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कालाका नहर के पास मिली लाश, हत्या की आशंका पर जांच तेज़
5 Jun, 2025 01:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा जिले के रेवाड़ी के कालाका नहर के पास 31 मई को एक शव बरामद हुआ था. पुलिस ने शव की लोकेशन और मृतक के गांव के बीच रास्ते में खून के निशान भी पाए थे. शव की पहचान संगवाड़ी गांव के रहने वाले लाल सिंह के रूप में हुई थी. इस हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई थी. मामले में मृतक के भाई ने शिकायत दी थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था.
अब पुलिस ने इस हत्याकांड में हैरान कर देने वाला खुलासा किया है. पुलिस ने खुलासा किया है कि लाल सिंह की हत्या उन्हीं के दोनों बेटों ने की है. यानी जो बेटे पिता की मौत का दुख मना रहा थे, वो ही पिता के कातिल निकले. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मृतक लाल सिंह के बेटे मोहित और साथी पवन खुशवाह के रूप में हुई है.
दोनों बेटों ने साथी के साथ मिल की थी पिता की हत्या
पवन खुशवाह मूल रूप से मथुरा का निवासी है और वर्तमान में बनीपुर चौक के पास किराये पर रहता था. दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया और एक दिन की रिमांड पर लिया है. जांच में पता चला है कि दोनों बेटों ने अपने तीसरे साथी पवन खुशवाह के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या की थी. लोहे की मुसली (सलाईनुमा हथियार) सिर पर मारकर लाल सिंह की हत्या की गई थी. फिर शव को बाइक पर रखा गया था. इसके बाद उसे कालका नहर के पास फेंक दिया गया था.
इस वजह से की हत्या
इस मामले में तीसरा आरोपी लाल सिंह का बेटा रोहित पहले से ही एक आर्म्स एक्ट के मामले में न्यायिक हिरासत में है. पुलिस उसको प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी. वहीं पुलिस पूछताछ में मोहित ने बताया कि पारिवारिक जमीन के विवाद में उसने अपने भाई रोहित और साथी पवन कुशवाह के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या को अंजाम दिया.
न्यूज़ीलैंड की महिला सांसद लॉरा मैकक्लर ने संसद में दिखाई अपनी AI जनित न्यूड फोटो, मचा हड़कंप!
5 Jun, 2025 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूजीलैंड: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक के लेकर हमेशा से ही चर्चा होती रही है.लाभ के साथ-साथ इनके दुष्प्रभाव भी सामने आते रहे हैं.अब तो लोगों की प्राइवेसी भी खतरे में नजर आ रही है.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक जैसे टूल्स से लोगों की फेक तस्वीरें और वीडियो तक बनाए जा रहे हैं.ऐसा ही कुछ न्यूजीलैंड की महिला सांसद लॉरा मैकक्लर के साथ हुआ है.इसके बाद महिला सांसद ने जो किया वो वह सिर्फ न्यूजीलैंड में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है।
न्यूजीलैंड की महिला सांसद ने क्या किया?
न्यूजीलैंड की महिला सांसद लॉरा मैकक्लर ने अपनी ही न्यूड फोटो संसद में दिखा दी.संसद में जब लॉरा ने बताया कि तस्वीर नकली है और इसे उन्होंने AI से खुद बनाया है तो लोग और भी हैरान रह गए.सांसद ने कहा कि ऐसी तमाम डीपफेक तस्वीरें इंटरनेट पर बनाना बहुत आसान है.उन्होंने कहा कि मुझे खुद की डीपफेक फोटो बनाने में पांच मिनट से भी कम समय लगा।
न्यूजीलैंड की महिला सांसद ने क्या कहा?
लॉरा मैकक्लर ने डीपफेक रोकने के लिए मजबूत कानून बनाने की पैरवी करते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल महिलाओं और लड़कियों को अपमानित करने और उनका शोषण करने के लिए किया जा रहा है.यह उनकी इजाजत के बिना हो रहा है और अभी इसके खिलाफ कोई स्पष्ट कानून नहीं है.उन्होंने यह भी कहा कि "दिक्कत टेक्नोलॉजी में नहीं है, बल्कि यह है कि इसका गलत इस्तेमाल लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए कैसे किया जा रहा है.हमारे कानूनों को भी इसके लिए सख्त होना पड़ेगा।"
'यह डरावना और अपमानजनक होता है'
महिला सांसद ने संसद में कहा, "कोई भी व्यक्ति यह अनुभव करे कि इंटरनेट पर उसकी एक फेक न्यूड फोटो वायरल हो रही है और वह पूरी तरह असहाय महसूस कर रहा है.यह बेहद डरावना और अपमानजनक होता है.हमें यह रुकवाना ही होगा।" लॉरा ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए संसद में Deepfake Digital Harm and Exploitation Bill भी पेश किया है.यह विधेयक बिना अनुमति के डीपफेक अश्लील कंटेंट बनाने और शेयर करने पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग करता है.
BLA का पाक सेना पर बड़ा हमला; 5 पाक सैनिकों की मौत, कई घायल
5 Jun, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान: बलूचिस्तान पाकिस्तान के हाथों से फिसलता जा रहा है, BLA लड़ाकों ने पाक सेना को घुटनों पर ला दिया है. बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट लगातार पाकिस्तानी सेना पर हमलों के वीडियो जारी कर रहा है. गुरुवार को BLA ने एक हमले में 5 पाक सैनिकों के मारे जाने की जानकारी दी है. पाकिस्तान सेना के लिए अब बलूचिस्तान पर नियंत्रण रखना टेढ़ी खीर हो गया है और आए दिन उसको बड़े नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. विद्रोही समूह की ओर से जारी बयान के मुताबिक बलूच लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने जमुरान और क्वेटा में दो अलग-अलग हमलों में पाकिस्तानी सेना और उसके उप-बलों को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप 5 सैनिकों की मौत हो गई और एक अधिकारी सहित कई अन्य घायल हुए हैं.
