व्यापार
शेयर मार्केट ने बदला गियर, सेंसेक्स 81800 और निफ्टी 25100 के पार
27 Jan, 2026 10:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शेयर मार्केट ने गियर बदलकर गिरावट के ट्रैक से तेजी के ट्रैक पर आ गया है। सेंसेक्स अब 282 अंक ऊपर 81820 पर पहुंच गया है। जबकि, एनएसई का 50 स्टॉक्स वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 109 अंक उछलकर 25158 पर पहुंचा गया है।कोटक बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा 4 पर्सेंट से अधिक टूटकर सेंसेक्स टॉप लूजर हैं। वहीं, एक्सिस बैंक और अल्ट्रटेक में 3 फीसद से अधिक की तेजी है और ये दोनों टॉप गेनर्स हैं। सेंसेक्स अब 258 अंक नीचे 81279 पर आ गया है। जबकि, एनएसई का 50 स्टॉक्स वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 106 अंक नीचे 24942 पर पर है।गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद घरेलू शेयर मार्केट की ओपनिंग आज मिलीजुली रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स जहां 100 अंक नीचे 81436 पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 स्टॉक्स वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 14 अंक ऊपर 25063 पर खुला। हालांकि, चंद मिनट बाद ही सेंसेक्स 81711 के लेवल को टच कर गया।वैश्विक बाजारों में तेजी के बाद भारतीय शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी-50 मंगलवार को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक से पहले एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा जबकि अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार सोमवार, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस 2026 के कारण बंद हो गया।
सेंसेक्स-निफ्टी के लिए क्या हैं आज के ग्लोबल संकेत
एशियन मार्केट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दक्षिण कोरिया पर टैरिफ बढ़ाने के बयान के बाद एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.24% गिर गया, जबकि टॉपिक्स 0.31% गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.36% गिर गया, जबकि कोस्डैक में 1.41% की तेजी आई। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने अच्छी शुरुआत का संकेत दिया।
गिफ्ट निफ्टी टुडे
गिफ्ट निफ्टी 25,160 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद होने से लगभग 81 पॉइंट का प्रीमियम था। यह भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।
वॉल स्ट्रीट का हाल
अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को उच्च स्तर पर समाप्त हुआ, एसएंडपी 500 और नैस्डैक लगातार चौथे सत्र के लिए आगे बढ़े। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 313.69 अंक या 0.64% बढ़कर 49,412.40 पर पहुंच गया, जबकि एसएंडपी 500 34.62 अंक या 0.50% बढ़कर 6,950.23 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 100.11 अंक या 0.43% बढ़कर 23,601.36 पर बंद हुआ।
अन्य संकेत
टैरिफ राहत की उम्मीद
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ को वापस लेने की संभावना का संकेत दिया। बेसेंट ने कहा कि शुल्क हटाने का एक रास्ता हो सकता है, यह देखते हुए कि डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्क उपायों के बाद भारत की रूसी तेल की खरीद में तेजी से गिरावट आई है।
भारत-EU ट्रेड डील
भारत और यूरोपीय संघ ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत पूरी कर ली है, जिसकी आधिकारिक घोषणा आज होने की उम्मीद है। इस समझौते का उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक एकीकरण को मजबूत करना, व्यापार और निवेश प्रवाह को बढ़ावा देना है।
एक्सिस बैंक Q3 रिजल्ट
तीसरी तिमाही में एक्सिस बैंक का नेट प्रॉफिट 3% YoY से बढ़कर ₹6,489.6 करोड़ हो गया, जबकि शुद्ध ब्याज आय (NII) 5% YoY से बढ़कर ₹14,286.4 करोड़ हो गई।
डॉलर
अमेरिकी डॉलर चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, और अब तक वर्ष के लिए 1% से अधिक गिर गया है। डॉलर इंडेक्स 97.05 पर था, जो सोमवार को 96.808 के चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया था। यूरो $ 1.1878 पर स्थिर था, स्टर्लिंग ने आखिरी बार $ 1.3678 खरीदा था।
सोने-चांदी के भाव
सिंगापुर में सुबह 9:45 बजे तक सोना 1.1% बढ़कर $5,063.74 प्रति औंस हो गया। चांदी 5.8% बढ़कर $109.78 प्रति औंस हो गई, पिछले सेशन में $117.71 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद इसमें गिरावट आई थी। प्लैटिनम और पैलेडियम में तेजी आई, जबकि ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स पिछले सेशन में 0.4% गिरने के बाद 0.1% ऊपर चढ़ गया।
आज चांदी ने लगाई ₹20000 की छलांग, सोना 4000 रुपये चढ़ा, रिकॉर्ड ऊंचाई पर रेट
27 Jan, 2026 10:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
घरेलू वायदा बाजार में मंगलवार,27 जनवरी की सुबह सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की आशंका ने भी सोने में तेजी को बढ़ावा दिया।एमसीएक्स पर फरवरी वायदा सोना लगभग 4,000 रुपये (2.4% से अधिक) बढ़कर 1,59,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एमसीएक्स पर मार्च वायदा चांदी 20,000 रुपये (6%) से अधिक की छलांग लगाकर 3,54,780 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उछाल
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना मजबूत बना हुआ है। यह लगातार सातवें दिन बढ़त के साथ 5,000 डॉलर प्रति औंस से ऊपर कारोबार कर रहा है। डॉलर के कमजोर होने, भू-राजनीतिक तनाव और सरकारी बांड व मुद्राओं से निवेशकों के पलायन ने इस रैली को बढ़ावा दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दक्षिण कोरियाई सामानों पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी है। चांदी की कीमत भी लगभग 7% चढ़ी।
क्या हें कारण
पिछले दो वर्षों में सोना दोगुना से अधिक मूल्यवान हो चुका है। यह बाजार में डर का ऐतिहासिक संकेतक बना हुआ है। इस साल अब तक 17% की बढ़त का एक बड़ा कारण 'डेबेसमेंट ट्रेड' है, जहां निवेशक मुद्राओं और ट्रेजरी बांड से पैसे निकाल रहे हैं। जापानी बॉन्ड बाजार में भारी बिकवाली इसका ताजा उदाहरण है।ट्रंप प्रशासन के कदमों जैसे ग्रीनलैंड पर दावा, वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप और फेड की स्वतंत्रता पर हमले ने भी बाजारों को हिला दिया है। निवेशकों की स्थिति से पता चलता है कि वे सोने में गिरावट पर खरीदारी कर रहे हैं, और विकल्प व्यापारी आगे की तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
आगे क्या देखना है?
