राजस्थान
हरियाणा में शादी के 19 साल बाद संतान सुख, बेटी के जन्म पर गांवों में उत्सव
13 Aug, 2025 12:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जींद: हरियाणा के जींद जिले में एक दंपती को शादी के 19 साल बाद संतान सुख की प्राप्ति हुई। घर में बेटी के जन्म लेने पर दंपती की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लड़की का नाम भूमि रखा गया। इस कार्यक्रम में सोमवार की रात जश्न मनाया गया। डीजे बजा, पारंपरिक रस्में निभाई गईं। 21 गांवों को न्योता दिया गया था। कार्यक्रम में 24 खापों के प्रधान समेत करीब आठ हजार लोग नवजात बेटी को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। दावत में तरह-तरह के पकवान परोसे गए। बच्ची के मामा ने दिल खोलकर रुपये बिखेरे। यह जश्न जींद के गांव थुआ में जश्न कालीरमण खाप के उपप्रधान सुरेंद्र के घर हुआ। सुरेंद्र ने कहा कि यह समाज के लिए उनका संदेश है कि बेटी और बेटा बराबर होते हैं।
लड़की के पिता सुरेंद्र ने मंगलवार को बताया कि उनके मन में शादी के करीब 20 साल बाद बच्चा होने की इतनी खुशी थी कि उन्होंने हर किसी को पार्टी देने का मन बनाया। इसलिए उन्होंने करीब 21 गांवों को न्योता दिया। करीब आठ हजार लोग सोमवार की रात इस कार्यक्रम में आए। कालीरमण खाप के उपप्रधान सुरेंद्र की शादी 9 जून 2006 को हुई। शादी के काफी समय बाद भी संतान नहीं हुई। सुरेंद्र ने बताया कि पत्नी गर्भवती होतीं, लेकिन दूसरे-तीसरे महीने में ही गर्भपात हो जाता। 10 से ज्यादा बार उनकी पत्नी कृष्णा को गर्भपात का दर्द झेलना पड़ा। जब उन्होंने डॉक्टर से पता किया तो पीजीआई के डॉक्टरों ने बताया कि कृष्णा के ब्लड ग्रुप के कारण यह दिक्कत आ रही है। इसी कारण संतान सुख प्राप्ति की संभावना कम है।
बेटी का नाम भूमि रखा गया
सुरेंद्र ने अपने बड़े भाई के बेटे को गोद ले लिया। एक साल पहले कृष्णा फिर से गर्भवती हुईं। दूसरे-तीसरे महीने तक किसी तरह की दिक्कत नहीं आई। बच्चे की ग्रोथ ठीक लगी। 10 जुलाई को उन्हें संतान प्राप्ति हुई। इससे उनका खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बेटी का नाम भूमि रखा गया। डिलीवरी नॉर्मल हुई। थुआ गांव निवासी सुरेंद्र 100 एकड़ से ज्यादा जमीन को ठेके पर लेकर खेती करते हैं। उनके पास खुद की साढ़े चार एकड़ जमीन है। पिछले डेढ़ साल से सुरेंद्र कालीरमण खाप के उपप्रधान हैं।
समाज में जाएगा अच्छा संदेश
इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा बेटी के जन्म पर भी बेटे की तरह कार्यक्रम करना चाहिए। इससे समाज में अच्छा संदेश जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि सुरेंद्र ने बेटी के जन्म पर जो कार्यक्रम किया है। उसका संदेश पूरे समाज में जाएगा। बेटी के जन्म पर आस-पास के गांव में कभी इस तरह का कार्यक्रम नहीं देखा था। लोगों को रूढ़िवादी सोच को दूर करते हुए परिवार में सुरेंद्र ने बताया कि मन में इतनी खुशी थी कि जी चाह रहा तो हर किसी को पार्टी दूं। अपने भाईचारे के साथ बैठक की। जिसमें फैसला लिया कि पूरे गांव का न्योता दूंगा। हालांकि इससे भी सुरेंद्र का मन नहीं भरा, उन्होंने तपा के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर थुआ तपा के सभी 21 गांवों को चूल्हा न्योता दिया।
हरियाणा का अजीब मामला: सरकारी रिकॉर्ड में मृत, हकीकत में खड़ा डीसी के सामने
12 Aug, 2025 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक: पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों की गलती की वजह से एक जिंदा कर्मचारी को मृत ही घोषित कर दिया गया। जबकि यह कर्मचारी सोमवार को खुद जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मीटिंग में हाजिर हो हो गया। इस कर्मचारी ने मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे डीसी धर्मेंद्र सिंह के सामने रोकर अपनी व्यथा सुनाई। डीसी ने पूरा मामला समझने के बाद इस कर्मचारी को लंबित मानदेय का भुगतान करने और हरियाणा कौशल रोजगार निगम में पोर्ट करने के आदेश दिए।
