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फोन के एक बटन पर पाएं तीन फीचर, जानें कैसे
29 Nov, 2025 08:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : अगर आपने फीचर फोन चलाया होगा तो आपको मालूम होगा कि फीचर फोन की ‘हार्ड की’ यानी बटन पर ढेरों शॉर्टकट दिए जाते थे। लेकिन वर्तमान समय में आने वाले स्मार्टफोन में शॉर्टकट काफी कम होते हैं। अगर आप चाहें तो गूगल प्लेस्टोर पर मिलने वाले कुछ खास एप की मदद से खुद के शॉर्टकट तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
बटन रीमैपर
गूगल प्लेस्टोर पर मौजूद इस एप की मदद से आप जितना चाहें उतने शॉर्टकट तैयार कर सकते हैं। साथ ही इसके दो वर्जन उपलब्ध हैं जिसमें से प्रीमियम वर्जन है। प्रीमियम वर्जन के लिए शुल्क अदा करना होता है। मुफ्त में मिलने वाले बटन रीमैपर (नो रूट) एप को डाउनलोड करें। इसे ओपन करने के बाद जब सबसे पहले एप खुलेगा तो स्क्रीन पर ऊपर की तरफ एक खास तरह का विकल्प आएगा। इसे एक्टिवेट करना होगा। इसके बाद शॉर्टकट तैयार करने के लिए सबसे पहले एप को खोलें, उसके बाद नीचे दाईं ओर दिए गए प्लस के निशान पर क्लिक करें। इसके बाद दो विकल्प मिलेंगे। इसमें से ऊपर वाले विकल्प का चुनाव करें। फिर ‘न्यू एक्शन’ नाम का पॉपअप खुलेगा। इसके अंदर की लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करते ही आपके सामने उन सभी विकल्पों की सूची आ जाएगी, जहां पर आप शॉर्टकट सेट कर सकते हैं। किसी एक का चुनाव करने के बाद नीचे लॉन्ग एक्शन का विकल्प दिखेगा। उसे एक्टिवेट करने के लिए, उस पर क्लिक कर दें। यहां तक कि लॉन्ग एक्शन का समय भी बदला जा सकता है। फिर ओके पर क्लिक कर दें। इस प्रक्रिया को अपनाकर आप जितने चाहें उतने शॉर्टकट तैयार कर सकते हैं। इसकी मदद से आप होम बैक, रिसेंट एप, कैमरा और वॉल्यूम की पर अपने मनमुताबिक शॉर्टकट तैयार कर सकते हैं। यहां तक कि इस पर एक बटन पर दो शॉर्टकट सेट हो सकते हैं। एक साधारण क्लिक पर और दूसरा लॉन्ग क्लिक कर।
मेन्यू की रीमैपर
बटन रीमैपर से ज्यादा मेन्यू की रीमैपर (नो रूट) एप पर शॉर्टकट सेट किए जा सकते हैं। इस एप में बटन के चार क्लिक विकल्प दिए गए हैं। उदाहरण के तौर पर एक क्लिक पर एक एप खुलेगा। दो क्लिक पर दूसरा एप खुलेगा। साथ ही तीन बार बटन को क्लिक करने पर तीसरा एप सामने आ जाएगा। वहीं जरूरत पड़ने जल्दी-जल्दी चार क्लिक करने पर चौथा विकल्प खुलकर सामने आएगा। इन विकल्प में आप फोन सेटिंग या एप को शामिल कर सकते हैं। यह एप गूगल प्लेस्टोर पर मुफ्त में उपलब्ध है।
दिल्ली प्रदूषण पर किरण बेदी की कड़ी चिंता: PM मोदी को चिट्ठी लिखकर दिए अहम सुझाव
29 Nov, 2025 08:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर हर ओर चिंता जताई जा रही है. विपक्षी दल भी प्रदूषण को लेकर सरकार पर हमला कर रहे हैं. अब राजधानी की दूषित हवा को लेकर पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर और आईपीएस अधिकारी डॉक्टर किरण बेदी ने चिंता जताई है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि देश की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है, लेकिन प्रशासनिक समन्वय और दीर्घकालिक योजना की कमी इस संकट को हर साल और भयावह बना रही है.
किरण बेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक विस्तृत पत्र में कहा है कि दिल्लीएनसीआर की हवा अब एक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से आपातकाल बन चुकी है और इसे केवल अस्थायी उपायों से नहीं रोका जा सकता. उन्होंने अपने X पोस्ट में कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई राष्ट्रीय चुनौतियों में समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की थी, और उसी तरह की उच्च-स्तरीय, नियमित मॉनिटरिंग आज दिल्ली के प्रदूषण संकट को रोकने के लिए जरूरी है.
पीएम मोदी को दिए 4 सुझाव
पीएम मोदी को लिखे पत्र में किरण बेदी ने अपने 4 सुझाव भी दिए हैं. उनका कहना है कि 3 पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ प्रधानमंत्री की हर महीने ऑनलाइन बैठकें होनी चाहिए, साथ ही शीर्ष स्तर पर नियमित समीक्षा किए जाने से राज्यों में जवाबदेही बढ़ेगी और स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सकेगी.
इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी से मन की बात कार्यक्रम के जरिए जन-भागीदारी का संदेश देने का सुझाव दिया है. विभागीय समन्वय की कमी को दूर करने के सुझाव के साथ ही प्रशासन के सक्रिय किए जाने की बात भी कही है. उन्होंने कहा कि शासन केवल बैठकों से नहीं चलता, अधिकारियों को मैदान में उतरकर स्थिति का वास्तविक आकलन करना चाहिए.
स्थायी समाधान के विकल्प
पूर्व पुलिस अफसर ने कहा कि हर साल का प्रदूषण संकट इसलिए होता क्योंकि सरकारें तात्कालिक उपायों पर निर्भर रहती हैं, जैसे स्मॉग टॉवर और ऑडईवन. इसी तरह कई एजेंसियों के बीच जिम्मेदारी बंटी हुई होती है. इसके अलावा वाहन, उद्योग, निर्माण धूल और पराली जैसे बड़े स्रोतों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं किया जाता. साथ ही लंबे समय वाली नीतियों की तुलना में अल्पकालिक राजनीतिक फायदे प्राथमिकता बन जाते हैं. जबकि वास्तविक सुधार के लिए मजबूत प्रवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और ट्रांसपोर्ट में लंबे निवेश की जरूरत है.
राजधानी में वायु प्रदूषण को लेकर किरण बेदी ने कहा कि दिल्ली को भी इस संकट से निपटने में केंद्र और राज्य सरकार के साथ समन्वय की उतनी ही जरुरत थी जितनी अन्य विकास कार्यों में डबल इंजन की बात कही जाती है. हवा की गुणवत्ता में सुधार तभी होगा जब शीर्ष नेतृत्व, सभी राज्य, और हर विभाग मिलकर ईमानदार और सतत स्तर प्रयास करेंगे.
RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले: भारत की परंपरा भाईचारे में निहित, विवाद हमारे स्वभाव में नहीं
29 Nov, 2025 08:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि विवादों में पड़ना भारत के स्वभाव में नहीं है और देश की परंपरा ने हमेशा भाईचारे और सामूहिक सद्भाव पर जोर दिया है. नागपुर में एक कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने कहा कि भारत की राष्ट्रवाद की अवधारणा पश्चिमी सोच से पूरी तरह अलग है.
नागपुर में एक कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा कि भारत की राष्ट्रवाद की अवधारणा पश्चिमी सोच से पूरी तरह अलग है. उन्होंने कहा, 'हमारी किसी से कोई बहस नहीं होती. हम झगड़ों से दूर रहते हैं. झगड़ा करना हमारे देश के स्वभाव में नहीं है. साथ रहना और भाईचारा बढ़ाना हमारी परंपरा है.' उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के दूसरे हिस्से टकराव वाले हालात में ही बने हैं.'
उन्होंने कहा, 'एक बार कोई राय बन जाने के बाद उस विचार के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं होता. वे दूसरे विचारों के लिए दरवाजे बंद कर देते हैं और उसे इज्म कहना शुरू कर देते हैं.' भागवत ने यह भी कहा कि भारत की राष्ट्र की अवधारणा पश्चिमी व्याख्याओं से मूल रूप से अलग है.'
उन्होंने जोर देकर कहा, 'वे राष्ट्र के बारे में हमारे विचार नहीं समझते, इसलिए उन्होंने इसे 'राष्ट्रवाद' कहना शुरू कर दिया.' 'राष्ट्र' का हमारा कॉन्सेप्ट, राष्ट्र के पश्चिमी विचार से अलग है. हमारे बीच इस बारे में कोई मतभेद नहीं है कि यह राष्ट्र है या नहीं — यह एक 'राष्ट्र' है और यह पुराने समय से मौजूद है.'
उन्होंने दावा किया, 'हम राष्ट्रीयता शब्द का इस्तेमाल करते हैं, राष्ट्रवाद का नहीं. देश पर बहुत ज्यादा गर्व की वजह से दो वर्ल्ड वॉर हुए. इसीलिए कुछ लोग राष्ट्रवाद शब्द से डरते हैं.' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि भारत का राष्ट्रवाद घमंड या गर्व से पैदा नहीं हुआ है, बल्कि लोगों के बीच गहरे जुड़ाव और प्रकृति के साथ उनके सह-अस्तित्व से पैदा हुआ है.
उन्होंने ज्ञान के महत्व पर भी जोर दिया जिससे समझदारी आती है और इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ जानकारी से ज्यादा व्यावहारिक समझ और एक सार्थक जीवन जीना जरूरी है. उन्होंने कहा कि सच्ची संतुष्टि दूसरों की मदद करने से मिलती है. यह एक ऐसी भावना है जो अस्थायी सफलता के विपरीत, जीवन भर बनी रहती है.
