मध्य प्रदेश
पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की जयंती पर कार्यक्रम
2 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भेल भोपाल में सोमवार को मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की जयंती पर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, घुमंतु एवं अर्ध्द घुमंतु कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने स्व. बाबूलाल गौर की प्रतिमा पर श्रध्दा सुमन अर्पित किए। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि आज का दिन राजनीति के क्षेत्र में सादगी और शुचिता के प्रतीक विनम्र, सहज और सरल व्यक्तित्व के धनी, आदर्श के केन्द्र बाबूजी पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर के आदर्शों पर चलने का संकल्प का दिन है। मैं उनकी ऐसी बेटी हूँ, जिसका मार्गदर्शन उन्होनें पल-पल पर किया। गौर सच्चे जनसेवक और कर्मयोगी थे।
राज्यमंत्री गौर ने कहा कि महाविद्यालय में वर्तमान सत्र 2025-26 से AEDP पाठ्यक्रम, बी.ए. टूरिज्म इन हॉस्पिटिलिटी ऑपरेशन्स प्रारंभ हो रहा है। इसमें प्रवेशित विद्यार्थी को तृतीय वर्ष में को 8,000 रूपये प्रतिमाह स्टायपेंड की पात्रता होगी । उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग से महाविद्यालय परिसर में स्वीकृत मल्टीपर्पज हॉल के लिये 3 करोड़ 65 लाख रूपये की। आवंटिन राशि को बढ़ाकर 10 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित किये जाने की अनुशंसा की है। गौर ने बाबूलाल गौर शोध समन्वय प्रकोष्ठ का उद्घाटन भी किया। इस शोध प्रकोष्ठ में शोध प्रबंध और बाबूलाल गौर के जीवन पर आधारित बहुमूल्य साहित्य उपलब्ध है। इसी के साथ राज्यमंत्री गौर ने महाविद्यालय में 21 लाख रूपये की राशि से नवनिर्मित कार पार्किंग शेड का लोकार्पण किया। उन्होंने महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण में भी किया।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति अध्यक्ष बारेलाल अहिरवार ने किया। प्राचार्य डॉ. संजय जैन ने बताया कि महाविद्यालय में बाबूलाल गौर शोध समन्वय प्रकोष्ठ संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से राजनीति एवं समाज विज्ञान के विद्यार्थी गौर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर पीएच.डी. कर सकते हैं। इस अवसर पर गोविन्दपुरा क्षेत्र के विभिन्न पार्षदगण, वरिष्ठ समाजसेवी, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों ने बाबूजी की प्रतिमा पर श्रध्दा सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर नोबल मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल एवं कार्डियक सेंटर भोपाल तथा साँई वेलनेस फिट जोन भोपाल द्वारा लगाये गये शिविर में कई लोगो ने अपने स्वास्थ्य का परीक्षण भी कराया। आज ही वरिष्ठ समाजसेवी पच्छ खामरा जी को जनभागीदारी समिति का सदस्य मनोनीत किया गया।
धीरेंद्र शास्त्री ने बकरीद पर कुर्बानी प्रथा पर उठाए सवाल, रोक की मांग की
2 Jun, 2025 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बकरा ईद के दौरान होने वाली बकरे की बलि पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जीव हिंसा किसी भी संप्रदाय, संस्कृति या मजहब में निश्चित रूप से निंदनीय है. पंडित शास्त्री ने बलि प्रथा के खिलाफ अपनी राय रखते हुए कहा, 'हम किसी भी प्रकार से हो, बलि प्रथा के पक्ष में नहीं हैं. इस प्रकार हम बकरीद के भी पक्ष में नहीं हैं.
पंडित शास्त्री ने बलि प्रथा के खिलाफ अपनी राय रखते हुए कहा, 'हम किसी भी प्रकार से हो, बलि प्रथा के पक्ष में नहीं हैं. इस प्रकार हम बकरीद के भी पक्ष में नहीं हैं. हम किसी को जीवित नहीं कर सकते तो मारने का अधिकार भी किसी को नहीं है.'
उन्होंने स्वीकार किया कि सनातन धर्म में भी बलि प्रथा रही है, लेकिन उन्होंने दोनों पक्षों को स्वीकार करने की बात कही. हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि समय बदल गया है और अब उपचार और अन्य उपाय उपलब्ध हैं.
उन्होंने कहा, 'हम सब सभ्य और सुशिक्षित हैं, इसलिए हमें लगता है कि जीव हिंसा को रोकना चाहिए. अहिंसा परमो धर्म के पर्याय पर चलना चाहिए.'
पंडित शास्त्री ने आगे कहा कि जीव हिंसा को रोकने से सभी मजहबों को तंदुरुस्ती मिलेगी और सबको जीने का अधिकार है– यह एक प्रण और प्रेरणा प्राप्त होगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा के बजाय शांति और अहिंसा के रास्ते पर चलना ही मानवता के लिए सही है.
उनकी इस टिप्पणी से एक बार फिर जीव हिंसा और बलि प्रथा पर देशभर में बहस छिड़ गई है. कई धार्मिक और सामाजिक संगठन पंडित शास्त्री के विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस मुद्दे पर अलग-अलग राय रखते हैं.
