छत्तीसगढ़
बजट प्रस्तुत करने के पूर्व वित्त मंत्री ओपी चौधरी पहुंचे श्रीराम मंदिर, की पूजा-अर्चना
3 Mar, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट पेश करने से पहले प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर पहुंचे। वित्त मंत्री चौधरी ने राम मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
आज राज्य सरकार का 25वां बजट पेश, नौकरियां, शिक्षा समेत महिलाओं के लिए भी कई बड़ी घोषणाएं
3 Mar, 2025 06:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने आज अपना दूसरा और राज्य का 25वां बजट पेश किया. इस बजट में नौकरी, शिक्षा समेत महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं. छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोमवार को सदन में बजट पेश किया. बजट की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि विष्णुदेव साय की सरकार नेक नीयत और पूरी तत्परता से काम कर रही है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार मैंने बजट अपने हाथ से लिखा है. बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि- कोई वीरता का पर्याय पूछे तो आप गुंडाधुर की तलवार लिख देना. कोई समानता का पर्याय पूछे तो आप गुरु घासीदास महान लिख देना। कोई राम-राम का पर्याय पूछे तो आप छत्तीसगढ़ी में जय जोहार लिख देना. कोई चारों धाम का पर्याय पूछे तो आप मेरे छत्तीसगढ़ का नाम लिख देना। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया। यह पहला मौका है जब राज्य में कंप्यूटर से टाइप किए गए बजट की जगह खुद वित्त मंत्री द्वारा लिखा गया बजट सदन में पेश किया गया. यह बजट 100 पन्नों का है, जो पूरी तरह से हस्तलिखित है।
जानिए बजट में किसे क्या मिला
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ में बजट पेश किया, जहां होम स्टे नीति के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ग्राम गौरव पथ योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, महतारी सदन के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। स्कूल और कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती की जाएगी, शहरी विकास के लिए बजट में 750 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
नर्सिंग कॉलेजों की संख्या आठ से बढ़कर 20 होगी
राज्य में नर्सिंग कॉलेजों की संख्या आठ से बढ़कर 20 होगी, नए नर्सिंग कॉलेजों के लिए 34 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 12 अतिरिक्त नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे, छह नए फिजियोथेरेपी कॉलेजों के लिए 6 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
दिव्यांगों के लिए विशेष स्कूलों के लिए पांच करोड़
छत्तीसगढ़ बजट 2025 में दिव्यांगों के लिए विशेष स्कूलों के लिए पांच करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। महिलाओं के विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए आठ लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लिए 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है और पीएम आवास योजना ग्रामीण का दायरा बढ़ाया गया है।
महतारी वंदन योजना के लिए 5500 करोड़ रुपए का प्रावधान
छत्तीसगढ़ बजट 2025 में महतारी वंदन योजना के लिए 5500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। खाद सुरक्षा के लिए 5336 करोड़ रुपए का प्रावधान, रायपुर में आईवीएफ के लिए मेकाहारा रायपुर में हाईटेक मशीनें लगाई जाएंगी। मेकाहारा में एआरटी की स्थापना की जाएगी। वहीं एनएचएम के लिए 1850 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
भूमिहीन मजदूरों के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान
बजट में भूमिहीन मजदूरों के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान है, दलहन और तिलहन को एमएसपी पर खरीदने का फैसला किया गया है। दलहन और तिलहन की खरीद के लिए भी 80 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बजट में प्रावधान, एकीकृत बागवानी के लिए 150 करोड़ रुपए का प्रावधान। गन्ना किसानों को बोनस देने के लिए बजट में 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
राज्य में अटल सिंचाई योजना लागू की जाएगी
छत्तीसगढ़ बजट 2025 में राज्य में अटल सिंचाई योजना लागू की जाएगी, अटल सिंचाई योजना के लिए पांच हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बस्तर में शिक्षा को बढ़ावा देने पर फोकस किया जाएगा। तेंदू पत्ता 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से खरीदा जाएगा।
बस्तर और सरगुजा प्राधिकरण के लिए 50-50 करोड़ रुपए
छत्तीसगढ़ बजट 2025 में बस्तर और सरगुजा प्राधिकरण के लिए 50-50 करोड़ रुपए का प्रावधान है। मुख्यमंत्री विद्युतीकरण के लिए 2500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है और
बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।
पीएम कुसुम योजना के लिए 362 करोड़ रुपए का प्रावधान