दरअसल जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मासिक मीटिंग सोमवार को दोपहर बाद जिला भवन में आयोजित की गई। इस मीटिंग की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार को करनी थी लेकिन वे किन्हीं कारणों की वजह से नहीं पहुंचे। जिसके बाद डीसी धर्मेंद्र सिंह ने मीटिंग की अध्यक्षता की। इस मीटिंग में 16 शिकायत रखी गई थी। सबसे आखिरी शिकायत लोकल रामलीला पड़ाव वाल्मीकि बस्ती निवासी विजय कुमार की थी। वह पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में पिछले 16 वर्ष से अनियमित कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा है। उसने वर्ष 2008 में ठेकेदार के माध्यम से पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में पंप ऑपरेटर के रूप में नौकरी शुरू की थी, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान उसके आधार कार्ड में कुछ गड़बड़ी करके उसे मृत घोषित कर दिया, जबकि वह महामारी में भी ड्यूटी देता रहा। इसके बाद उसे नौकरी से हटा दिया और कोई पैसा भी नहीं दिया।
नवंबर 2022 से लेकर 31 मार्च 2024 तक ड्यूटी करवाई
विजय कुमार ने बताया कि पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों ने उससे नवंबर 2022 से लेकर 31 मार्च 2024 तक ड्यूटी करवाई, लेकिन कोई वेतन नहीं दिया। इसके बारे में तत्कालीन एक्सईएन फूल सिंह से मिलकर बात की तो उन्होंने कहा कि ड्यूटी करते रहे, आपका नाम चढ़ जाएगा और पैसा मिल जाएगा, लेकिन कोई भुगतान नहीं हुआ। फिलहाल उसकी ड्यूटी ओल्ड बस के नजदीक है। उसके पास पीएफ अकाउंट भी है। लॉग बुक में भी हाजिरी लगती है। लेबर कोर्ट में भी उसके हक में फैसला आ चुका है। इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों की गलती की वजह से उसे रिकॉर्ड में मृत दर्शा दिया गया। इस वजह से उसका कई माह का मानदेय लंबित है।
डीसी से मिला तो दोबारा ड्यूटी पर ले लिया
ऐसे में विजय कुमार खुद डीसी की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में हाजिर हुआ और अपना दुखड़ा सुनाया। अपनी व्यथा सुनाते समय वह रो पड़ा। उसने कहा कि वह ड्यूटी कर रहा है, हाजिरी भी लॉग बुक में लगती है लेकिन सिस्टम ने उसे मार दिया। कोरोना महामारी के समय भी वह ड्यूटी पर डटा रहा। विजय कुमार ने बताया कि 18 फरवरी को उसे नौकरी से हटा दिया गया, जिसके बाद 19 फरवरी केो डीसी से मिला तो दोबारा ड्यूटी पर ले लिया। पिछले 6 माह से ड्यूटी दे रहा हू, लेकिन आज तक कोई वेतन नहीं मिला। उसे जनवरी 2024 में एचकेआरएन में भी शामिल करते हुए नाम दर्ज किया गया, लेकिन उसके माध्यम से भी कोई वेतन नहीं मिला।
3 लाख 83 हजार 321 रुपए मुआवजे के रूप में देने के निर्देश दिए
अधिकारी ड्यूटी तो करवा रहे हैं, लेकिन वेतन नहीं दे रहे। शिकायत करने पर कोई सुनने वाला नहीं है। विजय कुमार ने लेबर कोर्ट में केस भी किया था, जिसमें उसे जीत मिली। कोर्ट ने डिपार्टमेंट को 3 लाख 83 हजार 321 रुपए मुआवजे के रूप में देने के निर्देश दिए हुए हैं, लेकिन वह पैसा भी आज तक नहीं मिला है। घर का गुजारा भी मुश्किल से चल रहा है। विभाग उसे तिल तिल मरने पर विवश कर दिया है। इस पर डीसी धर्मेंद्र सिंह ने पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के एक्सईएन से इस बारे में जवाब मांगा। हालांकि वह स्पष्ट तौर पर कोई जवाब नहीं दे पाया गया। सिर्फ इतना कहा कि रिकॉर्ड में गलती की वजह से यह सब हुआ होगा। इसके बाद डीसी ने लेबर कोर्ट के फैसले के आधार पर विजय कुमार को लंबित मानदेय का भुगतान करने और एचकेआरएन में पोर्ट कराने के आदेश दिए। इस पर एक्सईएन ने बताया कि इस समय पोर्टल बंद है। जिसके बाद डीसी ने कहा कि जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मीटिंग की कार्यवाही के आधार पर कर्मचारी को मानदेय का भुगतान कराया जाए।
हरियाणा सरकार का फैसला: जबरन या छुपी पहचान से विवाह अवैध घोषित
7 Aug, 2025 07:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: धर्म छिपाकर शादी करने पर हरियाणा सरकार ने सख्त एक्शन की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी सरकार की तरफ से राज्य के सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि अवैध धर्मांतरण पर नजर रखें। राज्य की गृह सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की तरफ से सभी अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि हरियाणा विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन निवारण अधिनियम एवं नियम, 2022 का कड़ाई से पालन करें। मिश्रा ने अपने निर्देश में साफ किया है कि कानून के अनुसार अगर कोई धर्म छिपाकर शादी करता है तो विवाह अमान्य होगा। हालांकि, संतानें कानूनन वैध रहेंगी।
सरकार ने क्यों जारी किए निर्देश?