पंजाब रोडवेज हड़ताल जारी: दूसरे दिन भी बसें ठप, महिलाओं की मुफ्त यात्रा पर बड़ा असर
29 Nov, 2025 08:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटियाला/होशियारपुर/लुधियाना/संगरूर / पंजाब रोडवेज, PUNBUS और PRTC के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। बसें न चलने की वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी हुई। खासकर महिलाओं को मुफ्त यात्रा न होने की वजह से नुकसान उठाना पड़ा और उन्हें प्राइवेट बसों में टिकट खरीदकर सफर करना पड़ा। कर्मचारियों का गुस्सा इसलिए है क्योंकि सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत टेंडर खोल रही है। उनका आरोप है कि यह सरकारी बसों को खत्म करने और प्राइवेट ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाने की 'पीछे के दरवाजे' वाली चाल है। प्राइवेट बसें सरकारी रूटों पर चलेंगी और हजारों कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी।
'हमारे 4 बड़े लीडर अभी भी पुलिस हिरासत में हैं'
होशियारपुर में PUNBUS कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट संदीप सिंह ने बताया, 'हमारे 4 बड़े लीडर अभी भी पुलिस हिरासत में हैं, स्टेट कमेटी मेंबर कुलवंत सिंह, डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट रामिंदर सिंह, सेक्रेटरी नरिंदर सिंह और कैशियर धर्मिंदर सिंह। जब तक ये रिहा नहीं होंगे, किलोमीटर स्कीम के टेंडर रद्द नहीं होंगे और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाएगा, तब तक हमारा धरना और हड़ताल जारी रहेगी।' संदीप सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, 'पिछले 4 साल में पंजाब रोडवेज़ को एक भी नई बस नहीं दी गई। 500 से ज्यादा पुरानी बसें सड़क से बाहर हो चुकी हैं। जो बसें चल रही हैं, उनमें भी बड़े-बड़े रिपेयर की जरूरत है। टायर तक खरीदने के पैसे नहीं हैं। मेंटेनेंस के लिए फंड ही नहीं है।'
धुरी थाने के SHO की यूनिफॉर्म में लगी आग, झुलसे
शुक्रवार को हड़ताल शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कई यूनियन लीडरों को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद कई जगह कर्मचारियों और पुलिस में झड़प हुई। संगरूर में तो मामला बहुत गंभीर हो गया। वहां कुछ कर्मचारी बस के ऊपर चढ़ गए और पुलिस वालों पर पेट्रोल छिड़क दिया। धुरी थाने के SHO की यूनिफॉर्म में आग लग गई और वे झुलस गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लुधियाना में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'सरकार हमारी मांग मान ले और हिरासत में लिए गए साथियों को तुरंत रिहा करे।'
मुफ्त यात्रा करने वाली महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंधेर ने भी कर्मचारियों का खुलकर साथ दिया। उन्होंने राज्य सरकार पर इस स्कीम को प्राइवेट ठेकेदारों के हित में लाने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ सड़कों पर सरकारी बसें गायब होने से यात्रियों का बुरा हाल है। प्राइवेट बस वाले मनमाना किराया वसूल रहे हैं। मुफ्त यात्रा करने वाली महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। कर्मचारी कह रहे हैं कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, हड़ताल खत्म नहीं होगी। सरकार और यूनियनों के बीच अभी तक कोई बातचीत शुरू नहीं हुई है। अब देखने वाली बात ये है कि यह आंदोलन कब तक चलता है और आम जनता को कब तक परेशानी झेलनी पड़ती है।
मंत्रिमंडल विस्तार पर सस्पेंस...CM नीतीश अगले महीने लेंगे बड़ा फैसला, किसके सिर सजेगा ताज?
29 Nov, 2025 07:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Cabinet expansion of Nitish government: बिहार में प्रचंड बहुमत के बाद एनडीए की सरकार बनने के बाद अब जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार देखने को मिल सकता है. जेडीयू(JDU) और बीजेपी(BJP) के नेतृत्व नीतीश सरकार में अगले महीने कैबिनेट विस्तार (cabinet expansion) की तैयारी जोरों पर है. जानकारी के मुताबिक जेडीयू अपने कोटे के खाली पदों को जल्दी भरने की रणनीति बना रही है.
JDU के 6 और BJP के 3 पद खाली
जानकारी के मुताबिक राज्य में फिलहाल कुल 9 मंत्री पद खाली हैं, जिनमें जेडीयू के 6 और बीजेपी के 3 पद शामिल हैं. बताया जा रहा है कि जेडीयू अपने कोटे के खाली पदों को जल्दी भरने की रणनीति बना रही है, खासकर उन विधायकों को, जो जातिगत और सामाजिक समीकरण (social & caste arithmetic) में पार्टी की मजबूती बढ़ा सकें.
क्यों पड़ रही है कैबिनेट विस्तार की जरूरत
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के बाद बनी नई सरकार ने कामकाज शुरू कर दिया है. सरकार में 36 मंत्रियों तक मंत्रिपरिषद का चयन किया जा सकता है, लेकिन अभी 9 पद खाली हैं. जेडीयू और बीजेपी दोनों ही अपने-अपने हिस्से से मंत्रियों की संख्या पूरी करना चाहते हैं, ताकि सत्ता संतुलन बना रहे और राज्य में शासन-कार्य सुचारू रहे.