बजट 2025 में पीएम कुसुम योजना के लिए 362 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, पीएम सूर्य गृह योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, पटवारियों को संसाधन भत्ता दिया जाएगा। नए पुलिस थाने के लिए बजट प्रावधान और अचल संपत्ति के हस्तांतरण पर स्टाम्प ड्यूटी के लिए 12 प्रतिशत उपकर को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
पत्रकार सम्मान निधि 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार की गई
छत्तीसगढ़ बजट 2025 में पत्रकार सम्मान निधि 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार की गई है। एनएसजी की तर्ज पर राज्य में एसएजी का गठन किया जाएगा, सरकारी कर्मचारियों का डीए 53 फीसदी किया जाएगा। अप्रैल से डीए का लाभ मिलेगा। बजट 2025 में छत्तीसगढ़ में पेंशन फंड बढ़ेगा, बस्तर में दो नए थाने बनेंगे, पेंशन फंड के लिए 456 करोड़ रुपए का प्रावधान, छत्तीसगढ़ का खर्च 1.38 लाख करोड़ होगा, नैनो यूरिया और डीएपी का गठन होगा, डेयरी विकास के लिए 90 करोड़ का प्रावधान, छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एक रुपए सस्ता होगा, पेट्रोल पर वैट एक रुपए कम किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ का बजट 2025 'GATI' थीम पर बेस्ड
'GATI'- Good Governance-Accelerating Infrastructure-Technology-Industrial Growth
सुशासन-आधारभूत- संरचना-प्रौद्योगिकी-औद्योगिक विकास
CG कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन: ED कार्यालय के बाहर हुआ जमकर प्रदर्शन, घोटाले और निर्माण कार्य का विरोध
3 Mar, 2025 03:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: आज कांग्रेस पार्टी ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन करने का फैसला किया है। यह प्रदर्शन ईडी की हालिया कार्रवाई के खिलाफ किया जा रहा है. इस प्रदर्शन में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। प्रदर्शन की एक मुख्य वजह यह भी है कि ईडी ने सुकमा और कोंटा इलाके में कांग्रेस के दफ्तरों से जानकारी मांगी है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया है और इसका कड़ा विरोध किया है।
प्रदर्शन में कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। पार्टी के नेता इस प्रदर्शन के जरिए सरकार और ईडी पर राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि यह कार्रवाई लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने का आह्वान किया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि पार्टी सरकार की कार्रवाई के खिलाफ मुखर रहेगी।
बिजली कंपनी को 45 सौ करोड़ का घाटा, रिकवरी के लिए उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ
3 Mar, 2025 02:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: प्रदेश भर के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का झटका देने की तैयारी चल रही है। राज्य की बिजली कंपनी ने विद्युत नियामक आयोग में नए सत्र के लिए दायर याचिका में 4500 करोड़ का घाटा बताया है। इसे कवर करने के लिए उसने नया टैरिफ लागू करने की अनुशंसा की है। बिजली कंपनी का पूरा लेखा-जोखा देखने और जनसुनवाई के बाद ही तय होगा कि घाटे से उबरने के लिए बिजली की दरें बढ़ाई जाएं या नहीं। बिजली कंपनी के अफसरों के मुताबिक अभी जनसुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है। लेकिन, मार्च के अंत तक इसके तय होने की पूरी संभावना है। इसके बाद ही नया टैरिफ तय होगा। कंपनी हर साल दिसंबर में नए टैरिफ का प्रस्ताव नियामक आयोग को भेजती है। इसमें आमतौर पर बिजली कंपनी कभी खुद से यह प्रस्ताव नहीं भेजती कि बिजली का टैरिफ कितना बढ़ाना है। वह सिर्फ अपना लेखा-जोखा भेजती है। इसे देखने के बाद नियामक आयोग तय करता है कि कंपनी को वास्तव में कितने पैसे की जरूरत है और वह वास्तव में कितना खर्च करेगी। इसके बाद कमी के हिसाब से टैरिफ बढ़ता है।
2024-25 में 20 से 25 पैसे की हुई थी बढ़ोतरी
बिजली कंपनी ने पिछले साल जून में 2024-25 सत्र के लिए टैरिफ तय किया था। पिछले साल भी बिजली कंपनी ने नए सत्र में मुनाफा और पुराना अंतर बताया था। यह आयोग ने तय किया था। साथ ही राज्य सरकार ने अपनी तरफ से एक हजार करोड़ दिए थे, इसलिए उपभोक्ताओं को कम झटका लगा। इस सत्र में लगभग हर श्रेणी की बिजली में 20 से 25 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। नए सत्र के लिए फिर से लगभग यही स्थिति बन रही है। ऐसे में संभावना है कि बिजली 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट महंगी हो सकती है। अगर राज्य सरकार से मदद मिलती है, तो इस बार भी मामूली बढ़ोतरी हो सकती है।
ऐसे समझें आंकड़ा
कंपनी की ओर से 2025-26 के लिए आयोग को भेजे गए प्रस्ताव में बताया गया है कि इस सत्र में कंपनी 24,652 करोड़ की बिजली बेचेगी। इसकी तुलना में कंपनी का खर्च 23,082 करोड़ रुपए होगा। ऐसे में कंपनी को 1,570 करोड़ रुपए का मुनाफा होगा। लेकिन, 2023-24 में कंपनी अनुमान से 6130 करोड़ रुपए पीछे रह गई। ऐसे में इस अंतर में से 1,570 करोड़ रुपए घटाने के बाद भी 4,560 करोड़ रुपए का अंतर रह जाता है। इस अंतर की भरपाई के लिए टैरिफ बढ़ाने की मांग की गई है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: 18 लाख मकान-महतारी वंदन योजना और कई बड़ी घोषणाएं
