राजनीति
गृहमंत्री शाह बोले- ऋषि कश्यप के नाम से हो सकता है कश्मीर का नाम
3 Jan, 2025 09:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक कार्यक्रम में कहा कि कश्मीर आज फिर से भारत का अभिन्न अंग बनकर विकास की राह में अग्रसर है। उन्होंने कहा, कि वहां लोकतंत्र पुनः स्थापित हुआ है, और हमें विश्वास है कि जो कुछ हमने गंवाया था, वह जल्द ही वापस प्राप्त कर लेंगे।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी कहा कि कश्मीर का नाम ऋषि कश्यप के नाम पर हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कश्मीरी, डोगरी, बालटी और झंस्कारी जैसी भाषाओं को शासन की स्वीकृति दी गई है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता को दर्शाती है। शाह ने कहा, कि यूनियन टेरिटरी बनने के बाद कश्मीर की स्थानीय भाषाओं को संरक्षित करना हमारी प्राथमिकता रही है। यह प्रधानमंत्री के कश्मीर के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को दिखाता है। कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।
केंद्रीय मंत्री शाह ने इतिहासकारों से आग्रह किया कि वे प्रमाण के आधार पर इतिहास लिखें। उन्होंने कहा, कि इतिहास लुटियन दिल्ली में बैठकर नहीं लिखा जाता। उसे समझने के लिए संबंधित स्थान पर जाना पड़ता है। भारत को समझने का प्रयास तभी सच्चा हो सकता है, जब इसकी सांस्कृतिक परंपरा को गहराई से समझा जाए। गृहमंत्री ने भारत की सांस्कृतिक एकता और विविधता की महत्ता पर जोर दिया और कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत की अखंडता हमारी सांस्कृतिक विरासत से परिभाषित होती है।
चुनाव की घोषणा से पहले ही गरमाया राष्ट्रीय राजधानी का राजनीतिक माहौल
3 Jan, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एक दूसरे को मात देने के लिए सियासी पार्टियों की बनने लगी रणनीति
नई दिल्ली । दिल्ली विधानसभा चुनाव की सरगर्मी शुरू हो गई है। राजधानी में इस साल फरवरी में चुनाव होने हैं। अभी चुनाव की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक पार्टियों ने चौसर बिछानी शुरू कर दी है। दिल्ली चुनावों के लिए अभी तक सबसे बड़ा दांव आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खेला है। मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना, बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य योजना संजीवनी के बाद अब हिंदुओं और सिखों को साधने के लिए पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना की घोषणा की है। इसके तहत मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को उनकी सरकार 18 हजार रुपये प्रतिमाह सम्मान राशि देगी। केजरीवाल के इस कदम को लेकर कहा जा रहा है कि भाजपा के हिंदुत्व पर केजरीवाल ने कब्जा कर लिया है।
गौरतलब है कि अभी तक भाजपा भगवान राम के सहारे चुनाव लड़ती रही है। ऐसे में भाजपा को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए केजरीवाल ने भगवान की सेवा करने वाले पुजारियों को अपना सहारा बनाने की ओर कदम बढ़ा दिया है। अब देखना यह है कि चुनावी मैदान में किसी रणनीति भारी पड़ती है। दिल्ली विधानसभा चुनाव इसलिए बड़ा अहम होने जा रहा है, क्योंकि दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी आप के कई बड़े नेता भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में रहे। खुद पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल कथित दिल्ली शराब घोटाले में करीब पांच महीने जेल में रहे। इस चुनाव में आप दिल्ली में जीत का चौका लगाने चाहेगी तो भाजपा भी दशकों बाद दिल्ली में वापसी के लिए प्रयास करेगी। पिछले दो बार से खाता न खोलने वाली कांग्रेस ने भी इस बार बड़े चेहरों को चुनाव मैदान में उतारकर कड़ी टक्कर देने की कोशिश करेगी।
हिंदुत्व की पिच पर फ्रंट फुट पर खेल रहे केजरी
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद हिंदुत्व की पिच पर फ्रंट फुट पर खेल रहे हैं। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी के बगल में जो खाली कुर्सी रखी गई है, उसे लेकर यह कहना कि जिस तरह भरत ने 14 साल तक श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का राजकाज संभाला, इसी तरह आतिशी भी दिल्ली में सरकार चलाएंगी, इसे भी आम आदमी पार्टी ने राम से जोड़ा है। केजरीवाल जब-जब जेल से बाहर आए हैं तब-तब उन्होंने पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ हनुमान मंदिर में हाजिरी लगाई है और वह लगातार अपनी सभाओं में कहते रहे हैं कि उनके ऊपर हनुमान और भगवान राम की कृपा है।
हिंदू नेता की छवि बनाने की कोशिश