घात लगाकर किया हमला
बलूच लड़ाकों ने केच के जमुरान इलाके में कुंड कापरान में पाकिस्तानी सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला किया. हमले में पाक सेना के दो वाहन तबाह हो गए. इस हमले में 5 कर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. इसी तरह का एक हमला सोमवार को BLA ने क्वेटा के पूर्वी बाईपास पर बकरा मंडी के पास किया था, जिसमें एक पुलिस वाहन को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमला किया गया था. हमले में SHO नूरुल्लाह और अन्य कर्मी घायल हो गए थे.
BLA ने ली हमले की जिम्मेदारी
बलूच लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने बया में कहा, बलूच लिबरेशन आर्मी दोनों ऑपरेशनों की जिम्मेदारी लेती है. हमारा सशस्त्र संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक कि कब्जे वाली राज्य सेनाएं पूरी तरह से वापस नहीं आ जातीं और राष्ट्रीय मुक्ति हासिल नहीं हो जाती.
जल संकट के बीच पाकिस्तान ने भारत से बातचीत की जताई इच्छा, पाक विदेश मंत्री बोले– 'भारत से व्यापक वार्ता चाहते हैं'
5 Jun, 2025 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान: भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के बाद सीमा पर हालात सामान्य बने हुए हैं. हालांकि, अभी भी दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हैं. वहीं, सिंधु जल समझौता खत्म होने के बाद पाकिस्तान पानी के लिए तरस रहा है. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा है कि दोनों देशों के बीच दोबारा सैन्य संघर्ष शुरू होने की आशंका बेहद कम है. इसके साथ ही उन्होंने पानी सहित कई मुद्दों पर भारत के साथ बड़े स्तर की बातचीत की इच्छा भी जाहिर की है.
इशाक डार ने कहा कि वह भारत के साथ व्यापक बाचतीच चाहते हैं. जिसमें पानी सहित कई मुद्दे शामिल हैं, लेकिन भारत सिर्फ आतंकवाद पर बातचीत करना चाहता है. ऐसे नहीं होता है. इस्लामाबाद में न्यूज कॉन्फ्रेंस के दौरान डार ने कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन आतुर नहीं हैं.
सैन्य संघर्ष की आशंका कम
इशाक डार से जब दोनों देशों के बीच दोबारा सैन्य संर्घष की आशंका पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इसकी संभावना बेहद कम है. डार ने कहा कि सीजफायर हो चुका है. दोनों देशों के सैनिकों के लौटने की प्रक्रिया पूरी हो चुकि है. ऐसे में सैन्य संघर्ष दोबारा शुरू होने की आशंका बेहद कम है. उन्होंने कहा कि संघर्ष विराम बरकरार है. हालांकि, सैन्य संघर्ष की आशंका को सिरे से खारिज करने की बजाय उन्होंने कहा कि लवह भविष्य नहीं बता सकते.
पहलगाम हमले के बाद बिगड़ी बात
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में चार हथियारबंद आतंकियों ने निहत्थे और निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी. इस घटना में 26 लोग मारे गए थे. हमलावरों ने पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली थी. इसके बाद भारत ने सिंधु जल समझौता रद्द करने समेत कई प्रतिबंध लगाए. पाकिस्तानी नागरिकों को उनके देश लौटने के लिए कहा और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. इसके बाद दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने थीं. लगभग चार दिन तक दोनों देश एक-दूसरे पर हवाई हमले करते रहे. इसके बाद पाकिस्तानी डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ से बातचीत की और सीजफायर पर सहमति बने. इससे पहले दोनों देशों की तरफ से एक-दूसरे पर कई मिसाइस और ड्रोन दागे गए थे.
कोलोराडो हमले के बाद अमेरिकी सख़्ती, 12 मुस्लिम देशों के लोगों की एंट्री बैन
5 Jun, 2025 11:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और अफगानिस्तान समेत 12 देशों के लोगों की एंट्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. इसके अलावा 7 देशों पर आंशिक यात्रा प्रतिबंध लगाए गए हैं. ट्रंप का ये फैसला उनके पहले कार्यकाल के दौरान लिए गए मुस्लिम देशों के बैन का विस्तार माना जा रहा है. व्हाइट हाउस के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम का हवाला देते हुए 12 देशों से अमेरिका की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं. इस फैसले को लेते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “अगर भौतिक सुधार किए गए तो लिस्ट में बदलाव किया जा सकता है और दुनिया भर में खतरे उभरने पर अतिरिक्त देशों को भी इसमें जोड़ा जा सकता है.”
कौन से देशों पर लगाया बैन?
प्रतिबंधित देशों में अफगानिस्तान, चाड, कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, म्यांमार, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल हैं. वहीं आंशिक प्रतबंधों वाले देशों में बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला शामिल हैं.
क्यों लगाया गया प्रतिबंध?