विशेषकर जेडीयू के लिए यह मौका महत्वपूर्ण है. पार्टी का जोर इस बार उन विधायकों पर है, जो कुशवाहा, EBC (बहु-पिछड़ा वर्ग) या अन्य OBC/सामाजिक समूहों से आते हैं. इससे पार्टी को सामाजिक आधार मजबूत करने और अगले चुनावों के लिए रणनीतिक लाभ लेने का मौका मिलेगा.
किन विधायकों पर है नजर
जानकारी मिल रही है कि जेडीयू वो चेहरे चुनना चाहती है, जो कुशवाहा जाति या EBC-वर्ग से हों. माना जा रहा है कि इन सामाजिक-जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ही नई सूची तैयार की जा रही है. पार्टी इस विस्तार के दौरान सामाजिक संतुलन के साथ-साथ राजनीतिक मजबूती दोनों हासिल करना चाहती है. जाहिर सी बात है कि इस विस्तार का मतलब सिर्फ पदों की भरपाई भर नहीं है. इससे राज्य में जातीय-सामाजिक समीकरण, सत्ता संतुलन और शक्ति वितरण की तस्वीर भी बदल सकती है.
DGP-IGP कॉन्फ्रेंस में सीक्रेट ऑपरेशंस पर चर्चा? PM मोदी और शाह ने पैरामिलिट्री से ली खास जानकारी"
29 Nov, 2025 07:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
DGP-IGP Conference 2025: रायपुर में चल रहे डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस (DGP-IGP Conference) का आज दूसरा दिन है. सुबह करीब 8:25 बजे पीएम मोदी IIM नवा रायपुर पहुंचे, जहां उन्होंने 60वें अखिल भारतीय DGP-IG कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन की बैठक में हिस्सा लिया. इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित देशभर की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे.
पैरामिलट्री फोर्सेस के साथ की चर्चा
कॉन्फ्रेंस में पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पैरामिलिट्री फोर्सेस के अधिकारियों से चर्चा की है. चर्चा के दौरान एंटी-नक्सल ऑपरेशन, पाकिस्तान, बांग्लादेश सीमा राज्यों पर फोर्स के काम पर पीएम और गृह मंत्री ने समीक्षा की है. कॉन्फ्रेंस में हाल ही में हुए ऑपरेशन की जानकारी भी अधिकारियों ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को दी. BSF, CRPF, ITBP, CISF जैसी तमाम CAPF फोर्सेस के अधिकारियों के साथ यह महत्वपूर्ण चर्चा हुई.
जनता दरबार में मासूम बच्ची के आंसुओं ने पिघलाया CM का दिल, तुरंत दिया ये बड़ा आदेश
29 Nov, 2025 07:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CM Yogi Instant Help News: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ इन दिनों गोरखपुर दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने शनिवार को जनता दरबार लगाया. जिसमें लोग अपनी-अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे. इसी दौरान एक छोटी बच्ची ने अपनी मां की दवाई कराने के लिए सीएम से गुहार लगाई. सीएम ने बच्ची को देखा और अपने पास बुलाकर कहा कि चिंता मत करो, इलाज कराओ, पैसे की व्यवस्था कर दी जाएगी. इसके अलावा भी वहां पर आए सभी लोगों की मदद का आश्वासन दिया.
सीएम योगी गोरखपुर से कई बार सांसद रह चुके हैं. वे जब भी गोरखपुर दौरे पर जाते हैं, वहां पर जनता दरबार लगाते हैं. शनिवार को जनता दरबार में आए ज्यादातर लोग अपने स्वास्थ्य की समस्या को लेकर पहुंचे थे. उनका कहना था कि हमारी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है, जिसकी वजह से अच्छा इलाज नहीं मिल पा रहा है. सीएम ने उनकी समस्या को बखूबी सुना और कहा कि किसी भी जरूरतमंद के इलाज में धन की कमी नहीं आने दिया जाएगा. सब निश्चिंत रहें और इलाज कराएं. इसका खर्च सरकार वहन करेगी. इसको लेकर सीएम ने अधिकारियों को निर्देश भी दिया है.
सीएम विवेकाधीन कोष से मिलेगी राशि
सीएम योगी निर्धन मरीजों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से राशि दिलाने की बात कही है. अधिकारियों के कहा कि उपचार के लिए आर्थिक सहायता वाले लोगों को चिंहित कर उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूरा कराएं. ताकि समय पर अच्छा इलाज मिल सके. जनता दरबार में सीएम ने सभी को कुर्सी पर बैठाकर एक-एक कर उनसी समस्याओं को सुना और निवारण किया. उन्होंने कहा कि किसी को भी घबराने और परेशान होने की जरूरत नहीं है. हर समस्या का समाधान किया जाएगा.
अधिकारी संवेदनशील रवैया अपनाएं
इसके अलावा सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पीड़ित को परेशान न होना पड़े, इसके लिए उनके साथ संवेदनशील रवैया अपनाएं और समाधान करें. पारिवारिक मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर उनसे संवाद करें, ताकि समाधान निकल सके. वहीं अपराधियों को लेकर कहा कि उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कोई दबंग किसी की जमीन कब्जा न कर सके. अधिकारी इस पर बिल्कुल भी कोताही न बरतें.
कांग्रेस में भूचाल! अहमद पटेल के बेटे ने फेसबुक पर किया ये पोस्ट, क्या पार्टी में होगी बड़ी टूट?
