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आलू के छिलके स्किन के लिए कैसे हैं फायदेमंद? जानें आसान और असरदार घरेलू नुस्खे
23 Nov, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Potato Peels हमारी रोजमर्रा की रसोई का हिस्सा तो होते ही हैं, लेकिन अक्सर इन्हें बेकार समझकर फेंक दिया जाता है। जबकि आलू के छिलके आपकी स्किन के लिए किसी नैचुरल सुपरफूड से कम नहीं हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन B6, विटामिन C और कई आवश्यक मिनरल्स पाए जाते हैं, जो त्वचा को ग्लोइंग, साफ और हेल्दी बनाने में मदद करते हैं। Potato Peels का इस्तेमाल टैनिंग, पिगमेंटेशन, डलनेस और कम होते नेचुरल ग्लो जैसी स्किन समस्याओं को कम करने में बेहद प्रभावी माना जाता है।
ग्लोइंग स्किन के लिए मसाज
ताज़ा आलू के छिलके लें और उनका गूदा अंदर की ओर रखते हुए चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें। छिलकों में मौजूद स्टार्च और विटामिन C स्किन टोन को ब्राइट करते हैं और डलनेस कम करते हैं। रोजाना केवल 5 मिनट मसाज से चेहरा साफ और फ्रेश दिखने लगता है।
टैनिंग हटाने के लिए छिलका पैक
Potato Peels को पीसकर पेस्ट बना लें और उसमें थोड़ा गुलाबजल मिलाएं। इसे टैनिंग वाले हिस्से पर लगाएं और 15 मिनट बाद धो दें। इस पैक के एंटी-पिगमेंटेशन गुण सनटैन और डार्क स्पॉट्स को धीरे-धीरे हल्का करते हैं।
पिंपल्स और दाग-धब्बों में राहत
छिलकों में हल्के एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पिंपल्स की सूजन कम करते हैं। प्रभावित हिस्से पर सीधे छिलका रगड़ने से पोर्स साफ होते हैं और दाग धीरे-धीरे हल्के पड़ते हैं।
डार्क सर्कल्स के लिए ठंडक थेरेपी
आलू के छिलकों को कुछ मिनट ठंडे पानी में रखकर आंखों के नीचे लगाएं। इससे आई एरिया की सूजन कम होती है और स्टार्च डार्कनेस को हल्का करता है।
स्किन एक्सफोलिएशन के लिए छिलका स्क्रब
सूखे Potato Peels को पीसकर उसमें दही या एलोवेरा जेल मिलाएं। इसे स्क्रब की तरह चेहरे पर लगाएं। यह डेड स्किन हटाकर चेहरा स्मूद और ब्राइट बनाता है।
Potato Peels पूरी तरह नेचुरल होते हैं और सेंसिटिव त्वचा पर भी आसानी से इस्तेमाल किए जा सकते हैं। प्रकृति से मिला यह आसान और किफायती उपाय आपकी स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में बहुत मदद करता है।
Winter Hair Care: सर्दियों में डैंड्रफ और बाल झड़ने से छुटकारा पाने के 4 आसान घरेलू नुस्खे
10 Nov, 2025 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Winter Hair Care tips: सर्दियां आते ही बाल झड़ने, डैंड्रफ और खुजली की समस्या आम हो जाती है। ठंडी हवा, नमी की कमी और गंदगी के कारण स्कैल्प ड्राई हो जाती है, जिससे रूसी बढ़ती है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो घर में मौजूद कुछ आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे आपके बालों को फिर से हेल्दी बना सकते हैं।
1. दही और शहद से डैंड्रफ हटाएं
दही और शहद का मिश्रण स्कैल्प को मॉइस्चराइज़ करता है और डैंड्रफ को खत्म करता है। एक कटोरी दही में एक चम्मच शहद मिलाकर बालों और स्कैल्प पर 20-30 मिनट लगाएं। फिर माइल्ड शैम्पू से धो लें। इससे बाल चमकदार और मुलायम बनते हैं।
2. मेथी और नींबू का कमाल
रातभर भिगोई हुई मेथी को पीसकर उसमें नींबू का रस मिलाएं। इस पेस्ट को 30 मिनट तक स्कैल्प पर लगाकर रखें और फिर धो लें। यह उपाय हफ्ते में 1-2 बार करने से डैंड्रफ और खुजली खत्म हो जाती है और बालों की जड़ें मजबूत होती हैं।
3. नीम और आंवला का हेयर पैक
नीम और आंवला में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण डैंड्रफ को जड़ से खत्म करते हैं। नीम-आंवला पाउडर को गुनगुने पानी से मिलाकर पेस्ट बनाएं और स्कैल्प पर लगाएं। आधे घंटे बाद धो लें। यह मिश्रण बालों की ग्रोथ बढ़ाने में भी मदद करता है।
4. नींबू और टी ट्री ऑयल का हेयर मास्क
एक नींबू के रस में 4-5 बूंद टी ट्री ऑयल और थोड़ा पानी मिलाकर स्कैल्प पर लगाएं। 30 मिनट बाद शैम्पू करें। यह मास्क फंगल इंफेक्शन से बचाता है और स्कैल्प को हेल्दी रखता है।
अक्तूबर में प्रस्तावित यूपी पुलिस एसआई-एएसआई परीक्षा, जानें एग्जाम पैटर्न और चयन प्रक्रिया
30 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB), लखनऊ द्वारा यूपी पुलिस में कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-A, उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर सीधी भर्ती-2023 के अंतर्गत ऑनलाइन लिखित परीक्षा का आयोजन अक्तूबर माह में प्रस्तावित किया गया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) में जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उ0प्र0 पुलिस में कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-A के पदों पर सीधी भर्ती- 2023 तथा उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) एवं पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर सीधी भर्ती- 2023 की लिखित परीक्षा अक्तूबर माह में कराया जाना प्रस्तावित है।
साथ ही बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से संबंधित अद्यतन जानकारी के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://uppbpb.gov.in पर नियमित रूप से विजिट करते रहें।
क्या है अगला चरण?