व्हाइट हाउस के मुताबिक ये प्रतिबंध अमेरिकियों को खतरनाक विदेशी तत्वों से बचाएंगे. अपनी ट्रुथ सोशल वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में ट्रंप ने कहा कि कोलोराडो के बोल्डर में हाल ही में हुआ कथित आतंकवादी हमला विदेशी नागरिकों ने किया ता. जो विदेश से आने वाले अत्यधिक खतरे को रेखांकित करता है, जिनकी उचित जांच नहीं की गई थी.
बता दें रविवार को कोलोराडो में हुए हमले में 12 लोग घायल हो गए थे. इजराइली बंधकों के लिए हो रहे एक प्रदर्शन पर एक फिलिस्तीनी समर्थित शख्स ने हमला कर दिया. उसने समूह पर दो आग लगाने वाले उपकरण फेंके और एक अस्थायी आग फेंकने वाले हथियार का इस्तेमाल किया था. हमले के आरोपी व्यक्ति की पहचान मिस्र के नागरिक के रूप में की गई है. जिसके बाद से विदेशी खतरों पर अमेरिका में चर्चा बढ़ गई है.
गुटबाजी से जूझती हरियाणा कांग्रेस: राहुल गांधी के दौरे से क्या बनेगी बात?
4 Jun, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज यानी कि 4 जून को हरियाणा दौरे पर जाएंगे. यहां वे हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में पार्टी कार्यालय में संगठन के विस्तार को लेकर प्रदेश कांग्रेस नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे. इसके साथ ही संगठन में विस्तार के साथ ही प्रदेश कांग्रेस का हाल जानेंगे. इस दौरान उनके साथ संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल होंगे. हरियाणा दौरे ठीक एक दिन पहले राहुल मध्यप्रदेश दौरे पर गए थे. यहां उन्होंने गुटबाजी खत्म करने की बात पर जोर दिया.
राहुल गांधी आज 4 जून को सुबह 11.10 पर एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली से चंडीगढ़ पहुंचेंगे.
दोपहर करीब 12 बजे हरियाणा कांग्रेस कमेटी के चंडीगढ़ कार्यालय पहुंचेंगे. हालांकि इस वेन्यू को बदला भी जा सकता है.
12:15 से दोपहर 1 बजे तक पहले चरण में हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ राहुल गांधी की मीटिंग होगी.
1:15 बजे से 2:15 बजे तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की और से नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षकों और हरियाणा कांग्रेस कमेटी की और से नियुक्त राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों के साथ राहुल गांधी चर्चा करेंगे.
दोपहर बाद करीब 2:45 पर चंडीगढ़ हरियाणा कांग्रेस कार्यालय से राहुल गांधी चंडीगढ़ एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे.
रिसीव करने पहुंचेंगे हुड्डा-सैलजा
राहुल गांधी को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर रिसीव करने कांग्रेस प्रभारी बीके हरि सिंह, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला पहुचेंगे. कांग्रेस नेता का यह दौरा पार्टी के संगठन सृजन कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका मकसद जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना है.
मंगलवार को मध्यप्रदेश पहुंचे थे राहुल
राहुल गांधी मंगलवार को मध्य प्रदेश के दौरे पर थे. यहां उन्होंने संगठन सृजन अभियान की शुरुआत की है. मध्यप्रदेश में यह अभियान 10 जून से 30 जून तक चलेगा. राहुल ने 6 घंटे में चार अलग-अलग बैठकें कीं थी. इन बैठकों का मकसद प्रदेश में कांग्रेस की मौजूदा स्थिति देखना और उसमें सुधार लाना था. यहां राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ता को संगठन को मजबूत करने के लिए जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक के लिए लिए बहुत सारे निर्देश दिए हैं. मध्यप्रदेश से ठीक एक दिन बाद ही राहुल का हरियाणा दौरा होने जा रहा है.
चंडीगढ़ के बाद राहुल गांधी का 6 जून को बिहार के मुजफ्फरपुर का दौरा है, जहां इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. पिछले छह महीने में राहुल गांधी का बिहार का यह पांचवां दौरा होगा.
UN मंच पर बिलावल भुट्टो की बोलती बंद, झूठे आरोपों पर करारा जवाब
4 Jun, 2025 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेइज्जती का सामना करना पड़ा है. पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी को हाल ही में संयुक्त राष्ट्र प्रेस वार्ता में सार्वजनिक तौर से मुंह की खानी पड़ी है. दरअसल प्रेस वार्ता के दौरान एक पत्रकार ने उनके उस दावे की तथ्य-जांच की, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में मुसलमानों को ‘राक्षस’ बनाया जा रहा है. तो उनसे कोई जवाब नहीं बना.
संयुक्त राष्ट्र में इस्लामाबाद की कूटनीतिक टीम का हिस्सा भुट्टो ने कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख को दोहराते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह टिप्पणी की कि भारत में मुसलमानों को ‘राक्षस’ बनाया जा रहा है. उन्होंने ये आरोप पहलगाम में हुए हमले के बाद लगाया, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे, साथ ही उन्होंने कहा था कि इस हमले का राजनीतिकरण भारतीय मुसलमानों को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है.
पत्रकार ने कर दिया कायल
इस वार्ता में मौजूद एक विदेशी पत्रकार ने पूछा, "आपने कहा कि कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले का इस्तेमाल भारत में मुसलमानों को बदनाम करने के लिए एक राजनीतिक उपकरण के रूप में किया जा रहा है. लेकिन महोदय, मैंने दोनों पक्षों की ब्रीफिंग देखी है और जहां तक मुझे याद है, भारतीय पक्ष की ब्रीफिंग मुस्लिम भारतीय सैन्य अधिकारी कर रहे थे." यह सुनके ही भुट्टो काफी परेशान हो गए, उन्होंने कोई खंडन नहीं किया और सिर्फ इतना कहा, "जहां तक ऑपरेशन का सवाल है, आप बिल्कुल सही हैं."