29 Nov, 2025 07:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Faisal Patel Congress: कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के बेटे फैसल अहमद पटेल के फेसबुक पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी. पोस्ट में फैसल ने अपनी बहन मुमताज का भी जिक्र किया है. मुमताज ने भी बिहार विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं पर निशाना साधा था. अब उनके भाई फैसल पटेल ने कांग्रेस से अलग एक नए ग्रुप बनाने की बात कही है. जिसके बाद सियासी बयानबाजी जारी है.
फैसल अहमद पटेल ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “मेरी बहन भी मेरे साथ आ सकती है. मैं कांग्रेस पार्टी को तोड़ने के बारे में सोच रहा हूं. मैं इसे कांग्रेस (AP) कहूंगा. सबके क्या विचार हैं?” हालांकि मुमताज ने फैसल के दावे को खारिज करते हुए इसे निजी फैसला बताया है
मुमताज पटेल ने ‘एक्स’ पर दी सफाई
मुमताज पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, मैं स्पष्ट कर दूं.कि मेरा किसी नई राजनीतिक पार्टी में शामिल होने या किसी नई पहल का हिस्सा बनने का कोई इरादा नहीं है. मेरे भाई के विचार और निर्णय पूरी तरह से उनके अपने हैं. कृपया मुझे इससे न जोड़ें.
गांधी परिवार के खास रहे अहमद पटेल
बता दें, अहमद पटेल का परिवार काफी समय से कांग्रेस से जुड़ा रहा है. यह परिवार गांधी परिवार का काफी खास माना जाता था. अहमद पटेल के निधन के बाद उनके बच्चे पार्टी से तो जुड़े रहे लेकिन अब उनके सुर बदल गए हैं. यह घटना भी उस वक्त सामने आई, जब कर्नाटक में पार्टी पहले से ही अंतर्कलह और बिहार विधानसभा चुनाव की करारी हार से जूझ रही है. फिलहाल, इस पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों पर सियासी हलचल पैदा कर दी है.
क्या करते हैं फैसल पटेल?
फैसल पटेल ने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से पढ़ाई करने के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा पर काम किया. उन्होंने अपना ज्यादातर समय दिवंगत पिता के ट्रस्टों के माध्यम से परोपकारी कार्यों पर दिया है. अहमद पटेल के निधन के बाद उनका ज्यादातर ध्यान सामाजिक कार्यों पर रहा है. वहीं, उनकी बहन मुमताज, पिता की राजानीतिक विरासत संभालने का प्रयास कर रही हैं.
‘जुल्म होगा तो जिहाद होगा’—मदनी के विवादित बयान ने गरमाया माहौल, सुप्रीम कोर्ट का भी जिक्र
29 Nov, 2025 06:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर विवादित बयान दिया है. मौलाना ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट तभी तक सुप्रीम कहलाने का हक रखता है, जब तक कि वो संविधान पर अमल कर रहा है. अगर ऐसा नहीं करता है तो सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कहलाने का अधिकार नहीं रखता है |
बाबरी मस्जिद को लेकर फैसले का दिया उदाहरण
महमूद मदनी ने ज्ञानवापी और मथुरा विवाद को लेकर भी बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा. जुल्म के खिलाफ खड़े होना एक अखलाक की जिम्मेदारी है. पिछले कुछ केसों जैसे बाबरी मस्जिद, तलाक के मामलों में अदालतों ने सही काम नहीं किया है. कोर्ट ने हूकूमत के दबाव में काम किया है |
घर वापसी के नाम पर खास धर्म में शामिल होने की खुली छूट
मौलाना महमूद मदनी ने आगे कहा, ”देश के संविधान ने हमें धर्म की आजादी का अधिकार दिया है. लेकिन धर्म बदलने के कानून के जरिए इस बुनियादी अधिकार को खत्म किया जा रहा है. इस कानून का इस्तेमाल इस तरह से किया जा रहा है कि किसी धर्म को मानने वाले को डर और सजा का सामना करना पड़ रहा है. दूसरी तरफ, ‘घर वापसी’ के नाम पर लोगों को किसी खास धर्म में शामिल करने वालों को खुली छूट है. उनसे कोई पूछताछ नहीं होती, और न ही उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई होती है |
मदनी के बयान पर BJP का पलटवार
वहीं मौलाना महमूद मदनी के बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, ‘जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने आज भोपाल में एक बड़ी बैठक में जिस प्रकार का बयान दिया है, वह न केवल भड़काऊ है अपितु देश को विभाजन की ओर ले जाने की उनकी कुचेष्टा है. उनका कहना कि जिहाद होना चाहिए, जब-जब जुल्म होगा जिहाद होगा. मुझे लगता है कि ये काफी अनुचित वाक्य है. जिहाद के नाम पर जिस प्रकार से लोगों ने भारतवर्ष और भारतवर्ष के बाहर आतंक फैलाया है वो भी हमने देखा है तो स्वाभाविक रूप से ये कहना कि भारत में जिहाद होगा, यह बहुत ही गैर जिम्मेदाराना बयान है. उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट सरकार के दबाव में काम करता है और इस देश में उसे ‘सुप्रीम’ कहलाने का कोई अधिकार नहीं है. मेरा मानना है कि सुप्रीम कोर्ट को खुद से संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि इससे कोर्ट की हैसियत कम होती है |