निवेशक अब ट्रंप द्वारा फेड के अगले चेयरमैन की नियुक्ति पर नजर रख रहे हैं, जिसका ब्याज दर नीति पर असर पड़ेगा। हालांकि, अगली बैठक में फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती रोके जाने की व्यापक उम्मीद है।
खुल गया है SME IPO, प्राइस बैंड 64 रुपये, ग्रे मार्केट ने बढ़ाई टेंशन
27 Jan, 2026 10:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज मंगलवार को कस्तूरी मेटल कंपोजिट आईपीओ (Kasturi Metal Composite IPO) ओपन हो रहा है। कंपनी के आईपीओ पर आज यानी 27 जनवरी से 29 जनवरी तक दांव लगाने का मौका मिलेगा। आईपीओ का साइज 17.61 करोड़ रुपये है। कंपनी इश्यू के जरिए 28 लाख फ्रेश शेयर जारी करेगी। बता दें, आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश शेयरों पर आधारित है। मौजूदा निवेशक एक भी शेयर इश्यू में नहीं बेच रहे हैं।
क्या है प्राइस बैंड?
कस्तूरी मेटल कंपोजिट आईपीओ का प्राइस बैंड 61 रुपये से 64 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। कंपनी ने 2000 शेयरों का एक लॉट बनाया है। रिटेल निवेशकों एक साथ कम से कम दो लॉट पर दांव लगाना होगा। जिसकी वजह से कम से कम 256000 रुपये का इंवेस्टमेंट करना होगा। बता दें, यह एक एसएमई सेगमेंट का आईपीओ है। इसकी लिस्टिंग बीएसई एसएमई में होगी।
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एंकर निवेशकों से कंपनी ने जुटाए 5 करोड़ रुपये
क्सतूरी मेटल कंपोजिट आईपीओ एंकर निवेशकों के लिए 23 जनवरी को खुला था। एंकर निवेशकों से कंपनी 5 करोड़ रुपये जुटाए थे। एंकर निवेशकों को जारी किए गए 50 प्रतिशत शेयरों का लॉक इन पीरियड 30 दिन का है। वहीं, बाकि बचे 50 प्रतिशत शेयरों का लॉक इन पीरियड 90 दिन का है।
जीएमपी जीरो
इंवेस्टटर्स गेन की रिपोर्ट के अनुसार ग्रे मार्केट में कंपनी का आईपीओ आज जीरो रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इस आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में कोई भी हलचल नहीं है। जिससे इसकी लिस्टिंग गेन को लेकर निवेशकों के मन में संशय बन रहा होगा।
क्या करती है कंपनी?
कस्तूरी मेंटर कंपोजिट लिमिटेड आईपीओ स्टील फाइबर प्रोडक्ट का उत्पादन करती है। साथ ही इसे एक्सपोर्ट भी करती है। कंपनी इश्यू के पैसे का प्रयोग कैपिटल एक्सपेंडिचर, मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल वर्क्स, इंटीरियर वर्क आदि के लिए करेगी।
EU के साथ डील से भारत को होंगे तगड़े फायदे, ये सब चीजें होने वाली हैं सस्ती
27 Jan, 2026 10:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए आधिकारिक स्तर की बातचीत पूरी कर ली है। इस समझौते से दोतरफा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक संबंध मजबूत होंगे। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को यह जानकारी दी। उम्मीद की जा रही है कि इस समझौते पर इसी साल हस्ताक्षर किए जाएंगे और यह अगले साल की शुरुआत में प्रभावी हो सकता है।
क्या होगा सस्ता
वाणिज्य सचिव ने कहा, 'आधिकारिक स्तर की बातचीत समाप्त होने वाली है और दोनों पक्ष 27 जनवरी, मंगलवार को मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता के सफल समापन की घोषणा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।' वाणिज्य सचिव ने कहा, 'वार्ता सफलतापूर्वक पूरी हो गई है और सौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है।' उन्होंने बताया कि इस समय समझौते के मसौदे की कानूनी जांच चल रही है। सरकार की कोशिश इन प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कर समझौते पर हस्ताक्षर करने की है।
क्यों लगेगा समय
समझौते को लागू होने में समय लगेगा, क्योंकि इसके लिए यूरोपीय संसद की मंजूरी अनिवार्य है, जबकि भारत में केवल केंद्रीय मंत्रिमंडल की सहमति की आवश्यकता होती है। इस समझौते को 18 साल की लंबी बातचीत के बाद अंतिम रूप दिया गया है। वार्ता वर्ष 2007 में शुरू हुई थी। वार्ता पूरी होने की औपचारिक घोषणा मंगलवार को यहां होने वाले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 27 जनवरी को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ शिखर वार्ता करेंगे।
भारत और यूरोपियन यूनियन में कितना व्यापार
यूरोपीय संघ भारत का बड़ा व्यापारिक भागीदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 136.53 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 60.68 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसके अलावा, यूरोपीय संघ भारत में एक बड़ा निवेशक भी है, जिसका अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 तक संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 117.4 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है।
समझौते के बाद लग्जरी कारें होंगी सस्ती
एफटीए के तहत भारत और यूरोपीय संघ के बीच टैरिफ रेट कोटा के तहत समझौता होगा, जिसमें सालाना आधार पर लग्जरी गाड़ियों के यूरोप से भारत आयात करने का कोटा निर्धारित किया जाएगा। इन गाड़ियों को कम आयात शुल्क के साथ आयात करने की इजाजत होगी। सूत्रों का कहना है कि पहले चरण में 15 हजार यूरो यानी करीब 16.3 लाख से अधिक मूल्य वाली कारों को कम आयात शुल्क साथ सीमित संख्या में आयात करने की अनुमति होगी। इससे वोक्सवैगन, ऑडी, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी यूरोपीय कारें भारतीय बाजार में सस्ती दर पर आ सकेंगी।