कर्नल सोफिया ने दी थी प्रेस ब्रीफ
इस पत्रकार का संदर्भ ऑपरेशन सिंदूर पर कर्नल सोफिया कुरैशी की ओर दी जाने वाली मीडिया ब्रीफिंग से था , जिन्होंने एक अन्य महिला अधिकारी विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ देश भर में प्रसिद्धि प्राप्त की है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी ने मीडिया के सामने पल-पल की जानकारी साझा की थी.
खामेनेई का सख्त रुख: परमाणु कार्यक्रम में कहा- 'नहीं झुकेंगे, अमेरिका के प्रस्ताव को किया खारिज'
4 Jun, 2025 03:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने तेहरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता के दौरान पेश किए गए अमेरिका के प्रस्ताव की आलोचना की है. इस दौरान खामेनेई ने वाशिंगटन के साथ समझौते के विचार को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया है. अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी प्रस्ताव को ‘हम कर सकते हैं’ की अवधारणा के पूरी तरह खिलाफ बताया.
यूरेनियम संवर्धन पर क्या बोले खामेनेई?
खामेनेई ने इस बात पर भी जोर दिया कि तेहरान को यूरेनियम संवर्धन की अपनी क्षमता बनाए रखनी होगी. उन्होंने कहा, "अगर हमारे पास 100 परमाणु ऊर्जा संयंत्र हैं और उनका संवर्धन नहीं हुआ है. तो वो हमारे लिए उपयोग करने योग्य नहीं हैं." उन्होंने कहा, "अगर हम संवर्धन नहीं कर सकते तो हमें अमेरिका के सामने हाथ फैलाना चाहिए."
अस्पष्ट है अमेरिकी प्रस्ताव
ईरान और अमेरिका के बीच पांच दौर की वार्ता के बाद भी अमेरिकी प्रस्ताव का विवरण अस्पष्ट है. एक खबर में अमेरिकी प्रस्ताव का विवरण दिया गया है, जिसकी पुष्टि एक अमेरिकी अधिकारी ने अलग से की है. खबर के अनुसार, प्रस्ताव में ईरान और आसपास के देशों के लिए यूरेनियम संवर्धन करने वाले एक संभावित परमाणु संघ की बात भी शामिल है. यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि ईरान को अपना संवर्धन कार्यक्रम पूरी तरह से छोड़ना होगा या नहीं, क्योंकि खबर दी है कि ईरान कुछ समय तक तीन प्रतिशत शुद्धता तक यूरेनियम का संवर्धन कर सकेगा.
समझौता ना होने पर बढ़ेगा तनाव
ईरान के साथ समझौता करना अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके भरोसेमंद मित्र एवं पश्चिम एशिया के मामलों के लिए अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की कूटनीतिक प्राथमिकताओं में से एक है. समझौते के तहत अमेरिका ईरान पर लगाए गए कुछ कठोर आर्थिक प्रतिबंधों को हटा सकता है जिसके बदले में ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन को सीमित कर सकता है या समाप्त कर सकता है. समझौता ना होने पर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है जहां गाजा पट्टी में इजरायल-हमास युद्ध के कारण पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति है.
बांग्लादेश की आज़ादी के नायकों को झटका, यूनुस सरकार ने छीनी ‘स्वतंत्रता सेनानी’ की पहचान
4 Jun, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस अब बांग्लादेश के इतिहास को बदलने चले हैं. अब उनके निशाने पर बांग्लादेश के गठन के आवाज उठाने वाले और पाकिस्तान से आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानी आ गए हैं. यूनुस सरकार ने रातों रात एक अध्यादेश पारित करते हुए 400 से ज्यादा स्वतंत्रता सेनानियों की मान्यता को रद्द कर दिया है. 1970 के चुनावों में जीतने वाले चार सौ से ज्यादा राजनेताओं की स्वतंत्रता सेनानी मान्यता रद्द की गई है, जिनमें मुक्ति संग्राम का नेतृत्व करने वाले बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान, सैयद नजरूल इस्लाम, ताजुद्दीन अहमद, एम मंसूर अली, एएचएम कमरुज्जमां शामिल हैं. इसके लिए यूनुस सरकारी की ओर से अध्यादेश मंगलवार रात को जारी किया गया.
शेख हसीना की पार्टी के लोगों पर निशाना
राष्ट्रपति के आदेश पर ये अध्यादेश पारित हुआ और उसी दिन रात करीब 11 बजे राष्ट्रीय स्वतंत्रता सेनानी परिषद (जमुका) को राजपत्रित भेजा गया. बता दें कि राष्ट्रीय स्वतंत्रता सेनानी परिषद अधिनियम 2022 में बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान, निर्वासित सरकार के एमएनए, एमपीए और चार श्रेणियों को वीर स्वतंत्रता सेनानी के रूप में मान्यता दी गई थी. नए अध्यादेश में उन्हें मुक्ति संग्राम का सहयोगी बनाया गया है. नतीजतन, स्वतंत्रता सेनानी के रूप में उनकी मान्यता रद्द कर दी गई है.