3 Mar, 2025 01:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी 25वां बजट पेश कर रहे हैं. इस बार ओपी चौधरी 'गति' थीम पर बजट पेश कर रहे हैं. गति का मतलब है G यानी गुड गवर्नेंस, A यानी एक्सेलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, T यानी टेक्नोलॉजी और I यानी इंडस्ट्रियल ग्रोथ। इससे पहले चौधरी ने ज्ञान थीम पर बजट पेश किया था।
गरीबों और महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान
छत्तीसगढ़ में गरीबों के लिए 18 लाख घर बनाए जाएंगे. वहीं, छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावितों के लिए 15 हजार घर बनाए जाएंगे. आवास योजना के लिए 875 करोड़ रुपये का प्रावधान। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के बजट में महिलाओं पर फोकस करते हुए महतारी वंदन योजना के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
छत्तीसगढ़ में बनेगी फिल्म सिटी
ओपी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी बनाई जाएगी. इससे स्थानीय कलाकारों को बढ़ावा मिलेगा. ओपी चौधरी ने कहा कि फूड पार्क के लिए 17 करोड़ का प्रावधान है. औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए 23 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उद्योग विभाग का बजट पिछले साल की तुलना में इस साल दोगुना से भी ज्यादा हो गया है, जिसमें 14 से 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान
नगर निगम क्षेत्र जो हमारे छत्तीसगढ़ के 14 बड़े नए निकाय हैं, वे नगर निगम हैं। इनमें सुनियोजित विकास को बढ़ावा देने के लिए इस बजट में कई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। इस योजना को मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना नाम दिया गया है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
12 नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना
छत्तीसगढ़ में 8 सरकारी नर्सिंग कॉलेज हैं। अब मुख्यमंत्री के निर्देशन में 12 नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। अब छत्तीसगढ़ में इसकी संख्या 20 हो जाएगी। इसके लिए 34 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बलरामपुर, दंतेवाड़ा, जांजगीर चांपा, बीजापुर, कुरुद, नया रायपुर, बैकुंठपुर, कांकेर, कोरबा और महासमुंद में कॉलेज बनाए जाएंगे। फिजियोथेरेपी केवल एक शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज बनाया गया है। इस बजट में 6 नए फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू किए जाएंगे। नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 750 करोड़। अमृत मिशन पेयजल के लिए 744 करोड़।
600 से अधिक इंजीनियरों की भर्ती की अनुमति
ओपी चौधरी ने कहा कि उप अभियंताओं की भर्ती नहीं होने से सभी निर्माण विभागों में पीडी एचडी जल संसाधन इंजीनियरों की भारी कमी है। हमने 1 वर्ष में 600 से अधिक इंजीनियरों की भर्ती की अनुमति दी है, ताकि इन विभागों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
एयरपोर्ट विकास के लिए 40 करोड़ का प्रावधान
ओपी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एयरपोर्ट के विकास के लिए 40 करोड़ रुपए का प्रावधान है, ताकि अधिक से अधिक उड़ानें संचालित की जा सकें। गांव को मोबाइल कनेक्टिविटी से जोड़ने का काम किया जाएगा। बीजीएफ के जरिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। स्वान के संचालन के लिए 40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना का प्रावधान
ओपी चौधरी ने कहा कि मोबाइल कनेक्टिविटी तकनीकी क्रांति की प्रेरक शक्ति है, लेकिन राज्य में ऐसे सुदूर क्षेत्र हैं जो अभी भी दूरसंचार क्रांति से वंचित हैं। इस कमी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस बजट में एक नई योजना का प्रावधान किया गया है। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना होगा।
छत्तीसगढ़ सरकार ने घटाई शराब की कीमतें, अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को किया खत्म
3 Mar, 2025 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ में विदेशी शराब पर लगाए गए 9.5 प्रतिशत के 'अतिरिक्त उत्पाद शुल्क' को खत्म करने के राज्य सरकार के फैसले के बाद राज्य में शराब अब सस्ती हो जाएगी।
एक अधिकारी ने कहा, इसके परिणामस्वरूप, विदेशी शराब की खुदरा कीमतें, विशेष रूप से मध्यम और उच्च श्रेणी की श्रेणियों में लगभग 40 रुपये से 3,000 रुपये प्रति बोतल तक गिर जाएंगी। उन्होंने बताया कि रविवार शाम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साई की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया।
कितनी दुकानें होंगी संचालित?