हरियाणा सरकार ने धर्मांतरण से जुड़ी घटनाओं पर सख्ती बढ़ाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई व्यक्ति विवाह के लिए अपना धर्म छिपाता है, तो ऐसे विवाह को 'अमान्य' माना जाएगा, हालांकि ऐसे विवाह से जन्मी संतान को कानूनी रूप से वैध माना जाएगा। उसे संपत्ति में उत्तराधिकार का पूरा अधिकार मिलेगा। राज्य की गृह सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक लगाना नहीं, बल्कि शादी के नाम पर धोखे और जबरदस्ती धर्मांतरण जैसे मामलों को रोकना है।
हो सकती है 10 साल की जेल
गृह सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार नए कानून में यह प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति धोखे, लालच देकर, बल या अनुचित प्रभाव से धर्म परिवर्तन नहीं करा सकता, चाहे वह विवाह के लिए ही क्यों न किया गया हो। इस अधिनियम के तहत यदि कोई व्यक्ति धर्म छिपाकर विवाह करता है, तो उसे 3 से 10 साल की जेल और कम से कम 3 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। यह कानून जब बनाया गया था तब यह माना गया था कि इससे महिलाओं की सुरक्षा, पारिवारिक स्थिरता और विवाह संबंधों में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी। बीते सालों में धोखे या जबरदस्ती धर्मांतरण के बाद विवाह के मामलों में वृद्धि हुई है।
बेकाबू हुआ पालतू कुत्ता, हमला कर दो को किया घायल, फिर मालिक ने कर दी हत्या
7 Aug, 2025 03:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल: हरियाणा के करनाल जिले के नीलोखेड़ी कस्बे में एक पालतू कुत्ते ने जमकर आतंक मचाया। 12 साल के बच्चे समेत कुल तीन लोग कुत्ते का शिकार बन गए। बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे इलाज के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से पीजीआई रोहतक रेफर किया गया है। वहीं, पुलिस ने कुत्ते के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायल बच्चे की मां रूपा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनका बेटा घर से बाहर कूड़ा बीनने गया था, तभी अचानक पालतू कुत्ते ने हमला कर दिया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
बच्चे की हालत गंभीर
उन्होंने बताया कि वह तुरंत बेटे को कल्पना चावला अस्पताल ले गईं, लेकिन वहां से डॉक्टरों ने उसे PGI रोहतक रेफर कर दिया। रोते हुए मां ने कहा कि हमें किसी से कोई शिकायत नहीं, कोई कार्रवाई नहीं चाहिए, बस मेरे बच्चे का इलाज हो जाए। उसकी प्लास्टिक सर्जरी होनी है। हमारे पास इलाज के पैसे नहीं हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने हालात का जायजा लिया। जांच अधिकारी संदीप ने बताया कि शुरुआत में कुत्ते ने दो बच्चों पर हमला किया और जब दो वयस्कों ने बच्चों को बचाने की कोशिश की, तो उन पर भी हमला कर दिया। इस दौरान उसने एक शख्स का प्राइवेट पार्ट चबा डाला। फिलहाल कुत्ते की नस्ल के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं है, लेकिन वह काफी आक्रामक था। पुलिस ने कुत्ते के मालिक के खिलाफ लापरवाही व जान को खतरे में डालने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
कुत्ते को मालिक ने मार डाला, शव का होगा पोस्टमार्टम
हमले के बाद कुत्ते के मालिक ने खुद ही अपने पालतू कुत्ते को मार डाला। पुलिस ने कुत्ते के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि यह पता चल सके कि कुत्ता किसी बीमारी से तो ग्रसित नहीं था। वहीं घायल बच्चे का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और इलाज के लिए सरकारी मदद की मांग कर रहा है। स्थानीय प्रशासन व समाजसेवी संस्थाओं से अपील की जा रही है कि वे परिवार को आवश्यक सहायता प्रदान करें।,
10 साल बाद पकड़ा गया ड्रग्स केस का आरोपी सिंगर, बाज सरन की गिरफ्तारी से सनसनी
7 Aug, 2025 01:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। हरियाणा के सिरसा जिले से ताल्लुक रखने वाले पंजाबी गायक जगसीर सिंह उर्फ काला उर्फ बाज सरन को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 36.150 किलोग्राम अफीम की तस्करी के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे इस सिंगर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
2016 से था भगोड़ा घोषित
बाज सरन को साल 2016 में इस मामले में भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वो लगातार अपनी पहचान और स्थान बदलता रहा। इस दौरान उसने सोशल मीडिया पर खुद को एक उभरते गायक के तौर पर पेश किया और यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर अच्छी खासी फैन फॉलोइंग बना ली। बताया जा रहा है कि उसके इंस्टाग्राम पर 32 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