सर्वदलीय बैठक कल, संसद में शीतकालीन सत्र पर सभी दलों की आम सहमति बनाने की तैयारी
29 Nov, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
1 दिसंबर सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। इस सत्र में केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण बिलों को पेश करने की तैयारी में है। सत्र सुचारू रूप से चले और सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट न चढ़े, इसके लिए सरकार सभी दलों के बीच आम सहमति बनाने की कवायद में है। इसी कड़ी में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कल, यानी 30 नवंबर को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। कल सुबह 11 बजे संसद भवन में यह मीटिंग होगी। इस बैठक का उद्देश्य शीतकालीन सत्र को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए सभी दलों के बीच सहमति बनाना था।
इससे पहले हाल ही में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस बैठक को लेकर जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि विपक्ष के नेताओं के साथ विधेयकों की सूची साझा करने और उनके सुझाव लेने के लिए एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। जिसके बाद विपक्षी नेताओं के सुझावों के अनुसार सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।
1 से 19 दिसंबर तक चलेगी शीतकालीन सत्र की कार्यवाही
संसद का शीतकालीन सत्र 1 से 19 दिसंबर तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही बताया था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन तारीखों पर सत्र बुलाने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी हैं। इस बार 19 दिनों के दौरान कुल 15 बैठकें निर्धारित हैं। 5 और 19 दिसंबर को निजी सदस्यों के विधेयकों पर तथा 12 दिसंबर को निजी सदस्यों के प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
कई अहम बिल पेश करने की तैयारी
सरकार इस शीतकालीन सत्र में 10 नए विधेयक पेश करने की योजना में है। इनमें परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025, हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल सहित सड़कों, कंपनियों और बाजार से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक शामिल हैं। जिन बिलों में संशोधन प्रस्तावित हैं, उनमें नेशनल हाईवेज (संशोधन) बिल, कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) बिल, 2025, और सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड (SMC) बिल, 2025 शामिल हैं। साथ ही सरकार मध्यस्थता और सुलह अधिनियम में बदलाव लाने की भी तैयारी कर रही है।
1 दिसंबर से लागू होंगे ये 5 बड़े बदलाव...गैस सिलेंडर और पेंशन नियमों से सीधे आपकी जेब पर होगा असर
29 Nov, 2025 02:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Financial Rule Changes: नवंबर महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. सोमवार से नए महीने दिसंबर की शुरुआत हो जाएगी. दिसंबर की शुरुआत के साथ ही कई बड़े बदलाव भी हो जाएंगे. इसके साथ ही कई कामों को निपटाने की अंतिम तिथि भी है, इसलिए अगर आपका कोई ऐसा काम बचा है, जिसकी डेट 30 नवंबर तक ही है, तो उसे जल्द ही निपटा लें. नहीं तो परेशान हो सकते हैं. 1 दिसंबर को हो रहे बड़े बदलाव से आम जनता को फायदा होगा या जेब पर बढ़ेगा भार? यहां जान लीजिए.
LPG गैस सिलेंडर की कीमत
अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों के आधार पर हर महीने की 1 तारीख को नई कीमतें जारी होती हैं. 1 दिसंबर को भी घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई दर लागू होगी. कीमत बढ़ेगी या घटेगी, यह जानकारी 1 दिसंबर को ही तय होगी. इस बदलाव से आम आदमी के बजट पर सीधा असर पड़ेगा.
आयकर फाइलिंग
टैक्स से जुड़े कई कामों की अंतिम तिथि भी 30 नवंबर तक ही है. ऐसे में अगर आपका भी TDS स्टेटमेंट (सेक्शन 194-IA, 194-IB आदि) और ट्रांसफर-प्राइसिंग रिपोर्ट (सेक्शन 92E) काम बचा है तो उसे जल्द निपटा लें, नहीं तो 1 दिसंबर से इस पर जुर्माना लग सकता है.
जीवन प्रमाण पत्र
पेंशनर्स के लिए हर साल की 30 नवंबर तक वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है. ताकि मासिक पेंशन लगातार मिलती रहे. अगर इसे समय पर जमा नहीं किया गया, तो पेंशन रोकी जा सकती है. बैंक 1 से दिसंबर को दोबारा मौका नहीं देते हैं.
ATF की कीमतें
विमान ईंधन (Aviation Turbine Fuel-ATF) की कीमतें भी 1 दिसंबर से बदल जाएंगी. जिसका असर हवाई यात्रा की टिकट दरों पर भी पड़ सकता है. यानी 1 दिसंबर से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों पर भार बढ़ने की उम्मीद है.