जनसंपर्क विभाग के अधिकारी ने कहा, "कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति को मंजूरी दे दी। नई नीति के अनुसार, 674 शराब दुकानें अगले वित्तीय वर्ष में चालू रहेंगी और प्रीमियम दुकानें आवश्यकता के अनुसार संचालित की जाएंगी।"
उन्होंने कहा, "देशी शराब की आपूर्ति के लिए मौजूदा दर की पेशकश प्रभावी रहेगी। विदेशी शराब की थोक खरीद और वितरण का प्रबंधन छत्तीसगढ़ राज्य पेय पदार्थ निगम लिमिटेड द्वारा किया जाता रहेगा। शराब पर बुनियादी ढांचा विकास शुल्क अपरिवर्तित रहेगा, जबकि खुदरा विदेशी शराब पर 9.5% का 'अतिरिक्त उत्पाद शुल्क' अगले वित्तीय वर्ष में समाप्त कर दिया जाएगा।"
शराब की तस्करी पर लगेगा अंकुश
अधिकारी ने कहा कि इस फैसले से दो बड़े फायदे होने की उम्मीद है, जिसमें छत्तीसगढ़ में विदेशी शराब सस्ती होना और दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी पर अंकुश लगाना शामिल है।
अधिकारी ने कहा, "सरकार का मानना है कि जब शराब की कीमतें एक समान रहेंगी, तो अवैध आयात के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं मिलेगा। इस कदम से न केवल राज्य के राजस्व को फायदा होगा, बल्कि बाजार की स्थिरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।"
2025 का बजट: ओपो चौधरी का डिजिटल प्रस्तुतीकरण, छत्तीसगढ़ के विकास का नया अध्याय
3 Mar, 2025 09:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार आज बजट पेश करेगी। वित्त मंत्री ओपो चौधरी दूसरी बार 3 मार्च 2025 को दोपहर साढ़े बारह बजे छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगे। वो पिछले साल की तरह इस बार भी डिजिटल माध्यम से टैबलेट से बजट पेश करेंगे। छत्तीसगढ़ के तीसरे वित्त मंत्री चौधरी ने 9 फरवरी 2024 को पेपरलेस बजट सदन में प्रस्तुत किया था जिसे लेकर तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल ने सवाल खड़े किये थे। बाद में बीजेपी के सीनियर मंत्रियों की ओर से चौधरी के बचाव में आने पर मामला किसी तरह से शांत हुआ था। पिछला बजट 1 लाख 47 हजार 500 करोड़ का था, जिसमें पीएम मोदी की गारंटी और छत्तीसगढ़ को 2047 तक विकसित राज्य बनाने का वादा किया गया था।
इस बार बजट का आकार बढ़ेगा और यह विकसित छत्तीसगढ़ की ओर ले जाने वाला होगा। यह प्रदेश का 24वां बजट होगा। इस बार का बजट लगभग 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। पिछले साल के 1 लाख 47 हजार 500 करोड़ की तुलना में लगभग 10 फीसदी ज्यादा हो सकता है।
ये है उम्मीद
उम्मीद है कि साय सरकार इस बजट में महिलाओं, युवाओं, छात्रों के लिए नालंदा परिसर, किसानों और आदिवासी वर्ग के लिए खास एलान कर सकती है। वहीं सरगुजा और बस्तर संभाग के विकास, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सरकार फोकस कर सकती है। महतारी वंदन योजना का दायरा बढ़ सकता है।
वर्ष 2000 में पेश हुआ था छत्तीसगढ़ का पहला बजट
छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहला बजट साल 2000 में पेश किया गया था। उस समय बजट का आकार सिर्फ 5 हजार 700 करोड़ रुपये था।
'छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाला होगा इस बार का बजट'
बजट जारी होने से पहले रविवार को वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाला होगा। विकसित राष्ट्र, विकसित छत्तीसगढ़ बनाने वाला बजट होगा। GYAN का अगला स्टेप कल पेश होगा। यह बजट सभी वर्गों के लिए रहेगा। प्रेसवार्ता में मंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार को लगभग सवा साल हो गया है। 3 मार्च को साय सरकार का दूसरा बजट पेश किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने वाला होगा। पिछली बार की तुलना में इस बार का बजट बड़ा होगा।
विकासोन्मुखी होगा बजट: चौधरी
वित्त मंत्री ने पीएम मोदी और मुख्यमंत्री साय की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए काम कर रहे हैं और मुख्यमंत्री साय भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस साल छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं और यह अटल जी की जन्मशताब्दी का वर्ष भी है, ऐसे में बजट विकासोन्मुखी होगा। सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि किसानों को बोनस दिया गया, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई और कई अन्य योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की गईं। इस बार का बजट पिछले साल के बजट का अगला चरण होगा और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा।
उन्होंने पीसीसी चीफ दीपक बैज के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि बजट आया नहीं उसके पहले ये निंदा कर रहे हैं। ये उनकी नकारात्मक राजनीति का परिचय है। यही कांग्रेस की सोच है। दरअसल, बैज ने कहा था कल का बजट विनाश करने वाला बजट होगा।
विनाश करने वाला होगा बजट: पीसीसी चीफ दीपक बैज
पीसीसी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के पास कोई नीति है ना विजन है। सरकार डेढ़ लाख करोड़ से ऊपर का बजट लाने जा रही हैं। डेढ़ साल में गांव के विकास के लिए डेढ़ करोड़ नहीं दिया। सरकार ने कोई नया काम नहीं किया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का कोई प्लान नहीं है। जनता का पैसा कहां जा रहा है? ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। 3 मार्च को जारी होने वाला बजट छत्तीसगढ़ के हित के लिए नहीं बल्कि विनाश के लिए होगा।
GYAN था पिछले बार बजट