मई 2025 में जारी हुआ पोस्टर और इनाम
एनसीबी ने मई 2025 में उसकी तलाश को लेकर एक बड़ा कदम उठाया। देश के प्रमुख अखबारों में उसकी तस्वीर और जानकारी छापी गई, साथ ही उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 50,000 का इनाम भी घोषित किया गया। इस अभियान का ही नतीजा रहा कि आखिरकार उसे गिरफ्तार किया जा सका।
कई वर्षों से छिप-छिप कर बदलता रहा जगह
सूत्रों के मुताबिक, बाज सरन पिछले करीब एक दशक से देशभर में जगह-जगह छिपकर रह रहा था। उसने न सिर्फ अपनी पहचान बदली बल्कि नाम और लुक्स में भी बदलाव कर पुलिस और जांच एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश की।
NCB की चंडीगढ़ जोनल यूनिट की बड़ी कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन को एनसीबी की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने अंजाम दिया। अफसरों ने ये कार्रवाई हरियाणा के सिरसा में की, जहां से बाज सरन को पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस दौरान वह कानून से भाग रहा था, उसी समय उसने अपने गानों और वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर फेम हासिल किया।
हरियाणा: आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज ठप, IMA ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार
7 Aug, 2025 01:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। हरियाणा में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और चिरायु योजना के तहत निजी अस्पतालों ने आज, 7 अगस्त से मरीजों का इलाज रोक दिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा ने 500 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया भुगतान और प्रशासनिक खामियों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है।
IMA हरियाणा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अजय महाजन ने बयान जारी कर कहा कि मूल समस्या सरकार द्वारा उचित बजट का प्रबंध न करना है। सरकार डॉक्टरों और अस्पतालों की उधारी पर मुफ्त की वाहवाही लूटना चाहती है। रुपये डॉक्टरों के लगें और तारीफ सरकार की हो। उन्होंने बताया कि मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ हुई बैठक में कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। राजपाल यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि कितना बजट और कब तक उपलब्ध होगा। उनके अनुसार, मानसून सत्र (22 अगस्त) में पूरक बजट की मांग की जाएगी, जिसका मतलब है कि भुगतान में कम से कम एक महीने की देरी होगी।
IMA के अनुसार, राज्य में लगभग 650-700 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हैं, जो 90% मरीजों को सेवा प्रदान करते हैं। इन अस्पतालों को मार्च 2025 से केवल 10-15% बकाया भुगतान मिला है, जिससे छोटे अस्पतालों पर वित्तीय संकट गहरा गया है। डॉ. महाजन ने कहा कि पिछले दो वर्षों से भुगतान अनियमित हैं। सरकार ने 2024-25 के लिए केवल 700 करोड़ रुपये आवंटित किए, जबकि जरूरत 2,000-2,500 करोड़ रुपये की है।
फतेहाबाद: 20 दिन पुराना शव मिलने से मचा हड़कंप, पहचान के लिए रखा शवगृह में
7 Aug, 2025 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद (हरियाणा)। टोहाना में हिसार रोड पर स्थित फतेहाबाद ब्रांच नहर पुल के नीचे बुधवार शाम एक अज्ञात युवती का करीब 20 दिन पुराना सड़ा-गला शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है, क्योंकि चेहरा और शरीर पूरी तरह से गल चुका है।
जानकारी के अनुसार, राहगीरों ने शाम के समय नहर में बहते पानी में एक शव को अटका हुआ देखा और तुरंत शहर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सहारा रेस्क्यू टीम के प्रमुख नवजोत सिंह ढिल्लों को बुलाया। रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को नहर से बाहर निकाला और पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार, शव एक युवती का प्रतीत होता है, जिसकी उम्र लगभग 25 वर्ष अनुमानित है। शव पर कोई विशेष निशान, टैटू या कपड़े नहीं मिले, जिससे उसकी पहचान हो सके। शव की खराब हालत के कारण चेहरा पहचानना भी असंभव है। पुलिस ने आसपास के थानों और गोताखोर टीमों को सूचित कर दिया है। शव को टोहाना के सिविल अस्पताल के शवगृह में 72 घंटे के लिए पहचान के लिए रखा गया है। शहर थाना प्रभारी ने बताया कि यदि 72 घंटे में मृतका की पहचान नहीं हो पाती, तो नियमानुसार पोस्टमॉर्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।
हरियाणा की फैक्ट्री में धमाका, बॉयलर फटने से पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल
7 Aug, 2025 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत: पानीपत के रसलापुर गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक फैक्ट्री में अचानक बॉयलर फट गया। इस हादसे में पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए पानीपत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, यह फैक्ट्री एल्युमिनियम का काम करती है, जहां हाई लेवल एल्युमिनियम कॉपिंग लाया जाता है और उसे प्रोसेस किया जाता है। हादसा उस वक्त हुआ जब मजदूर फैक्ट्री में काम कर रहे थे। अचानक तेज धमाके के साथ बॉयलर फट गया, जिससे पांच मजदूर उसकी चपेट में आ गए।
धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के इलाके में भी उसकी आवाज़ सुनाई दी और फैक्ट्री परिसर में हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही फैक्ट्री कर्मियों और स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती अंदेशा तकनीकी खामी या देखरेख में लापरवाही का है, हालांकि अधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। इस हादसे ने फैक्ट्री सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CRPF रिटायर्ड SI की हत्या से रेवाड़ी में मचा हड़कंप, दो नकाबपोशों की तलाश
7 Aug, 2025 01:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेवाड़ी (हरियाणा)। रेवाड़ी के गांव जैनाबाद में बुधवार देर रात दो नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर सीआरपीएफ के 65 वर्षीय रिटायर्ड एसआई निहाल सिंह की तेजधार हथियार से हत्या कर दी। वारदात उस समय हुई जब निहाल सिंह अपने घर के बाहर वाले कमरे में सो रहे थे।
निहाल सिंह का बेटा अमित डहीना बस स्टैंड के पास सर्विस स्टेशन चलाता है। गांव में चर्चा है कि अमित के किसी के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी, और उसी विवाद के चलते निहाल सिंह को निशाना बनाया गया हो सकता है। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी की जा रही है। अधिकारी घटना को गंभीर मानते हुए जल्द खुलासा करने का दावा कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक देर रात करीब दो बजे दो युवक बाइक पर सवार होकर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलते ही दोनों बदमाश उन्हें धक्का देकर अंदर घुस आए और तेजधार हथियारों से गर्दन और सीने पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
हमले के दौरान निहाल सिंह ने शोर मचाया। उनकी चीख-पुकार सुनकर पत्नी और बेटा बाहर निकले, लेकिन तब तक हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। हल्ला सुनकर आस-पास के लोग भी मौके पर जमा हो गए, लेकिन तब तक निहाल सिंह की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही खोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कैदियों के पास मोबाइल फोन मिलने से प्रशासन सकते में, जांच को गठित हुई एसआईटी
7 Aug, 2025 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। हरियाणा की जेलों में अवैध मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों की बरामदगी के मामलों की जांच के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया जाएगा। प्रदेश की पांच जेलों से पिछले छह महीनों में 23 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जो जेलों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। इस मामले को लेकर जेल विभाग के प्रमुख आलोक कुमार राय ने स्टेट क्राइम ब्रांच की एसआईटी से जांच करवाने की सिफारिश की थी।
सूत्रों के अनुसार, जेल प्रशासन स्थानीय थाना पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है। आम तौर पर जेलों में होने वाली आपराधिक गतिविधियों के लिए स्थानीय पुलिस द्वारा FIR दर्ज कर जांच की जाती है, लेकिन बार-बार मोबाइल फोन और नशीले पदार्थों की बरामदगी ने जेल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
जेलों में मोबाइल फोन के उपयोग से न केवल सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि बाहरी दुनिया से आपराधिक गतिविधियों का संचालन भी संभव हो रहा है। उदाहरण के लिए, पानीपत की सिवाह जेल से हाल ही में एक मोबाइल फोन और बैटरी बरामद की गई थी, लेकिन पुलिस यह पता नहीं लगा पाई कि ये उपकरण कैदियों तक कैसे पहुंचे। इसी तरह, चंडीगढ़ की मॉडल बुड़ैल जेल में भी कैदी सोनू उर्फ बकरी से मोबाइल फोन और बैटरी बरामद हुई थी।
5 साल सेवा पूरी करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की बहाली स्थायी, नई नीति लागू