पिछले कुछ सालों के घटनाक्रम को देखें तो यह समझ में आता है कि अरविंद केजरीवाल ने हिंदू नेता की छवि बनाने की कोशिश की है। ऐसे बहुत सारे उदाहरण हमारे सामने हैं जब केजरीवाल और उनकी सरकार के मंत्रियों और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने राम, हिंदुत्व और राम राज्य की बात की है। आम आदमी पार्टी की ओर से दिल्ली सरकार के बजट को रामराज्य बजट कहा गया। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होने से पहले हर मंगलवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का आयोजन कराया था। इस साल मार्च में जब आतिशी ने वित्त मंत्री रहते हुए दिल्ली विधानसभा में अपना बजट पेश किया था तो 90 मिनट के भाषण में कम से कम 40 बार राम और राम राज्य का जिक्र किया था। उस दौरान आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर केजरीवाल का रामराज्य नाम से हैशटैग भी चलाया था। इसी तरह 2021 में दिवाली के मौके पर एमसीडी के चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी की सरकार ने त्यागराज स्टेडियम में अयोध्या के राम मंदिर निर्माण की 30 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण कराया था। इसके अलावा आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली के बुजुर्गों को पिछले कई सालों से मुफ्त तीर्थ यात्रा भी करा रही है।
राम के वनवास का जिक्र
केजरीवाल ने बीते दिनों जब जंतर-मंतर पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया तो उन्होंने तिहाड़ जेल में रहने के अपने समय को राम के वनवास से जोड़ा। केजरीवाल ने कहा कि जब भगवान राम वनवास से आए थे तो सीता मैया को अग्निपरीक्षा देनी पड़ी आज मैं अग्निपरीक्षा देने जा रहा हूं। केजरीवाल ही नहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री और पार्टी के बड़े नेता मनीष सिसोदिया ने भी जंतर-मंतर पर कहा कहा कि वह केजरीवाल के साथ साथ लक्ष्मण की तरह खड़े रहेंगे।
भाजपा पड़ी असमंजस में
भाजपा इस बार दिल्ली में सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है और उसने आम आदमी पार्टी के कई नेताओं और विधायकों को तोडक़र अपने साथ मिलाया है। भाजपा ने लगातार इस बात को कहा है कि केजरीवाल ही दिल्ली के कथित आबकारी घोटाले के सरगना हैं। ऐसे में केजरीवाल के सामने मुश्किलें ज्यादा हैं। 2014 में केंद्र में सरकार बनाने के बाद से ही भाजपा ने हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों को अपने एजेंडा में सबसे ऊपर रखा है। अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण का श्रेय भाजपा ने मोदी सरकार को दिया। भाजपा की कोशिश इसके जरिये हिंदू मतदाताओं को अपनी ओर खींचने की है। दिल्ली में भाजपा ने 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को हराने की पूरी कोशिश की लेकिन केजरीवाल के नेतृत्व में उसे करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।
केजरीवाल को हिंदू विरोधी बताती है भाजपा
भाजपा कई बार केजरीवाल को हिंदू विरोधी बता चुकी है। द कश्मीर फाइल्स को लेकर केजरीवाल के बयान को भाजपा ने मुद्दा बनाया था और कहा था कि केजरीवाल ने सताए गए कश्मीरी हिंदुओं का मजाक बनाया है। भाजपा के इस फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने की मांग पर केजरीवाल ने कहा था कि इस फिल्म को यू ट्यूब पर डाल दिया जाना चाहिए। दूसरी ओर इंडिया गठबंधन की प्रमुख पार्टी कांग्रेस भी आम आदमी पार्टी को घेर रही है। केजरीवाल जानते हैं कि इस कथित घोटाले को लेकर भाजपा ने सोशल मीडिया से लेकर सडक़ तक उनके खिलाफ मजबूत किलेबंदी की है और अगर उन्हें दिल्ली में फिर से सरकार बनानी है और आम आदमी पार्टी को मजबूत करना है तो विकास के मुद्दे के साथ आगे बढ़ते हुए सॉफ्ट हिंदुत्व पर भी मोर्चा मजबूत करना होगा, वरना दिल्ली का चुनाव जीतना उनके लिए काफी मुश्किल हो सकता है।
शिवराज के पत्र पर आतिशी ने किया पलटवार और बोलीं- दाऊद का अहिंसा पर प्रवचन जैसा
2 Jan, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली के किसानों की स्थिति को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री शिवराज ने किसानों की समस्याओं को लेकर दिल्ली की सीएम आतिशी को एक पत्र लिखते हुए उनकी सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया था। इसके जवाब में आतिशी ने पलटवार करते हुए बोला है और उनकी सीखभरी आलोचना की तुलना दाऊद का अहिंसा पर प्रवचन देने से कर दिया है।
मध्य प्रदेश के पू्र्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पत्र में कहा था कि दिल्ली सरकार ने किसानों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की किसान हितैषी योजनाओं को दिल्ली में लागू करने में बाधाएं डाली गईं। शिवराज ने लिखा, कि दिल्ली के किसान केंद्र की योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। मैंने पहले भी इन मुद्दों को लेकर पत्र लिखा, लेकिन आपकी सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया।