एयरबस का बड़ा ऐलान: सूरज की चमक से सुरक्षा के लिए बदलना पड़ेगा सॉफ्टवेयर
29 Nov, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीते दिन कई एयरलाइंस ने उड़ानों में देरी की घोषणा की थी। मगर, अब हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को कई घंटों या फिर कई हफ्तों का इंतजार करना पड़ सकता है। एयरबस ने 6000 से ज्यादा विमानों में अपडेट का एलान किया है। एयरबस की एडवाइजरी के बाद दुनियाभर में कई उड़ानें रद कर दी गई थीं। एयर फ्रांस ने 35, तो जापान की एयरलाइंस ने 65 फ्लाइट्स रद कर दी। वहीं, भारत में एअर इंडिया और इंडिगो ने भी इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है।
एयरबस ने A320 के लिए जारी की एडवाइजरी
एयरबस ने A320 विमानों में सॉफ्टवेयर अपडेट की घोषणा की है। दरअसल पिछले साल जेटब्लू की उड़ान में तकनीकी खराबी देखने को मिली थी। इसका आंकलन करने के बाद पता चला की तेज सोलर रेडिएशन का असर विमान के डेटा पर पड़ रहा है, जो खतरा साबित हो सकता है।
1 हफ्ते का लग सकता है समय
एयरबस ने दुनिया में संचालित होने वाले 6000 से अधिक विमानों में नया सॉफ्टवेयर अपडेट किया जाएगा। ज्यादातर विमानों में यह प्रक्रिया कुछ घंटों में पूरी होने का अनुमान है। हालांकि, 1000 के आसपास विमानों में हफ्ते भर का समय भी लग सकता है। एयरबस के इस फैसले से यूरोपीय कंपनियों के 70 प्रतिशत उड़ानों पर असर देखने को मिल सकता है। यूरोपीय संघ विमान सुरक्षा एजेंसी (EASA) के अनुसार, इससे उड़ाने बाधित हो सकती हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा होने की संभावना है। मगर, हमारे लिए उनकी सुरक्षा सर्वोपरी है।
अचानक क्यों पड़ी सॉफ्टवेयर अपडेट की जरूरत?
बता दें कि 30 अक्टूबर को जेटब्लू का एयर A320 विमान का कंप्यूटर अचानक खराब हो गया था। यह विमान मैक्सिको से अमेरिका जा रहा था, तभी विमान का अगला हिस्सा नीचे झुक गया। आनन-फानन में पायलट ने फ्लोरिडा में प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग करवाई। जांच में पता चला कि सोलर रेडिएशन के कारण प्लेन में खराबी आई थी। ऐसे में एयरबस ने सभी A320 विमानों में सॉफ्टवेयर अपडेट करने का फैसला किया है।
सगाई के मंच पर दूल्हे ने सबके सामने फाड़ दिया 21 लाख का चेक! फिर दुल्हन के पिता से मांगी सिर्फ एक चीज़...मच गया हड़कंप
29 Nov, 2025 01:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Badaut Groom Returns 21 Lakh Dowry: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में हुई एक सगाई समारोह की काफी चर्चा हो रही है. इस सगाई ने समाज में एक बड़ा संदेश दिया है. वाजिदपुर के द ग्रांड पैलेस रिसोर्ट में रक्षित राणा और दिव्या की सगाई हुई, जहां दूल्हे पक्ष को 21 लाख रुपये का चेक दिया गया लेकिन दूल्हे ने चेक वापस कर दिया. कहा, “आप हमें बेटी दे रहे हैं, इससे बड़ा सम्मान क्या हो सकता है?” इस दौरान दूल्हे ने लड़की पक्ष से 1 रुपए देने की मांग की. जब इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर आया तो लोगों ने दूल्हे पक्ष की काफी तारीफ की.
देश में दहेज लेने और देने दोनों को गैर कानूनी माना गया है, लेकिन आज भी कई लोग ऐसे हैं जो बिना दान-दहेज के शादी ही नहीं करते. अगर किसी कारणवश बिना दहेज के शादी कर भी लेते हैं तो लड़की को प्रताड़ित करना शुरू कर देते हैं, इसके साथ ही लड़की पक्ष को हमेशा नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं. उसी समाज में आज भी कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दहेज को अभिशाप मानकर उससे दूरी बनाकर रखते हैं. ऐसा ही मामला बागपत का है, जहां दूल्हे ने केवल 1 रुपये लेकर शादी करने का वादा किया है.
दहेज एक अभिशाप: दूल्हा
दूल्हे रक्षित ने दहेज को लेकर कहा, “दहेज एक अभिशाप है, मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकता.” इस पर उनके परिवार ने भी बखूबी साथ निभाया और चेक को वापस कर दिया. दूल्हे पक्ष का यह निर्णय सुनकर वहां पर बैठे दोनों पक्षों के लोगों ने काफी सराहना की और कहा कि लोगों को इनसे सीखना चाहिए.
दहेज प्रथा को हक समझने वालों के लिए आईना
बता दें, दूल्हा रक्षित पेशे से फाइनेंस एक्सपर्ट हैं, जो मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं. उन्होंने समाज को बदलने के लिए दहेज न लेने की शुरुआत खुद से करने की ठान रखी थी और उन्होंने ऐसा किया भी. रक्षित के घरवालों ने कहा कि इज्जत और संस्कार दहेज से बड़े होते हैं, आपने हमें बेटी दे दी है, यही बहुत है. इस कदम ने समाज को एक बड़ा संदेश दिया है. इसके साथ ही उन सभी के लिए एक आईना दिखाया है, जो दहेज प्रथा को अपना हक समझते हैं.
