छत्तीसगढ़
CG मंत्रालयो में ई-ऑफिस शुरू, 31 मार्च तक सभी विभागों में लागू करने के दिए निर्देश
8 Feb, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार सुशासन को सशक्त बनाने तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में एक जनवरी को विभागीय सचिवों की बैठक में सभी विभागों और कार्यालयों में ई-ऑफिस लागू करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग की अधिकांश फाइलों का निपटारा ई-ऑफिस के माध्यम से किया जा रहा है और 31 मार्च 2025 तक सभी विभागों में इसका पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस का प्रशिक्षण देने की बात कही, ताकि सभी विभागों में इसका प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से ई-ऑफिस प्रणाली लागू की है। पहले इसकी शुरुआत सामान्य प्रशासन विभाग में की गई थी और अब इसे मंत्रालय के सभी विभागों में लागू कर दिया गया है। अब तक 16 विभागाध्यक्ष कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ा जा चुका है और जिला स्तर पर भी इसे लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सक्ती पहला जिला है, जहां ई-ऑफिस पूरी तरह लागू हो चुका है।
सीएम साय ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से शासकीय कार्यों की गति, दक्षता और पारदर्शिता में अभूतपूर्व सुधार आएगा। इस पहल से शासकीय प्रक्रियाओं में स्वचालन आएगा, जिससे फाइलों की ट्रैकिंग आसान होगी, निर्णय लेने में तेजी आएगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। उन्होंने मुख्य सचिव को सभी विभागों में फाइलों का डिजिटल अनुमोदन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शासकीय कार्यों में अनावश्यक विलंब समाप्त हो और प्रशासनिक निर्णयों का क्रियान्वयन शीघ्रता से हो सके।
राज्य सरकार हर स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "डिजिटल इंडिया" अभियान को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने ई-गवर्नेंस को प्रभावी ढंग से लागू किया है, जिससे राज्य में सभी शासकीय सेवाएं अधिक पारदर्शी, सुचारू और त्वरित होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ई-गवर्नेंस को सुशासन के प्रभावी उपकरण के रूप में अपनाया गया है, जिससे शासकीय सेवाएं जनता तक तेजी से और आसानी से पहुंच सकेंगी।
ई-ऑफिस प्रणाली के लागू होने से फाइलों के अनुमोदन में लगने वाले समय में कमी आएगी, जिससे प्रशासनिक निर्णयों का क्रियान्वयन शीघ्रता से हो सकेगा। इसमें फाइलों की रियल टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल दस्तावेजों की सुरक्षा और दोहराव को रोकने के लिए केंद्रीकृत डेटा प्रबंधन शामिल है। कागजी कार्रवाई कम होने से सरकारी कार्यालयों की कार्यकुशलता में सुधार आएगा और शासन अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगा। ई-ऑफिस प्रणाली से कागज, मानव संसाधन और परिवहन लागत की भी बचत होगी, जिससे सरकारी खर्च में भी कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सरकार की कार्य प्रणाली को और अधिक समयबद्ध, प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस का सफल क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ को डिजिटल परिवर्तन के अग्रणी राज्यों में से एक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम होगा।
छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, आने वाले दिनों में बढ़ेगा तापमान, चुभने लगेगी धूप
8 Feb, 2025 12:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वहीं न्यूनतम तापमान में गिरावट के बाद कुछ दिनों तक पारे में किसी तरह के बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन उत्तरी और मध्य भाग में बदलाव देखने को मिल सकता है। न्यूनतम तापमान में गिरावट की वजह से रात में ठंड बढ़ गई है। इन दिनों प्रदेश में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। आज यानी शनिवार को प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। वहीं अब ठंड फिर लौट आई है। मौसम में आए बदलाव की वजह से आने वाले दिनों के मुकाबले न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। वहीं आज 8 फरवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसकी वजह से तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने लगेगी। मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट के बाद कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। उत्तरी और मध्य भागों में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण रात में ठंड लौट सकती है। हालांकि इस दौरान मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है।
उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में तापमान में दो से चार डिग्री की गिरावट के बाद फिर धीरे-धीरे तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, राजधानी रायपुर में आज मौसम साफ रहेगा। इसके साथ ही यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल
7 Feb, 2025 08:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ राज्य में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अब पेट्रोल पम्पों पर वाहनों की प्रदूषण जांच के सेंटर (पीयूसी) स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए पेट्रोलियम कम्पनियों ने अपनी सहमति दे दी है। पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केंद्र स्थापित होने से वाहन चालकों को पीयूसी प्रमाण पत्र बनवाने में आसानी होगी और उन्हें अन्य केंद्रों की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, यह पहल वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मददगार और राज्य में पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 4 फरवरी 2025 को परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में वाहनों के धुएं से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत 7 फरवरी 2025 को परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश और अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और रिलायंस इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपने पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केंद्र (पीयूसी सेंटर) स्थापित करने पर सहमति जताई। यह निर्णय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे वायु प्रदूषण को नियंत्रित कर आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बैठक में इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन के मुख्य प्रबंधक उपेन्द्र गिरी, भारत पेट्रोलियम के चीफ मैनेजर बी. देवकुमार, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंधक श्रेयस गुप्ता और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के मुख्य प्रबंधक गौतम कुमार सहित परिवहन विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ का अनुपम सौंदर्य सदैव आपकी स्मृतियों में रहेगा अंकित : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
7 Feb, 2025 08:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ बहुत सुंदर प्रदेश है और नैसर्गिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध जैव विविधता इसे खास पहचान देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज से आए 18 सैन्य और सिविल सर्विस के अधिकारियों के दल ने छत्तीसगढ़ भ्रमण उपरांत उनसे मुलाकात कर अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ सभी सैन्य अधिकारियों से उनके छत्तीसगढ़ भ्रमण को लेकर चर्चा की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए प्रदेश की भौगोलिक विशेषताओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अद्वितीय है। प्रदेश का 44 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है, और आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा हमारी धरोहर का अभिन्न अंग हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौंदर्य अनुपम है। आपने जो यात्रा की है, वह सिर्फ प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति और इतिहास से जुड़ा हुआ सफर भी है। यह अनुभव सदैव आपकी स्मृतियों में अंकित रहेगा।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हम न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से बल्कि शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसरों के माध्यम से भी इस समस्या का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने औद्योगिक और शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के उत्थान पर भी समान रूप से ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता, नवाचार और उत्कृष्ट शासन प्रणाली का उदाहरण बने। आपका यह भ्रमण हमारे प्रयासों को एक राष्ट्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करता है।
नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने अपने प्रवास के दौरान आईआईएम रायपुर, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, ग्रीन फील्ड सिटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से कानून व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन अभियान के संबंध में चर्चा की। अधिकारियों ने सिरपुर, एजुकेशन सिटी दंतेवाड़ा, कांकेर वुड आर्ट सेंटर, जंगल वारफेयर कॉलेज, कोंडागांव के टाटामारी और शिल्पग्राम, बादल एकेडमी और चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया।
दल का नेतृत्व कर रहे एडमिरल संदीप सिंह संधु ने बताया कि नेशनल डिफेंस कॉलेज के द्वारा प्रति वर्ष एक वर्षीय कोर्स संचालित किया जाता है, जिसमें सेना, सिविल सेवा और अंतरराष्ट्रीय रक्षा अधिकारियों को रणनीतिक विषयों पर प्रशिक्षित किया जाता है। इस वर्ष 124 अधिकारी इस कोर्स में शामिल हैं, जिनमें 13 भारतीय और 5 अन्य देशों के अधिकारी छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक ढांचे को समझने के लिए भ्रमण पर आए है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद झा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद और डॉ. बसवराजू एस उपस्थित रहे। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों में ब्रिगेडियर अमितोज सिंह, संदीप कुमार मिश्रा, कोमोडोर कार्तिक मूर्ति, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध सिंह कंवर, एयर कोमोडोर शेखर यादव, ब्रिगेडियर गुरप्रीत सिंह मान, ब्रिगेडियर रजनीश मोहन, कैप्टन एम. व्ही. ओरपे सहित श्रीलंका, मोरक्को, नाइजीरिया, नेपाल और यूएई के अधिकारी शामिल थे।