परीक्षा की सटीक तिथि, एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की तिथि और विस्तृत शेड्यूल जल्द ही वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
इन पदों पर होगी भर्ती
इस भर्ती में कुल 921 एसआई एवं एएसआई पद, 930 कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड‑A पद और 55 प्रोग्रामर ग्रेड‑2 पद शामिल हैं। एसआई/एएसआई पदों में 268 गोपनीय एसआई, 449 एएसआई (लिपिक) और 204 एएसआई (लेखा) शामिल हैं।
परीक्षा पैटर्न
भर्ती की लिखित परीक्षा 400 अंकों की ऑनलाइन टेस्ट होगी जिसमें चार विषय शामिल होंगे:
सामान्य हिंदी व कंप्यूटर ज्ञान – 100 अंक
सामान्य ज्ञान व समसामयिक विषय – 100 अंक
संख्यात्मक एवं मानसिक योग्यता – 100 अंक
तार्किक क्षमता व बुद्धिबल – 100 अंक
चयन प्रक्रिया
उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, उसके बाद दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक परीक्षण और प्यूटर टाइपिंग या आशुलिपि परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। लिखित परीक्षा 400 अंकों के लिए आयोजित की जाएगी और परीक्षा की अवधि 2.5 घंटे होगी। परीक्षा में 200 प्रश्न होंगे।
MTS और हवलदार पदों के आवेदन में सुधार की नई तारीख जारी, जानें कब और कैसे करें करेक्शन
29 Jul, 2025 06:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित मल्टी-टास्किंग (गैर-तकनीकी) कर्मचारी और हवलदार परीक्षा 2025 में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए एक जरूरी अपडेट सामने आया है। आयोग ने आवेदन फॉर्म में सुधार करने की तिथियों में बदलाव किया है।
पिछले नोटिस के अनुसार, करेक्शन विंडो 29 जुलाई से 31 जुलाई 2025 (रात 11 बजे तक) खुलनी थी। लेकिन अब इसे संशोधित कर दिया गया है।
नई करेक्शन विंडो की तिथियां
पहले यह करेक्शन विंडो 29 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक खुली रहने वाली थी, लेकिन अब आयोग ने इसे संशोधित करते हुए 4 अगस्त से 6 अगस्त 2025 (रात 11 बजे तक) तक के लिए बढ़ा दिया है। इस नई समय-सीमा के तहत उम्मीदवार अपने आवेदन फॉर्म में जरूरी सुधार ऑनलाइन माध्यम से कर सकेंगे।
क्या कर सकते हैं सुधार?
इस करेक्शन विंडो के दौरान उम्मीदवार अपने आवेदन पत्र में की गई गलतियों को सुधार सकते हैं, जैसे:
व्यक्तिगत जानकारी (नाम, जन्मतिथि आदि)
परीक्षा केंद्र विकल्प
कैटेगरी या अन्य चयन विकल्प
ध्यान दें: एक बार फॉर्म सबमिट करने के बाद केवल सीमित जानकारी ही संशोधित की जा सकती है। इसलिए सुधार करते समय सावधानी बरतें।
अब 5464 पदों पर होगा चयन
हाल ही में एसएससी ने मल्टी-टास्किंग स्टाफ और हवलदार भर्ती के लिए जारी रिक्तियों में बदलाव किया था। आयोग की ओर से जारी अपडेट में कहा गया है कि हवलदार के रिक्त पदों की संख्या को 1075 से बढ़ाकर 1089 किया गया है। जबकि एमटीएस पदों की कुल अनुमानित संख्या अब 4375 कर दी गई है।
कैसे होगा चयन
एसएससी एमटीएस और हवलदार भर्ती 2025 के तहत उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBE), शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)/शारीरिक मानक परीक्षा (PST) और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। एमटीएस पद के लिए केवल CBE जरूरी है, जबकि हवलदार पद के लिए CBE के साथ PET और PST भी अनिवार्य होंगे। चयन प्रक्रिया में सफल होने के बाद उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के वेतन मैट्रिक्स के अनुसार लेवल-1 का वेतन मिलेगा।
परीक्षा का पैटर्न
एसएससी एमटीएस और हवलदार परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी, जिसे दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक सत्र के लिए 45 मिनट का समय निर्धारित है और कुल 90 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा हिंदी, अंग्रेजी सहित 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी। हवलदार पद के लिए CBE के बाद शारीरिक परीक्षण भी होगा, जिसमें उम्मीदवारों की दौड़, ऊंचाई, वजन आदि मापदंडों पर जांच की जाएगी।
MPESB PAT 2025 परीक्षा 26 जुलाई को, एडमिट कार्ड जारी, उम्मीदवारों के लिए निर्देश अनिवार्य
19 Jul, 2025 01:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट (PAT) 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। इस परीक्षा में शामिल होने वाले योग्य उम्मीदवार esb.mp.gov.in पर जाकर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा समय से पहले केंद्र पर पहुंचें और एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र अवश्य साथ रखें।
दो पालियों में आयोजित होगी PAT 2025 परीक्षा
प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट (PAT) 2025 का आयोजन 26 जुलाई, 2025 को दो पालियों में किया जाएगा ताकि अधिक संख्या में अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सके। पहली पाली सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।
इन गाइडलाइंस का जरूर करें पालन
परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र (वोटर आईडी, पैन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट) लाना अनिवार्य है। ई-आधार तभी मान्य होगा जब वह UIDAI से वेरीफाई हो।
परीक्षा में प्रवेश के समय और दौरान बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन किया जाएगा।
उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में रिपोर्टिंग समय से पहले पहुंचना होगा। लेट आने वाले उम्मीदवारों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, लॉग टेबल, नकल पर्चा आदि लाना सख्त मना है।