शराब और डायमंड भी होगा सस्ता
समझौते के बाद यूरोप से आने वाली शराब, वाइन और रफ डायमंड भी सस्ता होगा। भारत में रफ डायमंड (कच्चे हीरे) मुख्य रूप से यूरोप के बेल्जियम (विशेषकर एंटवर्प शहर) से आते हैं। बेल्जियम दुनिया का प्रमुख हीरा व्यापार केंद्र है। समझौते के जरिए हीरे के भारतीय बाजार में बिक्री करने पर यूरोप को आयात शुल्क से राहत मिलेगी।वहीं, भारत में यूरोप, मुख्य रूप से ब्रिटेन और आयरलैंड से स्कॉच व्हिस्की, वोदका और जिन जैसी शराब को आयात किया जाता है, जो अपनी उच्च गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं। इसके अतिरिक्त, यूरोप से वाइन भी बड़ी मात्रा में भारत लाई जाती हैं, जिसका आयात शुल्क कम होगा। ऐसे में शराब और वाइन के दामों में भी गिरावट होगी। इसके साथ यूरोप में स्विट्जरलैंड, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड से भारत में चॉकलेट आयात की जाती है, जिनकी कीमतों पर भी समझौते के बाद असर पड़ेगा।
(एजेंसी इनपुट शामिल)
आज सरकारी बैंकों में हड़ताल, पांच दिन काम की मांग, ग्राहकों को होगी परेशानी
27 Jan, 2026 10:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैंक कर्मचारी यूनियनों ने 5 डे वर्किंग की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर 27 जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल की घोषणा 23 जनवरी को की गई थी और यदि यह योजना के अनुसार हुई, तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग कार्यों में बड़ी व्यवधान उत्पन्न होगा।
ग्राहकों को पहले ही सूचना
अधिकांश सार्वजनिक क्षेत्र केबैंकों ने हड़ताल की स्थिति में बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान की संभावना के बारे में अपने ग्राहकों को पहले ही सूचित कर दिया है।
27 जनवरी की हड़ताल बड़ी परेशानी क्यों?
27 जनवरीकी संभावित हड़ताल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग कार्यों में और अधिक व्यवधान पैदा करेगी। क्योंकि, 24 को दूसरा शनिवार था, 25 को रविवार था और 26 को राष्ट्रीय अवकाश के कारण बैंक बंद थे।
हड़ताल का निजी बैंकों पर असर नहीं
यह हड़ताल एचडीएफसीबैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं के कार्यों पर असर नहीं डालेगी।
यूनियनों की बैठक नाकाम
बैंक यूनियनों के समूह संयुक्त मंच (यूएफबीयू) ने एक बयान में कहा है कि वह हड़ताल पर आगे बढ़ रहा है क्योंकि बुधवार और गुरुवार को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई उनकी बैठकों का कोई नतीजा नहीं निकला। यूएफबीयू नौ प्रमुख बैंक यूनियनों का एक समूह है, जो भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और कुछ पुराने निजी बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है।
पांच-दिन के कार्य सप्ताह की मांग
सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने का निर्णय मार्च 2024 में वेतन संशोधन समझौते के दौरान भारतीय बैंक संघ और यूएफबीयू के बीच हुई थी। यूएफबीयू ने इसी महीने की शुरुआत में कहा था, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार हमारी जायज मांग पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। काम के घंटे कम नहीं होंगे क्योंकि हम सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के लिए सहमत हैं।"यूएफबीयू ने कहा कि आरबीआई, एलआईसी, जीआईसी, स्टॉक एक्सचेंज और सरकारी कार्यालय पहले से ही पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन कर रहे हैं और बैंकों के पीछे रह जाने का कोई औचित्य नहीं है।
हाइब्रिड ATM से निकलेंगे ₹10, ₹20 और ₹50 के नोट, किल्लत दूर करने की तैयारी
27 Jan, 2026 10:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्र सरकार छोटे मूल्य के करेंसी नोटों (जैसे 10, 20 और 50 रुपये) को अधिक व्यापक रूप से उपलब्ध कराने के कई तरीके तलाश रही है। यह कदम उस लगातार बनी रहने वाली कमी को दूर करने के लिए है, जिसने नोटबंदी के लगभग एक दशक बाद भी रोजमर्रा के नकद लेन-देन को प्रभावित किया हुआ है।
नए प्रस्तावों में क्या शामिल है?
लाइव मिंट ने सरकार के भीतर चर्चा से जुड़े दो अधिकारियों के हवाले से यह खबर दी है। प्रस्तावों में एक नई तरह की मशीन शामिल है जो मांग पर 10, 20 और 50 रुपये के नोट जारी करेगी। एक 'हाइब्रिड एटीएम' का भी प्रस्ताव है जो बड़े नोटों को छोटे नोटों और सिक्कों में बदल सकेगा। साथ ही, केंद्रीय बैंक (RBI) पर छोटे मूल्य के नोट अधिक छापने का दबाव बनाने की योजना है।
पायलट प्रोजेक्ट पर चल रहा है परीक्षण
पहले अधिकारी ने बताया कि कम मूल्य के नोट जारी करने वाली मशीन का एक प्रोटोटाइप मुंबई में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत परीक्षण के दौर से गुजर रहा है। एक बार मंजूरी मिलने के बाद, इस प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की उम्मीद है। इन मशीनों को यातायात केंद्रों, बाजारों, अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों जैसे अधिक भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जाएगा।
हाइब्रिड एटीएम कैसे काम करेगा?