ठाड़पथरा में पर्यटन को बढ़ावा देने विविध गतिविधियों का आयोजन
7 Feb, 2025 08:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को गौरेला जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ठाड़पथरा में विशेष पर्यटन गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस आयोजन के तहत स्थानीय पर्यटन समिति को प्रशिक्षित किया गया, साथ ही बनमनई नेचर कैंप का आयोजन हुआ, जिसमें पर्यटकों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान इंदिरा गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के 40 विद्यार्थियों सहित कई पर्यटकों ने रोमांचक जंगल ट्रैकिंग में हिस्सा लिया। मुख्य प्रशिक्षक एवं पर्यावरणविद संजय पयासी ने सैलानियों को अमरावती गंगा नदी के किनारे रिवर वॉक कराते हुए जिले की समृद्ध जैव विविधता से परिचित कराया। उन्होंने दुर्लभ औषधीय वृक्षों जैसे दहीमन, कुरकुट, अर्जुन, अमलताश, सेमल और साल की पहचान कराई। ट्रैकिंग का मुख्य आकर्षण अमरावती नदी के किनारे स्थित कमरापथरा से ऐतिहासिक माई के मंडप तक की रोमांचक यात्रा रही।
माई के मंडप नर्मदा नदी के विवाह से जुड़ी लोककथा के लिए प्रसिद्ध है। इसे दुनिया का पहला विवाह मंडप माना जाता है। यहां मौजूद पत्थरों पर उकेरी गई बारात के बरतन की आकृतियां पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनीं। सैलानियों ने माई के मंडप के झरने का आनंद लिया और इस ऐतिहासिक स्थल की पौराणिकता को करीब से महसूस किया।
ट्रैकिंग और झरने में स्नान के बाद पर्यटकों ने स्थानीय पर्यटन समिति द्वारा तैयार पारंपरिक देशी भोजन का आनंद उठाया, जिसे माहुल पत्ती के पत्तलों में परोसा गया। शाम होते ही ठाड़पथरा के मड हाउस स्थित झील किनारे कैंप फायर का आयोजन हुआ। चांदनी रात में पैडल बोटिंग का अनुभव पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय रहा।
इस दौरान स्थानीय बैगा महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसमें पर्यटक भी झूम उठे। इसके बाद स्टोरी टेलिंग सेशन में सभी ने अपने अनुभव साझा किए और पर्यटन स्थल की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत को और करीब से जाना। इस आयोजन ने गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में पर्यटन की अपार संभावनाओं को एक नई दिशा दी है। स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों से न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
एक्टिवा सवार युवकों को टक्कर मार रशियन लड़की ने बिच सड़क मचाया बवाल, पुलिस से भी की बदसलूकी
7 Feb, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: रायपुर वीआईपी रोड पर दोपहर 12.30 बजे एक रशियन युवती डीपीओ के साथ कार चला रही थी। इस दौरान कार अनियंत्रित हो गई और एक दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी। दोपहिया वाहन सवार घायल हो गए। इसके बाद लोगों ने कार को घेर लिया। इससे नाराज युवती ने हंगामा कर दिया। इससे सड़क पर जाम लग गया। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। फिर तेलीबांधा पुलिस रशियन युवती और डीपीओ को थाने ले गई। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक ललित चंदेल, नीलकमल साहू, अरुण विश्वकर्मा वीआईपी रोड स्थित एक होटल में वीडियो शूट कर दोपहर 12.30 बजे दोपहिया वाहन सीजी 11 बीएन 5399 से घर लौट रहे थे। इसी दौरान लेवर वैली अमलीडीह जाने वाली सड़क के पास सामने से आ रही कार सीवी 10 एफए 5046 ने उनके दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी। इससे युवक घायल हो गए। इनमें से एक गंभीर रूप से घायल हो गया। दोपहिया वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
खूब हंगामा हुआ
घटना के बाद भीड़ जमा हो गई। लोगों ने एकत्र होकर कार को घेर लिया। कार की नंबर प्लेट पर लोक अभियोजक लिखा था। इसमें डीआरआई डीपीओ एडवोकेट भावेश आचार्य और उज्बेकिस्तान (रूस) निवासी नोदिरा खौन सवार थे। भीड़ ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इससे माहौल बिगड़ गया। दोनों तरफ से जमकर हंगामा हुआ। इसी बीच किसी ने लड़की का फोन छीन लिया। इससे लड़की भड़क गई और उसने जमकर हंगामा किया। तेलीबांधा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
थाने जाने को तैयार नहीं थी लड़की: पुलिस जब डीपीओ और लड़की को थाने ले जाने लगी तो लड़की जाने को तैयार नहीं थी। वह अपना मोबाइल मांगती रही। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। पुलिस के पास कोई महिला कर्मचारी नहीं थी। इस कारण वे उसका ज्यादा कुछ नहीं कर पाए। काफी मशक्कत के बाद लड़की और डीपीओ को थाने लाया गया। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों नशे में लग रहे थे।
