उनके इस्तेमाल की अनुमति दे दी थी. इसके तहत दिवाली से एक दिन पहले और त्योहार के दिन सुबह छह बजे से शाम सात बजे के बीच और फिर रात आठ बजे से 10 बजे तक हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति दी गई थी।
दिल्ली के नरेला में दिवाली पर दो फैक्ट्रियों में लगी आग, गुरुग्राम में गोदाम जला
21 Oct, 2025 06:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) के नरेला इंडस्ट्रियल इलाके (Narela Industrial Area) में सोमवार को दिवाली (Diwali) के दिन आग लगने की भीषण घटनाएं हुईं। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम को एक जूता फैक्ट्री (Shoe factory) में भयावह आग लगने की सूचना मिली। बाद में इस फैक्ट्री के बगल की एक अन्य फैक्टरी भी आग से धू-धू कर जलने लगी। घटना नरेला डीएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में हुई। आग बुझाने के लिए दमकल की 16 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। वहीं गुरुग्राम में भी शाम को एक गोदाम जलकर खाक हो गया।
कार्डबोर्ड की फैक्ट्री भी हुई थी खाक
दमकल विभाग के अनुसार, सूचना मिलने के तुरंत बाद आग बुझाने का काम शुरू कर दिया गया। हाल ही में दिल्ली के नरेला के भोरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र के फेज 2 में एक कार्डबोर्ड बनाने वाली फैक्ट्री भी आग से खाक हो गई थी।
गुरुग्राम में धू-धू कर जला गोदाम
गुरुग्राम के राठीवास गांव में सोमवार शाम एक गोदाम में भीषण आग लग गई। लगभग 6 दमकल गाड़ियां मौके पर आग बुझाने पहुंची।
बढ़ जाती हैं आग लगने की घटनाएं
दिवाली के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में अक्सर आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं इसे देखते हुए दमकल विभाग हाई अलर्ट पर है। दमकल विभाग ने राजधानी के सभी 66 फायर स्टेशनों पर करीब 321 गाड़ियां तैनात की हैं। एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में दिवाली के दिन दमकल विभाग की टीमें 24 घंटे पेट्रोलिंग करेंगी।
यहां तैनात रहीं दमकल गाड़ियां
भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़ी दमकल गाड़ियां खड़ी रहेंगी। राष्ट्रीय राजधानी के साउथ एक्सटेंशन, लाजपत नगर, तिलक नगर, लाल कुंआ, लाहौरी गेट, मंगोलपुरी, महिपालपुर चौक, संगम विहार, मुंडका, जयपुर गोल्डन अस्पताल, न्यू अशोक नगर, यमुना विहार और राधा स्वामी सत्संग (भाटी माइन) जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में दमकल वाहन खड़े रहेंगे।
संकरी गलियों की सुरक्षा क्यूआरवी के हवाले
संकरी गलियों की सुरक्षा के लिए QRV तैनात रहेंगी। क्यूआरवी तुरंत गली के भीतर पहुंच सकती हैं। नजफगढ़ रोड, विकासपुरी, मैदानगढ़ी, बादली औद्योगिक क्षेत्र, बुराड़ी, आदर्श नगर, खारी बावली, रानी बाग, पहाड़गंज, अलीपुर, सदर बाजार, नांगलोई और पालम गोलचक्कर जैसे तंग इलाकों में छोटी क्विक रिस्पॉन्स यूनिट तैनात रहेगी, जो किसी भी गली तक तुरंत पहुंच सकती है।
राष्ट्रपति भवन के पास लगी आग, दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौजूद
21 Oct, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) में राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) के गेट नंबर 31 के पास एक इमारत में मंगलवार दोपहर को आग (Fire) लग गई। वहीं आग लगने की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मौके पर दमकल (Fire Brigade) की पांच गाड़ियां भेजी गईं। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी।
डीएफएस के एक अधिकारी ने बताया कि दो मंजिला इमारत के भूतल पर घरेलू सामान में आग लग गई। इस घटना की सूचना दोपहर 1:51 बजे मिली। उन्होंने बताया कि आग पर 20 मिनट में काबू पा लिया गया। डीएफएस अधिकारी ने कहा, “हमने पांच दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा। दोपहर 2:15 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया।”
3 साल की मासूम बच्ची के चेहरे पर कुत्ते ने किया हमला, हुई मौत
21 Oct, 2025 01:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालना। महाराष्ट्र (Maharashtra) के जालना में एक कुत्ते (Dog) के हमले (Attacked) की वजह से 3 साल की मासूम बच्ची की मौत (Innocent Girl Died) हो गई है। घटना यशवंत नगर इलाके (Yashwant Nagar Area) की है। जानकारी के मुताबिक, बच्ची की पहचान परी गोस्वामी (Pari Goswami) के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया है।
आज सुबह करीब 9 बजे स्थानीय लोगों ने परी का शव खून से लथपथ हालत में देखा। इसके बाद तुरंत जानकारी तालुका जालना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस घटना की आगे की जांच तालुका जालना पुलिस कर रही है।
150 कमरे, भोजनालय में 1000 लोगों के बैठने की व्यवस्था… भव्य होगा सूरत में बनने वाला महाधाम
21 Oct, 2025 11:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत: हीरा और सिल्क सिटी के नाम से प्रसिद्ध सूरत (Surat) अब एक नई धार्मिक पहचान (Religious Identity) की ओर कदम बढ़ा रहा है. यहां उज्जैन के साक्षात महाकाल और सालासर बालाजी भगवान का भव्य मंदिर बनने जा रहा है. श्री महाकालेश्वर सालासर हनुमान ट्रस्ट की ओर से इस महाधाम के निर्माण की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. जल्द ही संत-महात्माओं की उपस्थित में भूमि पूजन किया जाएगा. महाधाम बहुत ही भव्य और दिव्य होने वाला है.
ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी सत्यनारायण गोयल और कोषाध्यक्ष रवि कापुरे ने बताया कि सूरत के पलसाणा चौकड़ी (Palsana Chowkdi) के पास महाधाम (Mahadham) का निर्माण किया जाएगा. जिसकी अनुमानित लागत करीब 400 करोड़ होने वाली है. वहीं, इसका निर्माण 28 अप्रैल 2029 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है. महाधाम 29.25 बीघा यानी 58,000 वर्ग गज जमीन पर भव्य मंदिर का आकार लेगा. इसका भूमिपूजन समारोह 1 मार्च 2026 को संत-महात्माओं के सानिध्य में आयोजित किया जाएगा.
ट्रस्ट के पदाधिकारियों आलोक अग्रवाल और राजेंद्र पटवारी ने बताया कि भूमिपूजन समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं. इस अवसर पर देशभर के प्रमुख संत-महंत, समाजसेवी, उद्योगपति और राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहेंगी. उज्जैन महाकाल मंदिर के मुख्य महंत गुरु प्रदीप शर्मा और सालासर बालाजी के मुख्य पुजारी विशनजी मिठ्ठ जी भी समारोह में शामिल होंगे. भूमिपूजन बहुत ही भव्य रूप से किया जाएगा, जिसके लिए तैयारी बीते काफी समय से की जा रही है.
ट्रस्ट ने सूरत की धर्मप्रेमी जनता, भामाशाहों और उद्योग जगत के अग्रणियों से अपील की है कि वे इस महा अनुष्ठान से जुड़कर सहयोग दें. उनका कहना है कि जितने अधिक लोग इस पहल से जुड़ेंगे, उतनी ही जल्दी ‘महाधाम’ बनकर तैयार होगा. यह मंदिर सूरत के धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधा उपलब्ध होगी. भव्य मंदिर परिसर में विशाल गोशाला, 1000 से ज्यादा लोगों के साथ बैठने वाला भोजनालय और 150 कमरों वाला गेस्ट हाउस सहित बहुत कुछ होगा.