दूसरे अधिकारी ने समझाया कि एक हाइब्रिड एटीएम पारंपरिक एटीएम और सिक्का वेंडिंग मशीन की कार्यक्षमता को जोड़ेगा। ये मशीनें उपयोगकर्ताओं को एक ही लेन-देन में बड़े नोटों को छोटे नोटों और सिक्कों में बदलने की सुविगा देंगी। आरबीआई ने पहले ही मुंबई की एक बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में हाइब्रिड एटीएम मॉडल का परीक्षण किया है।
इन कोशिशों की क्या जरूरत है?
यह पहल रोजमर्रा के भुगतानों के लिए छोटे नोटों की कमी को लेकर बढ़ते सार्वजनिक असंतोष के बीच आई है। इससे उन दुकानदारों के साथ होने वाली परेशानी कम हो सकती है, जिन्हें अक्सर 500 रुपये के नोट का बदला देने में दिक्कत होती है, जिससे लेन-देन में देरी या मजबूरी में कीमतों में गोल-मोल बात हो जाती है।यह कदम उन आबादी के बड़े वर्गों को फायदा पहुंचा सकता है जो अभी भी नकदी पर निर्भर हैं, खासकर शहरी अनौपचारिक क्षेत्रों और अर्ध-शहरी इलाकों में, जहां डिजिटल पमेंट की स्वीकार्यता असमान है।
आंकड़े क्या कहते हैं?
आरबीआई के आंकड़े दिखाते हैं कि 500 रुपये के नोट चलन में मौजूद मुद्रा की मात्रा (वॉल्यूम) के 41.2% और कुल मूल्य के 86% के लिए जिम्मेदार हैं। इसकी तुलना में, छोटे मूल्य के नोट (2, 5, 10, 20 और 50 रुपये) कुल मुद्रा की मात्रा का लगभग 38% हिस्सा बनाते हैं, लेकिन उनका कुल मूल्य में हिस्सा केवल 3.1% है। बाकी हिस्सा 100 और 200 रुपये के नोटों का है।
क्या कह रहे एक्सपर्ट्स
भारत रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र पंत ने कहा कि चलन में अधिक छोटे नोट होने से दैनिक लेन-देन में मदद मिलेगी, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां फीचर फोन (जिनमें डिजिटल लेन-देन का सपोर्ट कम होता है) अभी भी व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं।हालांकि, कुछ लोग मानते हैं कि केवल मशीनें ही समाधान नहीं हैं। एक बैंकिंग क्षेत्र के कार्यकारी ने कहा कि पर्याप्त आपूर्ति के बिना मशीनें अकेले समस्या का समाधान नहीं कर सकतीं। छोटे नोटों की छपाई, लॉजिस्टिक्स और रि-साइक्लिंग को भी समानांतर रूप से बढ़ाना होगा।
गणतंत्र दिवस पर आज शेयर बाजार, बैंक और एमसीएक्स बंद
26 Jan, 2026 11:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत में आज, 26 जनवरी 2026 को, 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शेयर बाजार बंद है। यह एक राष्ट्रीय अवकाश है। देश के दोनों प्रमुख शेयर बाजार बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) में आज कारोबार नहीं होगा। करेंसी बाजार और कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में भी आज ट्रेडिंग बंद रहेगी।
कब खुलेंगे बाजार?
सभी बाजार कल, मंगलवार 27 जनवरी 2026 को फिर से खुल जाएंगे और सामान्य कारोबार शुरू हो जाएगा।
कमोडिटी बाजार की स्थिति
देश की सबसे बड़ी कमोडिटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) भी आज पूरे दिन बंद रहेगी। सोना, चांदी सहित सभी कमोडिटी फ्यूचर्स में कारोबार भी कल से ही फिर से शुरू होगा।
2026 में शेयर बाजार की छुट्टियां
वर्ष 2026 में कुल 16 दिन ट्रेडिंग अवकाश रहेगा। आज की छुट्टी के बाद अगली छुट्टी 3 मार्च, मंगलवार को होली के मौके पर होगी। मार्च में तीन, अप्रैल और मई में दो-दो, जून और सितंबर में एक-एक, अक्टूबर और नवंबर में दो-दो और दिसंबर में एक दिन बाजार बंद रहेगा। इसके अलावा चार छुट्टियां सप्ताहांत (शनिवार-रविवार) में पड़ेंगी।
आज बैंक भी बंद
गणतंत्र दिवस के मौके पर आज देश भर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सार्वजनिक और निजी बैंक बंद हैं। यह कई राज्यों में लंबे वीकेंड (शुक्रवार से सोमवार) का हिस्सा है, क्योंकि 23 जनवरी को कुछ राज्यों में क्षेत्रीय छुट्टी थी, 24 जनवरी को चौथा शनिवार था और 25 जनवरी को रविवार था।
इस सप्ताह की अन्य बैंक छुट्टियां
27 जनवरी, मंगलवार को बैंक कर्मचारी संघों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते कुछ इलाकों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कामकाज में रुकावट आ सकती है।1 फरवरी,रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंक बंद रहेंगे।बैंक बंद होने पर भी आप ऑनलाइन या मोबाइल बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं, जब तक कि तकनीकी कारणों से कोई सूचना न दी गई हो। नकदीकी जरूरत के लिए एटीएम खुले रहेंगे, बैंक ऐप और यूपीआई सामान्य रूप से काम करेंगे।हालांकि,चेक और प्रॉमिसरी नोट जैसे नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट से जुड़े लेन-देन इन छुट्टियों के दिन उपलब्ध नहीं होंगे।
जनवरी 2026 की बैंक छुट्टियां
आरबीआई द्वारा घोषित कैलेंडर के अनुसार, जनवरी 2026 में साप्ताहिक अवकाश (दूसरे व चौथे शनिवार और रविवार) सहित कुल 16 दिन बैंक बंद रहेंगे। क्षेत्रीय छुट्टियां अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हो सकती हैं।
स्थानीय शाखा से जांच करें
छुट्टियां राज्यों में अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए किसी भी योजना के लिए अपनी स्थानीय बैंक शाखा से छुट्टियों की तारीखों की पुष्टि कर लेना उचित रहेगा।
सोने का भाव पहली बार 5,000 डॉलर के पार, क्या हैं इसके पीछे की वजहें?