चौधरी ने पिछले बजट को ज्ञान(GYAN)का बजट बताया था। ज्ञान यानी G-गरीबी, Y-युवा, A-अन्नदाता और N-नारी. इनके लिए इस बजट में 50 करोड़ की योजनाओं की घोषणा हुई थी। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी की थीम पर आधारित पिछला बजट 10 स्तंभों पर खड़ा था। इसमें रिफॉर्म, तीव्र आर्थिक विकास, अधिक से अधिक पूंजीगत व्यय करने, प्राकृतिक संसाधनों के उचित उपयोग और सेवा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के साथ ही बस्तर, सरगुजा, निजी निवेश और छत्तीसगढ़ी संस्कृति विकास पर बल दिया गया था। इस बजट को अमृत काल के नींव का बजट कहा गया था। 1 नवंबर 2024 तक अमृतकल, छत्तीसगढ़ विजन 2047 का दस्तावेज तैयार करने की घोषणा की गई थी। वित्त मंत्री ने कहा था कि इस विजन के लिए पहले मध्यावधि राज्य की जीएसडीपी को अगले 5 साल में दोगुना करना है। 2028 तक जीएसडीपी को 5 लाख करोड़ से बढ़कर 10 लाख करोड़ का टारगेट है।
पीएम मोदी की 11 गारंटी को पूरा करने का किया था वादा
वित्त मंत्री ने पीएम मोदी की 11 गारंटी को पूरा करने का भी वादा किया था। पिछले बजट में पीएम आवास योजना को 8,359 करोड़ ,महतारी वंदन योजना को 3000 करोड़, कृषक उन्नति योजना को 10000 करोड़, जल जीवन मिशन को 4500 करोड़, भूमिहीन मजदूर योजना के लिए 500 करोड़, रामलला दर्शन योजना के लिए 35 करोड़, राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए 5 करोड़, इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ के आयोजन के लिए 5 करोड़, शक्तिपीठों के विकास के लिए 5 करोड़, उद्यान क्रांति योजना के लिए 5 करोड़ और बोरा तेंदू पत्ता संग्रह के लिए 5500 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया था।
पूर्व सीएम भूपेश ने किया था विरोध
छत्तीसगढ़ के तीसरे वित्त मंत्री चौधरी ने 9 फरवरी 2024 को पेपरलेस बजट सदन में प्रस्तुत किया था। जिसे लेकर तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल ने सवाल खड़े किये थे। बाद में बीजेपी के सीनियर मंत्रियों की ओर से चौधरी के बचाव में आने पर मामला किसी तरह से शांत हुआ था। बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनकी सरकार की कुछ योजनाओं का नाम बदलकर बजट पेश करने का आरोप लगाया था।भूपेश बघेल ने कहा था कि मोदी गारंटी का बोझ भाजपा पर भारी पड़ रहा है, कांग्रेस की योजनाओं को नया नाम देकर नई तरह से पेश कर दुर्भाग्य जनक घोषणाएं की गई हैं।
जानें पिछले बार के बजट की खासियत
वित्त मंत्री चौधरी के पिछले पेश किए गए बजट में महिलाओं की चार दर्जन योजनाओं को कम कर 10 कर दिया गया, वहीं 22 शहरों में नालंदा जैसी लाइब्रेरी खोलने का ऐलान किया गया था।
आदिवासी भाषा विकास परिषद बनाने की घोषणा भी बजट के दौरान की थी, जवानों को स्पाइक रेजीमेंट बूट देने का एलान भी बजट में किया गया था।
ग्राम पंचायत महिला सदन योजना, मुख्यमंत्री पर्यटन योजना और बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट बनाए जाने की घोषणा भी बजट में की गई थी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओपी चौधरी के पिछले बजट को बिना किसी नए कर प्रावधान और मौजूदा करों के बिना वृद्धि के राजस्व बढ़ाने वाला बजट बताया था। साय ने कहा था कि यह बजट सरकार का विजन डॉक्यूमेंट है।
मंत्रिपरिषद के निर्णय : दिनांक - 02 मार्च 2025
2 Mar, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -
§ मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुमोदन किया गया।
वर्ष 2025-26 की आबकारी नीति वर्ष 2024-25 की भांति होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 674 मदिरा दुकानें तथा आवश्यकता अनुसार प्रीमियम मदिरा दुकानें संचालित करने का निर्णय भी यथावत् रखा गया है। देशी मदिरा की आपूर्ति पूर्ववत् रेट ऑफर प्रभावी रहेगा। विदेशी मदिरा थोक क्रय, वितरण छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा होगा। मदिरा पर लागू अधोसंरचना विकास शुल्क यथावत् रहेगा। विदेशी मदिरा फुटकर दुकानों पर 9.5 प्रतिशत की दर से लगने वाला अतिरिक्त आबकारी शुल्क समाप्त होगा।
§ मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
§ मंत्रिपरिषद द्वारा ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के हित को देखते हुए ई-प्रोक्योरमेंट के लिए गठित सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। चूंकि वर्तमान में पीएफआईसी द्वारा 100 करोड़ रूपए से उपर की परियोजनाएं स्वीकृत किए जा रहे हैं। बड़ी आईटी परियोजनाओं के संबंध में पहले से सशक्त समिति अनुमोदन की अनिवार्यता होने से अनुमोदन प्रक्रिया का डुप्लिकेशन होता है। इस कारण सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया।
§ छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ता मामलों की समयबद्ध सुनवाई के लिए सदस्य का एक नवीन पद सृजित करने का निर्णय लिया गया।
§ खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के समर्थन मूल्य योजना में धान एवं चावल परिवहन की दर के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की अनुशंसा दर को स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।
§ छत्तीसगढ़ श्रम विधियां संशोधन एवं विविध प्रकीर्ण उपबंध विधेयक-2025 के माध्यम से कारखाना अधिनियम-1948, औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947 तथा ट्रेड यूनियन अधिनियम-1976 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
§ रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
§ रजिस्ट्री ऑफिसों के नियमित रूप से संचालन के लिए वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग में उप पंजीयक के पदोन्नति श्रेणी के रिक्त 9 पदों की पूर्ति के लिए पांच वर्ष की अर्हकारी सेवा में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
§ राज्य में 01 नवम्बर 2024 से औद्योगिक विकास नीति 2024-30 प्रभावशील है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम-2002 में प्रस्तावित संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
§ छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केन्द्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के मध्य आजीविका सृजन एवं ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कल्याण विषयक एमओयू के लिए राज्य सरकार के सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अधिकृत किया गया।
छत्तीसगढ़: नव उद्यमियों के लिए अपार संभावनाएं – मुख्यमंत्री साय
2 Mar, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास और नव उद्यमिता के लिए अपार संभावनाओं से भरा राज्य है। यह राज्य वन, खनिज और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध है और बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्यों में शामिल है। इन संसाधनों के चलते यहाँ उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सरकार निवेशकों और नव उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि प्रदेश में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहित किया जा सके।
उन्होंने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., पी. दयानंद, राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार और प्रबंध संचालक विश्वेष झा उपस्थित थे।
नई औद्योगिक नीति 2024-30 से उद्योग स्थापना होगी आसान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है, जिससे निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक हो गया है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन और त्वरित प्रोसेसिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ बनी है। इसके अतिरिक्त, 'सिंगल विंडो 2.0' प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ आसानी से मिल रही हैं और निवेशकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
नए औद्योगिक पार्क से निवेश को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना कर रही है, जिससे उद्योगपतियों को आवश्यक बुनियादी ढाँचा और संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे नव उद्यमियों को भी सशक्त वातावरण मिलेगा, जिससे वे अपनी व्यावसायिक यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा सकें। इस पहल से न केवल औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव, पहली बार सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर को बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद अब तक छत्तीसगढ़ को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। प्रदेश में एआई, आईटी, डाटा सेंटर, फार्मास्युटिकल, रियल एस्टेट और रोबोटिक्स जैसे सेक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ में पहली बार सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और एआई आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होंगे।
औद्योगिक निवेश को लेकर सकारात्मक संवाद
मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्यमियों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति स्पष्ट, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल हैं, जिससे देश-विदेश के उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में व्यापार स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनके व्यापार को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग देगी। राज्य की नई औद्योगिक पहल प्रदेश को आर्थिक प्रगति और नवाचार के नए दौर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित उद्यमियों और निवेशकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से मैनकाइंड फार्मा से गौरव चौहान, एम्बेसी रीट के सीईओ विकास खडोलिया, यूअरस्टोरी की संस्थापक श्रद्धा शर्मा और मायट्री स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के फाउंडर रोहित कश्यप शामिल थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में लोकतंत्र के नवयुग का शुभारंभ
2 Mar, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : नगर पालिक निगम अंबिकापुर के नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज अंबिकापुर में पीजी कॉलेज हॉकी स्टेडियम में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर विलास भोसकर ने महापौर श्रीमती मंजूषा भगत और पार्षदों को 8-8 के समूह में शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगर निगम अंबिकापुर का यह शपथ ग्रहण समारोह जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और नगर के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।नगर सरकार 'अटल विश्वास पत्र' में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ महापौर और पार्षदों को चुना है, वे उस पर खरा उतरेंगे। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर को स्वच्छ, स्मार्ट और समृद्ध नगर बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ देते हुए नगर के विकास में पारदर्शिता और प्रभावी प्रशासन पर जोर दिया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कोल्हेनझरिया कलस्टर के ग्रामों में 01 से 07 मार्च तक सुशासन शिविर का होगा आयोजन
2 Mar, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जशपुरनगर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले के विकासखंड फरसाबहार में कोल्हेनझरिया कलस्टर के अंतर्गत आने वाले विभिन्न ग्राम पंचायतों में विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्यवन एवं विभागों की संतृप्तिकरण हेतु सुशासन शिविर का आयोजन 1 मार्च से 07 मार्च तक किया जा रहा है।