इस पर आतिशी ने शिवराज के पत्र पर कड़ा जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी को किसानों की हालत पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के शासन में किसानों पर लाठियां बरसाई गईं और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया गया। आतिशी ने कहा, कि आज पंजाब में किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं। केंद्र सरकार को उनसे बात करनी चाहिए, लेकिन बीजेपी किसानों के मुद्दे पर सिर्फ राजनीति कर रही है।
कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी टकराव ऐसे समय में तूल पकड़ा है जबकि देश के कई हिस्सों में किसान आंदोलन कर रहे हैं। दिल्ली में किसानों की स्थिति और केंद्र-राज्य के बीच टकराव ने इस बहस को और गरमा दिया है।
आम आदमी पार्टी ने सत्ता में एक दशक रहने के बाद भी कोई वादा पूरा नहीं किया: भाजपा
2 Jan, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भाजपा ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की सत्ता में एक दशक रहने के बाद भी कोई वादा पूरा नहीं किया है। भाजपा ने बुधवार को आम आदमी पार्टी और उसके प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर अपना हमला तेज करते हुए उन पर दिल्ली के लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता तथा सांसद सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि आप पार्टी यह विचार लेकर आई कि हम नई राजनीति ला रहे हैं। त्रिवेदी ने कहा कि आप गिरगिट की तरह रंग बदलती है। अरविंद केजरीवाल दिल्ली की जनता से झूठे वादे कर रहे हैं। आप नेता जो कहते हैं वो नहीं करते हैं। मोहल्ला क्लीनिक में भ्रष्टाचार उजागर हुआ। अब केजरीवाल को जनता समझ चुकी है।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने बिजली दरें कम करने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, शिक्षा प्रणाली में सुधार करने, स्वास्थ्य सेवा बढ़ाने, स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने, लैंडफिल को हटाने, महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने, झुग्गीवासियों के लिए आवास की पेशकश करने और यमुना को साफ करने का वादा किया था। हालाँकि, इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने असुरक्षित बिजली तारों से राहत दिलाने का वादा किया। उन्होंने वादा किया था कि वह कूड़े के ढेर साफ करेंगे। हालांकि, बताया जा रहा है कि दिल्ली में कूड़े के ढेरों की ऊंचाई 8 मीटर तक बढ़ गई है।
त्रिवेदी ने केजरीवाल की दस प्रतिबद्धताओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में एक दशक रहने के बाद भी उनमें से कोई भी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक विचित्र संवैधानिक उदाहरण भी 2024 में देश ने देखा। जब जेल से रहकर किसी मुख्यमंत्री ने सरकार को चलाया। भाजपा नेता ने कहा कि केजरीवाल पर आरोप लगा और उन्हें जेल जाना पड़ा। हालांकि केजरीवाल जेल जाने वाले पहले मुख्यमंत्री नहीं हैं। इसके पहले भी हेमंत सोरेन, मधुकोड़ा, लालू प्रसाद यादव, जयललिता, करूणानिधि ये सब भी पद पर रहते हुए जेल गए। परंतु लालू प्रसाद यादव ने इतनी मर्यादा रखी थी कि उन्होंने पद छोड़ दिया था। लेकिन 2024 एक ऐसा विस्मयकारी और विचित्र उदाहरण देश को देखने को मिला कि जिन्होंने (केजरीवाल ने) जेल जाने के बाद भी मुख्यमंत्री का पद नहीं छोड़ा।
त्रिवेदी ने कहा कि आप पार्टी यह विचार लेकर आई कि हम नई राजनीति ला रहे हैं। आज की राजनीति में सभी राजनीतिक दलों के बीच सबसे बड़ी चुनौती विश्वसनीयता का संकट था। उन्होंने कहा कि आम जनता के बीच यह धारणा बन गई थी कि राजनेता जो उपदेश देते हैं, उस पर अमल नहीं करते। उन्होंने कहा क पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी और एनडीए ने इस धारणा को बदला और राजनीति में विश्वसनीयता स्थापित की। दूसरी ओर, आप विपरीत चरम का प्रतिनिधित्व करती है, जहां वे हमेशा अपने वादों को पूरा करने में विफल रहते हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनावः भाजपा जल्द घोषित करेगी उम्मीदवारों के नाम
2 Jan, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बीते 10 साल है। भाजपा यहां सत्ता के लिए झटपटा रही है। इसके लिए अभी से पार्टी ने विचार मंथन करना शुरु कर दिया है। माना जा रहा है कि भाजपा बहुत जल्द उम्मीदवार घोषित करेगी ताकि चुनाव के लिए पर्याप्त वक्त मिल सके। दिल्ली भाजपा ने सभी 70 सीटों के लिए उम्मीदवारों को लेकर मंथन कर लिया है। अब केंद्रीय नेतृत्व के साथ अनौपचारिक बैठक में इस पर विचार किया जाएगा। इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव फरवरी की शुरुआत में होने की संभावना है।
पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा कि जनता से जुड़ाव का केवल यह अर्थ नहीं है कि हम हर व्यक्ति से प्रत्यक्ष मिलें, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि उसे यह लगना चाहिए कि भाजपा की सत्ता में ही बेहतरी होगी। अगर अन्य दल आए तो उनकी अपनी दिक्कतें बढ़ेंगी। यह काम मानस परिवर्तन यानी तथ्यों और स्थितियों के आधार पर मानसिकता में बदलाव लाने का है। ऐसे में साफ-सुथरे, सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए उम्मीदवार उतारने से जीतने की संभावना बढ़ जाती है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी मध्य प्रदेश की तरह दिल्ली में भी अपने अधिकांश बड़े नेताओं को चुनाव लड़ा सकती है। इनमें लोकसभा चुनाव में टिकट कटने वाले पूर्व सांसद, पूर्व विधायक भी शामिल हैं। एक बड़ी दावेदारी पूर्व और मौजूदा पार्षदों की है, लेकिन उनकी छवि को देखते हुए ही फैसला किया जाएगा। इसके लिए पार्टी ने कुछ एजेंसियों से भी संभावित उम्मीदवारों को लेकर फीडबैक लिया है।
प्रचार अभियान की शुरुआत पीएम करेंगे
पार्टी का प्रचार अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से शुरू होगा। हरियाणा और महाराष्ट्र की बड़ी जीतों, लेकिन झारखंड के झटके के बाद भाजपा नेतृत्व ने अपनी चुनावी रणनीति को लेकर अंदरूनी तौर पर काफी विचार-विमर्श किया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी का मानना है कि जहां वह सीधे जनता तक अपना जुड़ाव कायम करने में सफल रही है, वहां उसे जीत मिली है और जहां इस मामले में कमजोर पड़ी, उसे हार का सामना करना पड़ा है।
सर्द मौसम में गर्मायी बिहार की सियासत
2 Jan, 2025 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। सर्द मौसम में बिहार की सियासत में गर्मी का माहौल बन गया है। दरअसल, सियासी हलकों में इन दिनों यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले पलटी मार सकते हैं। वह एक बार फिर एनडीए गठबंधन को छोड़कर वापस राजद के साथ इंडिया ब्लॉक में शामिल हो सकते हैं। इस बीच राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने यह कहकर सियासत को और गर्मा दिया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए राजद के दरवाजे हमेशा खुले हैं।
अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वापस आते हैं तो वो उनको वापस ले लेंगे। लालू यादव के इस बयान से बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फिर से पलटने की अफवाह को हवा मिल गई है। हालांकि, यह अभी महज कयासबाजी करार दिया जा रहा है।
लालू प्रसाद यादव ने खोले नीतीश कुमार के लिए राजद के दरवाजे, कहा- सारी गलतियां माफ कर देंगे
एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए लालू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के लिए हमारे दरवाजे तो खुले हैं। लेकिन उन्हें भी अपने दरवाजे खोलकर रखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे आते हैं तो साथ क्यों नहीं लेंगे? ले लेंगे साथ। सारी गलतियां माफ कर देंगे। माफ करना ही हमारा फर्ज है। लालू यादव ने ये भी कहा कि नीतीश कुमार को यह शोभा नहीं देता है। वो आते हैं फिर चले जाते हैं, भाग जाते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग मिल बैठकर फैसला लेते हैं। हालांकि, इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा था कि नीतीश कुमार के लिए राजद का दरवाजा बंद हैं। वो थके हुए मुख्यमंत्री हैं। लेकिन लालू यादव के बयान के बाद अब तेजस्वी यादव ने भी नरमी दिखा दी है।
नए राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे तेजस्वी यादव से जब पत्रकारों ने लालू यादव के बयान को लेकर सवाल किया तो पहले वह सवाल से बचते दिखे। फिर उन्होंने टालमटोल करते हुए कहा कि पत्रकार लोग बार बार पूछते रहते हैं तो उनको ठंडा करने के लिए लालू जी ने बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि हम लोग तो पहले ही बोल चुके हैं। हमारी बात पहले से आ चुकी है। इस दौरान तेजस्वी कुछ भी साफ-साफ कहने से बचते दिखे। वहीं, अब लालू यादव के बयान के बाद सियासी गलियारों में सत्ता समीकरण पर नई बहस शुरू हो गई है। सभी जानते हैं कि लालू यादव ही सर्वेसर्वा हैं। उनका फैसला ही पार्टी में चलता है। लालू यादव राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हैं। मौके की नजाकत को देखते हुए वो अपने फैसले बदल भी लेते हैं और उस पर अडिग भी रहते हैं। अब जबकि भाजपा और जदयू के बीच सबकुछ ठीक नहीं की बात सामने आ रही है तो उनके लहजे में नीतीश कुमार को लेकर नरमी नजर आने लगी है।