26 Jan, 2026 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोने की कीमत पहली बार 5,000 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस से भी ऊपर पहुंच गई है। यह तेज रैली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अंतरराष्ट्रीय संबंधों के पुनर्गठन और निवेशकों का सरकारी बॉन्ड व मुद्राओं से पलायन जैसे कारकों से बढ़ावा पा रही है। भू-राजनीतिक जोखिम और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने सोने की मांग को और मजबूत किया है। डॉलर इंडेक्स मई के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट पर रहा, जिससे ज्यादातर खरीदारों के लिए कीमती धातु सस्ती हुई। चांदी भी पिछले सत्र में 100 डॉलर प्रति औंस पार करने के बाद रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
भय का पैमाना बना सोना
पिछले दो वर्षों में दोगुने से अधिक के अपने नाटकीय उछाल के साथ, सोना बाजारों में भय के ऐतिहासिक पैमाने के रूप में अपनी भूमिका को रेखांकित कर रहा है। 1979 के बाद से अपने सर्वश्रेष्ठ सालाना प्रदर्शन के बाद, इसने इस साल अब तक 15% से अधिक की बढ़त दर्ज की है। यह काफी हद तक तथाकथित 'मुद्रा अवमूल्यन' (डिबेसमेंट) व्यापार के कारण है, जिसमें निवेशक मुद्राओं और ट्रेजरी बॉन्ड से पीछे हट रहे हैं। जापानी बॉन्ड बाजार में पिछले हफ्ते भारी बिकवाली निवेशकों द्वारा भारी राजकोषीय खर्च को अस्वीकार करने का नवीनतम उदाहरण है।
ट्रंप के कदमों ने बढ़ाई अनिश्चितता
हाल के हफ्तों में, ट्रंप प्रशासन की कार्रवाइयों जैसे, फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर हमले, ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकियां, वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप ने भी बाजारों को डरा दिया है। इस अनिश्चितता से निपटने के इच्छुक निवेशकों के लिए, सोने की सुरक्षित पनाहगार अपील शायद ही कभी इतनी आकर्षक रही हो।
मुद्रास्फीति और कर्ज के डर ने दिया बढ़ावा
भू-राजनीति से परे, विकसित अर्थव्यवस्थाओं में बढ़ते सार्वजनिक कर्ज सोने की तेजी का एक और प्रमुख स्तंभ बन गए हैं। कुछ लॉन्ग टर्म निवेशक, जो मानते हैं कि मुद्रास्फीति राज्य की शोधनक्षमता का एकमात्र रास्ता बन जाएगी, क्रय शक्ति को बनाए रखने के तरीके के रूप में सोने में पूंजी लगा रहे हैं।
प्रमुख निवेशकों ने दी थी चेतावनी
यह मुद्रा अवमूल्यन व्यापार 2025 के अंत में अपने चरम पर पहुंच गया था, जब सिटाडेल सिक्योरिटीज के सीईओ केन ग्रिफिन और ब्रिजवाटर एसोसिएट्स के संस्थापक रे डालियो जैसे प्रमुख निवेशकों ने सोने के उछाल को एक चेतावनी संकेत के रूप में इंगित किया था।
फेड चेयर की नियुक्ति पर नजर
निवेशक अब ट्रंप की फेड चेयरमैन के लिए पसंद का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि उन्होंने उम्मीदवारों के साक्षात्कार पूरे कर लिए हैं और इस पद के लिए उनके दिमाग में कोई व्यक्ति है। लगातार तीन बार दरों में कटौती के बाद, एक और कबूतर जैसी (डोविश) रुख रखने वाले चेयरमैन इस साल और दरों में कटौती की संभावना को बढ़ाएंगे, जो ब्याज न देने वाली सोने की बुलियन के लिए सकारात्मक है।
आज क्या रहा भाव
ब्लूमबर्ग के मुताबिक सिंगापुर में सुबह 8:12 बजे तक, सोना 1% बढ़कर 5,035.25 डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी 2.2% चढ़कर 105.50 डॉलर पर पहुंच गई। प्लेटिनम रिकॉर्ड हाई को छूने के बाद मामूली नीचे आया, जबकि पैलेडियम में बढ़त रही। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स पिछले हफ्ते 1.6% गिरावट के बाद 0.2% नीचे था।
IPO अभी से दिखा रहा है 11 रुपये का फायदा, 28 जनवरी से होगा ओपन
26 Jan, 2026 11:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस हफ्ते जिन कंपनियों के आईपीओ पर निवेशकों की निगाह रहेगी उसमें से एक Msafe Equipments IPO भी है। कंपनी का आईपीओ 28 जनवरी से 30 जनवरी तक खुला रहेगा। ग्रे मार्केट में इस समय यह इकलौता आईपीओ है जो अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
कितनी है कीमत?
Msafe Equipments IPO का प्राइस बैंड 116 रुपये से 123 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। कंपनी ने 1000 शेयरों का एक लॉट बनाया है। लेकिन रिटेल निवेशकों को कम से कम दो लॉट पर एक साथ दांव लगाना होगा। जिसकी वजह से मिनिमम इंवेस्टमेंट 246000 रुपये का करना होगा।
अडानी ग्रुप अब बनाएगा जहाज, 27 जनवरी को साइन होगा MoU : रिपोर्ट
क्या है साइज आईपीओ का?
Msafe Equipments IPO का साइज 66.42 करोड़ रुपये का है। कंपनी आईपीओ के जरिए 44 लाख फ्रेश शेयर जारी करेगी। वहीं, ऑफर फार सेल के जरिए 10 लाख शेयर जारी किए जाएंगे।
कितना है जीएमपी?