केवल ऑनलाइन आवेदन क्रमांक के जरिए ही एडमिट कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है, इसलिए इसे संभालकर रखें।
परीक्षा में ब्लू/ब्लैक बाल पेन और एडमिट कार्ड साथ लाना जरूरी है।
परीक्षा शुरू होने के बाद से लेकर खत्म होने तक कोई भी उम्मीदवार परीक्षा कक्ष से बाहर नहीं जा सकता।
आवेदन के समय उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच नहीं होती, इसलिए उनकी पात्रता सिर्फ अस्थायी मानी जाएगी।
ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
सबसे पहले आप आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाएं
अब होमपेज पर, PAT एडमिट कार्ड 2025 लिंक पर क्लिक करें
इसके बाद, अपना आवेदन क्रमांक और जन्मतिथि दर्ज करें।
अब लॉग इन करें और एडमिट कार्ड डाउनलोड करें।
अंत में भविष्य के संदर्भ के लिए एडमिट कार्ड का एक प्रिंटआउट ले लें।
UPSSSC PET के बिना नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, तैयारी शुरू करें आज से
15 Jul, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
UPSSSC PET Exam 2025: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए यूपीएसएसएससी पीईटी एक अनिवार्य प्रवेश परीक्षा बन चुकी है। यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित यह प्रारंभिक पात्रता परीक्षा अब ग्रुप-सी और अन्य कई पदों पर भर्ती के लिए पहली बाध्यता बन चुकी है।बिना पीईटी पास किए कोई भी अभ्यर्थी मुख्य परीक्षाओं या आगे की चयन प्रक्रियाओं में शामिल नहीं हो सकता। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किन-किन पदों के लिए पीईटी अनिवार्य है और इसकी तैयारी क्यों जरूरी हो गई है।
परीक्षा तिथि और समय
यूपीएसएसएससी पीईटी 2025 परीक्षा का आयोजन 6 और 7 सितंबर 2025 को किया जाएगा। यह परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित होगी। पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें और एडमिट कार्ड व अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाएं।
PET प्रमाणपत्र की वैधता
यूपी पीईटी में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का स्कोर 3 वर्षों तक मान्य रहेगा, यदि कोई उम्मीदवार चयनित नहीं होता है, तो उसे अगले वर्ष फिर से PET परीक्षा में शामिल होना पड़ सकता है।
कैसे होगा चयन प्रक्रिया
पीईटी परीक्षा को केवल एक प्रारंभिक योग्यता परीक्षा के रूप में देखा जाता है। पीईटी पास करने के बाद उम्मीदवारों को आयोग द्वारा संबंधित पदों के लिए जारी मुख्य परीक्षा, टाइपिंग टेस्ट, फिजिकल टेस्ट या इंटरव्यू में भाग लेने का अवसर मिलता है। चयन की यह प्रक्रिया पद के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, लेकिन पीईटी पास किए बिना कोई भी उम्मीदवार आगे की प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकता।
किन पदों के लिए अनिवार्य है पीईटी परीक्षा?
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) कई महत्वपूर्ण सरकारी पदों के लिए अनिवार्य कर दी गई है। यदि आप निम्नलिखित पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, तो पीईटी में शामिल होना आपके लिए जरूरी है:
राजस्व लेखपाल
ग्राम पंचायत अधिकारी
वन रक्षक एवं वन्य जीव रक्षक
आईटीआई अनुदेशक
सहायक बोरिंग टेक्नीशियन
एक्स-रे टेक्नीशियन
एग्रीकल्चर असिस्टेंट
राजस्व विभाग में जूनियर असिस्टेंट
अकाउंटेंट एवं ऑडिटर
गन्ना विभाग में सर्वेयर
यूपी एएनएम एवं मंडी परिषद संयुक्त संवर्ग
सम्मिलित तकनीकी सेवाएं
इन सभी Group 'C' पदों पर आवेदन के लिए पीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य शर्त है। पीईटी क्वालीफाई किए बिना इन पदों के लिए आवेदन नहीं किया जा सकता।
नई पीढ़ी की पहली पसंद: टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 77% युवाओं की रुचि
30 Jun, 2025 08:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
est Career Options: हाल ही में जारी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार करियर के लिहाज से नई पीढ़ी के युवाओं की पहली पसंद प्रौद्यौगिकी की फील्ड बन रही है. तकरीबन 77 फीसदी युवा इसमें अपनी रूचि दिखा रहे हैं.
नई दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) Best Career Options: भारत में टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री नई पीढ़ी के छात्रों का पसंदीदा क्षेत्र बनकर उभर रहा है और करीब 77 प्रतिशत युवा इस क्षेत्र के प्रति रुचि दिखा रहे हैं. सोमवार को एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया. सॉफ्टवेयर कंपनियों के संगठन नैसकॉम ने इनडीड के साथ संयुक्त रूप से तैयार इस रिपोर्ट में कहा है कि भारत में तकनीकी कार्यबल में ‘मिलेनियल्स’ और ‘जेन जेड’ वाली पीढ़ी का योगदान लगभग 90 प्रतिशत है. यह उच्च पीढ़ीगत विविधता को सक्षम बनाता है और प्राथमिकताओं को भी बदलता है.
‘जेन जेड’ का संबोधन 1990 के दशक के अंतिम और 2000 के दशक के अंतिम वर्षों में जन्म लेने वाली पीढ़ी के लिए इस्तेमाल किया जाता है. वहीं ‘मिलेनियल्स’ की श्रेणी में 1980 के दशक के शुरुआती और 1990 के दशक के मध्य तक पैदा होने वाले युवा रखे जाते हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक, ‘सीखना एवं वृद्धि के साथ संस्कृति एवं नैतिकता किसी भी संगठन का चयन करते समय मिलेनियल्स और जेन जेड दोनों के लिए शीर्ष मानदंड हैं. यह मौजूदा कामकाजी माहौल से निपटने और अपने वांछित करियर राह तैयार करने के लिए कौशल एवं क्षमता विकास पर नियोक्ताओं की सतत अहमियत को रेखांकित करता है.