7 Aug, 2025 12:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार में पांच साल पुराने अनुबंधित कर्मचारियों की नौकरी अब पक्की हो गई है। कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के लिए ‘हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा की सुरक्षा) अधिनियम, 2024’ को बुधवार को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। जिन संविदा कर्मचारियों ने न्यूनतम पांच वर्षों तक 240 दिनों की सेवा की शर्तें पूरी की हैं, उन्हें सेवा सुरक्षा का कानूनी दर्जा मिलेगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की।
जानें क्या शर्तें होनी चाहिए पूरी
सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि किसी भी अनुबंधित कर्मचारी को ‘सुरक्षित कर्मचारी’ का दर्जा प्राप्त करने के लिए 15 अगस्त, 2024 तक कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी करनी होगी, जिसमें से प्रत्येक वर्ष में उसने कम से कम 240 वर्किंग डेज का वेतन प्राप्त किया हो। यदि कोई कर्मचारी एक ही वर्ष में उच्च और निम्न, दोनों पदों पर कार्यरत रहा है, तो भी सेवा गणना की जाएगी, बशर्ते कि उसने 240 दिन का वेतन प्राप्त किया हो। यदि किसी व्यक्ति ने किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह किया है, जिसका जीवनसाथी जीवित है या जिसने जीवित जीवनसाथी के होते हुए भी किसी व्यक्ति से विवाह किया है, तो वह अधिनियम के अंतर्गत सेवा सुरक्षा के लाभ के लिए पात्र नहीं होगा।
संविदा कर्मियों को मिलेंगे ये लाभ
नई व्यवस्था से संविदा कर्मियों को वे सभी लाभ मिलेंगे, जो अब तक केवल नियमित कर्मचारियों को प्राप्त थे। जैसे वेतन की वार्षिक वृद्धि, महंगाई भत्ता, आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश, सेवा पुस्तिका, स्थानांतरण और पदोन्नति में पारदर्शिता आदि। एक से अधिक शादी करने वाले इसके दायरे में नहीं आएंगे। दूसरा विवाह करने वाले या लीव-इन में रहने वालों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।अगर तलाकशुदा है और दूसरा विवाह किया है तो इस तरह के मामलों में सरकार छूट दे सकती है।
दो साल की बच्ची को दी नई जिंदगी, पीजीआई में नाक से ब्रेन ट्यूमर हटाने का दुर्लभ ऑपरेशन सफल
6 Aug, 2025 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: उत्तर प्रदेश के अमरोहा की दो साल की बच्ची की आंखों की रोशनी जा रही थी। पीजीआई चंडीगढ़ के न्यूरोसर्जन की टीम ने एक बड़ा ऑपरेशन किया। डॉक्टरों ने बच्ची के नाक के ज़रिये 4.5 cm का ब्रेन ट्यूमर निकाला। बच्चों के न्यूरोसर्जरी में यह बहुत मुश्किल माना जाता है। डॉ. एस एस धंडापानी की टीम ने यह ऑपरेशन किया। उन्होंने बताया कि 4 cm से बड़े ट्यूमर को नाक से निकालने का ऑपरेशन 2 साल की उम्र में पहले सिर्फ एक बार स्टैनफोर्ड में हुआ है। उन्होंने बताया कि बच्ची की आंखों की रोशनी जा रही थी और हॉर्मोन की कमी थी। एमआरआई स्कैन से पता चला कि उसके दिमाग के निचले हिस्से में एक बड़ा ट्यूमर है। यह ट्यूमर ऑप्टिक नर्व और हाइपोथैलेमस जैसी ज़रूरी चीज़ों के पास था।
बेहद मुश्किल थी सर्जरी
डॉक्टरों के लिए यह सर्जरी बहुत मुश्किल थी। खासकर जब बच्चा 4 साल से छोटा हो। न्यूरोसर्जन ने बताया कि बच्चे की नाक के रास्ते बहुत छोटे होते हैं। खोपड़ी की हड्डियां भी पूरी तरह से नहीं बनी होती हैं और खून की नसें भी बहुत पास होती हैं। हमें कैरोटिड आर्टरी के पास छेद करना था। यह गर्दन की बड़ी नसें हैं जो दिमाग, चेहरे और गर्दन को खून पहुंचाती हैं। ऑपरेशन के 10 दिन बाद सीटीस्कैन किया गया। इससे पता चला कि ट्यूमर लगभग पूरी तरह से निकल गया है। बच्ची अब ठीक है। डॉ. धंडापानी ने कहा कि लेकिन हमें उसकी रोशनी वापस आने का इंतजार करना होगा। रोशनी आने में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि वे लोग हमारे पास देर से आए।
डॉक्टर्स ने क्या बताया
डॉ. धंडापानी ने बताया कि बच्ची को देखने में बहुत परेशानी हो रही थी। उसे हॉर्मोन से जुड़ी दिक्कतें भी थीं। MRI में पता चला कि उसके दिमाग में 'क्रानियोफेरिंजियोमा' नाम का ट्यूमर है। यह दिमाग के अंदर गहराई में था। डॉक्टरों के सामने मुश्किल यह थी कि आम तौर पर ऐसे ट्यूमर को निकालने के लिए खोपड़ी खोलनी पड़ती है। लेकिन, बच्ची बहुत छोटी थी। इसलिए यह तरीका सुरक्षित नहीं थ। इसलिए डॉक्टरों ने नाक के ज़रिये सर्जरी करने का फैसला किया। यह एक आधुनिक तकनीक है। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत स्थिर है। डॉक्टर उसकी रोशनी वापस आने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बच्ची को पहले लाया जाता तो शायद रोशनी जल्दी वापस आ जाती।
आयुष्मान योजना पर घमासान, 675 अस्पतालों ने जताई नाराजगी, सरकार की टेंशन बढ़ी