यूनुस के फैसले का विरोध
जमुका अधिनियम संशोधन के मसौदे पर 10 मार्च से चर्चा हो रही है. जिस पर मुक्ति संग्राम मामलों के सलाहकार फारुक-ए-आजम ने हस्ताक्षर किए थे. 21 मार्च को समाकाले में ‘शेख मुजीब और 400 से अधिक नेताओं को स्वतंत्रता सेनानी के रूप में मान्यता नहीं’ शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी हुई थी. जिसका कई हलकों में कड़ी आलोचना की गई. इसके बाद सलाहकार परिषद की बैठक में कई बार मसौदे पर चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि पहले चरण में 6 मई को चार सौ से ज्यादा राजनेताओं यानी 1970 के विजेताओं की मान्यता बरकरार रखने का फैसला किया गया था. लेकिन बाद में15 मई को सलाहकार परिषद ने कानून मंत्रालय की समीक्षा के अधीन मसौदे को मंजूरी दी.
पुतिन को करारा झटका: यूक्रेन ने तबाह किया रूस का ए-50 जासूसी विमान
4 Jun, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रूस-यूक्रेन जंग में अप्रैल 2025 के महीने में कुर्स्क जीतने के बाद व्लादिमीर पुतिन की नजर पूरे यूक्रेन पर थी. पुतिन के करीबी दिमित्री मेदवेदेव ने इसका खुला ऐलान भी किया, लेकिन जून 2025 में जंग का पासा पलट गया. एक तरफ जहां यूक्रेन ने एक साथ सबसे बड़े ड्रोन स्ट्राइक के जरिए पुतिन के 40 विमान मार गिराए. वहीं अब खबर है कि यूक्रेनी हमले में रूस का सबसे खतरनाक जासूसी विमान ए-50 भी तबाह हो गया है. न्यूजवीक ने सैटेलाइट इमेज के जरिए बताया है कि रूस ए-50 विमान मॉस्को के पास ढेर हो गया है. पत्रिका ने इसके जले हुए मलबे की तस्वीर शेयर की है. इस तस्वीर के आने के बाद कहा जा रहा है कि जंग में पुतिन का वक्त ही खराब चल रहा है.
ए-50 विमान के ढेर होने के मायने
रणनीतिक दृष्टिकोण से इस जासूसी विमान को काफी अहम माना जाता है. यह विमान छोटी और ऊंची मिसाइल हमले के बारे में जानकारी जुटाता है और कमांड को बताता है. रूस की सेना में इसकी संख्या बहुत ही कम है, जिसके कारण इसे एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक यह बहुत ही हल्का विमान है और हवा में उड़ान भरने में माहिर है. ए-50 विमान 400 मील की दूरी के साथ 150 से अधिक लक्ष्य को ट्रैक करने में सक्षम है. 1978 में रूस ने इस विमान को बनाना शुरू किया था. पहली बार 1985 में इसे बेड़े में शामिल किया गया.
यूक्रेन के स्ट्राइक से रूस बेदम
यूक्रेन ने जहां रूस के 40 विमान को मार गिराने का वादा किया है. वहीं क्रीमिया ब्रिज को भी विस्फोट के जरिए उड़ा दिया है. कहा जा रहा हैा कि यूक्रेन के इस अटैक से रूस का करीब 59 अरब रुपए का नुकसान हुआ है. पहली बार जंग में यूक्रेन ने रूस का इतना बड़ा नुकसान एक साथ पहुंचाया है. रूस ने अब तक यूक्रेन पर पलटवार नहीं किया है. कहा जा रहा है कि अब रूसी पलटवार अगर होता है तो यह बड़े जंग में तब्दील हो सकता है. यूक्रेन के साथ-साथ ब्रिटेन, जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों ने भी जंग को लेकर अपनी तैयारियां दुरुस्त कर ली है.
टोरंटो में भीषण गोलीबारी, एक की मौत और पांच गंभीर घायल
4 Jun, 2025 12:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कनाडा: कनाडा के टोरंटो में सामूहिक गोलीबारी की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हो गए हैं. स्थानीय मीडिया के अनुसार, गोलीबारी नॉर्थ यॉर्क के लॉरेंस हाइट्स इलाके में हुई. टोरंटो पुलिस ने पुष्टि की है कि कम से कम पांच लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. टोरंटो की मेयर ओलिविया चाउ और स्थानीय पार्षद डिप्टी मेयर माइक कोल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "लॉरेंस हाइट्स इलाके में आज शाम हुई गोलीबारी की खबर से व्यथित हूं. मेरा कार्यालय टोरंटो पुलिस के संपर्क में है, जो अभी घटनास्थल पर हैं और पुलिस हमले की जांच कर रही है."
इस हमले की हो रही जांच
अधिकारियों के अनुसार, कनाडा के टोरंटो में हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए. घटना के आसपास की परिस्थितियों की जांच की जा रही है. आपातकालीन दल ने मंगलवार को रात करीब 8:30 बजे शहर के उत्तरी हिस्से में लॉरेंस हाइट्स इलाके में इसकी सूचना दी है. टोरंटो पुलिस संचालन केंद्र के अनुसार, यह घटना फ्लेमिंगटन रोड और ज़ैचरी कोर्ट के पास हुई है.
18 से 40 वर्ष के छह लोग घायल
टोरंटो पुलिस ने शुरू में बताया था कि चार लोगों को गोली लगी थी, लेकिन बाद में पैरामेडिक्स की ओर से अपडेटआया छह व्यक्तियों - 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच के पांच पुरुष और एक महिला को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल ले जाया गया. बाद के अपडेट में, पुलिस ने पुष्टि की कि एक व्यक्ति की मौत हो गई और शेष पांच पीड़ित बुरी तरह से घायल हैं.