रिपोर्ट कहती है कि भारत में प्रौद्योगिकी उद्योग जेन जेड छात्रों के लिए पसंदीदा उद्योग बना हुआ है और 77 प्रतिशत छात्र इस उद्योग को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.’ नैसकॉम और इनडीड के इस संयुक्त सर्वेक्षण में 185 नियोक्ताओं के साथ वर्तमान और भावी कार्यबल के 2,500 से अधिक सदस्य शामिल थे. इस रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 84 प्रतिशत नियोक्ता ‘गिग मॉडल’ की तलाश में हैं या उसके लिए तैयार हैं. इसमें स्टार्टअप और व्यवसाय प्रक्रिया प्रबंधन (बीपीएम) क्षेत्र इस खंड में नियुक्ति में आगे
सीसीएसयू में ऑनर्स कोर्स में बढ़े पंजीकरण
21 Jun, 2025 02:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में चल रही पंजीकरण प्रक्रिया में इस वर्ष ऑनर्स कोर्स में भी अच्छी संख्या में पंजीकरण हुए हैं। छात्रों का रुझान ऑनर्स की ओर बढ़ गया है, क्योंकि दिल्ली यूनिवर्सिटी के अलावा भी अब सीसीएसयू में ऑनर्स करने का छात्रों के पास विकल्प है।
सीसीएसयू परिसर में 17 ऑनर्स कोर्स चल रहे हैं। इनमें एडमिशन मेरिट से होंगे। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 30 जून है। सीसीएसयू के परिक्षेत्र में आने वाले जिलों मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर के कॉलेजों में बीए-बीएससी-बीकॉम के अलावा सेल्फ फाइनेंस में 50 से ज्यादा कोर्स संचालित हैं। पिछले कई वर्षों से छात्र-छात्राएं ऑनर्स कोर्सों में एडमिशन लेने को वरीयता दे रहे हैं। सीसीएसयू में पहले ऑनर्स कोर्स नहीं थे
30 जून है यूजी कोर्सों में रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि
सीसीएसयू परिसर और कॉलेजों में यूजी कोर्सों में रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 30 जून है। अगर किसी ने फार्म में गलती है तो उसे एक जुलाई से लेकर छह जुलाई के बीच में सुधारा जा सकता है।
सीसीएसयू कैंपस और कॉलेजों में 13 मई 2025 से यूजी कोर्सों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही है। इसमें बीए-एलएलबी और बीकॉम-एलएलबी के रजिस्ट्रेशन शामिल नहीं हैं। इनके फार्म बाद में आएंगे।
सीसीएसयू के परिक्षेत्र में छह जिले आते हैं। इनमें मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़ और बागपत के कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में 50 से अधिक कोर्स हैं। इनमें एक लाख 30 हजार से अधिक सीटें हैं। अब तक साढ़े 64 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कर दिया है।
ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
स्नातक स्तर के सभी पाठ्यक्रमों, सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में सत्र 2025-26 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण www.ccsuniversity.ac.in पर होंगे। रजिस्ट्रेशन करते समय छात्र-छात्राएं 10वीं और 12वीं की मार्कशीट के साथ आधार कार्ड एवं जरूरी कागजात का ब्योरा देंगे।
सीसीएसयू कैंपस में इन विषयों में हैं ऑनर्स कोर्स
बीए ऑनर्स अंग्रेजी, बीए ऑनर्स हिंदी, बीए ऑनर्स उर्दू, बीए ऑनर्स अर्थशास्त्र, बीए ऑनर्स इतिहास, बीए ऑनर्स राजनीति विज्ञान, बीए ऑनर्स मनोविज्ञान, बीए ऑनर्स समाजशास्त्र, बीए भूगोल ऑनर्स, बीकॉम ऑनर्स, बीएससी बॉटनी ऑनर्स, बीएससी केमेस्ट्री ऑनर्स, बीएससी गणित ऑनर्स, बीएससी ऑनर्स माइक्रोबॉयोलॉजी, बीएससी ऑनर्स फिजिक्स, बीएससी ऑनर्स सांख्यिकी, बीएससी ऑनर्स जूलॉजी
"सही करियर चुनने के लिए बच्चों को इन टिप्स से मिलेगा सही दिशा"
22 Feb, 2025 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एक कपल बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता बन जाते हैं और उसके साथ ही उनकी जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। बच्चे के जन्म के बाद से ही उसके उज्जवल भविष्य का सपना पैरेंट्स अपनी आंखों में संजोने लगते हैं। हो सकता है कि आपने भी कुछ पैरेंट्स के मुंह से सुना होगा कि मेरा बच्चा बड़ा होकर डॉक्टर या इंजीनियर बनेगा। यकीनन ये शानदार करियर विकल्प हैं और इन करियर की राह पर बच्चे के उज्जवल भविष्य की कामना की जा सकती है। लेकिन जरूरी नहीं है कि बच्चा बड़ा होकर हमेशा वही बनना चाहे, जो आपने उसके लिए सोचकर रखा हो। ऐसा भी हो सकता है कि वह अपने भविष्य को लेकर कंफ्यूज हों और उसके लिए यह समझ पाना मुश्किल हो कि वह खुद के लिए क्या चाहता है। इस स्थिति में अभिभावक की भूमिका काफी अहम् हो जाती है। यह एक बेहद कठिन समय होता है और अगर उस समय सही करियर विकल्प का चयन किया जाए तो इससे बच्चे ना सिर्फ अपने जीवन में सफल होते हैं, बल्कि वह एक खुशहाल जीवन भी बिताते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि पैरेंट्स बच्चे की सही करियर राह चुनने में किस प्रकार मदद कर सकते हैं।
अपने सपनों को बच्चे पर न थोपें
अगर आप सच में चाहती हैं कि आपका बच्चा अपने जीवन में खुशहाल व सफल जीवन बिताए, तो यह जरूरी है कि आप कभी भी अपने सपनों को बच्चों पर ना थोपें। याद रखें कि आपका बच्चा एक विशिष्ट व्यक्ति है, इसलिए उसे अपनी इच्छा के अनुसार रास्ता चुनने दें। कभी भी बच्चे पर किसी विशिष्ट करियर को चुनने के लिए दबाव ना बनाएं। बेहतर होगा कि इसके बजाय, उन्हें निर्णय लेने में मदद करने के लिए विकल्प दें, ताकि वह खुद को एक्सप्लोर कर सके।
पैशन को करें डिस्कवर