6 Aug, 2025 01:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। हरियाणा के 675 निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत आज रात 12 बजे से इलाज करने का एलान है, इसको लेकर हरियाणा सरकार की ओर स्वास्थ्य विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल और भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के साथ दोपहर अहम बैठक होनी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस बैठक में इलाज बंद ना करने को लेकर कुछ हल निकले की संभावना जाहिर कर रहे हैं। वहीं, इसके बाद शाम को आईएमए के साथ सभी पैनलबद्ध निजी अस्पतालों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक होगी। अभी तक आईएमए छह अगस्त यानी आज की रात 12 बजे से भुगतान बकाया होने और सिस्टम खराब होने का हवाला देकर इलाज रोकने के ऐलान पर अडिग है।
हरियाणा की राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) ने मंगलवार को दावा किया है कि प्रदेश सरकार से बजट मिल गया है। अब पैनलबद्ध निजी अस्पतालों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर आयुष्मान योजना के तहत बकाया का भुगतान शुरू कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार 310 करोड़ रुपये सरकार ने जारी किए हैं। वहीं, भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के पूर्व प्रधान डॉ. अजय महाजन ने कहा कि सरकार जब तक पूरा बकाया नहीं देती और बिगड़े हुए सिस्टम में सुधार नहीं जाता तब तक प्रदेश में सभी 675 अस्पतालों में 6 जुलाई की रात 12 बजे से इलाज बंद करने का फैसला बरकरार है।
अब तक 2,900 करोड़ रुपये दिए : सरकारी प्रवक्ता
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि योजना की शुरुआत से अब तक अस्पतालों को 2,900 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में 16 जुलाई 2025 तक राज्य और केंद्र सरकारों से मिले 240.63 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। एसएचए ने भुगतान में देरी, दावा अस्वीकृति और दावों पर प्रक्रिया न करने की शिकायतों पर भी संज्ञान लिया है। अब तक पैनलबद्ध अस्पतालों की 400 से अधिक शिकायतों को औपचारिक रूप से सीजीआरएमएस 2.0 पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत किया जा चुका है।
पूरा भुगतान, सिस्टम में सुधार के बाद ही इलाज : महाजन
आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. अजय महाजन ने कहा कि 15 जुलाई तक का भुगतान करने का सरकार ने वादा किया था जो कि तकरीबन 500 करोड़ रुपये बनता है। अब सरकार ने 310 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस राशि के अस्पतालों तक पहुंचने में एक माह से अधिक लगेगा। तब तक बकाया राशि और बढ़ जाएगी। केंद्र सरकार ने कुल बकाया राशि पर प्रति माह चार फीसदी का ब्याज देने का प्रावधान बनाया है। इसके अलावा पिछले लंबित भुगतान का विवाद भी नहीं सुलझाया गया जो कि 50 से 100 करोड़ रुपये के बीच है। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर को स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ आईएमए की बैठक होगी। वहीं शाम के समय पैनल में शामिल अस्पताल संचालकों की बैठक होगी जिसमें आयुष्मान योजना के तहत उपचार किया जाएगा या नहीं, इस पर फैसला लिया जाएगा।
हरियाणा बनाम पंजाब फिर आमने-सामने, SYL विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 13 अगस्त को
6 Aug, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) विवाद पर मंगलवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक के बाद सीएम सैनी ने कहा कि यह लंबे समय से चला आ रहा विषय है। इसको लेकर 9 जुलाई को भी बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें काफी सकारात्मक चर्चा हुई। आज उससे एक कदम आगे बढ़कर बातचीत हुई है। 13 अगस्त को इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। इससे पहले एक बार फिर दोनों मुख्यमंत्री आपस में बैठेंगे और इस मसले पर चर्चा करेंगे।
वहीं, भगवंत मान ने कहा कि केंद्र सरकार सिंधु जल संधि को रद्द ही रखे। इसे किसी के दबाव में बहाल मत करे। इतना ही नहीं सिंधु व उसकी सहायक नदियों का पानी भी पंजाब की ओर डायवर्ट कर दिया जाए, क्योंकि पंजाब ही इस पानी को रोक सकता है। यदि ऐसा होता है तो पंजाब न केवल हरियाणा बल्कि राजस्थान को भी जल दे सकता है दोनों मुख्यमंत्रियों ने पत्रकारों से कहा कि वे इस मसले पर बहुत ही सकारात्मक वातावरण के साथ सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे और जल्द इस मसले का हल भी निकालेंगे। इस बैठक में केंद्रीय सचिव देबाश्री मुखर्जी, मुख्यमंत्री सैनी के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल सहित सिंचाई विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सिंधु जल संधि को लेकर मान ने केंद्र पर कसा तंज