राहुल गांधी की MP यात्रा: संगठन को मजबूत करने विधायक-ब्लॉक अध्यक्षों को मिलेगी कड़ी ट्यूशन
2 Jun, 2025 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: कांग्रेस नेता राहुल गांधी 3 जून को मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पहुंचकर संगठन सृजन अभियान की शुरूआत करेंगे. राहुल गांधी सुबह साढ़े 10 बजे भोपाल पहुंचेंगे और 11 बजे से शाम 4 बजे तक लगातार बैठकें लेंगे. राहुल गांधी कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में ही प्रदेश पदाधिकारियों, सांसद और विधायकों के साथ लंच भी करेंगे. इस अभियान के जरिए मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और विभिन्न इकाईयों के बीच समन्वय बनाया जाएगा और आगामी चुनाव के लिए पार्टी की मजबूत जमीन तैयार की जाएगी.
एयरपोर्ट से सीधे पीसीसी पहुंचेंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी सुबह 10ः30 बजे भोपाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे और सीधे भोपाल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगे. एयरपोर्ट से पीसीसी के बीच जगह-जगह राहुल गांधी का भव्य स्वागत किया जाएगा. हालांकि स्वागत के स्थान को कम किया गया है, ताकि वे समय से कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पहुंच सकें.
सुबह 11 बजे से राहुल गांधी राजनैतिक मामलों की समिति की बैठक में हिस्सा लेंगे. इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के सभी सीनियर लीडर मौजूद होंगे. इसमें राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी और किस तरह चुनाव को लेकर अभी से रणनीति बनाकर आगे बढ़ा जाए इस पर चर्चा की जाएगी. यह बैठक 1 घंटे तक चलेगी.
दोपहर 12 बजे से राहुल गांधी प्रदेश के सांसदों और विधायकों के साथ चर्चा करेंगे. प्रदेश में लोकसभा का एक भी कांग्रेस सांसद नहीं है. हांलाकि राज्यसभा सांसद जरूर इस बैठक में शामिल होंगे. बैठक में विधायकों से उनकी क्षेत्र की समस्याओं ओर अपेक्षाओं पर चर्चा होगी. यह बैठक आधा घंटे चलेगी.
दोपहर 12:30 से राहुल गांधी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त किए पर्यवेक्षक और प्रदेश कार्यालय द्वारा नियुक्त प्रभारियों के साथ बैठक करेंगे. इसमें पार्टी संगठन के पुनर्गठन और प्रभावी नेतृत्व नियुक्ति पर चर्चा होगी. यह बैठक 1 घंटे तक चलेगी.
दोपहर 1ः30 से राहुल गांधी ने विशेष परामर्श और अनौपचारिक चर्चा के लिए समय रखा है. इस दौरान राहुल गांधी विधायक और पदाधिकारियों के साथ लंच भी करेंगे.
दोपहर 2:30 बजे राहुल गांधी रवीन्द्र भवन में कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि, प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिध, जिला कांग्रेस अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्षों के अधिवेशन में शामिल होंगे. यह कार्यक्रम 4 बजे तक चलेगा. राहुल गांधी साढ़े 4 बजे भोपाल से रवाना होंगे.
पार्टी संगठन को मजबूत करने का मिलेगा मंत्र
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महामंत्री संजय कामले के मुताबिक "संगठन सृजन अभियान से प्रदेश में कांग्रेस संगठन को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी. इस अभियान के जरिए पार्टी के जमीनी स्तर तक संगठन को मजबूत करने का काम किया जाएगा. ब्लॉक और जिला स्तर पर संगठन को मजबूत किया जाएगा, ताकि कार्यकर्ताओं का सीधा संवाद जनता से हो सके. युवा और अनुभवी नेताओं को आगे बढ़ने का मंच मिल सकेगा. यह अभियान पार्टी के लिए नई शुरूआत है."
नहाने उतरे, मौत ले गई साथ: नर्मदा नदी में डूबे 3 दोस्त, माहौल गमगीन
2 Jun, 2025 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मंडला: मध्य प्रदेश के मंडला में दर्दनाक हादसा हो गया. नर्मदा नदी में डूबने से तीन युवकों की मौत हो गई. दरअसल रविवार को नैनपुर के रामपुरी गांव से 8 से 9 लोग जिसमें युवतियां भी शामिल थीं, वह रामनगर किला देखने आये थे. किला देखने के बाद ये किले के पास से प्रवाहित हो रही नर्मदा नदी में नहाने चले गये. इसी दौरान एक युवक नदी में नहाने उतरा और वह डूबने लगा. जिसे बचाने अन्य दो लोग भी नदी में कूदे. लेकिन पानी का बहाव तेज होने से तीनों युवक नदी में डूब गये.
SDERF ने किया रेस्क्यू
डूबने के बाद उनके साथियों ने चीख पुकार मचाई. इसी दौरान गांव के लोग पहुंचे और पुलिस और SDERF की टीम को सूचना दी गई. SDERF की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कार्य किया गया. कुछ घंटों बाद तीनों के शव बरामद कर लिये गये. SDERF कामन्डेड ने बताया कि, ''पुलिस कंट्रोल रूम से हमें तीन लोगों के डूबने की सूचना मिली थी. रामनगर में आने के दौरान हमारी टीम के द्वारा रेस्क्यू प्रारंभ किया गया. टीम ने रेस्क्यू पर आधे घंटे में ही तीनों के शव को नर्मदा नदी से बाहर निकाल लिया.''