सही करियर को चुनने के लिए जरूरी है कि आप सबसे पहले उन्हें अपने पैशन को खुद को खोजने का मौका दें। अगर आपको लगता है कि उन्होंने अपने करियर की राह को अपनी शारीरिक या मानसिक मजबूती के साथ नहीं चुना है, तो उन्हें पूरी तरह से मना ना करें। उन्हें अलग-अलग चीजों से परिचित कराकर अपनी स्ट्रेंथ का पता लगाने दें। एक अभिभावक के रूप में, आपको उन कौशलों को ब्रश करने में मदद करनी चाहिए जिन्हें उन्होंने अपने लिए चुना है। एक बार जब वे अपने पैशन को समझ पाएंगे, तो उनके लिए सही करियर को चुनने में भी मदद मिलेगी।
कैरियर काउंसलर की लें मदद
जब आप खुद कुछ तय नहीं कर पा रही हैं तो दूसरों की राय लेना हमेशा अच्छा होता है। चूंकि करियर काउंसिलपेशेवर होते हैं जो आपको सही रास्ता अपनाने के लिए मार्गदर्शन करने के लिए प्रशिक्षित होते हैं, उनसे बात करके आपके बच्चे के कैरियर की आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है। जब आप और बच्चा यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि उसकी करियर की सही राह क्या है तो ऐसे में करियर काउंसलर यकीनन एक लाइफ सेवर बनकर सामने आते हैं।
12वीं साइंस पास छात्रों के लिए ये हैं टॉप करियर ऑप्शन, सही रास्ता चुनें
18 Feb, 2025 05:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करियर| 12वीं क्लास के बाद एक सही कोर्स का चुनाव करना बहुत जरूरी है। क्योंकि शुरुआत से ही सही डायरेक्शन में पढाई करके करियर में बूस्ट मिलता है। लेकिन कई बार अपने लिए एक सही कोर्स का पता लगाना थोड़ा कठिन होता है। इसी उलझन को दूर करने के लिए, हम लाये हैं आपके लिए कुछ बेस्ट ऑप्शंस।
NDA
NDA एक एंट्रेंस एग्जाम है जो इंडियन आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में ऑफिसर्स के सिलेक्शन के लिए आयोजित किया जाता है। यह एग्जाम एक साल में दो बार होता है। NDA का एग्जाम पास करने के बाद कैडेट्स को ट्रेनिंग दी जाती है, जो ट्रेनिंग को पूरा करने के बाद में आर्मी, एयरफोर्स और नेवी में ऑफिसर्स बनते हैं।
B.Arch
B.Arch में छात्रों को विभिन्न आर्किटेक्चरल डिज़ाइन तकनीकों, ग्राफिक्स, और आर्किटेक्चरल डिजाइन की स्किल सीखाई जाती है। B.Arch के बाद, आप एक प्रोफेशनल आर्किटेक्ट बन सकते हैं। आप इंटीरियर डिजाइनिंग में भी करियर बना सकते हैं।
बैचलर ऑफ प्लानिंग एंड डिजाइन
बैचलर ऑफ प्लानिंग एंड डिजाइन कोर्स में योजना, और विकास के क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन प्रदान की जाती है। इस कोर्स में छात्रों को शहरों से जुड़े कई क्षेत्रों में ट्रेनिंग दी जाती है, जैसे कि डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, और प्रॉब्लम मैनेजमेंट। आप अर्बन प्लैनिंग, रियल एस्टेट डेवलपमेंट, एनवायरमेंटल कंसलटिंग और सरकारी एजेंसियों में जॉब कर सकते हैं।
इंडियन आर्मी में टेक्निकल एंट्री
इंडियन आर्म्ड फोर्सज में टेक्निकल फील्ड में ऑफिसर्स की भर्ती के लिए टेक्निकल एंट्री स्कीम होती है। इसमें जाने के लिए कैंडिडेट को 12वीं पास करना और उसमें विज्ञान विषयों में 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त करना आवश्यक है। इसमें भर्ती होने के लिए SSB पास करना होता है और उसके बाद मेडिकल टेस्ट देना होता है। इन दोनों को क्वालीफाई करने वाले कैडेट को 5 साल की प्री कमेंसमेंट और पोस्ट कमेंसमेंट ट्रेनिंग पूरी करनी होती है, जिसके बाद वे इंडियन आर्म्ड फोर्सज में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त होते हैं।
BE/B.Tech
BE/B.Tech टेक्निकल एजुकेशन में ग्रेजुएशन प्रोग्राम है। इसमें सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग आदि होते हैं। इसमें ग्रेजुएशन करके आप इनमें से किसी भी प्रकार के इंजीनियर बन सकते हैं और उसमें अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं।
B.Sc/BCS/BCA
तीनों ही ग्रेजुएशन लेवल के कोर्स हैं जिनमें साइंस और कंप्यूटर से संबंधित विषयों पर ध्यान केंद्रित है। BCA और BCS के ग्रेजुएट्स को सॉफ़्टवेयर डेवेलपमेंट क्षेत्र में जॉब मिल सकती है। आप वेब डिज़ाइनर और डेवेलपर, डेटा एनालिस्ट, नेटवर्क इंजीनियर बन सकते हैं।
युवाओं के लिए करियर की पहली पसंद बनी ये फील्ड, 75% से ज्यादा ने किया चयन
17 Feb, 2025 06:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत में टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री नई पीढ़ी के छात्रों का पसंदीदा क्षेत्र बनकर उभर रहा है और करीब 77 प्रतिशत युवा इस क्षेत्र के प्रति रुचि दिखा रहे हैं. सोमवार को एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया. सॉफ्टवेयर कंपनियों के संगठन नैसकॉम ने इनडीड के साथ संयुक्त रूप से तैयार इस रिपोर्ट में कहा है कि भारत में तकनीकी कार्यबल में ‘मिलेनियल्स’ और ‘जेन जेड’ वाली पीढ़ी का योगदान लगभग 90 प्रतिशत है. यह उच्च पीढ़ीगत विविधता को सक्षम बनाता है और प्राथमिकताओं को भी बदलता है.
‘जेन जेड’ का संबोधन 1990 के दशक के अंतिम और 2000 के दशक के अंतिम वर्षों में जन्म लेने वाली पीढ़ी के लिए इस्तेमाल किया जाता है. वहीं ‘मिलेनियल्स’ की श्रेणी में 1980 के दशक के शुरुआती और 1990 के दशक के मध्य तक पैदा होने वाले युवा रखे जाते हैं|
रत में प्रौद्योगिकी उद्योग जेन जेड छात्रों के लिए पसंदीदा उद्योग बना हुआ है और 77 प्रतिशत छात्र इस उद्योग को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.’ नैसकॉम और इनडीड के इस संयुक्त सर्वेक्षण में 185 नियोक्ताओं के साथ वर्तमान और भावी कार्यबल के 2,500 से अधिक सदस्य शामिल थे. इस रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 84 प्रतिशत नियोक्ता ‘गिग मॉडल’ की तलाश में हैं या उसके लिए तैयार हैं. इसमें स्टार्टअप और व्यवसाय प्रक्रिया प्रबंधन (बीपीएम) क्षेत्र इस खंड में नियुक्ति में आगे हैं.