सीएम मान ने सिंधु जल संधि को लेकर मजाकिया अंदाज में केंद्र सरकार पर तंज भी कसा। कहा-सिंधु जल संधि पर यदि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोई पोस्ट कर दखल न दें तो पंजाब हरियाणा समेत अन्य राज्यों को भी जल देने की स्थिति में आ सकता है। हालांकि सीएम सैनी ने सिंधु जल संधि को दूसरा विषय बताया।
वाईएसएल की थ्योरी पर बढ़ना चाहिए
मान ने वाईएसएल की थ्योरी पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि पंजाब में मौजूदा जल संसाधनों के हालात यदि देखें तो एसवाईएल को छोड़कर अब वाईएसएल (यमुना-सतलुज लिंक नहर) की थ्योरी पर बढ़ना होगा। पंजाब आज सतलुज नहर के जरिये हरियाणा को पानी देने की स्थिति में नहीं है। यमुना का उफान यूपी को डुबोता है, उसके पानी को पंजाब की ओर डायवर्ट करना होगा। इसमें ग्रेविटी भी कोई बाधा नहीं बनेगी और पंजाब सभी पड़ोसी राज्यों को पानी भी दे सकेगा।
बारिशों में ज्यादा पानी आने पर कहते हैं इसे पंजाब संभाले...ऐसा अब नहीं चलेगा
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सिंधु जल संधि यदि रद्द रहती है तो सहायक नदियों का पानी पंजाब में ही रोका जा सकता है। इसके लिए पंजाब ही फर्स्ट चैनल है, क्योंकि हमारे पास पर्याप्त बांध हैं। इस पानी को पंजाब की ओर डायवर्ट कर भाखड़ा, पौंग, रणजीत सागर और शाहपुर कंडी डैम के जरिये रोका जा सकता है। उसके बाद विभिन्न चैनलों के माध्यम से इसे अन्य प्रदेशों में भेजा जा सकता है। इससे 24 एमएएफ (मिलियन एकड़ फुट) पानी मिल जाएगा जबकि झगड़ा सिर्फ 2-3 एमएएफ का है। मान ने कहा कि आज पहाड़ों पर बादल फट रहे हैं, अत्यधिक पानी से तबाही मच रही है, लिहाजा पानी को संभालने व संचय की जरूरत है। जब पहाड़ों से ज्यादा पानी आता है तो कहा जाता है कि ये पानी पंजाब संभाले और जब कमी होती है, तो कहा जाता है कि पंजाब पानी नहीं दे रहा। ऐसा अब नहीं चल सकता। मान ने कहा कि हमें तो यह विवाद विरासत में मिला है, इस पर आज तक राजनीति ही होती आई है। अब उम्मीद है मसला हल हो जाएगा।
7 महीने में तीसरी बार पैरोल पर बाहर आए राम रहीम, सख्त सुरक्षा के बीच सिरसा रवाना
5 Aug, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक : बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गए हैं। उन्हें हरियाणा की रोहतक जेल से पैरोल पर रिहा किया गया है। खास बात है कि इस साल के 8 महीने के अंदर वह तीसरी बार जेल से बाहर आए हैं। खास बात है कि पहले मिली फरलो और पैरोल में उसे सिरसा आने की इजाजत नहीं थी। इस बार पैरोल पर वह डेरा के सिरसा आश्रम में ही रहेगा। बाबा राम रहीम 2017 में सजा मिलने के बाद से 14वीं बार रिहा हुए हैं। पिछली बार राम रहीम को पैरोल सिर्फ तीन महीने पहले मिली थी। इस बार हरियाणा सरकार ने उन्हें 40 दिनों की पैरोल दी है।
बर्थडे मनाने आया बाहर!
कहा जा रहा है कि राम रहीम की यह रिहाई उनके जन्मदिन को लेकर दी गई है। 15 अगस्त को उनका जन्मदिन है। इससे पहले भी वह अपने जन्मदिन पर जेल से बाहर ही थे। उन्होंने हनीप्रीत सिंह के साथ केक काटा था। उसके वीडियो और तस्वीरें भी वायरल हुए थे।
सुनारिया जेल में काट रहे सजा
राम रहीम को तीन महीने पहले अप्रैल में 21 दिनों की फरलो मिली थी। उससे पहले जनवरी में 30 दिनों की पैरोल वह वह जेल से बाहर आए थे। गुरमीत राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है।
पहली बार सिरसा आश्रम में रहने की मिली अनुमति
सुनारिया जेल से 40 दिन की पैरोल पर बाहर आया राम रहीम अपने सिरसा डेरा में रहेगा। वह जनवरी से इस बार तीसरी बार जेल से बाहर आए हैं। इससे पहले डेरा प्रमुख को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित शाह सतनाम आश्रम, बरनावा में रहने की इजाजत दी जाती थी। उन्हें सिरसा जाने की अनुमति नहीं थी। यह पहली बार है जब सजायाफ्ता राम रहीम को सिरसा के डेरा सच्चा सौदा आश्रम में रहने की अनुमति मिली है।
2017 और 19 में हुई थी सजा
राम रहीम को अगस्त 2017 में दो महिला अनुयायियों के साथ रेप के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इस सजा के बाद पंचकूला और सिरसा में भयंकर हिंसा हुई थी। इस हिंसा में 40 के आसपास लोग मारे गए थे। 2019 में पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई थी। हालांकि, राम रहीम की पैरोल पर लगातार आपत्तियां उठती रही हैं। पत्रकार रामचंद्र के बेटे अंशुल छत्रपति हर बार उनकी रिहाई पर विरोध जताते आए हैं। इससे पहले, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राम रहीम को अपनी गोद ली हुई बेटियों की शादी में शामिल होने के लिए पैरोल देने से इनकार कर दिया था।
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