पिकनिक मनाने आया था दोस्तों का ग्रुप
उन्होंने बताया, ''मृतकों की पहचान शिवम उइके (31), राकेश उइके (24) और नवीन उइके (18) के रूप में हुई है. सभी लोग नैनपुर तहसील के ग्राम रामपुरी के निवासी हैं, जो बम्हनी बंजर थाना अंतर्गत आता है. 9 युवकों का एक ग्रुप रामनगर पिकनिक मनाने आया था. वे पहले रामनगर महल देखने गए, यहां घूमने के बाद वे नर्मदा नदी में नहाने चले गए. तभी नवीन नदी में दूर गहराई की तरफ चला गया. उसे बचाने शिवम और राकेश भी पानी में उतर गए. इसी दौरान तीनों की डूबने से मौत हो गई.''
विधानसभा में नया अनुशासन: MP में लागू होगा ड्रेस कोड, तैयारियां तेज़
2 Jun, 2025 09:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP Vidhan Sabha: मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी सत्र से सदन का नजारा बदला-बदला सा दिखेगा, क्योंकि विधानसभा अधिकारी-कर्मचारी एक जैसी पोशाक में दिखेंगे। ड्रेस कोड लागू किया जा रहा है। पुरुषों के लिए पैंट-शर्ट और महिलाओं के लिए साड़ी, ब्लाउज शामिल हैं। समर जैकेट और बंद गले का कोट भी शामिल किया गया है। इस कवायद का मकसद है कि वेल ऑफ द हाउस में बैठने वाले अफसरएवं कर्मचारियों में समानता दिखे।
इच्छुक कंपनियों से मांगे गए ऑफर
सदन में अधिकारियों के लिए अभी किसी भी तरह का ड्रेस कोड नहीं है, लेकिन उन्हें निर्देश हैं कि वे शालीन कपड़ों में दिखें। अब अफसरों को विधानसभा सचिवालय द्वारा तय कोड के कपड़े पहनने होंगे। अफसरों, कर्मचारियों को विधानसभा सचिवालय ही कपड़े उपलब्ध कराएगा। सचिवालय ने इच्छुक कंपनियों से ऑफर मंगाए हैं। निविदा के लिए 10 जून तक का समय दिया गया है। दस जून के बाद विधानसभा सचिवालय निविदा स्वीकार नहीं करेगा।
क्या है वेल ऑफ द हाउस
वेल ऑफ द हाउस यानी सदन में विधानसभा सचिवालय की विभिन्न शाखाओं के अफसर-कर्मचारी बैठते हैं। इनमें विधान, प्रश्न, ध्यानाकर्षण शाखा प्रमुख हैं। प्रश्न, ध्यानाकर्षण शाखाओं के अफसर कर्मचारियों का काम कुछ समय के लिए रहता है। विधान शाखा के अफसरों का काम ज्यादा रहता है। सचिवालय रिपोर्टिंग विंग के अफसर, कर्मचारी पूरे समय बैठते हैं। कार्यवाही की रिपोर्टिंग इसी विंग के जिम्मे रहती है।
सीएम मोहन यादव का सख्त एक्शन: कटनी और दतिया के SP हटाए गए
2 Jun, 2025 08:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
cm mohan yadav: मध्यप्रदेश में रविवार देर शाम सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया। सीएम मोहन यादव के इस बड़े एक्शन से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सीएम मोहन यादव ने रविवार देर शाम अपने सोशल मीडिया अकाउंड पर पोस्ट कर कटनी व दतिया जिले के एसपी को हटाने के निर्देश दिए साथ ही चंबल रेंज के आईजी और डीआईजी को भी हटाने की जानकारी दी।
सीएम मोहन यादव की बड़ी कार्रवाई
सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा- कटनी के पुलिस अधीक्षक और दतिया के पुलिस अधीक्षक तथा आईजी, डीआईजी चंबल रेंज द्वारा ऐसा व्यवहार किया गया जो लोकसेवा में खेदजनक है। इस कारण इन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिये हैं। सीएम के इस पोस्ट के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
जानिए आखिर क्यों हुई कार्रवाई ?