आईएनएस विक्रांत पर भारतीय नौसेना के वीर जवानों के साथ दीपावली मनाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
21 Oct, 2025 10:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोवा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आईएनएस विक्रांत पर भारतीय नौसेना के वीर जवानों के साथ (With brave soldiers of Indian Navy on board INS Vikrant) दीपावली मनाई (Celebrated Diwali) । उन्होंने भारतीय नौसेना के बहादुर जवानों के साथ इस पावन पर्व को मनाया, जो न केवल एक सैन्य उत्सव था, बल्कि राष्ट्र की एकजुटता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी साबित हुआ।
गोवा और कारवार के तट से दूर, इस विशालकाय स्वदेशी जहाज पर दीपावली ने समुद्र की गहराइयों को भी चकाचौंध कर दिया। प्रधानमंत्री का यह दौरा, जो परंपरा का हिस्सा बन चुका है, इस बार नौसेना के वीर जवानों को समर्पित रहा।उन्होंने कहा, “मैं भाग्यशाली हूं कि इस बार मैं नौसेना के आप सभी बहादुर जवानों के बीच दीपावली का यह पावन त्योहार मना रहा हूं। यह मेरे लिए सौभाग्य का क्षण है कि मैं उन वीरों के साथ हूं, जो दिन-रात समुद्र की सीमाओं पर पहरा देते हैं।”
उन्होंने आईएनएस विक्रांत को भारत की आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “यह जहाज केवल धातु और मशीनों का संग्रह नहीं है, बल्कि हमारे लाखों कारीगरों, इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की मेहनत का फल है। जब हमने इसे स्वदेशी तकनीक से बनाया, तो दुनिया ने देखा कि भारत अब आयात पर निर्भर नहीं रह सकता। आजादी के अमृत काल में हमारा लक्ष्य विकसित भारत है, और ऐसे जहाज हमें उस दिशा में मजबूती प्रदान करते हैं।”
भारत के बढ़ते समुद्री प्रभुत्व को लेकर प्रधानमंत्री ने नौसेना के साहस और आईएनएस विक्रांत की सामरिक शक्ति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक युद्धपोत नहीं है। यह 21वीं सदी के भारत की प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और वैश्विक प्रभाव का प्रमाण है। उन्होंने हाल के अभियानों में इस पोत की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताते हुए कहा, “आईएनएस विक्रांत ने भारतीय सशस्त्र बलों के पराक्रम का प्रदर्शन किया, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को कुछ ही दिनों में झुकने पर मजबूर कर दिया।”
जब पीएम मोदी आईएनएस विक्रांत के डेक पर उतरे, तो नौसेना के अधिकारियों और जवानों ने उनका स्वागत पारंपरिक तरीके से किया। जहाज पर सजी दीपमालाओं, रंगोली और पारंपरिक दीपावली के व्यंजनों के बीच माहौल उत्साहपूर्ण था। उन्होंने सबसे पहले जवानों के साथ पूजा-अर्चना की और फिर उन्हें संबोधित किया। पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने वाली सरकार की नीतियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में रक्षा निर्यात 1,500 करोड़ से बढ़कर 21,000 करोड़ रुपए हो गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की सफलता का प्रमाण है।
दीपावली के अवसर पर गोवा में तैनात आईएनएस विक्रांत पर पीएम मोदी ने नौसेनाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, “ब्रह्मोस और आकाश जैसी हमारी मिसाइलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी अपनी क्षमता साबित की है। ब्रह्मोस नाम अपने आप में इतना प्रसिद्ध है कि इसे सुनते ही कई लोग चिंतित हो जाते हैं और सोचते हैं कि क्या ब्रह्मोस आ रही है।” पीएम मोदी ने कहा कि कई देश अब इन मिसाइलों को खरीदने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा, “जब भी मैं विशेषज्ञों से मिलता हूं तो वे सभी एक ही इच्छा व्यक्त करते हैं कि वे भी इन मिसाइलों तक पहुंच चाहते हैं।”
उन्होंने देश की बढ़ती रक्षा क्षमताओं पर जोर देते हुए कहा, “भारत तीनों सेनाओं के लिए उपकरणों के निर्यात की क्षमता का निर्माण कर रहा है। हम दुनिया में एक शीर्ष रक्षा निर्यातक बनने की आकांक्षा रखते हैं, जो पिछले 11 वर्षों में 30 गुना बढ़ गया है।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि औसतन हर 40 दिनों में एक नया स्वदेशी युद्धपोत या पनडुब्बी भारतीय नौसेना में शामिल हो रही है, जो रक्षा निर्माण में देश की तेजी से प्रगति को दर्शाता है।
नौसेना दिवस समारोह में 4 दिसंबर को होगा इंडियन नेवी पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘जलकन्या’ का प्रीमियर
21 Oct, 2025 09:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम । इंडियन नेवी पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘जलकन्या’ (Documentary ‘Jalkanya’ on the Indian Navy) का प्रीमियर 4 दिसंबर को नौसेना दिवस समारोह में होगा (Will Premiere on December 4 during the Navy Day Celebrations) । इसे फिल्म निर्माता जोड़ी संजीव सिवन और दीप्ति सिवन ने बनाया है। उनका कहना है कि यह हमारे लिए किसी खास उपलब्धि से कम नहीं।