इन फील्ड की बढ़ रही है मांग
ज्यादा संगठनों के नई प्रौद्योगिकियां अपनाने से कृत्रिम मेधा (एआई) एवं मशीन लर्निंग (एमएल) वैज्ञानिक, क्वांटम कंप्यूटिंग शोधकर्ता, क्वांटम एआई डेवलपर और ब्लॉकचेन विशेषज्ञ जैसी विशेषज्ञ भूमिकाओं की मांग बढ़ रही है. सबसे अधिक मांग वाली नौकरियों में डेटा और एनालिटिक्स में भूमिकाएं अग्रणी हैं. इसके बाद ग्राहक अनुभव, स्वचालन और दक्षता को बढ़ाने वाले काम आते हैं. नैसकॉम की वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मुख्य रणनीति अधिकारी संगीता गुप्ता ने कहा, ‘स्वचालन से दक्षता में सुधार और निरंतर नवाचार से उत्पन्न रचनात्मकता की व्यापक क्षमता के बीच संतुलन से काम के भविष्य को परिभाषित किया जाएगा.’
युवा विकास और कैरियर
15 Feb, 2025 05:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
परिचय
युवा विकास और करियर की तैयारी की प्रक्रिया अगली पीढ़ी को कार्यबल के लिए तैयार करने और उन्हें आधुनिक जीवन की जटिलताओं से निपटने के लिए तैयार करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। तेजी से हो रही तकनीकी प्रगति और बदलते आर्थिक परिदृश्य के युग में, युवा व्यक्तियों के पास बुनियादी जीवन कौशल और विशिष्ट करियर दक्षताएँ होनी चाहिए। यह तैयारी जल्दी शुरू होती है, जिसमें अच्छी तरह से विकसित, सक्षम और लचीले व्यक्तियों के विकास को बढ़ावा देने के लिए अनुभवों और शैक्षिक अवसरों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल होती है।
युवा विकास प्रक्रिया में न केवल शैक्षणिक उपलब्धियाँ शामिल हैं, बल्कि सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक आयामों का विकास भी शामिल है। इन क्षेत्रों को बढ़ावा देकर, हम युवाओं को मजबूत आत्म-जागरूकता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और पारस्परिक कौशल विकसित करने में मदद करते हैं, जो व्यक्तिगत और व्यावसायिक सफलता के लिए आवश्यक हैं। दूसरी ओर, करियर की तैयारी में युवाओं को नौकरी के बाजार में प्रवेश करने और उसमें सफल होने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस करने के लिए एक केंद्रित दृष्टिकोण शामिल है। इसमें तकनीकी प्रशिक्षण, विभिन्न उद्योगों के संपर्क में आना और संचार, समस्या-समाधान और टीम वर्क जैसे महत्वपूर्ण सॉफ्ट स्किल्स का विकास शामिल है।
साथ में, ये दोनों तत्व एक व्यापक रूपरेखा बनाते हैं जो किशोरावस्था से वयस्कता में संक्रमण का समर्थन करता है, जिससे युवा व्यक्ति अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और समाज में सार्थक योगदान करने में सक्षम होते हैं। यह लेख युवा विकास और कैरियर की तत्परता को बढ़ावा देने में प्रभावी रणनीतियों और प्रथाओं पर प्रकाश डालने वाले दस प्रमुख बिंदुओं का पता लगाता है। इन रणनीतियों को समझने और लागू करने से, शिक्षक, नीति निर्माता और समुदाय युवाओं को आगे आने वाली चुनौतियों और अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार कर सकते हैं।
1. समग्र शिक्षा
पारंपरिक शिक्षा से परे एक व्यापक शिक्षा प्रणाली युवा विकास और कैरियर की तत्परता की आधारशिला है। समग्र शिक्षा छात्रों के बौद्धिक, भावनात्मक, सामाजिक, शारीरिक और नैतिक विकास को शामिल करती है। पाठ्यक्रम में सामाजिक और भावनात्मक शिक्षा (SEL) को एकीकृत करके, छात्र सहानुभूति, लचीलापन और प्रभावी संचार जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल प्राप्त करते हैं। SEL छात्रों को उनकी भावनाओं को प्रबंधित करने, सकारात्मक संबंध बनाने और जिम्मेदार निर्णय लेने में सहायता करता है। इसके अलावा, शारीरिक शिक्षा, कला और पाठ्येतर गतिविधियाँ रचनात्मकता, टीमवर्क और नेतृत्व को बढ़ावा देती हैं। नैतिक शिक्षा ईमानदारी, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को जन्म देती है। एक समग्र दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि छात्र न केवल अकादमिक रूप से कुशल हों, बल्कि आधुनिक जीवन की जटिलताओं को नेविगेट करने में सक्षम अच्छी तरह से विकसित व्यक्ति भी हों। छात्रों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करके, समग्र शिक्षा उन्हें व्यक्तिगत और पेशेवर रूप से विकसित होने के लिए तैयार करती है, जो लगातार विकसित हो रही दुनिया में भविष्य की सफलता के लिए एक मजबूत नींव रखती है।
2. कैरियर अन्वेषण कार्यक्रम
करियर एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम छात्रों को करियर के असंख्य विकल्पों को समझने और उनमें से होकर गुज़रने में मदद करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये प्रोग्राम छात्रों में रुचि जगाते हैं और इंटर्नशिप, जॉब शैडोइंग, करियर फेयर और इंडस्ट्री विजिट के ज़रिए छात्रों को विभिन्न करियर पथों से परिचित कराकर विभिन्न व्यवसायों में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। शुरुआती संपर्क छात्रों को अपने हितों और शक्तियों को संभावित करियर के साथ संरेखित करने की अनुमति देता है, जिससे उन्हें अपने भविष्य के बारे में सूचित निर्णय लेने में मदद मिलती है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों को विभिन्न भूमिकाओं के लिए शैक्षिक और कौशल आवश्यकताओं को समझने में भी मदद करते हैं, जिससे उन्हें अपने करियर लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक कदमों की स्पष्ट तस्वीर मिलती है। इसके अलावा, करियर एक्सप्लोरेशन उभरते क्षेत्रों और अवसरों को उजागर कर सकता है, जिससे छात्रों को ऐसे करियर पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है जिनके बारे में वे पहले नहीं जानते होंगे। व्यावहारिक अनुभव और वास्तविक दुनिया के संदर्भ प्रदान करके, करियर एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम छात्रों को कार्यबल के लिए तैयार करने, उनके चुने हुए रास्तों पर चलने में उनकी तत्परता और आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