मध्य प्रदेश में कटनी सीएसपी ख्याति मिश्रा के तबादले के बाद शनिवार को वे और उनके तहसीलदार पति के परिजन उनके सिविल लाइन स्थित सरकारी आवास पर पहुंचे थे । यहां परिजनों की आपस में बातचीत चल रही थी, इसी बीच हंगामा खड़ा हो गया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को पकड़ लिया और पुलिस वाहन में बैठाकर महिला थाने ले आई। आरोप है कि थाने में तहसीलदार शैलेन्द्र बिहारी शर्मा और उनके परिवार के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की। तहसीलदार शैलेन्द्र शर्मा ने आरोप लगाया है कि ये सब कुछ कटनी एसपी अभिजीत रंजन के कहने पर हुआ है।
घरेलू विद्युत उपभोक्ता विद्युत व्यवधानों से मुक्ति पाएं, स्वैच्छिक भार (लोड) वृद्धि स्वीकृत करवायें
1 Jun, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के अंतर्गत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर के वास्तविक विद्युत भार के अनुरूप अपने कनेक्शन की भार वृद्धि स्वेच्छा से स्वीकृत कराना सुनिश्चित करा लें। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत भार की वृद्धि स्वेच्छा से कराने के लिए उपभोक्ताओं को जागरूक करने का अभियान इन दिनों चलाया जा रहा है। कंपनी ने बताया है कि उपभोक्ता कंपनी के पोर्टल पर स्वेच्छिक ऑनलाइन आवेदन कर भार वृद्धि करा सकते हैं।
गौरतलब है कि विद्युत उपभोक्ता सामान्यतः कंपनी द्वारा स्वीकृत विद्युत भार से अधिक भार का उपयोग करते हैं जिस कारण से कम्पनी की विद्युत अधोसंरचना अतिभारित (overloaded) हो जाती है और विद्युत कंपनी के साथ ही उपभोक्ताओं को भी अनावश्यक रूप से विद्युत व्यवधानों का सामना करना पड़ता है। सम्माननीय उपभोक्ता स्वेच्छा से अपने विद्युत भार की वृद्धि करा लें जिससे कम्पनी द्वारा भार अनुरूप उपयुक्त विद्युत अधोसंरचना का विकास कर बेहतर एवं निर्बाध विद्युत प्रदाय सुनिश्चित किया जा सके। कंपनी ने बताया है कि घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा स्वेच्छा से भार की वृद्धि कराने पर उनके मासिक देयक में कोई अंतर नहीं आएगा तथापि उन्हें संबद्ध भार के अनुरूप भार स्वीकृत कराना नियमानुसार आवश्यक है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि बिजली कंपनी में नवीन कनेक्शन के लिए जब कोई व्यक्ति अधिकृत आवेदन देता है तो उसके परिसर में भार (लोड) की गणना कर भार निर्धारित किया जाता है। इस प्रक्रिया में नया कनेक्शन देने के लिए बिजली कर्मचारी परिसर का लोड सर्वे करते हैं। यह भार (लोड) विद्युत प्रणाली में जोड़ा जाता है इसलिए इसे संयोजित भार या कनेक्टेड लोड कहा जाता है। कनेक्शन के दौरान उपभोक्ता को बिजली कंपनी के साथ सहयोग कर भार की सही गणना कराना चाहिए ताकि विद्युत प्रणाली सुचारू रूप से संचालित की जा सके। उपभोक्ता द्वारा परिसर में कनेक्शन लेने के कुछ अन्तराल बाद कुछ नये विद्युत उपकरणों को स्थापित कर भार बढ़ा लिया जाता है। यह बढ़ा भार बिजली कंपनी के कार्यालय में यदि स्वीकृत नहीं कराया जाता है तो कम्पनी की विद्युत अधोसंरचना अतिभारित हो जाती है जो कि अनावश्यक रूप से विद्युत व्यवधानों का कारण बनती है। संबद्ध भार के अनुरूप भार स्वीकृत कराना नियमानुसार आवश्यक है। उपभोक्ता लाईसेंसी ठेकेदार से गणना करा कर ऑनलाइन भार वृद्घि का आवेदन प्रस्तुत करेंl
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने सभी सम्माननीय उपभोक्ताओं से अपील करती है कि वे ऑनलाइन https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/apply/other/services/2 सुविधा का लाभ लेकर अपने परिसर के वास्तविक भार के अनुसार अपना संयोजित भार स्वीकृत करवायें।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने लिया संकल्प
1 Jun, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और हरित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एक माह तक एसी और पेट्रोल-डीजल चलित वाहन का उपयोग नहीं करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि वह एक माह तक ग्वालियर में अपने निवास के सामने स्थित पार्क में तंबू लगाकर पंखे में रात्रि विश्राम करेंगे। मंत्री तोमर ग्वालियर शहर में ई-बाइक का उपयोग और बाइक चार्जिंग में सोलर एनर्जी का प्रयोग करेंगे। मंत्री तोमर का यह संकल्प प्रतीकात्मक संदेश है कि आदतों में थोड़ा बदलाव भी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकता है। उन्होंने इस अभियान के अंतर्गत नागरिकों से अपील की है कि वे अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाकर प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें।
प्रदूषण: एक गंभीर समस्या
मंत्री तोमर ने कहा कि प्रदूषण का प्रभाव हमारे जीवन के प्रत्येक पहलू—स्वास्थ्य, पर्यावरण और समाज—पर गहरा पड़ता है। वायु प्रदूषण से साँस संबंधी रोग, धूल और धुएँ से एलर्जी, जल प्रदूषण से डायरिया, हैजा जैसे रोग होते हैं। ध्वनि प्रदूषण से मानसिक तनाव और नींद की कमी जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। प्रदूषण के कारण ओज़ोन परत को नुकसान होता है और ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ती है। इसका परिणाम है कि बर्फ के पहाड़ पिघलते हैं और समुद्र का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। प्रदूषण से जीवन स्तर की गुणवत्ता कम होती है, बीमारियाँ बढ़ती हैं और सामाजिक असंतुलन उत्पन्न होता है। साफ हवा, स्वच्छ पानी और सुरक्षित वातावरण का अभाव समाज में तनाव और असुरक्षा को जन्म देता है।