मुंबई से आई थी रूसी युवती
पुलिस के अनुसार रूसी युवती 30 जनवरी को मुंबई से रायपुर पहुंची थी। इसके बाद वह यहां एक बड़े होटल में रुकी थी। रायपुर आने के लिए किस तरह का वीजा लिया गया था? यह तेलीबांधा पुलिस नहीं बता सकी। साथ ही वह किस उद्देश्य से आई थी? इसका भी खुलासा नहीं हो सका। तेलीबांधा पुलिस ने कार चालक के खिलाफ भादंसं की धारा 281, 125 ए के तहत अपराध दर्ज किया है।
भाजपा बनाएगी सरकार दिल्ली में सरकार, दिल्ली विधानसभा चुनाव पर सीएम साय का जवाब
7 Feb, 2025 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि मतदान के बाद एग्जिट पोल के रुझान सामने आने लगे हैं। इसमें सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। दिल्ली में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में यह बयान दिया।
आप ने दिल्ली की जनता को धोखा दिया
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दिल्ली चुनाव के एग्जिट पोल को देखते हुए देश की जनता का भरोसा भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर है। उन्होंने कहा कि इस बार निश्चित तौर पर दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, क्योंकि 10 साल तक आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता को धोखा दिया है।
EVM में डालेंगे दो बार वोट, राज्य निर्वाचन आयुक्त ने दिए आदेश, जागरूकता अभियान पर जोर
7 Feb, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायपुर में नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 की तैयारियों के संबंध में राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सेजबहार में जिला अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने मतदान केंद्रों, ईवीएम मशीनों की व्यवस्था, चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंधन, मतदान कर्मियों की उपलब्धता, ईवीएम मशीनों की कमीशनिंग और मतदाता जागरूकता अभियान की समीक्षा की।
एक ही ईवीएम मशीन में दो वोट
उन्होंने निर्देश दिए कि मतदान प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव में मतदाता एक ही ईवीएम मशीन में दो बार वोट करेंगे, एक महापौर/अध्यक्ष के लिए और दूसरा पार्षद के लिए। इसके प्रति जागरूकता जरूरी है, इसलिए मतदाताओं को इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन किया जाए और किसी भी तरह का उल्लंघन होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इस दौरान उन्होंने कॉलेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया। मतदान सामग्री वितरण और मतगणना स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
महिला ने पति के खिलाफ दायर किया केस, हाई कोर्ट ने दूसरी शादी को सही ठहराया
7 Feb, 2025 12:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने द्विविवाह के आरोप में एक महिला के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 494, जो जीवित पति या पत्नी रहते हुए दूसरा विवाह करने पर सजा का प्रावधान करती है, दूसरी पत्नी पर लागू नहीं होती। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की एकल पीठ ने ऐसे मामलों में दूसरी पत्नी की कानूनी स्थिति को स्पष्ट किया।
2011 में एक व्यक्ति ने अपनी पहली पत्नी के रहते हुए दूसरा विवाह किया। पहली पत्नी ने आईपीसी की धारा 494 के तहत द्विविवाह का मामला दर्ज कराया था। दूसरी पत्नी ने इस मामले को रद्द करने के लिए बीएनएसएस 2023 की धारा 528 के तहत याचिका दायर की। न्यायालय ने दूसरी पत्नी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि उसे दूसरी शादी के वक्त पति की पहली शादी की जानकारी नहीं थी।
पत्नी को बिना तलाक दिए दूसरी शादी
यह मामला 2006 में हुई पहली शादी से शुरू होता है। 2009 में इस दंपत्ति को एक बेटी हुई। बाद में, पति और उसके परिवार ने पहली पत्नी के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। पति ने दूसरी शादी कर ली और पहली पत्नी को घर से निकाल दिया। पहली पत्नी को पता चला कि उसके पति ने मई 2011 में बिना तलाक दिए दूसरी शादी कर ली है। उसने शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुई। आखिरकार उसने अपने पति, दूसरी पत्नी और दो अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 498-A, 494 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया।
आईपीसी की धारा 494
न्यायमूर्ति वर्मा ने अपने फैसले में आईपीसी की धारा 494 पर ध्यान केंद्रित किया। यह धारा जीवित पति या पत्नी के रहते हुए पुनर्विवाह से संबंधित है। न्यायालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह धारा केवल उन लोगों पर लागू होती है जो पहले से शादीशुदा हैं और फिर से शादी करते हैं। धारा 494 में लिखा है कि जिसका पति या पत्नी जीवित हो, वह विवाह करे...। इसका सीधा सा मतलब है कि यह अपराध केवल उसी व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है जिसका वैध विवाह पहले से ही मौजूद हो।