3. मेंटरशिप के अवसर
युवाओं के विकास और करियर की तैयारी में मेंटरशिप के अवसर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवा व्यक्तियों को अनुभवी मेंटरों से जोड़कर, छात्रों को मूल्यवान मार्गदर्शन, सहायता और वास्तविक दुनिया की अंतर्दृष्टि तक पहुँच मिलती है। मेंटर व्यक्तिगत सलाह देते हैं, जिससे मेंटी को अपने शैक्षिक और करियर पथ पर आगे बढ़ने, चुनौतियों पर काबू पाने और यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करने में मदद मिलती है। यह संबंध व्यक्तिगत विकास और पेशेवर विकास को बढ़ावा देता है, जिससे छात्रों को सवाल पूछने और सलाह लेने के लिए एक सुरक्षित स्थान मिलता है। मेंटर रोल मॉडल के रूप में भी काम करते हैं, छात्रों को अधिक महत्वपूर्ण उपलब्धियों की आकांक्षा करने और उनकी क्षमताओं में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके अतिरिक्त, मेंटरशिप कार्यक्रम छात्रों के नेटवर्क का विस्तार कर सकते हैं, उन्हें उद्योग के पेशेवरों और संभावित नियोक्ताओं से मिलवा सकते हैं। ये कनेक्शन इंटर्नशिप, नौकरी के अवसर और उनके चुने हुए क्षेत्रों की गहरी समझ की ओर ले जा सकते हैं। कुल मिलाकर, मेंटरशिप के अवसर सीखने के अनुभव को समृद्ध करते हैं, अकादमिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की खाई को पाटते हैं और छात्रों को सफल, संतुष्टिदायक करियर के लिए तैयार करते हैं।
4. कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणन
कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम कैरियर की तत्परता के लिए आवश्यक हैं, जो छात्रों को व्यावहारिक, नौकरी-विशिष्ट कौशल प्रदान करते हैं जो उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाते हैं। ये कार्यक्रम प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार और अन्य उच्च-मांग वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, छात्रों को आज के नौकरी बाजार में सफल होने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी से लैस करते हैं। प्रमाणन प्राप्त करके, छात्र संभावित नियोक्ताओं के लिए अपनी दक्षता और प्रतिबद्धता प्रदर्शित कर सकते हैं, जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलती है। कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अक्सर व्यावहारिक शिक्षण अनुभव शामिल होते हैं, जिससे छात्रों को वास्तविक दुनिया की सेटिंग में अपने ज्ञान को लागू करने और अपनी क्षमताओं में आत्मविश्वास हासिल करने की अनुमति मिलती है। इसके अलावा, इन कार्यक्रमों को उद्योग मानकों और उभरती हुई बाजार जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया जा सकता है, जिससे छात्रों को प्रासंगिक और अप-टू-डेट कौशल सीखने में मदद मिलती है। कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रमों में भाग लेने से, छात्र कार्यबल में अधिक आसानी से संक्रमण कर सकते हैं, उच्च-भुगतान वाली नौकरियों का पीछा कर सकते हैं, और अधिक कैरियर स्थिरता और उन्नति के अवसरों का आनंद ले सकते हैं।
5. सॉफ्ट स्किल्स विकास
करियर की तैयारी के लिए सॉफ्ट स्किल्स का विकास करना आवश्यक है क्योंकि वे तकनीकी विशेषज्ञता के पूरक हैं और नियोक्ताओं द्वारा अत्यधिक मूल्यवान हैं। संचार, टीमवर्क, समस्या-समाधान और अनुकूलनशीलता सहित सॉफ्ट स्किल्स किसी भी कार्यस्थल में सफलता के लिए महत्वपूर्ण हैं। पाठ्यक्रम में सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण को एकीकृत करना सुनिश्चित करता है कि छात्र अच्छी तरह से तैयार हैं और आधुनिक कार्य वातावरण की सहयोगी और गतिशील प्रकृति के लिए तैयार हैं। समूह परियोजनाएँ, सार्वजनिक बोलने के अभ्यास और संघर्ष समाधान कार्यशालाएँ जैसी गतिविधियाँ छात्रों को इन कौशलों का अभ्यास करने और उन्हें निखारने में मदद करती हैं। भावनात्मक बुद्धिमत्ता और सांस्कृतिक क्षमता पर जोर देने से छात्र विविध, समावेशी कार्यस्थलों को प्रभावी ढंग से नेविगेट करने में सक्षम होते हैं। इन कौशलों को बढ़ावा देकर, शैक्षिक कार्यक्रम छात्रों को मजबूत पेशेवर संबंध बनाने, उनकी नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने और उनकी रोजगार क्षमता में सुधार करने में मदद करते हैं। सॉफ्ट स्किल्स विकास छात्रों को उनकी विशिष्ट नौकरी भूमिकाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने, अपने कार्य समुदायों में सकारात्मक योगदान देने और विभिन्न करियर चुनौतियों के अनुकूल होने के लिए तैयार करता है।
सोशल मीडिया पर बैन: भारत में बच्चों के लिए नए नियम लागू, ऑस्ट्रेलिया का अनुसरण
12 Feb, 2025 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Social Media Plateform) पर 18 साल से कम आयु के बच्चों की गतिविधियों पर लगाम लगाने की योजना बनाई जा रही है। 18 साल से कम आयु के बच्चों की एक्टिविटी को सोशल मीडिया पर रोकने के लिए सरकार जल्द ही नया कानून ला सकती है। दरअसल, इस कानून के तहत अब 18 साल से कम आयु के बच्चों को सोशल मीडिया पर अकाउंट खोलने के लिए अपने पेरेंट्स की इजाजत लेना जरूरी होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (डीपीडीपी), 2023 के तहत नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसमें कहा गया है कि डेटा कलेक्शन एंटिटी (Data Collection Entity) को भी ध्यान रखना होगा कि जो भी व्यक्ति खुद को बच्चे का मां या बाप बता रहा है, उसके पास कोई कानूनी आधार है या नहीं। इस संबंध में सरकार ने लोगों से सुझाव भी मांगा है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने शुक्रवार को जारी एक अधिसूचना में कहा कि लोग माय गवर्नमेंट डॉट इन पर जाकर इस ड्राफ्ट को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं और इसके संबंध में सुझाव भी दे सकते हैं।