एक एसी से 1 माह में 432 यूनिट बिजली की खपत और 402 कि.ग्रा. से अधिक CO₂ उत्सर्जन
सामान्य घर में 1.5 टन का एसी प्रतिदिन 8 घंटे चलने पर प्रतिदिन लगभग 14.4 यूनिट बिजली की खपत होती है। इस तरह एक माह में यह खपत 432 यूनिट से अधिक होगी और इसमें 402 कि.ग्रा. कार्बन डाइआक्साइड (CO₂) उत्सर्जन होगा। माह में 402 किलोग्राम से अधिक CO₂ उत्सर्जन होगा। एक माह तक एसी का उपयोग नहीं करने पर 402 कि.ग्रा. (CO₂) का उत्सर्जन रोका जा सकता है।
कार से एक वर्ष में 3600 लीटर पेट्रोल औऱ 9360 किलोग्राम से अधिक CO₂ उत्सर्जन
प्रतिदिन 150 किमी कार चलाने पर 15 किमी/लीटर माइलेज से प्रतिनिदन 10 लीटर पेट्रोल की खपत होगी। इस तरह मासिक 300 लीटर और वार्षिक खपत 3600 लीटर होगी। औसतन 1 लीटर पेट्रोल से लगभग 2.6 किग्रा CO₂ निकलती है। इस तरह 780 किग्रा CO₂ मासिक और 9360 किग्रा CO₂ उत्सर्जन वार्षिक होगा।
बाइक से 1 माह में 112 लीटर पेट्रोल की खपत और 292 किग्रा CO₂ उत्सर्जन
सामान्य नागरिक प्रतिदिन 150 किमी बाइक चलाये तो 40 किमी/लीटर माइलेज से प्रतिदिन 3.75 लीटर पेट्रोल की आवश्यकता होगी। इस तरह पेट्रोल की मासिक खपत 112 लीटर और CO₂ उत्सर्जन 292 किग्रा से अधिक होगा।
जनसहयोग से होगा बड़ा परिवर्तन
ग्वालियर शहर के 15 लाख नागरिकों में से 1 लाख भी प्रतिदिन एक घंटा एसी का उपयोग बंद करने का संकल्प लें, तो प्रतिदिन लगभग 167 टन और मासिक 5022 टन CO₂ उत्सर्जन को रोका जा सकता है। इससे हवा की स्वच्छता में सुधार होगा।
सरकारी स्कूलों में सीसीएलई गतिविधियों को दिया जायेगा बढ़ावा
1 Jun, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रदेश में सरकारी स्कूलों में कन्टीन्यूअस एण्ड कॉम्प्रेंसिव ईवेल्युएशन (सीसीएलई) गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यार्थियों के लिये 21वीं शताब्दी के कौशल अर्जित करने पर जोर दिया गया है। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी हाई और हायर सेकण्डरी स्कूलों में सीसीएलई कार्यक्रम अर्थात सतत् एवं व्यापक अधिगम एवं मूल्यांकन कार्यक्रम के रूप में संचालित कर रहा है।
सीसीएलई गतिविधियों के अंतर्गत प्रति सप्ताह होने वाले लेखन कौशल, वक्तव्य कौशल, प्रश्नोत्तरी कौशल, दृश्य और प्रदर्शन कला पर केन्द्रित गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में मदद करती हैं। नये शैक्षणिक सत्र 2025-26 में ग्रीष्म अवकाश के बाद बाल सभा प्रत्येक शनिवार को पूर्वानुसार प्रथम 3 कालखण्ड में संचालित होगी। वर्ष 2024-25 में सीसीएलई गतिविधियों की राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग के लिये विमर्श पोर्टल पर मॉड्यूल निर्माण किया गया था।
369 सांदीपनि विद्यालयों का संचालन
प्रदेश में वर्तमान में 369 सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। पूर्व में यह विद्यालय सीएम राइज स्कूल के नाम से जाने जाते थे। वर्ष 2025 में 150 नये सांदीपनि विद्यालय संचालित होंगे। प्रदेश में सरकारी स्कूलों को सर्वसुविधा सम्पन्न कर विद्यार्थियों को रोचक एवं आनंद दायक शिक्षा प्रदान करने और उनके सर्वांगीण विकास करने के उद्देश्य से पहले चरण में 276 सांदीपनि विद्यालय शुरू किये गये थे।
सांदीपनि विद्यालयों में उत्कृष्ट भवन एवं अधोसंरचना विकसित किये जाने का कार्य निरंतर प्रगतिशील है। इन विद्यालयों में निकटस्त 10 से 15 किलोमीटर की दूरी के विद्यार्थियों को स्कूल में लाने के लिये परिवहन व्यवस्था भी प्रारंभ की गई है।
विद्यालयों में ईको क्लब के माध्यम से व्यापक स्तर पर चलाया जायेगा पौध रोपण अभियान
1 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के विद्यालयों में 5 जून से ईको क्लब के माध्यम से व्यापक स्तर पर पौध रोपण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह अभियान प्रदेश में एक पेड़ माँ के नाम 2.0 के नाम से चलाने का फैसला किया गया है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने समस्त जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक को पत्र लिखकर निर्देश जारी किये हैं। प्रत्येक जिले में अभियान के दौरान एक लाख पौधों का रोपण करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में विद्यार्थियों की भागीदारी से 30 सितम्बर तक 50 लाख पौधे रोपे जायेंगे।
पौध रोपण का उद्देश्य
व्यापक स्तर पर पौध रोपण का उद्देश्य बच्चों और युवा पीढ़ी को सतत् विकास के प्रति संवेदनशील बनाने और प्रकृति को हरा-भरा बनाने में सक्रिय भागीदार बनाना है। यह अभियान मातृत्व की भावना का सम्मान करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना भी है। पौध रोपण में स्थानीय और क्षेत्रीय प्रजातियों के पौधे लगाने को प्राथमिकता दी जायेगी। अभियान के दौरान बच्चों को पौधों की किस्मों और उनके फायदे की जानकारी भी साझा की जायेगी।