मामले पर हाई कोर्ट ने क्या कहा
न्यायालय ने पाया कि दूसरी पत्नी उस समय अविवाहित थी जब उसने आरोपी से शादी की थी। इसलिए, वह धारा 494 के तहत अपराध की ज़रूरी शर्त को पूरा नहीं करती है। धारा 494 के लिए जरूरी है कि दूसरी शादी के समय पहला पति या पत्नी जीवित हो। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति अविवाहित है और किसी ऐसे व्यक्ति से शादी करता है जिसका पहले से विवाह है, वह धारा 494 के तहत दोषी नहीं है। दोष उस व्यक्ति का है जिसका पिछला विवाह वैध है। न्यायालय ने यह भी नोट किया कि दूसरी पत्नी को शादी के समय आरोपी की पिछली शादी के बारे में पता नहीं था।
मामला जारी रखना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग- कोर्ट
न्यायालय ने यह भी कहा कि अगर दूसरी पत्नी के खिलाफ मुकदमा जारी रखा जाता है, तो यह कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। इसलिए, उच्च न्यायालय ने दूसरी पत्नी की याचिका स्वीकार कर ली और उसके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई को रद्द कर दिया। न्यायालय ने कहा कि धारा 494 आईपीसी के तहत दूसरी पत्नी पर मुकदमा चलाना अनुचित है।
आचार्य विद्यासागर के योगदान को मान्यता देने के लिए सिक्का जारी
7 Feb, 2025 12:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय:गृहमंत्री अमित शाह एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हुए हैं। उनका यह दौरा पहली नजर में धार्मिक माना जा रहा है। इसकी वजह है कि वह गुरुवार के दिन चंद्रगिरी स्थित जैन संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज की प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव में शामिल हुए। इसके बाद वह मां बम्बलेश्वरी मंदिर पहुंच पूजा अर्चना भी की दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह जिले के डोंगरगढ़ चंद्रगिरी में आयोजित प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के समाधि स्थल पर पहुंच कर पूजा अर्चना की है। इसके बाद जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यहां देश भर के अनुयायी आये हुए हैं। मैं सभी को नमन करता हूं।
आचार्य का जीवन राष्ट्र को समर्पित
जैन संत के अनुयायी को संबोधित करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज के जीवन का क्षण-क्षण और शरीर का कण-कण राष्ट्र को समर्पित रहा है। तप और साधना से उन्होंने देश को विश्व में पहचान दिलाई है। उन्होंने आगे कहा कि महाराज जी केवल संत नहीं थे। वे ऐसे विद्वान पुरुष थे जिन्होंने नए विचार को जन्म दिया है।
सिक्का और डाक टिकट जारी
जैन संत शिरोमणि विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति कार्यक्रम में पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने आचार्य विद्यासागर महाराज की तस्वीर वाला 100 रूपये का सिक्का जारी किया गया,108 पदचिन्हों का विमोचन और 5 रुपए का डाक टिकट जारी किया है।
सभी को एक करने का काम जैन मुनियों ने किया
गृहमंत्री ने कहा कि सभी लोगों को एक करने का काम जैन मुनियों ने किया है। आचार्य जी का जीवन धर्म,संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित है। मैं ऐसे महान संत को मैं प्रणाम करने आया हूं। संत शिरोमणि की लिखी मूकमाटी में अनेक लोगों ने पीएचडी की है।
मैं आचार्य की कही बात दोहराना चाहता हूं कि भोजन के थाल में जितने व्यंजन होते हैं वह उतना ही अच्छा होता है। भारत में अलग अलग धर्म संस्कृति है जो अपने में अलग है। आचार्य जी ने कई लोगों को प्रेरित किया है। उनके कई अनुयायी है। उन ढेर सारे अनुयायी में मैं भी एक अनुयायी हूं। यह समाधि स्थल पूरे विश्व में अपना नाम हो।
विद्यासागर महाराज की प्रथम समाधि स्मृति
आपको बता दें कि जैन संत शिरोमणि विद्यासागर जी महाराज ने 18 फरवरी के दिन डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। हालांकि उस दिन जो तिथि थी उसके चलते 6 फरवरी को उनकी समाधि के एक वर्ष पूरे हो रहे हैं। एक वर्ष पूर्ण होने पर चंद्रिगिरी तीर्थ पर 1 से 6 फरवरी त कर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मां बम्बलेश्वरी मंदिर पहुंच किए दर्शन
चंद्रगिरी स्थित प्रतिभास्थली में कार्यक्रम के बाद जैन संतों के साथ भोजन किया इसके बाद वे मां बम्बलेश्वरी मंदिर के लिए निकल गए। यहां उन्होंने मां बम्बलेश्वरी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान सीएम साय, वित्तमंत्री ओपी चौधरी और सांसद मौजूद रहे।
क्यों खास माना जा रहा दौरा
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। यहां 11 फरवरी के दिन राज्य में वोटिंग भी होनी है। ऐसे में चुनाव मतदान से पहले गृहमंत्री का दौरा खास माना जा रहा है। धार्मिक कार्यक्रम से फुर्सत पाने के बाद वह सीएम और मंत्रियों के साथ निकाय चुनाव पर भी चर्चा कर सकते हैं। विधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद निकाय चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव जरूर रहेगा।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आचार्य विद्यासागर जी महाराज के ‘प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव’ और 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में शामिल हुए