बाजारडाड़ के समीप, 02 मार्च को ग्राम पंचायत जोरण्डाझरिया के हाईस्कूल मैदान परिसर में, 03 मार्च को ग्राम पंचायत महुआडीह के पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में, 04 मार्च को कोलेनझरिया या सम्मिलित ग्राम पंचायत जामटोली हेतु सायपुरडीह के प्राथमिक शाला परिसर में, 05 मार्च को ग्राम पंचायत हाथीबेड़ के प्रा.शाला परिसर में, 06 मार्च को ग्राम पंचायत कुल्हारबुड़ा के पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में तथा 07 मार्च को ग्राम पंचायत कोल्हेनझरिया के शासकीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय में शिविर का आयोजन प्रातः 10ः30 बजे से सायं 4 बजे तक किया जाएगा।
इसी तरह 07 मार्च को ग्राम पंचायत कोल्हेनझरिया के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग के द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए शिविर का आयोजन प्रातः 10ः30 बजे से सायं 4 बजे तक किया जाएगा।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियों का हुआ आयोजन
2 Mar, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जशपुरनगर : शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, कांटाबेल विकासखंड मनोरा, जिला जशपुर संजय कुमार पटेल विकास खंड शिक्षा अधिकारी मनोरा के मार्गदर्शन में मनोरा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कांटाबेल में विगत दिवस राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय के प्रधान पाठक मंगल देव तिर्की ने अपने स्वागत संबोधन में विज्ञान दिवस के महत्व को रेखांकित किया और विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने हेतु प्रेरित किया।
इसके पश्चात विज्ञान शिक्षक ओमप्रकाश चौधरी ने विभिन्न रोचक वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन कर बच्चों को विज्ञान की ओर आकर्षित किया। इन प्रयोगों में बिना बाहरी हवा के गुब्बारा फूलना, नॉन-न्यूटोनियन फ्लूड, उत्प्लावन, सघन और विरल द्रव का प्रभाव आदि शामिल थे। इन अद्भुत प्रयोगों ने विद्यार्थियों को चकित कर दिया और उनके मन में विज्ञान के प्रति रुचि जागृत की। अपने संबोधन में विज्ञान के महत्व और दैनिक जीवन में इसके अनुप्रयोगों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिताओं का आयोजन एवं परिणाम
कार्यक्रम के अंतर्गत चित्रकला, निबंध लेखन एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेता प्रतिभागियों की सूची इस प्रकार है
निबंध लेखन प्रतियोगिता
प्रथम स्थान - सृष्टि बाई द्वितीय स्थान - आशिका मिंज तृतीय स्थान - आलोक प्रधान चित्रकला प्रतियोगिता
प्रथम स्थान - आलोक प्रधान द्वितीय स्थान - आशिका मिंज, बजरंग मोहक बैरागी, अरुणा सिंह तृतीय स्थान - भागवत बैरागी क्विज प्रतियोगिता
प्रथम स्थान - प्रणिता इंदुवार द्वितीय स्थान - आलोक प्रधान तृतीय स्थान आशिका मिंज
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों श्रीमती सुधा तिर्की, परमजीत कुमार बघेल एवं देवेंद्र कुमार साहू का विशेष सहयोग रहा।
विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया और सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित किया गया।
जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति की बैठक में गरीब मरीजों के हित में लिए गए कई निर्णय
2 Mar, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण की अध्यक्षता में जिला अस्पताल की जीवन दीप समिति की कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। बैठक में मरीजों के हित में और उनकी सुविधाएं ब?ाने कई निर्णय लिए गए। बैठक में बताया गया कि एक्सरे, ईसीजी एवं सोनोग्राफी की सुविधा नि:शुल्क किये जाने से लगभग 31 लाख रूपए का बचत पिछले 8 महीने में गरीब मरीजों को हुआ है। 20 हजार से ज्यादा मरीजों को इसका लाभ मिला है। श्रवण बाधित मरीजों की जांच के लिए जिला अस्पताल में बेरा रूम निर्माण करने का निर्णय लिया गया। जिला अस्पताल के साथ सिम्स में भी यह सुविधा वर्तमान में उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे मरीजों को जांच के लिए रायपुर रिफर करना पड़ता था।
सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता ने चर्चा के लिए समिति के समक्ष एजेण्डा प्रस्तुत किए और विचार-विमर्श कर गरीब मरीजों के हित में अनेक निर्णय लिए गए। जीवन दीप समिति की आय-व्यय विवरण से समिति को अवगत कराया गया। बताया गया कि जीवन दीप समिति के खाते में फिलहाल 5 करो? 32 लाख रूपए जमा है। इनमें से 5 करोड़ रूपए बैंक में फिक्स डिपोजिट के रूप में जमा है। नवनिर्मित माड्यूलर कीचन में मरीजों के साथ ही उनके परिजनों एवं स्टॉफ के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था बनाने के संबंध में चर्चा किया गया। बैठक में अस्पताल संचालन के लिए एक कम्प्यूटर ऑपरेटर रखने, एक लिफ्टमेन रखने, इंफेक्शन नियंत्रण के लिए अस्पताल स्टॉफ को विशेष ड्रेस देने, पेस्ट कण्ट्रोल के उपाय, पम्प का पाईप लाईन कनेक्शन, एनआरसी में बच्चों के प्ले एरिया में फ्लोर मेट रेड क्रांस सोसायटी से उपलब्ध कराने सहित अन्य उपयोग निर्णय लिए गए। पिछली बैठक में लिये गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन सिविल सर्जन ने प्रस्तुत किया। लगभग सभी निर्णयों का पालन अच्छे तरीके से किये जाने पर जिला अस्प्ताल प्रबंधन की प्रशंसा की गई। बेहतर इलाज और प्रबंधन के लिए प्राप्त एनक्यूएएस प्रमाण पत्र कलेक्टर ने जिला अस्पताल प्रबंधन को सौंपा।बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता, सिम्स के अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, सीएमएचओ डॉ प्रमोद तिवारी सहित विभागीय अधिकारी और जीवनदीप समिति के सदस्य उपस्थित थे।