क्रियान्वयन की रणनीति
जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों, ग्राम में उपलब्ध्भूमि एवं विद्यालय की छात्र संख्या के अनुसार कार्ययोजना बनाने के लिये कहा गया है। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठन करने को कहा गया है। समिति में वनमंडल अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, स्कूल प्राचार्य, समाज के प्रमुख नागरिकों को शामिल करने के लिये कहा गया है। समिति के नोडल अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र सहायक नोडल अधिकारी होंगे। पौध रोपण की तैयारी 4 जून तक करने के लिये कहा गया है। पौध रोपण मुख्य रूप से स्कूल परिसर, स्कूल तक जाने वाली सड़क, सार्वजनिक स्थल और अमृत सरोवर के आस-पास किया जायेगा। पौध रोपण के बाद उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी तय किये जाने के लिये कहा गया है।
ग्रीष्म अवकाश के बाद 15 जून से बच्चों को प्रात: सभा के समय पौधों के महत्व के बारे में बताने के लिये कहा गया है। लगाये गये पौधों के साथ एक पट्टिका होगी, जिसमें विद्यार्थी और उसकी माता का नाम भी अंकित किया जायेगा। प्रत्येक वृक्ष प्रजाति के लिये एक क्यू-आर कोड भी बनाया जा सकता है, जिससे बॉटनिकल जानकारी का डिजिटली प्रसार हो सकेगा। जिला स्तर पर कक्षा 9 से 12 के विद्यालयों में संपूर्ण कार्यक्रम के क्रियान्वयन का सुपरविजन का दायित्व जिला शिक्षा अधिकारी को और कक्षा 6 से 8 तक के विद्यालयों में कार्यक्रम की निगरानी का कार्य जिला परियोजना समन्वय जिला शिक्षा केन्द्र को सौंपा गया है।
पारंपरिक जल स्त्रोतों के संरक्षण से भावी पीढ़ी को मिलेगी जल सुरक्षा
1 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : जल से ही जीवन का आरम्भ हुआ। जल ही जीवन का आधार है। मानव शरीर का 70 प्रतिशत भाग जल से निर्मित है। स्वास्थ्य और संतुलित विकास का मूल आधार भी जल ही है। जल हमें स्वच्छता, संपन्नता और समृद्धि की ओर ले जाता है। यह समुद्रों, नदियों, झीलों और तालाबों के रूप में प्रकृति में विद्यमान है, लेकिन इसके संरक्षण-संवर्धन की आवश्यकता है। आज जल का संरक्षण आने वाले पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में जल गंगा सवंर्धन अभियान 30 मार्च से चलाया जा रहा है। अभियान का समापन गंगा दशहरा, 30 जून को होगा। जन-जन के जीवन से जुड़े इस अभियान में नये तालाब बनाये जा रहे हैं, पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है और नदियों को साफ-स्वच्छ किया जा रहा है।
अभियान में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले तालाबों, जल स्रोतों तथा देवालयों में भी जल संरक्षण के कार्य भी किये जा रहे हैं। अभियान के अंतर्गत एक माह में जन सहयोग से हुए काम के परिणाम भी सामने आने लगे हैं। मानसून पूर्व प्रदेश में हुई पहली बारिश में ही अभियान में बने खेत तालाब वर्षा जल स्टोर हो रहा है।
150 साल पुरानी बावड़ी का किया गया जीर्णोद्धार
छतरपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत विभिन्न कार्य किए जा रहे है। साथ ही पारम्परिक जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार, मरम्मतीकरण, गहरीकरण एवं साफ सफाई आदि कार्य किए जा रहे है। इसी क्रम में बिजावर में जानकी निवास मंदिर परिसर में लगभग 150 वर्ष पुरानी एक बावड़ी का जीर्णोद्धार कार्य जनभागीदारी और प्रशासनिक समन्वय सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। डेढ़ सदी पुरानी यह बावड़ी अपने समय में बिजावर के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत थी। समय के साथ उपेक्षा और रख-रखाव की कमी के कारण यह जीर्ण-शीर्ण हो गई थी। जिसे अब नया जीवन दिया गया है।
शहडोल में किसान उत्साहपूर्वक बना रहे खेत तालाब
जल है प्रकृति का अमूल्य उपहार बचाओ इसे, यही है जीवन का आधार शहडोल जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायतो में जल संरक्षण के कार्य कराए जा रहे हैं। जनपद पंचायत बुढार में ग्राम पंचायत घोघरी, गोरतरा, कदाहर में नवीन खेत तालाब के निर्माण का कार्य किया गया।
कुल 1673 तालाबों, चेकडेम, स्टाप डेम एवं अन्य जल संरचनाओं को चिन्हित कर, 918 जल संरचनाओं का जन सहयोग से गहरीकरण कर एक लाख 6319 ट्रेक्टर ट्राली मिटटी निकालकर किसानों ने अपने खेतों में डाली है। इस कार्य में कुल 6519 ग्रामीणों ने अपनी सहभागिता की है। इससे एक ओर जहां तालाबों एवं जल संरचनाओं का गहरीकरण होकर उनकी जल भराव क्षमता 43 लाख 23 हजार 299 घन मीटर से बढ़कर एक करोड़ 15 लाख 77 हजार से अधिक घन मीटर हो गई है। किसानों को अपने खेतों के लिये उपजाऊ मिटटी भी उपलब्ध हुई है।
जल संरचनाओं के निर्माण और सफाई से निकली मिट्टी बना रही खेतों को उपजाऊ