वैसे राजनीति के जानकारों का भी मानना है कि बिहार की राजनीति कब करवट ले ले, कुछ कहा नहीं जा सकता। सियासी गलियारों में चर्चा चल रही है कि भाजपा और जदयू के बीच खींचतान मची है। दोनों दलों के बीच रिश्ते सहज नहीं रह गए हैं। इस बात को और हवा तब मिली जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अभी हाल ही में दिल्ली के दौरे पर गए थे। वहां, पर नीतीश कुमार की किसी भी भाजपा के बड़े नेताओं के साथ मुलाकात नहीं हुई। ऐसे में लालू यादव का बयान कुछ और ही इशारा कर रहा है।
केजरीवाल ने संघ प्रमुख को लिखा खत, खत में भाजपा की गलतियां गिनाई
2 Jan, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सियासी पारा चढ़ा हुआ है। जहां दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप प्रमुख अदविंद केजरीवाल ने भाजपा के आचरण और लोकतंत्र पर उसके प्रभाव से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है। केजरीवाल ने आरआरएस के प्रमुख मोहन भागवत से पूछा कि क्या आरएसएस अतीत में भाजपा के गलत कामों का समर्थन करता है। उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा खुलेआम पैसे बांटने की प्रथा पर भी सवाल उठाकर पूछा कि क्या आरएसएस वोट खरीदने में भाजपा का समर्थन करता है।
इसके अलावा, केजरीवाल ने दलित और पूर्वांचली वोटों के बड़े पैमाने पर कटने पर चिंता जताकर पूछा कि क्या संघ का मानना है कि यह लोकतंत्र के लिए सही है? उन्होंने कहा, ‘‘बीजेपी ने अतीत में जो भी गलत काम किया है, क्या संघ उसका समर्थन करता है? केजरीवाल ने लिखा, बीजेपी नेता खुलेआम पैसे बांट रहे हैं। क्या आरएसएस वोट खरीदने का समर्थन करता है? दलित और पूर्वांचली वोट बड़े पैमाने पर काटे जा रहे हैं। क्या आरएसएस को लगता है कि यह लोकतंत्र के लिए सही है? क्या आरएसएस को नहीं लगता कि बीजेपी लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।
विजयन के बयान पर भड़की बीजेपी, साल बदला लेकिन सनातन का अपमान करना नहीं छोड़ा
2 Jan, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने समाज सुधारक और आध्यात्मिक नेता श्री नारायण गुरु को सनातन धर्म के वकील और प्रस्तावक के रूप में चित्रित करने के संगठित प्रयास की आलोचना की है। मुख्यमंत्री विजयन ने दावा किया कि गुरु एक महान ऋषि थे, जिन्होंने सनातन धर्म को पार किया। सीएम विजयन ने वर्कला में 92वें शिवगिरी तीर्थयात्रा का उद्घाटन कर कहा, श्री नारायण गुरु को सनातन धर्म के वकील और प्रस्तावक के रूप में चित्रित करने का एक संगठित प्रयास चल रहा है। हालांकि, गुरु सनातन धर्म के समर्थक नहीं थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके बजाय, नारायण एक महान ऋषि थे जिन्होंने इस पार किया, इसके कठोर ढांचे को खत्म कर आधुनिक समय के लिए उपयुक्त नए युग के धर्म की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म कोई और नहीं बल्कि वर्णाश्रम धर्म है, जिसे गुरु के नए युग के मानवतावादी धर्म द्वारा चुनौती दी गई थी।
वहीं विजयन की टिप्पणी पर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि नया साल शुरू हो गया है लेकिन उनकी मानसिकता सनातन का अपमान करने वाली अभी भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि केरल के मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयानों की लंबी शृंखला का हिस्सा है। अब वामपंथियों को लग रहा था कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति में उनसे आगे निकल गई है और उस अतिवादी वोट बैंक को वापस पाने के लिए वे हिंदू आस्था और सनातन पर इसतरह के बयान देने लगे है।
गहलोत पर तंज कसते हुए बीजेपी नेता अग्रवाल, खिसियानी बिल्ली....आगे वाला नहीं बोलूंगा
2 Jan, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर । राजस्थान में बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार कर कहा कि गहलोत जी पर मैं बोलूं अच्छा नहीं लगता। राजस्थान की जनता उप्हें पहले ही बता चुकी है कि उन्होंने कितनी मेहनत, निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पिछली सरकार चलाई थी। उन्होंने कहा कि गहलोत को विचार करना चाहिए कि उनकी सरकार जनता की निगाहों में असफल क्यों हुई। बीजेपी नेता अग्रवाल ने गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि तू इधर-उधर की ना बात कर, तू बता कि कारवां कहां लूटा। राजस्थान की बात करो और बताओ कि तुम क्यों हारें और उस हार से तुमने और तुम्हारी पार्टी ने क्या सबक लिया। मणिपुर बहुत दूर है। दरसअल गहलोत ने मणिपुर हिंसा पर मुख्यमंत्री सिंह द्वारा माफी मांगने पर कहा था कि जनता उनकी माफी को स्वीकार नहीं करेगी।