कफ सिरप केस में उछला नाम तो भड़के धनंजय सिंह, केंद्र से की CBI जांच की मांग
29 Nov, 2025 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी और अवैध सिंडिकेट के बड़े मामले में नाम आने के बाद जौनपुर के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी सफाई पेश की है. धनंजय सिंह ने इसे पूरी तरह राजनीतिक साजिश करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. |
अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल से लगातार पोस्ट करते हुए धनंजय सिंह ने लिखा, “मेरे राजनीतिक विरोधी मेरे बारे में तरह-तरह की भ्रामक बातें और झूठी खबरें फैला रहे हैं. यह पूरा प्रकरण वाराणसी से जुड़ा हुआ है, इसलिए कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल माननीय प्रधानमंत्री जी की छवि धूमिल करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं. मैं केंद्र और राज्य सरकार से मांग करता हूं कि इस मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जाए, ताकि असली दोषी सलाखों के पीछे पहुंचे और मेरे खिलाफ चल रही अनर्गल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति पर विराम लगे.”
धनंजय सिंह ने आगे लिखा, “जो लोग मेरे नाम का इस्तेमाल कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं, उन्हें जल्द ही जनता और कानून दोनों के सामने जवाब देना पड़ेगा. सच्चाई सामने आएगी और झूठ का बुलबुला फूटेगा.”
पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग लगातार कर रहे छापेमारी
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित कोडीन आधारित कफ सिरप की अवैध सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए बड़े स्तर पर छापेमारी की थी. इस कार्रवाई में कई बड़े नाम सामने आए हैं और सोशल मीडिया मे धनंजय सिंह का भी नाम जोड़ा जा रहा है, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक द्वेष की संज्ञा दी है |
पूर्वांचल की राजनीति प्रभावशाली हैं धनंजय
धनंजय सिंह लंबे समय से जौनपुर और पूर्वांचल की राजनीति में प्रभावशाली रहे हैं. 2014 में वे जौनपुर लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे. बाद में उन्होंने कई दलों से दूरी बनाई और निर्दलीय ताकत के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई. वर्तमान में वे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं. अब देखना यह है कि धनंजय सिंह की CBI जांच की मांग पर सरकार क्या रुख अपनाती है और यह मामला पूर्वांचल की सियासत में कितना तूल पकड़ता है |
नाश्ते पर सियासत: सिद्धारमैया–शिवकुमार मुलाकात के बीच कांग्रेस हाईकमान के नए निर्देश
29 Nov, 2025 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के लेकर चल रही खींचतान के बीच शनिवार सुबह डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार नाश्ते के लिए सीएम सिद्धारमैया के आवास पर पहुंचे। माना जा रहा है कि यहां दोनों नेता सीएम पद पर चल रहे विवाद को लेकर चर्चा करेंगे। बता दें कि कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार के बीच जारी सियासी तनाव पर सख्त कदम उठाते हुए दोनों से जल्द से जल्द खुद इस मामले को सुलझाने को कहा है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि शीर्ष नेतृत्व ने दोनों से अलग-अलग बात कर उन्हें मामला सुलझाने के लिए कहा।
आलाकमान से आए फोन के बाद शनिवार को सिद्धरमैया ने शिवकुमार को सुबह के नाश्ते पर आमंत्रित किया। इसमें नेतृत्व विवाद पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने इस बारे में कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को मुद्दों को सुलझाने के लिए समय की समझ है।
गृह मंत्री ने कही ये बात
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा, "कोई डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाना चाहता है, कोई सिद्धारमैया को बनाए रखना चाहता है, और कोई मुझे सीएम बनाना चाहता है, और कोई किसी और को चाहता है। इसलिए आप लोगों की उम्मीदों को रोक नहीं सकते। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मुझे नहीं लगता कि यह गलत है। यह हाई कमान पर निर्भर करता है। इन सभी घटनाओं पर हाई कमान की नजर जरूर होती है। वे इन घटनाक्रमों पर ध्यान देते हैं, और वे उन्हें सुलझा लेंगे।"
विपक्ष ने ली चुटकी
कर्नाटक नेतृत्व विवाद पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक आर. अशोक ने कहा, "यह कर्नाटक की राजनीति में बेहद अहम चरण है। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच लड़ाई सड़क पर आ गई है। कांग्रेस हाईकमान कमजोर है। डीके शिवकुमार की मांग के मुताबिक, आधे टर्म का पावर-शेयरिंग का फॉर्मूला लागू होना चाहिए, लेकिन सिद्धारमैया नहीं जा रहे हैं। पिछले एक साल से कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। सीएम और डिप्टी सीएम के बीच कोई सहयोग-सामंजस्य नहीं है। कोई मंत्री काम नहीं कर रहा है, सब घर बैठे हैं और विधानसभा भी नहीं आ रहे। पूरा राज्य इस बात को लेकर भ्रम में है कि मुख्यमंत्री कौन है। आज हमारी भाजपा और जेडीएस की बैठक है।
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