नीमच जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 243 ग्राम पंचायतों में गहरीकरण के लिए 831 चिन्हित खेत तालाब के कार्यो में से वर्तमान में 721 खेत तालाबों का निर्माण कार्य जारी है। कलेक्टर ने शेष रहे खेत तालाबों का निर्माण कार्य भी तत्काल प्रारंभ करवाकर पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। कुँआ रिचार्ज के स्वीकृत कुल 1900 कार्यो में से वर्तमान में 1860 कुँआ रिचार्ज के कार्य प्रगति पर हैं। कलेक्टर ने कुँआ रिचार्ज के सभी कार्य एक सप्ताह में पूर्ण करने के निर्देश जनपद सीईओ और उपयंत्रियों को दिए।
जल संसाधन के 18 जलाशयों से निकाली गई 50 हजार ट्रेक्टर ट्राली मिट्टी
नीमच जिले में जल संसाधन विभाग द्वारा 18 जलाशयों का जनसहयोग से गहरीकरण कार्य प्रारंभ कर, 50 हजार ट्रेक्टर ट्राली एक लाख घन मीटर मिट्टी किसानों ने निकाल कर अपने खेतों में डाली हैं इसमें 900 ग्रामीणों ने जनसहभागिता की हैं। कवई, नयापुराना, जीरन, केनपुरिया, जमुनिया, चमलेश्वर एवं बैसला के तालाबों का जनसहयोग से गहरीकरण कार्य किया जा रहा है। अब तक लगभग 50 हजार ट्रेक्टर ट्राली मिट्टी निकालकर, 900 किसानों ने अपने खेतों में डाली है। इससे किसानों के खेतों की उत्पादकता बढेगी, साथ ही तालाबों का गहरीकरण होने से जल भराव क्षमता भी बढी है। जल स्तर में भी वृद्धि होगी।
हिनौती हनुमान मंदिर स्थित बावड़ी का हुआ जीर्णोद्धार
दमोह जिले के गांव हिनौती के हनुमान मंदिर में स्थित प्राचीन बावड़ी का जीर्णोद्धार श्रमदान से किया गया। स्थानीय ग्रामीणों के श्रमदान से बावड़ी मे फैले कचरे तथा अनावश्यक झाड़-झंकर को साफ कर बावड़ी को स्वच्छ बनाया गया।
जल हमें स्वच्छता, संपन्नता और समृद्धि की ओर ले जाता है
जल गंगा संवर्धन अभियान में मैहर जिले में पारम्परिक जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार, मरम्मतीकरण, गहरीकरण एवं साफ सफाई की जा रही है। मैहर जिले की नगर परिषद अमरपाटन में भी प्राचीन बावड़ी की सफाई की गई।
डीजीएम विद्युत वितरण कंपनी की 2 वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश
1 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गत रात्रि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के गोविन्दपुरा स्थित काल सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं करने पर डीजीएम मुरैना अभिषक चौरसिया की 2 वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिये।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने कॉल सेंटर से ही डीजीएम भोपाल सिटी ईस्ट जोन और डीजीएम रायसेन से भी बात कर समस्याओं के निराकरण में देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। भिण्ड जिले के गोरमी गाँव के उपभोक्ता नरेन्द्र सिंह से भी बात कर उनकी समस्या के संबंध में जानकारी ली। तोमर ने निर्देशित किया कि कॉल सेंटर के हेल्पलाइन नम्बर 1912 में कॉल वेटिंग नहीं होना चाहिए।
कॉल सेंटर प्रभारी ने बताया कि सामान्यत: एक घंटे में 300 से 350 फोन काल आते हैं। उन्होंने स्काडा सेंटर और स्मार्ट मीटर मानीटरिंग सेंटर का भी निरीक्षण किया।
ऊर्जा मंत्री का सख्त रुख: लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
1 Jun, 2025 08:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मानसून का मौसम शुरू होने वाला है लेकिन इससे पहले हो रही बारिश और चल रही तेज हवाएं बिजली विभाग को नुकसान पहुंचा रही है, तेज आंधी से बिजली जाने, पोल उखड़ जाने, ट्रिपिंग होने जैसे समस्या बिजली कंपनी के पास पहुंच रही है, इससे निपटने के लिए ऊर्जा मंत्री ने कड़े निर्देश दिए हैं
मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शनिवार को विद्युत वितरण कम्पनियों के एमडी और अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बिजली ट्रिपिंग की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्युत वितरण कम्पनी के एसई, ईई, एई और डीई लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर विद्युत वितरण सिस्टम की समीक्षा करें।
आंधी बारिश में बिजली जाने पर तुरंत आपूर्ति बहाल करें
ऊर्जा मंत्री नाराजी भरे अंदाज में कहा कि शिकायतें मिल रही हैं कि इंजीनियर्स क्षेत्र में नहीं जाते, उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा क्षेत्र का दौरा नहीं करने वाले इंजीनियरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। मंत्री तोमर ने कहा कि हर अधिकारी बिजली उपभोक्ताओं के फोन जरूर सुने। फोन नहीं उठाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि आंधी और वर्षा के दौरान बिजली गुल होने पर त्वरित कार्यवाही कर विद्युत आपूर्ति शुरू करवायें। तोमर ने कहा कि आवश्यकता अनुसार एफओसी की टीम बढ़ायें।
ट्रांसफार्मर के लोड का निर्धारण करें, कॉल-सेंटर की क्षमता में वृद्धि की जाये
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर में अधिक लोड के कारण बिजली गुल होने के साथ ही वह जल भी जाते हैं। इसके लिये जरूरी है कि सर्वे करवा कर उपयुक्त क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित किये जायें। उन्होंने कहा कि कॉल-सेंटर की क्षमता में वृद्धि की जाये, जिससे उपभोक्ताओं को समस्या दर्ज कराने के लिये ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़े।
मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना की 25वीं किस्त का लाभार्थियों को बेसब्री से इंतजार
1 Jun, 2025 07:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Ladli Behna Yojana 2025 : मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए अच्छी खबर है। आज रविवार से जून का महीना लग गया है। इस महीने में योजना की 25वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके तहत फिर 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1250 रुपए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही 26 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग के लिए भी राशि दी जाएगी।
आमतौर पर योजना की किस्त हर महीने की 10 तारीख तक जारी कर दी जाती थी, लेकिन अप्रैल 2025 से तारीख में बदलाव किया गया है।इस दौरान कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार ने फैसला किया था कि वह प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास बहनों के खाते में राशि भेजेगी। यही कारण था कि अप्रैल में 16 तारीख को 23वीं किस्त और 15 मई को 24वीं किस्त जारी की गई है। अब 15 जून तक योजना की 25वीं किस्त आने का अनुमान है।हालांकि अभी फाइनल डेट सामने नहीं आई है।
हर माह बहनों को मिलेंगे 3000 रुपए?
हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सारणी में एक सभा के दौरान लाड़ली बहना की सहायता राशि तीन हजार रुपया प्रतिमाह करने का वादा फिर दोहराया है। उन्होंने ऐलान किया है कि लाड़ली बहना योजना की राशि 1250 से बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह तक की जाएगी। आने वाले 5 वर्षों में लाड़ली बहनों को प्रतिमाह तीन हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी। जब योजना शुरू की गई थी, तब सरकार ने वादा किया था कि 1000 रुपये का भुगतान धीरे-धीरे बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।
लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250
लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।
लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।
इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।
इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।
अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।
लाड़ली बहनों को जून 2023 से मई 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 24 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 28 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।
इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया।
जानिए लाड़ली बहना योजना के लिए आयु/पात्रता/नियम
इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।
यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।
विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र
महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।
जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।
जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।
अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।
जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं
जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।
जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।
जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।
जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।
जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो।
लाभार्थी सूची में चेक करें नाम, पैसा मिलेगा या नहीं?
लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।
वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर
क्लिक करें।
दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।
कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।
मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।
ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।
चार राज्यों के 380 बीएड कॉलेजों की मान्यता रद्द
1 Jun, 2025 06:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा चार राज्यों के 380 बीएड कॉलेज की मान्यता समाप्त की गई है। इसमें सबसे अधिक 296 बीएड कॉलेज महाराष्ट्र के हैं। मध्य प्रदेश के 11 राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 74 बीएड कॉलेज शामिल हैं।
मध्य प्रदेश के जिन बीएड कॉलेज की मान्यता समाप्त की गई है। उनमें मध्य प्रदेश सरकार का राजा भोज ओपन विश्वविद्यालय भी शामिल है। विश्वविद्यालय डिस्टेंस लर्निंग बीएड प्रोग्राम के तहत हर साल 1000 सीटों पर छात्रों को प्रवेश देता था।
इसके अलावा सांई नाथ महाविद्यालय, ग्वालियर का ऋषि कुल ग्रुप आफ बीएड कॉलेज, फरीदा एजुकेशन सोसाइटी, रीवा का अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, नीराचलम शिक्षा महाविद्यालय सतना, स्वामी नारायणदास शिक्षा कॉलेज सागर के पंडित बीडी मेमोरियल बीएड कॉलेज तथा द्रोणाचार्य अकैडमी की मान्यता भी समाप्त हो गई है।
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