6 Feb, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया और 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में शामिल हुए। इस दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आचार्य विद्यासागर जी की स्मृति में ₹100 का स्मारक सिक्का, डाक विभाग का ₹5 का विशेष लिफाफा, 108 चरण चिन्हों व चित्र का लोकार्पण और प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ का शिलान्यास किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूज्य मुनि समता सागर जी महाराज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, जिन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जन्मे आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महामुनिराज अपने कर्मों से भारत, भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषाएँ और भारत की पहचान के ज्योतिर्धर बने। शाह ने कहा कि शायद ही यह सम्मान किसी ऐसे धार्मिक संत को मिला होगा, जिन्होंने धर्म के साथ-साथ देश की पहचान की व्याख्या विश्व भर में की हो। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी के शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित रहा।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्हें कई बार आचार्य विद्यासागर जी का सान्निध्य मिला और हर बार आचार्य जी ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन, देश के गौरव का विश्वभर में प्रसार और देश की पहचान ‘इंडिया’ की बजाय ‘भारत’ से होने पर जोर दिया। अमित शाह ने कहा कि जी-20 सम्मेलन के निमंत्रण पत्र पर ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ लिख कर, मोदी जी ने विद्यासागर जी के विचारों को जमीन पर उतारने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आचार्य जी के विचार को जरा भी राजनीति किए बगैर जमीन पर उतारा और उनके संदेश का अनुकरण करने का काम किया।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आचार्य जी ने जीवन के अंतिम क्षण तक तपस्या का मार्ग नहीं छोड़ा। शाह ने कहा कि आचार्य जी ने न केवल जैन धर्म के अनुयायियों को बल्कि जैनेत्तर अनुयायियों को भी अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा से मोक्ष का मार्ग बताने का काम किया। अमित शाह ने कहा कि यह बोलने वाले बहुत लोग मिलते हैं कि धर्म, राष्ट्र और समाज के लिए जीवन का हर क्षण समर्पित होना चाहिए। लेकिन पूरा जीवन इसी तरह जीने वाले लोग कभी-कभार ही दिखते हैं और आचार्य जी का जीवन ऐसा ही रहा। उन्होंने कहा कि आचार्य जी ने ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के सिद्धांत की समय अनुकूल व्याख्या कर पूरे विश्व में इसे स्थापित करने का काम किया। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने जैन धर्म के सिद्धांत के अनुरूप इस बात का ख़याल रखा कि उनके शिष्य भी उन्हीं सिद्धांतों पर जीवन व्यतीत करें।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के सिद्धांतों का प्रचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस अवसर के लिए स्मारक सिक्का और विशेष लिफाफा की स्वीकृति देने के लिए वह मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि आचार्य जी को दी गई यह कार्यांजलि संत परंपरा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि आचार्य जी का प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ युगों-युगों तक आचार्य जी के सिद्धांतों, संदेशों और उपदेशों के प्रचार का स्थान बनकर रहेगा। शाह ने कहा कि जिस संत ने अपना पूरा जीवन विद्या की उपासना में बिताया, उनकी समाधि का नाम ‘विद्यायतन’ के अलावा कुछ और नहीं हो सकता। अमित शाह ने कहा कि इस अवसर पर मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में निः शुल्क कन्या विद्यालय का भी शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में कौशल विकास और रोजगार दोनों सम्मिलित होंगे और अध्यापन कार्य मातृभाषा में होगा। उन्होंने कहा कि आचार्य जी के 108 चरण चिह्नों का भी लोकार्पण हुआ है, जो त्याग, तपस्या और संयम के जीवन का संदेश देंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत की संत परंपरा बहुत समृद्ध है। उन्होंने कहा कि देश को जब जिस भूमिका की ज़रूरत पड़ी, संत परंपरा ने उस भूमिका का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि संतों ने ज्ञान का सृजन किया, देश को एकता के सूत्र में बाँधा और जब गुलामी का कालखंड था, तब संतों ने भक्ति के माध्यम से राष्ट्र चेतना की लौ जलाए रखी। उन्होंने कहा कि देश का शासन और देश जब आज़ादी के बाद पाश्चात्य विचारों से प्रभावित होकर चलने लगा, तब विद्यासागर जी महाराज एकमात्र आचार्य थे जिन्होंने भारत, भारतीयता और भारतीय संस्कृति से खुद को जोड़े रखा।