हालांकि, इस ड्राफ्ट से संबंधित लोगों की आपत्तियों और सुझावों पर 18 फरवरी से ही विचार किया जाएगा। हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया था। 18 साल से कम उम्र के बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार के इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने एक बयान में कहा था- सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर न्यूनतम आयु सीमा लागू करने के लिए कानून बनाएगी। यही नहीं, बाद में एक बयान में कहा गया कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार उन सोशल मीडिया कंपनियों पर करोड़ों डॉलर का जुर्माना लगाएगी, जो 16 वर्ष से कम उम्र के नागरिकों को अपनी सर्विस का इस्तेमाल करने से रोकने में नाकाम रहेंगी।
2025 में महिलाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ करियर विकल्प
10 Feb, 2025 06:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इन दिनों महिलाओं के लिए कई बेहतरीन करियर विकल्प उपलब्ध हैं। पिछले कुछ दशकों में महिलाओं ने सामाजिक सीमाओं को पार किया है और व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास हासिल करने के लिए संघर्ष किया है। चंद्रयान-3 लैंडर पर काम कर रही 'रॉकेट महिलाओं' के बारे में सोचिए। उन्होंने कई युवा महिलाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है।
महिलाओं ने कई करियर में सफल नौकरियाँ हासिल की हैं। फिर भी, कुछ नौकरियाँ दूसरों की तुलना में बेहतर हो सकती हैं। कुछ नौकरियाँ प्रवेश की कम बाधाएँ प्रदान करती हैं और अधिक लचीलापन प्रदान करती हैं। परंपरागत रूप से, कुछ उद्योग भी महिला उम्मीदवारों को काम पर रखने को प्राथमिकता देते हैं। यदि आप एक युवा महिला हैं और सर्वोत्तम कैरियर विकल्पों या सर्वोत्तम वेतन वाली नौकरियों के बारे में सोच रही हैं, तो यहां कुछ जानकारी दी गई है जो उपयोगी हो सकती है।
हमने भारत में महिलाओं के लिए सबसे अच्छे करियर विकल्पों की सूची बनाई है और बताया है कि वे क्यों लोकप्रिय हैं। साथ ही अच्छे करियर विकल्पों और उनकी योग्यताओं की एक तालिका भी दी गई है। अंततः, आप अपनी रुचियों, जुनून और कौशल के आधार पर करियर चुन सकते हैं। लेकिन अंतिम निर्णय लेने से पहले अपने सभी विकल्पों का मूल्यांकन करना याद रखें।
शिक्षक/शिक्षा
मानव संसाधन प्रबंधन
पत्रकारिता
पोषण विशेषज्ञ/आहार विशेषज्ञ
काउंसलर
फैशन और डिजाइन
प्रसूतिशास्री
नर्सिंग
सौंदर्य और कल्याण
मेहमाननवाज़ी
केबिन क्रू/एयर होस्टेस
बैंकिंग
व्यवसाय प्रबंधन
कानून
सामाजिक कार्यकर्ता
मोबाइल, सोशल मीडिया और करियर प्रेशर से बढ़ता हुआ यूथ का मानसिक दबाव
8 Feb, 2025 05:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज का युवा पीढ़ी मोबाइल और सोशल मीडिया के जाल में फंसी हुई है. करियर के प्रति बढ़ते दबाव के साथ ये युवा मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं. इस बढ़ते तनाव से निपटने के लिए माता-पिता को अपने बच्चों का सहारा बनना होगा| मोबाइल और सोशल मीडिया ने युवाओं के जीवन को बहुत प्रभावित किया है. सोशल मीडिया पर हमेशा एकदम परफेक्ट जीवन जी रहे लोगों को देखकर युवाओं में असुरक्षा और अकेलेपन की भावना पैदा होती है| साथ ही, करियर के प्रति बढ़ते दबाव के कारण युवाओं में तनाव और चिंता का स्तर बढ़ रहा है|
सोशल मीडिया एडिक्शन: इंस्टाग्राम, फेसबुक और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लगातार एक्टिव रहने की आदत से युवा अपनी असल जिंदगी से कट रहे हैं. वे दूसरों की लाइफ से तुलना कर खुद को कमतर महसूस करने लगते हैं|
करियर का दबाव: स्कूल-कॉलेज में बेहतर परफॉर्म करने और एक सफल करियर बनाने का दबाव युवाओं को मानसिक रूप से थका देता है| माता-पिता और समाज की उम्मीदें भी इस प्रेशर को और बढ़ाती हैं|
डिजिटल डिटॉक्स की कमी: मोबाइल, लैपटॉप और वीडियो गेम्स की लत के कारण युवाओं की नींद कम होती जा रही है, जिससे उनका दिमाग सही तरीके से काम नहीं कर पाता और तनाव बढ़ जाता है|
सोशल इंटरेक्शन की कमी: ऑनलाइन वर्ल्ड में ज्यादा समय बिताने की वजह से युवा असल जिंदगी में सामाजिक मेलजोल से दूर होते जा रहे हैं, जिससे वे अकेलापन महसूस करने लगते हैं|
पेरेंट्स इन 5 तरीकों से कर सकते हैं मदद
1. खुलकर करें बातचीत
बच्चों के साथ दोस्ताना माहौल बनाएं और उनसे उनकी परेशानियों पर खुलकर बात करें. बिना जज किए उनकी बातें सुनें और उन्हें भरोसा दिलाएं कि वे आपसे कुछ भी शेयर कर सकते हैं|
2. मोबाइल स्क्रीन टाइम करें लिमिट
बच्चों के मोबाइल और सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए सीमाएं तय करें. उन्हें प्रोडक्टिव एक्टिविटीज,जैसे कि स्पोर्ट्स, किताबें पढ़ने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करें|
3. करियर प्रेशर न बढ़ाएं, उन्हें सपोर्ट करें
करियर को लेकर बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने की बजाय, उनकी रुचियों और क्षमताओं को समझें और उन्हें अपने तरीके से आगे बढ़ने की आज़ादी दें|
4. मेंटल हेल्थ को दें प्रायोरिटी
अगर बच्चा ज्यादा तनाव में दिखे, तो उसकी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें. जरूरत पड़ने पर काउंसलर या साइकोलॉजिस्ट की मदद लेने से हिचकिचाएं नहीं|
5. परिवार के साथ समय बिताएं
परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताना बच्चों की मेंटल हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद होता है. साथ में डिनर करना, वीकेंड पर ट्रिप प्लान करना और रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातें शेयर करना उनके तनाव को कम कर सकता है|
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