इंवेस्टर्स गेन की रिपोर्ट के अनुसार ग्रे मार्केट में कंपनी का आईपीओ आज 11 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। जोकि 8.94 प्रतिशत के लिस्टिंग गेन को दर्शाता है। आईपीओ का सबसे अधिक जीएमपी 11 रुपये और सबसे कम जीएमपी 7 रुपये प्रति शेयर है। बता दें, कंपनी की लिस्टिंग बीएसई एसएमई में होगी।Seren Capital Pvt को कंपनी ने आईपीओ के लिए लीड मैनेजर नियुक्य किया है। और Maashitla Securities Pvt.Ltd को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
₹3446 करोड़ का नेट प्रॉफिट, बैंक का NPA घटा, 5 हिस्सों में बंट चुका है शेयर
क्या करती है कंपनी?
कंपनी सुरक्षा से जुड़े उत्पाद बनाती है। जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आसानी से काम किया जा सके। कंपनी की स्थापना 2019 में हुई थी। कंपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित है। इसके अलावा महाराराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, गुजरात, तमिलनाडु और वेस्ट बंगाल में वेयरहाउस हैं।आईपीओ से जुटाए पैसों में से कंपनी 32.26 करोड़ रुपये का उपयोग मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के लिए करेगी।
अरबपतियों में घटा अडानी-अंबानी का रुतबा, दौलत गंवाने में दोनों टॉप-3 में
26 Jan, 2026 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस साल रिलायंस ग्रुप के मुकेश अंबानी और अडानी ग्रुप के गौतम अडानी को बड़ा झटका लगा है। इस साल दौलत गंवाने वाले अरबपतियों की लिस्ट में लैरी एलिसन के बाद मुकेश अंबानी और गौतम अडानी हैं। अडानी ने इस साल अब तक 14.5 अरब डॉलर गंवाए हैं। इनमें से 7.88 अरब डॉलर तो उन्होंने शुक्रवार को ही गंवा दिए।वहीं, ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स की 26 जनवरी की ताजा सूची में अडानी के सिर से एशिया के दूसरे सबसे रईस का ताज भी छिन गया है। अब इस पोजीशन पर चीन के कारोबारी झोंग शानशान आ गए हैं। वहीं अंबानी को इस साल 15.1 अरब डॉलर का झटका लगा है और उनपर दुनिया के अमीरों की टॉप-20 लिस्ट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। अंबानी 92.6 अरब डॉलर के साथ दुनिया 19वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं।
अडानी के नेटवर्थ में गिरावट की वजह
दरअसल अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर शुक्रवार को 13% तक टूट गए। अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) के कथित धोखाधड़ी और 26.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर के रिश्वत मामले में गौतम अडानी और सागर अडानी को समन जारी करने के लिए अदालत से मंजूरी मांगने की खबरों के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर में गिरावट आई। हालांकि अडानी ग्रुप ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि अमेरिकी अभियोजकों के आरोप निराधार हैं और ग्रुप सभी कानूनों का अनुपालन करता है।
दुनिया के टॉप-10 अरबपति
ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक एलन मस्क की दौलत अभी 690 अरब डॉलर है और वह दुनिया के सबसे रईस शख्स हैं। मस्क की दौलत में इस साल अब तक 70.2 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। यह अडानी की जीवनभर की कमाई से भी अधिक है।दूसरे नंबर पर लैरी पेज हैं। इन्होंने इस साल 11.7 अरब डॉलर अपने नेटवर्थ में जोड़े हैं। इनकी कुल दौलत 281 अरब डॉलर है।जेफ बेजोस को इस साल 7.69 अरब डॉलर का फायदा हुआ है। शुक्रवार को इनकी दौलत में 4.48 अरब डॉलर का इजाफा हुआ और बेजोस दुनिया के अमीरों की लिस्ट में तीसरे पायदान पर पहुंच गए। इनकी कुल संपत्ति 261 अरब डॉलर है।चौथे नंबर पर सर्गी ब्रिन हैं। इस साल 10.9 अरब डॉलर कमाने वाले ब्रिन के पास कुल 261 अरब डॉलर की संपत्ति है।मार्क जुकरबर्ग 233 अरब डॉलर के साथ 5वें स्थान पर हैं तो लैरी एलिसन 231 अरब डॉलर के साथ छठे स्थान पर। बर्नार्ड अर्नाल्ट को इस साल 13.05 अरब डॉलर का झटका लगा है। 194 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ अर्नाल्ट सातवें नंबर पर हैं।स्टीव बाल्मर को इस साल अबतक 5.62 अरब डॉलर का झटका लगा है। 163 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ वह 8वें पोजीशन पर हैं। जेनसेन हुआंग 155 अरब डॉलर के साथ 9वें और वॉरेन बफेट 144 अरब डॉलर के साथ 10वें नंबर पर हैं। ब्लूमबर्ग टॉप लूजर में शामिल बफेट को इस साल अबतक 7.05 अरब डॉलर की चोट पहुंची है।
डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपया किस पर और कैसे डालता है असर
26 Jan, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया शुक्रवार को 92 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही कच्चे तेल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक देश का आयात, विदेशी शिक्षा और विदेश यात्रा महंगी होने की आशंका है। इस वजह से महंगाई भी बढ़ सकती है, हालांकि इससे निर्यातकों को कुछ राहत मिलने का अनुमान है।रुपये में इस महीने अब तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 202 पैसे या दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। वर्ष 2025 में विदेशी कोषों की लगातार निकासी और डॉलर की मजबूती के कारण इसमें पांच प्रतिशत की गिरावट आई थी। गिरते रुपये का तात्कालिक प्रभाव आयातकों पर पड़ता है, जिन्हें समान मात्रा के लिए अधिक भुगतान करना होगा।
इन क्षेत्रों पर पड़ेगा इस तरह प्रभाव