प्रदेश की भजनलाल सरकार को नकारा व निकम्मी सरकार कहने के गहलोत के बयान पर भी प्रदेश प्रभारी राधामोहन अग्रवाल ने कहा कि वे बैठकर मूल्यांकन करते रहें। हमारा चुनाव चार साल बाद है। हम चुनाव में पहले से अधिक सीटें लेकर आएंगे। हम मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इस बार 160-170 सीटें जीतने वाले है। तब आप गहलोत जी से पूछिएगा। गहलोत पराजय बोध में हैं। खिसियानी बिल्ली....आगे वाला नहीं बोलूंगा। पर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। हमारी सरकार ने एक साल में क्रांतिकारी काम किए हैं। अपराध को नियंत्रित किया है। समाज के सभी वर्गों को एक साथ लेकर हम चले हैं। भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से नियंत्रण रखा है। जनता को सुशासन दिया हैं।
बांग्लादेशी हिंदुओं को लेकर सीएम सरमा का बड़ा बयान, पीएम मोदी स्थिति को सुधारने में जुटे
2 Jan, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी । असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बांग्लादेशी हिंदुओं के भारत में आने को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। सीएम सरमा ने कहा कि बांग्लादेशी हिंदुओं की संख्या बहुत कम है और जो आना चाहते थे, वे 40 साल पहले ही आ चुके हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, मुझे लगता है कि हमें उन्हें भारत आने के लिए प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार बांग्लादेश में सुरक्षा सुनिश्चित करने और वहां की स्थिति को स्थिर बनाने के लिए वहां की सरकार से संपर्क में हैं। बांग्लादेश के हिंदू भी परिपक्वता से काम कर रहे हैं।
असम सीएम ने दावा किया कि पिछले पांच महीनों में असम में किसी भी बांग्लादेशी हिंदू के आने की सूचना नहीं मिली है। मुख्यमंत्री का यह बयान अब आया है जब असम में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) का मुद्दा गरम है।
पिछले माह असम के मुख्यमंत्री ने कहा था कि असम पुलिस ने दो अलग-अलग अभियानों में अवैध रूप से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप में पांच बच्चों सहित 22 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु से गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद 16 बांग्लादेशियों को पकड़ा गया, वे दक्षिण सलमार जिले की ओर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि जांच के बाद पता चला कि पकड़े गए लोग बांग्लादेशी थे।
मोहन भागवत के बाद आरएसएस मुखपत्र में लिखा-स्वार्थ के लिए मंदिर का प्रचार गलत
2 Jan, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र पांचजन्य ने मंदिर-मस्जिद विवाद पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया है। पांचजन्य ने संपादकीय में लिखा कि कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए मंदिरों का प्रचार कर रहे हैं और खुद को हिंदू विचारक के रूप में पेश कर रहे हैं। पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर ने संपादकीय कि मंदिरों पर यह कैसा दंगल में लिखा- मंदिरों का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है। इसे राजनीति का हथियार नहीं बनाना चाहिए। भागवत का बयान गहरी दृष्टि और सामाजिक विवेक का आह्वान है।
मोहन भागवत ने 19 दिसंबर को पुणे में कहा था कि राम मंदिर के निर्माण के बाद कुछ लोगों को लगता है कि वे नई जगहों पर इस तरह के मुद्दे उठाकर हिंदुओं के नेता बन सकते हैं। हर दिन एक नया मामला उठाया जा रहा है। इसकी इजाजत कैसे दी जा सकती है? भारत को दिखाने की जरूरत है कि हम एक साथ रह सकते हैं। हालांकि, आरएसए के अंग्रेजी मुखपत्र ऑर्गनाइजर ने मोहन भागवत से अलग राय रखी थी। पत्रिका ने इसे ऐतिहासिक सच जानने और सभ्यतागत न्याय की लड़ाई कहा था।
भ्रामक प्रचार को बढ़ावा देना चिंताजनक
भागवत के बयान के बाद मीडिया में लड़ाई जैसी स्थिति पैदा हो गई है। या तो यह जानबूझकर बनाई जा रही है। एक स्पष्ट बयान से कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। भागवत का बयान समाज से इस मुद्दे पर समझदारी से निपटने की एक स्पष्ट अपील थी। इन मुद्दों पर अनावश्यक बहस और भ्रामक प्रचार को बढ़ावा देना चिंताजनक है। सोशल मीडिया ने इसे और बढ़ाया है। कुछ असामाजिक तत्व खुद को सामाजिक समझदार मानते हैं। वे सोशल मीडिया पर समाज की भावनाओं का शोषण कर रहे हैं। ऐसे असंगत विचारकों से दर रहना जरूरी है। भारत एक सभ्यता और संस्कृति का नाम है, जो हजारों साल से विविधता में एकता का सिद्धांत न केवल सिखाता रहा है, बल्कि इसे जीवन में भी अपनाया है। आज के समय में मंदिरों से जुड़े मुद्दों को राजनीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चिंताजनक है। सरसंघचालक ने इस प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। यह दृष्टिकोण दिखाता है कि हिंदू समाज को अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए राजनीतिक झगड़ों, व्यक्तिगत महिमामंडन और विवादों से बचना चाहिए। भागवत का संदेश एक गहरी सामाजिक चेतना को जागृत करता है। यह हमें याद दिलाता है कि इतिहास के घावों को कुरेदने के बजाय हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करते हुए समाज में सामंजस्य और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देना चाहिए।