मजदूरी से वकालत और अब राष्ट्रपति, ली जे-म्यांग बने साउथ कोरिया के नए राष्ट्रपति
4 Jun, 2025 10:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सियोल: दक्षिण कोरिया में विपक्षी उम्मीदवार ली जे-म्यांग मंगलवार देर रात को राष्ट्रपति निर्वाचित हो गए. यह जीत देश में कई महीनों से जारी राजनीतिक उथल-पुथल का अंत करेगी, जो अब अपदस्थ रूढ़िवादी नेता यून सुक येओल द्वारा ‘मार्शल लॉ’ लागू करने के आश्चर्यजनक फैसले के कारण शुरू हुई थी. यह स्पष्ट नहीं है कि ली के चुनाव से दक्षिण कोरिया की विदेश नीति में कोई बड़ा और तात्कालिक बदलाव आएगा या नहीं.
नए राष्ट्रपति के सामने क्या हैं चुनौतियां?
ली पर पहले आलोचकों द्वारा चीन और उत्तर कोरिया की ओर झुकाव और अमेरिका और जापान से दूर रहने का आरोप लगाया गया था. ली ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि दक्षिण कोरिया का अमेरिका के साथ गठबंधन उसकी विदेश नीति का आधार है. दक्षिण कोरिया के नये राष्ट्रपति के सामने सबसे कठिन बाहरी चुनौतियां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कर नीति और उत्तर कोरिया का बढ़ता परमाणु कार्यक्रम हैं. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जो भी राष्ट्रपति बनेगा, वह इन मुद्दों पर दक्षिण कोरिया के पक्ष में बड़ी प्रगति सुनिश्चित करने के लिए कुछ खास नहीं कर पाएगा.
घोषणा से पहले ही किम ने मानी थी हार
स्थानीय समयानुसार, मंगलवार देर रात 2:40 बजे तक लगभग 95 प्रतिशत मतों की गिनती हो चुकी थी. इसके अनुसार डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार ली 48.86 प्रतिशत मतों के साथ आगे थे. मुख्य रूढ़िवादी उम्मीदवार किम मून सू को 41.98 प्रतिशत मत मिले. ली की जीत की औपचारिक घोषणा से पहले ही किम ने अपनी हार स्वीकार कर ली थी और पत्रकारों से कहा था कि वह "लोगों की पसंद को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं." किम ने ली को बधाई भी दी थी.
कब शपथ लेंगे नए राष्ट्रपति?
इससे पहले ली सियोल की सड़कों पर हज़ारों समर्थकों के सामने आए. उन्होंने औपचारिक रूप से जीत का दावा नहीं किया, लेकिन अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने, उत्तर कोरिया के साथ शांति को बढ़ावा देने जैसे अपने प्रमुख नीतिगत लक्ष्यों को दोहराया. उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद के साथ आगे बढ़ना चाहिए और इस पल से एक नई शुरुआत करनी चाहिए." विजयी उम्मीदवार को बुधवार को तत्काल ही राष्ट्रपति पद की शपथ दिला दी जाएगी.
कौन हैं दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति?
ली जे-म्यांग का जीवन गरीबी से अमीरी की ओर बढ़ने वाली प्रेरणादायक कहानी रही है. वह कभी फैक्ट्री में मजदूरी करते थे, फिर मानवाधिकार वकील बने और अब देश के नए राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं. 1963 में ग्योंगबुक प्रांत के एंडोंग के एक सुदूर पहाड़ी गांव में पैदा हुए ली एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं. ली को 2022 के चुनाव में मामूली अंतर से चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. उस समय उनकी पार्टी तीसरे नंबर पर रही थी. ली पहले एक मानवाधिकार वकील थे हालांकि बाद मे राजनेता बन गए. पूर्व राष्ट्रपति यून के खिलाफ चलाए गए महाभियोग में म्यांग की बड़ी भूमिका रही है और यही कारण है कि उन्हें पार्टी ने राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया था.