शॉर्ट अटेंडेंस के नाम पर 10वीं-12वीं बोर्ड के 36 छात्रों को परीक्षा से वंचित करने का आदेश से मचा बवाल, अपनी ही सरकार के खिलाफ एबीवीपी ने की नारेबाजी
2 Mar, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर । 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा से ठीक एक दिन पहले स्वामी आत्मानंद तिलकनगर स्कूल के 36 छात्रों को शॉर्ट अटेंडेंस के नाम पर परीक्षा से वंचित करने के आदेश से हडक़ंप मच गया। देर रात अचानक आए इस फरमान के खिलाफ छात्रों और उनके अभिभावकों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में जबरदस्त प्रदर्शन किया। विरोध इतना तेज हुआ कि एबीवीपी को अपनी ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी करनी पड़ी! शनिवार से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, लेकिन शुक्रवार रात 10.30 बजे छात्रों के मोबाइल पर एक मैसेज आया कि उनकी कम उपस्थिति के कारण उन्हें परीक्षा देने से रोका जा रहा है। इस अन्यायपूर्ण फैसले के खिलाफ सुबह 10.30 बजे गुस्साए छात्र तिलकनगर आत्मानंद स्कूल पहुंचे, जहां एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए और अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। उपमुख्यमंत्री के बंगले तक पहुंचा मामला, प्रशासन ने साधी चुप्पी छात्रों और एबीवीपी के नेताओं ने सीधे उपमुख्यमंत्री अरुण साव के बंगले का रुख किया और उनसे न्याय की गुहार लगाई। उपमुख्यमंत्री ने तत्काल कलेक्टर से चर्चा कर छात्रों को कलेक्ट्रेट भेजा। इसके बाद छात्रों और अभिभावकों ने कलेक्ट्रेट के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन किया। नाराज छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसके बाद कलेक्टर को अपने अधिकारियों को बातचीत के लिए भेजना पड़ा। अफसरों से तीखी बहस बैकफुट पर आया प्रशासन चर्चा के दौरान जब प्रशासन ने छात्रों को प्राइवेट परीक्षा देने की सलाह दी, तो एबीवीपी के कार्यकर्ताओं और छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने सवाल उठाया कि अगर एडमिट कार्ड पहले ही जारी कर दिया गया था और पूरे साल पढ़ाई की गई थी, तो फिर प्राइवेट परीक्षा क्यों दी जाए? तेज बहस और बढ़ते विरोध को देखते हुए अतिरिक्त कलेक्टर शिव कुमार बेनर्जी को छात्रों को नियमित परीक्षा में शामिल करने का आश्वासन देना पड़ा। इसके बाद ही छात्र शांत हुए। यह पूरा मामला प्रशासन की लापरवाही और तानाशाही रवैये को उजागर करता है। बोर्ड परीक्षा से ठीक एक दिन पहले छात्रों को बाहर करने का फरमान देना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि यह उनके भविष्य से खिलवाड़ करने जैसा है। अगर एबीवीपी और छात्रों ने मोर्चा नहीं खोला होता, तो शायद ये 36 छात्र परीक्षा से वंचित रह जाते। प्रशासन की इस लापरवाही पर क्या कोई कार्रवाई होगी? या फिर हर बार छात्रों को ही संघर्ष करना पड़ेगा?
रातों-रात खड़ी फसल पर सडक़ निर्माण, ग्रामीणों का बिल्डर पर गंभीर आरोप, मचा बवाल
2 Mar, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर । कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम सेंदरी में ग्रामीण की जमीन पर रातों-रात खड़ी फसल को पाटकर 50 फीट चौड़ी सडक़ बना दिए जाने का मामला सामने आया है। किसान ने बिल्डर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसकी फसल को बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के नष्ट कर दिया गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है। किसान गेंदराम साहूने शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी संयुक्त नाम पर दर्ज भूमि (खसरा नंबर 1307/1 और 1308) में खड़ी फसल को बिल्डर ने जबरन पाटकर सडक़ बना दी। किसान का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई चोरी-छिपे और रात के अंधेरे में की गई। इस मामले को लेकर पीडि़त किसान ने अनुविभागीय अधिकारी (स्ष्ठरू) के पास शिकायत दर्ज कराई थी। सुनवाई की तारीख 27 जनवरी 2025 तय की गई थी। लेकिन, अधिकारी निर्वाचन कार्य में व्यस्त होने का हवाला देते हुए मामले की सुनवाई 5 मार्च 2025 तक के लिए टाल दी गई। इसके बाद 31 जनवरी 2025 को किसान की अपील को खारिज कर दिया गया।
कलेक्टर से शिकायत
किसान ने इस अन्याय को लेकर कलेक्टर के पास भी शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर से की गई शिकायत में साफ उल्लेख किया गया है कि उक्त भूमि का खसरा नंबर 1307/1 और 1308 है, जो किसान गेंदराम साहू और चिरौंजी भाई के नाम पर दर्ज है। इसके बावजूद बिल्डर ने इस जमीन पर कब्जा कर सडक़ निर्माण कर दिया।
विवादित खसरा नंबर और अधिकारी का आदेश
इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश में खसरा नंबर 1493/1, 1221, 1222, 1322, 1320, 1309/1 और 1229/1 का उल्लेख किया गया है, जिसमें पहले से एक स्थाई मार्ग दर्ज है। आदेश में कहा गया है कि यदि मार्ग बाधा उत्पन्न की गई है, तो उसे हटा लिया जाए, अन्यथा प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई करेगा। लेकिन, पीडि़त किसान ने साफ किया है कि उनकी खड़ी फसल को नष्ट कर दिया गया, जबकि अधिकारी द्वारा जारी आदेश में उनकी जमीन का कोई उल्लेख नहीं है।मामले की अगली सुनवाई 5 मार्च 2025 को होनी है। पीडि़त किसान को न्याय मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस घटना से क्षेत्र के अन्य किसानों में भी असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
सरकार और प्रशासन से मांग
किसान ने सरकार और प्रशासन से इस मामले में जल्द से जल्द न्याय की मांग की है। साथ ही, दोषी बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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