‘जम्मू कश्मीर एंड लद्दाख: थ्रू द एजेस’ नामक पुस्तक का विमोचन करेंगे अमित शाह
2 Jan, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नई दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान वह ‘जम्मू कश्मीर एंड लद्दाख: थ्रू द एजेस’ नामक पुस्तक का विमोचन करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत प्रख्यात लेखक, शिक्षाविद्, मंत्रालय के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे। यह जानकारी बुधवार को भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय ने दी है।
आपको बता दें, ‘जम्मू कश्मीर एंड लद्दाख: थ्रू द एजेस’ शीर्षक वाली पुस्तक में जम्मू कश्मीर और लद्दाख की कहानी है। यह शीर्षक जम्मू कश्मीर और लद्दाख की वास्तविक कहानी को बताने का प्रयास करता है, जो विषय विशेषज्ञ और कम जानकार दोनों के लिए एक सिंहावलोकन हेतु सक्षम बनाता है। इसे सात खंडों में प्रस्तुत किया गया है। यह इस क्षेत्र के तीन हजार वर्षों से अधिक के इतिहास को कवर करता है। समावेशन के लिए चयनित प्रत्येक चित्रण एक युग उसके महत्व और भारतीय इतिहास के बड़े ऐतिहासिक कैनवास में योगदान का प्रतिनिधि होने के कारण बेहद सावधानी से किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित यह पुस्तक नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत और भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद के सहयोगात्मक प्रयासों का परिणाम है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव क्या अपनी रणनीति बदलेंगे?
1 Jan, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। यूपी में पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए पॉलिटिक्स से मजबूत बीजेपी को बैकफुट पर धकेलने वाले अखिलेश यादव क्या 2025 में अपनी रणनीति बदलेंगे? सवाल उठने लगा है कि अखिलेश यादव के लिए 2024 अच्छा रहा। उन्होंने समाजवादी पार्टी को माय यानी मुस्लिम-यादव समीकरण से बाहर निकालकर गैर यादव पिछड़ा और दलित समाज के भी स्वीकार्य बनाने में सफलता हासिल की है। हालांकि, लोकसभा चुनाव में 37 सीटें जीतकर देश में तीसरे नंबर की पार्टी बनने के बाद भी अखिलेश को अन्य प्रदेशों में तबज्जो नहीं मिली। ऐसे में दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए जाने लगे हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन इंडिया का स्वरूप बदलता दिख रहा है। प्रदेश में मजबूत आम आदमी पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। लोकसभा चुनाव में आप और कांग्रेस गठबंधन के तहत चुनाव लड़ी थी, लेकिन बीजेपी को मात देने में सफल नहीं रही। ऐसे में आप ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ छोड़ा है। दरअसल आप को लगने लगा है कि कांग्रेस का वोट बैंक आप की तरफ शिफ्ट होना संभव नहीं है। आपसे गठबंधन कर कांग्रेस ही फायदे में रहेगी। आपके बदले रुख के बाद इंडिया गठबंधन के अन्य सहयोगियों के बीच भी हलचल तेज हो गई है।
दरअसल तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाया। यह सवाल राहुल गांधी की रणनीति पर उठाया जाना माना। इसके बाद विवाद में सपा और सहयोगी भी कूद पड़े। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद शिवसेना उद्धव गुट की ओर से 6 दिसंबर बाबरी मस्जिद विध्वंस के समर्थन में बयान आया। इस पर समाजवादी पार्टी ने आपत्ति जताई। विवाद इस कदर गहराया कि सपा ने इंडिया गठबंधन से बाहर होने के संकेत दे दिए। वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने राहुल गांधी को इंडिया गठबंधन का नेता न चुने जाने का दावा किया। उन्होंने राहुल गांधी को नेता ही मानने से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में अखिलेश ने सपा-कांग्रेस गठबंधन बरकरार रहने की बात कही थी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले सपा की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। पार्टी दिल्ली को लेकर क्या फैसला लेती है, यह देखना दिलचस्प होगा। दरअसल, लोकसभा चुनाव के बाद हुए पिछले दो विधानसभा चुनाव में पार्टी का रुख अलग दिख रहा है। हरियाणा में सपा ने कांग्रेस के लिए मैदान खुला छोड़ दिया था। वहीं, महाराष्ट्र के चुनावी मैदान में पार्टी उतरी। पार्टी ने 8 उम्मीदवार उतारे। इंडिया गठबंधन से दो सीटों पर समर्थन मिला और उन पर पार्टी जीती भी। अखिलेश यादव सपा को राष्ट्रीय पार्टी बनाने का दावा करते नजर आते हैं, लेकिन विधानसभा चुनावों में वे सहयोगी दलों के समर्थन की बात करते हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आप अलग-अलग मैदान में उतरेंगी। दोनों दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार का ऐलान भी कर दिया है। एक-दूसरे पर हमले भी कर रही हैं। पिछले दिनों अखिलेश यादव पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल का समर्थन करते दिखे।