हरियाणा में राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस का 'संगठन सृजन अभियान' शुरू, बनेगी नई टीम
3 Jun, 2025 07:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पिछले 11 सालों में आठ प्रभारियों द्वारा हरियाणा कांग्रेस का संगठन बनाने में विफल रहने के बाद अब राहुल गांधी ने स्वयं कमान संभाल ली है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बुधवार को चंडीगढ़ आ रहे हैं। वे हरियाणा में कांग्रेस नेताओं को एकजुटता का पाठ पढ़ाने के साथ ही संगठन बनाने के लिए जरूरी दिशा निर्देश देंगे।
दो चरणों में होने वाली बैठकों के दौरान राहुल गांधी सिर्फ 115 नेताओं से मिलेंगे। पहले दौर की मीटिंग राज्य के 17 प्रमुख नेताओं के साथ होगी, जबकि दूसरे दौर की मीटिंग में केंद्रीय व राज्य पर्यवेक्षकों के साथ संगठन बनाने के तौर-तरीके पर बातचीत की जाएगी।
गुजरात मॉडल को अपनाते हुए कांग्रेस ने तय किया है कि हरियाणा में कांग्रेस के अधिकतर जिलाध्यक्ष 50 साल की उम्र के आसपास के होंगे। इससे अधिक उम्र का कोई नेता यदि जिलाध्यक्ष के लिए दावेदारी करता है तो उसके नाम पर राहुल गांधी के स्तर पर ही विचार किया जाएगा।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को करीब सवा 11 बजे चंडीगढ़ स्थित हरियाणा कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में पहुंच जाएंगे। दोपहर ढ़ाई बजे तक उनके लौट जाने का शेड्यूल निर्धारित है।
हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान और हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान जितेंद्र भारद्वाज ने मंगलवार को पूरे दिन कार्यालय में रहकर राहुल गांधी के दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
सुरक्षा बंदोबस्त के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी बैठकें हुई। पूरे कांग्रेस कार्यालय को लगभग सील कर दिया गया है। बुधवार को सुरक्षाकर्मियों द्वारा सिर्फ उन्हीं कांग्रेस नेताओं, केंद्रीय पर्यवेक्षकों व राज्य पर्यवेक्षकों को कांग्रेस कार्यालय में प्रवेश दिया जाएगा, जिनके नाम सूची में शामिल हैं।
राहुल गांधी हरियाणा के जिन 17 नेताओं के साथ पहले दौर की बैठक करेंगे, उनमें प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष धर्मबीर मलिक और फूलचंद मुलाना, राष्ट्रीय महासचिव और सांसद कुमारी सैलजा तथा रणदीप सिंह सुरजेवाला, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव, पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह, नेशनल सेक्रेटरी चेतन चौहान, पूर्व विधायक चिरंजीव राव, नेशनल सेक्रेटरी प्रदीप नरवाल, नेशनल सेक्रेटरी विनीत पूनिया, पूर्व विधायक बलबीर पाल शाह और कांग्रेस पंचायत प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुनील पंवार शामिल हैं। कांग्रेस के दोनों सह प्रभारी जितेंद्र बघेल और प्रफुल्ल गुडधे को भी बैठक में रहने को कहा गया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी में इस बात को लेकर कड़ी नाराजगी है कि हरियाणा के नेताओं की आपसी गुटबाजी के चलते कांग्रेस सत्ता में आते-आते रह गई। पिछले 11 सालों में शकील अहमद, पृथ्वीराज चव्हाण, बीके हरिप्रसाद, गुलाम नबी आजाद, कमलनाथ, विवेक बंसल, शक्ति सिंह गोहिल और दीपक बाबरिया हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी रहे, लेकिन वे कांग्रेस का संगठन तैयार नहीं कर सके।
बीके हरिप्रसाद को दोबारा हरियाणा का प्रभार मिला है। उन्होंने कहा है कि पहले भी मैंने ही संगठन बनाया था और अब भी मैं ही संगठन तैयार करूंगा, लेकिन जिस तरह से पिछले चार माह से संगठन में अपने प्रभाव को लेकर कांग्रेस नेताओं में जंग छिड़ी हुई है, उसके मद्देनजर राहुल गांधी को ही चंडीगढ़ आना पड़ गया है।
केंद्रीय व राज्य पर्यवेक्षकों के जिलों पर होमवर्क पूरा, राहुल करेंगे फाइनल
राहुल गांधी बुधवार को 21 केंद्रीय पर्यवेक्षकों व 77 राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों के साथ भी वार्ता करेंगे। राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों में आठ सह पर्यवेक्षक भी शामिल हैं। इनमेंसबसे अधिक हुड्डा गुट के पर्यवेक्षक हैं। एक केंद्रीय पर्यवेक्षक के साथ तीन-तीन राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
किस केंद्रीय पर्यवेक्षक व राज्य पर्यवेक्षक को कौन सा जिला दिया जाएगा, इस पर मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी के बीच चर्चा हुई। राहुल गांधी की बैठक में चर्चा के इस प्रारूप को रखा जाएगा, जिसके बाद तय होगा कि कौन केंद्रीय पर्यवेक्षक किस जिले में संगठन तैयार करने जाएगा।
कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनने के लिए पांच साल से सक्रिय सदस्यता की शर्त अनिवार्य है। दावेदारों को पर्यवेक्षकों के समक्ष जिलाध्यक्ष पद के लिए आवेदन करना होगा। पार्टी प्रभारी ने एक माह में संगठन बनाने का दावा किया है। इसके बाद ब्लाक अध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया होगी। सबसे आखिर में राज्य कांग्रेस का संगठन बनेगा।
सुबह साढ़े 11 बजे से आरंभ होगा राहुल की बैठकों का दौर
यह पहला मौका होगा जब गांधी परिवार का कोई सदस्य बुधवार को हरियाणा कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय सेक्टर नौ चंडीगढ़ में पहुंचेगा। राहुल गांधी द्वारा ली जाने वाली बैठकों का दौर सुबह 11.30 बजे से आरंभ हो जाएगा। चंडीगढ़ पुलिस ने राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले सभी नेताओं की सूचियां हरियाणा कांग्रेस से ले ली हैं।
सभी प्रवेश द्वार पर इन सूचियों के आधार पर ही इंट्री होगी। बुधवार को सुबह नौ बजे से हरियाणा कांग्रेस मुख्यालय की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस के नाके सक्रिय हो जाएंगे। इस बीच हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान ने कहा कि अब बहुत जल्द कांग्रेस का संगठन खड़ा हो जाएगा। राहुल गांधी के आगमन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
प्रेम विवाह के बाद ससुराल वालों ने पीटा, फरीदाबाद में युवक ने की आत्महत्या!