अमित शाह ने कहा कि जैन मुनियों ने पूरे देश को एक करने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हस्तिनापुर से लेकर कर्नाटक के श्रवणबेलगोला तक, बिहार के राजगीर से लेकर गुजरात के गिरनार तक हर जगह पैदल घूम कर अपने कर्मों से अपने त्याग का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आचार्य जी ने हमें सिखाया कि हमारी पहचान हमारी संस्कृति में निहित है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने ‘मूकमाटी’ नामक हिन्दी महाकाव्य की रचना की, जिस पर अनेक लोगों ने शोध और निबंध लिखे हैं। सभी भारतीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के आचार्य जी के संदेश का पालन करते हुए उनके अनुयायियों ने ‘मूकमाटी’ का कई भाषाओं में अनुवाद किया है। उन्होंने कहा कि ‘मूकमाटी’ में धर्म, दर्शन, नीति और अध्यात्म को बहुत गहराई से समझाया गया है और इसमें शरीर की क्षणभंगुरता का वर्णन एवं राष्ट्र प्रेम का भी संदेश है। अमित शाह ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज का मानना था कि हमारे देश की भाषाई विविधता हमारी सच्ची शक्ति है। उन्होंने कहा कि जिस देश में अनेक भाषाएँ, लिपियाँ और बोलियाँ हों और अलग-अलग प्रकार के व्याकरण और गाथाएँ हों, वह देश सांस्कृतिक रूप से उतना ही समृद्ध माना जाता है।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी और आचार्य जी के बीच बहुत ही आत्मीय संवाद रहा है। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी का संदेश, प्रवचन व लेखन जैन समुदाय के साथ-साथ पूरे राष्ट्र के लिए एक अनमोल धरोहर है।
आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने हमें सिखाया कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
6 Feb, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने हमें सिखाया कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। अगर हम अपनी संस्कृति को खो देते हैं तो विश्व के समक्ष हमारी कोई पहचान नहीं रह जाती। आचार्य जी ने संप्रदायवाद, भाषावाद, जातिवाद आदि संकीर्णताओं से ऊपर उठकर मानवता एवं विश्व बंधुत्व का संदेश हम सभी को दिया है। केन्द्रीय गृहमंत्री शाह आज डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में आचार्य विद्यासागर जी महाराज की समाधि स्मारक के भूमिपूजन और विनयांजलि समारोह को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जैन आचार्यो और मुनियों ने संपूर्ण देश को एकसूत्र में बांधने का कार्य किया है। जैन संतों और मुनियों ने उत्तर प्रदेश के हस्तिनापुर से लेकर कर्नाटक के श्रवणबेलगोला तक और बिहार के राजगीर से गुजरात के गिरनार तक हर जगह पैदल भ्रमण कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हुए त्याग और तपश्चर्या से सन्मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी ने एक कल्पवृक्ष की भांति जीवन जिया। उनके तप और त्याग से प्रत्येक क्षण देशवासियों को नई प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि आज इस स्थान पर सभी लोगों ने मिलकर आचार्य जी की भव्य समाधि का निर्माण करने का निर्णय लिया है, इसके लिए सभी साधुवाद के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज भौतिक देह से भले ही हमारे बीच उपस्थित नहीं है, लेकिन उनके उपदेश हमें प्रकाश स्तंभ की तरह युगों युगों तक हमेशा सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे। आचार्य जी ने धर्म की रक्षा और राष्ट्र की मजबूती के लिए मीलों पैदल सफर तय किया। आहार-विहार का ऐसा संयम रखा जिसे सोचकर ही हम सब चकित रह जाते हैं। आचार्य जी ने करोड़ों लोगों को अपने जीवन से प्रेरणा दी। वे एक राष्ट्र संत थे और स्वदेशी के प्रति उनका गहरा अनुराग था। वे हमेशा कहते थे कि हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने पूज्य समता सागर जी महाराज और देशभर से आए सभी जैन मुनियों को प्रणाम करते हुए कहा कि संतों का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहे, ऐसी मेरी कामना है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक डोंगरगढ़ हर्षिता स्वामी बघेल, जैन समाज के अशोक पाटनी, महोत्सव के अध्यक्ष विनोद बड़जात्या, श्रीकांत प्रभात जैन, विनोद जैन, मनीष जैन एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
जो प्रशिक्षण को गंभीरता से पूरा करता है, वही आगे चलकर बनता है एक सफल प्रशासक : प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा
6 Feb, 2025 09:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग में नवनियुक्त सहायक संचालक और जनपद सीईओ ने विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा से मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कक्ष में सौजन्य मुलाकात की। गौरतलब है कि नवनियुक्त अधिकारियों का छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित होने के बाद विभाग में पदस्थापना दी गई है। इन अधिकारियों का राजधानी रायपुर के प्रशासन अकादमी निमोरा में आगामी 10 फरवरी से आधारभूत प्रशिक्षण होगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से विभाग में सहायक संचालक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के 10-10 रिक्त पदों के लिए भर्ती की गई है।