आयात: भारतीय आयात में कच्चा तेल, कोयला, प्लास्टिक सामग्री, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, वनस्पति तेल, उर्वरक, मशीनरी, सोना, मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर तथा लोहा और इस्पात शामिल हैं। आयातित वस्तुओं के भुगतान के लिए आयातकों को अमेरिकी डॉलर खरीदने पड़ते हैं। रुपये में गिरावट के साथ, वस्तुओं का आयात महंगा हो जाएगा।विदेशी शिक्षा: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपये का मतलब है कि विदेशी शिक्षा अधिक महंगी हो जाएगी, क्योंकि छात्रों को विदेशी संस्थानों द्वारा लिए जाने वाले प्रत्येक डॉलर के लिए अधिक रुपये देने होंगे।विदेशी यात्रा: कमजोर स्थानीय मुद्रा का मतलब है कि यात्रा खर्च के लिए एक अमेरिकी डॉलर खरीदने के लिए अधिक रुपये देने होंगे।धन भेजना: अनिवासी भारतीय (एनआरआई) जो पैसा घर भेजते हैं, वे रुपये के मूल्य में अधिक पैसा भेज सकेंगे।निर्यात: निर्यातकों को रुपये के अवमूल्यन से लाभ होने की संभावना है, क्योंकि उन्हें एक डॉलर से अधिक रुपये मिलेंगे। हालांकि, आयात पर निर्भर निर्यातकों को भारतीय मुद्रा के कमजोर होने से लाभ नहीं होगा। इस तरह देखा जाए तो कपड़ा जैसे कम आयात निर्भरता वाले क्षेत्रों को कमजोर रुपये से सबसे अधिक लाभ होना चाहिए, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उच्च-आयात वाले क्षेत्रों को सबसे कम लाभ होगा।
4 साल में AI बदल देगा काम करने का तरीका, 9.2 करोड़ नौकरियों के खत्म होने का खतरा
26 Jan, 2026 10:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि यह साल 2030 तक दुनिया भर में नौकरियों और काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने रिपोर्ट में कहा कि 54 फीसदी बिजनेस नेतृत्वकर्ता को नौकरियां के खत्म होने का डर है। यह रिपोर्ट 'फोर फ्यूचर्स फॉर जॉब्स इन द न्यू इकोनॉमी-2030'नाम से जारी हुई है।
9.2 करोड़ इतनी मौजूदा नौकरियों के खत्म होने का खतरा
दुनिया भर के 10,000 से अधिक बड़े अधिकारियों के बीच सर्वे किया गया। इसमें कहा गया कि 17 करोड़ इतनी नई नौकरियां वैश्विक स्तर पर पैदा होने का अनुमान है। वहीं इसमें से करीब 9.2 करोड़ इतनी मौजूदा नौकरियों के खत्म होने का खतरा है।रिपोर्ट के अनुसार, 54 फीसदी नेताओं का मानना है कि एआई मौजूदा नौकरियों को खत्म कर देगा। इसमें से सिर्फ 24 प्रतिशत ने भरोसा जताया कि इससे नई नौकरियां पैदा होंगी। वहीं सिर्फ 12% का मानना है कि इससे कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी।
निवेश भी मायने रखेगा
रिपोर्ट में कहा गया कि भविष्य कैसा होगा, यह सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करता कि एआई कितना एडवांस है। यह इस पर निर्भर करता है कि सरकारें और कंपनियां आज इंसानी हुनर पर कितना निवेश करती हैं। वहीं लोगों को नई तकनीक के हिसाब से कितनी जल्दी तैयार किया जाता है।
कुछ अलग तथ्य
- 63 फीसदी कर्मचारी ने माना कि उनके पास कौशल की कमी है, जो बिजनेस बदलने में सबसे बड़ी बाधा है
- 85 प्रतिशत कंपनियां अपने मौजूदा कर्मचारी में अतिरिक्त कुशलता को बढ़ाने की योजना बना रह
- आज जो स्किल्स काम आ रही हैं, उनका लगभग 40 फीसदी हिस्सा अगले 5 सालों में अप्रासंगिक हो जाएगा
भविष्य की चार स्थितियां : परिदृश्य मुख्य प्रभाव अनुमान सुपरचार्ज्ड प्रोग्रेस तीव्र नवाचार और नई श्रेणियां 17 करोड़ नई नौकरियों का सृजन।
एज ऑफ डिस्प्लेसमेंट तेजी से छंटनी बेरोजगारी में उछाल।
को-पायलट इकोनॉमी एआई सहायक बनेगा 86% व्यवसाय इसे अपनाएंगे
स्टॉल्ड प्रोग्रेस कौशल की कमी 39% मौजूदा स्किल्स बेकार
रविवार की सुबह फ्यूल अपडेट: पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ या महंगा? घूमने जाने से पहले देख लें पूरी लिस्ट
25 Jan, 2026 07:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज 25 जनवरी , रविवार को देशभर में पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए गए हैं. सरकारी तेल कंपनियां हर रोज सुबह 6 बजे ईंधन की कीमतों को अपडेट करती हैं.
आज दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर के स्तर पर स्थिर बना हुआ है. अगर आप आज अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने की योजना बना रहे हैं, तो अपने शहर के ताज़ा रेट जानना आपके लिए जरूरी है.
पेट्रोल-डीजल के दामों में बदलाव?
आज कई बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के दामों में हल्का अंतर देखा गया है, जबकि कुछ शहरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. कोलकाता और लखनऊ जैसे शहरों में पेट्रोल के दामों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, वहीं चेन्नई, गुरुग्राम और भुवनेश्वर में कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है. डीजल के दाम भी कुछ शहरों में बढ़े हैं, हालांकि दिल्ली और मुंबई में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर बिक रहा है. मुंबई में इसका भाव ₹103.54, कोलकाता में ₹105.41 और चेन्नई में ₹101.06 प्रति लीटर दर्ज किया गया है. हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में पेट्रोल ₹107 के पार पहुंच चुका है. बढ़ते दामों की वजह से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. डीजल की बात करें तो दिल्ली में ₹87.67 प्रति लीटर, मुंबई में ₹90.03 और कोलकाता में ₹92.02 प्रति लीटर बिक रहा है. चेन्नई में डीजल ₹92.61 जबकि तिरुवनंतपुरम में ₹96.48 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है. कुछ शहरों में डीजल की कीमतों में 10 से 27 पैसे तक की बढ़ोतरी देखी गई है.