3 Jun, 2025 07:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रेम विवाह को लेकर सेक्टर-तीन के रहने वाले युवक की ससुराल वालों ने दयालपुर गांव में जमकर पिटाई की। उसने मजबूर होकर अपने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या कर ली। पुलिस ने ससुराल वालों के खिलाफ आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज कर मृतक का बादशाह खान अस्पताल में पोस्टमार्टम करा दिया है।
एसी नगर फरीदाबाद के रहने वाले पिता बजरंगी लाल ने बताया कि उसका बेटा आकाश सेक्टर-चार स्थित एक फैक्ट्री में प्रबंधक था। वह सेक्टर-तीन 36 गज हाउसिंग कॉलोनी में रहता था। उसने दयालपुर की रहने वाली प्रीति से 12 नवंबर-2024 को प्रेम विवाह किया था। इस विवाह से प्रीति के स्वजन खुश नहीं थे।
कमरे में बंद कर किया अपमानित
पहली जनवरी-2025 को प्रीति का भाई ध्रुव और पिता महिपाल निवासी दयालपुर दो बाइक पर आए और प्रीति को अपने साथ बाइक पर बैठा कर गांव ले गए। प्रीति पालतू पिल्ला को भी साथ ले गई। वहां पर पिल्ला बीमार हो गया।
पति आकाश अपने साथ घरेलू सहायिका शिरोमणी, साजन, कृष्णा को साथ लेकर को पिल्ला की दवा देने के लिए दयालपुर चला गया। वहां पर आकाश के साथ उसके साले ध्रुव, ससुर महिपाल, सास संतोष व अन्य ने उन्हें कमरे में बंद करके जमकर पीटा।
पंखा से लटकी मिली डेडबॉडी
इस दौरान ध्रुव ने थार में अपने कुछ बाहरी बदमाशों को भी बुला लिया। उन्होंने प्रीति को भी अलग कमरे में बंद कर दिया। आकाश की सबके सामने जमकर पिटाई की और अपमानित किया। सास संतोष ने घरेलू सहायिका शिरोमणि को भी पीटा। जैसे-तैसे आकाश अपनी कार में बैठ कर वापस सेक्टर-तीन आ गया और उसने सारी घटना के बारे में उन्हें बताया।
घटना की ऑडियो रिकॉर्डिंग है। घरेलू सहायिका शिरोमणि जब घर रोजाना की तरह सुबह साफ-सफाई करने के लिए पहुंची तो आकाश अपने कमरे में पंखा के हुक से फांसी लगाकर मृत अवस्था में लटका हुआ मिला। उसने इस घटना के बारे में स्वजन को जानकारी दी। स्वजन ने सेक्टर-तीन चौकी पुलिस को बताया।
पुलिस ने मृतक के पिता बजरंगी की शिकायत पर आरोपित सास संतोष , साली चीना, डोली , साले ध्रुव, ससुर महिपाल व अन्य 10 लोगों के खिलाफ आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के आरोप मामला दर्ज कर मृतक का बादशाह खान अस्पताल में पोस्टमार्टम करा दिया।
सोशल मीडिया फेम बना जान का खतरा, इस्लामाबाद में 17 साल की टिकटॉकर की गोली मारकर हत्या
3 Jun, 2025 04:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान: पाकिस्तान में क्राइम का ऐसा बोलबाला है कि क्या आम और क्या खास, वहां कोई सेफ नहीं है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अपने ही घर के अंदर 17 साल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सना यूसुफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने एक अज्ञात संदिग्ध के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है. पाकिस्तान के अखबार की रिपोर्ट के अनुसार सना की मां फरजाना यूसुफ की शिकायत पर सोमवार शाम को सुंबल पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई. इसमें अज्ञात आरोपी के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 302 लगाई गई.
कौन थी सना यूनुफ, कैसे हुई हत्या
रिपोर्ट के अनुसार 17 साल की सना यूनुफ पाकिस्तान के अंदर सोशल मीडिया पर फेमस थी. उसके टिकटॉक अकाउंट पर लगभग 800,000 फॉलोअर्स थे और उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगभग 500,000 फॉलोअर्स थे. रिपोर्ट की माने तो एफआईआर में लिखा है कि सना की मां ने कहा है कि हाथ में पिस्तौल लिए एक लड़का शाम करीब 5 बजे अचानक उनके घर में घुस आया और "हत्या करने के इरादे से सीधे मेरी बेटी पर गोली चला दी". उन्होंने बताया कि सना के सीने में दो गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. FIR में कहा गया है कि सना को हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उसने गोली से लगी जख्म के कारण उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.
पाकिस्तान में ऐसी पहली घटना नहीं
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान में किसी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की हत्या हुई है. हाल के महीनों में ऐसी घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है. हाल ही में पंजाब के खुशाब में एक टिकटॉकर महिला की उसके चचेरे भाई ने बेरहमी से हत्या कर दी. इसी तरह, इस साल फरवरी में, एक और महिला टिकटॉकर पेशावर में अपने घर में मृत पाई गई थी.
इस बीच, जनवरी में पाकिस्तान के क्वेटा में एक पिता ने टिकटॉक पर वीडियो बनाने के लिए अपनी अमेरिका में जन्मी किशोर बेटी की हत्या कर दी थी. पुलिस के अनुसार, उसके परिवार को "उसके पहनावे, जीवनशैली और सामाजिक मेलजोल पर आपत्ति थी". परिवार 25 साल तक अमेरिका में रहा था और युवा लड़की ने अपने परिवार के पाकिस्तान वापस जाने से पहले ही टिकटॉक पर कंटेंट पोस्ट करना शुरू कर दिया था.
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