प्रमुख सचिव बोरा ने इस दौरान नवनियुक्त अधिकारियों का परिचय जाना और अपने सेवाकाल के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि नियुक्ति के पश्चात किस प्रकार प्रारंभिक वर्षों में कार्यो को सीखने के दौरान अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी अपने प्रशिक्षण सत्र को पूरी गंभीरता के साथ पूर्ण करता है, वही आगे चलकर एक सफल प्रशासक बनता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने आपको यह सुनहरा मौका प्रदान किया है। इसके माध्यम से आप सरकार की योजनाओं को वंचित वर्ग तक पहुंचाकर राष्ट्रनिर्माण एवं देशसेवा की अपनी महत्ती भूमिका निभा सकते हैं।
प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि निर्धारित शेडयूल के अनुसार सभी नवनियुक्त अधिकारियों को 10 फरवरी से प्रशासन अकादमी, निमोरा में आधारभूत प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों से प्रशिक्षण के इस सत्र का पूरा लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी के लिए यह प्रशिक्षण सत्र बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली की सभी बारीकियों को विषय विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समझाया जाता है। अतः इसका पूरा लाभ लेने हेतु उनके द्वारा निर्देशित किया गया। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों को नवा रायपुर में निर्माणाधीन ट्रॉयबल म्यूजियम एवं लायब्रेरी का भ्रमण करने को भी कहा। इस मौके पर उपसचिव बी.के.राजपूत, अपर संचालक आर.एस.भोई, उपायुक्त एल.आर.कुर्रे उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने की सौजन्य भेंट
6 Feb, 2025 09:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज उनके निवास कार्यालय में नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गौतम को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नागरिक सुरक्षा और पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने आधुनिक तकनीकों के समुचित उपयोग, जनसहभागिता और अनुशासित पुलिसिंग के माध्यम से प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किए जाने पर बल दिया।
डीएलएड अभ्यर्थियों की काउंसलिंग में बीएड डिग्रीधारी भी होंगे शामिल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश
6 Feb, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है. इस बीच हाईकोर्ट ने नया आदेश जारी किया है. कोर्ट के आदेश के मुताबिक 10 फरवरी से होने वाली डीएलएड अभ्यर्थियों की काउंसलिंग में उन बीएड डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को भी मौका दिया जाएगा जिन्होंने अपने आवेदन में डीएलएड डिप्लोमा का जिक्र नहीं किया था. हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से 4 हफ्ते में जवाब भी मांगा है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने डीएलएड अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए 2855 अभ्यर्थियों की सूची पहले ही हाईकोर्ट को सौंप दी थी. हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश का पालन करने के लिए 15 दिन का समय दिया था. इसके बाद राज्य सरकार ने बीएड डिग्रीधारियों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर 10 फरवरी से डीएलएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए काउंसलिंग कराने का निर्णय लिया।
बीएड डिग्रीधारियों ने नई याचिका दायर की
इस बीच स्वाति देवांगन समेत कई बीएड डिग्रीधारियों ने हाईकोर्ट में नई याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि वे भी शिक्षा विभाग की काउंसलिंग में शामिल होना चाहते हैं, जिसमें डीएलएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया होगी। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने बीएड से पहले डीएलएड डिप्लोमा भी किया है, लेकिन पहले आवेदन में इसका उल्लेख नहीं कर पाए।
हाईकोर्ट ने काउंसलिंग में शामिल होने की दी अनुमति
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एके प्रसाद ने कहा कि मामले में मेरिटपर कोई निर्देश नहीं दिया जाएगा, लेकिन याचिकाकर्ता डीएलएड अभ्यर्थियों को भी काउंसलिंग में शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब डीएलएड कर चुके बीएड डिग्रीधारक भी 10 फरवरी से होने वाली काउंसलिंग में हिस्सा ले सकेंगे।
कोर्ट को चार सप्ताह में देना होगा जवाब
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में यह विवाद लंबे समय से चल रहा है। हाईकोर्ट के नए आदेश के बाद अब डीएड और बीएड दोनों डिग्रीधारकों को काउंसलिंग में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। हालांकि इस मामले में राज्य सरकार को 4 सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट को अपना जवाब देना होगा।
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