कौन तय करता है पेट्रोल-डीजल के दाम?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सीधे तौर पर केंद्र सरकार द्वारा तय नहीं की जातीं, बल्कि इन्हें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, टैक्स स्ट्रक्चर और परिवहन लागत जैसे कई कारकों को ध्यान में रखकर तय किया जाता है.
तेल विपणन कंपनियां इन सभी आर्थिक परिस्थितियों का आकलन करने के बाद दाम निर्धारित करती हैं, जिनका पालन सभी पेट्रोल पंपों पर अनिवार्य होता है. ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम जनता की जेब और महंगाई पर पड़ता है. ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी प्रभावित होती हैं. ऐसे में उपभोक्ता ईंधन के दामों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
अगर आज है शादी की ज्वैलरी खरीदने का प्लान, तो पहले जान लें सोने का ताजा भाव, वरना होगा नुकसान
25 Jan, 2026 07:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे उथल-पुथल के कारण सोना-चांदी के दाम हर दिन तेजी से बदल रहे हैं. देश में आज सोने और चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना लिया है. 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,60,260 तक पहुंच गई है, जबकि चांदी का भाव ₹3,35,000 प्रति किलो दर्ज किया गया है.
सोना-चांदी के कीमतों में इतनी तेजी से बढ़ोतरी ऐसे समय पर आई है, जब देश में शादी-ब्याह और त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है. ऐसे में आम ग्राहकों से लेकर बड़े निवेशकों तक, सभी के लिए यह जानकारी बेहद अहम हो गई है.
कीमतों में उछाल से बाजार पर असर
सोने और चांदी के दाम बढ़ने का सीधा असर सर्राफा बाजार पर देखने को मिल रहा है. ज्वैलर्स के अनुसार, बीते कुछ दिनों में ग्राहकों की संख्या में गिरावट आई है. बहुत से लोग अब गहनों की खरीदारी को टालने या सीमित मात्रा में खरीदने का मन बना रहे हैं. खासतौर पर मध्यम वर्ग के लिए यह बढ़ोतरी जेब पर भारी पड़ रही है.
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है. इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी कीमतों को और ऊपर धकेल दिया है. वैश्विक अनिश्चितता, भूराजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की बढ़ती मांग इसकी प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं.
बड़े शहरों में सोने-चादीं के रेट
देश के प्रमुख महानगरों में सोने की कीमतें लगभग समान स्तर पर बनी हुई हैं. दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹16,041 प्रति ग्राम, मुंबई और कोलकाता में ₹16,026 प्रति ग्राम बिक रहा है. वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत ₹14,690 से ₹14,705 प्रति ग्राम के बीच है. 18 कैरेट सोना ₹12,019 से ₹12,034 प्रति ग्राम तक दर्ज किया गया है.
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. मुंबई, दिल्ली, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों में चांदी ₹3,35,000 प्रति किलो बिक रही है, जबकि चेन्नई, हैदराबाद और केरल में इसका भाव ₹3,65,000 प्रति किलो तक पहुंच गया है. औद्योगिक मांग और निवेशकों की बढ़ती रुचि इसके पीछे अहम कारण माने जा रहे हैं
डिफेंस कंपनी को मिला 2080 करोड़ रुपये का काम, 3 महीने में 139% चढ़ा शेयर, आपके पोर्टफोलियो में है क्या?
24 Jan, 2026 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मल्टीबैगर डिफेंस स्टॉक स्वान डिफेंस एंड हैवी इंडस्ट्रीज के हाथ बड़ा प्रोजेक्ट लगा है। कंपनी को 2080 करोड़ रुपये का काम मिला है। इस वर्क ऑर्डर के तहत कंपनी को भारत का पहला केमिकल टैंकर बनाने का ऑर्डर मिला है। इसकी जानकारी कंपनी ने 23 जनवरी 2026 को दी थी।
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6 केमिकल टैंकर बनाने का मिला है काम
स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में स्वान डिफेंस एंड हैवी इंडस्ट्रीज ने बताया है कि यूरिपोयिन जहाज कंपनी Rederiet Stenersen AS से केमिकल टैंकर बनाने का काम मिला है। कंपनी को 18000 DWT IMO टाइप II के केमिकल टैकर्स बनाना है। इस वर्क प्रोजेक्ट की कीमत 2080 करोड़ रुपये रुपये है। कंपनी को कुल 6 टैंकर बनाने हैं। जिसमें पहली डिलीवरी 33 महीने में करनी है।
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शेयरों में ताबड़तोड़ तेजी
महज तीन महीने में ही कंपनी के शेयरों की कीमतों में 139 प्रतिशत की तेजी आई है। स्वान डिफेंस एंड हैवी इंडस्ट्रीज के शेयरों का भाव 139 प्रतिशत बढ़ा है। 6 महीने में यह डिफेंस स्टॉक 448 प्रतिशत का रिटर्न देने में सफल रहा है। एक साल डिफेंस कंपनी के शेयरों की कीमतों में 3936 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली है। बता दें, इस स्टॉक की ट्रेडिंग रोक दी गई है। बीएसई के डाटा के अनुसार स्वान डिफेंस एंड हैवी इंडस्ट्रीज के शेयरों की आखिरी बार खरीद और बिक्री 19 जनवरी 2025 को दर्ज किया गया था। तब कंपनी के शेयरों का भाव 5 प्रतिशत की गिरावट के बाद बीएसई में 1764.80 रुपये के लेवल पर था।दो साल में स्वान डिफेंस एंड हैवी इंडस्ट्रीज के शेयरों का भाव 77644 प्रतिशत और तीन साल में 54897 प्रतिशत बढ़ा है। बता दें, कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी 94.91 प्रतिशत और पब्लिक की हिस्सेदारी 5.09 प्रतिशत है।
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