आप दिल्ली की सत्ता पर एक दशक से काबिज है। पार्टी की स्थिति प्रदेश में मजबूत है। ऐसे में प्रदेश की विपक्षी पार्टी बीजेपी पर बढ़त बना सकती है। वहीं समाजवादी पार्टी की स्थिति उस स्तर की नहीं दिखती है। ऐसे में अगर अखिलेश चुनाव से दूर रहने और आप को समर्थन देने का ऐलान करते हैं तो आश्चर्य नहीं होगा। वहीं दिल्ली से कांग्रेस को यूपी चुनाव 2027 का संकेत भी मिल सकता है।
वायनाड भूस्खलन को गंभीर आपदा घोषित करने पर प्रियंका गांधी ने जताई खुशी
1 Jan, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने हाल ही में वायनाड में हुए भूकंप को गंभीर आपदा के रूप में घोषित कर दिया है। इस घटना के बाद कांग्रेस महासचिव और वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुशी जताई है। गृह मंत्रालय ने केरल सरकार को भूकंप के वर्गीकरण की मान्यता दी है, लेकिन अभी तक पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा नहीं की गई है। प्रियंका गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल धन राशि की मांग की है ताकि पुनर्वास के लिए जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी जताया कि यदि दंड प्राप्त करने वाले लोगों को अच्छे से मदद पहुंचाने के लिए पर्याप्त धनराशि पहुंचाई जाए, तो वह सभी धन्य होंगे। पिछले महीने प्रियंका ने केरल के सांसदों के साथ गृह मंत्री से मिलकर भूकंप प्राप्त करने वालों के लिए तत्काल वित्तीय सहायता और बुनियादी सुविधाओं की मांग की थी। उन्होंने वायनाड के लोगों के साथ दिखाए गए सहानुभूति के संदेश को बढ़ावा दिया और पुराने ढांचे को बहाल करने का भी आग्रह किया था। केरल के सांसदों ने भी केंद्र सरकार से पीड़ितों के लिए तेजी से धनराशि जारी करने की मांग की है, ताकि उन्हें जल्दी से जल्दी मदद पहुंचाई जा सके। भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए सरकार से अग्रह किया गया है। इस समय महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक व्यक्ति इस आपदा के प्राभाव से उबरने के लिए साथ मिलकर काम करें और तत्काल मदद पहुंचाने में सहायता करें। इस संकट के समय में, सहानुभूति और सहयोग की भावना हमें एक साथ खड़े होकर आगे बढ़ने में सहायता करेगी।
चिराग ने छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद सीएम नीतीश से की हस्तक्षेप की अपील
1 Jan, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में बिहार लोक सेवा आयोग के अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि जल्द ही इस पहल के सार्थक परिणाम दिखेंगे। यह हमारी सरकार की सकारात्मक सोच और छात्रों के प्रति संवेदनशीलता का परिणाम है।
चिराग ने आगे लिखा कि पटना में हुए छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल का मैं कभी समर्थक नहीं रहा, पुलिस को संयम बरतना चाहिए। छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे हैं तो उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से समझा कर उनकी समस्याओं के निदान के लिए प्रयास करना चाहिए। न कि उन पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना चाहिए। मैंने मुख्यमंत्री से इस बात को भी कहा है कि ऐसे पुलिस अधिकारी जो ऐसे कार्यों में संलिप्त पाए जाते हैं, उन पर भी कानून कार्रवाई की जानी चाहिए।
चिराग ने इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि बिहार के युवाओं और बीपीएससी अभ्यर्थियों के मुद्दों को लेकर एनडीए सरकार के प्रमुख सहयोगी होने के नाते मैंने बिहार सरकार और माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। चिराग ने आगे लिखा कि इसके परिणामस्वरूप सरकार की ओर से मुख्य सचिव ने अभ्यर्थियों और छात्रों के साथ संवाद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चिराग ने लिखा कि मैं अभ्यर्थियों से भी अपील करता हूं कि वे शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से अपनी बातों को सरकार के समक्ष रखें और किसी भी राजनीतिक व्यक्तियों के बहकावे में आने से बचें। यह मुद्दा पूर्ण रूपेण युवाओं के भविष्य और बिहार के विकास से जुड़ा है, जिसे राजनीति से ऊपर रखकर हल किया जाना चाहिए।
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