खास बात यह है कि प्रीमियर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। भारतीय नौसेना इस साल का नौसेना दिवस का कार्यक्रम अरब सागर के किनारे तिरुवनंतपुरम में आयोजित करेगी। आईएएनएस से बात करते हुए संजीव ने कहा कि ‘जलकन्या’ प्रधानमंत्री के प्रमुख अभियान ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ से प्रेरित है और देश भर की युवा लड़कियों की रचनात्मकता और साहस का जश्न मनाती है।
संजीव ने कहा, “इस परियोजना का उद्देश्य सिनेमा के माध्यम से युवाओं की आवाज को बुलंद करना और साथ ही सशक्तिकरण और समावेश के राष्ट्रीय संदेश को मजबूत करना है।” इस पहल के तहत देशभर के नौसेना स्कूलों से 25 छात्रों को मुंबई में आयोजित पांच दिवसीय गहन फिल्म निर्माण वर्कशॉप के लिए चुना गया। इसका संचालन देश की कुछ जानी-मानी फिल्म और संगीत हस्तियों ने किया, जिनमें आमिर खान, अनुराग कश्यप, शंकर महादेवन, जावेद जाफरी और ए. श्रीकर प्रसाद शामिल थे।
इसके बाद प्रतिभागियों को अपने व्यक्तिगत अनुभवों, सामुदायिक मुद्दों और आकांक्षाओं को दर्शाते हुए अपनी शॉर्ट फिल्म बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। ये रचनाएं जलकन्या का मूल आधार हैं, जो इस बात की एक दुर्लभ झलक प्रस्तुत करती हैं कि युवा मन सशक्तिकरण, समानता और परिवर्तन को कैसे देखते हैं। यह डॉक्यूमेंट्री 22 जनवरी, 2015 को शुरू हुए पीएम मोदी के अभियान ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ प्रेरित है। वर्षों से यह एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है जो समुदायों को बेटियों का सम्मान करने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
संजीव ने आगे कहा, “जलकन्या को कहानीकारों की अगली पीढ़ी को पोषित करने के एक मंच के रूप में स्थापित किया जा रहा है। साथ ही इसके जरिए इस अभियान में जुटे लोगों को भी सलामी दी जाएगी।” बता दें कि संजीव के पिता स्वर्गीय सिवन एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता थे। उनके दिवंगत भाई संगीत सिवन ने सुपरस्टार मोहनलाल की फिल्म योद्धा को डायरेक्ट किया था।
भारत दशकों से चले आ रहे माओवादी विद्रोह के अंतिम चरण का गवाह बन रहा है – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
21 Oct, 2025 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोवा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि दशकों से चले आ रहे माओवादी विद्रोह के अंतिम चरण का (Final phase of the decades-long Maoist Insurgency) भारत गवाह बन रहा है (India is Witnessing) ।
उनकी टिप्पणी सुरक्षा बलों के प्रति व्यापक श्रद्धांजलि का हिस्सा थी, जिन्हें उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में वामपंथी उग्रवाद के बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करने का श्रेय दिया। गोवा में आईएनएस विक्रांत से जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज देश माओवाद के खात्मे की ओर बढ़ रहा है। अब केवल तीन जिले ही बचे हैं जहां माओवाद अभी भी मौजूद है और वे भी जल्द ही मुक्त हो जाएंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले 125 जिले गंभीर रूप से प्रभावित थे। अब 100 से अधिक जिले राहत की सांस ले सकते हैं और शांति से दिवाली मना सकते हैं। यह हमारे पुलिस बलों के पराक्रम से संभव हुआ है। उन्होंने सरकार की बहुआयामी रणनीति पर जोर दिया, जिसमें विकास, बुनियादी ढांचे का विस्तार और लक्षित सुरक्षा अभियान शामिल हैं। सरकार की ये रणनीति माओवादी प्रभाव को कमजोर करने में सहायक है, विशेष रूप से आदिवासी और वन क्षेत्रों में।
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में सैन्य गौरव को नक्सल मुक्त राष्ट्र के दृष्टिकोण के साथ जोड़ा गया तथा सुरक्षा और विकास के दोहरे दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले, 124 जिले नक्सलवाद से बुरी तरह प्रभावित थे। अक्टूबर 2025 तक, केवल 11 जिले ही बचे रहेंगे, जिनमें से तीन को उच्च जोखिम वाला माना जाएगा। हमारे पुलिस बलों के साहस की बदौलत अब 100 से ज्यादा जिले राहत की सांस ले सकते हैं और शांति से दिवाली मना सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि लाल गलियारा अब हरित विकास क्षेत्रों में परिवर्तित हो रहा है। उन्होंने उन क्षेत्रों का हवाला दिया जो कभी हिंसा से ग्रस्त थे।
प्रधानमंत्री मोदी के बयान भारत की आंतरिक सुरक्षा में व्यापक बदलाव का संकेत देते हैं। केंद्रीय और राज्य बलों के बीच समन्वित प्रयासों, बुनियादी ढाँचे के विकास और सामुदायिक सहभागिता के कारण माओवादी गतिविधियों में लगातार गिरावट आई है। उनके भाषण ने मनोबल बढ़ाने का भी काम किया और अपने सुरक्षाकर्मियों के कल्याण के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता और प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
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